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सूर्या ब्रिगेड का बेहतरीन प्रदर्शन, हार्दिक की बैटिंग और बॉलिंग ने साउथ अफ्रीका को 101 रनों से दी मात

कटक  कटक के बाराबती स्टेडियम में मंगलवार को भारत और साउथ अफ्रीका के बीच 5 मैचों की टी20 सीरीज का पहला मैच खेला गया. इस मुकाबले में भारतीय टीम ने 101 रनों के बड़े अंतर से जीत हासिल की. ये टी20 सीरीज दो महीने बाद शुरू होने वाले टी20 वर्ल्ड कप की तैयारियों के लिहाज से बेहद अहम है. इस मुकाबले में साउथ अफ्रीका के कप्तान एडेन मार्करम ने टॉस जीता और पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था. भारत ने साउथ अफ्रीका के सामने 176 रनों का लक्ष्य रखा था. हार्दिक पंड्या ने नाबाद 59 रनों की पारी खेली थी. लेकिन इसके जवाब में उतरी साउथ अफ्रीका की टीम 13वें ओवर में ही 74 के स्कोर पर ढेर हो गई. ऐसी रही साउथ अफ्रीका की पारी 176 के जवाब में उतरी साउथ अफ्रीका की शुरुआत बेहद खराब रही. पहले ओवर की दूसरी ही गेंद पर अर्शदीप ने क्विटन डिकॉक को चलता किया. डिकॉक खाता भी नहीं खोल सके. इसके बाद तीसरे ओवर में अर्शदीप ने स्टब्स को भी चलता किया. स्टब्स के खाते में 14 रन आए. छठे ओवर की पहली ही गेंद पर अक्षर पटेल ने कप्तान एडेन मार्करम को आउट कर दिया. मार्करम 14 रन बना सके. सातवां ओवर लेकर हार्दिक पंड्या आए. उन्होंने अपनी पहली ही गेंद पर मिलर को आउट कर दिया. यानी 50 रनों के भीतर ही अफ्रीका को चौथा झटका लगा. इसके बाद 8वें ओवर में वरुण ने साउथ अफ्रीका को 5वां झटका दिया. इसके बाद 10वें ओवर में वरुण ने जानसेन को भी बोल्ड कर दिया और साउथ अफ्रीका को छठा झटका दिया. जानसेन ने 12 रन बनाए. 11वें ओवर में बुमराह ने ब्रेविस को आउट किया. इस विकेट के साथ ही बुमराह के टी20 करियर में 100 विकेट भी पूरे हो गए. इसी ओवर में बुमराह ने केशव महाराज का भी विकेट झटका. 12वें ओवर में अक्षर ने साउथ अफ्रीका को 9वां झटका दिया. इसके बाद अगले ही ओवर में शिवम दुबे ने साउथ अफ्रीका को 74 पर ढेर कर दिया. ऐसा रहा गेंदबाजों का प्रदर्शन   भारतीय गेंदबाजों की बात करें तो अर्शदीप ने 2 ओवर में 14 रन देकर 2 विकेट लिए. वहीं बुमराह ने 3 ओवर में 17 रन दिए और 2 विकेट लिए. वरुण ने 3 ओवर में 19 रन देकर 2 विकेट लिए. अक्षर को भी दो सफलता मिली. जबकि हार्दिक और शिवम दुबे को 1-1 विकेट मिले. पहले बात हार्दिक पंड्या की हार्दिक पंड्या ने 74 दिनों के बाद टीम इंडिया के लिए वापसी की थी. एशिया कप में लगी चोट के चलते वह बाहर हुए थे. लेकिन इस मैच में उन्होंने क्या वापसी की. 12वें ओवर में जब हार्दिक बल्लेबाजी के लिए उतरे तो भारत की हालत ठीक नहीं थी. उस वक्त भारत का स्कोर 78-4 था. लेकिन हार्दिक ने 6 चौके और 4 छक्के लगाकर 59 रनों की नाबाद पारी खेली और 25 गेंदों में फिफ्टी जड़ दी. उनकी इस पारी के दम पर भारत ने 175 रन बनाए.वहीं, हार्दिक का जलवा गेंदबाजी में भी दिखा. हार्दिक ने दो ओवर में केवल 16 रन दिए और एक विकेट झटका. टी20 में विकेटों के शतक से अब वो केवल एक विकेट ही दूर हैं. भारतीय गेंदबाजों का शिकंजा इस मैच की सबसे खास बात ये रही की भारत का हर गेंदबाज प्रभावी रहा. कप्तान सूर्या ने इस मैच में 6 गेंदबाजों का इस्तेमाल किया और सभी ने विकेट झटके. अर्शदीप को दो, बुमराह-वरुण और अक्षर को 2-2 विकेट मिले. वहीं, हार्दिक और शिवम दुबे को 1-1 सफलता मिली. बुमराह ने इसी के साथ टी20 करियर में 100 विकेट पूरे किए. तीनों फॉर्मेट में 100 से अधिक विकेट लेने वाले वो दुनिया के कुछ चुनिंदा गेंदबाजों में शामिल हो गए हैं. भारत की ये जीत क्यों है खास भारत की ये 101 रनों की जीत कई मायनो में खास है. दो महीने बाद भारत को टी20 वर्ल्ड कप खेलना है. इसके लिए भारत के पास अब सिर्फ 9 मैच बचे हैं. यानी तैयारियों के लिए हर मुकाबला अहम है. भारत को 4 मैच साउथ अफ्रीका के साथ खेलना है, जबकि न्यूजीलैंड के साथ जनवरी में 5 मैचों की टी20 सीरीज खेलनी है. इसके बाद 7 फरवरी से वर्ल्ड कप शुरू हो जाएगा. उससे पहले भारत की ये जीत उसके मनोबल को बढ़ाने वाली है. ऐसी रही भारत की पारी  कटक टी20 में भारत की शुरुआत बेहद खराब रही और शुभमन ग‍िल महज 4 रन बनाकर पहले ही ओवर में लुंगी एनग‍िडी की गेंद पर आउट हो गए. कुछ देर बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव भी भी 11 रन बनाकर लुंगी की गेंद पर पवेल‍ियन लौट गए. 6 ओवर के बाद भारत का स्कोर 40-2 था. 7वें ओवर में भारत को तीसरा झटका लगा, जब अभिषेक शर्मा 17 रन बनाकर आउट हो गए. इसके बाद तिलक वर्मा और अक्षर पटेल में अच्छी साझेदारी पनप रही थी. लेकिन 12वें ओवर में तिलक वर्मा 26 रन बनाकर आउट हो गए. 14वें ओवर में भारत को 5वां झटका लगा जब अक्षर पटेल 23 रन बनाकर आउट हो गए.   इसके बाद हार्दिक पंड्या और शिवम दुबे के बीच अच्छी साझेदारी हुई. दोनों के बीच 19 गेंदों में 33 रनों की साझेदारी हुई. लेकिन 18वें ओवर में शिवम दुबे आउट हो गए. शिवम ने 11 रन बनाए. हार्दिक पंड्या ने 25 गेंद में अपनी फिफ्टी पूरी की. हार्दिक ने 28 गेंद में नाबाद 59 रनों की पारी खेली. जिसके दम पर भारत ने साउथ अफ्रीका के सामने 176 रनों का लक्ष्य रखा.    

मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा कदम: सिंहस्थ 2028 में अखाड़ों को अस्थायी राशन कार्ड, दुकानों पर लगेंगी नई मशीनें

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार सिंहस्थ कुंभ 2028 की तैयारियों में जुट गई है. राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि सिंहस्थ क्षेत्र में अखाड़ों की मांग के आधार पर अस्थायी राशन कार्ड जारी किए जाएंगे. इसके साथ ही मेला क्षेत्र में 40 उचित मूल्य की दुकानों को स्थापित किया जाएगा. बेहतर व्यवस्था के लिए मेला क्षेत्र को 8 जोन और 16 सेक्टर में बांटा जाएगा. इसमें राज्य सहकारी नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा गोदाम स्थापित किए जाएंगे. इसके अलावा खाद नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने प्रदेशभर में उचित मूल्य की दुकानों पर आधुनिक पीओएस मशीनें लगाने का फैसला किया है. अब नहीं होगी कम राशन की शिकायत राशन की दुकानों पर कई उपभोक्ताओं के साथ उनके अंगूठे स्कैन नहीं होने की समस्याएं आती हैं. ऐसे में उन्हें राशन मिलने पर परेशानी आती है. इसके लिए उचित मूल्य की दुकानों पर आधुनिक पीओएस मशीनें लगाई जाएंगी. इसमें पीओएस मशीन से तौल कांटे को जोड़ा जाएगा. साथ ही इसमें आइरिस स्कैनर भी होगा. इससे राशन की दुकान से राशन न मिलने या कम राशन मिलने की समस्या भी खत्म होगी. 35 लाख फर्जी हितग्राहियों का हुआ सफाया खाद विभाग में फर्जी हितग्राहियों को लेकर चल रहे अभियान के तहत प्रदेशभर में 35 लाख फर्जी बीपीएल कार्ड धारकों के नाम काटे जा चुके हैं. फर्जी कार्ड धारकों का नाम कटने से सरकार को हर महीने 32 करोड़ रुपए की बचत हो रही है. दो सालों में प्रदेश 5.25 करोड़ से ज्यादा हितग्राहियों को 66.25 लाख मीट्रिक टन मुफ्त खाद्यान्न वितरित कर चुका है. इस पर राज्य सरकार ने 22 हजार 800 करोड़ रुपए का खर्च किया है. 35 लाख फर्जी हितग्राहियों के नाम काटे जाने के बाद 14 लाख नए हितग्राहियों के नाम जोड़े गए हैं, जिन्हें खाद्यान्न बांटना शुरू किया गया है. ऐसे हितग्राहियों के केवाईसी करने के 72 घंटे में पात्रता पर्ची जारी की गई है. गोदामों की छत पर लगे सोलर पैनल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा की गई खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि "सरकारी गोदामों को अपग्रेडेशन कर उन्नत तकनीक की मदद से विभिन्न स्तरों पर सिंक्रोनाइजेशन किया जा रहा है. गोदामों की छत पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे. गोदामों की छतों पर 28.87 हजार वर्ग मीटर और परिसर में 3.30 लाख वर्गमीटर क्षेत्र में सोलर पैनल स्थापित किये जाएंगे. मध्य प्रदेश वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन द्वारा संचालित गतिविधियों की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी. इसके लिए इमेजिनेशन मेजरमेंट एप, फुमिगेशन एप और इंस्पेक्शन एप बनाया गया है. अनाज की खरीदी, भंडारन और वितरण से जुड़ी संस्थाओं को भी सॉफ्टवेयर के माध्यम से जोड़ा जाएगा."

खजुराहो में हुई निवेश पर बैठक, 5 औद्योगिक इकाइयों को मिली मंजूरी, मध्यप्रदेश की आर्थिक दिशा मजबूत

