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भारत-UAE संबंधों में नई उड़ान! PM मोदी की यात्रा में अरबों डॉलर के निवेश पर बनी सहमति

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान शुक्रवार को भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में कई समझौते हुए। इसमें द्विपक्षीय रणनीतिक रक्षा साझेदारी, एलपीजी की आपूर्ति एवं रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व और भारत के आरबीएल बैंक, सम्मान कैपिटल और इन्फ्रास्ट्रक्चर में 5 अरब डॉलर का निवेश शामिल है। इसके अलावा, दोनों देश के बीच गुजरात के वाडिनार में एक शिप रिपेयरिंग क्लस्टर को स्थापित करने के लिए समझौता हुआ है। अबू धाबी में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के दौरान बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "भारत हर परिस्थिति में संयुक्त अरब अमीरात के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है और आगे भी खड़ा रहेगा। शांति और स्थिरता की बहाली के लिए भारत हर संभव सहयोग देगा।" उन्होंने आगे कहा कि होर्मुज स्ट्रेट का "स्वतंत्र और खुला रहना महत्वपूर्ण है ओर अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने भारत यूएई की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहह्यान को धन्यवाद दिया और कहा कि मौजूदा वैश्विक स्थिति में द्विपक्षीय सहयोग का महत्व और भी बढ़ गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जनवरी में यूएई राष्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान दोनों पक्षों ने संबंधों को गुणात्मक रूप से उन्नत करने पर सहमति जताई थी और कम समय में ही महत्वपूर्ण प्रगति हासिल कर ली है। उन्होंने कहा, "हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए में आपको हार्दिक धन्यवाद देता हूं। जनवरी में आपकी भारत यात्रा के दौरान, हमने अपने संबंधों को गुणात्मक रूप से उन्नत करने पर सहमति व्यक्त की थी। इतने कम समय में भी, हमने सभी मामलों में महत्वपूर्ण प्रगति की है। आज की स्थिति को देखते हुए, भारत-यूएई रणनीतिक सहयोग का महत्व बहुत बढ़ गया है। आने वाले समय में, हम हर क्षेत्र में साथ मिलकर आगे बढ़ेंगे।" प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का प्रभाव वैश्विक स्तर पर महसूस किया जा रहा है और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संवाद और कूटनीति ही मुद्दों को सुलझाने का सर्वोत्तम तरीका है। प्रधानमंत्री आज सुबह यूएई पहुंचे और उनका औपचारिक स्वागत किया गया। बाद में, उन्होंने यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान (जिन्हें लोकप्रिय रू से एमबीजेड के नाम से जाना जाता है) के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 से 20 मई तक संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की पांच देशों की यात्रा पर हैं। इस यात्रा का उद्देश्य ऊर्जा, रक्षा, टेक्नोलॉजी, ग्रीन ट्रांजिशन और व्यापार सहित प्रमुख क्षेत्रों में भारत की रणनीतिक और आर्थिक साझेदारियों को मजबूत करना है।

अमेरिका-चीन रिश्तों पर ट्रंप का बड़ा बयान,शी जिनपिंग से बातचीत और उपलब्धियों का दावा

 नई दिल्ली  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने अपनी बीजिंग यात्रा के आखिरी दिन यह दावा किया कि चीनी नेता शी चिनफिंग ने उन्हें कई शानदार सफलताओं पर बधाई दी है। ट्रंप ने कहा कि जब चिनफिंग ने बहुत ही शालीनता से अमेरिका को शायद एक पतनशील राष्ट्र बताया, तो उनका यह इशारा ट्रंप से पहले की जो बाइडन सरकार की तरफ था। यह स्पष्ट नहीं था कि ट्रंप चिनफिंग की किसी बंद कमरे में हुई बातचीत का हवाला दे रहे थे या उनके थ्यूसीडाइड्स ट्रैप वाले बयान का। यात्रा के पहले दिन शी चिनफिंग ने कहा था कि अमेरिका-चीन संबंधों को स्थिर करना सिर्फ दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए बहुत जरूरी है। थ्यूसीडाइड्स ट्रैप का जिक्र हालांकि, शी चिनफिंग ने सार्वजनिक तौर पर पतनशील राष्ट्र शब्द का इस्तेमाल नहीं किया था, लेकिन उन्होंने यह सवाल जरूर उठाया था कि क्या दोनों महाशक्तियां थ्यूसीडाइड्स ट्रैप से बच सकती हैं। यह एक ऐसा राजनीतिक सिद्धांत है जो बताता है कि एक उभरती हुई शक्ति और पहले से स्थापित महाशक्ति के बीच युद्ध होना तय होता है। सोशल प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक लंबी पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के पतन के बारे में शी चिनफिंग का आकलन 100% सही था। ट्रंप के अनुसार, बाइडन प्रशासन की इमिग्रेशन, जेंडर इक्वेलिटी और अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़ी नीतियों के कारण देश को अपार नुकसान उठाना पड़ा है। ट्रंप ने लिखा, "जब राष्ट्रपति शी ने बहुत ही शालीनता से अमेरिका को एक पतनशील राष्ट्र कहा, तो वह स्लीपी जो बाइडन और बाइडन प्रशासन के उन चार सालों के दौरान हुए भयानक नुकसान का जिक्र कर रहे थे। इस मामले में वह पूरी तरह सही थे।" उन्होंने आगे कहा कि खुली सीमाओं, भारी टैक्स, हर किसी के लिए ट्रांसजेंडर नीतियों, महिलाओं के खेलों में पुरुषों की भागीदारी, विविधता, समानता और समावेश, खराब व्यापार समझौतों और बढ़ते अपराध के कारण हमारे देश को बहुत नुकसान हुआ। ट्रंप ने गिनाईं अपनी उपलब्धियां ईरान और ताइवान जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भारी मतभेदों के बावजूद अमेरिकी नेता ने दावा किया कि दुनिया की दो सबसे बड़ी महाशक्तियों के बीच संबंध अच्छे हैं और लगातार बेहतर हो रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि उनके कार्यकाल के 16 शानदार महीनों के दौरान अमेरिका ने अविश्वसनीय प्रगति की है। उन्होंने शेयर बाजार के रिकॉर्ड स्तर, अपनी कथित सैन्य जीत, मजबूत जॉब मार्केट और निवेश के नए वादों का हवाला देते हुए इसे अमेरिका के पुनरुत्थान का संकेत बताया। ट्रंप ने लिखा कि राष्ट्रपति शी का इशारा अमेरिका की उस अविश्वसनीय प्रगति की ओर नहीं था जो ट्रंप प्रशासन के 16 शानदार महीनों में दुनिया ने देखी है। उन्होंने वेनेजुएला के साथ अच्छे संबंधों, ईरान के सैन्य पतन और अमेरिका में बाहरी लोगों द्वारा 18 ट्रिलियन डॉलर के रिकॉर्ड निवेश का भी जिक्र किया। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि शी चिनफिंग ने इतने कम समय में मिली इन शानदार सफलताओं के लिए उन्हें बधाई दी। उन्होंने यह स्वीकार किया कि दो साल पहले अमेरिका वास्तव में पतन की ओर था, लेकिन अब यह दुनिया का सबसे हॉट देश है। क्या है जमीनी हकीकत? हालांकि, अमेरिका-चीन संबंधों को लेकर ट्रंप का यह सकारात्मक रवैया दोनों देशों के बीच मौजूद कई कड़वी सच्चाइयों से मेल नहीं खाता है। ईरान में चल रहे संघर्ष को सुलझाने में अमेरिका ने चीन से अधिक भागीदारी की अपील की है, लेकिन बीजिंग ने सार्वजनिक तौर पर इसमें बहुत कम दिलचस्पी दिखाई है। भले ही ट्रंप ने फॉक्स न्यूज के सीन हैनिटी को दिए इंटरव्यू में दावा किया हो कि शी चिनफिंग ने मदद की पेशकश की थी। इसके अलावा, वाइट हाउस का मानना है कि मेक्सिको में जाने वाले चीनी रसायनों को रोकने के लिए चीन को अभी और कदम उठाने चाहिए, जिनका इस्तेमाल अवैध फेंटानिल ड्रग बनाने में होता है। इस ड्रग्स की वजह से अमेरिका के कई समुदाय बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।

