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मुख्यमंत्री इंदौर में देंगे मेट्रो को लेकर बड़ी सौगात, मेट्रोपॉलिटन एरिया और अंडरग्राउंड रूट पर होगी चर्चा

  इंदौर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज 14 दिसंबर को रेसीडेंसी कोठी में शहर में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे। इस महत्वपूर्ण बैठक का मुख्य फोकस इंदौर मेट्रो ट्रेन के अंडरग्राउंड रूट पर रहेगा। इंदौर में यह बैठक सरकार के दो साल पूर्ण होने के बाद हो रही है। इस कारण माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री इंदौर को सौगात दे सकते है। बैठक में इंदौर के मेट्रोपाॅलिटन सिटी एरिया की घोषणा हो सकती है। पहले इसका एरिया छह हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में था। बाद में इंदौर विकास प्राधिकरण ने इसका प्रस्ताव 9 हजार वर्गकिलोमीटर एरिया किया है और प्रस्ताव सरकार को भेजा था। इस एरिया में उज्जैन, देवास, महू व धार की पंचायतें, कुछ नगरीय निकाय शामिल होंगे। एरिया की सीमा का खुलासा बैठक के दौरान होगा। मुख्यमंत्री इस बात पर अंतिम फैसला ले सकते हैं कि मेट्रो के रूट में कोई बदलाव किया जाएगा या पुराना रूट ही बरकरार रहेगा। पिछले दिनों मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने तय अंडरग्राउंड रुट पर आपत्ति ली थी और मेट्रो को बंगाली काॅलोनी से ही अंडरग्राउंड करने पर जोर दिया था।   मेट्रो के अलावा, बैठक में बीआरटीएस की बस रैलिंग हटाने में हो रही देरी को लेकर भी चर्चा होगी। नौ महीने से अधिक समय तक रैलिंग नहीं हटाए जाने पर हाईकोर्ट ने भी नाराजगी व्यक्त की है। बीआरटीएस पर बनने वाले नए ब्रिजों को लेकर भी फैसला हो सकता है। समीक्षा बैठक में सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे। आगामी सिंहस्थ के मद्देनजर शहर में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा भी की जाएगी। शहर के मास्टर प्लान की 23 सड़कों पर काम शुरू हो चुका है, लेकिन कुछ सड़कों के मार्ग में अभी भी बाधक निर्माण नहीं हटाए गए हैं।   

नई रिसर्च में खुलासा: विटामिन B3 (Nicotinamide) से स्किन कैंसर का खतरा 14% तक घट सकता है

