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राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने प्रचंड हेलिकॉप्टर उड़ाकर कहा—“वीर सैनिकों, गर्व के साथ धन्यवाद; जय हिंद, जय भारत”

जैसलमेर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को जैसलमेर एयरफोर्स स्टेशन से स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर (LCH) प्रचंड में उड़ान भरी। वे हेलिकॉप्टर प्रचंड में बतौर को-पायलट उड़ान भरने वाली देश की पहली राष्ट्रपति हैं।राष्ट्रपति ने उड़ान के दौरान हेलिकॉप्टर के कॉकपिट से सैल्यूट किया। राष्ट्रपति मुर्मू इससे पहले लड़ाकू विमान सुखोई और राफेल में उड़ान भरने वाली देश की पहली राष्ट्रपति बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू सुबह करीब 9:15 बजे जैसलमेर वायुसेना स्टेशन पहुंची थीं। सेना के अधिकारियों ने उन्हें हेलिकॉप्टर के बारे में ब्रीफिंग दी। इसके बाद राष्ट्रपति हेलिकॉप्टर के कॉकपिट में बैठीं।फिर सुबह करीब 10.15 बजे ग्रुप कैप्टन एन.एस. बहुआ के साथ हेलिकॉप्टर में उड़ान भरी। हेलिकॉप्टर में 25 मिनट उड़ान के दौरान राष्ट्रपति ने सीमावर्ती क्षेत्रों और पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज का हवाई जायजा लिया। जैसलमेर के सोनार दुर्ग के ऊपर ‘प्रचंड’ हेलिकॉप्टर में उड़ान भरते हुए राष्ट्रपति ने रेडियो के माध्यम से देश के नाम संदेश दिया। उन्होंने कहा- मैं आज प्रचंड हेलिकॉप्टर में उड़ान भर रही हूं। प्रचंड हेलिकॉप्टर आत्मनिर्भरता का प्रबल प्रतीक है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जैसलमेर एयरफोर्स स्टेशन के अतिथि कक्ष में पहुंची. एयरफोर्स के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया. राष्ट्रपति एयरफोर्स अधिकारियों से संवाद भी किया. इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू लड़ाकू हेलिकॉप्टर प्रचंड में उड़ान भरने के लिए निकल पड़ीं. द्रौपदी मुर्मू को-पायलट बनने वाली देश की पहली राष्ट्रपति हैं. उन्होंने हेलीकॉप्टर में बैठकर फायरिंग रेंज का हवाई जायजा लिया. पहली राष्ट्रपति स्वदेशी लड़ाकू हेलीकॉप्टर (LCH) प्रचंड़ में उड़ान भरती दिखीं. उन्होंने 10 बजकर 10 बजे उड़ान भरना शुरू किया. वह 10 बजकर 35 मिनट पर लैंड हुईं. 25 मिनट का हवाई सफर किया. पोकरण फिल्ड़ फायरिंग रेंज और परमाणु स्थल का भी जायजा लिया. शाम में पोकरण फिल्ड फायरिंग रेंज में वायुशक्ति 2026 का अभ्यास है, जिसमें राष्ट्रपति चीफ गेस्ट हैं. मैं इस समय जैसलमेर के प्रसिद्ध किले के ऊपर से उड़ान भर रही हूं। मैं देश के वीर सैनिकों को गर्व के साथ धन्यवाद देती हूं। मेरा सभी को प्यार भरा नमस्कार। जय हिंद, जय भारत। पाकिस्तान बॉर्डर के पास राजस्थान के पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज (जैसलमेर) में आज शाम एयरफोर्स का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास 'वायु शक्ति-2026' होगा। युद्धाभ्यास में सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी मौजूद रहेंगी। जैसलमेर में कड़े सुरक्षा इंतजाम राष्ट्रपति मुर्मू के दौरे और वायुसेना के क्षमता प्रदर्शन को देखते हुए जैसलमेर में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. चांदन से पोकरण तक पूरे क्षेत्र को अस्थायी रूप से ‘नो-फ्लाई जोन' घोषित किया गया है. पुलिस, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और सीमा क्षेत्रों में अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है. दमदार प्रचंड हेलीकॉप्‍टर   एलसीएच प्रचंड भारत का पहला स्वदेशी रूप से डिजाइन एवं विकसित लड़ाकू हेलीकॉप्टर है, जिसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने बनाया है. यह हेलीकॉप्टर रेगिस्तान से लेकर ऊंचे पर्वतीय इलाकों तक विभिन्न भू-भागों में काम करने में सक्षम है और 5,000 मीटर से अधिक ऊंचाई पर भी संचालन कर सकता है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अक्टूबर 2022 में जोधपुर वायुसेना स्टेशन से ‘प्रचंड' में उड़ान भरी थी.  राफेल में भी उड़ान भर चुकी हैं राष्‍ट्रपति   राष्ट्रपति मुर्मू शुक्रवार शाम को पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में वायुसेना के क्षमता प्रदर्शन ‘वायु शक्ति' में शामिल होंगी. यह कार्यक्रम भारत-पाकिस्तान सीमा के पास आयोजित किया जा रहा है. राष्‍ट्रपति मुर्मू ने अक्टूबर 2023 में अंबाला वायुसेना स्टेशन पर राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान भरी थी, जिससे वह दो अलग-अलग लड़ाकू विमानों में उड़ान भरने वाली पहली भारतीय राष्ट्रपति बनीं. अप्रैल 2023 में उन्होंने तेजपुर वायुसेना स्टेशन (असम) पर सुखोई-30 एमकेआई में लगभग 30 मिनट की उड़ान भरी थी.

