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विशेष आर्टिकल- मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना: देसी गाय पालन से किसानों की आय दोगुनी, 80 हजार तक अनुदान

लखनऊ  मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जो नंद बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत 6 जून 2023 को लॉन्च की गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शुरू यह योजना स्वदेशी उन्नत नस्ल की गायों (साहीवाल, गिर, थार पारकर, हरियाणा) के संवर्धन को बढ़ावा देती है, ताकि दूध उत्पादन बढ़े, ग्रामीण रोजगार सृजित हो और देसी नस्लें संरक्षित रहें। योजना के तहत दो गायों की यूनिट स्थापित करने पर 40% अनुदान (अधिकतम ₹80,000) मिलता है, जो कुल लागत (लगभग ₹2 लाख) का बड़ा हिस्सा कवर करता है। 2025 तक 2,100+ इकाइयां स्थापित हो चुकी हैं, जिससे दूध उत्पादन 38.78 मिलियन टन (देश का 16%) पहुंचा। यह योजना UP Dairy Policy 2022 के साथ एकीकृत है, जो महिला SHG, SC/ST/OBC को प्राथमिकता देती है। आवेदन पोर्टल: nandbabadugdhmission.up.gov.in। योजना का उद्देश्य: देसी गौ-पालन से आत्मनिर्भरता •    दूध उत्पादन वृद्धि: प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता बढ़ाना। •    नस्ल संरक्षण: स्वदेशी गायों (हरियाणा, पंजाब, गुजरात से खरीद) को प्रोत्साहन। •    आय वृद्धि: किसानों की मासिक आय ₹5,000 से ₹50,000+ तक। •    रोजगार सृजन: ग्रामीण क्षेत्रों में 1 लाख+ परिवार लाभान्वित। •    महिला सशक्तिकरण: SHG के माध्यम 40% कोटा। योजना के प्रमुख लाभ: विस्तृत संरचना योजना दो गायों की इकाई पर फोकस करती है, जिसमें ट्रांसपोर्टेशन, इंश्योरेंस और अन्य खर्च शामिल हैं: लाभ की श्रेणी    विवरण    प्रभाव (2025 तक) वित्तीय अनुदान    – 40% सब्सिडी: कुल ₹2 लाख पर ₹80,000 (प्रति गाय ₹40,000)। – बैंक लोन: शेष पर 5% ब्याज सब्सिडी (5 वर्ष)। – SC/ST/OBC: 35% अतिरिक्त।    – आय: 50-60 लीटर दूध/दिन से ₹20,000+ मासिक। – NPA: 2.5% से कम। गाय खरीद और परिवहन    – नस्लें: साहीवाल (हरियाणा/पंजाब), गिर (गुजरात), थार पारकर (राजस्थान)। – ट्रांसपोर्ट: 40% अनुदान (अधिकतम ₹40,000/गाय)।    – उन्नत नस्ल: 8-12 लीटर दूध/गाय/दिन। – संरक्षण: 11,000+ देसी गायें। इंफ्रास्ट्रक्चर सहायता    – शेड/फीड: ₹50,000 तक सब्सिडी। – पशु बीमा: ₹10 लाख कवरेज (मुफ्त प्रथम वर्ष)। – चारा: 50% सब्सिडी (1 वर्ष)।    – स्वास्थ्य: रोगमुक्त पशुधन। – बाजार: PCDF/Amul लिंकेज। प्रशिक्षण और मार्केटिंग    – 15-दिवसीय कोर्स: RSETI/CFC में मुफ्त। – डिजिटल भुगतान: तत्काल ट्रांसफर। – UP Mart: ऑनलाइन बिक्री।    – गुणवत्ता: FAT/SNF सुधार। – अतिरिक्त आय: गोबर पेंट से ₹10,000+। विशेष प्राथमिकता    – महिलाएं/SHG: 40% कोटा। – ग्रामीण फोकस: 18 जिलों (झांसी, गाजीपुर, देवरिया आदि) में प्राथमिकता।    – 41,000+ महिलाएं जुड़ीं। – पलायन रोक: गांव में स्थिरता। आवेदन प्रक्रिया: •    पात्रता: UP निवासी, 18+ आयु, 2+ गायें न हों, शेड उपलब्ध। •    दस्तावेज: आधार, बैंक पासबुक, भूमि प्रमाण-पत्र। •    चरण: ऑनलाइन आवेदन → ई-लॉटरी → सत्यापन → अनुदान वितरण। •    अंतिम तिथि: 23 अगस्त 2025 (द्वितीय चरण)। हेल्पलाइन: 1800-XXX-XXXX। प्रेरक उदाहरण: योजना से जीवन परिवर्तन 1.    झांसी के शाश्वत सिंह (दो गायों की यूनिट):  o    2024: ₹80,000 अनुदान से साहीवाल गायें खरीदीं। o    2025: ₹25,000 मासिक आय, परिवार सशक्त। "योजना ने पलायन रोका।" 2.    गाजीपुर के अमितेश सिंह:  o    अनुदान: गिर नस्ल पर ₹80,000। o    अब: 50 लीटर दूध/दिन, ₹40,000 मासिक। SC लाभार्थी के रूप में अतिरिक्त 35%। 3.    देवरिया के पशुपालक:  o    40% अनुदान: थार पारकर गायें। o    प्रभाव: आय दोगुनी, SHG में महिला भागीदारी। योगी आदित्यनाथ के उद्धरण: योजना पर दृष्टि •    लॉन्च (6 जून 2023):  *"स्वदेशी गौ संवर्धन से देसी नस्लें संरक्षित होंगी। ₹80,000 अनुदान से किसान आत्मनिर्भर, दूध क्रांति आएगी।" •    बजट समीक्षा 2025:  *"योजना से दूध उत्पादन बढ़ेगा, ग्रामीण UP मजबूत। स्वदेशी गौ-पालन हमारी सांस्कृतिक धरोहर।" निष्कर्ष: स्वदेशी गौ संवर्धन – UP का दुग्ध भविष्य मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना ₹80,000 अनुदान से दो गायें, एक परिवार की समृद्धि का मंत्र दे रही है। योगी सरकार का प्रयास विकसित भारत-2047 को मजबूत करेगा। आवेदन करें, लाभ लें! जय किसान! जय उत्तर प्रदेश!

