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वाराणसी में 800 करोड़ की लागत से शुरू होगी रोप कार सेवा, श्रद्धालु सीधे काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंच सकेंगे

वाराणसी     उत्तर प्रदेश के वाराणसी में रेलवे स्टेशन से काशी विश्वनाथ मंदिर तक तीर्थयात्रियों को ले जाने के लिए रोप कार सर्विस के लिए काम चल रहा है. यह सर्विस मई 2026 तक शुरू हो जाएगी. एजेंसी के मुताबिक, एक बड़े सरकारी अधिकारी ने यह जानकारी दी है. वाराणसी डिविजनल कमिश्नर एस राजलिंगम ने कहा कि 800 करोड़ रुपये की लागत से शुरू हो रही यह सर्विस शहर के अंदर चलने वाली भारत की पहली सर्विस मानी जा रही है. उन्होंने कहा, "हम इसे मई 2026 तक चालू करने की योजना बना रहे हैं. अभी काम चल रहा है." रोप कार सर्विस के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी शहर के कई दौरों के बाद लिया गया, जिससे शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को मॉडर्न बनाया जा सके. PM मोदी तीसरी बार वाराणसी लोकसभा सीट से सांसद हैं. हर दिन 5 हजार लोग… राजलिंगम ने एजेंसी को बताया, "कुल 60,000 करोड़ रुपये में से 40,000 करोड़ रुपये शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए दिए गए हैं. इस प्लान (रोप कार) के पीछे वजह यह है कि पहले काशी विश्वनाथ मंदिर में हर दिन 5,000 लोग आते थे. लेकिन आज यह तादाद करीब दो लाख है, यह रोप कार सर्विस भी शहर के मॉडर्नाइजेशन प्लान का हिस्सा है." उन्होंने कहा कि वाराणसी में करीब 42 लाख लोग रहते हैं. राजलिंगम तमिलनाडु के तेनकासी के कदयानल्लूर के रहने वाले हैं और उन्होंने अप्रैल 2025 में वाराणसी के डिविजनल कमिश्नर का चार्ज संभाला था.  रेलवे स्टेशन से 20 मिनट में मंदिर… सड़कें पतली होने और इलाके 'घने इलाके' बनने की वजह से, शहर के लिए मेट्रो रेल प्रोजेक्ट मुमकिन नहीं था. इसलिए, उन्होंने कहा कि रोप कार सर्विस शुरू करने का फैसला किया गया. उन्होंने कहा, "यह पहली रोप कार सर्विस होगी, जो शहर के अंदर 4 किलोमीटर के हिस्से में चलेगी. रेलवे स्टेशन से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर तक का सफर करीब 15-20 मिनट का होने की उम्मीद है." उन्होंने कहा, "हम हर शख्स के लिए टिकट की कीमत 50 रुपये या 100 रुपये तय करने की उम्मीद कर रहे हैं. हर गंडोला (लोगों को ले जाने के लिए एरियल केबल कार) में करीब 10 लोग बैठ सकेंगे. हम रोप कार सर्विस में करीब 148 गंडोला लगाने की प्लानिंग कर रहे हैं." उन्होंने आगे कहा, "एक बार रोप कार चालू हो जाने के बाद, हमें उम्मीद है कि हर दिन 1 लाख लोग इसमें सफर कर पाएंगे." एक सवाल के जवाब में, उन्होंने कहा कि इस साल जिला प्रशासन को शहर में करीब 7 करोड़ लोगों के आने की उम्मीद है. 2024 में, यह संख्या 6.5 करोड़ थी. राजलिंगम ने कहा कि पानी के रास्तों का इस्तेमाल करके ट्रांसपोर्टेशन को बढ़ाने की भी योजना है. हमने ड्रेजिंग का काम शुरू कर दिया है, हमने पानी के रास्तों के किनारे आठ कम्युनिटी जेटी भी लगाई हैं. राजलिंगम ने कहा कि इनलैंड वॉटरवेज़ को मज़बूत करने के लिए, एडमिनिस्ट्रेशन ने गंगा नदी पर नावों का इस्तेमाल भी बढ़ाया है. पहले 600 नावें चलती थीं, लेकिन आज हम जनता की सेवा के लिए करीब 2,000 नावें चला रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि सरकार पब्लिक ट्रांसपोर्ट को भी बेहतर बनाने की कोशिश कर रही है और अब ज़रूरी रूट्स पर इलेक्ट्रिक बसें चलाई जा रही हैं.  

गोवा अग्निकांड का आरोपी अजय गुप्ता, जिसे पुलिस शहर-शहर ढूंढ रही थी, दिल्ली के अस्पताल में पकड़ा गया

