samacharsecretary.com

विधेयक के प्रारंभिक प्रारूप पर नागरिकों और संस्थाओं को अपनी बात रखने का अवसर

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन के गृह विभाग की ड्राफ्ट कमेटी द्वारा छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण विधेयक, 2026 का प्रारंभिक प्रारूप तैयार किया है। प्रस्तावित विधेयक को लेकर राज्य के आम नागरिकों, विशेषज्ञों और संबंधित हितधारकों से सुझाव एवं आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं।  गृह विभाग की ड्राफ्ट कमेटी द्वारा कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985 में आवश्यक संशोधन करते हुए नए विधेयक का प्रारूप तैयार किया गया है। आम नागरिक प्रस्तावित प्रावधानों का अध्ययन कर अपनी राय शासन के समक्ष रख सकें, इसके लिए विधेयक का प्रारूप हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध कराया गया है। विधेयक का प्रारूप पुलिस विभाग की वेबसाइट cgpolice.gov.in के नोटिस/प्रेस रिलीज सेक्शन में हिंदी एवं अंग्रेजी में अपलोड किया गया है। प्रस्तावित विधेयक के किसी प्रावधान को लेकर किसी नागरिक, संस्था अथवा संबंधित हितधारक का कोई सुझाव या आपत्ति है तो उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत शासन को भेजा जा सकता है। सुझाव देने के लिए 30 दिनों का समय राज्य शासन ने सुझाव और आपत्तियां प्रस्तुत करने के लिए 30 दिनों की समय-सीमा निर्धारित की है। इसके माध्यम से प्रस्तावित विधेयक पर आम जनता के साथ ही विषय विशेषज्ञों और संबंधित पक्षों को भी अपनी राय रखने का अवसर मिलेगा। सुझाव एवं आपत्तियां 'प्रमुख सचिव, छत्तीसगढ़ शासन, गृह एवं जेल विभाग, मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर, अटल नगर' के पते पर भेजी जा सकती हैं। इस पहल के माध्यम से प्रस्तावित छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण विधेयक, 2026 पर नागरिकों और संबंधित पक्षों की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए उनके सुझाव एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी।

भारत-अमेरिका रिश्तों पर जयशंकर का बड़ा बयान, आतंकवाद को बताया अहम मुद्दा

नई दिल्ली विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि पड़ोसी देश से उत्पन्न होने वाला आतंकवाद भारत की प्रमुख चिंताओं में से एक है। अगर नई दिल्ली के साझेदार इस चिंता को पूरी तरह नहीं समझते हैं, तो इसका द्विपक्षीय संबंधों पर असर पड़ता है। उनका यह बयान अमेरिका और पाकिस्तान की बढ़ती नजदीकी के बीच भारत-अमेरिका संबंधों के संदर्भ में आया है। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के समापन के अवसर पर एशिया सोसाइटी की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां जयशंकर ने भारतीय-अमेरिकी और प्रवासी भारतीय समुदाय के प्रमुख सदस्यों के साथ-साथ नीति विशेषज्ञों को संबोधित किया। एस जयशंकर से भारत-अमेरिका संबंधों के बारे में सवाल किया गया। उनसे खासतौर पर पिछले एक वर्ष के दौरान व्यापार और टैरिफ से जुड़े घटनाक्रम व द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर दिशा में ले जाने के लिए क्या किए जाने की जरूरत है, इस बारे में पूछा गया। जयशंकर ने कहा, 'अगर मैं व्यापक नजरिए से देखूं तो मैं देखता हूं कि दुनिया के कई देशों के अमेरिका के साथ संबंध अधिक कठिन रहे हैं। मेरा मतलब है कि इससे हमें सांत्वना शायद न मिले, लेकिन यह एक वास्तविकता है।' उन्होंने अमेरिका और पाकिस्तान के बीच संबंधों का जिक्र किया, जिनमें पिछले एक वर्ष के दौरान सुधार आया है, खासकर जनवरी 2025 में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के कुछ ही महीनों बाद। आतंकवाद को लेकर क्या बोले जयशंकर जयशंकर ने कहा कि एक मुद्दा हर देश की संवेदनशीलताओं से जुड़ा है। उन्होंने कहा, 'भारत के लिए जो बात विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, वह आतंकवाद का मुद्दा है। हमारा मानना है कि शायद बहुत कम ऐसे देश हैं, जिन्हें कई दशकों से किसी पड़ोसी देश की ओर से जानबूझकर और सुनियोजित नीति के तहत उस तरह के आतंकवाद का सामना करना पड़ा है, जैसा हमने किया है।' पाकिस्तान का संदर्भ देते हुए उन्होंने कहा, 'अगर जो बात हमारे लिए इतनी अहम है, उसके बारे में पर्याप्त समझ या सराहना या सहानुभूति नहीं है, तो मुझे लगता है कि इससे भी एक समस्या पैदा होती है। यदि मेरी प्रमुख चिंताओं में से किसी एक को मेरा साझेदार पूरी तरह नहीं समझता है, तो स्पष्ट रूप से इसका संबंधों पर असर पड़ता है।' पहलगाम हमले के बाद और बढ़ा तनाव पिछले साल मई में भारत ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के जवाब में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी ढांचे को निशाना बनाकर ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। इस हमले को पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के मुखौटा संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट ने अंजाम दिया था और इसमें 26 लोग मारे गए थे जिनमें से ज्यादातर पर्यटक थे। पिछले पूरे साल और यहां तक कि गत सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन में भी ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष को रुकवाया था। भारत लगातार किसी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप से इनकार करता रहा है। ट्रंप का अब तक कैसा रहा है रवैया पिछले साल जून में कनाडा के कनानास्किस में आयोजित जी7 नेताओं के शिखर सम्मेलन से लौटने के बाद ट्रंप ने पाकिस्तान के फील्ड मार्शल असीम मुनीर की व्हाइट हाउस में दोपहर के भोजन पर मेजबानी की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी जी7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया था। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और मुनीर ने पिछले साल सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र के दौरान व्हाइट हाउस में ट्रंप से फिर मुलाकात की थी। ट्रंप ने विभिन्न मौकों पर सार्वजनिक रूप से मुनीर की प्रशंसा की और उन्हें महान जनरल, महान फील्ड मार्शल, एक महान व्यक्ति बताया। जयशंकर ने कहा, 'हम निश्चित रूप से उम्मीद करेंगे और अपेक्षा करेंगे कि भारत-अमेरिका संबंध आगे बढ़ते हुए बेहतर दिशा में जाएं। लेकिन मुझे सामने मौजूद मुद्दों को लेकर वास्तविकता को ध्यान में रखना होगा और जिस हद तक हम इनमें से कुछ मुद्दों पर आगे बढ़ने में सक्षम होंगे, मुझे लगता है कि हमारे संबंध बेहतर होंगे।'