विशेष आर्टिकल-नंदिनी कृषक समृद्धि योजना: योगी सरकार का डेयरी सशक्तिकरण मॉडल और इसके व्यापक लाभ

लखनऊ नंदिनी कृषक समृद्धि योजना नंद बाबा दुग्ध मिशन की प्रमुख उप-योजना है, जिसे 6 जून 2023 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लॉन्च किया। यह योजना 10 दुधारू देसी गायों (साहीवाल, गिर, थार पारकर) की इकाई स्थापित करने पर ₹11.80 लाख तक सब्सिडी प्रदान करती है, जिससे किसानों की मासिक आय ₹50,000+ तक पहुंच रही है। 2025 तक 600 इकाइयां प्रदेश स्तर पर स्थापित हो चुकी हैं, और मिनी नंदिनी (2 गायों पर ₹80,000) के साथ 2,100+ इकाइयां चल रही हैं। योजना UP Dairy Policy 2022 के साथ एकीकृत है, जो ग्रामीण रोजगार, महिला सशक्तिकरण और देसी नस्ल संरक्षण को बढ़ावा देती है। आवेदन पोर्टल: nandbabadugdhmission.up.gov.in। लाभों का विस्तृत विश्लेषण: किसान, परिवार और समाज के लिए लाभ की श्रेणी    विवरण    प्रभाव (2025 तक) 1. वित्तीय सब्सिडी    – 50% अनुदान: कुल लागत ₹23.60 लाख में ₹11.80 लाख सरकार देती है। – बैंक लोन: शेष ₹11.80 लाख पर 5% ब्याज सब्सिडी (5 वर्ष, ₹1 करोड़ तक)। – मिनी नंदिनी: 2 गायों पर ₹80,000 अनुदान।    – आय वृद्धि: ₹5,000 से ₹50,000+ मासिक। – NPA दर: 2.5% से कम। 2. पशुधन और आहार सहायता    – 10 देसी गायें: मिशन द्वारा चयनित उच्च दूध उत्पादक नस्लें। – चारा/फीड: 1 वर्ष तक 50% सब्सिडी पर गुणवत्ता आहार। – पशु बीमा: ₹10 लाख तक कवरेज (प्रथम वर्ष मुफ्त)।    – दूध उत्पादन: 100-120 लीटर/दिन (10 गायें)। – स्वास्थ्य: रोगमुक्त पशुधन। 3. इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी सहायता    – शेड निर्माण: ₹5 लाख तक सब्सिडी। – बुल्क मिल्क कूलर: 35% सब्सिडी (₹1 करोड़ तक)। – प्रशिक्षण: 15-दिवसीय RSETI + CFC कोर्स (मुफ्त)। – डिजिटल भुगतान: दूध बिक्री पर तत्काल बैंक ट्रांसफर।    – गुणवत्ता: दूध FAT/SNF में सुधार। – बाजार पहुंच: PCDF/Amul से सीधा लिंक। 4. महिला और SC/ST/OBC प्राथमिकता    – 40% कोटा: महिलाएं/SHG। – 35% अतिरिक्त सब्सिडी SC/ST/OBC को। – SHG लिंकेज: बालिनी मॉडल की तरह समूह गठन।    – 41,000+ महिलाएं जुड़ीं। – सशक्तिकरण: घर से CEO तक। 5. अतिरिक्त आय स्रोत    – गोबर गैस प्लांट: ₹1 लाख सब्सिडी। – गोबर पेंट/खाद: ₹50,000/वर्ष बिक्री सहायता। – UP Mart लिंकेज: ऑनलाइन बिक्री।    – प्रति इकाई ₹10,000+ अतिरिक्त मासिक। 6. दीर्घकालिक लाभ    – आयुष्मान भारत: स्वास्थ्य कवर। – बच्चों की शिक्षा: आय से स्कूल फीस। – पलायन रोकथाम: गांव में स्थिर रोजगार।    – 1 लाख+ परिवार लाभान्वित। प्रेरक उदाहरण: नंदिनी से समृद्धि तक 1.    झांसी की मीरा देवी (SHG लीडर):  o    2023: नंदिनी से 10 गायें + ₹11.80 लाख। o    2025: ₹60,000 मासिक, 50 महिलाओं की टीम। गोबर पेंट से ₹15,000 अतिरिक्त। o    उद्धरण: "नंदिनी ने मुझे घर से बाजार तक पहुंचाया।" 2.    आजमगढ़ के रामू यादव (SC किसान):  o    मिनी नंदिनी: 2 गायें + ₹80,000। o    अब: ₹25,000 मासिक, बेटी की इंजीनियरिंग। o    प्रभाव: "पहले मजदूरी, अब मालिक।" 3.    गोरखपुर की प्रिया सिंह (महिला उद्यमी):  o    पूर्ण नंदिनी: 10 गायें। o    अब: 120 लीटर दूध/दिन, Amul निर्यात, ₹1 लाख मासिक। योगी आदित्यनाथ के उद्धरण: नंदिनी पर दृष्टि •    लॉन्च (6 जून 2023):  "नंदिनी योजना से हर किसान को 10 देसी गायें, ₹11.80 लाख सब्सिडी – आय दोगुनी, गांव आत्मनिर्भर!" •    बजट 2025:  "नंद बाबा मिशन की नंदिनी से 1 करोड़ नौकरियां। देसी गायें हमारी धरोहर और अर्थव्यवस्था।" निष्कर्ष: नंदिनी – किसान का स्वर्णिम भविष्य नंदिनी योजना ₹11.80 लाख सब्सिडी से 10 गायें, 1 परिवार की समृद्धि का मंत्र दे रही है। आवेदन करें, आत्मनिर्भर बनें! जय किसान! जय उत्तर प्रदेश!

टेक्नोलॉजी में नई उड़ान: डॉ. यादव ने कॉन्क्लेव 2.0 में उद्योग प्रतिनिधियों से की सीधी बातचीत

