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मेघालय कोयला खदान हादसा: विस्फोट में 16 मजदूरों की मौत

मेघालय मेघालय में कोयला खदान में विस्फोट से 16 लोगों की मौत; PM ने किया दो-दो लाख रुपये के मुआवजे का एलान मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले में गुरुवार को एक अवैध कोयला खदान में डायनामाइट विस्फोट में 16 लोगों की मौत हो गई। वहीं, एक व्यक्ति के घायल होने की भी खबर है। यह कोयला खदान जिले के मिसिंगेट-थांग्स्को इलाके में है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये का मुआवाजा देने की घोषणा की है।   पुलिस ने क्या कहा? पूर्वी जयंतिया हिल्स के पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि दूरदराज के इलाके में स्थित इस खदान से चार शव बरामद किए गए हैं और एक झुलसे हुए व्यक्ति को उपचार के लिए शिलांग भेजा गया है।  घटना को लेकर अधिकारियों ने क्या बताया?  अधिकारियों ने कहा कि राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल और दमकल व आपात सेवाओं की टीमें मौके पर भेजी गईं।      उन्होंने कहा कि मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका है।     घटनास्थल से मिली जानकारी के अनुसार, जिस पहाड़ी में अवैध खनन हो रहा था, विस्फोट के बाद उसका एक हिस्सा धंस गया, जिससे और खनिकों के फंसे होने की आशंका है। पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान अभी नहीं हो पाई है। दिसंबर 2025 में भी हुआ था ऐसा ही विस्फोट यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब जिले में अवैध कोयला खनन को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। इसी थांग्स्को इलाके में पिछले साल 23 दिसंबर को भी ऐसा ही डायनामाइट विस्फोट हुआ था। उस विस्फोट में दो खनिकों की मौत हो गई थी।  तब पुलिस शुरू में विस्फोट की खबरों को बेबुनियाद बताया था। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट सामने आने के बाद मेघालय हाईकोर्ट ने राज्य में अवध कोयला खनन और उसके परिवहन की जांच के लिए गठित एक सदस्यीय समिति (सेवानिवृत्त जज बीपी काटेकी समिति) ने पुलिस से रिपोर्ट मांगी थी। मेघायल के मानवाधिकार आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया था और राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट तलब की थी।  इससे पहले 14 जनवरी को असम के होजाई जिले में भी अवैध कोयला खदान में हादसा हुआ था। उसमें जिले के जमुना मौदंगा निवासी मौसाद अली (48 वर्षीय) की मृतक के रूप में पहचान हुई थी, जो उम्थे गांव के निवासी थे। पुलिस ने उस घटना की पुष्टि की थी। वह मामला भी जस्टिस काटेकी समिति की जांच के दायरे में आया था।  प्रधानमंत्री मोदी ने घटना पर क्या कहा? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोयला खदान में विस्फोट की घटना पर दुख जताया। उन्होंने मृतकों के परिवारों के लिए दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की। प्रधानमंत्री कार्यालय ने पीएम मोदी के हवाले से कहा, मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स में हुई दुर्घटना से व्यथित हूं। अपनो को खोने वालों के प्रति गहरी संवेदना। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। पीएम मोदी ने घोषमा की कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से प्रत्येक मृतक के परिजनों को दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी, जबकि घायलों को 50 हजार रुपये दिए जाएंगे।  एनडीआरएफ की तीन टीमें मौके पर भेजी गईं: अधिकारी अधिकारियों ने बताया कि संदिग्ध अवैध कोयला खदान में हुए विस्फोट में 16 लोगों की मौत हो गई और कई मजदूरों के फंसे होने की आशंका है। बचाव अभियान चलाने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की तीन टीमें भेजी गई हैं।  

