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आदि शंकराचार्य का दर्शन भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक एकता का है सशक्त आधार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

आदि शंकराचार्य का दर्शन भारतीय संस्कृति, धर्म और आध्यात्मिक एकता का बना आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश की धरती ने ऐतिहासिक रूप से किया आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार सनातन संस्कृति के सिद्धांतों के अनुरूप समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए समर्पित "एकात्म पर्व" आधुनिक समाज और नई पीढ़ी को अद्वैत से जोड़ने का अभिनव और सफल प्रयास जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती ने एकात्म धाम की संकल्पना को सराहा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आदि शंकराचार्य के प्रकटोत्सव एकात्म पर्व का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुस्तक "वेदांतसिद्धान्तचन्द्रिका विथ उदग्र" का किया विमोचन कार्यक्रम में एकात्म धाम पर केन्द्रित वेबसाइट का किया गया लोकार्पण ओंकारेश्वर को बनाया जा रहा है ग्लोबल सेंटर ऑफ वननेस (एकात्मता का केंद्र) 21 अप्रैल तक जारी रहेगा एकात्म पर्व ओंकारेश्वर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अद्वैत ज्ञान के सूर्योदय के केन्द्र ओंकारेश्वर की चेतना की अनुभूति आज सबको हो रही है। ज्ञान और ध्यान की धरती मध्यप्रदेश ने ऐतिहासिक रूप से धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया है। हर युग में इसके प्रमाण विद्यमान हैं। श्रीरामचन्द्र जी वनवास मिलने पर मंदाकिनी माता के किनारे चित्रकूट के धाम पधारें और प्रभु श्रीराम का आगे का जीवन मानव मात्र के लिए पूजनीय हो गया, समाज ने रामराज्य का अनुभव प्राप्त किया। भगवान श्रीराम ने संस्कारों, व्यवहारगत मूल्यों, परस्पर संबंधों सहित शासन के ऐसे सूत्र प्रदान किए जो आज भी महत्वपूर्ण हैं। इसी प्रकार श्रीकृष्ण, कंस वध के बाद शिक्षा ग्रहण करने उज्जयिनी स्थित सांदीपनि आश्रम पधारें। इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण ने कर्मवाद का संदेश दिया, जो वर्तमान में भी प्रासंगिक है। सनातन काल में कालड़ी केरल से चले 8 वर्षीय बालक शंकर ओंकारेश्वर पधारे, जहां परम पूज्य गुरू गोविंदपाद जी के आशीर्वाद से आदि शंकराचार्य बनकर सनातन धर्म की धारा को अविरल रूप से बहाने का आधार प्रदान किया। आदि शंकराचार्य का दर्शन भारतीय संस्कृति, धर्म और आध्यात्मिक एकता का आधार बना। हमारी सनातन विरासत, शास्त्र और आध्यात्मिक परम्पराएं यदि आज जीवित एवं जागृत हैं तो यह आदिगुरू शंकराचार्य के प्रयास और आशीर्वाद से ही संभव हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आचार्य शंकराचार्य जी की जयंती के अवसर पर ओंकारेश्वर के एकात्म धाम में आयोजित 5 दिवसीय प्रकटोत्सव के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में द्वारका शारदा पीठ के जगदगुरू शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती, विवेकानंद केंद्र की उपाध्यक्ष पद्मनिवेदिता भिड़े, स्वामी शारदानंद सरस्वती सहित वरिष्ठ संतवृंद उपस्थित थे। राज्य सरकार के संस्कृति विभाग तथा आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास के तत्वावधान में 17 अप्रैल से 21 अप्रैल तक एकात्म पर्व मनाया जा रहा है। एकात्म यात्रा तथा अद्वैत पर आधारित लघु फिल्मों का हुआ प्रदर्शन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने द्वारका शारदा पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती महाराज के साथ वैशाख शुक्ल पंचमी के उपलक्ष में आयोजित आदि शंकराचार्य के प्रकटोत्सव 'एकात्म पर्व' कार्यक्रम का दीप प्रज्ववलित कर शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अद्वैत लोक एवं अक्षर ब्रह्म प्रदर्शनी का लोकार्पण किया। साथ ही वे वैदिक अनुष्ठान में भी सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संस्कृत सेवा फाउंडेशन पुणे के रोहन अच्युत कुलकर्णी द्वारा लिखित पुस्तक "वेदांतसिद्धान्तचन्द्रिका विथ उदग्र" का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एकात्म धाम की यात्रा, प्रकल्प और भावी स्वरूप पर केंद्रित वेबसाइट https://www.oneness.mp.gov.in/ का भी लोकार्पण किया। कार्यक्रम में एकात्म यात्रा तथा अद्वैत पर आधारित लघु फिल्मों का प्रदर्शन भी किया गया। पं.दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सिद्धांत में होती है एकात्मता के भाव की अभिव्यक्ति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में राज्य सरकार सनातन संस्कृति के सिद्धांतों के अनुरूप समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए समर्पित है। चिंतक एवं विचारक पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचारों में भी एकात्मता के भाव की अभिव्यक्ति होती है। राज्य सरकार अंत्योदय के सिद्धांतों के क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है। उदारमना भारतीय सनातन संस्कृति में भक्षण को नहीं अपितु दूसरों के कल्याण को सर्वाधिक महत्व दिया गया है। पंच दिवसीय एकात्म पर्व में पधारे संत, मनीषी, विद्ववान एकात्मकता के वैश्विक संदेश को रेखांकित करेंगे। यह पर्व आधुनिक समाज और नई पीढ़ी को अद्वैत से जोड़ने का अभिनव और सफल प्रयास सिद्ध होगा। व्यक्ति विश्व को जानना चाहता है, लेकिन अपनी आत्मा से साक्षात्कार नहीं करना चाहता द्वारका शारदा पीठ के जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती ने एकात्म धाम की संकल्पना को सराहा। उन्होंने कहा कि प्राणी मात्र में परमात्मा का दर्शन करने वाला ही एकात्मता सिद्ध कर सकता है। व्यक्ति में एकात्म बोध होना आवश्यक है। ब्रह्म, भगवान और आत्मा तीनों एक हैं। प्राणी मात्र में विद्यमान आत्म तत्व का ज्ञान ही एकता का आधार है। सद्-चित-आनंद का भाव ही एकता है। इस जगत से जगदीश्वर को प्राप्त करना ही हमारा ध्येय है। उन्होंने कहा कि गौमाता, धरती माता और जन्म देने वाली माता का सम्मान होना आवश्यक है। गौमाता की सेवा और रक्षा को आवश्यक बताते हुए उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति, संस्कारों से समृद्ध होती है। व्यक्ति विश्व को जानना चाहता है, लेकिन अपनी आत्मा से साक्षात्कार नहीं करना चाहता है। प्राणी मात्र में आत्मा रूपी जो तत्व विद्मान है, वहीं एकात्म है। तत्व को समझते हुए हमें अपने लक्ष्य और उसकी प्राप्ति की जानकारी होनी चाहिए। शरीर केवल भोग-विलास के लिए नहीं है, इस दृश्य जगत से हमें अदृश्य ईश्वर को प्राप्त करना है। एकात्मा को सिद्ध करने के लिए वेदों की आवश्यकता है। वेदों में कही गई बातों का पालन करना चाहिए। सभी के साथ एकात्मता का व्यवहार करना धर्म का आधार है विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी की उपाध्यक्ष सुनिवेदिता भिड़े ने कहा कि हम सभी की आत्मा एक है, शरीर मात्र एक साधन है। मनुष्य शरीर, एकात्म का सबसे सुंदर उदाहरण है, शरीर में कई अंग है, लेकिन चेतना एक है। संपूर्ण विश्व में हम सभी ईश्वर की कोशिकाओं की तरह हैं, इन कोशिकाओं का प्राण ईश्वर ही है, जो सर्वथा एक है। हमारे वेदों में विद्यमान क्वांटम फिजिक्स और पर्यावरण के सिद्धांतों को विश्व आज समझ रहा है। दुनिया के लोग कहते हैं कि अगर मानव समाज की रक्षा करनी है तो भारत के वेद, उपनिषदों का अध्ययन करना होगा। स्वामी विवेकानंद ने "विजन ऑफ वननेस" की बात कही थी। … Read more

