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उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने धमधा में 7 करोड़ के कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन

रायपुर : नगर पालिका बनेगा धमधा, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने की घोषणा  उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने धमधा में 7 करोड़ के कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव और सांसद विजय बघेल भी हुए शामिल रायपुर लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम में दुर्ग जिले के धमधा नगर पंचायत पहुंचे उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने धमधा नगर पंचायत के नगर पालिका में उन्नयन की घोषणा की। धमधावासी लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे। नगर पालिका के रूप में उन्नयन के बाद शहर को विकास कार्यों के लिए और ज्यादा मिलेगी तथा विकास कार्यों में तेजी आएगी। लोगों की बहुप्रतीक्षित मांग को पूर्ण करने वाली उप मुख्यमंत्री साव की इस घोषणा से धमधा के सुव्यवस्थित विकास तथा जनसुविधाएं विकसित करने के कामों को और अधिक गति मिलेगी। नगर पालिका बनेगा धमधा, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने की घोषणा  उप मुख्यमंत्री साव ने अपने धमधा प्रवास के दौरान करीब 7 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इसमें 4 करोड़ 60 लाख रुपए के कार्यों का लोकार्पण और 2 करोड़ 39 लाख रुपए के कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। उन्होंने शहर के विकास के लिए 2 करोड़ रुपए देने की भी घोषणा की। साव ने बताया कि विगत दो वर्षों में धमधा नगर पंचायत के विकास के लिए 13 करोड़ रुपए दिए गए हैं। प्रदेश के सभी नगरीय निकायों के विकास के लिए सक्रियता और गंभीरता से काम किए जा रहे हैं।  स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, दुर्ग के सांसद विजय बघेल, विधायकगण सर्वडोमनलाल कोर्सेवाड़ा, ईश्वर साहू और ललित चन्द्राकर भी कार्यक्रम में शामिल हुए। तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष जितेन्द्र साहू, धमधा नगर पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती श्वेता अग्रवाल, उपाध्यक्ष ब्रिजेन्द्र दानी, जनपद पंचायत के अध्यक्ष लिमन साहू और पूर्व मंत्री जागेश्वर साहू सहित सर्वसुरेन्द्र कौशिक, जितेन्द्र वर्मा, प्रीतपाल बेलचंदन, पार्षदगण एवं जनप्रतिनिधि भी इस दौरान मौजूद थे।

एम्स भोपाल का प्रतिनिधिमंडल उपमुख्यमंत्री शुक्ल से मिला, प्रदेश में ऑर्गन ट्रांसप्लांट को मजबूत बनाने पर विमर्श

उप मुख्यमंत्री शुक्ल से एम्स भोपाल के प्रतिनिधिमंडल ने की भेंट प्रदेश में ऑर्गन ट्रांसप्लांट गतिविधियों के सुदृढ़ीकरण पर हुआ विमर्श भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल से मंत्रालय में एम्स भोपाल के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट कर प्रदेश में ऑर्गन ट्रांसप्लांट गतिविधियों के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण के संबंध में विस्तृत चर्चा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में ऑर्गन ट्रांसप्लांट गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार सतत प्रयास कर रही है। ऑर्गन डोनर्स को "गार्ड ऑफ ऑनर" प्रदान कर तथा उनके परिजनों को 26 जनवरी एवं 15 अगस्त के अवसर पर सार्वजनिक रूप से सम्मानित कर प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऑर्गन डोनेशन से हम कई जिंदगियों में आशा का नया प्रकाश ला सकते हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि आमजन में ऑर्गन डोनेशन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए निरंतर जन-जागरूकता अभियान, कार्यशालाएँ एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे अधिक से अधिक लोग इस पुनीत कार्य से जुड़ सकें। राज्य सरकार ऑर्गन ट्रांसप्लांटेशन के क्षेत्र में एम्स के तकनीकी सहयोग एवं सुझावों का स्वागत करती है। उन्होंने एम्स द्वारा अब तक किए गए ऑर्गन ट्रांसप्लांट सेवाओं एवं जागरूकता गतिविधियों की सराहना भी की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निदेशक प्रो. डॉ. मधाबानंद कर सहित समस्त प्रतिनिधिमंडल को सम्मानित किया। बैठक में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत किडनी ट्रांसप्लांट पैकेज में वृद्धि करने और हार्ट एवं लंग ट्रांसप्लांट को शामिल करने के विषय पर चर्चा हुई। साथ ही प्रत्यारोपण सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया। अंग प्राप्ति प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने के लिए संभावित ब्रेन-डेड डोनर्स की समय पर पहचान एवं त्वरित रेफरल प्रणाली को मजबूत करने पर तकनीकी सहयोग के विषयों पर विमर्श किया गया। इस दिशा में प्रदेश के शासकीय अस्पतालों एवं मेडिकल कॉलेजों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिये एक साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करने का सुझाव भी रखा गया, जिससे अंग प्राप्ति एवं प्रत्यारोपण की प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित हो सके। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि अंग प्रत्यारोपण प्रक्रिया को सुदृढ़ बनाने एवं जागरूकता गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्राप्त सुझावों पर शीघ्र यथोचित कार्यवाही की जाएगी। बैठक में प्रत्यारोपण सर्जरी में आधुनिक तकनीकों, विशेष रूप से रोबोटिक सर्जरी के विस्तार पर भी चर्चा हुई, जिससे उपचार की गुणवत्ता और सफलता दर में वृद्धि सुनिश्चित की जा सके। एम्स की टीम ने हार्ट ट्रांसप्लांट, किडनी ट्रांसप्लांट में अब तक की गई प्रगति, लंग ट्रांसप्लांट सेवाओं के विस्तार तथा अन्य तकनीकी पहलुओं की जानकारी प्रस्तुत की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने राज्य सरकार की ओर से इन सेवाओं के विस्तार हेतु पूर्ण सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया। बैठक में एम्स के निदेशक प्रो. डॉ. मधाबानंद कर डिप्टी डायरेक्टर संदेश कुंअर जैन, चिकित्सा अधीक्षक डॉ विकास गुप्ता सहित ऑर्गन ट्रांसप्लांट टीम के सदस्य उपस्थित थे।  

