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Overview 2025: कूटनीति की ऐतिहासिक सफलता, 28 देशों ने पीएम मोदी को किया सम्मानित

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के ऐसे नेता हैं, जिन्हें सबसे ज्यादा देशों से सर्वोच्च सम्मान से नवाजा गया है। पीएम मोदी के नेतृत्व में विश्व पटल पर भारत की छवि निखरी है। भारतीय पासपोर्ट की ताकत बढ़ी है। वैश्विक राजनीति में भारत की भूमिका अहम हो गई है। पीएम मोदी दो दिवसीय इथियोपिया के दौरे पर थे, जहां उन्हें सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया गया। हालांकि, इथियोपिया पहला देश नहीं है, जिसने पीएम मोदी को इस तरह के सम्मान से नवाजा है। आइए जानते हैं कि पीएम मोदी को दुनिया के किन-किन देशों ने कब-कब सम्मानित किया है। पीएम मोदी को 11 साल के कार्यकाल में 28 देशों में सम्मानित किया जा चुका है। पीएम मोदी को सम्मानित करने का सिलसिला 2016 में सऊदी अरब से शुरू हुआ। इस साल पीएम मोदी अब तक 8 अवॉर्ड से सम्मानित किए जा चुके हैं। इससे पहले 2023 से 2024 के बीच उन्हें 6 देशों में सम्मानित किया गया। 2016 में पीएम मोदी को सऊदी अरब में 'ऑर्डर ऑफ किंग अब्दुलअजीज' और अफगानिस्तान में 'ऑर्डर ऑफ अमानुल्लाह खान अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया। इसके बाद 2018 में भारत के प्रधानमंत्री को फिलिस्तीन में ऑर्डर ऑफ द स्टेट ऑफ फिलिस्तीन से सम्मानित किया गया। 2019 में पीएम मोदी को मालदीव ने ऑर्डर ऑफ द डिस्टिंग्विश्ड रूल ऑफ इज्जुद्दीन से नवाजा गया। फिर 2019 में उन्हें बहरीन में किंग ऑफ हमाद ऑर्डर ऑफ द रेनेसां सम्मान मिला। 2019 में पीएम मोदी को संयुक्त अरब अमीरात के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ऑर्डर ऑफ जायद से सम्मानित किया गया। 21 दिसंबर 2020 को पीएम मोदी को अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सर्वोच्च सम्मान लीजन ऑफ मेरिट, डिग्री चीफ कमांडर से सम्मानित किया। भारत के प्रधानमंत्री को दिसंबर, 2021 में भूटान के राजा ने सर्वोच्च सम्मान ऑर्डर ऑफ द ड्रुक ग्यालपो से सम्मानित करने का ऐलान किया था, और 2024 में उन्हें इससे सम्मानित किया गया। प्रधानमंत्री मोदी यह प्रतिष्ठित अवॉर्ड पाने वाले पहले विदेशी नेता हैं। 2023 में पीएम मोदी को ग्रीस, फ्रांस, मिस्र, पापुआ न्यू गिनी और फिजी में सम्मानित किया गया। ग्रीस की राष्ट्रपति कैटरीना एन सकेलारोपोउलू ने 2023 में पीएम मोदी को सर्वोच्च सम्मान ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ ऑनर से सम्मानित किया था। इसके अलावा, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने 2023 में ही ग्रैंड क्रॉस ऑफ द लीजन डी’होनूर ऑफ ऑनर से सम्मानित किया। मिस्र में जून 2023 को पीएम मोदी को राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी ने सर्वोच्च सम्मान ऑर्डर ऑफ द नाइल से सम्मानित किया। 2023 में ही पापुआ न्यू गिनी में उन्हें ग्रैंड कम्पेनियन ऑफ द ऑर्डर ऑफ लोगोहू से सम्मानित किया गया। फिजी में भारत के पीएम मोदी को मई 2023 में सर्वोच्च सम्मान कंपेनियन ऑफ द ऑर्डर ऑफ फिजी (सीएफ) से सम्मानित किया गया था। 2023 में पलाऊ में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एबाकल अवार्ड नेशनल/ट्रेडिशनल ऑनर फॉर लीडरशिप एंड विजडम से नवाजा गया। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पीएम मोदी को जुलाई 2024 में सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार 'द ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल' से सम्मानित किया। दिसंबर 2024 में कुवैत के अमीर महामहिम शेख मेशाल अल-अहमद अल-जबर अल-सबाह ने भारत के प्रधानमंत्री मोदी को सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार 'द ऑर्डर ऑफ मुबारक अल-कबीर' से सम्मानित किया। 20 नवंबर 2024 को प्रधानमंत्री को गुयाना के सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। पीएम मोदी गुयाना के ऑर्डर ऑफ एक्सीलेंस सम्मान से सम्मानित होने वाले चौथे विदेशी नेता हैं। बारबाडोस के प्रधानमंत्री महामहिम मिया अमोर मोटली ने 20 नवंबर 2024 को पीएम मोदी को 'ऑनरेरी ऑर्डर ऑफ फ्रीडम ऑफ बारबाडोस' सम्मान देने का ऐलान किया, जिसे मार्च 2025 में केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री एवं कपड़ा राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने प्राप्त किया। पीएम मोदी को 2024 में नाइजीरिया के सर्वोच्च सम्मान ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द नाइजर (जीसीओएन) से नवाजा गया। डोमिनिका की राष्ट्रपति सिल्वेनी बर्टन ने प्रधानमंत्री मोदी को नवंबर 2024 में 'डोमिनिका अवार्ड ऑफ ऑनर' से सम्मानित किया। नामीबिया की राष्ट्रपति डॉ. नेटुम्बो नंदी-नदैतवा ने जुलाई 2025 में नामीबिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'ऑर्डर ऑफ द मोस्ट एंशिएंट वेल्विचिया मिराबिलिस' से पीएम मोदी को सम्मानित किया। ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा ने सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'ग्रैंड कॉलर ऑफ द नेशनल ऑर्डर ऑफ द सदर्न क्रॉस' से 7 जुलाई 2025 को भारत के प्रधानमंत्री को सम्मानित किया। 4 जुलाई 2025 को पीएम मोदी को त्रिनिदाद और टोबैगो गणराज्य की राष्ट्रपति क्रिस्टीन कार्ला कंगालू ओआरटीटी ने सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार, 'द ऑर्डर ऑफ द रिपब्लिक ऑफ त्रिनिदाद एंड टोबैगो' से सम्मानित किया। इसके अलावा 2 जुलाई 2025 को पीएम मोदी को घाना के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'ऑफिसर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार ऑफ घाना' से नवाजा गया। साइप्रस के राष्ट्रपति महामहिम निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स ने 16 जून 2025 को भारत के पीएम मोदी को सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ मकारियोस III' से सम्मानित किया। श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायका ने 5 अप्रैल 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को श्रीलंका मित्र विभूषण पुरस्कार से सम्मानित किया। यह विदेशी नेताओं को दिया जाने वाला देश का सर्वोच्च सम्मान है। पहली बार किसी भारतीय नेता को यह पुरस्कार प्राप्त हुआ। 

