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पुतिन की यात्रा समाप्त, जेलेंस्की के आगमन से पहले भारत की कूटनीति सक्रिय

 नई दिल्ली रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सफल दिल्ली दौरे के बाद भारत ने कूटनीति की दूसरी सधी हुई चाल चली है. भारत अब यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की को दिल्ली में होस्ट करने की योजना पर काम कर रहा है. कूटनीतिक हलकों में इसे भारत की विदेश नीति का बैलेंसिंग एक्ट माना जा रहा है. माना जा रहा है कि जनवरी 2026 में जेलेंस्की का दिल्ली दौरा हो सकता है, हालांकि अभी इस दौरे की तारीख तय नहीं हो सकी है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक भारत कई हफ्तों से यूक्रेन के राष्ट्रपति कार्यालय से संपर्क में है. भारत की य़े कोशिश राष्ट्रपति पुतिन के नई दिल्ली दौरे से पहले से ही चल रही है. इस बाबत भारतीय और यूक्रेनी अधिकारियों के बीच कई हफ़्तों से बातचीत चल रही है, और पुतिन के भारत आने से पहले ही नई दिल्ली ज़ेलेंस्की के ऑफिस के संपर्क में थी.  जेलेंस्की की यात्रा से भारत को रूस-यूक्रेन युद्ध के दोनों पक्षों के साथ जुड़े रहने की कोशिशों को बल मिलेगा. भारत इस नीति पर कई महीनों से चल रही है. यही वजह है कि जुलाई 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब मॉस्को गए और पुतिन से मिले, तो इसके एक महीने बाद ही अगस्त में पीएम मोदी ने यूक्रेन का दौरा किया था.  यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के प्रस्तावित दौरे का समय और दायरा कई बातों पर निर्भर करेगा. इसमें सबसे महत्वपूर्ण यह है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शांति योजना कैसे आगे बढ़ती है और युद्ध के मैदान में क्या होता है.  यूक्रेन की घरेलू राजनीति, जहां ज़ेलेंस्की की सरकार अभी एक बड़े भ्रष्टाचार घोटाले में फंसी होने के कारण दबाव में है. उसका भी इस प्रस्तावित दौरे पर असर पड़ सकता है.  खास बात यह है कि यूक्रेन का राष्ट्रपति अबतक सिर्फ तीन बार भारत आया है. ये मौके थे. 1992, 2002 और 2012.  पुतिन की यात्रा पर यूरोप की कड़ी नजर रही है. कई यूरोपीय दूतों ने भारत से मॉस्को पर युद्ध खत्म करने का दबाव डालने के लिए अपने प्रभाव का इस्तेमाल करने का आग्रह किया है. भारत ने लगातार कहा है कि बातचीत और कूटनीति ही आगे बढ़ने का एकमात्र सही रास्ता है.  इस बार भी राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा था कि भारत तटस्थ नहीं है, भारत शांति के पक्ष में है. यूक्रेन युद्ध पर भारत की नीति काफी पहले से रही है.  फरवरी 2022 में यूक्रेन- रूस के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से भारत पुतिन और ज़ेलेंस्की दोनों के संपर्क में रहा है. मोदी ने ज़ेलेंस्की से कम से कम आठ बार फोन पर बात की है, दोनों नेता अलग अलग प्लेटफॉर्म पर कम से कम चार बार मिल चुके हैं.  अगस्त 2024 में यूक्रेन दौरे पर गए पीएम मोदी ने ज़ेलेंस्की से कहा था, “हम युद्ध से दूर रहे हैं, लेकिन हम न्यूट्रल नहीं हैं, हम शांति के पक्ष में हैं. हम बुद्ध और गांधी की धरती से शांति का संदेश लेकर आए हैं.” भारत से हजारों सैकड़ों किलोमीटर दूर चल रहे यूक्रेन-रूस की लड़ाई की सीधा असर भारत की इकोनॉमी पर भी पड़ा है.  भारत की ओर से रूस से कच्चा तेल खरीदने की वजह से अमेरिका ने भारत पर 25 फीसदी पेनाल्टी टैरिफ लगा दिया है. 

उप मुख्यमंत्री शुक्ल का निर्देश, ग्राम पंचायतों के सहयोग से छोटे गांवों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करें

ग्राम पंचायतों के समन्वय से छोटी बसाहटों में पेयजल आपूर्ति कार्य को प्राथमिकता से करें पूर्ण: उप मुख्यमंत्री  शुक्ल रीवा जिले में जल जीवन मिशन एवं हिनौती गौधाम विकास कार्यों की समीक्षा की रीवा  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में रीवा जिले में जल जीवन मिशन के अंतर्गत जारी कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों के समन्वय से छोटी बसाहटों में भी पेयजल आपूर्ति से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि इन बसाहटों तक शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिनका प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि हर घर तक नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुँचाने के लक्ष्य को साकार करने में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के बीच प्रभावी समन्वय महत्वपूर्ण है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने हिनौती गौधाम के विकास कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने शेड निर्माण के प्रस्ताव को क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप पुनरीक्षित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि गौवंश विहार को नैचुरल फॉर्मिंग (प्राकृतिक खेती) के मॉडल पर उन्नयन किया जाना है, इसके लिए हर संभव सहयोग एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाये। बैठक में अपर मुख्य सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मती दीपाली रस्तोगी; प्रमुख सचिव, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी  पी. नरहरि; एमडी मध्यप्रदेश जल निगम  वी. एस. चौधरी, संचालक पंचायत  छोटे सिंह सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