कृषि मंत्री कंषाना का निर्देश: खरीफ सीजन से पहले नवाचार प्रबंधन पर ध्यान दिया जाए

खरीफ सीजन से पहले ‘नवाचार प्रबंधन’ पर विशेष जोर: कृषि मंत्री कंषाना किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों से जोड़ा जाएगा भोपाल  किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि ‘आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश’ की परिकल्पना को साकार करने के लिए कृषि क्षेत्र में ‘नवाचार प्रबंधन’ समय की मांग है। विभाग का लक्ष्य है कि परंपरागत खेती के साथ-साथ नई तकनीक, संसाधन संरक्षण और बाजार से सीधा जुड़ाव बढ़ाकर किसानों की आय दोगुनी की जाए। कृषि मंत्री कंषाना ने कहा कि खरीफ 2026 के लिए विभाग ने ‘नवाचार प्रबंधन अभियान’ शुरू किया है। इसके तहत प्रदेश के सभी जिलों में किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों से जोड़ा जाएगा। नवाचार प्रबंधन के प्रमुख बिंदु     प्राकृतिक एवं जैविक खेती का विस्तार: 2 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को रासायनिक मुक्त खेती के अंतर्गत लाने का लक्ष्य। किसानों को निःशुल्क जैविक इनपुट, प्रशिक्षण और प्रमाणीकरण की सुविधा दी जा रही है।     डिजिटल कृषि सेवा: ‘एमपी किसान ऐप’ और ‘ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल’ के माध्यम से 15 लाख किसानों को मौसम, मंडी भाव, रोग-कीट प्रबंधन और ड्रोन स्प्रे की रियल-टाइम जानकारी मिल रही है।     जल संरक्षण एवं सूक्ष्म सिंचाई: ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ के तहत 50 हजार हेक्टेयर में ड्रिप-स्प्रिंकलर स्थापित करने का लक्ष्य। खेत तालाब और फार्म पॉन्ड निर्माण पर 90% तक अनुदान।     फसल विविधीकरण: धान-गेहूं के साथ दलहन, तिलहन, मोटे अनाज और बागवानी फसलों को बढ़ावा। ‘अन्न’ यानी मिलेट्स के लिए विशेष खरीद नीति लागू।     एफपीओ और सीधी मार्केटिंग: 450 नए कृषक उत्पादक संगठन गठित कर किसानों को एग्रीगेशन, ग्रेडिंग, प्रोसेसिंग और सीधे निर्यात से जोड़ा जा रहा है। कृषि मंत्री कंषाना ने कहा कि “मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हम खेती को घाटे से फायदे का सौदा बना रहे हैं। नवाचार प्रबंधन से लागत घटेगी, उत्पादन बढ़ेगा और किसानों को उपज का सही दाम मिलेगा।” उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना में अब तक 90 लाख किसानों के खातों में 18 हजार करोड़ रूपये से अधिक की राशि अंतरित की गई है। साथ ही, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में त्वरित सर्वे और 72 घंटे में क्लेम निपटारे की व्यवस्था की गई है। सभी योजनाओं की जानकारी समय पर किसानों तक पहुंचे, इसके लिए जिला स्तर पर मीडिया और कृषि विज्ञान केंद्रों के साथ निरंतर समन्वय किया जा रहा है। किसान टोल-फ्री नंबर 0755-2558822 और ‘एमपी किसान ऐप’ से योजनाओं की जानकारी ले सकते हैं।  

