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श्रद्धालुओं से भरी बस श्री आनंदपुर साहिब से लौटते समय पलटी, 6 की मौत, कई घायल

श्री आनंदपुर साहिब  बैसाखी के मौके पर श्री आनंदपुर साहिब के दर्शन करके लौट रही संगत की बस फतेहगढ़ साहिब में पलट जाने से बड़ा हादसा हो गया। दर्दनाक हादसे में 6 श्रद्धालुओं की मौत उक्त हादसा बस्सी पठाना में देर रात हुआ, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के अनुसार, चुन्नी-मोरिंडा रोड पर गांव मैन माजरी के पास हुए इस दर्दनाक हादसे में 6 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। हादसे के समय बस में 35 से 40 श्रद्धालु सवार थे। बताया जा रहा है कि बस पलटने से हुए जोरदार धमाके की आवाज सुनकर आसपास के गांवों के लोग मौके पर पहुंच गए और बड़ी मुश्किल से श्रद्धालुओं को बस से बाहर निकाला। बेकाबू होकर खंभे से टकरा गई बस, करंट से झुलसे ये हादसा मंगलवार रात करीब 10 बजे बस्सी पठाना के मोरिंडा-चुन्नी रोड पर हिम्मतपुरा गांव के पास हुआ। बस में सवार श्रद्धालु मेन माजरी के रहने वाले थे। वह बैसाखी पर श्री आनंदपुर साहिब से माथा टेककर लौट रहे थे। बस में तकनीकी खराबी आ गई, जिसके कारण वह बेकाबू होकर खंभे से टकरा गई। बस पलटने के बाद बस के पलटने के बाद उसमें अचानक करंट आ गया। मौके पर चीख-पुकार और भारी अफरा-तफरी मच गई। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस को भी सूचना दी गई। पुलिस और राहत दल तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव अभियान शुरू किया। फतेहगढ़ साहिब के एसएसपी शुभम अग्रवाल ने बताया कि हादसा रात 9:30 से 10 बजे के बीच हुआ। शुरुआती जांच में बस के किसी हिस्से में खराबी की आशंका जताई जा रही है, जिसके कारण बस अचानक असंतुलित हो गई और सड़क किनारे लगे खंभे से जा सड़क किनारे लगे खंभे से जा टकराई है। उन्होंने बताया कि पुलिस और राहत टीम ने मौके पर पहुंचकर घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। घायलों को मोरिंडा और फतेहगढ़ साहिब अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। मंजिल के करीब ही हुआ हादसा बैसाखी के दिन बस्सी पठाना इलाके से श्रद्धालुओं का एक जत्था आनंदपुर साहिब दर्शन करने गया था। मैन माजरा में जहां श्रद्धालुओं ने उतरना था वो सिर्फ 1.5 किलोमीटर की दूरी पर था। इस से पहले ही भीषण हादसा हो गया। जिसमें 6 लोगों की जान चली गई और कई लोग जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। घायलों को इलाज के लिए पहुंचाया अस्पताल इसके बाद लोगों ने निजी वाहनों की मदद से घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। घायलों को सिविल अस्पताल फतेहगढ़ साहिब, बसी पठाना और मोरिंडा के सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंच गया। राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया। घायलों को निकालने में स्थानीय लोगों ने भी मदद की। फिलहाल, हादसे के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। बस के अनियंत्रित होने की वजह पता लगाने की कोशिश जारी है। वैसाखी जैसे खुशी के पर्व पर हुए इस हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। श्रद्धालुओं के परिवारों में शोक का माहौल है और हर कोई इस दर्दनाक घटना से स्तब्ध है।

पश्चिम यूपी के लिए गेमचेंजर होगा दिल्ली-बागपत-सहारनपुर-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर: सीएम योगी

