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सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को चेताया: एसिड अटैक पीड़िताओं का रिपोर्ट तुरंत प्रस्तुत करें

नई दिल्ली देश में एसिड अटैक की घटनाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को नोटिस जारी करते हुए इस तरह की घटनाओं का वर्ष वार ब्योरा मांगा है। तेजाब हमले की घटनाओं पर न्यायालय ने राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों से उन मामलों की संख्या बताने को कहा जिनमें आरोपपत्र दायर किए जा चुके हैं। इसके अलावा यह जानकारी भी मांगी है कि कितने मामलों में फैसला हो चुका है और कितने लंबित हैं।   सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों से कहा है कि इसका पूरा विवरण दिया जाए कि एसिड अटैक से जुडडी कितनी अपील दायर की गई हैं। पीड़ियों के ब्यौरे में शैक्षणिक योग्यता, वैवाहिक स्थिति, उपचार, पुनर्वास और मुआवजे की भी पूरी जानकारी मांगी गई है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ऐसे मामलों की भी लिस्ट दी जाए जिसमें किसी पीड़िता को जबरन एसिड पिला दिया गया हो। एक बार सारे आंकड़े सामने आ जाएंगे तो आगे कदम उठाने में आसानी होगी और जल्द से जल्द पीड़ितों को न्याय दिलाने का प्रयास होगा। बता दें कि अदालत में एक एसिड अटैक पीड़िता की अपील पर सुनवाई हो रही थी।  

पंचमढ़ी नगर के नजूल क्षेत्र को पंचमढ़ी अभयारण्य क्षेत्र से बाहर कर राजस्व नजूल घोषित करने की स्वीकृति

नर्मदापुरम जिले की 2 सिंचाई परियोजनाओं के लिए 215 करोड़ 47 लाख रूपये की स्वीकृति “अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए विदेश में रोजगार नियोजन योजना 2025” की स्वीकृति जनजातीय कार्य, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति और राजस्व विभाग की योजनाओं के लिए 17,864 करोड़ 26 लाख रूपये की स्वीकृति टाइगर रिज़र्व के अंतर्गत बफर क्षेत्रों के विकास लिए 390 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा पंचमढ़ी नगर के साडा के नियंत्रण वाली नजूल क्षेत्र रकबा 395.931 हैक्टेयर भूमि को संशोधित कर रकबा 395.939 हैक्टेयर भूमि को पचमढ़ी अभयारण्य क्षेत्र से बाहर कर राजस्व नजूल घोषित करने की स्वीकृति दी गयी है। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश के 9 टाइगर रिज़र्व के अंतर्गत बफर क्षेत्रों का विकास करने के लिए आगामी 5 वर्षों, वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक के लिए कुल 390 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इस नवीन योजना अंतर्गत बफर क्षेत्रों के विकास के तहत संवेदनशील क्षेत्रों में चेनलिंक फेसिंग, वन्यप्राणी सुरक्षा, चारागाह विकास, जल स्त्रोतों का विकास, अग्नि सुरक्षा, वन्य प्राणी उपचार एवं स्वास्थ्य परीक्षण और कौशल उन्नयन जैसे कार्य किये जायेंगे। मंत्रि-परिषद द्वारा नर्मदापुरम में 2 सिंचाई परियोजनाओं के लिए 215 करोड़ 47 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। स्वीकृति अनुसार तवा परियोजना (दायीं तट नहर) की बागरा शाखा नहर होज सिंचाई परियोजना की लागत 86 करोड़ 76 लाख रूपये, प्रस्तावित सिंचाई क्षेत्र 4200 हैक्टेयर की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गयी। परियोजना से नर्मदापुरम जिले की बाबई एवं सोहागपुर तहसील के 33 ग्रामों को सिंचाई सुविधा का लाभ होगा। नर्मदापुरम जिले की तवा परियोजना की दांयी तट नहर से पिपरिया ब्रांच केनाल होज सिंचाई परियोजना की लागत 128 करोड़ 71 लाख रूपये, प्रस्तावित सिंचाई क्षेत्र 6000 हैक्टेयर की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गयी है। परियोजना से नर्मदापुरम जिले की सोहागपुर तहसील के 30 ग्राम लाभान्वित होंगे। मंत्रि-परिषद द्वारा जनजातीय कार्य विभाग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग और राजस्व विभाग की वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 की अवधि के लिए 17 योजनाओं की निरंतरता के लिए 17,864 करोड़ 26 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई। स्वीकृति अुनसार जनजातीय कार्य विभाग की शुल्क की प्रतिपूर्ति, परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण, स्काउट गाइड, परिवहन, स्वास्थ्य, विभिन्न पुरस्कार आदि 15 योजनाओं के लिए 377 करोड़ 26 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई। इसी तरह खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की मुख्यमंत्री कृषक फसल उपार्जन सहायता के लिए 15 हजार करोड़ रूपये और राजस्व विभाग की तहसील, जिला संभाग के कार्यालय एवं आवासीय भवन का निर्माण योजनाओं के लिए 2,487 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। मंत्रि-परिषद द्वारा पिछड़े वर्ग के “बेरोजगार युवक-युवतियों को विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने की योजना 2022” के स्थान पर संशोधित योजना “अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए विदेश में रोजगार नियोजन योजना 2025” की स्वीकृति प्रदान की गई। स्वीकृति अनुसार आगामी 3 वर्ष में 45 करोड़ रुपये व्यय किया जाकर प्रतिवर्ष पिछड़े वर्ग के 600 युवाओं को रोजगार के लिए विदेश भेजा जाएगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में 4 हजार मेगावॉट बिजली उत्पादन के लिए हुए अनुबंध (एमओयू)