प्रदेश की सुरक्षा के लिए योगी की जनता से अपील, घुसपैठियों की पहचान में मदद करें

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया है। सुप्रीम कोर्ट की हालिया टिप्पणियों का हवाला देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश में किसी भी रूप में अवैध घुसपैठ स्वीकार नहीं की जाएगी। सीएम योगी ने जोर देकर कहा कि राज्य के संसाधनों पर पहला और एकमात्र अधिकार यहां के मूल नागरिकों का है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई अब एक अनिवार्यता बन गई है। सुरक्षा और सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए सरकार इसे अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता मानती है। रोहिंग्या और बांग्लादेशियों की पहचान के लिए अभियान सीएम योगी ने जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान के लिए एक व्यापक अभियान शुरू किया गया है। सरकार ने इस दिशा में ठोस कदम उठाते हुए सभी नगर निकायों को निर्देश जारी किए हैं। निकायों को अपने क्षेत्रों में संदिग्ध विदेशी नागरिकों की सूची तैयार करने को कहा गया है, ताकि वास्तविक स्थिति का पता चल सके। ड्रोन और सैटेलाइट से होगी निगरानी अवैध कब्जों और सरकारी योजनाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सार्वजनिक संस्थानों और जमीनों पर अनधिकृत कब्जों को हटाने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। इसके लिए ड्रोन, मल्टीसेन्सर तकनीक और सैटेलाइट सर्वेक्षण का उपयोग किया जा रहा है। इस हाई-टेक निगरानी से घुसपैठियों और अवैध कब्जों की सटीक जानकारी मिल सकेगी। हर मंडल में बनेंगे डिटेंशन सेंटर सरकार ने चिन्हित घुसपैठियों के लिए कड़े इंतजाम किए हैं। सीएम योगी के अनुसार, पहचान किए गए अवैध नागरिकों को डिटेंशन केंद्रों में भेजा जा रहा है। इस प्रक्रिया को व्यवस्थित रूप देने के लिए प्रदेश के हर मंडल में डिटेंशन सेंटर स्थापित करने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। यह कदम सुनिश्चित करेगा कि अवैध नागरिकों को समाज से अलग रखा जा सके और नियमानुसार कार्रवाई हो। नागरिकों से सत्यापन की अपील मुख्यमंत्री ने सुरक्षा को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए प्रदेश के नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति किसी को काम पर रखने या किराए पर मकान देने से पहले उसकी पहचान का सत्यापन अवश्य करे। सरकार का यह कदम न केवल आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में है, बल्कि यह सुनिश्चित करने के लिए भी है कि जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ केवल पात्र भारतीय नागरिकों को ही मिले।