  नई दिल्ली कैंसर का नाम सुनते ही लोग खौफ में आ जाते हैं. इस बीमारी से होने वाले जान के खतरे के साथ ही लोगों को इसके इलाज में खर्च होने वाले पैसे का इंतजाम करने का भी स्ट्रेस होने लगता है. दरअसल, इसका इलाज बहुत महंगा होता है और उसमें लाखों रुपये खर्च हो जाते हैं. यहां तक कि इसकी टेस्टिंग भी बहुत महंगी होती है.  ऐसे में अक्सर लोग सोचते हैं कि कैंसर से बचने के लिए महंगी दवाइयां, बड़े-बड़े इलाज या मुश्किल थेरेपी की जरूरत होती है. लेकिन अगर हम कहें कि स्किन कैंसर जैसे खतरनाक और दुनिया के सबसे आम कैंसर से बचाव एक सस्ती, रोज ली जाने वाली विटामिन की गोली से हो सकता है, तो? सुनने में हैरानी जरूर होती है, लेकिन एंग्लिया रस्किन यूनिवर्सिटी के बायोमेडिकल साइंसेज के प्रोफेसर, जस्टिन स्टेबिंग के अनुसार, एक नई रिसर्च ने यही साबित किया है. है ना चौंकाने वाली बात? चलिए जानते हैं कौन सा है ये विटामिन और कैसे ये स्किन कैंसर के खतरे को कम करता है.   कौस सा विटामिन करता है स्किन कैंसर से बचाव? Nicotinamide, यानी विटामिन B3 का बहुत ही साधारण और सस्ता रूप, स्किन कैंसर के खतरे को कम कर सकता है. खास बात ये है कि इसका फायदा उन लोगों में और भी ज्यादा है जिन्हें पहले से एक बार स्किन कैंसर हो चुका है. इस स्टडी ने स्किन कैंसर प्रिवेंशन को एक नया मोड़ दे दिया है और डॉक्टरों को अपने पुराने तरीकों पर फिर से सोचने पर मजबूर कर दिया है. कैसे काम करता है Nicotinamide? Nicotinamide विटामिन B3 का एक रूप है, जो शरीर की एनर्जी बनाने में मदद करता है और स्किन को रिपेयर करने की प्रोसेस को तेज करता है. ये UV किरणों से हुए डैमेज को ठीक करने में मददगार होता है और स्किन में होने वाली सूजन को कम करता है. इसके अलावा, ये इम्यून सिस्टम को इतना मजबूत बनाता है कि वो खराब सेल्स को जल्दी पहचान सके. इस तरह, ये विटामिन स्किन को कैंसर बनने से पहले ही लड़ने की ताकत देता है. क्यों बढ़ रहा है स्किन कैंसर? स्किन कैंसर दुनिया में सबसे ज्यादा पाया जाने वाला कैंसर है और हर साल इसके लाखों नए केस सामने आते हैं. खासकर बेसल सेल कार्सिनोमा और स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. ये कैंसर ज्यादा धूप में रहने, गोरी स्किन, बढ़ती उम्र और UV किरणों के ज्यादा एक्सपोजर से जुड़ा होता है. सबसे चिंताजनक बात ये है कि जिन्हें एक बार स्किन कैंसर हो चुका हो, उनमें इसके दोबारा होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. कितने लोगों पर की गई रिसर्च? नई रिसर्च 33,000 से ज्यादा अमेरिकी वेटरंस पर की गई थी. इसमें 12,000 लोग Nicotinamide (500 mg, दिन में दो बार) ले रहे थे, जबकि 21,000 लोग कोई सप्लीमेंट नहीं ले रहे थे. इतने बड़े ग्रुप पर की गई स्टडी ने स्किन कैंसर प्रिवेंशन को लेकर बेहद अहम जानकारी सामने रखी. क्या मिला नतीजा? रिसर्च के नतीजे हैरान कर देने वाले थे. Nicotinamide लेने वाले लोगों में नया स्किन कैंसर होने का खतरा लगभग 14% कम पाया गया. यानी सिर्फ एक सस्ती विटामिन की नियमित खुराक स्किन कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम कर सकती है. ये भी सामने आया कि अगर ये सप्लीमेंट पहली बार स्किन कैंसर डाइजनोज होने के तुरंत बाद शुरू किया जाए, तो दूसरी बार ये कैंसर होने का खतरा 54% तक कम हो सकता है. यह फायदा खास तौर पर स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा में सबसे ज्यादा देखा गया. सबसे बड़ा फायदा कब मिलता है? स्टडी ने साफ दिखाया कि इसका प्रभाव तभी सबसे ज्यादा होता है जब Nicotinamide को सही समय पर यानी पहले कैंसर के तुरंत बाद शुरू किया जाए. इससे शरीर को कैंसर बनने से पहले ही उससे लड़ने की ताकत मिलती है. क्या ये सनस्क्रीन का ऑप्शन है?  Nicotinamide स्किन कैंसर रोकने का एक नया और असरदार तरीका जरूर है, लेकिन ये कभी भी सनस्क्रीन का ऑप्शन नहीं हो सकता. डॉक्टर साफ कहते हैं कि आपको अब भी धूप में कम समय बिताना चाहिए, रोज सनस्क्रीन लगानी चाहिए, टोपी और फुल-स्लीव कपड़े पहनने चाहिए और स्किन की नियमित चेकअप करानी चाहिए. Nicotinamide सिर्फ एक extra protection की तरह काम करता है, धूप से बचाव की बुनियादी आदतों को ये रिप्लेस नहीं करता. इतना खास क्यों है ये विटामिन? इस विटामिन की खासियत इसकी आसान उपलब्धता और सुरक्षा में है. ये बेहद सस्ता है, आसानी से मिल जाता है और रोजाना बिना किसी परेशानी के लिया जा सकता है. सबसे बड़ी बात, ये स्किन कैंसर के दोबारा होने के खतरे को कम करने में प्रभावी साबित हुआ है. कई महंगी दवाइयों और बीमारी के इलाज की तुलना में Nicotinamide एक आसान, सुरक्षित और किफायती ऑप्शन है.  कुछ बातें अभी भी पूरी तरह साफ नहीं हैं. ये स्टडी एक ऑब्जर्वेशनल रिसर्च थी, जिसका मतलब है कि इसे मेडिकल रिकॉर्ड्स के आधार पर किया गया था, न कि किसी कंट्रोल्ड ट्रायल की तरह जहां सभी परिस्थितियां तय होती हैं. इसी वजह से कुछ सीमाएं बनी रहती हैं. स्टडी में ज्यादातर गोरी स्किन वाले पुरुष शामिल थे, इसलिए अलग-अलग नस्लों, महिलाओं और युवा लोगों पर इसका असर कैसा होगा, यह अभी पता नहीं है. इसके अलावा, जिन लोगों को कभी स्किन कैंसर नहीं हुआ, उन पर Nicotinamide का क्या प्रभाव होगा, यह भी अभी क्लियर नहीं है.

महिला अपराधियों की संख्या में वृद्धि, जानिए दुनिया भर के जेलों में कितनी महिलाएं बंद हैं