 नई दिल्ली गोवा के बर्च बाय रोमियो लेन नाइट क्लब में 7 दिसंबर को हुए भीषण आग हादसे में 25 लोगों की मौत हो गई थी. गोवा पुलिस ने इस मामले में कई आरोपियों को पकड़ा है. इसी केस में आरोपी अजय गुप्ता को दिल्ली से पकड़ा गया है. अजय यहां लाजपत नगर के एक प्राइवेट अस्पताल में स्पाइन की बीमारी बताकर भर्ती हो गया था. पुलिस उसे अस्पताल से लेकर सन लाइट कॉलोनी स्थित क्राइम ब्रांच के दफ्तर पहुंची. इस दौरान अजय गुप्ता से जब सवाल किया गया तो उसने 'आजतक' से कहा कि वो स्लीपिंग पार्टनर था, उसे कुछ नहीं पता. इसके अलावा किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया. पुलिस आरोपी अजय गुप्ता को टैक्सी से लेकर सन लाइट कॉलोनी क्राइम ब्रांच ऑफिस पहुंची थी. अजय ने मास्क लगा रखा था. हाथ में ड्रिप की बैंडेज लगी थी. बीते साल जारी किए गए GST सर्टिफिकेट से सामने आया है कि अजय गुप्ता क्लब में लूथरा बंधुओं के साथ पार्टनर था. अजय गुप्ता नार्थ दिल्ली के मशहूर बिल्डर अमित गुप्ता का भाई है, जिसकी 2 साल पहले गोगी गैंग ने बुराड़ी में हत्या कर दी थी. बिल्डर अमित गुप्ता की मौत के बाद खुलासा हुआ था कि अमित गुप्ता के पास कई नामी लोगों का पैसा था, जिन पैसों को मार्केट में लगाता था. अमित की हत्या के बाद उसका भाई अजय गुप्ता का पैसा मार्केट में लगाने लगा. लूथरा बंधुओं के क्लब्स में भी अमित और अजय गुप्ता ने बड़ी रकम लगा रखी थी. गोवा पुलिस अब अजय गुप्ता को गिरफ्तार कर लूथरा बंधुओं के साथ हुई उसकी ट्रांजेक्शंस के बारे में पता लगाएगी. हादसे के बाद देश छोड़कर भाग गए क्लब के मालिक गोवा क्लब में आग लगने की घटना में 25 लोगों की मौत हो गई. इस हादसे के बाद क्लब के मालिक गौरव लूथरा और सौरभ लूथरा देश छोड़कर थाईलैंड भाग गए. दोनों के पासपोर्ट रद्द कराने के लिए गोवा पुलिस ने रीजनल पासपोर्ट ऑफिस को पत्र भेजा. इसके अलावा क्लब के अन्य साझेदार गुरुग्राम के अजय गुप्ता और ब्रिटिश नागरिक सुरिंदर कुमार खोसला के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी किया गया था. हादसे के दिन क्लब के मालिक लूथरा भाइयों ने दिल्ली एयरपोर्ट से विदेश जाने की तैयारी कर ली थी और दोनों विदेश निकल गए थे. वहीं इस घटना के बाद अजय गुप्ता की तलाश गोवा पुलिस के लिए अहम हो गई थी.  अजय गुप्ता दिल्ली के लाजपत नगर के एक प्राइवेट अस्पताल में स्पाइन की बीमारी का हवाला देकर भर्ती हो गया था. गोवा पुलिस और दिल्ली पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ा है. पुलिस ने कहा कि अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद अजय गुप्ता को क्राइम ब्रांच ऑफिस में लाया गया. अब उसे ट्रांजिट रिमांड पर गोवा लेकर जाने की तैयारी है. गोवा पुलिस आज उसे कोर्ट में पेश कर सकती है.

MP में दो दिन कोल्ड वेव का अलर्ट, बड़वानी में अभिषेक के लिए गुनगुने जल का इस्तेमाल, सीहोर में ओस जमी

