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INS दूनागिरी, INS अग्रय और INS संशोधक की एंट्री से भारत की रक्षा क्षमता में बड़ा इजाफा

नई दिल्ली  पाकिस्तानी नौसेना समंदर में अपनी ताकत बढ़ाने के लिए चीन से हंगोर क्लास की पनडुब्बी लेकर आई है। ऐसे में भारत ने भी पनडुब्बियों को डुबो देने वाले तीन घातक स्वदेशी युद्धपोत नीले समंदर में उतार दिए हैं। रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने और नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में तीन नए युद्धपोतों INS दुनागिरि, INS अग्रय और INS संशोधक को भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल किया गया। इस दौरान पीएम मोदी ने दुश्मनों को स्पष्ट संकेत दिया कि शांति की रक्षा के लिए सामर्थ्य जरूरी है और भारत लगातार अपनी रक्षा क्षमता को और मजबूत कर रहा है। पीएम मोदी ने कहा, 'भारत ने हमेशा से समुद्र को सहयोग का माध्यम माना है। लेकिन भारत ये भी जानता है कि शांति की रक्षा के लिए सामर्थ्य आवश्यक है। समृद्धि की रक्षा के लिए सुरक्षा आवश्यक है। भविष्य के निर्माण के लिए आत्मनिर्भरता अनिवार्य है। आज INS अग्रय, INS दूनागिरी और INS संशोधक इसी भावना के प्रतीक बनकर भारतीय नौसेना में शामिल हुए हैं।' समंदर में ताकत बढ़ा रही भारतीय नौसेना कोलकाता में श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट में आयोजित एक खास समारोह में इन तीनों वॉरशिप को नौसेना के बेड़े में शामिल किया गया। इनमें एक गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट दूनागिरी, दूसरा एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट अग्रेह और तीसरा सर्वे वेसेल लार्ज संशोधक है। हालांकि, यह पहला मौका नहीं है जब एक ही दिन में तीन वॉरशिप नौसेना में शामिल किए जा रहे हैं। इससे पहले 15 जनवरी 2025 को मुंबई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में नीलगिरी क्लास का पहला स्टेल्थ फ्रिगेट INS नीलगिरी, डिस्ट्रॉयर INS सूरत और पनडुब्बी INS वागशीर भारतीय नौसेना में शामिल किए गए थे। नेवी को मिला P17A क्लास का पांचवा वॉरिशप इसी साल 30 मार्च को गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) ने प्रोजेक्ट 17ए के तहत निर्मित पांचवां गाइडेड स्टेल्थ फ्रिगेट दूनागिरी भारतीय नौसेना को सौंपा था। दूनागिरी, पूर्ववर्ती INS दूनागिरी का आधुनिक स्वरूप है, जो लींडर क्लास का फ्रिगेट था और 5 मई 1977 से 10 अक्टूबर 2010 तक नौसेना का हिस्सा रहा। यह 16 महीनों में भारतीय नौसेना को सौंपा गया पी17ए श्रेणी का पांचवां वॉरशिप है। पहले चार जहाजों के निर्माण से मिले अनुभव के आधार पर इसका निर्माण समय 93 महीनों से घटाकर 80 महीने कर दिया गया। INS दूनागिरी की खासियत     INS दूनागिरी में ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली लगी है, जो एंटी-शिप और एंटी-सर्फेस युद्ध में बेहद प्रभावी मानी जाती है।     यह वॉरशिप बराक-8 लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल आधुनिक एयर डिफेंस गन स्वदेशी टॉरपीडो वरुणास्त्र, एंटी-सबमरीन रॉकेट लॉन्चर, आधुनिक सोनार, कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम मल्टी-फंक्शन रडार जैसी अत्याधुनिक सिस्टम से लेस हैं।     यह फ्रिगेट दुश्मन के हमलों का पता लगाने और उन्हें नष्ट करने में सक्षम है।     INS दूनागिरी लगभग 75 प्रतिशत उपकरण स्वदेशी हैं और इसका डिजाइन नौसेना के वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो ने तैयार किया है।     6,700 टन वजनी यह युद्धपोत 30 नॉट की अधिकतम गति से चल सकता है। INS अग्रेह की खासियत     दुश्मन की सबमरीन से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए भारतीय नौसेना ने एंटी-सबमरीन वॉरफेयर (एएसडब्ल्यू) शैलो वॉटर क्राफ्ट परियोजना शुरू की थी। साल 2019 में 16 वॉरशिप के निर्माण का कांट्रेक्ट दिया गया था, जिनमें आठ कोचिन शिपयार्ड और आठ जीआरएसई में बनाए जा रहे हैं। इसी परियोजना के तहत निर्मित अग्रेह को भी नौसेना में शामिल किया गया है। इससे पहले आईएनएस अर्णाला, आईएनएस अंद्रोत्त, आईएनएस माहे और आईएनएस अंजदीप को नौसेना में शामिल किया जा चुका है।     INS अग्रेह की खासियत है कि यह एंटी-सबमरीन रॉकेट लॉन्चर, लाइटवेट टॉरपीडो, 30 मिमी नेवल गन, हल-माउंटेड सोनार और वैरिएबल डेप्थ सोनार से लैस है।     यह जहाज 25 नॉट की रफ्तार से चल सकता है और तकरीबन 3,300 किलोमीटर तक की दूरी तय करने में सक्षम है।     तटीय क्षेत्रों में यह 100 से 150 नॉटिकल मील तक दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगा सकता है। INS संशोधक की खासियत     संशोधक की खासियत है कि यह समुद्र तल की स्कैनिंग करना, सुरक्षित नेविगेशन रूट के लिए समुद्री चार्ट तैयार करने के साथ-साथ हाइड्रोग्राफिक सर्वे करना है।     जीआरएसई, कोलकाता में निर्मित इस जहाज में 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है।     इसका डिजाइन भारतीय नौसेना के नेवल डिजाइन ब्यूरो ने तैयार किया है।     110 मीटर लंबा और लगभग 3,800 टन वजनी यह जहाज दो डीजल इंजनों से संचालित होता है।     यह 25 दिनों से ज्यादा समय तक समुद्र में रहने में सक्षम है और इसकी अधिकतम रफ़्तार 18 नॉट है।     भारतीय नौसेना में शामिल होने के बाद संशोधक देश की समुद्री सुरक्षा, समुद्री क्षेत्र के मैप और सुरक्षित नेविगेशन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

पूर्वोत्तर और कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी, बिजली गिरने और भूस्खलन का खतरा