दिल्ली-उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड को जोड़ने वाले दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का राष्ट्र को समर्पण पश्चिम यूपी के लिए गेमचेंजर होगा दिल्ली-बागपत-सहारनपुर-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर: सीएम योगी मुख्यमंत्री ने कहा, सहारनपुर से दिल्ली व देहरादून की यात्रा अब बेहद कम समय में होगी पूरी इकोनॉमिक कॉरिडोर देने के लिए पीएम मोदी का आभार जताया सीएम ने, कॉरिडोर के दायरे में आने वाले जनपदों के लोगों को दी बधाई इकोनॉमिक कॉरिडोर से वुडवर्क, स्पोर्ट्स गुड्स और कृषि उत्पादों को मिलेगा वैश्विक बाजार, उद्योग व रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे: मुख्यमंत्री सीएम ने कहा, ‘डबल इंजन’ सरकार की इंफ्रास्ट्रक्चर नीति का दिख रहा असर, क्षेत्रीय विकास को मिली नई रफ्तार जिन लोगों ने समाज को विभाजित किया, उनसे विकास और रोजगार की उम्मीद करना एक दिवास्वप्न: सीएम सहारनपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली-बागपत-सहारनपुर-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए गेमचेंजर बताते हुए कहा कि अब सहारनपुर से दिल्ली व देहरादून की दूरी काफी कम समय में पूरी की जा सकेगी। सीएम ने कॉरिडोर के लोकार्पण को प्रदेश के विकास का ऐतिहासिक क्षण बताते हुए इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि यह कॉरिडोर न केवल आवागमन को सुगम बनाएगा, बल्कि सहारनपुर के वुडवर्क, मेरठ के स्पोर्ट्स गुड्स और क्षेत्रीय किसानों के उत्पादों को राष्ट्रीय राजधानी से होते हुए वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगा। यह परियोजना क्षेत्र में औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित करते हुए ‘डबल इंजन’ सरकार की विकास दृष्टि को साकार करती है। कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को मिलेगी नई गति मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के कर-कमलों से दिल्ली-बागपत-सहारनपुर-देहरादून कॉरिडोर का लोकार्पण होना प्रदेश के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इस परियोजना से लाभान्वित होने वाले सभी जनपदवासियों को बधाई देते हुए पीएम मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया तथा केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी व एनएचएआई के अधिकारियों को भी धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस इकोनॉमिक कॉरिडोर के बन जाने से सहारनपुर से दिल्ली व देहरादून तक का सफर तेजी से पूरा किया जा सकेगा, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। प्रदेश के उत्पादों की वैश्विक बाजारों तक होगी पहुंच मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कॉरिडोर के माध्यम से सहारनपुर के वुडवर्क समेत शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ व बागपत में बनने वाले विभिन्न उत्पादों को नया प्रोत्साहन मिलेगा। जैसे मेरठ स्पोर्ट्स गुड्स निर्माण का केंद्र है, यह क्षेत्र मेहनती अन्नदाता किसानों का है। सरकार इस क्षेत्र में गन्ना, फल-सब्जी व विभिन्न खाद्यान्न उत्पादन को आगे बढ़ा रही है। अब इस इकोनॉमिक कॉरिडोर के रूप में इन सभी उत्पादों को राष्ट्रीय राजधानी के जरिए वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने का एक उत्कृष्ट माध्यम प्राप्त हो रहा है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में नया भारत विकास, सुशासन और सेवा का जो मॉडल स्थापित कर रहा है, उसे हम इस इकोनॉमिक कॉरिडोर के माध्यम से भी देख सकते हैं। महापुरुषों के सम्मान में होंगे विशेष कार्य मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का यह अवसर हम सबके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारत में सामाजिक न्याय को धरातल पर उतारने वाले संविधान शिल्पी बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी की आज 135वीं पावन जयंती है। उन्होंने संविधान के माध्यम से देश के हर नागरिक को चाहे वह किसी जाति का हो, किसी संप्रदाय का हो, किसी क्षेत्र का रहने वाला हो, महिला हो, पुरुष हो, बुजुर्ग हो या नौजवान, सभी को समान अधिकार देकर एक सशक्त भारत की नींव रखी। बाबा साहेब के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए प्रधानमंत्री जी ने देश में ‘पंचतीर्थ’ का निर्माण कराया। उनकी प्रेरणा से हमारी सरकार ने भी तय किया है कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर, सद्गुरु रविदास जी महाराज, महर्षि वाल्मीकि समेत सामाजिक न्याय के प्रणेता महापुरुषों की जहां-जहां मूर्तियां स्थापित हैं, वहां यदि बाउंड्री वॉल या मूर्ति के ऊपर छत नहीं है तो सरकार आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराकर इन कार्यों को पूर्ण कराएगी। इस कार्य की शुरुआत होने जा रही है। यह सम्मान आने वाली पीढ़ियों को एक सूत्र में जोड़ते हुए प्रधानमंत्री जी के ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ाता है। बड़े से बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में कोई दुविधा नहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश सुरक्षा, सुशासन, इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और निवेश का नया केंद्र बनकर उभरा है। ‘डबल इंजन’ सरकार की ताकत क्या होती है, यह आज स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। चाहे उत्तराखंड हो, उत्तर प्रदेश हो या दिल्ली, अब बड़े से बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में कोई दुविधा नहीं है। आज सहारनपुर में मां शाकुंभरी के नाम पर विश्वविद्यालय स्थापित हो चुका है। सरसावा में सिविल टर्मिनल समेत एयरपोर्ट का निर्माण हो रहा है। अब सहारनपुर का कोई नौजवान यदि फिल्मों में अपना करियर बनाना चाहता है तो जेवर में फिल्म सिटी का निर्माण भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह क्षेत्र भी अपनी प्रतिभा को समाज के सामने प्रस्तुत करने का एक सशक्त माध्यम है। समाज को बांटने वाले विकास के बारे में नहीं सोच सकते मुख्यमंत्री ने कहा कि जब विकास होता है, तो उसका प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है। मैं देख रहा था कि मां शाकुंभरी कॉरिडोर कितना भव्य बन रहा है। नवरात्रि से ठीक पहले मैं उसका निरीक्षण करने के लिए आया था। यह तभी संभव होता है, जब ऐसी सरकार हो जो विरासत का संरक्षण भी करती हो और विकास कार्यों को बिना रुके, बिना डिगे, बिना थके आगे बढ़ाती हो। जो लोग समाज को बांटने का काम करते हैं, जाति के नाम पर, परिवारवाद के नाम पर, जो वैमनस्यता फैलाते हैं, वे कभी विकास के बारे में नहीं सोच सकते। जिन लोगों ने समाज को विभाजित किया, जो अराजकता में विश्वास रखते हैं, जिन्होंने प्रदेश की पहचान पर संकट खड़ा किया, माफियाओं को प्रश्रय दिया और दंगों-कर्फ्यू को बढ़ावा दिया, उनसे यह उम्मीद करना कि वे विकास करेंगे, नौजवानों को रोजगार देंगे या किसानों के लिए काम करेंगे, अपने आप में एक दिवास्वप्न है। क्लस्टर विकसित करने पर जोर सीएम योगी ने कहा कि सरकार ने सहारनपुर, मेरठ और बागपत में सुदृढ़ इंडस्ट्रियल व हाउसिंग क्लस्टर विकसित करने का निर्देश दिया है। इससे बड़े पैमाने पर रोजगार के … Read more