आधी रात का बवाल: JNU छात्रों की विरोध-यात्रा और उनके मुद्दों की पूरी कहानी

 नई दिल्ली देश की राजधानी दिल्ली में स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) का माहौल एक बार फिर से तनावपूर्ण हो गया है. छात्रसंघ (JNUSU) ने कैंपस से मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन तक लॉन्ग मार्च निकालने का ऐलान किया था. इसका उद्देश्य रोहित एक्ट लागू करना और UGC के नियम के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करना था. लेकिन वहां पर देखते ही देखते माहौल बदल गया. मार्च को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस , RAF और CRPF की टीमें तैनात की गई थी. इस दौरान 50 से अधिक छात्रों को जबरन हिरासत में लिया गया. इससे जुड़े कई वीडियो सामने आए हैं.   JNUSU के हंगामे का वीडियो आया सामने आरोप है कि वीडियो में JNUSU से जुड़े छात्र पुलिस के खिलाफ इकट्ठा करते, पुलिस को थप्पड़ मरते और सुरक्षाकर्मियों के साथ गाली गलौच और डंडा फेंकते नजर आ रहे हैं. एक वीडियो में PHD का छात्र नीतीश JNU की दीवार पर चढ़ कर छात्रों को उकसाता नजर आ रहा है, साथ ही पुलिस को सबक सिखाने का बात कर रहा है. श्रेय नाम का लड़का पुलिस को थप्पड़ मरता दिख रहा है. तीसरे वीडियो में छात्र JNU कैंपस के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मियों के साथ गाली-गलौच करते और RAF के जवान पर डंडा फेंकता नजर आ रहा है. दिल्ली पुलिस इन वीडियो के आधार पर उपद्रवियों की पहचान कर रही है.   क्या है पूरा मामला? बता दें कि 26 फरवरी को JNUSU ने जेएनयू कुलपति की ओर से की गई जातिवाद टिप्पणियों, विश्वविद्यालय के कोष में कटौती, JNUSU पदाधिकारियों के निष्कासन और रोहित अधिनियम के साथ संशोधित यूजीसी नियमों को लागू करने की मांग को लेकर एक मार्च का आह्वान किया. इस दौरान सैकड़ों छात्रों के नियम का उल्लंघन करने पर दिल्ली पुलिस ने कुलपति के साथ मिलकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग किया, जिसमें दर्जनों छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए. उनके शरीर पर चोटें आईं और खून बहने लगा. जेएनयूएसयू अध्यक्ष अदिति, सचिव गोपिका और महासचिव दानिश के साथ-साथ एआईएसए की अखिल भारतीय अध्यक्ष नेहा और 50 अन्य छात्रों को 14 घंटे से अधिक समय तक पुलिस स्टेशन में हिरासत में रखा गया. दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे 14 छात्रों को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार किए गए छात्रों में कॉमरेड अदिति, दानिश, गोपिका और नेहा भी शामिल हैं.  छात्रों को बाहर आने की नहीं थी इजाजत  प्रदर्शन को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस, RAF और CRPF की टीमों की भारी तैनाती की गई थी. कैंपस के बाहर कई परतों में बैरिकेड्स लगा दिए और किसी भी छात्र को बाहर निकलने की इजाजत नहीं थी. हालात तब बिगड़ी जब छात्रों ने आगे बढ़ने की कोशिश की. इस दौरान पुलिस लगातार छात्रों को पीछे की ओर धक्का दे रही थी जिसके बाद से विवाद और भी ज्यादा बढ़ गया.  घायल हुए कई पुलिसकर्मी वहां पर मौजूद महिला छात्रों पर भी बल का प्रयोग किया गया. इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कई पुलिसकर्मी भी घायल हो गए. पुलिस के मुताबिक, JNU छात्रसंघ ने शिक्षा मंत्रालय तक लॉन्ग मार्च का आह्वान किया था.  प्रशासन ने छात्रों को साफ तौर पर बताया था कि कैंपस के बाहर प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं है लेकिन बावजूद इसके 400 से 500 छात्र इकट्ठा हुए मार्च निकाल दिया.  

