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विधानसभा में कांग्रेस विधायक का विरोध, हर्ष फायरिंग पर FIR की कार्रवाई पर किया शीर्षासन, कांग्रेस ने किया वॉकआउट

 भोपाल अपने बयानों और अनोखे अंदाज के लिए चर्चा में रहने वाले श्योपुर विधायक बाबूलाल जंडेल ने आज मध्य प्रदेश विधानसभा परिसर में हलचल मचा दी. खुद पर हुई पुलिसिया कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताते हुए जंडेल ने गांधी प्रतिमा के सामने शीर्षासन कर अपना विरोध दर्ज कराया. हाल ही में महाशिवरात्रि के अवसर पर श्योपुर में निकली शिव बारात के दौरान विधायक बाबूलाल जंडेल का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह कथित तौर पर हर्ष फायरिंग करते नजर आ रहे थे. वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने विधायक के खिलाफ FIR दर्ज की थी. कांग्रेस ने इस कार्रवाई को 'षड्यंत्र' करार दिया है. सदन में कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष जानबूझकर विपक्षी विधायकों को निशाना बना रहा है.  शीर्षासन करते हुए बातचीत हैरानी की बात यह रही कि विधायक जंडेल ने शीर्षासन की मुद्रा में रहते हुए ही 'आजतक' से बात की और कहा, "मेरे खिलाफ द्वेषतापूर्वक कार्रवाई की गई है. सिर्फ इसलिए कि मैं विपक्षी दल का विधायक हूँ, मुझे निशाना बनाया जा रहा है. यह लोकतंत्र का अपमान है और मैं अपनी आवाज इसी तरह उठाता रहूंगा." सदन में हंगामा और मांग विधानसभा के अंदर भी कांग्रेस ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया. कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि विधायक जंडेल के खिलाफ दर्ज 'झूठी' FIR को तत्काल निरस्त किया जाए. उन्होंने इसे सरकार की दमनकारी नीति बताया. विधायक बोले- भगवान की खुशी में हर्ष फायर किया कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने कहा कि 15 फरवरी को हमारे क्षेत्र में यज्ञ का कार्यक्रम था। हजारों की संख्या में ब्राह्मण और साधु-संत मौजूद थे। मैंने शिवजी का चौतरा बनाकर विधि-विधान से तीन दिन तक हवन कराया, भगवान की स्थापना करवाई और उसके बाद शिव बारात का कार्यक्रम रखा गया। शिव बारात में पालकियों और घोड़ों पर साधु-संत और ब्राह्मण सवार थे, फूल वर्षा हो रही थी और पटाखे चल रहे थे। मैं भी घोड़े पर सवार था। मेरे पास एक “चढ़ीमार” का एक राउंड था, जो दावत का राउंड होता है। भगवान की खुशी में मैंने एक हर्ष फायर किया। वह सिर्फ एक ही राउंड था। मेरे पास कोई एके 47 नहीं थी। मैं कोई उग्रवादी नहीं हूं, बल्कि यज्ञ का यजमान था। बाबू जंडेल ने कहा– मेरे खिलाफ झूठे केस, आंदोलन करूंगा बाबू जंडेल ने कहा- इससे तीन महीने पहले दिसंबर में मैंने गायों के मुद्दे को लेकर आंदोलन किया था और कलेक्टर के नाम ज्ञापन दिया था, तब भी मेरे खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। उन्होंने कहा कि मुझ पर अक्सर एफआईआर दर्ज की जाती हैं, लेकिन हाईकोर्ट ने सात मामलों में मुझे बरी किया है। सभी केस झूठे हैं। अगर सरकार यह केस वापस नहीं लेती है तो मैं गांधी आश्रम में भी आंदोलन करूंगा और सड़क पर उतरकर भी आंदोलन करूंगा। मुझे जेल जाने का कोई डर नहीं है। जयवर्धन सिंह बोले- सीएम के संरक्षण में अवैध कॉलोनियां बन रही कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के संरक्षण में अवैध कॉलोनियां और बिल्डर लगातार अवैध कॉलोनियों का विस्तार कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है, जिससे अवैध निर्माण को बढ़ावा मिल रहा है। इसे लेकर सीधी विधायक रीति पाठक ने भी सदन में सवाल किया। इसके जवाब में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि अवैध कॉलोनियों पर रोक लगाने के लिए तीन महीने के भीतर कड़ा कानून लागू किया जाएगा। इसका उद्देश्य अवैध कॉलोनियों के निर्माण को रोकना है। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि अवैध कॉलोनियां बनाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ध्यानाकर्षण में ये मुख्य मुद्दे उठाएंगे विधायक     डिंडोरी विधायक ओमकार सिंह मरकाम प्रदेश में धान खरीदी के लिए सर्वर न चलने से किसानों के स्लॉट बुक न होने से आ रही परेशानी को सदन में रखेंगे।     खातेगांव विधायक आशीष शर्मा खातेगांव क्षेत्र के फॉरेस्ट एरिया में किसानों के खिलाफ दर्ज किए गए झूठे मुकद्मों का मामला उठाएंगे।     राजगढ़ से बीजेपी विधायक अमर सिंह यादव प्रदेश में राजस्व अधिकारियों द्वारा भूमिहीन और गरीबों के लिए पट्‌टे और धारणाधिकार का काम समय पर न होने का मामला उठाएंगे।     नर्मदापुरम विधायक डॉ सीताशरण शर्मा प्रदेश में अतिथि विद्वानों को मानदेय न मिलने का मुद्दा उठाएंगे।     मुरैना विधायक दिनेश गुर्जर प्रदेश में राजस्व विभाग के अंतर्गत भू संसाधन प्रबंधन विभाग के जूनियर डाटा एंट्री ऑपरेटर्स का जिला मुख्यालयों पर अटैचमेंट किए जाने का मामला उठाएंगे।     जौरा विधायक पंकज उपाध्याय प्रदेश में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) नीति और पीएम ई ड्राइव के क्रियान्वयन में नीति का पालन न करने का मामला उठाएंगे।     नागदा-खाचरोद विधायक डॉ तेज बहादुर सिंह चौहान उज्जैन जावरा रोड पर लगातार हो रही दुर्घटनाओं से मौतों का मामला उठाएंगे।     भितरवार विधायक मोहन सिंह राठौर प्रदेश भर में राजस्व अभिलेखों का कम्प्यूटराइजेशन और रिकॉर्ड में सुधार की समस्या उठाएंगे।     पोहरी से कांग्रेस विधायक कैलाश कुशवाह प्रदेश में खाद संकट और यूरिया-डीएपी खाद के दामों में बढ़ोत्तरी करने से किसानों पर आए आर्थिक बोझ का मुद्दा उठाएंगे।

