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ईरान-अमेरिका तनाव के बीच जनरल का बड़ा दावा, ‘अमेरिकी बेस बेकार हो चुके हैं’

तेहरान  ईरान के साथ अमेरिका का तनाव फिलहाल खत्म नहीं होने वाला है। ईरान सेना के ब्रिगेडियर जनरल हुसैन मोहेब्बी का ताजा बयान यह साफ संकेत दे रहा है। ब्रिगेडियर जनरल हुसैन मोहेब्बी ने साफ शब्दों में कहा है कि अमेरिका के पास अब कोई और रास्ता नहीं बचा। उसे हार माननी होगी और इस इलाके से निकल जाना होगा। 'अपने बेस को बचा नहीं पाया अमेरिका' हुसैन मोहेब्बी ने कहा कि ईरान का अभियान तभी खत्म होगा, जब अमेरिका यह हकीकत स्वीकार कर लेगा कि वह हार चुका है। बता दें कि मिडिल ईस्ट में तनाव अब पहले से ज्यादा बढ़ गए हैं, यह बयान विवाद को और तूल देने का काम कर सकता है। मोहेब्बी ने बताया कि अमेरिका के सैनिक अड्डे हाल के संघर्ष में खुद को भी नहीं बचा पाए। ज्यादातर अड्डे अब पूरी तरह बेकार हो चुके हैं। उन्हें दोबारा बनाने में इतना खर्च आएगा कि अमेरिका के लिए यह फायदेमंद नहीं रहेगा। ईरान लगातार नए हथियार बना रहा है जनरल ने जोर देकर कहा कि ईरान दुनिया की हर उपलब्ध तकनीक का इस्तेमाल कर नए हथियार डिजाइन कर रहा है। पुराने उपकरणों को अपग्रेड किया जा रहा है और रक्षा प्रणालियों का बड़े पैमाने पर उत्पादन हो रहा है। इसका मकसद देश और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। अगर युद्ध का रूप बदलता है तो ईरान मैदान में और नए हथियार लाएगा। पड़ोसियों का बदल रहा रुख मोहेब्बी ने पड़ोसी देशों का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका कभी भी ईरान और उसके पड़ोसियों के बीच पुराने रिश्ते और संचार मार्ग नहीं तोड़ सकता। पड़ोसी देशों को अब समझ आ गया है कि उनके इलाके में अमेरिकी अड्डे सुरक्षा नहीं बल्कि असुरक्षा बढ़ाते हैं। दबाव में नहीं आने वाला ईरान बता दें कि ईरान के उत्तर-पश्चिमी और दक्षिण-पूर्वी सीमा क्षेत्रों में अमेरिका ने सशस्त्र समूहों का समर्थन किया था। लेकिन यह कोशिश भी नाकाम रही। जनरल ने बताया कि यह अमेरिका की एक और बड़ी विफलता साबित हुई। ईरान का यह रुख साफ है कि वह दबाव में आने वाला नहीं है। मोहेब्बी के शब्दों में अमेरिका अब इस क्षेत्र में अपनी उपस्थिति बनाए रखने में सक्षम नहीं दिख रहा। नए हथियारों के विकास और पड़ोसियों के साथ मजबूत रिश्तों के चलते ईरान अपनी स्थिति को और मजबूत मान रहा है। हालांकि, अमेरिका की तरफ से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन ईरान के इस रवैये से साफ है कि वह अपने बचाव को लेकर पूरी तरह तैयार है।