राज्य की प्रगति और उन्नति के लिए पर्याप्त विद्युत उपलब्धता आवश्यक बिजली, प्राणों की समान है महत्वपूर्ण 60 हजार करोड़ रूपए लागत के यह समझौते प्रदेश के स्थाई विकास का बनेंगे आधार अनूपपुर में स्थापित होंगे नए पॉवर हाउस टोरेंट, अदाणी और हिन्दुस्थान थर्मल ने एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के साथ किया अनुबंध भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बिजली का महत्व शरीर में प्राणों की समान है। जैसे समस्त गतिविधियों के संचालन के लिए शरीर में प्राण आवश्यक है, वैसे ही किसी भी राज्य की प्रगति और उन्नति के लिए पर्याप्त विद्युत उपलब्धता आवश्यक है। प्रदेश में 60 हजार करोड़ रूपए की लागत से 4 हजार मेगावॉट बिजली उत्पादन के लिए हुए समझौते प्रदेश के स्थाई विकास का आधार बनेंगे। इससे प्रदेश में कुल विद्युत उपलब्धता में बढ़ोत्तरी होने के साथ-साथ बिजली की मांग की शत-प्रतिशत आपूर्ति संभव होगी। डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ओन एंड ऑपरेट (डीबीएफओओ) मॉडल पर स्थापित होने वाले इन नए विद्युत संयंत्रों से लगभग 8 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में मंगलवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में 4 हजार मेगावॉट बिजली के पॉवर सप्लाई एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर हुए। अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई ने अनुबंध के संबंध में जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक श्री विशेष गढ़पाले तथा टोरेंट पॉवर लिमिटेड के श्री जिगिश मेहता, अदानी पॉवर लिमिटेड के श्री एस.बी. खिलया तथा हिन्दुस्तान थर्मल प्रोजेक्ट्स के श्री रतुल पुरी के बीच पॉवर सप्लाई एग्रीमेंट का आदान-प्रदान हुआ। यह नए पॉवर हाउस अनूपपुर में स्थापित होंगे। कार्यक्रम के आरंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का उद्योग समूह के प्रतिनिधियों ने पुष्प-गुच्छ भेंट कर अभिवादन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योग मित्र नीतियों, सशक्त अधोसंरचना और सुशासन आधारित व्यवस्था के परिणाम स्वरूप मध्यप्रदेश देश -विदेश के निवेशकों और औद्योगिक समूहों के लिए पहली प्राथमिकता बनता जा रहा है। विद्युत उत्पादन में भूमि-जल- पर्यावरण-कोयला- रेलवे लाइन आदि का बेहतर समन्वय आवश्यक है। इन सब आधारों पर मध्यप्रदेश उपयुक्त है। प्रदेश ने नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण उपलब्धियां अर्जित की हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर प्रदेश को मिला पीएम मित्र पार्क विकास के नए आयाम और रोजगार के भरपूर अवसर प्रदान करेगा। प्रदेश में वर्ष-2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। इससे उद्यमिता, स्वरोजगार और खाद्य प्रसंस्करण गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा। राज्य सरकार रोजगार परक उद्योगों को विशेष महत्व दे रही है। प्रदेश में उद्योग समूहों की गतिविधियों के विस्तार के लिए पर्याप्त संभावनाएं विद्यमान हैं। एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी ने राज्य में स्थापित किए जाने वाले नए विद्युत संयंत्रों से डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ओन एंड ऑपरेट (डीबीएफओओ) के तहत विद्युत दर आधारित प्रतिस्पर्धात्मक बोली प्रक्रिया के माध्यम से 3200 मेगावाट बिजली खरीद के लिए बोलियां आमंत्रित की थीं। इसमें बिजली खरीद के ग्रीन शू विकल्प के तहत अतिरिक्त 800 मेगावॉट की बिजली खरीद का विकल्प भी शामिल था। इसके अनुसार मेसर्स हिन्दुस्तान थर्मल प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को 800 मेगावॉट, मेसर्स टोरेंट पॉवर लिमिटेड को 1600 मेगावॉट तथा मेसर्स अदानी पॉवर लिमिटेड को 800 मेगावॉट व ग्रीन्शू विकल्प के अंतर्गत अतिरिक्त 800 मेगावॉट क्षमता आवंटित की गई है। टोरेंट द्वारा 24 हजार करोड़ रुपए, अडाणी पॉवर द्वारा 24 हजार करोड़ रुपए तथा हिन्दुस्थन थर्मल द्वारा 12 हजार करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित है। इन सभी क्षमताओं के लिये विद्युत आपूर्ति अनुबंध संबंधित चयनित विकासकों द्वारा गठित स्पेशल पर्पस व्हीकल्स के साथ किए गए हैं। इन विद्युत आपूर्ति अनुबंधों के अंतर्गत वर्ष 2030 से विद्युत आपूर्ति होना संभावित है।  