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 में विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों से की वन-टू-वन चर्चा नए निवेश प्रस्तावों और औद्योगिक क्लस्टरों की स्थापना पर हुई बातचीत भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0' के दौरान विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों के प्रतिनिधियों से वन-टू-वन चर्चा की। इससे मध्यप्रदेश में निवेश संभावनाओं, औद्योगिक क्लस्टरों, तकनीकी केंद्रों और नवाचार आधारित परियोजनाओं को बढ़ावा मिलेगा। वन-टू-वन में आईटी, ड्रोन, एयरोस्पेस, सेमीकंडक्टर, रक्षा, ईवी मैन्युफैक्चरिंग, फिल्म टेक्नोलॉजी और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर जैसे क्षेत्रों में निवेश, भूमि आवंटन, नीति प्रोत्साहन और प्रशिक्षण सुविधाओं को लेकर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय सेना के मेजर जनरल गौतम महाजन, ब्रिगेडियर एम.एस. रंधावा, ब्रिगेडियर दीपक पुरी, कर्नल मनोजित सिन्हा, लेफ्टिनेंट कर्नल अरिजीत चंद्र सेन से मुलाक़ात की। इस दौरान राज्य सरकार और भारतीय सेना के मिलिट्री कॉलेज ऑफ़ टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के बीच साइबर सुरक्षा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में संयुक्त अनुसंधान एवं विकास के लिये एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। यह समझौता रक्षा एवं नागरिक तकनीकी सहयोग को सुदृढ़ कर मध्यप्रदेश को तकनीकी नवाचार में अग्रणी बनाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एएनएसआर ग्लोबल के सह-संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक  विक्रम आहूजा से मध्यप्रदेश में नया "जीसीसी हब” स्थापित करने के संबंध में चर्चा की। बैठक में हब के लिए उपयुक्त स्थान, कार्यालय अवसंरचना, पूंजी निवेश, प्रशिक्षण एवं भर्ती प्रोत्साहन, जीसीसी पॉलिसी और इंसेंटिव फ्रेमवर्क के तहत सहयोग पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अनंत टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के संस्थापक डॉ. सुब्बाराव पवुलुरी से मुलाक़ात की। इस दौरान डिफेंस क्लस्टर की स्थापना, निवेश प्रोत्साहन, भूमि आवंटन और अवसंरचना विकास पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने वेना इंडिया के निदेशक  गौतम यादव एवं सह-निदेशक  पार्थ सेन गुप्ता से भी वन-टू-वन चर्चा की। प्रतिनिधियों ने बताया कि कंपनी द्वारा इंदौर में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) पहले ही स्थापित किया जा चुका है। मध्यप्रदेश ग्लोबल कैपेबिलिटी नीति 2025 के तहत प्रोत्साहनों और भोपाल-इंदौर जैसे शहरों में भविष्य के विस्तार पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से एमरॉल्ड इन्फ्राइस्पैट लिमिटेड के निदेशक  अनिल ज्ञानचंद भंसाली ने मुलाकात कर बिंदौरी (भोपाल) स्थित EMC-2 में पीसीबी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना के प्रस्ताव पर चर्चा की। एमपी सेमीकंडक्टर नीति-2025 के तहत विद्युत एवं गैर-विद्युत प्रोत्साहनों की मांग, भूमि आवंटन में छूट और राज्य में सेमीकंडक्टर क्षेत्र के विकास अवसरों पर विचार-विमर्श हुआ। थॉमसन सेमीकंडक्टर्स प्रा. लि. के सीईओ डॉ. निवास अनंत ने बताया कि कंपनी प्रदेश में दो बड़ी परियोजनाओं में निवेश करना चाहती है, जिसमें पैकेजिंग-परीक्षण इकाई, ईवी बस और ट्रक मैन्युफैक्चरिंग इकाई शामिल हैं। भूमि आवंटन, पर्यावरण सहायता, ऊर्जा-जल आपूर्ति, लॉजिस्टिक्स सुविधाएँ तथा पीएलआई, फेम, पीएम ई-ड्राइव जैसी योजनाओं के लाभ पर चर्चा हुई। बीवीजी इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक  हनुमंत राव गायकवाड़ ने प्रदेश में वैश्विक ड्रोन एवं रोबोटिक्स क्लस्टर स्थापित करने की इच्छा जताई, जिसमें प्रशिक्षण, परीक्षण और अनुसंधान सुविधाएँ शामिल होंगी। मध्यप्रदेश ड्रोन नीति-2025 के अंतर्गत भूमि, बुनियादी ढांचा, पीएलआई लाभ और विनियामक सहयोग पर विचार हुआ। आर.डब्ल्यू.एस. मोराविया इंडिया प्रा. लि. के सेंटर हेड  विशाल डकोलिया ने बताया कि कंपनी ने इंदौर में अपनी जीसीसी सुविधा का निर्माण पूरा कर लिया है और अब उसका विस्तार करना चाहती है। लाइट एन लाइट ग्रुप के सैयद जावेद अली ने प्रदेश में आधुनिक फिल्म एवं शूटिंग उपकरण विनिर्माण इकाई स्थापित करने का प्रस्ताव दिया। फिल्म पर्यटन नीति, जीएसटी एवं स्टाम्प ड्यूटी छूट, बिजली रियायत और सिंगल विंडो प्रणाली जैसे प्रोत्साहनों पर भी चर्चा हुई। सोलुजेनिक्स के डायरेक्टर  चंद्र कोठापु से निवेश प्रोत्साहनों और भोपाल-इंदौर में विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा की। सोरिंग एयरोटेक प्रा. लि. के प्रतिनिधि  दैविश जैन और डॉ. मनोज देशपांडे से ड्रोन क्लस्टर भूमि आवंटन, ड्रोन नीति-2025, स्टार्टअप नीति तथा स्थानीय विश्वविद्यालयों के साथ स्किल डेवलपमेंट सहयोग पर चर्चा की गई। क्लिनीसप्लाइज लिमिटेड की निदेशक सु प्रेरीता बहेती और ऑपरेशनल हेड  अभिषेक वास्तव से भी चर्चा की। वन-टू-वन चर्चा ने निवेशकों में मध्यप्रदेश के प्रति विश्वास और उत्साह को नई गति दी है। प्रदेश सरकार उद्योगों के लिए अनुकूल नीतियाँ, पारदर्शी प्रक्रियाएँ और मजबूत बुनियादी ढांचा प्रदान करने के लिए संकल्पित है। मध्यप्रदेश अब भारत का तकनीकी और औद्योगिकी हब बनकर उभर रहा है।  