मंत्री कुशवाह का आदेश: अभियान चलाकर खाद-बीज विक्रय करने वाली संस्थाओं की जांच करें

अभियान चलाकर करें खाद-बीज विक्रय करने वाली संस्थाओं की जांच : मंत्री कुशवाह निम्न गुणवत्ता का बीज उपलब्ध कराने वाली हैदराबाद की कंपनी को किया प्रतिबंधित कंपनी के विरूद्ध अपराधिक प्रकरण हुआ दर्ज भोपाल  उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायन सिंह कुशवाह ने विशेष अभियान चलाकर प्रदेश में खाद-बीज ‍विक्रय करने वाले संस्थाओं और दुकानों की जांच करने के निर्देश दिये है। उन्होंने बताया कि धार और खरगौन जिले में किसानों को करेला (सब्जी) का निम्न गुणवत्ता का बीज प्रदाय करने से किसानों की फसल को काफी नुकसान हुआ है। इसके परिणामस्वरूप निम्न गुणवत्ता का बीज उपलब्ध कराने वाली कंपनी नुन्हेम्स इंडिया प्रायवेट लिमिटेड हैदराबाद (तेलंगाना) को प्रतिबंधित कर कंपनी के विरूद्ध आपराधिक दर्ज कराया गया है। मंत्री कुशवाह ने कहा  कि किसानों को उद्यानिकी फसलों का उत्तम गुणवत्ता का बीज उपलब्ध करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिये है कि सभी जिलों में खाद-बीज विक्रय करने वाली संस्थाओं की जांच अभियान चलाकर की जाये। इसके लिये भोपाल स्थित संचालनालय के वरिष्ठ अधिकारी भी जिलों का भ्रमण कर  संस्थाओं का आकस्मिक निरीक्षण करें। मंत्री कुशवाह ने बताया कि तेलगांना राज्य की कंपनी नुन्हेम्स इंडिया प्रा. लि. हैदराबाद द्वारा धार जिले के विकासखंड धरमपुरी, उमरबन, मनावर, डही, कुक्षी एवं निसरपुर तथा खरगौन जिले के महेश्वर, बड़वाह एवं कसरावद विकासखंड के किसानों को करेले की रोबस्टा किस्म की बीज विक्रय किये गये थे। किसानों द्वारा धार जिले में 84 हैक्टेयर तथा खरगौन जिले में 110 हैक्टेयर क्षेत्र में करेले की फसल लगाई गई थी। लेकिन फसल रोपने के  80 से 90 दिन के बाद भी करेले की फसल निम्न गुणवत्ता के साथ पौधो पर आई जो जिसके फल पीले पढ़कर स्वयं ही बेल से टुटकर गिर रहे थे। किसानों की शिकायत पर कलेक्टर धार और खरगौन द्वारा संयुक्त दल गठित कर प्रक्षेत्र की फसलों की जांच कराई गई। जो प्रथम दृष्टया सही पाये जाने पर आवश्यक वस्तु 1955 की धारा 3, बीज अधिनियम 1966, बीज नियंत्रण 1983 के प्रावधानों का उलंघन पाये जाने पर मेसर्स नुन्हेम्स इंडिया प्रा. लि. हैदराबाद (तेलंगाना) द्वारा उत्पादित करेला फसल की निम्न गुणवत्ता की रोबस्टा किस्म को आगामी आदेश तक धार और खरगौन जिले में विक्रय, भंडारण परिवहन को प्रतिबंधित किया गया है। साथ ही धार जिले में कंपनी के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण भी दर्ज कराया गया है।     

भीषण गर्मी के चलते कलेक्टर का आदेश, अब दोपहर 12 बजे तक ही लगेंगी स्कूल

भोपाल.  राजधानी भोपाल में बढ़ती गर्मी के बीच स्कूलों के टाइमिंग में बड़ा बदलाव किया गया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी  ने आदेश जारी कर सभी स्कूलों की कक्षाएं अब दोपहर 12 बजे तक सीमित कर दी हैं। भोपाल में तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच गया है और दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाएं चल रही हैं। ऐसे में बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यह फैसला लिया है। नया टाइमिंग क्या रहेगा कक्षा 1 से 12वीं तक की कक्षाएं सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक लगेंगी प्री-प्राइमरी कक्षाएं भी अधिकतम दोपहर 12 बजे तक ही संचालित होंगी यह नियम सभी सरकारी और निजी स्कूलों पर लागू होगा। सभी बोर्ड के स्कूल शामिल यह आदेश एमपी बोर्ड, सीबीएसई , आईसीएसई समेत सभी मान्यता प्राप्त स्कूलों पर लागू किया गया है। स्कूल अपनी सुविधा के अनुसार समय तय कर सकते हैं, लेकिन 12 बजे के बाद कक्षाएं नहीं चलेंगी। प्रशासन ने साफ किया है कि पहले से तय परीक्षाएं और जरूरी कार्यक्रम अपने निर्धारित समय पर ही आयोजित होंगे। जिला प्रशासन का कहना है कि तेज गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए यह फैसला लिया गया है, ताकि बच्चों को किसी तरह की परेशानी न हो और वे सुरक्षित माहौल में पढ़ाई कर सकें।

राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश, दोहरी नागरिकता मामले में नया मोड़

