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कर्नाटक में सरकारी कार्रवाई से बढ़ा विवाद, बेंगलुरु में 400+ घरों को किया गया ध्वस्त

बेंगलुरु बेंगलुरु में 400 से ज़्यादा घरों को गिराने के बाद कर्नाटक सरकार विवादों में घिर गई है. जिससे सैकड़ों लोग, जिनमें ज़्यादातर मुस्लिम समुदाय के लोग हैं, बेघर हो गए हैं. इस हफ़्ते की शुरुआत में हुई इस बड़े पैमाने पर बेदखली की कार्रवाई ने सत्ताधारी कांग्रेस और केरल लेफ्ट फ्रंट यूनिट के बीच ज़बरदस्त जुबानी जंग छेड़ दी है.  जानकारी के अनुसार 22 दिसंबर को सुबह 4 बजे कोगिलु गांव में फकीर कॉलोनी और वसीम लेआउट में तोड़फोड़ की गई. जिससे करीब 400 परिवार बेघर हो गए. यह कार्रवाई ऐसे वक्त में की गई, जब शहर में साल की सबसे ज़्यादा ठंड पड़ रही है. बेंगलुरु सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट लिमिटेड (BSWML) द्वारा चलाए गए इस अभियान में 4 JCB और 150 से ज़्यादा पुलिसकर्मी शामिल थे.  कार्रवाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में उतरे लोग  मामले में कर्नाटक सरकार ने कहा कि ये घर उर्दू गवर्नमेंट स्कूल के पास एक झील के किनारे सरकारी ज़मीन पर अवैध रूप से बनाए गए थे. हालांकि, निवासियों ने दावा किया कि उन्हें पहले से कोई नोटिस नहीं मिला था. पुलिस ने उन्हें जबरदस्ती बेदखल कर दिया. इससे सैकड़ों लोगों को कड़ाके की ठंड में सड़कों पर और अस्थायी शेल्टरों के नीचे रातें बितानी पड़ रही हैं. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में कुछ निवासियों के हवाले से बताया गया है कि  वे 25 सालों से इस इलाके में रह रहे हैं और उनके पास वैलिड आधार कार्ड व वोटर आईडी हैं. निकाले गए ज़्यादातर लोग प्रवासी हैं और मज़दूर के तौर पर काम करते हैं. यह मुद्दा अब कांग्रेस सरकार के लिए एक बड़ा विवाद बन गया है. इस एक्शन के खिलाफ लोग विरोध में उतर आए हैं और प्रदर्शन कर रहे हैं.  एक गुट ने राजस्व मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा के घर के पास भी विरोध प्रदर्शन किया. साथ ही कार्रवाई के विरोध में दलित संघर्ष समिति जैसे कई संगठनों ने भी विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया है. कार्रवाई की केरल के मुख्यमंत्री ने की निंदा इस कार्रवाई को लेकर केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कांग्रेस की की निंदा की है. उन्होंने इसे कांग्रेस की "अल्पसंख्यक विरोधी राजनीति" बताया है. एक्स पर किए गए एक पोस्ट में विजयन ने कहा कि दुख की बात है कि संघ परिवार की अल्पसंख्यक विरोधी राजनीति अब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के तहत चलाई जा रही है. जब कोई सरकार डर और ज़बरदस्ती से शासन करती है, तो संवैधानिक मूल्य और मानवीय गरिमा सबसे पहले शिकार होते हैं. वहीं मामले में केरल के मंत्री वी शिवनकुट्टी ने कहा कि कांग्रेस सरकार की "अमानवीय कार्रवाई" इमरजेंसी के दौर की याद दिलाती है. जो लोग धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र के नाम पर सत्ता में आए हैं, वे गरीब लोगों के घरों को तोड़कर एक बार फिर अपना पाखंड दिखा रहे हैं.  उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने पिनाराई को दिया जवाब सीपीआई और केरल सीएम की आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि यह इलाका कब्ज़ा की गई कचरा फेंकने की जगह थी. लेकिन लैंड माफिया इसे झुग्गी बस्ती में बदलने की कोशिश कर रहे थे. उन्होंने कहा कि हमने लोगों को नई जगहों पर शिफ्ट होने का समय दिया था. हम बुलडोज़र चलाने में विश्वास नहीं करते. पिनाराई विजयन पर तंज कसते हुए शिवकुमार ने ज़ोर देकर कहा कि नेताओं को ज़मीनी हकीकत जाने बिना टिप्पणी नहीं करनी चाहिए. कांग्रेस के सीनियर नेता ने यह भी कहा कि पिनारयी विजयन जैसे सीनियर नेताओं को बेंगलुरु की समस्याओं के बारे में पता होना चाहिए. हम अपने शहर को अच्छी तरह जानते हैं और हम ऐसी झुग्गियों को बढ़ावा नहीं देना चाहते जो लैंड माफिया की एक्टिविटीज़ को बढ़ावा देती हैं.   