चुनावी जादू: सीएम मोहन ने 7 सीटों पर किया प्रचार, 6 पर मिली जीत; 5 नेताओं को मिली थी जिम्मेदारी

भोपाल  राजनीति में कई बार नारे नहीं, आंकड़े ज्यादा जोर से बोलते हैं. बंगाल चुनाव नतीजों के बाद मध्य प्रदेश भाजपा के भीतर ऐसा ही एक आंकड़ा खास दिलचस्पी से चर्चा में है 7 में से 6. ये वो स्ट्राइक रेट है, जो पश्चिम बंगाल में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के चुनावी अभियान से जोड़ा जा रहा है. बंगाल जैसे राज्य में, जहां भाजपा ने बड़ा राजनीतिक उलटफेर किया है, डॉ. यादव के प्रचार वाले इलाकों का हिसाब-किताब अब पार्टी के भीतर राजनीतिक महत्व रखता है।  डॉ. मोहन यादव ने पश्चिम बंगाल में कुल सात विधानसभा सीटों पर प्रचार किया. इनमें से भाजपा ने छह सीटों पर जीत दर्ज की. यानी बंगाल में उनका स्ट्राइक रेट करीब 86 प्रतिशत रहा. इस गणित का सबसे मजबूत हिस्सा बांकुरा जिले से सामने आया. डॉ. यादव ने यहां पांच विधानसभा सीटों पर प्रचार किया था और भाजपा उम्मीदवारों के नामांकन दाखिल कराने के दौरान भी मौजूद रहे थे. नतीजा यह रहा कि भाजपा ने इन पांचों सीटों पर जीत हासिल की।  बांकुरा में 100 प्रतिशत स्ट्राइक रेट का गणित सलतोरा सीट पर भाजपा की चंदना बाउरी ने टीएमसी उम्मीदवार को 32 हजार से ज्यादा वोटों से हराया. छातना में सत्यप्रकाश मुखोपाध्याय ने 47 हजार से अधिक वोटों से जीत दर्ज की. बांकुरा सीट पर नीलाद्रि शेखर दाना ने टीएमसी उम्मीदवार को 54 हजार से ज्यादा वोटों से पराजित किया. बरजोरा में बिलेश्वर सिन्हा ने 40 हजार से अधिक वोटों से जीत हासिल की, जबकि ओंदा सीट पर अमरनाथ शाखा भी विजयी रहे. यानी बांकुरा में आंकड़ा साफ रहा 5 सीटें, 5 जीत, यहां डॉ. मोहन यादव का स्ट्राइक रेट 100 प्रतिशत रहा।  बांकुरा से शुरू किया चुनावी अभियान, जिले की सभी सीटें जीती बीजेपी डॉ. मोहन यादव का बंगाल चुनाव अभियान 2 अप्रैल को बांकुरा जिले से शुरू हुआ। सीएम ने बीजेपी उम्मीदवारों के नामांकन में हिस्सा लिया और संयुक्त जनसभा को संबोधित किया। यही क्लस्टर आगे चलकर भाजपा के लिए सबसे मजबूत साबित हुआ। मेदिनीपुरी में जीते, कमरहाटी में हारे 18 अप्रैल को सीएम ने कोलकाता और मेदिनीपुर में प्रचार किया। सीएम ने कमरहाटी में बीजेपी उम्मीदवार अरूप चौधरी और मेदिनीपुर विधानसभा सीट पर बीजेपी प्रत्याशी दिलीप घोष के समर्थन में प्रचार किया। मेदिनीपुरी में तो बीजेपी उम्मीदवार दिलीप घोष 30 हजार के बडे़ अंतर से टीएमसी केंडिडेट को हराकर जीत गए। लेकिन, कमरहाटी में अरुप चौधरी टीएमसी उम्मीदवार से चुनाव हार गए। बीजेपी ने चुनिंदा नेताओं को भेजा बीजेपी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में चुनिंदा नेताओं को ही भेजा था। सीएम डॉ मोहन यादव के अलावा केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, विधायक रामेश्वर शर्मा, मंडला सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते, राज्यसभा सांसद डॉ उमेश नाथ महाराज को भी भेजा था। तीखे प्रहार और धर्मयुद्ध का आह्वान प्रचार के दौरान डॉ. यादव ने तृणमूल कांग्रेस और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला था. उन्होंने कहा था, “ममता दीदी बंगालियों का हक बांग्लादेश को देने पर तुली हैं. इसलिए यह केवल चुनाव नहीं, बल्कि धर्मयुद्ध है. इस वातावरण में श्रीराम का मंत्र हम सबको शक्ति दे रहा है।  गढ़ में सेंध और खड़गपुर की बड़ी जीत 18 अप्रैल को डॉ. यादव ने कोलकाता जिले की कमरहाटी विधानसभा सीट पर भाजपा उम्मीदवार अरूप चौधरी और मेदिनीपुर जिले की खड़गपुर सदर सीट पर भाजपा उम्मीदवार दिलीप घोष के समर्थन में भी प्रचार किया था. कमरहाटी सीट को लंबे समय से टीएमसी का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है. यहां शुरुआती रुझानों में भाजपा उम्मीदवार की बढ़त ने राजनीतिक हलचल पैदा कर दी थी, हालांकि करीबी मुकाबले में अरूप चौधरी करीब 5 हजार वोटों से हार गए. लेकिन खड़गपुर सदर में भाजपा नेता दिलीप घोष ने जीत दर्ज की और टीएमसी उम्मीदवार को 30 हजार से अधिक वोटों से पराजित किया. इस तरह बंगाल का चुनावी समीकरण कुछ यूं रहा बांकुरा में 5 में 5, खड़गपुर सदर में 1 में 1 और कमरहाटी में 1 हार . कुल मिलाकर 7 में 6 सीटें भाजपा के खाते में गईं।  बिहार और हरियाणा में भी चला मोहन यादव का सिक्का प्रतिशत में देखें तो यह आंकड़ा करीब 85.7 प्रतिशत बैठता है. यह लगभग वैसा ही है जैसा बिहार चुनाव में डॉ. यादव के प्रचार वाले क्षेत्रों में देखा गया था. बिहार में उन्होंने 25 विधानसभा क्षेत्रों में प्रचार किया था, जिनमें से भाजपा ने 21 सीटें जीतीं. वहां उनका स्ट्राइक रेट 84 प्रतिशत रहा था. हरियाणा चुनाव में भी डॉ. मोहन यादव को भाजपा ने स्टार प्रचारक के रूप में भिवानी, दादरी, तोशाम, झज्जर और बवानी खेड़ा जैसे क्षेत्रों में उतारा था, जहां पार्टी को चार सीटों पर सफलता मिली।  बंगाल नतीजों के बाद बातचीत में डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जनता ने अन्याय, अत्याचार और कुशासन से मुक्ति के लिए वोट दिया है और एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भरोसा जताया है. जब उनसे पूछा गया कि क्या वे अब भाजपा के लिए “मास्कॉट” बनते जा रहे हैं, तो उन्होंने इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया. उन्होंने कहा, “हमारे केवल एक ही मास्कॉट हैं माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. अब 17 राज्यों में हमारे मुख्यमंत्री होंगे. स्वतंत्रता के बाद के दौर में यह बहुत बड़ी उपलब्धि है।  विपक्ष पर प्रहार और जीत का उत्सव उन्होंने विपक्ष पर भी तीखा निशाना साधा. डॉ. यादव ने कहा, “जैसा बोओगे, वैसा काटोगे. ममता दीदी ने हमारी बहनों का मजाक उड़ाया, सोनिया जी ने भी उनका उपहास किया. पांच पीढ़ियों ने महिलाओं के साथ अन्याय किया, अब जनता ने उस अन्याय का बदला लिया है. बताइए, अगर बंगाल में ‘जय श्रीराम' का नारा नहीं लगेगा, तो फिर कहां लगेगा? अपने अंदाज में उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा की खुशी अब “माउंट एवरेस्ट से भी ऊपर” पहुंच गई है. उन्होंने कहा, “यहां मिठाई से जश्न मनाने की परंपरा है. हम झालमुड़ी भी खाएंगे, कलाकंद भी खाएंगे और मिठाइयां भी खाएंगे। 