टीम इंडिया की स्पिन स्ट्रैटेजी: सुंदर तीसरे क्रम में, कुल 4 स्पिनर्स शामिल

 कोलकाता भारत और साउथ अफ्रीका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स में शुरू हो चुका है. इस मुकाबले में साउथ अफ्रीका के कप्तान टेम्बा बावुमा ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. यानी शुभमन गिल की अगुवाई वाली भारतीय टीम को पहले गेंदबाजी करनी पड़ी है. इस सबके बीच असली चर्चा इस बात की हो रही है कि टीम इंडिया इस मैच में इतने स्पिनर्स के साथ क्यों उतरी. भारतीय टीम एक नहीं, दो नहीं, तीन नहीं, बल्कि चार स्पिन विकल्पों के साथ ईडन गार्डन्स टेस्ट में भाग ले रही है. टीम इंडिया की प्लेइंग-11 देखकर कई फैन्स हैरान रह गए. चौंकाने वाली बात थी वॉशिंगटन सुंदर की टीम में मौजूदगी, जिन्हें साई सुदर्शन पर प्राथमिकता मिली. सुंदर को सिर्फ स्पिनर के तौर पर नहीं, बल्कि एक ऐसे खिलाड़ी के रूप में खिलाया गया है जो नंबर-3 पर बल्लेबाजी भी कर सकते हैं. सुंदर के इस मैच में तीसरे नंबर पर बैटिंग करने की ज्यादा संभावना है, क्योंकि टीम लिस्ट में उनका नाम इसी नंबर पर है. रवींद्र जडेजा, अक्षर पटेल और कुलदीप यादव के रूप में भी भारत के पास स्पिन ऑप्शन मौजूद हैं. टीम इंडिया का यह कॉम्बिनेशन इस बात का साफ संकेत देता है कि मैच के पहले ही दिन से पिच स्पिनर्स की मदद कर सकती है. वैसे भी टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर उन खिलाड़ियों पर ज्यादा भरोसा करते हैं, जो गेंद के साथ-साथ बल्ले से भी योगदान देने में माहिर हों. ऋषभ पंत का भी हुआ कमबैक भारतीय टीम के लिए इस मैच में विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत भी खेल रहे हैं, जो अच्छी खबर है. इंग्लैंड दौरे पर मैनचेस्टर टेस्ट के दौरान दाएं पैर के अंगूठे में चोट लगने के बाद ऋषभ ओवल टेस्ट और वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज से बाहर हो गए थे. उनकी मौजूदगी टीम इंडिया की बैटिंग लाइनअप को मजबूत बनाती है और मिडिल ऑर्डर में एक्स-फैक्टर भी जोड़ती है. ध्रुव जुरेल भी प्लेइंग-11 में जगह बनाने में कामयाब रहे हैं. वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज में नंबर-3 पर अच्छी बैटिंग करने वाले साई सुदर्शन को बाहर रखना हैरतभरा रहा. उनके बाहर होने से साफ है कि टीम मैनेजमेंट बल्लेबाजी में स्थिरता से ज्यादा ऑलराउंडर्स को प्राथमिकता दे रहा है.वॉशिंगटन सुंदर का टीम में आना उसी रणनीति का हिस्सा है. काफी अरसे बाद ऐसा देखने को मिला है, जब भारतीय टीम किसी टेस्ट मैच में इतने स्पिनरों के साथ उतरी हो. यह फैसला इस पिच की प्रकृति बताता है, जो पहले दिन से ही स्पिनरों के मुफीद लग रही है. जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज के रूप में भारत के पास पेस विकल्प भी मौजूद हैं. दोनों नई गेंद से जिम्मेदारी संभाल रहे हैं और जल्द विकेट लेने की कोशिश करेंगे. साउथ अफ्रीका की टीम ने भी इस मैच में स्पिन का दांव खेला है. केशव महाराज, सेनुरन मुथुसामी और साइमन हार्मर की फिरकी भारतीय बल्लेबाजों को परेशान कर सकती है. तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा इंजरी के चलते बाहर हैं, जिसके कारण साउथ अफ्रीका की तेज गेंदबाजी थोड़ी कमजोर पड़ गई है. मार्को जानसेन, कॉर्बिन बॉश और वियान मुल्डर जैसे ऑलराउंडर्स का रोल अहम हो जाएगा. भारत की प्लेइंग-11: केएल राहुल, यशस्वी जायसवाल,  वॉशिंगटन सुंदर, शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (विकेटकीपर), ध्रुव जुरेल, रवींद्र जडेजा, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, जसप्रीत बुमराह साउथ अफ्रीका की प्लेइंग-11: एडेन मार्करम, रयान रिकेल्टन, वियान मुल्डर, टेम्बा बावुमा (कप्तान), टोनी डी जोरजी, ट्रिस्टन स्टब्स, काइल वेरेने (विकेटकीपर), साइमन हार्मर, मार्को जानसेन, कॉर्बिन बॉश और केशव महाराज.