एथेनॉल उत्पादन में रिकॉर्ड उछाल, देश का एथेनॉल हब बना उत्तर प्रदेश

योगी सरकार की आबकारी नीति से निवेश को रफ्तार, रोजगार सृजन के खुले नए आयाम एथेनॉल उत्पादन में रिकॉर्ड उछाल, देश का एथेनॉल हब बना उत्तर प्रदेश राजस्व वृद्धि के साथ निवेश से वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाने में बड़ा योगदान लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार की पारदर्शी और निवेशोन्मुखी आबकारी नीति ने वर्ष 2025 में प्रदेश की राजस्व प्रणाली को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। एथेनॉल उत्पादन और बिक्री में दर्ज हुई उल्लेखनीय वृद्धि ने न केवल औद्योगिक गतिविधियों को तेज किया है, बल्कि प्रदेश को राष्ट्रीय एथेनॉल उत्पादन के क्षेत्र में भी शीर्ष श्रेणी में स्थापित किया है। उत्पादन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, बिक्री और निवेश प्रस्तावों में तेजी इस बात का संकेत है कि राज्य की अर्थव्यवस्था नए दौर में प्रवेश कर रही है। एथेनॉल उत्पादन ने बनाया नया कीर्तिमान उत्तर प्रदेश में नवंबर 2025 तक 141.8 करोड़ लीटर एथेनॉल का उत्पादन हुआ, जो अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। योगी आदित्यनाथ सरकार के संरचनात्मक सुधार, तकनीकी अनुकूलता और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ से शराब, बीयर, वाइन व एल्कोहल आधारित उद्योगों में वृद्धि हुई है। प्रदेश में 105.25 करोड़ लीटर और प्रदेश से बाहर 40.96 करोड़ लीटर एथेनॉल बिक्री ने उत्तर प्रदेश को एथेनॉल सप्लाई का भरोसेमंद केंद्र बनाया है। उत्तर प्रदेश देश के अग्रणी एथेनॉल उत्पादक प्रदेशों में स्थापित हो चुका है। इससे न केवल उद्योगों को प्रोत्साहन मिला, बल्कि ग्रामीण स्तर पर भी आर्थिक गतिविधियां तेज हुईं। आबकारी क्षेत्र में निवेश से अर्थव्यवस्था को मजबूती   उत्तर प्रदेश में अल्कोहल आधारित उद्योग के क्षेत्र में बड़े कॉरपोरेट समूहों से लेकर मध्यम सेक्टर उद्योगों तक के निवेशक यूपी में अपने परियोजनाओं को विस्तार दे रहे हैं। उत्तर प्रदेश के आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह ने बताया कि इंवेस्ट यूपी के अंतर्गत अब तक 125 समझौते साइन हुए हैं, जिसके तहत 3,07,35 करोड़ रुपये के निवेश की प्रक्रिया चल रही है। वहीं 43 रेडी-टू-लॉन्च प्रोजेक्ट हैं जिनके लिए जमीन आवंटित हो चुकी है। इसके माध्यम से 6898.88 करोड़ रुपये के निवेश की प्रक्रिया चल रही है। इनवेस्ट यूपी के तहत वर्तमान में 19 प्रोजेक्ट संचालित हैं इसमें 2900 करोड़ से ज्यादा का निवेश हो चुका है। इन परियोजनाओं ने 4800 से अधिक रोजगार भी सृजित किए हैं। गैर एमओयू के तहत 28 प्रोजेक्ट संचालित हैं जिसमे 2752 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है।  रोजगार सृजन से युवाओं को नया अवसर आबकारी क्षेत्र में निवेश प्रस्तावों से 9940 से अधिक रोजगार अवसर बनने की संभावना है। यह योगी सरकार की उस नीति का परिणाम है, जिसमें औद्योगिक विकास को सीधे तौर पर रोजगार सृजन से जोड़ा गया है। इससे स्थानीय युवाओं को उनके ही प्रदेश में बेहतर अवसर प्राप्त होंगे और औद्योगिक आधार मजबूत होगा। उत्तर प्रदेश की आबकारी नीति का यह सशक्त प्रदर्शन योगी आदित्यनाथ सरकार की आर्थिक दृष्टि, राजस्व प्रबंधन क्षमता और औद्योगिक विकास के प्रति प्रतिबद्धता का स्पष्ट प्रमाण है।

