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मध्य प्रदेश में युवाओं के लिए बड़ा कदम, 100 करोड़ की लागत से बीपीसीएल कौशल विकास केन्द्र बनेगा

सागर  बीपीसीएल बीना रिफाइनरी (BPCL Bina Refinery) द्वारा क्षेत्र के युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण देने के लिए कौशल विकास केन्द्र खोला जा रहा है। इसके लिए स्वीकृति भी मिल चुकी है, जिसमें जल्द काम शुरू हो जाएगा और केन्द्र की शुरुआत होने पर क्षेत्र सहित आसपास के जिले के युवाओं को दूसरे शहरों में प्रशिक्षण लेने नहीं जाना पड़ेगा। यह मांग लोगों की लंबे समय से चली आ रही थी। 100 करोड़ में बनेगा केंद्र जानकारी के अनुसार कौशल विकास केन्द्र (Skill Development Center) करीब 100 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा, जिसमें आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस केन्द्र से प्रत्येक वर्ष करीब 1000 विद्यार्थियों को प्रशिक्षण मिलेगा और 500 विद्यार्थियों को रुकने के लिए हॉस्टल की व्यवस्था रहेगी। इस प्रोजेक्ट के लिए स्वीकृति मिल गई है और टेंडर प्रक्रिया चल रही है। दूसरे शहरों में नहीं जाना पड़ेगा प्रशिक्षण लेने अभी शहर में बड़े तकनीकी इंस्टीट्यूट न होने से युवाओं को भोपाल, उज्जैन, इंदौर आदि शहरों में जाकर प्रशिक्षण लेना पड़ता है, जिसमें रुपए खर्च करने पड़ते हैं। साथ ही कई युवा दूसरे शहरों में जा भी नहीं पाते हैं। इन कोर्सों में मिलेगा प्रशिक्षण कौशल विकास केन्द्र में आधुनिक कोर्स जैसे रोबोटिक्स, सीएमसी मशीन ट्रेनिंग, हैबी ड्यूटी इंडस्ट्रीयल वेलंडिग इलेक्ट्रीशियन, पेट्रोकेमिकल, सेफ्टी सुपरवाइजर, ऑपरेटर सहित अन्य तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण को लेकर युवाओ को रिफाइनरी सहित अन्य उद्योगों में रोजगार मिलेगा। साथ ही स्वयं का रोजगार भी स्थापित कर सकेंगे। मिल गई है स्वीकृति कौशल विकास केन्द्र के निर्माण की स्वीकृति बोर्ड से मिल गई है। इस प्रोजेक्ट पर सौ करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च होंगे और प्रत्येक वर्ष करीब 1000 युवाओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य है। यह केन्द्र बीना क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धी होगी।- केपी मिश्रा, चीफ मैनेजर, एचआर, बीपीसीएल बीना रिफाइनरी

इंदौर में कांग्रेस की न्याय यात्रा, 11 को भागीरथपुरा कांड के खिलाफ लापरवाही नहीं, सुनियोजित हत्या का विरोध

इंदौर  भागीरथपुरा दूषित पेयजल मामले में कांग्रेस 11 जनवरी को न्याय यात्रा निकालेगी। इसके साथ ही हर वार्ड में इन मृतकों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इस घटना के लिए कांग्रेस ने प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री तथा क्षेत्र के विधायक कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग की है। इस प्रदर्शन को लेकर शहर के सभी ब्लॉक अध्यक्ष, पार्षद और प्रमुख नेताओं को बुलाया गया था। सभी नेताओं से कहा कि भागीरथपुरा के मुद्दे को लेकर आंदोलन किस तरह से किया जाना चाहिए इस बारे में आप अपने सुझाव दें। सभी नेताओं के द्वारा दिए गए सुझाव के आधार पर यह फैसला लिया गया है कि 11 जनवरी को कांग्रेस के द्वारा भागीरथपुरा के 17 मृतकों के परिवार को न्याय दिलाने के लिए न्याय यात्रा निकाली जाएगी। पटवारी ने विजयवर्गीय को घटनाओं का सरगना बताया शनिवार को भागीरथपुरा में कांग्रेस नेताओं को रोकने के मामले में पटवारी ने विजयवर्गीय को सभी घटनाओं का सरगना बताया। वहीं कांग्रेस ने 11 जनवरी को भागीरथपुरा पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए न्याय यात्रा निकालने की घोषणा की है। यह यात्रा बड़ा गणपति मंदिर से राजवाड़ा तक जाएगी, जिसमें प्रदेश के सभी बड़े कांग्रेस नेता और सभी विधायक शामिल होंगे। यह न्याय यात्रा बड़ा गणपति चौराहा से शुरू होगी और राजवाड़ा पर अहिल्या प्रतिमा पर आकर समाप्त होगी। इस यात्रा के माध्यम से इन सभी मृत व्यक्तियों के परिवार जनों के लिए न्याय मांगा जाएगा। भागीरथपुरा के मामले में हुई मौत कोई साधारण मौत या लापरवाही न होकर एक सुनियोजित हत्या है। ऐसे में यह आवश्यक है कि इस घटना के दोषियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए। पटवारी ने कहा कि हम हर वार्ड में इन मृतकों को श्रद्धांजलि देंगे   गांधी भवन में आयोजित की गई बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के द्वारा इंदौर की प्रभारी नियुक्त की गई उषा नायडू, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा महिला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष शोभा ओझा, प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया, शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे, जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े और अन्य प्रमुख नेता मौजूद थे। बैठक में कांग्रेस ने आंदोलन की रूपरेखा तय की रविवार को गांधी भवन में आयोजित बैठक में कांग्रेस ने आंदोलन की रूपरेखा तय की। इस बैठक की अध्यक्षता पटवारी ने की, जिसमें राष्ट्रीय कांग्रेस कमेटी की इंदौर प्रभारी उषा नायडू, पूर्व महिला कांग्रेस अध्यक्ष शोभा ओझा, पूर्व मंत्री सज्जनसिंह वर्मा और जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े सहित अन्य पदाधिकारी शामिल हुए। पटवारी ने पुलिस के रवैये की आलोचना की पटवारी ने इंदौर में कांग्रेसियों को रोकने की कोशिश और पुलिस के रवैये की आलोचना की। उन्होंने पदाधिकारियों से सुझाव मांगे कि आंदोलन को कैसे संचालित किया जाए। छह जनवरी को शहर के सभी 85 वार्डों में प्रमुख चौराहों पर कांग्रेस मोमबत्तियां जलाकर मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करेगी। सात जनवरी को महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बौरासी के नेतृत्व में महिला कार्यकर्ता मंत्री विजयवर्गीय का इस्तीफा मांगते हुए विरोध प्रदर्शन करेंगी।   