 नई दिल्ली  पुरुषों की तुलना में कम संख्या में महिलाओं को जेल भेजा जाता है. इसके बावजूद दुनियाभर के जेलों में महिला कैदियों की संख्या बढ़ रही है. ऐसे में जानते हैं कि मौजूदा समय में दुनिया भर के जेलों में बंद महिला कैदियों की कुल संख्या कितनी है और इस मामले में सबसे आगे कौन सा देश है. साथ ही ऐसा होने के पीछे क्या वजहें हैं, इसे जानने की कोशिश करेंगे.  गार्जियन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया भर में महिला कैदियोंकी संख्या बढ़ रही है.  महिलाओं को  ज्यादातर मामलों में गैर-हिंसक अपराधों के लिए जेल भेजा जाता है. महिलाओं द्वारा किए गए अपराध अक्सर गरीबी से  जुड़े होते हैं. महिलाएं अक्सर अपने परिवार और बच्चों का भरण-पोषण और जीवित रहने के लिए गैर हिंसक अपराधों में संलग्न हो जाती हैं. इनमें तस्करी से लेकर देह व्यापार तक शामिल होता है.  विश्वभर में कितनी महिलाएं जेल में बंद हैं? अपराध और न्याय नीति अनुसंधान संस्थान (Institute for Crime and Justice Policy Research)के अनुसार, विश्व स्तर पर 733,000 से अधिक महिलाएं और लड़कियां जेलों में बंद हैं. इनमें से कईयों या तो मुकदमे से पहले हिरासत में लिया गया है, कई विचाराधीन कैदी हैं, कुछ दोषी ठहराई गई हैं और कईयों को सजा सुनाया जा चुका है.  माना जाता है कि जेलों में बंद महिलाओं की वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है, क्योंकि पांच देशों के आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं और चीन के आंकड़े अपुष्ट हैं.राष्ट्रीय जेलों में बंद कैदियों की कुल संख्या में महिलाएं हमेशा अल्पसंख्यक रही हैं.   जेल में तेजी से बढ़ रही है महिलाओं की संख्या जेलों में बंद महिला और पुरुषों की संख्या में  महिलाओं का औसत केवल 2-9% रहा है. यह आंकड़ा 2024 में वैश्विक रूप से बढ़ा. क्योंकि पिछले साल जेल में बंद लोगों में महिलाओं और लड़कियों की हिस्सेदारी मात्र 6.8% पहुंच गई है. जेल जाने के मामले में पुरुषों की तुलना में महिलाओं की संख्या अधिक तेजी से बढ़ रही है. वर्ष 2000 से लेकर अब तक, जेल में बंद महिलाओं और लड़कियों की संख्या में लगभग 60% की वृद्धि हुई है – जो पुरुषों की जेल आबादी में लगभग 22% की वृद्धि की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक है. 2020 के अंत तक पिछले 10 वर्षों में विश्वस्तर पर जेल में बंद महिलाओं की संख्या में 100,000 से अधिक की वृद्धि हुई है. किन देशों में सबसे अधिक महिलाएं जेल में हैं? अगर देश की बात करें तोअमेरिका में महिला कैदियों की संख्या सबसे अधिक है, जो 174,607 है. इसके बाद चीन में 145,000 महिलाएं और लड़कियां जेल में बंद हैं. साथ ही मुकदमे से पहले की हिरासत और प्रशासनिक हिरासत (जब किसी व्यक्ति को बिना मुकदमे के हिरासत में रखा जाता है) में अज्ञात संख्या में महिलाएं और लड़कियां हैं. अमेरिका और चीन के बाद बाद ब्राजील में 50,441, रूस में 39,153, थाईलैंड में 33,057, भारत में 23,772, फिलीपींस में 17,121, तुर्की में 16,581, वियतनाम 15,152, मैक्सिको में 13,841 और इंडोनेशिया में 13,044 महिला कैदी हैं.  इंग्लैंड और वेल्स में 3,566 महिलाएं जेल में हैं – जो कुल कैदियों की संख्या का 4% है , लेकिन अनुमान है कि 2027 तक यह संख्या बढ़कर 4,200 हो जाएगी. यूरोप में 94,472 महिलाएं हिरासत में हैं , जबकि ऑस्ट्रेलिया में 3,473 महिलाएं जेल में हैं, जो कुल कैदियों की संख्या का लगभग 8% है. महिलाओं के जेल जाने के पीछे गरीबी है बड़ी वजह पेनल रिफॉर्म इंटरनेशनल, वीमेन बियॉन्ड वॉल्स और ग्लोबल कैंपेन टू डिक्रिमिनलाइज़ पॉवर्टी एंड स्टेटस द्वारा किए गए शोध में पाया गया कि कानून जीवनयापन के लिए किए जाने वाले कुछ कृत्यों को अपराध मानते हैं और महिलाएं इससे असमान रूप से प्रभावित होती हैं.  कुछ देशों में, गर्भपात, व्यभिचार, यौन दुराचार और वेश्यावृत्ति को अपराध मानने वाले कानून  महिलाओं को ही प्रभावित करते हैं. इसके अलावा महिलाओं को  कारावास की सजा मिलने की एक वजह आर्थिक रूप से असमर्थता भी है. क्योंकि छोटे-मोटे अपराधों के लिए जुर्माना भरने या जमानत राशि का भुगतान करने में गरीबी की वजह से महिलाएं असमर्थ होती हैं. इस वजह से उन्हें जेल में डाल दिया जाता है.

छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों की बड़ी सफलता, गरियाबंद में दो कुख्यात माओवादी इनामी समेत आत्मसमर्पण

गरियाबंद छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत 10 लाख के दो इनामी माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। छत्तीसगढ़ सरकार और शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति तथा पुलिस की सतत अपील से प्रभावित होकर प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) के डीजीएन डिवीजन में सक्रिय दो माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ते हुए आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पण करने वालों में एसडीके एरिया कमेटी सदस्य संतोष उर्फ लालपवन और सीनापाली एरिया कमेटी सदस्य मंजू उर्फ नंदे शामिल हैं। दोनों पर कुल 10 लाख रुपए का इनाम घोषित था। संतोष उर्फ लालपवन मूलतः बीजापुर जिले का निवासी है, जो वर्ष 2005 से माओवादी संगठन में सक्रिय था। वह विभिन्न दलम, प्लाटून और एरिया कमेटियों में कार्य करते हुए लंबे समय तक सीसी स्तर के नेताओं की सुरक्षा टीम में भी शामिल रहा। गरियाबंद और ओडिशा सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय रहते हुए वह कई गंभीर नक्सली घटनाओं, आईईडी ब्लास्ट और मुठभेड़ों में शामिल रहा, जिनमें पुलिस बल को नुकसान पहुंचा। इसके बाद में वह एसडीके और उदंती एरिया कमेटी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहा था। वहीं, मंजू उर्फ नंदे सुकमा जिले की रहने वाली है और वर्ष 2002 से संगठन से जुड़ी थी। बाल संगठन से लेकर एलओएस, सीएनएम और एरिया कमेटी तक का सफर तय करते हुए वह सीनापाली एरिया कमेटी की सदस्य बनी। गरियाबंद-नुआपाडा सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय रहते हुए वह भी कई मुठभेड़ों में शामिल रही, जिनमें अनेक माओवादी मारे गए। आत्मसमर्पण के दौरान दोनों माओवादियों ने बताया कि संगठन की विचारधारा खोखली हो चुकी है। जंगलों में कठिन जीवन, लगातार हिंसा, बीमारी और असुरक्षा के बीच भविष्य अंधकारमय हो गया था। दूसरी ओर शासन की आत्मसमर्पण-पुनर्वास नीति के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता, आवास, स्वास्थ्य और रोजगार सुविधाओं तथा पहले आत्मसमर्पण कर चुके साथियों के बेहतर जीवन से वे प्रभावित हुए। गरियाबंद पुलिस द्वारा गांव-गांव में चलाए गए प्रचार और अपील ने भी उन्हें यह कदम उठाने के लिए प्रेरित किया। गरियाबंद पुलिस ने दोनों के आत्मसमर्पण को बड़ी सफलता बताते हुए क्षेत्र में सक्रिय अन्य माओवादियों से भी अपील की है कि वे हिंसा का मार्ग छोड़कर नजदीकी थाना, चौकी या कैंप में आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटें, जिससे आने वाले दिनों में उनको काफी फायदा होने वाला है।