ईरान को 12 साल लगेगा सिर्फ मरम्मत करने में, US से संघर्ष ने किया इतना नुकसान

तेहरान  अमेरिका और इजरायल के साथ हुए युद्ध से हुए नुकसान से उबरने में ईरान को 10 साल से ज्यादा का समय लगेगा। खबर है कि ईरान के सेंट्रल बैंक ने इससे जुड़ी जानकारियां सरकार के सामने रख दी हैं। साथ ही अर्थव्यवस्था को संभालने की अपील की है। कहा जा रहा है कि ईरान की अहम रिफाइनरी समेत कई जगहों को खासा नुकसान हुआ है। साथ ही मुल्क में तेजी से महंगाई बढ़ने की भी आशंका जताई जा रही है। ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की पहले से ही नाजुक अर्थव्यवस्था को 40 दिनों के युद्ध के दौरान जमकर नुकसान पहुंचा है। रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान को भेजे गए एक आकलन में वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया है कि इस नुकसान को ठीक करने में 12 साल तक का समय लग सकता है। कितना हुआ नुकसान, महंगाई होने वाली है युद्ध के दौरान कई बड़े एयरपोर्ट्स को नुकसान पहुंचा। जबकि, तेल ठिकानों, रिफाइनरीज और पेट्रोकेमिकल संस्थानों को भी निशाना बनाया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने चेताया है कि उत्पादन क्षमता को हुए नुकसान के चलते आने वाले महीनों में महंगाई तेजी से बढ़ सकती है। राष्ट्रपति को भेजे गए आकलन में बताया गया है कि औद्योगिक इनपुट सप्लाई ऐसे ही कम बनी रही तो महंगाई में 180 प्रतिशत का इजाफा हो सकता है। अमेरिका से सुलह की सलाह रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि सेंट्रल बैंक के गवर्नर अब्दुल नसीर हेम्मती ने राष्ट्रपति से अर्थव्यवस्था को स्थिर करने की अपील की है। साथ ही उन्होंने इंटरनेट सुविधा को पूरी तरह से बहाल करने और अमेरिका के साथ समझौता करने की सलाह भी दी है। इंटरनेट ने दिया बड़ा झटका युद्ध के दौरान ईरान में लंबे समय तक इंटरनेट बंद रहा था। कहा जा रहा था कि इंटरनेट बंद करने का फैसला साइबर अटैक से बचने के लिए लिया गया था। अब ईरान की डिजिटल इकोनॉमी मुल्क की जीडीपी का 5-6 प्रतिशत है। अब ऐसे में इंटरनेट के बंद होने के चलते पेमेंट सिस्टम, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स ठप हो गए थे। क्यों नहीं हो पाया समझौता ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने विफल शांति वार्ता के बाद सोमवार को कहा कि लंबी बैठक से कोई सबक नहीं सीखा गया। समझौते के करीब पहुंचने के बावजूद वार्ता विफल हो गई। एक्स पर पोस्ट में उन्होंने लिखा कि ईरान ने पूरी निष्ठा से इस बैठक में भाग लिया लेकिन अमेरिका की मांगे बढ़ती मांगों, लक्ष्य और नाकेबंदी के चलते ये वार्ता टूट गई। दूसरे दौर की बातचीत की कोशिश भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली ने सोमवार को कहा है कि अमेरिका कोई गैर कानूनी मांग न करे और तेहरान की शर्तों को माने, तो हम अमेरिका के साथ दूसरे दौर की वार्ता के लिए तैयार हैं। भारत में ईरानी राजदूत ने आरोप लगाया कि वार्ता के दौरान अमेरिकी पक्ष ने गैरकानूनी मांगें रखीं, जिसके कारण बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकल सका। अमेरिका कीी नाकेबंदी के सवाल पर उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान की क्षमताओं से भली-भांति परिचित है। ये पता होना चाहिए कि होर्मुज ईरान के जल क्षेत्र में आता है। पश्चिम एशिया संकट पर उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में ईरान और भारत का साझा भविष्य जुड़ा है।

क्या है अमरावती कांड में मोबाइल से डाउनलोड किए गए वीडियो का सच?