सेना के अस्पताल में लगा बड़ा मेडिकल कैंप, डिप्टी सीएम दिया कुमारी ने किया उद्घाटन

जयपुर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने आज आर्मी हॉस्पिटल में आयोजित विशाल मेडिकल कैंप का शुभारंभ किया। यह मेडिकल कैंप देश की रक्षा में अपना सर्वस्व अर्पण करने वाले पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारजनों के कल्याण, सम्मान और बेहतर स्वास्थ्य के उद्देश्य से आयोजित किया गया। शुभारंभ के बाद उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने मेडिकल कैंप का निरीक्षण किया तथा मरीजों के पास पहुंचकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने न केवल मरीजों का मनोबल बढ़ाया, बल्कि उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।   इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि इस मेडिकल कैंप के माध्यम से पूर्व सैनिकों एवं उनके परिजनों को हृदय रोग, हड्डियों से संबंधित रोगों सहित विभिन्न चिकित्सकीय समस्याओं के उपचार और विशेषज्ञ परामर्श की सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह पहल उनके बेहतर स्वास्थ्य और सम्मानजनक जीवन की दिशा में एक सार्थक कदम है। उन्होंने कहा कि हमारे सैनिकों के अदम्य साहस, अनुशासन और निष्ठा से ही देश की सीमाएँ सुरक्षित हैं और भारत निरंतर सशक्त बन रहा है। दिया कुमारी ने कहा, “मैं स्वयं एक सैनिक की बेटी हूँ। अनुशासन, सेवा, त्याग और देशभक्ति के संस्कार बचपन से ही मेरे जीवन का हिस्सा रहे हैं। सैनिक परिवारों का दर्द, संघर्ष और गौरव मैंने बहुत करीब से देखा और महसूस किया है। इसलिए वीर सैनिकों और उनके परिवारों की सेवा मेरे लिए केवल दायित्व नहीं, बल्कि भावनात्मक जुड़ाव और आत्मिक कर्तव्य है।” उन्होंने बताया कि 15 जनवरी को जयपुर में आयोजित होने वाले आर्मी डे समारोह की शुरुआत आज से इस मेडिकल कैंप के साथ की गई है। राजस्थान में पहली बार हो रही आर्मी डे परेड को लेकर आमजन में भारी उत्साह है। जयपुर में इस भव्य परेड का आयोजन होना प्रदेशवासियों के लिए गर्व की बात है। इस अवसर पर साउथ-वेस्टर्न कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह, आवा की क्षेत्रीय अध्यक्षा बरिन्दरजीत कौर, बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक एवं उनके परिवारजन उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जयपुर में निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए किया आमंत्रित