गैस चैंबर बनी राजधानी: दिल्ली में AQI 430 के पार, फिलहाल प्रदूषण से राहत नहीं

नई दिल्ली दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक सबसे ज्यादा खराब स्थिति में पहुंच गई है। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, शनिवार को दिल्ली का AQI 431 के अंक पर पहुंच गया है। यह इस साल का सबसे खराब AQI है। इससे पहले नवंबर महीने में तीन दिन ऐसे रहे थे जब सूचकांक 400 से ऊपर यानी गंभीर श्रेणी में रहा हो। अब गंभीर श्रेणी वाला यह चौथा दिन है। दिल्ली के ज्यादातर इलाकों का एक्यूआई 400 से ऊपर बना हुआ है। दिल्ली में AQI का यह सबसे खराब स्तर है। इससे पहले दिल्ली में 11 नवंबर को AQI 428 अंक पर था। यह इस साल का सबसे ज्यादा प्रदूषित दिन था लेकिन आज के आंकड़े ने इस रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। शनिवार को 431 AQI के साथ दिल्ली वालों को साल की सबसे ज्यादा जहरीली हवा का सामना करना पड़ा। दिल्ली में 12 नवंबर को सूचकांक 418 और 13 नवंबर को सूचकांक 404 के अंक पर रहा था। यानी गंभीर श्रेणी वाली हवा का यह इस साल में चौथा दिन है। 15 इलाकों में AQI 450 से ज्यादा केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से प्राप्त आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली के अधिकांश इलाकों में AQI 400 अंकों के पार रिकॉर्ड किया गया। शाम को चार बजे दिल्ली के 15 इलाकों में तो एक्यूआई 450 से ज्यादा रहा। एक्यूआई 401 से 450 तक के AQI को गंभीर श्रेणी में रखा जाता है जबकि 451 से 500 तक के सूचकांक को गंभीरतम श्रेणी में रखा जाता है। 24 घंटे के भीतर 82 अंकों की बढ़ोतरी एक दिन पहले शुक्रवार को दिल्ली में एक्यूआई 349 के अंक पर था। बीते 24 घंटों के भीतर इसमें 82 अंकों की तेज बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली के वायु मंडल पर धूल और धुएं की एक परत छाई हुई है। राहत के नहीं आसार दिल्ली में हवा की रफ्तार आमतौर पर दस किलोमीटर प्रति घंटे से कम है। साथ ही ठंड बढ़ने से पलूशन के कण ज्यादा देर तक वायु मंडल में बने हुए हैं। विशेषज्ञों की मानें तो अगले तीन-चार दिनों के बीच दिल्ली के लोगों को प्रदूषित हवा से राहत मिलने की संभावना नहीं है। इन वजहों से बढ़ा पलूशन विशेषज्ञों की मानें तो हवा की रफ्तार कम होने, धूल और धुएं के चलते प्रदूषण में तेजी से बढ़ोतरी है। वाहनों से होने वाला उत्सर्जन, सड़क और निर्माण से उड़ने वाली धूल, ठोस कचरा और बायोमास जलाने से भी पलूशन में बढ़ोतरी हुई है। बड़ा कारण यह कि हवा की स्पीड धीमी है। इससे पलूशन के कणों का बिखराव नहीं हो पा रहा है। सवा चार गुना ज्यादा पलूशन दिल्ली-एनसीआर में शनिवार को तीन बजे पीएम 10 का औसत स्तर 425 और पीएम 2.5 का औसत स्तर 258 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर पर रहा। हवा में पीएम 10 का स्तर 100 से और पीएम 2.5 का स्तर 60 से कम होने पर ही उसे स्वास्थ्यकारी माना जाता है। इस तरह दिल्ली की हवा में मानकों से सवा चार गुना ज्यादा प्रदूषक कण मौजूद हैं।  