धर्मेंद्र प्रधान का बड़ा ऐलान, NEET परीक्षा में मिलेगा एक्स्ट्रा टाइम; एडमिट कार्ड की तारीख भी तय

नई दिल्ली NEET के पेपर लीक कांड ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है और छात्रों के बीच गुस्सा देखने को मिल रहा है. इस बवाल के बीच आज पहली बार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान मीडिया ने सामने आए. प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने दो टूक कहा कि दोषियों को पाताल से भी ढूंढ निकालेंगे. हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले NTA ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर नई तारीखों की जानकारी पहले ही दे दी थी. 21 जून को छात्र दोबारा अपनी किस्मत आजमाएंगे. एडमिट कार्ड से लेकर परीक्षा केंद्रों तक की जानकारी NTA की ओर से दी जाएगी।  3 से 4 दिन के बाद लिया गया फैसला  केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि गेस पेपर लीक होने के 3 से 4 दिन का समय लिया जिसके बाद से परीक्षा रद्द की गई ताकि किसी छात्र को परेशानी का सामना न करना पड़े.उन्होंने कहा कि हम आज नई तारीख के साथ आए हैं. आज से एक महीने के बाद नई परीक्षा होगी. हमारी अप्रोच वही रहेगी. परीक्षा माफियाओं के साथ हमारी लड़ाई है. विभिन्न सोशल मीडिया हैंडल से भ्रमात्मक तथ्यों को रखा जाता है, गुमराह करने की कोशिश की जाती है जिससे बचना बेहद जरूरी है. ऐसे में सरकार ने तुरंत सीबीआई को जांच सौंपी. इस बार सीबीआई तह तक जाएगी और गड़बड़ी का पता लगाएगी. मंत्री ने कहा कि उसे एजेंसियां गंभीरता से ले रही हैं. जो भी दहशतगर्द घूम रहे हैं, आने वाले एग्जाम में वह इससे दूर रहें नहीं तो उन्हें दंड भुगतना पड़ेगा।  नई तारीख का हुआ ऐलान  हमने समय में NEET के लिए नई तारीख का ऐलान कर दिया है. जब से परीक्षा में पेपर लीक की बातें सामने आई हैं तब से हमने इसपर अपनी पैनी नजर बनाई है. इसके लिए CBI को जांच सौंपी गई थी।  हम आज नई तारीख के साथ आए हैं। आज से एक महीने के बाद नई परीक्षा होगी। हमारी अप्रोच वही रहेगी। परीक्षा माफियाओं के साथ हमारी लड़ाई है। विभिन्न सोशल मीडिया हैंडल से भ्रमात्मक तथ्यों को रखा जाता है, गुमराह करने की कोशिश की जाती है। ऐसे में सरकार ने तुरंत सीबीआई को जांच सौंपी। इस बार सीबीआई तह तक जाएगी। कहां चूक हुई है, उसे एजेंसियां गंभीरता से ले रही हैं। जो भी दहशतगर्द घूम रहे हैं, आने वाले एग्जाम में वह इससे दूर रहें नहीं तो उन्हें दंड भुगतना पड़ेगा। हम इस घटना से बहुत दुखी हैं, लेकिन एक बड़े उद्देश्य को देखते हुए हमें यह बड़ा निर्णय लेना पड़ा, ताकि अन्याय न हो सके। हमें अनेक सुझाव मिले हैं। एनटीए में जीरो-एरर हो यह हमारा दायित्व है और हम यह करके रहेंगे। एनटीए हर साल एक करोड़ बच्चों का एग्जाम कराती है। विद्यार्थियों पर कोई आर्थिक बोझ न पड़े उसका हम दायित्व लेते हैं। दोबारा एग्जाम की कोई फीस नहीं ली जाएगी। एनटीए ने तय किया है कि हम एक सप्ताह विद्यार्थियों को अपने पसंद का शहर में परीक्षा देने का अवसर देंगे।  परीक्षा में होने वाली फॉर्मेलिटीज के लिए अतिरिक्त समय दिया जाएगा। परीक्षा के लिए 2 से 5.15 तक का समय दिया जाएगा। सभी के पास 14 जून तक एडमिट कार्ड पहुंच जाएगा। भारत सरकार की ओर से हम बात करेंगे कि इस बार नीट की परीक्षा के समय विद्यार्थियों के आवागमन के बोझ को कम किया जा सके, इसकी बात करेंगे। मौसम खराब रहने पर क्या करेंगे इसकी भी हम व्यवस्था करेंगे। कोई भी अफवाह में न जाएं। राधाकृष्णन कमेटी का पूरा पालन करने के बाद भी इसमें चूक हुई है, इसमें सुधारने की हम जिम्मेदारी लेते हैं। अगले साल से नीट की परीक्षा कम्प्यूटर से होगी। दुख के साथ लिया गया फैसला  धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि हम इस घटना से बहुत दुखी हैं, लेकिन एक बड़े उद्देश्य को देखते हुए हमें ये फैसला लेना पड़ा ताकि अन्याय न हो सके. हमें अनेक सुझाव मिले हैं. एनटीए में जीरो एरर हो यह हमारा दायित्व है और हम यह करके रहेंगे. एनटीए हर साल एक करोड़ बच्चों का एग्जाम कराती है. विद्यार्थियों पर कोई आर्थिक बोझ न पड़े उसका हम दायित्व लेते हैं.  एनटीए ने तय किया है कि हम एक सप्ताह विद्यार्थियों को अपने पसंद का शहर में परीक्षा देने का मौका देंगे. उन्होंने आगे कहा कि जांच के दौरान 12 मई तक यह साफ हो गया कि गेस पेपर के नाम पर असली प्रश्नपत्र के सवाल बाहर पहुंचे थे. उन्होंने कहा कि सरकार नहीं चाहती थी कि शिक्षा माफिया की वजह से किसी ईमानदार और मेहनती छात्र का हक छीना जाए।  अगले साल से ऑनलाइन होगी एग्जाम  केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि अगले साल से नीट यूजी (NEET UG) की परीक्षा ऑनलाइन आयोजित की जाएगी जिससे पेपर लीक जैसी घटनाओं पर लगाम लगाया जा सके।  14 जून को आएगा एडमिट कार्ड  केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस दौरान बताया कि नीट यूजी 2026 के री-एग्जाम के एडमिट कार्ड 14 जून तक जारी कर दिए जाएंगे. इसके अलावा छात्रों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। 