लखनऊ कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी की दोहरी नागरिकता से जुड़े मामले में मुश्किलें बढ़ गई हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश आदेश दिया है। हाईकोर्ट की बेंच ने शुक्रवार को सुनवाई के बाद उनके खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया है। राहुल गांधी पर भारत के साथ-साथ ब्रिटेन की भी नागरिकता रखने का आरोप है। इसके खिलाफ विग्नेश शिशिर ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी और दावा किया था कि राहुल के पास दो देशों के पासपोर्ट हो सकते हैं, जोकि भारतीय कानून का उल्लंघन है। इसी को लेकर लंबे समय से हाई कोर्ट में सुनवाई चल रही थी। कोर्ट ने सरकार से रिकॉर्ड पेश करने को कहा था। इससे पहले, लखनऊ की विशेष MP/MLA अदालत के 28 जनवरी राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश देने वाली उनकी याचिका को खारिज कर दिया था। इसके खिलाफ शिशिर फिर से कोर्ट पहुंचे थे। MP/MLA अदालत ने कहा था कि वह नागरिकता के मुद्दे पर फैसला करने के लिए सक्षम नहीं है। याचिकाकर्ता राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और इस मामले में उनके खिलाफ विस्तृत जांच की मांग कर रहे हैं। उन्होंने बीएनएस, सरकारी गोपनीयता अधिनियम, विदेशी अधिनियम और पासपोर्ट अधिनियम के तहत राहुल गांधी पर कई आरोप लगाए हैं। इस मामले की पहले सुनवाई करते हुए, पीठ ने केंद्र सरकार से पूछा था कि राहुल की ब्रिटिश नागरिकता के खिलाफ मिली शिकायत पर उसने क्या कार्रवाई की है। राहुल गांधी के मुकदमे में सुनवाई फिर टली वहीं, गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ अभद्र टिप्पणी के मामले में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर जारी मानहानि केस की सुनवाई फिर टल गई है। याची के वकील सन्तोष पाण्डेय ने शुक्रवार को मौका लिया जिस पर एमपी – एमएलए कोर्ट के मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा ने सुनवाई 22 अप्रैल को सुनिश्चित करने का आदेश दिया है। राहुल की वायस रिकार्डिंग को विधि विज्ञान प्रयोगशाला से सत्यापित कराने की मांग पर सुनवाई में मुकदमा कई तारीखों से लम्बित है। कर्नाटक के बंगलूरू में आठ मई 2018 को एक जनसभा के दौरान केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोप में भाजपा नेता विजय मिश्र ने राहुल गांधी के खिलाफ चार अगस्त 2018 को मानहानि का मुकदमा दायर किया था। लखनऊ की अदालत ने खारिज कर दी थी याचिका यह शिकायत शुरू में रायबरेली की विशेष सांसद-विधायक अदालत में दायर की गई थी, लेकिन शिकायतकर्ता विग्नेश की याचिका पर, इलाहाबाद उच्‍च न्‍यायालय की लखनऊ पीठ ने 17 दिसंबर, 2025 को उक्त आपराधिक शिकायत मामले को रायबरेली से लखनऊ स्थानांतरित कर दिया था. लखनऊ की सांसद-विधायक अदालत ने 28 जनवरी, 2026 को उक्त याचिका खारिज कर दी थी, जिसके खिलाफ याचिकाकर्ता ने उच्‍च न्‍यायालय का रुख किया था। 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सियान गुड़ी का किया शुभारंभ, बुजुर्गों के साथ कैरम खेलकर बढ़ाया हौंसला

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सियान गुड़ी का किया शुभारंभ : बुजुर्गों के साथ कैरम खेलकर वरिष्ठजनों का बढ़ाया हौंसला वरिष्ठ नागरिकों के लिए डे-केयर सुविधा से सुसज्जित केंद्र : योग, स्वास्थ्य, मनोरंजन और कौशल विकास की मिलेगी एक ही छत के नीचे सुविधा रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए विकसित अत्याधुनिक डे-केयर केंद्र ‘सियान गुड़ी’ का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने बुजुर्गों के साथ कैरम खेलकर उनका उत्साह बढ़ाया और आत्मीय संवाद स्थापित किया। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर वरिष्ठजन अत्यंत प्रसन्न नजर आए तथा उन्होंने राज्य सरकार द्वारा विकसित ‘सियान गुड़ी’ के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर बुजुर्गों को फूड बास्केट वितरित किए तथा धार्मिक पुस्तक, शॉल एवं श्रीफल भेंटकर उनका सम्मान किया। उन्होंने समाज में वरिष्ठजनों के सम्मान और उनकी देखभाल के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और पारिवारिक मूल्यों के लिए जाना जाता है, लेकिन वर्तमान में समाज तेजी से बदल रहा है। एकल परिवार की बढ़ती प्रवृत्ति, रोजगार के लिए युवाओं का पलायन और व्यस्त जीवनशैली के कारण अनेक बुजुर्ग दिन के समय अकेलेपन और उपेक्षा का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह अकेलापन केवल भावनात्मक नहीं, बल्कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इन्हीं चुनौतियों के समाधान के लिए ‘डे-केयर सेंटर – सियान गुड़ी’ की परिकल्पना की गई है। यह भवन वरिष्ठ नागरिकों के लिए सम्मान, आत्मीयता और सक्रियता का एक सशक्त केंद्र बनेगा, जहां वे सुरक्षित वातावरण में दिन व्यतीत कर नई ऊर्जा और उत्साह प्राप्त कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने केंद्र का निरीक्षण करते हुए यहां उपलब्ध सुविधाओं की सराहना की और इसे वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक आदर्श पहल बताया। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सियान गुड़ी’ के माध्यम से राज्य सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को अधिक सम्मानजनक, सक्रिय और खुशहाल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जो सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करते हुए पारिवारिक मूल्यों को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा। उल्लेखनीय है कि जशपुर में रणजीता स्टेडियम के पीछे भागलपुर रोड स्थित यह ‘सियान गुड़ी’ केंद्र वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक समग्र डे-केयर यूनिट के रूप में विकसित किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य उन्हें एक ही स्थान पर बहुआयामी सेवाएं उपलब्ध कराना है। यहां योग, प्राणायाम, मनोरंजन, सांस्कृतिक एवं सामुदायिक गतिविधियां, डिजिटल एवं वित्तीय साक्षरता तथा कौशल विकास प्रशिक्षण की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य जांच, बेसिक दवाओं की उपलब्धता, टेली कंसल्टेशन, स्वास्थ्य जागरूकता सत्र, फिजियोथैरेपी और व्यायाम की भी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इसके अतिरिक्त केंद्र में वरिष्ठ नागरिकों को कानूनी एवं पारिवारिक परामर्श भी प्रदान किया जाएगा। उपेक्षा या दुर्व्यवहार की स्थिति में नेशनल हेल्पलाइन नंबर 14567 तथा राज्य स्तरीय सियान हेल्पलाइन नंबर 155326 के माध्यम से त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। सुविधाओं की दृष्टि से ‘सियान गुड़ी’ को अत्याधुनिक रूप दिया गया है, जहां बाधारहित वातावरण, व्हील चेयर सुविधा, आरामदायक बैठने की व्यवस्था, जेंडर पृथक एवं दिव्यांग अनुकूल शौचालय, सामूहिक गतिविधियों के लिए विशाल हॉल, पुस्तकालय एवं शांत रीडिंग कॉर्नर उपलब्ध हैं। इसके साथ ही टीवी, रेडियो, सीसीटीवी, बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली, प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण डेस्क, मासिक चिकित्सकीय परामर्श, फिजियोथैरेपी कॉर्नर तथा टेलीमेडिसिन सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इस केंद्र में प्रतिदिन 6 से 8 घंटे तक वरिष्ठ नागरिकों के लिए योग, व्यायाम, चाय-नाश्ता, भोजन, मनोरंजन, जीवन कौशल एवं पुनः कौशल विकास प्रशिक्षण, स्वास्थ्य परीक्षण, सांस्कृतिक कार्यक्रम, समूह चर्चा तथा कानूनी एवं सामाजिक जागरूकता से जुड़े विविध कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।  इस अवसर पर अध्यक्ष छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल रामप्रताप सिंह, विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव, प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, सरगुजा संभाग के कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लाल उमेंद सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं वरिष्ठजन उपस्थित थे।