देश के दिल से जुड़ें, मध्यप्रदेश है अनंत संभावनाओं का केंद्र हम निवेशकों के लिए तैयार कर रहे हैं आदर्श वातावरण अपने आइडिया को जमीन पर उतारिए, हमारी सरकार है निवेशकों के साथ जयपुर में हुआ राजस्थान डिजीफेस्ट-टाई ग्लोबल समिट-2026   भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश, देश का सबसे युवा राज्य है। मध्यप्रदेश टाइगर स्टेट है, चीता स्टेट है, फारेस्ट स्टेट है, मिनरल स्टेट है, बिजली सरप्लस स्टेट है और अब देश का सबसे बेहतर इन्वेस्टमेंट फ्रेंडली स्टेट भी बन गया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश वर्ष 2025 में सबसे ज्यादा निवेश पाने वाला देश का तीसरा राज्य बना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अनंत अवसर और संभावनायें लिए हुए है। मध्यप्रदेश में निवेश हर मायने में लाभ का सौदा है। देश के मध्य में होने के कारण मध्यप्रदेश व्यापार, व्यवसाय, उद्योग-धंधे और स्टार्ट-अप्स लगाने से लेकर अपने उत्पाद को निर्यात करने के लिए एक अनुपम केंद्र बन रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को पिंक सिटी जयपुर में राजस्थान डिजीफेस्ट-टाई ग्लोबल समिट 2026 में मध्यप्रदेश सेशन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश और राजस्थान दोनों सदियों से इतिहास, विरासत और व्यापार-व्यवसाय की समझ के मामले में साझा भागीदार रहे हैं। राजस्थान के मारवाड़ी व्यापारी मध्यप्रदेश में अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं। समिट में राजस्थान के उप मुख्यमंत्री श्री प्रेमचंद बैरवा भी उपस्थित थे। मध्यप्रदेश सरकार इस प्रतिष्ठित ग्लोबल समिट में 'स्टेट पार्टनर' के रूप में सहभागिता कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश को विकास और अवसरों का केंद्र बताते हुए निवेशकों और उद्योगपतियों से कहा कि हमारा प्रदेश आज देश के उन चुनिंदा राज्यों में है, जहां प्राकृतिक संसाधन, उद्योग-अनुकूल नीतियां, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और सहयोगी सरकार सभी निवेशकों के लिए आदर्श वातावरण तैयार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 18 नई उद्योग-अनुकूल नीतियां, विस्तृत लैंड बैंक, भरपूर जल उपलब्धता, स्किल्ड मानव संसाधन, उत्कृष्ट लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी और पारदर्शी प्रशासन निवेशकों को सर्वोत्तम सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर राजस्थान डिजिफेस्ट-टाई ग्लोबल समिट के मध्यप्रदेश सेशन का विधिवत् शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि सभी राज्यों के बीच औद्योगिक विकास की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा चल रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश के सभी राज्यों को आगे बढ़ने का समान अवसर मिल रहा है। वैश्विक अर्थव्यवस्था आज भी उहापोह की स्थिति में है, ऐसी परिस्थिति में भी भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। भारत के लोकतंत्र में 'जियो और जीने दो' की भावना समाहित है। उद्योग-व्यापार से कई लोगों के जीवन में सवेरा आता है। इससे पवित्र काम कुछ नहीं हो सकता है। मध्यप्रदेश विकास के सभी सेक्टर्स में लगातार आगे बढ़ रहा है। प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर भी कई बड़े पुरस्कार मिले हैं। हमारे टूरिज्म सेक्टर में सबसे अच्छे रिजल्ट देखने को मिल रहे हैं। पिछले दो साल में हमने प्रदेश में दो नए टाइगर रिजर्व बनाए हैं। मध्यप्रदेश टाइगर और वल्चर स्टेट तो है ही, हमारी धरती पर चीता भी तेजी से अपना कुनबा बढ़ा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश नदियों का मायका है। यहां 250 से अधिक नदियां बहती हैं। हमने राजस्थान के साथ जल बंटवारे का विवाद सुलझाया। हमारे कार्यों में परस्पर सौहार्द और बंधुता का भाव होना चाहिए। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मेक इन इंडिया और इंडिया फर्स्ट का आह्वान किया है। यह सिर्फ शब्द नहीं हैं, इसके लिए बड़े मन से काम करने का मानस होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार निवेशकों और उद्योगपतियों को प्रोत्साहित करने के लिए शासकीय कामकाज को और भी सरल, सहज, पारदर्शी, आसान और सहयोगी बना रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में होटल, हास्पिटल, एआई, ड्रोन, सेमी कंडक्टर निर्माण एवं अन्य कई व्यवसाय स्थापित करने पर अनुदान दिया जा रहा है। राज्य सरकार ने पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खोलने की शुरुआत की है। जिससे प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को गति मिलेगी और हमें पर्याप्त संख्या में डाक्टर्स भी मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि रिन्यूएबल एनर्जी, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, फार्मा, आईटी और पेट्रो केमिकल्स जैसे सभी प्रमुख सेक्टर्स में निवेश के व्यापक अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने निवेशकों को औद्योगिक सहयोग के साथ-साथ शिक्षा, अनुसंधान, संस्कृति, कौशल विकास, अवसंरचना और पर्यटन में साझेदारी के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को विश्वास दिलाया कि मध्यप्रदेश निवेशकों के साथ दीर्घकालिक साझेदारी के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। आप सभी आइडिया को जमीन पर उतारिए, हमारी सरकार हमेशा आपके साथ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश और राजस्थान सरकार की संयुक्त भागीदारी से हुई इस समिट में हमारी सरकार ने आईटी और संबंधित सेक्टर्स के व्यवसायियों के बीच प्रदेश की औद्योगिक विशेषताओं और विलक्षणताओं को सबके समक्ष रखा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उम्मीद जताई कि मध्यप्रदेश औद्योगिक निवेश के लिए आईडियल स्टेट है। निवेशक मध्यप्रदेश में अपना व्यापार-व्यवसाय स्थापित करेंगे, तो हम सभी को पूरा सहयोग करेंगे। राजस्थान हमारा सहोदर भाई है।  समिट में मध्यप्रदेश की मजबूत उद्योग शक्ति का प्रतिनिधित्व करते हुए, राज्य में मुख्यालय या परिचालन आधारित विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त कंपनियों द्वारा मध्यप्रदेश की प्रौद्योगिकी सफलता एवं वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी उद्यमों को सशक्त बनाने में राज्य की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला गया। सीईओ इम्पेटस टेक्नोलॉजीज श्री संजीव अग्रवाल ने कहा कि वे पिछले 32 वर्षों से मध्यप्रदेश में कार्यरत हैं।उस समय राज्य में आईटी इको सिस्टम की शुरुआत हो रही थी। मध्यप्रदेश सरकार का व्यावहारिक सहयोग, संवाद के प्रति खुलापन, लागत-प्रभावशीलता पर जोर और गुणवत्तापूर्ण प्रतिभा पर ध्यान, ये सभी कारक मिलकर निवेश और विकास के लिए अत्यंत अनुकूल वातावरण का निर्माण करते हैं। श्री अग्रवाल ने कहा कि आज राज्य वैश्विक ग्राहकों के साथ सफलतापूर्वक कार्य कर रहा है और निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है।यदि कोई निवेशक सतत विकास, मजबूत सरकारी सहयोग और विश्वसनीय पारिस्थितिकी तंत्र की तलाश में है, तो मध्यप्रदेश इसके लिए सबसे उपयुक्त और आदर्श स्थान है। सह-संस्थापक इंफोबीन्स टेक्नोलॉजीज श्री सिद्धार्थ सेठी ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जहां विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) की स्थापना हुई थी। … Read more

