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उत्तर प्रदेश में ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन संबंधी जानकारी अब व्हाट्सएप पर

उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग की पहल – व्हाट्सएप चैटबॉट सेवा से अब परिवहन सेवाएं होंगी और आसान उत्तर प्रदेश में ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन संबंधी जानकारी अब व्हाट्सएप पर उत्तर प्रदेश में परिवहन विभाग की डिजिटल पहल: घर बैठे पाएँ सभी जरूरी सेवाएँ जनसुविधा के लिए तकनीक का नया उपयोग – परिवहन विभाग की स्मार्ट सेवा लखनऊ   मुख्यमंत्री के कुशल मार्गदर्शन में प्रदेश के आम नागरिकों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, परिवहन विभाग ने एक महत्वपूर्ण डिजिटल पहल की है। विभाग ने व्हाट्सएप आधारित चैटबॉट सेवा (मोबाइल नंबर: 8005441222) के माध्यम से अब लोग घर बैठे ही परिवहन संबंधी अनेक सेवाओं एवं सूचनाओं का लाभ सहजता और पारदर्शिता के साथ प्राप्त कर सकते हैं। इसका उद्देश्य नागरिकों को सरल, सुलभ एवं पारदर्शी सेवाएं प्रदान करना है। इस चैटबॉट के माध्यम से उपयोगकर्ता अपने मोबाइल पर ही ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण, कर भुगतान, फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट, और अन्य सेवाओं से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। अब नागरिकों को किसी भी परिवहन कार्यालय में अनावश्यक रूप से जाने की आवश्यकता नहीं होगी। केवल मोबाइल नंबर 8005441222 को अपने व्हाट्सएप में सेव करें और “Hi” या “नमस्ते” लिखकर संदेश भेजें। चैटबॉट स्वतः ही आगे की प्रक्रिया में सहायता करेगा और संबंधित जानकारी कुछ ही क्षणों में उपलब्ध करा देगा। परिवहन विभाग ने बताया कि यह सेवा 24×7 उपलब्ध रहेगी और उपयोगकर्ताओं को डिजिटल माध्यम से तेज, सुरक्षित एवं विश्वसनीय जानकारी प्रदान करेगी। यह कदम ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान के अनुरूप नागरिक सेवाओं को तकनीक के माध्यम से अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे इस नई व्हाट्सएप चैटबॉट सेवा का अधिक से अधिक उपयोग करें और अपने अनुभवों से विभाग को अवगत कराएं ताकि इस सेवा को और बेहतर बनाया जा सके।

ओडीओपी ने दिखाई ताकत, बरेली की जरदोजी की यूरोप और अरब देशों के बाजारों में बढ़ रही डिमांड

इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर 2025 अंर्तराष्ट्रीय बाजार में चमकेगी बरेली की सुनहरी कढ़ाई, आईआईटीएफ में योगी मॉडल की धमाकेदार एंट्री ओडीओपी ने दिखाई ताकत, बरेली की जरदोजी की यूरोप और अरब देशों के बाजारों में बढ़ रही डिमांड योगी सरकार की लोकल टू ग्लोबल उड़ान: बरेली की जरी जरदोजी के हुनरमंद कारीगरों को मिला आसमान -दिल्ली में आयोजित हो रहे अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में बरेली के हुनर को मिलेगा बाजार, लगेंगे स्टॉल बरेली  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार की 'लोकल टू ग्लोबल' आर्थिक रणनीति तथा वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) योजना का प्रभाव अब जमीनी स्तर पर साफ दिखने लगा है। कभी गलियों तक सीमित रहने वाली बरेली की जरी-जरदोजी की सुनहरी कढ़ाई अब अंतर्राष्ट्रीय बाजार में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज करा रही है। दिल्ली में होने वाले भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में उत्तर प्रदेश का झंडा गर्व से लहराएगा और इसी मंच पर बरेली की जरी-जरदोजी पूरे विश्व का ध्यान आकर्षित करेगी। सुनहरी कढ़ाई करने वाले बरेली के हुनरमंद कारीगरों की कला को यूरोप और अरब देशों के बाजारों में खूब पसंद किया जा रहा है। यही वजह है कि बरेली से 40 देशों को जरी-जरदोजी उत्पादों का निर्यात किया जाता है। योगी सरकार का विजन: 'लोकल टू ग्लोबल' की सफल उड़ान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के पारंपरिक उद्योगों को वैश्विक पहचान दिलाने, कामगारों को आत्मनिर्भर बनाने और निवेश को बढ़ाने के लिए ओडीओपी की शुरुआत की थी। बरेली की जरी-जरदोजी को इस योजना में शामिल किए जाने के बाद ब्रांडिंग, मार्केटिंग और निर्यात-तीनों ही क्षेत्रों में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज हुई है। औद्योगिक उपायुक्त विकास यादव ने इस विषय में बताया कि आज बरेली का हुनर ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर और खाड़ी देशों के बाजारों में अपनी जगह बना चुका है। लेदर जैकेट, बैग, क्लच, दुपट्टों और पार्टी वियर गाउन्स पर जरी–जरदोजी की कढ़ाई विदेशी ग्राहकों की पहली पसंद बनती जा रही है। आईआईटीएफ दिल्ली में लगेंगे आकर्षक स्टॉल योगी सरकार के प्रोत्साहन और ओडीओपी के तहत मिलने वाली सुविधाओं के बाद बरेली के प्रमुख उद्यमी अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में धूम मचाने के लिए तैयार हैं। बरेली मंडल से नवाब जरी आर्ट, रश्मि जरी आर्ट, सनम जरी आर्ट, शिखा एंटरप्राइजेज, कमल ट्रेडर्स (शालू सक्सेना), अमन अटायर प्राइवेट लिमिटेड (आतिफ खान),  एमए इंटरनेशनल, कादरी एंड संस, साकिब जरी आर्ट, कुमकुम जरी-जरदोजी समेत इन सभी उद्यमियों ने अपने उत्पादों को ग्लोबल डिमांड के अनुसार तैयार कर लिया है। उम्मीद है कि इस वर्ष निर्यात के नए करार होंगे और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में बरेली की पहचान और मजबूत होगी।

