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विमानन नीति-2025 से मध्यप्रदेश में हवाई सेवाओं का तेजी से विस्तार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

विमानन नीति-2025 से मध्यप्रदेश में हो रहा हवाई सेवाओं का निरंतर विस्तार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव रीवा से रायपुर सप्ताह में तीन दिन हवाई सेवा का हुआ शुभारंभ केंद्रीय नागर विमानन मंत्री  नायडू भी वर्चुअली हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश विमानन नीति 2025 लागू कर देश में हवाई सेवाओं के विस्तार का कार्य व्यवस्थित रूप से किया जा रहा है। नीति के अंतर्गत ही रीवा से रायपुर की विमान सेवा प्रारंभ हो रही है। यही नहीं जबलपुर से कोलकाता और इंदौर से आबूधाबी की उड़ानों की स्वीकृति भी इस नीति के अंतर्गत संभव हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को रीवा से रायपुर अलायन्स एयर की सप्ताह में तीन दिन की उड़ान के शुभारंभ समारोह को मंत्रालय भोपाल से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आने वाले समय में रीवा एयरपोर्ट के विस्तार का कार्य होगा जो संपूर्ण विंध्य अंचल के लिए लाभकारी सिद्ध होगा। ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के विंध्य क्षेत्र का पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ से हवाई मार्ग से जुड़ना समृद्धि और संस्कृति के विकास के लिए भी महत्वपूर्ण होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विंध्यवासियों को रीवा से रायपुर की उड़ान प्रारंभ होने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य के विमानन क्षेत्र में ये एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। गत 2 वर्ष में चार महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं। जहां वर्ष 2024 में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने रीवा में एयरपोर्ट का शुभारंभ किया, वहीं रीवा से दिल्ली विमान सेवा शुरू हुई। इसके बाद गत वर्ष रीवा से इंदौर की विमान सेवा शुरू हुई। आज रीवा से रायपुर की विमान सेवा प्रारंभ हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश में आज 8 एयरपोर्ट हैं। शीघ्र ही उज्जैन और शिवपुरी का एयरपोर्ट प्रारंभ होने पर संख्या 10 हो जाएगी। प्रदेश में कुल 20 हवाई पट्टियां और 220 हेलीपैड हैं। शहडोल, नीमच, छिंदवाड़ा और मंडला एयरस्ट्रीप रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के अंतर्गत एयरपोर्ट के रूप में विकसित होंगी। प्रधानमंत्री  मोदी का कहना है कि हवाई चप्पल पहनने वाले व्यक्ति भी हवाई यात्रा कर सकते हैं। प्रधानमंत्री  मोदी के इस मंत्र को प्रदेश में साकार करने के लिए जहां पीएम एयर एंबुलेंस सेवा प्रारंभ की गई वहीं पर्यटन, वन्य जीव अभयारण्य और धार्मिक महत्व के स्थानों तक जाने के लिए भी धार्मिक पर्यटन हेली सेवा प्रारंभ की गई हैं। नागरिक विमानन नीति-2025 में दे रहे हैं सहायता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में नागरिक विमानन नीति-2025 लागू की गई है। इसमें अंतर्गत घरेलू मार्ग के विकास के लिए 10 लाख रूपए और अंतर्राष्ट्रीय मार्गों के लिए 15 लाख रुपए की सहायता राशि देकर बढ़ावा दिया जा रहा है। माल ढुलाई के कार्य को तेज, सस्ता और सुगम बनाने के लिए एयर कार्गो लॉजिस्टिक्स परियोजनाओं के लिए भी 30 प्रतिशत पूंजीगत सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। कृषि उत्पादों के लिए कार्गो क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। ऐसे विद्यार्थी जो गैर सिम्युलेटर कोर्स कर रहे हैं, उनकी फीस का 60 प्रतिशत व्यय राज्य सरकार करेगी। इससे जहां व्यापार व्यवसाय क्षेत्र को प्रोत्साहन मिल रहा है वहीं संपूर्ण अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीवा-रायपुर हवाई यात्रा के लिए केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री और मंत्रालय के अधिकारियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। मध्यप्रदेश में विमानन क्षेत्र में हो रहा अच्छा कार्य – केंद्रीय मंत्री  नायडू केंद्रीय नागर विमानन मंत्री  किजारापु राममोहन नायडू ने नई विमान सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम में नई दिल्ली से वर्चुअली शामिल होते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में विमानन क्षेत्र में सुविधाएं बढ़ाने के लिए अच्छा कार्य हो रहा है। केंद्रीय मंत्री  नायडू ने इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बधाई दी। केंद्रीय मंत्री  नायडू ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी ने वर्ष 2024 में रीवा एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था और आज विमान यात्रियों को रीवा से रायपुर की विमान सेवा का लाभ मिलना शुरू हो गया है। मध्यप्रदेश में पीएम हेली पर्यटन सेवा और गंभीर रोगियों के उपचार के लिए आपातकालीन व्यवस्था के तौर पर पीएम एयर एम्बुलेंस सेवा का संचालन सराहनीय है। केंद्रीय मंत्री  नायडू ने कहा कि "वन रूट वन फेयर" के लिए एलाइंस एयर के साथ अनुबंध किया गया है। यह इस तरह का देश में प्रथम अनुबंध है। केंद्रीय मंत्री  नायडू ने कहा कि आशा है मध्यप्रदेश में नए विमानतल और नई हवाई पट्टियों के विकास के कार्य निरंतर होते रहेंगे। रीवा में हवाई सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री  राजेंद्र शुक्ल, वरिष्ठ सांसद  विष्णु दत्त शर्मा,  जनार्दन मिश्रा के अलावा अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। खजुराहो एयरपोर्ट पर भी अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे जो कार्यक्रम से वर्चुअल रूप से जुड़े।  