गद्दार बयान पर बवाल: सिख पहचान को लेकर राहुल गांधी पर मोदी का पलटवार

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को राहुल गांधी पर बड़ा हमला बोला। पीएम मोदी ने कहा कि राहुल गांधी ने रवनीत बिट्टू को गद्दार कहा, क्योंकि वह सिख हैं। उन्होंने कहा कि यह सिखों का अपमान है। राज्यसभा में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कल जो हुआ, कांग्रेस के ‘युवराज’ जिनका शातिर दिमाग है, उन्होंने इस सदन के एक सांसद को ‘गद्दार’ कहा। प्रधानमंत्री ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका अहंकार चरम पर है। उन्होंने कांग्रेस छोड़ने वाले किसी और को गद्दार नहीं कहा। लेकिन उन्होंने उस सांसद को गद्दार इसलिए कहा क्योंकि वे एक सिख हैं। यह सिखों का अपमान था, गुरुओं का अपमान था। यह सिखों के प्रति उस नफरत का इजहार था जो कांग्रेस में भरी हुई है। पीएम मोदी ने कहा कि रवनीत बिट्टू उस परिवार के सदस्य हैं, जिसने देश के लिए खुद को कुर्बान कर दिया। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसे लोग कांग्रेस को डुबो देंगे। क्या हुआ था राहुल गांधी-बिट्टू के बीच गौरतलब है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच बुधवार को नोक-झोंक देखने को मिली जब संसद परिसर में कांग्रेस नेता ने उन्हें ‘गद्दार’ कहा। इसके जवाब में बिट्टू ने ‘देश का दुश्मन’ कहा। यह घटना संसद के मकर द्वार के निकट उस वक्त हुई, जब संसद के बजट सत्र की शेष अवधि से निलंबित किए गए आठ विपक्षी सांसद प्रदर्शन कर रहे थे। कांग्रेस के सांसद रह चुके बिट्टू संसद भवन में प्रवेश कर रहे थे और यह टिप्पणी करते हुए सुने गए कि ये (प्रदर्शन कर रहे सांसद) जंग जीतकर आए हैं। इस पर, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि देखिए यहां एक गद्दार चला आ रहा है…मेरे गद्दार मित्र, चिंता मत करो, वापस आओगे। सोनिया गांधी का ‘बिगड़ा हुआ बेटा’ बिट्टू ने बाद में राहुल गांधी को कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी का ‘बिगड़ा हुआ बेटा’ करार दिया। भाजपा नेता ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने यह बात कई अन्य सांसदों से क्यों नहीं कही, बल्कि केवल एक सिख से ही क्यों कही? बिट्टू ने एक वीडियो संदेश में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि गांधी परिवार खुद को सबसे बड़ा ‘देशभक्त’ मानते हैं क्योंकि उनके पिता (राजीव गांधी) ने अपना जीवन कुर्बान किया था। मैंने पार्टी में यह लड़ाई लड़ी कि मेरे दादा, बेअंत सिंह गांधी परिवार द्वारा लगाई गई आग के कारण पंजाब में शहीद हुए। सिखों के खून से रंगे हैं हाथ सांसद ने आगे दावा किया कि कांग्रेस देश के खिलाफ है और उनके हाथ सिखों के खून से रंगे हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरदार और पगड़ी देखकर कांग्रेस नेता ने इस तरह का व्यवहार किया। बिट्टू ने कहा कि यह सरदार गांधी परिवार के उस वंशज से कभी हाथ नहीं मिलाएगा, जो सिखों का हत्यारा है और जिसने गुरुद्वारों को ध्वस्त किया है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह कांग्रेस में दोबारा शामिल होंगे, तो बिट्टू ने पलटवार किया, ‘वापस आए, मेरी जूती।’ बिट्टू ने कहा कि इस मामले को लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष उठाना होगा क्योंकि वही इसके संरक्षक हैं।  

कालीबाड़ी और पेंशनबाड़ा में बनेगा नया चार मंजिला हॉस्टल

रायपुर,. प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा ने किया निरीक्षण राजधानी के सड्डू में बन रहे ‘‘ज्ञानोदय हब’’ का शुभारंभ मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय करेंगे। आदिम जाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग विकास विभाग द्वारा तैयार किए जा रहे इस हब का उ्ददेश्य शिक्षा के जरिए राष्ट्र निर्माण की बुनियाद मजबूत करना है। ज्ञानोदय हब के शुभारंभ से राजधानी रायपुर में अनुसूचित जाति, जनजातीय, ओबीसी और कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर मिलेगा।  प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा ने आज ज्ञानोदय हब सहित विभाग द्वारा संचालित किए जा रहे हॉस्टलों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को कालीबाड़ी और पेंशनबाड़ा स्थित पुराने छात्रावासों के स्थान पर आधुनिक सुविधाओं से लैस नया चार-चार मंजिला हॉस्टल भवन तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड्डू और डूंडा में तैयार पांच हॉस्टल भवन का भी निरीक्षण किया। यहां लगभग एक हजार बच्चों को हॉस्टल में रहने के लिए सुविधाएं विकसित की गई है।  प्रमुख सचिव  बोरा ने बताया कि राजधानी रायपुर में बनाए जा रहे इन हॉस्टलों में रहने वाले विद्यार्थियों को सिविल सर्विसेस, एनडीए, क्लेट, नेट, स्लेट, पीटी, पीएमटी, आईआईटी, मेडिकल सहित सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। सढ्ढू का पूरा परिसर लगभग 18 एकड़ तथा डूंडा का हॉस्टल परिसर 10 एकड़ से अधिक भूमि में विकसित किया गया है।  गौरतलब है कि नवनिर्मित हॉस्टलों में एकलव्य ड्रापर छात्रों के लिए कोचिंग हेतु 500 सीटर, ओबीसी बालक-बालिकाओं हेतु सौ-सौ सीटर, अनुसूचित जनजाति के बालिकाओं के व्यवसायिक शिक्षा, शोध एवं अन्य उच्च शिक्षा हेतु 250 सीट शामिल है। इसकी लागत 35 करोड़ 30 लाख 64 हजार रूपए है। इस मौके पर संयुक्त सचिव  बी.एस. राजपुत, अपर संचालक  आरएस भोई, ईई  त्रिदीप चक्रवर्ती, सहायक आयुक्त  शरदचन्द्र शुक्ला सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