नकली दस्तावेजों के सहारे डॉक्टर बना युवक, भोपाल कोर्ट का सख्त फैसला—तीन साल की जेल

भोपाल जिला कोर्ट ने फर्जी मूल निवासी प्रमाण पत्र के आधार पर मेडिकल सीट हासिल करने वाले एक डाक्टर को दोषी करार देते हुए जेल भेज दिया है। 23वें अपर सत्र न्यायाधीश अतुल सक्सेना की अदालत ने आरोपित सुनील सोनकर को जालसाजी का दोषी पाते हुए 3 वर्ष के कठोर कारावास और 2000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।यह मामला वर्ष 2010 की पीएमटी परीक्षा से जुड़ा है। आरोपित सुनील सोनकर ने व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) द्वारा आयोजित इस परीक्षा में सफलता प्राप्त की थी। मध्यप्रदेश राज्य कोटे की सीट का अनुचित लाभ उठाने के उद्देश्य से आरोपित ने कूटरचित (फर्जी) मूल निवासी प्रमाण पत्र तैयार करवाया और उसे प्रवेश प्रक्रिया के दौरान पेश किया।   एसटीएफ ने धोखाधड़ी की शिकायत मिलने पर एसटीएफ थाना भोपाल ने मामले की जांच शुरू की थी। जांच में प्रमाण पत्र फर्जी पाए जाने पर पुलिस ने आरोपित के खिलाफ धोखाधड़ी और दस्तावेजों की कूटरचना (धारा 420, 467, 468 और 471) के तहत मामला दर्ज किया था। इस मामले की पैरवी विशेष लोक अभियोजक अकील खान और सुधाविजय सिंह भदौरिया ने की। अभियोजन द्वारा पेश किए गए पुख्ता सबूतों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने माना कि आरोपित ने एक योग्य उम्मीदवार का हक मारकर फर्जी तरीके से सीट हासिल की थी। साक्ष्यों से सहमत होते हुए अदालत ने आरोपित को विभिन्न धाराओं में दोषसिद्ध ठहराते हुए सजा का ऐलान किया।

स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती देने की तैयारी, राजेंद्र शुक्ला ने मांगी चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ की जल्द भर्ती

