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मध्य प्रदेश: 7 कैटेगरी स्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति बंद, 6 जिलों में वन विज्ञान केंद्र खुलेंगे

भोपाल  मध्यप्रदेश सरकार ने कर्मचारियों की 7 कैटेगरी (दैनिक वेतन भोगी, अंशकालीन, कार्यभारित, स्थायीकर्मी सहित अन्य) समाप्त कर दी हैं। अब सिर्फ तीन कैटेगरी रहेंगी, इनमें नियमित, संविदा, आउटसोर्स कर्मचारी शामिल हैं। मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसले।  कैबिनेट ने यह भी निर्णय लिया है कि वर्तमान में कार्यरत कार्यभारित कर्मचारी की सेवाकाल में मृत्यु होने पर उसके आश्रित को नियमित पद पर अनुकंपा नियुक्ति दी जाएगी। इस संवर्ग में अभी ऐसा प्रावधान नहीं था। जिन कैटेगरी को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है, वे अपने सेवाकाल तक कार्य करते रहेंगे। उनके रिटायर होते ही वह पद स्वत: समाप्त हो जाएगा। यदि विभाग कर्मचारी की डिमांड करता है, तो उस पद के विरुद्ध नियमित पद का सृजन किया जाएगा और भर्ती की जाएगी। बता दें कि दिग्विजय सरकार ने साल 2001 में दैनिक वेतन भोगी के पद समाप्त किए थे। कोर्ट में नहीं बताना पड़ेगी कैटेगरी सरकार का कहना है कि अभी न्यायालयीन प्रकरणों में अलग-अलग पदों की वजह से काफी गफलत होती है। नई व्यवस्था लागू होने और संबंधित पद समाप्त होने के बाद कोर्ट को यह बताना नहीं पड़ेगा कि कर्मचारी किस कैटेगरी का है। इससे बार-बार सुनवाई से सरकार बच सकेगी। उधर, स्थायी और अस्थायी का अंतर खत्म करने के बाद विभागों को हर साल अस्थायी पदों के लिए कैबिनेट से मंजूरी लेने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। नियमित और संविदा पर रहेगा फोकस सरकार ने साफ कर दिया है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद नियमित और संविदा कर्मचारियों पर ही फोकस रहेगा। दरअसल, आउटसोर्स कर्मचारी सरकार के कर्मचारी ही नहीं हैं। इन कर्मचारियों की सेवाएं सरकार कंपनियों के माध्यम से लेती है। मेट्रो के लिए 90.67 करोड़ का प्रावधान भोपाल एवं इंदौर मेट्रो रेल परियोजना के संचालन व रखरखाव के लिए राज्य सरकार ने 90.67 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। इस राशि से मेट्रो संचालन में होने वाले खर्च की व्यवस्था की जाएगी। प्रस्ताव नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने प्रस्तुत किया। इस योजना में प्रावधान है कि आमदनी और व्यय का खर्च राज्य शासन को उठाना पड़ता है। इसलिए कैबिनेट ने यह राशि मंजूर की है। 1782 करोड़ का सिंचाई पैकेज नर्मदा घाटी विकास विभाग के अंतर्गत अपर नर्मदा परियोजना, राघवपुर बहुउद्देशीय परियोजना एवं बसानिया बहुउद्देशीय परियोजना के अंतर्गत डूब प्रभावितों के लिए विशेष पैकेज की स्वीकृति दी गई। इसमें पहले से तय बजट में 1782 करोड़ रुपए का विशेष पैकेज दिया है। इससे 5512 करोड़ रुपए की अनूपपुर, मंडला और डिंडोरी जिलों की योजनाओं का पूरा किया जा सकेगा। 71967 हेक्टेयर जमीन सिंचित हो सकेगी और 125 मेगावाट बिजली जनरेट हो सकेगी। कैबिनेट में इन मुद्दों को भी दी गई मंजूरी जल संसाधन विभाग में रिटायर्ड एसडीओ वीके रावत से देय पेंशन राशि की वसूली से संबंधित प्रस्ताव मंजूर। सामान्य प्रशासन विभाग के अंतर्गत मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग में रिक्त पदों की पूर्ति एवं राज‌भवन में सेवानिवृत्त कर्मचारी को एक साल के लिए पुनः संविदा नियुक्ति देने तथा संजय सिंह चौहान अतिरिक्त राज्य शिष्टाचार अधिकारी को संविदा नियुक्ति दिए जाने को मंजूरी। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत डॉ राजेश गौर पूर्व डीन मेडिकल कालेज दतिया के विरुद्ध लोकायुक्त जांच प्रकरण में विभागीय जांच उपरांत पेंशन रोकने से संबंधित प्रस्ताव मंजूर। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत पूर्व सीईओ जनपद पंचायत राजनगर जिला छतरपुर बीके सिंह के रिटायरमेंट के बाद पेंशन वापस लेने को मंजूरी। पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं अवसंरचना योजना के सूचकांक एवं मानदंड निर्धारण पर चर्चा के दौरान योजना का सूचकांक दो से तीन किया गया है। इसके बाद 3810 कार्य 693.76 करोड़ रुपए की लागत से कराए जा सकेंगे। खनिज साधन विभाग के प्रस्ताव पर संचालनालय की स्थापना और खनिजों के सर्वेक्षण की स्थापना जैसी खनिज योजनाओं को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक बढ़ाने के प्रस्ताव पर चर्चा को मंजूरी। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अंतर्गत लोक वित्त पोषित योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति एवं निरंतरता से जुड़े मुद्दे स्वीकृत किए गए। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना को वर्ष 2026-27 से निरंतर जारी रखने पर निर्णय लिया गया। योजना पांच साल तक चलती रहेगी और इसके लिए 905.25 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। योजना में 50 हजार से 50 लाख तक लोन दिए जाने का प्रावधान है। वन विभाग के प्रस्ताव पर वन विज्ञान केंद्र की स्थापना संबंधी नई योजना को मंजूरी दी गई है। इसके लिए 48 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं जो प्रदेश के छह जिलों में बनाए जाएंगे। लोक निर्माण विभाग के प्रस्ताव पर रोहिणी प्रसाद गुप्ता और अन्य विरुद्ध एमपी सरकार के मामले में न्यायालयीन आदेशों के अनुपालन में कार्यभारित स्थापना में नियुक्तियों से संबंधित विषय को मंजूरी। किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के अंतर्गत सेवानिवृत्त उप संचालक जीएस चौहान को संविदा नियुक्ति दिए जाने और कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग के प्रस्ताव पर सलामुद्दीन अंसारी सेवानिवृत्त सहायक संचालक से पेंशन वापसी के संबंध में निर्णय लिया गया। 773 करोड़ से बनेगा इंदौर के एमवाय अस्पताल का भवन मंत्रालय में कैबिनेट बैठक शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रिमंडल के सदस्यों को बताया कि इंदौर के एमवाय अस्पताल का नवनिर्माण 773 करोड़ रुपए से किया जा रहा है। यह 1450 बिस्तर का होगा, इससे कई कठिनाईयों से राहत मिलेगी। अस्पताल के साथ नर्सिंग हॉस्टल, ऑडिटोरियम का भी निर्माण होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि विमेन T20 क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 (ब्लाइंड) का फाइनल जीतने वाली भारतीय टीम में शामिल मध्य प्रदेश की तीन दृष्टि बाधित महिला क्रिकेट खिलाड़ियों सुनीता सराठे, सुषमा पटेल और दुर्गा येवले को 25-25 लाख रुपए की राशि पुरस्कार स्वरूप दी जा रही है। प्रत्येक खिलाड़ी के लिए 10-10 लाख रुपए नगद और 15-15 लाख रुपए की एफडी रहेगी। टीम के तीनों कोच सोनू गोलकर, ओमप्रकाश पाल और दीपक पहाड़े को एक-एक लाख रुपए प्रोत्साहन स्वरूप दे रहे हैं। भरेवा धातु शिल्प को मिला जीआई टैग बैतूल जिले के भरेवा धातु शिल्प को जीआई टैग प्राप्त हुआ है। इसके लिए शिल्पकार बलदेव वाघमारे को राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय शिल्प पुरस्कार से सम्मानित किया है। गोंड जनजाति की … Read more