अमरावती   महाराष्ट्र के अमरावती में एक ऐसे युवक को गिरफ़्तार किया गया है, जिस पर कम से कम 180 नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण करने और 350 से ज़्यादा अश्लील वीडियो बनाने का आरोप है। पुलिस ने एक BJP सांसद की शिकायत के बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए यह गिरफ़्तारी की। युवक की उम्र महज 19 साल है। उसका नाम मोहम्मद अयान अहमद उर्फ तनवीर अहमद है। उसे 21 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने बताया कि परतवाड़ा शहर के रहने वाले मोहम्मद अयाज़, उर्फ़ तनवीर पर आरोप है कि उसने लड़कियों को लव ट्रैप में फंसाया। लड़कियों को मुंबई और पुणे ले गया और उनके अश्लील वीडियो बनाए। जबरदस्ती यौन शोषण, फिर ब्लैकमेलिंग नागपुर से 180 किलोमीटर दूर, पास के शहर परतवाड़ा और अचलपुर इस स्कैंडल से हिल गए। जो 180 वीडियो बरामद हुए हैं उनमें वह नाबालिग लड़कियों से ज़बरदस्ती करते हुए दिखाई दे रहा है। आरोप है कि अयान अहमद इन वीडियो का इस्तेमाल लड़कियों को ब्लैकमेल करने और उन्हें वेश्यावृत्ति में धकेलने के लिए किया गया। इनमें से कुछ वीडियो ऑनलाइन भी बड़े पैमाने पर शेयर किए गए। अयान के साथ कोई और भी शामिल? आरोपी अयान अहमद तनवीर अहमद पर आरोप है कि उसने लड़कियों को रिश्तों में फंसाया, फिर उनकी मर्ज़ी के बिना वीडियो बनाते हुए उनके साथ शारीरिक और यौन शोषण किया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि कुछ वीडियो में आरोपी खुद भी दिखाई दे रहा है। वीडियो को देखकर शक है कि किसी दूसरे साथी ने भी इस यौन शोषण का वीडियो बनाने में उसकी मदद की होगी। राज्यसभा सांसद ने किया हंगामा सोमवार को तब हंगामा मच गया जब राज्यसभा सांसद डॉ. अनिल बोंडे और BJP के प्रदेश प्रवक्ता शिवराय कुलकर्णी ने अमरावती ग्रामीण SP विशाल आनंद से शिकायत की। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी ने सोशल मीडिया के ज़रिए कई लड़कियों को फंसाया और उनके साथ यौन शोषण किया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो वे ज़ोरदार आंदोलन करेंगे। आंदोलन की धमकी राज्यसभा सांसद अनिल बोंडे ने पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) विशाल आनंद को एक ज्ञापन दिया। उन्होंने कहा कि नाबालिगों को WhatsApp और Snapchat ग्रुप्स के ज़रिए सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया गया। अगर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन नहीं किया गया, तो वे बुधवार सुबह वह अपने समर्थकों के साथ SP के कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन करेंगे। आरोपी अब पुलिस हिरासत में है, और उससे ज़्यादा जानकारी हासिल करने के लिए उसके फ़ोन की जांच की जा रही है। साथ ही, साइबर सेल ने सोशल मीडिया से वीडियो हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। पुलिस उन लोगों की पोस्ट पर नजर रख रही है जिन्होंने ये वीडियो डाउनलोड किए हैं और उन्हें दोबारा शेयर कर रहे हैं। इधर सामाजिक बदनामी के डर से अब तक किसी भी पीड़ित या उसके परिवार के सदस्य ने कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। मैं पीड़ितों के परिवारों से आगे आने की अपील करता हूं और उन्हें भरोसा दिलाया कि उनकी पहचान गुप्त रखी जाएगी। इसके अलावा, राज्य सरकार उनकी कानूनी और काउंसलिंग सेवाओं का भी ध्यान रखेगी। सीएम देवेंद्र फडणवीस की नजर में मामला अमरावती के पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी इस मामले का संज्ञान लिया है। बावनकुले ने कहा कि मैंने DGP से बात की है, क्योंकि यह एक बहुत बड़ा मुद्दा है। इस मामले के कई पहलू हैं, जिनका ज़िक्र अभी मीडिया में नहीं किया जा सकता। हम जांच करेंगे और आरोपी के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई करेंगे। मोहम्मद अयाज़ कथित तौर पर पहले AIMIM में एक पदाधिकारी के तौर पर काम कर चुका है। उसके सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो और तस्वीरों में, वह MIM के अमरावती अध्यक्ष, हाजी इरफान खान से एक पत्र लेते हुए और पार्टी की रैलियों में सोशल मीडिया 'रील्स' बनाते हुए दिखाई देता है। हालांकि, मामला सामने आने के बाद उसके इंस्टाग्राम अकाउंट से ऐसे कई वीडियो हटा दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज 11 बजे घोषित करेंगे एमपी बोर्ड कक्षा 10वीं-12वीं के परीक्षा के परिणाम

भोपाल.  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को समत्व भवन, भोपाल से एमपी बोर्ड कक्षा 10वीं, 12वीं एवं विद्यालय पूर्व शिक्षा में डिप्लोमा (डी.पी.एस.ई.) मुख्य परीक्षा 2026 के परीक्षा परिणाम घोषित करेंगे। यह परिणाम 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे जारी किया जाएगा। माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा विद्यार्थियों की सुविधा के लिए विभिन्न वेबसाइटों पर परिणाम देखने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा छात्र-छात्राएं अपना रिजल्ट मोबाइल ऐप, डिजिलॉकर के माध्यम से भी अपना परीक्षा परिणाम आसानी से देख सकेंगे। विद्यार्थी इन वेबसाइटों पर देख सकेंगे परीक्षा परिणाम https://mpbse.mponline.gov.in https://www.digilocker.gov.in/web/dashboard/issuers https://www.jagranjosh.com https://education.indianexpress.com https://www.fastresult.in https://www.hindustantimes.com/education www.livehindustan.com https://toi.in/mpbseresult_class12 https://toi.in/mpbseresult class10 https://www.tv9hindi.com/education https://www.news9live.com https://www.ndtv.in https://arivihan.com/search-mp-board-result मोबाइल ऐप पर भी देख सकेंगे परिणाम कक्षा 10वीं और 12वीं का परीक्षा परिणाम विद्यार्थी और अभिभावक मोबाइल पर भी देख सकेंगे। इसके लिए विद्यार्थियों को Google Play Store पर जाकर MPBSE MOBILE App अथवा MP Mobile App Download करना होगा। फिर Know Your Result आप्शन का चयन कर विद्यार्थी को अपना अनुक्रमांक (Roll Number) और आवेदन क्रमांक (Application Number) डालकर (submit) करना होगा। इसके अलावा विद्यार्थी Digilocker के माध्यम से अपना परीक्षा परिणाम देख सकेंगे।  

महिलाओं की राजनीतिक सहभागिता और लोकतांत्रिक अधिकारों को नई ऊंचाइयां मिलेंगी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