भोपाल मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए चिकित्सकों की समयबद्ध भर्ती की प्रक्रिया को अहम माना जा रहा है। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा है कि चिकित्सकों और पैरा मेडिकल स्टाफ की उपलब्धता स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी हुई है। मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के विभिन्न विषयों की समीक्षा करते हुए उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि मेडिकल ऑफिसर और पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता से सीधे जुड़ी हुई है। पीएससी और कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से की जा रही भर्ती प्रक्रिया की नियमित समीक्षा की जाए। समस्त औपचारिकताओं की प्राथमिकता से पूर्ति की जाए। बैठक में एएनएम के शेष रिक्त पदों को प्राथमिकता से भरने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती के लिए वर्तमान में उपलब्ध मॉडलों की विस्तृत समीक्षा कर शीघ्र आवश्यक भर्तियों की प्रक्रिया प्रारंभ की जाए। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को फर्स्ट रेफरल यूनिट के रूप में विकसित करने के लिए विशेषज्ञों की समय पर पदस्थापना अनिवार्य है। इससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ होंगी तथा मातृ मृत्यु दर एवं शिशु मृत्यु दर को प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा सकेगा। बैठक में नर्सिंग शिक्षकों की भर्ती में आ रही व्यवहारिक और प्रक्रियात्मक कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए भर्ती से संबंधित नियमों में आवश्यक संशोधन की समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विभागीय जानकारी और स्पष्टीकरण शीघ्र सामान्य प्रशासन विभाग को भेजने के निर्देश दिए ताकि मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके और नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो। मेडिकल कॉलेज बुधनी, मंडला, सागर और रीवा में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि पुनरीक्षित स्वीकृति से संबंधित सभी आवश्यक औपचारिकताएं समय-सीमा में पूर्ण की जाएं, जिससे विकास कार्यों में किसी प्रकार का विलंब न हो और शैक्षणिक और चिकित्सकीय सुविधाओं का विस्तार निर्धारित समय में किया जा सके। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रीवा, ग्वालियर, जबलपुर सहित चिन्हित मेडिकल कॉलेजों में उन्नत कैंसर उपचार सुविधाओं के विस्तार के लिए अधोसंरचना विकास एवं आवश्यक उपकरणों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य क्षेत्रीय स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण कैंसर उपचार उपलब्ध कराना है, जिससे मरीजों को अन्यत्र रेफर करने की आवश्यकता कम हो। सीएम डे केयर योजना के क्रियान्वयन के लिए जारी गतिविधियों की समीक्षा करते हुए उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्राथमिकता के आधार पर प्रस्ताव तैयार कर मंत्रिपरिषद की स्वीकृति के लिए प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। उप स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के उन्नयन कार्यों की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए गए कि बजट की उपलब्धता समय पर सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि चिकित्सकीय अधोसंरचना विकास कार्यों में विभागीय उदासीनता के कारण किसी भी प्रकार का विलंब नहीं होना चाहिए तथा सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं, ताकि आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज बुधनी, छतरपुर और दमोह में आगामी सत्र से संचालन प्रस्तावित है इसके लिए अधोसंरचना विकास कार्य पूर्ति चरण में हैं। संचालन के लिए फर्नीचर, उपकरण और आवश्यक शैक्षणिक और सहायक मैनपावर भर्ती का कार्य भी समय से पूर्ण किया जाए ताकि एनएमसी अनुमोदन की कार्यवाही पूर्ण की जा सके।

इतिहास में पहली बार सोना-चांदी की कीमतों में बड़ा उछाल, नए रेट जारी

नई दिल्ली बाजार में इन दिनों कीमती धातुओं की चमक देखते ही बन रही है। सोने और चांदी की कीमतों ने अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहली बार सोना $5,000 प्रति औंस के जादुई आंकड़े को छू गया है, वहीं चांदी भी $110 प्रति औंस के ऊपर निकल गई है। भारतीय बाजार का हाल: 4 लाख की ओर चांदी घरेलू बाजार में भी कीमतें आसमान छू रही हैं: सोना: 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 1,61,960 रुपये (प्रति 10 ग्राम) तक पहुंच गई है।      क्यों बढ़ रहे हैं दाम? कीमतों में इस तूफानी तेजी के पीछे मुख्य रूप से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियां और वैश्विक तनाव जिम्मेदार हैं:     ट्रंप की नीतियां और राजनीतिक तनाव: ट्रंप के आक्रामक रुख के कारण अमेरिका का ईरान और यूरोपीय देशों के साथ विवाद बढ़ रहा है। साथ ही, कनाडा को टैरिफ की धमकी और ग्रीनलैंड जैसे मुद्दों ने निवेशकों को डरा दिया है।     डॉलर की कमजोरी: अमेरिकी करेंसी इंडेक्स में पिछले कुछ दिनों में 2% की गिरावट आई है। जब डॉलर कमजोर होता है, तो लोग करेंसी की जगह सोने में पैसा लगाना सुरक्षित समझते हैं।     सुरक्षित निवेश की तलाश: दुनिया भर में जारी अस्थिरता (जैसे वेनेजुएला संकट और चीन के साथ ट्रेड वॉर की आशंका) के कारण निवेशक बॉन्ड और शेयर बाजार के बजाय गोल्ड को सबसे भरोसेमंद मान रहे हैं। मुनाफे का गणित और भविष्य का अनुमान इस साल अब तक सोने ने निवेशकों को 17% से ज्यादा का रिटर्न दिया है। विशेषज्ञों और ग्लोबलडेटा के अनुमान के मुताबिक, तेजी का यह सिलसिला रुकने वाला नहीं है:     2026 के अंत तक: सोना 1.75 लाख से 1.95 लाख रुपये तक जा सकता है।     चांदी का लक्ष्य: चांदी के 3.80 लाख से 4.60 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। जिस रफ्तार से कीमतें बढ़ रही हैं, मुमकिन है कि अगले कुछ ही महीनों में सोना 2 लाख रुपये और चांदी 4 लाख रुपये के नए शिखर को छू ले।  