स्मार्ट गवर्नेंस और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के माध्यम से आम जनता को लाभान्वित करने वाले राज्यों में अग्रणी है उत्तर प्रदेश

विकसित उत्तर प्रदेश, समर्थ उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश में डाटा आधारित गवर्नेंस व डिजिटल इनोवेशन रख रहे प्रशासनिक पारदर्शिता की नींव स्मार्ट गवर्नेंस और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के माध्यम से आम जनता को लाभान्वित करने वाले राज्यों में अग्रणी है उत्तर प्रदेश  प्रदेश में एसएमएस, व्हाट्सऐस व लाइव डैशबोर्ड जैसी पहले के माध्यम से शिकायतों का किया जा रहा है त्वरित निस्तारण योगी सरकार में सरकारी योजनाओं को लागू करने में भविष्य आधारित तकनीकों का प्रयोग कर पारदर्शिता के साथ प्रभावी निगरानी को किया जा रहा सुनिश्चित  लखनऊ  उत्तर प्रदेश को विकसित, समर्थ और सक्षम उत्तर प्रदेश बनाने के लिए प्रतिबद्ध योगी सरकार ने डाटा आधारित गवर्नेंस व डिजिटल इनोवेशन के माध्यम से प्रशासनिक पारदर्शिता की नींव रखी जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश स्मार्ट गवर्नेंस और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के नए युग में प्रवेश कर रहा है, जहां समावेशी विकास को भविष्य आधारित तकनीकों के इस्तेमाल से धरातल पर उतारा जा रहा है। उल्लेखनीय है कि चाहें बात स्मार्ट पुलिसिंग की हो, मेडिकल इनोवेशन की हो या फिर एग्रिकल्चरल व एजुकेशनल रिफॉर्म्स की, उत्तर प्रदेश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के साथ ही आधुनिक तकनीक के समावेश से समाज के अंतिम पायदान पर स्थित लोगों तक सरकार की लाभदायक योजनाओं के प्रसार को सुनिश्चित कर रहा है।   प्रदेश में डाटा-आधारित प्रशासन ने सरकारी कामकाज को अधिक पारदर्शी, त्वरित और जवाबदेह बनाया है। वहीं, तकनीक के व्यापक उपयोग से सेवाओं की वास्तविक समय में निगरानी संभव हुई है, जिससे आम नागरिकों को योजनाओं का लाभ सीधे और बिना देरी मिल रहा है। स्मार्ट गवर्नेंस ने यूपी को अनुकरणीय मॉडल के रूप में किया स्थापित राज्य में स्मार्ट गवर्नेंस के तहत डिजिटल प्रक्रियाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। विभिन्न सरकारी विभागों में ऑनलाइन मॉनिटरिंग, डिजिटल फाइल ट्रैकिंग और डाटा-आधारित फैसलों ने प्रशासनिक दक्षता को नई ऊँचाई दी है। इन पहलों ने ग्रामीण क्षेत्रों तक सेवाओं की सुगमता सुनिश्चित की है, जिससे यूपी देशभर में डिजिटल गवर्नेंस का एक उल्लेखनीय मॉडल बनकर उभरा है। मैसेजिंग प्लेटफॉर्म और लाइव डैशबोर्ड से त्वरित समाधान सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, स्कूलों के प्रदर्शन, शिकायत निस्तारण और सेवा उपलब्धता की निगरानी में एसएमएस, व्हाट्सऐप और लाइव डैशबोर्ड का उपयोग निर्णायक साबित हुआ है। इन माध्यमों के जरिए स्कूलों में शैक्षिक गैप की पहचान, योजनाओं की डिलीवरी की पुष्टि और शिकायतों का तत्काल समाधान संभव हुआ है। त्वरित संचार और रियल-टाइम डाटा ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के साथ ही निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति के लिए जवाबदेह भी बनाया है। क्यूआर कोड व डिजिटल टूल्स से बढ़ी पारदर्शिता मिड-डे मील कार्यक्रम में क्यूआर कोड, गूगल शीट्स, एक्सेल, यूडीआईएससी, टेलीग्राफ तथा गूगल फॉर्म जैसे डिजिटल टूल्स के इस्तेमाल से व्यवस्था अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद हुई है। इन साधनों से भोजन वितरण की निगरानी, उपस्थिति सत्यापन और गुणवत्ता नियंत्रण का डाटा तुरंत उपलब्ध हो जाता है, जिससे अनियमितताओं पर अंकुश लगा है। तकनीकी नवाचारों ने यह सुनिश्चित किया है कि बच्चों को लाभ समय पर और सही रूप में मिल रहा है।

