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CM का संदेश: पंजाब में हो रही घटनाओं से सतर्क रहें, फिरकू पार्टियों से दूरी बनाएं

जालंधर  जालंधर सेंट्रल से शुकराना यात्रा शुरू करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा बेअदबी मामले में अगर कोई मानसिक रोगी होता है तो उसके परिजनों पर मामला दर्ज किया जाएगा, उन्होंने कहा ऐसा नहीं है कि घर से किसी रोगी को सीखा कर बेअदबी के लिए बाहर भेज दो और खुद इसे दूर हो ऐसे मामलों में परिजनों पर मामला दर्ज होगा बेअदबी कानून बनने के बाद बुधवार को श्री आनंदपुर साहिब से शुकराना यात्रा शुरू कर भगवंत मान रात को जालंधर पहुंचे। वीरवार की सुबह आठ बजे वे जालंधर सेंट्रल हलके के वरिंदर सिंह घुम्मण पार्क में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे, जिसके बाद वे आदमपुर में नुक्कड़ सभा में हिस्सा लेंगे। उसके बाद वे अपनी शुकराना यात्रा के अगले पड़ाव के तहत अमृतसर के रास्ते बठिंडा जिले के तलवंडी साबो स्थित तख्त श्री दमदमा साहिब के लिए रवाना होंगे। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को खालसा पंथ की जन्मस्थली श्री आनंदपुर साहिब से राज्यव्यापी शुकराना यात्रा की शुरुआत की थी। मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस और आनंदपुर साहिब लोकसभा क्षेत्र से सांसद मलविंदर सिंह कंग भी मौजूद रहे। यात्रा शुरू करने से पहले मुख्यमंत्री ने तख्त श्री केसगढ़ साहिब में माथा टेककर आशीर्वाद लिया था। यह यात्रा पंजाब सरकार द्वारा हाल ही में लागू किए गए “जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार कानून संशोधन 2026” के लागू होने के बाद निकाली जा रही है। सरकार का कहना है कि इस नए कानून का उद्देश्य श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूपों की बेअदबी रोकना और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना है। इसी को लेकर सरकार ने इसे श्रद्धा और धन्यवाद से जुड़ी “शुकराना यात्रा” का नाम दिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अब मानसिक रोगी होने का बहाना नहीं चलेगा और ऐसे मामलों में दोषियों के संरक्षकों पर भी कार्रवाई होगी। उन्होंने नशे के खिलाफ कड़े रुख और पंजाब की अटूट भाईचारक सांझ पर जोर देते हुए विरोधियों द्वारा नफरत फैलाने की कोशिशों की निंदा की और वादा किया कि वे एक परिवार के मुखिया की तरह पंजाब के निवासी के हितों की रक्षा करेंगे। सीएम ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी पूरी मानवता के भले की बात करते हैं। वो एक समुदाय के नहीं बल्कि दुनिया के गुरु हैं। उनकी बेअदबी हो और बंदे जो बच कर निकल जाएं यह दिलों को बहुत ठेस पहुंचाता था। मैं अक्सर कहता हूं कि पंजाब की धरती बहुत उपजाऊ है। यहां हर किस्म का बीज उग पड़ता है, लेकिन नफरत का बीज यहां कभी नहीं उगता। पंजाब में बलास्ट बीजेपी की एंट्री के संकेत इस दौरान उन्होंने बीजेपी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि फिरकू पार्टियों से बचना चाहिए। बीजेपी और अकाली दल वाले लड़ाते हैं लोगों को आपस में। ये धर्म के नाम पर लड़ा कर वोटें लेते हैं। ये जो कल-परसों जालंधर-अमृतसर में छोटे-मोटे ब्लास्ट हुए हैं, ये बीजेपी की एंट्री के संकेत हैं। कहते हैं कि आ गए हम। बंगाल जीतने के बाद कहते हैं कि बंगाल सरकार हमारी है, अब पंजाब की बारी है। ये जहां जाते हैं वहां लड़ाइयां कराते हैं। ये हिंदू-सिख को लड़ाना चाहते हैं पर हम नहीं लड़ते। नितिन कोहली बोले-बेअदबी कानून से व्यवस्था सुधरेगी सीएम मान की शुकराना यात्रा में उमड़े जनसैलाब और उनके द्वारा बनाए गए बेअदबी कानून पर प्रतिक्रिया देते हुए सेंट्रल हलके से आप इंचार्ज नितिन कोहली ने कहा कि इसमें सभी धर्मों और वर्गों के लोग शामिल हुए हैं। आप सरकार ने बेअदबी के खिलाफ जो सख्त कानून बनाया है, उससे समाज में कानून-व्यवस्था की स्थिति सुधरेगी। यह सरकार का सबसे बेहतरीन प्रयास है, जिससे आने वाले समय में सभी समुदाय मिल-जुलकर रहेंगे और पंजाब की खुशहाली व भाईचारा हमेशा कायम रहेगा। कैबिनेट मंत्री भगत बोले- लोगों की मांग पूरी की इस मौक मंत्री मोहिंदर भगत ने कहा कि मान सरकार ने बेअदबी के खिलाफ कानून बनाकर जनता की पुरानी मांग को पूरा किया है। आज जालंधर से शुरू होकर अमृतसर जाने वाली इस यात्रा में भारी जनसैलाब उमड़ा है, जो मुख्यमंत्री और नेशनल कन्वीनर अरविंद केजरीवाल का धन्यवाद करने पहुंचा है। लोगों का मानना है कि इस ऐतिहासिक कानून के बनने से उनकी भावनाओं का सम्मान हुआ है। सरकार ने लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखा मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब सरकार श्री गुरु ग्रंथ साहिब की गरिमा और सम्मान की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लोग बेअदबी की घटनाओं पर सख्त कानून की मांग कर रहे थे और अब सरकार ने लोगों की भावनाओं के अनुसार कदम उठाया है।

प्रयागराज में रक्षा त्रिवेणी संगम की थीम पर नॉर्थ टेक सिम्पोजियम-2026 के समापन समारोह में सम्मिलित हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