पाकिस्तान में रमजान के दौरान मुस्लिमों पर अत्याचार, भारत का अफगानिस्तान युद्ध पर स्पष्ट रुख

नई दिल्ली Pakistan-Afghanistan War: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच डूरंड लाइन पर जारी संघर्ष अब एक ऐसी स्थिति में पहुंच गया है जहां से वापसी का रास्ता कूटनीति के बजाय सैन्य ताकत तय कर रही है। शुक्रवार को काबुल, कंधार और पक्तिका में पाकिस्तानी वायुसेना की बमबारी ने पिछले साल कतर और तुर्की की कड़ी मेहनत से कराए गए संघर्षविराम की धज्जियां उड़ा दी हैं। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने एक्स पर घोषणा करते हुए कहा, "हमारा धैर्य अब जवाब दे गया है। अब हमारे बीच खुला युद्ध है।" पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान आतंकवाद का निर्यात कर रहा है, जबकि अफगानिस्तान इसे पाकिस्तान की साम्राज्यवादी सोच करार दे रहा है। ताजा हवाई हमलों के बाद पाकिस्तान ने 130 से अधिक तालिबानी लड़ाकों के मारे जाने का दावा किया है, जिसे वह रविवार को हुए अफ़गान हमलों का बदला बता रहा है। भारत का क्या है रुख? यद्यपि भारत ने इस ताजा झड़प अभी तक कोई नई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन पिछला स्टैंड पूरी तरह स्पष्ट रहा है। भारत ने हमेशा से अफ़गानिस्तान की क्षेत्रीय अखंडता का समर्थन किया है और पाकिस्तान की आक्रामकता की निंदा की है। इससे पहले अक्टूबर 2025 में जब तनाव बढ़ा था तब भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट कहा था कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक विफलताओं का दोष अपने पड़ोसियों पर मढ़ने का पुराना अभ्यस्त है। आपको बता दें कि उस समय तालिबान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी भारतकी यात्रा पर थे। 22 फरवरी को जब पाकिस्तान ने नांगरहार और पक्तिका में हवाई हमले किए थे तब विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कड़े शब्दों में कहा था, "भारत रमजान के पवित्र महीने के दौरान अफगान क्षेत्र पर पाकिस्तान के हवाई हमलों की कड़ी निंदा करता है, जिसमें महिलाओं और बच्चों सहित आम नागरिक मारे गए हैं।" भारत के साथ बढ़ता तालिबान का तालमेल पाकिस्तान की सबसे बड़ी चिंता अफगानिस्तान और भारत के बीच बढ़ती कूटनीतिक नजदीकी है। पिछले साल अक्टूबर में अफगान विदेश मंत्री मुत्ताकी और भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक ने इस्लामाबाद को बेचैन कर दिया था। अपनी बौखलाहट में पाकिस्तान ने आरोप लगाया था कि अफगान धरती पर "भारतीय प्रॉक्सी" सक्रिय हैं, जिसे भारत ने निराधार और बेतुका बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया था। भारत का मानना है कि पाकिस्तान अफ़गानिस्तान द्वारा अपनी संप्रभुता का प्रयोग करने से चिढ़ा हुआ है।

मंत्री जायसवाल ने कहा, व्यावहारिक कौशल से समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाएंगे चिकित्सक