ताजमहल पर कुमार विश्वास का तीखा बयान: युवाओं के लिए अयोध्या हो प्राथमिकता

लखनऊ  मशहूर कवि कुमार विश्वास पिछले दिनों अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती से जुड़े एक कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने ताजमहल, महात्मा गांधी, दिल्ली प्रदूषण समेत तमाम मामलों का जिक्र किया। कुमार विश्वास ने आगरा में स्थित दुनिया के सात अजूबों में से एक ताजमहल को कब्रिस्तान बताते हुए कहा कि अब युवा उसकी बजाए अयोध्या जा रहे हैं, जोकि एक बड़ा परिवर्तन हुआ है। कार्यक्रम में कुमार विश्वास ने कहा, ''यहां नए साल पर पहली बार ऐसा हो रहा है कि जो आगरा में कब्रिस्तान है, उसे देखने के बजाए युवा ज्यादा संख्या में आगरा की बजाए अयोध्या, वृंदावन में जा रहे हैं। परिवर्तन हो रहा है। बदलने में देर लगेगी और तर्क का उत्तर दिया जा सकता है, कुतर्क का नहीं दिया जा सकता।'' हालांकि, विश्वास ने ताजमहल शब्द का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका इशारा ताजमहल ही था। उन्होंने आगे कहा कि जिन्हें लगता है कि सेक्युलर देश है, इसमें इतना राम क्यों, रामनवमी क्यों, धर्मनिरपेक्ष देश है, इसीलिए तो सब चल रहा है। अटल जयंती की पूर्व संध्या पर यूपी की राजधानी लखनऊ में आयोजित किए गए इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सीएम योगी आदित्यनाथ, ब्रजेश पाठक समेत तमाम नेता मौजूद थे। अयोध्या के राम मंदिर मामले पर बोलते हुए कुमार विश्वास ने कहा कि यह देश अदभुत है। यहां राम हुए हैं, या नहीं हुए, इस बात पर सुप्रीम कोर्ट में केस 30 साल तक चला। न्याय के देवता को न्याय के मंदिर में ही पुष्टि करवानी पड़ी कि वे वहीं पैदा हुए जहां उनका मंदिर था। अद्भुत देश है। जब आखिरी चरण में मुकदमा था तब उसी दिनों रामनवमी की छुट्टी पड़ गई। सुप्रीम कोर्ट बंद हो गया। हमने मिलॉर्ड से फोन करके पूछा कि जब नहीं हुए थे तो छुट्टी क्यों हुई और अगर छुट्टी हुई है तो हुए ही होंगे।'' दिल्ली पलूशन, महात्मा गांधी पर क्या बोले विश्वास कुमार विश्वास ने कार्यक्रम में दिल्ली में जारी पलूशन पर भी तंज कसा। उन्होंने बताया कि दिल्ली में तीनों सरकारें भाजपा की हैं, जिसके बाद भी अद्भुत हवा उपलब्ध करवाई जा रही। उन्होंने कहा, ''रक्षा मंत्री दिल्ली रहते हैं, हम भी दिल्ली रहते हैं। अब तो तीन तल की सरकार आ गई। नगर पालिका, राज्य और केंद्र में भी आप ही हो। डॉक्टर कह रहे कि एक आदमी बाहर बैठ जाए तो 100 सिगरेट पी लेता है। कितनी अद्भुत हवा उपलब्ध करवाई है।'' वहीं, महात्मा गांधी, सरदार पटेल पर कहा कि (तुम) कांग्रेस तो अपने नानाजी, पापा जी और मम्मी जी में लगे रहे। पटेल बाहर बैठे थे तो वे ले गए। मैं तो कहता हूं कि महात्मा गांधी को भी ले लो। वे आयुर्वेद भी कह रहे, खादी पहन रहे, स्वदेशी कह रहे और गीता भी पढ़ रहे। सारे वे काम कह रहे जो आप कहते हो। वहां कोई पूछ भी नहीं रहा गांधी जी को। उनके पास अपने ही तीन फर्जी गांधी बहुत हैं।''  

