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संत महात्माओं की पुण्य धरा और प्रभु श्रीराम के ननिहाल को समृद्ध बनाने का संकल्प, बोले CM साय

संत महात्माओं की पुण्य धरा और प्रभु श्रीराम के ननिहाल को विकसित और समृद्ध बनाने संकल्पित है हमारी सरकार : CM साय महतारी वंदन योजना के माध्यम से मातृशक्ति हो रही सशक्त, 42 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए रामलला के दर्शन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय वीरांगना अवंतीबाई लोधी के 168 वें बलिदान दिवस कार्यक्रम में हुए शामिल आजादी की लड़ाई से लेकर स्वतंत्र भारत में भी मां भारती की सेवा में जुटा है लोधी समाज : मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने वीरांगना अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा का किया अनावरण, पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया मुख्यमंत्री ने सामुदायिक भवन के लिए 50 लाख, यज्ञशाला के लिए 20 लाख तथा मिनी स्टेडियम के निर्माण की घोषणा की रायपुर  छत्तीसगढ़ संत-महात्माओं की पुण्य भूमि और प्रभु श्रीराम का ननिहाल है, जिसे विकसित और समृद्ध बनाना राज्य सरकार का संकल्प है। शांति, सुरक्षा, खुशहाली और सुशासन के मूल मंत्र के साथ 3 करोड़ प्रदेशवासियों की खुशहाली हमारा ध्येय है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज कबीरधाम जिले के ग्राम सेमरिया में वीरांगना अवंतीबाई लोधी के 168 में बलिदान दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने वीरांगना अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें नमन किया। साथ ही मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में सामुदायिक भवन, मिनी स्टेडियम और यज्ञशाला निर्माण की घोषणा भी की।             मुख्यमंत्री ने कहा कि वीरांगना अवंतीबाई लोधी का जीवन साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की अमिट मिसाल है। उन्होंने सीमित संसाधनों और छोटी सेना के बावजूद अंग्रेजों के खिलाफ अदम्य साहस के साथ संघर्ष किया और देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। ऐसी महान विभूति से हमें प्रेरणा लेकर अपने जीवन में राष्ट्रसेवा और समाजहित के मूल्यों को अपनाना चाहिए। उन्होंने लोधी समाज की सराहना करते हुए कहा कि यह समाज ऐतिहासिक रूप से वीरता, नैतिकता और राष्ट्रसेवा के लिए जाना जाता है। स्वतंत्रता संग्राम में इस समाज का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है और आज भी यह समाज देश और प्रदेश के विकास में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज की नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास से अवगत कराना आवश्यक है, ताकि वे उसी परंपरा को आगे बढ़ा सकें।           मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों, गरीबों और महिलाओं के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बड़ी संख्या में लोगों को आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं। किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर उनके आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। होली से पूर्व अंतर की राशि का भुगतान कर किसानों को राहत पहुंचाई गई, जिससे उनके त्योहार में खुशहाली आई। महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘महतारी वंदन योजना’ के माध्यम से प्रदेश की 70 लाख से अधिक महिलाओं को हर महीने 1 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। अब तक 25 किश्तों के माध्यम से 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे उनके खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। इससे मातृशक्ति आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बन रही है।                 साय ने आगे कहा कि प्रदेश में आस्था और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए ‘रामलला दर्शन योजना’ संचालित है, जिसके तहत अब तक 42 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या जाकर भगवान श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। इसके साथ ही युवाओं की प्रतिभा को निखारने के लिए बस्तर और सरगुजा में ओलंपिक का आयोजन किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच मिल रहा है।             इस दौरान मुख्यमंत्री ने कवर्धा के वार्ड क्रमांक 26 में समाजिक भवन निर्माण के लिए 50 लाख रुपए, खेल के क्षेत्र में प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने मिनी स्टेडियम के निर्माण तथा सहसपुर-लोहारा में यज्ञशाला के निर्माण के लिए 20 लाख रुपए दिए जाने की घोषणा की।                  कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी अपने संबोधन में वीरांगना अवंतीबाई लोधी के साहस और बलिदान को स्मरण करते हुए समाज से एकजुट होकर अपनी गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।           इस अवसर पर विधायक श्रीमती भावना बोहरा, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह, संतोष कौशिक, राजेन्द्र चन्द्रवंशी, कोमल जंघेल तथा लोधी समाज के प्रतिनिधि और आमजन मौजूद रहे।

सीएम योगी ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन की तैयारियों का निरीक्षण किया, पीएम मोदी करेंगे 28 मार्च को उद्घाटन