रायपुर : व्यावहारिक कौशल से समाज के अंतिम व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में चिकित्सक निभाएंगे अग्रणी भूमिका – मंत्री जायसवाल रायपुर में पी. जी. डिप्लोमा इन फैमिली मेडिसिन का दीक्षांत समारोह संपन्न स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने डॉक्टरों को दिया प्रमाणपत्र रायपुर राजधानी रायपुर के सिविल लाइन स्थित सर्किट हाउस में क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज, वेल्लोर द्वारा आयोजित पी. जी. डिप्लोमा इन फैमिली मेडिसिन के दीक्षांत समारोह का आयोजन गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने समारोह में सफलतापूर्वक डिप्लोमा पाठ्यक्रम पूर्ण करने वाले सभी डॉक्टरों को प्रमाणपत्र प्रदान किया। रायपुर में पी. जी. डिप्लोमा इन फैमिली मेडिसिन का दीक्षांत समारोह संपन्न स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि यह पाठ्यक्रम चिकित्सा पेशेवरों की उत्कृष्ट शिक्षा, समर्पण एवं सेवा भावना को मान्यता प्रदान करता है। फैमिली मेडिसिन की यह विशेष प्रशिक्षण व्यवस्था न केवल चिकित्सकों के कौशल को सुदृढ़ करती है, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने अपने संदेश में कहा कि संस्थान से प्राप्त ज्ञान और व्यावहारिक कौशल के माध्यम से ये सभी चिकित्सक समाज के अंतिम व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में अग्रणी भूमिका निभाएंगे तथा प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने में योगदान देंगे। समारोह के दौरान डिप्लोमा प्राप्त करने वाले सभी डॉक्टरों को उनकी इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गईं।

बांग्लादेश में भूकंप के तेज झटके, पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में महसूस हुआ असर

कोलकाता पश्चिम बंगाल के कोलकाता सहित कई शहरों में शुक्रवार दोपहर (27 फरवरी) को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। बताया जा रहा है कि रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.4 रही। भूकंप के झटके महसूस होते ही लोग दहशत के चलते घरों से बाहर आ गए। जानकारी के मुताबिक कोलकाता में दोपहर करीब 1.20 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए, जो रिपोट्स के अनुसार बांग्लादेश में केंद्रित भूकंप का नतीजा था। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार यूरोपीय भूमध्यसागरीय भूकंपीय केंद्र (ईएमएससी) ने बताया कि शुक्रवार को बांग्लादेश में 5.4 तीव्रता का भूकंप आया। ईएमएससी ने बताया कि भूकंप का केंद्र 35 किलोमीटर (21.75 मील) की गहराई पर था। बांग्लादेश के ढाका के अगरगांव स्थित बीएमडी भूकंपीय केंद्र से दक्षिण-पश्चिम पश्चिम बंगाल में रिक्टर स्केल पर 5.4 तीव्रता का भूकंप आया। पश्चिम बंगाल के कोलकाता में भी झटके महसूस किए गए। कोलकाता शहर से सामने आए वीडियो में लोग अपने घरों से बाहर भागते दिखाई दिए। 'सोफा और पंखा हिल रहे थे, हम भागने लगे' कोलकाता के एक स्थानीय ने बताया कि हम अपने सोफे पर बैठे थे, जब हमें अचानक झटके महसूस हुए। हम अपने घर से बाहर भागे। सोफा और पंखा हिल रहे थे, टेबल पर रखी एक बोतल नीचे गिर गई। हम सब नीचे भागे। फिलहाल अभी किसी नुकसान की खबर नहीं वहीं सोशल मीडिया पर भी भूकंप को लेकर लोगों की प्रतिक्रिया सामने आई। यूजर्स ने बताया कि उन्होंने भूकंप के तेज झटके महसूस किए और अपने घरों में पंखे और अन्य चीजें हिलती हुई देखीं। फिलहाल अभी तक किसी के हताहत होने या संपत्ति के नुकसान की कोई खबर नहीं है।

बीजापुर में सुरक्षा बलों ने 2 नक्सलियों को ढेर किया, अन्वेष और उसके 12 साथियों ने किया सरेंडर