हरियाणवी रैपर का बयान: धीरेंद्र शास्त्री पर विवादित टिप्पणी के बाद कहा, ‘पाखंडियों पर विचार कायम’

छतरपुर  बाबा बागेश्वर पर विवादित टिप्पणी करने वाले ऑस्ट्रेलिया के हरियाणवी रैपर प्रवीण ढांडा उर्फ ढांडा न्योलीवाला ने सफाई दी है। अपने नए एल्बम पर शुरू हुई कन्ट्रोवर्सी के बीच सोशल मीडिया पर लाइव होकर सिंगर ने एल्बम ‘वोमिट ऑन पेपर’ से जुड़े विवाद पर बात की। ढांडा न्योलीवाला ने कहा- दुख होता है जब उनके अपने लोग इन मुद्दों पर आपस में लड़ते हैं। फिर भी अपने लोगों का दिल रखने और मामला बंद करने के लिए जिस लाइन पर आपत्ति थी, उसे अब बदला जा रहा है। उनके विचार वही रहेंगे, लेकिन अब बेहतर तरीके से पेश किए जाएंगे। फाइल सब्मिट कर दी गई है और 24 से 48 घंटे में नया वर्जन सामने आ जाएगा। न्योलीवाला ने एल्बम में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का नाम लिए बिना उनका फोटो एल्बम में लगाकर ‘साले’ कहा। इसको लेकर सोशल मीडिया में विवाद काफी बढ़ गया था। साध्वी देवा ठाकुर ने तो वीडियो जारी कर कह दिया था- तू साधु-संतों को पीट नहीं सकता। मगर, अब तेरे पिटने का टाइम आ गया है। 2 महीने लग जाओ, 6 महीने लग जाओ, पिटेगा जरूर। अगर मेरी जैसी के हाथ लग गया, तो पक्का पिटेगा। वहीं, रैपर के सपोर्ट में भी कुछ लोग खड़े हुए। गाने की लाइनें, जिस पर कंट्रोवर्सी बढ़ी… ढांडा न्योलीवाला के नए गाने की लाइनें हैं, "भगवा रंग जो मेरे राम ने नहीं पहरा होंदा, भगवान की कसम मैं फेक बाबे बहुत कूटता। बना बना पर्ची ये लाव साले अर्जी, प्राइवेट जेट लेके जावे जदे मर्जी।" इस एल्बम में रैपर ने भगवाधारी बाबाओं को मारने-पीटने और बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का नाम लिए बिना उनका फोटो एल्बम में लगा ‘साले’ कहा, जिस पर विवाद खड़ा हो रहा है। कुछ परसेंट लोग हैं जो कुछ समझना नहीं चाहते बढ़ते हुए विवाद को लेकर ढांडा न्योलीवाला ने कहा कि जिस मुद्दे पर हम बातचीत करना चाह रहे हैं, वह आप सभी को पता होगा। पिछले दो-तीन दिनों से सोशल मीडिया पर देख रहे होंगे कि नई एल्बम ‘वोमिट ऑन पेपर’ के गाने की एक लाइन को तोड़-मरोड़कर आपके सामने पेश किया जा रहा है। समझदार, सूझवान और पढ़े-लिखे लोगों को पता है कि सोसाइटी के किन इश्यूज पर हमने बातचीत की है, लेकिन कुछ परसेंट लोग ऐसे हैं जो कुछ भी समझना नहीं चाहते। 2021 के बाद मुद्दों से दूरी की वजह उन्होंने कहा कि 2021 में इन्हीं सोसाइटी के इश्यूज को लेकर उन्होंने आखिरी गाना अप टू यू किया था। अब साल 2025 आ चुका है और 4 साल गुजर चुके हैं। इसलिए इन मुद्दों को मैं नहीं छेड़ता हूं, क्योंकि हम अपनी बात रखेंगे तो समाज उसे एक्सेप्ट नहीं कर पाएगा। चाहते यह थे कि म्यूजिक के हवाले से अपने इर्द-गिर्द की सोसाइटी में जो अच्छे-बुरे काम हो रहे हैं, उन्हें यूथ और नई नस्ल के सामने रखा जाए और फिर कहीं जाकर कार्ल मार्क्स और कृष्णमूर्ति तक बात पहुंचे, लेकिन यहां जो हालात हैं, यहां कुछ भी बदलने वाला नहीं है। यूथ जाति-धर्म के नाम एनर्जी बर्बाद न करे ढांडा न्योलीवाला ने युवाओं से कहा कि एजुकेशन हासिल करो, अपनी क्राफ्ट और स्किल पर काम करो और अच्छा जीवन जीयो। जाति और धर्म के नाम पर लड़ाई में अपनी एनर्जी और उम्र बर्बाद मत करो। अगर अपने घर में भी कोई गलत बोले, तो उसके खिलाफ खड़े होकर कहना कि यह गलत है। हरियाणवी आर्टिस्ट्स पर गन कल्चर के आरोप ढांडा न्योलीवाला ने कहा कि जब बड़े सीनियर और बुजुर्ग पॉडकास्ट में बैठते हैं और जब कोई जर्नलिस्ट या पॉडकास्ट वाला उनसे पूछता है कि हरियाणवी आर्टिस्ट के बारे में क्या कहना है, तो उनका तय डायलॉग यही होता है कि गन कल्चर को बढ़ावा दे रहे हैं और बदमाशी चल रही है।

एमपी के खिलाड़ी IPL में दिखाएंगे दम, जानिए 14 खिलाड़ियों का बेस प्राइस और बोली का मौका

