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ट्रेड फ्रंट पर भारत की तेजी: US डील अप्रैल से शुरू, UK और ओमान समझौते पर अपडेट

नई दिल्ली भारत-अमेरिका अंतरिम ट्रेड डील मार्च में साइन हो सकती है और यह अप्रैल में लागू हो सकती है। यह जानकारी वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की ओर से शुक्रवार को दी गई। साथ ही, गोयल ने कहा कि यूएस के साथ अंतरिम व्यापार समझौते के लीगल टेक्सट को अंतिम रूप देने के लिए भारतीय और अमेरिकी अधिकारियों की बैठक 23 फरवरी को शुरू होगी। इस महीने की शुरुआत में भारत और अमेरिका ने अंतरिम व्यापार समझौते पर साझा बयान जारी किया था। इसमें अमेरिका में भारतीय निर्यात पर टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। उन्होंने आगे कहा कि ब्रिटेन और ओमान के साथ भारत के मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) अप्रैल में लागू होने की संभावना है। न्यूजीलैंड के साथ हुआ समझौता सितंबर में लागू होने की उम्मीद है। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में गोयल ने कहा कि ग्लोबल ट्रेड का लाभ हर एमएसएमई, प्रत्येक कारोबारी और हर छोटे-बड़े स्टार्टअप तक पहुंचना चाहिए। हमारी कोशिश नए निर्यातकों को आगे बढ़ाना है। साथ ही, हमारे उत्पादों और सर्विसेज को दुनिया के कई देशों और महाद्वीपों पर पहुंचाना है। बीते हफ्ते, गोयल ने कहा था कि भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता संप्रभुता को छोड़े बिना उपभोक्ता हितों और निर्यात-आधारित विकास के बीच संतुलन बनाने के लिए तैयार किया गया है। गोयल ने कहा कि 4 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था होने के चलते हमने इस समझौते में मजबूत स्थिति में डील की है और अपने देश के आत्मनिर्भर सेक्टर्स को सुरक्षित रखा है। उन्होंने आगे कहा कि चावल, गेहूं, मक्का, बाजरा और दुग्ध जैसे "संवेदनशील" कृषि उत्पादों को इस समझौते से बाहर रखा गया है, ताकि इस ट्रेड डील का कोई नकारात्मक असर न हो। केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, "अमेरिका को दुग्ध, मुर्गी पालन, मांस, गेहूं, चावल, मक्का और सोयाबीन पर कोई शुल्क रियायत नहीं दी गई है।"उन्होंने कहा,  "भारत ने केवल उन वस्तुओं के लिए चुनिंदा पहुंच की अनुमति दी है जिनकी उसे आवश्यकता है या जिनका वह अधिशेष उत्पादन नहीं करता है, जैसे अखरोट, पिस्ता और कुछ विशेष प्रकार की शराब, जिन पर न्यूनतम आयात मूल्य लागू है।"

DA Hike Update: 8वें वेतन आयोग से पहले 10% बढ़ोतरी, लाखों कर्मचारियों को राहत

नई दिल्ली केंद्रीय कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार है। इस इंतजार के बीच कुछ राज्य सरकारें अपने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते पर फैसले ले रही हैं। इसी कड़ी में केरल सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। आधिकारिक आदेश के अनुसार के DA की दर 25% से बढ़ाकर 35% कर दी गई है। बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता मार्च महीने के वेतन में दिखाई देगा। इसी के साथ राज्य सरकार ने पेंशनरों के लिए भी फैसला लिया गया है। पेंशनर्स के महंगाई राहत (DR) में 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। बढ़ा हुआ DR अप्रैल से मिलने वाली पेंशन में शामिल किया जाएगा। हालांकि सरकार ने यह भी कहा है कि इस संशोधन से बनने वाले बकाया के भुगतान की प्रक्रिया अलग आदेश के माध्यम से बाद में तय की जाएगी। किसे मिलेगा फायदा केरल सरकार के इस फैसले का फायदा राज्य सरकार के कर्मचारियों के साथ-साथ स्थानीय स्वशासन संस्थाओं के कर्मचारियों को भी मिलेगा। यह सहायता प्राप्त स्कूलों, कॉलेजों और पॉलिटेक्निक संस्थानों के शिक्षकों तथा गैर-शिक्षण कर्मचारियों पर भी लागू होगा। इसके अलावा फुल-टाइम कंटिजेंट कर्मचारियों को भी इसका लाभ मिलेगा। संशोधित DA का लाभ पार्ट-टाइम शिक्षकों, पार्ट-टाइम कंटिजेंट कर्मचारियों और दोबारा नियुक्त किए गए पेंशनरों को भी मिलेगा। इनके लिए भत्ते की गणना उनकी पात्र वेतन राशि के आधार पर की जाएगी। वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार केंद्रीय कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने का इंतजार है। बता दें कि वेतन आयोग का गठन पिछले साल नवंबर महीने में किया गया था। इससे पहले, जनवरी के महीने में वेतन आयोग गठन का ऐलान हुआ। वेतन आयोग की सिफारिशें 18 से 20 महीने में लागू होने की उम्मीद है। हाल ही में सरकार ने आठवें वेतन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च कर दी है। आयोग ने मंत्रालयों, विभागों, केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और अन्य हितधारकों से सुझाव और राय आमंत्रित किए हैं। जवाब जमा करने की अंतिम तिथि 16 मार्च, 2026 है। इससे पता चलता है कि प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है लेकिन अंतिम रिपोर्ट तैयार होने में अभी समय लगेगा। फिटमैंट फैक्टर की बड़ी भूमिका ऐसा माना जा रहा है कि आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने में फिटमैंट फॉर्मूले की बड़ी भूमिका होगी। कर्मचारी संगठनों ने 2.86 से लेकर 3.25 तक के फिटमेंट फैक्टर की मांग रखी है। बता दें कि सातवें वेतन आयोग ने 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया था, जिससे न्यूनतम वेतन 7,000 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये हो गया था।  