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लोकार्पण की तैयारियों का सीएम योगी ने लिया जायजा, 28 मार्च को पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन मुख्यमंत्री ने स्थलीय निरीक्षण के साथ की समीक्षा बैठक, सुरक्षा से लेकर ट्रैफिक और सुविधाओं तक दिए व्यापक दिशा निर्देश एयरपोर्ट, कार्गो टर्मिनल का लोकार्पण और एमआरओ का शिलान्यास प्रस्तावित, कार्यक्रम को विश्वस्तरीय बनाने पर जोर गौतमबुद्धनगर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रस्तावित लोकार्पण कार्यक्रम की तैयारियों का रविवार को स्थलीय निरीक्षण कर जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर सभी व्यवस्थाओं को समयबद्ध और मानकों के अनुरूप पूर्ण करने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 28 मार्च को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर एवं कार्गो टर्मिनल का लोकार्पण करेंगे। साथ ही एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल) परियोजना का शिलान्यास भी करेंगे। इसी को लेकर कार्यक्रम को भव्य एवं सफल बनाने की तैयारियां जोरों पर हैं। सीएम ने किया स्थलीय निरीक्षण, हर पहलू की ली जानकारी निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के संभावित भ्रमण मार्ग और निरीक्षण स्थलों का अवलोकन किया। उन्होंने पैसेंजर टर्मिनल, कार्गो टर्मिनल, रैली स्थल, पार्किंग, विभिन्न मार्गों और हेलीपैड सहित सभी प्रमुख स्थानों पर चल रही तैयारियों की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में दिए सख्त निर्देश निरीक्षण के उपरांत एयरपोर्ट परिसर स्थित सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें कार्यक्रम की संपूर्ण तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था और संचालन योजना पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री योगी ने निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें और प्रत्येक कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, विशिष्ट अतिथियों, मीडिया एवं बड़ी संख्या में आमजन की उपस्थिति को देखते हुए व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित और प्रभावी होनी चाहिए। भव्यता और व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को भव्य और विश्वस्तरीय स्वरूप देने के लिए व्यापक स्तर पर ब्रांडिंग और प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक इसकी जानकारी पहुंचे। उन्होंने कार्यक्रम स्थल से जुड़े सभी मार्गों की सुगमता, साफ-सफाई, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, पेयजल, शौचालय, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, परिवहन सुविधा, अग्नि सुरक्षा, चिकित्सा सेवाएं और साइनेज की व्यवस्थाएं समय से पहले सुनिश्चित करने को कहा। इसके साथ ही विभिन्न जनपदों से आने वाले लोगों के लिए पार्किंग स्थलों पर मोबाइल शौचालय, हेल्प डेस्क, पेयजल और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। सुरक्षा के लिए चार स्तरीय व्यवस्था मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर प्रशासन, पुलिस और वालंटियर्स की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। बैठक में प्रशासन और पुलिस द्वारा पावर प्रेजेंटेशन के माध्यम से सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन, पार्किंग और वैकल्पिक मार्गों की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम की सुरक्षा व्यवस्था चार स्तरीय रखने का निर्णय लिया गया है। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री बृजेश सिंह, क्षेत्रीय अध्यक्ष भाजपा सतेन्द्र सिसोदिया, जिलाध्यक्ष अभिषेक शर्मा, महानगर अध्यक्ष महेश चौहान, सांसद डॉ. महेश शर्मा, विधायक धीरेन्द्र सिंह, विधायक तेजपाल नागर, विधान परिषद सदस्य श्रीचंद शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। साथ ही अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार, सचिव मुख्यमंत्री अमित सिंह, मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी, यमुना प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह, पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह, जिलाधिकारी मेधा रूपम एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित रहे।

काटजू अस्पताल में खुला हाईटेक गायनेकोलॉजी सेंटर, मेनोपॉज से इन्फर्टिलिटी तक की सुविधाएं एक छत के नीचे

