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योगी सरकार की नीतियों ने खोली युवा शक्ति के लिए उद्यमिता की राह

नव निर्माण के 9 वर्ष: एमएसएमई क्षेत्र में 3 करोड़ 11 लाख से अधिक को रोजगार योगी सरकार की नीतियों ने खोली युवा शक्ति के लिए उद्यमिता की राह  देश में सबसे ज्यादा 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां उत्तर प्रदेश में 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों के धरातल पर आने से सृजित हुए 60 लाख रोजगार के अवसर लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में यूपी सरकार ने गत 9 वर्षों में युवा शक्ति के लिए उद्यमिता की राह प्रशस्त की है। इसके लिए सीएम युवा जैसी योजनाओं को आगे बढ़ाने के साथ-साथ एमएसएमई सेक्टर को मजबूत किया गया, जिसका परिणाम यह है कि आज यह सेक्टर न सिर्फ अधिकाधिक युवाओं को रोजगार दे रहा है, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था की धुरी भी बना है। इसके अतिरिक्त राज्य में निवेश आमंत्रण के लिए योगी सरकार द्वारा उठाए गए ठोस कदमों ने भी युवाओं के लिए रोजगार के लाखों अवसर सुनिश्चित किए हैं। योगी सरकार की उद्योग समर्थित नीतियों का असर है कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में लगभग 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए हैं, जिनसे 1 करोड़ 10 लाख से अधिक युवाओं के लिए रोजगार और सेवायोजन के अवसर सृजित होने की संभावना बनी है। इनमें से लगभग 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं, जिनसे करीब 60 लाख रोजगार के अवसर तैयार हुए हैं। बड़े पैमाने पर निवेश आने से प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियां तेज हुई हैं, जिसका सीधा लाभ युवाओं को रोजगार के रूप में मिल रहा है। निवेश के साथ उद्योगों के विस्तार से प्रदेश में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं। एमएसएमई बना रोजगार का मजबूत आधार प्रदेश में सूक्ष्म लघु और मध्यम (एमएसएमई) उद्यम क्षेत्र रोजगार सृजन का एक मजबूत आधार बनकर उभरा है। वर्तमान में प्रदेश में 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां हैं जो देश में सर्वाधिक हैं। एमएसएमई क्षेत्र के माध्यम से प्रदेश में 3 करोड़ 11 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। सरकार द्वारा इस क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण और बाजार उपलब्ध कराने जैसे कई कदम उठाए गए हैं। ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट) योजना को एमएसएमई से जोड़ने से छोटे उद्योगों को विस्तार मिला, जिससे न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है बल्कि ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर बढ़े हैं। स्वरोजगार योजनाओं से युवाओं को नई दिशा युवाओं को रोजगार देने के साथ साथ उन्हें स्वरोजगार की ओर प्रेरित करने के लिए भी कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के अंतर्गत अब तक 38 हजार से अधिक युवाओं को लाभान्वित किया गया है और 1097.10 करोड़ रुपये से अधिक की मार्जिन मनी वितरित की गई है। इसी तरह प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत 32,936 लाभार्थियों को 1105.49 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी दी गई, जिससे 2 लाख 63 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिला। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत 4 लाख 20 हजार से अधिक कारीगरों और पारंपरिक श्रमिकों को लाभान्वित किया गया है, जिससे उन्हें अपना हुनर आगे बढ़ाने में मदद मिली है।

मंत्री केदार कश्यप का बयान: राज्य में वनों के संरक्षण और संवर्धन के लिए हो रहे निरंतर प्रयास

रायपुर : जीवन प्रकृति पर आधारित,राज्य में वनों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास-मंत्री केदार कश्यप विश्व वानिकी दिवस पर कार्यशाला आयोजित वैज्ञानिक तकनीक, वनीकरण के महत्व और भविष्य के लिए वनों के प्रबंधन पर विशेषज्ञों की चर्चा  विश्व वानिकी दिवस पर कार्यशाला आयोजित रायपुर विश्व वानिकी दिवस 21 मार्च के अवसर पर, वन विभाग और विभिन्न संगठनों द्वारा वन संरक्षण, वृक्षारोपण और पर्यावरण जागरूकता के लिए कार्यशालाएं आयोजित की जाती हैं। इन कार्यक्रमों में वैज्ञानिक तकनीक, वनीकरण के महत्व और सतत भविष्य के लिए वनों के प्रबंधन पर विशेषज्ञ चर्चा करते हैं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप रहे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोगों का जीवन प्रकृति पर आधारित है और राज्य में वनों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने वन क्षेत्र में वृद्धि, वन्यजीवों की संख्या में बढ़ोतरी और राज्य की पहली रामसर साइट की उपलब्धि की सराहना की। साथ ही विभागीय योजनाओं को लक्ष्य आधारित और चरणबद्ध तरीके से लागू करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में टीईआरआई नई दिल्ली द्वारा वन पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं के मूल्यांकन, जलवायु परिवर्तन और पारंपरिक ज्ञान से संबंधित पुस्तकों का विमोचन किया गया।                विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य जलवायु परिवर्तन केंद्र, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा अरण्य भवन, नया रायपुर स्थित दण्डकारण्य सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।  कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड विकास मरकाम ने की। उन्होंने कहा कि वनों को न काटे न कटने दे ये सरकार और हम सभी समाज के लोगों का कर्तव्य भी है। अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण कुमार पाण्डेय सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।            अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा ने कहा कि वनों की भूमिका को स्थानीय अर्थव्यवस्था और आजीविका से जोड़ते हुए जैव विविधता संरक्षण के साथ आर्थिक लाभ सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन से जुड़े वित्तीय संसाधनों जैसे जीसीएफ, जीईएफ और अन्य योजनाओं के तहत परियोजनाएं तैयार करने पर जोर दिया।            कार्यशाला में तकनीकी सत्र और पैनल चर्चा भी आयोजित की गई। तकनीकी सत्र में वनों से मिलने वाली पारिस्थितिकी सेवाओं पर प्रस्तुतीकरण, ग्रीन क्लाइमेट फंड परियोजनाओं की जानकारी तथा नाबार्ड द्वारा उपलब्ध वित्तीय सहायता के विकल्पों पर चर्चा की गई। वहीं, पैनल चर्चा में विशेषज्ञों ने वानिकी और जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में हो रही प्रगति पर अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर राष्ट्रीय अनुकूलन कोष परियोजना से जुड़े हितग्राहियों ने भी अपने अनुभव साझा किए।           उल्लेखनीय है कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रत्येक वर्ष 21 मार्च को विश्व वानिकी दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष की थीम “वन और अर्थव्यवस्थाएँ” है, जिसका उद्देश्य वनों के आर्थिक और पर्यावरणीय महत्व को उजागर करना है। यह कार्यशाला राज्य में वन आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने, जैव विविधता संरक्षण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