टी-20 वर्ल्डकप क्रिकेट (ब्लाइंड) जीतने वाली भारतीय टीम में शामिल रहीं प्रदेश की तीन खिलाड़ी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से शनिवार को ब्लाइंड विमेंस टी-20 क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 का फाइनल जीतने वाली भारतीय टीम में शामिल मध्यप्रदेश की तीन महिला खिलाड़ियों ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में भेंट की। खिलाड़ियों में सुश्री सुनीता सराठे, सुश्री सुषमा पटेल और सुश्री दुर्गा येवले शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस उपलब्धि के लिए तीनों खिलाड़ियों को प्रोत्साहन स्वरूप 25-25 लाख रूपए प्रदान किए जाएंगे, जिसमें से 10-10 लाख रूपए नगद और 15-15 लाख रूपए फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तीनों खिलाड़ियों और तीनों कोच का ट्राफी और अंगवस्त्रम भेंट कर सम्मान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश का नाम रौशन करने वाली तीनों खिलाड़ियों की आगामी पढ़ाई और कोचिंग आदि की व्यवस्था भी राज्य सरकार द्वारा की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला खिलाड़ियों के कोच सर्वश्री सोनु गोलकर, ओमप्रकाश पाल और दीपक पाहड़े को एक-एक लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। उल्लेखनीय है कि भारतीय महिला ब्लाइंड क्रिकेट टीम ने महिला टी-20 वर्ल्ड कप क्रिकेट 2025 के फाइनल मैच में नेपाल को हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। महिला ब्लाइंड क्रिकेट टीम में मध्यप्रदेश की उपरोक्त तीन प्रतिभावान खिलाड़ी शामिल थीं। इनमें ऑलराउंडर केटेगरी में खेलने वाली सुश्री सुनीता सराठे नर्मदापुरम, सुश्री सुषमा पटेल दमोह और बेट्समेन तथा विकेटकीपर के रूप में खेलने वाली सुश्री दुर्गा येवले बैतूल से हैं।  

‘काग़ज़ी वादे नहीं, ज़मीनी हकीकत’— अजमेर में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी का सख़्त संदेश

अजमेर राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने अजमेर में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए सरकार के दो वर्षों के कार्यों, उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार ने बीते दो वर्षों में अजमेर सहित पूरे प्रदेश में सर्वांगीण विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने जो वादे जनता से किए थे, उन्हें केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रखा बल्कि धरातल पर उतारकर पूरा किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करते हुए अब तक 90 हजार से अधिक नौकरियां प्रदान की हैं। साथ ही महिला सुरक्षा को लेकर भी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है और कई योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को सीधा लाभ मिल रहा है। उपमुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में जनता को केवल गुमराह किया गया। सड़कों की बदहाली और अपराध के बढ़ते आंकड़े किसी से छिपे नहीं थे। वर्तमान सरकार ने सड़कों के दुरुस्तीकरण के साथ-साथ अपराध दर में भी कमी लाकर दिखाया है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे और इसके लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। पेपर लीक के मामलों को लेकर कांग्रेस पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में कई पेपर लीक हुए, जबकि वर्तमान सरकार ने न केवल पेपर लीक को रोका बल्कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की गई। प्रेस ब्रीफिंग के बाद उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने सड़क सुरक्षा के प्रति जन जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सड़क सुरक्षा जन जागृति रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और लोगों से यातायात नियमों की पालना करने की अपील की। साथ ही प्रदेश सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को आमजन तक पहुँचाने के लिए प्रगति रथों को भी रवाना किया गया। इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, केंद्रीय राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, अजमेर दक्षिण विधायक अनीता भदेल, नसीराबाद विधायक रामस्वरूप लांबा, देवनारायण बोर्ड अध्यक्ष ओम प्रकाश भढ़ाना, महापौर बृजलता हाड़ा, उप महापौर नीरज जैन, अजमेर देहात जिला अध्यक्ष जीतमल प्रजापत सहित प्रशासनिक अधिकारी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