रवीन्द्र भवन में 15 अप्रैल को होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम विभिन्न क्षेत्रों की उत्कृष्ट उपलब्धि प्राप्त महिलाएं होंगी शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में महिलाओं की राजनीतिक सहभागिता और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों को नई ऊंचाइयां देने के लिए राज्य सरकार द्वारा ऐतिहासिक पहल की जा रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पारित 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' की मूल भावना को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से प्रदेश भर में 10 से 25 अप्रैल तक "नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा" मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में 15 अप्रैल को शाम 4 बजे रवीन्द्र भवन में राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम होगा। इस दौरान "महिला नेतृत्व की यात्रा" विषय पर एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जो महिला शक्ति के गौरवशाली इतिहास और भविष्य की संभावनाओं को दर्शाएगी। इस गरिमामयी समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव शामिल होंगे और शासन व्यवस्था में महिलाओं की प्रत्यक्ष भागीदारी सुनिश्चित करने और नीति-निर्माण की प्रक्रियाओं में उनकी भूमिका को सुदृढ़ करने पर विशेष विमर्श करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस अवसर पर प्रदेश की महिलाओं को संबोधित भी करेंगे और सरकार के उस संकल्प को दोहराएंगे, जिसके तहत मध्यप्रदेश की लोकतांत्रिक संस्थाओं में महिलाओं की आवाज और अधिक मुखर होगी। कार्यक्रम में महिला सशक्तीकरण की दिशा में सक्रिय प्रदेश की अग्रणी महिला नेत्रियां शामिल होंगी। समारोह में महिला एवं बाल विकास मंत्री सुनिर्मला भूरिया, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिभा बागरी और श्रीमती राधा सिंह सहित प्रतिष्ठित शिक्षाविद सुशोभा पेठणकर की विशेष रूप से उपस्थिति रहेगी। जमीन से लेकर शिखर तक का प्रतिनिधित्व समारोह में विभिन्न क्षेत्रों की उत्कृष्ट उपलब्धि प्राप्त महिलाओं को आमंत्रित किया गया है। इसमें पद्मसे सम्मानित विभूतियां, महिला चिकित्सक, वकील, कलाकार और इंजीनियर शामिल होंगी। साथ ही, समाज की मुख्यधारा को गति देने वाली लाड़ली बहना, लाड़ली लक्ष्मी, स्व-सहायता समूहों की सदस्य, मैदानी स्तर पर कार्य करने वाली पर्यवेक्षक एवं परियोजना अधिकारी और महिला मीडिया प्रतिनिधि भी इस कार्यक्रम का अभिन्न हिस्सा बनेंगी। गांव-गांव तक फैलेगी चेतना की लहर पखवाड़े के दौरान केवल भोपाल ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में जन-जागरूकता के अभियान चलाए जा रहे हैं। डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती प्रदेश की समस्त ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाएं आयोजित हो रही हैं। जिनमें 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के महत्व पर ग्रामीण महिलाओं के साथ संवाद हुआ। साथ ही प्रत्येक विधानसभा और लोकसभा क्षेत्र में 'नारी शक्ति पदयात्रा' और शिक्षण संस्थानों में 'युवा संवाद' जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से युवा पीढ़ी को इस सामाजिक बदलाव से जोड़ा जा रहा है। शासन का मानना है कि महिलाओं की निर्णय क्षमता में वृद्धि होने से न केवल सामाजिक चेतना आएगी, बल्कि जन-विश्वास भी और अधिक गहरा होगा।  

एमपी ने एचपीवी टीकाकरण में दिखाया नेतृत्व, 5 लाख का हुआ वैक्सीनेशन, पश्चिम बंगाल में एक भी किशोरी को नहीं लगी वैक्सीन