Bhojshala मामले में हाई कोर्ट का अहम निर्णय, मंदिर परिसर घोषित; मुस्लिम पक्ष को अलग भूमि मिलेगी

धार. मध्य प्रदेश के धार जिले स्थित भोजशाला परिसर को लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। मामले में जज ने फैसला पढ़ते हुए भोजशाला परिसर को मंदिर माना है। कोर्ट के फैसले में परिसर को मां वाग्देवी के मंदिर के रूप में माना गया है। कोर्ट ने कहा कि मुस्लिम पक्ष को अलग से जमीन दी जाएगी। फैसले के बाद धार जिले में सुरक्षा बढ़ी फैसले के बाद धार जिले में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरी तरह सतर्क और हाई अलर्ट पर हैं। मामले पर फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने अंतरसिंह की याचिका खारिज कर दी, जिन्होंने कोर्ट से मांग की थी कि दोनों पक्षों में सौहार्द बना रहे, इस तरह की व्यवस्था का आदेश दिया जाए। मंदिर पक्ष के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने इस फैसले के बाद अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हिंदुओं को पूजा का अधिकार मिला। भोजशाला का फैसला हिंदू पक्ष में आते ही इंदौर के हाईकोर्ट गेट 3 के सामने समर्थकों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया। कड़ी सुरक्षा में हुई नमाज धार की ऐतिहासिक भोजशाला में शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच में नमाज हुई। शांतिपूर्ण तरीके से नमाज हो चुकी है और अधिकांश मुस्लिम अपने इलाकों में पहुंच चुके हैं। प्रशासन ने बीती रात से ही अधिक मात्रा में पुलिस बल बुला लिया था। दूसरी ओर अब भोजशाला के बाहर ज्योति मंदिर पर बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोग एकत्रित हो रहे हैं। युगल पीठ ने सुरक्षित रख लिया था फैसला इससे पहले छह अप्रैल से चली नियमित सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति आलोक कुमार अवस्थी और न्यायमूर्ति वीके शुक्ला की युगल पीठ ने बीती 12 मई को फैसला सुरक्षित रख लिया था। मस्जिद पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद के साथ ही अरशद वारसी और शोभा मेनन ने पक्ष रखा था। मंदिर पक्ष की ओर से विष्णु शंकर जैन और मनीष गुप्ता ने तर्क प्रस्तुत किए थे। फैसले से पहले आइसक्रीम पार्टी आयोजित महत्वपूर्ण फैसला आने से ठीक पहले हाई कोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा एक आइसक्रीम पार्टी आयोजित की गई है। गौरतलब है कि हाई कोर्ट में हर साल ग्रीष्म अवकाश शुरू होने के ठीक पहले अंतिम कार्य दिवस पर अभिभाषक संघ द्वारा आइसक्रीम पार्टी आयोजित की जाती है। हाई कोर्ट और जिला कोर्ट में ग्रीष्म अवकाश शनिवार से शुरू हो रहे हैं, जो लगभग एक माह के होंगे। अवकाश में आपराधिक और अर्जेंट मामलों की सुनवाई हो सकेगी। क्या है पूरा विवाद? यह विवाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (एएसआई) संरक्षित भोजशाला परिसर के धार्मिक स्वरूप को लेकर है। हिंदू पक्ष इसे मां सरस्वती का मंदिर और प्राचीन विद्या केंद्र मानता था, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद बताता था। वहीं जैन समुदाय के एक पक्ष का दावा था कि यह मध्यकालीन जैन मंदिर और गुरुकुल था। चार साल से चल रही थी सुनवाई दरअसल, हिंदू पक्ष की ओर से हाई कोर्ट में एक याचिका दायर कर भोजशाला को मंदिर घोषित करने तथा हिंदू समाज को वर्षभर 24 घंटे पूजा-अर्चना का अधिकार देने की मांग की गई थी। इस मामले में पिछले चार वर्षों से सुनवाई चल रही थी।