100 साल पूरे होने पर RSS में बदलाव, जल्द ही क्षेत्र प्रचारकों का पुनर्गठन

नागपुर  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) अपने 100 वर्ष पूरे होने के मौके पर संगठनात्मक ढांचे में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव करने की तैयारी में है. संघ समय-समय पर खुद को परिस्थितियों के अनुसार ढालता रहा है. कुछ वर्ष पहले जब संघ ने अपनी पारंपरिक ड्रेस में बदलाव किया था, तब भी यह चर्चा का विषय बना था. अब शताब्दी वर्ष के अवसर पर संघ की आंतरिक संरचना में व्यापक परिवर्तन प्रस्तावित है, जिसे संगठन के भविष्य के विस्तार और कार्यकुशलता से जोड़कर देखा जा रहा है. सूत्रों के अनुसार, इस बदलाव का सबसे बड़ा असर प्रांत प्रचारक की व्यवस्था पर पड़ेगा. नई रचना के तहत अब प्रांत प्रचारक की जगह संभाग प्रचारक नियुक्त किए जाएंगे. संभाग प्रचारकों का कार्यक्षेत्र प्रांत प्रचारकों की तुलना में छोटा होगा, जिससे संगठनात्मक कामकाज अधिक प्रभावी और ज़मीनी स्तर पर सशक्त हो सकेगा. इसके साथ ही हर राज्य में एक राज्य प्रचारक की व्यवस्था की जाएगी, जो पूरे राज्य में संघ के काम का समन्वय करेंगे. संघ की नई संरचना में लगभग दो सरकारी मंडलों (कमिश्नरी) को मिलाकर एक संभाग बनाया जाएगा. उदाहरण के तौर पर उत्तर प्रदेश को देखा जाए तो वर्तमान में संघ ने राज्य को छह प्रांतों (ब्रज, अवध, मेरठ, कानपुर, काशी और गोरक्ष) में विभाजित किया हुआ है. वहीं, प्रशासनिक रूप से उत्तर प्रदेश में 18 मंडल हैं. नई व्यवस्था के अनुसार इन 18 मंडलों को मिलाकर 9 संभाग बनाए जाएंगे. यानी उत्तर प्रदेश में अब नौ संभाग प्रचारक होंगे और पूरे राज्य के लिए एक राज्य प्रचारक कार्य करेगा. फिलहाल प्रदेश में छह प्रांत प्रचारक जिम्मेदारी निभा रहे हैं. कई बदलाव की हो चुकी तैयारी मौजूदा व्यवस्था में उत्तर क्षेत्र में हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर राज्य आते हैं. अब आगे इसमें राजस्थान को भी जोड़ने की तैयारी है. प्रांत प्रचारक के जगह राज्य प्रचारक बनाए जाएंगे. संघ में प्रांत व्यवस्था को खत्म किया जा सकता है. संघ ढांचा में अब तक महत्वपूर्ण माने जा रहे प्रांत प्रचारक व्यवस्था अब आगे नहीं रहेगा. हर राज्य में होगा एक राज्य प्रचारक अब देश के हरेक राज्य के एक एक प्रचारक होंगे जिन्हें राज्य प्रचारक कहा जाएगा. मसलन उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में सात प्रांत प्रचारक के जगह अब एक राज्य प्रचारक होंगे. संभागीय प्रचारक: कमिश्नरी लेवल पर संभागीय प्रचारक की नई व्यवस्था शुरू होगी. राष्ट्रीय स्तर पर पूरे देश में 75 से ज्यादा संभागीय प्रचारक की नई व्यवस्था होगी. सुझावों के आधार पर तय किए गए बदलाव संभागीय प्रचारक के नीचे के व्यवस्था पहले के तरह ही जारी रहेगा. संभाग प्रचारक के नीचे विभाग प्रचारक और जिला प्रचारक व्यवस्था पूर्ववत चलता रहेगा. 100 साल पूरे होने पर संघ ने आंतरिक व्यवस्था और संगठन पदानुक्रम के पुनर्गठन पर सुझाव देने के लिए एक टीम बनाई थी, जिसने अपनी रिपोर्ट और सुझाव सौंप दिया है. संघ की जिस टोली को दिए गए थे उन्होंने अपने तरफ ये सुझाव दिए हैं. सांगठनिक बदलावों को लेकर मिले सुझाव पर लगभग सहमति बन गई है. ये व्यवस्था आने वाले समय में शताब्दी वर्ष समारोह खत्म होने के बाद देखने को मिल सकता है. संगठन के स्‍तर पर क्‍या होगा असर? इस बदलाव का असर क्षेत्र प्रचारकों की संख्या पर भी पड़ेगा. वर्तमान में पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए एक क्षेत्र प्रचारक है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के लिए एक अलग क्षेत्र प्रचारक कार्यरत है. नई व्यवस्था में इन दोनों की जगह केवल एक क्षेत्र प्रचारक होगा, जो पूरे उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड का कार्य देखेगा, हालांकि दोनों राज्यों के राज्य प्रचारक अलग-अलग होंगे. इसी तरह राजस्थान को अब संघ दृष्टि से उत्तर क्षेत्र (जिसमें दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और पंजाब शामिल हैं) के साथ जोड़ा जाएगा. इस पूरे क्षेत्र के लिए एक ही क्षेत्र प्रचारक होगा. फिलहाल देशभर में संघ के 11 क्षेत्र प्रचारक हैं, जो नई संरचना लागू होने के बाद घटकर 9 रह जाएंगे. वहीं, पूरे देश में लगभग 75 संभाग प्रचारक होंगे. यह बदलाव संघ की बढ़ती गतिविधियों और कार्य विस्तार को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है. संघ की बैठकों में क्‍या बदलाव? इसके अलावा संघ की बैठकों की संरचना में भी बदलाव प्रस्तावित है. मार्च में होने वाली संघ की सबसे बड़ी बैठक अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा अब हर साल नहीं होगी. नए निर्णय के अनुसार यह बैठक हर तीन साल में नागपुर में आयोजित की जाएगी. हालांकि दीपावली के आसपास होने वाली अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक हर वर्ष की तरह जारी रहेगी. सूत्र बताते हैं कि संघ की इस नई रचना पर पिछले 5–6 वर्षों से मंथन चल रहा था. लंबे विचार-विमर्श के बाद अब इन बदलावों पर सहमति बनती दिख रही है. माना जा रहा है कि मार्च 2026 में होने वाली अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक में इन प्रस्तावों पर अंतिम मुहर लग सकती है और वर्ष 2027 से संघ में ये बदलाव ज़मीनी स्तर पर दिखाई देने लगेंगे.

