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पीएम आवास योजना के हितग्राहियों को राहत, हाईकोर्ट के आदेश से घर का सपना हो सकता है पूरा

छिन्दवाड़ा   प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत छिन्दवाड़ा में 6 साल पहले मकान बनाकर देने और फिर प्रोजेक्ट कैंसिल करने के मामले में बड़ा अपडेट है. 6 साल पहले हितग्राहियों से लाखों रुपए लेने के बाद अचानक प्रोजेक्ट कैंसिल कर देने के मामले में हाईकोर्ट के फैसले से हितग्राहियों को बड़ी राहत मिली है. 15 दिन में हितग्राही को मकान करें हैंड ओवर : हाईकोर्ट नगर निगम के पीएम हाउसिंग प्रोजेक्ट को लेकर शुरुआत से मामला सुर्खियों में रहा है. आनंद एसोसिएटस द्वारा बरती गई अनियमितता, खजरी प्रोजेक्ट में पजेशन न मिलने, ईमलीखेड़ा प्रोजेक्ट में साढ़े तीन लाख रु बढ़ाने और परतला प्रोजेक्ट को 6 साल तक काम बंद रखने के बाद अचानक प्रोजेक्ट निरस्त करने के मामले ने तूल पकड़ा था. इधर निगम प्रबंधन परतला प्रोजेक्ट को निजी या अर्धशासकीय एजेंसी को हैंडओवर करने की प्लानिंग कर रहा था, इसी बीच हाईकोर्ट द्वारा खजरी टाउनशिप में एक हितग्राही की याचिका पर अहम फैसला सुनाया है. हाईकोर्ट ने निगम द्वारा जारी किए आवंटन निरस्त के आदेश को रद्द करते हुए हितग्राही को 15 दिनों के अंदर शेष राशि जमा करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके बाद मकान हैंड ओवर करने के आदेश दिए हैं. रेरा नियमों के विरुद्ध आवंटन निरस्त याचिकाकर्ता आरती बघेल ने बताया कि उन्होंने 24 अप्रैल 2023 को याचिका दायर की थी, जिसमें उल्लेख किया था, कि उन्हें आवंटित मकान एमआईजी 31 का आवंटन रदद कर दिया गया है. इसे चुनौती दी गई थी, जिस पर याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने बताया कि रेरा समझौते के तहत बुकिंग के समय पहली किश्त 10 प्रतिशत व कब्जे के समय दूसरी किश्त जमा करना थी. आरती ने निविदा निकलने पर आवेदन दिया व पहली किश्त के रूप में 4 लाख 30 हजार रूपए जमा किए, जिस पर उन्हें एमआईजी 31 आवंटित किया गया. इसके बाद 2 सितंबर 2022 को उन्हें डिमांड नोटिस जारी किया गया, जिसमें शेष राशि 38 लाख 70 हजार जमा करने के लिए कहा गया, जो कि रेरा समझौते के विपरीत है. राशि जमा नहीं करने पर आवंटन रदद करने की धमकी दी गई थी. इसके विपरीत मकान का निर्माण भी पूरा नहीं किया गया, इस वजह से याचिकाकर्ता ने बाकी राशि जमा नहीं की, तो उनका आवंटन 24 अप्रैल 2023 को मनमाने तरीके से रद्द कर दिया गया. याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने रेरा के समझौते के तहत पूर्व में निर्धारित शर्तों को बदलने पर सवाल उठाए, जिसके बाद याचिकाकर्ता को निर्देश दिए गए कि वह शेष राशि को इस आदेश से 15 दिनों की अवधि के अंदर जमा करे और नगर निगम 15 दिनों में उसे मकान दे. इस मामले में नगर निगम कमिश्नर चंद्रप्रकाश राय ने बताया, ''अभी कोर्ट के ऐसे किसी भी आदेश की जानकारी नहीं मिली है. कोर्ट ने अगर फैसला सुनाया है और हमें आदेशित किया जाता है तो कोर्ट के फैसले के अनुसार नगर निगम के एडवोकेट से सलाह लेंगे और उसके बाद ही आगे कुछ कह सकेंगे.'' परतला हितग्राहियों को भी मिला आधार हाईकोर्ट का फैसला पूरे प्रदेश में स्वाभाविक रूप से लागू होता है. ऐसे में परतला हितग्राहियों द्वारा भी शुरुआत में बुकिंग राशि जमा की थी, ऐसे में प्रोजेक्ट पूरा नहीं होने पर व मकान का आवंटन किए जाने के बाद हैंडओवर नहीं किए जाने पर यह फैसला एक बड़ा आधार बन सकता है, जिससे एक बार फिर परतला प्रोजेक्ट में हितग्राहियों को अपना मकान मिलने की उम्मीद नजर आ रही है इमलीखेड़ा,परतला और खजरी में पीएम आवास योजना 2019 में नगर निगम छिंदवाड़ा में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अफॉर्डेबल हाउस सरकारी जमीन पर बनाकर बेचने के लिए टेंडर निकाले थे, जिसमें इमलीखेड़ा में 78 खजरी में 43 और परतला में 23 ड्यूप्लेक्स मकान बनाकर पहले आओ पहले पाओ की योजना के तहत बेच दिए गए थे. इमलीखेड़ा और खजरी प्रोजेक्ट अभी भी अधूरे पड़े हैं लेकिन परतला प्रोजेक्ट को नगर निगम की अनुशंसा पर सरकार ने निरस्त कर दिया है.

कीमती धातुओं के दाम बेकाबू, सोना और चांदी में हुई तेज़ी, 17000 रुपये महंगी हुई रजत