‘नेशन फर्स्ट’ हर नागरिक के लिए भी मार्गदर्शक सिद्धांत, क्योंकि राष्ट्र से बढ़कर कुछ नहीं: मुख्यमंत्री प्रयागराज में "रक्षा त्रिवेणी संगम" की थीम पर नॉर्थ टेक सिम्पोजियम-2026 के समापन समारोह में सम्मिलित हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीएम ने कहा, युद्ध अब साइबर व स्पेस तक विस्तारित, डेटा, सिग्नल्स व नेटवर्क बने नए हथियार, टेक्नोलॉजी की बढ़ी भूमिका यूपी डिफेंस कॉरिडोर में किया जा रहा तोप के गोलों, स्वदेशी ड्रोन, बुलेटप्रूफ जैकेट और उन्नत संचार प्रणालियों का निर्माण प्रयागराज  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब लड़ाई सीमाओं से बढ़कर साइबर, स्पेस, डेटा नेटवर्क और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम तक फैल चुकी है। पारंपरिक युद्ध कौशल के साथ-साथ अब तकनीकी दक्षता, रणनीतिक सोच और मानसिक दृढ़ता भी अनिवार्य हो गई है। आज के युद्ध में कीबोर्ड, सेटेलाइट और डेटा उतने ही महत्वपूर्ण हैं, जितने पारंपरिक हथियार। दुश्मन के संचार नेटवर्क को बाधित करना तथा अपने सिस्टम को सुरक्षित रखना नई युद्ध रणनीति का आधार बन रहा है। ऐसे परिदृश्य में वही राष्ट्र आगे रहेगा, जो साहस और तकनीक के बीच संतुलन स्थापित कर सके। “नेशन फर्स्ट” केवल एक नारा नहीं, बल्कि हर भारतीय सैनिक के जीवन का संकल्प है। यह हर नागरिक के लिए भी मार्गदर्शक सिद्धांत होना चाहिए, क्योंकि राष्ट्र सर्वोपरि है और उससे बढ़कर कुछ भी नहीं। सीएम योगी बुधवार को प्रयागराज में "रक्षा त्रिवेणी संगम" की थीम पर नॉर्थ टेक सिम्पोजियम (एनटीएस) 2026 के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। आधुनिक युद्ध में कीबोर्ड भी एक प्रभावी हथियार मुख्यमंत्री ने कहा कि सियाचिन की जमाने वाली ठंड हो, रेगिस्तान की तपती रेत, घने जंगलों का अंधकार या समुद्र व आकाश की अनंत चुनौतियां, हमारे सैनिक हर परिस्थिति में तत्पर रहते हैं। उनकी सतर्क निगाहों के कारण ही पूरा देश सुरक्षित और निश्चिंत रह पाता है। आधुनिक युद्ध अब केवल जल, थल और नभ तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस के युग में प्रवेश कर चुका है। युद्ध में साइबर, स्पेस और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम जैसे क्षेत्र भी उतने ही महत्वपूर्ण हो गए हैं। कीबोर्ड भी एक प्रभावी हथियार बन चुका है। दुश्मन के पावर ग्रिड, राडार, जीपीएस, बैंकिंग और कम्युनिकेशन सिस्टम को बाधित करना या अपने नेटवर्क को सुरक्षित व अभेद्य बनाना, नई सुरक्षा रणनीति का हिस्सा है। सेटेलाइट्स के माध्यम से निगरानी, खुफिया जानकारी और नेविगेशन अब युद्ध की ‘आंख’ और ‘दिमाग’ बन चुके हैं। अब लड़ाई सिग्नल्स और डेटा के माध्यम से भी लड़ी जा रही है। डिफेंस सेक्टर में यूपी ने की उल्लेखनीय प्रगति मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों, विशेषकर युद्ध जैसी स्थितियों ने यह स्पष्ट किया है कि डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भरता कितनी आवश्यक है। कुछ वर्ष पहले भारत का रक्षा निर्यात लगभग 600 करोड़ रुपये ही था, लेकिन निरंतर प्रयासों से आज हमारी सामर्थ्य 38 हजार से 50 हजार करोड़ रुपये तक के रक्षा उत्पाद निर्यात करने की है। भारत अब मित्र देशों को रक्षा उत्पाद उपलब्ध करा रहा है। उत्तर प्रदेश ने भी इस क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। राज्य में डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के छह प्रमुख नोड्स लखनऊ, कानपुर, झांसी, आगरा, अलीगढ़ और चित्रकूट पर तेजी से कार्य हो रहा है। इन नोड्स में 35,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव जमीन पर उतर रहे हैं। सरकार ने डिफेंस एवं एयरोस्पेस पॉलिसी के तहत बड़े लैंड बैंक का निर्माण किया है और निवेशकों को आकर्षक प्रोत्साहन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अलीगढ़ छोटे हथियारों और रक्षा उपकरणों के निर्माण का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है, जबकि कानपुर गोला-बारूद, मिसाइल, डिफेंस टेक्सटाइल और प्रोटेक्टिव गियर के उत्पादन का महत्वपूर्ण हब बन रहा है। लखनऊ और झांसी नोड्स में ब्रह्मोस मिसाइल और हैवी डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे देश की सैन्य क्षमता और मजबूत हो रही है। चित्रकूट और आगरा नोड्स में एयरोस्पेस और प्रिसिजन इंजीनियरिंग के क्षेत्र में विकास जारी है, ताकि स्पेस डोमेन सहित रक्षा के सभी आयामों में देश की क्षमता को सुदृढ़ किया जा सके। यूपी डिफेंस कॉरिडोर सैनिकों की क्षमता और सुरक्षा में मददगार मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी डिफेंस कॉरिडोर के तहत तोप के गोले, स्वदेशी ड्रोन, बुलेटप्रूफ जैकेट और उन्नत संचार प्रणालियों का निर्माण किया जा रहा है। डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर के लिए आवश्यक सभी सुविधाएं उत्तर प्रदेश में उपलब्ध हैं। प्रदेश के पास 56 प्रतिशत युवा एवं स्किल्ड वर्कफोर्स और 96 लाख एमएसएमई इकाइयों का मजबूत आधार है, जो विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है। सभी 6 स्ट्रेटेजिक नोड्स पर पर्याप्त लैंड बैंक भी उपलब्ध है। राज्य सरकार स्किल, इनोवेशन और टेक्नोलॉजी के माध्यम से मार्केट-रेडी और इंडस्ट्री-रेडी वर्कफोर्स तैयार करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी क्रम में आईआईटी कानपुर के साथ ड्रोन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किया गया है, जबकि स्टेट फॉरेंसिक संस्थान के माध्यम से भी विभिन्न क्षेत्रों में नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जा रहे हैं। सभी स्ट्रेटेजिक नोड्स में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम विकसित किया जा रहा है।  ज्ञान जहां से भी आए, उसे स्वीकारना हमारी परंपरा मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सिम्पोजियम के माध्यम से रक्षा क्षेत्र में प्रधानमंत्री के विजन को साकार होते देखना गर्व का विषय है। यह सिम्पोजियम ज्ञान, अनुभव और नवाचार के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म है। उन्होंने भारतीय संस्कृति के मूल मंत्र “आ नो भद्राः क्रतवो यन्तु विश्वतः” का उल्लेख करते हुए कहा कि ज्ञान जहां से भी आए, उसे स्वीकार करना हमारी परंपरा रही है और यह सिम्पोजियम उसी भावना को आगे बढ़ा रहा है।  हाईटेक क्षेत्रों में स्थापित हुए स्टार्टअप सीएम योगी ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश में 21,000 से अधिक स्टार्टअप्स स्थापित हुए हैं, जो एआई, रोबोटिक्स, ड्रोन, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर और इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग जैसे हाईटेक क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं। सेफ्टी, टेक्नोलॉजी और ट्रस्ट के समन्वय से प्रदेश ने बीमारू छवि को पीछे छोड़ते हुए देश के ग्रोथ इंजन के रूप में पहचान बनाई है। अपराध और अव्यवस्था के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति हमारा संकल्प रहा है। माफिया से कानून के राज और उपद्रव से उत्सव तक की यात्रा तय करते हुए यूपी इस मुकाम तक पहुंचा है। हमारी उदारता को कोई कमजोरी न समझे मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति ने सदैव “वसुधैव कुटुम्बकम्” के सिद्धांत को आत्मसात किया … Read more