भोपाल  मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर जारी है। सर्द हवाओं से रात का पारा काफी तेजी से लुढ़का है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर समेत 25 शहरों का तापमान 10 डिग्री से भी नीचे दर्ज किया जा रहा है।सबसे ज्यादा ठंड आज भी शहडोल जिले का कल्याणपुर में ही दर्ज की गई है। यहां पारा लगातार चौथे दिन भी 5 डिग्री से नीचे बना हुआ है। वहीं, मौसम विभाग ने आगामी दो दिन प्रदेश के कई क्षेत्रों में शीतलहर चलने का अलर्ट जारी किया है। पाकिस्तान बढ़ाएगा मध्य प्रदेश में ठंडक मौसम विभाग के वैज्ञानिकों के मुताबिक, पाकिस्तान के ऊपर एक और वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव है, जो अगले कुछ दिन में हिमालयीन क्षेत्रों को प्रभावित करेगा. इसकी वजह से हिमालय क्षेत्र में बर्फबारी होगी. इसके कारण उत्तरी हवाओं का असर लगातार बना रहेगा. मौमस विभाग के मुताबिक 15 दिसंबर के बाद ठंड और बढ़ सकती है. इसके अलावा लोगों को कोल्ड वेव का भी सामना करना होगा. कई शहरों में रिकॉर्डतोड़ ठंड रात का तापमान कई जिलों में 6 डिग्री से नीचे चला गया। शहडोल के कल्याणपुर में 4.2°C, जो प्रदेश का सबसे कम तापमान रहा। भोपाल में लगातार चार दिनों से तेज ठंडी हवाओं के बीच न्यूनतम तापमान 7.2°C दर्ज हुआ। इंदौर में 5.7°C तापमान रिकॉर्ड किया गया, जो 2015 के बाद सबसे कम है। पचमढ़ी 5.2°C, उमरिया 5.6°C, राजगढ़ 6°C, नौगांव 6.5°C और रायसेन 7°C पर रहा। उज्जैन में इस सीजन की सबसे ठंडी रात रही, जहां पारा 9°C तक पहुंच गया। ग्वालियर में 8.9°C और जबलपुर में 8.3°C दर्ज किया गया। फसलों पर ओस की बूंदें जमीं कहीं फसलों पर ओस की बूंदें जम रही है तो कहीं झील के पानी से भाप उठती हुई नजर आ रही है। अगले दो दिन कोल्ड वेव का अलर्ट एमपी में बुधवार और गुरुवार को कोल्ड वेव का अलर्ट है। इन दो दिनों में भोपाल, इंदौर, राजगढ़, विदिशा, सीहोर और शाजापुर में शीतलहर चलने का अनुमान है। बात करें बीती मंगलवार रात की तो प्रदेश के 25 शहरों का तापमान 10 डिग्री से भी नीचे दर्ज किया गया। सबसे कम शहडोल का कल्याणपुर, जहां 4.7 डिग्री तापमान रहा। पचमढ़ी में 5 डिग्री, राजगढ़ में 5.6, नौगांव में 6, इंदौर में 6.1, उमरिया में 6.4 डिग्री, भोपाल में 7.2 डिग्री, रीवा में 7.5 डिग्री, मलाजखंड में 7.6 डिग्री, शिवपुरी-रायसेन और मंडला में 8 डिग्री, जबलपुर में 8.5 डिग्री, बैतूल में 8.6 डिग्री, ग्वालियर-खजुराहो और दतिया में 9 डिग्री, सतना-दमोह और नरसिंहपुर में 9.2 डिग्री, उज्जैन में 9.5 डिग्री, छिंदवाड़ा में 9.6 डिग्री, टीकमगढ़ और सीधी जिले में 9.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। उत्तर भारत की बर्फीली हवाओं का बड़ा असर कश्मीर, हिमाचल, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली में तापमान में भारी गिरावट आई है। इन्हीं इलाकों से आने वाली तेज सर्द हवाएं मध्य प्रदेश में ठंड को और भी कड़ा बना रही हैं। ऊंचाई पर लगभग 100 किमी/घंटा की रफ्तार से बह रही हवाओं ने ठिठुरन में इजाफा किया है।अरब सागर में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन ने हवा में नमी बढ़ाई है, जिसके कारण रातें और अधिक ठंडी हो गई हैं। 11 दिसंबर तक जारी रहेगा ठंड का तेवर मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, इंदौर, विदिशा, सिवनी, शहडोल और अन्य कई जिलों में 11 दिसंबर तक शीतलहर का असर बना रहेगा। विभाग ने लोगों से सुबह–शाम बाहर निकलते समय सावधानी बरतने की अपील की है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले दो दिनों तक राजधानी भोपाल के अलावा, सीहोर, विदिशा, राजगढ़ इंदौर में कोड वेव का असर रहेगा. इसके बाद इससे राहत मिलेगी. हालांकि रात का तापमान में बहुत ज्यादा गिरावट नहीं आएगी. मौसम वैज्ञानिक दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया, ''अगले 24 घंटे में 6 जिलों में कोल्ड वेव के आसार रहेंगे. जिसके बाद दिन और रात के तापमान में गिरावट नहीं आएगा, जिससे लोगों को सर्दी से राहत मिलेगी. शुक्रवार से किसी भी शहर में कोल्ड वेव के आसार नहीं हैं. सर्दी का अगला दौर 15 दिसंबर के बाद से शुरु होगा.''  24 जिलों में तापमान 10 डिग्री से नीचे उधर, प्रदेश के 24 जिलों में रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे बना हुआ है. सबसे कम तापमान उमरिया जिले में 4.9 रिकॉर्ड किया गया. इसके अलावा भोपाल का न्यूनतम तापमान 6.8, इंदौर का 5.4 डिग्री रात का पारा रिकॉर्ड किया गया. इसके अलावा टीकमगढ़ में 9.5, सीधी में 9.2, सतना में 8.1, रीवा में 5.8, नौगांव में 7 डिग्री, नरसिंहपुर में 9 डिग्री, मंडला में 7 डिग्री, खजुराहो में 8.4, जबलपुर में 9.1, दमोह में 8.8 डिग्री, छिंदवाड़ा में 7.8, उज्जैन में 8.7, शिवपुरी में 8 डिग्री, रतलाम में 9.2, राजगढ़ में 5.2, रायसेन में 7.4, पचमढ़ी में 5.2, इंदौर में 5.4, ग्वालियर में 9.3, गुना में 9.5 और बेतूल में 8.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया.  

रायपुर: गिधवा-परसदा में बनेगा देश का प्रमुख पक्षी संरक्षण केंद्र, वन मंत्री केदार कश्यप की घोषणा