नीतीश कुमार ने दारोगा दीक्षांत परेड की ली सलामी, खुली जीप में परेड निरीक्षण बना आकर्षण

पटना  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) आज नालंदा जिला स्थित बिहार पुलिस अकादमी, राजगीर (Bihar Police Academy, Rajgir) में प्रशिक्षु पुलिस अवर निरीक्षक के दीक्षांत परेड समारोह (Convocation parade ceremony) में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने खुली जीप में सवार होकर दीक्षांत परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। साथ ही प्रशिक्षु पुलिस अवर निरीक्षकों का उत्साहवर्द्धन किया।  नीतीश कुमार ने कहा कि समाज में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका है। आप सभी ने अच्छे ढंग से प्रशिक्षण प्राप्त किया है। मुझे भरोसा है कि आप अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी, संवेदनशीलता और अनुशासन के साथ करेंगे। मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षु पुलिस अवर निरीक्षकों को पुरस्कृत किया। इस दौरान अंकित कुमार को बेस्ट प्रोवेशनर ओवरऑल, रुपेश कुमार को बेस्ट प्रोवेशनर आउटडोर, अंकित कुमार को बेस्ट प्रोवेशनर इंडोर एवं मीना कुमारी को बेस्ट प्रोवेशनर परेड कमांडर के रूप में पुरस्कृत किया गया। दीक्षांत परेड कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षु पुलिस अवर निरीक्षकों को शपथ दिलाई गई। ध्वजरोही वाहकों ने राष्ट्रीय ध्वज और एकेडमी ध्वज को लेकर परेड में प्रदर्शन किया। साथ ही प्रशिक्षु पुलिस अवर निरीक्षकों ने बेहतर परेड का प्रदर्शन कर लोगों का मन जीत लिया। वहां उपस्थित लोगों ने ताली बजाकर उनका उत्साहवर्द्धन किया।    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री को बिहार पुलिस अकादमी, राजगीर की निदेशक आर. मलार विजी ने प्रतीक चिह्न भेंटकर स्वागत किया। दीक्षांत परेड कार्यक्रम के पूर्व मुख्यमंत्री ने बिहार पुलिस अकादमी का जायजा लिया। इस दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि राज्य सरकार द्वारा अकादमी के विस्तार हेतु अकादमी परिसर से सटे 22 एकड़ अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण की स्वीकृति दी गयी है। इस भूमि की अधिग्रहण की कार्रवाई जिला प्रशासन, नालंदा द्वारा की जा रही है। इस अतिरिक्त भूमि में नया प्रशासनिक भवन, परेड मैदान, अधिकारियों के लिए आवास एवं अन्य सुविधाओं का निर्माण किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने पूर्व में कई बार इस पुलिस अकादमी का भ्रमण किया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन कार्यों को जल्द पूरा करें।    ज्ञातव्य है कि 2023 बैच के 1218 पुलिस अवर निरीक्षकों का बुनियादी प्रशिक्षण आज पूरा हो गया है जिनमें 436 महिलाएं भी शामिल हैं। इसमें पहली बार नियुक्त 03 ट्रान्स जेन्डर पुलिस अवर निरीक्षकों का भी प्रशिक्षण कराया गया है। इन सभी पुलिस अवर निरीक्षकों को प्रशिक्षण के उपरांत विभिन्न जिलों में पदस्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर बिहार पुलिस अकादमी का गठन वर्ष 2008 में हुआ था तथा इसके लिए 133 एकड़ भूमि राजगीर में उपलब्ध कराई गई। मुख्यमंत्री द्वारा इस अकादमी के परिसर का उद्घाटन दिनांक 03 दिसंबर, 2018 को किया गया।   बिहार पुलिस अकादमी, राजगीर में भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण, बिहार पुलिस सेवा के अधिकारियों तथा पुलिस अवर निरीक्षकों का प्रशिक्षण कराया जाता है। बिहार पुलिस अकादमी, राजगीर में प्रशासनिक भवन, प्रशिक्षण भवन, पुस्तकालय, क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला, सीनियर पुलिस ऑफिसर मेस, 05 जूनियर पुलिस ऑफिसर मेस, अधिकारियों के लिए आवास, स्वीमिंग पुल एवं परेड मैदान बनाया गया है। इसके अलावा 1100 लोगों की क्षमता का कॉन्फ्रेन्स भवन निर्माणाधीन है जिसे शीघ्र पूरा कर लिया जायेगा। इसके साथ-साथ अकादमी परिसर में 08.49 एकड़ भूमि में 4000 सिपाहियों के लिए आवासन हेतु बैरक एवं क्लास रूम का निर्माण किया जा रहा है। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल-इंदौर मार्ग पर विक्रमादित्य स्वागत द्वार का किया भूमि-पूजन

