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दिशा सालियान मौत मामले में बड़ा ट्विस्ट, बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश पर CBI करेगी जांच

मुंबई  दिवंगत सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियान की मौत के करीब छह साल बाद मामले में बड़ा मोड़ आया है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार, 2 सितंबर को दिशा सालियान की मौत की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने का आदेश दिया है। कोर्ट ने मामले में FIR दर्ज करने और जांच CBI को ट्रांसफर करने का निर्देश दिया है। दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने अपनी बेटी की मौत को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर कर CBI जांच और FIR दर्ज करने की मांग की थी। उनकी याचिका में शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे समेत अन्य लोगों के खिलाफ भी आरोप लगाए गए थे। हालांकि, कोर्ट के आदेश का अर्थ यह नहीं है कि आदित्य ठाकरे या किसी अन्य व्यक्ति को दोषी ठहरा दिया गया है। जांच के दौरान सबूत मिलने पर ही किसी के खिलाफ कार्रवाई होगी। CBI को क्या-क्या करना होगा? सतीश सालियान की ओर से पेश अधिवक्ता नीलेश ओझा ने कोर्ट के आदेश के बाद बताया कि अदालत ने कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। उनके मुताबिक, कोर्ट ने CBI को सतीश सालियान का बयान दर्ज करने, FIR रजिस्टर करने और जांच के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी नियुक्त करने को कहा है। इसके अलावा मालवणी पुलिस स्टेशन को मामले से जुड़े सभी रिकॉर्ड CBI को सौंपने का निर्देश दिया गया है। ओझा के मुताबिक, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच में जिस व्यक्ति के खिलाफ सबूत मिलेगा, उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। लेकिन सिर्फ नाम या आरोप के आधार पर किसी को आरोपी नहीं बनाया जाएगा। ओझा ने यह भी कहा कि अगर CBI जांच के बाद कोई नेगेटिव रिपोर्ट दाखिल करती है तो सतीश सालियान को उस रिपोर्ट पर आपत्ति जताने और प्रोटेस्ट पिटीशन दाखिल करने का अधिकार रहेगा। छह साल पुराने मामले में क्यों आया नया मोड़? दिशा सालियान की मौत 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में एक ऊंची इमारत से गिरने के बाद हुई थी। वह अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर थीं। मुंबई पुलिस ने शुरुआत में इसे दुर्घटना से हुई मौत की रिपोर्ट (ADR) के तौर पर दर्ज किया था और जांच के बाद इसे आत्महत्या का मामला बताया था। बाद में महाराष्ट्र सरकार ने मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया था। पुलिस और SIT की ओर से पहले अदालत में कहा गया था कि जांच में किसी तरह की आपराधिक साजिश या फाउल प्ले का सबूत नहीं मिला। 2025 में पुलिस ने बॉम्बे हाईकोर्ट को यह भी बताया था कि पोस्टमॉर्टम और अन्य जांच से यौन या शारीरिक हमले के संकेत नहीं मिले। लेकिन सतीश सालियान ने बाद में अपनी बेटी की मौत की परिस्थितियों पर गंभीर सवाल उठाते हुए ताजा जांच और FIR की मांग की। उनका आरोप था कि उनकी बेटी के साथ बलात्कार और हत्या हुई और मामले में प्रभावशाली लोगों को बचाने के लिए जांच को प्रभावित किया गया। ये आरोप अभी आरोप मात्र हैं और जांच के अधीन हैं। हाईकोर्ट ने पुलिस जांच पर उठाए थे गंभीर सवाल अगस्त में सुनवाई के दौरान बॉम्बे हाईकोर्ट ने पुलिस की जांच प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठाए थे। अदालत ने पूछा था कि जब परिवार की ओर से मौत की परिस्थितियों पर संदेह जताया गया था तो FIR दर्ज करने में क्या बाधा थी? अदालत ने यह भी सवाल किया था कि 14वीं मंजिल से गिरने के मामले में मेडिकल रिपोर्ट और चोटों से जुड़े पहलुओं की पर्याप्त जांच हुई थी या नहीं। 28 अगस्त को सुनवाई के दौरान अदालत ने CrPC की धारा 174 के तहत हुई लंबी जांच की कानूनी स्थिति पर भी सवाल उठाए थे। अदालत ने कहा था कि ऐसी जांच किसी व्यक्ति को आपराधिक मामले में ‘क्लीन चिट’ देने का विकल्प नहीं हो सकती और मामले को उचित कानूनी प्रक्रिया के तहत अंतिम रूप दिया जाना चाहिए। इसी सुनवाई के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब 2 सितंबर को फैसला सुनाते हुए हाईकोर्ट ने मामले की जांच CBI को सौंपने का निर्देश दिया है। बिना सबूत किसी को भी आरोपी न माना जाए' हाई कोर्ट ने साफ कहा है कि जब तक जांच में किसी के खिलाफ ठोस सबूत न मिल जाएं, तब तक किसी को भी आरोपी न माना जाए। अदालत ने कहा, "अगर कोई गंभीर अपराध (कॉग्निज़ेबल ऑफ़ेंस) बनता है, तो इस मामले में जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल की जानी चाहिए। अगर कोई गंभीर अपराध नहीं बनता है, तो जजों ने जांच अधिकारी (I.O.) को आदेश दिया है कि वे सक्षम अदालत में मामले को बंद करने की उचित प्रक्रिया शुरू करें।" दिशा के पिता को प्रोटेस्ट पिटीशन दाखिल करने की इजाजत दी गई है। CBI दर्ज करेगी FIR, वरिष्ठ अधिकारी संभालेंगे जांच हाई कोर्ट के आदेश के बाद अब मामले में संबंधित प्रावधानों के तहत FIR दर्ज की जाएगी। इसके बाद CBI जांच को आगे बढ़ाएगी। हाईकोर्ट ने विशेष रूप से निर्देश दिया है कि जांच के लिए किसी वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारी को नियुक्त किया जाए, ताकि मामले की जांच निष्पक्ष और प्रभावी तरीके से हो सके। दिशा सालियान की मौत 8 जून 2020 को मुंबई में एक बिल्डिंग से गिरने के बाद हुई थी। उस समय पुलिस ने इसे दुर्घटनावश हुई मौत के रूप में दर्ज किया था। बाद में मामले को लेकर कई सवाल और आरोप सामने आए तथा दिशा के पिता ने स्वतंत्र जांच की मांग की। सतीश सालियान का बयान भी दर्ज होगा CBI जांच के दौरान दिशा के पिता सतीश सालियान का बयान दर्ज किया जाएगा। उनके आरोपों और उन परिस्थितियों के बारे में विस्तार से जानकारी ली जाएगी। हाईकोर्ट पहले ही यह स्पष्ट कर चुका था कि किसी मामले में कानूनी रूप से उचित जांच और प्रक्रिया का पालन जरूरी है, ताकि परिवार को मामले में उचित निष्कर्ष और न्यायिक रूप से स्वीकार्य क्लोजर मिल सके। आदित्य ठाकरे को लेकर कोर्ट का अहम रुख मामले में शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे का नाम राजनीतिक और कानूनी बहस के दौरान सामने आता रहा है। हालांकि, CBI जांच का आदेश दिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि आदित्य ठाकरे या किसी अन्य व्यक्ति को आरोपी … Read more