मौसम विभाग की चेतावनी: इन इलाकों में तेज बारिश और आंधी का खतरा, रहें सतर्क

नई दिल्ली कम दबाव के क्षेत्र की वजह से दक्षिण भारत में कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, 21 व 22 फरवरी को दक्षिण तमिलनाडु, दक्षिण केरल में कुछ जगहों पर भारी बारिश होने वाली है। अगले सात दिनों के दौरान उत्तर पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान में दो से चार डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, 21 व 22 फरवरी को दक्षिण तमिलनाडु, केरल, माहे में कुछ जगहों पर भारी बारिश की संभावना है। 20 फरवरी को अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में, 21 और 22 फरवरी को तमिलनाडु, केरल, माहे में गरज के साथ तेज हवाओं और बारिश की संभावना है। 22 फरवरी को उत्तराखंड, 23 फरवरी को विदर्भ में, 23 और 24 फरवरी को छत्तीसगढ़, ओडिशा में, 20 और 23 फरवरी को केरल, माहे में, 21 से 24 फरवरी को दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में, 22 से 24 फरवरी को तटीय और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में गरज और बिजली गिरने की संभावना है। इसके अलावा, 22 व 23 फरवरी को जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, 22-24 फरवरी को उत्तराखंड में छिटपुट बारिश व बर्फबारी होने वाली है। महाराष्ट्र में अगले चार दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव होने वाला नहीं है। उसके बाद इसमें दो से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी। गुजरात में अगले दो दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। उसके बाद इसमें दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। देश के बाकी हिस्सों में मिनिमम टेम्प्रेचर में भी कोई बड़ा बदला नहीं आएगा। दिल्ली का कैसा रहा मौसम दिल्ली में वायु गुणवत्ता शुक्रवार को 'खराब' श्रेणी में रही क्योंकि समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 203 दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के समीर ऐप के अनुसार, 19 स्टेशन ने वायु गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी में दर्ज की। सीपीसीबी वर्गीकरण के अनुसार, शून्य से 50 के बीच का एक्यूआई 'अच्छा', 51 से 100 'संतोषजनक', 101 से 200 'मध्यम', 201 से 300 'खराब', 301 से 400 'बहुत खराब' और 401 से 500 'गंभीर' माना जाता है। वहीं न्यूनतम तापमान 12.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। स्टेशनवार आंकड़े के अनुसार, पालम में न्यूनतम तापमान 13.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.1 डिग्री कम है। लोधी रोड पर न्यूनतम तापमान 13.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.2 डिग्री कम है।  