इंजन फेल होने के बावजूद Starship ने रचा इतिहास, 26 सैटेलाइट किए लॉन्च

वाशिंगटन स्पेसएक्स के अगली पीढ़ी के रॉकेट स्टारशिप ने सोमवार को पहली बार पृथ्वी की कक्षा तक पहुंचने में सफलता हासिल की। उड़ान के दौरान एक इंजन अचानक बंद हो गया था, जिससे मिशन को बीच में ही छोटा करना पड़ा। इसके बावजूद स्टारशिप ने 26 नई पीढ़ी के स्टारलिंक सैटेलाइट कक्षा में सफलतापूर्वक तैनात किए। इसके बाद मिशन को तय समय से करीब 7 घंटे पहले खत्म कर दिया गया और स्टारशिप ने प्रशांत महासागर में नियंत्रित तरीके से उतरते हुए समुद्र में तेज आग के साथ टचडाउन किया। यह उड़ान टेक्सास के स्टारबेस परिसर से हुई थी और 2023 के बाद स्टारशिप की 14वीं उड़ान थी। यह मिशन 10 घंटे चलने वाला था, लेकिन इंजन में आई दिक्कत के बाद इसे करीब तीन घंटे में ही खत्म कर दिया गया। स्टारशिप का ऊपरी हिस्सा अंतरिक्ष में पहुंचने के बाद उसके तीन मुख्य इंजनों में से एक समय से पहले बंद हो गया। स्पेसएक्स के प्रवक्ता डैन हुओट ने पहले कहा कि इस स्थिति में यान को कक्षा तक भेजने का फैसला नहीं किया जाएगा। हालांकि, इंजीनियरों से मिले अपडेट के बाद उन्होंने कुछ मिनट में बताया कि स्टारशिप अभी भी इंजन फायरिंग के जरिए कक्षा तक पहुंच सकता है। इसके बाद यान ने सफलतापूर्वक यह प्रक्रिया पूरी की। करीब 40 मंजिल ऊंचा यान है स्टारशिप करीब 269 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्टारशिप ने एक-एक करके 26 नई पीढ़ी के स्टारलिंक सैटेलाइट छोड़े। एलन मस्क ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि सभी 26 सैटेलाइट सफलतापूर्वक तैनात हो गए और सामान्य तरीके से काम कर रहे हैं। स्टारशिप करीब 40 मंजिल ऊंचा यान है, जिसमें सुपर हेवी बूस्टर के ऊपर मुख्य स्टारशिप यान लगा होता है। उड़ान के दौरान सुपर हेवी ने स्टारशिप को अंतरिक्ष तक पहुंचाया और फिर खुद समुद्र में नियंत्रित तरीके से उतरा। हालांकि, उसके कुछ इंजन नीचे आते समय काम करना बंद कर गए। कितना मुश्किल रहा अब तक का सफर स्टारशिप का प्रशांत महासागर में उतरना भी योजना के मुताबिक नियंत्रित था। यान ने समुद्र की सतह से टकराने से पहले अपने थ्रस्टर की मदद से खुद को सीधा किया और समुद्र में पहुंचा। इसके बाद उसके निचले हिस्से में आग लग गई और यान एक तरफ झुक गया। स्पेसएक्स ने इस मिशन के बाद स्टारशिप को समुद्र से वापस निकालने की योजना नहीं बनाई थी। कंपनी के लिए यह सफलता इसलिए भी अहम है क्योंकि इससे पहले 2023 से हुई स्टारशिप की सभी 13 परीक्षण उड़ानें सिर्फ सबऑर्बिटल चरण तक सीमित रही थीं। स्टारशिप को भविष्य में स्टारलिंक सैटेलाइट तेजी से लॉन्च करने और नासा के चंद्र मिशनों में इस्तेमाल के लिए तैयार किया जा रहा है।

यात्रियों के लिए जिलों में सुविधायुक्त बस स्टैंड और अन्य प्रबंध किए जाएं

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के नागरिकों के हित में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरूआत की गई है। प्रदेश में वर्ष 2005 में राज्य परिवहन निगम बंद किया गया था। राष्ट्रवादी विचारक पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती, 25 सितम्बर से प्रदेश में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत 351 इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों के संचालन की शुरूआत हुई है, जिसका निरंतर विस्तार किया जाएगा। अगले पांच वर्ष में 14 हजार 981 बसों के संचालन का लक्ष्य है। इस सेवा में पूर्व से संचालित फिट बसों का उपयोग भी किया जा रहा है, अत: नागरिकों सहित किसी को भी भ्रमपूर्ण जानकारी पर विश्वास नहीं करना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंर्तगत नागरिकों की सुविधा के लिए आवश्यक सुविधाओं के विकास के संबंध में जिलों के कलेक्टर्स और पुलिस अधीक्षक को वीडियो कांफ्रेंसिंग द्वारा निर्देशित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सेवा संकल्प माह के अंतर्गत प्रारंभ इस सुविधा से स्थानीय प्रशासन द्वारा यात्रियों को व्यवस्थित बस संचालन का लाभ दिलवाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं। संबंधित जिलों में प्रशासन के स्तर पर