रायपुर : गिधवा-परसदा बनेगा देश का प्रमुख पक्षी संरक्षण केंद्र: वन मंत्री केदार कश्यप बर्ड इंटरप्रिटेशन सेंटर का लोकार्पण एवं बर्ड सफारी का शुभारंभ 270 से अधिक पक्षी प्रजातियों को मिलेगा सुरक्षित प्राकृतिक आवास रायपुर प्रदेश के प्रसिद्ध प्रवासी पक्षी आश्रयस्थल गिधवा-परसदा क्षेत्र में आज छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप ने बर्ड इंटरप्रिटेशन सेंटर का लोकार्पण एवं बर्ड सफारी का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में हजारों ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और पर्यावरण प्रेमियों की उपस्थिति ने इस ऐतिहासिक क्षण को विशेष बना दिया। मंत्री  कश्यप ने कहा कि गिधवा-परसदा पक्षियों के संवर्धन, संरक्षण और पर्यटन के क्षेत्र में देश में नया कीर्तिमान स्थापित करेगा। यह क्षेत्र अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र पर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाएगा। विदेशी और दुर्लभ पक्षियों का सुरक्षित आश्रय मंत्री  कश्यप ने बताया कि इस क्षेत्र में 270 से अधिक प्रजातियों के विदेशी व स्वदेशी पक्षी नियमित रूप से प्रवास करते हैं और स्थानीय जैव विविधता को समृद्ध बनाते हैं। दशकों से यह क्षेत्र साइबेरिया, यूरोप और मध्य एशिया से आए पक्षियों के लिए सुरक्षित प्राकृतिक आवास रहा है। उन्होंने कहा कि बर्ड इंटरप्रिटेशन सेंटर के माध्यम से पर्यटक अब पक्षियों के जीवन, व्यवहार, प्रवास चक्र और जैव विविधता को वैज्ञानिक दृष्टि से समझ सकेंगे। उन्होंने आगे कहा कि क्षेत्रवासियों की संवेदनशीलता और भावनात्मक जुड़ाव के कारण यह क्षेत्र देश का अनोखा वेटलैंड बन सका है। आने वाले समय में यह क्षेत्र भारत का सबसे बड़ा बर्ड-वॉचिंग हब बनेगा। पर्यटन एवं रोजगार को मिलेगा बढ़ावा  कश्यप ने कहा कि बर्ड सफारी के संचालन से स्थानीय युवाओं को होम-स्टे, गाइडिंग, बोटिंग, ईको-टूरिज्म, लोकल उत्पाद बिक्री और ट्रांसपोर्ट सेवाओं के माध्यम से बड़ी संख्या में रोजगार उपलब्ध होगा। उन्होंने बताया कि वेटलैंड क्षेत्र को और विकसित करने हेतु सोलर लाइटिंग, बर्ड वॉचिंग टॉवर, सूचना केंद्र, जैवविविधता अध्ययन केंद्र, पार्किंग स्थल और पर्यटक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। भारतीय संस्कृति में पक्षियों का महत्व वन मंत्री  कश्यप ने कहा कि भारतीय संस्कृति में पक्षियों और जीव-जंतुओं को हमेशा पूजनीय स्थान प्राप्त रहा है। वैदिक काल से लेकर आधुनिक युग तक पक्षियों को शुभता, समृद्धि और पर्यावरण संतुलन का प्रतीक माना गया है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे जैव विविधता के संरक्षण में जिम्मेदार भूमिका निभाएं। खाद्य मंत्री  दयालदास बघेल बोले-आज क्षेत्रवासियों का सपना साकार हुआ कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री  दयालदास बघेल ने कहा कि वे स्वयं इस क्षेत्र से जुड़े रहे हैं और बचपन से यहां पक्षियों के विचरण को देखते आए हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों ने वर्षों पहले संकल्प लिया था कि किसी भी प्रवासी पक्षी को क्षति नहीं पहुंचानी है। इसी संकल्प ने गिधवा-परसदा को पक्षी विहार के रूप में विकसित कर दिया है। उन्होंने कहा कि आज का दिन केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि क्षेत्रवासियों के लिए गौरव और उत्साह का पर्व है। यह स्थल अब देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करेगा। कार्यक्रम को विधायक  ईश्वर साहू और कलेक्टर  रनवीर शर्मा ने नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और प्राकृतिक आवासों को सुरक्षित रखने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। भारत का उभरता हुआ अंतर्राष्ट्रीय बर्ड-वॉचिंग सर्किट गिधवा-परसदा वेटलैंड का भूगोल प्राकृतिक जलाशयों, विशाल आर्द्रभूमियों तथा शांत वातावरण से समृद्ध है, जो प्रवासी पक्षियों हेतु आदर्श माना जाता है। यहाँ हर वर्ष सितंबर से मार्च के मध्य बारहेड गूज, कॉमन टील, पिंटेल डक, नॉर्दर्न शवलर, ब्लैक-नेक्ड स्टॉर्क, पेंटेड स्टॉर्क, ओपनबिल्ड स्टॉर्क, सारस क्रेन सहित 270 प्रजातियों के पक्षी विचरण करने आते हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि गिधवा-परसदा को राष्ट्रीय बर्ड-वॉचिंग साइट के रूप में मान्यता मिले इसे अंतर्राष्ट्रीय बर्ड-वॉचिंग सर्किट में शामिल किया जाए इस क्षेत्र को रैमसर साइट के रूप में प्रस्तावित करने की प्रक्रिया और तेज की जाए। अंतर्राष्ट्रीय बर्ड-वॉचिंग सर्किट में शामिल बर्ड वॉचिंग टॉवर, इंटरप्रिटेशन गैलरी, पर्यटक स्वागत केंद्र, प्रकृति अध्ययन केंद्र, सोलर पाथवे, नाव संचलन व्यवस्था, सुरक्षित पक्षी दमेजपदह ्रवदम , डिजिटल मॉनिटरिंग और जियो-टैगिंग प्रणाली शामिल होंगें। कार्यक्रम में विधायक  दीपेश साहू, रजककार विकास बोर्ड अध्यक्ष  प्रहलाद रजक, जनपद अध्यक्ष हेमा दिवाकर, जनपद अध्यक्ष खोरबाहरा राम साहू, जिला अध्यक्ष अजय साहू, पूर्व विधायक अवधेश चंदेल, एसडीएम नवागढ़ दिव्या पोटाई, जिला पंचायत सदस्य मधु राय  प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख  वी. निवास राव, मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक  अरुण पांडे, मुख्य वन संरक्षक दुर्ग सु एम. मर्सीबेला, दुर्ग संभाग के सभी मुख्य वनमंडलाधिकारी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, स्कूली बच्चे तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। 270 प्रजाति के पक्षी विचरण करने आते हैं गिधवा-परसदा में  उल्लेखनीय है कि यह क्षेत्र अपने प्राकृतिक सौंदर्य, शांत वातावरण तथा हर वर्ष बड़ी संख्या में आने वाले प्रवासी पक्षियों के लिए जाना जाता है। यहां विभिन्न तालाबों, प्राकृतिक आर्द्रभूमि, संरक्षण क्षेत्रों तथा प्रवासी पक्षियों के आसरे का उपयुक्त स्थल है। वर्तमान मौसम में गिधवा-परसदा पहुंची पक्षी मार्च माह तक यहां विचरण कर अपने मुल्क वापस होंगी। यहां विशेष रूप से बारहेड गूज, नॉर्दर्न शवलर, कॉमन टील, पिनटेल डक, पेंटेड स्टॉर्क, ओपनबिल्ड स्टॉर्क, ब्लैक-नेक्ड स्टॉर्क, सारस क्रेन सहित 270 प्रजाति के पक्षी विचरण करते हैं। गिधवा-परसदा वेटलैंड राज्य ही नहीं, बल्कि देश के प्रमुख बर्ड-वॉचिंग स्थल के रूप में उभर रहा है। गिधवा-परसदा को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने का लक्ष्य राज्य सरकार की मंशा है। गिधवा-परसदा पक्षी विहार को राष्ट्रीय स्तर के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय बर्ड-वॉचिंग सर्किट में भी शामिल किया जा सके। इसके लिए आधारभूत सुविधाओं का विकास, सूचनात्मक साइनबोर्ड, बर्ड वॉचिंग टॉवर, सोलर लाइटिंग, जैवविविधता अध्ययन केंद्र जैसी योजनाओं पर विस्तार से कार्य किया जाएगा। भारत को प्रमुख पक्षियों का स्वर्ग बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम  गिधवा-परसदा में बर्ड इंटरप्रिटेशन सेंटर और बर्ड सफारी का शुभारंभ न केवल छत्तीसगढ़ की जैव विविधता को संरक्षित करेगा, बल्कि प्रदेश के पर्यटन, शोध, शिक्षा और पर्यावरणीय संवर्धन के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचेगा। यह पहल निश्चित रूप से गिधवा-परसदा को भारत का प्रमुख पक्षी स्वर्ग बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। शीघ्र निराकरण हेतु पत्र सादर प्रेषित है।