पंजाब में सत्कार कानून लागू होने के बाद CM मान का बड़ा संदेश, “अब बेअदबी बर्दाश्त नहीं”

रूपनगर/चंडीगढ़. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को खालसा पंथ की जन्मस्थली श्री आनंदपुर साहिब से राज्यव्यापी शुकराना यात्रा की शुरुआत की। मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस और आनंदपुर साहिब लोकसभा क्षेत्र से सांसद मलविंदर सिंह कंग भी मौजूद रहे। यात्रा शुरू करने से पहले मुख्यमंत्री ने तख्त श्री केसगढ़ साहिब में माथा टेककर आशीर्वाद लिया। यह यात्रा पंजाब सरकार द्वारा हाल ही में लागू “जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार कानून संशोधन 2026” के लागू होने के बाद निकाली जा रही है। सरकार का कहना है कि इस नए कानून का उद्देश्य श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूपों की बेअदबी रोकना और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना है। इसी को लेकर सरकार ने इसे श्रद्धा और धन्यवाद से जुड़ी “शुकराना यात्रा” का नाम दिया है। सरकार ने लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखा मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब सरकार श्री गुरु ग्रंथ साहिब की गरिमा और सम्मान की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लोग बेअदबी की घटनाओं पर सख्त कानून की मांग कर रहे थे और अब सरकार ने लोगों की भावनाओं के अनुसार कदम उठाया है। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब की धरती गुरुओं, पीरों और संतों की भूमि है, इसलिए यहां धार्मिक भावनाओं का सम्मान सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि परमात्मा ने उनसे सेवा ली है और अब कोई गुरु ग्रंथ साहिब का अपमान नहीं कर पाएगा।  तीन दिनों तक चलेगी ये यात्रा ये शुकराना यात्रा पंजाब में तीन दिन तक चलेगी और इस दौरान कई जिलों से होकर गुजरेगी। जानें किस दिन कहां से गुजरेगी ये यात्रा- पहला दिन- श्री आनंदपुर साहिब से शुरू होकर रूपनगर, बलाचौर, बंगा और फगवाड़ा पहुंचेगी। दूसरा दिन- जालंधर, बाबा बकाला, अमृतसर, तरनतारन, जीरा, फरीदकोट और कोटकपूरा से होकर निकलेगी। तीसरा दिन- मुख्यमंत्री का काफिला बठिंडा, तख्त श्री दमदमा साहिब तलवंडी साबो, सरदूलगढ़, मानसा, बरनाला, सुनाम, संगरूर, समाना और पटियाला पहुंचेगा। यात्रा का समापन श्री फतेहगढ़ साहिब में होगा। यात्रा को लेकर विभिन्न जिलों में प्रशासन और पुलिस द्वारा विशेष प्रबंध किए गए हैं। रास्तों में स्वागत द्वार बनाए गए हैं और बड़ी संख्या में लोग मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए पहुंच रहे हैं। धार्मिक संगठनों और स्थानीय लोगों में भी यात्रा को लेकर उत्साह देखा जा रहा है।