 नई दिल्‍ली  चांदी की कीमत में तेजी का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। हफ्ते के अंतिम दिन यह नए रेकॉर्ड पर पहुंच गई। एमसीएक्स पर इसकी कीमत में 17,000 रुपये से अधिक तेजी आई। कारोबार के दौरान यह 2,42,000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थी और अंत में 2,40,935 रुपये पर बंद हुई। कॉमेक्स पर इसका भाव $79.70 प्रति औंस के नए रेकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। इसके साथ ही चांदी दुनिया की दूसरे सबसे वैल्यूएबल एसेट बनने के करीब पहुंच चुकी है। इसका मार्केट कैप 4.4 ट्रिलियन डॉलर पहुंच चुका है और यह एनवीडिया की वैल्यू को पार करने से मात्र 4.5% दूर है। अगर यह एनवीडिया को पछाड़ती है तो सोने के बाद दुनिया की दूसरी बड़ी एसेट बन जाएगी। शुक्रवार के बंद भाव पर एनवीडिया का मार्केट कैप 4.638 ट्रिलियन डॉलर है और यह दुनिया की सबसे वैल्यूएबल कंपनी है। सोना और चांदी के दाम बेकाबू हो चुके हैं. हर दिन इनकी कीमत तेजी से चढ़ जाती है. रिटेल से लेकर बड़े निवेश भी अब खुलकर इसपर दाव लगा रहे हैं. इस तेजी के साथ ही बड़े-बड़े एक्‍सपर्ट भी ये मान रहे हैं कि सोने-चांदी के दाम (Gold-Silver Rates)  लॉन्‍ग टर्म में ऊपर की ओर जाएंगे. कीमती धातुओं के दाम रुकने वाले नहीं हैं. आए दिन ये धातुएं अपने रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच रही हैं.  अब कल यानी शुक्रवार को ही देखें तो एमसीएक्‍स पर चांदी के भाव में गजब की तेजी रही. कमोडिटी मार्केट में कारोबार बंद होने तक 5 मार्च वायदा के लिए 1 किलो चांदी की कीमत 17145 रुपये चढ़कर 2,40,935 रुपये पर थी. हालांकि चांदी दिन के कारोबार के दौरान 19,000 रुपये चढ़कर 2 लाख 42 हजार रुपये प्रति किलो पहुंच गई थी, जो इसका ऑल टाइम हाई लेवल है.  वहीं सोने की कीमत में भी तेज उछाल देखने को मिली थी. MCX पर कल 5 फरवरी वायदा के लिए 10 ग्राम सोने का भाव 70 रुपये चढ़कर 139940 रुपये पर पहुंच गई, जबकि दिन के कारोबार के दौरान सोने के भाव में करीब 1200 रुपये की उछाल आई थी. सोने ने भी कल अपना ऑल टाइम हाई लेवल टच किया था.  एक सप्‍ताह में ही सोने-चांदी के दाम बेकाबू पिछले एक हफ्ते में ही सोने-चांदी के दाम में गजब की उछाल आई है, जो आम आदमी की पहुंच से बाहर की चीज हो चुकी है. 19 दिसबंर को 10 ग्राम सोने का भाव 1,34,196 रुपये था और आज इसकी कीमत  1.40 लाख रुपये के करीब है. यानी एक सप्‍ताह में ही इसकी कीमत में 6000 रुपये की तेजी आई है. इससे भी ज्‍यादा तेजी चांदी की कीमत में आई है. 19 दिसंबर को चांदी की कीमत 2 लाख 8 हजार रुपये प्रति किलो पर थी, लेकिन इसकी कीमत 2 लाख 40 हजार रुपये हो चुकी है. एक सप्‍ताह में ही इसके दाम में 32 हजार रुपये की उछाल आई है.  क्यों बढ़ रही है डिमांड? चांदी ने 52 सप्ताह के निचले स्तर $27.545 प्रति औंस से लगभग 190% की बढ़ोतरी है। जानकारों का कहना है कि अल्पावधि से मध्यावधि में चांदी की कीमत $100 प्रति औंस तक पहुंचने का अनुमान है। सेफ हेवन की बढ़ती मांग बढ़ती औद्योगिक खपत और लगातार आपूर्ति की कमी के कारण चांदी की कीमत में उछाल आई है। साथ ही सॉलिड-स्टेट बैटरी की मांग भी बढ़ रही है जिसमें चांदी एक मुख्य कच्चा माल है। यह बैटरी केवल 10 मिनट में सेल फोन को पूरी तरह चार्ज कर सकती है। जानकारों का कहना है कि दुनिया में अभी चांदी का उत्पादन करीब 850 मिलियन औंस है जबकि इसकी मांग लगभग 1.16 बिलियन औंस है। सॉलिड-स्टेट बैटरी के अलावा ईवी और सोलर एनर्जी में भी चांदी की डिमांड बढ़ रही है। अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव ने चांदी के पारंपरिक कैरिबियन शिपिंग मार्ग को बाधित कर दिया है। इससे दुनिया के सबसे बड़े सप्लायर पेरू से चांदी का निर्यात प्रभावित हुआ है। यही वजह है कि आने वाले दिनों में चांदी की कीमत में और तेजी आने की उम्मीद है। सोने और चांदी के भाव में क्‍यों आ रही इतनी तेजी?      इंटरनेशनल लेवल पर सोने और चांदी की कीमत अपने रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंच चुकी है. जिस कारण घरेलू बाजार में भी सोने और चांदी के दाम लगातार उछाल पर है.       गोल्‍ड और सिल्‍वर ETF में निवेशकों की संख्‍या तेजी से बढ़ रही है. मार्केट में गिरावट के बीच लोग सोने और चांदी ईटीएफ के माध्‍यम से सेफ निवेश की ओर बढ़ रहे हैं.      डॉलर कमजोर हुआ है और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्‍याज दर में कटौती की उम्‍मीदें बढ़ी है, जिस कारण सोने और चांदी के लिए मांग बढ़ रही है.     इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे सेक्‍टर्स में चांदी की मांग तेजी से बढ़ रही है. इससे इंडस्ट्रियल डिमांड बढ़ा है और निवेशक इसकी तेजी में भाग ले रहे हैं.       राजनीतिक तनाव, तेल बाजार और संघर्ष के कारण निवेशक जोखिम से बचने के लिए सोना-चांदी ज्‍यादा मात्रा में खरीद रहे हैं.     केंद्रीय बैंकों द्वारा भी कीमती धातुएं ज्‍यादा मात्रा में खरीदी जा रही हैं, जिससे इसकी मांग बनी हुई है और दाम ऊपर की ओर चढ़ रहे हैं.  क्‍या करना चाहिए?  एक्सपर्टस का कहना है कि सोने और चांदी की मांग बनी रहेगी, लेकिन शॉर्ट टर्म में इसमें मुनाफावसूली देखी जा सकती है और गिरावट आ सकती है. ऐसे में निवेशकों को सावधानी से पैसे लगाने चाहिए. उनका कहना है कि गोल्‍ड और सिल्‍वर फिजिकल नहीं खरीदकर, ETF के माध्‍यम से हर हफ्ते या महीने में खरीद सकते हैं और धीरे-धीरे करके मोटा पैसा लगा सकते हैं. लॉन्‍ग टर्म में ये आपको ज्‍यादा मुनाफा करा सकता है.   

ED ने पेश की अंतिम चार्जशीट, छत्तीसगढ़ शराब घोटाले के 59 और आरोपी शामिल, ट्रायल की तैयारी