सुनियोजित रणनीति अपनाते हुए किये जा रहे हैं नवाचार- राज्यमंत्री पटेल

दुग्ध संकलन के साथ किसानों की आय बढ़ाने हो रहे हैं समन्वित प्रयास : पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री पटेल सुनियोजित रणनीति अपनाते हुए किये जा रहे हैं नवाचार गौवंश के अवैध परिवहन पर वाहन किये जायेंगे राजसात पशुओं की नस्ल सुधार के लिए संचालित है हिरण्यगर्भा अभियान दुग्ध उत्पादन में प्रदेश की भागीदारी 9 से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य दो वर्ष की उपलब्धि और आगामी 3 वर्ष की कार्य योजना की दी जानकारी भोपाल  पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में हमारी सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने तथा पशुपालकों की आय में वृद्धि एवं किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिये निरंतर प्रयास कर रही है। हमारा यह सतत प्रयास रहा है कि पशुपालन को आजीविका का मजबूत आधार बनाया जाए। पटेल ने बताया कि पिछले 02 वर्षों में प्रदेश ने विकास, सुशासन और जनकल्याण के पथ पर निरंतर प्रगति की है। हमने शासन की विभिन्न योजनाओं और कार्यकमों के माध्यम से समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने का संकल्प दृढ़ता से निभाया है। हमारी सरकार ने गौवंश के संरक्षण और संवर्धन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रदेश में निराश्रित पशुओं के लिए नवीन गौशाला नीति बनाई है। राज्यमंत्री पटेल शनिवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभा हॉल में पशुपालन एवं डेयरी विभाग की दो वर्ष की उपलब्धियों की जानकारी मीडिया प्रतिनिधियों से साझा कर रहे थे। गौसंवर्धन राज्यमंत्री पटेल ने कहा कि गौवंश की संख्या के मामले में मध्यप्रदेश का देश में दूसरा स्थान है। प्रदेश के 1.87 करोड़ गौवंश में से लगभग 70 प्रतिशत गौवंश अवर्णित नस्ल के हैं। शासन द्वारा निराश्रित गौवंश के व्यवस्थापन के लिए लगभग 2500 से अधिक गौशालाओं में 4 लाख 75 हजार से अधिक निराश्रित गौवंश को आश्रय दिया गया है। इसके अतिरिक्त गौशालाओं में निराश्रित गौवंश के व्यवस्थापन हेतु दिए जाने वाले अनुदान की राशि 20 रुपये से बढ़ाकर 40 रूपये प्रतिदिन/गौवंश की गई है। राज्य शासन द्वारा गौशालाओं के अनुदान के बजट को 250 करोड प्रति वर्ष से बढ़ाकर 505 करोड़ कर दिया गया है, जिसमे से 369.02 करोड़ की राशि गौशालाओ को वितरित की जा चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दूरदर्शिता और संकल्पशक्ति के प्रतिफल से हमारी सरकार ने 'स्वावलंबी गौशालाओं (कामधेनु निवास) की स्थापना नीति 2025' लागू की है। निवेशकों को परियोजनाओं की स्थापना के लिए 5 हजार गौवंश के लिये अधिकतम 130 एकड़ भूमि उपयोग हेतु दी जाएगी। साथ ही प्रत्येक 1000 गौवंश की वृद्धि पर 25 एकड़ दी जा सकेगी। इस योजना में 20 स्वावलम्बी गौशाला की स्थापना हेतु निविदा जारी की गयी, जिसकी अंतिम दिनांक 29 दिसम्बर है। दुग्ध उत्पादन मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशा अनुसार देश के दुग्ध उत्पादन में प्रदेश की भागीदारी 09 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने के उददेश्य से अभिनव योजना "डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना" प्रारंभ की गई है। एक हितग्राही को एक आवेदन पर एक इकाई (25 दुधारू पशु) या एक से अधिक इकाई (अधिकतम 08 इकाईयों, 200 दुधारू पशु) लेने की पात्रता होगी। योजना अंतर्गत देशी नस्ल की गाय की इकाई की लागत 36 रूपये लाख तथा संकर नस्ल की गाय तथा भैंस की इकाई की लागत 42 लाख रूपये है। मुख्यमंत्री डेयरी प्लस कार्यक्रम के अंतर्गत पशुपालकों के भैसपालन की रूचि के अनुरूप दो दुधारू भैंस उपलब्ध करायी जाती है। पहले इस योजना को मात्र 3 जिलों सीहोर, विदिशा एवं रायसेन जिलों में थी, जिसे वर्ष 2024-25 से पूरे प्रदेश में लागू किया गया है। सहकारिता के माध्यम से दुग्ध संकलन व प्रसंस्करण सरकार द्वारा सहकारी प्रणाली और सांची ब्राण्ड को उन्नयन करने के उद्देश्य से एम.पी. स्टेट को-ओपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड तथा संबद्ध दुग्ध संघों के संचालन एवं प्रबंधन के लिए मध्यप्रदेश शासन, एम.पी. स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड एवं संबद्ध दुग्ध संघों तथा राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के मध्य होने वाले सहकार्यता अनुबंध पर सहमति दी गई तथा सहकार्यता अनुबंध किया गया। हमारा लक्ष्य राज्य में औसत दुग्ध संकलन तीन वर्षों में 33 लाख लीटर प्रतिदिन से अधिक करना। सहकारिता अंतर्गत ग्रामों का कवरेज आगामी 3 वर्षों में बढ़ाकर 15 हजार से अधिक ग्रामों को कवर करना तथा दुग्ध सहकारी समिति सदस्यों की संख्या बढ़ाकर कुल 470 हजार करना। इस हेतु राज्य में 4000 करोड से अधिक का निवेश होगा। दुग्ध संघो द्वारा दूध खरीद मूल्यों में 2.50 रूपये से 8.50 रूपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई। हिरण्यगर्भा अभियान प्रदेश में पशुपालकों को समृद्ध करने हेतु पशुओं का नस्ल सुधार एक महत्वपूर्ण साधन है, इस हेतु "हिरण्यगर्भा अभियान" संचालित किया जा रहा है। परम्परागत सीमन डोज की जगह सॉर्टेड सेक्सड सीमन के ज्यादा से ज्यादा उपयोग हेतु जागरूक किया जा रहा है। ग्राम पंचायत स्तर पर लगभग 11500 हजार कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ता (मैत्री) को प्रशिक्षित किया गया है। इन प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं में से अक्रियाशील कार्यकर्ता की पहचान कर उन्हें क्रियाशील तथा क्रियाशील कार्यकर्ताओं को रिफेंशर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। दुग्ध संपर्क समृद्धि अभियान प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को दो गुना करने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य पूर्ती हेतु आयोजित इस अभियान में पशुपालकों को पशु पोषण, पशु स्वास्थ्य एवं नस्ल सुधार से होने वाले आर्थिक लाभ के विषय पर गृह भेंट कर उन्नत पशुपालन हेतु प्रेरित किया जा रहा है। अभियान तीन चरणों में संचालित होना है। प्रथम चरण में 10 या अधिक गाय भैंस के पशुपालक, द्वितीय में 5 या अधिक के पशुपालक तथा तृतीय चरण में 5 से कम पशुसंख्या वाले पशुपालक सम्मिलित होंगे। दुग्ध समृध्दि सम्पर्क अभियान" का प्रथम चरण 3 से 9 अक्टूबर के मध्य संचालित हुआ, जिसमें 3.76 लाख पशुपालको के यहां 8752 प्रशिक्षित विभागीय अमले द्वारा गृह भेटं दी गई। अभियान का द्वितीय चरण 17 दिसम्बर 2025 से प्रारम्भ हुआ है। "क्षीर धारा ग्राम योजना" यह अवधारणा ऐसे ग्रामों को विकसित करने की है जिसमें पशुपालकों द्वारा उन्नत तरीके से पशुपालन किया जाता है। उन्नत पशुपालन अंतर्गत उन्नत नस्ल के पशु, उनका रखरखाव, पशु पोषण, पशु उपचार, पशु टीकाकरण और गोबर व गौमूत्र का समुचित निष्पादन (मूल्य संवर्धन) गतिविधियां सम्मिलित हैं। जिले के अन्य ग्रामों को इन ग्रामों से प्रेरणा और प्रतिस्पर्धा उत्पन्न करने तथा उदाहरणीय आदर्श स्वरुप में प्रस्तुत करने हेतु योजना … Read more

राजनीति में बदला सुर? दिग्विजय सिंह ने पीएम मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा— संगठन की शक्ति दिखी

भोपाल  कांग्रेस के दिग्गज नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक पुरानी तस्वीर शेयर की और अपने स्वभाव के उलट राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) उसके संगठन और पीएम मोदी की खुलकर तारीफ की। उन्होंने जो फोटो शेयर किया उसमें भारतीय जनता पार्टी के तत्कालीन दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी, प्रमोद महाजन, आनंदी बेन पटेल दिखाई दे रहे हैं, जबकि मोदी जमीन पर बैठे हुए दिख रहे हैं। इस फोटो को उन्होंने बहुत ही प्रभावशाली बताया और कहा कि यह संगठन की ही शक्ति है कि पार्टी का एक कार्यकर्ता नेताओं के चरणों में फर्श पर बैठकर भी मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री बन सकता है।   इस फोटो को शेयर करते हुए दिग्विजय सिंह ने लिखा, 'Quora site पर मुझे यह चित्र मिला। बहुत ही प्रभावशाली है। किस प्रकार RSS का जमीनी स्वयं सेवक व जनसंघ भाजपा का कार्यकर्ता नेताओं की चरणों में फर्श पर बैठकर प्रदेश का मुख्यमंत्री व देश का प्रधानमंत्री बना। यह संगठन की शक्ति है। जय सिया राम।' सबसे खास बात यह है कि अपनी इस पोस्ट में उन्होंने कांग्रेस पार्टी, मध्य प्रदेश कांग्रेस, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, जयराम रमेश और खुद पीएम मोदी को भी टैग किया। यूजर्स ने निकाले सिंह की पोस्ट के अलग-अलग मायने दिग्विजय सिंह की इस पोस्ट को लेकर यूजर्स ने अलग-अलग मायने निकाले। एक यूजर ने उनकी पोस्ट पर कमेंट करते हुए लिखा, 'सीधे मुंह क्यों नहीं कहते कि कांग्रेस में सिर्फ एक परिवार को राज करने का अधिकार हैं। बाकी कार्यकर्ताओं को तो राज परिवार और उसका युवराज अपना गुलाम समझता हैं। समझदार कांग्रेसी कार्यकर्ता को गुलामी छोड़कर देश सेवा के लिए दूसरी पार्टी में अपना भविष्य तलाशना चाहिए।' एक अन्य यूजर ने लिखा, 'आप जिनको बता रहे है उन्होंने अपने कान बंद कर लिए है, जिन्हें दिखा रहे है उन्होंने आखें बंद कर रखी है और जिनको समझाने की कोशिश कर रहे है वो धृतराष्ट्र बने हुए हैं। सच को कब तक झुठलायेंगे कभी तो सच में जलना पड़ेगा, तपना पड़ेगा तब कहीं सम्मान मिलेगा राजनीति का।' एक यूजर ने मध्य प्रदेश में कांग्रेस की बुरी हालत के लिए दिग्विजय सिंह को जिम्मेदार बताते हुए लिखा, 'जितना फायदा आपने उन्हें दिलाया है MP में,उतना कोई नहीं दिला सकता। जय सिया राम' जबकि एक दूसरे यूजर ने लिखा, ‘कांग्रेस मैं यह असंभव हैं। काश दिग्गीराजा या सचिन पायलट एक दिन ऐसे बन जाते। 