निवेशकों में हड़कंप: ट्रंप बयान से शेयर बाजार धड़ाम, निफ्टी 550 अंक टूटा

मुंबई आज शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिल रही है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण एशियाई बाजारों में गिरावट आई है। इसका असर घरेलू शेयर बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। सेंसेक्स लगभग 1,800 अंकों की गिरावट के साथ 72,700 पर कारोबार कर रहा है। वहीं, निफ्टी भी लगभग 550 अंक गिरकर 22,650 के स्तर पर आ गया है। आज बैंकिंग, ऑटो, FMCG और IT सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिल रही है। सेंसेक्स में शामिल सभी 30 शेयर आज लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। इस गिरावट के चलते BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 7.74 लाख करोड़ कम होकर 421 लाख करोड़ रह गया है। इस बीच, शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुँच गया। शुरुआती कारोबारी घंटों के दौरान, रुपया अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 0.1 प्रतिशत कमजोर होकर 93.83 पर आ गया। पिछले सत्र में, इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 93.53 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था, जो 64 पैसे की बड़ी गिरावट थी। वैश्विक तनाव बढ़ने के बीच, विदेशी पूंजी के लगातार बाहर जाने और कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल के कारण रुपया इस समय दबाव में है। किन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट आई? सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 28 में गिरावट आई है, जबकि निफ्टी के 50 शेयरों में से 48 नीचे कारोबार कर रहे हैं। टाटा स्टील, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और JSW स्टील में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली है। इसके विपरीत, ONGC और HCL Tech में बढ़त दर्ज की गई है। वहीं, NSE निफ्टी इंडिया वोलैटिलिटी इंडेक्स 10 प्रतिशत बढ़कर 25.09 पर पहुँच गया। यह निवेशकों के बीच फैले डर का एक संकेत है। व्यापक बाजार में, निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 1.90 प्रतिशत गिरा है, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 2.18 प्रतिशत नीचे आया है। सेक्टर के हिसाब से, निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली है, जो लगभग 3 प्रतिशत नीचे आया है। Nifty Bank और Nifty Metal इंडेक्स में भी गिरावट देखने को मिली है। इस बीच, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। Brent crude $113 प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है, जो 77 सेंट ज्यादा है। US का बेंचमार्क, WTI crude, 1.05 प्रतिशत बढ़कर $99.26 प्रति बैरल पर पहुँच गया। शेयर बाजार क्यों गिरा? US के राष्ट्रपति Donald Trump ने चेतावनी दी है कि अगर Iran 48 घंटों के भीतर Strait of Hormuz को फिर से नहीं खोलता है, तो उसके पावर प्लांट तबाह कर दिए जाएँगे। इस वजह से आज एशियाई बाजारों में भारी गिरावट देखने को मिली। South Korea का शेयर बाजार खुलते ही लगभग छह प्रतिशत तक गिर गया। Japan के शेयर बाजार में भी चार प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का ऐलान: महतारी वंदन योजना के लिए पोर्टल फिर खोला जाएगा, छूटी महिलाओं को मिलेगा मौका

दुर्ग छत्तीसगढ़ की महिला बाल विकास विभाग की मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा है कि लोगों को हर चीज मंहगाई के हिसाब से नहीं देखनी चाहिए। मंत्री दुर्ग जिले के भिलाई में आयोजित राज्य स्तरीय महिला सहकारिता सम्मेलन में शामिल होने के लिए पहुंची थीं। मीडिया के सवालों का जबाव देते हुए उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई, गैस सिलेंडर के संकट को वैश्निक चुनौती के कारण हो रहा है। मंत्री ने कहा- लोगों को हर चीज केवल महंगाई के नजरिए से नहीं देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश इस समय वैश्विक चुनौतियों से गुजर रहा है लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत मजबूती से खड़ा है। इसके साथ ही उन्होंने महतारी वंदन योजना के लिए भी खुशशबरी दी। उन्होंने कहा कि जो महिलाएं छूट गई हैं उन्हें इस योजना में शामिल किया जाएगा। तारीख तय नहीं पर नोम जोड़े जाएंगे मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा- सरकार महिलाओं के लिए विशेष योजना चला रही है। उन्होंने कहा कि यहां महिला आबादी को फोकस किया जा रहा है। अभी महतारी वंदन योजना से 70 लाख महिलाओं को लाभ मिल रहा है। जिन महिलाओं के नाम छूट गए हैं, उन्हें भी जल्द जोड़ा जाएगा। पोर्टल दोबारा खोला जाएगा और सभी पात्र महिलाओं को लाभ दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी तारीख अभी तय नहीं है, लेकिन नाम जोड़ने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। गैस सिलेंडर के दामों पर क्या बोलीं गैस सिलेंडर की किल्लत को लेकर उन्होंने कहा कि कुछ समय के लिए कठिनाइयां सभी के जीवन में आती हैं। अंतरराष्ट्रीय हालात का जिक्र करते हुए बताया कि गैस सिलेंडर बाहर से आने के कारण ऐसी स्थिति बनी है। उन्होंने कहा कि महिलाएं हर परिस्थिति को संभालने में सक्षम हैं। थोड़ी दिक्कत जरूर है, लेकिन देश सुरक्षित है, यह सबसे बड़ी बात है। गैस के कीमत में वृद्धि अस्थाई है मंत्री ने कहा कि इन्हीं कठिन परिस्थितियों से आगे चलकर जीवन आसान बनता है और सिलेंडर के दाम में वृद्धि अस्थायी है। वहीं, धर्म स्वतंत्रता विधेयक पर उन्होंने कहा कि यह कानून सर्वसम्मति से पारित हुआ है।  