सागर में पुलिस वैन और कंटेनर की भिड़ंत, बालाघाट से लौट रहे मुरैना के 4 पुलिसकर्मियों की मौत

सागर मध्य प्रदेश के सागर जिले में आज यानी बुधवार की सुबह करीब 4 बजे ड्यूटी खत्म कर मुरैना से लौट रहे बीडीडीएस (बम निरोधक दस्ता) के पांच जवान एक ट्रक से टकरा गए। जिसमें 4 जवानों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक जवान गंभीर रुप से घायल हो गए। बता दें कि यह हादसा NH-44 पर बांदरी मालथौन के पास हुआ। थाना प्रभारी समेर जगत के अनुसार, मुरैना से ड्यूटी पर जा रहे जवानों का पुलिस वाहन एक तेज रफ्तार कंटेनर से जोरदार टक्कर में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि चार जवानों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम राहत-बचाव कार्य के लिए तुरंत मौके पर पहुंची। जानकारी के मुताबिक ये बम एंड डॉग स्क्वॉड की टीम है, जो मध्य प्रदेश (MP News) के बालाघाट से सुरक्षा जांच के लिए तैनात थी। ड्यूटी के बाद ये वापस लौट रहे थे। इसी दौरान वाहन की ट्रक से आमने सामने टक्कर हो गई। इस हादसे में वाहन का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और इसमें सवार चार जवानों की मौके पर ही मौत हो गई।  मृतकों और घायल की पहचान हुई अधिकारी ने बताया कि मृतकों की पहचान कांस्टेबल प्रद्युम्न दीक्षित, कांस्टेबल अमन कौरव, ड्राइवर परमलाल तोमर (सभी मोरेना निवासी) और डॉग मास्टर विनोद शर्मा (भिंड निवासी) के रूप में हुई है। हादसे में कांस्टेबल राजीव चौहान (निवासी मुरैना) गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज भोपाल के बंसल अस्पताल में चल रहा है। फिलहाल उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं, हादसे के दौरान पुलिस के वाहन में मौजूद एक डॉग पूरी तरह सुरक्षित है। अधिकारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस वाहन के चालक ने नियंत्रण खो दिया, जिसके कारण यह दुर्घटना हुई। फिलहाल पुलिस मामला दर्ज कर ट्रक चालक की तलाश कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। सीएम मोहन यादव ने जताया शोक सीएम मोहन यादव ने इस हादसे को लेकर X पर शोक व्यक्त किया और लिखा कि आज सागर जिले में सुबह नक्सल विरोधी अभियान से ड्यूटी कर लौट रहे 4 पुलिसकर्मियों का एक भीषण सड़क दुर्घटना में निधन होने का समाचार हृदयविदारक है। हादसे में दिवंगत पुलिसकर्मियों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। जेसीबी से बॉडी काटकर निकाले शव कंटेनर और पुलिस वाहन की टक्कर इतनी भीषण थी कि ड्राइवर और जवान गाड़ी के अंदर ही फंस गए। पुलिस वाहन आगे से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। जेसीबी की मदद से वाहन काटकर शवों को बाहर निकाला गया। इसके बाद शवों का पंचनामा बनाकर बांदरी अस्पताल भेजा गया। मृतकों की पहचान जवान प्रद्युमन दीक्षित, अमन कौरव और ड्राइवर परमलाल तोमर (तीनों मुरैना निवासी) के रूप में हुई है। वहीं, चौथे मृतक डॉग मास्टर विनोद शर्मा भिंड के निवासी थे। हादसे में आरक्षक राजीव चौहान (निवासी मुरैना) गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज चल रहा है।