व्हाइट कॉलर आतंकवाद का चौंकाने वाला मामला: डॉक्टरों ने रची PM मोदी पर प्लानिंग

लखनऊ  दिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाके की जांच अब एक बड़े आतंकी नेटवर्क तक जा पहुंची है. देशभर में 2,900 किलो से ज्यादा विस्फोटक बरामद हुए हैं, डॉक्टरों की गिरफ्तारी ने ‘व्हाइट कॉलर आतंकवाद’ का चेहरा दिखाया है और अब एजेंसियां उस कहानी के गुम हिस्से जोड़ने की कोशिश में जुटी हैं, जिससे लाल किले ब्लास्ट की पूरी साजिश समझ में आ सके. इसी जांच के दौरान एक बड़ी खौफनाक साजिश सामने आई है. व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल ने 4 शहरों को दहलाने की साजिश रची थी. इतना ही नहीं पीएम मोदी से लेकर आरएसएस चीफ तक निशाने पर थे. मगर, उससे पहले ही एजेंसी की सतर्कता के कारण इनका प्लान फुस्स हो गया. सूत्रों की मानें तो 4 शहर में 8 धमाकों की तैयारी की जा रही थी. आइए जानते हैं सब… जम्मू-कश्मीर पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियां अब उमर नबी की हर गतिविधि पर फोकस कर रही हैं. उमर वही डॉक्टर है जिसे आत्मघाती हमलावर बताया जा रहा है. एजेंसियां ये पता लगाने में जुटी हैं कि 30 अक्टूबर से 10 नवंबर के बीच यानी उन 10 दिनों में उमर ने क्या किया, कहां गया और किससे मिला. दरअसल, यही वो वक्त था जब उसके साथी डॉ. मुजम्मिल को गिरफ्तार किया गया था. मुजम्मिल का नाम उसके एक और साथी डॉ. आदिल राथर से पूछताछ के दौरान सामने आया था. सूत्रों का कहना है कि 30 अक्टूबर तक उमर और उसका ग्रुप गाड़ियों और विस्फोटक जैसी जरूरी चीजों की व्यवस्था नहीं कर पाए थे. लेकिन 10 नवंबर तक उन्होंने एक कार में हाई ग्रेड विस्फोटक भर दिया, जो आखिरकार लाल किले के पास फटा. सवाल ये उठ रहा था कि सिर्फ 10 दिनों में उन्होंने इतनी बड़ी तैयारी कैसे कर ली थी. एजेंसियों को शक था कि उमर को उस वक्त कुछ लोगों से मदद मिली, जिनका नाम अभी सामने नहीं आया है. मगर, अब सूत्रों की माने तो जांच एजेंसी को बड़ा सुराग हाथ लगा है. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और अन्य खुफिया एजेंसियों ने एक अंतरराष्ट्रीय आतंकी साजिश का पर्दाफाश किया है. जांच में सामने आया है कि व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल ने चार शहरों में आठ अलग-अलग धमाकों की योजना बनाई थी. इन धमाकों का मकसद 25 नवंबर और 6 दिसंबर को देश की सुरक्षा को दहलाना था. सूत्रों के अनुसार, 25 नवंबर को अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की उपस्थिति में राम मंदिर के मुख्य शिखर पर ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान विस्फोट की साजिश रची जा रही थी. इसके अलावा 6 दिसंबर को दिल्ली में भी आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने की योजना बनाई गई थी. जांच में यह भी पता चला है कि इस साजिश की शुरुआत 2022 में विदेश से हुई थी. विदेशी हैंडलर उकासा ने मॉड्यूल के सदस्यों उमर और मुजम्मिल को निर्देश दिए और योजना को अंजाम देने के लिए उकसाया. इतना ही नहीं इन दोनों आरोपियों ने 2023 से जनवरी 2025 तक लाल किले की कई बार रेकी भी की थी. सूत्रों ने बताया कि शुरुआत में आतंकी टेलीग्राम एप के जरिए बातचीत कर रहे थे. बाद में उन्होंने अधिक सुरक्षित माने जाने वाले सिग्नल और सेशन ऐप का इस्तेमाल शुरू किया. विस्फोटक सामग्री और पुराने वाहनों को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की तैयारी की जा रही थी. एजेंसियों के मुताबिक, मॉड्यूल ने देश में डर और दहशत फैलाने के लिए बड़ी योजना बनाई थी, लेकिन समय रहते साजिश का पर्दाफाश कर दिया गया. जांचकर्ताओं ने कहा कि उमर और मुजम्मिल विदेश से मिले निर्देशों के तहत काम कर रहे थे और उनका मकसद सिर्फ बड़े स्तर पर आतंक फैलाना था. सरकारी सूत्रों ने बताया कि इस मामले में सभी आरोपी पकड़ लिए गए हैं और उनसे आवश्यक पूछताछ जारी है.

अल-फलाह यूनिवर्सिटी की सदस्यता खत्म, लाल किला ब्लास्ट के बाद छात्रों की स्थिति क्या?