अमोनिया टैंक ब्लास्ट से दहला प्रयागराज: कोल्ड स्टोरेज गिरा, मजदूरों के फंसे होने की आशंका

 प्रयागराज गंगापार इलाके के फाफामऊ के पास चंदापुर गांव में स्थित कोल्ड स्टोरेज धराशायी हो गया। तेज आवाज के साथ अमोनिया गैस टैंक फटने के चलते हादसा हुआ है। शीतगृह जिस समय गिरा उस समय वहां पर दो दर्जन से अधिक मजदूर मौजूद थे, जो मलबे में दब गए। दमकलकर्मियों और पुलिसकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद मजदूरों को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा। चार मजदूरों की हालत नाजुक बताई जा रही है। यह शीतालय पूर्व मंत्री अहमद का  बताया जा रहा है।   फाफामऊ क्षेत्र के चंदापुर में प्रयागराज-लखनऊ हाईवे पर स्थित सपा  नेता  और पूर्व  मंत्री  अंसार  अहमद का कोल्ड स्टोरेज तेज धमाके के साथ धराशायी हो गया। अमोनिया गैस टैंक फटने के  चलते यह हादसा हुआ है। मलबे में डेढ़ दर्जन से अधिक मजदूर दब गए। आनन फानन में सभी को बाहर निकाला गया। इसमें चार की हालत नाजुक बताई जा रही है। मौके पर  दमकल की कई गाड़ियों के साथ कई एंबुलेंस और  आसपास के थानों की पुलिस फोर्स रेस्क्यू  आपरेशन में जुट गई है। हादसे के चलते मलाक हरहर में लखनऊ हाईवे पर वाहनों का आवागमन रोक दिया गया है। मौके पर जिलाधिकारी मनीष कुमा वर्मा, पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार समेत तमाम अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। मलबे में डेढ़ दर्जन से आशंका जताई जा रहा है। कई लोगों को बाहर निकालकर एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाया गया है। फाफामऊ समेत आसपास के कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई है। बताया जा रहा है कि मौके से निकाले गए चार मजदूरों की हालत नाजुक बनी हुई है। मौके पर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम भी बचाव कार्य में जुट गई है। दर्जन भर से अधिक जेसीबी मलबो को हटाकर दबे हुए लोगों को खोज रही है। अमोनिया गैस रिसाव के बाद मौके पर अफरातफरी का माहौल है। टैंकर फटने की आवाज सुनकर लोग थर्रा गए। गैस के चलते बचाव कार्य में भी बाधा आ रही है। पूर्व मंत्री अंसार अहमद का है कोल्ड स्टोरेज सपा के नेता और पूर्व मंत्री अंसार अहमद का कोल्ड स्टोरेज बताया जा रहा है। घटना को लेकर लोगों में काफी आक्रोश देखा जा रहा है।  मलबे में दबे घायलों को निकालकर एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम  ने भी संभाला मोर्चा। मलबे में दबे घायलों को निकालकर पहुंचाया अस्पताल। 

यूपी में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस का नया युग, सीएम योगी करेंगे AI-आधारित ‘निवेश मित्र 3.0’ का शुभारंभ