युवाओं के हित में ऐतिहासिक निर्णय – अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने की स्वीकृति

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद ने प्रदेश के समग्र विकास और जनहित को गति देने के लिए लगभग 24 हजार 500 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं को मंजूरी दी। युवाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए मंत्रि-परिषद ने पुलिस आरक्षक, विशेष सशस्त्र बल, जेल प्रहरी, वन रक्षक और आबकारी आरक्षक जैसी वर्दीधारी सेवाओं में अग्निवीरों को 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का बड़ा फैसला किया है। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 76 हजार से अधिक अतिथि शिक्षकों के मानदेय के लिए आगामी पांच वर्षों के लिए 5,329.17 करोड़ रुपये, स्कूली विद्यार्थियों को गणवेश राशि के लिए 348 करोड़ 7 लाख रुपये तथा स्वास्थ्य केंद्रों व औषधि नियंत्रण के लिए 3,245 करोड़ 80 लाख रुपये स्वीकृत किए गए। अधोसंरचना विस्तार के तहत 4,470 करोड़ 30 लाख रुपये की लागत से दमोह-कटनी 4-लेन मार्ग निर्माण, ग्रामीण विकास निधि के लिए 3,580 करोड़ 22 लाख रुपयें और सिंहस्थ 2028 के दृष्टिगत उज्जैन की कान्ह डायवर्सन परियोजना सहित दतिया, नीमच व सागर की बंडा वृहद सिंचाई परियोजनाओं की निरंतरता को स्वीकृति दी गई। यह निर्णय प्रदेश में रोजगार, बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण को गति प्रदान करेंगे। पुलिस आरक्षक सहित विशेष सशस्त्र बल,जेल प्रहरी,वन रक्षक और आबकारी आरक्षक के पदों पर अग्निवीरों को मिलेगा 20 प्रतिशत आरक्षण मुख्यमंत्री डॉ. यादव की युवाओं को सशक्त बनाने की मंशा के अनुरूप मंत्रिपरिषद ने प्रदेश की वर्दीधारी सेवाओं में अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मंत्रि-परिषद के निर्णय अनुसार अब गृह विभाग के अंतर्गत आरक्षक (सामान्य ड्यूटी)की भर्ती में होमगार्ड को 10, भूतपूर्व सैनिक को 5 और अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। इसी तरह गृह विभाग अंतर्गत विशेष सशस्त्र बल में होमगार्ड को 10, भूतपूर्व सैनिक को 5 और अग्निवीरों 20 प्रतिशत, जेल विभाग अंतर्गत जेल प्रहरी में होमगार्ड को 15, भूतपूर्व सैनिक को 5 और अग्निवीरों को 20, वन विभाग अंतर्गत वन रक्षक में होमगार्ड को 15, भूतपूर्व सैनिक को 5 और अग्निवीरों को 20 प्रतिशत तथा वाणिज्यिक कर विभाग अंतर्गत आबकारी आरक्षक में होमगार्ड को 10, भूतपूर्व सैनिक को 5 और अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण (हॉरिजेन्टल) दिये जाने का निर्णय लिया गया है। कक्षा 1 से 8 तक शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को गणवेश की राशि प्रदाय करने के लिए 348 करोड़ 7 लाख रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने सत्र 2026-27 में कक्षा 1 से 8 तक शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र और छात्राओं के लिये गणवेश की राशि डीबीटी के माध्यम से छात्र, छात्राओं और पालकों के खातों में प्रदाय करने के लिए 348 करोड़ 7 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। अतिथि शिक्षकों को मानदेय प्रदाय करने के लिए 5,329 करोड़ 17 लाख रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने अतिथि शिक्षकों के मानदेय प्रदाय संबंधी योजना को आगामी 5 वर्षों 2026-27 से 2030 -31 तक निरंतर संचालन के लिए 5,329 करोड़ 17 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। प्रदेश के शासकीय प्राथमिक, माध्यमिक, हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी शालाओं में शिक्षकों के विषयमान से स्वीकृत पदों में से रिक्त पदों पर अतिथि शिक्षकों के माध्यम से अध्यापन की व्यवस्था की जाती है। प्रदेश में वर्तमान में 76 हजार से अधिक अतिथि शिक्षक कार्यरत है। सिंगरौली में 605 बिस्तरीय जिला चिकित्सालय निर्माण के लिए 372 करोड़ 12 लाख रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने जिला चिकित्सालय सिंगरौली में अतिरिक्त 155 बिस्तरों की वृद्धि करते हुए 450 से 605 बिस्तरीय चिकित्सालय में विस्तार कार्य के साथ आंतरिक और बाह्य विकास कार्यों तथा बॉयोमेडिकल उपकरण एवं अस्पताल फर्नीचर आदि कार्य के लिए 372 करोड़ 12 लाख रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024 में जिला चिकित्सालय सिंगरौली के परिसर में 400 बिस्तरीय अस्पताल भवन एवं 50 बिस्तरीय क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक के एकजाई भवन निर्माण कार्य के लिए 188 करोड़ 72 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई थी। जिला चिकित्सालय के क्षेत्रफल वृद्धि एवं 450 बिस्तर से 605 बिस्तरीय अस्पताल भवन सहित अन्य कार्य के फलस्वरूप लागत में वृद्धि होने से राशि रूपये 372 करोड़ 12 लाख रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। दमोह-कटनी मार्ग के निर्माण के लिए 4,470 करोड़ 30 लाख रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने दमोह-कटनी मार्ग लम्बाई 105.10 कि.मी. का 4-लेन मय पेव्हड शोल्डर के साथ हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल (एच.ए.एम) के लिए बनाए गए मॉडल कंसेशन एग्रीमेंट के आधार पर निर्माण के लिए 4,470 करोड़ 30 लाख रूपये (जीएसटी सहित) की प्रशासकीय स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार परियोजना निर्माण लागत की 40 प्रतिशत राशि 865 करोड़ 15 लाख रूपये (जीएसटी सहित) का भुगतान निर्माण अवधि के दौरान म.प्र. सडक विकास निगम द्वारा लिये जा रहे ऋण के माध्यम से किया जायेगा।  निर्माण लागत की शेष 60 प्रतिशत राशि, एन्यूटी, ओ.एण्ड.एम, ब्याज, निर्माण पूर्व कार्यकलाप (भू-अर्जन एवं अन्य कार्य) एवं सुपरविजन चार्जेस के लिए कुल राशि 3,605 करोड़ 15 लाख रूपये का व्यय किये जाने के लिए शासन द्वारा म.प्र. सडक विकास निगम को राज्य बजट के माध्यम से इक्विटी के रूप में दिये जाने एवं इसके विरूद्ध निगम द्वारा राज्य शासन को शेयर्स जारी किये जाने का अनुमोदन किया गया है। लोक स्वास्थ्य केंद्रों, ड्रग रेग्युलेटरी सिस्टम के सुदृढीकरण और औषधि नियंत्रण के लिए 3,245 करोड़ 80 लाख रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग अंतर्गत तीन योजनाओं के 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालन के लिए 3,245 करोड़ 80 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। निर्णय अनुसार प्रदेश के सामुदायिक स्वास्थ्य, उप स्वास्थ्य और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के भवन निर्माण से संबंधित योजना के लिए 3,113 करोड़ 27 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। इसी तरह ड्रग रेग्युलेटरी सिस्टम का सुदृढीकरण से संबंधित योजना के लिए 20 करोड़ 90 लाख रूपये और औषधि नियंत्रण से संबंधित योजना के लिए 111 करोड़ 63 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। छिन्दवाडा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज अस्पताल के निर्माण के लिए 953 करोड़ 69 लाख रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने छिन्दवाडा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज अस्पताल एवं अन्य भवनों का निर्माण तथा सभी संबंद्ध सेवाओं सहित बाहय विकास कार्यों के … Read more