BSF स्कूल सहित कई स्कूलों को धमकी, ADCP के अनुसार 5-6 संस्थानों को चेतावनी मिली

जालंधर  जालंधर में बीएसएफ चौक के पास एक्टिवा ब्लास्ट के बाद अब निजी स्कूलों को मिली धमकियों ने प्रशासन की चिंता और बढ़ा दी है। जानकारी के अनुसार, बीएमसी चौक स्थित एपीजे स्कूल को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिसके बाद स्कूल प्रबंधन ने तुरंत एहतियातन सभी छात्रों की छुट्टी कर उन्हें घर भेज दिया।   धमकी की सूचना मिलते ही स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस व प्रशासनिक टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। पूरे इलाके की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और स्कूल परिसर की गहन जांच की जा रही है। फिलहाल किसी संदिग्ध वस्तु के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। एडीसीपी आकर्षि जैन ने बताया कि शहर के 5-6 स्कूलों को इसी तरह की धमकियां मिली हैं। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां हर एंगल से जांच कर रही हैं, जबकि साइबर क्राइम टीम धमकी भरे ई-मेल की जांच में जुटी हुई है। स्कूल की छुट्टी के बाद बच्चों ने बताया कि उन्हें स्कूल में मैसेज दिखाकर कहा गया कि स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी मिली है, जिसके बाद तुरंत छुट्टी कर दी गई। इस घटना के बाद अभिभावकों में भी डर और चिंता का माहौल है।  बच्चों को घर लेजाने का आया संदेश अभिभावकों ने बताया कि उन्हें केवल इतना कहा गया कि सुरक्षा कारणों की वजह से बच्चों को तुरंत घर ले जाएं। किसी को धमकी के बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी गई थी। हालांकि बीएसएफ चौक पर दो दिन पहले हुए धमाके के बाद लोग पहले से ही डरे हुए हैं। ऐसे माहौल में स्कूल को मिली धमकी ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि स्कूल को एहतियातन खाली करवाया गया है और पूरे परिसर की गहन जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों की टीमें स्कूल के भीतर और आसपास जांच में जुटी हुई हैं। किसी भी तरह की लापरवाही न हो, इसके लिए इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस ने जांच की शुरू जानकारी के अनुसार धमकी भरा संदेश मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। स्कूल के आसपास आने-जाने वाले लोगों पर नजर रखी जा रही है। वहीं अभिभावकों से भी शांति बनाए रखने की अपील की गई है। इस पूरे घटनाक्रम की टाइमिंग को मुख्यमंत्री भगवंत मान की जालंधर यात्रा से भी जोड़कर देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री गुरुवार को अपनी शुक्राना यात्रा के तहत जालंधर पहुंचे हुए हैं। उनके कार्यक्रम को लेकर पहले ही शहर में कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। इसी बीच स्कूल को धमकी मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। बीएसएफ मुख्यालय और सेना कैंप के पास हाल ही में हुए धमाके के बाद शहर में पहले से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर थीं। अब स्कूल को मिली धमकी ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और धमकी भेजने वाले की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।   इस मौके स्कूल पहुंचे पेरेंट्स ने कहा कि उन्हें सिर्फ इतना मैसेज आया कि सिक्योरिटी रीजन है, इसलिए वह तुरंत अपने बच्चों को घर ले जाएं। कोई ड्यूटी पर था तो कोई अपने किसी पर्सनल काम पर, सब छोड़कर वह तुरंत बच्चों को लेने के लिए पहुंचे हैं। BSF हेडक्वार्टर और आर्मी कैंप में ब्लास्ट के बाद लोगों में ज्यादा डर है। इसी बीच जालंधर की ADCP आकर्षि जैन ने कहा कि जालंधर के 5 से 6 स्कूलों को धमकी भरी मेल मिली है, पुलिस सभी स्कूलों में जांच कर रही है। अभी तक कहीं से कुछ संदिग्ध नहीं मिला। इस धमकी की टाइमिंग भी सीएम भगवंत मान से जोड़कर देखी जा रही है। CM आज अपनी शुक्राना यात्रा के चलते जालंधर में हैं, जिसको लेकर पुलिस ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। इसके बीच धमकी आने से पुलिस हाईअलर्ट पर है। वहीं, जालंधर और अमृतसर में हुए ब्लास्टों में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने जांच शुरू कर दी है। बुधवार को टीमें दोनों जगह पहुंचीं और जांच की। इसी बीच पंजाब पुलिस ने दावा किया है कि उन्होंने विस्फोटक सप्लायर को पकड़ लिया है। पुलिस का दावा है कि इसे जमशेर इलाके से गिरफ्तार किया है, जिसकी पहचान नवांशहर में बंगा के रहने वाले दविंदर के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया है कि हाल ही में चंडीगढ़ में भाजपा हेडक्वार्टर के बाहर हुए ग्रेनेड अटैक में भी इसी ने ग्रेनेड सप्लाई किया था। उसे पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिए विस्फोटकों की सप्लाई मिलती है, जिसे वह आगे सप्लाई करता था। पुलिस ने CM भगवंत मान के गुरुवार के जालंधर दौरे से ठीक पहले यह दावा किया है। जालंधर में हुए धमाके का एक और वीडियो सामने आया है। इसमें बाइक पर एक पगड़ीधारी व्यक्ति आता है और धमाके वाली जगह रुकता है। कुछ ही देर में वह निकल जाता है, उसके जाने के 15 सेकेंड के बाद ब्लास्ट हो जाता है।