यूपी में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस का नया युग, सीएम योगी करेंगे एआई-आधारित ‘निवेश मित्र 3.0’ का शुभारंभ कार्यक्रम में 85 कंपनियों को प्रदान किया जाएगा लेटर ऑफ कंफर्ट और एलिजिबिलिटी सर्टिफिकेट सब्सिडी के रूप में सीएम योगी वितरित करेंगे ₹2,781 करोड़ से अधिक की धनराशि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ‘बिजनेस पार्क स्कीम-2025’ का भी करेंगे शुभारंभ डिजिटल, पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल सिस्टम से $1 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को मिलेगी नई गति लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के क्षेत्र में एक नए युग की ओर बढ़ रहा है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री 24 मार्च को लोक भवन, लखनऊ में उन्नत सिंगल विंडो पोर्टल ‘निवेश मित्र 3.0’ का भव्य शुभारंभ करेंगे। यह पहल प्रदेश में निवेश को प्रोत्साहित करने, उद्योगों की स्थापना को सरल बनाने और उत्तर प्रदेश को $1 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को गति देने की दिशा में एक बड़ा कदम होगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ‘यूपी प्राइवेट बिजनेस पार्क डेवलपमेंट स्कीम-2025’ का भी शुभारंभ करेंगे।  कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों (मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, सीमेंट, फूड प्रोसेसिंग, आयरन एंड स्टील, ऑटोमोबाइल और सेवाओं) से जुड़ी 85 कंपनियों को लेटर्स ऑफ कम्फर्ट (LoCs), एलिजिबिलिटी सर्टिफिकेट (ECs), भूमि आवंटन पत्र और कुल ₹2,781.12 करोड़ की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। साथ ही, औद्योगिक विकास को नई गति देते हुए डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट, ट्रांसफर यानी डीबीएफओटी (पीपीपी) फ्रेमवर्क पर आधारित अभिनव 'प्लग-एंड-प्ले इंडस्ट्रियल शेड्स योजना' का भी अनावरण किया जाएगा, जो निवेशकों को तत्काल उत्पादन शुरू करने में मदद करेगा। नेक्स्ट-जनरेशन ‘निवेश मित्र 3.0’: तेज, पारदर्शी और स्मार्ट सिस्टम निवेश मित्र 3.0 को एक नेक्स्ट-जनरेशन डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में तैयार किया गया है, जो उद्योगों को स्वीकृतियों और क्लीयरेंस की प्रक्रिया को पहले से अधिक तेज़, पारदर्शी और सहज बनाएगा। यह प्लेटफॉर्म निवेश मित्र 2.0 की मजबूत नींव पर आधारित है, जिसमें 43 विभागों की 530 से अधिक सेवाएं एकीकृत थीं। नए संस्करण में सेवाओं को तर्कसंगत बनाते हुए 40 से अधिक विभागों की 200 से कम सेवाओं तक सीमित किया गया है, जिससे अनावश्यक प्रक्रियाओं को समाप्त कर कार्यकुशलता बढ़ाई गई है। एआई और डिजिटल सुविधाओं से लैस होगा प्लेटफॉर्म निवेशकों को बेहतर अनुभव देने के लिए इस पोर्टल में कई उन्नत तकनीकी सुविधाएं जोड़ी गईं हैं, जिनमें एआई-आधारित चैटबॉट द्वारा त्वरित सहायता, आवेदन की स्थिति पर रियल-टाइम एसएमएस अलर्ट, एकीकृत कम्बाइंड एप्लिकेशन फॉर्म (CAF), जीआईएस-आधारित लैंड बैंक से उपयुक्त भूमि की पहचान और ग्राउंड-ब्रेकिंग से लेकर उत्पादन तक ऑनलाइन ट्रैकिंग शामिल है। इसके साथ ही नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम (NSWS) के साथ एकीकरण से केंद्र और राज्य स्तर की स्वीकृतियों में बेहतर समन्वय सुनिश्चित होगा। प्रक्रियाओं में बड़ा सरलीकरण प्रक्रियाओं को आसान बनाने के लिए आवेदन प्रणाली में महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। इसके तहत, लगभग 25% कम फील्ड, 15% कम दस्तावेज, करीब 20% कम प्रक्रियात्मक चरण को शामिल किया गया है। इन सुधारों से अनुमोदन प्रक्रिया अधिक तेज और निवेशक अनुकूल बनेगी। निवेश मित्र: सफलता की मजबूत नींव वर्ष 2018 में शुरू होने के बाद से निवेश मित्र पोर्टल ने 21 लाख से अधिक आवेदनों का निस्तारण किया है और 97% की प्रभावशाली सफलता दर हासिल की है। नया संस्करण इस सफलता को और आगे बढ़ाते हुए डिजिटल गवर्नेंस और डेटा-ड्रिवन सिस्टम को मजबूत करेगा। ‘निवेश मित्र 3.0’ और नई नीतियों के माध्यम से प्रदेश में निवेश का माहौल और मजबूत होगा, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन, औद्योगिक विकास और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह पहल उत्तर प्रदेश को देश के सबसे आकर्षक निवेश गंतव्यों में स्थापित करने के साथ-साथ ‘आत्मनिर्भर भारत’ और $1 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। एमओयू से बढ़ेगा कौशल और उद्यमिता का दायरा कार्यक्रम के दौरान इन्वेस्ट यूपी और Xylemx LLP एवं Maker Ghat के बीच एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट सेल की स्थापना के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इसके अलावा, द कन्वर्जेंस फाउंडेशन के साथ स्किल कनेक्ट सेल के लिए भी एमओयू किया जाएगा, जिससे उद्योग और कौशल विकास के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ समेत प्रदेश सरकार और इन्वेस्ट यूपी के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। साथ ही देश भर के निवेशक भी कार्यक्रम के दौरान उपस्थित रहेंगे।