MP में बड़ा फैसला! 58 लाख बच्चों को ₹600, अग्निवीरों के लिए 20% कोटा

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं। प्रदेश सरकार ने स्कूली छात्रों, अग्निवीरों और राज्य के विकास कार्यों को लेकर बड़े निर्णय लिए हैं, जिनमें कक्षा एक से आठवीं तक के विद्यार्थियों को ड्रेस के स्थान पर नगद राशि देना और वर्दीधारी पदों पर अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण देना प्रमुख है। 58 लाख विद्यार्थियों के खातों में डीबीटी से आएंगे 600 रुपये कैबिनेट बैठक में स्कूली शिक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। अब प्रदेश में कक्षा एक से लेकर आठवीं तक के विद्यार्थियों को स्कूल ड्रेस (गणवेश) के स्थान पर 600 रुपये की नगद राशि दी जाएगी। यह राशि सीधे छात्रों या उनके अभिभावकों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से भेजी जाएगी। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के करीब 58 लाख विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा। अग्निवीरों को वर्दीधारी पदों की भर्ती में 20% आरक्षण सेना में अपनी सेवाएं देने वाले अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से भी कैबिनेट ने एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर मुहर लगाई है। राज्य में पुलिस, वन विभाग और अन्य वर्दीधारी पदों पर होने वाली सरकारी भर्तियों में अब अग्निवीरों को 20 प्रतिशत का सीधा आरक्षण दिया जाएगा। दमोह-कटनी मार्ग और छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज को मंजूरी बैठक में बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास पर भी चर्चा हुई। कैबिनेट ने कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए दमोह-कटनी मार्ग के निर्माण कार्य को अपनी मंजूरी प्रदान की है। इसके साथ ही, छिंदवाड़ा मेडिकल साइंस कॉलेज के निर्माण के लिए भी पुनरीक्षित स्वीकृति दी गई है, जिससे क्षेत्र में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूती मिलेगी।

छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, कोरिया-बालोद-जशपुर-दंतेवाड़ा के अपर कलेक्टर बदले