टैक्स छूट की रफ्तार थमी: आरटीओ नियमों ने ग्वालियर मेले में वाहन कारोबार रोका

ग्वालियर ग्वालियर शहर का मान कहे जाने वाले ऐतिहासिक व्यापार मेले का शुभारंभ हुए एक सप्ताह से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन मेले का सबसे मुख्य आकर्षण आटोमोबाइल सेक्टर फिलहाल सन्नाटे की आगोश में है। 25 दिसंबर को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मेले के भव्य उद्घाटन के बाद उम्मीद थी कि आरटीओ टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट की घोषणा तत्काल हो जाएगी, लेकिन शासन स्तर पर हो रही देरी ने कारोबारियों और खरीदारों दोनों के उत्साह पर पानी फेर दिया है। आलम यह है कि शोरूम्स पर गाड़ियां तो सजी हैं, लेकिन उनकी बिक्री का पहिया पूरी तरह थम गया है। पिछले तीन साल से हो रही है टैक्स छूट मिलने में देरी ग्वालियर व्यापार मेले में आरटीओ टैक्स छूट देरी से दिए जाने का सिलसिला पिछले तीन सालों से जारी है। 2022-23 में आरटीओ टैक्स छूट का नोटीफिकेशन मेला शुरू होने से दो दिन पहले ही आ गया था। लेकिन इसके बाद 2023-24, 2024-2025 में जनवरी मध्य यानि मकर संक्राति तक ही 50 प्रतिशत छूट आरटीओ टैक्स में मिल पाई। यानि मेला शुरू होने के बीस दिन बाद। अब व्यापार मेला 2025-26 को शुरू हुए भी 10 दिन हो गए हैं। लेकिन अभी तक टैक्स छूट का नोटीफिकेशन जारी नहीं हुआ है।   क्या असर होता है मेले पर     छूट में में देरी होने से वाहनों की बिक्री भी कम होती है और जिससे कारोबारियों को तो नुकसान होता है, शासन को भी राजस्व का नुकसान होता है।     ग्वालियर व्यापार मेले का मुख्य आकर्षण ऑटोमोबाइल सेक्टर है। इस सेक्टर में रौनक ही टैक्स छूट मिलने के बाद आती है। दूसरे टैक्स छूट न मिलने से आटोमोबाइल सेक्टर में कारोबार भी प्रभावित होता है।     बुकिंग वाले वाहनों की डिलिवरी न होने से शोरूम मालिक डिमांड के मुताबिक कारों का स्टाक नहीं मंगा पा रहे हैं। यह भी बताई जा रही वजह 2023-24 में ग्वालियर के साथ उज्जैन में विक्रम व्यापार मेला की शुरूआत हुई थी। जब जनवरी मध्य में ग्वालियर के लिए छूट मिली थी तभी मार्च से शुरू होने वाले विक्रम व्यापार मेला के लिए छूट जारी हो गई। 2024-2025 में भी जनवरी मध्यम में ग्वालियर के साथ ही उज्जैन मेले के लिए टैक्स छूट का नोटीफिकेशन जारी हुआ था। इसके पीछे बताया जाता है कि इसके पीछे उज्जैन मेला को प्रमोट करना अधिक है। ऐसे में ग्वालियर मेले के लिए टैक्स छूट देरी से दी जा रही है। बुकिंग की कतार, डिलीवरी कम सैकड़ों लोगों ने अपनी पसंद की कारों और दोपहिया वाहनों की बुकिंग करा ली है, लेकिन कोई भी डिलीवरी लेने को तैयार नहीं है। सभी को आरटीओ टैक्स की 50 प्रतिशत की छूट का इंतजार है। यही वजह है कि पिछले चार दिनों में नाममात्र के वाहनों की ही बिक्री हुई है।  

हरभजन सिंह का बांग्लादेश पर कड़ा हमला: ‘भारत में स्वागत, लेकिन वहां जो हुआ…!’