आसिम मुनीर के लिए संकट का दौर, एक तरफ भारत, दूसरी ओर BLA अटैक और अफगान तनाव

कराची  पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर इन दिनों बहुत बड़ी मुश्किल में फंसे हुए हैं. उनके सामने तीन बड़े संकट एक साथ आ गए हैं – भारत के साथ पुराना तनाव, बलूचिस्तान में बीएलए के घातक हमले और अफगानिस्तान के तालिबान के साथ खुली जंग. 27 फरवरी 2026 तक हालात इतने बिगड़ गए हैं कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर ओपन वॉर घोषित कर दिया है.  1. भारत के साथ तनाव – कश्मीर का पुराना घाव फिर खुला पाकिस्तान और भारत के बीच कश्मीर विवाद 1947 से चल रहा है. अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमला हुआ, जिसमें 26 लोग मारे गए. भारत ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि वह आतंकियों को मदद देता है.  भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया और पाकिस्तान व पाक-अधिकृत कश्मीर में मिसाइल हमले किए. चार दिन तक दोनों तरफ मिसाइल और ड्रोन हमले हुए. आखिर में 10 मई 2025 को सीजफायर हुआ, लेकिन तनाव खत्म नहीं हुआ है. अब 2026 में भी भारत-पाकिस्तान सीमा पर गोलीबारी होती रहती है. आसिम मुनीर बार-बार कहते हैं – भारत कोई नया हमला करेगा तो पाकिस्तान का जवाब बहुत तेज और भयानक होगा. पाकिस्तान भारत पर आरोप लगाता है कि वह बीएलए और टीटीपी को मदद देता है. 2. बलूचिस्तान में बीएलए के हमले – देश के अंदर बड़ा खतरा बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा लेकिन सबसे गरीब प्रांत है. यहां बलोच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) नाम की अलगाववादी संगठन सालों से लड़ रही है. जनवरी के अंत और फरवरी 2026 की शुरुआत में बीएलए ने बलूचिस्तान में सबसे बड़ा हमला किया. कई जगहों पर एक साथ पुलिस स्टेशन, बैंक, घरों और सैन्य ठिकानों पर हमले हुए. 31-33 आम नागरिक और सैनिक मारे गए. पाकिस्तानी आर्मी ने जवाबी कार्रवाई की और 145 से 216 बीएलए लड़ाकों को मारने का दावा किया. लेकिन हमले रुक नहीं रहे. आसिम मुनीर की आर्मी पर आरोप है कि वह बलूचिस्तान में राजनीति ज्यादा करती है. सुरक्षा कमजोर है. पाकिस्तान कहता है कि बीएलए को भारत और अफगानिस्तान से मदद मिल रही है. 3. अफगान तालिबान से खुली जंग – सबसे नया और सबसे खतरनाक संकट पाकिस्तान कहता है कि अफगानिस्तान में छिपे टीटीपी (पाकिस्तानी तालिबान) उसके देश में हमले करते हैं. इसलिए 21 फरवरी 2026 को पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के नंगरहार, पक्तिया और खोस्त में हवाई हमले किए. तालिबान ने बदला लिया. 26-27 फरवरी को अफगान फोर्स ने पाकिस्तानी बॉर्डर पोस्ट पर हमला किया.  अफगानिस्तान का दावा – 40 पाकिस्तानी सैनिक मारे, 15 पोस्ट कब्जे में लिए. उन्होंने एक पाकिस्तानी जेट भी गिराने का दावा किया. पाकिस्तान ने जवाब में काबुल, कंधार और पक्तिया पर और भारी बमबारी की. पाक रक्षा मंत्री ने कहा कि हम अफगानिस्तान के साथ ओपन वॉर में हैं. आसिम मुनीर पहले ही तालिबान को चेतावनी दे चुके थे – तुम्हें पाकिस्तान और टीटीपी में से एक चुनना होगा. तीनों संकट एक-दूसरे से कैसे जुड़े हैं? पाकिस्तान का कहना है कि भारत और अफगान तालिबान मिलकर पाकिस्तान को कमजोर करना चाहते हैं. दावा किया जाता रहा है कि भारत बीएलए को मदद देता है.  तालिबान टीटीपी को शरण देता है. दोनों मिलकर पाकिस्तान के अंदर हमले करवा रहे हैं. आसिम मुनीर अब तीन मोर्चों पर लड़ रहे हैं – सीमा पर भारत, अंदर बलूचिस्तान और पड़ोसी अफगानिस्तान. अभी क्या हाल है?  अफगानिस्तान सीमा पर भारी गोलीबारी और बमबारी चल रही है. बलूचिस्तान में सैन्य ऑपरेशन जारी.  भारत के साथ कश्मीर में तनाव बना हुआ है. पाकिस्तान में राजनीतिक अस्थिरता भी है. आसिम मुनीर पूरे देश की सेना और रक्षा के सबसे बड़े कमांडर हैं, लेकिन तीन तरफ से दबाव इतना है कि उनकी साख और पाकिस्तान की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं. आसिम मुनीर के लिए यह सबसे बड़ी परीक्षा का वक्त है. अगर तीनों मोर्चे एक साथ नहीं संभाले गए तो पाकिस्तान को बहुत बड़ा नुकसान हो सकता है.   पाकिस्तानी जेट गिराया अफगान लड़ाकों ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान (तालिबान शासन) के बीच बॉर्डर पर तनाव बहुत बढ़ गया है. दोनों तरफ गोलीबारी, हमले और हवाई हमले हो रहे हैं. इसी बीच सोशल मीडिया पर एक बड़ा दावा वायरल हो रहा है – अफगान सैनिकों ने पाकिस्तानी जेट गिरा दिया, वो भी रॉकेट लॉन्चर से. कुछ पोस्ट में लिखा है F-16, कुछ में JF-17. Tolo News ने भी रिपोर्ट किया कि अफगान फोर्स ने पाकिस्तानी एयरक्राफ्ट गिराया. लेकिन कौन सा जेट था?   पहले समझें पूरा बैकग्राउंड पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच ड्यूरंड लाइन (सीमा) पर सालों से झगड़ा चल रहा है. पाकिस्तान कहता है कि अफगानिस्तान में छिपे टीटीपी (पाकिस्तानी तालिबान) उसके खिलाफ हमले करते हैं. इसलिए पाकिस्तान ने पिछले कुछ दिनों में अफगानिस्तान के नंगरहार, पक्तिया और अन्य इलाकों में हवाई हमले किए. इन हमलों में पाकिस्तानी एयर फोर्स के जेट्स (F-16 और JF-17 दोनों) इस्तेमाल हुए. तालिबान ने जवाबी कार्रवाई की – उन्होंने पाकिस्तानी बॉर्डर पोस्ट पर हमला किया, कुछ पोस्ट कब्जा लिए और सैनिक मारे जाने का दावा किया. पाकिस्तान ने फिर काबुल, कंधार और पक्तिया पर और हमले किए. इसी बीच अफगानिस्तान ने दावा किया कि एक पाकिस्तानी जेट उनके एयरस्पेस में घुस आया था और उन्होंने उसे गिरा दिया. Tolo News ने क्या कहा? Tolo News ने 27 फरवरी 2026 को ब्रेकिंग न्यूज में लिखा… सिक्योरिटी सोर्सेज ने Tolo News को बताया कि अफगान फोर्स ने पाकिस्तानी एयरक्राफ्ट गिरा दिया, जो अफगानिस्तान के एयरस्पेस में घुस आया था. ध्यान दें – Tolo News ने F-16 या JF-17 कुछ नहीं बताया. सिर्फ पाकिस्तानी एयरक्राफ्ट कहा. तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने भी हमलों की पुष्टि की, लेकिन जेट गिराने का जिक्र नहीं किया. सोशल मीडिया पर क्या वायरल है? अफगान डिफेंस अकाउंट (@AFGDefense) और कई प्रो-तालिबान अकाउंट्स ने वीडियो पोस्ट किया. इसमें जलता हुआ wreckage दिख रहा है, पाकिस्तानी झंडा और नंबर 85510 दिख रहा है. कैप्शन लिखा है – यह अमेरिकी बना पाकिस्तानी F-16 है, जिसे अफगान फोर्स ने गिराया.  कुछ लोग लिख रहे हैं – रॉकेट लॉन्चर से गिराया. लेकिन कई यूजर्स (यहां तक कि Grok जैसे AI भी) बता रहे हैं कि यह वीडियो पुराना या फेक लगता है. नंबर 85510 किसी पाकिस्तानी जेट का नहीं मिलता. पहले भी ऐसे फेक वीडियो वायरल हुए थे (जैसे 2020 का ट्रेनर जेट … Read more