उपमुख्यमंत्री देवड़ा ने लॉन्च की मप्र वित्त सेवा अधिकारी संघ की वेबसाइट, डिजिटल प्लेटफॉर्म से आएगी सुधार

डिजिटल प्लेटफॉर्म से बढ़ेगी पारदर्शिता और दक्षता -उपमुख्यमंत्री देवड़ा म.प्र. वित्त सेवा अधिकारी संघ की वेबसाइट लॉन्च भोपाल उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने बुधवार को मंत्रालय में म.प्र. वित्त सेवा अधिकारी संघ की वेबसाइट लांच की। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने वेबसाइट को राज्य के वित्त सेवा अधिकारियों एवं अन्य विभागों के अधिकारियों के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म से प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी। उन्होंने इस पहल को नवाचार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। वित्त सेवा अधिकारी संघ के अध्यक्ष रणजीत सिंह चौहान ने जानकारी दी कि देश में पहली बार किसी अधिकारी/कर्मचारी संघ द्वारा चुनाव की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन की जा रही है। इस व्यवस्था मेंप्रदेश में कहीं भी पदस्थ वित्त सेवा अधिकारी अपने संघ के चुनाव के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे, नाम वापस ले सकेंगे तथा ऑनलाइन मतपत्र के माध्यम से मतदान भी कर सकेंगे। इस प्रकार संघ के पदाधिकारियों का चुनाव पूर्णतः ऑनलाइन संपन्न होगा। उन्होंने बताया किhttps://mpfinanceservicehttps://mpfinanceserviceassociation.com/association.com/ वेबसाइट पर एक क्लिक में महत्वपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इनमें राज्य के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए उपयोगी ‘वित्त व्यवस्था’ पुस्तक, कार्यरत एवं सेवानिवृत्त वित्त सेवा अधिकारियों की जानकारी, अन्य राज्यों के वित्त सेवा संघों का विवरण, संघ द्वारा शासन को प्रस्तुत मांगें तथा शासन द्वारा जारी वित्त सेवा संबंधी निर्देश शामिल हैं। अध्यक्ष चौहान ने बताया कि आगामी कार्यकारिणी के चुनाव जून 2026 में इसी ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से संपन्न कराए जाएंगे।  

07 मई को ग्राम पंचायतों में चावल महोत्सव, रोजगार और आवास दिवस का होगा त्रिवेणी संगम

07 मई को ग्राम पंचायतों में चावल महोत्सव, रोजगार और आवास दिवस का त्रिवेणी संगम छत्तीसगढ़ में सुशासन तिहार के अवसर पर ग्रामीण विकास को मिलेगी नई गति रायपुर  छत्तीसगढ़ की ग्राम पंचायतों में कल 07 मई को विकास और जन-सेवा का एक बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है। सुशासन तिहार के तत्वावधान में राज्य भर की पंचायतों में एक साथ चावल महोत्सव, रोजगार दिवस और आवास दिवस का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस विशेष पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण विकास की योजनाओं को गति देना और धरातल पर मौजूद समस्याओं का तत्काल समाधान करना है। प्रमुख उद्देश्य एवं समाधान         इस अभियान के केंद्र में ग्रामीण हितग्राही हैं। आयोजन का मुख्य लक्ष्य मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से संबंधित लंबित शिकायतों और तकनीकी समस्याओं का मौके पर ही निपटारा। पात्र हितग्राहियों को शासन की जनहितकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान करना। विकास के तीन मुख्य स्तंभ         रोजगार दिवस 7 मई को मनरेगा कार्यों की सघन समीक्षा की जाएगी और आने वाले समय के लिए रोजगार के नए अवसरों के सृजन पर कार्ययोजना बनाई जाएगी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लंबित मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी। शासन का विशेष लक्ष्य स्वीकृत आवासों को आगामी 90 दिनों के भीतर पूर्ण कराना है। जल संरक्षण हेतु “मोर गांव- मोर पानी- मोर तरिया” अभियान के अंतर्गत “नवा तरिया आय के जरिया” थीम पर विशेष चर्चा और कार्य होंगे, जिससे मत्स्य पालन या अन्य माध्यमों से आजीविका बढ़ सके। तकनीक और सहभागिता से सुशासन         अब योजनाओं की जानकारी हासिल करना और भी आसान होगा। सरकार क्यूआर (फत्) कोड आधारित सूचना प्रणाली को बढ़ावा दे रही है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। इस अभियान को सफल बनाने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों, महिला स्व-सहायता समूहों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है। यह आयोजन केवल एक सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के गांवों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