पंजाब में RTE के तहत प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन शुरू, एजुकेशन डिपार्टमेंट ने लिंक किया लाइव पोर्टल

चंडीगढ़  पंजाब में राइट टू एजुकेशन एक्ट के तहत प्राइवेट स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटों पर गरीब व डिसएडवांटेज्ड स्टूडेंट्स के एडमिशन का प्रोसेस शुरू हो गया। एजुकेशन डिपार्टमेंट में एडमिशन के लिए पोर्टल लाइव कर दिया है। गरीब व डिसएडवांटेज्ड स्टूडेंट्स पोर्टल पर अप्लाई करके किसी भी प्राइवेट स्कूल में एडमिशन ले सकेंगे। स्टूडेंट्स सिर्फ एंट्री क्लास में ही फ्री एडमिशन ले सकेंगे। डिपार्टमेंट ने राज्यभर के स्कूलों को एंट्री क्लास में 25 फीसदी सीटें रिजर्व रखने के आदेश भी दिए हैं। जो भी इलिजिबल स्टूडेंट प्राइवेट स्कूल्स में एडमिशन लेना चाहता है उसे इस पोर्टल पर ऑनलाइन अप्लाई करते हुए आवश्यक दस्तावेज भी अपलोड करने होंगे। दस्तावेज अपलोड न होने पर वह फ्री सीट का हकदार नहीं होगा। प्राइवेट स्कूल्स में फ्री एडमिशन के लिए क्या क्राइटीरिया होगा, जानिए…     आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS): प्राइवेट स्कूलों में फ्री एडमिशन व स्टडी के लिए आर्थिक तौर पर कमजोर स्टूडेंट्स इलिजिबल होंगे। EWS स्टूडेंट्स के लिए 25 प्रतिशत में से 12.5% सीटें रिजर्व रहेंगी। दाखिले के वक्त पेरेंट्स को इनकम और प्रॉपर्टी सर्टिफिकेट देना होगा। बिना इनकम सर्टिफिकेट के इस कैटागिरी में बच्चे का एडमिशन नहीं होगा।     डिसएडवांटेज्ड ग्रुप्स: प्राइवेट स्कूलों में ईडब्न्ल्यूएस के अलावा डिसएडवांटेज्ड ग्रुप के स्टूडेंट्स भी फ्री एडमिशन के लिए इलिजिबल होंगे।  उनके लिए भी 25 प्रतिशत में से 12.5 प्रतिशत सीटें रिजर्व रहेंगी। इसमें अनुसूचित जाति (SC), ओबीसी, वार विडो के बच्चे, दिव्यांग, स्पेशल चाइल्ड, अनाथ बच्चे शामिल होंगे।     नाइवरहुड स्कूल: स्टूडेंट को एडमिशन के लिए कम से कम दो स्कूलों के नाम भरने होंगे। पहला ऑप्शन 0 से 3 किलोमीटर के दायरे में होना चाहिए जबिक दूसरा ऑप्शन 3-6 किलोमीटर के दायरे में होना चाहिए।     बस का खर्च पेरेंट्स खुद उठाएंगे: एडमिशन पोर्टल पर ही डिपार्टमेंट ने स्पष्ट कर दिया है कि एडमिशन के लिए पेरेंट्स को नजदीकी स्कूल सलेक्ट करना होगा। अगर वो स्कूल दूर सलेक्ट करते हैं तो स्कूल बस का खर्च उन्हें अपने स्तर पर उठाना होगा।     ऐज क्राइटीरिया: डिपार्टमेंट ने एंट्री क्लास में एडमिशन के लिए मिनिमम ऐज क्राइटीरिया फिक्स किया है। नर्सरी में एडमिशन के लिए 3 साल, केजी में 4 साल, यूकेजी में 5 साल और फर्स्ट में 6 साल होने जरूरी हैं। स्टूडेंट्स की यह उम्र 1 अप्रैल 2026 को पूरी होनी चाहिए। एडमिशन प्रक्रिया को स्टेपवाइज जानिए…     ऑनलाइन करना होगा आवेदन: प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन के सिर्फ ऑनलाइन प्रक्रिया से ही होगा। स्कूल सीधे अपने स्तर पर एडमिशन नहीं देंगे। rte.epunjabschool.gov.in पोर्टल पर एडमिशन के लिए ऑनलाइन अप्लाई करना होगा।     रजिस्ट्रस्टेशन करना जरूरी: पेरेंट्स को एडमिशन के लिए पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना जरूरी होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद ऑनलाइन ही फार्म भरना होगा। आखिर में उसमें डॉक्यूमेंट अपलोड करने होंगे। पूरी प्रक्रिया अपनाने के बाद फाइनल सब्मिशन होगा।     