यूपी में शिक्षामित्रों की बढ़ी सैलरी, ₹18,000 मासिक मानदेय; अनुदेशकों को भी राहत

लखनऊ यूपी बजट सत्र के दौरान विधानसभा में बोल रहे सीएम योगी ने शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को लेकर बड़ी घोषणा कर दी। सीएम योगी ने कहा, शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ा दिया है। अप्रैल से शिक्षामित्रों को अब 18 हजार रुपये मिलेंगे। पहले इन्हें 10 हजार रुपये मिलते थे। साथ ही अनुदेशकों का मानदेय नौ हजार रुपये से बढ़ाकर 17 हजार रुपये कर दिया गया है। अप्रैल से दोनों लोगों को बढ़ा हुआ मानदेय मिलना शुरू हो जाएगा। इसके अलावा सीएम योगी ने कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के लिए 580 करोड़ रुपये, 16 लाख ट्यूबवेल को 3000 करोड़ के खर्च से फ्री बिजली देने की घोषणा की है। हर न्याय पंचायत में बनाए जाएंगे डिजिटल उद्यमी, 50 प्रतिशत होंगी महिलाएं महिलाओं को लेकर घोषणा करते हुए सीएम योगी ने कहा, प्रदेश में आठ हजार न्याय पंचायत हैं। हर न्याय पंचायत में डिजिटल उद्यमी बनाए जाएंगे। इसके अलावा हर न्याय पंचायत पर महिला उद्यमी विपणन केंद्र बनाए जाएंगे। इसमें 50 प्रतिशत महिलाएं होंगी। जिन्हें 10 लाख तक का मुफ्त ऋण दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश के एक करोड़ सेल्फ हेल्प ग्रुप के लिए न्याय पंचायत स्तर पर 100 करोड़ के खर्च से महिलाओं के लिए शॉपिंग कॉम्पलेक्स खोले जाएंगे। सीएम योगी ने कहा, हर साल यूपी में 60 लाख संस्थागत प्रसव करवाने के लिए अस्पतालों को इंपैनल किया जाएगा। इसमें लिए 1000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। 25 लाख युवाओं को फ्री टूल किट देगी यूपी सरकार युवाओं को लेकर घोषणा करते हुए सीएम योगी ने कहा, यूपी में अब एआई गेम चेंजर होने वाला है। सीएम योगी ने कहा, कामकाजी युवाओं को एआई टूल किट्स उपलब्ध करवाए जाएंगे। यूपी सरकार 25 लाख युवाओं को फ्री टूल किट देगी। साथ ही स्टार्टअप और इनोवेशन में सहयोग भी किया जाएगा। एआई कृषि क्षेत्र में भी बड़ी भूमिका निभाएगा। यूपी में रोबोटिक्स तकनीकी को बढ़ावा दिया जाएगा। 50 प्रतिशत शहरीकरण का काम होगा। माल ढुलाई, खाद का छिड़काव भी एआई रोबोट से होगा। सीएम योगी ने विपक्ष पर बोला हमला विधानसभा में बजट सत्र पर बोल रहे सीएम योगी ने विपक्ष पर निशाना साधा। सीएम योगी ने कहा, सपा सरकार में चेहरा देखकर समाजवादी पेंशन दी जाती थी। समाजवादी पेंशन स्कीम केवल समाजवादियों को ही मिलती थी। कम से कम गरीब ब्राह्मण को पेंशन दे देते। सीएम योगी कहा, सपा सरकार में हर साल इंसेफेलाइटिस से 1500 से 1700 SC- ST बच्चों की मौतें होती थीं। 2019 के बाद से इंसेफेलाइटिस का उन्मूलन हो चुका है। हमने किसी की जाति नहीं देखी। सपा की 4 बार सरकार बनी, लेकिन आपने विचार तक नहीं किया। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय पर तंज कसा। कहा, आप सच्चे समाजवादी हैं। समाजवादी विचारधारा के साथ चले, वो अलग बात है कि आपके साथ शिवपाल जी जैसे लठैत ने भी चलने की कोशिश की। आपने कुछ जनपदों की पहचान ऐसी बना दी थी कि लोग होटल में कमरा नहीं देते थे, लेकिन हम लोगों ने व्यवस्था बदली, परसेप्शन बदल गया। आज लोग कहते हैं, अच्छा आप यूपी से आए हैं।  