राजधानी क्षेत्र में होगा तेज विकास, छत्तीसगढ़ का स्टेट कैपिटल रीजन बनेगा आर्थिक शक्ति केंद्र

स्टेट कैपिटल रीजन: छत्तीसगढ़ के समग्र विकास को नई दिशा राजधानी क्षेत्र बनेगा आर्थिक शक्ति केंद्र, महानगरों की तर्ज पर होगा तेज विकास    आधुनिक अधोसंरचना और कनेक्टिविटी को मिलेगी गति रायपुर छत्तीसगढ़ में सुनियोजित शहरीकरण और संतुलित क्षेत्रीय विकास को गति देने के लिए स्टेट कैपिटल रीजन  (SCR) के गठन को मंजूरी मिल चुकी है। रायपुर सहित दुर्ग-भिलाई और नवा रायपुर अटल नगर को मिलाकर इस क्षेत्र को विकसित किया जाएगा। विधानसभा से विधेयक पारित होने के साथ ही इस महत्वाकांक्षी परियोजना को औपचारिक गति मिल गई है।             राज्य सरकार का मानना है कि यह पहल राजधानी क्षेत्र के नियोजित विकास को सुनिश्चित करने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ को मध्य भारत के प्रमुख आर्थिक और औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। राष्ट्रीय मॉडल पर आधारित समेकित विकास             स्टेट कैपिटल रीजन का विकास देश के प्रमुख शहरी मॉडलों – राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण और हैदराबाद महानगर विकास प्राधिकरण की तर्ज पर किया जाएगा। इस मॉडल के अंतर्गत विभिन्न शहरों को एकीकृत करते हुए क्षेत्रीय स्तर पर योजनाबद्ध विकास किया जाएगा, जिससे अवसंरचना, आवास, परिवहन और आर्थिक गतिविधियों का संतुलित विस्तार सुनिश्चित हो सके और संसाधनों का अधिकतम उपयोग संभव हो। मुख्यमंत्री की पहल से विकास को मिली नई गति              मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर तथा वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में तैयार इस योजना का उद्देश्य तेजी से बढ़ते शहरीकरण को व्यवस्थित करना और नागरिकों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराना है। सरकार का फोकस ऐसे शहरी तंत्र के निर्माण पर है जहां बेहतर आवास, उच्च स्तरीय शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों, साथ ही उद्योग और व्यापार को प्रोत्साहन मिले तथा पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखते हुए विकास को आगे बढ़ाया जा सके। 2031 तक 50 लाख आबादी के लिए व्यापक तैयारी             अनुमान है कि वर्ष 2031 तक स्टेट कैपिटल रीजन की आबादी 50 लाख से अधिक हो जाएगी। इस संभावित वृद्धि को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा दीर्घकालीन योजनाएं तैयार की जा रही हैं। इन योजनाओं में आधुनिक परिवहन प्रणाली का विकास, सड़कों और कनेक्टिविटी का विस्तार, जल, बिजली और स्वच्छता सेवाओं का सुदृढ़ीकरण तथा स्मार्ट शहरी सुविधाओं का विस्तार शामिल है। रायपुर से दुर्ग तक प्रस्तावित मेट्रो रेल परियोजना के सर्वे के लिए बजट में प्रावधान किया गया है, जिससे क्षेत्र में तेज, सुरक्षित और सुगम आवागमन सुनिश्चित किया जा सके। राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण करेगा समन्वित संचालन              स्टेट कैपिटल रीजन के प्रभावी विकास और प्रबंधन के लिए राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है, जो इस पूरे क्षेत्र के लिए केंद्रीय नियामक और समन्वयकारी संस्था के रूप में कार्य करेगा। यह प्राधिकरण दीर्घकालीन विकास योजनाएं तैयार करने, अधोसंरचना परियोजनाओं को लागू करने, निवेश को आकर्षित करने तथा विभिन्न विभागों और एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी निभाएगा। इसके अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे, जबकि विभिन्न विभागों के मंत्री, मुख्य सचिव और वरिष्ठ अधिकारी इसके सदस्य होंगे। साथ ही एक कार्यकारी समिति भी गठित की गई है, जो योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी करेगी। कानूनी आधार से विकास को मिली मजबूती               इस महत्वाकांक्षी परियोजना को विधिक आधार प्रदान करने के लिए The Chhattisgarh Capital Region Development Authority Act, 2025 लागू किया गया है। यह अधिनियम प्राधिकरण की संरचना, शक्तियों, कार्यप्रणाली और वित्तीय अधिकारों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करता है, जिससे विकास कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता सुनिश्चित होती है। वित्तीय संसाधनों की सुदृढ़ व्यवस्था              राज्य सरकार द्वारा इस परियोजना के लिए राजधानी क्षेत्र विकास निधि और पुनरावृत्ति निधि की स्थापना का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही प्राधिकरण को विशेष उपकर लगाने, परियोजनाओं के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने और अपना वार्षिक बजट तैयार करने का अधिकार भी दिया गया है। इससे विकास कार्यों के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधनों की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित होगी। निवेश, उद्योग और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा             स्टेट कैपिटल रीजन के विकास से छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी और उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार होगा। इसके परिणामस्वरूप नए उद्योग स्थापित होंगे, सेवा क्षेत्र का विस्तार होगा और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह क्षेत्र भविष्य में राज्य का प्रमुख आर्थिक हब बनकर उभर सकता है। पहली बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय            छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (SCR) की पहली बैठक विधानसभा में 11 मार्च 2026 को आयोजित हो चुकी है, जिसमें राजधानी क्षेत्र के विकास से जुड़े कई अहम विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में क्षेत्रीय मोबिलिटी और लॉजिस्टिक्स के विकास, मेट्रो संचालन के लिए टेक्नो-इकोनॉमिक फिजिबिलिटी स्टडी, सर्वेक्षण कार्यों के संचालन तथा विशेषज्ञ सलाहकारों की नियुक्ति पर चर्चा की गई।             इसके साथ ही प्राधिकरण के प्रशासकीय एवं वित्तीय अधिकारों के प्रत्यायोजन, ऑडिट सेवाओं के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट की नियुक्ति तथा प्लानिंग प्रभाग के लिए विशेषज्ञों की सेवाएं लेने के प्रस्तावों पर भी सहमति बनी। बैठक में राजधानी क्षेत्र विकास एवं निवेश योजना तैयार करने की कार्ययोजना पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इसके अंतर्गत निवेश क्षेत्रों का चिन्हांकन, आवश्यक सर्वेक्षण, अनुसंधान एवं अध्ययन तथा चरणबद्ध परियोजना क्रियान्वयन की रणनीति तैयार की जाएगी। साथ ही भूमि विकास और आवंटन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने पर भी सहमति बनी। प्राधिकरण की प्रारंभिक गतिविधियों के लिए 27 करोड़ रुपए के प्रावधान की जानकारी भी बैठक में दी गई। समग्र विकास की दिशा में ऐतिहासिक पहल            राजधानी रायपुर और उसके आसपास के क्षेत्र तेजी से एक बड़े शहरी समूह के रूप में विकसित हो रहे हैं। ऐसे में महानगरों की तर्ज पर इनके संतुलित और योजनाबद्ध विकास की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। स्टेट कैपिटल रीजन की परिकल्पना इसी आवश्यकता का परिणाम है, जो भविष्य में छत्तीसगढ़ के विकास का प्रमुख ग्रोथ इंजन बनेगा।            स्टेट कैपिटल रीजन की पहल … Read more