एमपी में 26 मार्च से बारिश और आंधी, 20 जिलों में पड़ेगा असर, 3 दिन तक गर्मी जारी

भोपाल  मध्यप्रदेश में मार्च के आखिरी सप्ताह में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। 26 मार्च से प्रदेश में बारिश का दौर शुरू हो सकता है। इस नए सिस्टम का प्रभाव खासतौर पर पूर्वी क्षेत्रों—जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के 20 से अधिक जिलों में देखने को मिलेगा। इससे पहले अगले तीन दिनों तक प्रदेश में गर्मी का असर तेज रहेगा। दिन के तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, 26 मार्च से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा, जिसका असर मध्य प्रदेश में भी पड़ेगा।फिलहाल दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उससे सटे पाकिस्तान के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, लेकिन इसका प्रभाव मध्य प्रदेश में नहीं दिखेगा। अगले तीन दिनों तक चढ़ेगा अधिकतम तापमान वहीं बारिश से पहले लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ेगा. मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले 3 दिनों में दिन के तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है. रविवार को भी प्रदेश के अधिकांश शहरों में पारा 32 डिग्री के पार रहा. जबकि 18 से 21 मार्च के बीच प्रदेश में बारिश का दौर चला था, जिसके थमते ही गर्मी का असर बढ़ गया है. अब 26 मार्च से शुरू होने वाले नए सिस्टम से एक बार फिर तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है. प्रदेश में रायसेन जिले में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 37.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान कटनी के करौंदी में 9.4°C दर्ज किया गया. इस तरह रहा बड़े शहरों अधिकतम तापमान  भोपाल में 33.0°C इंदौर में 33.4°C जबलपुर में 31.3°C ग्वालियर में 31.8°C उज्जैन में 34.0°C बड़े शहरों का न्यूनतम तापमान भोपाल में  14.9°C इंदौर में 17.3°C जबलपुर में 14.5°C ग्वालियर में 16.5°C उज्जैन में 15.2°C बारिश थमते ही बढ़ी गर्मी 18 से 21 मार्च के बीच प्रदेश में बारिश और ओलों का दौर रहा। शनिवार और रविवार को मौसम साफ होते ही तापमान में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई। रविवार को अधिकांश शहरों में तापमान 32 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया। अगर प्रमुख शहरों की बात करें, तो उज्जैन में 34°C, इंदौर में 33.3°C, भोपाल में 33°C, ग्वालियर में 31.8°C और जबलपुर में 31.3°C तापमान दर्ज किया गया। वहीं, नर्मदापुरम प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 37.7°C रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा रायसेन में 37.6°C, रतलाम में 37.2°C, खरगोन और नरसिंहपुर में 36°C तथा गुना में 33°C तापमान दर्ज हुआ। रविवार को प्रदेश के लगभग सभी शहरों में तापमान में बढ़ोतरी देखी गई। बारिश-ओलों से बदला था मौसमह ल ही में 18 से 21 मार्च के बीच प्रदेश में कई जगहों पर बारिश और ओलावृष्टि हुई थी, जिससे मौसम ठंडा रहा। हालांकि, शनिवार और रविवार को यह सिलसिला थम गया, जिसके बाद गर्मी ने फिर जोर पकड़ लिया। इंदौर-भोपाल समेत इन शहरों में बढ़ा तापमान रविवार को प्रदेश के ज्यादातर शहरों में तापमान 32 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। उज्जैन में 34 डिग्री, इंदौर में 33.3 डिग्री, भोपाल में 33 डिग्री, ग्वालियर में 31.8 डिग्री और जबलपुर में 31.3 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं, नर्मदापुरम सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा रायसेन में 37.6 डिग्री, रतलाम में 37.2 डिग्री, खरगोन और नरसिंहपुर में 36 डिग्री तथा गुना में 33 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। कुल मिलाकर, रविवार को लगभग हर शहर में दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखी गई। चार दिन से 45 जिलों में गिरा पानी, ओलावृष्टि भी हुई बता दें कि पिछले 4 दिन से एक्टिव स्ट्रॉन्ग सिस्टम से कुल 45 जिलों में आंधी-बारिश का दौर रहा। इनमें से 17 जिलों में ओले भी गिरे। तेज आंधी की वजह से केला, पपीता और गेहूं की फसलों पर असर पड़ा। ऐसे में अब किसान मुआवजे की मांग उठा रहे हैं। धार, खरगोन समेत कई जिलों में ज्यादा असर रहा। फरवरी में 4 बार ओले गिरे, मार्च में तीन बार इस बार फरवरी में मौसम का मिजाज चार बार बदला। शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रह चुका है। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीगा। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर रहा। मार्च में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो गई। पहले पखवाड़े में तेज गर्मी वाला मौसम रहा। इसी बीच अब मौसम का मिजाज बदल रहा है। मौसम विभाग की माने तो इस सीजन मार्च में पहली बार स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो गया। जिसका असर चार दिन तक बना रहा। इसकी वजह से लगातार तीन दिन तक ओले गिर चुके हैं। अब 26 मार्च से नया सिस्टम एक्टिव होगा। अप्रैल-मई में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ेगी मौसम विभाग ने इस साल अप्रैल और मई में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ने का अनुमान जताया है। इन दो महीने के अंदर ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में पारा 45 डिग्री के पार पहुंच सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग भी गर्म रहेंगे। भोपाल में दिन में तेज गर्मी के साथ बारिश भोपाल में मार्च महीने में दिन में तेज गर्मी पड़ने के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च महीने में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। इसके चलते दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी होने लगती है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 30 मार्च 2021 को अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 41 डिग्री पहुंच चुका है। वहीं, 45 साल पहले 9 मार्च 1979 की रात में पारा 6.1 डिग्री दर्ज किया गया था। वर्ष 2014 से 2023 के बीच दो बार ही अधिकतम तापमान 36 डिग्री के आसपास रहा। बाकी सालों में पारा 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है।  