इंतजार खत्म! 21 जून को आयोजित होगी NEET परीक्षा, छात्रों के लिए नया अपडेट जारी

नई दिल्ली  नीट परीक्षा की नई तारीखें जारी हो गई हैं। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने नीट-री एग्जाम की नई डेट घोषित कर दी हैं। मेडिकल कॉलेज में एडमिशन के लिए देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षा नीट कैंसिल होने के बाद लाखों स्टूडेंट्स निराश और नाराज आए। पेपर कैंसिल होने के बाद उनके दिमाग में एक ही सवाल बार-बार आ रहा था कि अब नीट की परीक्षा फिर से कब होगी? इसका जवाब आ गया है। एनटीए नीट का री-एग्जाम 21 जून को आयोजित करेगा। इसकी ऑफिशियल जानकारी आ गई है। एनटीए ने हाल ही में नीट परीक्षा को लेकर आधिकारिक जानकारी दी है। जिसमें बताया गया है कि भारत सरकार की स्वीकृति से NEET (UG) 2026 की पुन: परीक्षा, रविवार 21 जून 2026 को आयोजित करने का फैसला किया गया है। ऐसे में अब स्टूडेंट्स के पास फिर से परीक्षा की तैयारी करने का एक महीने से ज्यादा का समय है। परीक्षा के लिए छात्रों के एडमिट कार्ड फिर से जारी किए जाएंगे। इस बार पेपर को लेकर सुरक्षा के पूरे इंतजार किए जाएंगे। नई तारीख और समय  मेडिकल की पढ़ाई करने का सपना देख रहे लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है. NTA की ओर से जारी ऑफिशियल सोर्स के मुताबिक, पूरे देश में 21 जून को परीक्षा का आयोजन किया जाएगा. छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अब अपनी तैयारी को अंतिम रूम देना शुरू कर दें।  अफवाहों से सावधान रहने की सलाह  पोस्ट में NTA ने छात्रों और अभिभावकों के लिए एक विशेष अपील भी की है. ऐजेंसी ने कहा कि सोशल मीडिया पर परीक्षा को लेकर लगातार चल रही खबरों पर ध्यान न दें. केवल ऑफिशियल वेबसाइट या चैनलों पर दी गई जानकारी पर भरोसा करें. किसी भी अनाधिकारिक लिंक या मैसेज के जरिए साझा की गई सूचना को सच न मानें।  ले सकते हैं हेल्पलाइन नंबर की मदद  अगर किसी भी छात्र को अपनी परीक्षा, केंद्र या एडमिट कार्ड से जुड़ी किसी भी परेशानी है तो वे सीधे NTA से संपर्क कर सकते हैं. इसके लिए आधिकारिक ईमेल और फोन नंबर के जरिए मदद ले सकते हैं. इसके लिए ईमेल आईडी और हेल्पलाइन नंबर दिया गया है।  ईमेल- neet-ug@nta.ac.in हेल्पलाइन नंबर-   011-40759000 और 011-69227700 

भारत-UAE संबंधों में बड़ा कदम,रक्षा, ऊर्जा और निवेश पर अहम समझौते

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपने पांच देशों के विदेशी दौरे के पहले चरण में UAE की राजधानी अबू धाबी पहुंचे. एयरपोर्ट पर उतरते ही प्रधानमंत्री का भव्य स्वागत किया गया. पीएम मोदी के विमान के अबू धाबी की धरती पर उतरते ही वहां के उच्च अधिकारियों ने उनका वेलकम किया की. इस मौके पर पीएम मोदी को 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया गया. अबू धाबी में यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान ने पीएम मोदी से मुलाकात की. इस दौरान पीएम मोदी ने यूएई के साथ ऊर्जा सहयोग पर चर्चा की और यूएई का धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा, 'भारतीयों की मदद के लिए यूएई का आभार. हम हर क्षेत्र में साथ मिलकर आगे बढ़ेंगे. भारत शांति, स्थिरता और सहयोग के लिए तैयार है.' प्रधानमंत्री ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोले जाने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि भारत यूएई के साथ खड़ा है और खड़ा रहेगा. पीएम मोदी ने यूएई को हर मुमकिन मदद का भरोसा दिलाया. उन्होंने कहा कि यूएई ने संयम का परिचय दिया है. 'UAE पर हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हैं…' पीएम मोदी मे आगे कहा, 'हम UAE पर हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हैं. जिस तरह से UAE को निशाना बनाया गया है, वो किसी भी तरह से मंजूर नहीं है, देश की एकता, सुरक्षा और इलाके की एकता बनाए रखने के लिए आपके उठाए गए कदमों का हम स्वागत करते हैं. इस मुश्किल समय में UAE में रहने वाले भारतीय लोगों की जिस तरह से देखभाल की गई, जिस तरह से उन्हें अपने परिवार के सदस्यों जैसा माना गया, उसके लिए मैं UAE सरकार, आपका और रॉयल फैमिली का दिल से शुक्रिया अदा करता हूं.' भारत-UAE के बीच अहम समझौते पीएम मोदी ने आगे कहा, 'पश्चिम एशिया संकट का पूरी दुनिया पर असर हो रहा है और भारत जल्द से जल्द शांति चाहता है.'  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यूएई यात्रा भारत के लिए बड़ी उपलब्धियां भी लेकर आई है. इस दौरान दोनों देशों के बीच कई अहम समझौतों पर मुहर लगी है. भारत और यूएई के बीच 'सामरिक रक्षा साझेदारी' समझौता हुआ है, जिससे दोनों देशों के सैन्य संबंध और मजबूत होंगे रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व और LPG की सप्लाई को लेकर भी अहम सहमति बनी है. गुजरात के वाडिनार में 'शिप रिपेयर क्लस्टर' स्थापित करने के लिए एक MoU पर हस्ताक्षर किए गए हैं. इसके अलावा, भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र के साथ-साथ RBL बैंक और 'सम्मान कैपिटल' में कुल 5 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की घोषणा की गई है. यूएई के राष्ट्रपति का पीएम मोदी ने जताया आभार पीएम मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति नहयान के साथ अपनी एक तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर की है. इसके साथ कैप्शन में उन्होंने लिखा, 'मैं अपने भाई, यूएई के प्रेसिडेंट, हाइनेस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान को अबू धाबी एयरपोर्ट पर मेरा स्वागत करने के लिए धन्यवाद देता हूं. मैं एनर्जी, इन्वेस्टमेंट, सप्लाई चेन जैसे खास सेक्टर में भारत और UAE के बीच रिश्तों को मजबूत करने के मकसद से हमारी बातचीत का इंतजार कर रहा हूं.'

