samacharsecretary.com

‘मुख्यमंत्री अदम्य साहसिक कार्य पुरस्कार’ की घोषणा की

होमगार्ड राष्ट्र की आंतरिक सुरक्षा के शिल्पकार और समाज की स्थिरता के प्रहरी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ‘मुख्यमंत्री अदम्य साहसिक कार्य पुरस्कार’ की घोषणा की सिंहस्थ–2028 के लिए 5 हजार से अधिक होमगार्ड की होगी भर्ती पीपीपी मॉडल और पुनर्घनत्वीकरण योजना अंतर्गत होमगार्ड्स के लिए स्थाई आवास की व्यवस्था की जाएगी पिछले वर्ष 5075 नागरिकों को देवदूत बनकर होमगार्ड्स ने दिया है जीवनदान विशेष पिछड़ी जनजाति के युवाओं की सुरक्षा बलों में भर्ती के लिए ट्रेनिंग संबंधी कंपनी बनाएंगे होमगार्ड्स की निष्काम सेवा और कर्तव्यनिष्ठा को किया नमन होमगार्ड्स के 63वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में परेड का निरीक्षण कर सलामी ली भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 63 वें होमगार्ड स्थापना दिवस कार्यक्रम में कहा कि मद्भगवद्गीता में भगवान कृष्ण ने "निष्काम सेवा" अर्थात बिना किसी स्वार्थ और अपेक्षा के सत्यनिष्ठा से कर्तव्य करने का संदेश दिया है। इसी आदर्श पर चलते हुए होमगार्ड्स के जवान समर्पण, निष्ठा और सच्चाई के साथ निरंतर देश और समाज की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि होमगार्ड में ‘होम’ का अर्थ घर और ‘गॉर्ड’ का अर्थ प्रहरी होता है। आप साढ़े आठ करोड़ मध्यप्रदेशवासियों के प्रहरी हैं। होमगार्ड्स हर विपदा में सच्चे संकट मोचन बनकर जनता के साथ खड़े होते हैं। प्राकृतिक आपदा हो, भीड़ प्रबंधन हो, यातायात व्यवस्था हो या किसी भी विषम परिस्थिति का सामना करना हो—आप सदैव पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर डटे रहते हैं और समाज के सच्चे हीरो बनते हैं। होमगार्ड ने भरोसे और सेवा के रूप में देश को दिया सुरक्षा कवच मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने होमगार्ड के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि आजादी के बाद जब देश नागरिक सुरक्षा का ढांचा गढ़ रहा था, तब होमगार्ड ने भरोसे और सेवा के रूप में देश को सुरक्षा कवच दिया। चाहे बाढ़ का पानी हो, आग की लपटें हों, बड़ी दुर्घटना हो सबसे पहले जनता को आपका ही खयाल आता है। आप विपदाओं और समाज के बीच चट्टान की तरह खड़े हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि होमगार्ड का जवान उतना ही महत्वपूर्ण है, जितना सीमा पर खड़ा सैनिक, क्योंकि होमगार्ड राष्ट्र की आंतरिक सुरक्षा के शिल्पकार और समाज की स्थिरता के प्रहरीहैं। उन्होंने कहा कि 2014 में एसडीआरएफ के गठन के बाद होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा और एसडीआरएफ मिलकर एक त्रिशूल की तरह आपदा प्रबंधन को नई ऊँचाई दे रहे हैं। पिछले वर्ष 5075 नागरिकों को जीवनदान देकर आपने मानवता को सुरक्षित रखने का अद्वितीय कार्य किया है और इस वर्ष बाढ़ में सैकड़ों लोगों को रेस्क्यू कर देवदूतों की भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि होमगार्ड की वर्दी केवल वस्त्र नहीं, बल्कि राष्ट्रधर्म और जनता के विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने जवानों की भावना को सम्मान देते हुए कहा कि होम गार्ड सैनिक, पुलिस, रक्षक, प्रहरी की भूमिका में जहां जरूरत वहां अपनी सेवायें पूर्ण निष्ठा और समर्पण से देते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने होमगार्ड्स के सभी जवानों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएँ दीं और कहा कि आपकी निष्ठा, आपकी वीरता और आपकी सेवा को नमन करता हूँ। उन्होंने बाबा महाकाल से सभी जवानों के स्वास्थ्य और सुरक्षा की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को होमगार्ड्स परेड ग्राउंड भोपाल में होम गार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने परेड का निरीक्षण कर सलामी ली। होम गार्ड्स के जवानों ने बैंड की धुन पर मार्च पास्ट किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की होमगार्ड हित में कई घोषणाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ‘मुख्यमंत्री अदम्य साहसिक कार्य पुरस्कार’ की घोषणा की, जिसके अंतर्गत कठिन परिस्थितियों में जान-माल की रक्षा करने वाली 10 रेस्क्यू टीमों को प्रतिवर्ष 51 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके अंतर्गत इन्दौर, शिवपुरी, गुना, रायसेन, मंडला, नरसिंहपुर, रीवा, छतरपुर, टीकमगढ़ और उज्जैन की रेस्क्यू टीमों को सम्मानित किया गया। उन्होंने तीन वर्ष में मिलने वाले दो माह के बाध्य काल ऑफ को समाप्त करने और प्रतिवर्ष मिलने वाली अनुकंपा अनुदान राशि 360 रुपये को बढ़ाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि उज्जैन स्थित महाकाल ज्योर्तिलिंग एवं महाकाल लोक की व्यवस्था के लिए होमगार्ड के 488 पदों की स्वीकृति दी गई है। प्रदेश के प्रमुख मंदिरों और महत्वपूर्ण स्थलों की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक बल उपलब्ध कराया जाएगा। नए जिलों में आवश्यकता के अनुरूप अतिरिक्त पद सृजित किए जाएंगे। आपदा प्रबंधन में त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता को देखते हुए बल के अधिकारियों और जवानों को कार्यस्थल के निकट आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आपदा प्रबंधक क्षमता को किया जा रहा है सशक्त की योजनाओं, पीपीपी मॉडल और पुनर्घनत्वीकरण योजना के अंतर्गत स्थाई आवास की व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार आधुनिक उपकरण, अत्याधुनिक प्रशिक्षण और आपदा प्रबंधन क्षमता को लगातार सशक्त कर रही है। प्रदेश में 82 हजार से अधिक नागरिक सुरक्षा वालंटियर्स पंजीकृत हैं, जिनमें से 67 हजार 784 को विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इंदौर के रालामंडल क्षेत्र को एसडीईआरएफ, होमगार्ड और सिविल डिफेंस के लिए विशेष प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहाँ बाढ़, भूकंप, भीड़ प्रबंधन, औद्योगिक एवं रासायनिक आपदाओं के प्रशिक्षण संचालित होंगे। सिंहस्थ–2028 को ध्यान में रखते हुए अभी से तैयारी प्रारंभ कर दी गई है और पाँच हजार से अधिक होमगार्ड भर्ती का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि बैगा, भारिया और सहरिया जनजातीय युवाओं को सुरक्षा बलों में भर्ती के लिए प्रशिक्षण देने कंपनी गठित की जाएगी। समारोह में होमगार्ड्स द्वारा बोरवेल रेस्क्यू और बिल्डिंग रेस्क्यू का लाइव प्रदर्शन किया गया। होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा प्रबंधन विभाग की महानिदेशक मती प्रज्ञा रिचा वास्तव ने विभाग की उपलब्धियों और योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम में अल्प संख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मती कृष्णा गौर, पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाना सहित अधिकारी उपस्थित रहे। प्रमुख बिंदु     मद्भगवद्गीता के “निष्काम सेवा” संदेश का उल्लेख कर होमगार्ड्स की कर्तव्यनिष्ठा व समर्पण की सराहना। होमगार्ड “साढ़े आठ करोड़ मध्यप्रदेशवासियों के प्रहरी” ।     होम गार्ड्स ने पिछले वर्ष 5075 नागरिकों को बचाकर “मानवता के रक्षक” होने का उदाहरण प्रस्तुत किए।     ‘मुख्यमंत्री अदम्य साहसिक कार्य पुरस्कार’ की घोषणा। कठिन परिस्थितियों में जान-माल बचाने वाली 10 रेस्क्यू टीमों को 51-51 हजार रुपये का पुरस्कार। सम्मानित जिले – इन्दौर, शिवपुरी, गुना, … Read more