PM मोदी ने समझाया पूरा रोडमैप: तेल-गैस संकट में कैसे सुरक्षित रहेगा भारत

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान में जारी जंग के चलते जारी तेल और गैस को लेकर लोकसभा में भाषण दिया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि देश के लोगों के हित सुरक्षित रहेंगे और सरकार सभी जरूरी प्रयास कर रही है। उन्होंने इस दौरान यह भी कहा कि हम शांति के पक्ष में हैं और इसके लिए सारे प्रयास करेंगे। यही नहीं उन्होंने यह चिंता भी जताई कि इस जंग का असर लंबे समय तक रह सकता है और हमें संयम के साथ हालात से निपटने के लिए तैयार रहना होगा। पीएम मोदी ने कहा कि हम कोरोना में तैयार थे और उसका फायदा मिला था। उसी तरह हमें फिर से धीरज और संयम के साथ हर चुनौती का सामना करना है। यही हमारी पहचान है और यही हमारी ताकत है। हमें बहुत सावधान और सतर्क भी रहना है। हालात का फायदा उठाने वाले झूठ फैलाने का भी प्रयास करेंगे। ऐसे लोगों की कोशिशों को सफल नहीं होने देना है। करीब एक करोड़ भारतीय खाड़ी देशों में रहते हैं और वहां काम करते हैं। वहां समंदर में चलने वाले जहाजों में भी बड़ी संख्या में क्रू मेंबर भारतीय ही हैं। इसलिए यह जरूरी है कि भारत की संसद से एकजुट आवाज दुनिया में जाए। इस जंग के शुरू होने के बाद से ही प्रभावित देशों में भारतीयों को जरूरी मदद दी जा रही है। मैंने खुद पश्चिम एशिया के सभी देशों के राष्ट्राध्यक्षों से दो राउंड फोन पर बात की है। सभी ने भारतीयों की सुरक्षा का भरोसा दिया है। दुर्भाग्य से इस दौरान कुछ भारतीयों की मृत्य हुई है और कुछ घायल हुए हैं। प्रभावित देशों में हमारे मिशन भारतीयों को मदद कर रहे हैं। वहां गए पर्यटक हों या फिर काम करने वाले लोग, सभी को हेल्प की जा रही है। हमारे दूतावासों की ओर से लगातार एडवाइजरी जारी हो रही है और हेल्प लाइन भी स्थापित हैं। देश-विदेश में भारतीयों की सुरक्षा हमारे लिए प्राथमिकता रही है। युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 3 लाख 75 हजार भारतीय वापस लौट चुके हैं। ईरान समेत कई देशों में सीबीएसई के स्कूल चलते हैं। वहां सुरक्षा के लिहाज से परीक्षाएं भी रद्द की गई हैं। भारत में बड़ी मात्रा में कच्चा तेल, गैस और फर्टिलाइजर होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते से आते हैं। इस जंग के बाद से ही जहाजों का आना-जाना चुनौतीपूर्ण हो गया है। इसके बाद भी हमारी सरकार का यह प्रयास रहा है कि पेट्रोल, डीजल और गैस की सप्लाई ज्यादा प्रभावित ना हो। हम सभी जानते हैं कि देश अपनी जरूरत की 60 फीसदी एलपीजी आयात करता है। इसकी सप्लाई में अनिश्चितता के कारण सरकार ने घरेलू उपयोग को प्राथमिकता दी है। इसके अलावा देश में ही इसके उत्पादन को बढ़ाया जा रहा है। पेट्रोल और डीजल की सप्लाई सुचारू रूप से होती रहे। इसके लिए भी काम किया जा रहा है। देश में कितना बड़ा है तेल का भंडार, PM मोदी ने बताई तैयारी बीते एक दशक में एनर्जी सिक्योरिटी को लेकर उठाए गए कदम और भी प्रासंगिक हो गए हैं। अपने अपने ऊर्जा आयात को डाइवर्सिफाई किया है। पहले 27 देशों से हम आयात करते थे। अब एनर्जी इंपोर्ट हमारा 41 देशों से हो रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि हमारे पास 53 लाख मीट्रिक तेल रिजर्व है। हम 65 लाख तक इसे पहुंचाने के लिए काम कर रहे हैं। कंपनियों के पास जो रिजर्व होता है, वह अलग है। हम अलग-अलग देशों के साथ भी संपर्क में है, जहां से सप्लाई ली जाए। हमारी प्राथमिकता यही है कि जहां से भी संभव हो, वहां से सप्लाई आती रहे। भारत की सरकार खाड़ी और उसके आसपास के रास्तों पर नजर बनाए हुए है। हमारी पूरी कोशिश है कि भारत आने वाले सभी जहाज सुरक्षित रूप से यहां पहुंचें। पेट्रोल, डीजल के संकट से निपटने में किस चीज का फायदा देश की एक और तैयारी इस समय काम आ रही है। बीते 10 से 11 सालों में एथेनॉल की ब्लेंडिंग पर खूब काम हुआ है। आज पेट्रोल में 20 फीसदी एथेनॉल ब्लेंडिंग हो रही है। इससे हमें प्रति वर्ष करीब 4 करोड़ बैरल तेल हर साल कम इंपोर्ट हो रहा है। इससे बड़ा फायदा हो रहा है। फिर रेलवे के विद्युतीकरण ने भी हमें फायदा पहुंचाया है। पीएम मोदी ने कहा कि मैं किसानों को भरोसा दिलाता हूं कि सरकार हरसंभव मदद करती रहेगी। पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना में भी सप्लाई बाधित थी, लेकिन किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं हुआ था। इस बार भी ऐसा ही किया जाएगा। युद्ध की बड़ी चुनौती यह भी है कि आने वाले समय में बढ़ती गर्मी के साथ बिजली की डिमांड बढ़ेगी। फिलहाल देश के सभी पावर प्लांट में कोयला की सप्लाई है। 'लंबे समय तक रहेगा असर, कोरोना की तरह रहें तैयार' उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को रोकना अस्वीकार्य है। भारत हमेशा से मानवता के हित में और शांति के पक्ष में अपनी आवाज उठाता रहा है। उन्होंने कहा कि मैं फिर कहूंगा कि कूटनीति ही इसका एक प्रयास है। हमारा प्रयास इसलिए है कि युद्ध समाप्त हो और शांति आए। भारत का प्रयास सभी पक्षों को जल्द से जल्द शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रोत्साहित करने का है। पीएम मोदी ने कहा कि ऐसे संकट जब आते हैं तो कुछ तत्व इसका गलत फायदा उठाने की कोशिश भी करते हैं। इसलिए कानून-व्यवस्था संभालने वाली सभी एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है। जमीन, आसमान, जल से लेकर साइबर स्पेस तक में एजेंसियां अलर्ट हैं। इस जंग से लंबे समय तक के लिए हालात खराब होने की संभावना है। इसलिए तैयार रहना होगा।  

सीएम मोहन का बड़ा कदम: सवा दो साल में 18 आईएएस-आईपीएस पर क्विक एक्शन, प्रशासनिक लापरवाही पर सख्त निर्णय