नई दिल्ली देश के कई राज्यों में एक बार फिर मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। ऐसे में मौसम विभाग ने 17 राज्यों में तूफानी आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, पूर्वोत्तर भारत और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम के लोगों की मुसीबतें बढ़ सकती है, क्योंकि यहां पर कल यानी 22 जून को भारी बारिश होने की आशंका है। इस दौरान कई इलाकों में बिजली गिरने, जलभराव और भूस्खलन होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, 23 जून के आसपास महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ और हिस्सों और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए हालात अनुकूल हैं। 17 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट IMD के अनुसार, 17 राज्यों में तेज हवाओं के साथ 22 जून को बारिश हो सकती है। अगले दो दिनों के दौरान पूर्वी भारत, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में तथा अगले 24 घंटों के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और तेलंगाना में मध्यम से गंभीर आंधी-तूफान की गतिविधि होने की संभावना है। इस दौरान 40 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं अगले 24 घंटों के दौरान जम्मू-कश्मीर में कहीं-कहीं ओलावृष्टि और को राजस्थान में धूल भरी आंधी चलने की भी संभावना है। दिल्ली में कल कैसा रहेगा मौसम? दिल्ली में हल्की बारिश की संभावना (22-24 जून): मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में 22 जून को गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इससे तापमान में गिरावट आएगी और अधिकतम तापमान 35 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। 23 जून को भी राजधानी दिल्ली में 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के आसार है। हालांकि 23 और 24 जून को बारिश होने की संभावना काफी कम है। यूपी में कल कैसा रहेगा मौसम उत्तर प्रदेश में अभी नहीं मिलेगी गर्मी से राहत (22-25 जून): उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर अभी जारी रहने वाला है। IMD के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 24 जून तक लू चलने की संभावना है, जबकि राज्य के अधिकांश हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम शुष्क बना रहेगा। हालांकि 25 जून को पूर्वी उत्तर प्रदेश और 26 जून को दोनों क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, कानपुर नगर, कानपुर देहात, औरैया, इटावा, फर्रुखाबाद और कन्नौज में कल मौसम शुष्क रहेगा। गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, बस्ती, सिद्धार्थनगर और संतकबीरनगर में कल मौसम शुष्क रहेगा, साथ ही लू चलने की संभावना है। आपके शहर में कल कैसा रहेगा मौसम शहर      अधिकतम तापमान (20 जून)     न्यूनतम तापमान (20 जून) दिल्ली      41°C     27°C मुंबई      35°C     30°C चेन्नई      39°C     29°C कोलकाता       36°C     28°C लखनऊ       42°C     31°C पटना      40 °C     31°C रांची       33°C     24°C भोपाल     36°C     26°C जयपुर     37°C     27°C शिमला     26°C     15°C नैनीताल     27°C     17°C बिहार में कल कैसा रहेगा मौसम बिहार के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट (22- 28 जून): बिहार में मानसून की गतिविधियां तेज होने लगी हैं। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के कई हिस्सों में अगले सात दिनों तक बारिश, तेज हवाएं और वज्रपात की संभावना बनी रहेगी। मौसम विभाग ने अररिया, कटिहार और किशनगंज जिलों में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश, मेघगर्जन, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण में कल एक-दो स्थानों पर बारिश की संभावना है। सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा, सहरसा में कल कई स्थानों पर बारिश की संभावना है। अररिया, सुपौल, कटिहार और किशनगंज में भारी बारिश, वज्रपात और 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं का अलर्ट है। रोहतास, कैमूर (भभुआ), भोजपुर, बक्सर, अरवल, औरंगाबाद में कल एक-दो स्थानों पर बारिश की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में कल कैसा रहेगा मौसम हिमाचल प्रदेश में हल्की बारिश का अलर्ट (22-27 जून): मौसम विभाग के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में 22 से 27 जून के दौरान छिटपुर बारिश हो सकती है। इस दौरान 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। शिमला, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा, चंबा, सिरमौर, सोलन, ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर में बारिश और बिजली गिरने की आशंका है। उत्तराखंड में कल कैसा रहेगा मौसम उत्तराखंड में बारिश का अलर्ट ( 22-27 जून): IMD ने उत्तराखंड में 22 से 27 जून तक बारिश होने की संभावना जताई है। देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, उधम सिंह नगर, पौड़ी, टिहरी, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, चमोली, रुद्रप्रयाग में बारिश और बिजली गिरने की संभावना है। 23 जून को गरजम-चमक के साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं। राजस्थान में कल कैसा रहेगा मौसम राजस्थान में धूलभरी आंधी का अलर्ट (22-27 जून): मौसम विभाग के अनुसार, जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, कोटा, उदयपुर, अलवर, भरतपुर, सीकर, झुंझुनूं, जैसलमेर, बाड़मेर में तेज आंधी और हल्की बारिश की संभावना है। 22 और 23 जून को कुछ इलाकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। जबकि कल पश्चिमी राजस्थान में डस्ट स्टॉर्म की चेतावनी जारी की गई है। जम्मू-कश्मीर में कल कैसा रहेगा मौसम जम्मू-कश्मीर में बारिश के साथ ओलावृष्टि का अलर्ट (22 जून): मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर में कल यानी 22 जून को बारिश के साथ ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। श्रीनगर, जम्मू, बारामूला, अनंतनाग, पुलवामा, कुलगाम, डोडा, राजौरी, पुंछ, उधमपुर में बारिश, आंधी और कुछ जगह ओलावृष्टि की संभावना है। हरियाण में कल कैसा रहेगा मौसम हरियाणा में हल्की बारिश की संभावना (22-24 जून): हरियाणा में 22 से 24 जून को छिटपुट बारिश होने की संभावना है। राज्य के गुरुग्राम, फरीदाबाद, करनाल, पानीपत, हिसार, रोहतक, अंबाला, सोनीपत, यमुनानगर, भिवानी में आंधी और हल्की बारिश की संभावना है। झारखंड में कल कैसा रहेगा मौसम झारखंड में आंधी-बारिश का अलर्ट (22-27 जून): रांची, जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम), धनबाद, बोकारो, देवघर, … Read more

6 साल में 75 लाख से ज्यादा लाभार्थियों को मिला फायदा, डिजिटल लेन-देन को मिला बढ़ावा