रायपुर  छत्तीसगढ़ के चर्चित कथित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपनी जांच का अंतिम चरण पूरा कर लिया है। लगभग तीन हजार करोड़ रुपये के इस मामले में ईडी ने अदालत के समक्ष अंतिम चालान पेश कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुरूप यह चार्जशीट निर्धारित समय सीमा के भीतर जमा की गई। ईडी द्वारा प्रस्तुत चार्जशीट में करीब 29 हजार 800 से ज्यादा पन्ने शामिल हैं, जिनमें बड़े पैमाने पर दस्तावेज़, लेन-देन के विवरण और डिजिटल साक्ष्य जोड़े गए हैं। इस पूरे मामले में अब तक कुल 81 लोगों को आरोपी बनाया गया है। शुरुआत में 22 व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई हुई थी, जबकि अब 59 और नाम जोड़े गए हैं। इन नए आरोपियों में आईएएस अधिकारी सौम्या चौरसिया, पूर्व आबकारी प्रमुख निरंजन दास, एफएल-10 लाइसेंसधारक व शराब डिस्ट्रीब्यूटर समेत कई आबकारी अधिकारी शामिल बताए गए हैं। ED ने  59 नए आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इसमें सौम्या चौरसिया, निरंजन दास, एफएल-10 लाइसेंस धारक, डिस्टिलर्स और आबकारी अधिकारी शामिल हैं। इस घोटाले में अब तक कुल 81 लोगों को आरोपी बनाया गया है। पहले 22 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट सबमिट की गई थी। ईडी के वकील सौरभ पांडे के मुताबिक, 315 पन्नों की विस्तृत प्रॉसिक्यूशन समरी तैयार की गई है। इसमें बैंकिंग ट्रांजैक्शन, डिजिटल चैट्स, संपर्कों के विवरण और कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी गतिविधियों के प्रमाण जोड़े गए हैं। उनका कहना है कि जांच में यह सामने आया कि घोटाले की कार्यप्रणाली को व्यवस्थित तरीके से लागू करने के लिए पद नियुक्तियाँ तक प्रभावित की गईं। 80 से ज्यादा आरोपी चार्जशीट के दायरे में इस अंतिम चालान में 81 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें पूर्व अधिकारी-कारोबारी, शराब सिंडिकेट से जुड़े लोग और कथित तौर पर लाभ पहुंचाने वाले अन्य लोग शामिल बताए जा रहे हैं। चार्जशीट में मनी लॉन्ड्रिंग, अवैध वसूली, सरकारी तंत्र के दुरुपयोग और शराब कारोबार में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों का विस्तृत ब्यौरा दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर पेश हुआ चालान यह चार्जशीट सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार समय पर दाखिल की गई है और इसमें डिजिटल सबूत, बैंक ट्रांजैक्शन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, संपत्ति दस्तावेज और गवाहों के बयान शामिल हैं। चार्जशीट पेश होने के बाद अब ट्रायल होगा शुरू अंतिम चार्जशीट पेश होने के बाद अब कोर्ट ट्रायल शुरू करेगा। आरोपियों को चार्ज फ्रेम किए जाएंगे और उसके बाद गवाहों के बयान और सबूतों की सुनवाई होगी। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, चार्जशीट की लंबाई और आरोपियों की संख्या के कारण यह केस लंबा और जटिल हो सकता है। ईडी ने अदालत को बताया कि आबकारी विभाग में पूर्व पदस्थ अधिकारी की जगह निरंजन दास को इसलिए बैठाया गया क्योंकि वे कथित तौर पर इस अवैध सिस्टम को सहजता से चलाने के लिए ‘अनुकूल’ माने गए। उनके कार्यकाल में किसी तरह की सख्त कार्रवाई न होने से यह कथित तंत्र लगातार संचालित होता रहा। चार्जशीट दाख़िल होने के साथ ही मामला अब अदालत की प्रक्रिया में प्रवेश कर चुका है। ईडी का कहना है कि अपराध से अर्जित संपत्तियों का विवरण भी संबंधित प्राधिकरणों को भेजा गया है। आने वाले समय में इस हाई-प्रोफाइल केस पर अदालत में विस्तृत सुनवाई शुरू होगी।   चैतन्य बघेल के खिलाफ रायपुर कोर्ट में सप्लीमेंट्री चार्जशीट पेश इससे पहले 22 दिसंबर सोमवार को छत्तीसगढ़ शराब घोटाला केस में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने रायपुर की स्पेशल कोर्ट में पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल के खिलाफ करीब 3800 पन्नों की चार्जशीट पेश की है। यह इस प्रकरण में 8वीं चार्जशीट है। EOW ने चार्जशीट में दावा किया है कि चैतन्य बघेल को घोटाले से 200-250 करोड़ रुपए मिले हैं। EOW ने चार्जशीट में दावा किया है कि सिंडिकेट के माध्यम से अवैध उगाही की राशि का एक बड़ा हिस्सा सीधे तौर पर चैतन्य बघेल से जुड़ा है। घोटाले में चैतन्य बघेल की सीधे संलिप्तता है। जांच में चैतन्य बघेल की भूमिका तत्कालीन समय में आबकारी विभाग में वसूली तंत्र (सिंडिकेट) को खड़ा करने और संरक्षक के रूप में पाई गई है। शराब घोटाला केस…सौम्या चौरसिया को ED ने किया गिरफ्तार वहीं इस मामले में ED ने 16 दिसंबर मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की डिप्टी सेक्रेटरी रही सौम्या चौरसिया को गिरफ्तार कर लिया है। ईडी के मुताबिक, पिछली सरकार के दौरान राज्य में हुए कई घोटालों में पैसों के मैनेजमेंट में उनकी अहम भूमिका रही। ED ने पप्पू बंसल उर्फ लक्ष्मी नारायण अग्रवाल, तांत्रिक केके श्रीवास्तव और कारोबारी अनवर ढेबर के होटल मैनेजर दीपेन चावड़ा के बयान के आधार पर सौम्या चौरसिया को गिरफ्तार किया। ED को सौम्या, रिटायर्ड IAS अनिल टुटेजा और अनवर ढेबर-चैतन्य बघेल के बीच हुई चैट्स में कई अहम सबूत भी मिले हैं। ED का दावा है कि सौम्या लीकर स्कैम नेटवर्क में को-ऑर्डिनेटर की भूमिका निभा रही थीं। घोटाले से उन्हें करीब 100 करोड़ रुपए मिलने की जानकारी है। अब जानिए क्या है छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ED जांच कर रही है। शराब घोटाला मामले में ED ने ACB में FIR दर्ज कराई है। जिसमें 3200 करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले की बात कही गई है। ED ने अपनी जांच में पाया कि, तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दिया गया था। इस घोटाले में राजनेता, आबकारी विभाग के अधिकारी, कारोबारी सहित कई लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज है। A, B और C कैटेगरी में बांटकर किया गया घोटाला A: डिस्टलरी संचालकों से कमीशन 2019 में डिस्टलरी संचालकों से प्रति पेटी 75 रुपए और बाद के सालों में 100 रुपए कमीशन लिया जाता था। कमीशन को देने में डिस्टलरी संचालकों को नुकसान ना हो, इसलिए नए टेंडर में शराब की कीमतों को बढ़ाया गया। साथ ही फर्म में सामान खरीदी करने के लिए ओवर बिलिंग करने की राहत दी गई। B: नकली होलोग्राम वाली शराब को सरकारी दुकानों से बिकवाना     डिस्टलरी मालिक से ज्यादा शराब बनवाई। नकली होलोग्राम लगाकर सरकारी दुकानों से बिक्री करवाई गई। नकली होलोग्राम मिलने में आसानी हो, इसलिए एपी त्रिपाठी … Read more