जालंधर  बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) और भारतीय क्रिकेट के बीच चल रहा टकराव इन दिनों सुर्खियों में है. मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल से रिलीज किए जाने के बाद ये विवाद तब और गहरा गया जब बांग्लादेश ने भारत में होने जा रहे टी20 वर्ल्ड कप के बहिष्कार की धमकी दी. भारत के पूर्व ऑफ-स्पिनर हरभजन सिंह ने अब इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है. हरभजन ने साफ किया कि भारत हर टीम की मेज़बानी के लिए तैयार है, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी ज़ोर देकर कहा कि अंतिम फैसला बांग्लादेश और आईसीसी के हाथ में है. क्या बोले हरभजन सिंह सोमवार को न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा, 'पिछले कुछ दिनों में जो-जो घटनाएं हुई हैं, उनकी वजह से बांग्लादेश भारत नहीं आना चाहता. बांग्लादेश में जो कुछ हुआ, वह गलत है. आईसीसी को उनके अनुरोध पर फैसला लेना चाहिए. हम भारत में सभी का स्वागत करते हैं, लेकिन वे यहां आना चाहते हैं या नहीं, यह उनकी पसंद है.' बांग्लादेश भारत में खेलना नहीं चाहता हरभजन की यह टिप्पणी उस समय आई, जब बीसीबी ने औपचारिक रूप से आईसीसी को पत्र लिखकर भारत से बाहर अपने सभी टी20 वर्ल्ड कप 2026 मैचों को शिफ्ट करने की मांग की. बीसीबी ने इसके पीछे गंभीर सुरक्षा चिंताओं का हवाला दिया है. यह टूर्नामेंट 7 फरवरी से भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेज़बानी में होना तय है, लेकिन बांग्लादेश अब चाहता है कि उसके सभी मैच पूरी तरह श्रीलंका में कराए जाएं. बीसीबी का यह फैसला शनिवार को हुई आपात बोर्ड बैठक के बाद लिया गया. यह बैठक तब बुलाई गई थी, जब बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के युवा एवं खेल सलाहकार डॉ. आसिफ नज़रुल ने मौजूदा हालात में टीम को भारत न भेजने की सलाह दी. भारत-विरोधी रुख को और मज़बूत करते हुए बांग्लादेश ने अपने देश में आईपीएल के प्रसारण पर भी प्रतिबंध लगा दिया है. मुस्तफिजुर से कूटनीतिक और क्रिकेट विवाद इस टकराव की तात्कालिक वजह बीसीसीआई द्वारा केकेआर को मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज़ करने का निर्देश देना रहा. मुस्तफिजुर को आईपीएल नीलामी में 9.20 करोड़ रुपये में खरीदा गया था, जो किसी भी बांग्लादेशी खिलाड़ी के लिए अब तक की सबसे बड़ी राशि थी. बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि यह फैसला “हालिया घटनाक्रम” के कारण लिया गया और यह भी पुष्टि की कि केकेआर को रिप्लेसमेंट लेने की अनुमति दी जाएगी. इसके बाद हालात और बिगड़ते चले गए. बांग्लादेश सरकार ने सोमवार को घोषणा की कि देश में आईपीएल 2026 के प्रसारण को “अगले आदेश तक” निलंबित किया जा रहा है. वहीं, सितंबर में होने वाला भारत का बांग्लादेश दौरा भी फिलहाल टाल दिया गया है. हालांकि, खबरों के मुताबिक बीसीसीआई ने बांग्लादेश की वेन्यू बदलने की मांग को लॉजिस्टिक तौर पर नामुमकिन बताया है, लेकिन अब आईसीसी एक संवेदनशील भू-राजनीतिक और खेल संबंधी दुविधा के केंद्र में आ गया है. वर्ल्ड कप शुरू होने में अब कुछ ही हफ्ते बचे हैं और ऐसे में बांग्लादेश के मैचों का भारत के बाहर होना तय माना जा रहा है. इसका मतलब यह होगा कि बांग्लादेश और पाकिस्तान, ये दो टीमें होंगी जो भारत में अपने मैच नहीं खेलेंगी. बता दें कि बांग्लादेश को भारत में कोलकाता के ईडन गार्डन्स पर 3 मैच खेलने हैं जबकि मुंबई के वानखेड़े में उसका वर्ल्ड कप का एक मैच होना है.  

आरटीओ टैक्स छूट पर रोक से ग्वालियर व्यापार मेले में कारोबार ठप, करोड़ों का नुकसान