केरला फेस्ट: सांस्कृतिक एकीकरण का शानदार प्रतीक — राज्यपाल मंगुभाई पटेल

केरला फेस्ट: सांस्कृतिक एकीकरण का शानदार प्रतीक — राज्यपाल मंगुभाई पटेल मंगुभाई पटेल बोले: केरला फेस्ट भारत की सांस्कृतिक एकता का जीवंत उदाहरण मलयाली समुदाय का जड़ों से जुड़ाव प्रेरणादायी- विधानसभा अध्यक्ष  तोमर भोपाल  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा है कि “केरला फेस्ट” सांस्कृतिक एकीकरण और भाईचारे की भावना का जीवंत उदाहरण हैं। मनोरंजन और सांस्कृतिक प्रदर्शन के अवसर के साथ ही केरल और मध्यप्रदेश के बीच समरसता का सशक्त सेतु है, जो मध्यप्रदेश को अपनी कर्म भूमि बनाने वाले मलयाली बहनों-भाइयों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का उत्सव और हमारे देश की विविधता में एकता की भावना का सुंदर प्रतीक है। राज्यपाल  पटेल केरला फेस्ट सेकण्ड ऐडिशन के शुभारंभ कार्यक्रम में जन समुदाय को  स्थानीय दशहरा मैदान में गुरूवार को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष  नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि मलयाली समुदाय का जड़ों से जुड़ाव अपनी भूमि संस्कृति और निष्ठा का आग्रह सभी के लिए प्रेरणादायी और अनुकरणीय है। कार्यक्रम में सचिव जल संसाधन विकास  जॉन किंगस्ली भी मंचासीन थे। राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा है कि मध्यप्रदेश के विकास में मलयाली समुदाय का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण, प्रेरणादायक और सराहनीय रहा है। मलयाली समुदाय ने प्रशासन और सेवा क्षेत्र में भी अपनी कार्यकुशलता और ईमानदारी से प्रदेश मे विशिष्ट पहचान कायम की है। प्रदेश में डॉक्टर, नर्स और शिक्षक के रूप में अनुशासन, परिश्रम, शिक्षा और सेवा की उत्कृष्ट भावना के साथ असंख्य लोगों के जीवन को बेहतर बनाया है। सरकारी सेवाओं, बैंकिंग और वित्तीय संस्थानों में उनकी सक्रिय भूमिका ने राज्य के प्रशासनिक और आर्थिक विकास को नई दिशा दी है। मलयाली समुदाय ने सामाजिक और मानवता की सेवा में भी हमेशा अग्रणी भूमिका निभाई है। प्रदेश के मलयाली समुदाय ने राज्य के विकास में योगदान के साथ ही अपने सांस्कृतिक मूल्यों को सहेज कर राज्य की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया है। समाज के साथ-साथ समग्र मानवता की सेवा के लिए समर्पित भाव से कार्य करने के लिए युनाईटेड मलयाली एसोसिएशन को बधाई दी। विधानसभा अध्यक्ष  नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि मलयाली समुदाय कर्तव्यनिष्ठ समाज है इसीलिए साक्षरता और स्वच्छता में देश में अग्रणी है। समुदाय ने सेवा, समर्पण, रचनात्मक सृजनशीलता, सांस्कृतिक गतिविधियों और कार्य क्षेत्र में कर्तव्य परायणता से विशिष्ट स्थान बनाया है। उनकी नेक नियति और कार्य संस्कृति ने सभी को प्रभावित किया है। उन्होंने मध्यप्रदेश कॉडर के पूर्व आई.ए.एस. अधिकारी के द्वारा भोपाल जहाँ नौकरी के लिए आने वाले लोग बस जाते हैं वैसे शहर में बसने के बजाए अपने केरल स्थित छोटे से घर में बसने के निर्णय की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि मलयाली समुदाय का अपनी संस्कृति के प्रति समर्पण का ही प्रमाण केरल से इतनी दूर रहकर भी उन्होंने अपने जीवन मूल्यों और परंपराओं को जीवंत बनाएं रखा है। मुख्य महाप्रबंधक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया प्रबाश कुमार सुबुदि ने कहा कि गोड्स ओन कन्ट्री के कलर्स और फ्लेवर का प्रतीक केरला फेस्ट है। उन्होंने कहा कि मलयाली समुदाय जहाँ भी जाता है अपने सांस्कृतिक जीवन मूल्यों को लेकर जाता है। वह भारत की विविधता में एकता के सच्चे राजदूत हैं। उन्होंने कहा कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया विकास में सहयोग के लिए सामुदायिक प्रगति और सांस्कृतिक सद्भाव को बढ़ाने के हर गतिविधि को सदैव प्रोत्साहित करता है।  नाबार्ड की मुख्य महाप्रबंधक मती सी. सरस्वती ने कहा कि मलयाली समुदाय सांस्कृतिक चेतना, प्राकृतिक सौंदर्य, कला, परंपरा, अनुशासन और सोहार्द्र के लिए प्रसिद्ध है। केरल के वस्त्र, व्यंजन, कलाओं ने भारत की सांस्कृति धरोहर को समृद्ध किया है। समुदाय अपनी जड़ो को किस प्रकार जीवंत रख सकता है केरला फेस्ट का आयोजन उसका प्रमाण है। उन्होंने बताया कि नाबार्ड ने ग्रामीण कौशल, सृजनशीलता को बढ़ाने और स्व-सहायता समूहों के आत्म विश्वास और स्वावलंबन को मजबूत करने के लिए फेस्ट में 10 स्टाँलो को एस.एच.जी के लिए प्रायोजित किया है। युनाइटेड मलयाली एसोसिएशन के अध्यक्ष ओ.टी. जोसेफ ने स्वागत उद्बोधन में बताया की संस्था चार दशकों से संस्कृति संवर्धन, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका के क्षेत्रों में सहयोग के साथ ही मानवता की सेवा प्रयासों, विद्यालयों, आश्रय गृहों की मरम्मत, मोबाइल मर्च्युरी और अंत्येष्टी सहायता भी प्रदान करती है। आभार प्रदर्शन ऐसोसिएशन के उपाध्यक्ष  अनिल कुमार ने किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में मलयाली समुदाय की महिलाओं ने केरल के लोक नृत्य की प्रस्तुति दी। अतिथियों को केरल के सांस्कृतिक प्रतीक हाथी के मस्तक पर शोभित किए जाने वाले आभूषण नेट्टी-पट्टम स्मृति स्वरूप भेंट किया गया। स्वागत पुष्प गुच्छ से किया गया। अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलन से शुभारंभ हुआ।       

भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती गरिमामय रूप से मनाई जायेगी, कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव होंगे शामिल

जबलपुर में होगा मुख्य कार्यक्रम जिला स्तर के कार्यक्रमों के लिए अतिथि हुए तय भोपाल  धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती गरिमामय रूप से मनाई जायेगी। जनजातीय गौरव दिवस का राज्य स्तरीय कार्यक्रम 15 नवम्बर को जबलपुर में होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह और लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह शामिल होंगे। जिला स्तर के कार्यक्रमों में विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ग्वालियर, उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल रीवा में, नगरीय विकास, आवास एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय धार, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेलभिण्ड, राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मासीहोर, परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंहनरसिंहपुर, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती सम्पतिया उइके मण्डला, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट इंदौर, किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री एदल सिंह कंषानामुरैना, महिला बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया झाबुआ, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिहं राजपूत सागर, खेल, युवा कल्याण एवं सहकारिता मंत्री श्री विश्वास सारंग रायसेन, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण एवं उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह शाजापुर, अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहानअलीराजपुर, ऊर्जा श्री प्रद्युम्न सिंह तोमरमंत्री शिवपुरी, नवीन एवं नवकरणीय मंत्री ऊर्जा श्री राकेश शुक्लाअशोक नगर, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य काश्यपरतलाम, उच्च शिक्षा, आयुष, तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार आगर-मालवा, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण,विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु कल्याण स्वतंत्र प्रभार श्रीमती कृष्णा गौरभोपाल, संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास और धर्मस्व स्वतंत्र प्रभार श्री धर्मेद्र भाव सिंह लोधीदमोह, कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री स्वतंत्र प्रभार श्री दिलीप जायसवालअनूपपुर, कौशल विकास एवं रोजगार स्वतंत्र प्रभार मंत्री श्री गौतम टेटवालउज्जैन, पशुपालन एवं डेयरी स्वतंत्र प्रभार मंत्री श्री लखन सिंह पटेलविदिशा, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास स्वतंत्र प्रभार मंत्री श्री नारायण सिंह पंवारराजगढ़ राज्यमंत्री लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याणश्री नरेन्द्र शिवाजी पटेलबैतूल, राज्यमंत्री नगरीय विकास एवं आवास श्रीमती प्रतिमा बागरीसतना, राज्यमंत्री वनएवं पर्यावरण श्री दिलीप अहिरवारछतरपुर एवंराज्यमंत्री पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्रीमती राधा सिंहसिगरौली में उपस्थित होंगी। सांसद श्री वी.डी. शर्मा कटनी, सांसद श्रीमती हिमाद्री सिंह शहडोल, सांसद श्रीमती संध्या राय दतिया, सांसद श्री ज्ञानेश्वर पाटिल खण्डवा, सांसद श्रीमती भारती पारधी बालाघाट, सांसद श्री गजेन्द्र सिंह पटेल खरगौन, सांसद डॉ. राजेश मिश्रा सीधी, सांसद श्री जनार्दन मिश्रा मऊगंज, सांसद श्री विवेक 'बंटी' साहू छिन्दवाड़ा, सांसद श्री फग्गन सिंह कुलस्ते सिवनी, सांसद श्री शिवमंगल सिंह तोमर श्योपुर, सांसद श्री सुधीर गुप्ता नीमच, सांसद श्री दर्शन सिंह चौधरी नर्मदापुरम, सांसद श्री बंशीलाल गुर्जर मंदसौर, सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी बड़वानी एवं सांसद श्रीमती माया नरोलिया पांढुर्णा में उपस्थित रहेंगी। साथ ही विधायक श्रीमती अर्चना चिटनीस बुरहानपुर, विधायक श्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह पन्ना, विधायक सुश्री मीना सिंह मांडवे उमरिया, विधायक श्री हरिशंकर खटीक टीकमगढ़, विधायक श्री ओमप्रकाश ध्रुवे डिंडौरी, विधायक श्री श्रीकांत चतुर्वेदी मैहर, विधायक श्री पन्नालाल शाक्य गुना, विधायक श्रीमती गायत्रीराजे पंवार देवास, विधायक श्री अनिल जैन निवाड़ी एवं जिला पंचायत अध्यक्ष श्री गजेन्द्र शाह हरदा में उपस्थित रहेंगे।  