जमीनी परिवहन में नया रिकॉर्ड, चीन के हाइपरलूप ने छुई 700 km/h की स्पीड

 नई दिल्ली चीन ने मैग्नेटिक लेविटेशन (मैग्लेव) तकनीक में नया विश्व रिकॉर्ड बनाया है. नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ डिफेंस टेक्नोलॉजी (NUDT) के वैज्ञानिकों ने एक 1 टन वजनी टेस्ट वाहन को सिर्फ 2 सेकेंड में 700 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड तक पहुंचा दिया. यह टेस्ट 400 मीटर लंबे ट्रैक पर हुआ. वाहन को सुरक्षित रोक भी लिया गया. टेस्ट की पूरी जानकारी सरकारी चैनल CCTV ने वीडियो दिखाया, जिसमें वाहन सिर्फ एक चेसिस जैसा लगता है. वह ट्रैक पर धुंध की तरह तेजी से गुजरता है. पीछे धुआं छोड़ता है. यह सुपरकंडक्टिंग इलेक्ट्रिक मैग्लेव सिस्टम है, जो दुनिया में सबसे तेज एक्सेलरेशन और स्पीड का रिकॉर्ड है. टेस्ट में बहुत तेज ब्रेकिंग भी सफल रही. तकनीकी सफलताएं इस उपलब्धि से कई बड़ी समस्याएं हल हो गईं…     अल्ट्रा-हाई-स्पीड इलेक्ट्रोमैग्नेटिक प्रोपल्शन.      इलेक्ट्रिक सस्पेंशन और गाइडेंस.     हाई-पावर एनर्जी स्टोरेज.     हाई-फील्ड सुपरकंडक्टिंग मैग्नेट्स. प्रोफेसर ली जी ने कहा कि यह सफलता चीन में अल्ट्रा-हाई-स्पीड मैग्लेव ट्रांसपोर्ट के विकास को तेज करेगी. मैग्लेव ट्रेन क्या है? मैग्लेव ट्रेन (Maglev Train) का पूरा नाम मैग्नेटिक लेविटेशन ट्रेन है. यह एक विशेष तरह की तेज रफ्तार ट्रेन है जो सामान्य पटरियों पर पहियों से नहीं चलती, बल्कि चुंबकीय शक्ति (मैग्नेटिक फोर्स) से पटरी से कुछ सेंटीमीटर ऊपर हवा में तैरती हुई चलती है. कैसे काम करती है? ट्रेन और पटरी में शक्तिशाली इलेक्ट्रोमैग्नेट लगे होते हैं. एक जैसे चुंबक एक-दूसरे को धक्का देते हैं (रिपल्शन), जिससे ट्रेन पटरी से ऊपर उठ जाती है (लगभग 1-10 सेमी). आगे बढ़ाने के लिए चुंबकीय क्षेत्र को बदल-बदल कर पुल और पुश किया जाता है. इससे घर्षण (फ्रिक्शन) बिल्कुल नहीं होता, इसलिए ट्रेन बहुत तेज चल सकती है. फायदे बहुत तेज स्पीड: 400-600 km/h या इससे ज्यादा (सामान्य ट्रेन से दोगुनी). कम शोर, कम कंपन, आरामदायक सफर. कम रखरखाव क्योंकि पहिए और पटरी नहीं घिसते. पर्यावरण के लिए अच्छी क्योंकि बिजली से चलती है, प्रदूषण कम. भविष्य में क्या फायदे? यह तकनीक सिर्फ ट्रेनों तक सीमित नहीं…     वैक्यूम ट्यूब में हाइपरलूप जैसी ट्रांसपोर्ट (1000 km/h तक संभव).     रॉकेट और हवाई जहाजों के लॉन्च में शुरुआती बूस्ट और ईंधन बचत होगी.     एयरोस्पेस टेस्टिंग के लिए जमीनी सिमुलेशन आसान हो जाएगी. चीन का मैग्लेव इतिहास     30 साल पहले इसी यूनिवर्सिटी ने चीन का पहला मानवयुक्त मैग्लेव बनाया.     10 साल की रिसर्च के बाद जनवरी 2025 में 648 km/h रिकॉर्ड.     शंघाई मैग्लेव दुनिया की एकमात्र कॉमर्शियल सर्विस (430 km/h).     दातोंग में 2 km वैक्यूम ट्यूब लाइन, लक्ष्य 1000 km/h. यह ब्रेकथ्रू दुनिया की ट्रांसपोर्ट और स्पेस तकनीक बदल सकता है. चीन अब इस क्षेत्र में दुनिया के टॉप देशों में शामिल हो गया है. आने वाले सालों में और बड़े टेस्ट होने की उम्मीद है.