भोपाल  राजधानी भोपाल में महिलाओं के इलाज को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। 23 मार्च सोमवार से काटजू अस्पताल में शुरू हो रहा स्टेट ऑफ द आर्ट सेंटर न सिर्फ प्रदेश का पहला ऐसा सरकारी सेंटर होगा, बल्कि यहां बांझपन से लेकर सर्वाइकल कैंसर तक की आधुनिक जांच और इलाज एक ही जगह पर उपलब्ध होगा।  प्रदेश का पहला, सुविधाओं में बड़ा कदम यह मध्यप्रदेश का पहला सरकारी प्रिवेंटिव गायनी ऑन्कोलॉजी एंड इन्फर्टिलिटी सेंटर होगा। इससे पहले ऐसी सुविधाएं सीमित थीं और महंगे निजी अस्पतालों तक ही सिमटी थीं। इस सेंटर का उद्घाटन 23 मार्च को उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल और राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल द्वारा किया जाएगा। अब भटकना नहीं पड़ेगा, एक ही जगह मिलेगा पूरा इलाज डॉ. कैलाशनाथ काटजू शासकीय अस्पताल की नोडल अधिकारी डॉ. रचना दुबे ने बताया कि शुरू हो रहे इस अत्याधुनिक सेंटर में महिलाओं से जुड़ी लगभग हर बड़ी समस्या का समाधान होगा। इन्फर्टिलिटी (नि:संतानता), पीसीओएस, सर्वाइकल कैंसर, मोटापा, मेनोपॉज, हार्मोनल असंतुलन और अनियमित पीरियड्स जैसी बीमारियों के लिए अलग-अलग अस्पतालों के चक्कर लगाने की जरूरत खत्म हो जाएगी। करीब तीन करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक और हाईटेक मशीनें अस्पताल में पहुंच चुकी हैं और उनके इंस्टालेशन का काम लगभग पूरा हो गया है। अधिकारियों के अनुसार, इस सेंटर को नवरात्र के दौरान शुरू किए जाने की तैयारी है। इस सेंटर के शुरू होने से मेनोपॉज, निसंतानता, पीसीओएस, मोटापा, अनियमित मासिक धर्म और सर्वाइकल कैंसर जैसी महिलाओं से जुड़ी कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज एक ही स्थान पर उपलब्ध होगा। अभी तक इन बीमारियों के इलाज के लिए महिलाओं को अलग-अलग अस्पतालों और विशेषज्ञों के पास जाना पड़ता था, लेकिन अब जांच से लेकर उपचार तक की सभी सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिल सकेंगी। किशोरियों से महिलाओं तक 100 से अधिक रोगों का इलाज इस नए सेंटर में किशोरियों से लेकर वयस्क महिलाओं तक की स्वास्थ्य समस्याओं के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। यहां महिलाओं से जुड़े 100 से अधिक रोगों की जांच और इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, सेंटर के लिए ग्राउंड फ्लोर और ऊपरी मंजिलों में स्थान तय कर दिया गया है। यहां प्रजनन स्वास्थ्य से लेकर गर्भाशय कैंसर तक की बीमारियों के इलाज की व्यवस्था होगी। कैंसर की शुरुआती पकड़, जान बचाने की तैयारी सर्वाइकल कैंसर की शुरुआती पहचान के लिए वीआईए तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे बीमारी को शुरुआती स्तर पर ही पकड़कर समय रहते इलाज शुरू किया जा सकेगा, जिससे महिलाओं की जान बचाने में मदद मिलेगी। इस सरकारी सेंटर में बांझपन का इलाज 40 हजार से 80 हजार रुपए के बीच हो सकेगा। वहीं, निजी अस्पतालों में यही इलाज 2.5 से 3 लाख रुपए तक पहुंच जाता है। यानी आम लोगों को यहां 3 से 4 गुना तक सस्ता इलाज मिलेगा। हाईटेक मशीनें और आधुनिक इलाज की सुविधा करीब 2 करोड़ रुपए की लागत से तैयार इस सेंटर को आधुनिक तकनीकों से लैस किया गया है। यहां आईयूआई जैसी एडवांस फर्टिलिटी ट्रीटमेंट सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम मरीजों को काउंसलिंग से लेकर ट्रीटमेंट तक हर स्टेज पर मदद करेगी।  आधुनिक मशीनों से होगा इलाज     केगेल चेयर- पेल्विक फ्लोर मांसपेशियों को मजबूत करने वाली मशीन है। जिन महिलाओं को बच्चेदानी या पेल्विक मांसपेशियों के ढीले होने की समस्या होती है, उनमें बिना सर्जरी के उपचार संभव हो सकेगा।     कोलपोस्कोप- मशीन के जरिए गर्भाशय ग्रीवा, योनि और संबंधित अंगों की गहन जांच की जाएगी।     लेजर मशीन- इसके माध्यम से सिस्ट, मेनोपॉज से जुड़ी समस्याएं और यूरीन लीक जैसी बीमारियों का इलाज आसान हो जाएगा। रोगों की रोकथाम पर रहेगा विशेष फोकस विशेषज्ञों के अनुसार, यह सेंटर केवल इलाज तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि महिलाओं में रोगों की रोकथाम और शुरुआती पहचान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। खराब जीवनशैली और बदलती जीवनशैली के कारण महिलाओं में कई स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। इसकी शुरुआत अक्सर पीसीओएस जैसी बीमारी से होती है। किशोरियों में बढ़ रही पीसीओएस की समस्या विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान समय में हर चार में से एक किशोरी में पीसीओएस के लक्षण देखने को मिल रहे हैं। वहीं अस्पतालों में आने वाली महिलाओं में भी लगभग आधी महिलाएं इसी समस्या से प्रभावित होती हैं। ऐसे में इस सेंटर के माध्यम से समय पर जांच और उपचार की सुविधा मिलने से महिलाओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। शिक्षा कार्यक्रम भी चलेंगे सेंटर की इंचार्ज डॉ. रचना दुबे के अनुसार इस सेंटर की तैयारी पिछले कई महीनों से की जा रही है और उम्मीद है कि यह क्लीनिक जल्द ही शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि यहां केवल जांच और इलाज ही नहीं होगा, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता और शिक्षा कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे।

विधेयक पारित होने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, ‘यह प्रदेशवासियों के लिए वरदान साबित होगा