नेपाल बाढ़-भूस्खलन का कहर जारी, 8 दिन बाद भी मलबे से मिल रहे लोग; 1127 की मौत

 काठमांडू नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है. हादसे के आठवें दिन भी राहत और बचाव का काम जारी है. मलबे के बीच से अब भी लोगों को बाहर निकाला जा रहा है. नेपाल पुलिस के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अब तक इस आपदा में 1127 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, चार हजार से ज्यादा लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।  नेपाल पुलिस के मुताबिक अब तक 1,126 शव बरामद किए जा चुके हैं. इनमें 31 बच्चे, 45 लड़कियां, 220 महिलाएं और 370 पुरुष शामिल हैं. इसके अलावा 460 मानव अवशेष भी मिले हैं. पुलिस के 7,572 जवान राहत और बचाव काम में लगे हैं. इनमें 65 पुलिसकर्मी भी प्रभावित हुए हैं, जबकि 25 पुलिसकर्मियों का अब तक पता नहीं चल पाया है।  राहत और बचाव अभियान में 580 लोगों को बचाया गया है या घायल हालत में निकाला गया है. अब तक 55 शव उनके परिवारों को सौंपे जा चुके हैं।  दरअसल, यह हादसा 26 अगस्त को उत्तरी नेपाल में हुआ था. तेज बारिश के बाद कई इलाकों में अचानक बाढ़ आ गई. इसके साथ ही बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुआ. देखते ही देखते पानी और मलबे ने गांवों और कस्बों को अपनी चपेट में ले लिया. कई जगहों पर घर, सड़कें और दूसरी इमारतें मलबे में दब गईं।  तीन महीने के लिए घोषित किया गया आपदा क्षेत्र नेपाल सरकार ने प्रभावित इलाके को कम से कम तीन महीने के लिए आपदा संकट क्षेत्र घोषित किया है. सरकार का कहना है कि इससे राहत और बचाव के लिए जरूरी संसाधन तेजी से पहुंचाए जा सकेंगे. साथ ही राहत टीमों की तैनाती भी बेहतर तरीके से की जा सकेगी।  सरकार अब बचाव के साथ राहत और पुनर्वास पर भी जोर दे रही है. प्रभावित इलाकों में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी और बचाव दल लगाए गए हैं. टीमें लगातार मलबे में लोगों की तलाश कर रही हैं. लापता लोगों के परिवार अभी भी अपनों के लौटने का इंतजार कर रहे हैं।  चीन मीडिया ग्रुप (CMG) के एक रिपोर्टर ने सोमवार को हेलीकॉप्टर से प्रभावित इलाके का जायजा लिया. यह इलाका चीन-नेपाल सीमा पर स्थित ग्यिरोंग-रसुवा सीमा चौकी के नेपाली हिस्से में है. आसमान से ली गई तस्वीरों में तबाही का बड़ा मंजर दिखाई दिया।  इस रिपोर्ट के मुताबिक, सीमा चौकी के पास नेपाल की तरफ कई गांव और छोटे कस्बे पूरी तरह तबाह हो गए हैं. कई गाड़ियां और इमारतें गहरे मलबे में दब गई हैं. जहां कभी लोगों की आवाजाही रहती थी, वहां अब चारों तरफ मिट्टी और मलबा नजर आ रहा है. कीचड़ से क्षेत्र में दलदल जैसे हालात बन गए हैं।  तबाही से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में स्याब्रुबेंसी भी शामिल है. यह शहर सीमा चौकी से सीधी दूरी में 10 किलोमीटर से भी कम दूर है. आपदा से पहले यहां काफी चहल-पहल रहती थी. लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं।  हेलीकॉप्टर से इलाके का जायजा लेने वाले रिपोर्टर का कहना है कि शहर में आम लोगों की मौजूदगी बेहद कम दिखाई दी. वहां सिर्फ राहत और बचाव दल के सदस्य नजर आए. ये टीमें मलबे में जिंदगी की तलाश कर रही हैं।  आठ दिन बीतने के बाद भी बचाव अभियान थमा नहीं है. मलबे के नीचे दबे लोगों की तलाश लगातार जारी है. हर गुजरते दिन के साथ चुनौती बढ़ रही है. इसके बावजूद रेस्क्यू टीम का सर्च ऑपरेशन जारी है. चार हजार से ज्यादा लोगों के लापता होने से उनके परिवारों की चिंता बढ़ी हुई है।  नेपाल बाढ़ में लापता पांच लोगों के शव भारत में मिले नेपाल में आई अचानक बाढ़ में बहकर लापता हुए पांच नेपाली नागरिकों के शव उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में गंडक नदी से बरामद हुए. मंगलवार को सभी शवों को सोनौली बॉर्डर पर नेपाल पुलिस को सौंप दिया गया. मृतकों में दो महिलाएं और तीन पुरुष शामिल हैं. ये शव कुशीनगर के बरवा पट्टी और खड्डा इलाके से मिले थे. शवों को शाम करीब 4 बजे सोनौली लाया गया. इसके बाद नेपाल के बेलहिया थाने के प्रभारी सब-इंस्पेक्टर हरिराम डांगी को सौंप दिया गया।  अधिकारियों के मुताबिक, शवों को नेपाल के बुटवल ले जाया गया है. वहां नेपाल पुलिस मृतकों की पहचान करेगी. इसके बाद शवों को उनके परिवारों को सौंपा जाएगा. नेपाल में लगातार हो रही बारिश और अचानक आई बाढ़ के कारण कई लोग बह गए हैं. सीमा से लगे भारतीय इलाकों में भी इसका असर देखने को मिल रहा है।  नेपाल और उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश के कारण महाराजगंज में कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है. वाल्मीकिनगर के गंडक बैराज से 1,50,200 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. महाराजगंज में पिछले 24 घंटे में 33.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है. जिले में अब तक कुल 655.5 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है।  मंगलवार दोपहर 2 बजे गंडक नदी का अपस्ट्रीम जलस्तर 355.30 फीट और डाउनस्ट्रीम जलस्तर 352.60 फीट दर्ज किया गया. रोहिन नदी अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही है. हालांकि महाव नाला खतरे के निशान से ऊपर है. इसका जलस्तर नौ फीट पहुंच गया है. खतरे का निशान पांच फीट है. राप्ती, चंदन और प्यास नदियों का जलस्तर भी बढ़ रहा है. हालांकि ये नदियां अभी खतरे के निशान से नीचे हैं।  अपर जिलाधिकारी प्रशांत कुमार ने बताया कि प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर रख रहा है. एसडीएम, तहसील अधिकारियों, सिंचाई विभाग और बाढ़ नियंत्रण अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं. निचले और संवेदनशील इलाकों में राहत और बचाव की तैयारी पूरी रखने को कहा गया है.महाराजगंज और नेपाल से लगे इलाकों में सभी तटबंध फिलहाल सुरक्षित हैं। 

पंजाब में खेलों का महासंग्राम, 10 लाख खिलाड़ी मैदान में उतरेंगे; QR कोड से होगा पंजीकरण