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में खजुराहो में हुई निवेश संवर्धन पर मंत्रि-परिषद समिति की बैठक 5 औद्योगिक इकाइयों को मिली मंजूरी आर्थिक संपन्नता की ओर मध्यप्रदेश, होगा निवेश-बढ़ेंगे रोजगार भोपाल  राज्य में निवेश संवर्धन और रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खजुराहो में 9 दिसंबर को निवेश संवर्धन पर मंत्रि-परिषद समिति (CCIP) की अहम बैठक ली। बैठक में 5 औद्योगिक इकाइयों के निवेश प्रकरणों को मंजूरी दी गई। साथ ही प्रदेश के जिलों में प्रस्तावित औद्योगिक परियोजनाओं को दी जाने वाली वित्तीय सुविधाओं के संबंध में अहम निर्णय लिए गए। बैठक में उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा, एमएसएमई मंत्री  चैतन्य काश्यप, कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  गौतम टेटवाल, संस्कृति-पर्यटन-धार्मिक न्यास और धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  धर्मेंद्र सिंह लोधी, मुख्य सचिव  अनुराग जैन सहित प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे। जे.के. सीमेंट के साथ 1850 करोड़ का विस्तार, 800 लोगों को रोजगार मंत्रि-परिषद समिति की बैठक में जे.के. सीमेंट कंपनी के निवेश प्रकरण पर चर्चा हुई। कंपनी वर्तमान में पन्ना जिले में 2600 करोड़ रुपये के इंटीग्रेटेड क्लिंकर और सीमेंट प्रोडक्शन प्रोजेक्ट पर काम कर रही है और 6 हजार से अधिक लोगों को रोजगार भी दे रही है। जे.के. सीमेंट भविष्य में 1850 करोड़ रूपये से अधिक के अतिरिक्त निवेश से यूनिट का विस्तार कर रही है, जिससे 800 लोगों को रोजगार मिलेगा। अल्केम लैबोरेट्रीज का उज्जैन में 500 करोड़ का निवेश बैठक में अल्केम लैबोरेट्रीज कंपनी का निवेश प्रकरण भी रखा गया। यह कंपनी फार्मा क्षेत्र में फार्मूलेशन-एपीआई और बल्क ड्रग प्रोडक्शन कर रही है। इस कंपनी ने मुंबई में हुए रोड-शो के दौरान 500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की इच्छा जताई थी। कंपनी ने उज्जैन के विक्रम उद्योगपुरी में टैबलेट, कैप्सूल, ड्राई सिरप और ड्राई पाऊडर इंजेक्शन के निर्माण के लिए यूनिट की स्थापना का प्रस्ताव दिया है। इससे 500 लोगों को रोजगार मिलेगा। नई अर्थव्यव्स्था को मजबूत करने डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर में बड़ा निवेश राज्य में डिजिटल अवसंरचना, क्लाउड सेवाओं तथा डेटा-आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में मेसर्स कंट्रोल एस डेटा सेंटर लिमिटेड द्वारा बड़वई आईटी पार्क, भोपाल में लगभग 500.20 करोड़ रूपये के निवेश से डेटा सेंटर सुविधा विकसित की जा रही है। परियोजना से प्रदेश में लगभग 870 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार अवसरों का सृजन होगा। यह निवेश प्रदेश में डिजिटल अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह परियोजना डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, राष्ट्रीय डेटा नीति, एवं मध्यप्रदेश आईटी और ईएसडीएम निवेश संवर्धन नीति-2023 के लक्ष्यों को आगे बढ़ाएगा। ग्वालियर में 327.10 करोड़ सीसीएल मेन्युफेक्चरिंग यूनिट राज्य में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, ई.एस.डी.एम. (Electronic System Design and Manufacturing) सेक्टर को प्रोत्साहन प्रदान करने एवं स्थानीय उत्पादन क्षमताओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से केदारा इलेक्ट्रॉनिक्स द्वारा ग्वालियर, मध्यप्रदेश में लगभग 327.10 करोड़ रूपये के निवेश सेकॉपर क्लैड लैमिनेट (CCL) निर्माण इकाई स्थापित किए जाने का प्रस्ताव रखा गया। परियोजना से राज्य में लगभग 220 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार अवसर उपलब्ध होंगे। फूड प्रोसेसिंग में उज्जैन को मिलेगी नई पहचान विश्व की सबसे बड़ी पोटेटो फ्लेक्स निर्माताओं में शामिल अहमदाबाद की इस्कॉन बालाजी फूड्स ने उज्जैन की विक्रम उद्योगपुरी में 110 करोड़ रूपये के निवेश से यूनिट स्थापित कर उत्पादन शुरू कर दिया है। इससे 350 लोगों को रोजगार मिला है। औद्योगिक नीति के प्रस्ताव पर सैद्धांतिक अनुमोदन बैठक में मंत्री मंडलीय समिति ने सभी प्रस्तावित एवं संचालित परियोजनाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रस्ताव पर सैद्धांतिक अनुमोदन दिया। इसके तहत प्रचलित उद्योग संवर्धन समितियों में उपलब्ध प्रावधानों के साथ ही अतिरिक्त सुविधाएं प्रदान करने पर सहमति बनी। इस निर्णय से न केवल प्रदेश में औद्योगिक प्रगति का मार्ग प्रशस्त होगा बल्कि युवाओं के लिये बड़े पैमाने पर रोजगार अवसर भी उपलब्ध होंगे।  

ओमान ने PAK के टुकड़े करने में भारत का साथ दिया था, अब पीएम मोदी का वहां दौरा, क्या होगा अगला कदम?