पसंदीदा सीट के लिए अब नहीं देना होगा अतिरिक्त शुल्क, एयरलाइंस ने बदला नियम

 नई दिल्ली भारत में हवाई यात्रियों को जल्द ही छिपे हुए खर्चों से बड़ी राहत मिल सकती है, क्योंकि सरकार ने सीट चुनने पर लगने वाले एक्स्ट्रा चार्ज पर रोक लगाने और सभी एयरलाइंस में यात्रियों के अधिकारों को और मज़बूत करने के लिए कदम उठाए हैं. नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयरलाइन ऑपरेटरों को निर्देश दिया है कि वे यह तय करें कि किसी भी फ़्लाइट में करीब 60 फीसदी सीटें चुनने के लिए मुफ़्त में उपलब्ध हों. इसका मतलब है कि वेब चेक-इन या सीट सिलेक्शन के दौरान यात्रियों से वसूले जाने वाले एक्स्ट्रा शुल्क पर लगाम लगेगी। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय द्वारा जारी इस आदेश का मकसद हवाई यात्रा को ज्यादा सहज और पारदर्शी बनाना है। कई एयरलाइंस टिकट बुक करने के बाद या वेब चेक-इन के दौरान पसंदीदा सीट चुनने के लिए एक्स्ट्रा चार्ज ले रही थीं. नए निर्देश का मकसद इस तरह एक्टिविटीज पर लगाम लगाना और यात्रियों को बेहतर सुविधा मुहैया करवाना है। साथ बैठेंगे एक ही बुकिंग वाले यात्री मंत्रालय ने एयरलाइंस से यह भी तय करने को कहा है कि एक ही PNR पर सफर करने वाले यात्री साथ बैठें और हो सके तो उन्हें आस-पास की सीटें ही अलॉट हों. इससे उन परिवारों और ग्रुप्स को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें अक्सर एक-दूसरे के पास सीटें पाने के लिए ज़्यादा पैसे देने पड़ते थे। एयरलाइंस को सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए, खेल के सामान और म्यूज़िकल इंस्ट्रूमेंट्स को ले जाने की सुविधा पारदर्शी और यात्री-अनुकूल तरीके से देनी होगी. उनसे यह भी कहा गया है कि वे पालतू जानवरों को ले जाने के बारे में साफ़ नीतियां प्रकाशित करें; यह एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें यात्रियों के बीच अक्सर भ्रम की स्थिति बनी रहती है। यात्रियों के अधिकारों और पारदर्शिता पर ज़ोर सरकार ने यात्रियों के अधिकारों का सख्ती से पालन करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया है, खासकर तब जब उड़ान में देरी हो, उड़ान रद्द हो जाए या यात्रियों को बोर्डिंग से रोक दिया जाए. एयरलाइंस को अपनी वेबसाइट, मोबाइल ऐप, बुकिंग प्लेटफ़ॉर्म और एयरपोर्ट्स के काउंटरों पर इन अधिकारों को साफ़-साफ़ दिखाना होगा. ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुंच स्थापित करने के लिए यात्रियों को उनके अधिकारों के बारे में क्षेत्रीय भाषाओं में भी जानकारी दी जानी चाहिए। भारत का घरेलू एविएशन सेक्टर तेज़ी से बढ़ा है और दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बाज़ार बन गया है. यहां के हवाई अड्डों पर रोज़ाना पांच लाख से ज़्यादा यात्री आते-जाते हैं. ऐसे में मंत्रालय ने इस बात पर ज़ोर दिया है कि यात्रियों को सुविधाएं देना सबसे बड़ी प्राथमिकता है. मंत्रालय ने 'UDAN यात्री कैफ़े' जैसी पहलों का ज़िक्र किया है, जहां हवाई अड्डों पर किफ़ायती खाना और मुफ़्त Wi-Fi की सुविधा मिलती है।