 ग्वालियर  ग्वालियर शहर का मान कहे जाने वाले ऐतिहासिक व्यापार मेले का शुभारंभ हुए एक सप्ताह से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन मेले का सबसे मुख्य आकर्षण आटोमोबाइल सेक्टर फिलहाल सन्नाटे की आगोश में है। 25 दिसंबर को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मेले के भव्य उद्घाटन के बाद उम्मीद थी कि आरटीओ टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट की घोषणा तत्काल हो जाएगी, लेकिन शासन स्तर पर हो रही देरी ने कारोबारियों और खरीदारों दोनों के उत्साह पर पानी फेर दिया है। आलम यह है कि शोरूम्स पर गाड़ियां तो सजी हैं, लेकिन उनकी बिक्री का पहिया पूरी तरह थम गया है। पिछले तीन साल से हो रही है टैक्स छूट मिलने में देरी ग्वालियर व्यापार मेले में आरटीओ टैक्स छूट देरी से दिए जाने का सिलसिला पिछले तीन सालों से जारी है। 2022-23 में आरटीओ टैक्स छूट का नोटीफिकेशन मेला शुरू होने से दो दिन पहले ही आ गया था। लेकिन इसके बाद 2023-24, 2024-2025 में जनवरी मध्य यानि मकर संक्राति तक ही 50 प्रतिशत छूट आरटीओ टैक्स में मिल पाई। यानि मेला शुरू होने के बीस दिन बाद। अब व्यापार मेला 2025-26 को शुरू हुए भी 10 दिन हो गए हैं। लेकिन अभी तक टैक्स छूट का नोटीफिकेशन जारी नहीं हुआ है। क्या असर होता है मेले पर     छूट में में देरी होने से वाहनों की बिक्री भी कम होती है और जिससे कारोबारियों को तो नुकसान होता है, शासन को भी राजस्व का नुकसान होता है।     ग्वालियर व्यापार मेले का मुख्य आकर्षण ऑटोमोबाइल सेक्टर है। इस सेक्टर में रौनक ही टैक्स छूट मिलने के बाद आती है। दूसरे टैक्स छूट न मिलने से आटोमोबाइल सेक्टर में कारोबार भी प्रभावित होता है।     बुकिंग वाले वाहनों की डिलिवरी न होने से शोरूम मालिक डिमांड के मुताबिक कारों का स्टाक नहीं मंगा पा रहे हैं। यह भी बताई जा रही वजह 2023-24 में ग्वालियर के साथ उज्जैन में विक्रम व्यापार मेला की शुरूआत हुई थी। जब जनवरी मध्य में ग्वालियर के लिए छूट मिली थी तभी मार्च से शुरू होने वाले विक्रम व्यापार मेला के लिए छूट जारी हो गई। 2024-2025 में भी जनवरी मध्यम में ग्वालियर के साथ ही उज्जैन मेले के लिए टैक्स छूट का नोटीफिकेशन जारी हुआ था। इसके पीछे बताया जाता है कि इसके पीछे उज्जैन मेला को प्रमोट करना अधिक है। ऐसे में ग्वालियर मेले के लिए टैक्स छूट देरी से दी जा रही है। बुकिंग की कतार, डिलीवरी कम सैकड़ों लोगों ने अपनी पसंद की कारों और दोपहिया वाहनों की बुकिंग करा ली है, लेकिन कोई भी डिलीवरी लेने को तैयार नहीं है। सभी को आरटीओ टैक्स की 50 प्रतिशत की छूट का इंतजार है। यही वजह है कि पिछले चार दिनों में नाममात्र के वाहनों की ही बिक्री हुई है। ऑटोमोबाइल सेक्टर में कारोबार ज्यादा होगा     मेला जब से शुरू होता है, टैक्स में छूट उसी दिन से मिलना चाहिए। इससे न केवल ऑटोमोबाइल सेक्टर में कारोबार अधिक होगा, बल्कि ग्राहक सहित शोरूम संचालक भी हड़बड़ी में नहीं रहेंगे और ग्राहकों को डिलिवरी समय मिल पर मिलेगी। – रवि गुप्ता, अध्यक्ष कैट वाहनों की बिक्री प्रभावित होती है     समय पर टैक्स में छूट मिलती है तो ग्राहकों को भी समय पर वाहन मिल जाता है। साथ ही चूंकि कंपनी से वाहनों का स्टाक मंगाने में भी समय लगता है। ऐसे में डिलीवरी लेट होती है। साथ ही वाहनों की बिक्री भी प्रभावित होती है। – संजय गर्ग, ऑटोमोबाइल कारोबारी कैबिनेट मीटिंग में रखा जाएगा प्रस्ताव     व्यापार मेला के लिए आरटीओ टैक्स में 50 प्रतिशत छूट का प्रस्ताव आगामी छह जनवरी को होने वाली कैबिनेट मीटिंग में रखा जाएगा। संभवत मीटिंग में प्रस्ताव पास हो जाएगा। इसके बाद टैक्स छूट की अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। – उदयप्रताप सिंह, मंत्री परिवहन व शिक्षा।  

वेनेजुएला की चीनी रडार प्रणाली अमेरिकी हमले में हुई नाकाम, JYL-1 और JY-27A सिस्टम हुए पूरी तरह फेल