फरीदाबाद देश की राजधानी दिल्ली के दिल में हुई लाल किला ब्लास्ट की गूंज अब हरियाणा के फरीदाबाद तक पहुंच चुकी है. सोमवार शाम करीब 6:52 बजे लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास सफेद i20 कार में धमाका हुआ, जिसमें 12 लोगों की मौत हो गई. जांच में सामने आया कि इस साजिश के तार अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े हो सकते हैं. इसी बीच, एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज (AIU) ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी की सदस्यता रद्द कर दी है. AIU ने कहा कि अब यूनिवर्सिटी को AIU का नाम या लोगो इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है. यह फैसला न केवल संस्थान के लिए बड़ा झटका है, बल्कि हजारों छात्रों के करियर पर भी गहरा असर डाल सकता है. छात्रों के लिए क्या रास्ते बचे हैं? छात्र फिलहाल UGC और AICTE से मान्यता प्रमाणपत्र लेकर भारतीय विश्वविद्यालयों या सरकारी नौकरियों में आवेदन कर सकते हैं. लेकिन विदेशी एडमिशन के लिए उन्हें AIU समकक्ष सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा. इससे बाहर पढ़ाई मुश्किल हो जाएगी. विशेषज्ञ मानते हैं कि यूनिवर्सिटी को अब सुधारात्मक कदम उठाकर AIU से सदस्यता पुनः प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए. कैसे अल-फलाह यूनिवर्सिटी बनी आतंकी साजिश का अड्डा जांच एजेंसियों के मुताबिक अल-फलाह यूनिवर्सिटी की बिल्डिंग नंबर 17 आतंकियों की गुप्त बैठकों का केंद्र थी. बताया जा रहा है कि ये मीटिंग्स रूम नंबर 13 में होती थीं, जहां दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में सीरियल ब्लास्ट की योजना बनाई जा रही थी. लाल किला ब्लास्ट केस की जांच में अल-फलाह यूनिवर्सिटी की बिल्डिंग नंबर 17 से आतंकी लिंक सामने आए हैं. यह कमरा डॉ. मुजम्मिल अहमद गाई का था जो पुलवामा का रहने वाला बताया जा रहा है. जांच में सामने आया कि वह नियमित रूप से कुछ कट्टरपंथी डॉक्टरों और छात्रों से मिलता था. एजेंसियों को संदेह है कि यूनिवर्सिटी की लैब से IED की क्षमता बढ़ाने वाले केमिकल इसी कमरे में लाए गए थे. फिलहाल पुलिस ने कमरा नंबर 13 को सील कर दिया है, और वहां से लैपटॉप, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, कैमिकल कंटेनर, और डिजिटल नोट्स बरामद किए गए हैं. AIU ने आधिकारिक बयान में कहा- अल-फलाह यूनिवर्सिटी को अपनी किसी भी गतिविधि में AIU का नाम या लोगो इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है. विश्वविद्यालय की वेबसाइट से तुरंत AIU का लोगो हटाया जाए. AIU के अनुसार यह फैसला संस्था की “Good Standing” नीति के तहत लिया गया है. अगर किसी यूनिवर्सिटी का नाम किसी विवाद, आपराधिक जांच या फर्जी गतिविधि में सामने आता है, तो उसकी सदस्यता निलंबित या समाप्त की जा सकती है. AIU क्या है और क्यों है इतनी अहम संस्था? AIU यानी Association of Indian Universities भारत की सबसे पुरानी उच्च शिक्षा संस्था है, जो 1925 में स्थापित हुई थी. यह संस्था भारत के सभी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों (केंद्रीय, राज्य, डीम्ड, निजी, ओपन) का प्रतिनिधित्व करती है और विदेशी डिग्रियों की समानता (Equivalence) तय करती है. AIU की मुख्य जिम्मेदारियां     भारत के सभी विश्वविद्यालयों को एक शैक्षणिक मंच पर लाना.     विदेशी डिग्रियों की भारतीय स्तर पर वैधता तय करना.     यूनिवर्सिटीज के बीच रिसर्च, नीति और खेल सहयोग बढ़ाना.     विश्वविद्यालयों को सदस्यता, स्पोर्ट्स पार्टिसिपेशन और इंटरनेशनल रिप्रेजेंटेशन देना.     यदि कोई यूनिवर्सिटी विवादों में हो तो उसकी सदस्यता निलंबित या रद्द करना. AIU सदस्यता रद्द होने के परिणाम प्रभाव का क्षेत्र    संभावित असर विदेशी शिक्षा    विदेशों की यूनिवर्सिटीज में प्रवेश मुश्किल, Equivalence सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा सरकारी नौकरियां    UPSC, SSC, PSU जैसी नौकरियों में आवेदन रुक सकता है यूनिवर्सिटी की साख    प्रतिष्ठा में गिरावट, एडमिशन में 40-50% कमी संभव रिसर्च फंडिंग    अंतरराष्ट्रीय सहयोग और परियोजनाएं ठप खेलकूद    AIU के यूनिवर्सिटी गेम्स से प्रतिबंध छात्र    करियर अनिश्चित, डिग्रियों की वैल्यू घटेगी अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर असर: साख और भविष्य पर संकट अल-फलाह यूनिवर्सिटी फरीदाबाद की प्रतिष्ठित निजी यूनिवर्सिटीज में मानी जाती रही है. लेकिन अब इस विवाद और सदस्यता रद्द होने से-     यूनिवर्सिटी की अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां खत्म होंगी,     नए छात्र एडमिशन से कतराएंगे,     खेल और रिसर्च फंडिंग प्रभावित होगी,     और विदेश में डिग्री की वैधता खत्म हो जाएगी.     हालांकि, राहत यह है कि UGC और NMC की मान्यता फिलहाल बरकरार है, इसलिए यूनिवर्सिटी की डिग्रियां घरेलू स्तर पर वैलिड रहेंगी. दिल्ली ब्लास्ट के बाद अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर दोहरी मार पड़ी है. एक तरफ आतंकवादी साजिश के तारों से जुड़ने के आरोप, दूसरी ओर AIU सदस्यता का रद्द होना. यह मामला न सिर्फ एक विश्वविद्यालय के भविष्य बल्कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाता है. अब देखना होगा कि अल-फलाह यूनिवर्सिटी खुद को इस संकट से कैसे बाहर निकालती है. अल-फलाह यूनिवर्सिटी का चांसलर, जानें कहां-कहां से होती है कमाई? हरियाणा के फरीदाबाद जिले में बसा अल फलाह विश्वविद्यालय हाल ही में राष्ट्रीय स्तर पर जांच के घेरे में आ चुका है. रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके कुछ डॉक्टरों का दिल्ली बम धमकों से संबंध है. जांच जारी रहने के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन ने किसी भी संस्थागत संलिप्तता से इनकार कर दिया है. लेकिन एक बात सबका ध्यान आकर्षित कर रही है वह इसके चांसलर जावेद अहमद सिद्दीकी का व्यवसायिक बैकग्राउंड. आइए जानते हैं की यूनिवर्सिटी के अलावा किन कंपनियों का मालिक है जावेद अहमद सिद्दीकी. कहां से हुई सफर की शुरुआत  जावेद अहमद सिद्दीकी का सफर 1990 के दशक के अंत में शुरू हुआ. 1990 के दशक के अंत में जावेद अहमद सिद्दीकी ने दिल्ली एनसीआर में कई व्यवसाय स्थापित किए. आज के समय में वह अल फलाह विश्वविद्यालय के चांसलर के रूप में काम करते हैं. इसी के साथ वह अल फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी भी हैं. यह ट्रस्ट विश्वविद्यालय और स्कूलों, अनाथालय और मदरसों के साथ-साथ कई शैक्षणिक और कल्याणकारी संस्थानों की देखरेख करता है.  जावेद अहमद सिद्दीकी के स्वामित्व और प्रबंधन वाली कंपनियां  भारत के कारपोरेट मामलों के मंत्रालय के रिकॉर्ड के मुताबिक जावेद अहमद सिद्दीकी 9 पंजीकृत कंपनियों से निर्देशक या प्रबंध प्रमुख के रूप में जुड़े हुए हैं. इनमें अल फलाह इन्वेस्टमेंट लिमिटेड, अल फलाह सॉफ्टवेयर प्राइवेट लिमिटेड, अल फलाह कंसलटेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, अल फलाह एक्सपोर्ट्स लिमिटेड, अल फलाह एनर्जी लिमिटेड, अल … Read more