मंगला पशु बीमा योजना में 21 हजार पशुओं का होगा बीमा

जयपुर. राजस्थान में मंगला पशु बीमा योजना पशु पालकों का 'मंगल' कर रही है। प्रथम चरण की कामयाबी के बाद अब इसका दूसरा चरण भी प्रारंभ कर दिया गया है। इस बार भी जिले में 21 हजार पशुओं का बीमा करने का लक्ष्य रखा गया है। राजस्थान सरकार ने छोटे पशुपालकों को पशु हानि से बचाने के लिए मंगला पशु बीमा योजना शुरू की है। इसके तहत पशु पालक 2 बड़े पशु गाय, भैंस अथवा 10 छोटे पशु बकरी भेड़ का निःशुल्क बीमा करवा सकते हैं। योजना के तहत बीमा का लाभ उठाने के लिए पशुपालकों को कोई प्रीमियक शुल्क भी नहीं देना पड़ेगा। जानकारी के अनुसार योजना के तहत पशु के बीमारी, प्राकृतिक आपदा व अन्य कारण से मृत्यु होने जाने पर अधिकतम 40 हजार रुपए की बीमा राशि दी जाती है। लॉटरी में चयनित पशुओं को पशुपालन विभाग हेल्थ सर्टिफिकेट जारी करता है। पहले फेज के दौरान भी विभाग को 21 हजार पशुओं का बीमा करने का लक्ष्य मिला था। जिसके तहत विभाग ने जिले में लगभग 20 हजार पशुओं का रजिस्ट्रेशन भी कराया था, लेकिन इन रजिस्ट्रेशनों में पशु पालकों के गलफत के कारण लगभग 4 से 5 हजार रजिस्ट्रेशन कैंसिल किए गए थे। यानी विभाग गत सीजन 16 हजार पशुओं का ही आंकड़ा प्राप्त कर सका था। जिसमें सबसे ज्यादा 15 हजार 383 पंजीयन भैंसों के किए गए थे। इसके बाद 2 हजार 990 गाय, 2 हजार 103 बकरी और 656 भेड़ों के रजिस्ट्रेशन किए गए थे। अभी तक 36 प्रतिशत ही कार्य गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी विभाग को 21 हजार पशुओं का रजिस्ट्रेशन करने का लक्ष्य मिला है। जिसके तहत अभी तक जिले भर में 8,478 पशुओं का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। जिसमें धौलपुर ग्रामीण क्षेत्र में 2,073 तो शहरी क्षेत्र में 169 पशुओं का बीमा योजना का लाभ लेने के लिए रजिस्ट्रेशन हो चुका है। इसके अलावा राजखेड़ा में ।,266, सैंपऊ में ।,177, सरमथुरा ग्रामीण में 565 तो शहरी में 46, बसेड़ी में 679, बाड़ी में 1063 मनियां में 33 पशुओं का रजिस्ट्रेशन सहित टोटल 7 हजार 71 पशुओं के पंजीयन कराया गया हैं। देखा जाए तो अभी तक लगभग 36 प्रतिशत ही कार्य हो सका है। मार्च 2026 तक रखी है समय सीमा शासन ने योजना के तहत लक्ष्य को हासिल करने के लिए मार्च तक की समय सीमा रखी है। समय सीमा को देखते हुए पशुओं के रजिस्ट्रेशन का कार्य धीमा ही लग रहा है, लेकिन हर बार की तरह इस बार भी लक्ष्य हासिल नहीं होने पर रजिस्ट्रेशन की समय सीमा को फिर बढ़ा दिया जाएगा, जिससे कि विभाग लक्ष्य को हासिल कर सके। गत वर्ष शुरू हुई मंगला पशु बीमा योजना राज्य सरकार ने मंगला पशु बीमा योजना की शुरुआत गत वर्ष की थी। मंगला पशु बीमा योजना में पशु की अकाल मृत्यु पर जनाधार कार्डधारक पशुपालक को बीमा क्लेम के रूप में 40 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है। सबसे बड़ी बात यह है कि योजना में पशुपालकों को किसी भी प्रकार का प्रीमियम भी नहीं देना होता है यानी योजना निःशुल्क है। मंगला पशु बीमा योजना का द्वितीय चरण प्रारंभ मंगला पशु बीमा योजना द्वितीय चरण प्रारंभ हो गया है। पहले चरण की तरह इस चरण में भी लक्ष्य को हासिल किया जाएगा। जिससे योजना का लाभ अधिक से अधिक पशुपालकों को मिल सके। डॉ. संतराम मीणा, संयुक्त निदेशक पशु चिकित्सालय धौलपुर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव पहुंचे NeevCloud स्टॉल पर, AI समिट में स्टार्टअप्स को मिला बड़ा प्रोत्साहन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 नई दिल्ली में नीवक्लाउड के प्रदर्शनी स्टॉल का अवलोकन किया। साथ ही नीवक्लाउड के फाउंडर एवं सीईओ  नरेन सेन से कंपनी की गतिविधियों एवं भावी योजनाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को  सेन ने बताया कि इंदौर आधारित नीवक्लाउड की स्थापना भारत को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से की गई है। कंपनी स्वदेशी एआई और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित कर रही है, जिससे देश का डेटा देश में ही सुरक्षित रह सके। नीवक्लाउड और रैकबैंक के साथ वर्तमान में 150 से अधिक कुशल प्रोफेशनल्स कार्यरत हैं, जो इंजीनियरिंग, एआई, क्लाउड, डेटा सेंटर ऑपरेशंस और रिसर्च के क्षेत्र में योगदान दे रहे हैं।  सेन ने बताया कि कंपनी स्वदेशी एआई चिप के विकास की दिशा में भी कार्य कर रही है। इसका उद्देश्य विदेशी निर्भरता कम करना, संवेदनशील डेटा को देश में सुरक्षित रखना और रणनीतिक तकनीक पर भारत का नियंत्रण सुनिश्चित करना है। अब तक 700 करोड़ रुपये का निवेश सुरक्षित किया जा चुका है और आगामी पाँच वर्षों में 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश भारत में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर्स और सेमीकंडक्टर तकनीक के विकास के लिए प्रस्तावित है। रैकबैंक के माध्यम से ऊर्जा-कुशल और हाई-डेंसिटी एआई डेटा सेंटर्स स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे रोजगार सृजन और स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में एआई, क्लाउड और डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस प्रकार के नवाचार देश को डिजिटल क्षेत्र में सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। 