दुबई  इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 19वें सीजन के लिए मिनी ऑक्शन आज दोपहर 2.30 बजे से अबू धाबी में शुरू होगा। इसमें मध्यप्रदेश के 14 प्लेयर्स पर बोली लगेगी। इसमें सबसे ज्यादा नजर व्यंकटेश अय्यर पर रहेगी। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का 19वां सीजन के लिए मिनी ऑक्शन आज (16 दिसंबर) को होने वाला है। यह ऑक्शन अबू धाबी में दोपहर 2:30 बजे से शुरू होगा। इसमें मध्यप्रदेश के 14 खिलाड़ियों पर बोली लगेगी। इनमें कई बड़े नाम मैदान में अपना जलवा दिखाने को तैयार हैं। सबसे ज्यादा नजरें इंदौर के ऑलराउंडर वेंकटेश अय्यर पर होंगी। पिछली बार उन्हें केकेआर ने 23.75 करोड़ रुपए में खरीदा था। इस बार यह देखना दिलचस्प होगा कि कौन सी टीम उन्हें किस कीमत पर खरीदती है। 10 टीमों के पास है 237.55 करोड़ रुपए का पर्स     ऑक्शन में कुल 350 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। वहीं, केवल 77 खिलाड़ियों को ही टीमों में शामिल किया जाएगा। सभी 10 आईपीएल टीमों के पास 237.55 करोड़ रुपए का पर्स है। इस बार 40 खिलाड़ियों की बेस प्राइस 2 करोड़ रुपए है। वहीं, 227 खिलाड़ियों की बेस प्राइस 30 लाख रुपए रखी गई है। 23.75 करोड़ रुपए का खिलाड़ी फिर से नीलामी में वेंकटेश अय्यर को पिछले आईपीएल में केकेआर ने 23.75 करोड़ रुपए में खरीदा था। इस बार उनका बेस प्राइस 2 करोड़ रुपए है। पिछले पांच सालों तक अय्यर केकेआर का हिस्सा रहे थे। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उनका प्रदर्शन भी शानदार रहा है। वेंकटेश अय्यर: इंदौर के ऑलराउंडर वेंकटेश अय्यर पांच वर्षों तक कोलकाता नाइट राइडर्स से जुड़े रहने के बाद एक बार फिर नीलामी में उतरेंगे। इस बार उनका बेस प्राइस 2 करोड़ रुपए रखा गया है। पिछले ऑक्शन में केकेआर ने उन्हें 23.75 करोड़ रुपए में खरीदा था और वह उस नीलामी के तीसरे सबसे महंगे खिलाड़ी रहे थे। फिलहाल वेंकटेश सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। कुमार कार्तिकेय: मुंबई इंडियंस और राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेल चुके स्पिन गेंदबाज कुमार कार्तिकेय भी ऑक्शन लिस्ट में हैं। उनका बेस प्राइस 30 लाख रुपए तय किया गया है। एमपीएल 2025 में रीवा जैगुआर की ओर से खेलते हुए उन्होंने 7 मैचों में 10 विकेट लिए थे। वह फिलहाल सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी खेल रहे हैं। कुलदीप सेन: रीवा के तेज गेंदबाज कुलदीप सेन को एक बार फिर नीलामी सूची में शामिल किया गया है। पिछली बार पंजाब किंग्स ने उन्हें उनके बेस प्राइस पर खरीदा था, हालांकि उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला और इस साल टीम ने उन्हें रिलीज कर दिया। इस बार कुलदीप का बेस प्राइस 75 लाख रुपए है। कुलवंत खेजरोलिया: तेज गेंदबाज कुलवंत खेजरोलिया अब तक पांच आईपीएल टीमों के लिए खेल चुके हैं। पिछले सीजन में वह गुजरात टाइटंस का हिस्सा थे, लेकिन टीम ने उन्हें रिलीज कर दिया। आईपीएल 2025 में उन्होंने एक मैच में एक विकेट लिया था। एमपीएल 2025 में इंदौर पिंक पैंथर्स के लिए खेलते हुए उन्होंने 5 मैचों में 5 विकेट लिए। उनका बेस प्राइस 30 लाख रुपए है। अभिषेक पाठक: एमपीएल 2025 में दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज अभिषेक पाठक का नाम भी नीलामी सूची में है। बुंदेलखंड बुल्स के लिए खेलते हुए उन्होंने 6 मैचों में 266 रन बनाए। टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा 25 छक्के लगाने के साथ उनका स्ट्राइक रेट 246 रहा। उन्होंने 48 गेंदों में 133 रन की शतकीय पारी भी खेली। घरेलू टी20 क्रिकेट में अभिषेक ने 35 मैचों में 482 रन बनाए हैं। उनका बेस प्राइस 30 लाख रुपए तय किया गया है। ऋषभ चौहान: एमपीएल 2025 में 192.5 स्ट्राइक रेट के साथ दूसरे सबसे तेज रन बनाने वाले बल्लेबाज ऋषभ चौहान भी ऑक्शन लिस्ट में हैं। ग्वालियर चीताज के लिए खेलते हुए उन्होंने 6 मैचों में 252 रन बनाए और मध्यप्रदेश में दूसरे सबसे ज्यादा 19 छक्के लगाए। घरेलू क्रिकेट में भी उनका प्रदर्शन प्रभावशाली रहा है। बेस प्राइस 30 लाख रुपए। मंगेश यादव: एमपीएल 2025 में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज मंगेश यादव ने अपनी तेज गेंदबाजी से सबका ध्यान खींचा। ग्वालियर चीताज के लिए खेलते हुए उन्होंने 6 मैचों में 14 विकेट लिए। इसी प्रदर्शन के दम पर उन्हें पहली बार मध्यप्रदेश की घरेलू टीम और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में जगह मिली। मंगेश का बेस प्राइस 30 लाख रुपए है। ऋतिक टाडा: ऑलराउंडर ऋतिक टाडा ने एमपीएल 2025 में 6 मैचों में 173 रन बनाए, जबकि पूरे टूर्नामेंट में उनका स्ट्राइक रेट 216 रहा। एमपीएल में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें घरेलू टीम में जगह मिली और अब वह आईपीएल नीलामी सूची में शामिल हैं। अक्षत रघुवंशी: अशोकनगर के बल्लेबाज अक्षत रघुवंशी ने एमपीएल 2025 में शानदार प्रदर्शन किया। इंदौर पिंक पैंथर्स की ओर से खेलते हुए उन्होंने 4 मैचों में 239 रन बनाए और टूर्नामेंट में शतक लगाने वाले चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल रहे। पिछली नीलामी में उन पर बोली नहीं लगी थी। इस बार उनका बेस प्राइस 30 लाख रुपए रखा गया है। सागर सोलंकी: रीवा जैगुआर के लिए खेलने वाले ऑलराउंडर सागर सोलंकी ने एमपीएल 2025 में 7 मैचों में 146 रन बनाने के साथ गेंदबाजी में 4 विकेट भी लिए। उनके ऑलराउंड प्रदर्शन ने उन्हें ऑक्शन लिस्ट में जगह दिलाई। सौम्य पांडे: स्पिनर सौम्य पांडे को एक बार फिर आईपीएल नीलामी सूची में शामिल किया गया है। एमपीएल 2025 में उन्होंने 6 मैचों में 6 विकेट लिए। वह भारत की अंडर-19 वर्ल्ड कप 2024 टीम का हिस्सा रहे हैं, जहां उन्होंने 7 मैचों में 18 विकेट लिए थे। हालांकि पिछले ऑक्शन में उन्हें कोई खरीदार नहीं मिला था। इस बार उनका बेस प्राइस 30 लाख रुपए है। शिवांग कुमार: भोपाल लेपर्ड के लिए खेलने वाले ऑलराउंडर शिवांग कुमार ने एमपीएल 2025 में 7 मैचों में 120 रन और 5 विकेट लिए, जिसमें 42 गेंदों पर 91 रन की विस्फोटक पारी भी शामिल है। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में अब तक उन्होंने 4 विकेट लिए हैं। उनका बेस प्राइस 30 लाख रुपए रखा गया है। शिवम शुक्ला: लेग स्पिनर शिवम शुक्ला को एमपीएल और घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छे प्रदर्शन के चलते आईपीएल 2026 ऑक्शन की सूची में जगह मिली है। एमपीएल 2025 में उन्होंने 7 … Read more