“हॉट सीटों पर शुरू हुई तगड़ी काउंटिंग: मंगल पांडे–राम कृपाल पीछे, लेसी सिंह पिछड़ी, श्रेयसी सिंह आगे”

पटना   बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की मतगणना शुरू हो चुकी है. शुरुआती रुझानों में एनडीए को बढ़त मिलती दिख रही है. आज तय हो जाएगा कि बिहार की गद्दी पर कौन बैठने वाला है. एनडीए और महागठबंधन दो छोर पर खड़े हैं और नीतीश-तेजस्वी में कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है. सूबे की 243 सीटों के लिए हुए दो चरणों में पड़े वोटों की गिनती 46 केंद्रों पर हो रही है. नीतीश कुमार ने पूरे जोश-ओ-खरोश के साथ जीत का दम भरा है, तो वहीं तेजस्वी यादव ने भी 18 नवंबर को शपथ लेने का दावा किया है. एग्जिट पोल में महिलाओं और ओबीसी का समर्थन एनडीए को मिलने की संभावना जताई गई है. एग्जिट पोल के मुताबिक, एनडीए को महिलाओं, ओबीसी और ईबीसी वर्ग का मजबूत समर्थन मिला है. चुनाव नतीजे तय करेंगे कि सत्ता नीतीश की रहेगी या तेजस्वी बिहार के मुस्तकबिल की नई कहानी लिखेंगे.  सबसे पहले पोस्टल बैलेट की गिनती और इसके बाद EVM की गिनती हो रही है. 243 सीटों में बहुमत के लिए 122 सीटें जरूरी हैं. वोटों की गिनती के मद्देनजर प्रशासन ने सभी जिलों में सुरक्षा के जरूरी इंतजाम किए हैं. चुनाव आयोग भी अपने स्तर पर सभी तरह की तैयारियां कर चुका है. महुआ विधानसभा सीट पर आज मतगणना शुरू हो गई है. यह सीट बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की सबसे चर्चित सीटों में से एक मानी जा रही है. यहां मुकाबला है जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष और लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव और राजद प्रत्याशी मुकेश रौशन और एलजेपी के संजय सिंह के बीच है. तेज प्रताप यादव ने 2015 में यहीं से जीतकर पहली बार विधानसभा में कदम रखा था. 2020 में वे हसनपुर सीट से विधायक बने थे, लेकिन इस बार राजद से अलग होकर अपनी नई पार्टी बनाकर दोबारा महुआ से चुनाव मैदान में उतरे हैं. वहीं, मुकेश रौशन 2020 में राजद के टिकट पर महुआ से जीत चुके हैं और इस बार सीट बचाने की कोशिश में हैं. महुआ में इस बार भाई बनाम पार्टी का दिलचस्प मुकाबला है.  शुरुआती रुझानों में सत्तारूढ़ एनडीए ने 160 सीटों पर बढ़त बनाते हुए आसानी से बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. तेजस्वी यादव की आरजेडी के नेतृत्व वाला महागठबंधन 74 सीटों पर आगे चल रहा है और दूसरे पायदान पर है. गौर करने वाली बात यह है कि प्रशांत किशोर की नई नवेली जन सुराज पार्टी (JSP) तीन सीटों पर आगे चल रही है और असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM एक सीट पर आगे चल रही है. > 9:24 बजे तक के रुझानों के मुताबिक, बीजेपी को बहुमत मिल गई है और 138 सीटों पर आगे चल रही है. वहीं महागठबंधन 76 सीटों पर बढ़त में है. > 9 बजे तक के रुझानों में कांग्रेस पार्टी 8 सीटों पर बढ़त बनाए हुई है. वीआईपी को एक सीट मिलता नजर आ रहा है. जबकि गठबंधन की अन्य पार्टियां चार सीटों पर आगे चल रही हैं. > बिहार चुनाव में बीजेपी और आरजेडी के बीच मुकाबला मजबूत है. 9 बजे तक के अपडेट के मुताबिक, एनडीए बीजेपी 68 सीटों पर आगे है, जबकि आरजेडी 56 सीटों पर बढ़त बनाए हुई है. > रुझानों में एनडीए आगे: बिहार चुनाव में वोटों की गिनती शुरू होती है रुझान आने शुरू हो गए हैं. पोस्टल बैलेट में एनडीए को बढ़त मिलती दिख रही है. > बदलाव होगा, बदलाव होगा: महागठबंधन के सीएम फेस तेजस्वी यादव ने कहा, "बदलाव होगा, बदलाव होगा. बिहार में नौकरी वाली युवाओं की सरकार आएगी."     > लखीसराय में कड़ी टक्कर: बिहार के लखीसराय विधानसभा क्षेत्र में 6 नवंबर को मतदान हुआ, जिसमें बीजेपी नेता और बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, कांग्रेस के अमरेश कुमार और प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी (जेएसपी) के सूरज कुमार के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है. > महुआ में तेज प्रताप यादव का त्रिकोणीय मुकाबला: लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव महुआ विधानसभा सीट पर त्रिकोणीय मुकाबले का सामना कर रहे हैं. उनका मुकाबला मौजूदा आरजेडी विधायक मुकेश रौशन और एनडीए समर्थित लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के संजय सिंह से है. महुआ में कभी आरजेडी का चेहरा रहे तेज प्रताप अपने नए बैनर जनशक्ति जनता दल के तहत जीत हासिल करते हैं या नहीं. > मतदान के दो चरणों में, बिहार में रिकॉर्ड 66.91 फीसदी वोटिंग हुई, जो 1951 के बाद से सबसे ज्यादा है. यह उछाल उस सूबे में निर्णायक साबित हो सकता है. पटना, गया, दरभंगा, मुजफ्फरपुर और भोजपुर जैसे जिलों की कई सीटें बेहद रोमांचक बन गई हैं जहां बढ़त 500 से 2,000 वोटों के बीच लगातार ऊपर-नीचे हो रही है. इन सीटों ने दोनों गठबंधनों की धड़कन बढ़ा दी है. तेजस्वी यादव की कोर युवा समर्थन वाली सीटों पर महागठबंधन ने शुरुआत में दम दिखाया है, जबकि एनडीए का प्रदर्शन उन सीटों पर मजबूत दिख रहा है जहां महिलाओं की भागीदारी अधिक रही थी. लेफ्ट दलों की 20 सीटों पर भी रुझान दिलचस्प हैं. CPI(ML), CPI और CPM इन इलाकों में अच्छी चुनौती दे रहे हैं. कई सीटों पर लेफ्ट उम्मीदवार RJD, BJP और JD(U) के दिग्गजों को कड़ी टक्कर दे रहे हैं. वर्ष 2020 में लेफ्ट ने 12 सीटें जीती थीं और इस बार भी शुरुआती रुझान संकेत दे रहे हैं कि उनका आधार कमजोर नहीं हुआ है. दिघा, फुलवारी, पलिगंज, मटिहानी और कर्घहर जैसी सीटों पर भी मतगणना चल रही है. हर राउंड में बढ़त बदल रही है. कुछ सीटों पर यह मुकाबला त्रिकोणीय और चौकोर भी हो गया है जहां लोजपा (RV) और जन सुराज उम्मीदवार भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. एनडीए और महागठबंधन दोनों के प्रमुख नेता अपने-अपने वॉर रूम से लगातार अपडेट ले रहे हैं. रात तक तस्वीर साफ होने की उम्मीद है, लेकिन अभी जो माहौल है उससे इतना तय है कि मुकाबला अंतिम राउंड तक खिंच सकता है. काउंटिंग के मद्देनजर टाइट सिक्योरिटी: गया जी के एसएसपी आनंद कुमार ने बताया, "मतगणना आज सुबह 8 बजे शुरू हो रही है, सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. हर स्ट्रांग रूम के चारों ओर तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था है. सभी प्रवेश द्वारों और आसपास के संवेदनशील इलाकों में पर्याप्त … Read more