ये सर्टिफिकेट जरूरी: ऑन लाइन फार्म भरते वक्त पेरेंट्स को बच्चे का बर्थ सर्टिफिकेट या अस्पताल का रिकार्ड, आंगनबाड़ी रिकार्ड अपलोड करना होगा। अगर कुछ भी उपलब्ध नहीं है तो पेरेंट्स को मजिस्ट्रेट से अटेस्टेड एफिडेविट देना होगा। रेजिडेंस सर्टिफिकेट के तौर पर आधार, वोटर आईडी, बिजली बिल पानी का बिल या राशन कार्ड अपलोड करना होगा। वहीं इलिजिबिलिटी के लिए कास्ट सर्टिफिकेट, इनकम सर्टिफिकेट, दिव्यांग सर्टिफिकेट, वार विडो या अनाथ का सर्टिफिकेट अपलोड करना होगा।     गलत जानकारी दी तो कानूनी कार्रवाई: ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन व फार्म भरते समय गलत जानकारियां दी गई या फिर कोई फर्जी डॉक्यूमेंट लगाए गए तो बच्चे का एडमिशन रद्द कर दिया जाएगा और अभिभावकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। डिपार्टमेंट किसी भी लेवल पर दस्तावेजों की वेरिफिकेशन कर सकता है। स्कूलों के लिए गाइड लाइन – कोई स्क्रीनिंग टेस्ट या कैपिटेशन फीस नहीं – RTE बच्चों के साथ कोई भेदभाव नहीं – उन्हें अलग कक्षा या अलग समय पर नहीं पढ़ाया जाएगा – लाइब्रेरी, कंप्यूटर, खेलकूद और अन्य सुविधाओं में बराबर अधिकार – कक्षाएं समावेशी और सुरक्षित रखनी होंगी – स्कूलों को पोर्टल पर नामांकन और उपस्थिति नियमित अपडेट करनी होगी। स्कूलों को फीस ऐसे मिलेगी -सरकार स्कूल को प्रति बच्चा व्यय या वास्तविक फीस जो भी कम होगा उसे देगी। -स्कूल को इसके लिए अलग बैंक खाता खोलना होगा, जिसमें केवल RTE राशि आएगी। -सरकार से सब्सिडी ले चुके स्कूलों को सरकार कोई राशि नहीं देगी। ऐसे कर सकेंगे शिकायत आरटीई से संबंधित शिकायतों के निवारण के लिए जिला शिक्षा अधिकारी शिकायत निवारण अधिकारी होंगे। अगर कोई आवेदन रद्द होता है तो एक सप्ताह के अंदर पेरेंट्स को लिखित शिकायत देनी होगी। जिला शिक्षा अधिकारी को 15 दिन में शिकायत का निपटारा करना होगा। जिला शिक्षा अधिकारी के फैसले के खिलाफ पंजाब स्टेट कमिशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट के पास अपील कर सकेंगे। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी को समय समय पर स्कूलों की जांच करनी होगी। अभिभावकों और स्कूलों के लिए अहम बातें यह SOP सिर्फ 2026-27 सत्र के लिए है, लेकिन विभाग समय-समय पर इनमें संशोधन कर सकता है। पंजाब में 1500 से ज्यादा प्राइवेट स्कूल पोर्टल पर रजिस्टर हो चुके हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने अपील की है कि पेरेंट्स तय समय पर सही दस्तावेज अपलोड करके बच्चों का रजिस्ट्रेशन करवाएं। स्कूल प्रबंधन बच्चों के साथ किसी तरह का भेदभाव न करें। भेदभाव करने की स्थिति में उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हाईकोर्ट ने फटकार लगाई तो शुरू किया पोर्टल पंजाब के प्राइवेट स्कूल्स में आरटीई के तहत एडमिशन न होने का मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में पहुंचा। कोर्ट के आदेश पर पिछले साल सरकार ने सभी प्राइवेट स्कूल प्रिंसिपल्स को 25 प्रतिशत सीटें खाली रखने के आदेश दिए लेकिन उन सीटों पर एडमिशन ही नहीं करवाए। कोर्ट ने फटकार लगाई तो एजुकेशन डिपार्टमेंट ने आरटीई पोर्टल पर स्कूलों की रजिस्ट्रेशन करवाई और अब एडमिशन का लिंक लाइव कर दिया।