नई दिल्ली इतिहास के पन्ने पलटें तो साल था 1971. भारत और पाकिस्तान के बीच जंग छिड़ी थी. पाकिस्तान के दो टुकड़े होने वाले थे और एक नया देश बांग्लादेश नक्शे पर उभर रहा था. उस वक्त दुनिया का कूटनीतिक माहौल भारत के खिलाफ था. अमेरिका अपना सातवां बेड़ा भेज रहा था और इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) के लगभग सभी ताकतवर देश सऊदी अरब, ईरान, जॉर्डन मजहब के नाम पर पाकिस्तान के साथ खड़े थे. लेकिन उस घने अंधेरे में एक चिराग था जो भारत के लिए जल रहा था. वह देश था ओमान. ओमान वह मुस्लिम देश था, जिसने अरब और इस्लामिक जगत के भारी दबाव को दरकिनार करते हुए, यूएन से लेकर हर वैश्विक मंच पर भारत का खुलकर समर्थन किया था. जब सब पाकिस्तान को बचाने में लगे थे, ओमान भारत की सच्चाई के साथ खड़ा था. अगले हफ्ते, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उसी ओमान की धरती पर कदम रखने जा रहे हैं. 17-18 दिसंबर का यह दौरा सिर्फ फाइलों पर दस्तखत करने का नहीं, बल्कि 54 साल पुरानी उस वफादारी को नमन करने का है. 1971 की वो कहानी, जो अक्सर नहीं सुनाई जाती 1971 की जंग के दौरान पाकिस्तान ने खुद को ‘इस्लाम के किले’ के रूप में पेश किया था. अरब देशों पर भारी दबाव था कि वे भारत का बायकॉट करें. उस वक्त ओमान के सुल्तान कबूस बिन सईद ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया. उन्होंने साफ कर दिया कि ओमान, भारत के रणनीतिक हितों के खिलाफ नहीं जाएगा. सऊदी अरब और जॉर्डन जैसे देश सुल्तान कबूस से बेहद खफा हो गए थे. लेकिन सुल्तान अड़े रहे. उन्होंने न सिर्फ भारत का कूटनीतिक समर्थन किया, बल्कि अपनी बंदरगाहों और सुविधाओं के दरवाजे भी भारत के लिए खुले रखे. अब जब पीएम मोदी ओमान जा रहे हैं, तो वह एक तरह से उस दोस्ती का कर्ज चुकाने जा रहे हैं. ओमान भारत के लिए सिर्फ एक ‘ट्रेडिंग पार्टनर’ नहीं, बल्कि ‘ऑल वेदर फ्रेंड’ यानी हर मौसम का साथी है. ‘दिल’ के बाद अब ‘डील’ की बारी 1971 में ओमान ने दिल से साथ दिया था, 2025 में वह भारत की इकॉनमी को रफ्तार देने जा रहा है. पीएम मोदी के इस दौरे पर भारत-ओमान फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर हस्ताक्षर होना लगभग तय है. इस समझौते के बाद भारतीय सामान जैसे कपड़ा, जेम्स, ज्वेलरी, मशीनरी बिना किसी टैक्स के ओमान के बाजारों में बिक सकेगा. इससे चीन को झटका लगना तय है. ओमान रणनीतिक रूप से बहुत अहम जगह यानी अरब सागर और फारस की खाड़ी के मुहाने पर है. भारत वहां दुकम (Duqm) पोर्ट पर पहले से ही मौजूदगी दर्ज करा चुका है. फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के जरिए भारत वहां चीन के प्रभाव को कम करेगा और अपनी जड़ें जमाएगा. ‘पुणे’ वाला कनेक्शन और सुल्तान से याराना     कूटनीति में निजी रिश्तों का बहुत मोल होता है. ओमान के मौजूदा सुल्तान हैथम बिन तारिक के रगों में भारत से जुड़ी यादें हैं. सुल्तान हैथम के पिता ने भारत के पुणे शहर में पढ़ाई की थी. ओमान का शाही परिवार भारत को अपना दूसरा घर मानता है.     पीएम मोदी और सुल्तान हैथम के बीच गजब का तालमेल है. पिछले साल जब सुल्तान भारत आए थे, तो यह उनकी पहली राजकीय यात्रा थी. अब पीएम मोदी का वहां जाना उस दोस्ती को और गहरा करेगा.     ओमान में करीब 8 लाख भारतीय रहते हैं. पीएम मोदी जब उनसे मिलेंगे, तो यह संदेश जाएगा कि भारत अपने नागरिकों और अपने पुराने दोस्तों, दोनों का ख्याल रखता है. जॉर्डन और इथियोपिया भी जाएंगे पीएम मोदी की यह यात्रा सिर्फ ओमान तक सीमित नहीं है. वे जॉर्डन और इथियोपिया भी जा रहे हैं. यह तीनों देश मुस्लिम आबादी के लिहाज से भारत के लिए बहुत मायने रखते हैं. जॉर्डन (97% मुस्लिम): तब और अब: 1971 में जॉर्डन पाकिस्तान के साथ था, लेकिन आज 2025 में जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला पीएम मोदी के करीबी दोस्त हैं. किंग अब्दुल्ला, जो पैगंबर साहब के वंशज माने जाते हैं, उनका पीएम मोदी का स्वागत करना इस्लामिक दुनिया में भारत की बदलती छवि का सबूत है. यह दौरा फिलिस्तीन मुद्दे पर भारत के संतुलन को दिखाएगा. इथियोपिया (34% मुस्लिम): पहला दौरा: यह किसी भारतीय पीएम का पहला इथियोपिया दौरा होगा. वहां 4 करोड़ से ज्यादा मुस्लिम आबादी है. भारत वहां अफ्रीका में अपनी पैठ बढ़ाने जा रहा है. 1971 की नींव पर 2025 का महल पीएम मोदी का यह दौरा बताता है कि विदेश नीति में ‘मेमोरी’ कितनी अहम होती है. भारत ने नहीं भुलाया कि जब दुनिया खिलाफ थी, तब ओमान साथ था. ज जब ओमान के साथ ऐतिहासिक FTA होने जा रहा है, तो यह 1971 के उस बीज का फल है जिसे सुल्तान कबूस ने बोया था. ओमान में ‘इकॉनमी’ की बात होगी (FTA के जरिए), लेकिन उसकी बुनियाद में ‘दिल’ की वो बात होगी जो 1971 में पाकिस्तान के दो टुकड़े होते वक्त ओमान ने भारत के कान में कही थी- हम तुम्हारे साथ हैं. यह दौरा उसी भरोसे को रीन्यू करने का है.