धर्म स्वातंत्र्य, छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल एवं छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक 2026 का पारित होना प्रदेशवासियों के लिए साबित होगा वरदान – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 के पारित होने से धर्मांतरण पर लगेगी रोक,अवैध धर्मांतरण के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई विभिन्न वर्गो के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में विधायक पुरंदर मिश्र के नेतृत्व में विभिन्न वर्गो के प्रतिनिधियों ने सौजन्य मुलाकात की और बजट सत्र में धर्म स्वातंत्र्य, छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल एवं छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक 2026 के पारित होने पर उनका सम्मान कर आभार जताया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026,छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल  विधेयक 2026 एवं छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक 2026 का विधानसभा में पारित होना पूरे प्रदेशवासियों के लिए वरदान साबित होगा। इनमें धर्म स्वातंत्र्य विधेयक हमारी महान परंपराओं और मूल्यों को सुरक्षित रखने का एक स्पष्ट संकल्प है। इसी तरह अन्य दो विधेयक भी पारदर्शिता के साथ भर्ती के लिए अहम साबित होंगे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में सनातन धर्मावलंबी लंबे समय से धर्मांतरण के खिलाफ  सख्त कानून बनाने की मांग कर रहे थे। इस मांग के अनुरूप हमने छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 पारित किया है। उन्होंने कहा कि पहले भी इस संबंध में कानून बना था पर यह कानून उतना प्रभावी नहीं था, जिस कारण अवैध धर्मांतरण कराने वाले लोग बच जाते थे। प्रदेश में धर्मांतरण के कारण कुछ क्षेत्रों में सामाजिक तानाबाना भी बिगड़ रहा था, जिससे प्रदेश की छवि धूमिल हो रही थी। इस बिल के माध्यम से अवैध धर्मांतरण पर अंकुश लगाया जाएगा।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमने धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को पारित कर पूर्व राज्यसभा सांसद एवं केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय जूदेव जी को श्रद्धांजलि अर्पित की है, जिन्होंने धर्मांतरण के खिलाफ प्रखर मुहिम छेड़ कर "घर वापसी" अभियान चलाया था। इसी तरह हमारी सरकार की पहल पर  प्रदेश के लाखों युवाओं की आवाज को सुनते हुए सरल एवं पारदर्शी चयन प्रक्रिया हेतु छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक पारित किया गया है। इसी तरह परीक्षाओं में गड़बड़ियों को रोकने एवं नकल जैसे प्रकरणों पर अंकुश लगाने  छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक 2026 पारित किया गया है। यह दोनों  सर्वसम्मति से पारित किया गया। मुख्यमंत्री साय ने इस मौके पर सभी प्रदेशवासियों को चैत्र नवरात्र पर्व की शुभकामनाएं एवं बधाई दी। इस अवसर पर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्र ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, अखिलेश सोनी,  रमेश ठाकुर सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक  उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को किया नमन

भारत के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है बलिदानियों का त्याग: मुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को किया नमन  सीएम ने किया पोस्ट- इनके साहस, समर्पण और राष्ट्रप्रेम की भावना सदियों तक देती रहेगी 'राष्ट्र सर्वोपरि' की प्रेरणा लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बलिदान दिवस पर महान क्रांतिकारी शहीद भगत सिंह, सुखदेव व राजगुरु को नमन किया। मुख्यमंत्री ने इनके साहस, समर्पण और राष्ट्रप्रेम को प्रेरक बताया।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर लिखा कि क्रांति की ज्योति प्रज्ज्वलित करने वाले अमर बलिदानी भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु का त्याग भारत के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। उनके साहस, समर्पण और राष्ट्रप्रेम की भावना सदियों तक हमें 'राष्ट्र सर्वोपरि' की प्रेरणा देती रहेगी। आज बलिदान दिवस पर वीर हुतात्माओं को विनम्र श्रद्धांजलि।

बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 1800 अंक टूटा, निफ्टी 23,000 से नीचे फिसला

मुंबई  जिसका डर था वही हुआ, विदेशों से मिल रहे खराब संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार खुलते ही क्रैश (Stock Market Crash) हो गया. अमेरिका-इजरायल के साथ ईरान का युद्ध बढ़ने और मिडिल ईस्ट में हाई पर पहुंची टेंशन के बीच क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल ने बाजार का सेंटीमेंट सप्ताह के पहले दिन खराब किया है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (BSE Sensex) ओपनिंग के साथ ही 1800 अंक से ज्यादा का गोता लगा गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (NSE Nifty) भी खुलते के कुछ देर बाद 575 अंक के आसपास बिखर गया. इस बीच BSE लार्जकैप में शामिल सभी शेयर लाल निशान पर कारोबार करते हुए नजर आए।  सेंसेक्स-निफ्टी खुलती ही क्रैश शेयर मार्केट में सप्ताह के पहले दिन सोमवार को खुलने के साथ ही हड़कंप मचा हुआ नजर आया है. बीएसई का सेंसेक्स इंडेक्स अपने पिछले कारोबारी बंद 74,532.96 की तुलना में बुरी तरह टूटकर 73,732 पर ओपन हुआ. इसके कुछ ही मिनटों में ये गिरावट और भी तेज हो गई, जिसके चलते Sensex करीब 1600 अंक गिरकर 72,977 के लेवल पर आ गया. वहीं इसके कुछ मिनटों बाद ही ये गिरावट और बढ़ गई और सेंसेक्स1800 अंक से ज्यादा फिसलकर 72,724 पर कारोबार करने लगा।  न सिर्फ सेंसेक्स, बल्कि एनएसई का निफ्टी-50 भी खुलने के साथ ही धड़ाम हो गया. ये इंडेक्स अपने पिछले शुक्रवार के बंद 23,114 की तुलना में फिसलकर 22,824 पर ओपन हुआ था और फिर सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए ये मिनटों में 480 अंक की भारी गिरावट के साथ 22,634 के लेवल पर आ गया और कुछ देर के कारोबार के बाद 575 अंक टूटकर 22,538 पर ट्रेड करता दिखा। खुलते ही धड़ाम हो गए ये शेयर सोमवार को बाजार में आए भूचाल का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि बीएसई लार्जकैप में शामिल सभी 30 शेयर गिरावट के साथ लाल निशान पर ओपन हुए. सबसे ज्यादा गिरावट वाले स्टॉक्स को देखें, तो Tata Steel Share (4%), SBI Share (3%), Bajaj Finance Share (2.67%), HDFC Bank Share (2.60%), IndiGo Share (2.50%), Titan Share (2.50%), BEL Share (2.49%), Adani Ports Share (2.40%) की गिरावट लेकर कारोबार कर रहे थे।  विदेशी बाजारों से मिले थे गिरावट के संकेत  भारतीय शेयर बाजार के लिए पहले से ही विदेशों से निगेटिव सिग्नल मिल रहे थे. सोमवार को सभी एशियाई शेयर बाजारों में कोहराम मचा हुआ नजर आया. जापान का निक्केई इंडेक्स 4.10 फीसदी टूटकर 50,800 के लेवल तक गिरकर कारोबार कर रहा था, तो वहीं हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स करीब 3 फीसदी फिसलकर 24,532 पर ट्रेड करता दिखा।  यही नहीं साउथ कोरिया के कोस्पी में कारोबार की शुरुआत के बाद ही अचानक बड़ा क्रैश आ गया और ये 5.10 फीसदी टूटकर 5,409 पर आ गया. इसके अलावा DAX (2.01%), CAC (1.90%) और FTSE-100 (1.50%) टूटे हुए थे।   