सरकार का लक्ष्य गांव-गांव तक सड़क, सिंचाई और बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना : मंत्री केदार कश्यप

रायपुर सरकार का लक्ष्य गांव-गांव तक सड़क, सिंचाई और बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना : मंत्री  केदार कश्यप वन मंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि सरकार का उद्देश्य दूरस्थ गांवों तक सड़क, सिंचाई और बुनियादी सुविधाएं पहुंचाकर ग्रामीण जीवन को आसान बनाना है। उन्होंने विश्वास जताया कि करोड़ों रुपये के इन विकास कार्यों से किसानों को बेहतर सिंचाई व्यवस्था मिलेगी, आवागमन सुगम होगा और सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों को नई पहचान मिलेगी। वन मंत्री  केदार कश्यप ने  नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विकास कार्यों को नई गति देते हुए सालेमेटा और घोटिया में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान कुल लगभग 65 करोड़ 96 लाख रूपए से अधिक के विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया। भूमिपूजन किए गए कार्यो में सालेमेटा क्षेत्र के 6276.65 लाख रुपये और घोटिया क्षेत्र के 320.12 लाख रुपये के कार्य शामिल हैं। सालेमेटा क्षेत्र में 6276.65 लाख रुपये के विकास कार्यों का शुभारंभ सालेमेटा में सबसे बड़ा कार्य जल संसाधन विभाग द्वारा कोसारटेडा परियोजना की मुख्य नहर के 24 किमी जीर्णोद्धार का है, जिसकी लागत 4132.58 लाख रूपए है। इसके साथ ही कोरारटेडा नाला पर एनीकट सह सौर उद्वहन सिंचाई योजना के लिए 402.59 लाख, खण्डसरा क्षेत्र में गिरलकोना एनीकट सह सौर उद्ववहन सिंचाई के लिए 423.68 लाख रुपए के कार्य का भूमिपूजन किया l इसी प्रकार मुण्डागुड़ा क्षेत्र में योजना के लिए 421.35 लाख तथा सोलगुड़ा स्टॉपडैम सह सौर उद्वहन निर्माण के लिए 422.41 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। भानपुरी स्थित सिंचाई कॉलोनी में सड़क, नाली, बाउंड्रीवाल, पानी टंकी और पाइपलाइन, क्रीडा परिसर निर्माण हेतु 350.75 लाख रूपए का कार्य भी शामिल है, जबकि पीएमजीएसवाई अंतर्गत सड़क निर्माण के लिए 98.29 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा छोटे स्तर पर पुलिया निर्माण के कार्य 4.50 लाख, 09 लाख और 11.50 लाख रुपये की लागत से किए जाएंगे। जहां इन सभी कार्यों का कुल योग 6276.65 लाख रुपये है। घोटिया क्षेत्र में 320.12 लाख रुपये के विकास कार्य का भूमिपूजन दूसरे चरण में घोटिया में आयोजित कार्यक्रम में कुल 320.12 लाख रुपये के विकास कार्यों का भूमिपूजन हुआ। यहां गुनपुर के पास नारंगी नदी पर तटरक्षण कार्य के लिए 298.62 लाख रुपये का प्रावधान है, जबकि हाई स्कूल के पास पुलिया निर्माण हेतु 09 लाख रुपए के स्वीकृत हुए। इसी तरह गुड़ीपारा और तिरथा में सांस्कृतिक भवन निर्माण के लिए पांच-पांच लाख रुपये तथा ग्राम पंचायत गुरिया में पानी टैंकर वितरण 2.50 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं। जहां विकास कार्यों की कुल लागत 320.12 लाख रुपये है। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष  बलदेव मंडावी,  संतोष बघेल, जिला पंचायत सदस्य  निर्देश दिवान सहित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन की मौजूद थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में की इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में सहभागिता