कीवी टीम की नजर आखिरी-4 पर, स्पिनरों से इंग्लैंड की अग्निपरीक्षा

कोलंबो अपने स्पिनरों के दम पर पिछले मैच में श्रीलंका पर बड़ी जीत दर्ज करने वाला न्यूजीलैंड शुक्रवार को यहां टी20 विश्व कप के सुपर आठ के मैच में इंग्लैंड के खिलाफ अपना अच्छा प्रदर्शन जारी रखकर सेमीफाइनल में जगह सुरक्षित करने की कोशिश करेगा। इंग्लैंड पहले ही अपने दोनों मैच जीतकर सेमीफाइनल में जगह पक्की कर चुका है लेकिन यह मैच उसके लिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे ग्रुप में शीर्ष पर रहने वाली टीम का भी फैसला होगा। श्रीलंका के खिलाफ 61 रन की बड़ी जीत से न्यूजीलैंड सेमीफाइनल के करीब पहुंच गया है क्योंकि इससे उसका नेट रन रेट अच्छा हो गया है। न्यूजीलैंड का नेट रन रेट प्लस 3.050 है और उसे अगले मैच में बस यह सुनिश्चित करना है कि अगर वह इंग्लैंड से पराजित हो भी जाता है तो हार का अंतर न्यूनतम हो। इंग्लैंड से हार के बाद पाकिस्तान का नेट रन रेट माइनस 0.461 हो गया है। उसे नेट रन रेट में न्यूजीलैंड से आगे निकलने के लिए कीवी टीम की करारी हार के लिए दुआ करनी होगी और साथ ही सुपर आठ के अपने अंतिम मैच में श्रीलंका को बड़े अंतर से हराना होगा। लेकिन न्यूजीलैंड ने यह साबित कर दिया है कि वह श्रीलंका के खिलाफ छह स्पिनरों के साथ खेलने में सहज था जिसके दम पर उसने बड़े अंतर से जीत हासिल की। इस मैच में न्यूजीलैंड के स्पिनरों और इंग्लैंड के बल्लेबाजों के बीच दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल सकता है। पाकिस्तान के खिलाफ शतक बनाने वाले कप्तान हैरी ब्रूक और ऑलराउंडर विल जैक्स दोनों ने ही साइम अयूब, मोहम्मद नवाज और शादाब खान जैसे स्पिनरों के सामने सहज प्रदर्शन किया। लेकिन अब उनके सामने न्यूजीलैंड की कड़ी चुनौती है, जिसके स्पिनर मिचेल सैंटनर, रचिन रविंद्र, ग्लेन फिलिप्स और कोल मैककॉन्ची पाल्लेकल की तुलना में प्रेमदासा स्टेडियम की अधिक चिपचिपी पिच पर बहुत उपयोगी साबित हो सकते हैं। ब्रूक अच्छी फॉर्म में हैं, लेकिन अनुभवी जोस बटलर को अपने प्रदर्शन में सुधार करना होगा। उन्होंने अब तक टूर्नामेंट में कुछ खास प्रदर्शन नहीं किया है। बटलर की अच्छी शुरुआत से इंग्लैंड निश्चित रूप से बेहतर स्थिति में आ जाएगा। दूसरी ओर जैक्स की ऑफ स्पिन और लियाम डॉसन की बाएं हाथ की स्पिन गेंदबाजी भी उतनी ही चुनौतीपूर्ण हो सकती है। प्रेमदासा की पिच पर अगर स्पिनर गेंदबाजी कर रहे हों तो 165 से 175 के बीच का कोई भी स्कोर जीत के लिए पर्याप्त हो सकता है। न्यूजीलैंड के ऑलराउंडर रविंद्र ने श्रीलंका के खिलाफ बल्लेबाजी और गेंदबाजी में अच्छा प्रदर्शन करने के बाद कहा कि भले ही उनका स्पिन आक्रमण मजबूत है लेकिन इंग्लैंड को कम करके आंकना गलती होगी। रविंद्र ने कहा, ‘‘इस तरह के मुकाबले में खेलने के लिए हमेशा आत्मविश्वास बना रहता है, विशेषकर जब हमें पता होता है कि पिच कैसी होगी। लेकिन मुझे लगता है कि किसी भी समय इंग्लैंड को कम करके आंकना मूर्खता होगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘निश्चित रूप से उनकी टीम काफी अच्छी है। उनके गेंदबाज अच्छी गेंदबाजी कर रहे हैं और उनके पास बल्लेबाजी क्रम में नीचे तक विश्व स्तरीय बल्लेबाज हैं।’’ लेकिन रविंद्र इस बात का पूरा अहसास है कि शुक्रवार एक नया दिन है और न्यूजीलैंड टीम के लिए यह एक नई चुनौती होगी। रविंद्र ने कहा, ‘‘श्रीलंका के खिलाफ जीत से हमारा मनोबल बढ़ा है लेकिन हम यह अच्छी तरह से समझते हैं कि दो दिन बाद हमारे सामने एक अलग तरह की चुनौती होगी। उम्मीद है कि हम इसके लिए पूरी तरह से तैयार रहेंगे।’’ टीम इस प्रकार हैं: इंग्लैंड: हैरी ब्रूक (कप्तान), जोस बटलर (विकेटकीपर), टॉम बैंटन, जैकब बेथेल, फिल साल्ट (विकेटकीपर), बेन डकेट, सैम करेन, विल जैक्स, जेमी ओवरटन, रेहान अहमद, लियाम डॉसन, जोफ्रा आर्चर, आदिल राशिद, जोश टोंग, लाइक वुड न्यूजीलैंड: मिचेल सैंटनर (कप्तान), फिन एलन, टिम सीफर्ट, डेवोन कॉनवे, मार्क चैपमैन, कोल मैककॉन्ची, डैरिल मिचेल, जेम्स नीशम, रचिन रविंद्र, जैकब डफी, लॉकी फर्ग्यूसन, मैट हेनरी, काइल जैमीसन, इश सोढ़ी। मैच शुरू होने का समय: शाम सात बजे।  

हार्दिक की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी और अर्शदीप का कमाल, जिम्बाब्वे के खिलाफ भारत का ऑलराउंड प्रदर्शन