अब सफर होगा आसान और ग्रीन: 100 ई-बसें सड़कों पर, यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

ग्वालियर ग्वालियर शहर में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में बड़ी तैयारी चल रही है। केंद्र सरकार की पीएम-ई बस सेवा के तहत ग्वालियर को मिलने वाली 100 इलेक्ट्रिक बसें डिपो का काम पूरा होते ही सड़कों पर दौड़ेंगी। इन बसों को इंटेलिजेंट ट्रांजिट मैनेजमेंट सिस्टम (आइटीएमएस) और पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम (पीआईएस) से लैस किया जाएगा, जिससे उनकी हर गतिविधि स्मार्ट सिटी के कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से लाइव मॉनिटर की जा सकेगी। निगम के अधिकारियों ने धार के पीथमपुर में तैयार हो रही बसों का निरीक्षण भी कर लिया है। हालांकि जलालपुर आइएसबीटी और रमौआ डिपो पर सिविल और इलेक्ट्रिकल कार्य देरी से शुरू होने के कारण परियोजना में कुछ विलंब हो सकता है। ऐसे में अब ई-बसों के मई-जून 2026 तक शहर में शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। बसों का संचालन अब नगर निगम की जगह राज्य सरकार की होल्डिंग कंपनी के माध्यम से किया जाएगा, जिसकी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। केंद्र सरकार करेगी सिस्टम का टेंडर बसों में लगाए जाने वाले आइटीएमएस और पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम के लिए टेंडर और कंपनी का चयन केंद्र सरकार द्वारा किया जाएगा। बसों में स्पीकर सिस्टम भी होगा, जिससे किसी भी आपात स्थिति में कंट्रोल रूम से ड्राइवर और कंडक्टर को सीधे निर्देश दिए जा सकेंगे।   ऐसे चलेगी ई-बस सेवा पीएम-ई बस सेवा के तहत शहर में कुल 100 बसें चलाई जाएंगी। पहले चरण में 60 बसें और दूसरे चरण में 40 बसें आएंगी। सभी बसें 9 मीटर लंबी मिडी इलेक्ट्रिक बसें होंगी। इनका संचालन जलालपुर आइएसबीटी और रमौआ डिपो से होगा और यहीं बनाए जा रहे चार्जिंग स्टेशन से बसों को चार्ज किया जाएगा। 10 रूट किए गए फाइनल शहर में बस संचालन के लिए 10 रूट तय किए जा चुके हैं। अधिकारियों ने इन रूटों का निरीक्षण कर नागरिकों से सुझाव भी लिए हैं। बसें आते ही इन्हीं रूटों पर संचालन शुरू किया जाएगा। 15.50 करोड़ से बन रहे डिपो और चार्जिंग स्टेशन ई-बस सेवा के संचालन और रखरखाव के लिए रमौआ और आइएसबीटी डिपो पर करीब 15.50 करोड़ रुपए से सिविल और इलेक्ट्रिकल कार्य कराए जा रहे हैं। इसमें रमौआ डिपो पर सिविल व आंतरिक इलेक्ट्रिकल कार्य 4.29 करोड़, चार्जिंग के लिए एचटी कनेक्शन 7.31 करोड़, आइएसबीटी में सिविल व आंतरिक इलेक्ट्रिकल कार्य 1.16 करोड़ और बाहरी इलेक्ट्रिकल कनेक्शन के लिए 2.73 करोड़ रुपए शामिल हैं। 58.14 रुपए प्रति किलोमीटर का भुगतान बस संचालन के लिए एजेंसी को नगर निगम 58.14 रुपए प्रति किलोमीटर का भुगतान करेगा। इसमें केंद्र सरकार 22 रुपए प्रति किलोमीटर देगी, जबकि शेष 36.14 रुपए नगर निगम को वहन करना होगा। निगम को उम्मीद है कि बसों से होने वाले कलेक्शन से इस खर्च की भरपाई हो जाएगी। बसों में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं पीएम-ई बसें पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल होंगी। इनमें सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन, डिजिटल डिस्प्ले और पैसेंजर सूचना प्रणाली जैसी सुविधाएं होंगी। बस जिस स्थान से गुजरेगी, उस क्षेत्र की जानकारी डिस्प्ले स्क्रीन पर दिखाई देगी। ये बसें एक बार चार्ज होने पर लगभग 180 किलोमीटर तक चल सकेंगी। नोडल अधिकारी मुनीष सिकरवार के अनुसार पीथमपुर में बसों का निरीक्षण किया जा चुका है और बसें तैयार हैं। रमौआ और आइएसबीटी में चार्जिंग स्टेशन का कार्य पूरा होते ही संभावित रूप से मई-जून तक बसें ग्वालियर में आ सकती हैं। पहले चरण में 60 बसें आएंगी।