जगदलपुर/बीजापुर ओडिशा में माओवादी नेता ने अपने एक साथी को सरेंडर करने से रोकने के लिए उसकी हत्या कर दी और उसके शव को कंधमाल जिले के एक जंगल में दफना दिया। पुलिस ने बताया कि इस घटना का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित की लाश दारिंगबाड़ी पुलिस स्टेशन की सीमा के तहत अरबाडू जंगल में मिली। छत्तीसगढ़ के पड़ोसी राज्य ओडिशा के कंधमाल जिले में एक नक्सली को उसके ही साथियों ने गोली मारकर दफना दिया। अन्वेष 22 लाख का इनामी था। वह अपने 12 साथियों के साथ जल्द ही आत्मसमर्पण करने वाला था। उससे पहले ही उसकी हत्या कर दी गई। जांगला थाना क्षेत्र के इंद्रावती नदी के जैगुर-डोडुम के जंगलों में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसके बाद सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम सर्चिंग के लिए निकली थी। जवानों को देखते ही नक्सलियों ने फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने भी गोलियां दागी। ढेर हुए नक्सलियों में एक महिला नक्सली भी शामिल है। सरेंडर करना चाहता था रेणु पुलिस ने बताया कि रेणु की हत्या कथित तौर पर 29 जनवरी को सुकरू ने की थी, जो अभी केकेबीएन डिवीजन का हेड है। उन्होंने बताया कि रेणु के सरेंडर करने का इरादा जताने के बाद सुकरू ने उसकी हत्या कर दी थी। रेणु की बॉडी को जंगल में गहरे दफना दिया गया था। यह मामला तब सामने आया जब सरेंडर करने वाले एक माओवादी ने पूछताछ के दौरान कथित हत्या के बारे में बताया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि हमने दरिंगबाड़ी पुलिस स्टेशन में सुकरू के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है और जांच शुरू की है। उन्होंने बताया कि बॉडी को पोस्ट-मॉर्टम के लिए बरहामपुर के एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल भेज दिया गया है। जानिए कैसे सरेंडर करने से रोकते थे माओवादी पुलिस ने बताया कि इस हत्या से पता चलता है कि कैसे बड़े माओवादी नेता सिस्टमैटिक तरीके से कैडर को सरेंडर करने से रोकते थे और हथियार डालने की कोशिश करने वालों को मार भी देते थे। उन्होंने बताया कि कई क्राइम सिंडिकेट में ये आम बात है। पुलिस ने रविवार को रायकिया पुलिस स्टेशन के तहत नंदबली रिजर्व फॉरेस्ट में एक ऑपरेशन चलाया था। इस ऑपरेशन में सुरक्षाबलों ने दो माओवादियों को मार गिराया था। इस पूरी कार्रवाई के तीन दिन बाद पुलिस ने शव की बरामदगी की थी। पुलिस को मौके से हथियारों, गोला-बारूद और माओवादी सामान का एक जखीरा भी मिला था। पुलिस ने परिवार को सौंपा शव बुधवार को पुलिस ने कानूनी फॉर्मैलिटी पूरी करने के बाद दोनों माओवादियों की बॉडी उनके परिवारों को सौंप दीं। बॉडी लेने के लिए रिश्तेदार छत्तीसगढ़ से फूलबनी आए थे। एक पुलिस ऑफिसर ने बताया कि हमने परिवारों को बॉडी उनके घर ले जाने में मदद करने के लिए एक एम्बुलेंस और पैसे की मदद दी। पुलिस ने बताया कि केंद्र द्वारा निर्धारित 31 मार्च की डेडलाइन को पूरा करने के लिए वे पूरी लगने से काम कर रहे हैं।  इंसास राइफल, बोर बंदूके जब्त एसपी डॉ. जितेंद्र यादव ने बताया कि मुठभेड़ के बाद चलाए गए सर्च अभियान में दो वर्दीधारी माओवादियों के शव बरामद हुए। मौके से एक SLR, एक इंसास राइफल, एक 12 बोर राइफल, विस्फोटक सामग्री और दैनिक उपयोग के सामान भी जब्त किए गए हैं। पड़ोसी राज्य में नक्सली की हत्या 26 फरवरी को ओडिशा के कंधमाल जिले में नक्सली को उसके ही साथियों ने मार डाला। पुलिस के मुताबिक, अन्वेष दरिंगबाड़ी थाना क्षेत्र के पाकरी रिजर्व फॉरेस्ट में केकेबीएन ग्रुप के एरिया पार्टी कमांडर था। अन्वेष समर्पण की तैयारी में था। इसी शक में उसे मारकर जंगल में दफना दिया गया। मोस्ट वांटेड नक्सली सुकुरु और अन्य साथियों ने वारदात को अंजाम दिया है। हत्या से पहले दोनों पक्षों में विवाद भी हुआ था। कंधमाल एसपी हरीशा बीसी ने घटना को संगठन की अंदरूनी कलह बताया है। उन्होंने कहा कि, जो लोग अभी भी संगठन में हैं, वे सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाकर सामान्य जीवन में लौटें। कांकेर में डीवीसीएम मासे ने डाले हथियार कांकेर के छिंदपदर गांव से माओवादी डीवीसीएम मासे बारसा ने एके 47 के साथ पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। मासे साल 2003 से दण्डकारणय, अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर में माओवाद संगठन में सक्रिय थी। 26 फरवरी को उसने जंगल के रास्ते हाथों में AK-47 लेकर कांकेर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। 6 फरवरी को 7 नक्सली मारे गए थे इससे पहले 6 फरवरी को छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बॉर्डर पर पुलिस और नक्सलियों के बीच हुए मुठभेड़ में 7 नक्सली ढेर हुए थे। इनमें 3 महिला नक्सली शामिल थे। वहीं महाराष्ट्र का एक जवान शहीद हो गया था, 1 अन्य जवान घायल था। नक्सलियों की ओर से फायरिंग में गोली कॉन्स्टेबल दीपक चिन्ना मदावी (38 साल) को जा लगी। उन्हें तुरंत एयरलिफ्ट कर भामरागड़ के अस्पताल लाया गया था। जहां ऑपरेशन के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया था।