रायपुर राज्य शासन ने मंगलवार को राज्य प्रशासनिक सेवा के 125 अधिकारियों के तबादले किए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी आदेश में अधिकारियों को प्रशासनिक आधार पर स्थानांतरित करते हुए नई पदस्थापना दी गई है। आदेश में अपर कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर समेत मंत्रालय और विभिन्न विभागों में पदस्थ अधिकारियों के नाम शामिल हैं। कई जिलों के अपर कलेक्टर भी बदले तबादला सूची में कई जिलों के अपर कलेक्टर भी बदले गए हैं। सुरेंद्र प्रसाद वैद्य को कोरिया के अपर कलेक्टर से बालोद का अपर कलेक्टर बनाया गया है। चंद्रकांत कौशिक को बालोद से सारंगढ़-बिलाईगढ़, सुनील कुमार नायक को सरगुजा से जशपुर और राजेश कुमार पात्रे को दंतेवाड़ा के अपर कलेक्टर पद से हटाकर नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण में प्रबंधक की जिम्मेदारी दी गई है। ट्रांसफर लिस्ट में कई महत्वपूर्ण जिलों के अपर कलेक्टर और संयुक्त कलेक्टर लेवेल के अधिकारी के पद प्रभावित हुए हैं: सुरेन्द्र प्रसाद वैद्य (अपर कलेक्टर, कोरिया) को बालोद का नया अपर कलेक्टर बनाया गया है।  चन्द्रकांत कौशिक (अपर कलेक्टर, बालोद) को सारंगढ़-बिलाईगढ़ स्थानांतरित किया गया है।  सुनील कुमार नायक (अपर कलेक्टर, सरगुजा) अब जशपुर के अपर कलेक्टर का पदभार संभालेंगे।  राजीव कुमार पाण्डेय (अपर संचालक, उच्च शिक्षा) को जशपुर का अपर कलेक्टर नियुक्त किया गया है।  सुश्री योगिता देवांगन (अपर कलेक्टर, दुर्ग) को कोरबा का नया अपर कलेक्टर बनाया गया है।  चन्द्रिका प्रसाद बघेल (अपर कलेक्टर, बस्तर) को सुकमा भेजा गया है।  कई अन्य को भी मिली बड़ी जिम्मेदारी इसी तरह राजीव कुमार पांडेय को उच्च शिक्षा संचालनालय में अपर संचालक से जशपुर का अपर कलेक्टर बनाया गया है। अरविंद कुमार पांडेय को रायपुर विकास प्राधिकरण से छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी, निमोरा रायपुर में संयुक्त संचालक की जिम्मेदारी दी गई है। निष्ठा पांडेय तिवारी को मुंगेली से बेमेतरा और प्रदीप कुमार साहू को जशपुर से बेमेतरा का अपर कलेक्टर बनाया गया है। रायपुर से जुड़े अधिकारियों की भी बदली जिम्मेदारी आदेश में रायपुर से जुड़े कई अधिकारियों की पदस्थापना में भी बदलाव किया गया है। रवि राही को रायगढ़ के अपर कलेक्टर पद से रायपुर नगर निगम में अपर आयुक्त बनाया गया है। अतुल विश्वकर्मा को नवा रायपुर में संयुक्त आयुक्त, भू-अभिलेख से रायपुर नगर निगम में अपर आयुक्त की जिम्मेदारी दी गई है। ऋचा शर्मा को पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के अवर सचिव पद से रायपुर नगर निगम में उपायुक्त बनाया गया है। इसके अलावा नितिन तिवारी को बिलासपुर के डिप्टी कलेक्टर से नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण में प्रबंधक बनाया गया है। गोविंद कुमार सिन्हा को नारायणपुर के डिप्टी कलेक्टर पद से हटाकर छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड, रायपुर में मुख्य कार्यपालन अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण कर पालन प्रतिवेदन विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