Google का बड़ा अपडेट: Gmail ID बदलने का मिलेगा ऑप्शन, खत्म होगी पुरानी परेशानी

 नई दिल्ली अगर आपने कभी सोचा है कि काश अपनी Gmail ID बदल पाते, तो आप अकेले नहीं हैं. करोड़ों लोग सालों से इसी परेशानी में फंसे हुए थे. स्कूल या कॉलेज के ज़माने में बनाई गई अजीब-सी ID, गलत स्पेलिंग वाला नाम, या ऐसा ईमेल जो आज के प्रोफेशनल लाइफ में अटपटा लगता है, लेकिन बदल नहीं सकते थे. वजह साफ थी, Gmail ने कभी यूज़रनेम बदलने का ऑप्शन दिया ही नहीं. अब यही कहानी बदलने वाली है. गूगल ऐसे फीचर पर काम कर कर रहा है, जिससे यूज़र अपने @gmail.com वाले ईमेल एड्रेस को बदल पाएंगे, वो भी बिना नया अकाउंट बनाए और बिना पुराना डेटा खोए. यानी आपकी सारी मेल, फोटोज़, ड्राइव फाइल्स, यूट्यूब अकाउंट, सब कुछ वहीं रहेगा. बस आपका ईमेल नाम अपडेट हो जाएगा. यह बदलाव छोटा नहीं है. असल में यह Gmail के इतिहास का सबसे बड़ा और सबसे लंबे समय से मांगा जा रहा फीचर माना जा रहा है. अब तक दिक्कत ये थी कि अगर किसी को अपनी Gmail ID बदलनी होती थी, तो उसे पूरा नया अकाउंट बनाना पड़ता था. फिर शुरू होता था सिरदर्द. बैंक, UPI, सोशल मीडिया, ऑफिस टूल्स, सरकारी वेबसाइट, सब जगह नया ईमेल अपडेट करना. कई लोग इसी झंझट की वजह से सालों तक अपनी बचपन वाली ID ढोते रहते थे. अब Google इसी परेशानी को खत्म करने की तैयारी में है. चुन सकेंगे नया यूजरनेम नए सिस्टम के तहत यूज़र अपने मौजूदा Google अकाउंट के अंदर ही नया Gmail एड्रेस चुन पाएंगे. खास बात यह है कि पुराना ईमेल पूरी तरह बंद नहीं होगा. वह एक तरह से बैकअप या एलियस की तरह काम करता रहेगा. यानी अगर कोई आपके पुराने पते पर मेल भेजेगा, तो वह भी उसी इनबॉक्स में पहुंच जाएगा. मतलब पहचान बदलेगी, लेकिन कनेक्शन नहीं टूटेगा. हालांकि Google इस फीचर को पूरी तरह खुला नहीं छोड़ रहा. गलत इस्तेमाल और फर्जी पहचान से बचने के लिए कुछ सीमाएं भी रखी जा रही हैं. जैसे एक बार ईमेल बदलने के बाद तुरंत दोबारा बदलाव की परमिशन नहीं होगी. तय समय का गैप होगा. इसके अलावा एक अकाउंट में सीमित बार ही ईमेल बदला जा सकेगा. यानी यह सुविधा बार-बार नाम बदलने के लिए नहीं बल्कि सही वजह के लिए दी जा रही है. नाम बदल सकते थे, यूजरनेम नहीं एक और बात जो साफ की जा रही है, वो यह कि Gmail का डिस्प्ले नेम बदलना और असली ईमेल एड्रेस बदलना, दोनों अलग चीज़ें हैं. डिस्प्ले नेम तो पहले से बदला जा सकता था, लेकिन असली @gmail.com वाला पता अब तक फिक्स रहता था. नया फीचर इसी असली पते को बदलने की सुविधा देगा. इस बदलाव का असर सिर्फ पर्सनल यूज़र्स तक सीमित नहीं रहेगा. प्रोफेशनल्स, फ्रीलांसर, कंटेंट क्रिएटर्स और वो लोग जिन्होंने सालों पहले बिना सोचे-समझे कोई अजीब ID बना ली थी, उनके लिए यह एक तरह से डिजिटल रीब्रांडिंग जैसा मौका होगा. हालांकि ये ऑफिशिल नहीं है, लेकिन Google के सपोर्ट सेक्शन में इससे जुड़े साइन्स दिखने लगे. कई लीक्स में भी स्क्रीनशॉट्स शेयर किए जाने लगे हैं. यानी कुछ लोगों को ये ऑप्शन दिख रहा है. माना जा रहा है कि कंपनी इसे धीरे-धीरे अलग-अलग देशों में रोलआउट करेगी, ताकि सिक्योरिटी और मिसयूज पर कंट्रोल रखा जा सके. अभी तक Google ने आधिकारिक तारीख का ऐलान नहीं किया है,लेकिन इतना साफ है कि यह फीचर अचानक नहीं, बल्कि लंबे समय की तैयारी के बाद आ रहा है.