 भोपाल  सर्विकल कैंसर से बचाव के लिए ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) रोधी टीकाकरण अभियान में मध्य प्रदेश ने देशभर में पहला स्थान हासिल किया है। 28 फरवरी से शुरू हुए विशेष अभियान के तहत 14 से 15 वर्ष की किशोरियों को टीका लगाने का लक्ष्य तय किया गया था। प्रदेश में इस आयुवर्ग की अनुमानित संख्या आठ लाख है, जिनमें से 12 अप्रैल तक पांच लाख 86 हजार यानी 73 प्रतिशत किशोरियों को टीका लगाया जा चुका है। खास बात यह है कि केंद्र द्वारा निर्धारित छह लाख टीकाकरण का लक्ष्य भी प्रदेश ने समय रहते पूरा कर लिया है, जबकि अन्य बड़े राज्य इस मामले में काफी पीछे हैं। देवास टीकाकरण अभियान के तहत 12457 बालिकाओं ने लगवाया टीका जिले में कलेक्टर ऋतुराज सिंह के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। जिले में 10 स्थानों पर यह टीकाकरण किया जा रहा है।  मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सरोजिनी जेम्स बेक ने बताया कि जिला चिकित्सालय देवास सहित स्वास्थ्य केंद्रों में 14 वर्ष की बेटियों को टीका लगाया जा रहा है। अब तक देवास जिले में अभियान के दौरान 12457 बालिकाओं ने सर्वाइकल कैंसर से बचाव का टीका लगवाया है।  जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सुनील तिवारी ने बालिकाओं के अभिभावकों से आग्रह किया है कि वे अपनी किशोरी बालिकाओं का एचपीवी टीकाकरण अवश्य कराएं और उन्हें सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित भविष्य प्रदान करने में सहयोग करें। MP के कई जिलों ने 90% से अधिक लक्ष्य हासिल किया एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान में जिला स्तर पर भी बेहतर प्रगति देखने को मिल रही है। डिंडोरी और राजगढ़ ने 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया है, जबकि खंडवा (98.47%) और बालाघाट (96.50%) भी लक्ष्य के बेहद करीब हैं। सागर में 92.86% और खरगोन में 91.11% टीकाकरण दर्ज किया गया है। भोपाल संभाग के रायसेन (89.26%) और नर्मदापुरम (87.82%) में भी अच्छी प्रगति हुई है। कटनी में 83.41% और मुरैना में 82.87% कवरेज दर्ज किया गया है। खास बात यह है कि सागर जिले में एक सप्ताह में 10,537 टीकाकरण कर तेजी दिखाई गई। अन्य राज्यों की स्थिति कमजोर यू-विन पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार, 10 अप्रैल तक गुजरात में 36 प्रतिशत, आंध्र प्रदेश में 34 प्रतिशत, कर्नाटक में 24 प्रतिशत और महाराष्ट्र में मात्र तीन प्रतिशत टीकाकरण हो सका है। वहीं उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल जैसे राज्य एक प्रतिशत लक्ष्य भी हासिल नहीं कर पाए हैं। इससे स्पष्ट है कि मध्य प्रदेश ने इस अभियान को गंभीरता से लागू कर बेहतर परिणाम हासिल किए हैं। कई विभागों के समन्वय से मिली गति स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस सफलता के पीछे विभिन्न विभागों की संयुक्त भागीदारी अहम रही। स्कूल शिक्षा विभाग ने जागरूकता अभियान चलाया, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने किशोरियों को टीकाकरण केंद्रों तक पहुंचाने में सहयोग किया, जबकि महिला एवं बाल विकास विभाग ने अभिभावकों को प्रेरित किया। इसके अलावा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने पीडीएस दुकानों के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का काम किया। शुरुआती धीमी गति के बाद इसी समन्वय से अभियान ने रफ्तार पकड़ी। अब नियमित टीकाकरण के रूप में जारी रहेगा अभियान राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अधिकारियों का कहना है कि विशेष अभियान को जल्द ही समाप्त कर इसे नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा। इसके तहत जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, सिविल अस्पतालों और चयनित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में निर्धारित दिनों पर टीका लगाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक किशोरियां लाभान्वित हो सकें। टीकाकरण से 70-80 प्रतिशत तक बचाव संभव एम्स भोपाल के पूर्व स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. अजय हलदर के अनुसार, सर्विकल कैंसर का मुख्य कारण ह्यूमन पैपिलोमा वायरस है। एचपीवी टीका और नियमित पेप्समीयर जांच से इस बीमारी से 70 से 80 प्रतिशत तक बचाव संभव है। वर्तमान में एक डोज का टीका लगाया जा रहा है। निजी अस्पतालों में इसकी कीमत 1900 से 3000 रुपये के बीच है, जबकि शासकीय स्तर पर यह निशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। देश के टॉप स्टेट में शामिल है एमपी राज्य स्तर पर एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान का कुल लक्ष्य 8 लाख 3 हजार 684 किशोरियों को टीका लगाने का है। अब तक 2 लाख 8 हजार 873 का टीकाकरण हो चुका है, जो कुल लक्ष्य का लगभग 25.99 प्रतिशत है। राष्ट्रीय स्तर पर एमपी का प्रदर्शन बेहतर है। टॉप स्टेट्स में प्रदेश शामिल है। हालंकि, शहरी क्षेत्रों के आंकड़े इस प्रदर्शन को कमजोर बना रहे हैं। इन जिलों का प्रदर्शन भी चिंताजनक रिपोर्ट में कई जिले ऐसे भी हैं जहां स्थिति बेहद चिंताजनक है। रीवा (9.59%), धार (7.93%), शिवपुरी (7.88%) और इंदौर (3.96%) जैसे जिलों में टीकाकरण 10 प्रतिशत से भी नीचे है। इन जिलों में जागरूकता की कमी, टीकाकरण को लेकर हिचक और अभियान की कमजोर मॉनिटरिंग को संभावित कारण माना जा रहा है। हर साल सवा लाख महिलाएं आ रहीं चपेट में भारत में हर साल करीब 1.25 लाख महिलाएं सर्वाइकल कैंसर की चपेट में आती हैं और लगभग 75 हजार महिलाओं की मौत हो जाती है। यह बीमारी धीरे-धीरे विकसित होती है और शुरुआती चरण में अक्सर लक्षण नहीं दिखते। डॉक्टरों का कहना है कि किशोरावस्था में वैक्सीनेशन भविष्य में इस बीमारी से बचाव का सबसे सुरक्षित और प्रभावी तरीका है। ऐसे करा सकते हैं रजिस्ट्रेशन अभिभावक यू-विन डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए स्लॉट बुक कर सकते हैं। इसके अलावा सीधे नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर भी संपर्क किया जा सकता है। भोपाल में यह सुविधा 18 केंद्रों पर उपलब्ध है, जिनमें एम्स भोपाल, जिला अस्पताल, सिविल अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। टीकाकरण के समय उम्र का प्रमाण, मोबाइल नंबर और अभिभावक की सहमति जरूरी होगी।

MP Board Result 2026: 10वीं और 12वीं के नतीजे आज, सीएम मोहन यादव से होगी आधिकारिक घोषणा