ट्रंप ने पलटी मारी, अमेरिका ने होर्मुज पर ईरानी मिसाइल भंडार पर गिराया भारी बम

वाशिंगटन  ईरान के साथ जंग में अमेरिका अकेला पड़ चुका है. उसका साथ कोई नहीं दे रहा है. ऐसे में अब अमेरिका ने अकेले ही ईरान से आर-पार की जंग लड़ने की ठान ली है. अमेरिका अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अकेले ईरान के कब्जे से मुक्त कराने में जुट गया है. जी हां, इसी सिलसिले में अमेरिका ने होर्मुज के पास 23 क्विंटल के खतरनाक बमों की बमबारी की है. इस बमबारी का मकसद होर्मुज के पास स्थित ईरानी मिसाइल साइटों को ध्वस्त करना था. ताकि होर्मुज के दरवाजे को समुद्री व्यापार के लिए खोला जा सके. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी. इसके मुताबिक, ईरान की इन क्रूज मिसाइलों से होर्मुज से होने वाली अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार को खतरा था। दरअसल, अमेरिकी फोर्स ने कई 5000 पाउंड वजन वाले गहराई तक घुसने वाले बम गिराए. यानी अमेरिका ने करीब 23 क्विंटल के बम से ईरान के मिसाइल भंडार पर हमला किया है. ये बम ईरान के मजबूत बनाए गए मिसाइल स्टोरेज और लॉन्च साइटों पर गिराए गए, जो समुद्र किनारे बने थे. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इसकी सफलता की जानकारी दी। यूएस सेंट्रल कमांड के मुताबिक, ‘कुछ घंटे पहले अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरान के समुद्र तट पर स्थित ईरान की मजबूत मिसाइल साइटों पर 5000 पाउंड के कई ‘डीप पेनिट्रेटर’ बमों का सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया. इन साइटों पर मौजूद ईरान की जहाज-रोधी क्रूज मिसाइलों से इस जलडमरूमध्य में होने वाली अंतर्राष्ट्रीय जहाज़ों की आवाजाही को खतरा था.’ इसका मतलब है कि अमेरिका इस कार्रवाई को सफल मान रहा है। क्यों दुनिया के लिए खास है होर्मुज गौरतलब है कि होर्मुज की खाड़ी दुनिया के लिए बहुत अहम है. यहां से दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल गुजरता है. अगर ये रास्ता बंद हो जाए तो पूरी दुनिया में तेल की कीमतें आसमान छू जाती हैं. अभी इस होर्मुज के कारण पूरी दुनिया में खलबली है. कारण कि पिछले कुछ हफ्तों से ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच जंग चल रही है. ईरान ने बदला लेते हुए होर्मुज को बंद कर दिया है. ईरान लगातार होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को टारगेट करने के लिए मिसाइलें, ड्रोन और माइन्स का इस्तेमाल कर रहा है. इस खौफ से ईंधन वाले जहाज पार नहीं कर पा रहे हैं. इससे तेल के टैंकर रुक गए और दुनिया भर में तेल संकट खड़ा हो गया है। होर्मुज के पास ईरानी मिसाइल पर अटैक क्यों? होर्मुज खोलना अमेरिका के लिए बड़ी चुनौती है. कारण कि ईरान ने भारत समेत एशिया के कुछ देशों को छूट तो दी है, मगर अमेरिका और यूरोप के लिए पूरी तरह से होर्मुज का दरवाजा बंद कर रखा है. ऐसे में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लगातार नाटो और अन्य देशों से होर्मुज खोलने में मदद मांग रहे हैं. उन्होंने कहा कि होर्मुज को खुला और सुरक्षित रखने के लिए दूसरे देश भी जहाज भेजें.  लेकिन कई सहयोगी देशों ने मना कर दिया. ट्रंप ने नाराजगी जताई और कहा कि अमेरिका अकेले ही ये काम कर सकता है. यहा कारण है कि अब अमेरिका अकेले ही होर्मुज को खुलवाने में जुट गया है. आज का यह एक्शन इसी का नतीजा है। अमेरिका ने गेम पलटना शुरू किया पहले अमेरिका ने ईरान के खार्ग द्वीप पर भी हमले किए थे. वहां मिलिट्री टारगेट नष्ट किए गए, लेकिन तेल सुविधाओं को बचाया गया. ट्रंप ने कहा था कि अगर जरूरत पड़ी तो तेल सुविधाएं भी निशाना बनाई जा सकती हैं. अब ये नया हमला ट्रंप की रणनीति का हिस्सा लगता है. होर्मुज के पास ईरानी मिसाइल भंडार को तबाह करके ट्रंप ने गेम पलट दिया है. अमेरिका के इस एक्शन से होर्जुम में ईरान का खतरा कम हो जाएगा. ईरान की मिसाइलें नष्ट होने से होर्मुज का दरवाजा फिर से खुलने की उम्मीद बढ़ गई है। अमेरिका ने किस बम से किया अटैक अमेरिका का ये हमला बंकर-बस्टर बमों से किया गया. ये बम जमीन के अंदर घुसकर मजबूत ठिकानों को तबाह कर देते हैं. अमेरिका ने 5000 पाउंड यानी करीब 23 क्विंटल बमों से अटैक किया. ईरान की तरफ से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. लेकिन ये साफ है कि अमेरिका ईरान की समुद्री ताकत को कमजोर करने पर जोर दे रहा है. अगर अमेरिका का यह दावा सही है तो दुनिया भर के व्यापारियों और तेल कंपनियों को राहत मिल सकती है. अगर होर्मुज खुल गया तो तेल की सप्लाई सामान्य हो जाएगी और कीमतें गिरेंगी. वैसे भी ट्रंप का कहना है कि अमेरिका अपने सहयोगियों के बिना भी इस रास्ते को सुरक्षित रखेगा. बता दें कि 28 फरवरी से ही युद्ध जारी है। क्या है ये बंकर बस्टर बम और क्यों है इसकी इतनी चर्चा? अब सवाल उठता है कि ये बंकर बस्टर बम आखिर बला क्या है? आम भाषा में समझें तो ये ऐसे बम हैं जो जमीन या कंक्रीट की मोटी दीवारों को भेदकर गहराई में छिपे दुश्मनों का काल बन जाते हैं. 2022 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक ऐसे बम की कीमत करीब 2.88 लाख डॉलर होती है. हालांकि, अमेरिका के पास इससे भी बड़े 30,000 पाउंड वाले बम हैं, लेकिन फिलहाल ईरान के इन मिसाइल ठिकानों को मिट्टी में मिलाने के लिए ये 5,000 पाउंड यानी 2200 किलो वाले बम ही काफी थे। पूरी कहानी का दूसरा पहलू ये भी है कि इस जंग के पीछे इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का भी हाथ माना जा रहा है, जो महीनों से अमेरिका को इस रास्ते पर चलने के लिए उकसा रहे थे. लेकिन ट्रंप का कहना है कि यह उनकी अपनी फीलिंग थी कि ईरान से खतरा बढ़ रहा है, इसलिए उन्होंने यह कदम उठाया. दूसरी तरफ, ईरान आज भी अपनी बात पर अड़ा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम सिर्फ बिजली बनाने जैसे शांतिपूर्ण कामों के लिए है और उसका बम बनाने का कोई इरादा नहीं है। फिलहाल, हालात ये हैं कि पूरी दुनिया की नजरें होर्मुज के इस रास्ते पर टिकी हैं. अमेरिका ने अपनी ताकत दिखाकर ये साफ कर दिया है कि वो पीछे हटने वाला नहीं है. अब देखना ये होगा कि ईरान इस बंकर बस्टर हमले का क्या … Read more