अमेरिका को पीछे छोड़ा, इस मुस्लिम देश ने 2025 में निकाले सबसे ज्यादा भारतीय

नई दिल्ली साल 2025 में भारतीयों को निकाले जाने के मामलों में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। ज्यादातर लोग सोचते हैं कि ट्रंप के सत्ता में आने के बाद अमेरिका से सबसे ज्यादा भारतीयों को वापस भेजा जाता है, लेकिन आंकड़े कुछ और ही कहानी बयां करते हैं। विदेश मंत्रालय के ताजा डेटा के अनुसार, 2025 में सबसे ज्यादा भारतीयों को डिपोर्ट करने वाला देश मुस्लिम राष्ट्र सऊदी अरब रहा। 11,000 भारतीयों को डिपोर्ट किया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सऊदी अरब ने इस साल करीब 11,000 भारतीयों को डिपोर्ट किया, जो किसी भी अन्य देश से कहीं ज्यादा है। इनमें ज्यादातर मजदूर और प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले लोग शामिल थे, जिन्हें वीजा उल्लंघन, अवैध प्रवास या स्थानीय कानूनों के उल्लंघन के आरोप में वापस भेजा गया। वहीं, अमेरिका ने 2025 में केवल 3,800 भारतीयों को डिपोर्ट किया, जो पिछले पांच सालों में सबसे ज्यादा तो है, लेकिन सऊदी अरब के आंकड़ों से काफी कम। अमेरिका से डिपोर्ट होने वालों में भी ज्यादातर प्राइवेट कर्मचारी थे।  रिपोर्ट के मुताबिक, कुल मिलाकर, 2025 में 81 देशों से 24,600 से अधिक भारतीयों को डिपोर्ट किया गया। सऊदी अरब में भारतीयों की बड़ी संख्या (लगभग 19-27 लाख) होने के कारण ऐसे मामले ज्यादा सामने आते हैं, क्योंकि वहां निर्माण, स्वास्थ्य और इंजीनियरिंग जैसे सेक्टरों में लाखों भारतीय काम करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि एजेंटों की धोखाधड़ी, स्थानीय कानूनों की अनभिज्ञता और वीजा नियमों का सख्ती से पालन न करना ऐसे मामलों की मुख्य वजहें हैं। विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा राज्यसभा में पेश ताजा आंकड़ों के अनुसार, बीते 12 महीनों में अमेरिका से 3,800 भारतीयों को निर्वासित किया गया। अधिकांश कार्रवाई वाशिंगटन डीसी (3,414) और ह्यूस्टन (234) से की गई। विशेषज्ञ इस बढ़ोतरी को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सरकार में शुरू हुई सख्ती और दस्तावेजों की कड़ी जांच- जैसे वीजा स्टेटस, वर्क ऑथराइजेशन और ओवरस्टे से जोड़ रहे हैं। खाड़ी देशों से लगातार ऊंचे आंकड़े MEA के अनुसार खाड़ी देशों में वीजा और श्रम नियमों के उल्लंघन के कारण बड़ी संख्या में निर्वासन हुए। जिन देशों से उल्लेखनीय संख्या सामने आई, उनमें संयुक्त अरब अमीरात (1,469), बहरीन (764) और सऊदी अरब शामिल हैं। सामान्य कारणों में वीजा/रेजिडेंसी ओवरस्टे, बिना वैध परमिट काम करना, श्रम कानूनों का उल्लंघन, नियोक्ता से फरार होना और सिविल या आपराधिक मामलों में फंसना शामिल है। दक्षिण–पूर्व एशिया और म्यांमार-कंबोडिया का अलग पैटर्न दक्षिण–पूर्व एशियाई देशों से भी बड़ी संख्या में भारतीयों का निर्वासन दर्ज किया गया- म्यांमार (1,591), मलेशिया (1,485), थाइलैंड (481) और कंबोडिया (305)। तेलंगाना सरकार की एनआरआई सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष भीमा रेड्डी ने बताया कि म्यांमार और कंबोडिया जैसे देशों में निर्वासन का पैटर्न अलग है। उनके मुताबिक, यह अक्सर साइबर स्लेवरी से जुड़ा होता है- जहां भारतीयों को ऊंची तनख्वाह का झांसा देकर बुलाया जाता है, बाद में अवैध साइबर गतिविधियों में जबरन काम कराया जाता है और अंततः हिरासत व निर्वासन होता है। छात्रों का निर्वासन: यूके सबसे आगे, रूस भी शामिल MEA के आंकड़ों के अनुसार 2025 में भारतीय छात्रों का निर्वासन सबसे ज्यादा यूनाइटेड किंगडम से हुआ, जहां 170 छात्रों को वापस भेजा गया। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया (114), रूस (82) और संयुक्त राज्य अमेरिका (45) का स्थान रहा। एजेंटों की ठगी और कानूनों की अनभिज्ञता बनी बड़ी वजह भीमा रेड्डी का कहना है कि खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीय श्रमिक निर्माण क्षेत्र, केयरगिविंग और घरेलू काम में जाते हैं। इनमें से कई कम कौशल वाले कामगार एजेंटों के जरिए जाते हैं और अतिरिक्त कमाई की कोशिश में मामूली अपराधों या नियम उल्लंघन में फंस जाते हैं। कई मामलों में एजेंटों की ठगी और स्थानीय कानूनों की जानकारी का अभाव भारी पड़ता है।

नई साल में बदलाव की शुरुआत, 1 जनवरी से लागू होंगे LPG, बैंकिंग और पेंशन से जुड़े नए नियम