हापुड़ के अक्खापुर गांव में किसानों ने लगाई कृषि चौपाल, सिर्फ किसानों की ही रही भागीदारी

खेतों में लगाई चौपाल, योगी सरकार के कारण किसानों के जीवन में हुई उन्नति पर की गई चर्चा  हापुड़ के अक्खापुर गांव में किसानों ने लगाई कृषि चौपाल, सिर्फ किसानों की ही रही भागीदारी  योगी सरकार द्वारा प्रदेश की सुरक्षा, अन्नदाता की समृद्धि और अनवरत बिजली आपूर्ति को किसानों ने सराहा  रविवार-सोमवार को शामली जनपद में लगेगी कृषि चौपाल  हापुड़  अक्खापुर गांव में शनिवार को ‘कृषि चौपाल’ लगी। इसमें लगभग 450 किसानों ने हिस्सा लिया। चौपाल का आयोजन किसानों ने ही किया और इसमें भागीदारी भी किसानों की ही रही। खेतों में बैठकर किसानों ने योगी सरकार के फैसलों की वजह से जीवन में आए बदलावों की कहानी सुनाई। किसानों ने एक स्वर में कहा कि प्रदेश की सुरक्षा और अनवरत बिजली आपूर्ति के कारण अन्नदाता की समृद्धि हो रही है। अब फसल चोरी और बिचौलियों का राज समाप्त हो गया। अब हर हाथ को काम और काम को पूरा दाम मिल रहा है। योगी सरकार ने हाल ही में गन्ना मूल्य में 30 रुपये की ऐतिहासिक वृद्धि भी की है। फसल का उचित दाम और जल्द भुगतान होने पर किसानों ने योगी सरकार के प्रति आभार जताया। बिजली सुधार से किसानों के जीवन में आया बदलाव  कृषि चौपाल में राजेंद्र सिंह व महिपाल सिंह ने ‘किसानों के समृद्धि’ की कहानी सुनाई। कहा कि चीनी मिलों द्वारा समय से गन्ना मूल्य का भुगतान हो रहा है। इस बार तो सरकार ने गन्ना मूल्य में 30 रुपये प्रति कुंतल की बढ़ोतरी की है। यह किसानों के लिए बड़ा कदम है। इसके अलावा पिछले आठ-साढ़े आठ वर्ष में प्रदेश के सभी जनपदों में समान रूप से विद्युत आपूर्ति हो रही है। भेदभाव समाप्त हुआ और बिजली सुधार से किसानों के जीवन में बड़ा बदलाव आया।  कानून का राज और सबको सुरक्षा से आई खुशहाली  किसान दानबीर सिंह व जोगिंदर सिंह ने कहा कि 2017 के बाद से उत्तर प्रदेश में कानून का राज है। अपराधियों ने अपराध छोड़ दिया या प्रदेश से बाहर चले गए। सुदृढ़ कानून व्यवस्था ने सभी प्रदेशवासियों के जीवन में बड़ा बदलाव लाया। इसकी बदौलत हर वर्ग में खुशहाली है। खुशहाल इंसान और किसान, प्रदेश की समृद्धि में अपना अमूल्य योगदान दे पा रहा है तो इसका श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जाता है।  गरीब किसानों के चेहरे पर मुस्कान लेकर आई योगी सरकार  किसान मनबीर प्रधान ने कहा कि योगी सरकार ने गरीब किसान के चेहरे पर मुस्कान लाने का काम किया है। प्रदेश सरकार का यह कदम गन्ना किसानों को समृद्धि की ओर लेकर जा रहा है। अन्नदाता समृद्ध रहेगा तो हर घर में खुशहाली आएगी। गन्ना मूल्य बढ़ाने के लिए पूरे हापुड़ की ओर से मुख्यमंत्री जी का आभार।  कृषि चौपाल में किसान रमेश सिंह, अमरपाल सिंह, संसारपाल सिंह, सुदेश सिंह, भुजबीर सिंह, लोकेंद्र सिंह, जयपाल सिंह आदि मौजूद रहे।  योगी सरकार ने गन्ना मूल्य में की 30 रुपये प्रति कुंतल की वृद्धि  योगी सरकार ने गन्ना किसानों को बड़ा तोहफा देते हुए गन्ना मूल्य में 30 रुपये प्रति कुंतल की वृद्धि की। योगी सरकार ने पेराई सत्र 2025-26 में गन्ने की अगेती प्रजाति का मूल्य 370 से बढ़ाकर 400 रुपये और सामान्य प्रजाति का 360 रुपये से 390 रुपये प्रति क्विंटल किया। इस वृद्धि से गन्ना किसानों को 3000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान हो रहा है। योगी सरकार के कार्यकाल में चौथी बार गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी की गई है। रविवार और सोमवार को शामली में लगेगी चौपाल  बागपत और हापुड़ के बाद 7 व 8 दिसंबर को शामली जनपद में ‘कृषि चौपाल’ लगेगी। 7 दिसंबर को गेहरनी व 8 दिसंबर को बुच्चाखेड़ी गांव का चयन किया गया है। 10-11 दिसंबर को मुजफ्फरनगर के यहियापुर व दाहोद गांव में ‘कृषि चौपाल’ लगाई जाएगी। किसानों के हर फीडबैक योगी सरकार तक पहुंचाए जाएंगे। इसके आधार पर योगी सरकार किसानों की बेहतरी के लिए और भी नए कार्य व प्रयास करेगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश होमगार्ड्स के 63वें स्थापना दिवस समारोह में जवानों को दिया सेवा का मूलमंत्र