 नई दिल्ली नरेंद्र मोदी सरकार की कई ऐसी योजनाएं हैं जिसके जरिए लोगों को आत्मनिर्भर बनाने की कवायद चल रही है। इसी के तहत सरकार ने एक योजना-प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (PM SVANidhi) को शुरू किया है। इस योजना के तहत लोगों को 50 हजार रुपये तक का लोन दिया जाता है। सरकार समय पर लोन चुकाने वाले लाभार्थियों को 7 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी भी देती है। आइए योजना के बारे में विस्तार से जान लेते हैं। योजना की खास बातें योजना के तहत बिना किसी गारंटी के 15000 रुपये, 25000 रुपये और 50000 रुपये के लोन दिए जाते हैं। ये लोन तीन चरणों में दिए जाते हैं। पहले चरण के तहत भुगतान करने वाले लाभार्थी को ही दूसरे चरण में 25 हजार और तीसरे चरण में 50 हजार रुपये मिलते हैं। इस योजना के तहत सरकार लाभार्थियों को यूपीआई -लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड की भी सुविधा दे रही है। जो विक्रेता दूसरे चरण का लोन सफलतापूर्वक चुका देते हैं, वे 30000 रुपये तक की सीमा वाले यूपीआई -लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड के लिए पात्र होते हैं। इसके अलावा, स्ट्रीट वेंडरों को खुदरा/थोक डिजिटल ट्रांजैक्शन के लिए 1,600 रुपये तक के कैशबैक प्रोत्‍साहन दिए जाते हैं। कोरोना के दौरान हुई थी शुरुआत सरकार ने PM SVANidhi योजना की शुरुआत कोरोना के पहले चरण के दौरान की थी। शुरुआत में इसका उद्देश्य कोविड-19 महामारी से प्रभावित स्ट्रीट वेंडर्स की आजीविका को फिर से पटरी पर लाना था लेकिन बाद में इसकी लोकप्रियता को देखते हुए योजना का विस्तार किया गया। सरकार ने इसे आगे बढ़ाते हुए लाखों अतिरिक्त लाभार्थियों को शामिल करने का फैसला किया है। मई 2026 में सरकार की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक पिछले कुछ वर्षों में 75.5 लाख से अधिक लाभार्थियों ने 1.12 करोड़ से ज्यादा लोन लिए हैं, जिनकी कुल रकम 17,800 करोड़ रुपये से अधिक है। इस योजना के तहत 55 लाख से ज्यादा लाभार्थियों को डिजिटल माध्यम से जोड़ा गया है। एक साथ मिलकर, उन्होंने लगभग 8.96 लाख करोड़ रुपये के 841 करोड़ से अधिक डिजिटल ट्रांजैक्शन किए हैं। पीएम स्‍वनिधि के तहत लाभार्थियों को डिजिटल कैशबैक प्रोत्‍साहन और ब्याज सब्सिडी के जरिए लगभग 800 करोड़ रुपये भी मिले हैं। 6 साल हो चुके पूरे बीते एक जून को ही प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि योजना के 6 साल पूरे हुए हैं। इस मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि PM स्वनिधि ने बिना किसी गारंटी के लोन, वित्तीय समावेश और विकास के नए मौकों तक पहुंच सुनिश्चित करके अनगिनत स्ट्रीट वेंडर्स (सड़क किनारे सामान बेचने वालों) की जिंदगी बदल दी है। बता दें कि इस योजना को मार्च 2030 तक बढ़ा दिया गया है। 75% या 100%, इमरजेंसी में PF की रकम निकालने की क्या है नई लिमिट? मुख्य बातें     EPFO 3.0 के तहत PF बैलेंस को निकालने की लिमिट पर बहस छिड़ गई है     बता दें कि EPFO 3.0 के तहत एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) कई बड़े बदलाव करने वाला है 75% या 100%, इमरजेंसी में PF की रकम निकालने की क्या है नई लिमिट? EPFO news: किसी भी नौकरीपेशा शख्स के लिए उसके पीएफ की रकम काफी अहमियत रखती है। इस रकम का इस्तेमाल ज्यादातर लोग अपने किसी बड़े प्रोजेक्ट या इमरजेंसी में करते हैं। अब पीएफ की रकम को निकालने की लिमिट पर कई तरह की चर्चाएं चलने लगी हैं। दरअसल, EPFO 3.0 के तहत एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) कई ऐसे सुधार लाने की योजना बना रहा है जो EPF सब्सक्राइबर्स के लिए फायदेमंद होगा। इसी कड़ी में पीएफ रकम निकाले जाने की लिमिट पर बहस छिड़ गई है। बता दें कि EPFO ने 15 अक्टूबर 2025 को जारी एक बयान में कहा था कि पात्र सदस्य अब अपने योग्य PF बैलेंस का 75% तक बिना किसी अतिरिक्त दस्तावेज के निकाल सकते हैं। इसके अलावा कुछ विशेष परिस्थितियों में 100% राशि निकालने की अनुमति भी जारी रहेगी। ऐसे में लोगों में भ्रम पैदा हो गया कि कहीं पूर्ण निकासी का विकल्प समाप्त तो नहीं हो गया।

ज्यूरिख में अमेरिका–ईरान वार्ता: परमाणु मुद्दे पर सहमति के संकेत, पाकिस्तान मध्यस्थ भूमिका में

नई दिल्ली अमेरिका और ईरान के बीच स्थायी शांति समझौते और पश्चिम एशिया में शांति बहाली के लिए स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख में उच्चस्तरीय वार्ता चल रही है. इसमें अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ समेत कई शीर्ष नेता भाग ले रहे हैं. कतर के प्रतिनिधि भी इन वार्ताओं में हिस्सा लेंगे. इसी बीच, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अमेरिका के साथ हुए प्रारंभिक समझौते को लेकर कई महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं. उन्होंने कहा कि कतर में फ्रीज किए गए ईरान के 6 अरब डॉलर इस समझौते के तहत वापस किए जाएंगे. ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने कहा, 'समझौता ज्ञापन (MoU) की सभी शर्तें हमारे पक्ष में हैं और इन वार्ताओं तथा बातचीत की उपलब्धियां जल्द ही सामने आएंगी.' उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जिन्होंने हालिया भाषण में ईरान पर कई प्रतिबंधों की बात की थी, अब उन्हीं मुद्दों को ईरानी जनता के अधिकार के रूप में स्वीकार कर चुके हैं. नेतन्याहू सबसे ज्यादा दुखी होंगे: पेजेश्कियान पेजेश्कियान ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर भी निशाना साधते हुए कहा कि स्विट्जरलैंड में हो रही वार्ता से सबसे अधिक असंतुष्ट वही होंगे. ईरानी राष्ट्रपति ने कहा, 'अमेरिका की केवल एक ही शर्त है कि हमारे पास परमाणु बम नहीं होना चाहिए. यह वही बात है जिसे हमारे शहीद नेता भी बार-बार कहते थे कि हम परमाणु बम नहीं चाहते. अमेरिका ने कहा कि इसे लिखकर हस्ताक्षर कर दीजिए और हमने हस्ताक्षर कर दिए.' अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस रविवार सुबह ज्यूरिख पहुंचे, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और सलाहकार जेरेड कुशनर पहले से ही वहां मौजूद थे. स्विट्जरलैंड रवाना होने से पहले फॉक्स न्यूज से बातचीत में वेंस ने कहा, 'आज सुबह जेरेड और स्टीव से बात हुई. मेरी समझ के अनुसार चीजें अच्छी दिशा में आगे बढ़ रही हैं.' ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA के मुताबिक, ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ कर रहे हैं. प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्री अब्बास अरागची, सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के उप सचिव अली बाघेरी कानी और ईरान सेंट्रल बैंक के गवर्नर अब्दोलनासेर हेम्मती भी शामिल हैं. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी रविवार को ज्यूरिख पहुंचे. उनके साथ सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर और अन्य प्रतिनिधि भी मौजूद हैं. पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने शनिवार को जारी बयान में कहा, 'इस्लामाबाद एमओयू के तहत बनी सहमतियों को आगे बढ़ाने के लिए पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका में प्रक्रिया को सुगम बनाना जारी रखेगा.' अमेरिका-ईरान ने साइन किया था एमओयू पिछले सप्ताह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने एक एमओयू पर साइन किए थे, जिसने पश्चिम एशिया में शांति बहाली के लिए 60 दिनों की वार्ता प्रक्रिया की शुरुआत की. इस समझौते में पाकिस्तान ने प्रमुख मध्यस्थ और गारंटर की भूमिका निभाई है. वार्ता के तकनीकी चरण 19 जून से शुरू होने थे, लेकिन इजरायल और ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के बीच नई झड़पों के कारण इसमें देरी हुई. स्विट्जरलैंड में हो रही इस उच्चस्तरीय वार्ता का उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर नियंत्रण और अमेरिका के साथ अंतरिम शांति समझौते को स्थायी शांति की दिशा में आगे बढ़ाना है. ईरान और अमेरिका के बीच एमओयू साइन होने के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुजको फिर से खोल दिया गया था. यह वही रणनीतिक समुद्री मार्ग है, जहां से सामान्य परिस्थितियों में दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत ऊर्जा आपूर्ति गुजरती है. हालांकि, ईरान ने शनिवार को दावा किया कि लेबनान में इजरायली हमलों के कारण उसने होर्मुज को फिर से बंद कर दिया है.