 नई दिल्‍ली साल 2025 अब धीरे-धीरे समााप्‍त‍ि की ओर बढ़ रहा है, 1 जनवरी आते ही साल 2026 की शुरुआत हो जाएगी. नए साल की शुरुआत के साथ ही कई बड़े आर्थिक नियम भी बदल रहे हैं, जो सीधे आपकी जेब को प्रभावित कर सकते हैं. 1 जनवरी से LPG गैस के दाम से लेकर पैन, आधार, नया पे कमीशन तक… ढेर सारे नियम बदल रहे हैं. आइए विस्‍तार से जानते हैं इन नियमों के बारे में और इसका आपके जीवन में क्‍या प्रभाव होने वाला है?  पहला बदलाव- PAN-Aadhaar लिंक आधार कार्ड और पैन को लिंक करने की डेट दिसंबर में ही समाप्‍त हो रही है. अगर इन्‍हें लिंक नहीं किया जाता है तो यह 1 जनवरी से निष्क्रिय हो जाएंगे, फिर आप आईटीआर रिफंड, रिसिप्‍ट और बैंकिंग लाभ नहीं ले पाओगे. साथ ही पैन निष्क्रिय होने से आप कई सरकारी योजनाओं के लाभ से भी वंचित हो सकते हो.  दूसरा बदलाव- सख्‍त होंगे यूपीआई, सिम और मैसेजिंग नियम बैंक UPI और डिजिटल पेमेंट के नियमों को सख्त किया जा रहा है. फ्रॉड को रोकने के लिए SIM वेरिफिकेशन के नियमों को भी कड़ा किया जा रहा है. ताकि फ्रॉडर्स WhatsApp, Telegram और Signal जैसे ऐप्स से फ्रॉड को कम किया जा सके.  तीसरा बदलाव- एफडी योजना और लोन  स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक और HDFC बैंक जैसे बैंकों ने लोन की दरें कम कर दी हैं, जो 1 जनवरी से प्रभावी होने वाले हैं. इसी तरह, जनवरी से नई फिक्स्ड डिपॉजिट ब्याज दरें भी लागू होंगी. यह आपके निवेश को प्रभावित कर सकता है.  चौथा बदलाव- एलपीजी सिलेंडर के दाम  हर महीने एलपीजी गैस सिलेंडर के दाम में बदलाव होता है. 1 जनवरी से भी एलपीजी के दाम में गिरावट या उछाल हो सकती है, जिसका असर आपकी जेब पर पड़ सकता है. 1 दिसंबर को कमर्शिलय गैस सिलेंडर के रेट में 10 रुपये की कटौती हुई थी, दिल्ली में यह रेट 1,580.50 रुपये है.  पांचवा बदलाव- CNG-PNG और एएफटी  ऑयल कंपनियां हर महीने एलपीजी के साथ ही सीएनजी-पीएनजी और ATF के दाम बदलती हैं. 1 जनवरी से एलपीजी के साथ सीएनजी, पीएनजी और जेट फ्यूल (AFT) के दाम में बदलाव किए जा सकते हैं. ATF को जेट फ्यूल भी कहा जाता है, जो एक तेज ईंधन होता है. इसके दाम घरेलू और इंटरनेशनल दोनों के लिए अलग-अलग तय होते हैं.  छठवां बदलाव- नया टैक्‍स कानून  नया इनकम टैक्‍स एक्‍ट 2025 1 जनवरी 2026 से पूरी तरह से लागू नहीं किया जाएगा, लेकिन सरकार जनवरी तक नए ITR (टैक्स रिटर्न) फॉर्म और नियमों को नोटिफाई करेगी, जो 1 अप्रैल 2026 यानी वित्त वर्ष 2026-27 से लागू होगा. यह पुराने टैक्‍स कानून Income-tax Act, 1961 जगह लेगा. नए कानून के तहत प्रोसेस और टैक्स ईयर की परिभाषा में बदलाव किया गया है, आईटीआर फॉर्म को सरल बनाया जाएगा और  सिस्‍टम को सरल बनाया जााएगा.  7वां बदलाव- 8वां वेतन आयोग  उम्‍मीद की जा रही है कि सरकार 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से ही प्रभावी होगा, चाहे भले ही इसे लागू करने में ज्‍यादा समय लग जाए.  इसका मतलब है कि 8वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद कर्मचारियों को सैलरी और पेंशन 1 जनवरी 2026 से जोड़कर दी जाएगी. बता दें 7वां वेतन आयोग 31 दिसंबर 2025 को समाप्‍त हो जाएगा.  8वां बदलाव- किसानों के लिए नियम  यूपी जैसे राज्यों में किसानों को PM-किसान योजना का फायदा पाने के लिए यूनिक किसान ID की आवश्‍यकता होगी. PM किसान फसल बीमा योजना के तहत, अगर जंगली जानवरों से फसल को हुए नुकसान की रिपोर्ट 72 घंटे के अंदर की जाती है, तो अब उसे भी कवर किया जा सकता है.  9वां बदलाव- वाहनों की कीमत में बढ़ोतरी  1 जनवरी 2026 से भारत में कई प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियां अपनी गाड़ियों की कीमतों में बढ़ोतरी करने जा रही हैं. निसान, BMW, JSW एमजी मोटर, Renault और एथर एनर्जी ने वाहनों के दाम में 3000 रुपये से लेकर 3 फीसदी तक बढ़ोतरी करने को कहा है. टाटा मोटर्स और होंडा जैसी कंपनियों ने भी बढ़ोतरी के संकेत दिए हैं. 

भोपाल स्टडी में चौंकाने वाले नतीजे, भारतीय राग गंभीर बीमारियों में भी दे रहे राहत