खेल महोत्सव मानवीय संकल्प और आत्मविश्वास का प्रतीक, बोले राज्यपाल पटेल

खेल महोत्सव मानवीय संकल्प, आत्मविश्वास और अदम्य साहस का प्रदर्शन : राज्यपाल  पटेल राज्यपाल राष्ट्रीय दिव्यांगजन क्रिकेट खेल महोत्सव- 2026 नॉट आउट @100 के समापन समारोह में शामिल हुए भोपाल राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा है कि मानवीय संकल्प, आत्मविश्वास और अदम्य साहस के अद्भुत प्रदर्शन का मंच है। राष्ट्रीय दिव्यांगजन क्रिकेट खेल महोत्सव- 2026  नॉट  आउट @100 का समापन केवल समारोह भर नहीं है, यह आत्मसम्मान, आत्मनिर्भरता और सामाजिक समावेशन का उत्सव है। प्रतियोगिता के प्रत्येक प्रतिभागी खिलाड़ी ने अपनी क्षमता, धैर्य और परिश्रम से यह सिद्ध किया है कि सीमाएँ हमारे विचारों में होती हैं, संकल्प के सामने सब समाप्त हो जाती हैं। राज्यपाल  पटेल गुरुवार को राष्ट्रीय दिव्यांगजन क्रिकेट खेल महोत्सव- 2026  नॉट  आउट @100 के समापन कार्यक्रम को पुलिस लाइन स्टेडियम में संबोधित कर रहे थे। प्रतियोगिता का आयोजन कुशाभाऊ ठाकरे न्यास, टास्क इंटरनेशनल, ध्यान-विज्ञान परमार्थ संस्थान एवं विवेकानंद विधिक न्याय केन्द्र के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि संवेदनशील प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने “विकलांग” के स्थान पर “दिव्यांग” शब्द का प्रयोग कर समाज की सोच में सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त किया है। उन्होंने खेल और खिलाड़ी का परिवार के मुखिया के रूप में सहयोग और प्रोत्साहन दिया है। राज्यपाल ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मोदी जी के मंत्रीमण्डल में उन्होंने 14 वर्ष कार्य किया है। गुजरात में खेल प्रतियोगिताओं का व्यापक स्तर पर आयोजन मोदी जी ने शुरू कराया था। आज खेलों इंडिया में सारा देश खेल रहा है। उन्होंने खेल और क्रिकेट के प्रति अपनी अभिरूचि को बताते हुए खेल प्रतियोगिता के मुकाबलों को नहीं देख पाने का अफसोस करते हुए बताया कि कार्यक्रम में समय से पूर्व पहुँचने के उनके प्रयास विपरीत मौसम के कारण सफल नहीं हो सके। बावजूद इसके कि वह समापन समारोह में सीधे विमानतल से आयें है। उन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे के मार्गदर्शन में कार्य की स्मृतियों को बताते हुए कहा कि समाज सेवा के कार्यों में वे उनके प्रेरणा स्त्रोत है। उन्होंने दिव्यांगजन की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के प्रयासों की सराहना करते हुए आयोजनों की निरंतरता की बात कही है।   राज्यपाल दिव्यांग कलाकारों की प्रस्तुतियों से हुए अभिभूत  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने मंचासीन दिव्यांग खिलाड़ी  प्रियेश कुमार ने स्वरबद्ध काव्य का पाठ किया। राज्यपाल  पटेल ने उनकी सराहना करते हुए कहा कि ईश्‍वर ने उनको दिव्य कंठ प्रदान किया है। उन्होंने प्रियेश कुमार की काव्य रचना को उत्कृष्ट बताते हुए उनकी रचनात्मकता को आगे बढ़ाने का अनुरोध किया। उन्होंने समारोह में जन-गण-मन और वन्दे मातरम् गीत का गायन करने वाली दिव्यांग कलाकार सु फाल्गुनी को मंच पर आमंत्रित कर पौधा और शॉल भेंट कर सम्मानित किया। मंचासीन अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी  शैलेन्द्र यादव ने भी विचार व्यक्त किए। प्रदेश अध्यक्ष भाजपा, विधायक  हेमंत खंडेलवाल  ने कहा कि प्रतियोगिता के दौरान दिव्यांग भाई-बहनों का हौसला अनुकरणीय है। उन्होंने 100 घंटे क्रिकेट को अनूठा आयोजन बताते हुए कहा कि यह अभिनंदनीय है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के विकास में दिव्यांगजनों के योगदान के अवसर उपलब्ध कराने और उनकी प्रतिभा को पहचानने के प्रयास समाज को मिलकर करने चाहिए। उन्होंने आयोजन के परिकल्पना की सराहना करते हुए आयोजकों को बधाई दी। प्रतियोगिता के संयोजक डॉ. राघवेन्द्र शर्मा ने स्वागत उद्बोधन में बताया कि खेल प्रतियोगिता एक संकल्प था, आत्मविश्वास का साझा उत्सव और साधना थी। प्रतिभागियों ने दिखा दिया कि सीमाएँ परिस्थितियों में हो सकती है, संकल्प में नहीं। उन्होंने बताया कि खेल महोत्सव में 6 प्रकार की दिव्यांगता के कुल 754 खिलाड़ियों ने भाग लिया इसमें 100 से अधिक महिला दिव्यांग खिलाड़ियों ने भी अपनी खेल-कौशल का परिचय दिया। महोत्सव में 32 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के प्रारंभ में मंचासीन अतिथियों का शॉल एवं पौधा भेंट कर अभिनंदन किया गया। राज्यपाल को स्मृति प्रतीक के रूप में ट्रॉफी भेंट की। समापन समारोह में इंडिया एशिया बुक के प्रतिनिधि द्वारा प्रतियोगिता को इंडिया एशिया बुक में विश्व कीर्तिमान के रूप में दर्ज करने की घोषणा की। आभार प्रदर्शन  राम मनोहर सिंह ने किया।     