कृषि रथ से किसानों को फसलों में संतुलित उर्वरक और नवीन तकनीकों की जानकारी दी गई

“कृषक कल्याण वर्ष-2026” कृषि रथ से किसानों को फसलों में संतुलित उर्वरक एवं नवीन तकनीकों की दी गई जानकारी ई-टोकन के माध्यम से उर्वरक वितरण की नवीन प्रणाली से कराया अवगत भोपाल  कृषक कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत झाबुआ जिले के 6 विकासखण्ड में निरंतर कृषि रथ के माध्यम से कृषि विशेषज्ञों के साथ कृषि एवं सम्बद्ध विभागों के अधिकारियों द्वारा प्रति दिन 3 ग्राम पंचायतों का भ्रमण किया जा रहा है। अधिकारियों द्वारा अभी तक 296 ग्राम पंचायतों का भ्रमण कर लगभग 20250 किसानों से सम्पर्क स्थापित किया गया है। किसानों को उनकी जिज्ञासाओं एवं समस्याओं का निराकरण करने के साथ ही कृषि एवं संबंद्ध विषयों पर नवीन एवं वैज्ञानिक तकनीक की जानकारी दी गई। जिन किसान भाइयों के पास सिंचाई के पर्याप्त साधन हैं उन्हें जायद के मौसम में तिलहनी फसलों की बुवाई करने की जानकारी से अवगत कराया जा रहा है, साथ ही किसानों को कृषि रथ के माध्यम से किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड का वितरण किया जा रहा है। उन्हें मृदा स्वास्थ्य कार्ड में अंकित अनुशंसा अनुसार संतुलित उर्वरक का उपयोग करने की सलाह दी जा रही है। किसानों को प्राकृतिक खेती, नरवाई प्रबंधन, फसल बीमा तथा शासन द्वारा उर्वरक वितरण की नवीन वितरण प्रणाली अंतर्गत ई-टोकन के माध्यम से पारदर्शी तरीके से उर्वरक वितरण व्यवस्था की जानकारी से अवगत कराया जा रहा है। अब उनके रकबे के आधार पर उर्वरक उपलब्धता की जाएगी, किसानों को उर्वरक लेने के लिए अब लम्बी लाइनों में नहीं लगना पड़ेगा साथ ही उनके पंजीकृत मोबाईल फोन पर खाद के उपलब्धता की जानकारी प्राप्त हो जायेगी। कृषि विशेषज्ञों द्वारा किसानों जायद मौसम की फसलों की जानकारी के साथ ही सूक्ष्म सिंचाई यंत्रो जैसे ड्रीप, स्प्रिंकलर आदि के उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है। कृषि रथ के माध्यम से किसानों को शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं के साथ ही उद्यामनिकी फसलों तथा पशु पालन विभाग अंतर्गत दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने की जानकारी भी दी जा रही है ताकि किसानों की आय में वृद्धि की जा सके। कृषि रथ द्वारा ग्राम मानिकपुरा में कृषकों को प्राकृतिक और जैविक खेती का समझाया महत्व  टीकमगढ़ ज़िले के सभी विकासखंडों में कृषि रथ एक माह के लिए चलाये जा रहे हैं। कलेक्टर  विवेक श्रोत्रिय के द्वारा कृषि से सम्बद्ध अन्य विभागों को भी निर्देशित किया गया है कि कृषि रथ के माध्यम से विभागों में संचालित योजनाओं का कृषकों के मध्य प्रचार-प्रसार प्रसार करें। इसी तारतम्य में कृषि रथ के माध्यम से ग्राम पंचायत गणेशगंज के ग्राम मानिकपुरा में भ्रमण कर कृषकों को प्राकृतिक खेती/जैविक खेती करने के लिये प्रोत्साहित, नरवाई नहीं जलाने और मृदा परीक्षण कराने का महत्व समझाया गया। कृषि रथ द्वारा किसानों को खाद वितरण के लिए तैयार की गई ई-टोकन व्यवस्था और ई-विकास पोर्टल की जानकारी दी गई। साथ ही कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य और पशुपालन विभाग में संचालित कृषक हितेषी योजनाओं की भी जानकारी दी गई। कृषि रथ के साथ नोडल अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक, संबंधित विकासखंडों के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, आत्मा योजना  एवं संबंधित विभागों का मैदानी अमला उपस्थित रहा।  

मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी 14 करोड़ रूपए की लागत से करेगी स्थापित

जबलपुर में स्थापित होगा देश का सबसे बड़ा मल्टी फंक्शनल ट्रेनिंग सिम्युलेटर मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी 14 करोड़ रूपए की लागत से करेगी स्थापित जबलपुर मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी (MPPGCL) जबलपुर के नयागांव स्थि‍त पॉवर जनरेटिंग प्रशिक्षण संस्थान में लगभग 14 करोड़ रूपए की लागत से देश का सबसे बड़ा मल्टी-फंक्शनल थर्मल एवं हाइड्रो ऑपरेटर ट्रेनिंग सिम्युलेटर स्थापित करने जा रही है। इस अत्याधुनिक सिम्युलेटर के माध्यम से विद्युत उत्पादन अभियंताओं को विद्युत संयंत्रों के संचालन, नियंत्रण एवं आपातकालीन परिस्थितियों के प्रबंधन का यथार्थपरक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त होगा, जिससे प्लांट ट्रिपिंग जैसी घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आएगी। यह सिम्युलेटर रिमोट ऑपरेशन की सुविधा से भी युक्त होगा। इससे पॉवर जनरेटिंग प्रशिक्षण संस्थान न केवल राज्य बल्कि अन्य राज्यों की विद्युत कंपनियों के अभियंताओं एवं तकनीकी विद्यार्थियों के लिए भी एक प्रमुख प्रशिक्षण केन्द्र के रूप में स्थापित होगा। मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी अपने कार्मिकों को उच्च स्तरीय तकनीकी , वित्तीय एवं प्रबंधकीय दक्षताओं से सुसज्जित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मुख्यालय स्थि‍त नयागांव में प्रशिक्षण संस्थान को अत्याधुनिक नवाचारों के साथ विकसित कर रही है। कंपनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह, डायरेक्टर टेक्न‍िकल सुबोध निगम और डायरेक्टर कॉमर्श‍ियल  मिलिन्द भान्दक्कर के प्रगतिशील मार्गदर्शन में यह संस्थान देश के ऊर्जा क्षेत्र में एक विशिष्ट एवं अग्रणी प्रशिक्षण केंद्र के रूप में उभर रहा है। मुख्य अभियंता मानव संसाधन व प्रशासन  दीपक कुमार कश्यप ने जानकारी कि प्रशिक्षण संस्थान में आधुनिक स्मार्ट कक्षाओं की स्थापना की जा रही है, जहाँ कंपनी के सभी कॉडर के कार्मिकों को तकनीकी, वित्तीय व प्रबंधकीय विषयों पर समग्र प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। यह संस्थान नवनियुक्त कार्मिकों व अभियंताओं के लिए प्रेरण प्रशिक्षण (इंडक्शन ट्रेनिंग) का प्रमुख केंद्र होगा। कंपनी की मिड-कैरियर ट्रेनिंग पॉलिसी के अंतर्गत करंट चार्ज अथवा पदोन्नति प्राप्त करने वाले सहायक अभियंता से लेकर अतिरिक्त मुख्य अभियंता स्तर तक के कार्मिकों को विशेष रूप से संरचित प्रशिक्षण कार्यक्रमों से लाभान्वित किया जाएगा। निर्माणाधीन ‘मंत्रा’ ऑडिटोरियम एवं आईटी प्रशिक्षण केंद्र-प्रशिक्षण संस्थान परिसर में 150 सीटों की क्षमता वाला अत्याधुनिक ‘मंत्रा’ ऑडिटोरियम निर्माणाधीन है, जिसमें सम्मेलन, सेमिनार, कार्यशालाएँ एवं विभिन्न प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त 21 कम्प्यूटर एवं समर्पित कार्यस्थलों से युक्त एक आधुनिक कम्प्यूटर प्रशिक्षण केंद्र भी विकसित किया जा रहा है, जहाँ ईआरपी, ऑटोकैड, प्राइमावेरा सहित विभिन्न तकनीकी एवं वित्तीय सॉफ्टवेयर पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित बहुआयामी प्रशिक्षण परिसर-प्रशिक्षण संस्थान में एक अत्याधुनिक मॉडल रूम एवं डिजिटल पुस्तकालय का विकास भी किया जा रहा है, जहाँ हाइड्रो एवं थर्मल पॉवर प्लांटों के कार्यशील मॉडल, कोल हैंडलिंग प्लांट, टरबाइन, जनरेटर, बॉयलर, ईएसपी, कंडेंसर एवं कूलिंग टावर जैसी प्रमुख मशीनों के मॉडल स्थापित किए जाएंगे। प्रशिक्षणार्थियों के आवास हेतु लगभग 3.8 करोड़ रुपये की लागत से 16 कमरों वाला छात्रावास निर्माणाधीन है, जिसमें डाइनिंग हॉल, किचन, रिक्रिएशन हॉल एवं मिनी जिम जैसी सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। साथ ही, संस्थान में एक हाई-टेक स्टूडियो भी विकसित किया जाएगा, जहाँ विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण वीडियो की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग एवं एडिटिंग की जाएगी, जिनका प्रसारण विभिन्न शैक्षणिक एवं व्यावसायिक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किया जा सकेगा। मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी की यह पहल न केवल मानव संसाधन विकास की दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध होगी, बल्कि आधुनिक तकनीक, नवाचार एवं प्रशिक्षण उत्कृष्टता के माध्यम से राज्य के ऊर्जा क्षेत्र को और अधिक सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।  