Snow Storm का कहर: अमेरिका में 25 जानें गईं, हजारों फ्लाइट्स रद्द, जनजीवन अस्त-व्यस्त

अमेरिका इस समय कुदरत के भीषण कहर का सामना कर रहा है। आर्कन्सा से लेकर न्यू इंग्लैंड तक फैले 1,300 मील के दायरे में आए बर्फीले तूफान ने पूरे देश की रफ्तार रोक दी है। इस आपदा में अब तक कम से कम 25 लोगों की जान जा चुकी है। कड़ाके की ठंड और जमा देने वाली बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। वहीं 8,000 से ज्यादा फ्लाइट्स या तो रद्द हुईं या देरी से चलीं। रिकॉर्ड तोड़ ठंड और बर्फबारी नेशनल वेदर सर्विस के मुताबिक अमेरिका के कई हिस्सों में बर्फबारी ने पिछले कई सालों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं:     पिट्सबर्ग: यहां करीब 20 इंच तक बर्फ जमी है।     तापमान: कड़ाके की हवाओं के कारण महसूस होने वाला तापमान माइनस 25 डिग्री फारेनहाइट तक गिर गया है।     न्यूयॉर्क: सेंट्रल पार्क में 11 इंच बर्फ दर्ज की गई। अकेले न्यूयॉर्क शहर में ठंड की वजह से 8 लोगों की मौत हो गई।   अंधेरे में डूबे दक्षिणी राज्य तूफान का सबसे बुरा असर बिजली व्यवस्था पर पड़ा है। टेनेसी, मिसिसिपी और टेक्सास जैसे राज्यों में 7 लाख से ज्यादा घरों की बिजली गुल है।     1994 के बाद सबसे बुरा हाल: मिसिसिपी में इसे पिछले तीन दशकों का सबसे विनाशकारी तूफान बताया जा रहा है। सड़कों पर गिरे पेड़ों और बिजली के खंभों ने रास्तों को ब्लॉक कर दिया है।     यूनिवर्सिटी बंद: बिजली संकट के चलते यूनिवर्सिटी ऑफ मिसिसिपी की पूरे हफ्ते की क्लासेज रद्द कर दी गई हैं।   हवाई सफर पर ब्रेक बर्फीले तूफान ने आसमान में भी कोहराम मचाया है। सोमवार को 8,000 से ज्यादा फ्लाइट्स या तो रद्द हुईं या देरी से चलीं। रविवार को हालात इतने खराब थे कि अमेरिका की 45 प्रतिशत उड़ानें उड़ान ही नहीं भर सकीं। मौत के अलग-अलग कारण रिपोर्ट्स के मुताबिक मौतें केवल ठंड से ही नहीं बल्कि हादसों से भी हुई हैं। मैसाचुसेट्स में बर्फ हटाते समय दुर्घटनाएं हुईं वहीं आर्कन्सा और टेक्सास में स्लेजिंग (Sledging) के दौरान हुए हादसों में लोगों ने जान गंवाई।  

जीत के जश्न के बीच छुपी कमजोरी — IND vs NZ सीरीज में भारत का ये विभाग रहा पूरी तरह फेल