नागरिकों और बस आपरेटर्स को आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाए। सेवा के प्रदेशव्यापी विस्तार के साथ सभी जिलों में प्रशासनिक अमला नागरिकों की सुविधा के लिए सजग भूमिका का निर्वहन करेगा। वर्तमान में जिन रूट्स पर बसों का संचालन किया जा रहा है वहां मैदानी अमले द्वारा सहयोगी रवैया अपनाया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन स्थानों पर बस डिपो या टर्मिनल बंद स्थिति में हो तो उन्हें स्वच्छता अभियान चलाकर और बैठक एवं अन्य सुविधाओं का विकास कर उपयोगी बनाया जाए। जहां स्टाप या बस स्टैंड खत्म हो चुके हैं वहां भूमि उपलब्ध करवाकर यह सुविधा विकसित की जाए। परमिट के अलावा जो बसें चल रही हैं उनके व्यवस्थित और अनुशासित संचालन को प्राथमिकता दी जाए। निजी बस ऑपरेटरों के फिटनेस, परमिट की शर्तें, ड्राइवर का बस संचालन और व्यवहार के लिए मजिस्ट्रेट एवं पुलिस अधिकारी से नियमित निरीक्षण की व्यवस्था की जाए। क्षेत्रीय कंपनियों के साथ शहरों में आवश्यक अधोसंरचना विकास के लिए स्थानीय प्रशासन सहयोग करे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बसों के बाधारहित संचालन के लिए थाना पुलिस और ट्रैफिक पुलिस का सहयोग दिलवाया जाए। इसके साथ ही जिला स्तरीय परिवहन सलाहकार समिति की नियमित बैठकें की जाएं। जिला कलेक्टर टीएल बैठक में क्षेत्रीय कंपनी के ईडी से भी प्रत्येक सप्ताह चर्चा करें।राज्य परिवहन उपक्रम की ओर से सभी जिला स्तरीय परिवहन सलाहकार समितियों के समक्ष रूट प्रस्तुतिकरण और सुझाव प्राप्त करने की काईवाई भी सुनिश्चित की जाए। आम जनता के हित में सभी एजेंसियों के बीच परस्पर आवश्यक संवाद रहे। परिवहन मंत्री  उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का अधिक से अधिक नागरिकों को लाभ दिलवाने के लिए निजी बस ऑपरेटरों को आवश्यक प्रोत्साहन दिया जा रहा है। यात्रियों से प्राप्त सुझावों पर भी प्रशासन की ओर से जरूरी प्रबंध किए जाएं। मुख्य सचिव  अशोक बर्णवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा मध्यप्रदेश शासन की महत्वाकांक्षी योजना है। परिवहन क्षेत्र में यात्रियों को बेहतर सुविधा मिले इसलिए बस ऑपरेटर्स से प्रशासन का नियमित संवाद हो। विभिन्न तरह की भ्रांतियां को समाप्त किया जाए। जो पूर्व से संचालित फिट बसें हैं, उनका संचालन किया जा रहा है। अनेक आधुनिक तकनीक भी अपनाई गई हैं, जिसमें यात्री एप के माध्यम से यात्रा के संबंध में बेहतर प्लान कर यात्रा कर सकता है। परिवहन सचिव  मनीष सिंह ने प्रजेंटेशन में बताया कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तीन प्रमुख स्तंभ हैं- बस संचालन, इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम और इंफ्रास्ट्रक्चर। वर्तमान में प्रारंभ की गई बसों की संख्या निरंतर बढ़ाई जाएगी। यात्रियों को लाभान्वित करने के साथ निजी ऑपरेटर को उसके कार्य और व्यवसाय का जायज लाभ हो, इसका ध्यान रखा गया है। राज्य परिवहन उपक्रम के लिए भोपाल में कार्यालय की व्यवस्था की गई है। आने वाले तीन माह में भोपाल, इंदौर, उज्जैन और सागर में क्षेत्रीय सहायक कंपनियों के लिए शत-प्रतिशत कार्यालय भवन उपलब्ध होंगे। इसके साथ ही जबलपुर, रीवा और ग्वालियर में भी क्षेत्रीय सहायक कंपनियों के लिए कार्यालय भवन की व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के लिए आवश्यक कुल 1190 में से 400 पदों के लिए नियुक्ति की कार्रवाई भी पूर्ण की जाएगी। विशेषज्ञ पद भी भरे जाएंगे। प्रदेश में गत 10 माह में यात्री संख्या और रूट सर्वे के माध्यम से जो आकलन किया गया और आवश्यक बसों की संख्या का अनुमान लगाया गया उसके अनुसार प्रदेश में सात क्षेत्र में 3636 मार्गो पर 13006 बसों की व्यवस्था की जाना है। चरणबद्ध विस्तार भी किया जाएगा। वर्ष 2031 तक प्रदेश में 14981 बसों के संचालन में सफलता मिलेगी। राज्य स्तरीय आईटीएमएस प्लेटफार्म एक विशेष सुविधा है। चलो मोबिलिटी के अंतर्गत आईटीएमएस का अंतरिम रूप से प्रयोग करते हुए आवश्यक माड्यूल निर्धारित किए गए हैं। परिवहन सचिव  मनीष सिंह ने सुगम बस संचालन के लिए अधोसंरचना विकास के लिए महत्वपूर्ण बिंदुओं की भी जानकारी दी।  