बालाघाट जिला अब नक्सल मुक्त, 12 कमांडरों ने AK-47 समेत हथियार सौंपे

बालाघाट  मध्यप्रदेश से माओवादी ढांचे का अंतिम किला भी ढह गया है. देश के सबसे खतरनाक और एक करोड़ इनामी माओवादी नेता सेंट्रल कमेटी मेंबर (CCM) रामधेर मज्जी ने सोमवार तड़के अपने 11 टॉप कमांडरों के साथ हथियार डाल दिए. यह सरेंडर छत्तीसगढ़ में खैरागढ़ जिले के बाकरकट्टा थाना क्षेत्र के कुमही गांव में हुआ, जहां रामधेर ने AK–47 पुलिस के हवाले कर दी. उसके साथ DVCM और ACM स्तर के आतंकी चंदू उसेंडी, ललिता, जानकी, प्रेम, रामसिंह दादा और सुकैश पोट्टम भी हथियारों के साथ सामने आए. छह महिला नक्सलियों ने भी INSAS, SLR और .303 जैसे हथियार सौंप दिए. दशकों से तीन राज्यों में सक्रिय माओवादी नेटवर्क के लिए यह सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है. मध्य प्रदेश का यह प्रमुख नक्सल प्रभावित जिला, जिसकी पहचान 1990 के दशक से नक्सली हिंसा और सक्रियता के लिए रही है, अब आधिकारिक रूप से नक्सल मुक्त घोषित कर दिया गया है। यह उपलब्धि केंद्रीय गृह मंत्रालय की मार्च 2026 की तय समय सीमा से पहले हासिल हुई है। अब सिर्फ एक नक्सली दीपक सक्रिय बालाघाट एसपी आदित्य मिश्रा के मुताबिक, नक्सलियों ने पुनर्वास से पुनर्जीवन तक सरकार की नीति से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण किया है। इससे जिला लगभग नक्सली मुक्त हो गया है। जिले में अब सिर्फ एक नक्सली दीपक सक्रिय है। सुरक्षा एजेंसियों को उम्मीद है कि वह भी जल्द सरेंडर कर देगा। एमएमसी जोन प्रभारी रामधेर मज्जी भी शामिल आत्मसमर्पण करने वालों में एमएमसी जोन प्रभारी रामधेर मज्जी भी शामिल रहे, जिन्होंने एक AK-47 राइफल सौंपकर समर्पण किया। उनकी गार्ड और हार्डकोर नक्सली मानी जाने वाली सुनीता ओयाम कुछ वक्त पहले ही बालाघाट पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर चुकी थी। इस दौरान कुल 12 हथियार सौंपे गए, जिनमें दो एके-47, दो इंसास, एक एसएलआर और दो .303 राइफलें शामिल हैं। प्रमुख नक्सली, जिन्होंने किया समर्पण सरेंडर करने वाले अन्य प्रमुख नक्सलियों में चंदू उसेंडी (डीवीसीएम), ललिता (डीवीसीएम), जानकी (डीवीसीएम), प्रेम (डीवीसीएम), राम सिंह दादा (एसीएम), सुकेश पोट्टम (एसीएम), लक्ष्मी (पीएम), शीला (पीएम), सागर (पीएम), कविता (पीएम) और योगिता (पीएम) शामिल हैं। इन नक्सलियों ने पुनर्वास योजना के तहत सरेंडर किया है। उन्हें राज्य सरकार की मौजूदा पुनर्वास नीति के तहत आर्थिक सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण और सामाजिक पुनर्स्थापन का आश्वासन दिया गया है। 29 नवंबर को महाराष्ट्र के गोंदिया जिले में 11 नक्सलियों का एक दल आत्मसमर्पण कर चुका है, जिसका नेतृत्व अनंत उर्फ विकास नागपुरे कर रहा था, जो पिछले महीने हॉक फोर्स के इंस्पेक्टर आशीष शर्मा की हत्या में शामिल था. NDTV ने कुछ दिनों पहले ही अपनी एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में खुलासा किया था कि रामधेर अब सिर्फ अपने बचे हुए 14 हथियारबंद कैडरों के साथ दक्षिणी MMC ज़ोन के घने जंगलों में छिपा हुआ था. सुरक्षा एजेंसियों ने  बताया था कि यही समूह पूरी MMC संरचना का आखिरी किला है. 29 नवंबर को अनंत उर्फ विकास नागपुरे के सरेंडर के बाद रामधेर नेटवर्क से बिल्कुल अलग-थलग पड़ चुका था. अनंत ने जाते हुए चार कैडरों को यही जिम्मा दिया था कि रामधेर से संपर्क करें और उसे हथियार डालने के लिए तैयार करें. इससे मध्यप्रदेश के लिए यह हफ्ता ऐतिहासिक बन गया है. सिर्फ 24 घंटे पहले बालाघाट में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में MMC के KB डिविजन के 10 बड़े नक्सलियों ने ₹2.36 करोड़ के इनाम के साथ सरेंडर किया था. NDTV ने तभी रिपोर्ट किया था कि इसके बाद ( मध्यप्रदेश-महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़) यानि दक्षिणी MMC ज़ोन हिल जाएगा और रामधेर की यूनिट भी टूट जाएगी और अब, कुछ ही घंटों में, वह आखिरी दीवार भी ढह गई. इससे मध्यप्रदेश अब लगभग पूरी तरह नक्सल-मुक्त माना जा रहा है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को ही कहा था कि “आज का दिन MP पुलिस के नक्सल विरोधी अभियान की सबसे बड़ी जीत है. डिंडौरी और मंडला पहले ही मुक्त थे, बालाघाट भी अब बड़े पैमाने पर नक्सल मुक्त हो रहा है. यह ऑपरेशन ‘सरेंडर करो या समाप्त हो जाओ' की नीति की ऐतिहासिक सफलता है.” उत्तर MMC ज़ोन पहले ही खाली हो चुका था. अब दक्षिणी MMC ज़ोन के सबसे बड़े नाम रामधेर के सरेंडर के बाद पूरे MMC क्षेत्र जो तीन राज्यों तक फैला था, का सफाया माना जा रहा है. इससे कान्हा नेशनल पार्क, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व और पूरे जंगल कॉरिडोर की सुरक्षा पर बड़ा असर पड़ेगा. जो दस नक्सली रविवार को आत्मसमर्पण करने पहुंचे, वे MMC ज़ोन के कान्हा–भोरा देव (KB) डिवीजन से जुड़े थे, जो छत्तीसगढ़ के कबीरधाम और MP के बालाघाट व मंडला जिलों में सक्रिय था. आत्मसमर्पण करने वालों में MMC ज़ोन के विशेष जोनल समिति सदस्य सुरेंद्र उर्फ कबीर सोड़ी (50), राकेश ओड़ी उर्फ मनीष, और एरिया कमेटी सदस्य लालसिंह मरावी, सलीता उर्फ सावित्री, नवीन नुप्पो उर्फ हिड़मा, जैशीला उर्फ ललिता ओयम, विक्रम उर्फ हिड़मा वट्टी, जरीना उर्फ जोगी मुसक और समर उर्फ सोमरू शामिल हैं. इनकी उम्र 26 से 50 वर्ष के बीच है और ये सभी छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के रहने वाले हैं. इनमें से कई पर ग्रामीणों की हत्याओं का गंभीर आरोप है, जिन्हें पुलिस मुखबिर समझकर मारा गया था. रविवार का आत्मसमर्पण उस घटना के 36 दिन बाद हुआ है, जब 14 लाख के इनाम वाली नक्सली सुनीता ने हथियार डाले थे, रविवार का दिन इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि इसी से एक दिन पहले MP पुलिस और रामधेर की टीम के बीच MP–छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर मुठभेड़ हुई थी. 2025 में अब तक MP पुलिस ने टारगेटेड ऑपरेशंस में 10 खतरनाक नक्सलियों का एनकाउंटर किया है, जिन पर कुल 1.86 करोड़ रुपये का इनाम था.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में इंटीग्रेटेड चालान प्रक्रिया से बढ़ेगी रोड सेफ्टी, यूपी होगा अग्रणी राज्य

