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31 मार्च डेडलाइन! ये जरूरी प्रक्रिया न की तो बंद हो सकती है आपकी पेंशन

पटना बिहार में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं का लाभ ले रहे लाखों लाभार्थियों के लिए प्रशासन ने सख्त चेतावनी जारी की है। सभी पेंशनधारियों को आगामी 31 मार्च 2026 तक अपना 'जीवन प्रमाणन' कराना अनिवार्य कर दिया गया है। निर्धारित समय सीमा के भीतर यह प्रक्रिया पूरी न करने वाले लाभार्थियों की पेंशन तत्काल प्रभाव से रोक दी जाएगी। बांका में 72 हजार से अधिक आवेदन लंबित प्रशासन का यह कदम सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता लाने और मृत व्यक्तियों के नाम पर हो रहे फर्जीवाड़े को रोकने के लिए उठाया गया है। बांका जिला प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, जिले में कुल 2,52,911 पेंशनधारी पंजीकृत हैं। सेवा केंद्रों के माध्यम से 22 दिसंबर 2025 से निःशुल्क प्रमाणीकरण की प्रक्रिया चल रही है। अब तक 1,80,821 लाभार्थियों का सत्यापन पूरा हो चुका है, लेकिन अभी भी 72,390 पेंशनधारियों का जीवन प्रमाणीकरण लंबित है। इसके अलावा, 2,638 ऐसे मामले हैं जहां आधार मैपिंग की समस्या आ रही है। इन 6 प्रमुख योजनाओं पर लागू होगा नियम जीवन प्रमाणन की यह प्रक्रिया निम्नलिखित योजनाओं के लाभार्थियों के लिए अनिवार्य है:     मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना     इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना     विधवा पेंशन योजना     निःशक्तता (दिव्यांग) पेंशन योजना     लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना     अन्य राजकीय सामाजिक सुरक्षा योजनाएं गलत जानकारी पर होगी कड़ी कार्रवाई जिलाधिकारी (DM) नवदीप शुक्ला ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी जीवित व्यक्ति को गलत तरीके से मृत घोषित कर उसकी पेंशन बंद की जाती है, तो इसकी उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई होगी। वहीं, मृत पेंशनधारियों के मामले में परिजनों से लिखित पुष्टि अनिवार्य की गई है। पुष्टि न होने की स्थिति में पेंशन अस्थायी रूप से बंद कर इसकी सूचना पंचायत भवनों और सार्वजनिक स्थलों पर चस्पा की जाएगी।