लखनऊ में चाइनीज मांझे से मौत पर मर्डर केस दर्ज, योगी ने जताया गुस्सा, यूपी भर में रेड की शुरुआत

लखऊ उत्तर प्रदेश में चाइनीज मांझे से मौत को अब हत्या माना जाएगा। ऐसी मौत मामले में मर्डर का केस चलेगा। प्रदेश में लगातार हो रहे हादसों पर सीएम योगी ने सख्ती दिखाई है। इसके इस्तेमाल और बिक्री पर रोक को लेकर सख्त रुख अपनाया है। हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से पूछा कि प्रतिबंध के बावजूद बाजार में चाइनीज़ मांझा कैसे उपलब्ध हो रहा है। उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाकर ऐसे मांझे की बिक्री, भंडारण और सप्लाई करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। सीएम योगी ने यह भी कहा कि चाइनीज़ मांझे से होने वाली मौतों को गंभीर अपराध माना जाएगा और जरूरत पड़ने पर ऐसे मामलों को हत्या की श्रेणी में दर्ज किया जा सकता है। इसके साथ ही अधिकारियों को जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि लोग इस खतरनाक मांझे के इस्तेमाल से बचें और सुरक्षित विकल्प अपनाएं। उन्होंने पुलिस प्रमुखों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अवैध मांझे की सप्लाई चेन की पहचान कर बड़े स्तर पर छापेमारी की जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। आपको बता दें 4 फरवरी को लखनऊ में चाइनीज मांझे से गर्दन कटने की वजह से एमआर की मौत हो गई थी। वह बाइक से जा रहे थे। तभी उनके गले में चाइनीज मांझा फंस गया। खून से लथपथ होकर वह बाइक समेत गिर गए और करीब 10 मिनट तक तड़पते रहे। राहगीरों ने उन्हें ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। चाइनीज़ मांझा बेहद खतरनाक होता है और इससे लोगों की जान को गंभीर खतरा रहता है। जिसे देखते हुए सरकार इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। लखनऊ में चाइनीज मांझा बना काल लखनऊ से हैरान करने वाली घटना सामने आई है. हैदरगंज पुल पर बुधवार को दर्दनाक हादसा हो गया. चाइनीज मांझे से एक युवक की गर्दन कट गई. लहूलुहान हालत में युवक को अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां युवक की मौत हो गई. मृतक युवक की पहचान शोएब के रूप में हुई. शोएब परिवार का एकलौता बेटा था. वहीं, शोएब की मौत पर परिवार वाले आक्रोश में हैं. चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध की मांग की है.  बाइक सवार आया चपेट में  लखनऊ पुलिस के मुताबिक, शोएब दुबग्गा का रहने वाला था. बुधवार दोपहर वह अपनी बाइक से हैदरगंज ओवरब्रिज से जा रहा था. तभी अचानक चाइनीज मांझा उनके गले में फंस गया. मांझे से युवक की गर्दन पर गहरा घाव हो गया. युवक लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़ा. राहगीर उसे अस्पताल ले गए. लेकिन चिकित्सक उसकी जान नहीं बचा पाए. बताया गया कि अस्पताल ले आते तक ब्लड ज्यादा ​बह गया था. वहीं, शोएब की मौत की खबर मिलते ही दुबग्गा स्थित उनके घर में कोहराम मच गया.  घटना की सूचना मिलते ही बाजारखाला पुलिस मौके पर पहुंची. शोएब के घर वालों ने चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर हंगामा किया. घर वालों का कहना है कि चाइनीज मांझा खुलेआम बिक रहा है. प्रशासन प्रतिबंध नहीं लगा पा रहा है. वहीं, इंस्पेक्टर ने बताया कि शोएब के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. परिजनों की ओर से तहरीर पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. चाइनीज मांझे के खिलाफ भी अभियान चलाया जाएगा. 