खेल अनुशासन, समन्वय और जीवन में उत्कृष्टता प्राप्त करने का माध्यम है – मुख्यमंत्री

देश के प्रतिभावान खिलाड़ियों का उत्तर प्रदेश की धरती पर आगमन हम सबके लिए सम्मान का विषय – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खेल अनुशासन, समन्वय और जीवन में उत्कृष्टता प्राप्त करने का माध्यम है – मुख्यमंत्री हमारी सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के सभी 18 मंडलों में स्पोर्ट्स कॉलेज और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना हो – मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ ने लिएंडर पेस को ‘मेंटॉर ऑफ द इयर’ और मिताली राज को ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड’ से किया सम्मानित उत्तर प्रदेश को मिला ‘स्टेट ऑफ द इयर’ का पुरस्कार, राज्य में विकसित हो रहे खेल ढांचे और नीतियों के लिए मिला सम्मान लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित स्पोर्ट्स अवार्ड समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि खिलाड़ियों के इस सम्मान समारोह में शामिल होकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हो रही है और इससे भी अधिक प्रसन्नता इस बात की है कि इस सम्मान समारोह का आयोजन प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस सम्मान समारोह के कारण देश के इन प्रतिभावान खिलाड़ियों का उत्तर प्रदेश की धरती पर आगमन हुआ है। यह हम सबके लिए सम्मान का विषय तो है ही, साथ ही यह प्रदेश की नई पीढ़ी को खेल के क्षेत्र में अचीवमेंट्स हासिल करने के लिए प्रेरणा प्रदान करेगा। स्पोर्ट्स अवार्ड समारोह का आयोजन एक निजी मीडिया समूह ने किया था, जिसमें देशभर के दिग्गज खिलाड़ियों और खेल हस्तियों को उनके अमूल्य योगदान के लिए सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि खेल केवल जीत-हार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अनुशासन, समन्वय और जीवन में उत्कृष्टता प्राप्त करने का माध्यम है। खेल भावना व्यक्ति को मजबूत बनाती है, विपरीत परिस्थितियों का सामना करने का साहस देती है और नई पीढ़ी को सही दिशा प्रदान करती है। इसी को ध्यान में रखते हुए हमारी सरकार ने उत्तर प्रदेश में खेलों के विकास के लिए कई सार्थक प्रयास किए हैं।  उन्होंने बताया कि 2017 के बाद से हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में शुरू किए गए खेलो इंडिया और फिट इंडिया मूवमेंट जैसी पहल को मुहिम की तरह आगे बढ़ाया। यही नहीं, वर्तमान में हमारी सरकार प्रदेश की हर ग्राम पंचायत में एक खेल मैदान, हर ब्लॉक में एक मिनी स्टेडियम और हर जिले में एक स्टेडियम विकसित कर रही है। वाराणसी में बीसीसीआई के एक इंटरनेशनल स्टेडियम का निर्माण हुआ है, गोरखपुर में भी इंटरनेशनल स्टेडियम का निर्माण हो रहा है। इसके साथ ही पिछले वर्ष मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय की शुरुआत की गई है। साथ ही हमारी सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के सभी 18 मंडलों में स्पोर्ट्स कॉलेज और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाए, जहां हमारे खेल क्षेत्र के दिग्गज खिलाड़ियों और अनुभवी प्रशिक्षकों के माध्यम से स्थानीय युवकों को राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतिस्पर्धाओं के लिए ट्रेनिंग दी जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों को सम्मान और जॉब सिक्योरिटी देने के लिए हमारी सरकार ने खेल पॉलिसी में बदलाव लाकर खिलाड़ियों को राज्य में सरकारी नौकरियां देने की नीति लागू की है, जिससे वे निश्चिंत होकर अपने खेल पर ध्यान केंद्रित कर सकें। उन्होंने कहा कि मुझे बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि हमारी सरकार ने 500 से अधिक प्रतिभावान खिलाड़ियों को विभिन्न पदों पर सरकारी नौकरी प्रदान की है। इनमें से कई वरिष्ठ अधिकारी के रूप में कार्य कर रहे हैं। समारोह के अंत में मुख्यमंत्री ने देशभर से आए खिलाड़ियों का स्वागत और अभिनंदन करते हुए कार्यक्रम के आयोजन के लिए मीडिया समूह और आयोजक टीम को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन खिलाड़ियों को सम्मान देने के साथ-साथ युवाओं को प्रेरित करने का मंच प्रदान करते हैं। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव और भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पी. टी. उषा सहित कार्यक्रम में शामिल हुई खेल जगत की हस्तियों के स्वागत से हुई। इस अवसर पर देश के प्रतिभावान खिलाड़ियों को खेल क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान और उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। इस क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टेनिस जगत में देश का नाम रोशन करने वाले लिएंडर पेस को ‘मेंटॉर ऑफ द इयर’ के पुरस्कार से सम्मानित किया। वहीं, भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान मिताली राज को ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड’ से सम्मानित किया, जबकि हॉकी के दिग्गज पी. आर. श्रीजेश को भी उनके योगदान के लिए सराहा गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश को राज्य में विकसित हो रहे खेल ढांचे और नीतियों के लिए ‘स्टेट ऑफ द इयर’ का पुरस्कार प्रदान किया गया। समारोह में ‘टीम ऑफ द इयर’ का पुरस्कार भारत की महिला दृष्टिबाधित क्रिकेट टीम को दिया गया, जबकि ‘फेडरेशन ऑफ द इयर’ का पुरस्कार भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को मिला। समारोह में बताया गया कि इस वर्ष मीडिया समूह की ओर से खेल की 45 श्रेणियों में 100 से अधिक प्रतिभावान खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया है, जिन्होंने अपनी प्रतिभा और लगन से देश का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतिस्पर्धाओं में ऊंचा किया है। कार्यक्रम में फुटबॉल के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बाइचुंग भूटिया, बीसीसीआई के वाइस प्रेसिडेंट राजीव शुक्ला,  क्रिकेटर कुलदीप यादव, महिला क्रिकेट खिलाड़ी हरमनप्रीत कौर, दीप्ति शर्मा, हरलीन देवल आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे।