भोपाल  मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक बार फिर सख्त प्रशासनिक संदेश देते हुए गुना के एसपी अंकित सोनी और सीधी के कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी को लापरवाही के मामले में हटाया है। यह कार्रवाई साफ संकेत है कि गंभीर चूक पर सरकार किसी भी स्तर पर ढील देने के मूड में नहीं है। दरअसल, 13 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद से ही डॉ. यादव ने अपनी कार्यशैली में सख्ती का रुख अपनाया है। करीब सवा दो साल के कार्यकाल में उन्होंने अब तक 10 आईएएस व 8 आईपीएस अफसरों को कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। अब तक कम से कम 9 ऐसे बड़े मामले सामने आए हैं, जिनमें सीधे तौर पर कलेक्टर और एसपी स्तर के अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। इसके अलावा वरिष्ठ आईपीएस और राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों पर भी सख्त कदम उठाए गए हैं। रिश्वत कांड में गुना एसपी, दफ्तर में नहीं बैठने पर सीधी कलेक्टर पर कार्रवाई मुख्यमंंत्री ने गुना एसपी अंकित सोनी को 22 मार्च को उनके जिले में गुजरात के व्यापारी से एक करोड़ रुपए जब्त करने के बाद पुलिस द्वारा बीस लाख रुपए लेकर छोड़ देने और कोई कार्यवाही नहीं करने पर हटा दिया है। यहां थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मी सस्पेंड भी हुए हैं। इसी तरह सीधी जिले के कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी को भी शिकायतों पर हटाया गया है। दावा किया जा रहा है कि सोमवंशी कलेक्टर दफ्तर में नाम मात्र बैठते थे। वे अकसर शाम को कुछ देर के लिए ही दफ्तर आते थे। इससे लोगों और जनप्रतिनिधियों में नाराजगी थी। यह भी सूचना है कि सीधी सांसद के एक प्रोजेक्ट पर फायर एनओसी रोक रखी थी। आनंदपुर साहिब ट्रस्ट रिश्वतकांड : अशोकनगर कलेक्टर को हटाया अशोकनगर में आनंदपुर साहिब ट्रस्ट के खिलाफ कार्यवाही में रिश्वत के आरोप के चलते 24 जनवरी को अशोकनगर कलेक्टर रहे आदित्य सिंह को हटा दिया था। हालांकि बाद में ट्रस्ट की ओर से कलेक्टर के खिलाफ किसी तरह की शिकायत नहीं किए जाने की बात मीडिया से कही गई थी। सिंह की जगह कर्मचारी चयन मंडल में पदस्थ साकेत मालवीय को अशोकनगर कलेक्टर की कमान सौंपी गई है। आदित्य सिंह ने चुनाव आयोग की एसआईआर की कार्यवाही में प्रदेश में सबसे अच्छा काम किया था। दूषित पानी से मौतें : इंदौर निगमायुक्त, अपर आयुक्त पर कार्रवाई इंदौर के भागीरथपुरा में सीवर युक्त पानी की सप्लाई के बाद हुई 23 मौतों के बाद 2 जनवरी को नगर निगम आयुक्त दिलीप यादव को हटा दिया गया। उन्हें पहले ग्रामीण विकास विभाग में उप सचिव फिर पर्यटन निगम में नियुक्ति दी गई। इसी दिन नगर निगम के अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया को हटाकर मंत्रालय में उपसचिव पदस्थ किया गया। अगले दिन 3 जनवरी को मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के एमडी क्षितिज सिंघल को निगमायुक्त और आकाश सिंह, प्रखर सिंह और आशीष पाठक को अपर आयुक्त बनाकर भेजा। मऊगंज गड़रा हत्याकांड : कलेक्टर-एसपी को हटाया 15 मार्च 2025 को मऊगंज के गड़रा गांव में विवाद में पुलिसकर्मी की हत्या और तनाव के बाद 18 मार्च को कलेक्टर और एसपी को बदला। कलेक्टर अजय श्रीवास्तव को हटाकर उप सचिव लोक परिसंपत्ति प्रबंधन और खेल एवं युवा कल्याण विभाग में पदस्थ किया गया और उनकी जगह 2015 बैच के आईएएस संजय कुमार जैन को कलेक्टर बनाया गया।एसपी रसना ठाकुर को हटाकर एआईजी पीएचक्यू भोपाल भेजा गया था। रसना की जगह दिलीप कुमार सोनी को एसपी बनाया। गड़रा गांव में आदिवासी परिवार द्वारा बंधक बनाए गए युवक सनी द्विवेदी की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी जिसे बचाने गई पुलिस टीम पर हुए हमले में एएसआई रामगोविंद गौतम की मौत हुई थी तथा तहसीलदार सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। सागर में दीवार गिरी : कलेक्टर-एसपी, एसडीएम पर कार्रवाई सागर जिले के शाहपुर में मकान की दीवार गिरने से 9 बच्चों की मौत हो गई। सरकार ने 4 अगस्त 2024 को कलेक्टर दीपक आर्य, एसपी अभिषेक तिवारी और एसडीएम संदीप सिंह को हटा दिया। आर्य को पहले मंत्रालय पदस्थ किया, सात दिन बाद एमपी ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण का सीईओ बना दिया था। दूसरी ओर एसपी अभिषेक तिवारी को हटाने के बाद यह बात सामने आई थी कि वे घटना से 15 दिन पहले से विदेश में थे। वे 5 महीने पहले से तबादला चाह रहे थे। केंद्र में प्रतिनियुक्ति का आदेश जारी होने के बावजूद सरकार उन्हें रिलीव नहीं कर रही थी। हालांकि छुट्‌टी से लौटने के बाद रिलीव कर दिया गया। ड्राइवर की औकात पर हटाया था शाजापुर कलेक्टर किशोर कान्याल को देश भर में ट्रक ड्राइवर्स की हड़ताल के बीच 2 जनवरी 2024 को शाजापुर कलेक्टर और ड्राइवर्स की बैठक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें कलेक्टर मीटिंग के दौरान एक ड्राइवर से 'औकात' पूछते नजर आ रहे थे। वीडियो वायरल होने के बाद में कलेक्टर ने अफसोस प्रकट किया। हालांकि सरकार ने 3 जनवरी को उन्हें हटाकर मंत्रालय में उप सचिव पदस्थ किया कर दिया। 25 दिन बाद 28 जनवरी को उन्हें वन विभाग में उप सचिव बनाकर भेजा। हरदा में पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट के बाद पहले एसपी फिर कलेक्टर को हटाया हरदा में 7 फरवरी 2024 को पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट में 13 लोगों की मौत और 75 से अधिक घायल होने पर पहले एसपी संजीव कुमार कंचन और फिर कलेक्टर ऋषि गर्ग को हटा दिया था। कारखाना निरीक्षक एवं सहायक संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा नवीन कुमार बरवा को निलंबित किया गया था। कलेक्टर ऋषि गर्ग को उपसचिव मध्यप्रदेश शासन बनाया गया, जबकि एसपी संजीव कुमार को पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक बनाकर भेजा गया। सिवनी में गोवंश की हत्या के बाद हटाए गए थे कलेक्टर सिंघल, एसपी राकेश सिवनी जिले के धूमा थाना व धनौरा क्षेत्र में 50 से ज्यादा गोवंश की हत्या कर शव फेंक दिए गए थे। जून 2024 के इस घटनाक्रम से सिवनी बंद के हालात बने थे और इसका असर पड़ोसी जिले मंडला पर भी पड़ा था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिवनी कलेक्टर क्षितिज सिंघल और एसपी राकेश कुमार सिंह को 23 जून को हटा दिया था। सिंघल को मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी का प्रबंध संचालक बनाया गया था। वहीं रीवा नगर निगम आयुक्त संस्कृति … Read more