सोनिया-राहुल गांधी को बड़ी राहत, नेशनल हेराल्ड केस में कोर्ट ने ED की चार्जशीट को खारिज किया

नई दिल्ली  दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अन्य को राहत दी है। अदालत ने मामले में मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से दायर चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि ईडी द्वारा दायर आरोप पत्र आधारहीन है, क्योंकि यह किसी प्राथमिकी के बाजए एक निजी शिकायत पर आधारित है। गांधी परिवार के खिलाफ ईडी की शिकायत को खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि बिना प्राथमिकी के मामले में कार्यवाही आधारहीन है। कोर्ट ने कहा कि क्योंकि मामले में अभी दिल्ली आर्थिक अपराध शाखा ने मामला दर्ज किया, ऐसे में इस पर अभी ईडी द्वारा दिए गए बयान पर निर्णय देना जल्दबाजी होगी। अदालत ने कहा कि ईडी मामले में आगे की जांच जारी रख सकती है।  सोनिया और राहुल को FIR की कॉपी पाने का अधिकार नहीं- कोर्ट साथ ही राउज एवेन्यू कोर्ट ने कांग्रेस नेताओं को झटका देते हुए फैसला सुनाया है कि नेशनल हेराल्ड मामले में राहुल गांधी, सोनिया गांधी और अन्य आरोपियों को एफआईआर की कॉपी पाने का अधिकार नहीं है, यह फैसला दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) द्वारा मामले में दर्ज की गई नई एफआईआर से जुड़ी कार्यवाही के दौरान दिया। कोर्ट के फैसले में क्या-क्या नेशनल हेराल्ड केस की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि जांच एजेंसी सीबीआई ने अब तक कोई प्रीडिकेट अपराध दर्ज नहीं किया है, इसके बावजूद ईडी ने जांच आगे बढ़ाई. एफआईआर के अभाव में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच और उसके आधार पर दायर अभियोजन शिकायत (प्रोसिक्यूशन कम्प्लेंट) कायम नहीं रह सकती.     कोर्ट ने आगे कहा कि ऐसी शिकायत पर मनी लॉन्ड्रिंग की कार्यवाही भी बनाए रखने योग्य नहीं है. निजी व्यक्ति द्वारा दायर शिकायत पर संज्ञान लेना कानूनन अनुमेय नहीं है. इस मामले के गुण-दोष (मेरिट्स) आदि से जुड़े अन्य तर्कों पर विचार/निर्णय की आवश्यकता नहीं है. अब कौन सी एफआईआर अहम? कोर्ट के इस फैसले के बाद अब दिल्ली पुलिस की EOW द्वारा दर्ज FIR महत्वपूर्ण होगी. पिछले कुछ समय पहले ही नेशनल हेराल्ड केस में EOW ने मामला दर्ज किया था. दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की ओर से दर्ज एफआईआर की कॉपी आरोपियों को उपलब्ध कराने के मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली दिल्ली पुलिस की याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई. इससे पहले सोमवार को भी सुनवाई हुई थी. राऊज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई आज यानी मंगलवार के लिए टल गई थी. कब दर्ज हुई एफआईआर दरअसल, दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने 3 अक्टूबर को नेशनल हेराल्ड केस से संबंधित एक नई एफआईआर दर्ज की थी. इस एफआईआर में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सोनिया गांधी, वरिष्ठ नेता सैम पित्रोदा, सुमन दुबे, यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड और अन्य को आरोपी बनाया गया है.एफआईआर दर्ज होने के बाद आरोपियों की ओर से इसकी कॉपी उपलब्ध कराने की मांग की गई थी. मगर अब कोर्ट ने साफ कर दिया है कि आरोपियों को एफआईआर की कॉपी नहीं मिलेगी. क्या है नेशनल हेराल्ड केस दरअसल, नेशनल हेराल्ड केस पहले से ही राजनीतिक हलचल का केंद्र बना हुआ है. नेशनल हेराल्ड अखबार की स्थापना 1938 में पंडित जवाहरलाल नेहरू ने की थी. इसका प्रकाशन एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) की ओर से किया जाता था. आर्थिक संकट के कारण 2008 में अखबार बंद कर दिया गया, जिसके बाद विवाद की शुरुआत हुई. साल 2010 में ‘यंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ नामक कंपनी बनाई गई, जिसमें सोनिया गांधी और राहुल गांधी की 38-38 प्रतिशत हिस्सेदारी है. ईडी की जांच में क्या खुलासा नेशनल हेराल्ड केस में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में खुलासा हुआ कि यंग इंडियन ने 50 लाख रुपए में एजेएल की करीब 2,000 करोड़ रुपए की संपत्तियां हासिल कीं, जबकि उनकी बाजार कीमत कहीं अधिक थी. नवंबर 2023 में ईडी ने कार्रवाई करते हुए लगभग 661 करोड़ रुपए की अचल संपत्तियां और 90.2 करोड़ रुपए के एजेएल शेयर जब्त किए थे, जिन्हें अपराध की आय माना गया है. .सुनवाई के दौरान क्या हुआ? मामले की सुनवाई के दौरान जज ने आदेश पढ़ना शुरू किया. सबसे पहले अदालत ने EOW (Economic Offences Wing) की शिकायत से जुड़े रिवीजन पिटीशन पर आदेश सुनाया. अदालत ने जांच की बुनियाद पर सवाल उठाते हुए कहा कि अब तक CBI की ओर से कोई प्रेडिकेट (Scheduled) अपराध दर्ज नहीं किया गया है, इसके बावजूद ED ने PMLA के तहत जांच आगे बढ़ाई. नेशनल हेराल्ड केस में गांधी परिवार को बड़ी राहत, कोर्ट ने ED की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से किया इनकार दिल्ली कोर्ट ने ED की जांच पर बड़ा सवाल उठाते हुए कहा, 'CBI ने अब तक कोई प्रेडिकेट ऑफेंस दर्ज नहीं किया है, इसके बावजूद ED ने जांच जारी रखी.' कोर्ट ने यह भी कहा कि जब मूल अपराध (Predicate Offence) ही दर्ज नहीं है, तो मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कैसे आगे बढ़ाई जा सकती है. कांग्रेस ने कहा- सत्य की जीत हुई कोर्ट के फैसले पर कांग्रेस ने कहा कि सत्य की जीत हुई है. मोदी सरकार की दुर्भावना और गैरकानूनी गतिविधियों का पर्दाफाश हो चुका है. वहीं कांग्रेस ने सभी आरोपों को नकारते हुए इसे राजनीति से प्रेरित मामला बताया है और कहा है कि इसमें किसी तरह का निजी आर्थिक लाभ नहीं लिया गया. यह मामला राउज़ एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई के लिए आया था, जहां अदालत ने ED की ओर से दाखिल विस्तृत रिकॉर्ड की जांच के बाद फैसला सुरक्षित रखा था. अब कोर्ट द्वारा संज्ञान लेने से इनकार किए जाने के बाद, ED के अगले कानूनी कदमों पर सभी की नजरें टिकी हैं. 'यह मामला ही निराधार था' इस मामले पर कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, 'यह निराधार मामला था.'  