8वां वेतन आयोग: लागू होने की तारीख, एरियर भुगतान और कर्मचारियों की डिमांड

नई दिल्ली 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8वां सीपीसी) के शुरुआत के साथ ही केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनर्स उम्मीद कर रहे हैं कि आयोग नवंबर 2025 में टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) जारी होने के 18 महीने के भीतर अपनी रिकमंडेशन रिपोर्ट को पब्लिश करेगा। हालांकि, इस बात को लेकर संशय बना हुआ है कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू होंगी या इसके बाद। ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) की मांग है कि पे स्केल्स (वेतनमान), अलाउंसेज (भत्तों), पेंशन और दूसरे बेनेफिट्स में रिवीजन 1 जनवरी 2026 से होना चाहिए, ना कि किसी संभावित तारीख से। ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस का कहना है कि पे रिवीजन पहले ही देय है। यह बात एक रिपोर्ट में कही गई है। 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने के लिए सरकार अगर कोई संभावित तारीख चुनती है तो कर्मचारियों और पेंशनर्स को ठीक-ठाक एरियर्स का नुकसान हो सकता है। 7वें वेतन आयोग का समय 31 दिसंबर 2025 को खत्म हो गया। क्या कहते हैं ट्रेंड? पिछली परिस्थितियों में सरकार ने हमेशा पिछले पे कमीशन (वेतन आयोग) के आखिरी दिन के बाद अगले दिन से एरियर दिए हैं। उदाहरण के लिए अगर हम 6वें वेतन आयोग की एरियर डेट की बात करें तो कमीशन ने अपनी रिपोर्ट मार्च 2008 में सबमिट की, लेकिन कर्मचारियों और पेंशनर्स को 1 जनवरी 2006 से एरियर मिला। पिछले पे कमीशंस की टाइमलाइन 7वां वेतन आयोग फरवरी 2014 में बना। कमीशन ने नवंबर 2015 में अपनी रिपोर्ट जमा की और यह जून 2016 में लागू हुआ, इसमें कुल करीब 2.5 साल लगे। सातवें वेतन आयोग में जनवरी 2016 से जून 2016 तक की अवधि का एरियर दिया गया। 6वां वेतन आयोग अक्टूबर 2006 में बना, आयोग ने अपनी रिपोर्ट मार्च 2008 में सबमिट की और यह अगस्त 2008 में लागू हुआ। इसमें 40 पर्सेंट एरियर का भुगतान 2008 में और 60% का पेमेंट साल 2009 में किया गया। 5वां वेतन आयोग अप्रैल 1994 में बना। पे कमीशन ने अपनी रिपोर्ट जनवरी 1997 में जमा की और यह अक्टूबर 1997 में लागू हुआ। इसमें करीब 3.5 साल लगे। पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) ने स्पष्ट रूप से कहा है कि कंट्रीब्यूटरी नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को वापस लिया जाना चाहिए और नॉन-कंट्रीब्यूटरी ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) को बहाल किया जाना चाहिए। AITUC ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8वें सीपीसी) से जोर दिया है कि पेंशनर्स के हितों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है और पेंशन रिवीजन के जरिए अपनी सिफारिशों में पेंशनर्स को कवर करना चाहिए। साथ ही, पेंशन रेस्टरैशन के कम्प्यूटेशन को मौजूदा 15 साल से घटाकर 11 से 12 साल किया जाना चाहिए। AITUC ने यह भी रिकमंड किया है कि पेंशन में इजाफा हर 5 साल के बाद होना चाहिए। 8वां वेतन आयोग और फिटमेंट फैक्टर 8वें पे कमीशन (8वें वेतन आयोग) ने काम्पन्सेशन रिवीजन्स पर केंद्र सरकार के कर्मचारियों, पेंशनर्स, एंप्लॉयीज यूनियंस और कई दूसरे स्टेकहोल्डर्स से फीडबैक मांगा है। कई एंप्लॉयीज यूनियंस ने अपनी डिमांड रखी हैं, जिसमें फिटमेंट फैक्टर्स भी शामिल है। द फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गेनाइजेशंस ने 3.0 से 3.25 की रेंज में फिटमेंट फैक्टर्स रिकमंड किया है।