FBI की टॉप-10 लिस्ट में गोल्डी बराड़, भारत के मोस्ट वांटेड आतंकियों पर नजर

वाशिंगटन अमेरिका की जांच एजेंसी एफबीआई ने कुख्यात गैंगस्टर सतविंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ को अपनी 'टॉप 10 मोस्ट वांटेड' सूची में शामिल कर लिया है। साथ ही FBI ने बराड़ की सूचना देने पर 10 लाख अमेरिकी डॉलर के इनाम की घोषणा भी कर दी है। इसके बाद अब भारत के दुश्मनों की चर्चा भी शुरू हो गई है। जानते हैं कौन हैं भारत के 10 मोस्ट वांटेड अपराधी। इससे पहले एफबीआई ने सोमवार को एक बयान जारी कर कहा है कि लॉरेंस बिश्नोई का गिरोह दक्षिणी कैलिफोर्निया के साथ-साथ पूरे अमेरिका और कनाडा में कई तरह की हिंसक गतिविधियों में शामिल है और गोल्डी बराड़ भी उसी गैंग से जुड़ा है। एफबीआई के मुताबिक गोल्डी बराड़ राजनीतिक और धार्मिक नेताओं की हत्या, गोलीबारी, हत्या के प्रयास, अपहरण, रंगदारी, मारपीट और नशीली पदार्थों और हथियारों की तस्करी जैसी गतिविधियों में शामिल रहा है। एफबीआई ने बताया कि वह अमेरिका में है और उत्तरी अमेरिका में गिरोह का सरगना है। भारत के दुश्मन कौन? भारत में गैर-कानूनी गतिविधियां निवारण अधिनियम (UAPA), 1967 की धारा 35 के तहत तैयार की गई सूची में कुल 80 लोगों को आतंकवादी घोषित किया गया है। इस सूची में गोल्डी बराड़ 56वें नंबर पर है। गृह मंत्रालय की इस मोस्ट वांटेड लिस्ट में से भारत के कई दुश्मन पाकिस्तान, अमेरिका, ब्रिटेन और जर्मनी जैसे देशों में छिपे हैं। कौन हैं भारत के सबसे बड़े दुश्मन? 1. मौलाना मसूद अजहर आतंकी संगठन: जैश-ए-मोहम्मद उम्र: 58 वर्ष, ठिकाना: पाकिस्तान मसूद अजहर जैश-ए-मोहम्मद का संस्थापक और प्रमुख है। उसे 1 मई 2019 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने वैश्विक आतंकवादी घोषित कर दिया था। काले कारनामों की बात करें तो 13 दिसंबर 2001 के संसद हमले, 5 जुलाई 2005 के अयोध्या राम जन्मभूमि मंदिर पर हमले, 2016 के पठानकोट एयरबेस हमले और 14 फरवरी 2019 के पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों पर हुए हमले का सरगना मसूद अजहर ही है। मसूद अजहर को 1999 में IC 814 विमान हाईजैक के दौरान छोड़ दिया गया था। 2. हाफिज सईद आतंकी संगठन: लश्कर-ए-तैयबा/जमात-उद-दावा उम्र: 76 वर्ष, ठिकाना: पाकिस्तान लश्कर-ए-तैयबा का प्रमुख और संस्थापक। 10 दिसंबर 2008 को यूएन द्वारा वैश्विक आतंकवादी घोषित। हाफिज सईद 26/11 मुंबई आतंकी हमलों का मुख्य साजिशकर्ता है। एनआईए (NIA) ने इसे 2025 के पहलगाम आतंकी हमले में भी आरोपी बनाया है। 3. जकी-उर-रहमान लखवी आतंकी संगठन: लश्कर-ए-तैयबा उम्र: 76 वर्ष, ठिकाना: पाकिस्तान लश्कर-ए-तैयबा का चीफ ऑपरेशनल कमांडर और संस्थापक सदस्य। 22 दिसंबर 2000 का लाल किला हमला, 2008 का रामपुर हमला और 26/11 मुंबई हमला इसके नेतृत्व में हुआ। इसके अलावा उधमपुर में बीएसएफ काफिले पर हुए हमले में भी इसका नाम शामिल है। 4. दाऊद इब्राहिम कास्कर उम्र: 71 वर्ष, ठिकाना: पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय अपराध सिंडिकेट 'डी-कंपनी' का सरगना। 1986 में भारत से भागा था। 3 नवंबर 2003 को यूएन द्वारा वैश्विक आतंकी घोषित। टेरर फंडिंग, हथियारों की तस्करी, जाली नोट, मनी लॉन्ड्रिंग और 1993 के मुंबई ब्लास्ट का मास्टरमाइंड है। अल-कायदा और ओसामा बिन लादेन को सहयोग देने का भी आरोप। SAFEMA के तहत इसकी संपत्तियों की नीलामी की जा चुकी है। 5. वाधवा सिंह बराड़ आतंकी संगठन: बब्बर खालसा इंटरनेशनल उम्र: 72 वर्ष, ठिकाना: पाकिस्तान प्रतिबंधित संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) का प्रमुख। जून 1985 में एयर इंडिया कनिष्क विमान विस्फोट (329 मौतें), अगस्त 1995 में पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की मानव बम से हत्या, 2004 का बुड़ैल जेल ब्रेक, और अप्रैल 2024 में वीएचपी नेता विकास बग्गा की हत्या। 6. लखबीर सिंह रोडे आतंकी संगठन: इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन उम्र: 74 साल, ठिकाना: पाकिस्तान (मृत होने की आशंका) इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन (ISYF) का प्रमुख। सीमा पार से भारत में हथियारों और विस्फोटकों की खेप भेजना। 2019-2020 के दौरान पंजाब में ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी के नेटवर्क का संचालन करने के आरोप हैं। 7. रणजीत सिंह उर्फ नीता आतंकी संगठन: खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स उम्र: 58 वर्ष, ठिकाना: पाकिस्तान 1993 में बने खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (KZF) का संस्थापक और प्रमुख। 1996 में झेलम एक्सप्रेस ब्लास्ट, 1997 में पठानकोट बस ब्लास्ट, 1999 में पूजा एक्सप्रेस ब्लास्ट और 2 दिसंबर 2024 को पंजाब पुलिस चौकी पर हुआ ग्रेनेड हमले में हाथ है। 8. भूपिंदर सिंह भिंडा आतंकी संगठन: खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स उम्र: 51 वर्ष, ठिकाना: जर्मनी खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स का मुख्य सदस्य। उत्तर भारत में 1996 से 2005 के बीच हुए विभिन्न बम धमाकों में शामिल। जुलाई 2010 में विएना में डेरा सच्चा सौदा/राधास्वामी संप्रदाय के प्रमुख को निशाना बनाने की साजिश के सिलसिले में जर्मनी में गिरफ्तार हुआ था और सजा काट चुका है। 9. गुरपतवंत सिंह पन्नू आतंकी संगठन: सिख्स फॉर जस्टिस उम्र: लगभग 50, ठिकाना: अमेरिका भारत सरकार द्वारा प्रतिबंधित संगठन 'सिख्स फॉर जस्टिस' (SFJ) का संस्थापक और कानूनी सलाहकार। 'रेफरेंडम 2020' अभियान चलाना, पंजाब के युवाओं और गैंगस्टरों को हिंसा के लिए उकसाना, सोशल मीडिया के जरिए देश की संप्रभुता को चुनौती देना और अलगाववादी गतिविधियों की फंडिंग करना। 10. परमजीत सिंह उर्फ पम्मा आतंकी संगठन: बब्बर खालसा इंटरनेशनल उम्र: 42 साल, ठिकाना: ब्रिटेन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) का मुख्य ऑपरेटिव। पंजाब में आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए गैंगस्टरों और गोल्डी बराड़ के नेटवर्क के साथ हाथ मिलाना। मई 2026 में एनआईए ने इसके और इसके नेटवर्क के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।