काराकस     दक्षिण अमेरिका की सबसे मजबूत एयर डिफेंस 'कबाड़' बन गई. अमेरिकी विशेष सेनाओं ने 'ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व' में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ लिया. इस दौरान अमेरिकी हेलीकॉप्टर और विमान बिना किसी रोक-टोक के काराकस में घुसे. वजह? वेनेजुएला की एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह फेल हो गई. खासकर चीन में बने JYL-1 लंबी दूरी के 3D सर्विलांस रडार और JY-27A एंटी-स्टेल्थ रडार एक भी अमेरिकी विमान या हेलीकॉप्टर को डिटेक्ट नहीं कर सके. ये रडार स्टेल्थ हंटर कहे जाते थे, लेकिन अमेरिकी इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग से अंधे हो गए. वेनेजुएला के रक्षा मंत्री ने क्या बताया था इस साल की शुरुआत में, वेनेजुएला के रक्षा मंत्री ने दावा किया था कि वेनेजुएला की सेना ने चीन निर्मित JY-27A एंटी-स्टील्थ रडार का उपयोग करके 75 किलोमीटर की दूरी पर स्थित पांच अमेरिकी F-35 लड़ाकू विमानों को सटीक रूप से निशाना बनाया था। हालांकि, अमेरिकी हवाई हमले के दौरान यह रडार सिस्टम कथित तौर पर "पूरी तरह से निष्क्रिय" हो गया। ऐसी आशंका है कि अमेरिका ने इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम के जरिए JY-27A एंटी-स्टील्थ रडार को जाम कर दिया। इससे अमेरिकी सेना को बिना किसी रोक-टोक के वेनेजुएला में घुसने का मौका मिला। चीनी रडार सिस्टम का इस्तेमाल करता है वेनेजुएला वेनेजुएला अपनी हवाई सीमा की सुरक्षा के लिए कई चीनी रडार का इस्तेमाल करता है। इनमें चाइना इलेक्ट्रॉनिक्स टेक्नोलॉजी ग्रुप कॉर्पोरेशन का JYL-1 लंबी दूरी का निगरानी रडार और "एंटी-स्टील्थ हथियार" JY-27 रडार शामिल हैं। JY-27 रडार मीटर वेव फिक्वेंसी बैंड (240-390MHz) का इस्तेमाल कर स्टील्थ लड़ाकू विमानों को डिटेक्ट करता है। वेनेजुएला के रक्षा मंत्री ने एक बार दावा किया था कि 2025 तक, उन्होंने 300 किलोमीटर से अधिक की पहचान सीमा के साथ अमेरिकी F-35 स्टील्थ लड़ाकू विमान का कई बार सफलतापूर्वक पता लगा लिया था। कुछ रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि लॉक-ऑन रेंज 75 से 500 किलोमीटर तक है। वेनेजुएला में चीन के 12 रडार फेल रिपोर्ट में कहा गया है कि यह रडार, एस-बैंड जेवाईएल-1 और जेवाई-11बी रडारों के साथ मिलकर, लंबी दूरी की प्रारंभिक चेतावनी और सटीक स्थिति निर्धारण को मिलाकर एक एयर डिफेंस नेटवर्क बनाता है। यह रूसी निर्मित एस-300वीएम और बुक वायु रक्षा मिसाइलों को निर्देशित करके हमले भी कर सकता है, जिससे एक बंद-लूप "डिटेक्शन-लॉक-इंटरसेप्शन" प्रणाली का निर्माण होता है। वेनेजुएला ने कम से कम 12 ऐसे रडार तैनात किए हैं, जिससे एक राष्ट्रव्यापी एंटी-स्टील्थ निगरानी नेटवर्क का निर्माण हुआ है, जो चीन के असममित रक्षा प्रौद्योगिकी निर्यात का एक विशिष्ट उदाहरण बन गया है। वेनेजुएला में चीनी एयर डिफेंस भी नाकाम इसके अतिरिक्त, वेनेजुएला ने चीनी FK-3 (HQ-12 का एक्सपोर्ट वेरिएंट) मध्यम दूरी के एयर डिफेंस सिस्टम को भी शामिल की है, जो चीनी रडार सिस्टमों के साथ मिलकर राजधानी काराकस और प्रमुख स्थानों की सुरक्षा करता है। हालांकि, वेनेजुएला में तैनात ये चीनी एयर डिफेंस सिस्टम अमेरिकी हवाई हमलों का पता लगाने में नाकाम रहे हैं। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि हमले के कुछ घंटों पहले अमेरिका ने शक्तिशाली इलेक्ट्रॉनिक युद्ध शुरू किया था। इसमें वेनेजुएला के रडार को निष्क्रिय करने के लिए विद्धुत चुंबकीय तरंगों का इस्तेमाल किया गया। इसने वेनेजुएला के एयर डिफेंस को नाकाम कर दिया और वह लगभग अंधा हो गया।   वेनेजुएला ने चीन की इलेक्ट्रॉनिक्स टेक्नोलॉजी ग्रुप से कई रडार खरीदे थे…     JYL-1: लंबी दूरी (300-470 किमी) का 3D रडार, हवा की निगरानी के लिए.     JY-27/JY-27A: मीटर-वेव बैंड रडार, जो स्टेल्थ विमानों (जैसे F-35) को पकड़ने का दावा करता है. डिटेक्शन रेंज 300-500 किमी बताई जाती है. ये रडार दक्षिण अमेरिका की सबसे मजबूत एयर डिफेंस का हिस्सा थे, साथ में रूसी S-300 और Buk-M2 मिसाइल सिस्टम. चीनी मीडिया ने पहले दावा किया था कि ये रडार अमेरिकी F-35 को 75 किमी दूर ट्रैक कर सकते हैं. लेकिन अमेरिकी हमले में ये पूरी तरह पैरालाइज हो गए. अमेरिका ने EA-18G ग्राउलर जैसे इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर विमानों से जैमिंग की, जिससे रडार ब्लाइंड हो गए. शुरुआती हमलों में ही एयर डिफेंस नेटवर्क खत्म हो गया. पाकिस्तान से मिलती-जुलती नाकामी यह पहली बार नहीं जब चीनी रडार फेल हुए हैं. 2025 की ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने पाकिस्तान की एयर डिफेंस को आसानी से तोड़ा. पाकिस्तान के चीनी रडार (HQ-9, LY-80 आदि) भारतीय मिसाइलों और ड्रोनों को डिटेक्ट नहीं कर सके. भारत ने लाहौर समेत कई जगहों पर रडार साइट्स नष्ट कर दीं. पाकिस्तान की चीनी सप्लाई वाली डिफेंस सिस्टम ब्लाइंड हो गई, ठीक वेनेजुएला जैसा. पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफ्रीकी देशों और अब वेनेजुएला में चीनी हथियारों की नाकामी का पैटर्न साफ है. असल लड़ाई में ये सिस्टम अमेरिकी या भारतीय इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर के सामने टिक नहीं पाते. क्यों फेल होते हैं चीनी रडार?     इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग: अमेरिका जैसे देशों के पास एडवांस जैमिंग टेक्नोलॉजी है, जो रडार सिग्नल को ब्लॉक कर देती है.     ऑपरेटर ट्रेनिंग और मेंटेनेंस: कई देशों में रखरखाव की कमी और ट्रेनिंग कम होती है.     हाइप vs रियलिटी: चीनी मीडिया में बड़े-बड़े दावे, लेकिन असल जंग में कमजोर पड़ जाते हैं. यह घटना चीनी मिलिट्री इक्विपमेंट की विश्वसनीयता पर सवाल उठाती है. वेनेजुएला की सबसे मजबूत एयर डिफेंस कुछ घंटों में कबाड़ बन गई. पाकिस्तान की तरह, यहां भी चीनी टेक्नोलॉजी ने निराश किया. भविष्य में ऐसे हथियार खरीदने वाले देश सोचेंगे दो बार.