महंगाई भत्ते में 4% बढ़ोतरी का अनुमान, आपकी मंथली सैलरी में ये बदलाव आएगा

  नई दिल्‍ली सरकारी कर्मचारियों को लंबे समय से महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का इंतजार है. कर्मचारियों का कहना है कि हर साल मार्च-अप्रैल के दौरान जनवरी का बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता जारी हो जाता है, लेकिन इस बार अभी तक महंगाई भत्ता नहीं आया है. लेकिन उम्‍मीद बनी हुई है. जल्‍द ही सरकार महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का ऐलान कर सकती है।  अगर आप सरकारी कर्मचारी हैं और अपनी सैलरी स्लिप पर नजर रखते हैं, तो महंगाई भत्ता (DA) में होने वाली अगली बढ़ोतरी आपके दिमाग में जरूर होगी. साथ ही ये बढ़ोतरी कितनी होगी, आंकड़े क्‍या कह रहे हैं और आपकी मंथली सैलरी में इजाफा कितना हो सकता है? यह सभी सवाल भी आपके दिमाग में चल रहे हैं, आइए जानते हैं।  कितनी हो सकती है बढ़ोतरी मौजूदा अनुमानों के अनुसार, आगामी महंगाई भत्ता (DA) में 2% से 4% की वृद्धि हो सकती है. इसका मतलब है कि कुल महंगाई भत्ता (DA) में थोड़ी बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे पिछले कई सालों से चली आ रही इसकी स्थिर वृद्धि जारी रहेगी. यह बढ़ोतरी पहले महीने के दौरान थोड़ी लग सकती है, लेकिन सालाना आधार पर देखें तो यह एक बड़ी बढ़ोतरी हो सकती है।  कैसे तय होता है महंगाई भत्ता?  इस बढ़ोतरी का अनुमान मनमाने तरीके से नहीं लगाया जाता है, बल्कि सीपीआई आंकड़ों पर निर्भर करता है. कंज्‍यूमर प्राइस इंडेक्‍स (CPI-IW) के 12 महीने के एवरेज पर बेस एक तय नियम के आधार पर महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की जाती है. इस बार महंगाई स्थिर है, लेकिन थोड़ी धीमी गति से बढ़ रही है, इसलिए महंगाई भत्ता में बढ़ोतरी एक सीम‍ित दायरे में रहने की संभावना है।  बैंकबाजार के सीईओ अदिल  शेट्टी इसे सरल शब्दों में समझाते हैं कि DA में संशोधन फॉर्मूला-आधारित होते हैं और CPI-IW के 12 महीने के एवरेज से जुड़े होते हैं. मौजूदा रुझान लगभग 2% से 4% की मामूली तेजी दिखा रहे हैं, जिससे कुल DA 60% या उससे थोड़ा ऊपर पहुंच जाएगा।  इससे आपकी सैलरी पर क्या असर पड़ेगा? महंगाई भत्ते में मामूली प्रतिशत की बढ़ोतरी भी आपकी सैलरी में इजाफा कर सकती है. 18,000 रुपये के मूल वेतन पर, DA से प्रति माह लगभग 360 से 540 रुपये की बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि 29,200 रुपये कमाने वाले व्यक्ति को लगभग 584 से 876 रुपये का लाभ हो सकता है।  इसके अलावा, 56,100 रुपये जैसे हाई सैलरी पर मंथली इजाफा 1,100 रुपये से अधिक हो सकती है. 2.5 लाख रुपये के मूल वेतन वाले सीनियर एम्‍प्‍लाई के लिए, लाभ हर महीने 5,000 रुपये से 7,500 रुपये तक हो सकती है. शेट्टी बताते हैं कि एक साल के दौरान, यह नियमित बढ़ोतरी बिना किसी भूमिका में बदलाव के आय में एक बड़ी उछाल दे सकती है।  महंगाई पर निर्भर  विशेषज्ञों का कहना है कि अंतिम आंकड़ा आने वाले महीनों में महंगाई के व्यवहार पर निर्भर करेगा. महंगाई भत्ता वृद्धि भले ही बहुत बड़ी न हो, लेकिन यह अपना उद्देश्य पूरा करती रहेगी. समय के साथ, ये छोटी-छोटी बढ़ोतरी जुड़ती जाती हैं, जिससे ऐसे माहौल में एक स्थिर वित्तीय सुरक्षा मिलती है डेली यूज की लागत लगातार बढ़ती रहती हैं। 

केंद्र ने पंजाब-चंडीगढ़ के किसानों को गेहूं खरीद के लिए दी विशेष छूट, राहत की खबर

चंडीगढ़  बेमौसम बारिश से जूझ रहे किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने हालात को देखते हुए बड़ा फैसला लेते हुए पंजाब और चंडीगढ़ में गेहूं की खरीद के लिए विशेष छूट को मंजूरी दे दी है, जिससे किसानों को बड़ा सहारा मिलने की उम्मीद है। इस संबंध में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सोशल मीडिया एक्स पर जानकारी दी है। उन्होंने लिखा," अनियमित वर्षा के चलते गेहूं खरीद में छूट देने का अनुरोध 9 अप्रैल 2026 को प्राप्त हुआ था। इसके तुरंत बाद 10 अप्रैल को सभी जिलों में हालात का जायजा लेने के लिए टीमों को तैनात किया गया। प्रभावित किसानों को मिलेगी तुरंत राहत मैदानी रिपोर्ट के आधार पर केंद्र सरकार ने रबी विपणन सत्र (RMS) 2026–27 के तहत यह अहम फैसला लिया है। मंत्री ने बताया कि इस कदम से किसानों को मजबूरी में फसल बेचने (डिस्ट्रेस सेल) से बचाया जा सकेगा और उन्हें उचित मूल्य मिल सकेगा। सरकार का कहना है कि ये छूटें RMS 2026–27 की शुरुआत से ही लागू होंगी, जिससे प्रभावित किसानों को तुरंत राहत मिलेगी। किसानों ने चक्का जाम का फैसला टाला केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने इस संबंध में पत्र राज्य सरकार को भेज दिया है। उन्होंने कहा कि यह आदेश आज से ही लागू हो जाएंगे। किसानों ने रेल का चक्का जाम करने की घोषणा की थी हालांकि बाद में उसे टाल दिया था। केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्‌टू ने भी सुबह ही इस संबंध में जानकारी दे दी थी। उन्होंने कहा था कि केंद्र सरकार ने एफसीआई के जरिए राज्य सरकार को गेहूं खरीद के मानकों में बदलाव की जानकारी दे दी थी। केंद्र सरकार के पत्र के अनुसार गेहूं खरीद के मानकों में दी गई छूट 1. कलर लॉस (चमक में कमी) वाले गेहूं की सीमा पूरे पंजाब और चंडीगढ़ (यू.टी.) में 70% तक बढ़ा दी गई है। 2. सिकुड़े हुए एवं टूटे हुए दानों की सीमा, जो पहले 6% थी, उसे बढ़ाकर 15% तक कर दिया गया है। 3. क्षतिग्रस्त एवं आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त दानों का कुल प्रतिशत 6% से अधिक नहीं होगा। 4. नए मानकों के तहत खरीदे गए गेहूं को अलग से रखा जाएगा और उसका अलग हिसाब रखा जाएगा। 5. नए मानकों के तहत खरीदे गए गेहूं के भंडारण के दौरान गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की गिरावट के लिए पंजाब सरकार और चंडीगढ़ (यू.टी.) स्वयं जिम्मेदार होंगे। 6. नए मानकों के तहत खरीदे गए गेहूं के स्टॉक का निपटान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। 7. इस छूट के कारण उत्पन्न किसी भी वित्तीय या परिचालन संबंधी प्रभाव की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।