‘प्रगति-50’ में रायपुर-बिलासपुर, CM साय ने स्वच्छता मित्रों को दी बधाई

रायपुर. भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय की महत्वाकांक्षी ‘प्रगति-50’ (PRAGATI-50) योजना में छत्तीसगढ़ के रायपुर और बिलासपुर को शामिल किया गया है। केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से योजना का शुभारंभ किया। देश के चुनिंदा 50 शहरों में राज्य के दो शहरों के शामिल होने से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री अरुण साव के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ के नगरीय विकास एवं स्वच्छता प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। शुभारंभ कार्यक्रम में चयनित राज्यों के नगरीय विकास विभागों, शहरी स्थानीय निकायों के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने सहभागिता की। केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू नई दिल्ली से कार्यक्रम में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री अरुण साव राजनांदगांव से कार्यक्रम में वर्चुअली जुड़े। मुख्यमंत्री साय और उप मुख्यमंत्री साव ने ‘प्रगति-50’ में शामिल होने पर रायपुर और बिलासपुर नगर निगमों, दोनों शहरों के स्वच्छता मित्रों और शहरवासियों को बधाई दी है। रायपुर की महापौर मीनल चौबे और बिलासपुर की महापौर पूजा विधानी के साथ दोनों नगर निगमों के आयुक्त भी कार्यक्रम में ऑनलाइन सम्मिलित हुए। प्रधानमंत्री द्वारा ‘प्रगति’ की बैठक में दिए गए निर्देशों पर शुरू हुई पहल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित 51वीं ‘प्रगति’ बैठक के निर्देशों पर शुरू की गई यह पहल स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के अंतर्गत चयनित शहरों में स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं को तेज गति से सुदृढ़ करने पर केंद्रित है। योजना में देश के 50 शहरों को शामिल किया गया है। इन शहरों को केंद्र सरकार की ओर से विशेष तकनीकी सहयोग, सतत मार्गदर्शन और गहन निगरानी मिलेगी। साथ ही श्रेष्ठ कार्य-पद्धतियों को अपनाने के लिए भी सहयोग दिया जाएगा। ‘प्रगति-50’ के तहत घर-घर कचरा संग्रहण, कचरे का वैज्ञानिक पृथक्करण एवं प्रसंस्करण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को अधिक प्रभावी और टिकाऊ बनाने तथा सार्वजनिक स्वच्छता सुविधाओं व शहरों की साफ-सफाई में सुधार लाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। भारत सरकार की इस महत्वाकांक्षी पहल के अंतर्गत उपयोग किए गए जल के उपचार, पुन: उपयोग और समुचित प्रबंधन को बढ़ावा देने तथा स्वच्छता अभियानों में नागरिकों, संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता बढ़ाने के साथ ही निर्धारित संकेतकों के आधार पर शहरों के प्रदर्शन की नियमित समीक्षा एवं मॉनिटरिंग भी की जाएगी। राज्य की कोशिशों का परिणाम मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री अरुण साव के मार्गदर्शन में राज्य सरकार नगरीय निकायों में स्वच्छता, जनसुविधाओं के विस्तार, प्रभावी कचरा प्रबंधन और बेहतर सेवा-प्रदाय के लिए प्राथमिकता से काम कर रही है। ‘प्रगति-50’ के लिए रायपुर और बिलासपुर का चयन राज्य सरकार की इन कोशिशों का परिणाम है। इसमें दोनों नगर निगमों की सक्रिय भूमिका, स्वच्छता मित्रों की मेहनत और नागरिकों का सहयोग भी शामिल है। राज्य के अन्य नगरीय निकायों के लिए बनेगा मॉडल ‘प्रगति-50’ के माध्यम से रायपुर और बिलासपुर को राष्ट्रीय स्तर की श्रेष्ठ कार्य-पद्धतियां अपनाने का अवसर मिलेगा। दोनों शहरों में स्वच्छता व्यवस्था, कचरा प्रबंधन, प्रयुक्त जल प्रबंधन तथा नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता में और सुधार किया जाएगा। इन शहरों के अनुभव और नवाचार छत्तीसगढ़ के अन्य नगरीय निकायों के लिए भी उपयोगी मॉडल बन सकेंगे। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के लिए रायपुर और बिलासपुर के चयन पर नगरीय प्रशासन विभाग तथा दोनों निकायों के अधिकारियों एवं स्वच्छता मित्रों को बधाई देते हुए कहा कि दोनों शहरों का चयन पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। यह हमारे स्वच्छता मित्रों के परिश्रम और नागरिकों की भागीदारी का सम्मान है। केंद्र सरकार के सहयोग से दोनों शहर स्वच्छता के क्षेत्र में देश के अग्रणी शहरों में अपनी जगह बनाएंगे।

CEC पर एकतरफा फैसलों का आरोप, सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई को दी मंजूरी

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दायर याचिका पर अगले हफ्ते सुनवाई करने पर सहमति जताई है। इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि उन्होंने अन्य दो चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की मंजूरी के बिना निर्वाचन आयोग (ECI) के नाम पर एकतरफा फैसले लिए। वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत के सामने यह याचिका रखी। उन्होंने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने इस मामले को जल्द लिस्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कानूनी नियमों के मुताबिक कई सदस्यों वाले कमीशन के फैसले सर्वसम्मति से या बहुमत से होने चाहिए। क्या आरोप लगाया गया? विकास सिंह ने कहा, "कई सदस्यों वाले आयोग का मकसद यह था और कानून में भी यही लिखा है कि फैसला सर्वसम्मति से या बहुमत से लिया जाए। अब चुनाव आयोग ने जिस तरह से काम किया है उसे देखते हुए इस बात पर गंभीर संदेह है कि क्या एसआईआर की पूरी प्रक्रिया के लिए चुनाव आयोग ने कोई फैसला लिया भी था या नहीं। क्योंकि अगर आयोग ने सर्वसम्मति से फैसला नहीं लिया है तो… कोर्ट ने भी जो फैसला सुनाया है वह इसी आधार पर सुनाया है कि यह आयोग का फैसला है। इसलिए, यह एक गंभीर मामला है।" याचिका में क्या मांग की गई? इस याचिका में अधिकार-पृच्छा रिट की मांग की गई है। इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त से यह बताने को कहा गया है कि उन्होंने किस अधिकार के तहत ऐसे काम किए हैं और कर रहे हैं मानो वे अकेले ही उस सामूहिक निर्णय लेने की शक्ति का इस्तेमाल करने के हकदार हों, जो संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत एक संस्था के तौर पर चुनाव आयोग को दी गई है। वहीं, राकेश कुमार सिंह की ओर से कोर्ट में दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि सत्ता का लगातार केंद्रीकरण हो रहा है, एजेंडा और मीटिंग के मिनट्स (कार्यवृत्त) में देरी या उनकी कमी है, वोटर लिस्ट की प्रक्रियाओं में बदलाव किए गए हैं और दो चुनाव आयुक्तों की जानकारी या मंजूरी के बिना अपीलें दायर की गई हैं। याचिका में इस बात पर जोर दिया गया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम, 2023 के अनुसार, चुनाव आयोग का कामकाज जहां तक संभव हो सर्वसम्मति से किया जाना चाहिए और अगर किसी मामले पर मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की राय अलग-अलग होती है तो उस मामले का फैसला बहुमत की राय के आधार पर किया जाएगा।