स्कूल शिक्षा में डिजिटल इन्फ्रॉस्ट्रक्चर बढ़ाने पर ध्यान, शिक्षकों को मिले टैबलेट

स्कूल शिक्षा में डिजिटल इन्फ्रॉस्ट्रक्चर बढ़ाने पर दिया गया विशेष ध्यान शिक्षकों की डिजिटल क्षमता के लिये प्रदान किये गये टैबलेट भोपाल प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिये शिक्षकों को डिजिटल उपकरण प्रदान कर सक्षम बनाया है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में डिजिटल टेक्नोलॉजी के विकास और स्कूल के सभी स्तरों पर प्रौद्योगिकी के उभरते हुए भविष्य को देखते हुए डिजिटल इन्फ्रॉस्ट्रक्चर, ऑनलाइन शिक्षण मंच और उपकरणों की उपलब्धता की सिफारिश की गयी है। प्रदेश में प्राथमिक एवं माध्यमिक शासकीय विद्यालयों के 2 लाख 43 हजार शिक्षकों को टैबलेट प्रदान किये गये हैं। विभाग ने सरकारी हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी स्कूलों के 44 हजार शिक्षकों को भी टैबलेट उपलब्ध कराये हैं। शिक्षक इन टैबलेट का उपयोग बच्चों की शिक्षण व्यवस्था में कर रहे हैं। रोबोटिक्स लैब विभाग ने प्रदेश के 52 सांदीपनि विद्यालयों में रोबोटिक्स लैब स्थापित किये हैं। इस वर्ष विभाग ने 458 पीएम स्कूलों में अटल टिकरिंग लैब विकसित की हैं। राज्य के 100 प्रतिशत जनशिक्षा केन्द्र, जिनकी संख्या 3063 है, उन केन्द्रों में हाई परफार्मेंस पीसी प्रिंटर और यूपीएस की उपलब्धता सुनिश्चित की है। शासकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए छात्रों को विज्ञान एवं गणित विषय के डिजिटल ई-कंटेंट उपलब्ध कराये गये हैं। व्यावसायिक शिक्षा नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा दिये जाने की सिफारिश की गयी है। प्रदेश के 3367 सरकारी स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा पाठ्यक्रम के अनुसार शिक्षा दिये जाने की व्यवस्था की गयी है। प्रदेश में व्यावसायिक शिक्षा पाठ्यक्रम में 17 ट्रेड मंजूर किये गये हैं। पिछले वर्ष 4 लाख से अधिक छात्रों का नामांकन कक्षा-9 से 12 तक किया गया था। इस वर्ष नामांकित छात्रों की संख्या करीब 6 लाख है। पिछले 2 वर्षों में 690 शासकीय विद्यालयों में एग्रीकल्चर ट्रेड प्रारंभ किया गया है। प्रदेश में कॅरियर सप्ताह का आयोजन सरकारी स्कूलों के बच्चों को पढ़ाई के दौरान कॅरियर संबंधी सलाह के लिये इस वर्ष कॅरियर सप्ताह का आयोजन किया जा चुका है। सप्ताह के दौरान 4311 शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के 2 लाख विद्यार्थियों को कॅरियर चयन संबंधी सलाह दी गयी है।  

8वें वेतन आयोग पर सरकार का महत्वपूर्ण बयान, पेंशनर्स और कर्मचारियों को कब से मिलेगा लाभ

नई दिल्‍ली.  8वें वेतन आयोग की सिफारिशें आने में अब सिर्फ 17 महीने का समय बचा है. इससे पहले केंद्र सरकार ने सोमवार को एक बार फिर आयोग की शर्तों को लेकर जारी कयासों पर विराम लगाते हुए स्‍पष्‍ट जानकारी दी है. वित्‍त राज्‍यमंत्री पंकज चौधरी ने संसद में 8वें वेतन आयोग को लेकर स्‍पष्‍ट जानकारी दी है. उन्‍होंने आयोग की सिफारिशों को लागू करने के लिए फंड के इंतजाम को लेकर भी जवाब दिए. संसद में चर्चा के दौरान वित्‍त राज्‍यमंत्री ने बताया कि अभी केंद्रीय कर्मचारियों की संख्‍या करीब 50.14 लाख है, जबकि 69 लाख के आसपास पेंशनर्स भी हैं. 8वां वेतन आयोग लागू होने के बाद इन सभी को फायदा दिया जाएगा. केंद्रीय मंत्री ने लिखित जवाब में 8वें वेतन आयोग के टर्म ऑफ रेफरेंस और इसके लागू होने की तारीख जैसे सवालों के भी जवाब दिए हैं. उनसे पूछा गया कि 8वें वेतन आयोग के लिए वित्‍तवर्ष 2026-27 के बजट में फंड आवंटन को लेकर क्‍या योजना है. क्‍या सरकार पेंशनधारकों और कर्मचारियों की शिकायतों का निवारण करेगी. कबसे लागू होगा 8वां वेतन आयोग जबसे 8वें वेतन आयोग की घोषणा हुई है, सभी कर्मचारियों और पेंशनधारकों का सबसे बड़ा सवाल यही था कि इसे लागू कब से किया जाएगा. संसद में केंद्रीय मंत्री ने इस सवाल का जवाब दिया है. उन्‍होंने कहा कि आयोग की सिफारिशों को लागू करने की तिथि के बारे में घोषणा बाद में की जाएगी. फिलहाल आयोग को अपने गठन के 18 महीनों के भीतर अपनी सिफारिशों हर हाल में पेश करनी होगी. 7वां वेतन आयोग 31 दिसंबर, 2025 को समात्‍प हो जाएगा, लेकिन अभी तक 8वें के लागू करने की तिथि का खुलासा नहीं हुआ है. आयोग बनने के बाद अब तक क्‍या हुआ केंद्रीय मंत्री ने बताया कि आयोग की सिफारिशों को लागू करने के लिए जरूरी फंड पर समय के साथ फैसला किया जाएगा. इसके लिए पहले से तय प्रक्रिया का भी पालन किया जाएगा. 41 दिन पहले 8वें वेतन आयोग को बनाने के बाद से अब तक कई कदम उठाए जा चुके हैं. केंद्र सरकार ने इसके टर्म ऑफ रेफरेंस को मंजूरी दे दी है, जिसका गजट नोटिफिकेशन भी 3 नवंबर, 2025 को जारी किया जा चुका है. किस आधार पर सैलरी तय करेगा आयोग पे कमीशन मूल वेतन के स्‍ट्रक्‍चर, पेंशन, अलाउंस और अन्‍य सुविधाओं को ध्‍यान में रखते हुए अपनी सिफारिशें तैयार करेगा. उसका मकसद कर्मचारियों और पेंशनर्स को उचित भुगतान दिलाना है. आयोग के सामने फिटमेंट फैक्‍टर में बदलाव करने की भी चुनौती है, जिसके आधार पर कर्मचारियों के वेतन में भी बदलाव आएगा. सरकार ने आयोग के गठन के बाद से अब तक कई कदम उठाए हैं, जो कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन पर सीधे तौर पर असर डालने वाला है.  