भोजशाला :98 दिन की खुदाई और अध्ययन के बाद ASI ने खोले इतिहास के पन्ने: तांबे के सिक्के और शिलालेख मिले

धार  मध्य प्रदेश की ऐतिहासिक भोजशाला-कमल मौला मस्जिद परिसर को लेकर चल रहे विवाद में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की रिपोर्ट ने नई बहस छेड़ दी है। इंदौर हाईकोर्ट की बेंच के सामने ASI ने साफ शब्दों में कहा है कि वर्तमान ढांचा परमार काल के हिंदू मंदिरों के अवशेषों, खंभों और मूर्तियों के टुकड़ों से बनाया गया है। तीन हिस्सों में बंटा है इतिहास ASI की टीम ने खुदाई और सर्वे के दौरान पाया कि यह जगह तीन अलग-अलग दौर से गुजरी है। सबसे पुराना हिस्सा 10वीं-11वीं शताब्दी का है, जहां मिट्टी पर ईंटों का ढांचा खड़ा किया गया था। दूसरे दौर में विशाल पत्थरों का इस्तेमाल कर इसे भव्य रूप दिया गया और यहां 'शारदा सदन' जैसे महान ग्रंथों के शिलालेख लगाए गए। एएसआई ने बताया कि पहले केवल तीन अधिकारियों द्वारा सीमित स्तर पर सर्वे किया गया था, जबकि इस बार सात विशेषज्ञ अधिकारियों, पुरातत्वविदों और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने दोनों पक्षों की मौजूदगी में प्रतिदिन सुबह से शाम तक काम किया। पूरी प्रक्रिया की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी कराई गई, ताकि हर गतिविधि का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जा सके। रिपोर्ट में कहा गया है कि भोजशाला परिसर का निर्माण 14वीं शताब्दी से भी पहले का है। वहीं, परिसर के पश्चिमी हिस्से में बनी मेहराब बाद में अलग से निर्मित प्रतीत होती है। एएसआई ने यह भी बताया कि वर्ष 1902 की रिपोर्ट में भोजशाला को मंदिर के रूप में वर्णित किया गया था, जबकि 2024 में हाई कोर्ट के निर्देश पर दोबारा सर्वे कराया गया। एएसआई की 10 वॉल्यूम में तैयार रिपोर्ट कुल 2189 पृष्ठों की है। इसमें सर्वे के दौरान मिले कई महत्वपूर्ण पुरातात्विक साक्ष्यों का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक परिसर और आसपास की खुदाई में तांबे के सिक्के, शेर मुख, कीर्ति मुख, “ॐ नमः शिवाय” से जुड़े चिह्न और शिलालेख मिले हैं। साथ ही परिसर में मौजूद 106 स्तंभों पर देवी-देवताओं की मुखाकृतियां और प्राकृत व संस्कृत भाषा में कथाओं का वर्णन उकेरा गया है। नक्काशी की शैली के आधार पर इसके ऐतिहासिक कालखंड का भी उल्लेख किया गया है। मामले की सुनवाई जस्टिस विजयकुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की डिवीजन बेंच कर रही है। अगली सुनवाई 6 मई को होगी, जिसमें सलेक चंद जैन की ओर से एडवोकेट दिनेश राजभर और महाधिवक्ता प्रशांत सिंह अपनी दलीलें पेश करेंगे।  

मध्य प्रदेश में तेज आंधी-बारिश का खतरा, 28 जिलों में अलर्ट; ग्वालियर-जबलपुर प्रभावित