रायपुर: किसानों की समृद्धि से ही साकार होगा विकसित भारत का सपना, बोले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर : किसानों की समृद्धि और खुशहाली से ही विकसित भारत का सपना होगा साकार: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय होली से पहले किसानों को मिलेगी 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की धान के अंतर की राशि मुख्यमंत्री को धान से तौलकर प्रदेश के अन्नदाताओं ने जताया आभार मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 28 फरवरी को बिलासपुर जिले में आयोजित होगा राज्य स्तरीय राशि अंतरण कार्यक्रम रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि अन्नदाता देश की अर्थव्यवस्था की मजबूत रीढ़ है और किसानों की समृद्धि और खुशहाली से ही विकसित भारत का सपना साकार होगा। मुख्यमंत्री से आज उनके निवास कार्यालय में प्रदेश के किसानों ने सौजन्य मुलाकात की और कृषक उन्नति योजना के माध्यम से धान के अंतर की 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि होली से पूर्व किसानों के खातों में अंतरित करने की घोषणा पर आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर किसानों ने मुख्यमंत्री को धान से तौलकर प्रदेश के अन्नदाताओं की ओर से अभिनंदन किया।               मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी सदैव किसानों की चिंता करते हैं और उनकी आय बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और किसानों की उन्नति ही राष्ट्र की प्रगति का आधार है। उन्होंने कहा कि अटल जी के समय किसानों को सशक्त बनाने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था लागू की गई, जिससे किसानों को कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध होने लगा। इससे पहले किसानों को महाजनों से ऊंचे ब्याज पर कर्ज लेना पड़ता था, जिससे वे आर्थिक शोषण का शिकार होते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब किसानों को ब्याज मुक्त पूंजी की सुविधा मिल रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के माध्यम से किसानों के खेतों तक पानी पहुंच रहा है और प्रदेश में सिंचाई का रकबा लगातार बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीद रही है, जो देश में सर्वाधिक है। उन्होंने कहा कि सरकार ने निर्णय लिया है कि धान के अंतर की लगभग 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि होली से पूर्व किसानों के खातों में अंतरित की जाएगी। 28 फरवरी को बिलासपुर जिले से इस राशि का अंतरण किया जाएगा और पूरे प्रदेश के विकासखंडों में इसे उत्सव की तरह मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष 25 लाख 24 हजार किसानों से 141 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार आगे भी किसानों के हित में प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य बीज विकास निगम के अध्यक्ष  चंद्रहास चंद्राकर सहित प्रदेश भर से आए किसान उपस्थित थे।