सेवा संकल्प यात्रा केवल यात्रा नहीं, सेवा, राष्ट्रभाव और युवा शक्ति को जोड़ने वाला अभियान : मुख्यमंत्री

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित ‘सेवा संकल्प यात्रा एवं युवा संवाद’ कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री  साय ने सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत गुजरात के वडनगर से लंबी यात्रा तय कर रायपुर पहुंचे बाइक राइडर्स तथा बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों से पहुंचे बाइक राइडर्स का छत्तीसगढ़ की धरती पर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज एक सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित नए भारत का निर्माण हो रहा है। प्रधानमंत्री देश के 140 करोड़ नागरिकों को अपना परिवार मानकर सेवा भाव से राष्ट्र निर्माण में निरंतर जुटे हुए हैं। उनके नेतृत्व में भारत ने दुनिया में अपनी एक नई पहचान बनाई है और आज पूरा देश वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सेवा संकल्प यात्रा देश की युवा शक्ति को सेवा, सामाजिक सरोकार और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। गुजरात के वडनगर से प्रारंभ हुई यात्रा प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की जन्मभूमि से उनकी कर्मभूमि वाराणसी तक सेवा का संदेश लेकर आगे बढ़ रही है। यात्रा के दौरान युवा स्वच्छता, नशामुक्ति, टीबी मुक्त भारत और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर समाज को जागरूक कर रहे हैं। यह यात्रा युवाओं में राष्ट्र के प्रति दायित्वबोध और सेवा की भावना को और मजबूत कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर छत्तीसगढ़ में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत डेढ़ करोड़ से अधिक दीप प्रज्ज्वलित किए गए। प्रदेशवासियों ने जिस उत्साह और आत्मीयता के साथ इसमें सहभागिता की, वह प्रधानमंत्री के प्रति जनता के स्नेह और विश्वास को अभिव्यक्त करता है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी का छत्तीसगढ़ से गहरा और आत्मीय संबंध रहा है। उन्होंने प्रदेश में लंबा समय बिताया है और यहां के जनजीवन को निकटता से देखा और समझा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 में केंद्रीय राज्यमंत्री के रूप में उन्हें प्रधानमंत्री  मोदी के साथ कार्य करने का अवसर मिला। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री की कार्यशैली, अनुशासन, दूरदृष्टि और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण को करीब से देखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य देश के सामने रखा है। इसी लक्ष्य के अनुरूप छत्तीसगढ़ भी विकसित राज्य बनने की दिशा में योजनाबद्ध ढंग से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार ने ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के लिए विजन डॉक्यूमेंट तैयार कर भविष्य की आवश्यकताओं और संभावनाओं के अनुरूप कार्ययोजना बनाई है। शासन की प्राथमिकता है कि विकास का लाभ प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र और प्रत्येक नागरिक तक पहुंचे। मुख्यमंत्री  साय ने बस्तर में आए बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि कभी हिंसा और भय से प्रभावित रहे क्षेत्रों में अब शांति, विश्वास और विकास का वातावरण मजबूत हुआ है। दूरस्थ अंचलों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हुआ है। बदलते बस्तर में आज नई पीढ़ी अपने भविष्य को लेकर बड़े सपने देख रही है। कार्यक्रम के दौरान आयोजित युवा संवाद में बस्तर से आकर रायपुर के विद्यालयों में अध्ययन कर रहे विद्यार्थियों गोविंद कुमार, दृष्टि ध्रुव, दीपक मरकाम और दीना उइके ने अपने अनुभव साझा किए। विद्यार्थियों ने बस्तर में आए बदलाव पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि अब बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों में भी स्कूल, अस्पताल और सड़कों जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हो रहा है तथा भय का वातावरण समाप्त होने से बच्चों और युवाओं में भविष्य को लेकर नया आत्मविश्वास पैदा हुआ है। विद्यार्थियों ने कहा कि बस्तर की नई पीढ़ी अब भारतीय सेना और सिविल सेवाओं में शामिल होने के साथ डॉक्टर, इंजीनियर और अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़कर देश एवं प्रदेश की सेवा करने के सपने देख रही है। मुख्यमंत्री  साय ने विद्यार्थियों के विचारों की सराहना करते हुए कहा कि बस्तर के बच्चों की आंखों में दिखाई दे रहे ये सपने बदलते छत्तीसगढ़ की सबसे सुखद तस्वीर हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें। कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन करते हुए राज्यसभा सांसद  राजीव शुक्ला ने सेवा संकल्प यात्रा की जानकारी देते हुए बताया कि यात्रा के अंतर्गत 1200 युवा लगभग 2000 किलोमीटर की यात्रा कर रहे हैं। यात्रा के दौरान युवाओं द्वारा स्वच्छता, टीबी मुक्त भारत, नशामुक्ति और पर्यावरण संरक्षण सहित विभिन्न सामाजिक विषयों पर जनजागरूकता का संदेश दिया जा रहा है। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री  अरुण साव एवं  विजय शर्मा, वन मंत्री  केदार कश्यप, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद  बृजमोहन अग्रवाल, मती लक्ष्मी वर्मा एवं  वी.डी. शर्मा, विधायक  मोतीलाल साहू,  पुरंदर मिश्रा,  किरण सिंहदेव एवं  अनुज शर्मा, विभिन्न निगम-मंडल-आयोगों के अध्यक्षगण,  राहुल टिकरिहा,  नवीन मार्कण्डेय सहित जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, सेवा संकल्प यात्रा के बाइक राइडर्स तथा बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

नेतन्याहू का UAE दौरा, अरब देशों के प्रतिनिधियों संग क्षेत्रीय सुरक्षा पर मंथन

अबू धाबी  संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के अबू धाबी यात्रा की पुष्टि की है। उसने बताया है कि इस दौरान नेतन्याहू ने राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ बैठक की भी की थी। बैठक में सऊदी अरब, जॉर्डन, मोरक्को और लीबिया सहित क्षेत्र के कई अरब देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया था। इस बैठक को इजरायल के साथ सामान्य रिश्तों की दिशा में बड़ा कदम बताया जा रहा है। हालांकि, पाकिस्तान को इस बैठक से दूर रखा गया, जो खुद को इस्लामी दुनिया का रहनुमा होने का दिखावा करता है। नेतन्याहू ने अरब देशों को बड़ा ऑफर दिया रिपोर्ट के अनुसार, बेंजामिन नेतन्याहू की अरब देशों के नेताओं के साथ हुई बैठक ईरान और मध्य पूर्व में उसके समर्थकों के प्रभाव को सीमित करने के तरीकों पर केंद्रित थी। इस बैठक में यमन के हूती विद्रोहियों पर खास चर्चा की गई, जिनके हमलों के कारण सऊदी अरब को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। बैठक के दौरान अरब देशों के प्रतिनिधियों ने हवाई हमलों से रक्षा के लिए एयर डिफेंस सिस्टम की तैनाती के इजरायल के प्रस्ताव को ध्यान से सुना। ऐसी रिपोर्ट हैं कि इजरायल ने पहले ही संयुक्त अरब अमीरात की रक्षा के लिए अपने एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किए हुए हैं। नेतन्याहू के यूएई दौरे की पुष्टि एक आधिकारिक बयान में, इजरायली प्रधानमंत्री के कार्यालय ने पुष्टि की कि नेतन्याहू और उनकी पत्नी ने कल संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद के निमंत्रण पर संयुक्त अरब अमीरात का दौरा किया। कार्यालय ने कहा कि इस यात्रा में "दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने और क्षेत्रीय चुनौतियों" पर चर्चा हुई। यूएई के दौरे पर गए इजरायली प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख, मोसाद के प्रमुख, प्रधानमंत्री के सैन्य सचिव और राजनीतिक सलाहकार भी शामिल थे। लीबिया के सद्दाम हफ्तार से मिले नेतन्याहू इटली के अखबार 'इल फोग्लियो' की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने अबू धाबी में पूर्वी लीबिया के डिप्टी कमांडर और खलीफा हफ्तार के बेटे सद्दाम हफ्तार के साथ एक गुप्त बैठक की। रिपोर्ट में हफ्तार के पूर्व सलाहकार मोहम्मद बुइसिर का हवाला दिया गया है, जिन्होंने दावा किया कि सद्दाम ने लीबिया का राष्ट्रपति बनने की अपनी कोशिश के लिए इजरायल का राजनीतिक समर्थन हासिल करने के लिए नेतन्याहू से मुलाकात की थी। खबरों के मुताबिक, नेतन्याहू के विमान के उतरने के ठीक 20 मिनट बाद सद्दाम का विमान अबू धाबी में उतरा।