शीतलहर के बीच योगी सरकार का राहत अभियान जारी, प्रदेश में अब तक 1247 रैन बसेरे स्थापित

प्रदेश में शीतलहर को लेकर योगी सरकार अलर्ट, गरीबों और निराश्रितों के लिए की संवेदनशील पहल शीतलहर के बीच योगी सरकार का राहत अभियान जारी, प्रदेश में अब तक 1247 रैन बसेरे स्थापित सभी जनपदों में सार्वजनिक स्थल पर अलाव के लिए 1.75 करोड़ रुपए की धनराशि आवंटित समस्त जनपदों को कम्बल खरीद के आदेश जारी, 75 जनपदों ने 1.40 लाख से ज्यादा कम्बल किए वितरित लखनऊ उत्तर प्रदेश में पड़ रही भीषण शीतलहर और घने कोहरे को देखते हुए योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने आमजन को राहत पहुंचाने के लिए व्यापक और सुनियोजित व्यवस्थाएं की हैं। प्रदेश के सभी जनपदों में रैन बसेरा, अलाव और कंबल वितरण की व्यवस्था को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है, ताकि ठंड से किसी भी नागरिक को असुविधा न हो। प्रदेश सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शीतलहर के दौरान कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति ठंड से पीड़ित न रहे। जिला प्रशासन, नगर निकाय और संबंधित विभागों को पूरी संवेदनशीलता के साथ राहत कार्यों को संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। रैन बसेरों की व्यवस्था प्रदेशभर में अब तक 1247 रैन बसेरे स्थापित किए जा चुके हैं। इन रैन बसेरों में 9949 जरूरतमंद लोग अब तक आश्रय ले चुके हैं। जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि रैन बसेरों में साफ-सफाई, गर्म पानी, प्रकाश और सुरक्षा की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कंबल वितरण को प्राथमिकता प्रदेश सरकार द्वारा शीतलहर से बचाव के लिए कंबल वितरण को प्राथमिकता दी गई है। पिछले 03 वर्षों में औसतन 10,65,889 कंबलों की खरीद की गई है। इस पर लगभग 44.38 करोड़ रुपये की औसत धनराशि व्यय हुई है। चालू व्यवस्था के अंतर्गत सभी जनपदों को 17.55 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की जा चुकी है। 75 जनपदों द्वारा कंबल खरीद के लिए क्रयादेश जारी किए जा चुके हैं। इनमें से 75 जनपदों में 3,78,884 कंबलों की आपूर्ति पूर्ण हो चुकी है। अब तक सभी जनपदों द्वारा 1,40,364 कंबलों का वितरण जरूरतमंदों को किया जा चुका है। शेष कंबलों को वितरण किया जा रहा है।  सभी जनपदों में अलाव की समुचित व्यवस्था ठंड से बचाव के लिए सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलाने की भी व्यापक व्यवस्था की गई है। सभी जनपदों को अलाव जलाने के लिए 1.75 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की गई है। जनपदों में प्रतिदिन जलाए जा रहे अलावों की स्थिति की नियमित फीडिंग राहत पोर्टल पर की जा रही है, जिससे शासन स्तर पर सतत निगरानी बनी रहे। कोहरे को लेकर अलर्ट कोहरे के कारण होने वाली दुर्घटनाओं से बचाव के लिए सरकार द्वारा तकनीक का भी व्यापक उपयोग किया जा रहा है। राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा सचेत ऐप एवं वेब पोर्टल के माध्यम से अब तक 33.27 करोड़ अलर्ट एसएमएस जारी किए जा चुके हैं। ये संदेश प्रभावित जनपदों के अधिकारियों के साथ-साथ आमजनमानस को भी भेजे गए हैं। इसके अतिरिक्त संबंधित विभागों जैसे यूपीडा, एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी द्वारा जिलाधिकारियों एवं जिला पुलिस को ई-मेल के माध्यम से कोहरे से संबंधित अलर्ट लगातार जारी किए जा रहे हैं।

महिला सशक्तिकरण में यूपी मॉडल देश में नंबर 1, सुरक्षा से स्वावलंबन के क्षेत्र में प्रदेश का लहराया परचम