पटियाला पंजाब सरकार ने ‘खेडां वतन पंजाब दियां-2026’ की तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। खेलों का चौथा सत्र पांच सितंबर को बठिंडा के शहीद भगत सिंह स्टेडियम से शुरू होगा। इसमें करीब 10 लाख खिलाड़ी 38 खेलों में हिस्सा लेंगे। पहली बार चार पैरा खेल भी प्रतियोगिता का हिस्सा होंगे।मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया पूरी तरह नि:शुल्क और आसान बनाई गई है। खेल विभाग ने पहली बार क्यूआर कोड आधारित पंजीकरण की सुविधा शुरू की है। खिलाड़ी किसी भी समय और कहीं से भी महज 15 सेकंड में पंजीकरण कर सकेंगे। पंजीकरण खेल विभाग की वेबसाइट के माध्यम से भी किया जा सकता है। इस सत्र में 14 वर्ष से 70 वर्ष से अधिक आयु तक के नौ आयु वर्गों में मुकाबले होंगे। पैरा खेलों में एथलेटिक्स, पावरलिफ्टिंग, बैडमिंटन और व्हीलचेयर बास्केटबॉल शामिल हैं। राज्य स्तरीय पदक विजेताओं को स्वर्ण के लिए 10 हजार रुपये, रजत के लिए सात हजार और कांस्य के लिए पांच हजार रुपये दिए जाएंगे। प्रतियोगिताओं का समापन 29 नवंबर को पटियाला में होगा।  9 आयु वर्ग, 16 जिलों में राज्य स्तरीय आयोजन इस सीजन में 14 साल से लेकर 70 साल से अधिक उम्र तक के नौ आयु वर्गों के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। खेल पंजाब के सभी 153 ब्लॉकों में कराए जाएंगे, जिला स्तरीय मुकाबले 23 जिलों में होंगे और राज्य स्तरीय खेल 16 जिलों में आयोजित होंगे। खेलों का समापन 29 नवंबर को पटियाला में होगा। खास बात यह है कि पहली बार लड़कों और लड़कियों, दोनों के लिए टेनिस बॉल क्रिकेट को प्रदर्शनी खेल के रूप में शामिल किया गया है, ताकि उभरते खिलाड़ियों को बड़ा मंच मिल सके। विजेताओं के लिए आकर्षक इनाम राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीतने वालों को 10,000 रुपये, रजत के लिए 7,000 रुपये और कांस्य के लिए 5,000 रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। सीएम मान ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूरे आयोजन को बिना किसी रुकावट के सुचारू रूप से पूरा कराने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं। पहली बार लड़के-लड़कियों का क्रिकेट पहली बार लड़कों और लड़कियों दोनों के लिए टेनिस बॉल क्रिकेट को प्रदर्शनी खेल के रूप में शामिल किया गया है। प्रतियोगिताएं पंजाब के सभी 153 ब्लॉकों और 23 जिलों में होंगी। राज्य स्तरीय मुकाबले 16 जिलों में आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों का उद्देश्य गांवों, कस्बों और शहरों की छिपी प्रतिभाओं को पहचानना और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देना है।  अमृतसर जिले में ‘खेडां वतन पंजाब दियां-2026’ के ब्लॉक स्तरीय मुकाबले 8 सितंबर से 17 सितंबर तक दो चरणों में करवाए जाएंगे। इन प्रतियोगिताओं में एथलेटिक्स, फुटबॉल, कबड्डी नेशनल स्टाइल, कबड्डी सर्कल स्टाइल, वॉलीबॉल स्मैशिंग, वॉलीबॉल शूटिंग और खो-खो के मुकाबले शामिल होंगे। इस वर्ष टेनिस बॉल क्रिकेट को प्रदर्शन खेल के तौर पर भी शामिल किया गया है। पहले चरण में पांच ब्लॉकों में मुकाबले पहले चरण में 8 से 11 सितंबर तक चौगावां, तरसिक्का, अटारी, वेरका और अजनाला ब्लॉक में मुकाबले होंगे। वहीं दूसरे चरण में 14 से 17 सितंबर तक म्युनिसिपल कॉरपोरेशन, रईया, मजीठा, जंडियाला गुरु और हरशा छीना ब्लॉक में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इन खेल मुकाबलों में भाग लेने के इच्छुक खिलाड़ी पंजाब खेल विभाग की वेबसाइट (https://sports.punjab.gov.in) पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। खिलाड़ियों से अपील की गई है कि वे निर्धारित समय के भीतर अपना पंजीकरण करवाकर अधिक से अधिक संख्या में खेलों में हिस्सा लें और अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करें।

मध्य प्रदेश में बारिश का दौर तेज, 22 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; कल भोपाल-ग्वालियर-उज्जैन पहुंचेगा सिस्टम

जबलपुर मौसम का मिजाज आज से फिर बदल सकता है। वर्तमान में एक साथ अलग-अलग स्थानों बारिश करने वाली प्रणालियां मजबूती के साथ सक्रिय है। जिससे आगामी 24 से 48 घंटे के दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश के अनेक हिस्सों में भारी से अतिभारी बारिश की संभावना जताई जा रही है। मंगलवार को मौसम सामान्य रहा आसमान पर बादलों की आवाजाही बनी रही कहीं-कहीं छिटपुट बूंदाबांदी भी हुई। वातावरण में हल्की नमी रही। मानसून सीजन में अब तक 617.8 मिमी बारिश हो चुकी है। जबकि गत वर्ष आज के दिन तक बारिश का आंकड़ा 1022.5 मिमी तक पहुंच गया था। बहरहाल मंगलवार को मौसम सामान्य रहा। मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर तेज बारिश के दौर में है। पूर्वी हिस्से में सक्रिय मजबूत मानसूनी तंत्र के कारण जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के कई जिलों में भारी बारिश हो रही है। सतना और चित्रकूट में हालात सबसे ज्यादा बिगड़े हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। मंगलवार को रामघाट की करीब 400 दुकानें और 20 से 25 होटल पानी में डूब गए। बारिश और बाढ़ के हालात को देखते हुए सतना जिले में 2 और 3 सितंबर को सभी स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। सतना और चित्रकूट में अगले दो दिन भी भारी बारिश का अलर्ट है। अगले दो दिन तक सतना, चित्रकूट में भारी बारिश की चेतावनी है। ऐसे में हालात सुधरने की संभावना कम है। IMD (मौसम केंद्र) भोपाल के अनुसार, मंगलवार को सीधी, पन्ना, कटनी, उमरिया, डिंडौरी, मंडला और सिवनी में अति भारी बारिश का अलर्ट है। अगले 24 घंटे में यहां 4 इंच से ज्यादा पानी गिर सकता है। विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, सागर, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, जबलपुर, छतरपुर, सतना, रीवा, मऊगंज, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर और बालाघाट में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, भोपाल, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, पांढुर्णा, मैहर, दमोह, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है। आज 7 जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार सीधी, पन्ना, कटनी, उमरिया, डिंडोरी, मंडला और सिवनी में अति भारी बारिश हो सकती है। अगले 24 घंटे में इन जिलों में 4 इंच से ज्यादा पानी गिरने का अनुमान है।विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, सागर, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, जबलपुर, छतरपुर, सतना, रीवा, मऊगंज, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर और बालाघाट में भारी बारिश की चेतावनी है। वहीं भोपाल, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, पांढुर्णा, मैहर, दमोह, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है। कल से भोपाल समेत पश्चिमी हिस्से में बढ़ेगा असर मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में निम्न दाब क्षेत्र सक्रिय है। दक्षिणी हिस्से से एक द्रोणिका गुजर रही है, जबकि ऊपर मानसून की द्रोणिका भी सक्रिय है। इन तीनों मौसमी परिस्थितियों के कारण बारिश का दौर बना हुआ है। अगले तीन दिन में सिस्टम के और मजबूत होने की संभावना है। 2 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में तेज बारिश जारी रहेगी। भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के कुछ जिलों में भी बारिश बढ़ेगी। 3 सितंबर को सिस्टम आगे बढ़कर भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, सागर, नर्मदापुरम, रीवा और जबलपुर संभाग को प्रभावित करेगा।4 और 5 सितंबर को पश्चिमी मध्य प्रदेश में इसका असर ज्यादा रहने की संभावना है। भोपाल, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में तेज से भारी बारिश हो सकती है। बांधों में 70% तक पानी, बड़ा तालाब फुल होने के करीब लगातार बारिश से प्रदेश के ज्यादातर बांधों में पानी की स्थिति सुधरी है। कई बांधों में जलस्तर 70 प्रतिशत तक पहुंच गया है और कुछ के गेट भी खोले गए हैं। हालांकि इंदौर और उज्जैन संभाग के कई बांधों में अभी स्थिति उतनी बेहतर नहीं है। भोपाल के बड़े तालाब का जलस्तर 1666.50 फीट पहुंच गया है। अब यह सिर्फ 0.30 फीट खाली है। तालाब के भरने के बाद भदभदा बांध के गेट खोले जाएंगे। यहां से छोड़ा गया पानी कलियासोत बांध पहुंचेगा, जिससे उसका जलस्तर भी बढ़ेगा। प्रदेश में अब तक 27.8 इंच बारिश मौसम केंद्र के अनुसार प्रदेश में अब तक 707.1 मिलीमीटर यानी 27.8 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य बारिश 31.2 इंच के मुकाबले अभी करीब 3.1 इंच कमी है। कुल मिलाकर प्रदेश में सामान्य से 11 प्रतिशत कम बारिश हुई है। पूर्वी हिस्से में कमी 5 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 16 प्रतिशत है।  40 जिलों में अब भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे पूर्वी हिस्से के कई जिलों में 2 से 55 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है। इनमें बालाघाट, छतरपुर, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी और टीकमगढ़ समेत कई जिले शामिल हैं। पश्चिमी हिस्से में भी आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। इसके उलट अनूपपुर, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी में औसत से ज्यादा बारिश हुई है। जून की कमी अब तक पूरी नहीं हुई जून में प्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश हुई, लेकिन बाद में मानसून के दो बार कमजोर पड़ने से कई दिन सूखे रहे। जुलाई के आखिरी सप्ताह और अगस्त में फिर मजबूत सिस्टम सक्रिय हुए और बारिश ने जोर पकड़ा। जुलाई-अगस्त में अच्छी बारिश के बावजूद जून की कमी पूरी नहीं हो सकी। इसी वजह से पूरे मानसून सीजन में अभी भी 11 प्रतिशत बारिश कम है। प्रदेश में पूरे मानसून सीजन की सामान्य बारिश 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश करीब 38 से 39 इंच रहती है।    

राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद प्रतिभावान विद्यार्थियों ने CM विष्णु देव साय से की सौजन्य भेंट

रायपुर : राष्ट्रपति से भेंट कर लौटे प्रतिभावान विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से की सौजन्य मुलाकात राष्ट्रपति भवन में छत्तीसगढ़ की प्रतिभा और समृद्ध लोक संस्कृति की विद्यार्थियों ने छोड़ी अमिट छाप राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से संवाद के अनुभव विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री के साथ किए साझा मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों को दी बधाई, कहा – आपकी उपलब्धि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय राष्ट्रपति ने CWSN विद्यार्थी नुकेश कुमार वर्मा को बांधी राखी, छात्राओं की सुवा नृत्य प्रस्तुति को सराहा रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से भेंट कर लौटे छत्तीसगढ़ के प्रतिभावान विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने सौजन्य मुलाकात की। विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री साय को राष्ट्रपति भवन की अपनी यादगार यात्रा और राष्ट्रपति महोदया के साथ हुए आत्मीय संवाद के अनुभव सुनाए। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को इस विशेष अवसर के लिए बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्रपति भवन में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करना अपने आप में गौरव की बात है। प्रदेश के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक प्रस्तुति से छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है। मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद करते हुए उनकी यात्रा के संबंध में जानकारी ली। विद्यार्थियों ने बताया कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से मिलना उनके जीवन का अविस्मरणीय अनुभव रहा। राष्ट्रपति महोदया ने उनसे सहजता और आत्मीयता के साथ बातचीत की तथा उनकी शिक्षा, रुचियों और भविष्य की आकांक्षाओं के बारे में जाना। विद्यार्थियों ने राष्ट्रपति भवन के भ्रमण और वहां बिताए क्षणों से जुड़े अपने अनुभव भी मुख्यमंत्री के साथ साझा किए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे बच्चों में प्रतिभा और संभावनाओं की कोई कमी नहीं है। उन्हें सही अवसर, प्रोत्साहन और मंच मिले तो वे हर क्षेत्र में छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर सकते हैं। ऐसे अवसर विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ उनके सपनों को नई ऊंचाई देते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से पूरी लगन और मेहनत के साथ अपनी पढ़ाई जारी रखने तथा जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया। उल्लेखनीय है कि रक्षाबंधन के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ के प्रतिभावान विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से भेंट और संवाद का विशेष अवसर प्राप्त हुआ था। इस अवसर पर राष्ट्रपति महोदया ने विद्यार्थियों से आत्मीयतापूर्वक बातचीत की। उन्होंने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। राष्ट्रपति भवन में इस मुलाकात का एक अत्यंत भावुक और यादगार क्षण उस समय आया, जब राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने CWSN (Children with Special Needs) विद्यार्थी नुकेश कुमार वर्मा को स्वयं राखी बांधी। राष्ट्रपति महोदया का यह आत्मीय स्नेह नुकेश के साथ ही वहां उपस्थित विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए भी जीवनभर संजोकर रखने वाली स्मृति बन गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति की सुंदर झलक भी राष्ट्रपति भवन में देखने को मिली। छात्राओं ने प्रदेश के पारंपरिक सुवा नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी। छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा, गीत-संगीत और सांस्कृतिक सौंदर्य से सजी इस प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने प्रस्तुति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं की सराहना की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह विशेष रूप से प्रसन्नता की बात है कि प्रदेश के बच्चों ने देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद की गरिमा से जुड़े राष्ट्रपति भवन में छत्तीसगढ़ की प्रतिभा के साथ उसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का भी सुंदर परिचय दिया। उन्होंने कहा कि हमारी लोक संस्कृति हमारी पहचान और हमारी अमूल्य धरोहर है। नई पीढ़ी जब इसे आत्मसात कर देश के प्रतिष्ठित मंचों पर प्रस्तुत करती है, तो हमारी परंपराओं को नई ऊर्जा और व्यापक पहचान मिलती है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि राष्ट्रपति महोदया से प्राप्त प्रोत्साहन और इस यात्रा से मिले अनुभव को वे अपने जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा बनाएं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि वे अपने सपनों को बड़ा रखें, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें और अपनी उपलब्धियों से परिवार, प्रदेश और देश को गौरवान्वित करें। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से भेंट करने वाले विद्यार्थियों में नारायणपुर जिले की राजवती पोयाम, सुकमा जिले के हिमांशु ठाकुर, दुर्ग जिले की पायल राजानी, महासमुंद जिले की रागनी साहू, रायपुर जिले के नुकेश कुमार वर्मा तथा महासमुंद जिले के दुर्गेश साहू एवं डिगेश सेन शामिल थे। इस अवसर पर डॉ. मुक्ति बैस, राज्य नोडल अधिकारी, समग्र शिक्षा, रायपुर तथा चंद्रशेखर मिथलेश, व्याख्याता (भौतिकी), शासकीय आशी बाई गोलछा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, महासमुंद भी उपस्थित थे।

रायपुर: वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप की अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस, कई मुद्दों पर रखेंगे बात