सेवा ज्योति कलश कार्यक्रम में अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करें

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पहले 21 साल बाद सुगम बस के रूप में सरकारी बस सेवा प्रारम्भ हुई। अब 21 साल बाद भोपाल के मास्टर प्लान का ड्रॉफ्ट जारी किया गया। यह मास्टर प्लान भोपाल को वर्ष 2047 में विकसित और हरित बनाने में मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागरिकों से अनुरोध है कि वे मास्टर प्लान के प्रारूप पर अपने दावे-आपत्ति और सुझाव देने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। उज्जैन में धार्मिक पर्यटन के लिए बस सेवा का संचालन आरंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पण्डित दीनदयाल उपाध्याय की जन्म जयंती और अनंत चतुर्दशी के अवसर पर सुगम परिवहन सेवा के रूप में प्रदेश में एक बार फिर सरकारी बसें शहर-शहर और गांव-गांव तक सड़कों पर दौड़ने लगी है। सुगम परिवहन शहर के अंदर चलने वाली ई-बसें, जिले के अंदर चलने वाली बसें, एक से दूसरे जिले को जोड़ने वाली बसें और अन्य राज्यों को जाने वाली बस सेवाएं प्रदेशवासियों को उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में धार्मिक पर्यटन के लिए बस सेवा का संचालन आरंभ किया गया है। मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक धरोहरों को मिली वैश्विक पहचान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाघ गुफा चित्रकारी, गिन्नौरगढ़ किला, चंबल घाटी के मंदिर समूह और उदयगिरि गुफाओं को यूनेस्को की अस्थाई लिस्ट में शामिल किए जाने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारत की कुल 78 अस्थायी धरोहरों में से 19 मध्यप्रदेश में होना बड़े गौरव की बात है। इससे मध्यप्रदेश की समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को नई वैश्विक पहचान मिली है। सेवा संकल्प अभियान-2026 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस के संदर्भ में आरंभ सेवा-संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम में लगभग 3 करोड़ 88 लाख दीये सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में प्रज्ज्वलित किये गये। प्रदेश में 650 से अधिक रक्तदान शिविर आयोजित हुए, जिनमें लगभग 11 हजार यूनिट रक्त एकत्र हुआ। भाषण और चित्रकला प्रतियोगिता में 87 हजार से अधिक स्कूल-कॉलेजों के 40 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया। आंगन मिलन कार्यक्रम अब तक 43 हजार से अधिक आंगनवाडियों में आयोजित हो चुका है, जिनमें 17 लाख से अधिक माताओं और बच्चों ने भाग लिया हैं। नमो – सेवा कार्यक्रम के अंतर्गत लगभग 484 नुक्कड़ टोलियों द्वारा 3000 से अधिक प्रस्तुतियां दी गईं। वड़नगर से वाराणसी यात्रा में अब तक 1000 ग्राम और 190 नगरीय क्षेत्रों में 725 सभाएं आयोजित हुई हैं। सेवा मेरा योगदान कार्यक्रम के अंतर्गत 25 सेवा गतिविधियों में 9 लाख से अधिक नागरिकों एवं 10 हजार से अधिक संस्थाओं ने भाग लिया। सेवा की कहानी कार्यक्रम के अंतर्गत 5 लाख से अधिक प्रेरक कहानियां और आभार संदेश रिकार्ड हो चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 7 अक्टूबर को आयोजित होने वाले सेवा ज्योति कलश कार्यक्रम में अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित की जाए। हाइड्रोजन ट्रेन के बाद अब लिक्विड नेचुरल गैस (LNG) ट्रेन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन जींद से सोनीपत के बीच प्रारंभ की गई थी। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा गुजरात के साबरमती से मेहसाणा तक देश की पहली लिक्विड नेचुरल गैस से चलने वाली ट्रेन को हरी झण्डी दिखाई गई है। यह ट्रेन एलएनजी और डीजल दोनों से चल सकती है। इससे एक तरफ ईंधन की लागत में कमी आएगी तो दूसरी ओर प्रदूषण भी कम होगा। एशियन गेम्स-2026 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एशियन गेम्स-2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों को बधाई दी। कबड्डी में महिला और पुरूष दोनों टीमों ने स्वर्ण पदक जीते हैं। महिला क्रिकेट टीम को स्वर्ण पदक मिला है। इस खेल में सुश्री क्रांति गौड़ ने मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। शूटिंग में खरगौन के ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर एवं भोपाल की आशी चौकसे ने भारत को रजक पदक दिलाया। देवास के श्री जय मीणा ने एशियाई खेलों में सॉफ्ट टेनिस में कांस्य पदक जीता है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला ट्रैप शूटिंग स्पर्धा में पहला स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने वाली सुश्री नीरू ढांडा को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। स्कूल शिक्षा विभाग में 900 से अधिक अनुकम्पा नियुक्ति आदेश जारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग में एक साथ 900 से अधिक अनुकम्पा नियुक्ति आदेश जारी कर दिये गये हैं। इनमें 600 से अधिक लिपिकीय पद और 200 से अधिक भृत्य के पद हैं। इस अभियान से, ऐसे शिक्षक जिनका सेवा में रहते हुए निधन हो गया था, उनके परिजन अनुकम्पा नियुक्ति के लिये बरसों से इन्तजार कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस संवेदनशील पहल के लिये स्कूल शिक्षा विभाग की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसी प्रकार की कार्यवाही अन्य सभी विभागों में करने के निर्देश दिए। बैहर बालाघाट में बीता था मुश्ताक खान का बचपन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हिन्दी फिल्मों के चर्चित अभिनेता और हास्य कलाकार श्री मुश्ताक खान के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के बैहर और बालाघाट में उनका बचपन बीता, शिक्षा-दीक्षा हुई। एक छोटी सी जगह से निकलकर अपनी प्रतिभा के बल पर उन्होंने अभिनय की दुनिया में एक अलग पहचान बनाई। उन्होंने लगभग 500 फिल्मों में काम किया है।  