मौसम बदलाव का असर: मुंबई में बुखार और सांस की बीमारियों के केस में इजाफा

मुंबई मुंबई में इन दिनों सांस और तेज बुखार के मरीजों की संख्या में अच्छा-खासा इजाफा हुआ है। डॉक्टरों की प्राइवेट क्लीनिक्स पर भी लोगों की लाइन लगी रहती है। डॉक्टरों के मुताबिक अस्पतालों में स्वाइन फ्लू (H1N1) और कोविड के लिए बनाए गए ओपीडी काउंटर्स पर एक बार फिर मरीजों का आना शुरू हो गया है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक मुंबई के नामी ब्रीच कैंडी अस्पताल की लैब में रोज कम से कम सात कोविड या फिर स्वाइन फ्लू के केस सामने आ रहे हैं। क्या होते हैं मरीजों के लक्षण आम तौर पर ऐसे मरीजों को तेज बुखार होता है। बुखार 102 से 103फारेन हाइट्स के बीच पहुंच जाता है। शरीर में दर्द, सीने में जलन और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण देखे जाते हैं। फोर्टिस अस्पता के डॉक्टरों का कहना है कि इन दिनों स्टमक फ्लू के मामले भी तेजी से बढ़े हैं। क्या मॉनसून में देरी की वजह से बढ़ रहीं बीमारियां बीएमसी के हेल्थ ऑफिसर डॉ. दक्ष शाह के मुताबिक मौसम में बदलाव की वजह से बीमारियां बढ़ी हैं। मॉनसून में देरी होने की वजह से आर्द्रता बहुत ज्यादा है और उमस बर्दाश्त से बाहर हो गई है। ऐसी स्थिति में वायरस भी हवा में ज्यादा समय तक जीवित रहते हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि जब बारिश शुरू हो जाएगी तो अपने आप इस तरह की दिक्कतें कम होने लगेंगी। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि इन दिनों प्रेग्नेंट महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों सो पीड़ित लोगों को ज्यादा देखरेख की जरूरत है। सांस के मरीजों को भी स्वास्थ्य का ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। अधिकारियों का कहना है कि बिना डॉक्टर के सलाह के दवाइयां लेना भी हानिकारक साबित हो सकता है। ऐसे में लोगों को सीधे डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। जहां तक हो सके भीड़ में मास्क का उपयोग करें। इसके अलावा साफ सफाई का भी ध्यान रखें। क्या हैं कोरोना के लक्षण कोरोना होने पर अचानक तेज बुखार आता है। इसके अलावा ठंड भी लग सकती है। शरीर में तेज दर्द, मांस पेशियों में ऐंठन, गले में खराश, सूखी खांसी, पेट की खराबी और डायरिया जैसे लक्षण भी देखने को मिल सकते हैं। वहीं स्वाइन फ्लू में तेज बुखार के साथ सीने में दर्द हो सकता है। तेज सिरदर्द, खूब पीना आना, नाक बहना और कमजोरी इसके लक्षण हैं। बारिश से मिली राहत चमचमाती धूप और उमस से परेशान मुंबईकरों को रविवार को थोड़ी राहत मिली है। मुंबई के बड़े इलाके में रविवार सुबह बारिश हुई जिसके बाद तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। बता दें कि महाराष्ट्र में मॉनसून के अटकने की वजह से जल संकट भी पैदा हो गया है। अब तक मॉनसून मुंबई नहीं पहुंच पाया है। हालांकि अब मौसम विभाग का कहना है कि मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए स्थितियां अनुकूल हैं और जल्द ही यह मुंबई पहुंच जाएगा। मॉनसून महीने की शुरुआत में ही दक्षिण कोंकण में प्रवेश कर गया था। हालांकि पश्चिमी विक्षोभ समेत अन्य कारणों से मॉनसून पर ब्रेक लग गया। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के अनुसार, सुबह छह बजे से सात बजे के बीच घाटकोपर स्थित महानगरपालिका द्वारा संचालित रामाबाई विद्यालय में सबसे अधिक 24 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई। इसके बाद चेंबूर अग्निशमन केंद्र में 20 मिलीमीटर और मानखुर्द अग्निशमन केंद्र में 16 मिलीमीटर बारिश हुई। इसके बाद सुबह सात बजे से आठ बजे के बीच महानगरपालिका द्वारा संचालित वर्ली सी-फेस विद्यालय और सावित्रीबाई फुले विद्यालय में 25-25 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो शहर में सर्वाधिक रही। इसके अलावा, लोअर परेल स्थित जी-दक्षिण वार्ड कार्यालय में 21 मिलीमीटर और वर्ली अग्निशमन केंद्र में 17 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान जलभराव या बारिश से संबंधित किसी बड़ी घटना की सूचना नहीं मिली।