रायपुर : वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप की पत्रवार्ता रायपुर वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता, संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप विभागीय गतिविधियों एवं उपलब्धियों पर आज छत्तीसगढ संवाद के  आडिटोरियम (नवा रायपुर,अटल नगर ) में प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा और माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार “हरित छत्तीसगढ़, समृद्ध छत्तीसगढ़” के संकल्प के साथ निरंतर आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि हमारे लिए वन संरक्षण का अर्थ केवल वनों की सुरक्षा नहीं है। वनों के संरक्षण के साथ वनवासियों की समृद्धि, जनजातीय संस्कृति का संरक्षण, किसानों की आय में वृद्धि, महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार, वन्यजीव संरक्षण तथा आधुनिक तकनीक के माध्यम से बेहतर वन प्रबंधन हमारी प्राथमिकताओं का हिस्सा हैं। किसान वृक्ष मित्र योजना-किसान की आय के साथ हरियाली         मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि हमारी सरकार ने वृक्षारोपण को किसानों की आय से भी जोड़ा है। किसान वृक्ष मित्र योजना में पात्र नागरिकों को 5 एकड़ तक 100 प्रतिशत वित्तीय अनुदान तथा 5 एकड़ से अधिक क्षेत्र में 50 प्रतिशत वित्तीय अनुदान दिया जाता है। पिछले दो वर्षों में 36 हजार 896 हितग्राहियों की 62 हजार 441 एकड़ कृषि भूमि में 3.675 करोड़ से अधिक पौधों का रोपण किया गया है। वनवासी परिवारों की समृद्धि हमारी पहली प्राथमिकता  छत्तीसगढ़ में जंगल और जंगल पर निर्भर समुदाय एक-दूसरे से अलग नहीं है, इसलिए हमारी सरकार ने वन संरक्षण के साथ-साथ वनोपज संग्राहकों की आय और उनकेपरिवारों के कल्याण को प्राथमिकता दी है। छत्तीसगढ़ में तेंपदूत्ता संग्र्रहण दर 5,500 प्रति मानक बोरा है, जो देश में सर्वाधिक है। वर्ष 2025 में 11.44 लाख परिवारों द्वारा 13.85 लाख मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्र्रहण किया गया और 757 करोड़ का ऑनलाइन भुगतान किया गया। 7.14 लाख संग्राहकों को 153 करोड़ प्रोत्साहन पारिश्रमिक का भुगतान किया गया। 12.40 लाख महिला संग्राहकों को चरण पादुका वितरित की गई तथा वर्ष 2026 में 12.38 लाख पुरुष संग्राहकों को चरण पादुका का वितरण प्रस्तावित है।  कश्यप ने बताया कि समर्थन मूल्य पर 36 हजार 580 क्विंटल वनोपज की खरीदी की गई, जिसमें संग्राहकों को राशि 16.66 करोड़ रूपए का आनलाईन भुगतान तथा 13 हजार से अधिक संग्राहक परिवारों को लाभ पहुंचा गया है। राजमोहिनी देवी सुरक्षा योजना में 1862 प्रकरणों में 26.08 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया। तेन्दूपदूत्ता संग्राहक परिवार के 8 हजार 533 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति योजनाओं के अन्तर्गत 12.07 करोड़ रूपए की छात्रवृत्ति दी गई। वर्ष 2026 में अबूझमाड़ में 13 नए तेंदूपत्ता फड़ प्रारंभ किए गए हैं। महिला सशक्तिकरण वनोपज को आजीविका से जोड़ा मंत्री कश्यप ने बताया कि प्रधानमंत्री जनजाति विकास मिशन एवं पीएम जनमन योजना के अंतर्गत लघु वघुनोपज के संग्रहण और प्रसंस्करण से 6 हजार से अधिक महिला स्व-सहायता समूहों के 70 हजार से अधिक सदस्य लाभान्वित हुए हैं। वन धन केन्द्रों से जुडी महिला समूहों को 5 करोड़ से अधिक कमीशन दिया गया है। उन्होंने बताया कि वन धन केन्द्रों में 181 प्रकार के हर्बल उत्पादों का निर्माण किया गया है ,जिसका मूल्य राशि 4.42 करोड़ रूपए रहा। धमतरी जिले में महानदी तट एवं अनुपनुयोगी पंचायत भूमि की 120 एकड़ भूमि पर महिला समूहों द्वारा खस का रोपण किया गया है। गौरेला-पेन्ड्रा -मरवाही, बिलासपुरु, कांकेर, धमतरी और कोरबा के 65 ग्रामों की 1,854 महिलाओं द्वारा अपनी बाड़ियों में 64 हजार 798 सिंदूरी तथा 7 लाख 48 हजार 092 सतावर पौधे लगाए गए हैं। बस्तर में शांति के साथ विकास और रोजगार की नई शुरुआत कश्यप ने बताया कि पिछले दो वर्षों में बस्तर अंचल के माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, इसका परिणाम यह है कि वन विभाग अब अति-संवेदनशील क्षेत्रों में भी वानिकी एवं विदोहन कार्य पुनः प्रारंभ कर रहा है। दंतेवाड़ा , सुकमा, बीजापुर, बस्तर, नारायणपुर, कोण्डागांव एवं कांकेर के दूरूस्थ वनक्षेत्रों में इमारती लकड़ी एवं बांस विदोहन के कार्य किये जायेंगे। इमारती लकड़ी विदोहन, बांस विदोहन और अन्य कार्यो से कुल 21.67 लाख मानव-दिवस रोजगार सृजन का अनुमान है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध होने के साथ पलायन कम करने तथा लोगों का जल, जंगल-जमीन और बस्तर की संस्कृति से जुड़ाव मजबूत करने का प्रयास है। दूरस्थ वनांचलों में सड़क, मोबाइल और बुनियादी सुविधाएं  मंत्री कश्यप ने बताया कि वन संरक्षण के साथ हमारी सरकार यह भी सुनिश्चित कर रही है कि वन क्षेत्रों में रहने वाले नागरिक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल और दूरसंचार जैसी मूलमूत सुविधाओं से वंचित न रहें। पीएम जनमन योजना के तहत 20 प्रकरणों में 58.002 हेक्टेयर एवं 99.995 किलोमीटर मार्ग के लिए अनुमनुति दी गई।        वन अधिकार अधिनियम, 2006 की धारा 3(2) के तहत 417 प्रकरणों में 1,300- 1,400 किलोमीटर मार्ग के लिए ग्रामसभा की अनुशंसा के बाद अनुमति जारी की गई।  वन संरक्षण एवं संवर्धन अधिनियम के तहत जिलों में बीएसएनएल के 62 में से 59 टावरों को रिकॉर्ड 70 दिनों में अनुमति प्रदान की गई है। विगत 2.5 वर्षों में विद्यालय, अस्पताल, आंगनबाड़ी , सड़क, विद्युत एवं दूरदूसंचार लाईन, पेयजल, सिंचाई, कौशल विकास एवं सामुदायिक केन्द्र सहित 13 प्रकार के विकास कार्यों के लिए वन अधिकार अधिनियम की धारा 3 (2) के तहत कुल 1168 प्रकरणों में वनभूमि के विपथन की कार्यवाही की गई। वन्यजीव संरक्षण बाघों की संख्या 18 से बढ़कर 35 वनमंत्री कश्यप ने बताया कि वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2022 में प्रदेश में 18 बाघ थे, जो वर्ष 2026 में बढ़कर 35 हो गए हैं। यह 94 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि है।2,829.387 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल वाला गुरुघासीदास-तमोर पिंगला देश का तीसरा सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है, जिसकी अधिसूचना वर्ष 2024 में हुई।एनटीसीए द्वारा बांधवगढ़ से 3 बाघिनों के ट्रांसलोकेशन की अनुमनुति दी गई है। एनक्लोजर और पेट्रोलिंग कैंप तैयार हैं तथा बरसात के बाद स्थातनांरण किया जाना है। कृष्ण मृग संरक्षण को माननीय प्रधानमंत्री जी से मिली सराहना मंत्री कश्यप ने बताया कि  बारनवापारा अभयारण्य में कृष्ण मृगों की संख्सं 77 से बढ़कर 200 के पार पहुंच गई है। इस उपलब्धि की सराहना स्वयं माननीय प्रधानमंत्रीं नरेन्द्र मोदी जी ने 26 अप्रैल 2026 के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में की। वर्तमान में इन्द्रावती में हमारे राजकीय … Read more

सभी 75 जिलों में ‘सेवा ज्योति’ के लिए स्थान चिन्हित करें, राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज में उत्तर प्रदेश की मजबूत भागीदारी सुनिश्चित करें: मुख्यमंत्री