चार दिन की बारिश का अलर्ट: प्री-मानसून ने बढ़ाई रफ्तार, IMD ने जारी की चेतावनी

नई दिल्ली प्री-मानसून ने जब से देश में दस्तक दी है, मौसम ही बदल गया है। मानसून 2025 सीज़न में पूरे देश में शानदार बारिश देखने को मिली और सीज़न के बाद भी कई राज्यों में बारिश का सिलसिला बना रहा। अब 2026 में प्री-मानसून ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है, जिससे कई राज्यों में फिर से बारिश का दौर शुरू हो गया है। अब देश में प्री-मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। ऐसे में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department – IMD) ने कई राज्यों में 22, 23, 24 और 25 मार्च को भारी बारिश का अलर्ट (Heavy Rain Alert) जारी किया है। उत्तरपश्चिम भारत उत्तरपश्चिम भारत में प्री-मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। ऐसे में मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि 22, 23, 24 और 25 मार्च को राजस्थान, दिल्ली, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में कई जगह भारी बारिश होगी। इस दौरान कई जगह हल्की बारिश का भी अलर्ट है। साथ ही 40-70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवा चलने, बिजली गरजने और कुछ जगह ओलावृष्टि का भी अलर्ट है। पश्चिम भारत पश्चिम भारत में भी प्री-मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। ऐसे में मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि 22, 23, 24 और 25 मार्च के दौरान मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में जमकर बादल बरसेंगे। इस दौरान बिजली गरजने और तेज़ हवा चलने की भी संभावना है। पूर्वी और मध्य भारत पूर्वी और मध्य भारत में भी प्री-मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। ऐसे में मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि 22, 23, 24 और 25 मार्च को मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में तेज़ बारिश होगी और कई जगह रिमझिम बारिश भी होगी। इस दौरान कुछ जिलों में 50-80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवा चलने, धूल-भरी आंधी आने, बिजली गरजने और ओलावृष्टि का भी अलर्ट है। उत्तरीपूर्व भारत उत्तरीपूर्व भारत में भी प्री-मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। ऐसे में मौसम विभाग ने असम, मिज़ोरम, मेघालय, त्रिपुरा, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में 22, 23, 24 और 25 को जमकर बादल बरसने का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 30-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवा चलने और बिजली गरजने का भी अलर्ट है। दक्षिण भारत दक्षिण भारत में भी प्री-मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। ऐसे में मौसम विभाग ने कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, तटीय आंध्र प्रदेश, माहे, पुडुचेरी, यनम और कराईकल में 22, 23, 24 और 25 मार्च को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कई जगह 30-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवा चलने का भी अलर्ट है।

भारत ने होर्मुज के विकल्प में खोजा रास्ता, अब तेल का भंडार आ रहा है इस नई दिशा से

नई दिल्‍ली मिडिल ईस्‍ट में जंग से तेल की कीमतों में तेजी देखी जा रही है, क्‍योंकि खाड़ी देशो से एशिया और यूरोप के देशों में तेल-गैस की सप्‍लाई बाधित हुई है. इन्‍हीं जगहों पर खाड़ी देशों के तेल-गैस की खपत ज्‍यादा होती है. इस बीच, एक रिपोर्ट का दावा है कि भारत कुछ अन्‍य जगहों से भी तेल-गैस का आयात कर रहा है, जो यह संकेत देता है कि अब वह सिर्फ स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज या खाड़ी देशों पर निर्भर नहीं है।  रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, भारत की सरकारी कंपनी हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने टेंडर के जरिए अंगोला से 20 लाख बैरल तेल खरीदा है, क्योंकि महंगे मिडिल ईस्‍ट तेल की उपलब्धता कम होने के कारण भारतीय रिफाइनर वेस्‍ट अफ्रीकी और एशिया-प्रशांत क्षेत्र के तेल की ओर रुख कर रहे हैं।  भारत पहले मिडिल ईस्‍ट पर तेल गैस आयात के लिए 45 फीसदी निर्भर था, लेकिन अब वह नए-नए रास्‍तों की तलाश में है. अमेर‍िका और ईरान के बीच जंग से भारत की एनर्जी सप्‍लाई प्रभावित हुई है. स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्‍ता बंद होने के कारण भारत में LPG की सप्‍लाई सबसे ज्‍यादा बाधित हुई है।  मिडिल ईस्‍ट का तेल दुनिया का सबसे महंगा तेल  ओमान और दुबई के बेंचमार्क में थोड़ी नरमी आई, लेकिन सप्ताह की शुरुआत में इनमें तेजी आई क्योंकि मिडिल ईस्‍ट देशों का कच्चा तेल दुनिया का सबसे महंगा तेल बन गया था. इस सप्ताह की शुरुआत में ब्रेंट फ्यूचर कीमतें 2008 में 147.50 डॉलर के पिछले रिकॉर्ड को पार कर गईं।  एशिया जाने वाले लाखों बैरल मिडिल ईस्‍ट कच्‍चे तेल की कीमत तय करने के लिए इस्‍तेमाल किए जाने वाले बेंचमार्क में अचानक हुई वृद्धि ने एशियाई रिफाइनरों के लिए लागत बढ़ा दी है, जिससे वे विकल्प तलाशने या उत्पादन कम करने के लिए मजबूर हो गए हैं।  कहां कितना तेल खरीद रहा भारत?  रॉयटर्स के अनुसार, एचपीसीएल ने एक्सॉन से क्लोव और कैबिंडा के दस लाख बैरल खरीदे हैं, जिनकी कीमत ब्रेंट क्रूड ऑयल की तुलना में लगभग 15 डॉलर अधिक है और जिनकी डिलीवरी मई 1-10 के बीच होनी है. इस रिफाइनरी ने राजस्थान के रेगिस्तानी राज्य में स्थित अपनी 180,000 बैरल प्रति दिन की क्षमता वाली बाड़मेर रिफाइनरी के लिए तेल खरीदा है।  इस सप्ताह की शुरुआत में, HPCL ने व्यापारी टोट्सा से फोरकाडोस और अगबामी के एक-एक मिलियन बैरल खरीदे. इसके अलावा, इंडियन ऑयल कॉर्प देश की सबसे बड़ी तेल रिफाइन कंपनी भी पश्चिम अफ्रीका से कच्चा तेल खरीदने की कोशिश कर रही थी। 