योगी आदित्यनाथ सरकार में बदला उत्तर प्रदेश का सामाजिक चेहरा, महिलाओं के जीवन में ऐतिहासिक परिवर्तन महिला सशक्तिकरण में यूपी मॉडल देश में नंबर 1, सुरक्षा से स्वावलंबन के क्षेत्र में प्रदेश का लहराया परचम  योगी सरकार में महिलाओं के सपनों को उड़ान, कल्याणकारी योजनाओं से क्रांतिकारी बदलाव  लखनऊ  योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा महिलाओं के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं ने देश में सफलता का दमदार यूपी मॉडल प्रस्तुत किया है। महिलाओं की सुरक्षा और विकास अब केवल योजनाओं का विषय नहीं, बल्कि एक ठोस सामाजिक परिवर्तन का दस्तावेज बन चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले एक साल में प्रदेश में महिलाओं, किशोरियों और बालिकाओं के जीवन में जो बदलाव आए हैं, वे आंकड़ों में भी दिखते हैं और जमीन पर भी। यह बदलाव सिर्फ सहायता का नहीं, बल्कि सुरक्षा, स्वावलंबन, सम्मान और अवसर का है।  बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना का क्रांतिकारी प्रभाव इस योजना के अंतर्गत इस वर्ष कुल 13612 गतिविधियों के माध्यम से 25.5 लाख महिलाओं तथा बालिकाओं को जागरूक किया गया है। इसका उद्देश्य बालिकाओं के जन्म के प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित करना, लिंग-चयन की प्रक्रिया को समाप्त कर बालिकाओं को सुरक्षित करना और बाल लिंग अनुपात में सुधार लाना है। इस योजना ने शिक्षा के माध्यम से बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने, उनकी उच्च शिक्षा को प्रोत्साहित करने और बालिकाओं से जुड़े विषयों यथा सुरक्षा, पोषण, स्वास्थ्य आदि के संबंध में जागरूकता लाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।  मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना से प्रभावी बदलाव कन्या सुमंगला योजना योगी सरकार की सबसे प्रभावशाली सामाजिक योजनाओं में शामिल हो चुकी है। इस वर्ष योजना के अंतर्गत 130.03 करोड़ रुपये की धनराशि से 3.28 लाख कन्याओं को लाभान्वित किया गया। जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक छह चरणों में मिलने वाली सहायता ने बेटियों के प्रति सामाजिक सोच को बदला और बालिका शिक्षा को नई मजबूती दी।  निराश्रित महिलाओं के लिए आर्थिक संबल निराश्रित महिला पेंशन योजना के तहत 38.58 लाख महिलाओं को नियमित मासिक सहायता दी जा रही है। इस वर्ष योजना पर लगभग 1200 करोड़ रुपये रुपये खर्च हुए हैं। अभी हाल ही में पेश हुए अनुपूरक बजट में भी इस योजना के लिए लगभग 535 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। योगी आदित्यनाथ सरकार की इस योजना से विधवा, परित्यक्ता और असहाय महिलाओं को सम्मानजनक जीवन का आधार मिला। पारदर्शी चयन प्रक्रिया और डीबीटी व्यवस्था ने यह सुनिश्चित किया कि लाभ सीधे वास्तविक पात्रों तक पहुंचे। रानी लक्ष्मीबाई बाल एवं महिला सम्मान कोष के अंतर्गत इस साल 3519 पीड़िताओं को लगभग 116.36 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति धनराशि प्रदान की गई।  मिशन शक्ति से महिलाओं को मिला सुरक्षा कवच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में महिलाओं तथा बच्चों की सुरक्षा, सशक्तिकरण और सम्मान के उद्देश्य से चलाई जा रही मिशन शक्ति अपने पांचवे चरण में है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मिशनशक्ति अभियान के अंतर्गत लगभग 9 करोड लोगों तक पहुंचकर उन्हें प्रदेश में महिलाओं तथा बच्चों हेतु संचालित कल्याणकारी योजनाओं, सुविधाओं तथा कानूनों के बारे में संवेदनशील करने का प्रयास किया गया है। मिशन शक्ति के अंतर्गत प्रदेश में महिला एवं बाल विकास विभाग, गृहविभाग सहित 28 विभागों, समाज सेवी संस्थाओं तथा शैक्षणिक सस्थानों द्वारा प्रतिभाग किया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन तथा जनसामान्य के मध्य दूरी को कम करने तथा महिलाओं को खुलकर अपनी समस्यायें व सुझाव रखने हेतु “हक की बात जिलाधिकारी के साथ’’ और "स्वावलंबन कैम्प’’ का आयोजन सफलतापूर्वक हो रहा है।  महिलाओं को मिल रहा है त्वरित न्याय हिंसा पीड़ित महिलाओं को एक ही स्थान पर चिकित्सा, कानूनी परामर्श और पुलिस सहायता प्रदान करने के लिए प्रदेश में 75 से अधिक वन स्टॉप सेंटर संचालित हैं। इस साल 24671 महिलाएं इन केंद्रों से सहायता प्राप्त कर चुकी हैं। यह व्यवस्था महिला सुरक्षा के मामले में योगी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का सफलतम उदाहरण है। 181 महिला हेल्पलाइन अब प्रदेश की महिलाओं के लिए भरोसेमंद सुरक्षा कवच बन चुकी है। 24 घंटे संचालित इस सेवा के माध्यम से आपात स्थिति में त्वरित सहायता दी जा रही है। घरेलू हिंसा, उत्पीड़न और आपात सहायता से जुड़े मामलों में इस साल 56507 महिलाओं को सहायता प्रदान की गई है। हब फॉर इम्पावरमेंट ऑफ वुमेन के अंतर्गत महिलाओं, किशोरियों और बालिकाओं को उनके लिए चलाई जा रही सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूक किया जा रहा है। कामकाजी और निराश्रित महिलाओं को सुरक्षित आश्रय निराश्रित, परित्यक्त और कामकाजी महिलाओं के सुरक्षित आवास में भी योगी आदित्यनाथ सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। माता अहिल्याबाई होल्कर श्रमजीवी महिला हॉस्टल योजना के तहत 7 जनपदों नें 500-500 क्षमता के हॉस्टल बनाए जा रहे हैं। श्रमजीवी महिला छात्रावास के अंतर्गत लखनऊ, गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर में 8 कामकाजी महिला छात्रावास का निर्माण हो रहा है। प्रदेश के 8 जनपदों में राजकीय महिला शरणालय चल रहे हैं। मथुरा में निराश्रित महिलाओं के लिए 1000 की क्षमता वाला कृष्ण कुटीर चल रहा है। योगी आदित्यनाथ सरकार इसी तरह प्रदेश में 14 शक्ति सदन और 13 सखी निवास के माध्यम से महिलाओं को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध करा रही है।

चित्रकूट को बनाएंगे भव्य और दिव्य धाम: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