CM मोहन यादव बोले: बिहार में NDA आगे, पीएम मोदी की नीतियों ने जनता को उत्साहित किया

भोपाल  बिहार विधानसभा चुनाव के आ रहे नतीजों के बीच मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव का बयान सामने आया है.  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम के रुझान वास्तव में उत्साह वर्धन करने वाले है. यशस्वी प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश ने 2014 के बाद नए प्रकार की विकासपरक राजनीति का दौर देखा है. प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में एक-एक करके तीनों लोकसभा चुनाव में एनडीए को प्रचंड बहुमत मिला. भाजपा ने दिल्ली में भी अपनी सरकार बनाई है. उसी सिलसिले को जारी रखते हुए तीसरी बार बिहार में फिर एनडीए सरकार की वापसी हो रही है.  सीएम ने कहा कि पूर्ववर्ती समय में हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली और अब बिहार यह बता रहा है कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भाजपा और एनडीए की लहर चल रही है. तथाकथित कांग्रेस और उनके गठबंधन के दलों की जो कुव्यवस्थाएं हैं, उन्हें देखकर जनता अपना मन चुकी है और एनडीए के साथ विकास के साथ कदम से कम मिला करके आगे बढ़ना चाहती है.  सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जो रुझान आ रहे हैं वो उत्साहवर्धन भी है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने एक नए प्रकार की विकास परख राजनीति 2014 से देखी है। एक-एक करके तीनों लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में प्रचंड जीत के साथ एनडीए ने दिल्ली में भी अपनी सरकार बनाई। राज्यों के चुनाव में बिहार भी उसी कड़ी में शामिल हो गया है। इसके पहले हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली के बाद अब बिहार में सामने आते परिणाम ये बता रहे हैं कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सुशासन की बयार चल रही है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि तथाकथित कांग्रेस के गठबंधन की जो कुव्यवस्थाएं हैं, जनता का मन उससे टूट चुका है। एनडीए के साथ कदम से कदम मिलाकर के देश के विकास और सुरक्षा के लिए पीएम मोदी ने जो नीतियां लागू की हैं। ये सभी का मनोबल बढ़ाने वाली है। बिहार में बढ़ती जीत की ओर के लिए मैं प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और भाजपा अध्यक्ष सहित एनडीए के सभी दलों को बधाई देता हूं। उन्होंने कहा कि जो रुझान आ रहे उसमें भाजपा नंबर एक पर है, दूसरा हमारा सहयोगी दल जनता दल युनाइटेड है। कांग्रेस ने बिहार में आरजेडी को डुबाने का काम किया है। लोकतंत्र में जनता जो होती है उसका निर्णय सर्वोपरी होता है। जनता को निर्णय लेती है उसे शिरोधार्य करना चाहिए। सीएम इंदौर के गोपाल मंदिर में सरप्राइज विजिट पर पहुंचे सीएम ने इंदौर में कहा कि मैं खुद बिहार चुनाव में प्रचार करने के लिए गया था। कांग्रेस के सामने यह साफ हो गया है कि जमीन पर रहकर ही राजनीति करो, हवा में रहोगे, तो हवा में ही उछाल दिए जाओगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने न केवल देश के विकास बल्कि देश की सुरक्षा के लिए जो नीतियां लागू की है, वह वाकई हम सभी का मनोबल बढ़ाने वाली है. बिहार में जीत की ओर बढ़ते एनडीए गठबंधन के साथियों और प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, चिराग पासवान,जीतनराम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा को बधाई देना चाहता हूं. विजय होने वाले सभी प्रत्याशियों और कार्यकर्ताओं को भी बधाई.  सबसे ज्यादा सीटें जीतकर नंबर वन पार्टी बनी है BJP मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बिहार चुनाव में ऐतिहासिक जीत के साथ भाजपा ने अपनी अलग पहचान बनाई है. भाजपा सबसे ज्यादा सीटें जीतकर नंबर वन पार्टी बनी है. दूसरा हमारा सहयोगी दल जनता दल यूनाइटेड है. जैसे हमने देखा है कि इस चुनाव में कांग्रेस ने राजद को डुबाने का काम किया है कांग्रेस के सबसे बड़े नेता ने समय से पहले ही चुनाव मैदान छोड़ दिया. उसी का परिणाम उनकी सहयोगी पार्टी को भुगतना पड़ा है. यह उनके लिए सोचने का समय है कि लोकतंत्र में जनता जो देती है, वही सही होता है और जनता के इस जनादेश को स्वीकार करते हैं. बिहार में विकास के लिए फिर एनडीए सरकार तैयार है.

इज्तिमा में डिजिटल सुविधा: क्यूआर कोड से खुलेंगे स्थल के नक्शे, भोपाल में बदलेंगे रास्ते