निर्भय होकर एआई से प्रदेश के विकास की सभी संभावनाओं पर करेंगे काम प्रदेश में एआई बेस्ड डेटा सेंटर की स्थापना के लिए निवेशक आमंत्रित मध्यप्रदेश जल्द लांच करेगा स्टेट एआई मिशन कृषि, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और सुशासन में एआई का करेंगे उपयोग धार्मिक पर्यटन बढ़ाने और सिंहस्थ महाकुंभ के समुचित नियोजन एवं प्रबंधन में करेंगे एआई का इस्तेमाल   भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कोई भी नई तकनीक तभी सार्थक है, जब वह मानवता के हित में अवसरों से भरपूर और कारगर हो। हमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता अर्थात आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) को नवाचार के साथ सबके विकास, सामाजिक समरसता, सुशासन और देश-प्रदेश के सर्वांगीण विकास के साधन के रूप में अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि भारत आज डिजिटल परिवर्तनों को अपनाकर निरंतर आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में एआई कृषि, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन उद्योग और प्रशासन में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एआई के माध्यम से पारदर्शिता बढ़ेगी, निर्णय प्रक्रिया तेज होगी और आम नागरिक तक योजनाओं का लाभ भी अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय एकता और सामूहिक संकल्प का आह्वान करते हुए कहा कि देश के विकास के लिए सभी को मिलकर आगे बढ़ना होगा। हम सब एकजुट होकर एआई के माध्यम से भारत को समृद्धि की नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं। एआई तकनीक हमारे लिए अवसर भी है और जिम्मेदारी भी। शीघ्र ही मध्यप्रदेश स्टेट एआई मिशन लांच करेगा, जो शासन प्रणाली, सार्वजनिक सेवाओं और आर्थिक अवसरों को तकनीक आधारित रूप में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम् में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 के समापन सत्र में सहभागिता की। उन्होंने भारत मंडपम् स्थित भोपाल मीडिया सेंटर में नेशनल मीडिया करेस्पांडेंट्स से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के भविष्य और इसके इस्तेमाल पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एआई से निर्भय होकर देश के हित में काम करने पर जोर दिया है। हमारी सरकार प्रदेश की समृद्धि के लिए सभी चुनौतियों से उबरकर तेज गति से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसमें मध्यप्रदेश भी अपनी बड़ी भूमिका निभा रहा है। मध्यप्रदेश, भारत का 5वां बड़ा राज्य है। राज्य के चिकित्सा क्षेत्र में एआई की मदद से सही समय पर बीमारियों की पहचान और उनका निदान एवं सुदूर अंचलों तक बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। मध्यप्रदेश में नए-नए उद्योग स्थापित करने के लिए हमारे पास पर्याप्त भूमि और पानी उपलब्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एआई को “नये जमाने की नई वैज्ञानिक विधा” बताते हुए इसके जिम्मेदारीपूर्ण और मानवीय उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एआई तकनीकी प्रगति के माध्यम के साथ मानव जीवन की गुणवत्ता सुधारने का सशक्त साधन भी है। भारत जैसे सांस्कृतिक रूप से समृद्ध राष्ट्र के लिए यह आवश्यक है कि एआई का विकास और उपयोग भारतीय मानवीय मूल्यों के संरक्षण के साथ हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत में प्रतिभा, संसाधन और दृष्टि, तीनों का अद्वितीय संगम मौजूद है। सही दिशा में एआई का उपयोग कर हम अपने देश को वैश्विक एआई परिदृश्य में अग्रणी भूमिका में ला सकते हैं। उन्होंने कहा कि एआई का भविष्य इसकी तकनीकी श्रेष्ठता, नैतिकता, पारदर्शिता और समावेशिता में निहित है। यह हम पर है कि हम इसका उपयोग किस तरह, किस दिशा में और किस लक्ष्य के लिए कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा प्रदेश देश के मध्य में स्थित है। हमारे पास पर्याप्त लैंड बैंक है। प्रदेश में एआई आधारित एक बड़ा डेटा सेंटर स्थापित किया जाएगा। इस डेटा सेंटर की स्थापना के लिए हमने बड़े निवेशकों और कम्पनियों को भी आमंत्रित किया है। एआई के जरिए प्रदेश के तकनीकी विकास और समृद्ध मध्यप्रदेश के निर्माण को गति मिलेगी। प्रदेश के नागरिकों के कल्याण के लिए हम हर सेक्टर में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि प्रधान राज्य है। किसानों और युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की भूमिका क्रांतिकारी सिद्ध होगी। किसानों के लिए फसलों में होने वाली बीमारियों की सही समय पर जांच और उपचार करने से उत्पादन में लाभ मिलेगा। बहुफसलीय खेती को बढ़ाने, किसानों को बिजली-पानी और सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने, प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने और आवागमन सुगम बनाने सहित हर सेक्टर में एआई का भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश के बड़े और छोटे शहरों में आईटी पार्क बनाए जा रहे हैं। हमारे युवाओं में टैलेंट की कमी नहीं है। युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार कार्य कर रही है। एआई के माध्यम से भी लाभ देने पर विचार किया जा रहा है। प्रदेश में एआई सेक्टर के विकास के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, टैलेंट सपोर्ट, इंडस्ट्री में उपयोग, रिसर्च और इनोवेशन से जुड़कर इंडस्ट्री रिसर्च सेंटर को प्रोत्साहन देकर आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश बनाने के लिए हम आगे बढ़ेंगे। एआई स्टार्ट-अप को सरकार के साथ काम करने का अवसर देने के लिए भी हम काम कर रहे हैं। एमएसएमई में नए शोध को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मध्यप्रदेश बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होकर नई संभावनाओं की ओर देख रहा है। इस सेक्टर में भी एआई के उपयोग को भविष्य में प्रोत्साहन दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा राज्य कृषि क्षेत्र में समृद्ध होता जा रहा है। मध्यप्रदेश गेहूं और धान उत्पादन में अग्रणी है। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए फल उद्यान, बागवानी फसलों और जैविक खेती को प्रोत्साहित कर रही है। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग हमारे सभी किसानों को एआई का भरपूर लाभ दिलाने में मदद करेगा। प्रदेश सरकार कृषि उत्पादन सहित हर सेक्टर में एआई के उपयोग के लिए तैयार है। एजुकेशन और हेल्थ सेक्टर में भी एआई महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। राज्य में सिकल सेल एनीमिया से लड़ने में भी एआई का लाभ लिया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि नई शिक्षा नीति-2020 के प्रदेश में सबसे … Read more