अभिषेक बनर्जी का उदय और टीएमसी में डिजिटल राजनीति का बदलता चेहरा

  पश्चिम बंगाल पश्चिम बंगाल की राजनीति में ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी के बीच का रिश्ता सिर्फ एक पारिवारिक बंधन नहीं बल्कि बंगाल की सत्ता और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भविष्य को तय करने वाला सबसे बड़ा राजनीतिक समीकरण रहा है। वर्तमान में अभिषेक बनर्जी की स्थिति टीएमसी में ममता बनर्जी के बाद नंबर दो की है, जिसे चुनौती देने वाला फिलहाल पार्टी में कोई दूसरा चेहरा नहीं है। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस अपने इतिहास के सबसे अशांत और अस्तित्व के संकट वाले दौर से गुजर रही है। पार्टी में आंतरिक बगावत है। इससे पहले टीएमसी को सबसे बुरी हार का सामना करना पड़ा। अभिषेक बनर्जी इस पूरे चक्रव्यूह के केंद्र में आ गए हैं। समर्थकों के लिए वे पार्टी में पीढ़ीगत बदलाव का चेहरा हैं तो आलोचकों के लिए वे बंगाल के सबसे बड़े नेपो किड हैं, जिन पर पार्टी की मौजूदा दुर्दशा का ठीकरा फोड़ा जा रहा है। कैसे हुआ अभिषेक का उदय? ममता बनर्जी के कई भतीजे और भांजे हैं, लेकिन पार्टी के पुराने रणनीतिकारों का मानना है कि ममता के भाई अमित और भाभी लता के बेटे अभिषेक का उनकी राजनीतिक दुनिया में हमेशा एक विशेष स्थान रहा। जब ममता बनर्जी वाम मोर्चा के खिलाफ सड़कों पर एक बेहद कठिन और हिंसक राजनीतिक लड़ाई लड़ रही थीं, तब परिवार के युवा सदस्यों में अभिषेक ही थे जो उनकी इस राजनीतिक यात्रा के साथ जुड़े रहे। पश्चिम बंगाल में 2011 में टीएमसी की जीत के बाद अभिषेक बनर्जी को युवा मंच की कमान सौंपी गई। वरिष्ठ नेताओं ने इसे मुख्य संगठन के समानांतर एक नया पावर सेंटर माना, जिससे पार्टी के भीतर पहली बार असहजता पैदा हुई। 2014 के लोकसभा चुनाव में डायमंड हार्बर सीट से लोकसभा में उनकी एंट्री होती है। इसके बाद उनका राजनीतिक कद तेजी से बढ़ा। टीएमसी का बदला स्टाइल पारंपरिक बंगाली राजनेताओं के विपरीत अभिषेक बनर्जी ने राजनीति में एक प्रबंधन की नीति को पेश किया। कोलकाता और फिर बिजनेस मैनेजमेंट की पढ़ाई करने वाले अभिषेक ने तकनीक, डिजिटल आउटरीच, सोशल मीडिया अभियान और डेटा-आधारित चुनावी रणनीति को पार्टी का मुख्य हथियार बनाया। 2019 के लोकसभा चुनाव में जब भाजपा ने बंगाल में बड़ी बढ़त हासिल की, तब अभिषेक के नेतृत्व में ही टीएमसी ने अपना सबसे बड़ा कायाकल्प किया। उन्होंने राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म I-PAC को जिम्मेदारी सौंपी, जिसका नतीजा यह हुआ कि पार्टी ने 2021 के विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की। क्यों बने विलेन? भले ही कॉरपोरेट और रणनीतिक तरीके से चुनाव जीत लिए गए हों, लेकिन इसने पार्टी के भीतर के पुराने और जमीन से जुड़े नेताओं को नाराज कर दिया। वरिष्ठ नेताओं की शिकायत थी कि दशकों के जमीनी काम से बने उनके राजनीतिक अनुभव को कंप्यूटर प्रेजेंटेशन और कंसल्टेंट्स के सुझावों से रिप्लेस किया जा रहा है। अभिषेक बनर्जी आज टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव हैं, लेकिन अनौपचारिक रूप से वे सर्वशक्तिमान नंबर दो हैं। यही कारण है कि आज जब पार्टी में सांसदों और विधायकों की सामूहिक बगावत हो रही है, तो सारा ठीकरा उन्हीं के सिर फूट रहा है। विपक्ष और नाराज नेताओं का मानना है कि सारी शक्ति एक नेता और उसके आंतरिक घेरे के पास केंद्रित हो गई है, जिससे जमीनी कार्यकर्ताओं का मोहभंग हुआ है। अभिषेक बनर्जी अपनी इस राजनीतिक विरासत और व्यक्तिगत उपलब्धि के बीच एक नाज़ुक मोड़ पर खड़े हैं। सत्ता की निकटता और उसकी पूर्ण कमान हासिल करने के इस संघर्ष के बीच, वे अपनी ही पार्टी की इस अभूतपूर्व और अप्रत्याशित संकट की घड़ी में कई गुटों के लिए विलेन बनकर उभरे हैं, जिससे पार पाना उनके राजनीतिक जीवन की सबसे बड़ी परीक्षा होगी।

बुधादित्य योग और भद्र राजयोग का शुभ संयोग, मिथुन-कन्या समेत इन राशियों पर बरसेगी किस्मत की मेहरबानी

मेष: 22 जून के दिन फाइनेंशियल दिक्कतों से छुटकारा पाने के लिए अपने पार्टनर से सलह लें। आज काफी मोटिवेटेड फील करेंगे। सही दृष्टिकोण के साथ आप अपने रोमांटिक सपनों को हकीकत में बदल सकते हैं। वर्क प्रेशर आज ज्यादा फील हो सकता है। वृषभ: 22 जून के दिन सिनीयर्स के साथ नोक-झोक से बचना बेहतर रहेगा। धन के मामले में लकी रहने वाले हैं आज आप। वर्क प्रेशर ज्यादा हो सकता है। अर्थीक स्थिति मजबूत रहेगी। करियर में कुछ नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। मिथुन: 22 जून के दिन उत्साह से भरा रहेगा दिन। आज आपको काम पर फोकस करने की सलाह दी जाती है। अपनी डाइट को हेल्दी रखें। आगे बढ़ने और दुनिया को यह दिखाने से न डरें कि आप क्या कर सकते हैं। कर्क: 22 जून के दिन फाइनेंशियल स्थिति में थोड़े-बहुत उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। स्किल्स में सुधार करना चाहते हैं, तो अब कदम उठाने का सही समय आ गया है। आज का दिन थोड़ा बिजी फील हो सकता है। सिंह: 22 जून का दिन आपके लिए काफी लकी माना जा रहा है। अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलें। बिजनेस कर रहे लोगों की किस्मत साथ देगी। अपने रास्ते में आने वाले अवसरों का लाभ उठाने का दिन है। कन्या: 22 जून के दिन मजाकिया बातचीत में खुद को शामिल करने के लिए तैयार रहें। आज के दिन कुछ ऐसा करें, जो आप हमेशा से करना चाहते थे। आपका अच्छा मूड होगा और यह उन लोगों को आकर्षित करेगा, जो कनेक्शन बनाने के लिए तैयार हैं। तुला: 22 जून के दिन आपको अपने फाइनेंस को मैनेज करने में आपका पार्टनर मदद कर सकता है। हेल्थ पर आज कड़ी नजर रखें। जो लोग रिलेशन में हैं, उनके लिए आज अपने जुनून को जगाने और अपनी पार्ट्नर्शिप में फिर से स्पार्क लाने का सही समय है। वृश्चिक: 22 जून के दिन अपने साथी की बात ध्यान से सुनें। विवाद को निपटाने के लिए समझौता करना जरूरी है। एक-दूसरे के साथ फिर से जुड़ने के लिए समय निकालें और हर पल का आनंद उठाएं। अपने रोज के कार्यक्रम से कुछ समय निकालें। धनु: 22 जून के दिन धैर्य रखें और टकराव को रोकने के लिए खुद को समझाएं। शाम होते-होते आपकी सभी मुश्किलें कम हो जाएंगी। अपने करियर को आगे बढ़ाने के लिए आज का दिन शुभ है। थोड़ा इमोशनल फील कर सकते हैं। मकर: 22 जून के दिन आप प्यार और परिवार के बीच फंसा हुआ महसूस कर सकते हैं। जबकि आपका दिल नई दोस्ती के लिए तरस सकता है। अपने ऊपर अत्यधिक बोझ डालने से बचने के लिए अपने जीवन में इन चीजों को संतुलित करने का तरीका खोजना अनिवार्य है। कुंभ: 22 जून के दिन ऐसी एक्टिविटी करें, जो आपको खुश और कॉन्फिडेंट बनाती है। आपकी आनंदमय ऊर्जा को बढ़ाने और उन लोगों को आकर्षित करने का सबसे अच्छा तरीका है, जो आपके जैसा ही महसूस करते हैं। मीन: 22 जून के दिन आपको कुछ मुश्किलों से जूझना पड़ सकता है। अगर आप अपने पार्टनर के साथ कोई प्लान बना रहे हैं, तो बातचीत के दौरान विवाद हो सकता है, जो तीखी बहस में बदल सकता है। खुलकर बातचीत करने की कोशिश करें। डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।  