विशाखापट्टनम अब तक खेल के हर विभाग में अपना दबदबा बनाने वाली भारतीय टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ बुधवार को विशाखापट्टनम में होने वाले चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में भी किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतेगी जिसमें वह स्पिनरों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद भी करेगी। अभिषेक शर्मा, सूर्यकुमार यादव और ईशान किशन के शानदार प्रदर्शन से भारत ने पहले तीनों मैच जीत कर सीरीज अपने नाम कर ली है। लेकिन इस बीच उसके दो प्रमुख स्पिनर कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए। कुलदीप ने दो मैचों में केवल दो विकेट लिए हैं और वह प्रभावित करने में असफल रहे हैं। उन्होंने प्रति ओवर 9.5 रन लुटाए। पिछले मैच में भी कुलदीप ने तीन महंगे ओवर किए जिनमें उन्होंने 32 रन दिए। जसप्रीत बुमराह, रवि बिश्नोई और हार्दिक पांड्या की शानदार गेंदबाजी की बदौलत भारत ने कीवी टीम को नौ विकेट पर 153 रन पर रोक दिया था। कुलदीप इससे पहले वनडे सीरीज में भी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए थे, जिसमें उन्होंने तीन मैचों में तीन विकेट लिए थे और प्रति ओवर 7.28 रन दिए थे।   क्या चौथे मैच में ऐसा करेगा भारत? चक्रवर्ती को पिछले मैच में विश्राम दिया गया था लेकिन पहले दो मैच में उनकी गेंदबाजी में वह धार नहीं दिखी जिसके लिए वह जाने जाते हैं। इस संदर्भ में भारत इस बात पर विचार करेगा कि क्या चौथे मैच में बिश्नोई (गुवाहाटी में 18 रन देकर दो विकेट) को ही टीम में बनाए रखा जाए और कुलदीप को विश्राम देने के लिए उनकी जगह चक्रवर्ती को वापस लाया जाए। भारत ऑलराउंडर अक्षर पटेल की फिटनेस पर भी कड़ी नजर रखेगा, क्योंकि उंगली में चोट के कारण वह नागपुर में पहले मैच के बाद से नहीं खेल पाए हैं। भारत इस सीरीज में विश्व कप से पहले गेंदबाजी विभाग में अपने चरम पर पहुंचने की कोशिश कर रहा है लेकिन बल्लेबाजी में फिलहाल उसका कोई सानी नहीं दिख रहा है। इस सीरीज में भारतीय बल्लेबाजों ने धमाकेदार प्रदर्शन किया है। तीसरे मैच में तो भारत ने केवल 10 ओवर में ही जीत हासिल कर ली थी। अभिषेक ने 300 से अधिक के स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं, जबकि सूर्यकुमार और किशन ने लगभग 230 के स्ट्राइक रेट को बनाए रखा है। सैमसन का फॉर्म चिंता का विषय भारत की बल्लेबाजी की आक्रामकता की बानगी पिछले दो मैच आंकड़े पेश करते हैं। भारत ने दूसरे और तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में क्रमशः 209 और 154 रन (कुल 363 रन) का पीछा करते हुए केवल 25.2 ओवर ही खेले। अगर विशाखापट्टनम की पिच की प्रकृति और ओस के प्रभाव पर ध्यान दें तो इस मैच की कहानी भी अलग नहीं होगी। इस सीरीज में भारत के लिए चिंता का विषय केवल संजू सैमसन का खराब फॉर्म रहा है। वह तीन मैचों में 5.33 की औसत से 16 रन ही बना पाए हैं जिससे टीम में उनके स्थान को लेकर सवाल उठने लग गए हैं। हालांकि तिलक वर्मा की चोटिल होने के कारण बाहर होने से टीम प्रबंधन संजू को खुद को साबित करने के लिए एक और मौका दे सकता है। टीम प्रबंधन संजू को तीसरे नंबर पर भी उतारने का विचार कर सकता है। अगर ऐसा होता है तो अभिषेक के साथ किशन पारी की शुरुआत करेंगे। क्या डेरिल मिचेल होगा प्रमोशन? वनडे सीरीज में शानदार प्रदर्शन करने वाले न्यूजीलैंड के लिए टी20 सीरीज में अभी तक कुछ भी अच्छा नहीं रहा। उसके बल्लेबाजों ने कभी-कभार अच्छी बल्लेबाजी की लेकिन गेंदबाज भारतीय बल्लेबाजों के आक्रामक रवैये का जवाब देने में विफल रहे। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि जेकब डफी उसके सबसे किफायती गेंदबाज हैं जबकि उनका इकॉनमी रेट 10.30 है। उसके अन्य गेंदबाज मैट हेनरी (13.80), काइल जैमीसन (14.20), मिचेल सैंटनर (13.14) और ईश सोढ़ी (12.50) भारतीय बल्लेबाजों को परेशान करने में पूरी तरह से नाकाम रहे हैं। न्यूजीलैंड इस मैच में शानदार फॉर्म में चल रहे डेरिल मिचेल को बल्लेबाजी क्रम में ऊपर भेज सकता है। मिचेल ने वनडे सीरीज में शानदार प्रदर्शन करके अपनी टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी लेकिन टी20 सीरीज में उन्हें निचले मध्य क्रम में भेजा गया जिस पर सवाल उठने लग गए हैं। न्यूजीलैंड को अगर विश्व कप से पहले जीत दर्ज करनी है तो उसके गेंदबाजों को अच्छा प्रदर्शन करना होगा। उसके लिए यह महत्वपूर्ण विभाग चिंता का विषय बना हुआ है। मैच शाम सात बजे शुरू होगा। भारत: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल (उपकप्तान), रिंकू सिंह, जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती, ईशान किशन (विकेटकीपर), रवि बिश्नोई। न्यूजीलैंड: मिचेल सैंटनर (कप्तान), माइकल ब्रैसवेल, मार्क चैपमैन, डेवोन कॉनवे, जैकब डफी, जैक फाक्स, मैट हेनरी, काइल जैमीसन, बेवन जैकब्स, डैरिल मिचेल, जेम्स नीशम, ग्लेन फिलिप्स, रचिन रविंद्र, लॉकी फर्ग्यूसन, इश सोढ़ी, टिम सीफर्ट।  