मानवता और सहअस्तित्व भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मानवता और सहअस्तित्व भारतीय संस्कृति की पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्काउट और गाइड संगठन से जुड़े 7 देशों के युवा प्रतिनिधि मुख्यमंत्री निवास आए उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत की प्राचीन संस्कृति के मूल में मानवता, सहअस्तित्व और परस्पर सहयोग का महत्वपूर्ण भाव शामिल है। स्काउट और गाइड संगठन विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ संस्कारवान बनाने की दृष्टि से एक आदर्श संगठन है। इस नाते मध्यप्रदेश में इन युवाओं का एक सप्ताह का वैचारिक आयोजन स्थानीय युवाओं के लिए भी प्रेरक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पश्चिम बंगाल की खाड़ी से जुड़े 7 राष्ट्रों को सहयोग के सूत्र में बांधने के लिए बिम्सटेक एक महत्वपूर्ण मंच है। युवा राष्ट्र के निर्माण में सहभागी होते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित संवाद सभाकक्ष में बिम्सटेक यूथ कल्चरल हेरिटेज एंड सस्टेनेबिलिटी इमेरसन प्रोग्राम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिभागी देशों भूटान, नेपाल, बांग्लादेश, म्यांमार, लंका और थाईलैंड के स्काउट गाइड को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत स्काउट और गाइड संगठन को रचनात्मक प्रकल्पों के संचालन के लिए बधाई दी। उन्होंने देश के दिल मध्यप्रदेश में अन्य देशों और राज्यों के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि पड़ोसियों से हमारे आत्मीय और सहज संबंध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पश्चिम बंगाल से भी यहां प्रतिनिधि आएं हैं। बंगाल की खाड़ी से बिम्सटेक के देश जुड़े हैं। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत दक्षिण एशियाई देशों के लिए आशा, स्थिरता और विकास का एक सशक्त केंद्र बनकर उभरा है। उन्होंने विदेश मंत्रालय के प्रति यूथ कल्चरल हेरिटेज एंड सस्टेनेबिलिटी इमेरसन प्रोग्राम के लिए प्राप्त सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं को सांस्कृतिक धरोहर, पर्यावरण संरक्षण, सतत् विकास और क्षेत्रीय सहयोग जैसे विषयों पर विचार-विमर्श के साथ ही ऐसे महत्वपूर्ण विषयों को जीवन के लक्ष्यों में शामिल करने के लिए प्रेरित करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा देश अनेक नदियों का मायका है। भारत को मध्यप्रदेश से बड़ी जल राशि प्राप्त होती है। मध्यप्रदेश की नदियां कई राज्यों की नदियों में समाहित होकर उन्हें समृद्ध करती है। मध्यप्रदेश से सम्राट विक्रमादित्य की पहचान भी जुड़ी है, जो दान, वीरता, न्यायप्रियता और सुशासन के प्रतीक थे। उन्होंने अनेक राज्यों और राष्ट्रों में भिन्न-भिन्न नामों से व्यवस्थित शासन संचालन के प्रमाण प्रस्तुत किए। भारत ऐसे ही गौरवशाली व्यक्तित्वों से विश्व में अलग पहचान रखता है। कार्यक्रम को भारत स्काउट एंड गाइड के नेशनल कमिश्नर  मनीष मेहता सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया।  

समरसता का संदेश देते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने होली मिलन समारोह में भाग लिया

मुख्यमंत्री युवा योजना से बदली तकदीर, लखनऊ की खुशी बनीं महिला उद्यमिता की नई पहचान ब्याज मुक्त और गारंटी मुक्त ऋण से युवाओं को मिल रहा स्वरोजगार का अवसर ‘ग्लैम हाउस’ के जरिए ब्यूटी बिजनेस में बनाई अलग पहचान   यूनिसेक्स सैलून और एकेडमी से अन्य महिलाओं को भी दे रहीं रोजगार लखनऊ 'मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान' के माध्यम से योगी सरकार ब्याज मुक्त और गारंटी मुक्त ऋण प्रदान कर युवाओं के स्वरोजगार के सपनों को नए पंख देने का काम कर रही है। इसी योजना का लाभ लेकर योगी सरकार के ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को लखनऊ की रहने वाली खुशी गुप्ता ने धरातल पर उतारकर उद्यमी बनने का सपना साकार किया है। उन्होंने न सिर्फ ब्यूटी बिजनेस में अपनी अलग पहचान बनाई, बल्कि वे अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बन चुकीं हैं। लखनऊ की खुशी बनीं महिला उद्यमिता की नई पहचान खुशी गुप्ता ने बताया कि वे लखनऊ में बीए एलएलबी की पढ़ाई कर रहीं हैं। उनकी मेकअप और ब्यूटी पार्लर में रुचि है। इसके लिए उन्होंने प्रोफेशनल कोर्स भी किया। उनको 'मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान' योजना के बारे में जानकारी मिली। जिसके बाद उन्होंने बैंक जाकर योजना की जानकारी ली और एक हफ्ते का उद्यमिता प्रशिक्षण भी लिया। इस योजना के तहत उनको 4.5 लाख रुपए का ऋण प्राप्त हुआ। यह पूरी तरह ब्याज मुक्त और गारंटी मुक्त था। मुख्यमंत्री युवा योजना के तहत मिली वित्तीय सहायता से उन्होंने से सैलून का इंटीरियर और वेंडर्स का भुगतान किया। लखनऊ के खुर्रम नगर इलाके में 2025 में ‘ग्लैम हाउस’ के नाम से यूनिसेक्स सैलून, स्टूडियो और एकेडमी की शुरुआत की। खुशी आज न सिर्फ हर महीने लाखों रुपए कमा रहीं है, बल्कि अन्य महिलाओं को भी रोजगार दे रहीं हैं।   ब्याज मुक्त और गारंटी मुक्त ऋण से प्रदेश के युवा बन रहे उद्यमी  योगी सरकार 'मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान' के तहत प्रदेश के 21 से 40 वर्ष तक के युवाओं को व्यापार जगत में मुख्यधारा से जोड़ रही है। योजना के तहत ब्याज मुक्त और गारंटी मुक्त 5 लाख रुपए तक का ऋण उपलब्ध करवाती है। आज खुशी जैसी प्रदेश की हजारों महिलाएं सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों के माध्यम से उत्तर प्रदेश की जीडीपी में अपना योगदान दे रहीं हैं। खुशी की कहानी उन सभी महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो अपनी पहचान बनाना चाहती हैं।