अटलांटिक महासागर की धारा रुकने से यूरोप में ठंड का कहर, भारत-अफ्रीका पर भी असर

 नई दिल्ली अटलांटिक महासागर की मुख्य समुद्री धारा (Ocean Current) जो यूरोप और कई महाद्वीपों को गर्म रखती है वो खत्म हो रही है. यानी ठंडी हो रही है. इसे आइसलैंड ने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बता दिया है. यह धारा अगर रुक गई तो पूरे यूरोप में फिर से हिमयुग आ सकता है. यानी चारों तरफ बर्फ ही बर्फ.  आइसलैंड के जलवायु मंत्री जोहान पाल जोहानसन ने कहा कि यह देश की अस्तित्व के लिए खतरा है. सरकार अब सबसे बुरे हालात के लिए योजना बना रही है. क्योंकि आइसलैंड एकदम नॉर्थ पोल पर ही है. सबसे बुरा असर उसे ही होगा.  अटलांटिक धारा क्या है और क्यों महत्वपूर्ण? अटलांटिक मेरिडियनल ओवरटर्निंग सर्कुलेशन (AMOC) नाम की यह धारा गर्म पानी को उष्णकटिबंधीय क्षेत्र से आर्कटिक की ओर ले जाती है. इससे यूरोप के सर्दियां हल्की रहती हैं. लेकिन जलवायु परिवर्तन से आर्कटिक की बर्फ पिघल रही है. ग्रीनलैंड की बर्फीली चादर से ठंडा पानी समुद्र में बह रहा है. वैज्ञानिक कहते हैं कि यह ठंडा पानी धारा को बाधित कर सकता है. अगर AMOC ढह गई, तो उत्तरी यूरोप में सर्दियों का तापमान बहुत गिर जाएगा. बर्फ और बर्फीले तूफान बढ़ जाएंगे. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह धारा पहले भी ढह चुकी है. लगभग 12,000 साल पहले आखिरी बर्फीले युग से पहले यही हुआ था. आइसलैंड की चिंता: पहली बार जलवायु खतरे को सुरक्षा मुद्दा बनाया मंत्री जोहानसन ने कहा कि यह हमारी राष्ट्रीय मजबूती और सुरक्षा के लिए सीधा खतरा है. यह पहली बार है जब किसी खास जलवायु घटना को राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सामने अस्तित्व का खतरा बताया गया. अब सभी मंत्रालय सतर्क हैं और जवाब तैयार कर रहे हैं. सरकार शोध, नीतियां और आपदा तैयारी पर काम कर रही है. खतरों में ऊर्जा और भोजन सुरक्षा, बुनियादी ढांचा और अंतरराष्ट्रीय परिवहन शामिल हैं. जोहानसन ने कहा कि समुद्री बर्फ जहाजों को रोक सकती है. चरम मौसम कृषि और मछली पकड़ने को नुकसान पहुंचा सकता है, जो हमारी अर्थव्यवस्था और भोजन के लिए जरूरी हैं. आइसलैंड इंतजार नहीं कर सकता. वैश्विक प्रभाव: सिर्फ यूरोप नहीं, पूरी दुनिया प्रभावित AMOC के ढहने का असर उत्तरी यूरोप से कहीं आगे जाएगा. अफ्रीका, भारत और दक्षिण अमेरिका के किसानों पर वर्षा पैटर्न बिगड़ सकती है. अंटार्कटिका में गर्मी तेज हो सकती है, जहां बर्फ पहले ही खतरे में है. वैज्ञानिक चेतावनी दे रहे हैं कि अगले कुछ दशकों में घटना पूरी हो जाएगी, क्योंकि वैश्विक तापमान बढ़ रहा है. फिनलैंड के मौसम विज्ञान संस्थान के वैज्ञानिक एलेक्सी नुमेलिन ने कहा कि कब होगा, इस पर बहुत शोध हो रहा है. लेकिन समाज पर असर के बारे में कम जानकारी है. जर्मनी के पॉट्सडैम इंस्टीट्यूट के स्टेफन राह्मस्टॉर्फ ने कहा कि विज्ञान तेजी से बदल रहा है. समय कम है, क्योंकि टिपिंग पॉइंट करीब आ रहा है. अन्य देशों की प्रतिक्रिया: शोध बढ़ा रहे हैं उत्तरी यूरोप के अन्य देश भी सतर्क हैं. आयरलैंड के मौसम विभाग ने प्रधानमंत्री और संसदीय समिति को जानकारी दी है. नॉर्वे का पर्यावरण मंत्रालय नया शोध कर रहा है. ब्रिटेन ने 81 मिलियन पाउंड से ज्यादा शोध के लिए दिए.  नॉर्डिक काउंसिल ने अक्टूबर में 60 विशेषज्ञों के साथ "नॉर्डिक टिपिंग वीक" कार्यशाला की. वे समाज पर असर की सिफारिशें तैयार कर रहे हैं. सोमवार को 30 से ज्यादा विश्वविद्यालयों के वैज्ञानिकों ने पृथ्वी की बर्फ पिघलने पर चेतावनी दी.  आगे क्या? तत्काल कार्रवाई जरूरी आइसलैंड ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन बढ़ने और गर्मी तेज होने के बीच जोखिम नहीं ले रहा. सरकार जलवायु अनुकूलन योजनाओं में जोखिमों को शामिल कर रही है. विशेषज्ञ कहते हैं कि समाज को प्रभाव समझने के लिए ज्यादा शोध चाहिए. यह मुद्दा दिखाता है कि जलवायु परिवर्तन अब सिर्फ पर्यावरण नहीं, बल्कि सुरक्षा का सवाल है.