इंटीग्रेटेड ई-चालान प्रणाली से प्रदेश में रोड एक्सीडेंट में कमी लाने की कवायद तेज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में इंटीग्रेटेड चालान प्रक्रिया से बढ़ेगी रोड सेफ्टी, यूपी होगा अग्रणी राज्य  वाहन, सारथी एप, ई-डार, आई रैड और ई-चालान पोर्टलों को एकीकृत करने के लिए बनेगा एआई आधारित प्लेटफॉर्म लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और रोड एक्सीडेंट में कमी लाने के उद्देश्य से ई-चालान प्रक्रिया का इंटीग्रेशन किया जा रहा है। इस क्रम में ट्रैफिक पुलिस एवं यातायात व परिवहन विभाग के संयुक्त प्रयासों से ई-चालान पोर्टल का विस्तार, दुर्घटना डेटा विश्लेषण और बीमा एकीकरण जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। प्रक्रिया के तहत ई-चालान प्रणाली के वाहन और सारथी एप के इंटीग्रेशन के साथ-साथ एक्सीडेंट डेटा कलेक्शन के लिए ऑनलाइन डैशबोर्ड बनाया जा रहा है। साथ ही वाहन बीमा को भी ई-चालान से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इन प्रयासों से रोड एक्सीडेंट और इस दौरान होने वाली मृत्यु की संख्या में उल्लेखनीय कमी आयेगी। प्रदेश सरकार के ये कदम राज्य में रोड सेफ्टी को नई दिशा प्रदान करेंगे। प्रदेश के 17 जनपदों में ई-चालान पोर्टल की इंटीग्रेशन प्रक्रिया शुरू  प्रदेश में रोड सेफ्टी को बढ़ावा देने और रोड एक्सीडेंट के दौरान होने वाली मृत्यु की संख्या में कमी लाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना को अमल में लाया जा रहा है। हाल ही में संपन्न हुई मुख्य सचिव की बैठक में स्वीकृति मिलने के बाद यूपी परिवहन विभाग एवं यातायात निदेशाल ने ट्रैफिक पुलिस के संयुक्त प्रयास से पूरे प्रदेश में ई-चालन प्रक्रिया के इंट्रीग्रेशन का कार्य तेज गति से शुरू कर दिया है। इस क्रम में सबसे पहले ट्रैफिक पुलिस एवं परिवहन विभाग के चालानों का ई-चालान पोर्टल पर इंटीग्रेशन किया जा रहा है। पहले चरण में प्रदेश के 17 जनपदों में प्रक्रिया एनआईसी के माध्यम से शुरू की जा चुकी है। शेष जनपदों में भी जल्द ही शुरू की जाएगी। इससे एक ओर तो चालानों की ट्रैकिंग आसान हो जाएगी साथ ही डिफॉल्टर वाहन मालिकों पर त्वरित कार्रवाई भी संभव होगी।   एक्सीडेंट डेटा कलेक्शन के लिए विकसित होगा ऑनलाइन डैशबोर्ड    यूपी परिवहन विभाग ने सारथी पोर्टल के माध्यम से ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े सभी चालानों का एकीकरण पूरा कर लिया है। साथ ही वाहन और सारथी एप, ई-डार, आई रैड ऐप और ई-चालान पोर्टलों को एकीकृत करने के लिए एआई आधारित प्लेटफॉर्म को विकसित किया जा रहा है। एक्सीडेंट डेटा कलेक्शन और विश्लेषण के लिए ऑनलाइन डैशबोर्ड भी विकसित किया जा रहा है। परिवहन विभाग ने ई-डार और आई रैड ऐप के जरिए सभी जनपदों में रोड एक्सीडेंट और चालानों की डेटा फीडिंग शुरू कर दी है और विश्लेषण के आधार पर सुधारात्मक कदम भी उठाए जा रहे हैं। ई-चालान और वाहन बीमा को भी किया जाएगा एकीकृत   ई-चालान को वाहन बीमा से जोड़ने और पांच से अधिक चालानों पर प्रीमियम बढ़ाये जाने की भी योजना है। जिससे रोड एक्सीडेंट के मामले में त्वरित इलाज और मुआवजे की व्यवस्था ऑनलाइन प्रक्रिया से की जा सके। नवंबर माह में संपन्न हुई बैठक में बीमा प्रतिनिधियों ने योजाना को सैद्धांतिक सहमति दी है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रीमियम दरों में बदलाव आईआरडीएआई के माध्यम से ही संभव होगा। इसके अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस और प्रवर्तन दलों को आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से लैस किया जा रहा है जिससे चालान का प्रवर्तन और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में ये प्रयास उत्तर प्रदेश को रोड सेफ्टी के मामले में अग्रणी बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगें।