मुख्यमंत्री यादव का कड़ा कदम, कलेक्टर और गुना एसपी को तत्काल प्रभाव से हटाया

भोपाल  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार 22 मार्च को अचानक सीधी जिले का दौरा कर प्रशासनिक व्यवस्था की जमीनी हकीकत परखी। दौरे के दौरान उन्होंने एक ओर आम जनता और जनप्रतिनिधियों की शिकायतें सुनीं, वहीं दूसरी ओर अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराज़गी जताते हुए साफ संकेत दिए कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनके दौरे से अधिकारियों में हड़कंप मच गया। सीएम डॉ. मोहन यादव ने  सीधी जिले के सहकारी बैंक के महाप्रबंधक को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सीधी कलेक्टर को भी पद से हटाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा उन्होंने गुना जिले में तलाशी के दौरान मिली नकद राशि के हेरफेर के मामले में पुलिस अधीक्षक की भूमिका को यथोचित नहीं मानते हुए एसपी को भी तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए। विभिन्न विभागों की समीक्षा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जिला मुख्यालय पहुंचकर विभिन्न विभागों की समीक्षा की और कहा कि दौरे के दौरान उन्हें कई प्रकार की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अधिकारियों की जवाबदेही उनकी नियुक्ति के साथ ही तय हो जाती है और यदि मैदानी स्तर पर शिकायतें मिलती हैं तो ऐसे अधिकारियों को मैदान में रखने के बजाय वल्लभ भवन बैठाना ज्यादा उचित है। उन्होंने कहा कि आज के दौरे का परिणाम देर रात तक सामने आ जाएगा और प्रशासनिक व्यवस्था में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे। सहकारी बैंक महाप्रबंधक भी निलंबित  औचक निरीक्षण के दौरान सीधी जिला सहकारी बैंक के कामकाज पर भी सवाल उठे. विभागीय समीक्षा में कई अनियमितताएं सामने आने के बाद सीएम यादव ने बैंक के महाप्रबंधक पी.एस. धनवाल को निलंबित करने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी कहीं भी पदस्थ हों, उन्हें जनता के हित को प्राथमिकता देते हुए ईमानदारी से कार्य करना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि जिम्मेदारी, पदभार संभालते ही शुरू हो जाती है, और प्रशासन में लापरवाही किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है. IAS स्वरोचिष सोमवंशी का जीवन परिचय स्वरोचिष सोमवंशी भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) की 2012 बैच की अधिकारी हैं. 24 दिसंबर 1984 को जन्मी सोमवंशी इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि से आती हैं और उन्होंने B.Tech (Computer Science and Engineering) किया है. 3 सितंबर 2012 को IAS के रूप में नियुक्ति के बाद वे मध्य प्रदेश कैडर में विभिन्न जिम्मेदार पदों पर कार्य कर चुकी हैं. मूल रूप से उत्तर प्रदेश निवासी सोमवंशी अपनी कार्यकुशलता के लिए जानी जाती हैं. वर्तमान कार्रवाई से पहले वे 11 मार्च 2024 से सीधी जिले की कलेक्टर के पद पर पदस्थ थीं. अधिकारियों पर गिरी गाज सीधी जिले के आकस्मिक भ्रमण के दौरान आम जनता एवं जनप्रतिनिधियों से प्राप्त शिकायतों तथा जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों की गतिविधियों की समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक पीएस धनवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए, वहीं सीधी कलेक्टर स्वरोचित सोमवंशी को भी पद से हटाने के निर्देश दिए हैं। संतोषजनक नहीं मिली अधिकारी की भूमिका इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुना जिले में तलाशी के दौरान मिली नकद राशि के हेरफेर के मामले में पुलिस अधीक्षक की भूमिका को संतोषजनक नहीं मानते हुए गुना एसपी अंकित सोनी को भी तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए। गुना एसपी को भी हटाया वहीं गुना