अटल जी के जन्मशती वर्ष में मध्यप्रदेश का हो रहा अभ्युदय: मुख्यमंत्री डॉ. यादव चित्रकूट को बनाएंगे भव्य और दिव्य धाम सतना का नया बस स्टेण्ड अटल बिहारी वाजपेयी अंतर्राज्यीय बस अड्डा के नाम से जाना जाएगा सतना विमानतल की एयरस्ट्रिप की लंबाई बढ़ाकर 1800 मीटर तक की जाएगी मध्यप्रदेश में नए साल से चलेंगी सरकारी बसें बरगी नहर परियोजना से सतना जिले की 1.5 लाख हैक्टेयर कृषि भूमि होगी सिंचित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सतना में 652.54 करोड़ रूपए से अधिक लागत के विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन सतना मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हम भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का जन्मशती वर्ष मना रहे हैं। अटल जी के जन्मशती वर्ष में ही मध्यप्रदेश का रीयलस्टिक डेवलपमेंट (अभ्युदय) हो रहा है। हम मध्यप्रदेश में सरकार नहीं, परिवार चलाते हैं। प्रदेश के हर घर को परिवार मानकर जनहित के निर्णय ले रहे हैं। हमारे निर्णयों में अंत्योदय भी है और ग्रामोदय भी। सतना जिला भगवान श्रीराम की कर्मभूमि रहा है। इसलिए हमारी सरकार चित्रकूट को भव्य और दिव्य धाम के रूप में विकसित करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सतना को स्मार्ट सिटी योजना की सौगात देकर विकास कार्यों की गंगा बहा दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को सतना के आईएसबीटी परिसर में आयोजित लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 31 करोड़ रूपए की लागत से नवनिर्मित आईएसबीटी का लोकार्पण किया और इसका नामकरण 'अटल बिहारी वाजपेयी अंतर्राज्यीय बस अड्डा' करने की घोषणा की। अटल जी राजनीति में शुचिता और राष्ट्रीयता के प्रतीक है। उन्होंने राष्ट्र, धर्म और जनकल्याण के लक्ष्यों को लेकर सरकार चलाई। भारतीय संसद में 50 वर्षो तक अटल जी की निर्भीक वाणी गूंजती रही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सतना में आईएसबीटी बन चुका है। राज्य सरकार की भी पूरी तैयारी है कि नए साल से प्रदेश में सरकारी बसों का संचालन प्रारंभ हो जाएगा। मुख्यमंत्री सुगम लोक परिवहन सेवा के नाम से प्रदेश के गांव-गांव तक सस्ती और सुविधाजनक बस परिवहन सेवा प्रारंभ कर दी जाएंगी। शहरों में लग्जरी बसें चलाई जाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा करते हुए कहा कि सतना विमानतल की एयरस्ट्रिप की वर्तमान लंबाई बढ़ाकर अब 1800 मीटर तक की जाएगी, जिससे यहां जेट विमान भी उतर सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सतना जिले का कोना-कोना सिंचित किया जाएगा। बरगी नहर परियोजना का पूरा लाभ सतना जिले को मिलेगा। इससे यहां की डेढ़ लाख हैक्टेयर से अधिक कृषि भूमि को सिंचाई की स्थायी सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सतना में 652.54 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले 12 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इसमें नवीन आधुनिक आईएसबीटी एवं धवारी क्रिकेट स्टेडियम के नवीनीकरण कार्य के लोकार्पण सहित करीब 383 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित होने वाले 650 बिस्तरीय नवीन अस्पताल का भूमिपूजन भी शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह तीनों सौगातें सतना के विकास में चार चांद लगाएंगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हितलाभ भी वितरित किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह पूरा सप्ताह मध्यप्रदेश के विकास का ऐतिहासिक सप्ताह रहा है। धार और बैतूल में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज का भूमिपूजन हुआ। ग्वालियर में "अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट" का आयोजन हुआ। कुल 2 लाख करोड़ रुपए से अधिक के औद्योगिक विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास हुआ। भोपाल मेट्रो शुरू हुई और आज विन्ध्य के विकास को भी नए पंख लग रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि भगवान श्रीराम ने सतना के पास चित्रकूट धाम में 11 वर्ष गुजारे थे। राज्य सरकार चित्रकूट धाम सहित सतना जिले के विकास के लिए संकल्पित है। यहां भगवान कामता नाथ विराजे हैं। देश-दुनिया के पर्यटक मंदाकनी नदी के किनारे चित्रकूट आ रहे हैं। अयोध्या के बाद चित्रकूट का अलग ही महत्व है। भगवान श्रीराम के जीवन से रिश्तों की मर्यादा समझी जा सकती है। उन्होंने सुग्रीव से मित्रता करके आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया है। श्रीराम और श्रीकृष्ण के जीवन से मित्रता का महत्व सीखने की आवश्यकता है। राज्य सरकार सनातन संस्कृति और राष्ट्र के कल्याण कार्यों को आगे बढ़ाते हुए विरासत का संरक्षण कर रही है। प्रदेश की बहन-बेटियों को लाड़ली बहना योजना के माध्यम से हर माह 1500 रुपए की राशि मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सतना में दिल्ली-मुंबई से भव्य बस स्टैंड बनकर तैयार हो चुका है। राज्य में पहले परिवहन विभाग की लाल बसें चलती थीं। अब गांव-गांव तक प्रधानमंत्री मोदी ने सड़कें बनवा दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म शताब्दी वर्ष में प्रदेश को अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं की सौगात मिल रही है। अटलजी एक आदर्श राजनेता थे। उन्होंने देश में 24 दलों को मिलाकर सरकार चलाई, लेकिन एक वोट कम होने पर पद भी त्याग दिया। अटलजी की 101वीं जयंती के मौके पर ग्वालियर और लखनऊ में भव्य कार्यक्रम आयोजित किए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सतना में 650 बेडेड नए अस्पताल भवन का शिलान्यास हो गया है। अमृत 2.0 योजना के माध्यम से सतना को अनेक विकास कार्यों की सौगात मिली है। यहां 7 करोड़ रूपए की लागत से आधुनिक क्रिकेट स्टेडियम का लोकार्पण भी हुआ है। इसमें डे-नाईट क्रिकेट मैच हो सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकास के लिए सदैव जनता के साथ खड़ी है। नए साल में बरगी नहर से सतना जिले की डेढ़ लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि सिंचित होगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कर कमलों से चित्रकूट को भी केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना का लाभ मिलेगा। प्रदेश के सभी तीर्थों को भी हम पर्याप्त जल उपलब्ध कराएंगे। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री और सतना जिले के प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन की सरकार में सतना स्मार्ट सिटी में शामिल हुआ है। उन्होंने कहा कि वे प्रदेश के नगरीय विकास मंत्री हैं, इसलिए सतना जिले के नगरीय विकास में वे कोई कमी नहीं रहने देंगे। नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कुशल नेतृत्व में सतना जिला विकास के हर मामले में अव्वल है। उन्होंने सतना … Read more