हिंदुओं की रक्षा नहीं हुई तो आंदोलन तय, बांग्लादेशी प्रशासन को चेताया गया

कोलकाता बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर बढ़ते अत्याचारों, विशेष रूप से हालिया लिंचिंग की घटनाओं के खिलाफ भारत के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन जारी हैं। पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में गुरुवार को बांगिया हिंदू महामंच ने बड़ा प्रदर्शन किया, जबकि कोलकाता और गुवाहाटी में शुक्रवार को हजारों लोग सड़कों पर उतरे। इन प्रदर्शनों में बांग्लादेशी अधिकारियों पर दबाव बनाने और हिंदुओं की सुरक्षा की मांग की जा रही है। सिलीगुड़ी में बांगिया हिंदू महामंच के अध्यक्ष बिक्रमादित्य मंडल ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा- बांग्लादेश में हिंदुओं को जिस तरह लिंच किया जा रहा है, उसके खिलाफ हम प्रदर्शन कर रहे हैं। हमने पहले ही वीजा कार्यालय बंद करवा दिया है। अगर बांग्लादेश में हिंदुओं की रक्षा नहीं हुई, तो हम यहां बांग्लादेशी अधिकारियों को शांतिपूर्वक रहने नहीं देंगे। हम उन्हें प्रताड़ित नहीं करेंगे, लेकिन उनके काम नहीं करने देंगे और सुनिश्चित करेंगे कि वे अपने देश वापस चले जाएं। ये प्रदर्शन मुख्य रूप से बांग्लादेश के मायमनसिंह जिले में 18 दिसंबर को हुई दीपू चंद्र दास (27 वर्ष) की लिंचिंग से ट्रिगर हुए हैं। दीपू चंद्र दास नामक हिंदू युवक पर कथित ईशनिंदा का आरोप लगाकर भीड़ ने उन्हें पीटा, पेड़ से लटकाया और शरीर को आग लगा दी। इसके अलावा, हाल ही में एक अन्य हिंदू युवक अमृत मंडल की हत्या की खबरें भी सामने आई हैं। इन घटनाओं ने भारत में भारी राजनीतिक विवाद पैदा कर दिया है। पश्चिम बंगाल और असम में प्रदर्शन तेज हो गए हैं। कोलकाता में शुक्रवार को हजारों भगवा वस्त्र धारण किए हिंदू कार्यकर्ता बांग्लादेश डिप्टी हाई कमीशन के बाहर जमा हुए। भाजपा नेता एवं पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी कमीशन परिसर में घुस गए और अधिकारियों से बात की। उन्होंने हिंदुओं पर अत्याचार रोकने की मांग की। असम के गुवाहाटी में भी बंगाली यूनाइटेड फोरम ने बांग्लादेश असिस्टेंट हाई कमीशन के बाहर प्रदर्शन किया। इससे पहले दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद में भी विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल जैसे संगठनों ने प्रदर्शन किए। सिलीगुड़ी में वीजा सेंटर में तोड़फोड़ की घटनाएं भी हुईं, जिसके बाद बांग्लादेश ने भारत के राजदूत को तलब किया था। भारत की ओर से प्रतिक्रिया विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हिंसा पर चिंता जताई। उन्होंने कहा- भारत बांग्लादेश के लोगों से निकट और मित्रतापूर्ण संबंध चाहता है, जो मुक्ति संग्राम में जड़े हुए हैं और विकास एवं जन-जन के प्रयासों से मजबूत हुए हैं। बांग्लादेश में हो रहे राजनीतिक बदलावों, जैसे बीएनपी नेता तारिक रहमान की 17 वर्ष बाद वापसी और शेख हसीना की अवामी लीग पर प्रतिबंध के संदर्भ में जायसवाल ने कहा- हम बांग्लादेश में शांति और स्थिरता के पक्षधर हैं। हम लगातार स्वतंत्र, निष्पक्ष, समावेशी और भागीदारीपूर्ण चुनावों की मांग करते रहे हैं। बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस ने दीपू चंद्र दास मामले में 10 गिरफ्तारियां होने की जानकारी दी थी, लेकिन भारत में प्रदर्शनकारियों का मानना है कि अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए और कड़े कदम उठाने की जरूरत है। स्वतंत्र रिपोर्ट्स के अनुसार, यूनुस सरकार के कार्यकाल में अल्पसंख्यकों पर 2,900 से अधिक हिंसा की घटनाएं दर्ज की गई हैं।

बर्थडे पार्टी के बाद आफ्टर पार्टी का झांसा: उदयपुर मामले में महिला मैनेजर के साथ गंभीर अपराध का आरोप

 उदयपुर  पहले होटल में सीईओ का जन्मदिन मनाया गया. केक कटा, जश्न हुआ और देर रात तक पार्टी चली. इसी जश्न के बीच ‘आफ्टर पार्टी’ का न्योता भी दिया गया, जिसे सामान्य औपचारिकता माना गया. किसी को अंदाजा नहीं था कि यही आफ्टर पार्टी एक महिला मैनेजर की जिंदगी का सबसे भयावह कहानी बन जाएगी. पार्टी खत्म होने के बाद जब महिला मैनेजर को घर छोड़ने की बात आई, तो उसे कार में बैठाया गया. उस कार में पहले से कंपनी का सीईओ और महिला एग्जीक्यूटिव हेड का पति मौजूद थे. भरोसे और पद की आड़ में यह सफर आगे बढ़ा. आफ्टर पार्टी के नाम पर रास्ते में स्मोक खरीदा गया, कार में सभी ने स्मोक किया और इसके बाद ऐसी घटनाएं हुईं, उसे जिसने भी सुना वह दंग रह गया. अब इसी मामले में गैंगरेप का मुकदमा दर्ज हो चुका है. पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें चार दिन की पुलिस रिमांड पर सौंपा गया है. उदयपुर के सुखेर थाना क्षेत्र से सामने आया यह मामला ‘आफ्टर पार्टी’ जैसे शब्दों के पीछे छिपे खतरनाक सच को उजागर करता है. FIR में क्या-क्या दर्ज? एफआईआर के मुताबिक, पीड़िता एक निजी कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत है. 20 दिसंबर को कंपनी के सीईओ की बर्थडे और न्यू ईयर पार्टी का आयोजन शोभागपुरा स्थित एक होटल में किया गया था. पीड़िता रात करीब 9 बजे पार्टी में पहुंची. पार्टी देर रात तक चली और करीब 1:30 बजे कार्यक्रम औपचारिक रूप से समाप्त हुआ. पार्टी में कंपनी के सीईओ के साथ महिला एग्जीक्यूटिव हेड और उसका पति भी मौजूद थे. पीड़िता ने पुलिस को बताया कि पार्टी के दौरान देर रात उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और वह बेहोशी जैसी हालत में आ गई. इसी बीच कुछ लोग उसे घर छोड़ने की बात करने लगे, लेकिन तभी महिला एग्जीक्यूटिव हेड ने ‘आफ्टर पार्टी’ का प्रस्ताव रखा और उसे उसमें शामिल होने के लिए कहा. ‘आफ्टर पार्टी’ का न्योता और आगे की कहानी एफआईआर के अनुसार, रात करीब 1:45 बजे पीड़िता को कार में बिठाया गया. कार में पहले से ही सीईओ और महिला एग्जीक्यूटिव हेड का पति मौजूद था. तीनों ने उसे घर छोड़ने का भरोसा दिलाया. रास्ते में एक दुकान से स्मोकिंग सामग्री खरीदी गई और पीड़िता को भी स्मोक करने के लिए कहा गया. स्मोकिंग के बाद उसकी हालत और बिगड़ गई और वह पूरी तरह बेसुध हो गई. कुछ देर बाद जब पीड़िता को होश आया तो उसने आरोप लगाया कि सीईओ उसके साथ छेड़छाड़ कर रहा था. इसके बाद सीईओ, महिला एग्जीक्यूटिव हेड और उसके पति ने मिलकर उसके साथ दुष्कर्म किया. पीड़िता के मुताबिक, वह लगातार खुद को बचाने और घर छोड़ने की गुहार लगाती रही, लेकिन आरोपियों ने उसकी एक नहीं सुनी. सुबह तक चला सिलसिला पीड़िता ने पुलिस को बताया कि तड़के करीब 5 बजे उसे घर छोड़ा गया. घर पहुंचने पर भी वह पूरी तरह सामान्य नहीं थी. जब उसे पूरी तरह होश आया तो उसने पाया कि उसका एक इयरिंग, मोजे और अंडर गारमेंट्स गायब थे. उसके प्राइवेट पार्ट पर चोट के निशान थे, जिससे उसकी हालत और बिगड़ गई. मानसिक और शारीरिक रूप से टूट चुकी पीड़िता ने बाद में हिम्मत जुटाकर पुलिस का रुख किया. कार के डैशकैम ने खोले राज इस मामले में एक अहम मोड़ तब आया, जब पीड़िता और जांच एजेंसियों ने कार के डैशकैम के ऑडियो-वीडियो फुटेज की जांच की. एफआईआर के अनुसार, जांच में सामने आया कि कार में हुई पूरी घटना डैशकैम में रिकॉर्ड हो गई थी. फुटेज में सीईओ, महिला एग्जीक्यूटिव हेड और उसके पति की गतिविधियां कैद होने का दावा किया गया है. यही फुटेज जांच के लिए अहम सबूत माने जा रहे हैं. पुलिस की कार्रवाई सुखेर थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज होने के बाद त्वरित कार्रवाई की. पुलिस के अनुसार, प्राथमिक जांच और उपलब्ध सबूतों के आधार पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया. अदालत ने आरोपियों को चार दिन के पुलिस रिमांड पर सौंप दिया है. पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर घटना के हर पहलू की गहन जांच कर रही है, जिसमें होटल पार्टी, आफ्टर पार्टी, कार की लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्य शामिल हैं. आफ्टर पार्टी क्या होती है? इस पूरे मामले के बाद ‘आफ्टर पार्टी’ शब्द चर्चा के केंद्र में आ गया है. आम तौर पर आफ्टर पार्टी का मतलब किसी मुख्य कार्यक्रम या इवेंट के खत्म होने के बाद होने वाली दूसरी, अनौपचारिक पार्टी से होता है. आसान भाषा में समझें तो जन्मदिन, कॉन्सर्ट या किसी बड़े शो  के बाद जब कुछ करीबी लोग आपस में आराम से मिलते हैं. यहां भी खाना-पीना, संगीत, बातचीत या हल्की-फुल्की मस्ती होती है. लेकिन इस मामले में आरोप है कि इसी आफ्टर पार्टी के बहाने पीड़िता को एक ऐसी स्थिति में ले जाया गया, जहां उसके साथ गंभीर अपराध किया गया.

पचमढ़ी से भी ठंडा भोपाल, राजगढ़ में बर्फीली ठंड, ट्रेनों की रफ्तार थमी

भोपाल   मध्यप्रदेश में काड़के की ठंड का सितम जारी है. प्रदेश के कई जिलों में शुक्रवार और शनिवार की रात तापमान में गिरावट दर्ज की गई. 29 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे लुढ़क गया. राजधानी भोपाल, नौगांव और उमरिया हिल स्टेशन पचमढ़ी से भी ज्यादा ठंडे रहे. वहीं घने कोहरे ने भी लोगों की परेशानियां बढ़ा दी है. विजिबिलिटी कम होने के कारण कई ट्रेनें निर्धारित समय से देरी से चल रही है.  शुक्रवार और शनिवार की रात में राजधानी भोपाल का तापमान 4.6 डिग्री दर्ज किया, जबकि उमरिया में पारा 4.7 डिग्री तक गिर गया. पचमढ़ी हिल स्टेशन में न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री रहा. वहीं प्रदेश का सबसे ठंडा शहर राजगढ़ रहा, जहां का तापमान 3.8 डिग्री तक पहुंच गया. मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी ठंड बढ़ने और कई क्षेत्रों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना जताई है. मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर जारी है। शुक्रवार-शनिवार की रात में प्रदेश के कई जिलों में पारे में खासी गिरावट देखने को मिली। भोपाल, नौगांव और उमरिया हिल स्टेशन पचमढ़ी से भी ठंडे रहे। भोपाल-नौगांव में 4.6 डिग्री और उमरिया में तापमान 4.7 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि पचमढ़ी में पारा 4.8 डिग्री रहा। दूसरी ओर, राजगढ़ प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रहा। यहां पारा रिकॉर्ड 3.8 डिग्री पर पहुंच गया। बड़े शहरों में इंदौर में 6.2 डिग्री, ग्वालियर में 6.7 डिग्री, उज्जैन में 7.3 डिग्री और जबलपुर में 7.4 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, खजुराहो, रीवा, रायसेन, शिवपुरी, दमोह, मंडला, दतिया, सतना, गुना, श्योपुर, धार, रतलाम समेत करीब 25 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। कोहरे की वजह से ट्रेनें आ रही लेट शुक्रवार सुबह भोपाल, मंडला, रीवा, सतना, पचमढ़ी, दतिया, धार, गुना, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, खजुराहो, नौगांव, अशोकनगर, झाबुआ, खंडवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शाजापुर, सीहोर समेत कई जिलों में कोहरे का असर रहा। इस वजह से दिल्ली से भोपाल, इंदौर-उज्जैन की तरफ आने वाली ट्रेनें अपने निर्धारित समय से काफी लेट हो गईं। ऐसा ही असर शनिवार सुबह भी देखने को मिल रहा है। ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में कोहरा छाया हुआ है। कोहरे और ठंड की वजह से आम जनजीवन पर भी असर पड़ रहा है। सुबह लोग अलाव जलाते हुए नजर आ रहे हैं। ये ट्रेनें चल रही घंटों लेट ट्रेन  ट्रेनें कितनी देरी से चल रही  पंजाब मेल 2 घंटा 20 मिनट शताब्दी एक्सप्रेस 20 मिनट यशवंतपुर कनार्टका एक्सप्रेस 40 मिनट झेलम एक्सप्रेस 7 घंटे 10 मिनट सचखंड एक्सप्रेस 10 घंटे

क्रिकेट और विवाद: उज्जैन संतों ने IPL में बांग्लादेशी खिलाड़ियों के खेलने पर जताई आपत्ति