नौसेना को मिली नई ताकत, युद्धपोत अंजदीप से मजबूत हुआ भारत का समुद्री सुरक्षा कवच

चेन्नई भारतीय नौसेना की समंदर में ताकत बढ़ चुकी है। नौसेना को एक और पनडुब्बी रोधी युद्धपोत अंजदीप मिल गया है। उथले पानी में काम करने की क्षमता वाले आठ पनडुब्बी रोधी युद्धपोतों की श्रृंखला का यह तीसरा युद्धपोत 27 फरवरी को चेन्नई में नौसेना में शामिल किया गया। इस समारोह में नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी शामिल हुए। यह जहाज कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) ने स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित किया है। 'डॉल्फिन हंटर' के रूप में डिजाइन यह पोत 'डॉल्फिन हंटर' के रूप में कार्य करने के लिए डिजाइन किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य तटीय क्षेत्रों में दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाना, उनका पीछा करना और उन्हें नष्ट करना है। यह पोत स्वदेशी, अत्याधुनिक पनडुब्बी रोधी युद्ध प्रणाली से लैस है। चेन्नई बंदरगाह पर आयोजित एक आधिकारिक समारोह में एडमिरल त्रिपाठी ने नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों, सरकारी अधिकारियों और अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में औपचारिक रूप से जहाज को कमीशन किया। किस पर रखा गया युद्धपोत का नाम अंजदीप? अंजदीप नाम कर्नाटक के कारवार तट के पास स्थित अंजदीप द्वीप के नाम पर रखा गया है। यह युद्धपोत 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री के साथ बना है। इससे देश की रक्षा निर्माण क्षमता को बल मिलेगा और आयात पर निर्भरता कम होगी। अंजदीप नौसेना के इसी नाम वाले पुराने युद्धपोत का नया अवतार है। पुराना युद्धपोत 2003 में रिटायर हो गया था। 77 मीटर लंबे इस जहाज में एक हाई-स्पीड वाटर-जेट प्रोपल्शन सिस्टम लगा है, जो इसे त्वरित प्रतिक्रिया और निरंतर संचालन के लिए 25 समुद्री मील की अधिकतम गति प्राप्त करने में सक्षम बनाता है। नौसेना ने कहा कि कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स द्वारा निर्मित, आईएनएस अंजदीप एक अत्याधुनिक पोत है जिसे विशेष रूप से तटीय युद्ध वातावरण की चुनौतियों का सामना करने के लिए डिजाइन किया गया है। पनडुब्बी रोधी युद्ध की भूमिका के अलावा यह युद्धपोत तटीय निगरानी, कम तीव्रता वाले समुद्री अभियानों और खोज एवं बचाव अभियानों को अंजाम देने के लिए भी सुसज्जित है। मुख्य विशेषताएं     रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इसे डॉल्फिन हंटर के रूप में डिजाइन किया गया है।     जो तटीय क्षेत्रों में दुश्मन की पनडुब्बी का पता लगाकर उसे निष्क्रिय करने में सक्षम है।     करीब 77 मीटर लंबे इस श्रेणी के युद्धपोत वॉटरजेट से चलने वाले नौसेना के अब तक के सबसे बड़े युद्धपोत हैं।     इनमें अत्याधुनिक हल्के टॉरपीडो, स्वदेशी पनडुब्बी रोधी रॉकेट और उथले पानी में काम करने वाला सोनार सिस्टम लगाया गया है।     इससे समुद्र के काफी अंदर तक मौजूद दुश्मन के खतरों का पता लगाने और उनको नष्ट करने की क्षमता बढ़ेगी।     यह जहाज नौसेना की तटीय निगरानी और समुद्री बारूदी सुरंग बिछाने की क्षमता को भी मजबूत करेगा।

राऊज एवेन्यू कोर्ट ने बरी किया केजरीवाल को, CBI हाईकोर्ट जाएगी

नई दिल्ली दिल्ली की शराब नीति से जुड़े मामले में अदालत से बरी होने के बाद अरविंद केजरीवाल भावुक नजर आए. फैसले के बाद उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ पूरा का पूरा फर्जी केस बनाया गया था. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने मिलकर आजाद भारत का सबसे बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र रचा, ताकि आम आदमी पार्टी को खत्म किया जा सके. उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के पांच बड़े नेताओं को जेल में डाल दिया गया. यहां तक कि एक सिटिंग मुख्यमंत्री को उनके घर से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, जो भारत के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ. उन्होंने दावा किया कि उन्हें छह महीने तक जेल में रखा गया और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को लगभग दो साल तक जेल में रहना पड़ा. केजरीवाल ने कहा कि यह पूरा मामला फर्जी था और उनकी छवि खराब करने के लिए उनके ऊपर कीचड़ उछाला गया. उन्होंने आरोप लगाया कि टीवी चैनलों पर लगातार उन्हें भ्रष्ट बताया गया. प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सत्ता के लिए देश और संविधान के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर सत्ता चाहिए तो अच्छे काम करके हासिल कीजिए. देश में महंगाई, बेरोजगारी, टूटी सड़कें और प्रदूषण जैसी गंभीर समस्याएं हैं, जिनका समाधान किया जाना चाहिए. राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और उनके सहयोगी मनीष सिसोदिया को आरोपों से क्लीन चीट देते हुए बरी कर दिया है. कोर्ट ने साफ कर दिया कि केवल बिना ठोस और पर्याप्त सबूत के लगाए गए आरोपों पर विश्वास नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि विपक्ष के खिलाफ झूठे केस करना और उन्हें जेल में डालना प्रधानमंत्री को शोभा नहीं देता. देश तभी आगे बढ़ेगा जब जनता की समस्याओं का समाधान किया जाएगा. केजरीवाल ने इसे सत्य की जीत बताया और कहा कि संविधान, जिसे बाबा साहेब आंबेडकर ने देश को दिया, उसकी भावना अंततः विजयी होती है. इस मामले में सबसे पहले अदालत ने आबकारी विभाग के पूर्व कमिश्नर कुलदीप सिंह को बरी किया. इसके बाद मनीष सिसोदिया और अंत में अरविंद केजरीवाल को भी आरोपों से मुक्त कर दिया. कोर्ट ने टिप्पणी की कि सीबीआई द्वारा दायर की गई चार्जशीट में कई खामियां थीं और उसमें कई ऐसे सवाल थे जिनका संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया. जांच एजेंसी के सबूत कमजोर और अपर्याप्त पाए गए, इसलिए राहत दी गई. कोर्ट ने कहा कि जब किसी संवैधानिक पद या सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाये जाते हैं, तो उनके समर्थन में ठोस सबूत होना अनिवार्य है. केवल आरोप लगाने भर से मामला नहीं बन सकता. हालांकि, जांच एजेंसी सीबीआई इस फैसले से असंतुष्ट है और उन्होंने इसे उच्च न्यायालय में चुनौती देने का इशारा किया है. सीबीआई के वकील आदेश का विस्तृत अध्ययन कर अपील दायर करेंगे. यह मामला 2022-23 की दिल्ली एक्साइज पॉलिसी से जुड़ा था, जिस आधार पर सीबीआई ने केस दर्ज किया था. बाद में ईडी द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में भी मामला दर्ज किया गया था. इस केस में कई आम आदमी पार्टी के नेताओं को जेल जाना पड़ा और जमानत भी कई बार खारिज हुई. अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के लिए यह फैसला एक बड़ी राहत माना जा रहा है और इससे पार्टी पर लगे कई कानूनी दबावों से उन्हें मुक्ति मिली है.    