रायपुर: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने हीराबाई झरेका बघेल को राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार से सम्मानित किया

 रायपुर : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाथों हीराबाई झरेका बघेल राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार से सम्मानित पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने दी बधाई एवं शुभकामनाएं     रायपुर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने छत्तीसगढ़ की प्रतिभाशाली धातुकला शिल्पकार श्रीमती हीराबाई झरेका बघेल को उनकी उत्कृष्ट कलात्मक उपलब्धियों के लिए राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार से सम्मानित किया है। यह पुरस्कार छत्तीसगढ़ की समृद्ध धातुकला परंपरा को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित स्थान दिलाने के लिए उनकी सराहनीय सेवा का प्रतीक है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय हस्तशिल्प समारोह में देश भर के हस्तशिल्पियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय वस्त्र मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने की, इस मौके पर राज्य मंत्री श्री पबित्रा मार्गेरिटा कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप उपस्थित थीं।     पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने इस उपलब्धि पर श्रीमती हीराबाई झरेका बघेल को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि श्रीमती हीराबाई झरेका ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और धातुकला क्षेत्र में अपना उत्कृष्ट योगदान दिया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ को विश्व पटल पर गौरवान्वित किया है। उनकी यह उपलब्धि प्रदेश के लिए गर्व की बात है। उनका यह कार्य न केवल हमारी कला को संरक्षित करता है, बल्कि नये कलाकारों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।      श्री राजेश अग्रवाल ने आगे कहा कि श्रीमती हीराबाई झरेका की अद्भुत सफलता पर छत्तीसगढ़ सरकार और संस्कृति विभाग की ओर से हार्दिक अभिनंदन। हमारे कलाकारों की उत्कृष्टता और उनका समर्पण ही हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने का मूल आधार है। संस्कृति विभाग निरंतर प्रयासरत है कि वह धातुकला के शिल्पियों एवं कलाकारों को तकनीकी प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता एवं उचित मंच प्रदान करे, जिससे वे अपनी कला को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित कर सकें। यह हमारा कर्तव्य है कि हम अपनी सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करते हुए विश्व के सामने मजबूती से प्रस्तुत करें।     संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ के शिल्पकारों के कौशल संवर्धन के लिए विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम, वित्तीय सहायता एवं प्रदर्शनियों का आयोजन करता रहता है, जिससे कि वे अपनी कला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित कर सकें।  विभाग का उद्देश्य है कि प्रदेश के धातुकला एवं हस्तशिल्प क्षेत्र को संरक्षित करते हुए युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएं और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया जाए। श्रीमती हीराबाई झरेका को राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार प्राप्त होने से न केवल छत्तीसगढ़ की कला एवं संस्कृति की प्रतिष्ठा बढ़ी है बल्कि यह पूरे प्रदेश के शिल्पकारों के लिए एक नई प्रेरणा भी बनी हैं।

रायपुर: ग्रामीण बस योजना को जीवनरेखा बताते हुए परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने की सराहना

रायपुर : ग्रामीण बस योजना ग्रामीण जनों के लिए जीवनरेखा: परिवहन मंत्री  केदार कश्यप परिवहन मंत्री  केदार कश्यप ने विभागीय कार्यों की समीक्षा की ऑटोमेटेड कंप्यूटरीकृत ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक (ई-ट्रैक) बनाने की योजना रायपुर परिवहन मंत्री  केदार कश्यप की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में विभागीय कामकाज की समीक्षा की गई। बैठक में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति, विशेषकर ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक (ई-ट्रैक), ग्रामीण बस योजना और वाहन सुरक्षा से संबंधित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। इस अवसर सचिव परिवहन  एस प्रकाश सहित सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। राज्य के सभी परिवहन कार्यालयों में ई-ट्रैक निर्माण की समीक्षा बैठक में बताया गया कि छत्तीसगढ़ के सभी परिवहन कार्यालयों में सेंसर आधारित ऑटोमेटेड कंप्यूटरीकृत ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक (ई-ट्रैक) बनाने की योजना लागू है। ई-ट्रैक के माध्यम से कुशल चालक ही लाइसेंस प्राप्त कर सकेंगे, जिससे सड़क सुरक्षा बढ़ेगी और दुर्घटनाओं में कमी आएगी। इस निर्माण कार्य की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड को सौंपी गई है। आरडीटीसी/डीटीसी निर्माण कार्य निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश’ 24 नवंबर 2025 को सचिव सह-परिवहन आयुक्त की अध्यक्षता में आयोजित वर्चुअल बैठक में समीक्षा करते हुए मंत्री  कश्यप ने कहा कि केंद्र सरकार की मंशा के अनुरूप सभी स्वीकृत आरडीटीसी और डीटीसी भवनों का निर्माण समय पर पूरा होना चाहिए। उन्होंने संचालकों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। ’मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना – ग्रामीण जनों के लिए जीवनरेखा’ बैठक में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना 2025 की प्रगति का भी विस्तृत प्रस्तुतिकरण किया गया। योजना का उद्देश्य ग्रामीण किसानों, मजदूरों, छोटे व्यापारियों, छात्रों और आम नागरिकों को जनपद, तहसील और जिला मुख्यालय तक सस्ती, नियमित और सुरक्षित बस सुविधा उपलब्ध करवाना है। योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों से बाजार, रोजगार, पढ़ाई और चिकित्सा सुविधाओं तक आसान पहुँचना सुनिश्चित किया जाएगा। सुदूर एवं संवेदनशील क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। हवाई अड्डों और रेलवे स्टेशनों तक बेहतर आवागमन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। मंत्री  कश्यप ने कहा कि यह योजना ग्रामीण विकास और सुगम परिवहन व्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। वाहन सुरक्षा के लिए व्हीकल ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म की प्रगति महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निर्भया फ्रेमवर्क के तहत सार्वजनिक वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटी) और इमरजेंसी बटन लगाने की प्रक्रिया की समीक्षा की गई। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि अब तक 1 हजार 900 यात्री वाहनों और 5 हजार 800 स्कूल बसों में ट्रैकिंग डिवाइस लगाया जा चुका है। किसी भी आपात स्थिति में पैनिक बटन दबाते ही सूचना परिवहन विभाग के कमांड एवं कंट्रोल सेंटर से पुलिस विभाग के डायल 112 तक पहुँच जाएगी। ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर (एटीएस) तकनीकी जांच में बड़ा सुधार वाहनों की फिटनेस जांच को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए राज्य में अब तक 8 ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर (रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, अंबिकापुर, जगदलपुर, कोरबा, राजनांदगांव, रायगढ) संचालित हैं। मशीनों के माध्यम से की जा रही फिटनेस जांच से तकनीकी गुणवत्ता में सुधार हुआ है। बैठक में अधिकारियों ने मंत्री  कश्यप को बताया कि ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटरों के संचालन में गुजरात के बाद छत्तीसगढ़ दूसरे स्थान पर है, यह राज्य के लिए गौरव की बात है। इसके साथ ही जल्द से जल्द जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार, धमतरी, महासमुंद, कांकेर, दंतेवाड़ा, सारंगढ़ और सूरजपुर में भी नए ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर स्थापित किए जाएंगे।