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के ईंटखेड़ी स्थित घासीपुरा में शुक्रवार को फजिर की नमाज के साथ ही 78वां आलमी तब्लीगी इज्तिमा (Ijtema 2025 Tablighi Jamaat) शुरू हो गया। इस बार दुनिया का ये सबसे बड़ा आयोजन तकनीक और परंपरा का अनोखा संगम लेकर आया है। ऐसा पहली बार है कि इस धार्मिक सम्मेलन में क्यूआर कोड आधारित व्यवस्था लागू की गई है। इससे न केवल सेवादारों को अपनी जिम्मेदारी समझने में आसानी होगी, बल्कि आयोजन स्थल की संपूर्ण जानकारी भी डिजिटल रूप से उपलब्ध रहेगी। इज्तिमा के प्रवक्ता उमर हफीज कहते हैं कि पहला आधिकारिक इज्तिमा 1947 में हुआ था, इसलिए यह 79वां आलमी इज्तिमा है, लेकिन कोरोना काल में साल 2020 में यह आयोजन नहीं हो सका था, इसलिए यह 78वां आयोजन है। उमर बताते हैं विदेश से कोई जमात नहीं आती, बल्कि व्यक्तिगत रूप से लोग इस इज्तिमा में शामिल होने आते हैं। पहले उनका पुलिस वेरीफिकेशन होता है। इसके बाद ही इज्तिमा में शामिल होने की अनुमति दी जाती है। इस बार इज्तिमा का प्रबंधन पहले से ज्यादा बड़ा और व्यवस्थित है। मुख्य पंडाल 120 एकड़ में, पार्किंग 350 एकड़ में बनाई गई है और पूरा आयोजन क्षेत्र करीब 600 एकड़ में फैला है।दिल्ली में हुए विस्फोट के बाद सुरक्षा और भी कड़ी कर दी गई है। रेलवे स्टेशन से लेकर इज्तिमा-स्थल तक हर जगह सख्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है।आईजी अभय सिंह ने बताया कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन है, इसलिए सुरक्षा, ट्रैफिक और इमरजेंसी सेवाओं के लिए सभी एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं। स्कैन करते ही खुल जाएगा इज्तिमा स्थल का डिजिटल नक्शा इज्तिमा स्थल पर तीस हजार से अधिक वालेंटियर को विशेष क्यूआर कोड वाले पहचान पत्र दिए गए हैं, इनमें नगर निगम के पांच हजार और 25 हजार स्वयंसेवक शामिल हैं। ये रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और इज्तिमा स्थल जाने वाले प्रमुख मार्गों पर तैनात किए गए हैं। इस कार्ड को स्कैन करते ही मोबाइल पर पूरा इज्तिमा परिसर का डिजिटल नक्शा खुल जाएगा, जिसमें यह जानकारी होगी कि कौन सी जमाअत किस क्षेत्र में ठहरी है, किस जगह जरूरी सामान, पानी या चिकित्सा सुविधा उपलब्ध है, सफाई या सुरक्षा से जुड़ी टीमें कहां-कहां तैनात की गई हैं। आयोजन समिति के अनुसार, यह सिस्टम भीड़ प्रबंधन में अहम भूमिका निभाएगा और किसी भी आपात स्थिति में मदद पहुंचाने में समय की बचत होगी। इस सुविधा से लोग परेशान होने से बचेंगे और उन्हें सटीक जानकारी मिल सकेगी। 12 लाख से अधिक जायरीनों के आने की संभावना चार दिवसीय यह मजहबी आयोजन आज शुक्रवार 14 नवंबर को फज्र की नमाज के साथ शुरू हो गया है। वहीं 17 नवंबर सोमवार को सामूहिक दुआ के साथ संपन्न होगा। देशभर की जमाअतों और विदेशों से व्यक्तिगत रूप से आने वाले मुस्लिम नागरिक बड़ी संख्या में इसमें शामिल होंगे। दुआ के आखिरी दिन करीब 12 लाख जमाअतियों के आने की संभावना बताई जा रही है। रोजाना होंगी चार तकरीरें इज्तिमा में हर दिन चार तकरीरें होंगी- फज्र, जोहर, असर और मगरिब के बाद। बता दें वक्ताओं के नाम पहले से घोषित नहीं किए जाते। तकरीरों में दीनी संदेश, सामाजिक सुधार और उम्मत की बेहतरी से जुड़ी बातें रखी जाती हैं। कमेटी सदस्य डॉ. उमर हफीज़ ने बताया कि “हर तकरीर तय वक्त पर होगी और जायरीन इनसे सीधे जुड़ सकेंगे।” दिल्ली धमाके के बाद सख्त सुरक्षा दिल्ली धमाके के बाद भोपाल रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था की गई है। जीआरपी ने पहली बार रेंडम BD & DS (Bomb Detection and Disposal Squad) चेकिंग शुरू की है। प्लेटफॉर्म, पार्किंग एरिया और मालखानों में रोजाना दो बार तलाशी ली जा रही है। बुधवार को टीम ने 250 से 300 वाहनों की जांच की। स्टेशन के प्रवेश और निकास द्वारों पर HHMD (हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर) और DFMD (डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर) लगाए गए हैं। जीआरपी एसपी राहुल लोढ़ा ने बताया, “इज्तिमा के दौरान रोजाना दो बार अलग-अलग जगहों पर रेंडम चेकिंग होगी, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।”   जीरो वेस्ट और ग्रीन थीम के साथ पर्यावरण संरक्षण भी इस बार का इज्तिमा 'जीरो वेस्ट' थीम पर आधारित है। प्रवक्ता उमर हफीज के मुताबिक प्लास्टिक और डिस्पोजल वस्तुएं आयोजन स्थल पर पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। नगर निगम और ग्राम पंचायतों के सहयोग से पूरे आयोजन को 'ग्रीन एंड क्लीन इज्तिमा' बनाने की योजना है। कचरा प्रबंधन विशेषज्ञ सैयद इम्तियाज अली ने बताया कि इस बार उत्पन्न होने वाला कचरा 180 मीट्रिक टन से घटाकर 120 मीट्रिक टन तक सीमित रखने का लक्ष्य है। पहली बार पंचायतें भी सहयोगी इस सम्मेलन में पहली बार इज्तिमा स्थल के आसपास की आठ ग्राम पंचायतें सफाई समेत अन्य व्यवस्थाओं में सहयोग कर रही हैं। वहीं दूसरी ओर वुजू में प्रतिदिन खर्च होने वाले 90 लाख लीटर पानी को कम करने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। बायोमेडिकल वेस्ट और गंदे पानी का ट्रीटमेंट और रीसाइक्लिंग भी की जाएगी। आज से बदले रहेंगे ये रास्ते, यहां जाने से बचें भोपाल से लगभग 20 किलोमीटर दूर स्थित ईंटखेड़ी के ग्राम घासीपुरा में 14 से 17 नवंबर तक चार दिवसीय आलमी तब्लीगी इज्तिमा का आयोजन होगा। इसमें देश के विभिन्न भागों से बड़ी संख्या में धर्मावलंबी सम्मलित होंगे, जो रेलवे स्टेशन, पुराने शहर के विभिन्न क्षेत्रों से कार्यक्रम स्थल तक पहुचेंगे। अंतिम दिन सामूहिक दुआ में शहर से भी बड़ी संख्या में लोग आयोजन में शामिल होंगे। सुबह छह बजे से पुराना शहर से इज्तिमा स्थल की ओर आवागमन करने वाले मार्गों जैसे-मुबारकपुर से पटेल नगर नया बायपास, गांधी नगर से अयोध्यानगर बायपास, रत्नागिरी, लाम्बाखेड़ा से करोंद भोपाल टाकीज, पीरगेट, मोती मस्जिद, रायल मार्केट, लालघाटी चौराहा, नादरा बस स्टैंड, भोपाल मुख्य रेलवे स्टेशन, अल्पना तिराहा, भारत टाकीज, बोगदापुल आदि क्षेत्रों में भारी संख्या में जनसमुदाय एवं वाहनों के सड़कों पर होने से अत्यधिक यातायात दबाव रहेगा। ऐसे में पुराने शहर और इज्तिमा स्थल की ओर आने-जाने के लिए आमजन को अन्य वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करना पड़ेगा।

रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया

रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया जनदर्शन में वूमेन्स सेल्फ डिफेंस ऑर्गनाइजेशन के प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात रायपुर मुख्यमंत्री निवास में आज आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में वूमेन्स सेल्फ डिफेंस ऑर्गनाइजेशन छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपकर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कराटे, कुश्ती और ताइक्वांडो जैसे खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले खिलाड़ियों के लिए स्वेच्छानुदान स्वीकृत करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री  साय ने संगठन के पदाधिकारियों और खिलाड़ियों द्वारा रखे गए सुझावों और मांगों को ध्यानपूर्वक सुना। खिलाड़ियों ने बताया कि वे देश और विदेश में विभिन्न प्रतियोगिताओं में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं तथा आगे भी राज्य का नाम और ऊंचा करने के लिए निरंतर प्रशिक्षण और सहयोग की आवश्यकता है। खिलाड़ियों ने खेल उपकरण, प्रशिक्षण सुविधाओं और प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराने का अनुरोध भी किया। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने खिलाड़ियों की भावनाओं की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं के सम्मान और प्रोत्साहन के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों पर यथासंभव सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा और खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और भी बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

रायपुर जनदर्शन: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुनी आमजन की समस्याएँ, दिए त्वरित समाधान

रायपुर : जनदर्शन : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आमजन की समस्याएँ सुनीं, मौके पर दिए त्वरित समाधान रायपुर मुख्यमंत्री निवास में  आयोजित जनदर्शन एक बार फिर लोगों की उम्मीदों का केंद्र बना रहा। अलग-अलग जिलों से आए लोगों ने अपनी समस्याएँ लेकर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने हर एक आवेदक की बात ध्यान से सुनी और अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। पहली ही मुलाकात में रायपुर की 11 वर्षीय पूनम सभी का ध्यान खींच ले गई। सेरेब्रल पाल्सी से जूझ रही पूनम को मुख्यमंत्री ने विशेष विद्यालय में दाखिला और छात्रवृत्ति देने की घोषणा की। जनदर्शन के दौरान भिलाई के कलाकार अंकुश देवांगन अपनी अनोखी संगमरमर कला लेकर पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दुनिया की सबसे छोटी संगमरमर प्रतिमा भेंट की। फ्रेम में लगा माइक्रोस्कोपिक लेंस इस कलाकृति को और खास बनाता है। मुख्यमंत्री ने उनकी कला की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के कलाकारों में अद्भुत प्रतिभा है। रायपुर के दिव्यांग युवक मनीष खुंटे भी अपनी बैटरी चालित स्कूटी से मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे। कुछ दिन पहले ही उन्हें इसी जनदर्शन में स्कूटी स्वीकृत की गई थी। मनीष ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया और उनके साथ सेल्फी भी ली। मनीष की मुस्कान ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को भावुक कर दिया। खेल क्षेत्र से आए युवाओं ने भी मुख्यमंत्री से सहायता की मांग रखी। वूमेन्स सेल्फ डिफेंस ऑर्गनाइजेशन के खिलाड़ियों ने स्वेच्छानुदान का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। खिलाड़ियों ने बताया कि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इसी दौरान अभनपुर के दिव्यांग रग्बी खिलाड़ी पिंटू साहू ने व्हीलचेयर और खेल सामग्री खरीदने के लिए सहायता मांगी। मुख्यमंत्री ने मौके पर ही 90 हजार रुपए की आर्थिक मदद स्वीकृत की। पिंटू ने कहा कि यह सहयोग उनके खेल करियर के लिए नई शुरुआत है। जनदर्शन में कई महिलाएँ, बुजुर्ग और किसान भी पहुंचे। आवास, स्वास्थ्य उपचार, सामाजिक सुरक्षा, छात्रवृत्ति और रोजगार से जुड़े आवेदन आए। मुख्यमंत्री ने सभी मामलों को प्राथमिकता से निपटाने को कहा। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी आवेदक निराश न लौटे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि जनदर्शन प्रदेश सरकार की संवेदनशीलता और जवाबदेही का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि “हम कोशिश करते हैं कि अधिक से अधिक लोगों की समस्याएँ  सुनकर मौके पर ही उसका समाधान किया जाए।" जनदर्शन के समापन तक बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं के त्वरित और व्यवहारिक समाधान से संतुष्ट दिखाई दिए। लोगों ने कहा कि यह व्यवस्था उन्हें सरकार से सीधे जुड़ने का विश्वास दिलाती है—जहाँ उनकी बात न सिर्फ सुनी जाती है, बल्कि उसी समय समाधान की दिशा में ठोस कदम भी उठाए जाते हैं। इससे आमजन में भरोसा, पारदर्शिता और सहभागिता की भावना और मजबूत हुई है। 5717