स्वस्थ तन, प्रसन्न मन और योग बने जीवन का धन : राज्यपाल श्री पटेल

भोपाल  अंतर्राष्‍ट्रीय योग दिवस राष्‍ट्रपति  द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि हम भारत की उस महान योग परंपरा का उत्सव मना रहे हैं, जिसने मानवता के लिये स्वस्थ, संतुलित और सार्थक जीवन का मार्ग प्रदान किया है। योग विश्व को हमारी सांस्कृतिक धरोहर का एक अनमोल उपहार है। यह हमारे ऋषियों-मुनियों की हजारों वर्षों की साधना का परिणाम है। आज भारतभूमि से स्वास्थ्य, संतुलन, शांति और आत्मकल्याण का संदेश विश्व में प्रसारित किया जा रहा है। “योग स्वस्थ आयु के लिए” थीम पर राष्‍ट्रीय कार्यक्रम कोलकाता में प्रधानमंत्री  नरेन्‍द्र मोदी के मुख्‍य आतिथ्‍य में आयोजित किया गया। प्रदेश में राष्‍ट्रपति  द्रौपदी मुर्मु के मुख्‍य आतिथ्‍य में जबलपुर के गैरीसन ग्राउंड में राज्य स्तरीय योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री  मोदी के कोलकाता से आयोजित कार्यक्रम का सजीव प्रसारण देखा व सुना। कार्यक्रम की शुरूआत व अंत में राष्‍ट्रगीत एवं राष्‍ट्रगान किया गया। योगाभ्यास में मध्यप्रदेश के राज्यपाल  मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्‍यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री  जगदीश देवड़ा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार, लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल, राज्‍यसभा सांसद  सुमित्रा बाल्‍मीक, सांसद  आशीष दुबे, विधायक  अजय विश्‍नोई, अशोक रोहाणी,  सुशील तिवारी इंदु, डॉ. अभिलाष पांडे,  नीरज सिंह,  संतोष बरकड़े, महापौर  जगत बहादुर सिंह अन्‍नू, मुख्‍य सचिव  अनुराग जैन, मध्‍यप्रदेश तीर्थ क्षेत्र एवं मेला प्राधिकरण अध्‍यक्ष  विनोद गोंटिया, नगर निगम अध्‍यक्ष रिकुंज विज,  रत्‍नेश सोनकर,  राजकुमार पटेल,  अखिलेश जैन,  अश्विनी परांजपे, संभागायुक्‍त  धनंजय सिंह, कलेक्‍टर  राघवेन्‍द्र सिंह, पुलिस अधीक्षक  संपत उपाध्‍याय, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी तथा लगभग 5 हजार योग साधकों ने सामूहिक योगाभ्यास में सहभागिता की। योग, आंतरिक शांति और सामूहिक कल्याण के लिये करता है प्रेरित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्‍ट्रपति  द्रौपदी मुर्मु ने नागरिकों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्‍होंने कहा कि हमारे शास्त्रों में शरीर, मन और आत्मा के संतुलन को जीवन की सफलता का आधार माना गया है। योग उसी संतुलन को स्थापित करने का मार्ग है। ‘योग’ शब्द का अर्थ है जोड़ना — व्यक्ति को स्वयं से, समाज को प्रकृति से और सम्पूर्ण मानवता को व्यापक विश्व चेतना से जोड़ना। योग एक सशक्त माध्यम है, जो हमें आंतरिक शांति, संतुलन और सामूहिक कल्याण की दिशा में आगे बढ़ाता है। आज जब विश्व अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब योग मानवता को शांति, संतुलन, समरसता और सामूहिक कल्याण का मार्ग दिखाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। योग, जीवनशैली का बनता जा रहा है अहम हिस्सा राष्ट्रपति  मुर्मु ने कहा कि वर्ष 2014 में भारत की पहल पर संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रतिवर्ष 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की। इस पहल से योग को विश्व कल्याण के एक सशक्त माध्यम के रूप में नई पहचान और व्यापक स्वीकार्यता मिली है। आज दुनिया के अनेक देशों में करोड़ों लोग योग को अपने दैनिक जीवन का अहम हिस्सा बना रहे हैं। योग अब जीवन शैली का अहम हिस्सा बनता जा रहा है। विदेशों में भी योग के प्रति लोगों का आकर्षण निरंतर बढ़ रहा है, और यह भारत की सांस्कृतिक शक्ति का सशक्त उदाहरण है। योग, बढ़ती आयु में स्वयं को स्वस्थ रखने में सहायक राष्‍ट्रपति  मुर्मु ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” है। यह थीम समाज के वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य, सक्रियता, आत्मनिर्भरता और गरिमापूर्ण जीवन में योग की उपयोगिता को रेखांकित करती है। योग बढ़ती आयु में भी व्यक्ति को स्वस्थ, सक्रिय और आत्मनिर्भर बनाए रखने में बहुत सहायक है। योग, मन को शांति और देता है भावनात्मक संतुलन योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मन को शांति और भावनात्मक संतुलन प्रदान करता है। आज की व्यस्त दिन चर्या और जीवन शैली से जुड़ी बीमारियां हमारे सामने एक बड़ी चुनौती हैं। इनकी रोकथाम और समग्र स्वास्थ्य के लिए योग एक सरल, प्रभावी और सुलभ उपाय है। योग, को बनाये दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा राष्ट्रपति  मुर्मु ने कहा कि यह प्रसन्नता का विषय है कि भारत सरकार योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए योग शिक्षा, अनुसंधान, प्रशिक्षण और जन-जागरूकता के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। सामूहिक प्रयासों से योग जन-जन तक पहुंचेगा और सामूहिक मानवता के कल्याण का आधार बनेगा। उन्‍होंने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सभी नागरिकों को योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संकल्‍प दिलाया। योग, संतुलित, सरल और आनंदमयी जीवन की है पद्धति : राज्यपाल  पटेल राज्यपाल  पटेल ने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ बनाने का माध्यम ही नहीं, बल्कि यह संपूर्ण जीवन को संतुलित, सरल और आनंदमयी बनाने की पद्धति है। योग ही स्वस्थ तन, प्रसन्न मन और योग बने जीवन का धन है। भारतीय ज्ञान परंपरा ने स्वस्थ जीवन का जो मार्ग दिखाया था, आज पूरी दुनिया उसे अपना रही है। संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा भारतीय योग को अंतर्राष्ट्रीय सम्‍मान दिया गया। प्रधानमंत्री  मोदी की दूरदृष्टि और अटूट प्रतिबद्धता से ही योग को पूरी दुनिया में अपनाया गया है। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि प्राणायाम के जरिए हम नई ऊर्जा और सकारात्मक सोच को अपनाते हैं। ध्यान हमें अपने अंदर झांकने का अवसर देता है और मन की शांति प्रदान करता है। रोजाना केवल 20 से 30 मिनट का योगाभ्यास, ध्यान और प्राणायाम हमारे लिए प्रभावी और सकारात्मक बदलाव लाने का सबसे सरल माध्यम है। आज योग को आत्मिक उन्नति का माध्यम बनाकर दिनचर्या में शामिल करने का संकल्प लें। योग, वैश्विक शांति के लिए एकमात्र उपाय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस दुनियाभर में उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस वर्ष की थीम -योग फॉर हेल्दी एजिंग है। योग दिवस वैश्विक शांति और वैश्विक कल्याण को बढ़ावा देता है। प्रधानमंत्री  मोदी के कार्यकाल के सफलतम 12 वर्ष पूर्ण होने पर यह सुखद संयोग बना है, इस वर्ष राष्ट्रीय कार्यक्रम का नेतृत्व प्रधानमंत्री  मोदी द्वारा सांस्कृतिक और ऐतिहासिक नगरी कोलकाता से किया गया। दुनिया के करीब 2500 स्थानों पर योगाभ्यास किया , 210 से अधिक दूतावासों ने भी सामूहिक योग में भागीदारी की । भारत ने योग के रूप में दुनिया को … Read more

जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास में शिक्षित युवाओं की भूमिका अहम

भोपाल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि शिक्षण संस्थान केवल डिग्री देने के केंद्र नहीं, बल्कि नवाचार, अनुसंधान, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और रचनात्मक सोच के विकास के प्रमुख केंद्र होते हैं। विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, परंपरा और भाषाओं के प्रति सम्मान का भाव विकसित करना भी विश्वविद्यालयों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। आधुनिकता और परंपरा के संतुलन से ही देश का समग्र विकास संभव है। राष्ट्र्पति मुर्मु रविवार को जबलपुर में रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के 36वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहीं थी। इस अवसर पर राष्ट्रपति मुर्मु ने विभिन्न संकायों में एक से अधिक स्वर्ण पदक अर्जित करने वाले 20 छात्र-छात्राओं को स्वर्ण पदक प्रदान किये और उपाधियों का वितरण किया। कार्यक्रम में विश्व्विद्यालय के 141 विद्यार्थियों को 240 स्वर्ण पदकों का वितरण किया गया। साथ ही 182 शोधार्थियों को पीएचडी सहित विभिन्न उपाधियां प्रदान की। महामहिम राष्ट्रपति मुर्मु ने विश्विविद्यालय परिसर स्थित वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रतिमा पर पुष्पांजलि भी अर्पित की। राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि जबलपुर विश्वविद्यालय का नाम वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम पर होना गर्व का विषय है। रानी दुर्गावती वीरता, साहस, शौर्य और पराक्रम की प्रतिमूर्ति थीं और नारी शक्ति के लिए सदैव प्रेरणा स्रोत रहेंगी। उन्होंने महान वीरांगना की स्मृति को नमन करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय से जुड़े विद्यार्थियों और पूर्व छात्रों को जनजातीय समाज, वंचित वर्गों तथा विशेषकर बेटियों के सशक्तिकरण के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय जिस क्षेत्र में स्थित है, वहां जनजातीय और वनवासी संस्कृति की समृद्ध उपस्थिति है। ऐसे में यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाले युवाओं का दायित्व केवल अपने करियर तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उन्हें अपने समाज और गांवों तक पहुंचकर वहां के लोगों का मार्गदर्शन भी करना चाहिए। राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि सरकार जनजातीय और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए अनेक योजनाएं चला रही है। कई बार लोगों को इन योजनाओं की जानकारी और उनका लाभ लेने की प्रक्रिया का पता नहीं होता। ऐसे में शिक्षित युवाओं, विशेषकर जनजातीय समाज से आगे बढ़े युवक-युवतियों का कर्तव्य है कि वे अपने समाज के बीच जाकर लोगों को मार्गदर्शन दें। उन्होंने कहा कि विकसित भारत@2047 का सपना तभी साकार होगा, जब समाज के अंतिम व्यक्ति और पिछड़े समुदायों को भी विकास की मुख्यधारा में लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज की पहचान, संस्कृति, परंपरा और अस्मिता को बनाए रखना उतना ही आवश्यक है, जितना आधुनिक विकास में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना। जनजातीय समाज के कौशल, पारंपरिक ज्ञान और शिल्प को आधुनिक शिक्षा, नवाचार और शोध से जोड़ने की आवश्यकता है। इस दिशा में विश्वविद्यालयों और अन्य शिक्षण संस्थानों को विशेष प्रयास करने चाहिए, जिससे जनजातीय ज्ञान परंपरा का व्यवस्थित अध्ययन हो सके और उसका लाभ व्यापक समाज तक पहुंचे। राष्ट्रपति मुर्मु ने विश्वविद्यालय में भारतीय ज्ञान परंपरा को पाठ्यक्रमों में समाहित करने, नवाचार को प्रोत्साहन देने तथा डिजाइन इनोवेशन सेंटर के माध्यम से पेटेंट प्राप्त करने जैसे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह प्रसन्नता की बात है कि दीक्षांत समारोह में स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में बेटियों की संख्या अधिक है, जो महिला सशक्तिकरण और बदलते भारत की सकारात्मक तस्वीर प्रस्तुत करती है। राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि आज का भारत युवाओं का भारत है और देश को उनसे बड़ी अपेक्षाएं हैं। केंद्र और राज्य सरकारें युवाओं को उनकी योग्यता के अनुरूप अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। विश्वविद्यालयों को चाहिए कि वे शिक्षा, शोध, नवाचार और कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर और राष्ट्र निर्माण के लिए सक्षम बनाएं। उन्होंने कहा कि आज विश्व तेजी से बदल रहा है और जीवनशैली में भी तीव्र परिवर्तन आ रहा है, लेकिन इस बदलते दौर में भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों को नहीं भूलना चाहिए। देश के युवाओं को भारत के सांस्कृतिक मूल्यों और आदर्शों को अपने जीवन का आधार बनाना चाहिए। सत्य, अहिंसा, करुणा, सेवा और ईमानदारी जैसे मूल्य भारतीय चेतना का अभिन्न हिस्सा हैं। इन मूल्यों को जीवन में अपनाकर युवा न केवल कठिन परिस्थितियों का दृढ़ता से सामना कर सकते हैं, बल्कि आदर्श नागरिक बनकर राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। राष्ट्रपति