उपज का सही मूल्य और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने का संदेश – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

कृषक कल्याण वर्ष-2026 उपज का एक-एक दाना कीमती, भुगतान में देरी बर्दाश्त नहीं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री की किसान हितैषी नीति से चौरई के 64 किसानों को मिलेंगे लगभग एक करोड़ रुपये सभी मंडियों में समय-सीमा में हो भुगतान, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की किसान हितैषी नीतियों और मंडी बोर्ड की सक्रियता का परिणाम है कि कृषि उपज मंडी समिति चौरई की अपील पर माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा 64 कृषकों को उनके द्वारा विक्रय की गई उपज की राशि 96 लाख 51 हजार 500 रुपये के भुगतान करने के आदेश प्रसारित हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश में किसान के साथ अन्याय किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कृषि उपज मंडी समिति चौरई में पंजीकृत अनुज्ञप्तिधारी फर्म ज्ञाताट्रेडर्स, चौरई के द्वारा कृषकों से खरीदी गई अधिसूचित कृषि उपज का भुगतान नहीं करने पर मंडी समिति ने त्वरित कार्रवाई की। न्यायालय तहसीलदार, चौरई द्वारा फर्म से वसूली के लिए आर.आर.सी. जारी कर 96,51,500 रुपये (छियानबे लाख इक्यावन हजार पांच सौ रुपये) की वसूली की गई और राशि मंडी समिति के खाते में जमा कराई गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर म.प्र. राज्य कृषि विपणन बोर्ड के प्रबंध संचालक कुमार पुरुषोत्तम ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए सिविल कोर्ट/जिला कोर्ट से अनुमति नहीं मिलने पर मंडी समिति की ओर से उच्च न्यायालय जबलपुर में अधिवक्ता के माध्यम से याचिका दायर की गई। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा 30 अप्रैल 2026 को किसान हित में निर्णय पारित कर भुगतान की स्वीकृति दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि "उपज का एक-एक दाना कीमती है। मंडी व्यवस्था में पारदर्शिता और समय पर भुगतान हमारी प्राथमिकता है।" उन्होंने मंडी बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश की सभी मंडी समितियां यह सुनिश्चित करें कि किसी भी स्थिति में किसानों के भुगतान में लापरवाही न हो। खरीदी गई कृषि उपज का भुगतान समय-सीमा में कराया जाए। मंडी बोर्ड द्वारा सभी मंडी सचिवों को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं कि किसान हित सर्वोपरि है और लापरवाही पर सख्त कार्रवाई होगी। माननीय उच्च न्यायालय के आदेशानुसार किसानों को भुगतान की कार्यवाही मंडी समिति चौरई द्वारा समय-सीमा में की जाएगी।  

लगातार दूसरे दिन जनता दर्शन में 200 लोगों की समस्याएं सुनीं सीएम योगी आदित्यनाथ ने

हर जरूरतमंद का बनवाएं आयुष्मान कार्ड: मुख्यमंत्री लगातार दूसरे दिन जनता दर्शन में 200 लोगों की समस्याएं सुनीं सीएम योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री ने लोगों को दिया भरोसा, हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है सरकार गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान लगातार दूसरे दिन सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। जनता दर्शन में गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे लोगों से उन्होंने आयुष्मान कार्ड के बारे में पूछा और आश्वस्त किया कि सरकार इलाज कराने में भरपूर मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने पास में मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर जरूरतमंद, पात्र व्यक्ति का आयुष्मान कार्ड बनवाना सुनिश्चित किया जाए ताकि उन्हें इलाज के लिए परेशान न होना पड़े।  महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन के दौरान सीएम योगी करीब 200 लोगों से मिले। उनके पास जाकर उनकी समस्याएं सुनीं। उनके प्रार्थना पत्रों का अवलोकन कर समस्या, शिकायत का संज्ञान लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लोगों से कहा कि वे परेशान न हों, सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है। उन्होंने अलग-अलग मामलों के लिए संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को प्रार्थना पत्र संदर्भित करते हुए निर्देशित किया कि सभी समस्याओं का समयबद्ध, निष्पक्ष और संतुष्टिप्रद निस्तारण होना चाहिए।  जनता दर्शन में हर बार की तरह बुधवार को भी कुछ लोग इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर आए थे। मुख्यमंत्री ने उनसे आयुष्मान कार्ड के बारे में पूछा, साथ ही भरोसा दिया कि धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। अस्पताल का एस्टीमेट मिलते ही विवेकाधीन कोष से आर्थिक सहायता उपलब्ध करा दी जाएगी। जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनता की हर पीड़ा का निवारण सुनिश्चित किया जाए। इसमें किसी भी तरह की शिथिलता नहीं होनी चाहिए।   जनता दर्शन में कुछ महिलाओं के साथ उनके बच्चे भी आए थे। मुख्यमंत्री ने बच्चों को प्यार किया और उन्हें आशीर्वाद के साथ चॉकलेट दी। इस दौरान उन्होंने एक महिला के साथ आए दो बच्चों से हंसी-ठिठोली भी की और उन्हें स्कूल जाने के लिए प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव: सपने कभी नहीं रुकते, बस सही मौके का इंतजार करते हैं

सपने कभी रुकते नहीं, बस सही मौके का इंतजार करते हैं और यह वही मौका है सपनों को सच करने का : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीं द्वितीय परीक्षा को लेकर विद्यार्थियों को शुभकामनाएं प्रदेश में 7 मई से शुरू हो रही है कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड की द्वितीय परीक्षा भोपाल प्रदेश सरकार द्वारा एमपी बोर्ड के परी क्षा परिणाम में असफल हुए विधार्थियों के बेहतर भविष्य के लिए द्वितीय परीक्षा का अवसर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुनः परीक्षा देने वाले विधार्थियों को शुभकामना संदेश देते हुए कहा कि प्रिय विद्यार्थियों, आप जानते हैं कि इस साल एमपी बोर्ड की कक्षा 12वीं का परीक्षा परिणाम 16 वर्षों में सबसे बेहतर रहा, इसी प्रकार 10वीं के परिणाम भी अच्छे रहे, लेकिन कुछ परीक्षार्थी सफल नहीं हो सके थे। ऐसे बच्चों के लिए मध्यप्रदेश में द्वितीय परीक्षा अवसर की शुरुआत 7 मई से की जा रही है। आप सभी को मेरी ओर से अग्रिम शुभकामनाएं। आप केवल छात्र नहीं, प्रदेश के भविष्य की उज्ज्वल आशा हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आप सभी मेरे लिए केवल छात्र नहीं, बल्कि प्रदेश के भविष्य की उज्ज्वल आशा हैं। जब आप अपने सपनों के लिए मेहनत करते हैं, तो उसमें केवल आपका नहीं, आपके परिवार का, आपके शिक्षकों का और पूरे प्रदेश का विश्वास जुड़ा होता है। मैं समझता हूं कि कभी-कभी परिस्थितियां हमारे अनुकूल नहीं होतीं, परिणाम उम्मीद के अनुसार नहीं आते, इससे मन थोड़ी देर के लिए ठहर जाता है। लेकिन सच्चाई यह है कि सपने कभी रुकते नहीं, वह बस सही मौके का इंतजार करते हैं और यह वही मौका है। महज योजना नहीं, विद्यार्थियों के सपनों को उड़ान देन का संकल्प मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मैं हर विद्यार्थी को ये कह रहा हूं कि एक परिणाम आपके पूरे भविष्य की कहानी तय नहीं कर सकता। प्रदेश सरकार की ओर से यह अवसर इसी दिशा में एक विशेष पहल है। ये महज योजना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सपनों को फिर से उड़ान देन का संकल्प है। यह उन बच्चों के लिए उम्मीद की नई किरण है। जो 10वीं या 12वीं की बोर्ड परीक्षा में किसी कारणवश अनुत्तीर्ण हो गए या परीक्षा नहीं दे पाए। द्वितीय परीक्षा विद्यार्थियों के लिए एक नई शुरुआत है। एक ऐसा मौका, जहां आप अपनी मेहनत को फिर से साबित कर सकते हैं। अपने आत्मविश्वास को पुनः खड़ा कर सकते हैं और अपने लक्ष्य के और करीब पहुंच सकते हैं। वहीं अब प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित 10वीं और 12वीं की द्वितीय बोर्ड परीक्षाएं 7 मई से प्रारंभ हो रही हैं। बच्चों के साथ खड़े रहें अभिभावक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि अभिभावकों और शिक्षकों से भी मेरा विनम्र निवेदन है कि इस समय बच्चों के साथ खड़े रहें। उनके मन को समझें, उन्हें सपोर्ट करें क्योंकि कई बार एक विश्वास भरा शब्द ही उन्हें नई ऊर्जा दे देता है, हर विद्यार्थी में अपार क्षमता है। अगर जरूरत है तो केवल उसे पहचानने की, उसे संवारने की और सही दिशा देने की। याद रखिए यह परीक्षा सिर्फ अंक सुधारने का नहीं, बल्कि अपने आत्मविश्वास को फिर से मजबूत करने का अवसर भी है। अंत में मैं आप सभी को परीक्षा के लिए अग्रिम शुभकामनाएं देता हूं। आप प्रदेश का भविष्य हैं। आप सफल होकर अपने सपनों को साकार करें और मध्यप्रदेश का नाम रोशन करें। आप सभी को उज्ज्वल भविष्य के लिए ढेरों शुभकामनाएं। आगे बढ़ें, सफल हों और अपने जीवन में नई ऊंचाइयों को छुएं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव: सुशासन का दौर जारी, इसका कोई अंत नहीं

सुशासन का है यह दौर, जिसका ओर है ना छोर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव नवाचारों के साथ हमने प्रदेश की तरक्की के बनाए हैं नए रास्ते मुख्यमंत्री का निगम-मंडल-बोर्ड एवं विकास प्राधिकरणों के अध्यक्षों और उपाध्यक्षों ने किया अभिनंदन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जैसी नीयत होती है, वैसी ही बरकत होती है। हमारा प्रदेश आज देश में सुशासन के जरिए लोक कल्याण का पर्याय बन चुका है। लोक कल्याण के अवसर सबको मिलते हैं, लेकिन जो हृदय की गहराईयों से लोगों के कल्याण की सोच रखते हैं, ईश्वर उसकी मदद करते हैं। हमारी सरकार लोक कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्ध सोच, कर्मठता, समर्पण और नवाचारों के साथ आगे बढ़ रही है। आज प्रदेश के हर कोने में, हर छोर में सुशासन का दौर है। उन्होंने कहा कि हमने 'विरासत से विकास' की परम्परा को कायम रखते हुए जनहित में अधिकाधिक नवाचार अपनाकर प्रदेश की तरक्की के नए रास्ते बनाये हैं। प्रदेश की जनता की सेवा, कल्याण और सबके जीवन में खुशहाली लाने में हम कोई कसर नहीं रखेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए विधायकों, जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 'सच्चा वादा- पक्का काम' यही हमारी सरकार का मूलमंत्र है। प्रदेश में धार्मिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और वन पर्यटन बढ़ाने के लिए हम भरपूर प्रयास कर रहे हैं। पर्यटन बढ़ेगा तो प्रदेश में रोजगार बढ़ेंगे और इसका सीधा लाभ हमारे अपने नागरिकों को होगा। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा आयोग-निगम-मंडलों एवं विकास प्राधिकरणों में नियुक्तियों की प्रक्रिया जारी है। प्रदेश की जनता के कल्याण के लिए सभी श्रेष्ठ व्यक्तियों को अवसर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का प्रदेश के विभिन्न निगम-मंडल-बोर्ड एवं विकास प्राधिकरणों के नवनियुक्त अध्यक्ष एवं उपाध्यक्षों ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर हुए गरिमामय समारोह में अभिनंदन कर आभार जताया। अभिनंदन समारोह में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप भी उपस्थित थे। समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मध्यप्रदेश राज्य वन विकास निगम लिमिटेड के नवनियुक्त अध्यक्ष रामनिवास रावत, मध्यप्रदेश राज्य सहरिया विकास प्राधिकरण की नवनियुक्त अध्यक्षा श्रीमती गुड्डीबाई आदिवासी, मध्यप्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड के नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. कृष्णपाल सिंह यादव, निगम के उपाध्यक्ष संजीव कांकर, रतलाम विकास प्राधिकरण के नवनियुक्त अध्यक्ष मनोहर पोरवाल, प्राधिकरण के उपाध्यक्षद्वय गोविंद काकाणी एवं प्रवीण सोनी तथा मध्यप्रदेश राज्य मछुआ कल्याण बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष महेश केवट एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन करके उन्हें जनकल्याण का सेवा दायित्व देने के लिए आभार ज्ञापित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रतीक चिन्ह भी दिए गए।  

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम, ग्रामीणों को मिलेगी सहज बैंकिंग सुविधा– वित्त मंत्री ओपी चौधरी

बस्तर अंचल में बैंकिंग सुविधाओं में तेजी से विस्तार शांति और विकास का प्रतीक– मुख्यमंत्री विष्णु देव साय नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम, ग्रामीणों को मिलेगी सहज बैंकिंग सुविधा– वित्त मंत्री ओपी चौधरी सरकार बनने के बाद बस्तर संभाग में 31वीं बैंक शाखा का शुभारंभ, तेज़ी से मजबूत हो रहा बैंकिंग नेटवर्क वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने तर्रेम में बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा का वर्चुअल उद्घाटन किया रायपुर,  साय सरकार के गठन के बाद से  बस्तर संभाग में बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार को नई गति मिली है। इसी क्रम में बीजापुर जिले के उसूर विकासखंड अंतर्गत ग्राम तर्रेम में बैंक ऑफ बड़ौदा की नई शाखा का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ऑनलाइन जुड़कर कार्यक्रम में शामिल हुए और शाखा का शुभारंभ किया। यह पिछले ढाई वर्षों में बस्तर संभाग में खुलने वाली 31वीं नई बैंक शाखा है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। तर्रेम में बैंक शाखा खुलने से स्थानीय लोगों को अब बैंकिंग कार्यों के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा और उन्हें अपने क्षेत्र में ही सभी आवश्यक सेवाएं आसानी से उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि इससे वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिलेगा और शासकीय योजनाओं का लाभ सीधे एवं पारदर्शी तरीके से हितग्राहियों तक पहुंचेगा। उन्होंने यह भी कहा कि बस्तर अब बदलाव की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है—जहां पहले बैंकिंग सुविधाओं का अभाव था, वहीं आज गांव-गांव तक बैंकिंग सेवाएं पहुंच रही हैं। यह नक्सल मुक्त बस्तर की दिशा में बढ़ते कदमों के साथ आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत आधार तैयार कर रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर संभाग में बैंकिंग सुविधाओं के लगातार विस्तार को सुशासन और समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।   मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि बैंकिंग सेवाओं की उपलब्धता से आदिवासी और ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनने का अवसर मिलेगा, युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार एवं वित्तीय गतिविधियों से जुड़ने में आसानी होगी तथा शासकीय योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से लोगों तक पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि बस्तर अब भय और अभाव की पहचान से निकलकर विश्वास, विकास और आत्मनिर्भरता की नई दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। जहां नक्सलियों ने किया था हमला, वहीं अब विकास की नई कहानी इससे पूर्व भी वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने तत्कालीन धुर नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा-सुकमा जिले  के सीमावर्ती जगरगुंडा क्षेत्र में भी बैंक की नई शाखा का उद्घाटन किया था। उस दौरान वे रायपुर से सड़क मार्ग से जगरगुंडा पहुंचे थे। उन्होंने अपने दंतेवाड़ा में कलेक्टर कार्यकाल को याद करते हुए बताया कि उस समय यह क्षेत्र अत्यधिक नक्सल प्रभावित था और अधिकारी अंदरूनी क्षेत्रों में जाने से भी कतराते थे। उन्होंने कहा कि “जिस इमारत में कभी ग्रामीण बैंक की शाखा थी और जिसे नक्सलियों ने निशाना बनाया था, उसी स्थान पर पुनः बैंक शाखा शुरू होना विकास और विश्वास का प्रतीक है।” उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आदिवासी भाइयों एवं बहनों के आर्थिक संबल के लिए प्रतिबद्ध है और लगातार इस दिशा में काम कर रहे हैं।  ढाई वर्षों में बस्तर संभाग में खुले 31 नई बैंक शाखाएं पिछले ढाई वर्षों में बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों के दूरस्थ इलाकों में बैंकिंग नेटवर्क का व्यापक विस्तार हुआ है। बस्तर जिले में आईसीआईसीआई बैंक की शाखा बादेककलूर में, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की शाखा जगदलपुर में, इंडसइंड बैंक की शाखा धरमपुरा (जगदलपुर) में तथा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का होम लोन सेंटर (RACPC) जगदलपुर में खोला गया है।  बीजापुर जिले में बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखाएं बीजापुर और तर्रेम में, छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की शाखा पामेड़ में, आईसीआईसीआई बैंक और आईडीबीआई बैंक की शाखाएं बीजापुर में तथा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा मड्डेड में खोली गई हैं। दंतेवाड़ा जिले में एचडीएफसी बैंक की शाखा चेरपाल में, आईसीआईसीआई बैंक की शाखा दंतेवाड़ा में, इंडियन ओवरसीज बैंक की शाखाएं दंतेवाड़ा और समलवार में, कोटक महिंद्रा बैंक की शाखा परचेली में तथा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा काटेकल्याण में खोली गई है। कांकेर जिले में एक्सिस बैंक की शाखाएं पनडोबिर और पाखांजूर में, बैंक ऑफ इंडिया की शाखा चरामा में तथा आईसीआईसीआई बैंक की शाखा भानुप्रतापपुर में खोली गई है। कोंडागांव जिले में एक्सिस बैंक की शाखा फरसगांव में तथा बंधन बैंक की शाखा कोंडागांव में शुरू की गई हैं। नारायणपुर जिले में छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की शाखा सोनपुर में तथा एचडीएफसी बैंक की शाखा कोहकामेटा में खोली गई है। इसी प्रकार सुकमा जिले में एक्सिस बैंक की शाखा चिंतलनार में, बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा सुकमा में, बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शाखा सुकमा में, छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की शाखा किस्टाराम में तथा इंडियन ओवरसीज बैंक की शाखाएं सुकमा और जगरगुंडा में नई शाखाएं शुरू की गई हैं।  स्थानीय ग्रामीणों ने तर्रेम में बैंक शाखा खुलने पर खुशी जताई और इसे अपने लिए बड़ी सुविधा बताया। इस पहल से न केवल बैंकिंग सेवाएं सुलभ होंगी, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी नई दिशा मिलेगी। बस्तर में हो रहे ये सकारात्मक बदलाव आने वाले समय में समग्र विकास और आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव साबित होंगे।

छत्तीसगढ़ में महिलाओं को जमीन रजिस्ट्री पर 50% की छूट, महिला सशक्तिकरण की नई पहल

महिला सशक्तिकरण की नई इबारत  छत्तीसगढ़ में अब महिलाओं के नाम जमीन रजिस्ट्री पर 50 प्रतिशत की छूट रायपुर छत्तीसगढ़ की आधी आबादी को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और संपत्ति का स्वामी बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के पहल पर एवं  वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी के नेतृत्व में सरकार ने महिलाओं के नाम पर होने वाले भूमि रजिस्ट्रेशन (पंजीयन) शुल्क में 50 प्रतिशत की कटौती करने का निर्णय लिया है। इस महत्वपूर्ण फैसले की आधिकारिक अधिसूचना आज राजपत्र में प्रकाशित कर दी गई है। निर्णय का मुख्य उद्देश्य          इस पहल का प्राथमिक लक्ष्य महिलाओं को संपत्ति अर्जन के लिए प्रोत्साहित करना है। सरकार का मानना है कि इस छूट से अधिक से अधिक परिवार अपनी संपत्ति महिलाओं के नाम पर दर्ज कराएंगे। संपत्ति का मालिकाना हक मिलने से महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक आर्थिक सुरक्षा बढेगी। यह निर्णय महिला सशक्तिकरण औरा महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में अधिक प्रभावी भूमिका निभाने में मदद करेगा। मुख्यमंत्री का विजन- सशक्त महिला, सशक्त प्रदेश        मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर दिया कि जमीन के स्वामित्व से महिलाओं के भीतर आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे आर्थिक रूप से अधिक सुरक्षित महसूस करेंगी। सैनिकों और पूर्व सैनिकों को स्टाम्प शुल्क में 25% छूट छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला, ₹25 लाख तक की संपत्ति खरीद पर मिलेगा लाभ     छत्तीसगढ़ सरकार ने सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों एवं उनकी विधवाओं के सम्मान और कल्याण को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने ₹25 लाख तक की संपत्ति की रजिस्ट्री पर स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट देने का निर्णय लिया  है। माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में पंजीयन मंत्री ओपी चौधरी की पहल पर विभाग द्वारा यह प्रस्ताव तैयार किया गया ।  अधिसूचना जारी होने पश्चात सैनिक एवं भूतपूर्व सैनिको को मिलने वाली यह छूट प्रभावशील हो गई है। अधिसूचना के अनुसार, सैनिकों एवं भूतपूर्व सैनिकों  एवं दिवंगत होने पर उनके जीवन साथी को इस छूट की पात्रता केवल एक बार के लिए होगी।  ₹25 लाख तक की सीमा तक यह छूट मिलेगी । यदि संपत्ति का मूल्य इससे अधिक होता है, तो अतिरिक्त राशि पर नियमानुसार स्टाम्प शुल्क देय होगा। देश की सेवा करने वाले सैनिकों के योगदान को सम्मान देने के लिए यह एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील निर्णय है।     वर्तमान में अचल संपत्ति के क्रय-विक्रय विलेखों पर  लगभग 5 प्रतिशत स्टाम्प शुल्क देय होता है, अब इस नई व्यवस्था से पात्र हितग्राहियों को स्टाम्प शुल्क में राहत मिलेगी। मातृभूमि की रक्षा के लिए अपनी जन्मभूमि से दूर रहकर सेवा करने वाले सैनिकों को आवास क्रय लागत में कमी की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है। अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि छूट का लाभ लेने के लिए छत्तीसगढ़ का मूल निवासी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। साथ ही, लाभ केवल एक बार ही लिया जा सकेगा, जिसके लिए शपथ पत्र देना होगा तथा संबंधित सैनिक/पूर्व सैनिक या विधवा होने के दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। राजस्व में निवेश, भविष्य में लाभ         वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने इस योजना के आर्थिक पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा। रजिस्ट्रेशन शुल्क में इस रियायत से राज्य सरकार को लगभग 153 करोड़ रुपये के राजस्व का भार आएगा। वित्त मंत्री के अनुसार, यह कोई राजस्व हानि नहीं बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा निवेश है, जिसके दूरगामी सामाजिक परिणाम होंगे। क्या कहती है अधिसूचना?        राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार, अब किसी भी अचल संपत्ति के हस्तांतरण के दस्तावेज यदि महिलाओं के पक्ष में निष्पादित किए जाते हैं, तो उन पर लागू होने वाले निर्धारित रजिस्ट्रेशन शुल्क में सीधे 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। यह प्रावधान तत्काल प्रभाव से लागू माना जाएगा।

दीपिंदर गोयल ने किया ऐलान, लॉन्च होने वाला है टेंपल जो पढ़ सकेगा दिमाग

नई दिल्ली जोमैटो के को-फाउंडर दीपिंदर गोयल ने अपने नए हेल्थ-टेक प्रोजेक्ट Temple को लेकर बड़ा ऐलान कर दिया है. अब इस वियरेबल डिवाइस का अर्ली ऐक्सेस ओपन कर दिया गया है और कंपनी ने बताया है कि पहले 100 युनिट तैयार हैं, जिन्हें जल्द यूजर्स तक भेजा जाएगा।  Temple को लेकर पिछले कुछ समय से चर्चा थी, लेकिन अब पहली बार इसे इस्तेमाल करने का मौका लोगों को मिलने जा रहा है. हालांकि यह अभी पूरी तरह से आम लोगों के लिए लॉन्च नहीं हुआ है. फिलहाल इसे सिर्फ चुनिंदा यूजर्स को दिया जा रहा है ताकि असली इस्तेमाल में इसका टेस्ट हो सके और फीडबैक लिया जा सके।  गौरतलब है कि पिछले साल दीपिंदर गोयल को टेंपल डिवाइस अपने माथे के साइड में लगाए हुए एक पॉडकास्ट में देखा गया. तब से इसके बारे में चर्चा शुरू हुई थी. लोगों के मन में सवाल था कि आखिर ये छोटा सा डिवाइस क्या करता है? क्या करता है टेंपल डिवाइस? यह डिवाइस बाकी फिटनेस बैंड या स्मार्टवॉच से काफी अलग है. टेंपल को सिर की कनपटी पर लगाया जाता है और इसका फोकस बॉडी नहीं, बल्कि दिमाग पर है।  कंपनी का दावा है कि यह दिमाग में ब्लड फ्लो को ट्रैक करता है. इससे यह समझने में मदद मिल सकती है कि इंसान का फोकस कैसा है, थकान कितनी है और उसकी मेंटल परफॉर्मेंस किस लेवल पर है।  आज तक ज्यादातर वियरेबल डिवाइस हार्ट रेट, स्टेप्स या नींद जैसी चीजें ट्रैक करते थे. लेकिन टेंपल सीधे दिमाग से जुड़ी एक्टिविटी को समझने की कोशिश कर रहा है. यही वजह है कि इसे एक नए तरह का ह्यूमन परफॉर्मेंस वियरेलबल कहा जा रहा है।  आइए जानते हैं कि ऐसी डिवाइस काम कैसे करती है. इसका जवाब जुड़ा है ब्रेन साइंस और सेंसर टेक्नोलॉजी से. ये दुनिया का पहला डिवाइस नहीं है जो ये काम करता है।  दिमाग नहीं पढ़ता है ये डिवाइस चूंकि इसे माथे के साइड में लगाया जाता है, इसलिए एक परसेप्शन ऐसा बनता है कि ये दिमाग पढ़ने वाला डिवाइस है. लेकिन ऐसा नहीं है. ये डिवाइस आपके दिमाग को नहीं पढ़ता.  टेंपल जैसे वियरेबल आमतौर पर ऑप्टिकल सेंसर्स का इस्तेमाल करते हैं, जो स्किन के अंदर ब्लड फ्लो को मेजर हैं. इसमें हल्की इंफ्रारेड या नजदीकी रोशनी नियर इंफ्रारेड लाइट स्किन में भेजी जाती है।  जब ये लाइट अंदर जाती है, तो खून उसमें मौजूद ऑक्सीजन के हिसाब से अलग-अलग तरीके से उसे एब्जॉर्ब करता है. सेंसर इस बदलाव को पढ़ते हैं और अंदाजा लगाते हैं कि उस जगह पर ब्लड फ्लो कितना है।  इस टेक्नोलॉजी को आसान भाषा में समझें तो यह कुछ-कुछ उसी तरह काम करती है जैसे स्मार्टवॉच में हार्ट रेट सेंसर काम करता है, लेकिन यहां फोकस दिमाग के पास की नसों पर होता है।  नियर इंफ्रारेड स्पेक्ट्रोस्कॉपी  इस तरह की तकनीक को मेडिकल दुनिया में NIRS (Near-Infrared Spectroscopy) कहा जाता है, जिसका इस्तेमाल पहले से रिसर्च और अस्पतालों में किया जाता रहा है।  जब दिमाग ज्यादा एक्टिव होता है, तो वहां खून का बहाव बढ़ जाता है क्योंकि उसे ज्यादा ऑक्सीजन की जरूरत होती है. टेंपल जैसे डिवाइस इसी बदलाव को पकड़ने की कोशिश करते हैं. इसी डेटा के आधार पर यह अंदाजा लगाया जाता है कि व्यक्ति फोकस्ड है, थका हुआ है या उसकी मेंटल एनर्जी कैसी है।  हालांकि यह टेक्नोलॉजी नई नहीं है, लेकिन इसे छोटे वियरेबल डिवाइस में फिट करना और रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए आसान बनाना एक बड़ी चुनौती रही है. यही वजह है कि अभी इसे पूरी तरह परफेक्ट नहीं माना जा रहा और एक्सपर्ट्स भी इसकी सटीकता को लेकर सवाल उठा रहे हैं।  दीपिंदर गोयल पहले भी इस डिवाइस को पहनकर नजर आ चुके हैं, जिससे इसकी झलक पहले मिल चुकी थी. अब कंपनी इसे धीरे-धीरे लोगों तक पहुंचाने की तैयारी में है. बताया जा रहा है कि इसके लिए पहले से एक वेटलिस्ट बनाई गई थी और उसी के आधार पर यूजर्स को एक्सेस दिया जा रहा है।  फिलहाल टेंपल शुरुआती स्टेज में है, लेकिन अगर यह सफल होता है, तो वियरेबल टेक्नोलॉजी का अगला बड़ा ट्रेंड बन सकता है. आने वाले समय में सिर्फ फिटनेस नहीं, बल्कि दिमाग की परफॉर्मेंस को ट्रैक करना भी आम बात हो सकती है।