पंथक मुद्दों पर सीएम मान की घेराबंदी, शिअद और सुखबीर बादल बने निशाने पर

अमृतसर  पंजाब की सियासत में इन दिनों एक पंथक मुद्दे पर खूब सियासत गरमाई हुई है। इस बार निशाने पर है शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष एवं पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर बादल।  सुखबीर के एक बयान से शुरू हुए इस विवाद पर पंथक नेताओं के साथ-साथ अब मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान भी आक्रामक दिख रहे हैं जबकि सुखबीर बादल इसे अपने और अपनी पार्टी के खिलाफ साजिश बता रहे हैं। बादल का दावा है कि शिअद पंथ और गुरुघर की सेवा करने वाली पार्टी है। दरअसल, यह सियासत 2 दिसंबर 2024 के उस हुक्मनामे से जुड़ी है जिसे श्री अकाल तख्त ने सुखबीर बादल के खिलाफ जारी किया था। बेअदबी के एक मामले में बादल और शिअद की समूची लीडरशिप श्री अकाल तख्त के समक्ष पेश हुई थी और तत्कालीन जत्थेदार ज्ञानी रघुबीर सिंह ने बादल को तनखाहिया घोषित उन्हें धार्मिक सजा दी थी। 13 अप्रैल को विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान भी सीएम ने इस मसले का जिक्र किया। विधानसभा की कार्यवाही देखने पहुंचे ज्ञानी रघुबीर सिंह ने भी बादल के इस बयान पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी। सीएम अब रैलियों के दौरान इस मुद्दे को खूब उछाल रहे हैं। सुखबीर बादल का दावा, उन्हें खत्म करने की साजिश सुखबीर बादल ने दावा किया था कि जिस दिन बहिबलकलां और बरगाड़ी की घटनाएं हुई थीं वे पंजाब से बाहर थे मगर यह विवाद खत्म करने के लिए उन्होंने सब कुछ अपनी झोली में पड़वा लिया था। बादल ने कहा था कि उन पर कई सियासी हमले हुए। कुछ लोग जो खुद को धार्मिक नेता कहते थे, वे उनकी सियासत को खत्म करना चाहते हैं। उन्होंने यहां तक साजिश कर दी थी कि सजा के दौरान उन्हें श्री हरिमंदिर साहिब के बाहर बिना सुरक्षा बैठने का हुक्म दिया गया। उन पर जानलेवा हमला हुआ मगर परमात्मा का हाथ उनके सिर पर था। फैसला साजिश थी, साबित करें बादल : ज्ञानी रघुबीर बादल के बयान पर श्री अकाल तख्त के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघुबीर सिंह ने कहा कि बादल का यह बयान श्री तख्त साहिब की पवित्रता का अपमान है। सजा किसी साजिश के तहत नहीं बल्कि बयानों पर आधारित थी। अकाली लीडरशिप ने अपने कामों को माना था। अपने कामों का इकबाल किया था और उन्हें रिवायती धार्मिक सेवा करने का मौका दिया गया था। सेवा करने के बावजूद सुखबीर बादल ने अपने कामों से इन्कार कर दिया है। बादल यदि श्री अकाल तख्त साहिब आकर यह साबित कर दें कि उस वक्त दिया फैसला एक साजिश का हिस्सा था तो वे सिख परंपराओं के अनुसार किसी भी धार्मिक सजा को स्वीकार करने को तैयार हैं। 2 दिसंबर 2024 का फैसला पंथक रिवायतों और कबूल किए हुए गुनाहों के मुताबिक था। अकाली दल बेअदबी के लिए दोषी है : मान इसी विवाद पर सीएम मान हमलावर हैं। उन्होंने कहा कि शिअद श्री गुरु साहिब जी की बेअदबी के लिए दोषी है। इन नेताओं के पाप माफ नहीं किए जा सकते। ये अवसरवादी नेता हैं जो अपनी सुविधा और निजी सियासी हितों के अनुसार गिरगिट की तरह अपने रंग और रुख बदलते रहते हैं। जो लोग बेअदबी के लिए जिम्मेदार हैं वे श्री अकाल तख्त साहिब के सामने पेश हुए और पूरी जनता के सामने अपना अपराध कबूल किया। हालांकि यह उनकी राजनीतिक इच्छाओं के अनुसार नहीं था इसलिए उन्होंने कुछ समय बाद यू-टर्न ले लिया और कहने लगे कि कुछ लोग केंद्रीय एजेंसियों के हाथों की कठपुतली बनकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे थे। अब पूरे प्रदेशवासी इन नेताओं का असली चेहरा जान गए हैं।