सीएम मान और नायब सैनी की मुलाकात में SYL मुद्दे पर निकला समाधान?

चंडीगढ़. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को चंडीगढ़ में लंबे समय से लंबित सतलुज-यमुना लिंक (SYL) नहर मुद्दे पर चर्चा करने के लिए मुलाकात की। दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच यह बैठक अभी भी जारी है। बैठक एक होटल में शुरू हुई, जिसमें दोनों सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। SYL नहर का मुद्दा पिछले कई सालों से दोनों राज्यों के बीच विवाद का कारण बना हुआ है। सीएम सैनी ने क्या कहा? बैठक के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। अगली बैठक में दोनों राज्यों के सिंचाई विभाग के अधिकारी बैठक करके सार्थक समाधान की तरफ पहुंचेंगे। इसके बाद आखिर में दोनों मुख्यमंत्री बैठकर समाधान निकालेंगे। मीटिंग के बाद मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि आज की बैठक एक सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई है। पंजाब गुरुओं की धरती है, उनकी शिक्षाएं आज भी हमारे लिए अनमोल रतन है। गुरु नानक देव ने पवन को गुरु, पानी को पिता, और धरती को माता कहा था  गुरुओं की वाणी आज भी हमारा मार्गदर्शन कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मीटिंग बहुत ही अच्छे माहौल में हुई। जब बातचीत अच्छे माहौल में होती है तो परिणाम भी सार्थक आते हैं।  भगवंत मान का भी आई सकारात्मक प्रतिक्रिया बैठक के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच बैठक बड़े सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई। लेकिन पानी को लेकर कोई फैसला नहीं हो सका। मीटिंग के बाद सीएम भगवंत मान ने कहा कि इस मसले का हल होना चाहिए यह बहुत लंबे समय से चल रहा है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों के उलझाए इस मुद्दे को हल नई पीढ़ी करने की कोशिश कर रही है। हालांकि, एक सवाल के जवाब में मान ने कहा कि जब तक पानी का मसला हल नहीं होता। तब तक नहर बनाने का कोई मतलब नहीं बनता। आखिर नहर से पानी ही लेकर जाना है, कोई जूस तो डालना नहीं है। इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, पंजाब के जल स्रोत मंत्री बिरेंदर गोयल ओर दोनों राज्यों के अधिकारी भी शामिल थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मुद्दा पुराना है, बल्कि लटक रहा है। गुरुओं की वाणी हमारा मार्गदर्शन कर रही है। हरियाणा हमारा कोई दुश्मन नहीं है वह भाई है। आज पानी पूरी दुनिया का मसाला बनता जा रहा है । जल संरक्षण के उपाय भी करने होंगे दोनों पक्ष सार्थक समाधान के पक्ष में है। दोनों राज्यों के अधिकारी मिलकर इस मसले पर जरूरत के आधार पर बैठकर करेंगे, जिस तरीके से पुराने बुजुर्ग आपस में बैठकर समाधान करते थे, हम भी वैसा ही करेंगे। हालांकि, यह झगड़ा हमारे बुजुर्गों की ही देन है। लेकिन अब सत्ता में नई नहीं पीढ़ी आ गई है सार्थक समाधान की उम्मीद कर सकते हैं। हम चाहते हैं कि किसी का भी हक ना कोई ना मारे। क्या है SYL मुद्दा? SYL नहर का मुद्दा पिछले कई सालों से दोनों राज्यों के बीच विवाद की जड़ बना हुआ है। पिछले मई में, सुप्रीम कोर्ट ने दोनों राज्यों को दशकों पुराने विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान निकालने के लिए केंद्र के साथ सहयोग करने का निर्देश दिया था। हाल ही में एक सुनवाई में, शीर्ष अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख अप्रैल में तय की थी। SYL नहर की कल्पना रावी और ब्यास नदियों के पानी को दोनों राज्यों के बीच प्रभावी ढंग से बांटने के लिए की गई थी। इस प्रोजेक्ट में 214 किलोमीटर लंबी नहर बनाने की योजना है, जिसमें से 122 किलोमीटर का हिस्सा पंजाब में और बाकी 92 किलोमीटर हरियाणा में बनाया जाना था।