इंडिगो की गिरावट ने सेंसेक्स को झटका दिया, डिफेंस शेयरों में अचानक उथल-पुथल

मुंबई  शेयर बाजार में हफ्ते के पहले दिन भारी गिरावट (Stock Market Crash) देखने को मिल रही है. सुस्ती के साथ ओपन हुआ बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (Sensex) मार्केट क्लोज होने से एक घंटे पहले ही करीब 800 अंक फिसल गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (Nifty) भी फिसलकर 26,000 के स्तर के नीचे आ गया. बाजार में गिरावट के बीच इंडिगो समेत कई शेयर लाल निशान पर कारोबार करते दिखे, जबकि डिफेंस शेयरों में भी भूचाल नजर आया.  सेंसेक्स-निफ्टी देखते ही देखते क्रैश   शेयर मार्केट (Share Market) में सोमवार को कारोबार की शुरुआत रेड जोन में हुई थी. BSE Sensex अपने पिछले बंद 85,712.37 की तुलना में गिरकर 85,624.84 के लेवल पर ओपन हुआ और इसके बाद ये फिसलते हुए चला गया. खबर लिखे जाने तक दोपहर 2.15 बजे पर सेंसेक्स इंडेक्स 800 अंक फिसलकर 84,875 के लेवल पर आ गया. इसकी तरह NSE Nifty की चाल रही. ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले बंद 26,186.45 के मुकाबले गिरावट के साथ 26,159 पर ओपन हुआ और 270 अंक की गिरावट लेकर 25,892 के लेवल पर कारोबार कर रहा था.  IndiGo Share में तगड़ी गिरावट शेयर बाजार में गिरावट के साथ हो रहे कारोबार के बीच संकट में फंसी इंडिगो एयरलाइन की पेरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन का शेयर (IndiGo Share Crash) 9 फीसदी तक टूट गया. ये एयरलाइन स्टॉक अपने पिछले बंद 5,367.50 रुपये के लेवल से टूटकर 5,110 रुपये पर खुला और फिर सेंसेक्स-निफ्टी की तरह फिसलता ही चला गया. इंडिगो शेयर 9 फीसदी के आसपास गिरकर 4842.5 रुपये पर कारोबार कर रहा था और इसका मार्केट कैप भी गिरकर 1.89 लाख करोड़ रुपये पर आ गया था. 

पीएम मोदी बोले, कांग्रेस मुस्लिम लीग के सामने घुटने टेक चुकी, ‘वंदे मातरम’ के संदर्भ में मुस्लिम भड़केंगे