चेन्नई भारतीय टीम ने आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में गुरुवार (26 फरवरी) को जिम्बाब्वे के खिलाफ 72 रनों से जीत हासिल की. चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में हुए इस मैच में भारतीय टीम ने जिम्बाब्वे को जीत के लिए 257 रनों का टारगेट दिया. इस विशाल टारगेट के सामने जिम्बाब्वे के बल्लेबाज संघर्ष करते नजर आए. पूरे 20 ओवर खेलने के बावजूद जिम्बाब्वे की टीम 6 विकेट पर 184 रन ही बना सकी. ब्रायन बेनेट ने नााबाद 97 रन बनाए, लेकिन वो टीम को जीत दिलाने के लिए काफी नहीं थे. भारतीय टीम अब इस जीत के साथ ही सेमीफाइनल में पहुंचने से सिर्फ एक कदम दूर है. भारतीय टीम को अब अपने आखिरी सुपर-8 मुकाबले में वेस्टइंडीज का 1 मार्च को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में सामना करना है. भारतीय टीम यदि वेस्टइंडीज को हराती है तो वो सेमीफाइनल में पहुंच जाएगी. भारत की जीत के साथ ही साउथ अफ्रीका सेमीफाइनल में पहुंच गया. जबकि जिम्बाब्वे अंतिम-4 की रेस से  बाहर हो चुका है. भारतीय टीम को सुपर-8 में अपने पहले मैच में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 76 रनो से हार झेलनी पड़ी थी. लेकिन उस हार से भारतीय टीम ने सबक लेते हुए जिम्बाब्वे के खिलाफ तीनों डिपार्टमेंट में दमदार खेल दिखाया. यानी भारतीय टीम का इस मुकाबले में कम्पलीट परफॉर्मेंस दिखा. अभिषेक का फॉर्म में लौटना सुखद सबसे प्लस प्वाइंट सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा का फॉर्म में लौटना रहा. अभिषेक ने लगातार तीन पारियों में शून्य के स्कोर बनाए थे. जबकि साउथ अफ्रीका के खिलाफ वो 15 रन बना पाए थे. मगर अभिषेक जिम्बाब्वे के खिलाफ पूरी तरह लय में दिखे. अभिषेक ने 30 गेंदों पर 55 रन बनाए, जिसमें चार छक्के और चार चौके शामिल रहे. अभिषेक ने इस दौरान संजू सैसमन के साथ मिलकर 48 रनों की ओपनिंग पार्टनरशिप की. ज‍िम्बाब्वे से जीतकर भी खुश नहीं सूर्या चेन्नई के एमए च‍िदम्बरम स्टेड‍ियम में ICC मेन्स T20 वर्ल्ड कप 2026 में जिम्बाब्वे पर दमदार जीत दर्ज करने के बावजूद भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) अपनी टीम की गेंदबाजी से पूरी तरह संतुष्ट नहीं दिखे. उन्होंने साफ कहा कि जीत अहम है, लेकिन नॉकआउट से पहले टीम को और क्लीन‍िकल बनना होगा. गुरुवार (26 फरवरी को) मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने शानदार वापसी करते हुए 4 विकेट पर 256 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया. सुपर-8 के पहले मैच में साउथ अफ्रीका से मिली करारी हार के बाद यह प्रदर्शन टीम के लिए बेहद जरूरी था. हालांकि लक्ष्य का पीछा करते हुए ज‍िम्बाब्वे कभी भी जीत की स्थिति में नहीं दिखी, फिर भी उसने 6 विकेट पर 184 रन बना लिए. छठे गेंदबाज के तौर पर उतरे श‍िवम दुबे ने दो ओवर में 46 रन खर्च किए, जिसने भारतीय कप्तान को चिंतित किया. टीम इंड‍िया ने कैसे किया ज‍िम्बाब्वे के ख‍िलाफ प्रदर्शन कप्तान सूर्या ने यह भी बताया कि टीम ने इस अहम मैच से पहले पुरानी गलतियों को पीछे छोड़ने की कोशिश की. उन्होंने कहा- हमने लीग स्टेज या पिछले मैच के बारे में ज्यादा नहीं सोचा. हमारे वीडियो एनालिस्ट ने पिछले एक साल के सकारात्मक प्रदर्शन का प्रेजेंटेशन तैयार किया था. उससे हमें आत्मविश्वास मिला और हम पूरी स्पष्टता के साथ मैदान पर उतरे. उन्होंने बल्लेबाजी इकाई की सराहना करते हुए कहा कि टॉप ऑर्डर से लेकर नंबर सात तक सभी का योगदान रहा और प्रदर्शन लगभग संपूर्ण था. स‍िकंदर रजा ने टीम इंड‍िया से हारने की क्या वजह बताई? जिम्बाब्वे के कप्तान स‍िकंदर रजान ने माना कि बड़ी टीमों को चुनौती देने के लिए उनकी टीम को तीनों विभागों बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग में एक साथ अच्छा प्रदर्शन करना होगा. उन्होंने कहा- हमारी टीम में कई युवा खिलाड़ी हैं, जो पहली बार वर्ल्ड कप और पहली बार भारत में खेल रहे हैं. यह बहाना नहीं है, लेकिन सीखने का प्राजारी है. अगर किसी एक विभाग में कमी रह जाए तो मैच हाथ से निकल जाता है.  जिम्बाब्वे ने लगातार दूसरे मैच में 250 से ज्यादा रन गंवाए, जिसने उसकी हार में बड़ी भूमिका निभाई. इस हार के साथ ही टीम सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गई. अब वह अपना आखिरी मैच 1 मार्च को दिल्ली में साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेलेगी. तिलक नए रोल में ढल गए जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबले में तिलक वर्मा नए रोल में दिखे. तिलक मौजूदा टी20 वर्ल्ड कप में नंबर-3 पर संघर्ष करते दिखे थे. लेकिन इस मैच में उन्हे नंबर-6 पर उतारा गया. टीम मैनेजमेंट का ये दांव क्लिक कर गया.  तिलक ने महज 16 बॉल पर नाबाद 44 रनों की पारी खेली. इस दौरान तिलक ने चार छक्के और तीन चौके लगाए. हार्दिक पंड्या की हार्ड हिंटिंग ने भी भारत को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में मदद किया. हार्दिक ने चार छक्के और दो चौके की मदद से 23 बॉल पर नाबाद 50 रन कूट डाले. हार्दिक ने भारतीय पारी की आखिरी दो गेंदों पर दो छक्के लगाकर ना सिर्फ अर्धशतकीय आंकड़ा टच किया, बल्कि साउथ अफ्रीका के खिलाफ मिली निराशा को भी कम किया. भारतीय टीम की गेंदबाजी काफी शानदार रही. बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने तो मिडिल ओवरों में कमाल की बॉलिंग की और तीन विकेट झटके. अर्शदीप ने 4 ओवरों में सिर्फ 24 रन खर्चे. जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पंड्या ने विकेट तो नहीं लिए, लेकिन दोनों ने 3-3 ओवरों में एक समान 21 रन दिए. स्पिन गेंदबाजों वरुण चक्रवर्ती और अक्षर पटेल ने 35-35 रन खर्च किए, साथ ही एक-एक विकेट लिया. शिवम दुबे जरूर आउट ऑफ कलर दिखे और एक विकेट लेने के लिए 2 ओवरों में 46 रन लुटाए.