भोपाल  माध्यमिक शिक्षा मंडल एमपी बोर्ड की कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों का इंतजार खत्म होने वाला है। जानकारी के अनुसार, छात्रों का रिजल्ट आज यानी 15 अप्रैल को जारी होगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव भोपाल में स्थित सीएम हाउस से 11 बजे परिणाम घोषित करेंगे। छात्र छात्राएं बोर्ड की विभिन्न आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना रिजल्ट देख सकते हैं।   प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 10वीं और 12वीं का रिजल्ट एक साथ जारी करेंगे. छात्र अपना रिजल्ट एमपी बोर्ड की बेवसाइट पर भी देख सकेंगे. इसके अलावा मोबाइल ऐप पर भी रिजल्ट को देखा जा सकेगा। मोबाइल ऐप से देख सकेंगे रिजल्ट छात्र अपना रिजल्ट डिजिलॉकर के जरिए भी देख सकेंगे. इसके अलावा छात्र एमपी बोर्ड की मोबाइल ऐप पर जाकर भी रिजल्ट देख सकेंगे. इसके लिए स्टूडेंट्स को गूगल प्ले स्टोर से एमपी बोर्ड का मोबाइल ऐप एमपीबीएसई या फिर एमपी मोबाइल ऐप डाउनलोड करना होगा. इसके बाद 'नो योर रिजल्ट' पर सिलेक्ट कर अपना रोल नंबर और आवेदन क्रमांक डालना होगा. इसे डालते ही रिजल्ट सामने होगा।  16 लाख स्टूडेंट्स बैठे थे परीक्षा में एमपी बोर्ड की परीक्षा में प्रदेश में 16 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया था. इसमें करीबन 9 लाख 7 हजार स्टूडेंट्स कक्षा 10वीं में बैठे थे, जबकि 7 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स ने 12वीं कक्षा की परीक्षा दी थी. परीक्षा के लिए प्रदेशभर में 3856 एग्जाम सेंटर बनाए गए थे. दोनों ही परीक्षाएं फरवरी माह में शुरू हुई थीं. बारहवीं की 10 फरवरी से 7 मार्च तक परीक्षाएं चली थीं, जबकि कक्षा 10वीं की 13 फरवरी से 6 मार्च तक परीक्षा चली थीं।  मध्यप्रदेश में देर रात बड़ी प्रशासनिक सर्जरी, 26 IAS के तबादले, भोपाल, सागर सहित 14 जिलों के कलेक्टर बदले रिजल्ट बेहतर आने की उम्मीद इस बार एमपी बोर्ड का रिजल्ट 2025 के मुकाबले 21 दिन पहले जारी होने जा रहा है. 2025 में 6 मई को एमपी बोर्ड का रिजल्ट जारी किया गया था. एमपी बोर्ड का रिजल्ट इस बार पिछले साल के मुकाबले कुछ बेहतर आने के संकेत मिल रहे हैं. हालांकि, बोर्ड के रिजल्ट में उतार-चढ़ावा आता रहा है।  इन विभिन्न आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते है Result     mpbse.nic.in     mpresults.nic.in     mpbse.mponline.gov.in     mpbse मोबाइल ऐप या mpmobile ऐप के जरिए भी रिजल्ट देखा जा सकता है। कैसे चेक करें रिजल्ट?     सबसे पहले एमपी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं     होमपेज पर कक्षा 10वीं या 12वीं का रिजल्ट लिंक दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें     अब आपके सामने लॉगिन पेज खुलेगा, जिसमें रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि जैसी जानकारी भरकर लॉगिन करें      इसके बाद आपका रिजल्ट स्क्रीन पर दिखेगा      भविष्य के लिए रिजल्ट का प्रिंटआउट जरूर निकाल लें   एमपी बोर्ड का रिजल्ट और पिछले कुछ सालों के आंकड़े     साल 2025 में कक्षा 10वीं का रिजल्ट 76.22 फीसदी और 12वीं का 74.48 फीसदी रहा था.     साल 2024 में कक्षा 10वीं का रिजल्ट 58.10 फीसदी और 12वीं का 64.49 फीसदी रहा था.     साल 2023 में कक्षा 10वीं का रिजल्ट 63.29 फीसदी और 12वीं का 55.28 फीसदी रहा था.

RBI की नई तैयारी, UPI पेमेंट्स में 1 घंटे की देरी, जानें क्यों बदल रहे हैं ये नियम

 नई दिल्ली  भारत में यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) डिजिटल पेमेंट्स की पॉपुलैरिटी किसी से छिपी नहीं है. इंस्टैंट पेमेंट्स की वजह से UPI को मनी ट्रांसफर और किराने की दुकान तक पर यूज किया जा रहा है. अब इसी खूबी को कुछ समय के लिए बदला जा सकता है।  भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इसको लेकर चर्चा पत्र जारी किया है, जिसमें डिजिटल फ्रॉड पर लगाम लगाने के लिए ट्रांजैक्शन पर कुछ घंटे की देरी का नियम लाने का प्रस्ताव दिया है. पेमेंट्स में करीब 1 घंटे तक की देरी होगी।  RBI का यह प्रपोजल कुछ पेमेंट्स के प्रोसेस के तरीकों को बदलने के लिए है. अगर ये नियम लागू होता है तो 10 हजार रुपये से अधिक रुपये वाली पेमेंट्स तुरंत कंप्लीट नहीं होगी. इस पेमेंट्स को कंप्लीट होने में कुछ समय लगेगा।  रुपये भेजने वाले के बैंक खाते से रकम तुरंत कट जाएंगी लेकिन जिसके बैंक खाते में रुपये पहुंचने हैं, उसको 1 घंटे के बाद रिसीव होंगे. यह बदलाव सुरक्षा के मद्देनजर लाया जा रहा है. इस दौरान सेंडर्स चाहें तो पेमेंट्स को 1 घंटे के अंदर कैंसिल भी कर सकते हैं।  इस कड़े कदम के पीछे की सबसे बड़ी वजह ऑनलाइन धोखाधड़ी से होने वाला भारी नुकसान है। साल 2025 में ही भारत में डिजिटल फ्रॉड के कारण लोगों ने 22,000 करोड़ रुपये से ज्यादा गंवा दिए हैं। आंकड़े बताते हैं कि भले ही 10,000 रुपये से बड़े ट्रांजेक्शन संख्या में कम हों, लेकिन फ्रॉड की कुल वैल्यू का करीब 98.5% हिस्सा इसी कैटेगरी से आता है। अक्सर ठग 'सोशल इंजीनियरिंग' यानी लोगों को डराकर या लालच देकर तुरंत पैसे ट्रांसफर करवा लेते हैं। 1 घंटे की इस देरी (Holding Period) का मकसद पीड़ित व्यक्ति को सोचने और समझने का समय देना है। अगर किसी को पता चलता है कि उसके साथ धोखा हुआ है, तो वह उस एक घंटे के भीतर अपना ट्रांजेक्शन कैंसिल कर सकेगा और अपनी मेहनत की कमाई को डूबने से बचा पाएगा। सिर्फ 1 घंटे का ब्रेक ही नहीं, RBI सुरक्षा के लिए कुछ और भी बड़े बदलाव करने जा रहा है। बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए नियम बनाया जा रहा है कि 70 साल से अधिक उम्र के लोग अगर 50,000 रुपये से ज्यादा ट्रांसफर करते हैं, तो उनके किसी भरोसेमंद व्यक्ति (Trusted Person) की अनुमति जरूरी होगी। साथ ही, बैंकों को निर्देश दिया जा सकता है कि अगर किसी व्यक्तिगत या छोटे बिजनेस खाते में अचानक 25 लाख रुपये से ज्यादा जमा होते हैं, तो बैंक पूरी पुष्टि के बाद ही उसे क्रेडिट करे। इसके अलावा, एक 'किल स्विच' (Kill Switch) का विकल्प भी दिया जाएगा, जिससे कोई भी ग्राहक फ्रॉड का शक होने पर एक ही बटन दबाकर अपनी UPI, नेट बैंकिंग और कार्ड जैसी सभी डिजिटल सेवाओं को तुरंत बंद कर सकेगा। हालांकि इससे कुछ लोगों को तात्कालिक असुविधा हो सकती है, लेकिन आपकी जमापूंजी को सुरक्षित रखने के लिए यह एक क्रांतिकारी कदम साबित हो सकता है। 1 घंटे देरी का नियम P2P ट्रांसफर पर लागू होगा  ध्यान देने वाली बात यह है कि ये नियम सिर्फ पर्सन टू पर्सन (P2P) ट्रांसफर पर लागू होगा. दुकान पर QR कोड के जरिए होने वाले पेमेंट्स पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।  साइबर ठगी पर नकेल कसने की तैयारी   RBI इस लिए ये बदलाव लाना चाहता है ताकि का साइबर ठगी पर नकेल कसी जा सके. साइबर ठगी के केस में रुपये कुछ मिनट के अंदर ना जाने कितने सारे अकाउंट से होकर गुजर जाते हैं और कैश के रूप में निकाल लिए जाते हैं. इसके बाद रिकवरी में परेशानी आती है।  1 घंटे की देरी का फॉर्मुला कैसे आएगा काम?    RBI की सलाह है कि 1 घंटे की देरी मददगार साबित होगी. रिजर्व बैंक इस देरी को गोल्डन आवर के रूप में मानता है, जहां यूजर्स को खुद सोचने का समय मिलेगा और इससे ठगी से बाहर निकलने का मौका मिलेगा. खाता धारक चाहे तो ट्रांजैक्शन को 1 घंटे के अंदर कैंसिल भी कर सकेंगे।  यहां गौर करने वाली बात यह है कि डेली पेमेंट्स पर कोई असर नहीं पड़ेगा. ऑटो डेबिट और सब्सक्रिप्शन वाली पेमेंट्स पर कोई असर नहीं दिखाई देगा. अगर शख्स किसी अनजान व्यक्ति को रुपये ट्रांसफर करते हैं, तो उसको ज्यादा सेफ्टी मिलेगी। 