NEET UG बड़ा बदलाव: रि-एग्जाम के बाद परीक्षा होगी ऑनलाइन, NTA का नया सिस्टम लागू

नई दिल्ली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET UG 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद अब पुनर्परीक्षा की नई तारीख घोषित कर दी है. एजेंसी के अनुसार, परीक्षा अब 21 जून 2026 को आयोजित की जाएगी. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए NTA ने कहा कि भारत सरकार की मंजूरी के बाद दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया है. साथ ही अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों से अपील की गई है कि वे किसी भी जानकारी के लिए केवल NTA की आधिकारिक वेबसाइट पर ही भरोसा करें. OMR शीट की जगह ऑनलाइन होगी परीक्षा इस बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रेस कांफ्रेंस में मीडिया के आगे कई बातें साफ कीं. सबसे पहले उन्होंने बताया कि पेपर लीक के इस प्रकरण को देखते हुए अगले साल से NEET  की परीक्षा पूरी तरह से कंप्यूटर बेस्ड और ऑनलाइन होगी. ओएमआर शीट की जगह छात्रों को कंप्यूटर के सामने बैठाया जाएगा जिससे पारदर्शिता रहे. धर्मेंद्र प्रधान ने कहा-  एनटीए ने NEET UG की नई तारीख की घोषणा कर दी है. 21 जून को पुनर्परीक्षा होगी. हमारी प्राथमिकता छात्रों का भविष्य है. उन्होंने कहा- इससे पहले 3 मई को परीक्षा हुई थी और 7 मई तक एनटीए के  कंपलेंट सिस्टम में कुछ चिंताएं उठाई गईं और आंतरिक जांच भी हुई.  फिर मामला संबंधित एजेंसियों को सौंप दिया गया, जिसमें कई राज्य शामिल थे. इस केस में 12 मई तक स्थिति स्पष्ट हो गई थी.  हमें 12 मई तक पता चला कि शिक्षा माफियाओं के माध्यम से गेस पेपर जारी हुए थे जो परीक्षा में आए पेपर से मेल खा रहे थे. 21 जून को रि-एग्जाम, 14 जून को एडमिट कार्ड उन्होंने आगे कहा- हम छात्रों के भविष्य से समझौता नहीं करना चाहते. इसलिए हमने परीक्षा के लिए नई तारीख 21 जून तय की है . इसके लिए 14 जून को एडमिट कार्ड जारी हो जाएंगे. अनियमितताओं के प्रति हमारी ज़ीरो टॉलरेंस नीति है. सीबीआई की कार्रवाई और परीक्षा माफियाओं के खिलाफ लड़ाई शुरू हो चुकी है 'किसी माफिया को नहीं छीनने देंगे सीट' उन्होंने कहा- राधाकृष्ण समिति की सिफारिशों का पालन करने के बावजूद यह उल्लंघन कैसे हुआ? ऐसे में सरकारी मशीनरी यह सुनिश्चित करेगी कि इस बार कोई अनियमितता न हो. हम किसी भी माफिया को पैसों के बल पर आपकी सीट छीनने नहीं देंगे. मंत्री के रूप में, अभिभावक के रूप में, अधिकारी के रूप में – हमें यह कठिन निर्णय लेना पड़ा. हमें सुधारों के लिए कई सुझाव मिले हैं. 'री-एग्जाम के लिए कोई फीस नहीं, सेंटर भी पसंद का' प्रधान ने कहा-  एनटीए का गठन सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार हुआ था और वह बहुत ही सक्षम नेतृत्व में है. प्रत्येक वर्ष 1 करोड़ उम्मीदवार एनटीए परीक्षाओं में शामिल होते हैं. एनईईटी परीक्षा रद्द होने के दिन एनटीए ने दो निर्णय लिए- सबसे पहले तो एनईटी स्नातक परीक्षा शुल्क वापस किया जाएगा, दूसरा पुनर्परीक्षा के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा. इसको लेकर एनटीए शाम तक एक और सूचना जारी करेगा. उन्होंने बताया कि उम्मीदवारों को री- एग्जाम में शामिल होने के लिए अपनी पसंद का शहर चुनने का अवसर मिलेगा. इसके लिए एक सप्ताह का समय दिया जाएगा. ओएमआर शीट में छात्रों का विवरण भरने के लिए 15 मिनट एक्सट्रा दिए जाएंगे. 'अफवाहों पर विश्वास न करें छात्र' प्रधान ने कहा कि इसके अलावा मैं उम्मीदवारों के परिवहन को सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकारों से बात करूंगा. चुंकी जून की परीक्षा में मानसून रहेगा, हम खराब मौसम के प्रभाव पर विचार कर रहे हैं. छात्रों से अपील है कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें. आखिर में प्रधान ने कहा- पूरे केस में सीबीआई गहन जांच कर रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा  