रेलवे का बड़ा तोहफा: समर वेकेशन में दौड़ेंगी 18 से ज्यादा स्पेशल ट्रेनें, जानें टाइमटेबल

भोपाल गर्मियों की छुट्टियां शुरू होते ही ट्रेनों में एक बार फिर भारी भीड़ उमडऩे लगी है। भोपाल रेल मंडल से अब तक 18 से ज्यादा समर स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया है। इसके बावजूद लंबी दूरी की ट्रेनों में ओवर वेटिंग की स्थिति बन रही है। भोपाल रेल मंडल के अनुसार, गोरखपुर, पुणे, मुंबई के लिए अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनों का शेड्यूल जारी कर दिया गया है। रेलवे द्वारा संचालित समर स्पेशल ट्रेनों में नियमित ट्रेनों के मुकाबले 25 प्रतिशत तक ज्यादा किराया तय किया गया है। इन ट्रेनों का संचालन सीमित अवधि के लिए किया जाएगा। अप्रेल और मई में चलेंगी रेलगाडिय़ां ट्रेन संख्या 01415 पुणे- गोरखपुर स्पेशल ट्रेन यात्रा मांग पर 1 से 30 अप्रैल 2026 तक प्रतिदिन पुणे स्टेशन से सुबह 6:50 बजे प्रस्थान करेगी और दूसरे दिन सायं 4 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। यह स्पेशल ट्रेन मंडल के इटारसी, रानी कमलापति एवं बीना स्टेशनों से गुजरेगी। ट्रेन संख्या 01416 गोरखपुर-पुणे स्पेशल ट्रेन यात्रा मांग पर 2 अप्रैल से 1 मई 2026 तक प्रतिदिन सायं 5:30 बजे गोरखपुर से प्रस्थान करेगी और तीसरे दिन रात 3:15 बजे पुणे पहुंचेगी।   यह स्पेशल ट्रेन मंडल के बीना, रानी कमलापति एवं इटारसी स्टेशनों से गुजरेगी। ट्रेन संख्या 01079 सीएसएमटी-गोरखपुर स्पेशल ट्रेन यात्रा मांग पर 1 से 30 अप्रैल 2026 तक प्रतिदिन सीएसएमटी स्टेशन से रात 10:30 बजे प्रस्थान करेगी और तीसरे दिन सुबह 10:00 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। यह स्पेशल ट्रेन मंडल के इटारसी, भोपाल एवं बीना स्टेशनों से गुजरेगी। इसी प्रकार, ट्रेन संख्या 01080 गोरखपुर-सीएसएमटी स्पेशल ट्रेन यात्रा मांग पर 3 अप्रैल से 2 मई 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 2:30 बजे गोरखपुर से प्रस्थान करेगी और तीसरे दिन मध्यरात्रि 12:40 बजे सीएसएमटी पहुंचेगी। यह स्पेशल ट्रेन मंडल के बीना, भोपाल एवं इटारसी स्टेशनों से गुजरेगी। ऐसे कराएं टिकट ट्रेन में टिकट लेने के लिए IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट (www.irctc.co.in) या 'IRCTC Rail Connect App' पर अकाउंट रजिस्टर करें। यहां पर आपको लॉगिन करना होगा, जिसके लिए यूजरनेम और पासवर्ड डालना होगा। इसके बाद 'From' (जहां से जाना है) और 'To' (जहां तक जाना है) स्टेशन भरें, यात्रा की तारीख चुनें और 'Search Trains' पर क्लिक करें। उपलब्ध ट्रेनों की सूची में से अपनी पसंद की ट्रेन और क्लास (जैसे- Sleeper, 3AC, 2AC) चुनें। यात्रियों का नाम, उम्र और सीट की प्राथमिकता दर्ज करें। क्रेडिट/डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग या UPI के जरिए टिकट का भुगतान करें। पेमेंट पूरा होने के बाद, आपका ई-टिकट (E-ticket) ईमेल और SMS पर आ जाएगा।