सेवा ही सम्मान है, अनुशासन ही पहचान है और राष्ट्रहित ही सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश होमगार्ड्स के 63वें स्थापना दिवस समारोह में जवानों को दिया सेवा का मूलमंत्र कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भव्य रैतिक परेड की ली सलामी, होमगार्ड जवानों की कर्तव्यनिष्ठा को सराहा मुख्यमंत्री बोले: आप केवल एक बल के स्वयंसेवक नहीं, बल्कि समाज का विश्वास व प्रदेश सरकार की शक्ति हैं हर थाने में होमगार्ड जवानों के लिए रूम होगा आरक्षित, कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा के लिए विभाग बनाकर भेजे प्रस्तावः मुख्यमंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने होमगार्ड के जवानों को सेवा का मूलमंत्र देते हुए कहा कि सेवा ही सम्मान है, अनुशासन ही पहचान है तथा राष्ट्रहित ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। शनिवार को उत्तर प्रदेश होमगार्ड्स के 63वें स्थापना दिवस समारोह में सम्मिलित होकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भव्य रैतिक परेड की सलामी ली और जवानों की कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की। उन्होंने कहा कि आपका अनुशासन, निष्ठा व त्याग हमारे समाज को सुरक्षित व संरक्षित बनाने में बड़ी भूमिका का निर्वहन करता है। आप केवल एक बल के स्वयंसेवक नहीं, बल्कि समाज के विश्वास के साथ ही प्रदेश सरकार की शक्ति हैं। इस अवसर पर उन्होंने होमगार्ड्स के विभिन्न मेडल प्राप्त अधिकारियों व कर्मचारियों को सम्मानित भी किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने ऐसी व्यवस्था की है कि अब हर थाने में होमगार्ड जवानों के लिए रूम आरक्षित होगा, जिससें वह यूनिफॉर्म व आवश्यक कागजात को सुरक्षित रख सकेंगे। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभाग से कहा कि होमगार्ड के जवान को आयुष्मान भारत की तर्ज पर कैशलेस स्वास्थ्य की सुविधा उपलब्ध हो, इसके लिए प्रस्ताव बनाकर भेजें, सरकार इसे आगे बढ़ाएगी। अनुशासन, समर्पण व सेवा भावना का प्रतीक उत्तर प्रदेश होमगार्ड स्थापना दिवस के अवसर पर सभी जवानों व अधिकारियों को बधाई व शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि होमगार्ड स्थापना दिवस केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि अनुशासन, समर्पण व सेवा भावना का प्रतीक है। आज यहां होमगार्ड संगठन के ऊर्जावान जवानों द्वारा अत्यंत उच्च कोटि की रैतिक परेड का प्रदर्शन किया गया है, जो होमगार्ड विभाग की क्षमता, उच्च अनुशासन और अनवरत परिश्रम को दर्शाता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तारीफ करते हुए कहा कि कार्यक्रम में सम्मिलित सभी होमगार्ड जवान, जिनकी वेशभूषा, सेरिमोनियल ड्रेस, परिसर की साज-सज्जा और हरियाली, आकर्षक व सम्मोहित करने वाली है, जो किसी भी संगठन व फोर्स के लिए प्रेरणादायी क्षण होना चाहिए। जन्म से लेकर अंतिम यात्रा तक रहे केवल भारतीयता की भावना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज भारत के संविधान के शिल्पी बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर का पावन महापरिनिर्वाण दिवस है। यह दिन प्रेरणा दिवस है। बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर ने प्रत्येक भारतीय को एक ही प्रेरणा दी कि हमारी पहचान परिवार, जाति, क्षेत्र व भाषा से नहीं, बल्कि जन्म से लेकर अंतिम यात्रा तक केवल भारतीयता की होनी चाहिए। इसी भारतीयता की पहचान का पालन हमें करना है। प्रधानमंत्री मोदी ने आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में हर भारतवासी से कहा था कि यूनिफॉर्म धारी प्रत्येक व्यक्ति के प्रति सम्मान हम सबके मन में होना चाहिए। यह तभी होगा जब इस प्रकार का प्रदर्शन व परिसर बनाने के लिए हम प्रतिबद्ध दिखाई देंगे। इससे हर भारतीय के मन में श्रद्धा व सम्मान का भाव झलकेगा। सुरक्षा कवच की तरह बना हुआ है संबल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 6 दिसंबर 1963 को उत्तर प्रदेश होमगार्ड्स की स्थापना हुई थी। तभी से यह संगठन सुरक्षा कवच की तरह उत्तर प्रदेश पुलिस बल का संबल बना हुआ है। उन्होंने कहा कि मुझे प्रसन्नता है कि राष्ट्रपति पदक से वर्ष 2024 में विशिष्ट सेवा के लिए 3, सराहनीय सेवाओं के लिए 11 तथा वर्ष 2025 में सराहनीय सेवाओं के लिए 3 जवानों को अलंकृत किया गया है। भारत सरकार द्वारा 38 कमेंडेशन डिस्क भी उत्तर प्रदेश के जवानों को मिले हैं। पहले होमगार्ड के जवानों को उपेक्षित कर दिया जाता था, लेकिन अब राष्ट्रपति व गृह मंत्रालय के सम्मान से भी पुरस्कृत किया जा रहा है। आपदा मित्रों की नियुक्ति का किया उल्लेख मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि होमगार्ड संगठन अब केवल पुलिस बल के सहायक के रूप में नहीं है। पुलिस के साथ कानून-व्यवस्था व शांति का माहौल बनाए रखने में तो योगदान मिलता ही है, साथ ही यातायात संचालन, डायल 112, चुनाव के दौरान न केवल प्रदेश बल्कि अन्य राज्यों में भी इनकी मांग होती है। जेल सुरक्षा, आपदा नियंत्रण, सार्वजनिक इमारतों की सुरक्षा, बड़े आयोजनों जैसे कि महाकुंभ तथा परीक्षाओं के सफल आयोजन में भी यह संगठन व्यापक स्तर पर कार्य कर रहा है। प्रदेश में वर्तमान में आपदा मित्रों की नियुक्ति हो रही है और होमगार्ड विभाग ने आपदा प्रबंधन विभाग के साथ मिलकर 4 हजार से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण उपलब्ध कराया है। होमगार्ड मित्र ऐप बना पारदर्शी व डिजिटल माध्यम महाकुंभ 2025 का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि होमगार्ड के 14 हजार से अधिक जवानों को तैनात किया गया था और सभी ने उनकी सराहना की थी। विभाग अपनी वेबसाइट व होमगार्ड मित्र ऐप के माध्यम से पारदर्शी व डिजिटल व्यवस्था विकसित कर रहा है, जिसके द्वारा उपस्थिति, ड्यूटी भत्ता, यूनिफॉर्म भत्ता और भुगतान की जानकारी आसानी से उपलब्ध करायी जा रही है। होमगार्ड जवानों के योगदान को करना होगा याद मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि प्रदेश के पर्व-त्योहारों, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, आजादी के अमृत महोत्सव, तिरंगा मार्च, पर्यावरण व जल संरक्षण जैसे अभियानों में भी होमगार्ड विभाग महत्वपूर्ण योगदान देता है। इन सेवाओं को हमें याद रखना होगा। कोविड काल में नहीं की जान की परवाह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान जब अन्य राज्यों में फंसे हुए उत्तर प्रदेश के कामगारों व श्रमिकों को वापस लाने में कठिनाई थी, तब परिवहन विभाग के हर वाहन में 1-2 होमगार्ड जवानों को लगाया गया। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित लाने में योगदान दिया। इसके बाद जब मैं पहली बार स्थापना दिवस कार्यक्रम में आया तो मैंने घोषणा की थी कि किसी भी जवान के बलिदान होने पर परिवार को 5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। इसके तहत अब तक 2871 दिवंगत जवानों के आश्रितों … Read more