यमुना एक्सप्रेसवे पर कुहासा का कहर: 5 बसों और कारों में आग, मथुरा, उन्नाव और बस्ती में भिड़ीं वाहन

 मथुरा यूपी के कई जिलों में कोहरे का कहर देखने को मिला. मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर कई गाड़ियां आपस में टकरा गईं जिसमें जनहानि हुई. वहीं, उन्नाव में एक तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर डिवाइडर से टकराने के बाद पलट गई. इस हादसे में चार लोगों की जान चली गई. इसी तरह बस्ती, बागपत आदि जिलों में भी सड़क हादसे हुए हैं.    टायर फटने से फॉर्च्यूनर बेकाबू, 4 की दर्दनाक मौत उन्नाव में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर मंगलवार सुबह करीब 5 बजे एक दर्दनाक हादसा हुआ. एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 241 (हवाई पट्टी के पास) पर तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर कार का टायर फट गया. अनियंत्रित कार पहले एक अज्ञात वाहन से टकराई और फिर डिवाइडर से जा भिड़ी. इस भीषण टक्कर में कार सवार चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. मृतकों में गाज़ियाबाद निवासी अशोक अग्रवाल और अभिनव अग्रवाल की पहचान हुई है. जबकि, अन्य मृतकों की शिनाख्त नहीं हो पाई है. पुलिस ने क्रेन की मदद से गाड़ी को एक्सप्रेसवे से हटवा दिया है. ट्रैफिक बाधित नहीं हुआ है.  यमुना एक्सप्रेस वे पर आगरा से मथुरा की ओर आने वाले रास्ते पर माइलस्टोन 127 के निकट मंगलवार सुबह करीब 4:30 बजे कोहरे के कारण 5 बस और एक कार भिड़ गईं। घटना के बाद इन सभी वाहनों में आग लग गई। इस घटना में 10 लोगों की मौत हो गई। जबकी 50 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं और एक व्यक्ति झुलस गया है। वाहनों में अंदर भी कुछ व्यक्ति फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। घटना की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी सीपी सिंह और एसएसपी श्लोक कुमार मौके पर पहुंच गए। जानकारी के अनुसार यह बसें प्राइवेट हैं और कानपुर से दिल्ली की ओर जा रही थी। जिलाधिकारी सीपी सिंह और एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया की इस भिड़ंत में 21 लोग घायल हुए हैं और एक व्यक्ति झुलसी अवस्था में अस्पताल भेजा है। इनमें से 38 लोग जिला अस्पताल भेजे हैं, नौ लोग सीएचसी बलदेव में इलाज करा रहे हैं। बस में अंदर कोई जला है या नहीं, यह जानकारी की जा रही है। वाहनों में आग इतनी भीषण लगी कि दूर-दूर तक आग की लपटें देखी जा रही थीं। इन वाहनों में आग लगने के कारण यमुना एक्सप्रेस वे पर आगरा से मथुरा की ओर का यातायात रुक गया। हादसे में आग इतनी भीषण थी कि कई शव पूरी तरह झुलस गए और लाशें लोथड़ों में बदल गईं। पोस्टमार्टम के लिए शवों को गठरी बांधकर भेजा गया। उधर, सूचना पर पहुंची पुलिस ने इस और आ रहे वाहनों को पहले ही रुकवा दिया। घटना की जानकारी मिलने पर दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और आग बुझाने के प्रयास शुरू हो गए। कई एंबुलेंस मौके पर पहुंच गईं, जिनके द्वारा घायलों को अस्पताल भेजा जाने लगा। मृतक के परिजनों को मिलेगा 2-2 लाख का मुआवजा वहीं, इस मामले में जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि यमुना एक्सप्रेसवे के 127 मील के निशान के पास एक दर्दनाक हादसा हुआ। इसमें 5 बसें और 2 कारें आपस में टकरा गईं और उनमें आग लग गई। इस हादसे में कई लोग घायल हुए और 10 लोगों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री ने तुरंत घटना का संज्ञान लिया और रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए मौके पर अधिकारियों को भेजा। सीएम योगी ने मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया है। जबकि घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। इसके अलावा रोडवेज ने भी मुआवजा का ऐलान किया है। रोडवेज बस के मृतकों के परिजनों को रोडवेज 5-5 लाख रुपये मिलेगा।

आईपीएल 2026 ऑक्शन में विदेशी खिलाड़ियों पर पैसों की बौछार, लेकिन मिलेगा केवल 18 करोड़

 नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के खिलाड़ियों की मिनी नीलामी 16 दिसंबर (मंगलवार) को अबू धाबी में होनी है. मिनी ऑक्शन से पहले एक ऐसे नियम की खूब चर्चा हो रही है, जिसकी जद में विदेशी खिलाड़ी आ रहे हैं. आईपीएल गवर्निंग काउंसिल के नियमों के मुताबिक मिनी ऑक्शन में कोई भी विदेशी खिलाड़ी अधिकतम 18 करोड़ रुपये ही कमा सकता है, भले ही फ्रेंचाइजी टीम उस पर इससे ज्यादा की ही बोली क्यों न लगा दे. यानी बोली 18 करोड़ से ऊपर जाने के बावजूद विदेशी खिलाड़ी को उतनी ही रकम मिलेगी. यह नियम आईपीएल 2025 के लिए हुई मेगा नीलमी में पहली बार लागू किया गया था. अब इसे मिनी ऑक्शन में भी लागू कर दिया गया है. इसका मकसद वित्तीय अनुशासन बनाए रखना और मिनी ऑक्शन में होने वाली अत्यधिक महंगी बोलियों पर लगाम लगाना है. मान लीजिए कि ऑस्ट्रेलिया के स्टार ऑलराउंडर कैमरन ग्रीन पर 30 करोड़ रुपये की बोली लगती है, लेकिन उनकी आईपीएल सैलरी सिर्फ 18 करोड़ रुपये होगी. बचे हुए 12 करोड़ रुपये भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) के प्लेयर्स वेलफेयर फंड में जाएंगे. हालांकि लेकिन फ्रेंचाइजी टीम को पूरी 30 करोड़ रुपये की रकम अपने पर्स से चुकानी होगी. केकेआर के पास सबसे बड़ा पर्स मिनी ऑक्शन के लिए कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के पास पर्स में सबसे ज्यादा 64.3 करोड़ रुपये हैं. वहीं पांच बार की चैम्पियन टीम चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के पास पर्स में 43.6 करोड़ रुपये मौजूद हैं. दोनों टीमों के पास पर्स में काफी रुपये बचे हैं, इसके बावजूद विदेशी खिलाड़ियों की सैलरी 18 करोड़ रुपये से ज्यादा नहीं होगी. यह नियम सिर्फ विदेशी खिलाड़ियों के लिए है और भारतीय खिलाड़ी पूरी बोली की रकम पाने के हकदार होंगे, चाहे वह 18 करोड़ से ज्यादा ही क्यों न हो. आईपीएल 2025 के लिए हुई मेगा नीलामी में ऋषभ पंत सबसे महंगे खिलाड़ी रहे थे. पंत को लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) ने 27 करोड़ रुपये में खरीदा था और उन्हें पूरी सैलरी मिली थी. पंत आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी हैं.