नई टीम, नया जोश: महानगर में भाजपा पदाधिकारियों का जोरदार स्वागत, मिला मजबूत संगठन का लक्ष्य

बरेली भारतीय जनता पार्टी महानगर इकाई में नई टीम के गठन के साथ ही संगठन ने ताकत का प्रदर्शन शुरू कर दिया है। सिविल लाइंस स्थित पार्टी कार्यालय में नवनियुक्त पदाधिकारियों का भव्य स्वागत किया गया, जहां मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों ने साफ संदेश दिया कि अब संगठन की नीतियां घर-घर तक पहुंचानी होंगी। कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार, सांसद छत्रपाल गंगवार, महापौर डॉ. उमेश गौतम और महानगर अध्यक्ष अधीर सक्सेना ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को पटका और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में उत्साह और जोश का माहौल देखने को मिला। मंत्री बोले, हर घर तक पहुंचे भाजपा की नीति वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार ने पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि सभी कार्यकर्ता संगठन की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का काम करें। उन्होंने कहा कि यही कार्यकर्ताओं की असली जिम्मेदारी है और इसी से संगठन मजबूत होगा। सांसद छत्रपाल गंगवार ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हर कार्यकर्ता पूरी ताकत और समर्पण के साथ संगठन में काम करे। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती ही भाजपा की असली ताकत है। महापौर बोले, महानगर में बनें संगठन की पहचान महापौर डॉ. उमेश गौतम ने पदाधिकारियों से आह्वान किया कि वे महानगर में संगठन की पहचान बनें और सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि हर कार्यकर्ता महत्वपूर्ण है और सभी को जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा। एससी-एसटी आयोग सदस्य उमेश कठेरिया ने भी नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया।   ये बने नए पदाधिकारी, बड़ी जिम्मेदारी संभाली नवनियुक्त पदाधिकारियों में महानगर उपाध्यक्ष प्रभु दयाल लोधी, डॉ. तृप्ति गुप्ता, विष्णु अग्रवाल, राज किशोर कश्यप, प्रवेश वर्मा, डॉ. रामचंद्र मौर्य, अमरीश कठेरिया, विभु शर्मा, महामंत्री विष्णु शर्मा, डॉ. आदेश गंगवार, राजीव साहनी, मंत्री अजय चौहान, रितेश गुप्ता, लता सिंह बघेल, रेनू शर्मा, कुमार गौरव शर्मा, राधे गुर्जर, मनजीत सिंह नागपाल, सत्तू सागर, श्रीमती रितु सागर, बंटी ठाकुर, गरिमा कमांडो, संतोष कश्यप, छंगमल मौर्य, सतीश कातिव, वीरेंद्र अरोड़ा, नरेंद्र मौर्य सहित महानगर के पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष और पार्षद बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक को किया निलंबित लापरवाह अधिकारियों को फील्ड पोस्टिंग का अधिकार नहीं