सरकार का इंडिगो पर सख्त कदम, 7 दिसंबर तक रिफंड लौटाने का आदेश, CEO पर गिरी गाज

इंडिगो को मंत्रालय का अल्टीमेटम: 7 दिसंबर तक यात्रियों को लौटाएं रिफंड सरकार का इंडिगो पर सख्त कदम, 7 दिसंबर तक रिफंड लौटाने का आदेश, CEO पर गिरी गाज  नई दिल्ली नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने इंडिगो को सख्त निर्देश दिया है कि वह यात्रियों के सभी लंबित रिफंड बिना किसी देरी के तुरंत लौटा दे. मंत्रालय ने तय समयसीमा के साथ आदेश दिया है कि कैंसिल या बाधित हुई उड़ानों से जुड़े सभी रिफंड 7 दिसंबर, रविवार रात 8 बजे तक पूरी तरह निपटा दिए जाएं. मंत्रालय ने एयरलाइंस को स्पष्ट निर्देश दिया है कि जिन यात्रियों की यात्रा फ्लाइट रद्द होने से प्रभावित हुई है, उनसे किसी भी प्रकार का री-शेड्यूलिंग शुल्क न लिया जाए. आदेश का पालन न करने पर तत्काल नियामकीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है. स्पेशल पैसेंजर सपोर्ट एंड रिफंड सेल उड़ानों में आई गड़बड़ियों के बाद यात्रियों की शिकायतों का तेज समाधान सुनिश्चित करने के लिए मंत्रालय ने इंडिगो को स्पेशल पैसेंजर सपोर्ट एंड रिफंड सेल बनाने को कहा है. ये सेल प्रभावित यात्रियों से खुद संपर्क करेंगे, ताकि रिफंड और वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था बिना बार-बार फॉलो-अप किए ही पूरी हो सके. जब तक संचालन पूरी तरह सामान्य नहीं होता, ऑटोमेटिक रिफंड सिस्टम जारी रहेगा. सीईओ को हटाए जाने की तैयारी, एयरलाइंस पर पेनल्टी भी लगाई जाएगी देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो पिछले 3 दिनों से कड़ी आलोचना के घेरे में है जबरदस्त कैंसिलेशन, घंटों की देरी और देशभर के एयरपोर्ट्स पर अफरा तफरी ने एविएशन सिस्टम हिला दिया है. अब सरकार इस पूरे संकट को बेहद गंभीर मान रही है और पहले से ही नाराज यात्रियों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है. सरकारी सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार इंडिगो सीईओ पीटर एल्बर्स (Peter Elbers) को हटाने की सिफारिश करने पर गंभीरता से विचार कर रही है. ऊपर से एयरलाइन पर भारी पेनल्टी की तैयारी है जिसे इंडस्ट्री में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा सकता है. फ्लाइट कटौती पर भी बड़ा फैसला सूत्रों के अनुसार सरकार एयरलाइन के ऑपरेशंस में सीधी कटौती करने जा रही है. इंडिगो की कई रूट्स पर फ्लाइट अलॉटमेंट कम कर दिए जाएंगे. एयरलाइन को केवल उतनी ही उड़ानें चलाने की अनुमति दी जाएगी जिनमें वह पूरा क्रू उपलब्ध करा सके. इस बीच आरोप यह भी है कि इंडिगो पिछले कई महीनों से जरूरत से ज्यादा भरा हुआ शेड्यूल चला रही थी. सरकार का मानना है कि ओवरस्ट्रेस्ड ऑपरेशंस ने ही इस बड़े ऑपरेशनल मेल्टडाउन को जन्म दिया जिसके कारण हजारों यात्रियों को तकलीफ उठानी पड़ी. इंडिगो अधिकारियों को फिर बुलाया गया हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि एयरलाइन के टॉप अधिकारी आज फिर से नागरिक उड्डयन मंत्रालय में तलब किए गए हैं. शाम 6 बजे एक और जरूरी मीटिंग होगी जिसमें मंत्रालय यह जानना चाहता है कि एयरलाइन ने हालात काबू में लाने के लिए अब तक क्या कदम उठाए हैं. अधिकारियों ने साफ संकेत दिया है कि अगर इंडिगो तुरंत सुधार नहीं दिखाती तो आगे की कार्रवाई और कड़ी होगी. PMO को भी भेजी जाएगी विस्तृत रिपोर्ट सूत्रों का कहना है कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय इस पूरे संकट पर प्रधानमंत्री कार्यालय को अलग से ब्रीफ करने की तैयारी कर चुका है. संकेत साफ हैं कि केंद्र सरकार इस बार मामले को हल्के में नहीं लेने वाली है. यात्रियों की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं और डीजीसीए पर कड़ा दबाव है कि वह तुरंत कार्रवाई करे. ऐसे में माना जा रहा है कि एयरलाइन के खिलाफ और भी कड़े कदम जल्द देखने को मिल सकते हैं. बैगेज लौटाने के लिए 48 घंटे की समयसीमा मंत्रालय ने इंडिगो को यह भी निर्देश दिया है कि कैंसिलेशन या देरी की वजह से यात्रियों से अलग हुए सभी बैगेज का पता लगाकर उसे 48 घंटे के भीतर यात्रियों के घर या दिए गए पते पर पहुंचाया जाए. इसके साथ ही एयरलाइंस को यात्रियों को बैगेज की स्थिति, उसकी ट्रैकिंग और डिलीवरी टाइमलाइन के बारे में स्पष्ट सूचना देने को कहा गया है. जरूरत पड़ने पर नियमों के अनुसार मुआवजा भी देना होगा. मंत्रालय ने कहा है कि यात्रियों को किसी भी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए निगरानी और व्यवस्था और मजबूत की गई है. वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग यात्रियों, छात्रों, मरीजों और जरूरी यात्रा कर रहे यात्रियों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है. मंत्रालय ने भरोसा दिया है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जल्द से जल्द पूरी तरह सामान्य संचालन बहाल किया जाएगा.  