‘सेवा संकल्प अभियान’ को जनभागीदारी का व्यापक अभियान बनाएं, न्याय पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंचे सरकार की उपलब्धियों की कहानी: मुख्यमंत्री 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा ‘सेवा संकल्प अभियान’, 13 प्रमुख कार्यक्रमों के जरिए जन-जन तक पहुंचेगी प्रधानमंत्री मोदी की 25 वर्षों की जनसेवा और विकास की यात्रा उपलब्धियों को आंकड़ों तक सीमित न रखें, लाभार्थियों के जीवन में आए बदलाव की वास्तविक कहानियां सामने लाएं: मुख्यमंत्री ‘आशीर्वाद का दीया’ से होगा अभियान का शुभारंभ, लाभार्थी परिवारों के घर जलेंगे दीप, दिव्यांगजन को कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण भी दिए जाएंगे 25 लाख लाभार्थियों की कहानी से लेकर डिजिटल इन्फ्लुएंसर और 400-500 सांस्कृतिक टोलियों तक, गांव से राज्य स्तर तक चलेगा जनसंपर्क अभियान सभी 75 जिलों में ‘सेवा ज्योति’ के लिए स्थान चिन्हित करें, राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज में उत्तर प्रदेश की मजबूत भागीदारी सुनिश्चित करें: मुख्यमंत्री  17 अक्टूबर को 1.25 लाख जनप्रतिनिधियों के साथ होगा ‘जनसेवा महाकुंभ’, पंचायत से पार्लियामेंट तक लिया जाएगा ‘विकसित भारत 2047’ का संकल्प लखनऊ,   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के 25 वर्षों के निरंतर सेवा काल की जनकल्याणकारी उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने और प्रत्येक नागरिक को ‘विकसित भारत 2047’ के सामूहिक राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा। एक माह के इस व्यापक अभियान में 13 प्रमुख कार्यक्रमों के माध्यम से सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण, विकास और जनभागीदारी की कहानी समाज के हर वर्ग तक पहुंचाई जाएगी। ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’, ‘नमो सेवा गाथा’, ‘आंगन का उत्सव’, ‘कहानी बदलाव की’, ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’, ‘सेवा ज्योति यात्रा’, ‘वडनगर-सेवाराणसी यात्रा’, ‘सेवा मेरा योगदान’, ‘सेवा सेतु अभियान’, ‘रंगोली राष्ट्र एवं घर-घर से राष्ट्र तक’, ‘राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज’ और ‘जनसेवा महाकुंभ’ इसके प्रमुख कार्यक्रम होंगे। इनके साथ प्रमुख स्मारकों पर लेजर शो, प्रमुख तीर्थस्थलों पर महायज्ञ एवं विशेष अनुष्ठान तथा ग्राम चौपाल और सीधा संवाद भी अभियान का हिस्सा होंगे।   मंगलवार को अभियान की कार्ययोजना पर उच्चस्तरीय चर्चा के के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के 25 वर्षों का सार्वजनिक जीवन सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण की निरंतर यात्रा है। इस अवधि में देश में हुए नीतिगत सुधारों, जनकल्याणकारी कार्यों और ऐतिहासिक बदलावों को जनता के सामने प्रभावी ढंग से रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के 12 वर्षों और प्रदेश सरकार के 10 वर्षों में हुए विकास कार्यों से आम नागरिक के जीवन में जो सकारात्मक परिवर्तन आया है, उसकी वास्तविक तस्वीर सामने आए। अभियान का उद्देश्य केवल उपलब्धियों को बताना नहीं, बल्कि युवा, महिला, किसान और वंचित वर्ग समेत प्रत्येक नागरिक को ‘विकसित भारत 2047’ के सामूहिक राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ना भी है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान की पहुंच जिला मुख्यालयों और विकासखंडों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। न्याय पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर तक अभियान को पहुंचाने का विशेष प्रयास किया जाए। स्थानीय स्तर पर लोगों को यह जानकारी मिले कि केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं तथा विकास परियोजनाओं से उनके गांव, क्षेत्र और परिवार के जीवन में क्या बदलाव आया है। उन्होंने निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों, युवाओं, महिलाओं, लाभार्थियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए अभियान को वास्तविक जनभागीदारी का स्वरूप दिया जाए। उन्होंने कहा कि उपलब्धियों को केवल योजनाओं की सूची अथवा आंकड़ों के रूप में प्रस्तुत करने के बजाय लोगों के जीवन में आए बदलाव की कहानी के रूप में सामने लाया जाए। इसके लिए लाभार्थियों के अनुभवों का संकलन भी किया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अभियान के दौरान तैयार होने वाली सामग्री प्रमाणिक और तथ्यपरक हो तथा उसका स्थायी डेटा-बैंक तैयार किया जाए। इसमें विधानसभा, विकासखंड और ग्राम पंचायत स्तर तक केंद्र सरकार के पिछले 12 वर्षों तथा राज्य सरकार के पिछले 10 वर्षों के विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं का विवरण तथा लाभार्थियों की अद्यतन सूची शामिल हो।  मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों, महत्वपूर्ण अवस्थापना एवं कनेक्टिविटी परियोजनाओं, शिक्षा एवं कौशल विकास, स्वास्थ्य एवं खेल, पंचायती राज एवं सुशासन तथा ओडीओपी से जुड़े कार्यों को भी डेटा-बैंक में शामिल किया जाए। काशी विश्वनाथ धाम, राम जन्मभूमि मंदिर अयोध्या समेत प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के पुनर्विकास, एक्सप्रेसवे, मेट्रो रेल नेटवर्क, नए एयरपोर्ट, विश्वविद्यालय, आयुष विश्वविद्यालय, अटल आवासीय विद्यालय, मेडिकल कॉलेज, एम्स, खेल विश्वविद्यालय और आधुनिक स्टेडियम, ग्राम सचिवालय, पंचायत भवन, डिजिटल लाइब्रेरी, अमृत सरोवर तथा ओडीओपी से जुड़े उद्यमियों और लाभार्थियों की सफलता की कहानियों का भी संकलन किया जाए।  मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान के प्रभावी संचालन के लिए शासन, मुख्यमंत्री कार्यालय और जनपद स्तर पर समन्वय की स्पष्ट व्यवस्था हो।  मुख्यमंत्री कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा और प्रतिदिन की प्रगति मुख्यमंत्री को उपलब्ध कराई जाएगी। सभी जिलों में मुख्य विकास अधिकारी पूरे अभियान के नोडल अधिकारी के रूप में कार्य करेंगे। वे संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए कार्यक्रमों को न्याय पंचायत, ग्राम पंचायत, वार्ड और मोहल्ला स्तर तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। अभियान की प्रदेश और जनपद स्तर पर साप्ताहिक समीक्षा होगी।  मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि 17 सितंबर को प्रधानमंत्री जी के जन्मदिवस के अवसर पर शाम सात बजे ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से अभियान की शुरुआत हो। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से लाभान्वित परिवार अपने घरों में दीप प्रज्वलित करें। इसके लिए लाभार्थियों की सूची न्याय पंचायत, ग्राम पंचायत, ब्लॉक, वार्ड और मोहल्ला स्तर तक तैयार कर लगातार अपडेट रखी जाए। उन्होंने कहा कि नगर विकास, ग्राम्य विकास और पंचायती राज विभाग इस कार्यक्रम में विशेष भूमिका निभाएं और ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में इसकी प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करें। प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं, नदी घाटों, मंदिरों, पार्कों, विद्यालयों, महाविद्यालयों और चिकित्सालयों में भी विशेष दीप प्रज्वलन कराया जाए। इसी अवसर पर दिव्यांगजन को कृत्रिम अंग एवं अन्य सहायक उपकरण वितरित करने की व्यवस्था की जाए।  मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आशीर्वाद का दीया’ को केवल प्रतीकात्मक आयोजन न बनाकर सरकार और लाभार्थियों के बीच सीधे जुड़ाव का अवसर बनाया जाए। ग्राम पंचायत और न्याय पंचायत स्तर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा संबंधित विभागों की सक्रिय भागीदारी हो और यह सुनिश्चित किया जाए कि अभियान की गतिविधियां गांव के अंतिम छोर तक पहुंचें।  इसके साथ ही 17 सितंबर … Read more

Stock Market Fall: शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 700 अंक टूटा, निफ्टी पर भी दबाव