भोपाल का हॉटस्पॉट: ब्यूटीशियन बहनों का सिंडिकेट, लग्जरी लाइफस्टाइल और विवादित कारोबार

 भोपाल भोपाल के अब्बास नगर से शुरू हुआ एक नेटवर्क अब होशंगाबाद रोड स्थित 'सागर रॉयल विला' तक फैल चुका था. दो सगी ब्यूटीशियन बहनों अमरीन उर्फ माहिरा और आफरीन पर आरोप है कि उन्होंने न सिर्फ लड़कियों को देहव्यापार के दलदल में धकेला, बल्कि नशीला पदार्थ खिलाकर उनके साथ बलात्कार और जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव भी बनाया. न्यू मार्केट में कपड़े की दुकान पर काम करने वाली एक हिंदू युवती ने पुलिस को अपनी दर्दनाक कहानी सुनाई. पीड़िता के मुताबिक, 8 जून 2024 में एक दोस्त की बर्थडे पार्टी में उसकी मुलाकात संजना नाम की लड़की से हुई. संजना ने ही उसे अमरीन से मिलवाया. अगस्त 2025 में अमरीन का दोस्त चंदन यादव (जो खुद कथित तौर पर धर्मांतरित है) पीड़िता को अपनी बहन के घर ले गया और नशीला पदार्थ पिलाकर बलात्कार किया. अमरीन और चंदन ने पीड़िता पर इस्लाम धर्म अपनाने और कुरान पढ़ने का दबाव बनाया. जांच में पता चला है कि गिरोह की एक अन्य सदस्य संजना ने भी धर्म परिवर्तन कर अपना नाम 'जन्नत' रख लिया था और अमरीन के भाई हैदर से शादी की थी. पीड़िता को शॉट कपड़े पहनाकर क्लबों और पार्टियों में ले जाया जाता था. पीड़िता का आरोप है कि अमरीन के भाई बिलाल ने अब्बास नगर में और याशिर ने अहमदाबाद (गुजरात) ले जाकर उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए. अब्बास नगर से सागर रॉयल विला तक का सफर अब्बास नगर के रहवासियों ने इस गैंग के बारे में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. रहवासियों का कहना है कि अमरीन और आफरीन के घर पर देर रात लग्जरी कारों का तांता लगा रहता था. जींस-टॉप और शॉर्ट कपड़ों में युवतियों का आना-जाना आम था. इलाका छोड़ने पर मजबूर इलाके की बदनामी और अनैतिक गतिविधियों के विरोध के कारण कई परिवारों ने घर खाली कर दिए. बाद में लोगों के बढ़ते विरोध के कारण दोनों बहनें होशंगाबाद रोड के पॉश सागर रॉयल विला में शिफ्ट हो गईं, जहां उन्होंने फिर से यही नेटवर्क शुरू किया. रिमांड और तलाश बागसेवनिया थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है. मुख्य आरोपी अमरीन और चंदन यादव को पुलिस ने 5 दिन की रिमांड पर लिया है. दूसरी बहन आफरीन को जेल भेज दिया गया है. पुलिस अब यासिर, चानू और बिलाल की सरगर्मी से तलाश कर रही है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पीड़िताओं के बयान के आधार रेप और धर्म परिवर्तन का मामला दर्ज हुआ है, जिसके बाद पुलिस की एक टीम जांच के लिए अहमदाबाद गई. पुलिस की प्राथमिकता है कि यदि कोई और पीड़ित सामने आते हैं तो अपराध दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी.पुलिस रिमांड पर आरोपियों से पूछताछ की जा रही है. कड़ी से कड़ी सजा आरोपियों को दिलाई जाएगी.