विभागों में पारदर्शिता बढ़ाने AI का प्रयोग, सिस्टम तोड़ने वालों पर गिरेगी गाज

भोपाल  जिले में विभिन्न मामलों को लेकर चल रहे कोर्ट प्रकरण का प्रबंधन अब लीगल कोर्ट केस मैनेजमेंट सिस्टम से होगा। प्रशासन एआइ आधारित इस सॉफ्टवेयर को अपने यहां लागू करने जा रहा है। जिले के जो भी विभाग अपने यहां के कोर्ट प्रकरणों को दबाकर या लटकाकर बैठे हैं, वे सब जाहिर होंगे। अब ऐसे प्रकरणों को निपटाना होगा। ऐसा नहीं करने वाले सामने आएंगे और उन पर कार्रवाई की रूपरेखा भी बनेगी। कलेक्ट्रेट से जुड़े हुए ही 150 के करीब कोर्ट केस अभी चल रहे हैं। जिले के सभी विभागों को मिलाने पर संख्या इससे चार गुना तक बनेगी। ऐसे समझें सिस्टम यह एक इंटीग्रेटेड केस मैनेजमेंट सिस्टम के रूप में काम करेगा, ताकि विभाग के सभी संबंधित अधिकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर जानकारी देख सकें। कानूनी मामलों की प्रगति और पेंडेंसी पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का काम करेगा। यह सुनिश्चित करेगा कि कानूनी डेटा सुरक्षित रहे और केवल अधिकृत व्यक्तियों की ही उस तक पहुंच हो। ऐसे करेगा काम -केस ट्रैकिंग: यह विभिन्न न्यायालयों में चल रहे सरकारी मामलों की वर्तमान स्थिति को ट्रैक करेगा। – डाटा माइग्रेशन: पुराने कानूनी मामलों के डेटा को सिस्टम में सुरक्षित रूप से स्थानांतरित करने का काम करेगा। दस्तावेजों का प्रबंधन: यह कानूनी दस्तावेजों, आदेशों और याचिकाओं को डिजिटल रूप में सहेज कर रखने में मदद करेगा। – अलर्ट और रिमाइंडर: आगामी पेशी और महत्वपूर्ण समय-सीमाओं के लिए रिमाइंडर देगा। ये होगा लाभ इसका सबसे बड़ा लाभ मेट्रो, नए आइएसबीटी समेत ब्रिज, सड़क और सार्वजनिक हित के संस्थानों को लेकर चल रहे जमीन संबंधी विवाद में होगा।  सिस्टम में प्रकरण से जुड़ा हर अपडेट और डिटेल सबमिट होगा, जिससे केस निपटाने में तेजी आएगी। प्रकरण पर निर्णय होने से जिले के ग्रामीण से लेकर शहरी प्रोजेक्ट और आमजन से जुड़े काम भी तेजी से हो पाएंगे। पेंशन प्रकरण से जुड़े केसों में भी न्याय होगा। नई तकनीक से जल्द निपटेंगे कोर्ट केस कोर्ट केस को शीघ्रता से निपटाने में नई तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे प्रकरण निपटान प्रक्रिया बेहतर व तेज होगी। – कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर 600 केस की पेंडेंसी सुनकर कलेक्टर नाराज भोपाल. जिला समिति की बैठक में  600 पेंडिंग प्रकरणों पर कलेक्टर नाराज हुए। कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में पशुपालन, मत्स्य, स्व-सहायता समूह, किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना सहित विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं के प्रकरण जो बैकों में भेजे गए हैं, उनके वितरण और लक्ष्य की जानकारी ली गई। कलेक्टर ने कहा, केन्द्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं के प्रकरण कई बैकों में लक्ष्य के अनुरूप निराकरण नहीं किए गए हैं। यह खेदजनक है। जिन बैंकर्स के प्रकरण स्वीकृत हो गए, उनका वितरण एक सप्ताह देने का कहा। लंबित प्रकरणों का 15 दिन में निराकरण का लक्ष्य दिया।

विधानसभा में बड़ा ऐलान: 2 साल बाद मध्य प्रदेश में नहीं दिखेंगे आवारा पशु

 भोपाल मध्य प्रदेश सरकार ने भरोसा दिलाया कि दो साल बाद राज्य की सड़कों पर कोई आवारा मवेशी घूमता हुआ नहीं दिखेगा. सरकार का यह भरोसा तब आया जब कुछ कांग्रेसी MLA ने आवारा मवेशियों की वजह से होने वाले सड़क हादसों पर चिंता जताई. कांग्रेस MLA अजय सिंह और कैलाश कुशवाहा ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए यह मुद्दा उठाया और कहा कि मध्य प्रदेश में आवारा मवेशियों की समस्या गंभीर हो गई है. उन्होंने कहा कि सरकार के  करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद राज्य में लगभग 10 लाख आवारा मवेशी सड़कों पर घूम रहे हैं, जिससे किसानों की फसलों को भारी नुकसान हो रहा है, नेशनल हाईवे और दूसरी सड़कों पर ट्रैफिक में रुकावट आ रही है और हादसों की घटनाएं बढ़ रही हैं. सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही की वजह से इस समस्या को ठीक से हल नहीं किया जा रहा है, जिससे किसानों और दूसरे लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.  'जुर्माना और नई नीति से होगा समाधान' जवाब देते हुए राज्य के पशुपालन और डेयरी मंत्री लखन पटेल ने कहा कि आवारा पशुओं का मैनेजमेंट ग्रामीण इलाकों में पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग और शहरी इलाकों में शहरी और आवास विकास विभाग की जिम्मेदारी है, और संबंधित विभाग लगातार कार्रवाई कर रहे हैं. मंत्री ने कहा कि 2025 में राज्य में शहरी निकायों द्वारा लगभग 78 हजार 153 आवारा पशु पकड़े गए और इन पशुओं के मालिकों पर कुल 25 लाख 58 हजार 753 रुपये का जुर्माना लगाया गया. राज्य में कुल 3 हजार 40 गौशालाएं चल रही हैं, जिनमें मुख्यमंत्री गौ सेवा योजना के तहत 2 हजार 325 गैर-सरकारी संगठनों द्वारा 703 और शहरी निकायों द्वारा 12 शामिल हैं. पटेल ने कहा कि लगभग 4.80 लाख आवारा पशुओं को गौशालाओं में ले जाया गया है और उनका मैनेजमेंट एक लगातार चलने वाला प्रोसेस है. मंत्री ने सदन को बताया कि राज्य सरकार ने 'मध्य प्रदेश में आत्मनिर्भर गाय आश्रय स्थलों की स्थापना राज्य नीति-2025' को मंजूरी दे दी है. इसका मकसद ऐसी आश्रय इकाइयों को आत्मनिर्भर बनाना और रोजगार के मौके पैदा करना है, साथ ही बेसहारा मवेशियों का बेहतर मैनेजमेंट करना है. उन्होंने कहा कि इस नीति के तहत, कम से कम 5000 मवेशियों की क्षमता वाले आत्मनिर्भर गाय आश्रय (कामधेनु निवास) के लिए कम से कम 130 एकड़ रेवेन्यू जमीन दी गई है, जिसमें से 5 एकड़ जमीन का इस्तेमाल कमर्शियल गतिविधियों के लिए किया जा सकता है. मंत्री के अनुसार, गाय आश्रय स्थलों में मौजूद मवेशियों के रखरखाव के लिए अनुदान राशि 20 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये प्रति जानवर प्रति दिन कर दी गई है. पटेल ने कहा, "अगले दो सालों में जब नई गाय आश्रय स्थल बन जाएंगी और व्यवस्था हो जाएगी, तो बेसहारा मवेशी सड़कों पर नहीं दिखेंगे. मेरा विश्वास कीजिए. दो साल बाद, सड़कों पर एक भी गाय नहीं दिखेगी."  विधानसभा स्पीकर की टिप्पणी मध्य प्रदेश विधानसभा के स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि गौशालाओं को कमर्शियली आत्मनिर्भर बनाने की जरूरत है, साथ ही गौ रक्षा और सेवा के जरिए उन्हें बढ़ावा देने की भी जरूरत है. उन्होंने कहा कि देश की पहली गौ अभ्यारण्य पहले शाजापुर में बनाई गई थी, लेकिन इस एरिया में अभी और काम करने की ज़रूरत है. तोमर ने कहा कि इस समस्या के परमानेंट समाधान के लिए सरकार और सभी स्टेकहोल्डर्स को मिलकर गंभीर कोशिशें करनी होंगी.