लाखों बैंक कर्मचारी ‘फाइव डे वीक’ के लिए सड़कों उतरे

भोपाल. मध्य प्रदेश में मंगलवार को करीब 40 हजार बैंककर्मी हड़ताल पर हैं। पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने की मांग को लेकर होने वाली इस हड़ताल से प्रदेशभर की 7 हजार से ज्यादा बैंक शाखाओं में ताले लटके हुए हैं। इससे चेक क्लियरेंस, नकद लेन-देन और अन्य बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हैं, वहीं एटीएम में भी नकदी की कमी की आशंका है। एक ही दिन में लाखों करोड़ रुपए के कारोबार पर असर है। यह हड़ताल यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर हो रही है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर सहित पूरे प्रदेश में बैंकिंग सेवाएं बाधित रहेंगी। सरकारी के साथ-साथ निजी बैंकों के कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल हैं। इन बैंकों में लटके ताले यूनियन पदाधिकारियों के अनुसार, सरकारी क्षेत्र की 12 प्रमुख बैंकें बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, केनरा बैंक, सेंट्रल बैंक, इंडियन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के सभी अधिकारी और कर्मचारी हड़ताल में शामिल हैं। इसके अलावा निजी क्षेत्र के बैंकों में भी कामकाज प्रभावित हो सकता है। पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह बैंककर्मियों की मुख्य मांग है कि बैंकिंग उद्योग में सप्ताह में पांच कार्य दिवस लागू किए जाएं। वर्तमान में केवल दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश रहता है, जबकि अन्य शनिवार कार्य दिवस होते हैं। यूनियन चाहती है कि सभी शनिवार अवकाश घोषित किए जाएं और सोमवार से शुक्रवार तक कार्य घंटे समायोजित किए जाएं। दो साल से लंबित है प्रस्ताव यूएफबीयू के मध्य प्रदेश को-ऑर्डिनेटर वीके शर्मा ने बताया कि वर्ष 2015 में हुए समझौते में इस विषय पर विचार का आश्वासन दिया गया था। 2022 में केंद्र सरकार और भारतीय बैंक संघ (IBA) के साथ चर्चा हुई, जबकि 2023 में यह सहमति बनी कि सोमवार से शुक्रवार तक प्रतिदिन 40 मिनट कार्य घंटे बढ़ाकर शेष शनिवारों को अवकाश घोषित किया जाएगा। यह प्रस्ताव सरकार को भेजा गया, लेकिन पिछले दो वर्षों से स्वीकृति लंबित है। पहले भी टली थी हड़ताल सरकार की ओर से ठोस प्रतिक्रिया न मिलने पर यूएफबीयू ने मार्च 2025 में दो दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया था, जिसे ‘मामला विचाराधीन है’ के आश्वासन पर स्थगित कर दिया गया था। अब भी मांग पूरी न होने पर बैंककर्मियों ने फिर से हड़ताल का रास्ता अपनाया है।