भोपाल  एक्शन में मोहन सरकार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को सीधी जिले में अचानक पहुंचकर स्थानीय नागरिकों से सीधा संवाद कर प्रशासनिक व्यवस्था और योजनाओं के मैदानी क्रियान्वयन की स्थिति जानी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनसंवाद के दौरान आमजन और जनप्रतिनिधियों द्वारा विभिन्न मुद्दों पर की गई शिकायतों और जिला प्रशासन एवं विभिन्न विभागों की कार्य प्रणाली पर विस्तार से समीक्षा एवं फीडबैक लिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्राप्त शिकायतों के दृष्टिगत सीधी कलेक्टर  स्वरोचित सोमवंशी को तत्काल प्रभाव से हटाने और जिला सहकारी बैंक के के महाप्रबधंक  पी.एस. धनवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुना जिले में तलाशी के दौरान मिली नगद राशि में हेरफेर के मामले में पुलिस अधीक्षक गुना  अंकित सोनी की भूमिका को यथोचित न मानते हुए पुलिस अधीक्षक पद से हटाने के निर्देश भी दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नागरिकों से प्राप्त शिकायतों के संदर्भ में शासन स्तर पर आवश्यक कदम भी उठाये जायेंगे। प्रदेश में सुशासन की व्यवस्था के चलते अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा की गई लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने कहा कि जनकल्याण राज्य सरकार की प्राथमिकता है। आमजन की समस्याओं के निराकरण के लिये प्रदेश में अभियान के साथ शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर भी आयोजित किये जाते हैं। अधिकारी-कर्मचारियों को यह संदेश देना चाहता हूँ कि यदि वे फील्ड में रहकर आमजन की समस्याओं का निराकरण नहीं कर सकते तो उन्हें फील्ड में रहने का कोई अधिकार नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनसंवाद के दौरान नागरिकों की समस्याएं सुनी और उनके त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिये अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शिता के साथ पहुँचे। उन्होंने मैदानी अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे संवेदनशीलता, जवाबदेही और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदाशीनता को गंभीरता से लिया जाकर कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई की जायेगी। मुख्यमंत्री ने सीधी में निर्माणाधीन कलेक्ट्रेट भवन की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कलेक्ट्रेट भवन निर्माण में तेजी लाते हुये निर्धारित समय सीमा में गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण किया जाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीधी में औचक निरीक्षण के बाद स्थानीय सर्किट हाउस में आमजन एवं जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद भी किया। इस दौरान सांसद  राजेश मिश्रा, विधायक सिंहावल  विश्वमित्र पाठक, विधायक मती रीति पाठक के साथ ही अन्य जन प्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।  

मिडिल ईस्ट तनाव का असर: पीएम मोदी ने बुलाई उच्च स्तरीय बैठक, ऊर्जा मुद्दों पर फोकस

नई दिल्ली  पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार शाम को उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें उन्होंने मिडिल ईस्ट में बदलती स्थिति के मद्देनजर पेट्रोलियम, बिजली और उर्वरक क्षेत्रों की समीक्षा की और बरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों से चर्चा की। न्यूज एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य देश में तेल, गैस, खाद समेत सभी जरूरी चीजों की आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखना है और सरकार इस दिशा में सक्रिय कदम उठा रही है। उपभोक्ताओं और उद्योगों के हितों की रक्षा के लिए वैश्विक घटनाक्रमों की निरंतर निगरानी करना सरकार का मुख्य केंद्र बिंदु है। दुनिया भर में ऊर्जा संकट 12 मार्च को पीएम मोदी ने कहा था कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध ने दुनिया भर में ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है। यह राष्ट्रीय चरित्र की एक कठिन परीक्षा है और इससे निपटने के लिए शांति, धैर्य और जन-जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि उनकी सरकार अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखलाओं में उत्पन्न बाधाओं को दूर करने के लिए निरंतर काम कर रही है। उन्होंने कहा, "आपूर्ति श्रंखलाओं में आई बाधाओं को हम कैसे दूर कर सकते हैं, यह पता लगाने के लिए भी लगातार प्रयास जारी हैं।" खाड़ी देशों के नेताओं से पीएम मोदी कर रहे बात 28 फरवरी को पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद से प्रधानमंत्री ने कई वैश्विक नेताओं से बात की है। संघर्ष शुरू होने के बाद से प्रधानमंत्री मोदी ने सऊदी अरब, यूएई, कतर, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन, फ्रांस, मलेशिया, इजरायल और ईरान के नेताओं के साथ फोन पर बातचीत की है। होर्मुज से बहुत कम जहाजों को गुजरने की अनुमति ईरान ने इजरायल और कई खाड़ी पड़ोसी देशों पर हमला करके जवाबी कार्रवाई की है। ईरान होर्मुज स्ट्रेट को नियंत्रित करता है, जो एक प्रमुख शिपिंग मार्ग है और जिसके जरिए दुनिया की 20 प्रतिशत ऊर्जा का परिवहन होता है। संघर्ष शुरू होने के बाद से ईरान ने बहुत कम जहाजों को इस मार्ग से गुजरने की अनुमति दी है।  