पेट संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए संजीवनी बनी भगवंत मान सरकार की सेहत योजना

चंडीगढ़  पंजाब भीषण गर्मी और गैस्ट्रोएंटेराइटिस तथा डिहाइड्रेशन के बढ़ते मामलों की मार झेल रहा है, ऐसे में भगवंत मान सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ हज़ारों परिवारों के लिए मज़बूत सहारा बनकर उभरी है. तेज़ गर्मी का असर अब केवल खेतों और सड़कों तक सीमित नहीं है, बल्कि अस्पतालों के वार्डों तक पहुंच गया है, जहां डिहाइड्रेशन और पेट संक्रमण के कारण बड़ी संख्या में मरीज़ इलाज के लिए पहुंच रहे हैं. हालांकि, बढ़ती बीमारी के बीच पूरे राज्य में कई परिवारों को मुख्यमंत्री सेहत योजना के माध्यम से कैशलेस इलाज से राहत मिल रही है।  जनवरी से अप्रैल तक मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत 3,279 गंभीर मामलों में कैशलेस उपचार प्रदान किया गया, जिसमें केवल गैस्ट्रो और पेट संबंधी बीमारियों पर ₹73.42 लाख ख़र्च किए गए. सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में पेट संक्रमण, उल्टी, कमज़ोरी और गंभीर डिहाइड्रेशन से पीड़ित मरीज़ों की संख्या लगातार बढ़ रही है. योजना के उपचार रिकॉर्ड के अनुसार अप्रैल महीने में ही 1,400 से अधिक मरीज़ों ने डिहाइड्रेशन से जुड़ी गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याओं का इलाज करवाया।  इन मामलों में मॉडरेट डिहाइड्रेशन के साथ तीव्र गैस्ट्रोएंटेराइटिस के मरीज़ सबसे अधिक रहे, जिनकी संख्या 1,050 से अधिक रही. लगभग 115 मरीज़ गंभीर डिहाइड्रेशन से पीड़ित थे, जबकि 250 से अधिक मरीज़ों को बार-बार उल्टी के कारण शरीर में द्रव की कमी और अत्यधिक थकान के चलते अस्पताल में भर्ती करना पड़ा।  गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज, फरीदकोट के बाल रोग विभाग के प्रोफ़ेसर एवं प्रमुख डॉ. शशि कांत धीर के अनुसार अत्यधिक गर्मी पेट संक्रमण के मामलों में वृद्धि कर रही है. उन्होंने कहा,“तेज़ गर्मी में भोजन जल्दी ख़राब हो जाता है और दूषित पानी तथा अस्वच्छ खानपान बीमारियों के खतरे को बढ़ाते हैं.” उन्होंने आगे कहा,”मरीज़ अक्सर दस्त, पेट दर्द, उल्टी, चक्कर और बुखार जैसी शिकायतें लेकर अस्पताल पहुंचते हैं. गंभीर स्थिति में देरी से इलाज मिलने पर रक्तचाप गिरने, किडनी संबंधी जटिलताओं और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन से मानसिक भ्रम जैसी समस्याएँ भी हो सकती हैं।  जहां बुजुर्गों में इस मौसम में रिकवरी धीमी होती है और जल धारण क्षमता भी कम होती है. वहीं डॉ. शशि कांत धीर ने चेतावनी देते हुए कहा,” बच्चे भी तेज़ी से डिहाइड्रेशन का शिकार हो जाते हैं. बच्चों में उल्टी और दस्त के कारण तरल पदार्थ तेज़ी से कम हो जाता है.” आंकड़ों के अनुसार इस गर्मी के स्वास्थ्य संकट का सबसे अधिक प्रभाव वरिष्ठ नागरिकों पर पड़ा है. अप्रैल में 1,290 से अधिक बुजुर्गों ने इस योजना के तहत इलाज करवाया, जबकि लगभग 120 बच्चे उपचार प्राप्त कर चुके हैं।  होशियारपुर जिला सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहां केवल मॉडरेट डिहाइड्रेशन के साथ तीव्र गैस्ट्रोएंटेराइटिस से पीड़ित 250 से अधिक बुज़ुर्ग मरीज़ों का इलाज किया गया. जालंधर में भी इसी श्रेणी के तहत 100 से अधिक मामले दर्ज हुए. पटियाला, लुधियाना, रूपनगर, बरनाला, संगरूर, बठिंडा और शहीद भगत सिंह नगर में भी समान प्रवृत्ति देखी गई।  वहीं श्री मुक्तसर साहिब, पठानकोट, फतेहगढ़ साहिब और गुरदासपुर जिलों में उल्टी और डिहाइड्रेशन के कई मामले सामने आए, जिनमें कई मरीज़ों को तुरंत अस्पताल में भर्ती करना पड़ा. हालाँकि,असंख्य परिवारों के लिए सबसे बड़ी राहत केवल इलाज ही नहीं बल्कि आर्थिक बोझ से मुक्ति भी रही है. मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत पात्र नागरिकों को बिना किसी ख़र्च के जाँच, दवाइयाँ, आईवी फ्लूड, हाइड्रेशन थेरेपी और अस्पताल में इलाज उपलब्ध करवाया जा रहा है।  अधिकारियों के अनुसार, सेहत कार्ड ने लोगों को अधिक ख़र्च के डर से इलाज में देरी करने के बजाय समय पर चिकित्सा सहायता लेने के लिए प्रोत्साहित किया है. यह विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण साबित हुआ है, जिनमें से कई परिवार पहले स्थिति गंभीर होने तक अस्पताल जाने में देरी करते थे।  डॉ. शशि कांत धीर ने सलाह दी कि, “बच्चों के माता-पिता को गर्मियों के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए, जैसे कि बच्चों को पर्याप्त पानी देना, हल्के सूती कपड़े पहनाना, दोपहर की तेज़ धूप से बचाना और घर का बना ताज़ा भोजन देना.” उन्होंने यह भी आग्रह किया कि यदि बच्चों में बुखार, उल्टी, सुस्ती या डिहाइड्रेशन जैसे लक्षण दिखाई दें तो माता-पिता तुरंत चिकित्सा सहायता लें।  इस समय जब राज्य में मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ रहा है, ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ केवल एक कल्याणकारी योजना नहीं रह गई है. भीषण गर्मी से जूझ रहे कई पंजाबी परिवारों के लिए यह समय पर इलाज और स्वास्थ्य सेवा की एक महत्त्वपूर्ण गारंटी बन गई है, जिससे उपचार के दौरान आर्थिक बोझ का डर नहीं रहता। 