रूस का बड़ा बयान: तेल के मुद्दे पर भारतीय दोस्त कभी नहीं बदलेंगे

नई दिल्ली रूस ने कहा है कि इस बात पर भरोसे की कोई वजह नहीं है कि 'दोस्त' भारत अपना रुख बदल सकता है। यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि भारत रूस से तेल की खरीद बंद कर देगा। इससे पहले रूस ने कहा था कि भारत किसी भी देश से तेल खरीदने के लिए स्वतंत्र है। ट्रंप ने कहा है कि भारत अब अमेरिका और संभावित रूप से वेनेजुएला से तेल खरीदेगा। रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया झाकारोवा ने कहा कि इस बात पर भरोसा करने का कोई कारण नहीं है कि भारत ऐसा कदम उठाएगा। उन्होंने कहा, 'अमेरिका के राष्ट्रपति का किसी स्वतंत्र देश को यह बताना कि वह किसके साथ व्यापार कर सकता है, कोई नई बात नहीं है। रूस के पास इस बात को मानने का कोई कारण नहीं है कि हमारे भारतीय मित्रों ने अपना रुख बदल लिया है।' उन्होंने कहा, 'हम इस बात से सहमत है कि भारत का रूसी हाइड्रोकार्बन खरीदना दोनों देशों के लिए फायदेमंद है और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में स्थिरता बनाए रखने में मदद करता है। हम भारत में हमारे साझेदारों के साथ इस क्षेत्र में करीबी सहयोग को जारी रखने के लिए तैयार हैं।' रूस बोला- भारत स्वतंत्र है क्रेमलिन ने  कहा कि भारत किसी भी देश से कच्चा तेल खरीदने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है और विविधता लाने के उसके फैसले में कुछ भी नया नहीं है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने एक सवाल के जवाब में कहा, 'हम और अन्य अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा विशेषज्ञ इस बात से भली-भांति परिचित हैं कि रूस, भारत को तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति करने वाला एकमात्र देश नहीं है। भारत हमेशा से अन्य देशों से भी ये उत्पाद खरीदता रहा है, इसलिए हमें इसमें कुछ भी नया नजर नहीं आता।' इससे एक दिन पहले पेसकोव ने स्पष्ट किया था कि रूस को भारत की ओर से रूसी तेल की खरीद बंद करने के संबंध में अब तक कोई आधिकारिक बयान या सूचना प्राप्त नहीं हुई है। रूस के नेशनल एनर्जी सिक्योरिटी फंड के प्रमुख विशेषज्ञ इगोर युशकोव ने कहा कि भारतीय तेल शोधन संयंत्र रूसी कच्चे तेल का आयात पूरी तरह बंद नहीं कर सकते। उन्होंने तकनीकी कारण बताते हुए कहा, 'अमेरिका जिस 'शेल ऑयल' का निर्यात करता है, वह हल्के श्रेणी का होता है। इसके विपरीत, रूस भारी और सल्फर युक्त 'यूराल्स' तेल की आपूर्ति करता है। भारतीय तेल शोधन संयंत्रों के ढांचे के अनुसार, उन्हें अमेरिकी तेल को अन्य श्रेणी के साथ मिलाना होगा, जिससे अतिरिक्त लागत आएगी। ऐसे में रूस के तेल को पूरी तरह अमेरिका से बदलना संभव नहीं होगा।'

गणतंत्र दिवस 2026 परेड के सहभागी रा.से.यो. के स्वयं सेवक लोक भवन में हुए सम्मानित