मुख्यमंत्री ने की परिवहन विभाग के कामकाज की उच्चस्तरीय समीक्षा

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में परिवहन विभाग के कामकाज की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए प्रदेश में सुरक्षित, सुगम और आधुनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों को न्यूनतम करने के लिए सभी संबंधित विभाग मिशन मोड में समन्वित रूप से कार्य करें। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल दुर्घटनाओं की संख्या कम करना नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली प्रत्येक संभावित जनहानि को रोकना होना चाहिए। इसके लिए दुर्घटना से पहले रोकथाम और दुर्घटना के बाद त्वरित सहायता एवं उपचार—दोनों स्तरों पर व्यवस्था मजबूत करनी होगी। उन्होंने ‘जीरो फेटेलिटी’ के लक्ष्य की दिशा में परिवहन, पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग और नगरीय निकायों सहित सभी संबंधित विभागों को विस्तृत और परिणामोन्मुखी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयास से जुड़ा विषय है। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान, सुरक्षित सड़क संरचना, यातायात नियमों का प्रभावी पालन, वाहनों की तकनीकी फिटनेस, प्रशिक्षित चालक और दुर्घटना के बाद त्वरित चिकित्सा सहायता जैसे सभी पहलुओं पर एक साथ कार्य करने की आवश्यकता है। ब्लैक स्पॉट पर तेजी से हों सुधारात्मक कार्य मुख्यमंत्री  साय ने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों और ब्लैक स्पॉट की पहचान कर वहां आवश्यक सुधारात्मक एवं सुरक्षात्मक उपाय प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि वर्तमान में राज्य के 23 ब्लैक स्पॉट में सुधार की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। मुख्यमंत्री ने इन कार्यों को तेजी से पूरा करने तथा दुर्घटनाओं के कारणों का नियमित विश्लेषण कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क दुर्घटना होने के बाद शुरुआती समय अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। घायल व्यक्ति तक जितनी जल्दी सहायता और चिकित्सा सुविधा पहुंचेगी, जीवन बचाने की संभावना उतनी ही बढ़ेगी। उन्होंने दुर्घटना की सूचना, एम्बुलेंस की उपलब्धता, नजदीकी अस्पताल तक पहुंच और उपचार की पूरी व्यवस्था के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए आगे आएं नागरिक, योजनाओं का हो व्यापक प्रचार मुख्यमंत्री  साय ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पीएम-राहत योजना और राहवीर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों तक यह संदेश प्रभावी रूप से पहुंचना चाहिए कि सड़क दुर्घटना देखकर घबराएं नहीं, बल्कि पीड़ित व्यक्ति की सहायता के लिए आगे आएं। बैठक में बताया गया कि पीएम-राहत योजना के अंतर्गत पात्र सड़क दुर्घटना पीड़ितों को दुर्घटना की तारीख से अधिकतम सात दिनों तक 1.50 लाख रुपए तक कैशलेस उपचार की सुविधा का प्रावधान है। वहीं राहवीर योजना सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की समय पर सहायता करने वाले नागरिकों की भागीदारी को प्रोत्साहित करती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं के संबंध में व्यापक जन-जागरूकता से सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समय पर उपचार दिलाने में बड़ी मदद मिल सकती है। दूरस्थ गांवों तक पहुंचे सार्वजनिक परिवहन, मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का होगा विस्तार मुख्यमंत्री  साय ने मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना की समीक्षा करते हुए इसे और विस्तार देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे ग्रामीण, वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों को प्राथमिकता से चिन्हित किया जाए, जहां अभी नियमित सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक परिवहन केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बाजार जैसी आवश्यक सुविधाओं तक पहुंच का महत्वपूर्ण आधार है। दूरस्थ गांव को बस सेवा से जोड़ने का अर्थ वहां के लोगों के लिए अनेक नए अवसरों के द्वार खोलना है। शासन का प्रयास होना चाहिए कि प्रदेश के अंतिम छोर पर रहने वाले व्यक्ति तक भी सुगम, सुरक्षित और सुलभ सार्वजनिक परिवहन सेवा पहुंचे। बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के अंतर्गत वर्तमान में 13 जिलों के 106 मार्गों पर 107 बसों का संचालन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने परिवहन सुविधा से वंचित क्षेत्रों का सर्वे कर नए मार्गों की संभावनाओं का परीक्षण करने और आवश्यकता के अनुसार योजना का विस्तार करने के निर्देश दिए। कोंटा-जगरगुंडा बस सेवा से दुर्गम क्षेत्र में आसान हुआ सफर बैठक में दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के सकारात्मक प्रभावों की भी जानकारी दी गई। कोंटा से जगरगुंडा के बीच पहली बार प्रारंभ हुई बस सेवा से क्षेत्र के नागरिकों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिली है। बताया गया कि अंदरूनी और सुदूर क्षेत्रों से इस यात्रा में पहले लगभग छह घंटे तक का समय लग जाता था। बस सेवा प्रारंभ होने के बाद यही सफर लगभग 45 मिनट में पूरा हो रहा है। इससे स्थानीय लोगों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच आसान हुई है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी विकास की गति को तेज करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। जिन क्षेत्रों में वर्षों तक सार्वजनिक परिवहन सीमित रहा है, वहां नियमित बस सेवा आम नागरिकों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है। पर्यटन मिशन से जुड़े परिवहन विभाग, पर्यटन स्थलों तक बढ़े कनेक्टिविटी मुख्यमंत्री  साय ने प्रदेश में पर्यटन विकास की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पर्यटन स्थलों तक सुरक्षित और सुविधाजनक पहुंच सुनिश्चित करने में परिवहन विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने पर्यटन मिशन के साथ परिवहन विभाग की भूमिका को प्रभावी रूप से जोड़ने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रमुख पर्यटन स्थलों के लिए बेहतर सार्वजनिक परिवहन और कनेक्टिविटी विकसित करने की संभावनाओं पर कार्य किया जाए। पर्यटकों के लिए सुविधाजनक आवागमन की व्यवस्था से प्रदेश के पर्यटन स्थलों तक पहुंच बढ़ेगी। इसका लाभ स्थानीय स्तर पर होटल, परिवहन, हस्तशिल्प, खान-पान और अन्य सेवाओं से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों तथा रोजगार के अवसरों को भी मिलेगा। वाहनों की फिटनेस जांच व्यवस्था को बनाएं और प्रभावी मुख्यमंत्री  साय ने वाहनों की फिटनेस जांच व्यवस्था की समीक्षा करते हुए इसे और अधिक प्रभावी एवं तकनीक आधारित बनाने के निर्देश दिए। बैठक में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों की वर्तमान व्यवस्था और नए केंद्रों की स्थापना के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि वाहनों की तकनीकी स्थिति का निष्पक्ष और प्रभावी परीक्षण सड़क … Read more

भारत-म्यांमार सीमा पर फायरिंग, असम राइफल्स के हवलदार शहीद, 4 जवान घायल

नई दिल्ली अरुणाचल प्रदेश से एक बड़ी खबर सामने आई है। चांगलांग जिले में भारत-म्यांमार सीमा के पास मंगलवार सुबह संदिग्ध उग्रवादियों के हमले में असम राइफल्स का एक जवान शहीद हो गया। हमले में चार अन्य जवान भी घायल हो गए। यह घटना सीमा के उस संवेदनशील इलाके में हुई, जहां सुरक्षा बल गश्त कर रहे थे और सीमा पर बाड़ लगाने का काम भी चल रहा था। बताया जा रहा है कि घटना चांगलांग जिले के नामपोंग सर्कल में नामपोंग नाले के पास सुबह करीब साढ़े छह बजे हुई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, 21 असम राइफल्स के जवान उस इलाके में नियमित गश्त पर थे। अधिकारियों के मुताबिक, गश्ती दल पर संदिग्ध उग्रवादियों ने अचानक और अंधाधुंध गोलीबारी कर दी। इस हमले में 42 वर्षीय हवलदार जानखोकाई कुकी की मौके पर ही मौत हो गई। चार अन्य जवान घायल हो गए। घायल जवानों को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां इलजा चल रहा है। हमले के बाद इलाके में सुरक्षा बलों ने तलाशी और कॉम्बिंग ऑपरेशन तेज कर दिया है। जवान इलाके के जंगलों, नालों और सीमा के आसपास के रास्तों की जांच कर रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि हमलावर गश्ती दल के कितने करीब आए, उन्होंने किस दिशा से फायरिंग की और हमले के बाद किस रास्ते से भाग गए। चांगलांग के पुलिस अधीक्षक किर्ली पाडू ने बताया कि उन्हें घटना की सूचना मिल चुकी है। उन्होंने चांगलांग थाना प्रभारी को मामले की पूरी जानकारी जुटाने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि यह इलाका लंबे समय से संवेदनशील माना जाता है। चांगलांग जिला म्यांमार से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा पर है। यहां कई जगहों पर सीमा अभी पूरी तरह बाड़ से बंद नहीं है। घने जंगल, पहाड़ी रास्ते और सीमा पार आवाजाही की वजह से सुरक्षा बलों के लिए यह क्षेत्र चुनौतीपूर्ण रहता है। पूर्वोत्तर के इस हिस्से में कुछ विद्रोही गुट सक्रिय बताए जाते हैं। चांगलांग के साथ तिरप और लोंगडिंग जैसे इलाके भी सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील माने जाते हैं। शुरुआती जानकारी में एनएससीएन के-वाईए यानी युंग आंग गुट के उग्रवादियों की संलिप्तता की आशंका जताई गई है। कुछ रिपोर्टों में उल्फा-आई का भी जिक्र आया है, लेकिन इस बात की अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस बीच असम राइफल्स ने शहीद जवान को श्रद्धांजलि दी है। महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा और बल के सभी रैंकों ने हवलदार जानखोकाई कुकी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने कर्तव्य निभाते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। बल ने शहीद के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और कहा है कि पूरा असम राइफल्स परिवार उनके साथ खड़ा है।