मुख्यमंत्री के निर्देश पर सहायक आबकारी आयुक्त मंदाकिनी दीक्षित निलंबित, शराब ठेकेदार सुसाइड केस में एक्शन

देवास मध्य प्रदेश में एक बार फिर लल्लूराम डॉट कॉम की खबर का बड़ा असर हुआ है। शराब ठेकेदार सुसाइड कांड में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा एक्शन लिया है। जिसके बाद प्रभारी सहायक आबकारी आयुक्त मंदाकिनी दीक्षित को सस्पेंड कर दिया गया है। देवास के शराब ठेकेदार दिनेश मकवाना सुसाइड केस में मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। सरकार ने देवास जिले की प्रभारी सहायक आबकारी आयुक्त मंदाकिनी दीक्षित को निलंबित कर दिया है। देवास में शराब ठेकेदार दिनेश मकवाना ने 8 नवंबर को जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी। जिसके बाद अब ठेकेदार का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आबकारी विभाग की असिस्टेंट कमिश्नर मंदाकिनी दीक्षित पर रिश्वत के लिए परेशान करने का आरोप लगाया है। और आत्महत्या के लिए मंदाकिनी दीक्षित को जिम्मेदार बताया। वीडियो में दिनेश मकवाना ने आरोप लगाए हैं कि असिस्टेंड कमिश्रर मंदाकिनी दीक्षित ने उनसे पैसे की डिमांड की थी। एक दुकान से डेढ़ लाख रुपए महीना की और पांच दुकान के लिए साढ़े सात लाख रुपए महीने मांगे थे। मकवाना का ये भी आरोप लगाया कि वो 20-22 लाख रुपए असिस्टेंट कमिश्नर को दे चुका है, लेकिन लगातार पैसे की मांग के कारण वो आत्महत्या करने को मजबूर हो गया। दिनेश मकवाना इंदौर में कनाडिया गांव का रहने वाला था। देवास में उसकी शराब की 5 दुकानें थीं। दिनेश के परिजन ने कनाडिया थाने में 29 नवंबर को शिकायत कर मामले की जांच की मांग की थी। उधर, आबकारी अधिकारी मंदाकिनी दीक्षित ने भी 24 नवंबर को देवास एसपी को आवेदन देकर कहा कि ठेकेदार मकवाना के परिजन उन्हें ब्लैकमेल कर रहे हैं। वे उनसे दो करोड़ रुपए में मामला सेटल करने की बात कह रहे हैं। मंदाकिनी ने कहा मुझे भी ब्लैकमेल कर रहे थे उधर, आबकारी अधिकारी मंदाकिनी दीक्षित ने भी देवास एसपी को आवेदन दिया है। उन्होंने कहा है कि ठेकेदार मकवाना के परिजन उन्हें ब्लैकमेल कर रहे हैं। वे उनसे दो करोड़ रुपए में मामला सेटल करने की बात कह रहे हैं। उन्होंने इससे जुड़े वीडियो भी पुलिस को सौंपे हैं।  मुख्यमंत्री के निर्देश पर यह आदेश जारी किया गया सोशल मीडिया एवं समाचार पत्रों के माध्यम से ज्ञात हुआ है कि जिला देवास के मदिरा ठेकेदार दिनेश मकवाना द्वारा आत्महत्या किए जाने के पूर्व एक वीडियो बनाया था। कथित वीडियो में जिले की प्रभारी सहायक आबकारी आयुक्त मंदाकिनी दीक्षित के विरुद्ध अवैध राशि की मांग का गंभीर आरोप लगाते हुए आत्महत्या करने की बात कही है। दीक्षित पर लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया अत्यन्त गंभीर श्रेणी के होकर, शासकीय सेवक के कर्तव्यों एवं दायित्वों के विपरीत होने से मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम -3 का स्पष्ट रूप से उल्लंघन है। अतएव राज्य शासन द्वारा मंदाकिनी दीक्षित जिला आबकारी अधिकारी, जिला देवास को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित करता है। निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय कार्यालय आबकारी आयुक्त ग्वालियर रहेगा। मंदाकिनी दीक्षित को निलबंन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त करने की पात्रता होगी। क्या है मामला? मौत के 27 दिन बाद अचानक वायरल हुए वीडियो (Viral Video) में खुद दिनेश मकवाना ने सहायक आबकारी आयुक्त (असिस्टेंट कमिश्नर) मंदाकिनी दीक्षित पर उसकी पांच दुकानों के डेढ़ लाख के हिसाब से साढ़े सात लाख रुपए महीना मांगने का आरोप लगाया है. वीडियो के वायरल होते ही आबकारी विभाग में भी हडकंप मच गया. वायरल वीडियो में दिनेश बोल रहा है कि "मेरी पांच शराब दुकानें हैं. 14 करोड़ रुपए का ठेका है. मुझसे प्रति एक दुकान के डेढ़ लाख के हिसाब से हर महीने सहायक जिला आबकारी आयुक्त देवास मंदाकिनी दीक्षित द्वारा मांगे जा रहे थे. मैं करीब 20-22 लाख रुपए दे चुका हूं. अगर पैसा नहीं देता था तो वे वेयरहाउस से माल रुकवा देती थी. अब मैं AC मेडम मंदाकिनी दीक्षित से त्रस्त आकर आत्महत्या कर रहा हूँ." वहीं दूसरी ओर आबकारी अधिकारी का कहना है कि "ठेकेदार दिनेश की मां संतोष बाई उसकी मौत के बाद से उन्हें ब्लैकमेल कर रही है. मुझसे दो करोड़ रुपर मांग जा रहे हैं. न दिए जाने पर मृतक का वीडियो वायरल करने की धमकी उन्हें और उनके अधीन अधिकारियों को दी जा रही थी." इस मामले में आबकारी अधिकारी ने देवास एसपी को 24 नवंबर को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है.  

भोपाल मेट्रो को मिला ग्रीन सिग्नल, 13 दिसंबर को पीएम मोदी देंगे हरी झंडी, लेकिन सुविधाओं की कमी