नई दिल्ली  राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के 150 साल पूरे होने पर लोकसभा में एक खास चर्चा हो रही है. इसमें भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में इसके ऐतिहासिक महत्व और हमेशा रहने वाली विरासत पर रोशनी डाली जा रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस चर्चा की शुरुआत की. इसमें इस मशहूर गीत के कई जरूरी और कम जाने-पहचाने पहलुओं पर भी बात हो रही है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के राज्यसभा में चर्चा शुरू करने की उम्मीद है. बीजेपी के नेतृत्ववाली एनडीए सरकार को लोकसभा में बहस में हिस्सा लेने के लिए तीन घंटे दिए गए हैं, जबकि पूरी चर्चा के लिए कुल 10 घंटे तय किए गए हैं, क्योंकि बहस मंगलवार 9 दिसंबर को राज्यसभा में भी होगी. दोनों सदनों की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई. कांग्रेस ने मुस्लिम लीग के सामने घुटने टेक दिए थे: पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में वंदे मातरम पर कहा, 'पंडित जवाहरलाल नेहरू ने लिखा था कि 'आनंद मठ में वंदे मातरम का बैकग्राउंड मुसलमानों को परेशान कर सकता है.' उन्होंने यह भी कहा, 'मुस्लिम लीग ने वंदे मातरम का कड़ा विरोध करना शुरू कर दिया था. मुहम्मद अली जिन्ना ने 15 अक्टूबर 1937 को लखनऊ से वंदे मातरम के खिलाफ नारा लगाया था. मुस्लिम लीग की बेबुनियाद बातों का कड़ा और मुंहतोड़ जवाब देने के बावजूद, नेहरू ने वंदे मातरम की जांच शुरू कर दी. इसके पांच दिन बाद नेहरू ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को एक चिट्ठी लिखी जिसमें उन्होंने मोहम्मद अली जिन्ना की भावना से सहमति जताई और लिखा, 'आनंद मठ में वंदे मातरम का बैकग्राउंड मुसलमानों को परेशान कर सकता है.' इसके बाद कांग्रेस ने कहा कि 26 अक्टूबर से बंगाल में वंदे मातरम के इस्तेमाल की जांच की जाएगी. दुर्भाग्य से, 26 अक्टूबर को कांग्रेस ने वंदे मातरम पर समझौता कर लिया. उन्होंने गाने को दो हिस्सों में बांट दिया. इस फैसले के पीछे सामाजिक सद्भाव का कारण था, लेकिन इतिहास गवाह है कि कांग्रेस ने मुस्लिम लीग के सामने घुटने टेक दिए थे. यह माइनॉरिटीज को खुश करने का उनका तरीका था. बाद में कांग्रेस को घुटने टेकने पड़े और भारत के बंटवारे के लिए राजी होना पड़ा. कांग्रेस की नीजि आज भी वही हैं. इस तरह इंडियन नेशनल कांग्रेस मुस्लिम लीग कांग्रेस (MLC) बन गई है. आज भी कांग्रेस और उसकी साथी पार्टियाँ वंदे मातरम का विरोध करती है और इसके आस-पास विवाद पैदा करने की कोशिश करती है.' लोकसभा में ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘जो वंदे मातरम् 1905 में महात्मा गांधी को राष्ट्रगान के रूप में दिखता था… वंदे मातरम् इतना महान था, इसकी भावना इतनी महान थी तो फिर पिछली सदी में इसके साथ इतना बड़ा अन्याय क्यों हुआ? वंदे मातरम् के साथ विश्वासघात क्यों हुआ? वह कौनसी ताकत थी जिसकी इच्छा पूज्य बापू की भावना पर भारी पड़ गई जिसने वंदे मातरम् जैसी पवित्र भावना को विवादों में घसीट दिया.’ उन्होंने कहा कि मुस्लिम लीग के बयानों का जवाब देने के बजाय नेहरू जी ने सुभाष बाबू को पत्र लिखा और कहा कि मैंने वंदे मातरम् की पृष्ठभूमि पढ़ी है और मुझे लगता है कि यह मुसलमानों को भड़का सकता है. वंदे मातरम पर पीएम मोदी के संबोधन के बाद लोकसभा में विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई ने सदन में कांग्रेस की बात रखी. उन्होंने पीएम मोदी के आरोपों पर जवाब देते हुए कहा कि आप हर बार नेहरू जी और कांग्रेस पर निशाना साधते हैं, लेकिन जितनी कोशिश कर लें, नेहरू जी पर दाग नहीं लगा पाएंगे. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हिंदू महासभा ने भी वंदे मातरम की आलोचना की थी. संसद में वंदे मातरम पर हो रही इस ऐतिहासिक बहस से राष्ट्रीय गीत के बारे में कई महत्वपूर्ण और अज्ञात तथ्यों के सामने आने की उम्मीद है. इस बहस के लिए 10 घंटे का समय आवंटित किया गया है. पीएम मोदी ने जहां सोमवार को लोकसभा में इस बहस की शुरुआत की, वहीं विपक्ष की ओर से प्रियंका गांधी समेत कई सांसदों के बहस में हिस्सा लेने की उम्मीद है. लोकसभा के बाद मंगलवार को राज्यसभा में ‘वंदे मातरम’ पर मंगलवार को चर्चा होगी, जहां गृह मंत्री अमित शाह चर्चा की शुरुआत करेंगे और स्वास्थ्य मंत्री तथा राज्यसभा में नेता जेपी नड्डा दूसरे वक्ता होंगे. INC चलते-चलते MMC हो गया है… वंदे मातरम् को लेकर पीएम मोदी का कांग्रेस पर वार लोकसभा में ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘तुष्टीकरण की राजनीति के दबाव में कांग्रेस वंदे मातरम् के बंटवारे के लिए झुकी इसलिए कांग्रेस को एक दिन भारत के बंटवारे के लिए झुकना पड़ा… दुर्भाग्य से कांग्रेस की नीतियां वैसी की वैसी हैं, INC चलते-चलते MMC हो गया है.’ यहां MMC से उनका अर्थ माओवादी, मुस्लिम लीग कांग्रेस से माना जा रहा है. वंदे मातरम् बोलने पर भी सज़ा हो जाती थी', लोकसभा में बोले पीएम मोदी ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में कहा, ‘…बंगाल का विभाजन तो हुआ लेकिन बहुत बड़ा स्वदेशी आंदोलन हुआ और तब वंदे मातरम् हर जगह गूंज रहा था. अंग्रेज समझ गए थे कि बंगाल की धरती से निकला बंकिम बाबू का यह भाव सूत्र जो उन्होंने तैयार किया था उसने अंग्रेजों को हिला दिया था. इस गीत की ताकत इतनी थी कि अंग्रेजों को इस गाने पर प्रतिबंध लगाने पर मजबूर होना पड़ा था. गाने और छापने पर ही नहीं वंदे मातरम् शब्द बोलने पर भी सज़ा, इतने कठोर कानून लागू किए थे.’  'बंगाल टूट गया तो देश भी टूट जाएगा' लोकसभा में पीएम मोदी ने बताई अंग्रेजों की मंशा प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ पर कहा, ‘अंग्रेजों ने बांटों और राज करो, इस रास्ते को चुना और उन्होंने बंगाल को इसकी प्रयोगशाला बनाया क्योंकि वो भी जानते थे कि वो एक वक्त था जब बंगाल का बौद्धिक सामर्थ्य देश को दिशा, ताकत, प्रेरणा देता था और इसलिए अंग्रेज भी जानते थे कि बंगाल का यह जो सामर्थ्य है वो पूरे देश की शक्ति का एक केंद्र बिंदु है और इसलिए अंग्रेजों ने सबसे पहले बंगाल के टुकड़े करने की दिशा में काम किया. अंग्रेजों का मानना … Read more