भोपाल  मध्य प्रदेश में इस समय आंधी और बारिश के एक साथ दो सिस्टम एक्टिव हैं। यही कारण है कि, मई में भीषण गर्मी के बजाए कई जिलों में रुक-रुककर आंधी और बारिश का सिलसिला जारी है। जबकि, कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि होने की भी खबर है। वहीं, मौसम विभाग ने बुधवार को लेकर भी अपडेट जारी किया है। बताया जा रहा है कि, सूबे के अधिकतर इलाकों में दिनभर जहां गर्मी का अहसास होगा तो वहीं दूसरी तरफ शाम होते ही आंधी और बारिश का दौर शुरु होने की संभावना है। मौसम विभाग ने सूबे के 28 जिलों में तेज आंधी के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, इस समय मौसम के दो सिस्टम एक्टिव हैं, जिसका प्रभाव सूबे के 28 जिलों में देखने को मिलेगा। इसी के चलते संबंधित क्षेत्रों में आंधी और बारिश होने की संभावना जताई गई है। जबकि, कई इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की भी आशंका जताई जा रही है। कई जिलों में मौसम बदलेगा।भोपाल समेत कई शहरों में दिन में गर्मी, शाम को बारिश के आसार हैं। आमतौर पर मई के महीने को हीटवेव का महीना कहा जाता है, लेकिन इस बार मौसम ने अचानक करवट ली है। हिमालयी पश्चिमी विक्षोभ और मध्य भारत पर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के संयुक्त असर से प्रदेश में असामान्य बदलाव दर्ज किया गया है। इन जिलों में दिन में तेज गर्मी पड़ेगी मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, श्योपुर, गुना, शिवपुरी और अशोकनगर में दिन में गर्मी का असर बना रहेगा। लगातार पांचवें दिन भी बारिश प्रदेश में मंगलवार को लगातार पांचवें दिन भी आंधी-बारिश का दौर बना रहा। ग्वालियर, छतरपुर, धार, बड़वानी, डिंडौरी, बालाघाट समेत कई जिलों में सुबह से ही आंधी-बारिश का दौर जारी रहा। रात में भी भोपाल समेत कई जिलों में तेज आंधी चली। मंगलवार को दिन के तापमान में भी गिरावट हुई है। 5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 37.2 डिग्री, इंदौर में 37.6 डिग्री, ग्वालियर में 34.7 डिग्री, उज्जैन में 38 डिग्री और जबलपुर में पारा 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं, खरगोन सबसे गर्म रहा। यहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री, खंडवा में 41.5 डिग्री और नरसिंहपुर में 41.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। नौगांव में सबसे कम 33.5 डिग्री रहा। सीधी में 34 डिग्री, टीकमगढ़ में 34.5 डिग्री, रीवा में 34.6 डिग्री, सतना-दतिया में 34.8 डिग्री, मलाजखंड में 35 डिग्री, उमरिया में 35.4 डिग्री और गुना में पारा 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 10 मई से एक्टिव हो रहा नया सिस्टम प्रदेश में लगातार पांचवें दिन भी आंधी और बारिश का दौर जारी रहेगा। 10 मई से नया सिस्टम एक्टिव होगा, गर्मी-बारिश का ट्रेंड बरकरार रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार 6 मई तक यह सिस्टम सक्रिय रहेगा और प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में इसका असर देखने को मिलेगा। मई आमतौर पर हीटवेव का महीना माना जाता है, लेकिन इस बार मौसम ने अचानक करवट ली है। हिमालयी पश्चिमी विक्षोभ और मध्य भारत पर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के संयुक्त असर से प्रदेश में असामान्य बदलाव दर्ज किया गया है। 28 जिले येलो से ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग ने 39 जिलों में अलर्ट जारी किया है। 28 जिले येलो से ऑरेंज अलर्ट प्रभावी हैं। ग्वालियर में अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री से गिरकर 34.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। जबलपुर में तापमान 38 डिग्री दर्ज किया गया। हालांकि कुछ जिले जैसे खरगोन में 43 डिग्री और रायसेन में 44 डिग्री तापमान बना हुआ है। लेकिन शाम के समय मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।    