1 अप्रैल से लॉन्च होगा E20 पेट्रोल, सरकार का कदम ईंधन में स्वच्छ विकल्प की ओर

 नई दिल्ली केंद्र सरकार ने पेट्रोल को लेकर एक अहम फैसला लिया है, जिसका सीधा असर आम लोगों और ऑटोमोबाइल सेक्टर पर पड़ेगा. केंद्र सरकार ने तेल बेचने वाली कंपनियों को साफ निर्देश दिया है कि 1 अप्रैल 2026 से देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एथेनॉल ब्लेंडेड (E20)  पेट्रोल बेचा जाए. इस पेट्रोल में अधिकतम 20 प्रतिशत इथेनॉल होगा और इसका न्यूनतम रिसर्च ऑक्टेन नंबर यानी RON 95 होना जरूरी होगा.  यह आदेश केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से जारी किया गया है. 17 फरवरी को जारी नोटिफिकेशन में मंत्रालय ने कहा है कि तेल कंपनियां वही पेट्रोल सप्लाई करें जो E20 मानकों पर खरा उतरता हो. यह पेट्रोल ब्यूरो ऑफ इंडिया स्टैंडर्ड (BIS) के तय मानकों के अनुसार होना चाहिए और पूरे देश में एक समान क्वॉलिटी के साथ उपलब्ध कराया जाना होगा. हालांकि कुछ खास हालात में सीमित समय के लिए कुछ इलाकों को छूट दी जा सकती है. क्या है E20 फ्यूल E20 फ्यूल एक ऐसा पेट्रोल मिश्रण है जिसमें 20 फीसदी एथेनॉल और 80 फीसदी पारंपरिक पेट्रोल होता है. इथेनॉल एक बायो-फ्यूल है जो मुख्य रूप से गन्ने, मक्का या अन्य फसलों से बनाया जाता है, और इसे फॉसिल फ्यूल पर निर्भरता घटाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. सरकार का उद्देश्य E20 को बढ़ावा देकर प्रदूषण कम करना और किसानों को फसल से अतिरिक्त आमदनी देना है. भारत ने जून 2022 में ही 10 प्रतिशत इथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य तय समय से पहले हासिल कर लिया था, जिसके बाद सरकार ने 20 प्रतिशत का लक्ष्य 2025-26 तक तय किया. RON 95 क्यों है अहम रिसर्च ऑक्टेन नंबर यानी RON यह बताता है कि पेट्रोल इंजन में नॉकिंग के अगेंस्ट कितना मजबूत है. नॉकिंग से इंजन को नुकसान और पावर लॉस हो सकता है. ज्यादा RON वाला पेट्रोल प्रेशन में भी स्टेबल रहता है. इथेनॉल का ऑक्टेन रेटिंग करीब 108 होता है, इसलिए जब इसे पेट्रोल में मिलाया जाता है तो फ्यूल क्वॉलिटी और गुणवत्ता बेहतर हो जाती है. RON 95 का नियम यह तय करेगा कि इंजन सेफ रहे और बेहतर परफॉर्मेंस दे. तेल मंत्रालय के अनुसार इथेनॉल ब्लेंडिंग की वजह से 2014-15 से अब तक भारत को 1.40 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की विदेशी मुद्रा की बचत हुई है. कच्चे तेल के आयात में कमी आई है.  नया नियम लागू होने के बाद यह फायदा और बढ़ने की उम्मीद है. साथ ही प्रदूषण घटेगा और सस्टेनेबल मोबिलिटी की दिशा में भारत एक और मजबूत कदम आगे बढ़ाएगा. वाहनों पर क्या पड़ेगा असर ऑटो इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि 2023 के बाद के बने ज्यादातर वाहन E20 पेट्रोल के लिए तैयार हैं. इन गाड़ियों में किसी बड़े बदलाव की जरूरत नहीं पड़ेगी. हालांकि पुराने वाहनों के कुछ यूजर्स का कहना है कि E20 पेट्रोल से माइलेज में 3 से 7 प्रतिशत तक की कमी आई है. इसके अलावा कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर E20 फ्यूल के इस्तेमाल के बाद वाहनों में समय से पहले पार्ट्स डैमेज होने की भी शिकायत की है. जिससे व्हीकल मेंटनेंस बढ़ा है. पुराने वाहनों के इंजन और फ्यूल सिस्टम इस हाई इथेनॉल ब्लेंडिंग के लिए डिज़ाइन नहीं किए गए है, जिसके कारण कई बार माइलेज घटने और स्टार्टिंग को लेकर  दिक्कतें सामने आती रही हैं. इस बीच कुछ वाहन निर्माताओं ने पुराने वाहनों के लिए E20 कन्वर्जन किट को बाजार में उतारा है. ताकि एथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल से वाहन के इंजन कंपोनेंट को होने वाले संभावित नुकसान को कम किया जा सके. कंपनियों का दावा है कि, ये कन्वर्जन किट न केवल वाहनों के परफॉर्मेंस को बेहतर बनाएगा बल्कि माइलेज को भी कम होने से रोकेगा. रॉयल एनफील्ड ने हाल ही में बुलेट, क्लासिक और थंडरबर्ड जैसी पुरानी BS3 और BS4 मॉडल्स के लिए ये किट लॉन्च किया है. 