इंदौर में आग हादसा: घर में 8 शव मिले, रेस्क्यू टीम ने शुरू किया बचाव कार्य

इंदौर  इंदौर के तिलक थाना क्षेत्र के छोटा राजवाड़ा के पास प्रीति नगर में एक घर में भीषण आग लई। इस हादसे में मकान मालिक मनोज पुगलिया सहित 8 लोगों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि कार में आग लगने के बाद वह फैलते हुए पूरे घर को चपेट में ले लिया। देखते ही देखते पूरा घर जलकर खाक हो गया। घर से अभी तक 8 लाशें निकाली गई हैं। एसीपी कुंदन मंडलोई ने इस हादसे में मकान मालिक सहित 8 लोगों की जानकारी दी है। इंदौर शहर के छोटा राजवाड़ा क्षेत्र स्थित प्रीति नगर में देर रात एक भीषण आगजनी की घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया। तिलक नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुए इस हादसे में एक कार में लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया। इस दर्दनाक घटना में मकान मालिक मनोज पुगलिया सहित कुल 8 लोगों की मौत हो गई, जिससे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। आग सबसे पहले घर के बाहर खड़ी एक कार में लगी प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग सबसे पहले घर के बाहर खड़ी एक कार में लगी। आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल सका है। आशंका जताई जा रही है कि शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी इसकी वजह हो सकती है। कार में लगी आग तेजी से फैलती हुई पूरे घर तक पहुंच गई और कुछ ही मिनटों में मकान धू-धू कर जलने लगा। आग इतनी भीषण थी कि घर में मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिल सका। कैसे लगी आग दरअसल, पुगलिया परिवार में यह लाशें बिछी हैं. इस परिवार ने घर के बाहर खड़ी इलेक्ट्रिक कार को चार्जिंग पर लगाया था. मंगलवार रात से ईवी की चार्जिंग चल रही थी. चार्ज में लगाकर सभी सो गए थे. अचानक बुधवार तड़के तीन-चार बजे के आसपास चार्जिंग पॉइंट में शॉर्ट सर्किट हो गया. इलेक्ट्रिक कार तुरंत आग का गोला बन गई. आग तेजी से घर की ओर फैल गई और घर के अंदर रखे गैस सिलेंडरों तक पहुंच गई. इसके बाद जो धमाके हुए, उसका शोर पूरे इंदौर शहर में सुनाई दिया। कैसे धमाकों से दहला इंदौर जी हां, ईवी चार्जिंग वाले प्वाइंट से लगी यह आग देखते ही देखते घर में रखे गैस सिलेंडरों तक पहुंच गई. इसके बाद एक के बाद एक जोरदार धमाके से फट गए. धमाके इतने तेज थे कि पूरा इलाका दहल गया. घर का एक हिस्सा ढह गया. अंदर सो रहे लोग सोते ही रह गए और किसी को संभलने का भी मौका नहीं मिला. बताया जा रहा है कि इस परिवार में कोई फंक्शन था. इसके कारण कई रिश्तेदार आए थे। 8 लोग जिंदा जलकर मरे बहरहाल, इस हादसे में अब तक 8  लोगों की जलकर मौत हो चुकी है. ये लोग जिंदा ही आग में जल गए. वहीं 3 लोगों ने किसी तरह अपनी जान बचा ली, लेकिन वे गंभीर रूप से घायल हैं. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को निकलने का मौका ही नहीं मिला. संकरी गलियों और तेज लपटों की वजह से फायर ब्रिगेड को भी राहत कार्य में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. घर में लगी आग बुझाने की कोशिश जारी है। प्रशासन मौके पर मौजूद इस बीच पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई है. पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट और गैस सिलेंडर का विस्फोट मुख्य कारण लग रहा है. इलेक्ट्रिक कार की बैटरी में भी आग लगने की आशंका जताई जा रही है. पूरे मामले की जांच चल रही है. इंदौर के लोग इस हादसे से काफी सदमे में हैं।