SIR रिपोर्ट में बड़ा खुलासा: मध्यप्रदेश में 8.13 लाख मृत मतदाता वोटर लिस्ट में शामिल, 99% फॉर्म डिजिटलाइज

भोपाल   मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का काम लगातार जारी है। जिसके तहत एन्युमरेशन फॉर्मों को डिजिटलाइज करने का काम जारी है। निर्वाचन सदन के मुताबिक 99 प्रतिशत से ज्यादा फॉर्म डिजिटलाइज किए जा चुके है। जिसके तहत मध्यप्रदेशमें अब तक 8.13 लाख मृत मतदाताओं की पहचान की जा चुकी है। 2,43 लाख ऐसे मतदाता मिले हैं। जिनके दो जगह नाम मिले है। 10 दिसंबर तक बैठकें आयोजित निर्वाचन सदन द्वारा फॉर्म प्रकाशन और प्राप्ति के दौरान अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाताओं की पहचान और सत्यापन के लिए बैठकें होंगी। सभी मतदान केंद्रों पर 6 दिसंबर से 10 दिसंबर तक बीएलओ बीएलए और अन्य सहयोगियों की बैठकें आयोजित की जाएगी। चुनाव आयोग के निर्देश पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय सभी जिलों में एसआईआर प्रक्रिया तेजी से करवा रहा है और दिन में तीन बार कलेक्टरों से रिपोर्ट ले रहा है। 27 अक्टूबर को वोटर लिस्ट फ्रीज होने के बाद 4 नवंबर से एसआईआर का कार्य शुरू हुआ था, जिसका प्रारूप परिणाम 16 दिसंबर को प्रकाशित होगा। अभी शिफ्टेड मतदाताओं की सूची प्राप्त नहीं हुई है, जो प्रकाशन से पहले स्पष्ट की जाएगी। फार्म नहीं भरा तो कट सकता है वोट मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं को एसआईआर फार्म मिला है, उन्हें 2003 की एसआईआर के आधार पर परिजनों/खुद की जानकारी देना अनिवार्य है। यदि कोई मतदाता बीएलओ के लगातार प्रयासों के बाद भी फार्म जमा नहीं करता, तो उसका नाम भी 16 दिसंबर की सूची से हटाया जा सकता है। संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी आरपीएस जादौन ने अपील की है कि सभी मतदाता समय रहते फार्म जमा करें, ताकि नाम कटने की स्थिति से बचा जा सके। किन जिलों में सबसे अधिक मृत वोटर्स? सूत्रों के अनुसार जबलपुर और सागर में मृत मतदाताओं की संख्या सबसे ज्यादा, जबकि सीहोर और पन्ना में सबसे कम पाई गई है। हालांकि आयोग ने इन आंकड़ों को अभी आधिकारिक रूप से सार्वजनिक नहीं किया है। 10 दिसंबर तक होगा सत्यापन एसआईआर कार्यवाही के तहत अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डबल-एंट्री वाले मतदाताओं की पहचान के लिए 10 दिसंबर तक हर मतदान केंद्र पर BLO–BLA की बैठकें आयोजित की जा रही हैं। प्रदर्शित सूचियों का राजनीतिक दलों से अवलोकन कराने और 11 दिसंबर तक आपत्तियां दर्ज कराने की समय-सीमा तय की गई है, ताकि BLO ऐप के माध्यम से समय पर संशोधन किया जा सके। जबलपुर और साग्र में सबसे ज्यादा मामले एसआइआर से मिले अब तक के आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा मृत मतदाता प्रदेश के जबलपुर और सागर जिले में चिह्नित हुए हैं। और सबसे कम सीहोर और पन्ना में मिले है। हालांकि एसआइआर प्रक्रिया अभी जारी होने से आंकड़ों में बढ़ोत्तरी संभव है। इन नामों को सूची से बाहर किया जाएगा। वहीं गणना पत्रक प्राप्त होने पर अनुपस्थित स्थानांतरित, मृत एवं वोहरी प्रविष्टि को छोड़कर अन्य के नाम प्रारूप सूची में शामिल होंगे।