उपमुख्यमंत्री ने 2.97 करोड़ रुपए लागत के सड़क निर्माण कार्य का किया भूमिपूजन

रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मिल रही मजबूती– उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा उपमुख्यमंत्री ने 2.97 करोड़ रुपए लागत के सड़क निर्माण कार्य का किया भूमिपूजन मोहगांव से कोको तक 4.30 किमी लंबे सड़क निर्माण से हजारों ग्रामवासी होंगे लाभान्वित उप मुख्यमंत्री ने की स्कूल भवन, सायकल स्टैंड, समतलीकरण, सीसी रोड, मुरमीकरण, मंच निर्माण की घोषणा  रायपुर उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा के सतत और दृढ़ प्रयासों का परिणाम है कि कबीरधाम जिला आज शहर से लेकर गाँव तक चौमुखी विकास कर रहा है। इसी कड़ी में उन्होंने आज प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत ग्राम कोको में 2 करोड़ 97 लाख रुपए की लागत से 4.30 किमी लंबे मोहगांव–छांटा–कोको सड़क निर्माण कार्य का विधिवत भूमिपूजन किया।         यह सड़क केवल यातायात सुविधा का माध्यम नहीं, बल्कि ग्रामीणों के जीवन में आने वाले आर्थिक, शैक्षिक और सामाजिक परिवर्तन का आधार बनेगी। वर्षों से सड़क संपर्क के अभाव में रहे ग्रामीणों के लिए यह निर्माण नई उम्मीद, नया अवसर और नया भविष्य लेकर आएगा। ग्रामवासियों ने सड़क निर्माण के लिए उपमुख्यमंत्री  शर्मा से आग्रह किया था, जिसे उन्होंने प्राथमिकता देते हुए मंजूरी प्रदान की। आज भूमि पूजन के साथ ही इस बहुप्रतीक्षित निर्माण कार्य की औपचारिक शुरुआत हो चुकी है, जिससे पूरा क्षेत्र विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है।          उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कार्यक्रम में क्षेत्र के विकास के लिए कई घोषणाएँ भी कीं। उन्होंने हायर सेकेंडरी स्कूल भवन निर्माण की घोषणा करते हुए स्कूल परिसर के समतलीकरण के लिए 3.50 लाख रुपए, सी सी रोड के लिए 2.60 लाख रुपए, सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने हेतु मंच निर्माण के लिए 2.50 लाख रुपए, सहकारी समिति पहुंच मार्ग के लिए सीसी रोड निर्माण, छांटा–कोको मार्ग के बीच मुरमीकरण के लिए 5 लाख रुपए,  विद्यार्थियों की सुविधा के लिए साइकिल स्टैंड निर्माण की घोषणा की। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी सहित जनप्रतिनिधि और ग्रामवासी उपस्थित रहे।       उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने भूमिपूजन कार्यक्रम में कहा कि विकास के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा आवश्यक है और यह परियोजना स्थानीय समुदाय की जरूरतों को पूरा करेगी। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की सरकार ग्रामीण विकास के प्रति प्रतिबद्ध है। इस सड़क के बनने से मोहगांव–छांटा–कोको गांव के हजारों ग्रामवासियों को लाभ मिलेगा। आवागमन में सुविधा होगी। बेहतर सड़कों के जरिए शिक्षा, स्वास्थ्य, और व्यापार के नए अवसर साकार होंगे। उन्होंने बताया कि सरकार गांवों में बेहतर सड़कें और सुविधाएं प्रदान करने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने आगे कहा कि इस सड़क के निर्माण से न केवल आवागमन में सुविधा होगी, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। गांवों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना हमारी प्राथमिकता है, ताकि हर व्यक्ति को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि हर क्षेत्र, चाहे वह शहरी हो या ग्रामीण, विकास की मुख्यधारा से जुड़े।

गोरखनाथ मंदिर आगमन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह का अभिनंदन