पहलगाम आतंकी हमले में साजिद जट्ट की भूमिका: पाकिस्तान के तार और लश्कर-ए-तैयबा का कनेक्शन

 नई दिल्ली एनआईए यानी नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने सोमवार (15 दिसंबर) को जम्मू की एक कोर्ट में पहलगाम आतंकी हमला मामले में सात लोगों पर आरोप लगाए हैं. इसमें पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) आतंकी संगठनों के पाकिस्तानी हैंडलर और आतंकवादी साजिद जट्ट भी शामिल है.  NIA की चार्जशीट में तीन पाकिस्तानी आतंकवादियों- सुलेमान शाह, हबीब ताहिर उर्फ ​​जिब्रान और हमजा अफगानी का भी नाम है, जिन्हें जुलाई में श्रीनगर के पास सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मार गिराया गया था. चार्जशीट में पाकिस्तान की साज़िश, आरोपियों की भूमिका और मामले में सहायक सबूतों का जिक्र किया गया है. इसके साथ ही, LeT/TRF पर पहलगाम हमले की योजना बनाने, सुविधा देने और उसे अंजाम देने में उनकी भूमिका के लिए आरोप लगाए गए हैं.  साजिद जट्ट कौन है? साजिद जट्ट, LeT का एक टॉप कमांडर है, जो पहलगाम हमले का मुख्य हैंडलर है. एनआईए ने 1,597 पन्नों की चार्जशीट में उसका नाम शामिल किया है. साजिद जट्ट को कई दूसरे नामों से भी जाना जाता है, जैसे- सैफुल्लाह, नुमी, नुमान, लंगड़ा, अली साजिद, उस्मान हबीब और शनि. अक्टूबर 2022 में उसे UA(PA) कानूनों के तहत 'व्यक्तिगत आतंकवादी' घोषित किया गया था. जांच एजेंसियों को शक है कि साजिद जट्ट पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में LeT के हेडक्वार्टर से काम करता है. वह न सिर्फ TRF का ऑपरेशनल चीफ है, बल्कि कश्मीर घाटी में भर्ती, फंडिंग और घुसपैठ के लिए भी ज़िम्मेदार है. साजिद जट्ट से जुड़े कुछ बड़े हमले हैं- 2023 का ढांगरी नरसंहार (वह इसका मुख्य साज़िशकर्ता था), मई 2024 में पुंछ में एयर फ़ोर्स के काफिले पर हमला और जून 2024 में रियासी बस हमला. साजिद जट्ट पर हाइब्रिड आतंकवादियों को लॉजिस्टिकल और ऑपरेशनल मदद देने का भी आरोप है. उसे कश्मीर में आतंकवादी नेटवर्क का सबसे खतरनाक चेहरा माना जाता है. कौन सी धारा लगाई गई? अपनी चार्जशीट में, NIA ने आरोपियों के खिलाफ भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए दंडात्मक धारा भी लगाई है. इसके अलावा, दो और संदिग्ध – परवेज़ अहमद और बशीर अहमद के खिलाफ भी चार्जशीट दायर की गई है. इनकों NIA ने 22 जून को तीन आतंकवादियों को पनाह देने के आरोप में गिरफ्तार किया था. पूछताछ के दौरान, दोनों ने पहलगाम हमले में शामिल तीनों आतंकवादियों की पहचान बताई थी और यह भी कन्फर्म किया था कि वे पाकिस्तानी नागरिक थे और LeT से जुड़े थे.

उत्तर प्रदेश में टाटा समूह के साथ बहुआयामी सहयोग, ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के लक्ष्य को मिलेगी गति

मुख्यमंत्री योगी से मिले टाटा संस के चेयरमैन, यूपी में एआई सिटी, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और हाई-टेक निवेश पर बनी सहमति उत्तर प्रदेश में टाटा समूह के साथ बहुआयामी सहयोग, ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के लक्ष्य को मिलेगी गति लखनऊ में एआई सिटी, गोरखपुर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, युवाओं के लिए तकनीक व रोजगार के नए द्वार टीसीएस की इकाईयों का होगा विस्तार,30 हजार तक बढ़ेगा आईटी कार्यबल, यूपी में जीसीसी की स्थापना पर भी हुई चर्चा इलेक्ट्रॉनिक्स व डिफेंस कॉरिडोर में टाटा समूह बढ़ाएगा निवेश, यूपी बनेगा मैन्युफैक्चरिंग हब लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सोमवार को टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश में टाटा समूह द्वारा संचालित एवं प्रस्तावित परियोजनाओं की प्रगति, विस्तार तथा नए निवेश प्रस्तावों पर व्यापक और सार्थक चर्चा हुई। बैठक में एआई, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा विनिर्माण, ऊर्जा, नवीकरणीय ऊर्जा, ईवी, पर्यटन, कौशल विकास और डिजिटल अर्थव्यवस्था सहित विभिन्न क्षेत्रों में दीर्घकालिक सहयोग को लेकर सहमति बनी। बैठक के दौरान टाटा संस के चेयरमैन ने राजधानी लखनऊ में ‘एआई सिटी’ विकसित करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। यह परियोजना उत्तर प्रदेश को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में वैश्विक हब के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। एआई सिटी के माध्यम से प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा मिलेगा तथा भविष्य की तकनीकों पर आधारित हजारों नए रोजगार अवसर सृजित होंगे। इसके साथ ही गोरखपुर में 48 करोड़ रुपये से तैयार हो रहे ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की स्थापना कार्य की प्रगति पर भी चर्चा हुई, जिससे विशेष रूप से पूर्वांचल के युवाओं को उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण और अवसर प्राप्त होंगे। टाटा समूह ने अवगत कराया कि आईआईटी कानपुर के साथ किए गए एमओयू के माध्यम से एआई, साइबर सिक्योरिटी, डेटा साइंस, 3डी प्रिंटिंग, ड्रोन और स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। यह पहल प्रदेश में स्किल डेवलपमेंट और इंडस्ट्री-रेडी वर्कफोर्स तैयार करने में सहायक होगी। बैठक में टाटा संस के मुखिया की ओर से प्रदेश में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) की स्थापना को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ, साथ ही टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज की लखनऊ, नोएडा और वाराणसी इकाइयों के विस्तार पर भी सहमति बनी। टीसीएस की लखनऊ और नोएडा यूनिट में कार्यबल को 16,000 से बढ़ाकर 30,000 किए जाने का प्रस्ताव राज्य के डिजिटल टैलेंट पूल को नई मजबूती प्रदान करेगा। इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की तेजी से विकसित होती क्षमता को देखते हुए टाटा समूह ने मोबाइल उपकरणों, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स और अन्य हाई-टेक उत्पादों के निर्माण में निवेश बढ़ाने की इच्छा जताई। इस संदर्भ में टाटा समूह द्वारा इंटेल के साथ किए गए एमओयू का उल्लेख करते हुए प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को और मजबूत करने पर चर्चा हुई। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक बसों, ईवी और अन्य वाहनों के नए मॉडलों के निर्माण में भी सहयोग और निवेश विस्तार पर सहमति बनी। बैठक में उत्तर प्रदेश के डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर को लेकर भी विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। टाटा समूह ने झांसी सहित प्रदेश के विभिन्न रक्षा औद्योगिक नोड्स में ड्रोन, मिसाइल और रक्षा वाहनों के निर्माण के लिए निवेश बढ़ाने का प्रस्ताव रखा। झांसी में बीडा के अंतर्गत परियोजना विस्तार की जानकारी साझा करते हुए टाटा समूह ने मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप प्रदेश की रक्षा प्राथमिकताओं में पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार निवेशकों को स्थिर नीति, पारदर्शी व्यवस्था और अनुकूल कारोबारी वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि टाटा समूह के साथ यह बहुआयामी सहयोग राज्य की अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन और तकनीकी आत्मनिर्भरता को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। मुख्यमंत्री और टाटा संस के चेयरमैन के बीच हुई यह बैठक उत्तर प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाने के संकल्प की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगी।