बारिश-ठंड में 28 का सटीक निशाना, नीरू ने रचा एशियन गेम्स इतिहास

नई दिल्ली भारतीय सेना में नायब सूबेदार नीरू ने बारिश से भीगे शूटिंग रेंज और गिरते तापमान के बीच कमाल का संयम दिखाया. फाइनल में चीन की सुन युनोंग ने 26 निशाने साधे, जबकि कुवैत की अब्दुलमलिक हाजर 21 के स्कोर के साथ पीछे रहीं. नीरू ने 28 का स्कोर बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया.     10 दिन पहले फ्लू हुआ था… भोपाल में थीं भर्ती भोपाल में एशियन गेम्स से करीब 10 दिन पहले नीरू को तेज फ्लू हुआ था. बीमारी इतनी गंभीर थी कि उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा. वह पांच दिन तक खाना तक नहीं खा सकीं. बीमारी को लेकर H1N1 की आशंका भी जताई गई थी. ऐसे वक्त में एशियन गेम्स में उतरना भी सवाल था और फॉर्म को लेकर भी संशय था… लेकिन नीरू के निजी कोच और पूर्व अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज मंशेर सिंह ने उन्हें बीमारी को पीछे छोड़कर सिर्फ टारगेट पर ध्यान देने को कहा. नीरू ने वही किया. उन्होंने जीत के बाद कहा, 'मंशेर सर ने सिर्फ इतना कहा कि जो हुआ उसे भूल जाओ और टारगेट पर ध्यान दो. मैंने वही किया.' … बारिश और ठंड भी नहीं रोक सकी मंगलवार को शूटिंग रेंज का मौसम भी आसान नहीं था. लगातार बारिश और खराब विजिबिलिटी ने उड़ते हुए क्ले टारगेट को देखना मुश्किल कर दिया था. तापमान भी नीचे जा रहा था. लेकिन नीरू का निशाना नहीं डगमगाया. क्वालिफिकेशन के शुरुआती चार राउंड में उन्होंने 100 में 95 निशाने साधे और बढ़त बना ली. पांचवें राउंड में उन्होंने 23 का स्कोर किया. कुल 118 के स्कोर के साथ वह कतर की बासिल रे के बराबर रहीं और आठ निशानेबाजों वाले फाइनल में पहुंच गईं. इसके बाद शुरू हुआ असली इम्तिहान. आखिरी पांच निशाने और गोल्ड फाइनल में जैसे-जैसे मुकाबला आगे बढ़ा, मुश्किल मौसम का असर दूसरे निशानेबाजों पर दिखने लगा. लेकिन नीरू अपनी लय में बनी रहीं. आखिरी पांच निशानों से पहले उनके पास चीन की सुन युनोंग पर दो अंक की बढ़त थी. इसी दौरान नीरू को येलो कार्ड भी दिखाया गया. कुछ देर के लिए फैसला विवादित रहा और फिर उन्हें इसका लाभ मिला. वापसी के बाद नीरू ने एक बार फिर अपना फोकस दिखाया. आखिरी पांचों टारगेट पर निशाना सटीक लगा. 28/30…गोल्ड पक्का आखिरी टारगेट टूटते ही भारतीय खेमे में जश्न शुरू हो गया. भारत के ब्रिटिश कोच और ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट पीटर विल्सन ने नीरू को तिरंगे में लपेट लिया. नीरू हालांकि बेहद शांत नजर आईं. जैसे उन्हें पता हो कि अभी कहानी पूरी नहीं हुई है. पहले टीम सिल्वर, फिर व्यक्तिगत गोल्ड नीरू ने इसी दिन पहले टीम स्पर्धा में भी भारत को सिल्वर दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी. नीरू के 118, आशीमा अहलावत के 106 और मनीषा कीर के 104 के स्कोर से भारत का कुल स्कोर 328 रहा. चीन ने 346 के स्कोर के साथ गोल्ड जीता, जबकि कुवैत को 325 के साथ ब्रॉन्ज मिला. लेकिन दिन का सबसे बड़ा पल नीरू के लिए व्यक्तिगत फाइनल में आया. वह महिलाओं की ट्रैप स्पर्धा में एशियन गेम्स का व्यक्तिगत मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गईं और भारत के लिए मौजूदा गेम्स में व्यक्तिगत शूटिंग गोल्ड जीतने वाली पहली निशानेबाज भी बनीं. 2017 में शुरू हुआ सफर नीरू का शूटिंग सफर 2017 में मध्य प्रदेश शूटिंग अकादमी पहुंचने के बाद तेजी से आगे बढ़ा. उन्हें उनके चचेरे भाई और 2018 एशियन गेम्स में पुरुषों की ट्रैप स्पर्धा के सिल्वर मेडलिस्ट लक्ष्य श्योराण ने इस खेल को अपनाने के लिए प्रेरित किया था. इसके बाद नीरू ने पीछे मुड़कर नहीं देखा. हाल ही में उन्होंने इटली के लोनाटो में ISSF वर्ल्ड कप में ट्रैप का गोल्ड जीतकर इतिहास रचा था. वह इस स्पर्धा में ISSF वर्ल्ड कप का व्यक्तिगत गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनी थीं. अब एशियन गेम्स का गोल्ड भी उनके नाम है. गोल्ड जवानों को समर्पित नीरू ने अपनी इस ऐतिहासिक जीत को भारतीय सेना के जवानों को समर्पित किया. उन्होंने कहा कि सीमा पर देश की रक्षा करने वाले जवानों के सामने उनकी उपलब्धि कुछ भी नहीं है. उन्होंने 1978 के बैंकॉक एशियन गेम्स में भारत को ट्रैप का पहला गोल्ड दिलाने वाले रणधीर सिंह को भी याद किया. नीरू ने बताया कि रणधीर सिंह हमेशा उन्हें गर्मजोशी से मिलते थे और सलाह देते थे. अब नीरू ने उसी विरासत में अपना नाम जोड़ दिया है. लेकिन नीरू की नजर सिर्फ एशियन गेम्स के गोल्ड पर नहीं रुकी है. उनके लिए यह सफर आगे भी जारी है. उनका अगला बड़ा निशाना ओलंपिक है.