पीएम ई-बस सेवा योजनांतर्गत अत्याधुनिक ई-बस डिपो का हुआ भूमिपूजन बड़े तालाब का किया जाएगा गहरीकरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव का क्षेत्र की बालिकाओं ने माना आभार ग्राम फंदा का नाम हरिहर नगर करने भेजा जाएगा प्रस्ताव मुख्यमंत्री ने शादियों में दिखावे एवं मृत्युभोज जैसे कार्यक्रमों में फिजूलखर्ची बंद करने का किया आहवान भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज का दिन अद्भुत संयोग का साक्षी बन रहा है। राज्य सरकार के विकास और सेवा को समर्पित दो वर्ष पूर्ण हो रहे हैं और भोपाल की धरती पर भी इतिहास लिखा जा रहा है। हमारा भोपाल विरासत और विकास की दिशा में एक ओर कदम आगे बढ़ा रहा है। एक तरफ भोपाल में भव्य विक्रमादित्य द्वार का भूमिपूजन कर हम प्रदेश की विरासत संजोने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं शहर को स्वच्छ, सुलभ और प्रदूषण रहित परिवहन सेवा देने के लिए पीएम ई-बस सेवा योजनांतर्गत अत्याधुनिक ई-बस डिपो का भूमिपूजन सम्पन्न हो रहा है। राज्य सरकर के इन प्रयासों से भोपाल क्षेत्र विरासत और विकास के श्रेष्ठ उदाहरण के रूप में विकसित होगा। मध्यप्रदेश के गौरवशाली अतीत और समृद्ध संस्कृति को अभिव्यक्त करते राजधानी भोपाल में 9 स्वागत द्वार बनाए जा रहे हैं। भोपाल में परमार वंश के कुलदीपक राजा भोज, सम्राट विक्रमादित्य, श्रीराम, श्रीकृष्ण के नाम पर भी भव्य स्वागत द्वार बनेंगे। प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक शहरी विकास से जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के विकास और सेवा के सफलतम 2 वर्ष पूर्ण होने पर शनिवार को भोपाल-सीहोर मार्ग पर हुजूर विधानसभा क्षेत्र के फंदा स्थित महाराणा प्रताप शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर सर्वप्रथम महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और सम्राट विक्रमादित्य स्वागत द्वार एवं भोपाल में पीएम ई-बस सेवा योजना के अंतर्गत अत्याधुनिक ई-बस डिपो का भूमि-पूजन किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का लाड़ली बहनों एवं विभिन्न योजना के हितग्राहियों ने आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत मिट्टी निकालकर बड़े तालाब को गहरा किया जाएगा, इससे खेतों में पानी भरने की समस्या का समाधान होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि क्षेत्रीय मांग पर ग्राम फंदा का नाम बदलकर हरिहर नगर करने संबंधी प्रस्ताव पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हुजूर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम तूमड़ा में शाला भवन के लिए 5 करोड़ रुपए देने और ग्राम फंदा में कॉलेज भवन निर्माण की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने का कि भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण से देश की पहचान है। उनसे हम जीवन में रिश्तों की महत्ता को समझ सकते हैं। मध्यप्रदेश के साथ कई इतिहास जुड़े हैं। वीर विक्रमादित्य दुनिया की किसी ताकत के आगे नहीं झुके। उनकी वीरता, गंभीरता, दानशीलता, न्यायप्रियता सर्वविदित है। उनके जीवन में जनता ही भगवान थी। उनकी प्रभावशीलता के परिणामस्वरूप ही अनेक राजाओं ने विक्रमादित्य उपाधि ग्रहण की। सम्राट विक्रमादित्य द्वारा स्थापित सुशासन, न्यास और सुरक्षा की व्यवस्था आज भी श्रेष्ठ शासन व्यवस्था के लिए अनुकरणीय है। राज्य शासन इन श्रेष्ठ सिद्धांतों का अनुसरण करते हुए विकास, सेवा और जनकल्याण के मार्ग पर अग्रसर हैं। सम्राट विक्रमादित्य के कार्यकाल में अयोध्या में सरयु नदी के किनारे भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बना था, जिसे बाबर ने ध्वस्त किया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भगवान श्रीराम की जन्म स्थली पर भव्य मंदिर निर्माण कराया है। इसके लिए 550 वर्ष तक कारसेवकों ने संघर्ष किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की समृद्ध धार्मिक, सांस्कृतिक धरोहर का उल्लेख करते हुए कहा कि राजा भोज के शासनकाल में निर्मित भोपाल का बड़ा तालाब आज भी आदर्श तकनीक का उदाहरण बना हुआ है। भगवान श्रीराम ने अपने 14 साल के वनवास के 11 साल चित्रकूट की पावन धरा पर निकाले। तुलसीदास जी ने यहीं पर रामचरित मानस की रचना की। भगवान श्रीकृष्ण ने उज्जैन में शिक्षा ग्रहण करने के बाद महाभारत के युद्ध में गीता के संदेश के माध्यम से अपने आचार्य से मिला ज्ञान समाज को लौटा दिया। भगवान श्रीकृष्ण ने सुदामा से मित्रता के माध्यम से दुनिया को दोस्ती का मतलब समझाया है। राज्य सरकार श्रीराम और श्रीकृष्ण से जुड़े सभी धर्मस्थलों को सर्व सुविधायुक्त बना रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार बहनों के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। माता-बहनें गंगा की तरह पवित्र हैं। राज्य सरकार ने धर्म-समाज से ऊपर उठकर सभी को लाड़ली बहन माना है। बहनों को हर माह उनके खाते में राशि भेजी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसान कल्याण के लिए नदी जोड़ो अभियान चला रही है। प्रदेश में संस्कारों के साथ बेहतर शिक्षा के लिए सांदीपनि विद्यालय और गुरुकुल की स्थापना की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से विवाह में दिखावा एवं मृत्युभोज जैसे कार्यक्रमों पर फिजूलखर्ची बंद करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि धन की बचत करके अपने बच्चों को पढ़ाना अधिक महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हाल ही में सामूहिक विवाह समारोह में हुए उनके सुपुत्र के विवाह का उल्लेख करते हुए सामाजिक समरसता के लिए सभी से प्रयास करने का आव्हान किया। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम और भोपाल जिले के प्रभारी मंत्री श्री चैतन्य कुमार काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश की विरासत को संजोते हुए विकास के नए प्रतिमान स्थापित करने के लिए सदैव तत्पर हैं। आज प्रदेश में विकास और सेवा के दो वर्ष पूर्ण हुए हैं। सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन के आधार पर हमारी सरकार का तीसरा वर्ष शुरू हो रहा है। प्रदेश में पहली बार किसानों को 15 दिन में फसलों के मुआवजे की राशि दी गई। किसानों को फसल का उचित दाम दिलवाने के लिए भावांतर योजना की शुरुआत की गई है। हर माह लाड़ली बहनों को 1500 रुपए की राशि भेजी जा रही है। धीरे-धीरे यह राशि बढ़ेगी, इसमें कोई संदेह नहीं है। अभ्युदय मध्यप्रदेश में विकास की धारा बह रही है। सिंहस्थ के भव्य आयोजन की तैयारियां चल रही है। प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति मिली है। दुनिया के कई बड़े निवेशक मध्यप्रदेश आना चाहते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव देश-दुनिया में मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ा रहे हैं। विधायक … Read more