योगी मॉडल का असर: भूमि से उद्योग तक यूपी बना निवेशकों की पहली पसंद

भूमि से उद्योग तक: यूपी टॉप, योगी के विजन पर निवेशकों का भरोसा मजबूत औद्योगिक भूमि के प्रभावी उपयोग में उत्तर प्रदेश अग्रणी राज्यों में 33,327 हेक्टेयर भूमि पर संचालित हैं 286 औद्योगिक पार्क यूपी बना भरोसेमंद परिणाम देने वाला औद्योगिक गंतव्य लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने देश के औद्योगिक मानचित्र पर मजबूती के साथ अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। इसकी ठोस झलक औद्योगिक भूमि के उपयोग के आंकड़ों में दिखाई देती है। जहां देश के कई प्रमुख राज्यों में औद्योगिक पार्कों की बड़े क्षेत्रफल में भूमि आज भी निष्क्रिय पड़ी है, वहीं उत्तर प्रदेश में उपलब्ध कराई गई औद्योगिक भूमि का अधिकांश हिस्सा उद्योगों के लिए उपयोग हो चुका है। प्रदेश में अब तक 286 औद्योगिक पार्क विकसित किए जा चुके हैं। इन क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों की सक्रियता यह स्पष्ट करती है कि निवेश प्रस्ताव केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहे। यही कारण है कि देश और विदेश के निवेशक उत्तर प्रदेश को एक भरोसेमंद और परिणाम देने वाले औद्योगिक गंतव्य के रूप में देख रहे हैं। उद्योग जगत के विशेषज्ञ एसके आहूजा का कहना है कि उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में देश के बड़े औद्योगिक पावरहाउस के रूप में उभर रहा है। उत्तर प्रदेश में 286  विकसित औद्योगिक पार्कों का कुल क्षेत्रफल 33,327 हेक्टेयर है। इनमें लगभग पूरी औद्योगिक भूमि पर उद्योग या तो स्थापित हो चुके हैं या स्थापना की प्रक्रिया में हैं। इससे जहाँ उत्पादन गतिविधियों को बल मिल रहा है और वहीँ बड़ी संख्या में रोजगार के अवसरों का भी सृजन हो रहा है। यदि देश के अन्य राज्यों की स्थिति पर दृष्टिपात किया जाए तो अंतर स्पष्ट दिखाई देता है। जैसे कि तेलंगाना में 157 औद्योगिक पार्कों में 30,749  हेक्टेयर भूमि आज भी निवेश के लिए उपलब्ध है।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने औद्योगिक नीति को स्पष्ट दिशा प्रदान करने का काम किया है। सरकार का फोकस केवल भूमि आवंटन पर ही नहीं वरन उद्योगों को सुरक्षित और अनुकूल वातावरण देने पर भी रहा है। कानून-व्यवस्था में सुधार, प्रशासनिक प्रक्रियाओं का सरलीकरण और बुनियादी ढांचे का तेज विस्तार इस नीति के मुख्य स्तंभ बने। एक्सप्रेस-वे, एयरपोर्ट और बेहतर कनेक्टिविटी ने उद्योगों के संचालन को आसान बनाया जिससे निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ है। प्रदेश भर में संतुलित औद्योगिक विस्तार एक जनपद, एक उत्पाद (ओडीओपी), डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, मेडिकल डिवाइस पार्क, फार्मा पार्क और टेक्सटाइल हब जैसी योजनाओं ने औद्योगिक विकास को केवल कुछ शहरों तक सीमित नहीं रहने दिया। पूर्वांचल, बुंदेलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी उद्योग स्थापित हुए हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़े हैं और क्षेत्रीय असमानता में कमी आई है। राष्ट्रीय औद्योगिक परिदृश्य में उत्तर प्रदेश आज ठोस परिणामों के साथ अग्रणी प्रदेश के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। प्लग एंड प्ले मॉडल पर जोर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार अब उद्योगों को गति देने के लिए ‘प्लग एंड प्ले’ मॉडल पर विशेष जोर दे रही है। इसके अंतर्गत निवेशकों को पहले दिन से ही तैयार अवसंरचना मिलेगी। यही मॉडल उत्तर प्रदेश को औद्योगिक मामले में अन्य राज्यों से आगे लेकर जाएगी।

अमेरिका में भारतीयों की सुरक्षा पर सवाल: पत्रकार के बयान में मंदिरों और समुदाय को निशाना बनाने की बात

वाशिंगटन अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ बढ़ती नफरत और धमकियों के बीच एक अमेरिकी पत्रकार के बयान ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। दक्षिणपंथी विचारधारा से जुड़े अमेरिकी पत्रकार मैट फॉर्नी ने दावा किया है कि आने वाले साल यानी 2026 में अमेरिका में भारतीयों को निशाना बनाया जाएगा और हिंदू मंदिरों पर हमले हो सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने नस्लवादी और जहरीली टिप्पणी करते हुए कहा कि सभी भारतीयों को अमेरिका से डिपोर्ट कर देना चाहिए। अमेरिकी पत्रकार ने कहा है कि भारतीय-अमेरिकियों की जान बचाने और देश में सौहार्द बनाए रखने के लिए सभी को भारत वापस भेज दिया जाना चाहिए। मैट फॉर्नी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा कि वर्ष 2026 में अमेरिका में भारतीयों के खिलाफ नफरत चरम पर पहुंच सकती है और भारतीय मूल के लोगों, उनके घरों, दुकानों और मंदिरों पर हमले हो सकते हैं। फॉर्नी ने लिखा, "हमें DEI करना चाहिए: हर भारतीय को डिपोर्ट करो।" हालांकि, भारी विरोध के बाद उन्होंने यह पोस्ट हटा ली है। फॉर्नी ने खुद को “अमेरिका में शांति चाहने वाला” बताते हुए यह दावा किया कि भारतीयों को देश से बाहर भेजना ही इस नफरत का समाधान है। उन्होंने अपने पोस्ट में “Deport Every Indian” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया, जिसे भारतीयों के खिलाफ नफरती बयान माना जा रहा है। पहले भी दे चुके हैं भारत विरोधी नफरत भरे बयान मैट फॉर्नी एक अमेरिकी कॉलमनिस्ट, लेखक और पत्रकार हैं, जिनका X जैसी सोशल मीडिया साइट्स पर भारत विरोधी नफरत भरे बयान फैलाने और उन्हें डिपोर्ट करने का आह्वान करने का इतिहास रहा है। उन्हें ऐसी ही हरकत की वजह से एक अमेरिकी मीडिया संस्थान से नौकरी से भी निकाला जा चुका है। हाल ही में उन्होंने एक भारतीय-अमेरिकी महिला अधिकारी की नियुक्ति पर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। विशेषज्ञों और शोध संस्थानों के अनुसार, अमेरिका में खासकर भरतीय मूल के लोगों और H-1B वीजा कार्यक्रम को लेकर हाल के दिनों में नकारात्मक बयानबाजी बढ़ी है। भारतीयों के खिलाफ घृणास्पद पोस्ट बढ़े हैं एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले एक साल में सोशल मीडिया पर भारतीयों के खिलाफ नस्लवादी और घृणास्पद पोस्ट्स की संख्या में तेजी आई है। नवंबर 2025 की CNN रिपोर्ट के अनुसार, सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ ऑर्गनाइज्ड हेट के रिसर्चर्स ने पिछले एक साल में X पर भारत विरोधी भावना में बढ़ोतरी दर्ज की है। रिपोर्ट के अनुसार, सेंटर ने अक्टूबर में भारतीयों और भारतीय-अमेरिकियों के खिलाफ नस्लवाद और ज़ेनोफ़ोबिया को बढ़ावा देने वाली लगभग 2,700 पोस्ट रिकॉर्ड कीं हैं। फॉर्नी की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया फॉर्नी की टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कई लोगों ने इसे हिंसा भड़काने वाला बयान बताया है और अमेरिकी जांच एजेंसियों से कार्रवाई की मांग की है। कुछ यूजर्स ने भारत के विदेश मंत्रालय को भी टैग कर इस मामले में हस्तक्षेप की अपील की है। इस पूरे मामले ने अमेरिका में रहने वाले भारतीय समुदाय की सुरक्षा और बढ़ती नस्लीय नफरत को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।