भोपाल. राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा है कि आत्मीय सद्भावना के साथ जरूरतमंद की मदद सच्ची समाज सेवा है। सेवा का भाव सबकी अंतरात्मा में निहित है। उसे अच्छे संस्कारों और मूल्यों से उभारने की जरूरत है। उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों से कहा कि आपके कार्यों से लोगों को खुशी मिले। किसी को दुख नहीं हो। हर दिन के अंत में चिंतन करें, क्योंकि समाज बदलने के लिए स्वयं को बदलना आवश्यक है। सबके लिए सद्भावना और निस्वार्थ सेवा से ही आत्मिक आनंद की प्राप्ति होती है। धन से क्षणिक सुख तो प्राप्त किया जा सकता है, किन्तु वास्तविक सुख संस्कारित आचरण से ही मिलता है।राज्यपाल  पटेल गुरुवार को लोकभवन में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना का ‘कैंपस टू कम्यूनिटी’ सफर ‘शिक्षा द्वारा समाज सेवा’ और ‘समाज सेवा द्वारा शिक्षा’ के महान लक्ष्य को प्राप्त करने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना केवल प्रमाण-पत्र प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि “स्वयं से पहले सेवा” के जीवन-मंत्र को अपनाने की साधना है। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के युवा केवल विद्यार्थी नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा के समर्पित सिपाही हैं। उनका प्रत्येक कदम समाज की प्रगति, जागरूकता और संवेदनशीलता की दिशा में आगे बढ़ता है। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि राष्ट्रपति के समक्ष सलामी देना बड़ी उपलब्धि है, लेकिन असली सार्थकता तब है, जब स्वयंसेवक अपनी निस्वार्थ सेवा और अटूट संकल्प से वंचित और जरूरतमंद लोगों के जीवन में वास्तविक सुधार लाएँ। उन्होंने कहा कि समाज सेवा में सद्भाव होगा तभी वंचितों के जीवन में खुशहाली आएगी। उन्होंने कहा कि कर्तव्य पथ पर युवाओं की अनुशासित और प्रभावशाली कदमताल ने प्रदेशवासियों का दिल जीता है। साथ ही यह संदेश दिया कि मध्यप्रदेश का युवा हर क्षेत्र में अग्रणी है। राज्यपाल  पटेल ने गणतंत्र दिवस 2026 की राष्ट्रीय परेड में प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले स्वयंसेवकों और पुरस्कार प्राप्त युवाओं का लोकभवन में हार्दिक स्वागत किया। उनको उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दी। राज्यपाल  पटेल का कार्यक्रम में पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्रम भेंट कर स्वागत और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया। स्वागत उद्बोधन अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा  अनुपम राजन ने दिया और आभार प्रदर्शन आयुक्त उच्च शिक्षा  प्रबल सिपाहा ने किया। कार्यक्रम में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, क्षेत्रीय निदेशक राष्ट्रीय सेवा योजना सहित अधिकारी और राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक उपस्थित थे। राज्यपाल  पटेल को MY भारत राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार प्राप्त करने वाले छात्रा आयुषी सिन्हा और सोमित दुबे ने पुरस्कार का अवलोकन कराया। पुरस्कार के संबंध में जानकारी दी। छात्रा रिमी शर्मा और संजय कुमार रजक ने एक माह के शिविर की गतिविधियों के संबंध में छायाचित्रों के माध्यम से जानकारी प्रस्तुत की। छात्रा प्रज्ञा सक्सेना और छात्र विनोद कुमार सेन ने शिविर की गतिविधियों और अनुभवों को साझा किया। राज्यपाल  पटेल ने नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस 2026 की राष्ट्रीय परेड में शामिल राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों को पुरस्कार और मेडल प्रदान किए। पुरस्कार और पदक प्राप्त करने वालों में आयुषी सिन्हा, सोमित दुबे, प्रज्ञा सक्सेना, विनोद कुमार सेन, आशा वरकड़े, रिमी शर्मा, अंतरा चौहान, आदित्य गौर, महेश चौहान और संजय कुमार रजक शामिल थे। इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों ने समवेद स्वर में गीतों की उत्कृष्ट सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को सजाया। उन्होंने ‘स्वयं सजें वसुंधरा, सवार दें’ और ‘गूंजे गगन में, महकें पवन में, हर एक मन में सद्भावना’ जैसे गीतों के माध्यम से सामाजिक चेतना और देशभक्ति का संदेश सभी उपस्थित जनों तक पहुँचाया।  

सरकार का फोकस ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं पर: मंत्री श्री वर्मा

भोपाल. राजस्व मंत्री  करण सिंह वर्मा ने कहा है कि ग्रामीण स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है, जिससे लोगों को उपचार के लिये सुविधाएँ सहज और सुलभ रूप से उपलब्ध हो सकें। प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ और आमजन के लिए सुलभ बनाने के उद्देश्य से निरंतर कार्य कर रही है। मंत्री  वर्मा सीहोर के ग्राम नापलाखेड़ी एवं ग्राम धामंदा में आयोजित लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मंत्री  वर्मा ने ग्राम नापलाखेड़ी में 56.09 लाख रुपये की लागत से निर्मित उप स्वास्थ्य केंद्र और ग्राम धामंदा में 65 लाख रुपये की लागत से निर्मित आयुष्मान आरोग्य मंदिर का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि नवीन उप स्वास्थ्य केंद्र एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिर प्रारंभ होने से क्षेत्रीय नागरिकों को प्राथमिक उपचार, मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाएँ, टीकाकरण सहित विभिन्न जांच एवं परामर्श सुविधाएँ स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेंगी। आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को निःशुल्क उपचार की सुविधा प्रदान की जा रही है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिली है। मंत्री  वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल उपचार उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि नागरिकों को बीमारियों की रोकथाम के प्रति जागरूक करना भी है। नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, संतुलित आहार, स्वच्छ पेयजल एवं साफ-सफाई की आदतें अपनाकर अनेक गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। प्रदेश सरकार स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसके लिए नए स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना, पुराने भवनों का उन्नयन, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की पदस्थापना सुनिश्चित की जा रही है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।  