चाय के रेट बढ़ाए गए, अब LPG संकट से दूध की कीमत भी बढ़ने की आशंका

नई दिल्ली ईरान-इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के कारण भारत में एलपीजी की किल्लत देखने को मिल रही है. कई जगह लोगों को लंबी लाइनों में लगकर महंगे दाम पर गैस सिलेंडर खरीदना पड़ रहा है. एलपीजी की बढ़ती कीमतों का असर अब आम लोगों तक पहुंच गया है. चाय बेचने वालों ने भी चाय की कीमत 10 रुपये से बढ़ाकर 15 रुपये कर दी है. यह संकट सिर्फ रेस्टोरेंट और होटल तक सीमित नहीं है, बल्कि दूध के कारोबार पर भी इसका असर पड़ रहा है. भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर है। पहले गल्फ देशों से 85-90 प्रतिशत एलपीजी आती थी, लेकिन अब आयात पर संकट आ गया है. जिससे घरेलू गैस के साथ-साथ इंडस्ट्रीज को भी मार पड़ रही है. रेस्टोरेंट, होटल पहले से परेशान थे और अब डेयरी वाले भी इसकी मार खा रहे हैं. डेयरी उद्योग में एलपीजी का इस्तेमाल बहुत जरूरी है. दूध को पाश्चराइजेशन (खास तापमान पर गर्म करके बैक्टीरिया मारना) के लिए बड़ी मात्रा में गैस चाहिए. बिना नियमित गैस के दूध जल्दी खराब हो सकता है. छोटे-मध्यम डेयरी प्लांट्स को यह समस्या सबसे ज्यादा झेलनी पड़ रही है. महाराष्ट्र जैसे राज्यों में कई डेयरी मालिकों ने बताया कि गैस न मिलने से प्रोसेसिंग और पैकेजिंग के काम में रुकावट आ रही है. इससे दूध की सप्लाई पर असर पड़ सकता है। मुश्किल में पड़ी दूध की पैकेजिंग इस इंडस्ट्री में सबसे बड़ी समस्या पैकेजिंग की है. दूध के प्लास्टिक पैकेट और कार्टन बनाने वाली फैक्टरियां भी एलपीजी पर निर्भर हैं. इन फैक्टरियों को पर्याप्त गैस नहीं मिल रही, इसलिए प्रोडक्शन धीमा हो गया है. नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, गोवर्धन डेयरी के फाउंडर देवेंद्र शाह ने कहा, “हमारे पास अभी सिर्फ 10 दिन का पैकेजिंग मटेरियल स्टॉक बचा है. अगर सप्लाई जल्द नॉर्मल नहीं हुई तो दूध सप्लाई करना मुश्किल हो जाएगा.” चेंबूर के सुरेश डेयरी के मैनेजर शरीब शेख ने भी चेतावनी दी, “अगले 10 दिनों में स्थिति नहीं सुधरी तो पूरी डेयरी इंडस्ट्री बड़े संकट में फंस सकती है। दूध स्टोर करने की क्षमता कम इसके अलावा मनीकंट्रोल की रिपोर्ट में बताया गया है कि बॉम्बे मिल्क प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सीके सिंह के अनुसार, हाल ही में भैंस के दूध के तीन बड़े ऑर्डर रद्द हुए. छोटी डेयरियों के पास दूध स्टोर करने की क्षमता नहीं है. इसलिए वे गाय और भैंस का दूध कम कीमतों पर बेचने को मजबूर हैं. यह संकट सिर्फ महाराष्ट्र तक सीमित नहीं है. देश के कई हिस्सों में डेयरी ऑपरेटर्स इसी तरह की शिकायतें कर रहे हैं. होटल और रेस्टोरेंट पहले से दूध के ऑर्डर कम कर रहे हैं. अगर पैकेजिंग रुक गई तो दुकानों पर दूध के पैकेट कम मिलेंगे. इससे आम लोग प्रभावित होंगे, खासकर शहरों में जहां लोग पैकेज्ड मिल्क पर निर्भर हैं. गांवों में जहां ढीला दूध बिकता है, वहां भी प्रोसेसिंग प्रभावित हो सकती है। डेयरी मालिकों की मांग क्या है? डेयरी मालिकों की मांग है कि कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई प्राथमिकता से बढ़ाई जाए. उनका कहना है कि दूध एक जरूरी चीज है, इसे संकट में नहीं छोड़ना चाहिए. अगर 10 दिन में सुधार नहीं हुआ तो दूध की कीमतें बढ़ सकती हैं या उपलब्धता कम हो सकती है. कुछ जगहों पर किसान बायोगैस जैसे विकल्प अपना रहे हैं, लेकिन बड़े स्तर पर यह मुश्किल है। भारत अपनी जरूरत का करीब 88% कच्चा तेल, 50% प्राकृतिक गैस और 60% एलपीजी आयात करता है. पहले भारत का बड़ा हिस्सा तेल, गैस और एलपीजी सऊदी अरब और यूएई जैसे पश्चिम एशियाई देशों से आता था. लेकिन ईरान-अमेरिका-इजराइल के बीच बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट बंद होने की वजह से सप्लाई प्रभावित हुई है. हालांकि, भारत ने रूस जैसे देशों से तेल खरीदकर कच्चे तेल की सप्लाई कुछ हद तक संभाली है, लेकिन औद्योगिक ग्राहकों के लिए गैस की सप्लाई कम कर दी गई है और होटल-रेस्तरां जैसे कमर्शियल इस्तेमाल के लिए एलपीजी में भी कटौती की गई है। यह संकट अस्थायी है, लेकिन इसका असर आम आदमी तक पहुंच रहा है. पहले रेस्टोरेंट में एक्स्ट्रा चार्ज लगे, अब दूध पर खतरा मंडरा रहा है. सरकार को जल्द कदम उठाने होंगे ताकि दूध जैसी बेसिक चीज प्रभावित न हो।

खाद्य मंत्री राजपूत का ऐलान, इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 1 अप्रैल से होगी गेहूँ खरीदी

इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 1 अप्रैल तथा शेष संभागों में 7 अप्रैल से होगी गेहूँ खरीदी : खाद्य मंत्री  राजपूत गेहूँ उपार्जन के लिये 19 लाख से अधिक किसानों ने कराया पंजीयन भोपाल  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि समर्थन मूल्य पर गेहूँ की खरीदी इंदौर, उज्जैन, भोपाल एवं नर्मदापुरम संभाग में 1 अप्रैल से तथा शेष संभागों में 7 अप्रैल से की जाएगी। गेहूँ की खरीदी शासकीय कार्य दिवसों में सुबह 8 से रात 8 बजे तक की जाएगी। उन्होंने बताया है कि सरकार ने गेहूं खरीदी पर 40 रुपये अतिरिक्त बोनस देने का भी फैसला लिया है। अब प्रदेश में गेहूं की खरीदी 2625 रुपए प्रति क्विंटल की दर से की जाएगी। मंत्री  राजपूत ने बताया है कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये कुल 19 लाख 4 हजार 651 किसानों ने पंजीयन कराया है। गत् वर्ष 15 लाख 44 हजार किसानों ने पंजीयन कराया था। जिला इंदौर में 71713, झाबुआ में 7120, धार में 44466, अलीराजपुर में 476, खण्डवा में 35104, बुरहानपुर में 523, बड़वानी में 4724, खरगोन में 27557, शाजापुर में 73878, नीमच में 19445, उज्जैन में 123281, आगर-मालवा में 42446, मंदसौर में 65195, देवास में 76442, रतलाम, 45912, अशोक नगर में 16454, दतिया में 19118, शिवपुरी में 21312, ग्वालियर में 13763, गुना में 22914, भिण्ड में 12788, मुरैना में 10893, श्योपुर में 17617, डिण्डौरी में 4478, मण्डला में 19611, जबलपुर में 49642, कटनी में 52126, सिवनी में 53288, नरसिंहपुर में 38416, छिन्दवाड़ा में 29163, बालाघाट में 4383, पांढुर्णा में 863, नर्मदापुर में 71831, बैतूल में 18686, हरदा में 40273, भोपाल में 37129, रायसेन में 76264, विदिशा में 86479, सीहोर में 101793, राजगढ़ 98537, सीधी में 12813, सिंगरौली में 10970, महूगंज में 8018, सतना में 56376, मैहर में 19787, रीवा में 46923, अनुपपुर में 882, शहडोल में 9479, उमरिया में 13445, टीकमगढ़ में 15552, निवाड़ी में 4116, सागर में 75791, पन्ना में 30052, दमोह में 39938 और जिला छतपुर में 34378 किसानों ने पंजीयन कराया है।  

इंदौर में एमपी का सबसे बड़ा हॉस्पिटल बनेगा, 320 ICU बेड्स और 34 ऑपरेशन थिएटर से होगी सेवा

इंदौर  मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा हॉस्पिटल इंदौर में बनने जा रहा है। यह हॉस्पिटल वर्तमान एमवाय हॉस्पिटल से भी बड़ा होगा। इससे बनाने के लिए तैयारी शुरू हो गई है। इंदौर में बनने वाले प्रदेश के सबसे बड़े हॉस्पिटल का नाम न्यू एमवाय हॉस्पिटल रखा जाएगा। चिकित्सा शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 1610 बेड वाले अत्याधुनिक टीचिंग हॉस्पिटल का प्रोजेक्ट शुरू कर दिया गया है। इस हॉस्पिटल को तैयार करने के लिए प्रशासनिक रूप से 773.07 करोड़ रुपए की मंजूरी दी जा चुकी है। इंदौर में बनने वाले नए एमवाय हॉस्पिटल को तैयार करने में अनुमानित लागत लगभग 586.65 करोड़ रुपए आएगी। इसकी टेंडर प्रक्रिया चल रही है। जिसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। विधायक गोलू शुक्ला ने बताया कि एमवाय हॉस्पिटल हमारे मालवा निमाड़ की संजीवनी बूटी है। अब हम नया हॉस्पिटल 1610 बेड का बनाने जा रहे हैं। नए हॉस्पिटल बनाने का काम अब शुरू होने वाला है। दो से चार दिन में ही इसका काम शुरू हो जाएगा। तीन साल में अस्पताल पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा। ऐसा होगा नए अस्पताल का सेट अप मध्य प्रदेश भवन विकास निगम द्वारा निर्मित किए जाने वाले नए अस्पताल भवन में मेडिसिन वार्ड में कुल 330 बिस्तर, सर्जरी विभाग में 330 बिस्तर, ऑर्थोपेडिक्स विभाग में 180 बिस्तर, शिशु रोग सर्जरी विभाग में 60, शिशु रोग वार्ड में 100, न्यूरो सर्जरी में 60, नाक कान गला विभाग में कुल 30, दंत रोग विभाग में 20, त्वचा रोग विभाग में कुल 20, मातृ एवं शिशु वार्ड में 100, नेत्र वार्ड में 80 तथा इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड में भर्ती होने वाले मरीजों के लिए 180 बिस्तरीय सुविधा उपलब्ध रहेगी. नए अस्पताल भवन में कुल 1450 बिस्तरीय वार्डों के निर्माण पर कुल 528 करोड़ रुपए व्यय होंगे. इसके अलावा 550 बिस्तरीय नर्सिंग हॉस्टल के निर्माण पर 21.37 करोड रुपए, 250 सीटर मिनी ऑडिटोरियम के निर्माण पर 1.60 करोड. रुपए व्यय किए जाएंगे. इसके अलावा सार्वजनिक पार्किंग के निर्माण पर 31.50 करोड़ रुपए, विद्युतीकरण, बाउंड्रीवॉल एवं सोलर पैनल स्थापना पर 25.53 करोड रुपए तथा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, प्लंबिंग एवं वाटर सप्लाई संबंधी कार्यों कार्य पर लगभग 10 करोड़ रुपए लागत आएगी. 81.5 एकड़ में बनकर तैयार होगा हॉस्पिटल 3D विजुअलाइजेशन में अस्पताल देखने में बिल्कुल आधुनिक लग रहा है। सोलर पैनल, हरे-भरे गार्डन, फाउंटेन, वाइड प्लाजा, एंबुलेंस एंट्री और भव्य प्रवेश द्वार। MPBDC के जरिए यह ब्राउनफील्ड प्रोजेक्ट 81.5 एकड़ में बन रहा है। डीडीएफ कंसल्टेंट्स आर्किटेक्ट हैं और आयरन ट्रायंगल लिमिटेड ने इसको बनाने का ठेका लिया है। इस हॉस्पिटल को पूरा करने के लिए सरकार ने 36 महीने की समय सीमा तय की है। न्यू एमवाय के पास में मौजूद कई पुरानी इमारतें (ओल्ड क्वार्टर्स, कुछ ब्लॉक) तोड़े जाएंगी। वहीं एमजीएम मेडिकल कॉलेज, चाचा नेहरू हॉस्पिटल, सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक, कैंसर हॉस्पिटल बरकरार रहेंगे इनका सिर्फ रिनावेशन कार्य किया जाएगा। प्रदेश का सबसे बड़ा हॉस्पिटल होगा न्यू एमवाय एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने बताया कि मध्य प्रदेश शासन का यह प्लान है कि नया एमवाय हॉस्पिटल बनाया जाए। क्योंकि वर्तमान एमवाय में चौदह सौ पचास बेड है, जो की हमेशा ओवरलोडेड रहते हैं। पेशेंट की संख्या ज्यादा होने की वजह से लोड ज्यादा होने की वजह से एक नए अस्पताल की आवश्यकता है। जिसके तहत एक नई बिल्डिंग बनाई जा रही है। वर्तमान में एमजीएम मेडिकल कॉलेज प्रदेश में सबसे ज्यादा बिस्तरों की संख्या के साथ आज भी मध्य प्रदेश में सबसे बड़ा अस्पताल है। अब यह नया एमवाय बन जाएगा तो हमारी क्षमता ओर अधिक हो जाएगी, जिससे हम दिल्ली और मुंबई के बराबर में खड़े हो जाएंगे।