मुंबई  अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और कच्‍चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच आज बुधवार को बाजार की शुरुआत बड़ी गिरावट के साथ हुई.  शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 706 अंक या 0.92 प्रतिशत गिरकर 76,238 पर आ गया. वहीं निफ्टी में भी गिरावट देखी गई और ये 23,850 के स्तर से नीचे फिसल गया. तेल की कीमतों में उछाल के बीच निफ्टी 50 में 231 अंकों या 0.96 प्रतिशत की गिरावट देखी गई. निफ्टी मिडकैप 100 में 1.16 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.97 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।  आज सभी सेक्‍टोरल इंडेक्‍स में गिरावट देखी जा रही है, जिनमें आईटी और ऑटो सेक्टर सबसे ज्यादा नुकसान में हैं. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स के अधिकांश शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, केवल अदाणी पोर्ट्स और सन फार्मा ही अपवाद रहे। Sensex-Nifty खुलते ही क्रैश  शेयर मार्केट में बुधवार को कारोबार की शुरुआत होते ही बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 76,944 की तुलना में फिसलकर 76,471 पर ओपन हुआ और फिर पलक झपकते ही बुरी तरह क्रैश होकर 76,135 के लेवल पर आ गया. सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए एनएसई का निफ्टी भी ओपनिंग के साथ ही बड़ी गिरावट लेकर क्रैश हो गया. ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले कारोबारी बंद 24,055 के मुकाबले रेड जोन में 23,858 पर खुला और फिर देखते ही देखते फिसलकर 23,786 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया।  इन 10 शेयरों का बुरा हाल शेयर बाजार में अचानक आए इस बड़े भूचाल के बीच सबसे बुरे हाल में जो 10 शेयर नजर आए, उनमें बीएसई की लार्ज कैप कैटेगरी में शामिल IndiGo Share (2.70%), Eternal Share (1.90%) की गिरावट लेकर कारोबार कर रहे थे. तो वहीं मिडकैप कैटेगरी में शामिल GVT&D Share (3.10%), Godrej Properties Share (3%), MFSL Share (2.90%), TI India Share (2.50%), Voltas Share (2.20%) फिसलकर कारोबार कर रहे थे।  बात बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के स्मॉलकैप कैटेगरी की करें, तो यहां भी ज्यादातर शेयर रेड जोन में कारोबार करते हुए दिखे. यहां पर KFIN Tech Share (3.45%), Brigade Share (3%) और Chola Holdings Share (2.50%) गिरकर ट्रेड कर रहे थे।  ट्रंप का ये ऐलान, फिर मचा कोहराम  Stock Market Crash के पीछे के कारणों की बात करें, तो इसका सीधा कनेक्शन डोनाल्ड ट्रंप से है, जो एक बार फिर से वॉर मोड में नजर आ रहे हैं. उन्होंने बुधवार को दावा किया कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट पर अब अमेरिका का लगभग पूरा कंट्रोल है. उन्होंने यह भी कहा कि ईरानी अर्थव्यवस्था क्रैश की ओर बढ़ रही है. इसके साथ ही Donald Trump ने उस मीडिया रिपोर्ट को भी सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें दावा किया जा रहा था कि US ईरान को बातचीत के लिए मजबूर करने की कोशिश कर रहे हैं।  कच्चे तेल में उबाल, बाजारों में भगदड़ Hormuz Strait को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस दावे का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर दिखा. ब्रेंट क्रूड ऑयल का दाम 96 डॉलर प्रति बैरल, तो WTI क्रूड की कीमत बढ़कर 92 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई. मर्बन क्रूड ऑयल प्राइस भी रॉकेट की रफ्तार से भागते हुए 7 फीसदी से ज्यादा चढ़कर 104 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया. इससे एशियाई शेयर बाजारों का सेंटीमेंट भी बिगड़ा Japan Nikkei करीब 1800 अंक से ज्यादा फिसलकर, हांगकांग का HangSeng Index करीब 300 अंक की गिरावट में और साउथ कोरिया के कोस्पी इंडेक्स (KOSPI Index) करीब 4 फीसदी फिसलकर कारोबार कर रहा था।   

यूपी की उपलब्धि पर CM योगी गदगद, GeM पर तीन राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने की सराहना

जेम पर यूपी की उपलब्धि को सीएम योगी ने सराहा, तीन राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने पर दी बधाई शासकीय खरीद में पारदर्शिता और समावेशिता के लिए प्रदेश को मिला राष्ट्रीय सम्मान जेम पर अब तक ₹1 लाख करोड़ से अधिक की प्रदेश सरकार की खरीद, एमएसई की भागीदारी ₹55,972 करोड़ से अधिक चालू वित्तीय वर्ष में सरकारी खरीद में एमएसई की हिस्सेदारी बढ़कर 59 प्रतिशत, यूपी के एमएसई की हिस्सेदारी 86 प्रतिशत महिला उद्यमियों, एससी/एसटी उद्यमों और स्टार्टअप्स की भी जेम पर बढ़ी भागीदारी लखनऊ,   गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जेम) के माध्यम से शासकीय खरीद में पारदर्शिता एवं समावेशिता सुनिश्चित करने की दिशा में उत्तर प्रदेश को मिली राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धि पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सराहना की है। प्रदेश को जेम पर श्रेष्ठ योगदान के लिए तीन राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। मंगलवार को एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी, प्रमुख सचिव एमएसएमई शशि भूषण लाल एवं स्टेट जेम नोडल एवं डिप्टी सीईओ कृष्ण मुरारी ने मुख्यमंत्री से भेंट कर उन्हें इस उपलब्धि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उल्लेखनीय है कि जेम के माध्यम से प्रदेश सरकार ने प्रारंभ से अब तक ₹1 लाख करोड़ से अधिक की शासकीय खरीद की है। इसमें ₹55,972 करोड़ से अधिक की खरीद एमएसई से हुई है। इस प्रकार कुल शासकीय खरीद में एमएसई की भागीदारी 55 प्रतिशत से अधिक रही है। मुख्यमंत्री ने जेम के माध्यम से सरकारी खरीद में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ छोटे उद्यमों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के प्रयासों की सराहना की। तीन राष्ट्रीय पुरस्कारों से यूपी का सम्मान जेम पर उत्तर प्रदेश की उपलब्धि को राष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता मिली है। विगत दिनों नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित जेम के 10वें स्थापना दिवस समारोह में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने उत्तर प्रदेश को सार्वजनिक खरीद के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए तीन प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया। उत्तर प्रदेश को मिले पुरस्कारों में, जेम ओवरऑल एक्सीलेंस अवार्ड, हाईएस्ट जेम प्रोक्योरमेंट वैल्यू और बेस्ट आउटरीच बिल्डिंग अवार्ड शामिल हैं। इन पुरस्कारों को एमएसएमई के प्रमुख सचिव शशि भूषण लाल सुशील ने प्राप्त किया। चार साल में 43 से बढ़कर 59 प्रतिशत हुई एमएसई की हिस्सेदारी वित्तीय वर्ष 2026-27 में जुलाई तक जेम के माध्यम से प्रदेश की कुल ₹7,235 करोड़ की शासकीय खरीद हुई। इसमें एमएसई (पैन इंडिया) से ₹4,253 करोड़, यानी 59 प्रतिशत की खरीद की गई, जिसमें उत्तर प्रदेश के अपने उद्यमों की हिस्सेदारी 86 प्रतिशत, यानी ₹3,646 करोड़ रही। इसी प्रकार वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल ₹22,337 करोड़ की जेम खरीद में एमएसई (पैन इंडिया) से ₹12,181 करोड़ यानी 55 प्रतिशत की खरीद हुई थी, जिसमें यूपी के एमएसई की हिस्सेदारी 82 प्रतिशत यानी ₹9,976 करोड़ रही।  वर्ष 2024-25 में ₹16,830 करोड़ की कुल जेम खरीद में एमएसई का योगदान ₹8,952 करोड़ यानी 53 प्रतिशत था, जिसमें यूपी के एमएसई की हिस्सेदारी 81 प्रतिशत यानी ₹7,264 करोड़ रही। इसी तरह 2023-24 में कुल ₹20,248 करोड़ की जेम खरीद में एमएसई से ₹8,771 करोड़ यानी 43 प्रतिशत की खरीद हुई थी, जिसमें यूपी के एमएसई की हिस्सेदारी 76 प्रतिशत यानी ₹6,680 करोड़ थी। इस तरह चार वर्षों में जेम पर कुल सरकारी खरीद में एमएसई की हिस्सेदारी 43 प्रतिशत से बढ़कर 59 प्रतिशत हो गई है। एमएसई से हुई इस खरीद में प्रदेश के अपने उद्यमों की हिस्सेदारी भी 76 प्रतिशत से बढ़कर 86 प्रतिशत पहुंच गई है। महिला, एससी/एसटी उद्यमियों और स्टार्टअप्स को मिला अवसर जेम ने उत्तर प्रदेश के छोटे उद्यमियों को प्रदेश की सीमाओं से बाहर देशभर के सरकारी खरीदारों तक पहुंच उपलब्ध कराई है। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में जुलाई तक प्रदेश के एमएसई को जेम के माध्यम से ₹16,953 करोड़ का कुल कारोबार मिला। इसमें महिला उद्यमियों को ₹2,202 करोड़, एससी/एसटी उद्यमियों को ₹255 करोड़ और स्टार्टअप्स को ₹2,360 करोड़ का कारोबार प्राप्त हुआ। वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश के छोटे उद्यमियों को जेम से ₹27,235 करोड़ का कारोबार मिला था। इसमें महिला उद्यमियों को ₹4,755 करोड़, एससी/एसटी उद्यमियों को ₹752 करोड़ और स्टार्टअप्स को ₹3,203 करोड़ का कारोबार प्राप्त हुआ। इसी तरह, वर्ष 2024-25 में सभी एमएसई को ₹21,275 करोड़ का कारोबार मिला, जिसमें महिला उद्यमियों का हिस्सा ₹3,310 करोड़, एससी/एसटी का ₹507 करोड़ और स्टार्टअप्स का ₹2,139 करोड़ था। 2023-24 में एमएसई को ₹18,230 करोड़ का कारोबार मिला था, जिसमें महिला उद्यमियों को ₹2,583 करोड़, एससी/एसटी को ₹438 करोड़ और स्टार्टअप्स को ₹2,435 करोड़ का कारोबार मिला। योगी सरकार की समावेशी खरीद नीति का दिख रहा असर जेम के यूपी स्टेट नोडल और डिप्टी सीईओ कृष्ण मुरारी ने बताया कि प्रदेश में एमएसई को सरकारी खरीद में अधिक अवसर देने के लिए योगी सरकार ने 26 नवंबर 2024 को शासनादेश जारी कर समावेशी सरकारी खरीद की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया था। इसके बाद जेम पर एमएसई की भागीदारी और खास तौर पर उत्तर प्रदेश के एमएसई से होने वाली सरकारी खरीद में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज हुई है। सरकार का फोकस छोटे उद्यमों के साथ महिला उद्यमियों, एससी/एसटी उद्यमियों और स्टार्टअप्स को भी सरकारी बाजार से जोड़ने पर है। इससे स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों और सेवाओं के लिए बाजार बढ़ने के साथ उद्यमिता और रोजगार सृजन को भी प्रोत्साहन मिल रहा है। योगी सरकार जेम को ई-गवर्नेंस, पारदर्शी सरकारी खरीद और स्थानीय उद्यमों को बाजार उपलब्ध कराने के महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में इस्तेमाल कर रही है। एक तरफ सरकारी विभागों को प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के जरिए उत्पाद और सेवाएं खरीदने का विकल्प मिल रहा है, वहीं दूसरी तरफ प्रदेश के छोटे उद्यमों, महिलाओं, एससी/एसटी उद्यमियों और स्टार्टअप्स को बड़े सरकारी बाजार से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। ₹6.39 करोड़ के प्लॉट-शेड की नीलामी से मिले ₹32.54 करोड़ जेम सरकारी खरीद के साथ सरकारी परिसंपत्तियों का बेहतर मूल्य दिलाने का भी माध्यम बन रहा है। इसका बड़ा उदाहरण कानपुर में एमएसएमई विभाग के औद्योगिक प्लॉट और शेड की नीलामी में सामने आया। उद्योग निदेशालय, कानपुर ने 13 से 21 जुलाई 2026 के बीच औद्योगिक आस्थानों के 34 औद्योगिक प्लॉट एवं शेड की 99 वर्ष की लीज के लिए नीलामी की। इनका अपेक्षित/आरक्षित मूल्य ₹6.39 करोड़ था। प्रतिस्पर्धी बोली के बाद इनका विक्रय मूल्य ₹32.54 करोड़ पहुंच गया। इससे सरकार को आरक्षित … Read more