उत्तराखंड के राज्यपाल ने गोरखनाथ मंदिर में किया दर्शन-पूजन गोरखनाथ मंदिर आगमन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह का अभिनंदन मंदिर परिसर का भ्रमण कराकर गोरक्षपीठाधीश्वर ने दी नाथपंथ और इसके महान संतों के बारे में विस्तार से जानकारी गोरखपुर उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने मंगलवार शाम गुरु गोरखनाथ मंदिर में शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन किया। उनके गोरखनाथ मंदिर आगमन पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका हार्दिक अभिनंदन किया। गोरक्षपीठाधीश्वर ने उन्हें मंदिर परिसर का भ्रमण कराया और नाथपंथ तथा इसके महान संतो के बारे में विस्तार से जानकारी दी।  उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह, बुधवार (10 दिसंबर) को महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय परिसर में होने वाले महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के 93वें संस्थापक सप्ताह समारोह के मुख्य महोत्सव एवं पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि सम्मिलित होने के लिए गोरखपुर आए हैं। मंगलवार शाम को वह गोरखनाथ मंदिर पहुंचे जहां गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल श्री सिंह ने मुख्यमंत्री के साथ गोरखनाथ मंदिर में गुरु गोरखनाथ का दर्शन और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि विधान से पूजन किया। मंदिर में मुख्यमंत्री ने उन्हें शिव गोरक्ष नामकृत अंगवस्त्र, मंदिर का प्रसाद और उपहार भेंट किया।।  गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन करने के बाद, उत्तराखंड के राज्यपाल ने सीएम योगी के साथ मंदिर परिसर का भ्रमण किया। इस दौरान बतौर गोरक्षपीठाधीश्वर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें नाथपंथ के इतिहास, विस्तार-प्रसार, इस पंथ के प्रवर्तक महायोगी गुरु गोरखनाथ के जीवन दर्शन और नाथपंथ के प्रसिद्ध संतों के बारे में बताया। मंदिर परिसर भ्रमण करने के बाद लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह सीएम योगी की मेजबानी में रात्रि भोज में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने उत्तराखंड से अपने साथ लाए उपहार, अंगवस्त्र और मंदिर की प्रतिकृति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेंट किए।

उज्जैन सिंहस्थ 2028 से पहले बनेगी मेगा पार्किंग, लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ रहेगी कंट्रोल में

उज्जैन सिंहस्थ-2028 में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और आधुनिक अनुभव दिलाने के लिए राज्य सरकार ने भीड़ और यातायात प्रबंधन के सबसे अहम मोर्चे पर निर्णायक कदम उठा लिया है। उज्जैन में 100 करोड़ रुपये की मेगा पार्किंग परियोजना को जमीन पर उतारने की तैयारी तेज कर दी गई है। इस परियोजना के तहत 6012 हेक्टेयर क्षेत्र में विशाल पार्किंग नेटवर्क बनाया जाएगा, जिसके साथ ही अत्याधुनिक जनसुविधाएं भी विकसित होंगी। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को शहर की सीमा में प्रवेश करने से पहले ही व्यवस्थित पार्किंग और सुचारू ट्रैफिक व्यवस्था उपलब्ध कराना है। यह साफ संकेत है कि इस बार सिंहस्थ भीड़ के दबाव से नहीं, बल्कि डिजिटल और संरचनात्मक प्लानिंग की बदौलत संचालित होगा।   पार्किंग के साथ आधुनिक सुविधाओं का विकास सरकार की इस विशेष योजना में केवल पार्किंग स्थल का निर्माण नहीं हो रहा है। यहां पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा तंत्र, यातायात संकेत और सीसीटीवी जैसी सुविधाएं भी स्थापित की जाएंगी। इस परियोजना को सिंहस्थ-2028 की सुरक्षा और सुगमता के लिए सबसे बड़ा आधार माना जा रहा है। इसका उद्देश्य उज्जैन शहर के भीतर वाहनों के दबाव को कम करना और प्रमुख मंदिरों तथा घाटों तक पहुंच को पहले की तुलना में अधिक सहज बनाना है। इसके लिए एक परामर्शदाता फर्म का चयन किया जा रहा है, जिसे सेवाओं के बदले लगभग दो करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा। यह फर्म दो प्रमुख चरणों में काम करेगी। दो चरणों में होगा काम पहला चरण डिजाइन और रूपरेखा तैयार करने से संबंध‍ित होगा। इसमें विस्तृत इंजीनियरिंग सर्वेक्षण, भू-तकनीकी अध्ययन, संरचनात्मक नक्शे, लागत अनुमान और आवश्यक स्वीकृतियां शामिल रहेंगी। दूसरे चरण में निर्माण प्रबंधन, गुणवत्ता नियंत्रण, साइट सुपरविजन, ठेका प्रबंधन और समयबद्ध कार्य निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग के अनुसार, समय सीमा में केंद्रित इस परियोजना से सिंहस्थ-2028 के दौरान ट्रैफिक प्रबंधन अत्यधिक सुदृढ़ हो जाएगा। भीड़ प्रबंधन होगा आसान परियोजना लागू होने से उज्जैन शहर के भीतर जाम की समस्याएं कम होंगी और श्रद्धालुओं को प्रमुख मंदिरों, घाटों और आयोजनों तक पहुंचने में कोई कठिनाई नहीं होगी। सिंहस्थ-2028 को दुनिया के सबसे विशाल धार्मिक समागम को आधुनिक स्वरूप में आयोजित करने की दिशा में यह कदम भीड़ प्रबंधन की चुनौती को अवसर में बदलने वाला साबित होगा।