PM मोदी का इज़राइल दौरा: Future Tech का जायजा, AI से लेकर हेल्थ तक भारत की नई दिशा

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों इजराइल के दौरे पर हैं. यरुशलम में उन्होंने एक टेक्नोलॉजी प्रदर्शनी का दौरा किया. इस प्रदर्शनी में इजराइल की कई स्टार्टअप और टेक कंपनियों ने अपने नए प्रोडक्ट और रिसर्च दिखाए. यहां AI, हेल्थ-टेक, साइबर सिक्योरिटी, क्वांटम कंप्यूटिंग, एग्री-टेक और वॉटर मैनेजमेंट से जुड़ी टेक्नोलॉजी रखी गई थी. मोदी ने अलग-अलग स्टॉल पर जाकर डेमो देखे और कंपनियों के फाउंडर्स से बातचीत की. इजराइल लंबे समय से टेक और स्टार्टअप के लिए जाना जाता है. साइबर सिक्योरिटी और डिफेंस टेक में इजराइल की कंपनियों की पकड़ मानी जाती है. भारत पहले से इन सेक्टर में इजराइल के साथ काम कर रहा है. ऐसे में इस तरह की प्रदर्शनी में जाना एक संकेत है कि भारत नई टेक्नोलॉजी को समझना और अपनाना चाहता है. खासकर AI और हेल्थ-टेक जैसे सेक्टर भारत के लिए आने वाले सालों में अहम होने वाले हैं. पीएम मोदी ने वहां मौजूद कंपनियों से कहा कि वे भारत में अपने सॉल्यूशन लाने पर विचार करें. भारत में डिजिटल हेल्थ, स्मार्ट एग्रीकल्चर और साइबर सिक्योरिटी की जरूरत तेजी से बढ़ रही है. गांवों में हेल्थ सर्विस पहुंचाने के लिए AI टूल्स और रिमोट मॉनिटरिंग जैसे समाधान काम आ सकते हैं. खेती में डेटा और सेंसर्स के जरिए पानी और खाद का सही इस्तेमाल भी एक बड़ा मुद्दा है. प्रदर्शनी में दिखाए गए कई प्रोडक्ट इन समस्याओं से जुड़े थे. हालांकि इस दौरे के दौरान अब तक AI और साइबर सिक्योरिटी से जुड़ा कोई बड़ा करार या डील सामने नहीं आई है. अभी तक सिर्फ बातचीत और संभावनाओं की बात हुई है. सरकारी बयान में भी किसी MoU या एग्रीमेंट का जिक्र नहीं है. इसका मतलब यह है कि फिलहाल यह एक शुरुआती कदम है. असली टेस्ट तब होगा जब इन कंपनियों के साथ भारत में पायलट प्रोजेक्ट शुरू होंगे या कोई ठोस पार्टनरशिप सामने आएगी. पहले भी कई टेक डेमो दिखाए गए हैं, लेकिन वे जमीन पर उतरने में वक्त लेते हैं या कभी-कभी फाइलों में ही अटक जाते हैं. गौरतलब है कि भारत और इजराइल के रिश्ते बीते कुछ सालों में मजबूत हुए हैं. डिफेंस और टेक्नोलॉजी में दोनों देशों का सहयोग बढ़ा है. सोशल मीडिया पर पीएम मोदी की पोस्ट से यह साफ है कि वे इस दौरे को इनोवेशन और युवाओं से जोड़कर दिखा रहे हैं. उन्होंने इजराइल के युवाओं के काम की तारीफ की और कहा कि इस तरह की टेक्नोलॉजी भविष्य की जरूरतों से जुड़ी है. लेकिन जमीन पर सवाल यह है कि क्या भारत इन टेक्नोलॉजी को अपने सिस्टम में तेजी से अपना पाएगा. भारत में रेगुलेशन, लोकल मैन्युफैक्चरिंग और डेटा पॉलिसी जैसे मुद्दे अक्सर किसी विदेशी टेक को अपनाने में देरी करते हैं. कुल मिलाकर यह दौरा एक संकेत देता है कि भारत टेक्नोलॉजी के मोर्चे पर इजराइल जैसे देशों से सीखना चाहता है. अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि इससे तुरंत कोई बड़ा बदलाव आएगा. फिलहाल यह एक शोकेस विजिट है. असली कहानी तब बनेगी जब इन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल भारत के अस्पतालों, खेतों और डिजिटल सिस्टम में दिखने लगेगा. तभी यह दौरा केवल तस्वीरों और बयानों से आगे बढ़कर असली असर दिखा पाएगा.

नितिन नवीन की पहली हाजिरी RSS की हाई-लेवल मीटिंग में, भाजपा नेतृत्व में होने वाले बदलाव पर चर्चा

नई दिल्ली राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था 'अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा' की महत्वपूर्ण बैठक अगले महीने हरियाणा के समालखा में आयोजित होने जा रही है। इस बैठक में भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पहली बार शिरकत करेंगे। संघ के शताब्दी वर्ष और आगामी राजनीतिक परिदृश्य को देखते हुए इस तीन दिवसीय समागम को बेहद अहम माना जा रहा है। जनवरी 2026 में भाजपा की कमान संभालने के बाद नितिन नवीन का यह पहला आधिकारिक संघ दौरा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस बैठक से पहले भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में कुछ बड़े फेरबदल हो सकते हैं। माना जा रहा है कि समालखा बैठक में भाजपा के प्रतिनिधि मंडल में कई नए चेहरे देखने को मिल सकते हैं। यह बदलाव आगामी चुनावों और संगठन को नई ऊर्जा देने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, समालखा बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु संघ के शताब्दी वर्ष (1925-2025) से संबंधित कार्यक्रमों की समीक्षा करना है। देश भर में चलाए गए विभिन्न अभियानों, गृह-संपर्क और शताब्दी निमित्त आयोजनों से प्राप्त अनुभवों को यहां साझा किया जाएगा। संघ नेतृत्व यह देखेगा कि शताब्दी वर्ष के लक्ष्यों को किस हद तक हासिल किया गया है और आम जनमानस के बीच संघ की पहुंच कितनी बढ़ी है। प्रतिनिधि सभा की इस बैठक में वर्ष 2025-26 के दौरान किए गए कार्यों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया जाएगा। इसके साथ ही, आगामी वर्ष के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों और कार्ययोजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा होगी। बैठक के दौरान सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रस्ताव पारित होने की उम्मीद है। मंथन में शामिल होंगे दिग्गज इस बैठक में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले सहित संघ के सभी शीर्ष पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। साथ ही, भाजपा सहित संघ से प्रेरित विभिन्न 32 संगठनों के प्रमुख पदाधिकारी भी इस विचार-मंथन का हिस्सा बनेंगे।