पाकिस्तान ने नहीं दिया एयरस्पेस क्लियरेंस, बांग्लादेश का न्यूक्लियर फ्यूल अटका

 ढाका जिस पाकिस्तान के लिए भारत से दुश्मनी मोल लेने को तैयार बैठे बांग्लादेश को उसी ने धोखा दे दिया है। बांग्लादेश के रूपपुर न्यूक्लियर पावर प्लांट के लिए न्यूक्लियर फ्यूल की सप्लाई प्रभावित हो गई है। इसकी वजह पाकिस्तान है। पाकिस्तान की ओर से एयरस्पेस क्लियरेंस नहीं मिलने के कारण यूनिट-2 के लिए यूरेनियम लेकर आने वाला कार्गो विमान बांग्लादेश नहीं पहुंच सका। बांग्लादेश के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री फकीर महबूब अनाम ने ANI को फोन पर बताया कि रूपपुर न्यूक्लियर पावर प्लांट के लिए यूरेनियम लेकर आने वाले कार्गो विमान के 24 सितंबर को पहुंचने की उम्मीद थी। हालांकि, विमान को पाकिस्तानी एयरस्पेस इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं मिली और इसी वजह से यूरेनियम तय समय पर बांग्लादेश नहीं पहुंच सका। पाकिस्तान ने एयरस्पेस क्लियरेंस क्यों नहीं दी? मंत्री ने कहा कि फिलहाल पाकिस्तान की ओर से एयरस्पेस क्लियरेंस नहीं दिए जाने की सही वजह स्पष्ट नहीं है। उन्होंने बताया कि यूरेनियम की बांग्लादेश पहुंचने की नई तारीख प्रस्तावित की गई है। रूस की ओर से इसके अक्टूबर के पहले सप्ताह में बांग्लादेश पहुंचने की बात कही गई है। एयरपोर्ट पर पूरी तैयारी थी बांग्लादेश के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के संयुक्त सचिव शेख मोहम्मद तौहिदुल इस्लाम ने भी इस मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट पर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं और अधिकारी विमान का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि रोसाटॉम के संपर्क अधिकारी ने उन्हें बताया कि एयरस्पेस क्लियर नहीं है। इस वजह से यूरेनियम को भेजना संभव नहीं हो सका और अब इसे दोबारा शेड्यूल करना पड़ सकता है। अधिकारी यह भी स्पष्ट नहीं कर सके कि किस देश ने एयरस्पेस को ब्लॉक किया था। रूस की रोसाटॉम की मदद से बन रहा है प्लांट रूपपुर न्यूक्लियर पावर प्लांट बांग्लादेश का पहला परमाणु ऊर्जा संयंत्र है। इसका निर्माण रूस की स्टेट एटॉमिक एनर्जी कॉरपोरेशन रोसाटॉम की तकनीकी मदद से किया जा रहा है और इसकी निगरानी बांग्लादेश एटॉमिक एनर्जी कमीशन कर रहा है। यह प्लांट बांग्लादेश के पाबना जिले के ईश्वरडी उपजिला के पाकशी यूनियन में पद्मा नदी के किनारे रूपपुर गांव में बनाया जा रहा है। परियोजना में तीसरी पीढ़ी के दो VVER-1200 रिएक्टर यूनिट बनाए जा रहे हैं। दोनों यूनिट की कुल क्षमता 2,400 मेगावाट बेसलोड बिजली उत्पादन की होगी। यूनिट-1 के लिए पहले पहुंच चुका है यूरेनियम रूपपुर न्यूक्लियर पावर प्लांट की यूनिट-1 के लिए लो-एनरिच्ड यूरेनियम फ्यूल की पहली खेप रूस से बांग्लादेश पहुंच चुकी है। रोसाटॉम के नोवोसिबिर्स्क केमिकल कंसंट्रेट्स प्लांट में तैयार किए गए 164 नए फ्यूल असेंबली को रूस से एक भारी क्षमता वाले रूसी कार्गो विमान के जरिए ढाका के हजरत शाहजलाल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचाया गया था। इसके बाद रेडिएशन-शील्डेड कंटेनरों को कड़ी सुरक्षा के बीच ढाका से पाबना के ईश्वरडी स्थित प्लांट तक पहुंचाया गया था। इसके लिए बांग्लादेश सेना और कानून-प्रवर्तन एजेंसियों की निगरानी में विशेष ‘ग्रीन कॉरिडोर’ बनाया गया था। अक्टूबर 2023 में प्लांट साइट पर आधिकारिक हैंडओवर समारोह आयोजित किया गया था।