कसडोल में कंवर समाज सामुदयिक भवन तथा पलारी में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 50-50 लाख रुपए की घोषणा

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज बलौदाबाजार भाटापारा जिले के ग्राम ओड़ान में बावनगढ़ आदिवासी ध्रुव गोंड़ समाज तुरतुरिया माता महासभा लवन के तत्वावधान में आयोजित गोंड़वाना आदर्श सामूहिक विवाह समारोह मे शामिल हुए। इस मौके पर  साय ने सामूहिक विवाह कार्यक्रम में पारम्परिक गोंडी रीति-रिवाज से दाम्पत्य सूत्र में बंधे 28 नवविवाहित जोड़ों क़ो आशीर्वाद व सुखमय दाम्पत्य जीवन की बधाई एवं शुभकामनायें दी। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने समाज के पदाधिकारियों की मांग पर कसडोल नगर में कंवर समाज सामुदयिक भवन व नगर पंचायत पलारी में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 50-50 लाख रुपए और ग्राम ओड़ान में बड़ादेव ठाना में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 25 लाख रुपए की घोषणा की। साथ ही ग्राम ओड़ान के शनिमंदिर से बड़ादेव ठाना तक सीसी रोड निर्माण हेतु स्वीकृति प्रदान की। मुख्यमंत्री  साय ने कहा हमारी सरकार आदिवासी समाज के उत्थान के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। गोंडवाना संस्कृति के मानने वाले हमारे सभी आदिवासी भाई प्रकृति के पुजारी हैं। आप लोगों ने जल,जंगल और जमीन की सुरक्षा में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में जनजातियों को आगे बढ़ाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के लिए इस साल हम लोगों ने 200 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया गया है। इसी तरह जनजातीय समुदाय के समग्र विकास की दिशा में प्रधानमंत्री जनमन योजना मील का पत्थर साबित हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी कला और संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए हमारी सरकार निरंतर काम कर रही है। हम लोगों ने आदिवासी परंपराओं को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री सम्मान निधि प्रारम्भ किया है, जिसके माध्यम से बैगा, गुनिया और सिरहा को हर साल पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारे आदिवासी भाइयों का आय का एक बड़ा स्रोत वनोपज और तेंदूपत्ता संग्रहण है। हम लोगों ने तेंदूपत्ता संग्रहण का दाम 4 हजार रूपये से बढ़ाकर 5500 रूपये प्रति मानक बोरा किया है। जंगल जाने, वनोपज का संग्रहण करने वाले आदिवासी भाई- बहनों के पैरों में कांटे न चुभे, इसका भी इंतजाम हमारी सरकार ने फिर से किया है। इस साल चरण पादुका वितरण भी किया जाएगा। तेन्दूपत्ता संग्राहकों को चरण पादुका प्रदान करने के लिए बजट में 60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सामूहिक विवाह बहुत ही अच्छी पहल हैं। इस तरह के आयोजन से न केवल समाज संगठित होता है, बल्कि फिजूलखर्ची पर भी रोक लगती है। उन्होंने कहा कि अभी 10 मार्च को मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के माध्यम से 6 हजार से अधिक जोड़ों का सामूहिक विवाह पूरे प्रदेश में संपन्न हुआ जिसे गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी शामिल किया गया है। इस अवसर पर जांजगीर-चांपा सांसद मती कमलेश जांगड़े, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष  गौरीशंकर अग्रवाल, विधायक  संदीप साहु सहित अन्य गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