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मेट्रो रेल दौड़ने को तैयार है। ब्रिज से लेकर पटरियां बिछाने का काम हो चुका है। वहीं, कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (सीएमआरएस) ने भी भोपाल मेट्रो के प्रायोरिटी कॉरिडोर को हरी झंडी दे दी है। भले ही मेट्रो कंपनी ने ट्रेन चलाने के लिए मंथन शुरू कर दिया है। पर अभी भी कुछ काम बाकी है। दरअसल, कई मेट्रो स्टेशनों में अभी तक कई सुविधाएं अधूरी हैं। करीब 6.22 किलोमीटर लंबे इस ऑरेंज लाइन कॉरिडोर पर एक बड़ी कमी नजर आ रही है। यह कमियां यात्रियों की यात्रा को आसान तो नहीं बनने देंगी। जानिए क्या काम अभी बाकी है। कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) के ग्रीन सिग्नल के बाद अब भोपाल में मेट्रो के कमर्शियल रन की तैयारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 दिसंबर को मेट्रो को हरी झंडी दिखा सकते हैं। ये भी संभावना है कि वे वर्चुअली तरीके से लोकार्पण करें। फिलहाल स्टेशन के 1 गेट से ही एंट्री-एग्जिट होगी। यानी, जो भी यात्री स्टेशन पर पहुंचेंगे, वे स्टेशन के एक तरफ से ही अंदर-बाहर आ-जा सकेंगे। जिन स्टेशनों पर अभी फिनिशिंग या अन्य काम बचे हैं, उन्हें अगले 3 दिन में पूरा करने का टारगेट है। 10 दिसंबर से सभी स्टेशन बंद कर दिए जाएंगे। ये वीआईपी-वीवीआईपी की सिक्योरिटी के चलते होगा। यदि पीएम भोपाल आएं तो पहले यात्री भी बनेंगे मेट्रो सूत्रों के अनुसार, यदि प्रधानमंत्री मोदी भोपाल आकर मेट्रो का लोकार्पण करते हैं तो वे भोपाल मेट्रो के पहले यात्री भी बन सकते हैं। इसलिए स्टेशनों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। सुभाषनगर मेट्रो स्टेशन पर कार्यक्रम होगा, क्योंकि यही पर डिपो और सबसे ज्यादा स्पेस है। ऐसे में कार्यक्रम को लेकर किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। अक्टूबर 2023 में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और तीन महीने पहले वर्तमान मंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी सुभाषनगर स्टेशन से ही मेट्रो में सफर व निरीक्षण किया था। लोकार्पण के दौरान बंद रहेंगे स्टेशन जानकारी के अनुसार, मेट्रो का जब भी कमर्शियल रन होगा, तब सुभाषनगर को छोड़ बाकी सभी स्टेशन बंद रखे जाएंगे। यह सब सुरक्षा के मद्देनजर होगा। वीआईपी-वीवीआईपी के जाने के बाद आम लोगों के लिए स्टेशन खोल दिए जाएंगे। ताकि, वे मेट्रो का सफर कर सके। प्रायोरिटी कॉरिडोर 6.22 किमी लंबा, 8 स्टेशन आएंगे ऑरेंज लाइन का प्रायोरिटी कॉरिडोर 6.22 किलोमीटर लंबा है। इनमें कुल 8 स्टेशन- सुभाषनगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, एमपी नगर, रानी कमलापति, डीआरएम तिराहा, अलकापुरी और एम्स शामिल हैं। इंदौर में वर्चुअली तरीके से किया था लोकार्पण प्रधानमंत्री मोदी ने 31 मई को भोपाल में हुए कार्यक्रम से ही इंदौर मेट्रो का वर्चुअली तरीके से लोकार्पण किया था। तब उन्होंने भोपाल मेट्रो के लोकार्पण के लिए अक्टूबर में आने की बात कही थी। हालांकि, बिहार में विधानसभा चुनाव के चलते मेट्रो का कमर्शियल रन अक्टूबर में नहीं हो सका। नवंबर में सीएमआरएस की टीम ने निरीक्षण किया और हाल ही में एनओसी दी। इसलिए कमर्शियल रन अब दिसंबर में किया जा रहा है। टिकट मैन्युवली सिस्टम से ही मिलेगी खास बात ये है कि मेट्रो के कमर्शियल रन के दौरान टिकट सिस्टम ऑनलाइन न होते हुए मैन्युवली रहेगा। टिकट कलेक्शन करने वाली तुर्किए की कंपनी का ठेका मेट्रो कॉरपोरेशन कैंसिल कर चुका है। नई एजेंसी आने तक मैन्युवली टिकट कलेक्शन सिस्टम रहेगा। इंदौर में भी यही सिस्टम लागू है। साल 2018 से शुरू हुआ था मेट्रो का काम भोपाल में पहला मेट्रो रूट एम्स से करोंद तक 16.05 किलोमीटर लंबा है। इसमें से एम्स से सुभाष नगर के बीच 6.22 किलोमीटर पर प्राथमिकता कॉरिडोर के तौर पर 2018 में काम शुरू किया गया था। सबसे पहले सुभाषनगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, एमपी नगर और रानी कमलापति स्टेशन के काम पूरे हुए। इसके बाद रेलवे ट्रैक के ऊपर दो स्टील ब्रिज बनाए गए। वहीं, आगे के 3- डीआरएम तिराहा, अलकापुरी और एम्स स्टेशनों का काम शुरू हुआ। कुछ महीने पहले ही इनका काम भी पूरा हो गया और अब ये यात्रियों के आने का इंतजार कर रहे हैं। दो साल पहले हुआ था पहला ट्रायल राजधानी में पहली बार मेट्रो 3 अक्टूबर 2023 को पटरी पर दौड़ी थी। तब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सुभाष नगर से रानी कमलापति स्टेशन तक मेट्रो में सफर किया था।

भा.ज.पा. विधायक दल की बैठक में सीएम ने एसआईआर प्रक्रिया पर दी अहम दिशा-निर्देश

भोपाल  मध्य प्रदेश में चल रहे मतदाता सूचियों का विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) के काम की निगरानी अब भाजपा विधायक भी करेंगे। वे अपनी टीम बनाकर अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में बूथवार नजर रखेंगे। मुख्यमंत्री निवास में शुक्रवार को हुई भाजपा विधायक दल की बैठक में एसआईआर का उठा मुद्दा उठा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आने वाले डेढ़ माह हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रत्येक विधायक को एसआईआर की प्रक्रिया में पूर्ण सक्रियता और समर्पण के साथ शामिल होना होगा, क्योंकि आने वाले चुनाव इसी मतदाता सूची के आधार पर होंगे। वन नेशन, वन इलेक्शन की व्यवस्था के अंतर्गत होने वाले चुनाव भी इसी सूची पर आधारित होंगे। विधायक अपनी टीम के साथ इस पर नजर रखें कि मतदाता सूची में कोई पात्र छूट न और अपात्र का नाम न जुड़ सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 में सहकारिता और कृषि मंडी चुनाव कराएंगे। इसके बाद 2027 में निकाय और 2028 में विधानसभा के चुनाव होंगे। इस हिसाब से देखें तो 2026 से हर साल लगातार चुनाव होंगे। इसलिए एसआईआर को लेकर बूथ स्तर तक गंभीरता से कार्य करने की आवश्यकता है। सभी जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्र में समन्वय, संवाद और संगठन की गतिविधियों पर विशेष ध्यान दें, ताकि एसआईआर प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो सके। रोजगार और विकास के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि सभी जगह एल्डरमेन, जनभागादारी, रोगी कल्याण आदि समितियों की घोषणा जल्द की जानी है। इसलिए सभी जिलों में पार्टी संगठन और वरिष्ठ नेताओं के साथ समन्वय बनाकर इस दिशा में आगे बढ़ें। विधायक बीते दो सालों में प्रदेश में हुए विकास कार्यों का लेखा-जोखा जनता तक पहुंचाएं। दो वर्षों में आठ लाख करोड़ के विकास कार्य होना, रोजगार एवं विकास के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि है। विकास कार्यों के मद्देनजर आपके क्षेत्र में क्या बेहतर हो सकता है, इस संबंध में सांसद, पूर्व सांसद, विधायकों से विचार-विमर्श कर एक विजन डाक्यूमेंट तैयार करें। भाजपा विधायक दल की बैठक में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, राजेंद्र शुक्ल मंचासीन रहे। बैठक का संचालन संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने किया। विधायक भाजपा जिला कार्यालयों में बैठकर कार्यकर्ताओं और जनता की सुने समस्याएं : खंडेलवाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि भाजपा प्रदेश कार्यालय में मंत्रियों की नियमित उपलब्धता संगठन और शासन के बीच संवाद को और अधिक मजबूत बनाएगी। मंत्रियों की तरह ही विधायक सप्ताह में एक दिन जिला अध्यक्ष और सांसद के साथ जिला कार्यालय में बैठकर कार्यकर्ताओं और जनता की समस्याएं सुनें। इससे कार्यकर्ताओं की हिचक समाप्त होगी और संगठन के भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। हम सभी भाजपा के कार्यकर्ता हैं, इसलिए सदैव व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर संगठन के हित में कार्य करें। प्रत्येक विधायक अपना अधिकतम समय एसआइआर में केंद्रित करें और वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव को चुनौती के रूप में लें। सभी विधायक अपने क्षेत्रों में बूथ स्तर तक जाकर संगठन की गतिविधियों का नियमित निरीक्षण करें और कार्यकर्ताओं से निरंतर संवाद बनाए रखें। एसआईआर प्रक्रिया में विधायकों की सक्रियता अनिवार्य : हितानंद भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद ने कहा कि इस वर्ष अटल बिहारी वाजपेयी का जन्मशताब्दी वर्ष मना रहे है, जिसका समापन 25 दिसंबर को ग्वालियर और रीवा के कार्यक्रमों में केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में होगा। 16 दिसंबर को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होगी। उन्होंने बूथ स्तर पर सूची का सावधानीपूर्वक अवलोकन करने और यदि किसी मतदाता का नाम गलत जुड़ा है या किसी का छूटा है तो संबंधित दावे-आपत्तियां सुनिश्चित करने का आग्रह किया, ताकि मतदाता सूची का सही और पूर्ण शुद्धिकरण हो सके। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों ने बिहार में भ्रम फैलाने की कोशिश की लेकिन वे सफल नहीं हुए।