जिले में तलाशी के दौरान मिली नकद राशि के हेर-फेर के प्रकरण में गुना एसपी अंकित सोनी को भी तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश सीएम मोहन यादव ने दिए हैं। अंकित सोनी की जगह हितिका वसल को गुना एसपी बनाया गया है। बता दें कि गुना में नेशनल हाईवे-46 पर चेकिंग के दौरान एक करोड़ रुपए की नकदी पकड़ने और फिर 20 लाख रुपए की रिश्वत लेकर मामला रफा-दफा करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। डीजीपी के संज्ञान में मामला आने के बाद ग्वालियर रेंज के डीआइजी अमित सांघी ने गुना पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी ली। ग्वालियर रेंज के आइजी अरविंद सक्सेना ने इस मामले में उच्च स्तरीय जांच की पुष्टि की है। ये है पूरा मामला गुना जिले के धरनावदा थाने की रूठियाई चौकी के पास नेशनल हाईवे पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने गुजरात पासिंग कार (जीजे-05- आरके-9351) को रोका, जिसमें लगभग एक करोड़ रुपए कैश बरामद हुआ। इतनी बड़ी रकम देख थाने के तीन रसूखदार पुलिसकर्मी (एक थाना प्रभारी, एक एएसआइ और एक हेड कांस्टेबल) सक्रिय हो गए। आरोप है कि व्यापारी के साथ थाने में ही डील हुई और 20 लाख रुपए लेकर बाकी के 80 लाख रुपए के साथ उसे रवाना कर दिया गया। मामला तब बिगड़ा जब पीड़ित व्यापारी ने गुजरात के एक आइपीएस अधिकारी को अपनी पीड़ा सुनाई। उक्त अधिकारी ने सीधे मध्य प्रदेश डीजीपी को वस्तुस्थिति से अवगत कराया। मुख्यालय की सख्ती देखते ही धरनावदा पुलिस के हाथ-पांव फूल गए और आनन-फानन में वसूली गई 20 लाख की रकम व्यापारी को वापस लौटा दी गई। इस मामले में टीआई सहित 4 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है।  

तबाही के बाद नहीं थमा संकट, मौसम विभाग ने जारी किया 48 घंटे का अलर्ट

पटना बिहार में शुक्रवार को आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने कई जिलों में भारी असर डाला। अचानक बदले मौसम ने जहां गर्मी से राहत दी, वहीं तेज हवाओं और ओलावृष्टि ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। शनिवार को मौसम कुछ हद तक सामान्य जरूर हुआ, लेकिन खतरा पूरी तरह टला नहीं है। फिर एक्टिव होगा वेस्टर्न डिस्टरबेंस India Meteorological Department (IMD) के अनुसार 26 मार्च से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होने जा रहा है, जिसका असर बिहार में भी देखने को मिलेगा। 26 और 27 मार्च के लिए येलो अलर्ट जारी तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने की आशंका है। हवाओं की रफ्तार 50 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है। इन इलाकों में ज्यादा असर की संभावना। मौसम विभाग के अनुसार 26 मार्च को उत्तर बिहार, कोसी-सीमांचल और पूर्वी हिस्सों में असर 27 मार्च को लगभग पूरे राज्य में आंधी-बारिश की संभावना है। सीमांचल में सबसे ज्यादा नुकसान हालिया तूफान का सबसे ज्यादा असर सीमांचल क्षेत्र में देखा गया। कई जगहों पर हवाएं 70 किमी/घंटा तक चलीं। Araria में घरों और दुकानों को नुकसान। पेड़ उखड़े, दीवार गिरने से जानमाल की हानि। इसके अलावा Kishanganj, Purnia, Supaul और Katihar में भी तेज हवाओं और बारिश से फसलों को नुकसान पहुंचा है। तीन दिन राहत, फिर बढ़ेगी गर्मी मौसम विभाग का अनुमान है कि 23 से 25 मार्च को मौसम साफ रहेगा। तापमान में 3-4°C तक बढ़ोतरी हो सकती है।इसके बाद फिर मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। बीते 24 घंटे में बारिश का हाल पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। Samastipur, Begusarai और Katihar में भारी बारिश। कल कैसा रहेगा मौसम? रविवार को नेपाल सीमा से सटे इलाकों में हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना है, जबकि राज्य के बाकी हिस्सों में मौसम सामान्य रह सकता है।