भोपाल  भारतीय शास्त्रीय संगीत की आत्मिक ध्वनियां अब सिर्फ भावनाओं तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि उन्होंने विज्ञान की प्रयोगशाला में भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई है। एम्स भोपाल के फिजियोलॉजी विभाग के एडिशनल प्रोफेसर डॉ. वरुण मल्होत्रा की समीक्षा आधारित स्टडी ने यह साबित किया है कि भारतीय क्लासिकल राग न सिर्फ मस्तिष्क को शांत और सक्रिय रखते हैं, बल्कि दिल को स्वस्थ, सांसों को संतुलित और तनाव को नियंत्रित करने की क्षमता भी रखते हैं। अध्ययन में शामिल 28 शोधपत्रों और 6 विशेषज्ञों के सहयोग ने यह बताया कि संगीत, विशेष रूप से राग, हमारे शरीर में ऐसे हार्मोन सक्रिय करते हैं जो दर्द घटाते और मन को संतुलित रखते हैं। यह शोध रागों को केवल कला नहीं, बल्कि विज्ञान आधारित थेरेपी के रूप में सामने रखने का काम करता है। दिल पर भी दिखते हैं बेहतर रिजल्ट डॉ. मल्होत्रा बताते हैं कि संगीत सुनते समय दिल की धड़कन (हार्ट रेट) स्वाभाविक रूप से ऊपर–नीचे होती है। यह बदलाव दिल की “एक्सरसाइज” की तरह काम करता है। यदि पल्स लगातार एक समान रहे तो सडन कार्डियक अरेस्ट का खतरा बढ़ता है, लेकिन संगीत सुनने पर रिदमिक बदलाव दिल को मजबूत बनाते हैं। राग से होने वाले असर     तनाव घटता है     फोकस बढ़ता है     भावनात्मक संतुलन बनता है     नशा छुड़ाने में मदद मिलती है     न्यूरोलॉजिकल बीमारियों में रिकवरी तेज होती है राग सिर्फ संगीत नहीं एक विज्ञान है डॉ. वरुण मल्होत्रा बताते हैं कि राग की मूल परिभाषा ही यह है कि जो मन को आनंद के रंग से भर दे, वही राग है। हर राग का एक व्यक्तित्व होता है, एक प्रभाव होता है। कुछ राग मन को शांत करते हैं, कुछ ऊर्जा बढ़ाते हैं, जबकि कुछ दिमाग के गहरे हिस्सों को सक्रिय कर हीलिंग की प्रक्रिया तेज करते हैं। राग के स्वर दिमाग के उन हिस्सों को सक्रिय करते हैं जो मूड, हॉर्मोन, याददाश्त, फोकस और दर्द नियंत्रण को संभालते हैं। स्वर कंपन (vibrations) ब्रेन सेल्स में माइक्रो-एक्टिवेशन करते हैं। राग सुनने से एंडॉर्फिन और एनकेफेलिन जैसे प्राकृतिक दर्द-निवारक हार्मोन एक्टिव होते हैं, जो शरीर में हीलिंग की गति तेज कर देते हैं। एंडॉर्फिन है नैचुरल मूड-लिफ्टर एंडॉर्फिन हमारे शरीर में बनने वाले प्राकृतिक हॉर्मोन हैं, जो दर्द, तनाव या टेंशन होने पर दिमाग से रिलीज होते हैं। इन्हें शरीर का “फील-गुड केमिकल” भी कहा जाता है, क्योंकि ये दर्द कम करते हैं, स्ट्रेस घटाते हैं और मूड को खुश रखते हैं। जब आप एक्सरसाइज करते हैं, हंसते हैं, पसंदीदा खाना खाते हैं, सेक्स करते हैं या मसाज लेते हैं, तब एंडॉर्फ़िन बढ़ते हैं। यही वजह है कि ऐसी गतिविधियों के बाद मन हल्का और अच्छा महसूस होता है। शरीर को हेल्दी और मानसिक रूप से स्ट्रॉन्ग रखने में एंडॉर्फ़िन की बड़ी भूमिका होती है। एनकेफेलिन दर्द भगाने वाला केमिकल एनकेफेलिन एक प्राकृतिक न्यूरोपेप्टाइड है, जो हमारे दिमाग और नर्वस सिस्टम में बनता है। यह शरीर के अंदर ओपिओइड रिसेप्टर्स से जुड़कर दर्द कम करने में मदद करता है, इसलिए इसे नेचुरल एनाल्जेसिक यानी प्राकृतिक पेनकिलर कहा जाता है। यह तनाव और भावनाओं को नियंत्रित रखने में भी मदद करता है, जिससे मन शांत रहता है। एनकेफेलिन पांच अमीनो एसिड से बना होता है और मुख्य रूप से ब्रेन में पाया जाता है। जब शरीर दर्द, चोट या तनाव महसूस करता है, तब एनकेफेलिन तुरंत सक्रिय होकर राहत देता है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी)  न्यूरोसाइंस अध्ययन ने यह सिद्ध किया है कि भारतीय राग न केवल मन को छूते हैं, बल्कि मस्तिष्क की गहराई में भी स्पष्ट और मापनीय बदलाव उत्पन्न करते हैं। यूएसए के फ्रंटियर्स इन ह्यूमन न्यूरोसाइंस में प्रकाशित इस शोध का नेतृत्व आईआईटी मंडी के निदेशक प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा ने किया है। इसमें आईआईटी कानपुर के शोधार्थियों का भी सहयोग रहा। अध्ययन में आधुनिक ईईजी माइक्रोस्टेट विश्लेषण तकनीक का उपयोग कर 40 प्रतिभागियों के मस्तिष्क की प्रतिक्रिया को विश्लेषित किया गया। यह तकनीक मस्तिष्क की बहुत ही सूक्ष्म और क्षणिक स्थितियों को रिकॉर्ड करती है, जिससे विज्ञानी यह समझ पाए कि कौन-से राग मस्तिष्क की किन गतिविधियों को सक्रिय या शांत करते हैं। न्यूरो सर्जरी में भी बेहतर रिजल्ट न्यूरोसर्जरी विभाग के डॉ. अमित अग्रवाल की स्टडी में यह पाया गया कि सर्जरी के दौरान और बाद में म्यूजिक सुनने से मरीजों की रिकवरी बेहतर होती है। उनका फोकस, सहयोग और मानसिक स्थिरता बढ़ती है, जिससे उपचार तेज होता है। मशीन बताती है दिमागी कितना सक्रिय? एम्स में एक विशेष रूसी तकनीक आधारित न्यूरो–चेक मशीन है, जिसकी कीमत लगभग ढाई लाख रुपए है। यह मशीन सिर्फ 5 मिनट में यह बता देती है कि व्यक्ति के दिमाग का कौन सा हिस्सा ज्यादा सक्रिय है, दैनिक ऊर्जा स्तर कब हाई या लो होता है और उसकी सांसों का पैटर्न कैसा है। निजी अस्पतालों में यही टेस्ट 25,000 रुपए तक में होता है, जबकि एम्स में यह मुफ्त है। संगीत सुनने से इस टेस्ट में दिल और दिमाग दोनों में सुधार दर्ज हुआ। 40 से 45 मिनट सुनना चाहिए डॉ. मल्होत्रा कहते हैं कि राग बच्चों में ध्यान, भावनात्मक संतुलन और मानसिक विकास को तेज करते हैं। यह कला ही नहीं, एक वैज्ञानिक तरीका है, जो बच्चों को बेहतर जीवन, बेहतर करियर और बेहतर मानसिक स्वास्थ्य देता है। 40–45 मिनट सुनने पर नींद, बीपी और फोकस में सुधार आता है।

सरकार दे रही है बेटियों को 50 हजार रुपये: योजना की पात्रता, लाभ और आवेदन प्रक्रिया

नई दिल्‍ली बेटियों के पढ़ाई का खर्च उठाने और उनकी आर्थिक सहायता करने के लिए केंद्र और राज्‍य सरकारों की ओर से कई योजनाएं चलाई जाती हैं. यह योजनाएं पढ़ाई से लेकर शादी तक का खर्च उठाने की क्षमता रखती हैं. सरकार इन योजनाओं के तहत हर साल करोड़ों रुपये बांटती है. आज हम ऐसी ही एक योजना के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसका लाभ आप उठा सकते हैं.  यह योजना राजस्‍थान सरकार की ओर से चलाई जा रही है, जिसका नाम मुख्यमंत्री राजश्री योजना (Mukhyamantri Rajshree Yojana) है. यह योजना जन्‍म से लेकर शिक्षा पूरी करते तक की आर्थिक मदद देती है. इस योजना का उद्देश्‍य राज्‍य में भ्रूण हत्‍या को रोकना और लिंगानुपात समानता को बढ़ाना. साथ ही बेटियों की शिक्षा और स्‍वास्‍थ्‍य को बढ़ाना है.  क्‍या है मुख्‍यमंत्री राजश्री योजना?  राजस्‍थान सरकार ने इस योजना को साल 2016 में शुरू की थी, तबसे लेकर यह योजना बेटियों के अकाउंट में जन्‍म से लेकर 12वीं क्‍लास पास करने तक 50 हजार रुपये अकाउंट में भेजती है. यह राशि सीधे बेटियों के अकाउंट में भेजी जाती है, जो 6 अलग-अलग किस्‍त में जारी होती है.  कौन उठा सकता है इस योजना का लाभ?  इस योजना का लाभ केवल राजस्थान के स्थायी निवासियों को ही दिया जाएगा. बच्‍ची का जन्‍म 1 जून 2016 के बाद हुआ होना चाहिए और जन्‍म किसी रस्टि हॉस्पिटल या स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र में होना जरूरी है. अगर इस कैटेगरी में आप आते हैं तो इस योजना का लाभ उठा सकते हैं.  कौन-कौन से दस्‍तावेज जरूरी?      बच्ची का जन्म प्रमाण पत्र     आधार कार्ड या भामाशाह कार्ड     मातृ और शिशु स्वास्थ्य कार्ड     स्कूल में प्रवेश का प्रमाण पत्र अगर आप इस योजना के तहत अप्‍लाई कराना चाहते हैं तो ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. साल ही आप महिला और बाल विकास कार्यालय में जाकर भी अप्‍लाई कर सकते हैं.  किस्‍त में कैसे मिलेगी ये राशि?  जन्म के समय पहली किस्त में 2,500 रुपये दिया जाएगा. फिर 1 साल की उम्र होने और टीकाकरण पूरा होने के कारण दूसरी किस्‍त में 2500 रुपये, स्‍कूल में एडमिशन पर तीसरी किस्त 4000 रुपये, क्‍लास 6 में जाने के बाद चौथी किस्त 5000 रुपये की दी जाएगी. अगर बेटी का दाखिला क्‍लास 10th में होता है तो पांचवीं किस्त भेजी जाएगी, जो 11000 रुपये की होगी. इसके बाद 12वीं क्‍लास पास होने पर आखिरी किस्‍त दी जाएगी, जो 25000 रुपये की होगी. 

जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठी अयोध्या, दर्शन के लिए लगी लंबी कतारें

अयोध्या साल 2025 खत्म होने वाला है और नया साल 2026 दस्तक देने को तैयार है। इस बीच, नए साल की शुरुआत आध्यात्मिक तरीके से करने के लिए देशभर से श्रद्धालु तीर्थ स्थलों की ओर रुख कर रहे हैं। शनिवार को भारी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर पहुंचे। यहां भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा और लंबी कतारों में खड़े भक्त मंदिर में प्रवेश करने के लिए आतुर नजर आए। उनके चेहरों पर वह ताजगी और उत्साह साफ झलक रहा था, मानो कुछ ही पलों में भगवान राम से मिलने का उनका सपना पूरा होने वाला हो। प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ के उपलक्ष्य में चल रहे आयोजनों और नए साल के अवसर पर अयोध्या में श्रद्धालुओं की भारी आमद हो रही है। प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं, जिसमें दर्शन समय बढ़ाना और अतिरिक्त कतारें शामिल हैं। कुछ पर्यटकों के साथ आईएएनएस ने बातचीत की। एक पर्यटक ने कहा कि हम लाइन में काफी देर से हैं। राम मंदिर के बारे में काफी सुना है, इसीलिए उन्हें देखने की लालसा कोलकाता से मुझे यहां खींचकर लाई है। उन्होंने कहा कि अब तक सब अच्छा लग रहा है। हम बस अंदर जाने वाले हैं और यह बहुत अच्छा होगा। अलग-अलग जगहों से लोग आए हैं, यह अच्छी बात है। अब तक कोई दिक्कत नहीं हुई है। लोग आध्यात्मिकता में ज्यादा दिलचस्पी ले रहे हैं और भगवान के विभिन्न रूपों के दर्शन कर रहे हैं। एक अन्य पर्यटक ने बताया कि मैं अभी अंदर जा रहा हूं; अंदर जाने के बाद मैनेजमेंट का पता चलेगा। मैं पहली बार आया हूं। मेरी यह यात्रा मेरे परिवार के लिए अच्छी हो, सबके लिए अच्छी हो। एक भक्त ने कहा कि यहां बहुत अच्छा लग रहा है। हम नए साल की शुरुआत यहीं करने का प्लान बना रहे हैं। अभी बहुत ठंड है, लेकिन हम देखेंगे कि दिन कैसा बीतता है और दर्शन कैसे होते हैं। राम मंदिर के अलावा नए साल से पहले हनुमानगढ़ी मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। शनिवार होने के कारण भीड़ और बढ़ गई है। गोरखपुर से आए श्रद्धालुओं ने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से अच्छी व्यवस्थाएं की गई हैं। एक भक्त ने बताया कि भीड़ बहुत ज्यादा है; हम आधे घंटे लाइन में लगे रहे, लेकिन व्यवस्था अच्छी है।  

सतना का नया बस स्टेण्ड अटल बिहारी वाजपेयी अंतर्राज्यीय बस अड्डा के नाम से जाना जाएगा