वाई-फाई, एलईडी, कैमरे, आधुनिक फर्नीचर की सुविधा से लेकर वीडियो, ऑडियो लेक्चर और क्विज सब लाइब्रेरी में मिलेगा

30 तक सभी डिजिटल गांवों में खुल जाएगी डिजिटल लाइब्रेरी, युवा घर बैठे कर सकेंगे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी वाई-फाई, एलईडी, कैमरे, आधुनिक फर्नीचर की सुविधा से लेकर वीडियो, ऑडियो लेक्चर और क्विज सब लाइब्रेरी में मिलेगा शहर जाने के बजाय गावों में ही मिल सकेंगी सुविधाएं, 26 जनवरी तक पुस्तकालयों के लिए खरीद लिए जाएंगे फर्नीचर उत्तर प्रदेश के ग्राम पंचायत सचिवालयों तक पहुंचेंगी देश के बड़े बड़े शहरों में मिलने वाली सुविधाएं लखनऊ  उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के तहत अब सिविल सर्विसेज और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए युवाओं को बड़े-बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। योगी सरकार 30 जनवरी तक सभी जिलों में आईटी उपकरणों की खरीद पूरी कर ग्राम पंचायत सचिवालयों में अत्याधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने की तैयारी में जुटी है। यह पहल ग्रामीण प्रतिभाओं को देश के बड़े कोचिंग और अध्ययन केंद्रों जैसी सुविधाएं उनके अपने गांव में उपलब्ध कराने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। 26 जनवरी तक पुस्तकालयों के लिए फर्नीचर की खरीद पूरी कर लेने  कोशिश की जा रही है, जिसके बाद डिजिटल लाइब्रेरी संचालन के लिए तैयार होंगी। लाखों डिजिटल कंटेंट के जरिए कर सकेंगे उच्च स्तरीय तैयारी पंचायतीराज निदेशक अमित कुमार सिंह ने बताया कि डिजिटल लाइब्रेरी में वाई-फाई, एलईडी स्क्रीन, सीसीटीवी कैमरे, कंप्यूटर सिस्टम के साथ-साथ किताबों और डिजिटल कंटेंट की समृद्ध व्यवस्था होगी। ई-बुक्स, वीडियो और ऑडियो लेक्चर, क्विज और लाखों डिजिटल शैक्षणिक सामग्री के जरिए ग्रामीण युवा अब अपने गांव में रहकर ही उच्च स्तरीय तैयारी कर सकेंगे। विकसित भारत की दिशा में युवाओं को बराबरी का अवसर देने वाला महत्वपूर्ण कदम हर जिले की ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जा रही हैं। प्रत्येक लाइब्रेरी पर करीब 4 लाख रुपये खर्च होंगे। इसमें 2 लाख रुपये की पुस्तकें, 1.30 लाख रुपये के आईटी उपकरण और 70 हजार रुपये के आधुनिक फर्नीचर की व्यवस्था की जा रही है। योगी सरकार की यह पहल ग्रामीण भारत को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने और विकसित भारत की दिशा में युवाओं को बराबरी का अवसर देने वाला मजबूत कदम मानी जा रही है। पंचायत स्तर पर इस तरह की जाएगी नियमित निगरानी पंचायतीराज निदेशक ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों की ग्राम पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से डिजिटल लाइब्रेरी खोली जाएंगी। ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव लाइब्रेरी का प्रबंधन करेंगे, जबकि सहायक अधिकारी इसकी नियमित निगरानी करेंगे। इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर मजबूत होगा और युवा रोजगार व प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अधिक सक्षम बनेंगे।

उज्जैन: महाकाल मंदिर के समीप अवैध होटल पर नगर निगम का कड़ा प्रहार, 3 मंजिला होटल को जमींदोज किया गया

उज्जैन  महाकाल मंदिर मार्ग पर सोमवार सुबह नगर निगम ने अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए तीन मंजिला अवैध होटल पर बुलडोजर चला दिया। सुबह-सुबह हुई इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया। नगर निगम की टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में पोकलेन मशीन की मदद से अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, यह अवैध निर्माण भवन क्रमांक 97/7 ए पर किया जा रहा था, जहां नूरजहां पति गुलाम मोहम्मद द्वारा बिना अनुमति के जी प्लस 3 मंजिला होटल का निर्माण कराया जा रहा था। यह क्षेत्र नगर निगम के जोन क्रमांक 3 के अंतर्गत आता है। अधिकारियों ने बताया कि संबंधित पक्ष को पहले भी कई बार नोटिस जारी कर बिना अनुमति निर्माण कार्य न करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य लगातार जारी रखा गया। निगम अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि निर्माणकर्ता ने न्यायालय का रुख जरूर किया था, लेकिन उन्हें किसी प्रकार का निर्माण अनुमति प्राप्त नहीं हुई थी। नियमों की अनदेखी करते हुए अवैध निर्माण जारी रहने पर नगर निगम ने नियमानुसार कठोर कदम उठाया। भवन अधिकारी दीपक शर्मा ने बताया, "इन्हें बार-बार सूचित किया गया था कि बिना अनुमति निर्माण न करें. ये जवाब देने के बजाय कोर्ट चले गए, लेकिन वहां से कोई स्टे नहीं मिला. नियमों की अवहेलना और अवैध निर्माण जारी रखने के कारण आज फाइनल नोटिस के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई." महाकाल मंदिर मार्ग संवेदनशील और महत्वपूर्ण धार्मिक क्षेत्र होने के कारण यहां अवैध निर्माण को लेकर प्रशासन पहले से ही सख्त है। नगर निगम का कहना है कि भविष्य में भी इस तरह के अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर बिना किसी दबाव के कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा। नगर निगम की इस बड़ी कार्रवाई को शहर में अवैध निर्माण के खिलाफ