यूपी में डेयरी क्षेत्र में साहीवाल गाय की भूमिका और योगी सरकार की योजनाओं में योगदान

लखनऊ  साहीवाल गाय (Sahiwal Cow) भारत की सबसे उन्नत देसी दुधारू नस्ल है, जो पंजाब के साहीवाल जिले (अब पाकिस्तान में) से उत्पन्न हुई। योगी सरकार की मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना और नंद बाबा दुग्ध मिशन में साहीवाल को प्राथमिक नस्ल के रूप में चुना गया है। 2025 तक 11,000+ साहीवाल गायें UP के किसानों को ₹80,000 अनुदान (2 गायों पर) से वितरित की गईं, जिससे दूध उत्पादन 10-15 लीटर/दिन और आय ₹50,000+ मासिक तक पहुंची। साहीवाल का दूध A2 प्रोटीन युक्त, FAT 4.5-5.5%, SNF 9%+ और स्वास्थ्यवर्धक है, जो बच्चों की वृद्धि, इम्यूनिटी में लाभकारी है। यह नस्ल गर्मी सहनशील, रोग प्रतिरोधक और कम चारा वाली है, जो UP Dairy Policy 2022 के तहत आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बन रही है। साहीवाल गाय की प्रमुख विशेषताएं: वैज्ञानिक और व्यावहारिक विश्लेषण विशेषता    विवरण    लाभ (UP संदर्भ में) 1. शारीरिक संरचना    – रंग: गहरा लाल-भूरा (महोगनी रेड)। – सींग: छोटे, मध्यम मुड़े हुए। – कान: मध्यम, लटकते हुए। – कूबड़: बड़ा, मांसल। – वजन: वयस्क गाय 400-500 किग्रा, बैल 600-700 किग्रा।    – मजबूत शरीर: UP के ग्रामीण फार्म में आसान रखरखाव। – आकर्षण: बाजार में उच्च मूल्य। 2. दूध उत्पादन क्षमता    – प्रतिदिन: 10-15 लीटर (औसत), अधिकतम 25+ लीटर। – लैक्टेशन पीरियड: 300-320 दिन। – वार्षिक: 3,000-4,000 लीटर। – FAT: 4.5-5.5%, SNF 9-9.5%।    – उच्च आय: ₹50/लीटर पर ₹5,000-7,500 मासिक (2 गायें)। – A2 दूध: प्रीमियम ₹80-120/लीटर। 3. दूध की गुणवत्ता    – A2 बीटा-कैसिन: पाचन में आसान, एलर्जी-मुक्त। – उच्च प्रोटीन, कैल्शियम: हड्डी/दांत मजबूत। – प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट: कैंसर/हृदय रोग में लाभ।    – स्वास्थ्य बाजार: UP Mart, Amul, Parag पर डिमांड। – निर्यात: G20 गिफ्टिंग में चयन। 4. पर्यावरण अनुकूलता    – गर्मी सहनशील: 48°C तक। – कम चारा: 30-35 किग्रा हरा/6-8 किग्रा सूखा चारा। – रोग प्रतिरोधक: FMD, ब्रूसेलोसिस, मास्टाइटिस।    – UP जलवायु: गर्मी/सूखे में जीवित। – कम लागत: ₹1,800 मासिक रखरखाव। 5. प्रजनन और दीर्घायु    – पहला ब्यांत: 34-38 माह। – ब्यांत अंतराल: 12-13 माह। – उम्र: 16-20 वर्ष (12+ लैक्टेशन)।    – दीर्घकालिक लाभ: 1 गाय से 12+ बछड़े। – बछड़ा मूल्य: ₹40,000-60,000। 6. आर्थिक लाभ    – गोबर: 18-22 किग्रा/दिन (खाद/गैस/पेंट)। – गौमूत्र: 6-8 लीटर/दिन (दवा/कीटनाशक)।    – अतिरिक्त आय: ₹12,000+ मासिक (गोबर पेंट)। उत्तर प्रदेश में साहीवाल गाय का योगदान: योगी सरकार की योजनाओं से •    स्वदेशी गौ संवर्धन योजना: 2 साहीवाल गायें + ₹80,000 अनुदान → 60 लीटर दूध/दिन। •    नंदिनी कृषक समृद्धि योजना: 10 साहीवाल गायें + ₹11.80 लाख → 150 लीटर/दिन। •    NDDB-PCDF MoU: पंजाब/हरियाणा से उच्च गुणवत्ता साहीवाल आयात, कानपुर/गोरखपुर प्लांट में प्रोसेसिंग। •    परिणाम: 38.78 मिलियन टन दूध में 12%+ साहीवाल योगदान। 41,000+ SHG महिलाएं लाभान्वित। प्रेरक उदाहरण: UP में साहीवाल से समृद्धि 1.    आजमगढ़ के रामू यादव (SC किसान):  o    2024: 2 साहीवाल गायें + ₹80,000। o    2025: 70 लीटर दूध/दिन, ₹50,000 मासिक। A2 दूध से प्रीमियम बिक्री। 2.    झांसी SHG (सुमित्रा देवी):  o    10 साहीवाल गायें नंदिनी से। o    अब: ₹1.2 लाख मासिक, गोबर पेंट निर्यात। योगी आदित्यनाथ का उद्धरण •    लॉन्च 2023:  "साहीवाल गाय दूध की रानी है। ₹80,000 अनुदान से किसान आत्मनिर्भर, A2 दूध से स्वास्थ्य क्रांति!" निष्कर्ष: साहीवाल – UP का दुग्ध स्वर्ण साहीवाल गाय उच्च दूध, A2 गुणवत्ता और कम रखरखाव से योगी सरकार की डेयरी क्रांति का प्रतीक है। आवेदन करें, साहीवाल अपनाएं! जय किसान! जय उत्तर प्रदेश