नमो भारत की स्पीड का कमाल, सराय काले खां से बेगमपुल तक 39 मिनट में पहुंचेंगे यात्री

नई दिल्ली नमो भारत ट्रेन के लिए सराय काले खां स्टेशन पूरी तरह तैयार हो चुका है। 22 फरवरी से आम यात्री इस ट्रेन में सफर कर सकेंगे। सराय काले खां से मेरठ तक का सफर महज 55 मिनट में तय होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 फरवरी को मेरठ में इस पूरे कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे। इस बीच, नमो भारत स्पेशल ट्रेन सराय काले खां स्टेशन से बेगम पुल स्टेशन तक महज 39 मिनट में पहुंच गई। अभी 11 स्टेशनों के बीच सर्विस प्रधानमंत्री मोदी दिल्ली के सराय काले खां से मेरठ के मोदीपुरम की 82 किलोमीटर लंबे दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे। इस कॉरिडोर पर सराय काले खां, आनंद विहार, गाजियाबाद, गुलधर, मुरादनगर, मोदीनगर साउथ, मोदीनगर नॉर्थ और मेरठ साउथ जैसे 16 प्रमुख स्टेशन शामिल हैं। नमो भारत कॉरिडोर पर अभी दिल्ली के न्यू अशोक नगर से मेरठ तक 11 स्टेशनों के बीच सर्विस दी जा रही हैं। पूरे दिल्ली-एनसीआर को फायदा होगा 22 फरवरी को पूरा कॉरिडोर शुरू होने के बाद दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ ही नहीं बल्कि फरीदाबाद, गुरुग्राम और नोएडा के लाखों लोगों को भी इससे काफी फायदा मिलेगा। मेरठ के चार फ्लोर का बेगमपुल स्टेशन आधुनिक सुविधाओं से लैस है। यहां हर तरह की वह सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे कि यात्री अपने गंतव्य तक सफर करते हुए आनंद ले सकें। मॉडर्न इंफ्रास्ट्रक्चर का अद्भुत नमूना है सराय काले खां स्टेशन सराय काले खां स्टेशन मॉडर्न इंफ्रास्टक्चर का एक अद्भुत नमूना है। स्टेशन में 6 प्लेटफार्म और 4 ट्रैक, 18 एस्केलेटर और सीसीटीवी कैमरे हैं। स्टेशन आधुनिक सुविधाओं जैसे एस्केलेटर, लिफ्ट और वातानुकूलित वेटिंग एरिया से सुसज्जित है। स्टेशन में 6 प्रवेश और निकास द्वार भी हैं, जो भीड़ को नियंत्रित करने में सहायक होंगे। सराय काले खां स्टेशन नमो भारत कॉरिडोर के सबसे बड़े स्टेशनों में से एक है। यात्रा के तरीके में क्रांतिकारी बदलाव की संभावना एनसीआरटीसी यानी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम ने इस स्टेशन को एक आधुनिक मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया है। यहां से यात्री रेलवे, बस, मेट्रो और अन्य परिवहन साधनों से आसानी से जुड़ सकेंगे। 'नमो भारत' ट्रेन सेवा से दिल्ली-एनसीआर में लोगों के यात्रा करने के तरीके में क्रांतिकारी बदलाव आने की संभावना है।