कानून-व्यवस्था पर फोकस: CM योगी के मेरठ और मुजफ्फरनगर अधिकारियों को सख्त आदेश

 लखनऊ सीएम योगी आदित्यनाथ ने अलीगढ़ कलेक्ट्रेट में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों की विस्तृत समीक्षा की. बैठक में मौजूद 40 भाजपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों को मुख्यमंत्री ने SIR के दौरान विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए. उन्होंने साफ कहा कि मेरठ और मुजफ्फरनगर में फर्जी वोट जोड़ने की सबसे अधिक शिकायतें आ रही हैं, इसलिए इन इलाकों पर कड़ी निगरानी रखी जाए. विपक्ष खामोशी से कर रहा काम मुख्यमंत्री ने कहा कि मतदाता सूची में एक भी गलत नाम नहीं जुड़ने दिया जाएगा और किसी पात्र व्यक्ति का नाम छूटना भी नहीं चाहिए. उन्होंने संगठन पदाधिकारियों को दो-टूक निर्देश देते हुए कहा कि SIR केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह सीधे चुनावी पारदर्शिता से जुड़ा मामला है. योगी ने पदाधिकारियों से कहा कि SIR के दौरान विपक्ष खामोशी से अपने 100 फीसदी समर्थकों के नाम जोड़ने में लगा है, इसलिए कार्यकर्ता लापरवाही न करें. उन्होंने कहा कि कुछ जिलों में बाहरी व्यक्तियों और अवैध प्रवासियों के नाम जोड़ने की कोशिशों की शिकायतें मिली हैं. इस पर प्रशासन को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. बैठक में बूथवार प्रगति, सत्यापन, दावों–आपत्तियों और संवेदनशील इलाकों पर अलग से रिपोर्ट ली गई. मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिमी यूपी में यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिरहित तरीके से लागू की जाए. सार्वजनिक संदेश किया जारी वहीं दूसरी ओर सोमवार सुबह मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के लिए एक सार्वजनिक संदेश सोशल मीडिया के माध्यम से जारी किया. उन्होंने कहा कि प्रदेश में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों पर कार्रवाई शुरू की गई है. जनता से अपील की गई है कि घरेलू या व्यावसायिक कामों में किसी भी व्यक्ति को रखने से पहले उसकी पहचान अवश्य सत्यापित करें. योगी ने कहा कि कानून-व्यवस्था और सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और मतदाता सूची का शुद्धिकरण उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.     मेरे सम्मानित प्रदेश वासियों,     उत्तर प्रदेश की सुरक्षा, सामाजिक संतुलन और सुदृढ़ कानून-व्यवस्था हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रदेश में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या एवं बांग्लादेशी घुसपैठियों के विरुद्ध सख्त और निर्णायक कार्रवाई प्रारम्भ की गई है।

फरियाद लेकर 42 से अधिक लोग पहुंचे, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक-एक की सुनीं समस्याएं

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘जनता दर्शन’ में आये नागरिकों से की मुलाक़ात फरियाद लेकर 42 से अधिक लोग पहुंचे, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक-एक की सुनीं समस्याएं  सीएम ने चिकित्सा सहायता, आवास, पुलिस, कब्जे आदि की शिकायत पर अधिकारियों को दिया कार्रवाई का निर्देश  लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने व्यस्तताओं के बीच भी सोमवार को ‘जनता दर्शन’ किया। प्रदेश के हर तबके की खुशहाली के लिए सीएम योगी आमजन से सीधे मुखातिब होकर जनता दर्शन करते हैं। इसके जरिए वे सभी की समस्याएं सुनते और उनका निस्तारण भी कराते हैं। इसी क्रम में सोमवार को भी अपनी फरियाद लेकर ‘जनता दर्शन’ में पहुंचे हर नागरिक से सीएम योगी ने मुलाकात की। उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी निश्चिंत होकर घर जाइए, हर समस्या का उचित समाधान कराया जाएगा।  आर्थिक सहायता के लिए लगाई गुहार  ‘जनता दर्शन’ में 42 लोग अपनी परेशानी लेकर पहुंचे। इसमें से पांच लोगों ने इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लगाते हुए मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र सौंपा। इस पर मुख्यमंत्री ने अस्पताल से एस्टिमेट बनवाने को कहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार पहले ही दिन से चिकित्सा के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है। धन के अभाव में किसी का भी इलाज नहीं प्रभावित होगा। प्रदेश में जिस भी जरूरतमंद को इलाज के लिए आर्थिक सहायता की आवश्यकता होगी तो सरकार सदैव उसके साथ सदैव खड़ी रहेगी।  पुलिस, आवास, अवैध कब्जे की शिकायत पर कार्रवाई का निर्देश  ‘जनता दर्शन’ में लोग पुलिस, अवैध कब्जे की शिकायत लेकर भी पहुंचे। सीएम योगी ने सभी का प्रार्थना पत्र लिया और आदेश दिया कि आमजन से जुड़ी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। इसके बाद शिकायत करने वालों से फीडबैक भी लिया जाए। सरकार हर पीड़ित की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं आवास की मांग को लेकर भी कुछ जरूरतमंदों ने सीएम योगी से निवेदन किया, जिस पर विचार करते हुए उन्होंने पीएम/सीएम आवास योजना का लाभ दिलाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया।