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डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं. दीन दयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित है, राष्ट्र प्रेरणा स्थल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्र को समर्पित करेंगे राष्ट्र प्रेरणा स्थल, सभी तैयारियां पूरी  डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं. दीन दयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित है, राष्ट्र प्रेरणा स्थल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्र नायकों की कांस्य प्रतिमाओं का करेंगे लोकार्पण, 2 लाख से अधिक लोग होंगे साक्षी राष्ट्रीय चिन्हों और मालाओं से सजाया गया है राष्ट्र प्रेरणा स्थल, सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक डायवर्जन और पार्किंग की पूरी तैयारी      लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बन कर तैयार भव्य 'राष्ट्र प्रेरणा स्थल' को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। यह स्थल भारतीय राष्ट्रवाद की त्रयी कहे जाने वाले डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं. दीन दयाल उपाध्याय और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों और अमूल्य योगदान को जन-जन तक पहुंचाने का अनुपम प्रयास है। इस संबंध में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म दिवस पर  भव्य उद्घाटन समारोह के लिए भव्य तैयारियां की गई हैं। इस अवसर पर गणमान्य अतिथियों समेत, 2 लाख से अधिक लोग इस अवसर के साक्षी बनेंगे। सुरक्षा व्यवस्था, पार्किंग, ट्रैफिक डायवर्जन के साथ उद्घाटन समारोह और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति की भी सभी तैयारियों को मूर्त रूप दिया जा चुका है। प्रदेश की राजधानी प्रधानमंत्री की उपस्थिति में इस ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनेगी।  राष्ट्र नायकों की मूर्तियों के लोकार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित करेंगे प्रधानमंत्री राष्ट्र प्रेरणा स्थल के भव्य उद्घाटन समारोह के आयोजन के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण और पर्यटन एवं संस्कृति विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। राष्ट्र प्रेरणा स्थल के विशाल प्रांगण में फूलों से कमल की आकृति की रंगोली बनाई जा रही हैं। साथ ही प्रेरणा स्थल की बाहरी दीवारों पर कला संस्कृति विभाग की ओर से राष्ट्रीय सांस्कृतिक चिन्हों का अलंकरण किया गया है। राष्ट्र नायकों की प्रतिमाओं के अनावरण का कार्यक्रम 2 बजे अपराह्न शुरू होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट से प्रेरणा स्थल पहुंच कर सबसे पहले राष्ट्र नायकों की मूर्तियों के लोकार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। उसके बाद राष्ट्र नायकों के जीवन के प्रेरक प्रसंगों को समर्पित संग्रहालय का उद्घाटन कर, उसका अवलोकन करेंगे। संग्रहालय के ओरिएंटेशन रूम में राष्ट्र नायकों के जीवन पर आधारित वीडियो एवी का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद प्रधानमंत्री जनसंबोधन करेंगे, इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी उपस्थित रहेंगे। भावी पीढ़ियों में राष्ट्रीयता की भावना का संचार करेगा राष्ट्र प्रेरणा स्थल   लखनऊ के वसंत कुंज में राष्ट्र प्रेरणा स्थल को कमल की आकृति में बनाया गया है। प्रेरणा स्थल में राष्ट्रवाद के शिखर पुरुषों डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं दीन दयाल उपाध्याय और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 65 फुट ऊंची कांस्य प्रतिमाओं का निर्माण किया गया है। जिनका निर्माण विश्व विख्यात मूर्तिकार राम सुतार और मंटू राम आर्ट क्रिएशंस ने किया है। प्रतिमाओं को फेसेड लाइटिंग और प्रोजेक्शन मैपिंग से सजाया गया है। साथ ही परिसर में राष्ट्र नायकों को समर्पित संग्रहालय का निर्माण भी किया गया है। संग्रहालय की इंटरप्रिटेशन वॉल पर भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के म्यूरल आर्ट से देश की राष्ट्रीयता की यात्रा को दर्शाया गया है। संग्रहालय के कोर्टयार्ड में राष्ट्रीय भावना की प्रतीक भारत माता की प्रतिमा स्थापित की गई है। राष्ट्र नायकों को समर्पित गैलरियां उनके जीवन, विचारधारा और संघर्षों को जीवंत बनाती हैं। साथ ही राष्ट्र प्रेरणा स्थल परिसर में सिंथेटिक ट्रैक, मेडिटेशन सेंटर, विपश्यना केंद्र, योग केंद्र, हेलीपैड और कैफेटेरिया का भी निर्माण किया गया है। इसके अलावा परिसर में 3000 की क्षमता वाले एम्फीथिएटर और लगभग 2 लाख की क्षमता के रैली स्थल का भी निर्माण किया गया है। राष्ट्र प्रेरणा स्थल न केवल ऐतिहासिक स्मृति का बिंदु है, बल्कि भावी पीढ़ियों में राष्ट्रीयता की भावना का संचार करेगा।

11 दिन बाद ऑस्ट्रेलिया में दोबारा यहूदियों पर हमला, कार पर फायर बम फेंकने की घटना

सिडनी     आस्ट्रेलिया में क्रिसमम की सुबह से पहले एक बार फिर से यहूदी पर हमला किया गया है. असामाजिक तत्वों ने मेलबॉर्न में एक रब्बी की कार को जलाने की कोशिश की है. ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने इसे कार की फायर बॉम्बिंग का नाम दिया है. प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने इस घटना को संदिग्ध एंटी सेमिटिज्म करार दिया है.  एंटी-सेमिटिज्मका मतलब है यहूदियों के प्रति घृणा, पूर्वाग्रह, भेदभाव या दुश्मनी. यह नस्लवादी विचारधारा है जो यहूदियों को निशाना बनाती है, उन्हें दोषी ठहराती है या उनके खिलाफ हिंसा, बहिष्कार या साजिश फैलाती है.  ऑस्ट्रेलिया की पुलिस ने कहा कि क्रिसमस की सुबह से पहले एक रब्बी की कार पर आग लगाने वाला बम फेंका गया. घटना में कार का दरवाजा जल गया दिखता है. पुलिस ने इस रब्बी परिवार को रेस्क्यू कर लिया है.  पुलिस सेंट किल्डा ईस्ट में इस यहूदी विरोधी हमले की जांच कर रही है. गुरुवार को सुबह करीब 2.50 बजे बालाक्लावा रोड पर रब्बी के घर के ड्राइव वे में खड़ी एक सिल्वर सेडान कार में आग लगा दी गई थी.  इस कार के ऊपर 'हैप्पी हनुक्का' का एक छोटा सा बोर्ड लगा था.  पुलिस ने बताया कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन एहतियात के तौर पर रब्बी के परिवार को वहां से निकाल लिया गया. एक प्रवक्ता ने कहा, "मूरैबिन क्राइम इन्वेस्टिगेशन यूनिट के जासूस गुरुवार, 25 दिसंबर को सेंट किल्डा ईस्ट में लगी संदिग्ध आग की जांच कर रहे हैं." "जासूसों ने एक ऐसे व्यक्ति की पहचान की है जो उनकी जांच में मदद कर सकता है. घटना की जांच जारी है." जली हुई कार को गुरुवार सुबह ड्राइववे से हटा दिया गया, लेकिन उसकी खिड़कियों के टूटे हुए कांच मेलबर्न के यहूदी समुदाय के बीच स्थित घर के ड्राइववे में पड़े रहे. यह घर एक यहूदी स्कूल के सामने है, यहां सामने के दरवाज़े के पास एक छोटे बच्चे की साइकिल और जूतों की कतारें रखी थीं.  यह आगजनी की घटना बॉन्डी बीच पर हनुक्का फेस्टिवल में दो बंदूकधारियों द्वारा हमला करने के 11 दिन बाद हुई, जिसमें 15 बेगुनाह लोगों की जान चली गई थी. यहूदियों का रोशनी का त्योहार हनुक्का 22 दिसंबर को खत्म हुआ था. ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने इस घटना पर शोक जताया है. उन्होंने कहा कि बॉन्डी आतंकवादी हमले के बाद ऑस्ट्रेलिया का यहूदी समुदाय शोक में है. मेलबर्न में एक कार पर आग लगाने की घटना संदिग्ध यहूदी-विरोधी भावना का एक और भयानक काम है. फेडरल अधिकारी मदद के लिए तैयार हैं.  पीएम अल्बनीज ने कहा है कि ऑस्ट्रेलिया में इस तरह की नफरत के लिए कोई जगह नहीं है और इसे रुकना ही होगा. 

अमित शाह प्राकृतिक खेती प्रकल्प का करेंगे शुभारंभ, वर्ष 2026 होगा कृषि वर्ष

रीवा केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज रीवा में प्राकृतिक खेती पर कृषक सम्मेलन कार्यक्रम में शामिल होंगे। केन्द्रीय गृह मंत्री श्री शाह एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव बसामन मामा गौ अभ्यारण्य में अपरान्ह 3 बजे से आयोजित कार्यक्रम में प्राकृतिक खेती प्रकल्प का शुभारंभ करेंगे। इसके बाद गौ अभ्यारण्य के समीप आयोजित विशाल कृषक सम्मलेन में शिरकत करेंगे। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, श्री हेमन्त खंडेलवाल भी शामिल होंगे। अतिथियों द्वारा ई-कार्ट के माध्यम से गौ-शाला का अवलोकन किया जायेगा। कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई कृषि विभाग की प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे। कार्यक्रम में प्रगतिशील व प्राकृतिक खेती करने वाले कृषकों को सम्मानित किया जायेगा। बसामन मामा गौ अभ्यारण्य का निर्माण बेसहारा और बीमार गौवंश को आश्रय देने के लिए किया गया है। इसमें वर्तमान में सात हजार से अधिक गौवंश को आश्रय दिया गया है। इस गौ-शाला से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में निकलने वाले गोबर से जैविक खाद, गो काष्ठ, गोनाइल तथा अन्य उत्पाद बनाए जा रहे हैं। यह कार्य स्वयंसेवी संस्था द्वारा किया जा रहा है। वर्ष 2026 को कृषि वर्ष मनाये जाने का निर्णय लिया गया है। इसके अंतर्गत समन्वित रूप से कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में कृषकों की आय में वृद्धि की जायेगी, कृषि को प्राकृतिक खेती के माध्यम से जलवायु अनुकूल बनाया जायेगा, किसानों की उपज के लिए उचित मूल्य सुनिश्चित किया जायेगा, तकनीकी सुधार एवं यंत्रीकरण पर विशेष जोर होगा, डिजीटल एग्री के माध्यम से क्षेत्र का आधुनिकीकरण करना एवं कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में विविधीकरण को बढावा देना, मूल्य संवर्धन के माध्यम से नये रोजगार सृजन किया जायेगा। कृषि परिदृश्य देश में मध्य प्रदेश मक्का एवं सोयाबीन के उत्पादन में प्रथम स्थान तथा गेहॅू, उड़द, मसूर, चना, सरसों, कुल तिलहन, कुल दलहन, कुल खाद्यान्न, कुल मोटा अनाज में द्वितीय स्थान पर है। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जन मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा गत 2 वर्षों में 48 लाख 51 हजार किसानों से 02 करोड़ 41 लाख 31 हजार मीट्रिक टन अनाज खरीदा गया है। जिसके विरूद्ध 81 हजार सात सौ अड़सठ करोड़ रूपये का भुगतान किसानों के खाते में किया गया है। सोयाबीन भावांतर भुगतान योजना किसान भाईयों की मेहनत को प्रतिफल प्रदाय करने के लिये सोयाबीन की फसल के लिये भावांतर भुगतान योजना लागू की गई है। अभी तक लगभग छ: लाख कृषकों के द्वारा तेरह लाख नवासी हजार मेट्रिक टन सोयाबीन का विक्रय मंडियों में किया गया है, जिससे दो चरणों में मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा दो लाख सरसठ हजार किसानों के खाते में चार सौ बियासी करोड़ रूपये अंतरित किये गये है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना प्राकृतिक आपदाओं से फसल क्षति होने पर किसानों को सहायता के लिये गत 2 वर्षों में राज्य सरकार द्वारा सत्तर लाख कृषक आवेदनों पर बारह सौ सेंतीस करोड़ चौवन हजार राशि रूपये का दावा भुगतान किया गया है। प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री  किसान सम्मान निधि योजना प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किसान सम्मान निधि के रूप में किसानों को छ: हजार रूपये दिये जा रहे थे, मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा भी किसानों को छ: हजार रूपये की राशि दी जा रही है, इस प्रकार प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अंतर्गत माह अप्रैल, 2025 से अभी तक एक करोड़ अडसठ लाख किसानों को छ: हजार सात सौ छप्पन करोड़ की राशि का भुगतान किया जा चुका है। ‘रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना’’     रानी दुर्गावती श्री अन्नध प्रोत्सारहन योजना अंतर्गत प्रदेश में प्रथम बार 16 जिलों – जबलपुर, कटनी, मण्डला, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, शहडोल, अनुपपुर, उमरिया, रीवा, मऊगंज, सतना, मैहर, बालाघाट, सिवनी, सीधी एवं सिंगरौली में उपार्जन किया जा रहा है।     राज्य सरकार द्वारा राशि रुपए एक हजार प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि डीबीटी के माध्यम से प्रदाय की जाएगी।     परंपरागत कृषि विकास योजना प्रमाणित जैविक खेती को प्रोत्सावहित एवं बढावा देने के लिए संचालित है।     वर्ष 2025-26 में तेतालीस हजार तीन सौ पचास हैक्टेयर में 09 सर्विस प्रोवाईडर के माध्यम से कृषक समूहों में जैविक प्रमाणीकरण कार्यक्रम क्रियान्वित किये जा रहे है। कृषकों को राशि रूपये पांच हजार प्रति हैक्टेयर प्रति वर्ष अनुदान दिया जाता है। नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग     नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित एवं बढावा देने के लिये योजना संचालित है। प्रदेश में पन्द्रह सौ तेरह क्लस्टर में एक लाख नवासी हजार एक सौ पच्चीस एकड़ में एक लाख नवासी हजार एक सौ पच्चीस किसानों के साथ क्रियान्वित की जा रही है। प्रत्येक कृषक को राशि रूपये चार हजार प्रति एकड़ प्रति वर्ष अनुदान दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना     प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा "प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना कृषि उत्पादकता और ग्रामीण समृद्धि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुभारंभ किया गया है। योजना में मध्यप्रदेश के 8 जिले यथा-अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, सीधी, अलीराजपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़ एवं डिण्डोरी को शामिल किया गया है। प्रधानमंत्री धन – धान्य कृषि योजनाभारत सरकार की एक नई पहल है, जो कि केन्द्र एवं राज्य सरकार की प्रचलित योजनाओं जिसमें कृषि विभाग की 19 तथा मछली पालन / पशुपालन / दुग्ध / सहकारिता / जल संसाधन / खाद्य प्रस्करण / ग्रामीण विकास  / कौशल विभाग / लघु एवं सुक्ष्म उद्योग विभागों की 17 प्रचलित  योजनाओं का अभिसरण (कवरेज) कर क्रिन्यावित किया जायेगा।    वर्तमान में दलहन उत्पादन में मध्यप्रदेश प्रथम स्थान पर है। वर्ष 2024-25 में दलहन का कुल क्षेत्रफल चवालीस लाख बानवे हजार हैक्टेयर है, जिसे आगामी 03 वर्षो में लगभग पचपन लाख हैक्टेयर किये जाने का लक्ष्य है।

दिल्ली के 13 प्रमुख रेलवे स्टेशन होंगे स्मार्ट और हाईटेक, अमृत भारत योजना से बदलेगा सफर का अनुभव

नई दिल्ली रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। दिल्ली के प्रमुख रेलवे स्टेशनों को विश्व स्तरीय सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत न्यू दिल्ली, आनंद विहार समेत दिल्ली के 13 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा, पहुंच और आराम को बढ़ाना है, ताकि रेलवे स्टेशनों का अनुभव और अधिक सुविधाजनक और आधुनिक बनाया जा सके। ये स्टेशन हो रहे हैं अपग्रेड रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत दिल्ली के प्रमुख 13 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। ये स्टेशन हैं न्यू दिल्ली, आनंद विहार, बिजवासन, दिल्ली कैंट, आदर्श नगर, सराय रोहिल्ला, शाहदरा, हजरत निजामुद्दीन, नरेला, सब्जी मंडी, सफदरजंग, तिलक ब्रिज रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में बताया कि देशभर में इस योजना के तहत कुल 1,337 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है, जिनमें दिल्ली के ये 13 स्टेशन भी शामिल हैं। इस मुद्दे को दक्षिण दिल्ली के भाजपा सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने लोकसभा में उठाया था। तेजी से न्यू दिल्ली स्टेशन पर हो रहा काम न्यू दिल्ली रेलवे स्टेशन पर बड़े पैमाने पर बदलाव देखने को मिल रहे हैं। अजमेरी गेट साइड का ज्यादातर काम पूरा हो चुका है। अब यहाँ यात्रियों के लिए उपलब्ध सुविधाएं हैं. अधिक टिकट काउंटर, बेहतर वेटिंग एरिया, आधुनिक पब्लिक एड्रेस सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक सूचना बोर्ड, व्यापक सीसीटीवी कवरेज, बेहतर लाइटिंग और निर्बाध बिजली आपूर्ति, आरओ पानी की सुविधा, पुरुषों, महिलाओं और दिव्यांगों के लिए अलग शौचालय, भीड़ प्रबंधन के लिए अधिक सीटें वहीं, पहाड़गंज साइड पर भी काम शुरू हो गया है। पुरानी इमारतों को तोड़ा जा रहा है, बेसमेंट बनाया जा रहा है और विभिन्न सुविधाओं को नए स्थान पर शिफ्ट किया जा रहा है।

आज केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह और मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे युवाओं को सम्मानित

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश औद्योगिक निवेश को रोज़गार में परिवर्तित करने का निरंतर कार्य कर रहा है। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में आज ग्वालियर के मेला ग्राउंड में ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट – निवेश से रोज़गार’ का राज्य स्तरीय आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन औद्योगिक नीति, निवेश प्रोत्साहन और रोज़गार आधारित विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। कार्यक्रम में निवेशकों को सिंगल क्लिक से औद्योगिक प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाएगी। भारत रत्न से सम्मानित पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर आयोजित ग्रोथ समिट आत्मनिर्भर, समृद्ध और रोज़गार-समृद्ध मध्यप्रदेश के संकल्प को रेखांकित करेगी। ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट में 2 लाख करोड़ रूपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों के लिये भूमि आवंटन किया जायेगा। इसके साथ ही 10,000 करोड़ रूपये से अधिक की औद्योगिक परियोजनाओं का भूमि-पूजन और लोकार्पण किया जाएगा। इससे प्रदेश में विकासात्मक गतिविधियों को और अधिक गति मिलेगी। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर आयोजित इस ग्रोथ समिट से प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर होगा। “निवेश से रोज़गार – अटल संकल्प, उज्ज्वल मध्यप्रदेश” की थीम पर आधारित इस समिट में विगत 2 वर्षों में प्रदेश में हुए औद्योगिक विस्तार, निवेश उपलब्धियों और रोज़गार सृजन के वास्तविक परिणामों को सबके साथ साझा किया जायेगा। इस समिट से आने वाले वर्षों में विकास की नई दिशा भी तय की जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में स्थानीय लोगों के समग्र विकास के लिये उन्हें सीधे रोजगार और आजीविका से जोड़ने के लिये ग्रोथ समिट का आयोजन किया जा रहा है। इस समिट से नए औद्योगिक क्षेत्र, क्लस्टर और प्लग-एंड-प्ले इकाइयों की शुरुआत से स्थानीय स्तर पर उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा। इससे युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर सृजित होंगे। समिट में भूमि-पूजन और लोकार्पण के साथ भूमि आवंटन और आशय-पत्र भी वितरित किये जायेंगे। इस अवसर पर रोज़गार उपलब्ध कराने वाली औद्योगिक इकाईयों की स्थापना एवं संचालन करने वाले निवेशकों को सम्मानित किया जाएगा। समिट में युवाओं से संवाद भी किया जाएगा। संभाग स्तर पर औद्योगिक भूमि आवंटन से जुड़ी महत्वपूर्ण घोषणाएँ भी की जाएँगी, जिससे क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी। उद्योग जगत की सहभागिता ग्रोथ समिट में देश के प्रतिष्ठित उद्योगपति और औद्योगिक संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इनमें गोदरेज इंडस्ट्रीज, गौतम सोलर, हीडलबर्ग सीमेंट, एलएनजे भीलवाड़ा समूह, जेके टायर, टोरेंट पावर, मैकेन फूड, एलिक्सर इंडस्ट्रीज़, ग्रीनको, जुपिटर वैगन्स, डाबर इंडिया, वर्धमान समूह, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड जैसे प्रमुख औद्योगिक समूहों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। प्रदर्शनी कार्यक्रम स्थल पर स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन, विचारों और विकास दृष्टि पर आधारित विशेष प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही प्रदेश में बीते 2 वर्षों में हुए औद्योगिक सुधारों, निवेश प्रयासों और रोज़गार उपलब्धियों को दर्शाने वाली प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिससे मध्यप्रदेश की औद्योगिक यात्रा को एक ही स्थान पर देखा जा सकेगा। समारोह में उपमुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना, ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला, एमएसएमई मंत्री श्री चेतन्य काश्यप, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास सारंग सहित अन्य कैबिनेट मंत्री उपस्थित रहेंगे।  

मध्य प्रदेश में टेलिमानस का आंकड़ा, इंदौर और ग्वालियर में अधिक सक्रिय, महिलाओं की शिकायतें सामने आईं

इंदौर  नौकरी, पारिवारिक चिंता, आर्थिक स्थिति, रिश्ते अच्छे नहीं होना आदि के कारण तनाव बढ़ता जा रहा है। सरकार द्वारा मनोरोग के लिए संचालित टेलिमानस हेल्पाइन नंबर पर हर वर्ष 60 हजार से अधिक फोन आ रहे हैं। इन फोन करने वालों में महिलाओं की संख्या 37 प्रतिशत है। महिलाएं समस्या बता रही हैं कि पति के पास घर और बच्चों के लिए समय नही हैं। जिसके कारण रिश्ते खराब हो रहे हैं। ये हैं महिलाओं की समस्या के प्रमुख कारण हम एकल परिवार में रहते हैं। ऐसे में किसी से बात भी नहीं कर पाते हैं। बच्चे भी पापा से बात करने के लिए तरस जाते हैं। इस तरह की समस्या को लेकर बड़ी संख्या में कॉल आ रहे हैं। जिनकी विशेषज्ञों द्वारा काउंसलिंग की जा रही है। यह समस्या सिर्फ एक घर की नहीं है। कई परिवार इस समस्या के कारण जुझ रहे हैं। इंदौर और ग्वालियर दो जिलों में टेलिमानस संचालित हो रही मध्य प्रदेश में इंदौर और ग्वालियर दो जिलों में टेलिमानस संचालित हो रही है। सबसे अधिक 55 फीसदी फोन इंदौर जिले से आ रहे हैं। इसमें विभिन्न मनोरोग से जुड़ी समस्याओं को लेकर फोन आते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक आज के दौर में हर व्यक्ति अपने हिसाब से जिंदगी जीना चाहता है। जिसके कारण समस्या काफी बढ़ गई है। वह अपने परिवार को ठीक से समय नहीं देता है। जिसके चलते रिश्तों में समस्या आ रही है। इसके अलावा महिलाओं में घर के काम का तनाव, पति, बच्चे, सास-ससुर आदि से सबंधित भी समस्याएं रहती है। कई बार सास-ससुर से संबंध अच्छे नहीं होने के कारण भी समस्या बढ़ती है। टेलिमानस हेल्पलाइन पर आने वाले फोन में 60 प्रतिशत पुरुष व 37 प्रतिशत महिलाएं शामिल है। इन समस्याओं को लेकर भी आ रहे फोन नींद नहीं आना, उदासी, दिनभर तनाव महसूस होना, गतिविधियों में रुचि कम होना, थकान होना, घबराहट, झटके आना, पढ़ाई संबंधित तनाव, विचित्र व्यवहार, निराशा, बार-बार हस्तक्षेप से परेशान, किसी स्थिति में डर महसूस होना, बिना कारण के शरीर में दर्द होना, रिश्तों से जुड़ी समस्या, एकाग्रता की कमी, ऐसी चीजें देखना जो नहीं हैं, शराब, धूम्रपान का अधिक सेवन, अत्यधिक प्रसन्नता या चिड़चिड़ापन आदि। यह है टेलिमानस टेलिमानस (टेली मेंटल हेल्थ असिस्टेंस एंड नेटवर्किंग अक्रास स्टेट्स) भारत सरकार की राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन है। यह 24×7 टोल-फ्री सेवा है, जहां फोन पर मानसिक तनाव, अवसाद, घबराहट, नींद की समस्या, पारिवारिक तनाव और आत्महत्या जैसे विचारों पर विशेषज्ञों से परामर्श लिया जा सकता है। इसकी शुरुआत 10 अक्टूबर 2022 को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा की गई थी। इसलिए शुरू की सुविधा     कोविड काल के बाद देश में मानसिक तनाव, अवसाद और चिंता के मामले तेजी से बढ़े।     ग्रामीण और छोटे शहरों में मनोचिकित्सकों की कमी।     लोग मानसिक बीमारी को लेकर झिझक और सामाजिक डर के कारण मदद नहीं लेते।     तुरंत, सुलभ और गोपनीय सहायता देने की जरूरत। ऐसे करें उपयोग     टोल-फ्री नंबर डायल करें: 14416 या 1-800-891-4416     कॉल रिसीव होते ही भाषा चुनने का विकल्प     प्रशिक्षित काउंसलर से बातः जरूरत पर वरिष्ठ विशेषज्ञ से जोड़ा जाता है।     सेवा पूरी तरह गोपनीय और निश्शुल्क  

औद्योगिक इकोसिस्टम और सरकारी सहयोग से एक आदर्श औद्योगिक हब बना रहा बड़ियाखेड़ी

तेजी से विकसित हो रहा है भोपाल के नजदीक बड़ियाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र औद्योगिक इकोसिस्टम और सरकारी सहयोग से एक आदर्श औद्योगिक हब बना रहा बड़ियाखेड़ी भोपाल  राजधानी भोपाल से सटे सीहोर जिले का बड़ियाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र आज प्रदेश के तेजी से विकसित होते औद्योगिक क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बना रहा है। कभी शांत ग्रामीण क्षेत्र रहा बड़ियाखेड़ी अब रोजगार, निवेश और उद्यमिता का नया प्रतीक बन चुका है। प्रदेश सरकार की उद्योग-हितैषी नीतियों, बेहतर सड़क कनेक्टिविटी, बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं और ’’जिला प्रशासन के सक्रिय सहयोग’’ ने इस क्षेत्र के विकास को नई गति दी है। उद्योग संचालकों का कहना है कि भूमि आवंटन, अनुमति प्रक्रिया और प्रशासनिक मार्गदर्शन समयबद्ध व पारदर्शी रहा जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा। आज बड़ियाखेड़ी में छोटे और मध्यम उद्योगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग, इंजीनियरिंग, वेयरहाउसिंग और सर्विस सेक्टर से जुड़े उद्योग यहां स्थापित हो रहे हैं। इसका सीधा लाभ स्थानीय लोगों को रोजगार के रूप में मिला है। आसपास के गांवों के अनेक युवा अब अपने ही जिले में काम पा रहे हैं जिससे पलायन में कमी आई है। खास बात यह है कि बड़ियाखेड़ी युवा उद्यमियों के लिए अवसरों का केंद्र बनकर उभरा है। कई युवा न केवल स्वयं रोजगार पा रहे हैं, बल्कि छोटे-छोटे उद्योग लगाकर दूसरों को भी रोजगार दे रहे हैं। प्रशिक्षण, बैंकिंग सहायता और सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर नई पीढ़ी आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही है। बड़ियाखेड़ी औद्यागिक क्षेत्र लगभग 200 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है जिसमें 141 उद्योगों के लिए प्लाट आवंटित किये जा चुके हैं। इनमें से 32 उद्योग स्थापित हो चुके हैं और निरंतर संचालित हैं। सीहोर के पास ही मंडी औद्योगिक क्षेत्र में 11, पचामा औद्योगिक क्षेत्र में 20, आद्योगिक इकाइयां कार्यरत हैं। इसके अलावा 10 से अधिक उद्योग निजी भूमि में स्थापित हैं। आईटीसी इंडस्ट्री के अमित शर्मा, जगदम्बा पाइप इंडस्ट्री के अंकित शर्मा तथा हम्बल काउ के संचालक राम अवतार राय ने कहा कि उद्योग संचालकों का मानना है कि आने वाले समय में बड़ियाखेड़ी में विकास की अपार संभावनाएं हैं। राजधानी के नजदीक होना, बढ़ता औद्योगिक इकोसिस्टम और सरकारी सहयोग इसे एक आदर्श औद्योगिक हब बना रहा है। बड़ियाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र आज इस बात का उदाहरण है कि सरकार, प्रशासन और उद्यमियों के साझा प्रयास से किस तरह क्षेत्रीय विकास, रोजगार सृजन और आर्थिक मजबूती हासिल की जा सकती है।  

प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश को मिल रहीं औद्योगिक विकास की बड़ी सौगातें: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेई की जयंती पर ग्वालियर में होगा विशेष आयोजन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश को मिल रहीं औद्योगिक विकास की बड़ी सौगातें: मुख्यमंत्री डॉ. यादव केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह प्रदेश के 2 लाख करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का करेंगे लोकार्पण एवं भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय मंत्री  शाह का प्रदेश आगमन पर किया अभिनंदन ग्वालियर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेई की 101वीं जयंती के अवसर पर ग्वालियर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया है। राज्य सरकार ने अटलजी की जयंती को सार्थक करते हुए कल 25 दिसंबर को गरीब, किसान, युवा और नारी कल्याण के दृष्टिगत अनेक कार्यक्रम आयोजित किए हैं। इस अवसर पर प्रदेश में उद्योग एवं व्यापार गतिविधियों के विकास और विस्तार के लिए राज्य में लगभग 2 लाख करोड़ से अधिक के विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमि पूजन किए जाएंगे। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने प्रदेश को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कई बड़ी सौगातें दी हैं। प्रदेश के लिए प्रसन्नता और गर्व का विषय है कि केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ग्वालियर के आयोजन में पधार रहे हैं। यह आयोजन प्रदेश सरकार के संकल्प को आगे बढ़ने वाला सिद्ध होगा। केन्द्रीय गृहमंत्री शाह विभिन्न योजनों के हितग्राहियों, बेरोजगार युवाओं और निवेशकों को अनेक सौगातें भी प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने और भारत को विश्व की तीसरी सबसे सशक्त अर्थव्यवस्था बनाने के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री मोदी का हृदय से आभार मानते हुए मध्यप्रदेश आगमन पर केंद्रीय गृहमंत्री  शाह का अभिनंदन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास से  मीडिया को जारी संदेश में यह विचार व्यक्त किए। उद्योग एवं रोजगार वर्ष में आया बंपर निवेश, बढ़े रोजगार के अवसर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2025 को उद्योग एवं रोजगार वर्ष के रूप में घोषित किया है। इसके अंतर्गत राज्य के विभिन्न जिलों एवं देश-विदेश में बिजनेस समिट आयोजित कर उद्योपतियों को प्रदेश में निवेश के लिए प्रेरित और आमंत्रित किया गया। हमारी सरकार के प्रयासों के फलस्वरूप युवाओं के लिए रोजगार के अनेकों अवसर सृजित हुए हैं। प्रदेश सरकार सभी प्रकार के उद्योग एवं व्यापार को हर संभव सहायता प्रदान कर रही है। उद्योग एवं रोजगार वर्ष में राज्य में लगभग 8.5 लाख करोड़ के औद्योगिक विकास कार्यों को धरातल पर लाने का कार्य प्रारंभ हुआ है। यह प्रसन्नता का विषय है कि अब तक 6.5 लाख करोड़ लागत के औद्योगिक विकास कार्य पूर्ण हो रहे हैं, इनमें शामिल कई इकाईयों ने उत्पादन भी प्रारंभ कर दिया है।  

ओंकारेश्वर-महेश्वर-धामनोद फोरलेन सड़क परियोजना, महेश्वर में पर्यटन को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

महेश्वर मालवा निमाड़ का टूरिस्ट सर्किट अब रोड कनेक्टिविटी के हिसाब से सरकार मजबूत कर रही है। इंदौर-उज्जैन और इंदौर खंडवा मार्ग को छहलेन और फोरलेन करने के बाद सरकार ने बड़वाह धामनोद मार्ग को भी फोरलेन करने का फैसला लिया है। इस पर ढाई हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। 62 किलोमीटर लंबी इस सड़क में महेश्वर पर्यटन स्थल भी आता है। इस सड़क के बनने से ओंकारेश्वर जाने वाले पर्यटक महेश्वर भी जाना ज्यादा पसंद करेंगे, क्योंकि फोरलेन बनने के बाद ओंकारेश्वर से महेश्वर जाने में एक घंटे से भी कम समय लगेगा। फोरलेन सड़क के लिए किसानों की जमीनें भी ली जाएंगी, क्योंकि बड़वाह से धामनोद तक 100 से ज्यादा गांव हैं। इसमें नांद्रा, कतरगांव, धरगांव, छोटी खरगोन, जलूद मंडलेश्वर सहित दस से ज्यादा गांवों के मुख्य इलाके दो लेन सड़क के आसपास ही बसे हैं। नर्मदा घाटी वाला हिस्सा होने के कारण इस मार्ग पर गांवों में ज्यादा बायपास भी नहीं बन सकते हैं। इस कारण भू-अर्जन के लिए भी पैसा स्वीकृत किया गया है। इस मार्ग में दस बायपास बनेंगे। इसके अलावा पांच बड़े ब्रिज, 23 छोटे ब्रिज, 7 बड़े जंक्शन और 56 छोटे जंक्शन बनाए जाएंगे। बड़वाह से महेश्वर तक दस से ज्यादा किलोमीटर में सड़क सिंगल लेन भी है। यहां वाहनों की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रहती है। सड़क बनने के बाद वाहन 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जा सकेंगे।   यह होगा सड़क बनने से फायदा इस सड़क के बनने से महेश्वर, ओंकारेश्वर और मांडू के बीच कनेक्टिविटी आसान हो जाएगी। बड़वाह से महेश्वर की दूरी 40 किलोमीटर और महेश्वर से मांडू की दूरी 60 किलोमीटर है।सड़क के आसपास बसे गांवों का विकास होगा। तेजी से बसाहट बढ़ेगी। सड़क बनने से जमीनों के भाव बढ़ेंग।इंदौर से ओंकारेश्वर जाने वाले पर्यटक महेश्वर होते हुए एक दिन में इंदौर आ सकेंगे। फिलहाल दोनों स्थलों पर जाने में काफी वक्त लगता है।

यूपी में सरकारी संपत्तियों के दाम घटेंगे, विकास प्राधिकरण व आवास विकास परिषद की पेशकशों पर 25% तक छूट

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में विकास प्राधिकरणों और आवास विकास परिषद की वर्षों से न बिक पाई फ्लैट व प्लॉट जैसी संपत्तियों की कीमतों में बड़ी राहत दी जाएगी। योगी सरकार के नए फैसले के तहत ऐसी अनिस्तारित संपत्तियों की कीमतों में 25 प्रतिशत तक की कटौती की जाएगी। इसके साथ ही सेल के माध्यम से बिक्री को बढ़ावा देने के लिए आवंटियों को अतिरिक्त रियायतें भी दी जा सकेंगी। नई योजनाओं की संपत्तियों के दाम भी कम होंगे राज्य सरकार द्वारा ब्याज दरों और अन्य चार्जेज को व्यावहारिक बनाए जाने से विकास प्राधिकरण और परिषद की नई योजनाओं की संपत्तियों के दाम भी 10 से 15 प्रतिशत तक कम होंगे। दरअसल, अभी तक 26 वर्ष पुराने शासनादेशों के आधार पर ही संपत्तियों का मूल्य तय किया जा रहा था, जिसमें 12 से 15 प्रतिशत तक ब्याज दर, 15 प्रतिशत कंटीजेंसी चार्ज और 10 से 15 प्रतिशत ओवरहेड चार्ज शामिल थे। इससे संपत्तियों के दाम काफी बढ़ गए थे और खरीदार नहीं मिल पा रहे थे। नई आदर्श कास्टिंग गाइडलाइंस तैयार वर्तमान स्थिति यह है कि प्रदेश में कुल 22,350 अनिस्तारित संपत्तियों में करीब 7,200 करोड़ रुपये फंसे हुए हैं। इसी समस्या को देखते हुए आवास एवं शहरी नियोजन विभाग ने पुराने शासनादेशों को समाप्त कर नई आदर्श कास्टिंग गाइडलाइंस तैयार की हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में आदर्श कास्टिंग गाइडलाइंस (मूलभूत सिद्धांत)-2025 को मंजूरी दे दी गई। नई गाइडलाइंस के अनुसार, वे संपत्तियां जो तीन वर्ष पुरानी हैं और पांच बार विज्ञापन निकालने के बावजूद नहीं बिक पाई हैं, उन्हें सेल के माध्यम से बेचने पर 25 प्रतिशत तक की छूट दी जा सकेगी। जानकारी एक सेंट्रलाइज्ड पोर्टल पर उपलब्ध होगी हालांकि, यह सुनिश्चित किया जाएगा कि छूट के बाद संपत्ति की कीमत पहली बार विज्ञापन में तय की गई मूल कीमत से कम न हो। सभी अनिस्तारित संपत्तियों की जानकारी एक सेंट्रलाइज्ड पोर्टल पर उपलब्ध होगी। इन संपत्तियों की बिक्री में किसी भी प्रकार का आरक्षण लागू नहीं होगा और पहले से प्राधिकरण या परिषद की संपत्ति रखने वाले लोग भी इन्हें खरीद सकेंगे। भुगतान व्यवस्था में भी राहत दी गई है     45 दिन में एकमुश्त भुगतान पर 6 प्रतिशत     60 दिन में भुगतान पर 5 प्रतिशत     90 दिन में भुगतान पर 4 प्रतिशत की छूट मिलेगी। निम्न आय वर्ग की संपत्तियों पर ब्याज दर घटाई गई कार्नर, पार्क फेसिंग या 18 मीटर अथवा उससे अधिक चौड़ी सड़क पर स्थित संपत्तियों पर लगने वाले अतिरिक्त चार्ज भी घटा दिए गए हैं। अब प्रत्येक के लिए 5 प्रतिशत और तीनों सुविधाओं के होने पर 15 प्रतिशत के बजाय 12 प्रतिशत अतिरिक्त चार्ज ही लिया जाएगा। निम्न आय वर्ग (LIG) की संपत्तियों पर ब्याज दर घटाकर 8 प्रतिशत कर दी गई है, जिससे उन्हें 2 प्रतिशत की अतिरिक्त राहत मिलेगी। इसके अलावा, नई कास्टिंग गाइडलाइंस लागू होने से विकास प्राधिकरण और परिषद की नई योजनाओं की संपत्तियों के दाम भी 10 से 15 प्रतिशत तक कम होंगे। इस तरह रखा जाएगा ब्याज दर नई व्यवस्था के तहत ब्याज दर को अधिकतम 15 प्रतिशत रखने के बजाय अब इसे स्टेट बैंक के एमसीएलआर से केवल एक प्रतिशत अधिक रखा जाएगा। सरकार का मानना है कि इन नई गाइडलाइंस से पूरे प्रदेश में संपत्तियों के मूल्यांकन की एक समान व्यवस्था बनेगी, कीमतें व्यावहारिक होंगी और अनिस्तारित संपत्तियों की समस्या काफी हद तक खत्म हो सकेगी।