ईरान संकट के दौरान चांदी ₹15000 सस्ती, सोने में ₹8000 की गिरावट

इंदौर  सोना-चांदी की कीमतों के क्रैश (Gold-Silver Rate Crash) होने का सिलसिला जारी है. मिडिल ईस्ट में युद्ध जारी है और ग्लोबल टेंशन चरम पर है, इसके बावजूद भी दोनों कीमती धातुएं लगातार सस्ती हो रही हैं. सोमवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर चांदी अचानक 15,000 रुपये और सस्ती हो गई. 1 Kg Silver Price गिरकर 2,11,729 रुपये पर आ गया. इस हिसाब से कैलकुलेशन करें, तो अब चांदी का भाव अपने हाई से 2 लाख रुपये से भी ज्यादा कम हो चुका है।  दूसरी कीमती धातु सोना भी सप्ताह के पहले दिन खुलने के साथ ही धड़ाम हो गई. एमसीएक्स पर सोने का वायदा भाव अपने पिछले बंद की तुलना में खुलने के साथ ही 8000 रुपये से ज्यादा गिर गया. शुरुआती वायदा कारोबार में दोनों कीमती धातुएं 5% से ज्यादा फिसलीं।  चांदी अब 2 लाख रुपये सस्ती  सोमवार को एमसीएक्स पर कारोबार की शुरुआत होने पर 5 मई की एक्सपायरी वाली चांदी का भाव पिछले शुक्रवार के बंद 2,26,772 रुपये प्रति किलो की तुलना में फिसलकर 2,11,729 रुपये पर आ गया. यानी एक किलो चांदी 15,043 रुपये सस्ती हो गई. वहीं 29 जनवरी के अपने हाई लेवल 4,20,048 रुपये की तुलना में अब Silver Price Crash होकर 2,08,319 रुपये प्रति किलो तक कम हो चुका है।  अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध की शुरुआत होने के बाद से सोना-चांदी की कीमतें तेजी से गिरी हैं. अगर चांदी की बात करें, तो अमेरिका ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला शुरू किया था और इससे एक दिन पहले 27 फरवरी का MCX Silver Rate 2,82,644 रुपये प्रति किलो था यानी ये अब तक 70,915 रुपये सस्ती हुई है।  सोना भी संभल नहीं पा रहा  जहां एक ओर चांदी की कीमत में तगड़ी गिरावट का सिलसिला जारी है, तो वहीं दूसरी ओर सोने का भाव भी लगातार टूटता जा रहा है. MCX Gold Rate की बात करें, तो बीते शुक्रवार को 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाला 24 कैरेट सोना 1,44,492 रुपये प्रति 10 ग्राम पर क्लोज हुआ था और सोमवार को खुलने के साथ ही गिरकर 1,36,403 रुपये पर आ गया. इस तरह एक झटके में 10 Gram 24 Karat Gold 8,089 रुपये सस्ता हो गया।  हाई से 50000 रुपये सस्ता है सोना ईरान युद्ध (Iran War) की शुरुआत होने के बाद से सोने की कीमत भी लगातार क्रैश (Gold Rate Crash) नजर आई है. हमलों से पहले बीते 27 फरवरी को एमसीएक्स पर सोने का वायदा भाव 1,62,104 रुपये प्रति 10 ग्राम था और वर्तमान भाव से तुलना करें, तो इस अवधि में ये 25,701 रुपये सस्ता हुआ है. वहीं Gold High से तुलना करें, तो सोने ने भी चांदी के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए बीते 29 जनवरी को ही 1,93,096  रुपये का अपना हाई लेवल छुआ था और यहां से अब तक ये कीमती पीली धातु 56,693 रुपये गिर चुकी है।  सोना-चांदी में गिरावट की वजह आमतौर पर किसी भी आपदा या ग्लोबल टेंशन की स्थिति में सोना-चांदी की कीमतों में उछाल नजर आता रहा है, लेकिन इस बाद मामला अलग है और मिडिल ईस्ट युद्ध से बढ़ी टेंशन के बाद बावजूद Gold-Silver Rate Fall हो रहे हैं. इसके पीछे के कारण देखें, तो क्रूड ऑयल की कीमतों ने इजाफे और डॉलर की मजबूती ने कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ाया है. Crude महंगा होने से महंगाई का जोखिम बढ़ा है और डॉलर में मजबूती ने जियो-पॉलिटिकल तनाव के बीच भी कीमती धातुओं में तेजी पर ब्रेक लगाया है. बता दें कि हाई इंटरेस्ट रेट और Strong Dollar सोना-चांदी पर दबाव बढ़ाते हैं. हालांकि, एक्सपर्ट गोल्ड-सिल्वर रेट में आगे तेजी की उम्मीद जता रहे हैं।