हवाई किराए में मनमानी पर ब्रेक, इंडिगो संकट के बीच सरकार ने लागू किया कैप

नई दिल्ली इंडिगो संकट के कारण सैकड़ों की संख्या में उड़ानें प्रभावित हुई हैं. इस बीच, कई एयरलाइंस द्वारा हवाई किरायों में जबरदस्त बढ़ोतरी किए जाने पर उड्डयन मंत्रालय ने बड़ा कदम उठाया है. मंत्रालय ने सभी प्रभावित रूटों पर फेयर कैप लागू कर दिया है, ताकि एअरलाइंस किसी भी तरह की मनमानी या मौकापरस्ती वाली कीमत ना वसूल सकें. इसके साथ ही नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इंडिगो को निर्देश दिया कि सभी पेंडिंग यात्री रिफंड बिना देरी के निपटाए जाएं. दरअसल, परिचालन गड़बड़ियों के चलते इंडिगो की कई उड़ानें रद्द या देरी से चल रही हैं. इससे यात्रियों की मांग बढ़ी है और कुछ एअरलाइंस ने कई रूटों पर अत्यधिक किराये वसूलने शुरू कर दिए. इस पर उड्डयन मंत्रालय ने संज्ञान लेते हुए तुरंत हस्तक्षेप किया है. मंत्रालय ने साफ कहा है कि किसी भी परिस्थिति में यात्रियों से मनमानी या अवसरवादी तरीके से किराया वसूलना स्वीकार नहीं किया जाएगा. मंत्रालय ने अपने नियामकीय अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए सभी प्रभावित रूटों पर फेयर कैप लागू कर दिया है. इसके तहत एअरलाइंस को तय अधिकतम सीमा से ऊपर किराया लेने की अनुमति नहीं होगी. मंत्रालय ने सभी एअरलाइंस को इसके लिए आधिकारिक निर्देश जारी कर दिए हैं. आदेश में कहा गया है कि एअरलाइंस को बिना किसी अपवाद के तय किए गए फेयर कैप का कड़ाई से पालन करना होगा. मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ये किराया सीमा स्थिति पूरी तरह स्थिर होने तक लागू रहेगी. MoCA का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य मार्केट में मूल्य अनुशासन बनाए रखना, संकट में फंसे यात्रियों के शोषण को रोकना और उन नागरिकों को राहत देना है जिन्हें तुरंत यात्रा करनी पड़ती है. जैसे वरिष्ठ नागरिक, छात्र, और मरीज. मंत्रालय ने कहा कि इन वर्गों को भारी किराया वसूली के कारण आर्थिक बोझ में नहीं धकेला जा सकता. उड्डयन मंत्रालय रियल टाइम डेटा के आधार पर किरायों की निगरानी कर रहा है. इसके अलावा एयरलाइंस और ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफॉर्म्स के साथ लगातार समन्वय भी किया जा रहा है ताकि किसी भी तरह की अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई की जा सके. मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि तय मानकों से किसी भी प्रकार की गड़बड़ी होने पर तुरंत सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी.

रायपुर: मुख्यमंत्री जन पर्यटन प्रोत्साहन योजना से छत्तीसगढ़ पर्यटन को मिलेगा नई दिशा