PF खाताधारकों के लिए बड़ी खबर! EPFO 3.0 में ATM-UPI से जोड़ने का प्लान

 नई दिल्ली प्रोविडेंट फंड (PF) से पैसे निकालने वाले करोड़ों नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने मौजूदा सिस्टम को अपग्रेड कर EPFO 3.0 लाने की तैयारी में है. इसके तहत एडवांस क्लेम की प्रक्रिया को तेज और आसान बनाने पर फोकस किया जा रहा है।  रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीमारी, शादी या घर खरीदने जैसी जरूरतों के लिए ₹5 लाख तक के एडवांस क्लेम 3 से 4 दिन में सेटल किए जा सकते हैं. हालांकि, इस प्रस्तावित सुविधा को लेकर EPFO की ओर से अंतिम आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है. इसलिए फिलहाल इसे संभावित बदलाव के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।  क्या है EPFO 3.0? EPFO 3.0 को मौजूदा आईटी सिस्टम का ज्यादा आधुनिक और सेंट्रलाइज्ड वर्जन माना जा रहा है. इसका मकसद PF से जुड़े कामकाज को ज्यादा तेज, आसान और सुविधाजनक बनाना है. मौजूदा व्यवस्था में EPFO का डेटा अलग-अलग रीजनल ऑफिस के सर्वर से जुड़ा हुआ है. इसकी वजह से कई बार पोर्टल पर तकनीकी दिक्कतें और सर्वर डाउन जैसी समस्याएं सामने आती हैं. नए सिस्टम में डेटा और प्रोसेसिंग को ज्यादा सेंट्रलाइज्ड और आधुनिक बनाने की योजना है. सीधे शब्दों में कहें तो EPFO चाहता है कि PF खाते से जुड़े काम बैंकिंग सेवाओं की तरह ज्यादा आसान और डिजिटल तरीके से किए जा सकें।  ऑटो सेटल होंगे ₹5 लाख तक के क्लेम? EPFO 3.0 में ऑटो-सेटलमेंट को और व्यापक बनाने की योजना बताई जा रही है. इसके तहत एडवांस क्लेम को सिस्टम खुद प्रोसेस कर सकता है. बीमारी, शादी और घर खरीदने जैसी जरूरतों से जुड़े क्लेम में अगर सभी जरूरी जानकारी और शर्तें पूरी होती हैं, तो कंप्यूटराइज्ड सिस्टम डेटा का वेरिफिकेशन कर सकता है. ऐसे मामलों में हर क्लेम को मैनुअली अप्रूव करने के लिए अधिकारी के हस्तक्षेप की जरूरत कम हो सकती है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ₹5 लाख तक के एडवांस क्लेम को करीब 3 से 4 दिन में सेटल करने का लक्ष्य हो सकता है. क्लेम मंजूर होने के बाद पैसे सीधे कर्मचारी के बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाएंगे।  क्लाउड-बेस्ड होगा नया EPFO सिस्टम EPFO 3.0 को क्लाउड-बेस्ड सिस्टम में अपग्रेड करने की तैयारी है. इसका मकसद मौजूदा तकनीकी समस्याओं को कम करना और पोर्टल की क्षमता व स्थिरता बढ़ाना है. अभी कई बार कर्मचारी PF से जुड़ा काम करने के लिए पोर्टल पर लॉगिन करते हैं, लेकिन सर्वर या वेबसाइट की तकनीकी समस्या के कारण उन्हें परेशानी होती है. नए सिस्टम से ऐसी दिक्कतों को कम करने और ऑनलाइन सेवाओं को ज्यादा सुचारू बनाने की उम्मीद है।  ATM और UPI से PF विड्रॉल की सुविधा? EPFO के डिजिटल बदलाव की चर्चा सिर्फ ऑनलाइन क्लेम तक सीमित नहीं है. भविष्य में PF खाते को आधुनिक बैंकिंग सिस्टम और UPI जैसे डिजिटल पेमेंट नेटवर्क से जोड़ने की योजना पर भी काम होने की बात सामने आई है. इसके तहत छोटे एडवांस या इमरजेंसी जरूरतों के लिए कर्मचारियों को लंबी प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत कम हो सकती है. मेडिकल इमरजेंसी जैसी परिस्थितियों में तय सीमा तक ATM या UPI के जरिए PF से पैसे निकालने की सुविधा देने के विकल्प पर भी विचार किए जाने की बात कही जा रही है. हालांकि, यह सुविधा अभी लागू नहीं हुई है और इसके लिए आधिकारिक नियम व प्रक्रिया का इंतजार करना होगा।  EPFO 3.0 के लॉन्च में क्यों हो रही देरी? EPFO 3.0 की कुछ सुविधाओं को पहले जुलाई में लॉन्च किए जाने की चर्चा थी. हालांकि, वेबसाइट और सिस्टम से जुड़ी तकनीकी दिक्कतों के कारण लॉन्च टल गया. इसके बाद अगस्त में लॉन्च होने की संभावना जताई गई, लेकिन यह भी नहीं हो सका. अब सितंबर में इसके कुछ फीचर्स शुरू किए जाने की उम्मीद की जा रही है. हालांकि, जब तक EPFO की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं होती, तब तक लॉन्च की तारीख और सुविधाओं को लेकर अंतिम स्थिति स्पष्ट नहीं मानी जा सकती।