जापान से साउथ कोरिया तक बाजारों में मची अफरा-तफरी, सेंसेक्स-निफ्टी में भारी गिरावट

मुंबई  शेयर बाजार (Stock Market) में मंगलवार को भी बड़ी गिरावट देखने को मिली है. सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स खुलने के साथ ही धड़ाम नजर आए. विदेशी बाजारों में जारी भगदड़ के बीच बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स ओपन होते ही 300 अंक से ज्यादा फिसल गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स भी बड़ी गिरावट लेकर खुला. बता दें कि सोमवार की तरह मंगलवार को भी एशियाई बाजारों में कोहराम (Asian Market Crash) मचा हुआ है, जापान को निक्केई, साउथ कोरिया का कोस्पी और हांगकांग का हैंगसेंड करीब 2 फीसदी तक फिसले हैं. इस बीच BSE लार्जकैप में शामिल 30 में से 27 शेयर रेड जोन में खुले हैं.  Sensex-Nifty खुलते ही बिखरे शेयर मार्केट (Stock Market) में कारोबार की शुरुआत होने पर बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 85,213 की तुलना में फिसलकर 85,025 के लेवल पर ओपन हुआ और फिर इसमें तेज गिरावट आती चली गई. महज 10 मिनट के कारोबार के दौरान ही Sensex 380 अंकों के आसपास की गिरावट लेकर 84,833 तक फिसल गया.  NSE Nifty की बात करें, तो इसका हाल भी सेंसेक्स की तरह ही है. ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले बंद 26,027 से फिसलकर 25,951 पर खुला और फिर 120 अंक से ज्यादा की गिरावट लेकर 25,912 के लेवल पर आ गया.  एशियाई बाजार आज भी Crash एशियाई बाजारों में मंगलवार को भी खुलने के साथ ही भगदड़ का माहौल देखने को मिला है. Gift Nity 100 अंक फिसलकर कारोबार कर रहा था, तो वहीं जापान का निक्केई (Japan Nikkei) 700 अंक से ज्यादा फिसलकर 49,355 पर आ गया. हांक कांग का Hang Seng भी करीब 2 फीसदी तक टूट गया और 25,122 पर ट्रेड करता दिखा, इसके अलावा साउथ कोरिया का Kospi Index 1.80 फीसदी फिसलकर 4024 पर कारोबार कर रहा था.  US मार्केट भी लाल-लाल न सिर्फ एशियाई बाजारों में गिरावट का सिलसिला जारी है, बल्कि बीते कारोबारी दिन अमेरिकी शेयर बाजार भी बेहाल नजर आए. US Stock Market को देखें, तो Dow Future 112 अंक गिरकर बंद हुआ था, तो वहीं Dow Jones 42 अंक टूटकर बंद हुआ था. S&P 500 इंडेक्स भी मामूली गिरावट लेकर रेड जोन में क्लोज हुआ था.  आज ये 10 बड़े शेयर धड़ाम   विदेशों से निगेटिव सिग्नल के बीच भारतीय शेयर बाजार में आई बड़ी गिरावट में सबसे ज्यादा बिखरने वाले शेयरों के बारे में बात करें, तो BSE के लार्जकैप में शामिल Axis Bank Share (3.40%), Eternal Share (3.35%), Infosys Share (1.30%), BEL Share (1.20%) और Tata Steel Share (1.15%) की गिरावट लेकर कारोबार कर रहे थे. मिडकैप कैटेगरी में शामिल Ola Electric Share (3%), BHEL Share (2.20%), KPI Tech Share (1.90%) फिसला था. इसके अलावा स्मॉलकैप शेयरों में Taril Share (5.55%) और Stallion Share (5%) की गिरावट में ट्रेड कर रहे थे. 

तानसेन समारोह-2025: विश्वविख्यात संगीतज्ञ पं. राजा काले एवं पं. तरुण भट्टाचार्य तानसेन अलंकरण से विभूषित