रायपुर : छत्तीसगढ़ में शुरू होने जा रहा है पर्यटन का नया अध्याय: मुख्यमंत्री जन पर्यटन प्रोत्साहन योजना से छत्तीसगढ़ पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान 75 प्रतिशत सब्सिडी के साथ पर्यटकों के लिए आकर्षक टूर पैकेजों की शुरुआत रायपुर छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग एवं आईआरसीटीसी मिलकर मुख्यमंत्री जन पर्यटन प्रोत्साहन योजना के तहत रायपुर और बस्तर में पर्यटकों के लिए विशेष टूर पैकेजों की शुरुआत जल्द ही करने जा रहे हैं। यह पहल प्रदेश की सांस्कृतिक, धार्मिक और प्राकृतिक विरासत के प्रसार के साथ-साथ पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस योजना के अंतर्गत रायपुर से चार प्रमुख टूर पैकेज संचालित किए जाएंगे, जिनमें रायपुर सिटी टूर, रायपुर सिटी धार्मिक टूर, रायपुर–जगदलपुर सर्किट टूर और रायपुर–सिरपुर–बारनवापारा सर्किट टूर शामिल हैं। प्रत्येक पैकेज में वातानुकूलित वाहन, हिंदी-अंग्रेजी गाइड, भोजन और ट्रैवल इंश्योरेंस जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे पर्यटक आरामदायक और सुरक्षित यात्रा का आनंद ले सकेंगे। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि पर्यटन को जन-जन तक पहुंचाने के लिए यह महत्वपूर्ण योजना शुरू की गई है। इससे न केवल आर्थिक विकास को बल मिलेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक सशक्त होगी। पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह योजना स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ रोजगार के व्यापक अवसर भी उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक समृद्धि हर पर्यटक तक पहुँचे।” प्रमुख टूर पैकेज रायपुर सिटी टूर (दिवसीय भ्रमण) इस टूर में पर्यटक रायपुर के प्रमुख स्थलों—राम मंदिर, ऊर्जा पार्क, पुरखौती मुक्तांगन, छत्तीसगढ़ ट्राइबल म्यूजियम, नंदनवन जू और कौशल्या माता मंदिर की सैर कर सकेंगे। पैकेज में वातानुकूलित वाहन, हिंदी/अंग्रेजी गाइड, भोजन और यात्रा बीमा शामिल है। प्रस्थान रायपुर रेलवे स्टेशन से होगा। रायपुर सिटी धार्मिक टूर (दिवसीय भ्रमण) धार्मिक स्थलों पर केंद्रित यह टूर हनुमान मंदिर, मां बंजारी मंदिर, कैवल्य धाम जैन मंदिर, इस्कॉन मंदिर, महामाया मंदिर, दंतेश्वरी माता मंदिर, राम मंदिर और मां कौशल्या माता मंदिर की यात्रा का अनुभव प्रदान करेगा। इस टूर की शुरुआत और समापन भी रायपुर रेलवे स्टेशन से ही होगा। रायपुर–जगदलपुर सर्किट टूर (02 रातें / 03 दिन) इस पैकेज में बस्तर क्षेत्र के प्राकृतिक और सांस्कृतिक स्थलों—जगदलपुर, चित्रकोट, तीरथगढ़—की यात्रा शामिल है। पर्यटक चित्रकोट जलप्रपात, कुटुमसर गुफा, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान और दंतेश्वरी मंदिर जैसे प्रमुख आकर्षणों का आनंद ले सकेंगे। ठहराव डबल-शेयरिंग होटल में होगा तथा दैनिक भोजन की व्यवस्था रहेगी। रायपुर–सिरपुर–बारनवापारा सर्किट टूर (01 रात / 02 दिन) यह टूर सिरपुर के ऐतिहासिक मंदिरों और बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य की सैर करवाएगा। पैकेज में स्नैक्स, भोजन, होटल आवास और वातानुकूलित वाहन शामिल हैं। पर्यटकों को जंगल सफारी का रोमांचक अनुभव भी मिलेगा। टूर पैकेज की विशेषताएं प्रत्येक पैकेज के लिए कम से कम 10 व्यक्तियों का समूह आवश्यक है। यात्रा के दौरान पर्यटकों को पीने का पानी, स्नैक्स, लंच और ट्रैवल इंश्योरेंस दिया जाएगा। 2 से 18 वर्ष तक के बच्चों को 85% और 18 वर्ष से अधिक के वयस्कों को 75% सब्सिडी प्रदान की जाएगी। सभी पैकेज रायपुर रेलवे स्टेशन से शुरू और समाप्त होते हैं। स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा इन टूर पैकेजों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक, धार्मिक और प्राकृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए पर्यटन क्षेत्र में नई ऊर्जा लाई जा रही है। पर्यटक इन पैकेजों के जरिए प्रदेश की विविधता और समृद्धि का प्रत्यक्ष अनुभव कर सकेंगे। इस योजना से स्थानीय व्यवसायों को लाभ मिलेगा और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी। यह योजना मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की पर्यटन को बढ़ावा देने की दूरदर्शी पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पर्यटन को जन-जन तक पहुँचाकर प्रदेश के आर्थिक विकास को गति देना है। इससे छत्तीसगढ़ के पर्यटन को नई पहचान मिलेगी और पर्यटक राज्य को नए दृष्टिकोण से जानने-समझने का अवसर प्राप्त करेंगे। मुख्यमंत्री जन पर्यटन प्रोत्साहन योजना छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों में पर्यटन को सुलभ, समृद्ध और आकर्षक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो आने वाले समय में प्रदेश को प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। – मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय

यात्रियों की सुविधा के लिए 05587/05588 गोरखपुर-एलटीटी-गोरखपुर विशेष ट्रेन का संचालन तय

यात्रियों की सुविधा के लिये रेलवे का बड़ा फैसला रेलवे का बड़ा फैसला: गोरखपुर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस विशेष ट्रेन का संचालन 7 और 9 दिसंबर से यात्रियों की सुविधा के लिए 05587/05588 गोरखपुर-एलटीटी-गोरखपुर विशेष ट्रेन का संचालन तय जबलपुर रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की मांग पर गोरखपुर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस विशेष ट्रेन शुरू करने का निर्णय लिया जबलपुर   रेलवे प्रशासन द्वारा यात्रियों की मांग पर 05587/05588 गोरखपुर- लोकमान्य तिलक टर्मिनस-गोरखपुर विशेष गाड़ी का संचालन गोरखपुर से 07 दिसम्बर, 2025 को तथा लोकमान्य तिलक टर्मिनस से 09 दिसम्बर, 2025 को चलाने का निर्णय लिया गया है। यह स्पेशल ट्रेन पश्चिम मध्य रेल के बीना, रानी कमलापति एवं इटारसी स्टेशनों से होकर गंतव्य को जाएगी। स्पेशल ट्रेन का विवरण इस प्रकार है:-  गाड़ी संख्या 05587 गोरखपुर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस विशेष गाड़ी 07 दिसम्बर, 2025 को गोरखपुर से 23.25 बजे प्रस्थान कर दूसरे दिन बस्ती से 00.32 बजे, गोंडा से 02.00 बजे, गोमती नगर से 04.35 बजे, बादशाहनगर से 05.10 बजे, ऐशबाग से 05.55 बजे, कानपुर सेंट्रल से 07.55 बजे, उरई 10.20 बजे, वीरांगना लक्ष्मीबाई जं. (झाँसी) से 13.20 बजे, बीना से 16.40 बजे, रानी कमलापति से 19.25 बजे, इटारसी से 21.12 बजे, खंडवा से 23.42 बजे तीसरे दिन भुसावल से 01.45 बजे, नासिक रोड से 05.15 बजे, इगतपुरी से 06.35 बजे तथा कल्याण से 08.08 बजे छूटकर लोकमान्य तिलक टर्मिनस 09.00 बजे पहुँचेगी। वापसी यात्रा में, गाड़ी संख्या 05588 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-गोरखपुर विशेष गाड़ी 09 नवम्बर, 2025 को लोकमान्य तिलक टर्मिनस से 11.00 बजे प्रस्थान कर कल्याण से 11.45 बजे, ईगतपुरी से 14.10 बजे, नासिक रोड से 14.42 बजे, भुसावल से 18.50 बजे, खंडवा से 21.40 बजे दूसरे दिन इटारसी से 00.25 बजे, रानी कमलापति से 02.40 बजे, बीना से 04.50 बजे, वीरांगना लक्ष्मीबाई जं. (झाँसी) से 06.55 बजे, उरई 08.07 बजे, कानपुर सेंट्रल से 12.05 बजे, ऐशबाग से 13.45 बजे, बादशाहनगर से 14.12 बजे, गोमती नगर से 14.55 बजे, गोंडा से 17.25 बजे तथा बस्ती से 19.02 बजे छूटकर गोरखपुर से 20.15 बजे पहुँचेगी।   इस गाड़ी में जनरेटर सह लगेज यान का 01, शयनयान श्रेणी के 04, वातानुकूलित तृतीय श्रेणी के 08, वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी के 02, वातानुकूलित प्रथम श्रेणी का 01, साधारण द्वितीय श्रेणी के 04, तथा एल.एस.एल.आर.डी. के 01 कोच सहित कुल 21 कोच लगाये जायेंगे।  इस स्पेशल ट्रेन के ठहराव, समय एवं संरचना के संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए यात्री कृपया www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाकर अवलोकन कर सकते हैं।