मुर्मु ने विद्यार्थियों से कहा कि उनकी जिम्मेदारियां केवल परिवार या विश्वविद्यालय तक सीमित नहीं हैं। वे राष्ट्र की आकांक्षाओं और भविष्य के निर्माता हैं। युवाओं के कंधों पर देश का भविष्य टिका है और उनके ज्ञान, ऊर्जा तथा संकल्प से विकसित भारत का सपना साकार होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपनी शिक्षा और प्रतिभा का उपयोग केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित न रखते हुए समाज के व्यापक कल्याण के लिए भी करें। राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि शिक्षित युवा अपने आसपास के वंचित, ग्रामीण और जनजातीय समुदायों की समस्याओं को समझें, उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप समाधान विकसित करें और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि आज जो विद्यार्थी विश्वविद्यालय से निकल रहे हैं, वे भविष्य में अधिकारी, प्रोफेसर, वैज्ञानिक, शोधकर्ता और विभिन्न क्षेत्रों के नेतृत्वकर्ता बनेंगे। ऐसे में उनका दायित्व और भी बढ़ जाता है कि वे समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य करें। रानी दुर्गावती आज भी जनजातीय समुदाय सहित देश की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का केंद्र राज्यपाल एवं कुलाधिपति मंगुभाई पटेल ने कहा कि विश्वविद्यालय के 36वें दीक्षांत समारोह का राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के मुख्य आतिथ्य में संपन्न होना हम सभी के लिए अत्यंत गौरव का विषय है। उन्होंने अमर वीरांगना महारानी रानी दुर्गावती को नमन करते हुए कहा कि उनका जीवन जनजातीय अस्मिता, प्रजा कल्याण, नारी शक्ति, त्याग, पराक्रम, नेतृत्व क्षमता और आत्मगौरव का अमर संदेश है। उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती आज भी जनजातीय समुदाय सहित देश की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का केंद्र हैं। राज्यपाल पटेल ने दीक्षांत समारोह में उपस्थित छात्र-छात्राओं से कहा कि उनकी डिग्री केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि विकसित भारत के निर्माण, नवाचार और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य को आकार देने वाली शक्ति है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे रानी दुर्गावती सहित देश के महान जननायकों के शौर्य, लोककल्याण और संघर्षपूर्ण जीवन से प्रेरणा लेकर समाज के प्रति अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करें। उन्होंने प्रत्येक विश्वविद्यालय से 5-5 पिछड़े ग्रामों को … Read more

चीता परियोजना का जायजा लेने पहुंचीं राष्ट्रपति, चीता प्रदर्शिनी का भी किया अवलोकन

भोपाल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कूनो नेशनल उद्यान के दो दिवसीय प्रवास के दौरान रविवार को चीता कमांड एवं कंट्रोल सेंटर का अवलोकन किया। चीता कमांड एवं कण्ट्रोल सेंटर के अवलोकन के दौरान राष्ट्रपति मुर्मु को चीतों कि निगरानी और ट्रैकिंग की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी प्रदान की गयी। राष्ट्रपति ने चीता कमांड एवं कंट्रोल सेंटर परिसर में चीता प्रोजेक्ट की अभी तक की प्रगति पर लगाई गई प्रदर्शिनी का अवलोकन किया। राष्ट्रपति मुर्मु को अवगत कराया गया कि वर्तमान में भारत में चीतों की संख्या 52 है, जिनमें से 49 चीते कूनो में मौजूद है, तीन चीते गाँधी सागर अभयारण्य मंदसौर भेजे गए है। राष्ट्रपति मुर्मु द्वारा इस दौरान चीतों के लिए की गई आवश्यक सुविधाओं के विषय में जानकारी ली गई। बताया गया कि हर 2 किलोमीटर पर जंगल में वाटर पिट बनाये गए हैँ जिनमें अवश्यकता अनुसार पानी भरवाया जाता है। इस दौरान उन्हें बोत्सवाना से लाये गए चीतों की गतिविधियों की भी जानकारी दी गयी। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति श्री मुर्मु द्वारा अपनी बोत्सवाना यात्रा के दौरान 8 चीते रिसीव किये गए थे जिन्हें कुनो लाया गया है। इस दौरान सीसीफ श्री उत्तम कुमार, कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा, डीएफओ श्री आर थिरूकुराल आदि मौजूद रहे। राष्ट्रपति मुर्मु की कूनो हेलीपैड पर हुई आगवानी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु अपने दो दिवसीय प्रवास पर रविवार को श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क पहुंचीं। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल भी साथ रहे। इस अवसर पर कूनो नेशनल पार्क स्थित हेलीपैड पर मिनिस्टर इन वेटिंग एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री राकेश शुक्ला ने आगवनी करते हुए पुष्प गुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया गया। इस दौरान सांसद श्री शिवमंगल सिंह तोमर, प्रमुख सचिव वन श्री संदीप यादव, पीसीसीएफ श्री शुभरंजन सेन, कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा, पुलिस अधीक्षक श्री सुधीर कुमार अग्रवाल द्वारा भी उनकी आगवनी करते हुए स्वागत किया गया। राष्ट्रपति मुर्मु कूनो नेशनल पार्क में रात्रि विश्राम करेंगी और भारत में चीतों के पुनर्स्थापन की इस महत्वपूर्ण परियोजना के संबंध में वन विभाग के अधिकारियों से चर्चा भी करेंगी।