चित्रकूट को बनाएंगे भव्य और दिव्य धाम मध्यप्रदेश में नए साल से चलेंगी सरकारी बसें बरगी नहर परियोजना से सतना जिले की 1.5 लाख हैक्टेयर कृषि भूमि होगी सिंचित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सतना में 652.54 करोड़ रूपए से अधिक लागत के विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हम भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का जन्मशती वर्ष मना रहे हैं। अटल जी के जन्मशती वर्ष में ही मध्यप्रदेश का रीयलस्टिक डेवलपमेंट (अभ्युदय) हो रहा है। हम मध्यप्रदेश में सरकार नहीं, परिवार चलाते हैं। प्रदेश के हर घर को परिवार मानकर जनहित के निर्णय ले रहे हैं। हमारे निर्णयों में अंत्योदय भी है और ग्रामोदय भी। सतना जिला भगवान श्रीराम की कर्मभूमि रहा है। इसलिए हमारी सरकार चित्रकूट को भव्य और दिव्य धाम के रूप में विकसित करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सतना को स्मार्ट सिटी योजना की सौगात देकर विकास कार्यों की गंगा बहा दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को सतना के आईएसबीटी परिसर में आयोजित लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 31 करोड़ रूपए की लागत से नवनिर्मित आईएसबीटी का लोकार्पण किया और इसका नामकरण 'अटल बिहारी वाजपेयी अंतर्राज्यीय बस अड्डा' करने की घोषणा की। अटल जी राजनीति में शुचिता और राष्ट्रीयता के प्रतीक है। उन्होंने राष्ट्र, धर्म और जनकल्याण के लक्ष्यों को लेकर सरकार चलाई। भारतीय संसद में 50 वर्षो तक अटल जी की निर्भीक वाणी गूंजती रही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सतना में आईएसबीटी बन चुका है। राज्य सरकार की भी पूरी तैयारी है कि नए साल से प्रदेश में सरकारी बसों का संचालन प्रारंभ हो जाएगा। मुख्यमंत्री सुगम लोक परिवहन सेवा के नाम से प्रदेश के गांव-गांव तक सस्ती और सुविधाजनक बस परिवहन सेवा प्रारंभ कर दी जाएंगी। शहरों में लग्जरी बसें चलाई जाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा करते हुए कहा कि सतना विमानतल की एयरस्ट्रिप की वर्तमान लंबाई बढ़ाकर अब 1800 मीटर तक की जाएगी, जिससे यहां जेट विमान भी उतर सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सतना जिले का कोना-कोना सिंचित किया जाएगा। बरगी नहर परियोजना का पूरा लाभ सतना जिले को मिलेगा। इससे यहां की डेढ़ लाख हैक्टेयर से अधिक कृषि भूमि को सिंचाई की स्थायी सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सतना में 652.54 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले 12 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इसमें नवीन आधुनिक आईएसबीटी एवं धवारी क्रिकेट स्टेडियम के नवीनीकरण कार्य के लोकार्पण सहित करीब 383 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित होने वाले 650 बिस्तरीय नवीन अस्पताल का भूमिपूजन भी शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह तीनों सौगातें सतना के विकास में चार चांद लगाएंगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हितलाभ भी वितरित किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह पूरा सप्ताह मध्यप्रदेश के विकास का ऐतिहासिक सप्ताह रहा है। धार और बैतूल में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज का भूमिपूजन हुआ। ग्वालियर में "अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट" का आयोजन हुआ। कुल 2 लाख करोड़ रुपए से अधिक के औद्योगिक विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास हुआ। भोपाल मेट्रो शुरू हुई और आज विन्ध्य के विकास को भी नए पंख लग रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि भगवान श्रीराम ने सतना के पास चित्रकूट धाम में 11 वर्ष गुजारे थे। राज्य सरकार चित्रकूट धाम सहित सतना जिले के विकास के लिए संकल्पित है। यहां भगवान कामता नाथ विराजे हैं। देश-दुनिया के पर्यटक मंदाकनी नदी के किनारे चित्रकूट आ रहे हैं। अयोध्या के बाद चित्रकूट का अलग ही महत्व है। भगवान श्रीराम के जीवन से रिश्तों की मर्यादा समझी जा सकती है। उन्होंने सुग्रीव से मित्रता करके आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया है। श्रीराम और श्रीकृष्ण के जीवन से मित्रता का महत्व सीखने की आवश्यकता है। राज्य सरकार सनातन संस्कृति और राष्ट्र के कल्याण कार्यों को आगे बढ़ाते हुए विरासत का संरक्षण कर रही है। प्रदेश की बहन-बेटियों को लाड़ली बहना योजना के माध्यम से हर माह 1500 रुपए की राशि मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सतना में दिल्ली-मुंबई से भव्य बस स्टैंड बनकर तैयार हो चुका है। राज्य में पहले परिवहन विभाग की लाल बसें चलती थीं। अब गांव-गांव तक प्रधानमंत्री श्री मोदी ने सड़कें बनवा दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म शताब्दी वर्ष में प्रदेश को अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं की सौगात मिल रही है। अटलजी एक आदर्श राजनेता थे। उन्होंने देश में 24 दलों को मिलाकर सरकार चलाई, लेकिन एक वोट कम होने पर पद भी त्याग दिया। अटलजी की 101वीं जयंती के मौके पर ग्वालियर और लखनऊ में भव्य कार्यक्रम आयोजित किए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सतना में 650 बेडेड नए अस्पताल भवन का शिलान्यास हो गया है। अमृत 2.0 योजना के माध्यम से सतना को अनेक विकास कार्यों की सौगात मिली है। यहां 7 करोड़ रूपए की लागत से आधुनिक क्रिकेट स्टेडियम का लोकार्पण भी हुआ है। इसमें डे-नाईट क्रिकेट मैच हो सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकास के लिए सदैव जनता के साथ खड़ी है। नए साल में बरगी नहर से सतना जिले की डेढ़ लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि सिंचित होगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कर कमलों से चित्रकूट को भी केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना का लाभ मिलेगा। प्रदेश के सभी तीर्थों को भी हम पर्याप्त जल उपलब्ध कराएंगे।  

MP Board Exam 2026: 5वीं और 8वीं की डेटशीट घोषित, जानें परीक्षा की तारीखें

भोपाल मध्य प्रदेश में 5वीं और 8वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा की डेटशीट जारी कर दी गई है। एमपी 5वीं 8वीं बोर्ड परीक्षा 26 फरवरी 2026 से शुरू होगी। परीक्षाएं सिंगल शिफ्ट में सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे के बीच होंगी। स्कूल 10 फरवरी और 10 मार्च, 2026 के बीच प्रैक्टिकल परीक्षाएं आयोजित करेंगे। प्रथम भाषा के रूप में हिन्दी/उर्दू/मराठी का चयन करने पर द्वितीय भाषा अंग्रेजी और प्रथम भाषा के रूप में अंग्रेजी का चयन करने पर द्वितीय भाषा के रूप में हिंदी का चयन करना अनिवार्य होगा। 8वीं की परीक्षा फर्स्ट लैंग्वेज के पेपर के साथ शुरू होगी। मैथ्स का पेपर 25 फरवरी को होगा। 26 फरवरी को सामाजिक विज्ञान की परीक्षा होगी। एमपी 5वीं बोर्ड परीक्षा टाइम टेबल तारीख विषय 20 फरवरी, 2026 हिंदी (SCERT, NCERT), अंग्रेजी (SCERT, NCERT), उर्दू, मराठी 21 फरवरी, 2026 गणित, संस्कृत (SCERT, NCERT) 23 फरवरी, 2026 हिंदी (SCERT, NCERT), अंग्रेजी (SCERT, NCERT) 25 फरवरी, 2026 पर्यावरण अध्ययन 26 फरवरी, 2026 सामाजिक विज्ञान – (संस्कृत/ क्षेत्रीय भाषा), हिंदी/ उर्दू/ पंजाबी, संस्कृत (SCERT, NCERT) एमपी बोर्ड 8वीं का टाइम टेबल तारीख दिन विषय 20 फरवरी, 2026 शुक्रवार पहली भाषा – (संस्कृत/ क्षेत्रीय भाषा), हिंदी (SCERT, NCERT), अंग्रेजी (SCERT, NCERT), मराठी (SCERT, NCERT) 21 फरवरी, 2026 शनिवार दूसरी भाषा – (संस्कृत/ क्षेत्रीय भाषा), संस्कृत (SCERT, NCERT), हिंदी (SCERT, NCERT), अंग्रेजी (SCERT, NCERT) 23 फरवरी, 2026 सोमवार तीसरी भाषा – (अंग्रेजी / क्षेत्रीय भाषा), अंग्रेजी (SCERT, NCERT), हिंदी / मराठी (SCERT, NCERT) 26 फरवरी, 2026 गुरुवार सामाजिक विज्ञान – (संस्कृत/ क्षेत्रीय भाषा), संस्कृत (SCERT, NCERT), हिंदी / मराठी (SCERT, NCERT) 28 फरवरी, 2026 शनिवार विज्ञान (SCERT, NCERT) एमपी में 5वीं और 8वीं दोनों बोर्ड परीक्षाओं में करीब 24 लाख से ज्यादा छात्र शामिल हो सकते हैं।