बस्तर सहित पूरे भारत से नक्सलवाद 31 मार्च 2026 तक खत्म हो जायेगा

2026 का बस्तर ओलंपिक नक्सलवाद से मुक्त बस्तर में होगा नक्सलवाद छोड़कर 700 से अधिक युवाओं का बस्तर ओलंपिक 2025 से जुड़ना हम सभी के लिए गर्व की बात है आत्मसमर्पण करने वालों ने भय की जगह आशा व विनाश की जगह विकास को चुना, यही मोदी जी की विकसित बस्तर की संकल्पना है जिस बस्तर में पहले ‘लाल सलाम’ के नारे लगते थे, अब वहाँ ‘भारत माता की जय’ के नारे गूँज रहे हैं शांति ही विकास का मार्ग प्रशस्त कर सकती है, इसलिए नक्सली हथियार डालकर मुख्यधारा में आयें और पुनर्वसन नीति का लाभ उठाएं आने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स और ओलंपिक में बस्तर के खिलाड़ी देश का नाम रोशन करें, इसके प्रबंध किए जा रहे हैं बस्तर ओलम्पिक 2025 में 3 लाख 91 हज़ार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया, जो ढाई गुना बढ़ा है, खिलाड़ियों की वृद्धि दर में बहनों ने भाइयों से बाजी मारी आत्मसमर्पण करने वाले और नक्सल हिंसा के शिकार लोगों के लिए हम बहुत आकर्षक पुनर्वसन योजना लाएंगे केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार कंधे से कंधा मिलाकर विकसित बस्तर बनाने के लिए कार्य कर रही हैं गृह मंत्री ने समाज के प्रमुखों और समाजसेवकों से अपील करते हुए कहा कि वे हथियारबंद नक्सलियों को समझाकर समाज की मुख्यधारा में वापस लाने में सहयोग करें रायपुर  केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में बस्तर ओलिंपिक के समापन समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इस अवसर पर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि हमने तय किया था कि 31 मार्च, 2026 से पहले पूरे देश से लाल आतंक को खत्म कर देंगे और आज बस्तर ओलंपिक- 2025 में हम इस कगार पर खड़े हैं। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष नवंबर-दिसंबर तक बस्तर ओलंपिक-2026 के समय तक पूरे भारत और छत्तीसगढ़ से लाल आतंक समाप्त हो चुका होगा औऱ नक्सलमुक्त बस्तर आगे बढ़ रहा होगा। श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में हमने यह संकल्प लिया है कि पूरे बस्तर और भारत को नक्सलमुक्त कराना है। उन्होंने कहा कि हमें यहीं नहीं रुकना बल्कि कांकेर, कोंडागांव, बस्तर, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर और दंतेवाड़ा के 7 ज़िलों का संभाग बस्तर, दिसंबर 2030 दिसंबर तक देश के सबसे अधिक विकसित आदिवासी संभाग बनेगा। उन्होंने कहा कि बस्तर के हर व्यक्ति को रहने के लिए घर, बिजली, शौचालय, नल से पीने का पानी, गैस सिलिंडर, 5 किलो अनाज और 5 लाख तक का मुफ्त इलाज, बस्तर के घर घर में पहुचाने का संकल्प हमारी सरकार का संकल्प है। श्री शाह ने कहा कि हमने अगले पांच साल में बस्तर को देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि इसमें प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार और श्री विष्णुदेव साय जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार कंधे से कंधा मिलाकर बस्तर को विकसित बस्तर बनाने के लिए मिलकर आगे बढ़ेंगे। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि बस्तर का हर गांव सड़क से जुड़ेगा, वहां बिजली होगी, 5 किलोमीटर के क्षेत्र में बैंकिंग सुविधाएं होंगी और सबसे घने पीएचसी/सीएचसी का नेटवर्क बनाने का काम भी हमारी सरकार करेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में वन उपज की प्रोसेसिंग के लिए कोऑपरेटिव आधार पर यूनिट्स लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बस्तर के सातों ज़िले सभी आदिवासी ज़िलों में सबसे अधिक दूध उत्पादन कर डेयरी के माध्यम से अपनी आय बढ़ाने वाले ज़िले बनेंगे। उन्होंने कहा कि बस्तर में नए उद्योग, उच्च शिक्षा की व्यवस्था, भारत में सबसे अच्छा स्पोर्ट्स संकुल और अत्याधुनिक अस्पताल की व्यवस्था भी हम करेंगे। श्री शाह ने कहा कि कुपोषण के लिए भी यहां विशेष स्कीम चलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन्होंने आत्मसमर्पण किया है और जो नक्सलवाद के कारण घायल हुए हैं, उनके लिए एक बहुत आकर्षक पुनर्वसन योजना भी हम लाएंगे। गृह मंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि नक्सलवाद समाप्त हो क्योंकि नक्सलवादी इस क्षेत्र के विकास पर नाग बनकर फन फैलाए बैठे हैं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद समाप्त होने के साथ ही इस क्षेत्र में विकास की एक नई शुरूआत होगी और प्रधानमंत्री मोदी जी और श्री विष्णुदेव जी के नेतृत्व में यह सबसे विकसित क्षेत्र बनेगा। श्री अमित शाह ने कहा कि बस्तर ओलंपिक-2025 में सात ज़िलों की सात टीमें और एक टीम आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की थी। उन्होंने कहा कि जब 700 से अधिक सरेंडर्ड नक्सलियों ने इन खेलों में भाग लिया तो यह देखकर बहुत अच्छा लगा। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के झांसे में आकर उनका पूरा जीवन तबाह हो जाता और हथियार डालकर मुख्यधारा में आने वाले ऐसे 700 से अधिक युवा आज खेल के रास्ते पर आए हैं। श्री शाह ने दोहराया कि 31 मार्च, 2026 को यह देश नक्सलवाद से मुक्त हो जाएगा। उन्होंने हिंसा में लिप्त नक्सलियों से अपील करते हुए कहा कि अब भी गुमराह होकर हमारे ही जो लोग हाथ में हथियार लेकर बैठे हैं, वो हथियार डाल दें, पुनर्वसन नीति का फायदा उठाएं, अपने और अपने परिवार के कल्याण के बारे में सोचें और विकसित बस्तर के संकल्प के साथ जुड़ जाएं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद से किसी का भला नहीं होता, न हथियार उठाने वाले लोगों का, न आदिवासियों और न सुरक्षाबलों का भला होता है। उन्होंने कहा कि सिर्फ शांति ही विकास का रास्ता प्रशस्त कर सकती है। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि आत्मसमर्पण कर चुके 700 नक्सलियों ने इन खेलों में खिलाड़ी के रूप में सामने आकर पूरे देश के लिए बहुत बड़ा उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों ने भय की जगह आशा चुनी, विभाजन की जगह एकता का रास्ता चुना और विनाश की जगह विकास का रास्ता चुना है और यही प्रधानमंत्री मोदी जी की नए भारत और विकसित बस्तर की संकल्पना है। उन्होंने कहा कि हमारे बस्तर की संस्कृति दुनियाभर में सबसे अधिक समृद्ध संस्कृति है। उन्होंने कहा कि सभी जनजातियों का खानपान, परिवेश, कला, वाद्य, नृत्य और पारंपरिक खेल सिर्फ छत्तीसगढ़ की नहीं बल्कि पूरे भारत की सबसे समृद्ध विरासत है। श्री अमित शाह ने कहा कि हाल … Read more