उज्जैन  बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार और दो हिन्दुओं की हत्या पर भारत में भी बांग्लादेश के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। देश के कई शहरों में हिंदूवादी संगठन लगातार बांग्लादेश के खिलाफ प्रदर्शन कर उसे सबक सिखाने।  इधर, IPL 2026 के लिए खरीदे गए एकमात्र बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान का के विरोध में उज्जैन के साधु-संत भी मैदान में उतर गए हैं। रहमान को KKR ने 9.2 करोड़ की बोली लगाकर खरीदा है। सड़कों में विरोध की चेतावनी दरअसल, बांग्लादेश के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन के बीच उज्जैन में साधु-संत भी अब मुखर हो गए हैं। उन्होंने भी बांग्लादेश के खिलाफ मोर्चा खोलकर आगामी IPL टूर्नामेंट में किसी भी बांग्लादेशी खिलाड़ी को नहीं खिलाने की चेतावनी दी है। संतों ने कहा की हमारे एक राज्य से भी छोटा देश हमें आंख दिखा रहा है। क्रिकेट के नाम पर हम उनकी झोली भरे ये नहीं चलेगा। जैसे पहले पाकिस्तान टीम का विरोध करते हुए बाला साहेब ठाकरे ने पिच खोदकर मैच रुकवाया था। वैसा ही इस बार नागा साधु संतो की टोली करेगी। संतो ने कहा की किसी भी बांग्लादेशी खिलाडी को खिलाया तो संत सड़कों पर प्रदर्शन करेंगे। और मैच के दौरान हंगामा करेंगे। पिच उखाड़कर फेकेंगे ऋणमुक्तेश्वर मंदिर के गादीपति महावीर नाथ ने कहा- बांग्लादेश के खिलाड़ी आईपीएल खेलने आए तो साधु समाज अब पिच उखाड़ने का काम करेगा। मैच के दौरान हंगामा करेंगे, हम अपनी भाषा में समझायेंगे। आईपीएल में करोड़ों रुपए देकर बांग्लादेश के खिलाडी को खरीदा जा रहा है। इनका बहिष्कार हो, उनको यहां से भगाया जाए। जिस तरह से पाकिस्तान के मैच के दौरान बाला साहेब ठाकरे ने पिच उखाड़ी थी उसी तरह हम नागा साधु भी एकत्रित होकर पिच उखाड़कर हंगामा करेंगे और खेलने नहीं देंगे। पीएम से एक्शन लेने की मांग रामादल अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रामेश्वर दास ने कहा बांग्लादेश हमारे एक राज्य से भी छोटा है, जहां हिन्दुओं को जलाया जा रहा है। पीएम को एक्शन लेना चाहिए। सरेआम उपद्रव कर रहे है। हिन्दुस्तान में क्रिकेटर की कमी है क्या, ऐसा करेंगे तो इनकी टीम खत्म करना चाहिए। महंत विशाल दास ने कहा कि देश के उद्योगपति भारत के खिलाड़ियों को प्रमोट करने की जगह बांग्लादेश के खिलाड़ियों को खिला रहे है। ऐसे लोगों पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। आईपीएल में बांग्लादेश के खिलाड़ियों को खरीद रहे है। अखिल भारतीय संत समिति उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे जो इनको खिला रहे। बांग्लादेश के साथ कोई मैच नहीं खेला जाना चाहिए।  

रायपुर: सीएम विष्णुदेव साय की अगुवाई में जशपुर उभरा पावर हब के रूप में

रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर बना पावर हब दो वर्षों में विद्युत ढांचे को मिली ऐतिहासिक मजबूती, प्रदेश का पांचवां 400/220 केवी उपकेंद्र हर्राडांड में स्वीकृत रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के दूरदर्शी और जनहितकारी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के विद्युत अधोसंरचना क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति दर्ज की जा रही है। बीते दो वर्षों में जशपुर जिला बिजली ढांचे के सशक्तिकरण की दृष्टि से एक पावर हब के रूप में उभरकर सामने आया है। राज्य सरकार द्वारा लिए गए रणनीतिक और दीर्घकालिक निर्णयों के परिणामस्वरूप जिले में बिजली उत्पादन, पारेषण और वितरण व्यवस्था को नई मजबूती मिली है, जिससे शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है। साय सरकार ने जशपुर जिले के हर्राडांड में प्रदेश के पांचवें 400/220 केवी उच्च क्षमता वाले विद्युत उपकेंद्र की स्थापना को स्वीकृति प्रदान की है। निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद इस परियोजना का निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। यह उपकेंद्र न केवल जशपुर बल्कि पूरे सरगुजा संभाग के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सिद्ध होगा और क्षेत्रीय विद्युत आपूर्ति को सुदृढ़ बनाएगा। इसके साथ ही फरसाबहार एवं झिक्की-बगीचा में 132/33 केवी विद्युत उपकेंद्रों की स्थापना को भी मंजूरी दी गई है, जिससे बढ़ते विद्युत भार का संतुलन बेहतर ढंग से किया जा सकेगा। वहीं जिले के सलिहाटोली, विपतपुर, भगोरा, समडमा, मैनी, रेड़े (पथलगांव), पालीडीह, खुटेरा एवं चेटवा में 33/11 केवी विद्युत सब-स्टेशनों के निर्माण हेतु करोड़ों रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। इन सभी परियोजनाओं के लिए आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण की जा रही हैं और जल्द ही निर्माण कार्य प्रारंभ होगा। कुनकुरी को मिला मिनी डिपो स्टोर, विद्युत व्यवस्था में आई गति मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर कुनकुरी विकासखंड में उप-क्षेत्रीय भंडार (मिनी डिपो स्टोर) की स्थापना को स्वीकृति दी गई है। इसके संचालन में आने से अब जले या खराब वितरण ट्रांसफार्मरों के प्रतिस्थापन के लिए विश्रामपुर और सूरजपुर जैसे दूरस्थ भंडारों पर निर्भरता समाप्त हो गई है। इससे समय और लागत दोनों की बचत हो रही है तथा विद्युत आपूर्ति शीघ्र बहाल की जा रही है। प्रशासनिक ढांचे को भी मिली मजबूती जिले में विद्युत प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से कुनकुरी में वृत्त कार्यालय, संभागीय कार्यालय, एसटीएम संभागीय कार्यालय, सतर्कता संभागीय कार्यालय, वितरण भंडार, तपकरा उप-संभागीय कार्यालय तथा वितरण केंद्र कुनकुरी की स्थापना की गई है। इन कार्यालयों के संचालन से निगरानी, रखरखाव और उपभोक्ता सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। 117 नए ट्रांसफार्मर स्थापित, लो वोल्टेज की समस्या से राहत ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में वर्षों से चली आ रही लो वोल्टेज की समस्या के समाधान के लिए 117 नए अतिरिक्त ट्रांसफार्मर स्थापित किए जा चुके हैं। इससे किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली मिल रही है, वहीं घरेलू उपभोक्ताओं, व्यापारियों और लघु उद्योगों को भी स्थिर विद्युत आपूर्ति का लाभ मिल रहा है। बिजली से विकास को मिली नई रफ्तार जिलेवासियों का कहना है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर को मिली विद्युत सौगातों से न केवल बिजली व्यवस्था मजबूत हुई है, बल्कि कृषि, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग जैसे क्षेत्रों में भी विकास को नई गति मिली है। निर्बाध बिजली आपूर्ति से आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। निस्संदेह, साय सरकार की ये पहलें जशपुर को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाते हुए राज्य के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