वक्फ विवाद में बड़ा फैसला: गांव पर किया गया दावा खारिज, खंडवा में कार्रवाई तेज

खंडवा  एमपी के खंडवा जिले के सिहाड़ा गांव में मंगलवार को तब हड़कंप मच गया जब प्रशासन ने दरगाह पीर मौजा परिसर के आसपास अवैध कब्जों पर बुलडोजर चला दिया। इस दौरान 6 थाने की पुलिस मौजूद रही। इससे पूरे क्षेत्र में हलचल मच गई। दरगाह कमेटी में इस जमीन को वक्फ की बताया था। कमेटी में जिस खसरा नंबर पर दावा किया था वह खसरा पूरे गांव का खसरा था। खसरे के मुताबिक पूरे गांव की जमीन को वक्फ प्रॉपर्टी बता दिया गया था। इसको लेकर हड़कंप मच गया था। मामले की शुरुआत तब हुई जब सिहाड़ा ग्राम पंचायत ने सरकारी जमीन पर दुकान निर्माण के लिए दरगाह कमेटी को नोटिस भेजा था। सिहाड़ा ग्राम पंचायत सरपंच प्रतिनिधि हेमंत सिंह चौहान का कहना है कि जिस जगह पर अवैध कब्जा किया गया है। वह सरकारी जमीन है। ग्राम पंचायत ने जमीन पर बाजार बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए ग्राम पंचायत ने फरवरी में संबंधित पक्ष को नोटिस दिया था। कब्जाधारी पक्ष की ओर से कहा गया कि जमीन वक्फ की है आप वहां बाजार नहीं बना सकते हैं। इसके बाद सिहाड़ा ग्राम पंचायत ने तहसीलदार से गुहार लगाई थी। तहसीलदार की ओर से भी कब्जाधारियों को नोटिस जारी किया गया था लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं दिया गया। इसके बजाए दरगाह कमेटी ने दुकान की जमीन समेत पूरे सिहाड़ा गांव की 14.500 हेक्टयर भूमि (जिस पर गांव बसा है) को वक्फ की बता दिया था। इतना ही नहीं कब्जाधारियों ने पूरे गांव को वक्त की संपत्ति बताकर भोपाल वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील तक कर दी थी। इधर जिस रकबे पर पूरा गांव बसा है उसे वक्फ का बताए जाने को लेकर सिहाड़ा के लोगों में खलबली मच गई थी। हालांकि समिति ने बाद में कहा कि देखिए जी खसरा नंबर में टाइपो एरर होने के चलते यह स्थिति बन गई है। फिर वक्फ ट्रिब्यूनल में सुनवाई शुरू हो गई। वक्फ ट्रिब्यूनल ने ग्राम पंचायत को नोटिस जारी किया था। साथ ही वक्फ बोर्ड से भी दावे के पक्ष में दस्तावेज मांगे थे। वक्फ बोर्ड को इसके लिए टाइम दिया गया था। सरपंच प्रतिनिधि हेमंत चौहान ने भी अपने अधिवक्ता के माध्यम से गांव का पक्ष रखा। आखिरकार ट्रिब्यूनल का फैसला आया और उसने कब्जाधारियों के दावे को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि वक्फ बोर्ड ने निर्धारित समय में अपने दावे के पक्ष में जरूरी दस्तावेज पेश नहीं किए हैं इसलिए उनका दावा खारिज किया जाता है। ग्राम पंचायत ने सरकारी जमीन से अवैध कब्जे हटाने के लिए जिला प्रशासन को आवेदन दिया था। फैसला आते ही प्रशासन का अमला पूरे दलबल के साथ मौके पर पहुंचा और अवैध कब्जे के खिलाफ ऐक्शन शुरू कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि फैसले के बाद दरगाह पीर मौजा परिसर के आसपास का अतिक्रमण हटाया गया। दरगाह पीर मौज परिसर में दुकान तक बना दी गई गई थी जिसे बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। एक शौचालय और तार फेंसिंग को भी बुलडोजर चलाकर हटा दिया गया। बताया जाता है कि दरगाह परिसर में ही सामुदायिक भवन था। गौर करने वाली बात यह कि इस सामुदायिक भवन में मदरसा चलाया जा रहा था। प्रशासन के ऐक्शन के बाद मदरसे का संचालन बंद करा दिया गया है। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान राजस्व और पुलिस के आला अधिकारी मौजूद रहे। खंडवा एसडीएम बजरंग बहादुर ने बताया कि ग्राम सिहाड़ा में कुछ लोगों ने सरकार की जमीन को वक्फ की संपत्ति बता कर अवैत तरीके से कब्जा कर लिया था। दुकान बना ली गई थी। प्रशासन ने बुलडोजर लगाकर अवैध कब्जों को हटा दिया है। दरगाह क्षेत्र से पूरे अतिक्रमण को हटा दिया गया है। 

परीक्षा पे चर्चा 2026: छात्रों के लिए गोल्डन चांस, रजिस्ट्रेशन ओपन—जानें पूरी प्रक्रिया

नई दिल्ली  भारत सरकार द्वारा परीक्षा पे चर्चा (Pariksha PE Charcha 2026) के 9वें एडिशन के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 1 दिसंबर से प्रारंभ कर दी गई है। छात्र, अभिभावक और शिक्षक सभी इस कार्यक्रम के लिए ऑनलाइन माध्यम से innovateindia1.mygov.in की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पंजीकरण (PPC 2026 Registration) कर सकते हैं। इसके अलावा, पेज पर उपलब्ध डायरेक्ट लिंक की मदद से भी आसानी से आवेदन किया जा सकता है। PPC 2026 के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 11 जनवरी 2026 तय की गई है। मोबाइल नंबर या ईमेल आवश्यक परीक्षा पे चर्चा 2026 में भाग लेने के लिए पंजीकरण करते समय छात्रों को मोबाइल नंबर या ईमेल ID में से किसी एक की आवश्यकता होगी। इस वर्ष पहली बार Digilocker लॉगिन के माध्यम से रजिस्ट्रेशन करने का विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है, जिससे प्रक्रिया और सरल हो गई है।       सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट innovateindia1.mygov.in पर जाएं।     होम पेज पर Participate Now विकल्प चुनें।     अपनी श्रेणी Student (Self Participation), Student (Participation through Teacher Login), Teacher या Parent में से किसी एक का चयन करें और दिए गए विकल्प Click to Participate पर क्लिक करें।     अब अपना पूरा नाम, मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी दर्ज कर पंजीकरण करें।     आगे की आवश्यक जानकारी भरकर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को पूरा कर लें। पिछले वर्ष बना गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड परीक्षा पे चर्चा देशभर में अत्यंत लोकप्रिय कार्यक्रम है। वर्ष 2025 में 3.53 करोड़ प्रतिभागियों ने PPC में रजिस्ट्रेशन कराया था, जिसे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा मान्यता दी गई। इस बार PPC 2026 फिर से लौट आया है ताकि विद्यार्थियों में आनंददायक शिक्षा और तनाव-मुक्त परीक्षाओं को प्रोत्साहित किया जा सके। छात्रों को मिलेगा PM से सवाल पूछने का अवसर वर्ष 2025 में तीन करोड़ से अधिक लोगों ने परीक्षा पे चर्चा में भाग लिया था। इस बार भी निबंध प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को प्रधानमंत्री से सीधे सवाल पूछने का अवसर मिलेगा। साथ ही, छात्र, शिक्षक और अभिभावक पीएम के साथ सीधे संवाद कर सकेंगे। इसके अलावा दस शीर्ष “एग्जाम वॉरियर्स” को पीएम आवास में प्रधानमंत्री से मुलाकात का विशेष मौका भी मिलेगा। वर्ष 2018 से शुरू हुई यह पहल अब अपने नौवें संस्करण तक पहुंच चुकी है।