₹656 करोड़ के गबन की जांच तेज, चंडीगढ़ में ED के 14 ठिकानों पर रेड

चंडीगढ़. ईडी चंडीगढ़ जोनल ऑफिस-II ने चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में 14 जगहों पर तलाशी की। यह जांच हरियाणा सरकार, चंडीगढ़ म्युनिसिपल कॉरपोरेशन आदि के 645 करोड़ सार्वजनिक फंड के कथित गबन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में है। जांच हरियाणा पुलिस के फरवरी 2026 के एफआईआर पर आधारित है, जिसमें डेवलपमेंट एंड पंचायत विभाग के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक खातों में गड़बड़ी पाई गई थी। तलाशी मलिक ज्वेलर्स, केएलजी ज्वेल्स, एमबी गोल्ड ट्रेडर्स, शाम ज्वेलर्स, सुंदर ज्वेलर्स और बिचौलिये गौरव कंसल सहित ज्वेलरी फर्मों पर हुई। कथित गबन की रकम ज्वेलर्स के खातों से व्यापारिक लेनदेन दिखाकर लेयर्ड की गई और आईएएस अधिकारियों तक पहुंचाई गई। सीबीआई ने पहले ही छह हरियाणा कैडर आईएएस समेत आरोपियों के खिलाफ तीसरा चार्जशीट दाखिल किया है। ईडी ने पहले 4 गिरफ्तार किए, 211 करोड़ की संपत्ति अटैच/जब्त की और 14 आरोपियों के खिलाफ अभियोजन शिकायत दायर की। नई तलाशियों से और सबूत मिले। जांच जारी है।

ओडिशा से रीवा लाया गया नशा तस्कर पुलिस को चकमा देकर भागा

रीवा. ओडिशा पुलिस की कस्टडी से रीवा लाया जा रहा कुख्यात गांजा तस्कर आदित्य मिश्रा मंगलवार दोपहर पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। सीधी जिले के रामपुर नैकिन थाना क्षेत्र स्थित छूहिया घाटी में तीन गाड़ियों से आए बदमाशों ने पुलिस वाहन को घेरकर कथित तौर पर पुलिसकर्मियों पर बेहोशी का स्प्रे किया और आरोपित को छुड़ाकर ले गए। दिनदहाड़े हुई इस घटना से सीधी और रीवा पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, गांजा तस्करी के मामले में ओडिशा पुलिस की हिरासत में बंद आदित्य मिश्रा को ट्रांजिट रिमांड पर रीवा लाया जा रहा था। मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे पुलिस का वाहन जैसे ही छूहिया घाटी के पास पहुंचा, पहले से घात लगाए बैठे बदमाशों ने तीन गाड़ियों से उसे घेर लिया। बताया जा रहा है कि बदमाशों ने पुलिसकर्मियों पर बेहोशी का स्प्रे किया, जिससे वे कुछ देर के लिए अचेत हो गए। इसी दौरान बदमाश आदित्य मिश्रा को लेकर फरार हो गए। हालांकि, पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। घाटी और आसपास के जंगलों में सघन तलाशी अभियान घटना की सूचना मिलते ही सीधी और रीवा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। सीधी एसपी और रामपुर नैकिन थाना पुलिस के साथ रीवा के अधिकारियों ने मोर्चा संभाल लिया है। छूहिया घाटी और आसपास के जंगलों में नाकाबंदी कर सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। आरोपित को भगाने में इस्तेमाल की गई तीनों गाड़ियों की पहचान के लिए आसपास के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस फरार आरोपित और उसे छुड़ाने वाले बदमाशों की तलाश में जुटी है। कई राज्यों में दर्ज हैं गांजा तस्करी के मामले आदित्य मिश्रा रीवा-सीधी क्षेत्र का कुख्यात गांजा तस्कर बताया जाता है। उसके खिलाफ कई राज्यों में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं। ओडिशा पुलिस की कस्टडी से उसे छुड़ाने के लिए कथित तौर पर की गई इस सुनियोजित कार्रवाई ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।