शेयर बाजार में तूफान: क्रूड 6% फिसला, सेंसेक्स 1000 अंक उछला

मुंबई   देश भर के पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों के नतीजों के बीच शेयर बाजार में आज (4 मई) जो हफ्ते का पहला ट्रेडिंग दिन है. तेजी देखने को मिल रही है। सेंसेक्स लगभग 1,000 अंकों की बढ़त के साथ 77,850 के स्तर पर कारोबार कर रहा है. निफ्टी में भी लगभग 300 अंकों की बढ़त हुई है. यह 24,250 के स्तर से ऊपर कारोबार कर रहा है।  सेंसेक्स में शामिल 30 शेयरों में से 23 में बढ़त देखने को मिल रही है, जबकि 7 में गिरावट दर्ज की जा रही है. मारुति, हिंदुस्तान यूनिलीवर और अडानी पोर्ट्स जैसे शेयरों में 4% तक की बढ़त देखी जा रही है. इस बीच, निफ्टी के सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो मीडिया सेक्टर को छोड़कर बाकी सभी सेक्टरों में तेजी का रुख देखने को मिल रहा है. ऑटो, FMCG, मेटल, फार्मा, पब्लिक सेक्टर बैंक और रियल्टी जैसे सेक्टरों में लगभग 2% तक की बढ़त देखने को मिल रही है।  लेकिन शुरुआती तेजी ज्यादा देर टिक न सकी,  दोपहर 12 बजे तक बाजार की रफ्तार कमजोर पड़ गई. ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली बढ़ी और सेंसेक्स-निफ्टी दोनों लाल निशान में फिसल गए. बाजार में कमजोरी की वजह वेस्ट एशिया तनाव और ग्लोबल अनिश्चितता बनी हुई थी. निवेशक लगातार क्रूड ऑयल की कीमतों और अमेरिका-ईरान से जुड़ी खबरों पर नजर रखे हुए थे।  लेकिन दोपहर करीब 2 बजे अचानक बाजार का मूड बदल गया. AXIOS की एक रिपोर्ट सामने आई, जिसमें कहा गया कि अमेरिका और ईरान युद्ध खत्म करने को लेकर लगभग सहमत हो गए हैं. इस खबर का असर सीधे क्रूड ऑयल पर दिखाई दिया।  कच्चे तेल यानी क्रूड का भाव करीब 3 फीसदी टूट गया. क्रूड की कीमतों में गिरावट आते ही भारतीय बाजार में खरीदारी लौट आई. क्योंकि भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए सस्ता क्रूड बड़ी राहत माना जाता है. इससे महंगाई कम होने, कंपनियों की लागत घटने और अर्थव्यवस्था को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ जाती है।  सेंसेक्स 941 अंक उछलकर 77,959 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 298 अंक चढ़कर 24,331 के पार पहुंच गया. सबसे ज्यादा दम बैंकिंग शेयरों में दिखा।  बैंक निफ्टी 1,434 अंक की बड़ी छलांग लगाकर 55,981 पर बंद हुआ. भारती एयरटेल, फाइनेंशियल शेयर और एमएंडएम ने बाजार को ऊपर की ओर खींचने में बड़ी भूमिका निभाई।  तेल की कीमतों में गिरावट ने भी बाजार में जान फूंक दी. ब्रेंट क्रूड 102 डॉलर प्रति बैरल के नीचे फिसल गया. इसका असर ऑयल कंपनियों पर साफ दिखा. डाउनस्ट्रीम ऑयल कंपनियों में तेजी आई, जबकि अपस्ट्रीम कंपनियों में दबाव दिखा।  मिडकैप शेयरों में तो मानो त्योहार जैसा माहौल रहा. कोफोर्ज शानदार तिमाही नतीजों के बाद 10% उछल गया. वॉकहार्ट में लगातार दूसरे दिन जोरदार खरीदारी हुई और शेयर 13% चढ़ गया. फर्स्टसोर्स 12% और अरविंद फैशंस 10% उछले।  निफ्टी में इंटरग्लोब एविएशन सबसे बड़ा स्टार रहा. शेयर 6% से ज्यादा भागा. वहीं, एलएंडटी के नतीजे अनुमान से कमजोर रहे, जिससे शेयर 1% से ज्यादा टूट गया।  एसआरएफ 8% चढ़ा, जबकि हीरो मोटोकॉर्प में मैनेजमेंट की पॉजिटिव टिप्पणी के बाद तेजी दिखी. दूसरी तरफ एक्साइड इंडस्ट्रीज पर बढ़ती कमोडिटी लागत का दबाव दिखा और शेयर 2% से ज्यादा फिसल गया।  एनएसई का एडवांस-डिक्लाइन रेश्यो 3:1 पर रहा, यानी हर गिरने वाले शेयर के मुकाबले तीन शेयर चढ़े. इससे साफ है कि आज की तेजी सिर्फ कुछ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं थी, बल्कि पूरे बाजार में खरीदारी का माहौल था।  निफ्टी की दिनभर की चाल: कब आई गिरावट और कब बाजार ने पकड़ी रफ्तार सुबह 9:00 बजे: प्रीओपन में निफ्टी ने मजबूत शुरुआत की. इंडेक्स करीब 24,171 के आसपास खुला और शुरुआती मिनटों में ही 24,200 के ऊपर निकल गया. बाजार में शुरुआती उत्साह दिखा।  सुबह 10:00 बजे से 12:30 बजे तक: बाजार में धीरे-धीेरे मुनाफावसूली हावी हुई. निफ्टी लगातार दबाव में रहा और इंडेक्स फिसलकर 24,100 के नीचे पहुंच गया. ट्रेडर्स सतर्क नजर आए।  दोपहर 1:00 बजे: बाजार ने दिन का निचला स्तर छुआ. निफ्टी करीब 23,998 तक फिसल गया. इस दौरान बाजार में हल्की घबराहट दिखी, लेकिन बड़ी बिकवाली नहीं आई।  दोपहर 1:30 बजे से 2:15 बजे तक: निचले स्तरों से खरीदारी शुरू हुई. धीरे-धीरे निफ्टी ने रिकवरी पकड़ी और 24,100 के ऊपर वापस पहुंच गया।  दिनभर हाल एक मिनट में जानिए दोपहर 2:30 बजे: बाजार में अचानक तेज खरीदारी देखने को मिली. निफ्टी ने जोरदार उछाल के साथ 24,250 का स्तर पार कर लिया. बैंकिंग और बड़े शेयरों में तेजी बढ़ी।  दोपहर 3:00 बजे के बाद: निफ्टी ने दिन का उच्च स्तर करीब 24,356 छुआ. बाजार में बुल्स पूरी तरह हावी दिखे.बाजार बंद होने के समय: निफ्टी 24,330.95 पर बंद हुआ. इंडेक्स में 298 अंकों यानी 1.24 फीसदी की मजबूत तेजी दर्ज हुई।