33 करोड़ 30 लाख मूल राशि हुई जमा, 28 करोड़ 01 लाख का सरचार्ज हुआ माफ

भोपाल  विगत 3 नवंबर से शुरू हुई समाधान योजना 2025-26 का लाभ हजारों बकायादार उपभोक्‍ता उठा रहे हैं। मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के मुरैना वृत्‍त में अब तक कुल 7,795 उपभोक्‍ताओं ने अपना पंजीयन कराया है। कंपनी के खाते में 33 करोड़ 30 लाख रूपए मूल राशि जमा हुई है तथा 28 करोड़ 01 लाख रूपए सरचार्ज माफ किया गया है। इस तरह से अभी तक मुरैना वृत्‍त समाधान योजना में कंपनी कार्यक्षेत्र सहित मध्‍यप्रदेश में भी सर्वाधिक राशि जमा करवाने में अव्‍वल रहा है। मुरैना वृत्‍त के महाप्रबंधक श्री सुरेश कुमार ने बताया कि हाल ही में समाधान योजना का लाभ उठाते हुए गैर घरेलू उपभोक्‍ता श्रीमती सवीना बेगम पर कुल बकाया राशि 10,57,401 रुपए थी। जिसमें से 5,12,379 रूपये की सरचार्ज में छूट मिली। उन्‍हें केवल 5,45,022 रुपए जमा करने पड़े और उनका बिल निराकृत हो गया। इसी तरह घरेलू उपभोक्‍ता श्री बलराम शर्मा पर कुल बकाया राशि 9,80,077 रुपए में से 7,52,284 रूपये की सरचार्ज में छूट मिली। उन्‍हें केवल 2,27,793 रुपए जमा करने पड़े। कृषि पंप उपभोक्‍ता श्री जय सिंह पर कुल बकाया राशि 1,14,655 रुपए थी जिसमें से उन्‍हें 55,590 रूपये की सरचार्ज में छूट मिली और उन्‍हें केवल 59,065 रुपए ही जमा करने पड़े। मुरैना वृत्‍त के महाप्रबंधक श्री सुरेश कुमार ने अन्य सभी बकायादार उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाते हुए अपने बकाया बिल को जमा करायें, साथ ही उन्होंने अपने सभी अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे तीन माह से अधिक के बकायदार उपभोक्ताओं को इस योजना का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करें। मध्य प्रदेश सरकार की समाधान योजना 2025- 26 के लागू होने से ऐसे अनेक उपभोक्‍ता हैं जो बकाया बिल जमा कर रहे हैं और एकमुश्‍त बकाया जमा राशि जमा करने पर अधिकतम छूट का लाभ ले रहे हैं। कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्षितिज सिंघल ने कंपनी के बकायादार उपभोक्‍ताओं से अपील की है कि वे प्रथम चरण में ही एकमुश्‍त भुगतान कर इस योजना में शामिल होकर सरचार्ज में अधिकतम छूट का लाभ उठाएं। उन्‍होंने कहा कि यह योजना उन बकायादार उपभोक्ताओं के लिए वरदान बनी है जो सरचार्ज के कारण मूलधन राशि जमा नहीं कर पा रहे थे। अब उन्हें समाधान योजना के प्रथम चरण में सरचार्ज में 60 से लेकर 100 प्रतिशत तक छूट के साथ एकमुश्‍त अथवा किस्तों में भुगतान करने का विकल्प मिल रहा है। समाधान योजना 2025-26 : एक नजर में समाधान योजना 2025-26 का उद्देश्य 3 माह से अधिक अवधि के उपभोक्ताओं को बकाया विलंबित भुगतान के सरचार्ज पर छूट प्रदान करना है। यह योजना जल्दी आएं, एकमुश्‍त भुगतान कर ज्यादा लाभ पाएं के सिद्धांत पर आधारित है। इस योजना में उपभोक्ता को प्रथम चरण में एकमुश्‍त भुगतान करने पर सबसे अधिक लाभ होगा जबकि द्वितीय चरण के दौरान छूट का प्रतिशत क्रमशः कम होता जाएगा। यह योजना दो चरणों में प्रारंभ होकर प्रथम चरण की शुरुआत 3 नवंबर से 31 दिसंबर 2025 तक रहेगी जिसमें 60 से लेकर 100 प्रतिशत तक सरचार्ज माफ किया जाएगा। इसी तरह द्वितीय और अंतिम चरण में जो कि एक जनवरी से 28 फरवरी 2026 तक लागू रहेगी, इसमें 50 से 90 फ़ीसदी तक सरचार्ज माफ किया जाएगा। प्रथम चरण में एकमुश्‍त राशि जमा कराने पर अधिकतम लाभ होगा। समाधान योजना 2025-26 का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी भोपाल हेतु portal.mpcz.in पर पंजीयन कराना होगा। कंपनी के उपाय ऐप पर भी पंजीयन की सुविधा उपलब्‍ध है। पंजीयन के दौरान अलग-अलग उपभोक्ता श्रेणी के लिए पंजीयन राशि निर्धारित की गई है। घरेलू एवं कृषि उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 10 प्रतिशत तथा गैर घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 25 प्रतिशत भुगतान कर पंजीयन कराकर योजना में शामिल होकर लाभ उठा सकते हैं। विस्तृत विवरण तीनों कंपनियों की वेबसाइटों पर भी देखा जा सकता है साथ ही विद्युत वितरण केंद्र में पहुंचकर भी योजना के संबंध में जानकारी ले सकते हैं।