दुबई में मंदी, भारत में प्रॉपर्टी निवेश का सुनहरा मौका, गुरुग्राम और मुंबई हॉटस्पॉट बने

 गुरुग्राम / मुंबई ईरान-अमेरिका संघर्ष के कारण दुबई के प्रॉपर्टी बाजार की रफ्तार सुस्त पड़ गई है, जिससे अब यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या इसका फायदा भारतीय लग्जरी रियल एस्टेट को मिल सकता है. दुबई लैंड डिपार्टमेंट के आंकड़ों के अनुसार, फरवरी के अंत से संपत्ति की बिक्री में साल-दर-साल 44 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है. यह मंदी घरों, विला, ऑफिस और कमर्शियल मार्केट, सभी क्षेत्रों में देखी जा रही है।  बाजार विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितता के दौर में निवेशक आमतौर पर घरेलू बाजारों को प्राथमिकता देते हैं, जो तुलनात्मक रूप से स्थिर होते हैं. भारत का आवासीय क्षेत्र, जिसे मजबूत मांग और आर्थिक विकास का समर्थन प्राप्त है, उन निवेशकों से लाभ उठा सकता है जो फिलहाल विदेशी निवेश को टाल रहे हैं या उस पर पुनर्विचार कर रहे हैं।  28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले किए थे, जिसके जवाब में ईरान ने इस क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों और सहयोगियों (यूएई सहित) पर जवाबी हमले किए. इससे पश्चिम एशिया में संघर्ष और गहरा गया है।  दुबई में आई इस सुस्ती से भारत के लिए अल्पकालिक अवसर पैदा हो सकते हैं. विशेष रूप से गुरुग्राम, मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों के लग्जरी हाउसिंग मार्केट में तेजी देखने को मिल सकती है. जब विदेशी बाजारों में अस्थिरता बढ़ती है, तो निवेशक अक्सर भारत जैसे स्थिर और मजबूत आर्थिक विकास वाले घरेलू बाजारों का रुख करते हैं. ऐसे में जो निवेश दुबई जाने वाला था, उसके अब भारत की ओर मुड़ने की संभावना बढ़ गई है।  बाजार पर्यवेक्षकों का कहना है कि शुरुआती संकेतों से पता चलता है कि दुबई, जो वैश्विक निवेशकों की दिलचस्पी वाला दूसरा सबसे बड़ा रियल एस्टेट मार्केट है, वहां लेन-देन पर फिलहाल ब्रेक लग गया है. मौजूदा अनिश्चितता निवेशकों के भरोसे पर भारी पड़ रही है. बाजार में सावधानी का आलम यह है कि कुछ खरीदार अपनी खरीदारी को टाल रहे हैं और सौदों को पूरा होने में पहले से कहीं ज्यादा समय लग रहा है।  मौजूदा अनिश्चितता निवेशकों के मनोबल को प्रभावित कर रही है. स्थिति यह है कि कई खरीदार फिलहाल खरीदारी टाल रहे हैं और जो सौदे अंतिम चरण में थे, उन्हें पूरा होने में भी अब काफी समय लग रहा है. यह निवेशकों के बेहद सतर्क रुख को दर्शाता है।