तानसेन समारोह-2025 कला व संस्कृति के संरक्षण के साथ प्रदेश सरकार विकास पथ पर अग्रसर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव विश्वविख्यात संगीतज्ञ पं. राजा काले एवं पं. तरुण भट्टाचार्य तानसेन अलंकरण से विभूषित साधना परमार्थिक संस्थान समिति मण्डलेश्वर एवं रागायन संगीत समिति ग्वालियर को मिला राजा मानसिंह तोमर सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव के वर्चुअल मुख्य आतिथ्य में 101वे तानसेन संगीत समारोह का भव्य शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा भारतीय शास्त्रीय संगीत के शिखर पुरुष थे तानसेन संस्कृति मंत्री लोधी ने की कार्यक्रम की अध्यक्षता एवं ऊर्जा मंत्री तोमर बतौर विशिष्ट अतिथि हुए शामिल ग्वालियर संगीतधानी ग्वालियर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के वर्चुअल मुख्य आतिथ्य में आयोजित हुए तानसेन समारोह में शास्त्रीय संगीत के प्रख्यात गायक पं. राजा काले मुम्बई को वर्ष 2024 एवं विश्व विख्यात संतूर वादक पं. तरुण भट्टाचार्य कोलकाता को वर्ष 2025 के तानसेन अलंकरण से विभूषित किया गया। इसी तरह मण्डलेश्वर की साधना परमार्थिक संस्थान समिति को वर्ष 2024 एवं ग्वालियर की रागायन संगीत समिति को वर्ष 2025 के राजा मानसिंह तोमर सम्मान से अलंकृत किया गया। साधना परमार्थिक संस्था की ओर से श्रीमती प्रेरणा कोल्हटकर एवं रागायन संस्था की ओर से महंत रामसेवकदास जी महाराज ने सम्मान प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी सम्मानित मूर्धन्य संगीत साधकों को बधाई एवं शुभकामनायें दीं। साथ ही कहा कि मध्यप्रदेश सरकार कला, संस्कृति का संरक्षण करते हुए विकास के पथ पर अग्रसर है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में सांस्कृतिक अभ्युदय हो रहा है। ऐतिहासिक ग्वालियर दुर्ग से पूरी दुनिया को शून्य का परिचय करा रहे “चतुर्भुज मंदिर” की थीम पर तानसेन समाधि परिसर में बने भव्य एवं आकर्षक मंच पर सोमवार की सांध्य बेला में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के वर्चुअल मुख्य आतिथ्य में शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में देश एवं दुनिया के सर्वाधिक प्रतिष्ठित महोत्सव तानसेन समारोह का भव्य शुभारंभ हुआ। समारोह की अध्यक्षता संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने की। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर एवं विधायक मोहन सिंह राठौर बतौर विशिष्ट अतिथि मंचासीन थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि संगीत की नगरी ग्वालियर में आयोजित होने वाला तानसेन संगीत समारोह प्रदेश व देश का सबसे प्रतिष्ठित समारोह है। संगीत सम्राट तानसेन भारतीय शास्त्रीय संगीत के शिखर पुरुष थे। तानसेन की सुर और तान ने ग्वालियर को दुनिया में अलग पहचान दिलाई। गान महिर्षि तानसेन ने अपने गुरू स्वामी हरिदास जी के साधिन्य में संगीत की बारीकियां सीखकर ध्रुपद गायिकी सहित शास्त्रीय संगीत को नए आयाम दिए। तानसेन की ख्याति ऐसी थी कि उन्हें अकबर ने अपने नवरत्नों में शामिल किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वैदिक काल से शास्त्रीय संगीत हमारे जीवन और संस्कृति का हिस्सा रहा है। सामवेद इसका साक्षी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में कला व संस्कृति को नए आयाम मिल रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी अद्वितीय छाप छोड़ रहा है। आज पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है। वैभवशाली सांस्कृतिक परंपरा की सतत यात्रा है तानसेन समारोह – संस्कृति मंत्री लोधी संस्कृति एवं पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने कहा कि तानसेन समारोह उस वैभवशाली सांस्कृतिक परंपरा की सतत यात्रा है, जिसमें पिछले 101 वर्षों से संगीत की आत्मा, रागों की अनुभूति और स्वर की साधना एक सामूहिक तपस्या बनकर प्रवाहमान हो रही है। यह समारोह हमें याद दिलाता है कि संगीत हमारी परंपरा, हमारी जड़ों व हमारी आत्मा का संवाद है। उन्होंने कहा हमारे लिए खुशी की बात है कि ग्वालियर की पुण्य धरा पर आयोजित तानसेन समारोह में आने का अवसर मिला है। तानसेन महोत्सव में जब संगीत के सुर गूंजते हैं तब हम केवल आनंदित ही नहीं होते बल्कि हमें भारतीयता, विवेक और आध्यात्मिक शक्ति का आभास भी होता है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी मान्यता है कि स्वर ही ब्रम्ह है और ब्रम्ह ही सत्य है। इसी सत्य को तानसेन ने अपने जीवन, तप और संगीत के स्वरों में मूर्तरूप प्रदान किया। मंत्री लोधी ने इस अवसर पर तानसेन अलंकरण व राजा मानसिंह तोमर सम्मान से विभूषित साधकों का मध्यप्रदेश सरकार की ओर से हार्दिक स्वागत व अभिनंदन कर उन्हें बधाई दी। ग्वालियरवासियों के लिये आज गौरव का दिन : ऊर्जा मंत्री तोमर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि ग्वालियरवासियों के लिये आज गौरव का दिन है। खुशी की बात है कि ग्वालियर की धरा पर देश व दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित समारोहों में से एक तानसेन समारोह का आयोजन हो रहा है। उन्होंने सम्मानित कलाकारों का अभिनंदन किया और बधाई दी। कार्यक्रम में विधायक मोहन सिंह राठौर ने भी विचार व्यक्त किए। तानसेन अलंकरण से विभूषित प्रख्यात शास्त्रीय गायक पं. राजा काले ने ग्वालियर घराने के मूर्धन्य संगीतज्ञ एवं अपने गुरू राजा भैया पूछवाले को याद किया। साथ ही ग्वालियर घराने की भाव सौंदर्य युक्त गायिकी को यह सम्मान समर्पित किया। उन्होंने तानसेन अलंकरण प्रदान करने के लिये मध्यप्रदेश सरकार के प्रति आभार भी जताया। इनकी रही मौजूदगी शुभारंभ समारोह में अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं प्रमुख सचिव संस्कृति शिवशेखर शुक्ला भी शामिल हुए। यहां मुख्य मंच पर संभाग आयुक्त मनोज खत्री, कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान, नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय, संस्कृति संचालक एन पी नामदेव व उस्ताद अलाउद्दीन खाँ संगीत, कला अकादमी प्रकाश सिंह ठाकुर एवं दीपक शर्मा मंचासीन थे। सम्मान राशि, प्रशस्ति पत्र व शॉल-श्रीफल भेंट कर किया सम्मान राष्ट्रीय तानसेन अलंकरण के रूप में ब्रम्हनाद के दोनों शीर्षस्थ साधकों को आयकर मुक्त पाँच – पाँच लाख रूपए की सम्मान राशि, प्रशस्ति पट्टिका व शॉल-श्रीफल भेंट किए गए। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा संगीत सम्राट तानसेन के नाम से स्थापित यह सम्मान भारतीय शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में सर्वोच्च राष्ट्रीय संगीत सम्मान है। इसी तरह संगीत एवं कला के संरक्षण व संवर्धन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहीं दोनों संस्थाओं को भी पाँच – पाँच लाख रूपए की सम्मान राशि, प्रशस्ति पट्टिका व शॉल-श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की वर्चुअल मौजूदगी में आरंभ में अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर इस साल के तानसेन समारोह का शुभारंभ किया। कलाकारों के सम्मान में प्रशस्ति वाचन संस्कृति संचालक एन पी नामदेव ने किया। अंत में निदेशक अलाउद्दीन खाँ … Read more