आम आदमी पर फिर बढ़ा बोझ, MP में पेट्रोल-डीजल महंगा; भोपाल-इंदौर के ताजा भाव जारी

भोपाल  विश्व संकट और ईरान-अमेरिका के बीच युद्द के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी हुई है। लेकिन, अब इसका असर  भारत में भी दिखना शुरू हो गया है। दरअसल, आज यानी 15 मई से देशभर में पेट्रोल व डीजल की कीमतों में इजाफा हुआ है। पेट्रोल पर 3.14 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 3.11 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। वहीं, इंदोर और भोपाल में पेट्रोल व डीजल 3-3 रूपए मंहगा हुआ है। इसके चलते आमजनजीवन को एक बार फिर मंहगाई की मार झेलनी पड़ रही है। इंदौर और भोपाल में पेट्रोल-डीजल की कीमतें एमपी के भोपाल और इंदौर में भी पेट्रोल व डीजल के दामों में बढ़ोतरी की गई है। यहां 3-3 रूपए की कीमत से पेट्रोल और डीजल मंहगा हुआ है। इंदौर में पेट्रोल की कीमत ₹106.58 प्रति लीटर से बढ़ाकर ₹109.58 प्रति लीटर कर दी गई है। वहीं, डीजल की कीमत ₹91.97 प्रति लीटर से बढ़ाकर ₹94.97 प्रति लीटर की गई है। भोपाल में पेट्रोल 106.68 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 109.82 रुपये प्रति लीटर हो गया है। वहीं, डीजल की कीमत 91.87 रुपये प्रति लीटर थी, जो अब 94.98 रुपये हो गई है। क्यों बढ़ रहे हैं दाम? ईंधन की कीमतों में इस अचानक उछाल की मुख्य वजह मिडिल ईस्ट संकट के कारण सप्लाई चेन में आई बाधा को माना जा रहा है। कच्चा तेल (Crude Oil) महंगा होने की वजह से घरेलू तेल कंपनियों ने इस बढ़े हुए बोझ को उपभोक्ताओं पर डालना शुरू कर दिया है। 15 मई से लागू हुए इन दामों ने आम जनता के घर का बजट बिगाड़ दिया है, खासकर उन लोगों के लिए जो रोजाना लंबी दूरी का सफर तय करते हैं।

पब्लिक ट्रांसपोर्ट, कार पूलिंग और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे विकल्प अपनाकर आत्मनिर्भरता अभियान को मजबूती देना हर नागरिक का दायित्व: सीएम