अब यूपी में अंडों पर अनिवार्य होगी एक्सपायरी डेट, सरकार ने जारी किया आदेश

लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार ने उपभोक्ताओं की सेहत की सुरक्षा के लिए बड़ा फैसला लिया है. अब 1 अप्रैल से राज्य में हर अंडे पर उत्पादन तिथि (लेड डेट) और एक्सपायरी डेट की मुहर लगाना जरूरी हो जाएगा. इसका मतलब है कि अब दुकानदार "ताजा अंडा" कहकर पुराने या खराब अंडे नहीं बेच सकेंगे. ग्राहक खुद डेट देखकर समझ सकते हैं कि अंडा कितना पुराना है और कब तक सुरक्षित है। यह नियम पशुपालन विभाग और खाद्य सुरक्षा विभाग के निर्देश पर लागू किया जा रहा है. मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि अंडे सीधे इंसान के स्वास्थ्य से जुड़े होते हैं. पहले कई जगहों पर पुराने अंडे बेचे जाते थे और ग्राहकों को इसकी जानकारी नहीं होती थी. अब यह नियम लागू होने से पारदर्शिता आएगी और लोगों को सुरक्षित अंडे मिलेंगे। अंडे कितने दिन तक सुरक्षित रहते हैं? सामान्य तापमान (लगभग 30 डिग्री सेल्सियस) पर अंडे सिर्फ 2 हफ्ते तक अच्छे रहते हैं. अगर इन्हें ठंडे स्थान पर (2 से 8 डिग्री सेल्सियस) रखा जाए, तो 5 हफ्ते तक इस्तेमाल किए जा सकते हैं. लेकिन कई दुकानदार और व्यापारी ठंडे स्टोरेज का सही इस्तेमाल नहीं करते थे. अब मुहर से ग्राहक आसानी से चेक कर सकेंगे। नियम तोड़ने पर क्या होगा? अगर कोई व्यापारी या दुकानदार नियम नहीं मानता, तो उसके अंडे जब्त कर लिए जाएंगे. या तो उन्हें नष्ट कर दिया जाएगा या उन पर साफ लिख दिया जाएगा कि यह मानव उपभोग के लिए सुरक्षित नहीं है. विभाग सख्ती से जांच करेगा और कार्रवाई करेगा। कोल्ड स्टोरेज की स्थिति यूपी जैसे बड़े राज्य में अभी सिर्फ दो मुख्य कोल्ड स्टोरेज हैं. एक आगरा में और एक झांसी में. खाद्य सुरक्षा के नियमों के अनुसार, अंडों को सब्जियों के साथ एक ही कोल्ड स्टोरेज में नहीं रखा जा सकता, क्योंकि दोनों की तापमान जरूरत अलग होती है. व्यवस्था अभी सीमित है, लेकिन सरकार का कहना है कि बहाने अब नहीं चलेंगे. सभी को नियम मानने होंगे। उपभोक्ताओं के लिए फायदा पहले ग्राहक को अंदाजा लगाना पड़ता था कि अंडा कितना पुराना है. कई बार पुराने अंडे खाने से सेहत को नुकसान होता था. अब अंडा खुद अपनी "जन्म तिथि" और "एक्सपायरी" बताएगा. इससे लोग बेहतर चुनाव कर सकेंगे और सुरक्षित खाना खा सकेंगे. पशुपालन विभाग के अधिकारी कहते हैं कि यह फैसला सिर्फ एक आदेश नहीं है, बल्कि उपभोक्ता सुरक्षा की मजबूत कड़ी है। जल्द ही इस नियम का पूरे राज्य में सख्ती से पालन कराया जाएगा. दुकानदारों और उत्पादकों को पहले से तैयारी करने की सलाह दी गई है. यह कदम उत्तर प्रदेश में खाद्य सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।