महतारी वंदन योजना के माध्यम से मातृशक्ति हो रही सशक्त, 42 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए रामलला के दर्शन

रायपुर  छत्तीसगढ़ संत-महात्माओं की पुण्य भूमि और प्रभु राम का ननिहाल है, जिसे विकसित और समृद्ध बनाना राज्य सरकार का संकल्प है। शांति, सुरक्षा, खुशहाली और सुशासन के मूल मंत्र के साथ 3 करोड़ प्रदेशवासियों की खुशहाली हमारा ध्येय है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज कबीरधाम जिले के ग्राम सेमरिया में वीरांगना अवंतीबाई लोधी के 168 में बलिदान दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री  साय ने वीरांगना अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें नमन किया। साथ ही मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में सामुदायिक भवन, मिनी स्टेडियम और यज्ञशाला निर्माण की घोषणा भी की।              मुख्यमंत्री ने कहा कि वीरांगना अवंतीबाई लोधी का जीवन साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की अमिट मिसाल है। उन्होंने सीमित संसाधनों और छोटी सेना के बावजूद अंग्रेजों के खिलाफ अदम्य साहस के साथ संघर्ष किया और देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। ऐसी महान विभूति से हमें प्रेरणा लेकर अपने जीवन में राष्ट्रसेवा और समाजहित के मूल्यों को अपनाना चाहिए। उन्होंने लोधी समाज की सराहना करते हुए कहा कि यह समाज ऐतिहासिक रूप से वीरता, नैतिकता और राष्ट्रसेवा के लिए जाना जाता है। स्वतंत्रता संग्राम में इस समाज का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है और आज भी यह समाज देश और प्रदेश के विकास में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज की नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास से अवगत कराना आवश्यक है, ताकि वे उसी परंपरा को आगे बढ़ा सकें।            मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों, गरीबों और महिलाओं के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बड़ी संख्या में लोगों को आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं। किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर उनके आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। होली से पूर्व अंतर की राशि का भुगतान कर किसानों को राहत पहुंचाई गई, जिससे उनके त्योहार में खुशहाली आई। महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘महतारी वंदन योजना’ के माध्यम से प्रदेश की 70 लाख से अधिक महिलाओं को हर महीने 1 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। अब तक 25 किश्तों के माध्यम से 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे उनके खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। इससे मातृशक्ति आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बन रही है।                   साय ने आगे कहा कि प्रदेश में आस्था और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए ‘रामलला दर्शन योजना’ संचालित है, जिसके तहत अब तक 42 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या जाकर भगवान राम के दर्शन कर चुके हैं। इसके साथ ही युवाओं की प्रतिभा को निखारने के लिए बस्तर और सरगुजा में ओलंपिक का आयोजन किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच मिल रहा है।              इस दौरान मुख्यमंत्री ने कवर्धा के वार्ड क्रमांक 26 में समाजिक भवन निर्माण के लिए 50 लाख रुपए, खेल के क्षेत्र में प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने मिनी स्टेडियम के निर्माण तथा सहसपुर-लोहारा में यज्ञशाला के निर्माण के लिए 20 लाख रुपए दिए जाने की घोषणा की।  कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी अपने संबोधन में वीरांगना अवंतीबाई लोधी के साहस और बलिदान को स्मरण करते हुए समाज से एकजुट होकर अपनी गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।          इस अवसर पर विधायक मती भावना बोहरा, पूर्व सांसद  अभिषेक सिंह,  संतोष कौशिक,  राजेन्द्र चन्द्रवंशी,  कोमल जंघेल तथा लोधी समाज के प्रतिनिधि और आमजन मौजूद रहे।