शहर के बीचोंबीच फिर हादसा: भोपाल मार्केट में बारूद फटा, घंटों चला रेस्क्यू

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के पुल पातरा इलाके में स्थित टिंबर मार्केट में शनिवार तड़के लगभग पौने 3 बजे भीषण आग लग गई। आग पहले एक फर्नीचर की दुकान में लगी और देखते ही देखते फैलकर आरा मशीन तक पहुंच गई। विकराल रुप से लगी आग ने फर्नीचर-आरा मशीन समेत तीन जगहों काे अपनी चपेट में ले लिया। आग लगने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना के बाद माैके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम आग बुझाने के प्रयास में जुट गई। राजधानी भोपाल के ऐशबाग इलाके में पात्रा नाले के पास स्थित भोपाल डेकोरेटर के शोरूम और गोदाम में देर रात देर रात 3:00 बजे भीषण आग लग गई। हादसे में चार लोग गंभीर रूप से झलस गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की दमकल मौके पर पहुंचीं और आग बुझाना शुरू कर दिया। आज यानी शनिवार को सुबह तक आग पर काबू पाया जा सका। टिंबर में (आरा मशीन) में यह दूसरी बार आग लगी है। इससे पहले भी यहां एक अन्य आरा मशीन में आग लग गई थी। पुलिस के अनुसार, आग सबसे पहले एक फर्नीचर दुकान में लगी, जो बढ़कर आरा मशीन तक पहुंच गई। देखते ही देखते आग ने फर्नीचर-आरा मशीन समेत तीन जगहों अपनी चपेट में ले लिया। आग बुझाने के दौरान आरा मशीन की दीवार गिर गई। जिससे दो कर्मचारियों समेत समेत 4 लोग घायल हो गए। भोपाल डेकोरेशन और आरा मशीन अंजुम भाई की बताई जा रही है। जिस जगह आग लगी उसके ठीक पीछे रेलवे ट्रैक है। आग इतनी भीषण थी कि लोहे की टिन तक पिघल गई भोपाल डेकोरेटर शोरूम मेन रोड पर ही है। इससे सटी हुई आरा मशीन है। तड़के 2.45 बजे सबसे पहले शोरूम में आग लगी और देखते ही देखते आरा मशीन को चपेट में ले लिया। शुरुआती एक घंटे तक आग इतनी भीषण थी कि लोहे की टिन तक पिघल गई। धीरे-धीरे आग पिछले हिस्से तक पहुंच गई। इस वजह से आग बुझाने में 4 घंटे से ज्यादा समय लग गया। आग बुझाने में लगे कर्मचारी, अचानक गिर गई दीवार आरा मशीन के मुख्य गेट से आग बुझाने का काम चल रहा था। इसमें आरा मशीन के कर्मचारी और राहगीर भी जुटे हुए थे। तभी अचानक आरा मशीन के मुख्य गेट पर पक्की दीवार गिर गई। इस वजह से जावेद, जुनैद समेत चार लोग घायल हो गए। उन्हें तुरंत पहले प्राइवेट हॉस्पिटल में ले जाया गया। जहां से हमीदिया अस्पताल रेफर कर दिया गया। 50 फीट ऊपर उठी आग की लपटें, दूर तक दिखा धुआं प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग की लपटें 50 फीट तक ऊपर उठ गईं। धुआं कई किलोमीटर दूर से दिखाई दे रहा था। अगर समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो आसपास की आरा मशीनें भी चपेट में आ सकती थीं। शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका, वजह साफ नहीं आग लगने का कारण अभी तक सामने नहीं आया है। हालांकि, इलाके के कुछ लोग आशंका जता रहे हैं कि शॉर्ट सर्किट से आग लगी। आग के कारण पात्रा पुल की तरफ आने वाली मुख्य सड़क को भारत टॉकीज और बोगदा पुल के पास से बंद कर दिया गया था। साथ ही इलाके की बिजली भी बंद कर दी गई थी। दोनों ओर पुलिसकर्मी तैनात रहे। इधर आग लगी, उधर 50 मीटर दूर गुजरती रही ट्रेनें खास बात ये है कि जिस जगह आग लगी वो रेलवे ट्रैक से लगी है। रेलवे ट्रैक यहां के बमुश्किल 50 मीटर की दूरी पर ही है। ऐसे में आग लगने के दौरान यहां से कई ट्रेनें गुजरीं। हालांकि, इससे रेल यातायात प्रभावित नहीं हुआ। डेढ़ महीने पहले भी लगी थी आग…गुजरती रही ट्रेनें इससे पहले 9 नवंबर को भी इसी टिंबर मार्केट में आग लगी थी। एक टॉल में लगी इस आग ने 5 से 6 टाल को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी भीषण थी कि काफी दूर से ही लपटें और धुएं के गुबार नजर आ रहे थे। दमकल की करीब 40 गाड़ियां मौके पर पहुंची। टीम ने करीब 3 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि इसके बाद भी आग धधकती रही। कई जगहों पर धुआं उठता नजर आया। जिसे दमकलकर्मियों ने देर रात तक पूरी तरह बुझा लिया। डेढ़ साल से कवायद, टिंबर मार्केट शिफ्ट नहीं हो सका भोपाल शहर के बीचों-बीच टिंबर मार्केट न सिर्फ मेट्रो के अंडरग्राउंड रूट के लिए बड़ी अड़चन बना है, बल्कि 'बारूद' के ढेर जैसा है। इसकी शिफ्टिंग के लिए डेढ़ साल से कवायद हो रही है। 18 एकड़ जमीन और 5.85 करोड़ रुपए भी दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक टिंबर मार्केट शिफ्ट नहीं हो सका है। पात्रा पुल इलाके में स्थित इसी 108 आरा मशीनों वाले टिंबर मार्केट में दो महीने बाद फिर शनिवार सुबह आग लगी। मौके पर पहुंचीं 22 दमकल नगर निगम के बैरागढ़, फतेहगढ़, कबाड़खाना, माता मंदिर, कोलार फायर स्टेशन के अलावा भेल, पुलिस के 22 दमकल वाहन आग बुझाने में जुटे रहे। पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। लोहे की टिन तक पिघल गई भोपाल डेकोरेटर शोरूम मेन रोड पर ही है। इससे सटी हुई आरा मशीन है। तड़के सबसे पहले शोरूम में आग लगी और देखते ही देखते आरा मशीन को चपेट में ले लिया। शुरुआती एक घंटे तक आग इतनी भीषण थी कि लोहे की टिन तक पिघल गई। धीरे-धीरे आग पिछले हिस्से तक पहुंच गई। इस वजह से आग बुझाने में 4 घंटे से ज्यादा समय लग गया। भरभरा कर गिर गई दीवार आरा मशीन के मुख्य गेट से आग बुझाने का काम चल रहा था। इसमें आरा मशीन के कर्मचारी और राहगीर भी जुटे हुए थे। तभी अचानक आरा मशीन के मुख्य गेट पर पक्की दीवार गिर गई। इस वजह से जावेद, जुनैद समेत चार लोग घायल हो गए। उन्हें तुरंत पहले हॉस्पिटल में ले जाया गया। जहां से हमीदिया अस्पताल रेफर कर दिया गया। आग की लपटें दूर तक दिखीं आग की लपटें 50 फीट तक ऊपर उठ गईं। धुआं कई किलोमीटर दूर से दिखाई दे रहा था। अगर समय … Read more

माघ मेला : मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश, मुख्य स्नान पर्वों पर कोई वीआईपी प्रोटोकॉल नहीं

माघ मेला केवल आयोजन नहीं, सनातन परंपरा और प्रशासनिक दक्षता का जीवंत प्रतीक: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश, मुख्य स्नान पर्वों पर कोई वीआईपी प्रोटोकॉल नहीं 31 दिसम्बर तक सारी तैयारियां पूरी कर लें, संबंधित प्रमुख सचिव/सचिव और एडीजी एलओ 31 दिसम्बर को मौके पर जाकर करें समीक्षा: मुख्यमंत्री 44 दिनों तक चलेगा माघ मेला-2026, 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना इस वर्ष मेला क्षेत्र 800 हेक्टेयर तक विस्तारित, घाटों की लंबाई में 50% वृद्धि अब तक 4599 संस्थाओं को भूमि  आवंटन पूरा एआई आधारित सर्विलांस और रीयल टाइम मॉनिटरिंग से होगा भीड़ व सुरक्षा प्रबंधन माघ मेला-2026 में पहली बार ऐप आधारित बाइक टैक्सी, क्यूआर कोड और हाई-टेक नवाचार स्वच्छता पर विशेष फोकस: सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध, 16,650 शौचालय, 3300 सफाई मित्र 24×7 होंगे तैनात अफवाह फैलाने वालों पर हो सख्ती, ट्रैफिक और क्राउड मैनेजमेंट के लिए बनाएं बहुस्तरीय योजना: मुख्यमंत्री माघ मेला बनेगा ज़ीरो लिक्विड डिस्चार्ज मॉडल, नदियों की पवित्रता सर्वोपरि 19वीं-20वीं शताब्दी के माघ मेलों के लोक अभिलेख और दुर्लभ पांडुलिपियां बनेंगी आकर्षण नाविकों से संवाद, खान-पान और सेवाओं के शुल्क नियंत्रण के निर्देश लखनऊ मां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम तट पर प्रयागराज में आयोजित होने वाले माघ मेला-2026 की तैयारियों की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि माघ मेला केवल आस्था का आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सनातन परंपरा, सामाजिक अनुशासन और प्रशासनिक दक्षता का सजीव उदाहरण है। उन्होंने निर्देश दिए कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और सुव्यवस्थित वातावरण मिले, यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संगम पर कल्पवास, स्नान और साधना की परंपरा भारतीय सांस्कृतिक चेतना की आत्मा है। इस वर्ष 15 से 25 लाख श्रद्धालु केवल कल्पवासी होंगे। महाकुम्भ के सुव्यवस्थित आयोजन के बाद माघ मेला-2026 को लेकर देश और दुनिया में विशेष उत्साह है। यह मेला समाज को संयम, समरसता और सेवा का संदेश देता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि व्यवस्थाओं में आध्यात्मिक गरिमा बनी रहे, लेकिन किसी भी स्तर पर अव्यवस्था या असुविधा न हो। उन्होंने गृह विभाग को निर्देश दिए कि प्रमुख स्नान पर्वों पर किसी तरह का वीआईपी प्रोटोकॉल न दिया जाए, इन संबंध में आवश्यक सूचना जारी कर दी जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि माघ मेले से जुड़े सभी विभागों के प्रमुख सचिव/सचिव स्तर के अधिकारी और अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था स्वयं मेला क्षेत्र जाकर तैयारियों की समीक्षा करें। 31 दिसम्बर तक सारी तैयारी पूरी कर ली जाए। बैठक में मंडलायुक्त प्रयागराज ने बताया कि माघ मेला-2026 का आयोजन 3 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक कुल 44 दिनों तक होगा। इस दौरान पौष पूर्णिमा, मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या, बसंत पंचमी, माघी पूर्णिमा और महाशिवरात्रि जैसे प्रमुख स्नान पर्व पड़ेंगे। पूरे मेला काल में 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है, जबकि मौनी अमावस्या जैसे प्रमुख पर्व पर एक ही दिन में साढ़े तीन करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के संगम स्नान की संभावना को देखते हुए व्यवस्थाएं उसी अनुरूप की जा रही हैं। बैठक में यह भी बताया गया कि मेला क्षेत्र का विस्तार बढ़ाकर लगभग 800 हेक्टेयर किया गया है। सेक्टरों की संख्या 5 से बढ़ाकर 7 कर दी गई है। स्नान घाटों की कुल लंबाई में पिछले माघ मेले की तुलना में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 42 पार्किंग स्थल, 9 पांटून पुल, बेहतर आंतरिक सड़क व्यवस्था और सुगम आवागमन की विस्तृत कार्ययोजना पर काम अंतिम चरण में है। सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाए। उन्होंने ट्रैफिक एवं क्राउड मैनेजमेंट के लिए ठोस और बहुस्तरीय कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। पुलिस आयुक्त, प्रयागराज कमिश्नरेट ने बताया कि मेला अवधि के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जा रही है। लगभग 450 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, जिनमें से 250 कैमरे स्थापित किए जा चुके हैं। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें भी तैनात की जाएंगी। मेला क्षेत्र में एआई आधारित सर्विलांस एवं क्राउड मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने पुलिसकार्मिकों के बेहतर व्यवहार और श्रद्धालु-संवेदनशील दृष्टिकोण के लिए आवश्यक प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने एनएसएस स्वयंसेवकों और एनसीसी कैडेट्स के सहयोग को भी व्यवस्थाओं में शामिल करने को कहा। साथ ही नाविकों के साथ संवाद और समन्वय बनाए रखने तथा श्रद्धालुओं के लिए खान-पान एवं विभिन्न सेवाओं के शुल्क को नियंत्रित रखने के निर्देश भी दिए। नवाचारों पर विशेष बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि माघ मेला-2026 को सुविधाओं और तकनीक के स्तर पर एक नया मानक बनना चाहिए। बैठक में बताया गया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ऐप आधारित बाइक टैक्सी सेवा, दिशा सूचक संकेतों का व्यापक विस्तार, विद्युत पोलों पर क्यूआर कोड आधारित पहचान प्रणाली, निर्बाध विद्युत आपूर्ति हेतु रिंग मेन यूनिट, कटाव रोकने के लिए जियो-ट्यूब तकनीक तथा पूर्वनिर्मित सीवेज शोधन संयंत्र जैसी व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ये सभी नवाचार ज़मीनी स्तर पर प्रभावी रूप से दिखाई देने चाहिए। मुख्यमंत्री ने सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रतिबंध पर जोर देते हुए कहा कि माघ मेला स्वच्छता का उदाहरण बने। बैठक में जानकारी दी गई कि मेला क्षेत्र में कुल 16,650 शौचालयों की स्थापना की जा रही है, जिनमें महिलाओं के लिए पृथक और पर्याप्त सुविधाएं शामिल हैं। लगभग 3300 सफाई मित्रों की 24 घंटे तैनाती की जाएगी। उनके लिए सैनीटेशन कॉलोनी, बच्चों हेतु आंगनबाड़ी और प्राथमिक विद्यालय जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि मेले में कार्यरत स्वच्छताकर्मियों के मानदेय का भुगतान प्रत्येक दशा में 15 दिवस के भीतर कर दिया जाए। नगर विकास विभाग को मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मेला क्षेत्र में जीरो लिक्विड डिस्चार्ज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे गंगा-यमुना की पवित्रता अक्षुण्ण बनी रहे। स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में बताया गया कि मेला क्षेत्र में 20-20 बेड के दो अस्पताल, 12 प्राथमिक उपचार केंद्र, 50 एंबुलेंस तथा आयुर्वेदिक एवं होम्योपैथिक चिकित्सा इकाइयां स्थापित की जा रही हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति … Read more