विंध्य अंचल का खजाना: खिवनी अभयारण्य उभरता इको-टूरिज्म हॉटस्पॉट

भोपाल. विंध्य पर्वतमालाओं की गोद में स्थित खिवनी अभयारण्य मध्यप्रदेश के उभरते हुए इको-टूरिज्म स्थलों में अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है। देवास और सीहोर जिलों की सीमा पर फैला लगभग 134 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल वाला यह अभयारण्य प्रकृति प्रेमियों, वन्यजीव शोधकर्ताओं और पर्यटकों को समान रूप से आकर्षित कर रहा है। घने जंगल, पर्वत घाटियां, बहते नदी-नाले और समृद्ध जैव विविधता इसे एक अनूठा प्राकृतिक स्थल बनाते हैं। ईको-पर्यटन विकास बोर्ड के माध्यम से स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ा गया है। सफारी संचालन, भोजन व्यवस्था, आवास प्रबंधन तथा लघु उद्योगों के माध्यम से स्थानीय युवाओं, महिलाओं और कारीगरों की आय में वृद्धि हो रही है। अभयारण्य में https://mpforest.gov.in/ecotourism/ecobooking/destination.aspx के माध्यम से बुकिंग की जा सकती है। देवास जिले में स्थित इस अभयारण्य का लगभग 89.9 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र देवास तथा 44.8 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र सीहोर जिले में आता है। खिवनी अभयारण्य में वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन के बीच संतुलन का सुंदर उदाहरण देखने को मिलता है। यहां ऊंचे-ऊंचे पहाड़ों के साथ अनेक औषधीय पौधों की प्रजातियां भी पाई जाती हैं, जो इसकी प्राकृतिक समृद्धि को दर्शाती हैं। अभयारण्य में पर्यटकों के ठहरने के लिये सर्व-सुविधायुक्त टूरिस्ट कैंपस विकसित किया गया है, जिसमें कॉटेज, टेंट, वॉच टावर, पैगोडा और भोजन की व्यवस्था उपलब्ध है। वन्यजीव और जैव विविधता की समृद्ध धरोहर खिवनी अभयारण्य में मांसाहारी वन्यजीवों में बाघ, तेंदुआ, भालू, लकड़बग्घा, सोनकुत्ता, जंगल कैट, गोल्डन जैकाल, एशियन पाम सिवेट सहित अनेक प्रजातियां पाई जाती हैं, वहीं शाकाहारी जीवों में चीतल, सांभर, नीलगाय, चौसिंगा, कृष्णमृग, जंगली सूअर और खरहा प्रमुख हैं। पक्षियों की लगभग 170 प्रजातियां तथा तितलियों की करीब 65 प्रजातियां इस अभयारण्य की जैव विविधता को और समृद्ध बनाती हैं। प्रमुख दर्शनीय स्थल अभयारण्य में बाल गंगा मंदिर, कलम तलई सनसेट पॉइंट, ईको व्यू पॉइंट, गोल कोठी, खिवनी मिडो, शंकर खो एवं भदभदा झरने, भूरी घाटी और दौलतपुर घाटी जैसे अनेक आकर्षक स्थल हैं। विशेषकर वर्षाकाल में झरनों, हरियाली और पर्वत श्रृंखलाओं का दृश्य पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देता है। पर्यटन मानचित्र पर लाने के प्रयास खिवनी अभयारण्य को पर्यटन मानचित्र पर व्यापक स्तर पर स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। नियमित मॉनिटरिंग के साथ पर्यटकों की सुविधाओं के समुचित प्रबंधन किया जा रहा है। खिवनी अभयारण्य भोपाल–इंदौर मार्ग पर आष्टा से लगभग 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इंदौर–नेमावर–हरदा मार्ग से कन्नौद होकर भी यहां पहुंचा जा सकता है। निकटतम रेलवे स्टेशन हरदा तथा निकटतम हवाई अड्डे इंदौर और भोपाल हैं। प्राकृतिक सौंदर्य, वन्यजीवों की विविधता और शांत वातावरण के कारण खिवनी अभयारण्य पर्यटकों की नई पसंद बनता जा रहा है और मध्यप्रदेश के इको-टूरिज्म को एक नई दिशा दे रहा है।