पश्चिम एशिया संकट से निपटने के लिए निभानी होगी सामूहिक जिम्मेदारी: सीएम योगी टाइम्स ऑफ इंडिया के "9 डिफाइनिंग इयर्स ऑफ ट्रांसफॉर्मिंग यूपी" कॉन्क्लेव को संबोधित किया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट, कार पूलिंग और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे विकल्प अपनाकर आत्मनिर्भरता अभियान को मजबूती देना हर नागरिक का दायित्व: सीएम प्रधानमंत्री की अपील को पूरी गंभीरता से पढ़कर, समझकर और चिंतन-मनन के बाद ही निष्कर्ष निकालना चाहिए: मुख्यमंत्री देश रहेगा तो हम सब रहेंगे, प्रदेश सुरक्षित रहेगा तो हम सब सुरक्षित रहेंगे और देश समृद्ध होगा तो हम सब भी समृद्धि की ओर अग्रसर होंगे: योगी आदित्यनाथ हजार वर्षों के आक्रमणों, अत्याचारों और शोषण के बावजूद भारत अपने अस्तित्व और संस्कृति को बचाने में सफल रहा विकास केवल लखनऊ, वाराणसी या गोरखपुर तक सीमित नहीं, सभी 75 जनपदों और 58,000 ग्राम पंचायतों में समान विकास लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिस तरह कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी के दौरान देशवासियों ने एकजुट होकर संकट का सामना किया था, पश्चिम एशिया में उत्पन्न परिस्थितियों के बीच उसी सामूहिक जिम्मेदारी और राष्ट्रीय भावना के साथ आगे बढ़ने की आवश्यकता है। यह वैश्विक संकट है, जिसका असर ईंधन, खाद्य व उर्वरक आपूर्ति पर पड़ सकता है। ऐसे समय हर नागरिक का दायित्व बनता है कि वह पब्लिक ट्रांसपोर्ट और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे विकल्पों को अपनाकर देश के आत्मनिर्भरता अभियान को मजबूती दे। मुख्यमंत्री गुरुवार को लखनऊ के होटल ताज में टाइम्स ऑफ इंडिया के "9 डिफाइनिंग इयर्स ऑफ ट्रांसफॉर्मिंग यूपी" कॉन्क्लेव को संबोधित कर रहे थे। संकट के समय देशहित सर्वोपरि मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी की अपील का उल्लेख करते हुए ईंधन की बचत के लिए रिन्यूएबल एनर्जी, वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों, कार पूलिंग, मेट्रो, इलेक्ट्रिक व्हीकल और शटल बस जैसी व्यवस्थाओं को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने 7700 से अधिक गोआश्रय स्थलों में संरक्षित 15 लाख से अधिक गोवंश के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में गोबर गैस प्लांट आधारित सामूहिक किचन मॉडल विकसित करने की बात कही, जिससे एलपीजी पर निर्भरता कम हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट के समय देशहित सर्वोपरि होना चाहिए। हर नागरिक का दायित्व है कि वह राष्ट्र के साथ खड़ा होकर अपना योगदान दे। उन्होंने अधूरी जानकारी के आधार पर नकारात्मक टिप्पणी करने वालों को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की अपील को पूरी गंभीरता से पढ़कर, समझकर और चिंतन-मनन के बाद ही निष्कर्ष निकालना चाहिए। देश रहेगा तो हम सब रहेंगे, प्रदेश सुरक्षित रहेगा तो हम सब सुरक्षित रहेंगे और देश समृद्ध होगा तो हम सब भी समृद्धि की ओर अग्रसर होंगे। बालिग होती पीढ़ी को सही जानकारी देना आवश्यक मुख्यमंत्री ने कहा कि बालिग होती पीढ़ी को उत्तर प्रदेश के बारे में सही जानकारी देना आवश्यक है। 500 से 1500 वर्ष पूर्व तक भारत की विश्व अर्थव्यवस्था में हिस्सेदारी 44-45 प्रतिशत थी, कारण था जीवन के हर क्षेत्र में सामूहिकता, समन्वय और परस्पर सहयोग। भारत के पास दुनिया की सर्वश्रेष्ठ भूमि और जल संसाधन थे। विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग प्रकार की परंपरागत खेती होती थी। खाद्य सुरक्षा के साथ-साथ मैन्युफैक्चरिंग और हस्तशिल्प का भी उत्कृष्ट तंत्र विकसित था। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों का जाल फैला हुआ था। भारतीय कारीगर और व्यापारी विश्व बाजार तक अपनी वस्तुओं को पहुंचाते थे। खेती, मैन्युफैक्चरिंग और पर्यटन की व्यापक संभावनाओं के कारण भारत विश्व की आर्थिक महाशक्ति बना। आक्रमणों के बावजूद भारत अस्तित्व बचाने में सफल मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया में आज जो आर्थिक समृद्धि दिखाई दे रही है, उसकी जड़ें मात्र 400-500 वर्ष पुरानी हैं, जबकि भारत में यह समृद्धि इससे बहुत पहले विद्यमान थी। लेकिन जब हमने अपने संसाधनों, ज्ञान और नवाचार पर विश्वास करना छोड़ दिया, रिसर्च एवं डेवलपमेंट को उपेक्षित किया तो हम पिछड़ते गए। उस समय तीर्थयात्रा पर्यटन का प्रमुख रूप थी। केदारनाथ में जलाभिषेक के लिए रामेश्वरम का जल और रामेश्वरम में अभिषेक के लिए गंगोत्री का जल ले जाने की परंपरा उत्तर और दक्षिण को जोड़ती थी। द्वादश ज्योतिर्लिंग और चार धाम पूरे देश को एक सूत्र में बांधते थे। जीवन इस तरह व्यवस्थित था कि कोई किसी पर बोझ न बने। यही कारण था कि भारत विश्व गुरु बना। हजार वर्षों के आक्रमणों, अत्याचारों और शोषण के बावजूद भारत अपने अस्तित्व और संस्कृति को बचाए रखने में सफल रहा, जो दुनिया में कम  ही देखने को मिलता है। 2017 से पहले उत्तर प्रदेश को बना दिया था प्रश्न प्रदेश मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की स्थिति बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को प्रश्न प्रदेश बना दिया गया था। युवाओं के सामने पहचान का संकट था, व्यापारी पलायन कर रहे थे, किसान आत्महत्या कर रहे थे, त्योहारों के समय दंगे-फसाद होते थे, गुंडागर्दी और माफिया राज था। भाई-भतीजावाद, भ्रष्टाचार और सरकारी उदासीनता चरम पर थी। बिजली, सड़क, सिंचाई और बाजार की कोई व्यवस्था नहीं थी। परंपरागत उद्यम बंद हो रहे थे। इसी निराशा और अराजकता के माहौल में 2017 में जनता ने प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार को आशीर्वाद दिया। सरकार बनते ही हमने पहले एक महीने तक केवल मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ शाम छह बजे से रात बारह बजे तक बैठक की। हर विभाग का प्रेजेंटेशन लिया गया और कार्ययोजना तैयार की गई। खजाना खाली था, कर्मचारियों के वेतन के लिए भी पैसे नहीं थे, लेकिन हमने स्पष्ट नीति बनाई कि कोई भाई-भतीजावाद नहीं, कोई क्षेत्रवाद नहीं, कोई परिवारवाद नहीं। आज उत्तर प्रदेश में विकास केवल लखनऊ, वाराणसी या गोरखपुर तक सीमित नहीं है। सभी 75 जनपदों और 58,000 ग्राम पंचायतों में समान विकास हो रहा है। सभी जगह एक समान बिजली पहुंच रही है। अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति सख्ती से लागू है। भ्रष्टाचार पर भी जीरो टॉलरेंस है। बीमारू से भारत की विकास यात्रा का इंजन बना उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री ने कहा कि एक्सप्रेसवे में यूपी का हिस्सा देश का 60 प्रतिशत है। पूर्वांचल, बुंदेलखंड और गंगा एक्सप्रेसवे बन चुके हैं। भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट जेवर (नोएडा) बनकर तैयार है और 15 जून से उड़ानें शुरू हो रही हैं। देश की पहली रैपिड रेल दिल्ली-मेरठ के बीच चल रही है। राष्ट्रीय जल मार्ग सक्रिय हैं। फोर-लेन सड़कों और अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी का जाल बिछा है। कृषि वृद्धि दर 8 से बढ़कर 18 … Read more