छत्रपति शिवाजी का व्यक्तित्व एवं जीवन देता है राष्ट्र प्रेम की सीख- उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

रायपुर. उप मुख्यमंत्री ने छत्रपति शिवाजी के प्रतिमा का किया लोकार्पण छत्रपति शिवाजी की 396 वें जन्म जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा का लोकार्पण उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने किया। यह प्रतिमा कवर्धा शहर में छत्रपति शिवाजी चौक पर स्थापित की गई है। प्रतिमा के पार्श्व में किले की दीवार और आजू बाजू में तोपों की प्रतिकृति बनाई गई है। जो पूरे प्रतिमा को भव्यता प्रदान कर रही है।  उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा यह कवर्धा के लिए ऐतिहासिक दिन है जब अदम्य वीरता और साहस के प्रतीक छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा उनके जन्म जयंती के अवसर पर यहां स्थापित की जा रही है। छत्रपति शिवाजी का व्यक्तित्व हमारे समाज और युवाओं के लिए पथ प्रदर्शक और प्रेरणादायी रहा है कि कैसे उन्होंने मुगल आतंक को चुनौती दी और अपनी वीरता से एक विशाल साम्राज्य की नींव रखी, जो आगे चलकर विदेशी ताकतों के खिलाफ भारतीय प्रतिरोध का प्रतीक बना। यह प्रतिमा आने वाली पीढ़ी को प्रेरणास्त्रोत के रूप में राष्ट्र प्रेम की सीख देगा।  प्रदेश में लाल आतंक के खात्मे पर उन्होंने कहा कि हम सशस्त्र नक्सलिज्म को खत्म करने का कार्य कर रहे हैं। आज हम बस्तर से लाल आतंक के समूल नाश करने में निर्णायक स्थिति में पहुंच चुके हैं। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के नेतृत्व में यह संकल्प लिया गया था जिसे पूर्ण करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रहे हैं। कवर्धा में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 146 करोड़ की लागत से भव्य भोरमदेव मंदिर कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। जिसमें मड़वा महल, छेरकी महल और रामचुंवा को भी शामिल किया गया है, यहां के सरोवर और मेला स्थल को भी संवारा जाएगा। इसी प्रकार बूढ़ा महादेव मंदिर के उन्नयन एवं नदी तट को संवारने का काम किया जाएगा। यहां कांवड़िया सदन का निर्माण भी होने जा रहा है।          विधायक दुर्ग ग्रामीण  ललित चंद्राकर  ने कहा कि छत्रपति शिवाजी ने देश को एकजुट कर भारत को भारत बनाने में अपने प्राण न्यौछावर किया। उनका व्यक्तित्व आज इतने वर्षों बाद भी उतना ही प्रेरणादायी व अनुकरणीय है। उन्होंने पूरे समाज और पूरे देश को एक किया है। छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा की स्थापना शहर को न केवल भव्यता दे रहा है बल्कि युवाओं को हमारे अमर बलिदानी के योगदान की हमेशा याद दिलाएगा।             नगर पालिका अध्यक्ष  चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने अपने उद्बोधन में कहा कि छत्रपति शिवाजी का समूचा व्यक्तित्व और पूरा जीवन वीरता, शौर्य और साहस का प्रतीक है, उनकी स्मृति में छत्रपति शिवाजी के नाम से बने इस चौक में यह प्रतिमा स्थापित की गई है। उन्होंने उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा का भी प्रतिमा निर्माण करवाने हेतु आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर  राजेन्द्र चंद्रवंशी,  नितेश अग्रवाल ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू, कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष  सुरेश चंद्रवंशी, राज्य पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण के सदस्य  भगतराम पटेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष  विदेशीराम धुर्वे,  भुनेश्वर चंद्राकर,  उमंग पाण्डेय, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मती देवकुमारी चंद्रवंशी,  मनहरण कौशिक, मती सतविंदर पाहुजा, अध्यक्ष  सतीष चंद्रवंशी, मती विजय लक्षमी तिवारी सहित जनप्रतिनिधि, समस्त पार्षदगण, शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।