आज शुक्रवार से भोपाल में फजिर की नमाज के साथ 78वां आलमी तब्लीगी इज्तिमा

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के ईंटखेड़ी स्थित घासीपुरा में आज  से शुरू हो रहा 78वां आलमी तब्लीगी इज्तिमा (Ijtema 2025 Tablighi Jamaat) इस बार तकनीक और परंपरा का अनोखा संगम लेकर आ रहा है। दुनिया के सबसे बड़े मुस्लिम धार्मिक सम्मेलन में पहली बार क्यूआर कोड आधारित व्यवस्था लागू की गई है। इससे न केवल सेवादारों को अपनी जिम्मेदारी समझने में आसानी होगी, बल्कि आयोजन स्थल की संपूर्ण जानकारी भी डिजिटल रूप से उपलब्ध रहेगी। इज्तिमा के प्रवक्ता उमर हफीज बताते हैं कि पहला आधिकारिक इज्तिमा 1947 में हुआ था, इसलिए यह 79वां आलमी इज्तिमा है, लेकिन कोरोना काल में साल 2020 में यह आयोजन नहीं हो सका था, इसलिए यह 78वां आयोजन है। उमर हफीज बताते हैं विदेश से कोई जमात नहीं आती, बल्कि व्यक्तिगत रूप से लोग इस इज्तिमा में शामिल होने आते हैं। पहले उनका पुलिस वेरीफिकेशन होता है। इसके बाद ही समागम में शामिल होने की अनुमति दी जाती है। स्कैन करते ही इज्तिमा का डिजिटल नक्शा खुल जाएगा इज्तिमा स्थल पर तीस हजार से अधिक वालेंटियर को विशेष क्यूआर कोड वाले पहचान पत्र दिए गए हैं, जिनमें नगर निगम के पांच हजार और 25 हजार स्वयंसेवक शामिल रहेंगे, जो रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और इज्तिमा स्थल जाने वाले प्रमुख मार्गों पर तैनात किए गए हैं। इस कार्ड को स्कैन करते ही मोबाइल पर पूरा इज्तिमा परिसर का डिजिटल नक्शा खुल जाएगा, जिसमें यह जानकारी होगी कि कौन सी जमात किस क्षेत्र में ठहरी है, किस जगह जरूरी सामान, पानी या चिकित्सा सुविधा उपलब्ध है, सफाई या सुरक्षा से जुड़ी टीमें कहां-कहां तैनात हैं। आयोजन समिति के अनुसार, यह सिस्टम भीड़ प्रबंधन में अहम भूमिका निभाएगा और किसी भी आपात स्थिति में मदद पहुंचाने में समय की बचत होगी। इस सुविधा से लोग परेशान होने से बचेंगे और उन्हें सटीक जानकारी मिल सकेगी। इज्तिमा में 12 लाख से अधिक लोगों के आने संभावना चार दिवसीय यह मजहबी समागम 14 नवंबर आज फजिर की नमाज के साथ आरंभ हुआ  और 17 नवंबर को सामूहिक दुआ के साथ संपन्न होगा। देशभर की जमातों और विदेशों से व्यक्तिगत रूप से आने वाले मुस्लिम नागरिक बड़ी संख्या में शामिल होंगे। दुआ के आखिरी दिन करीब 12 लाख जमातियों के आने का अनुमान लगाया जा रहा है। जीरो वेस्ट और ग्रीन थीम के साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम इस बार का इज्तिमा ‘जीरो वेस्ट’ थीम पर आधारित है। प्रवक्ता उमर हफीज के अनुसार, प्लास्टिक और डिस्पोजल वस्तुओं पर पूरी तरह प्रतिबंध है। नगर निगम और ग्राम पंचायतों के सहयोग से पूरे आयोजन को ‘ग्रीन एंड क्लीन इज्तिमा’ बनाने की योजना है। कचरा प्रबंधन विशेषज्ञ सैयद इम्तियाज अली ने बताया कि इस बार उत्पन्न होने वाला कचरा 180 मीट्रिक टन से घटाकर 120 मीट्रिक टन तक सीमित रखने का लक्ष्य है। इस समागम में पहली बार इज्तिमा स्थल के आसपास की आठ ग्राम पंचायतें सफाई समेत अन्य व्यवस्थाओं में सहयोग कर रही है। वहीं दूसरी ओर वुजू में प्रतिदिन खर्च होने वाले 90 लाख लीटर पानी को कम करने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। बायोमेडिकल वेस्ट और गंदे पानी का ट्रीटमेंट और रीसाइक्लिंग की जाएगी। इज्तिमा कल से, परिवर्तित रहेंगे कई मार्ग भोपाल से लगभग 20 किलोमीटर दूर स्थित ईंटखेड़ी के ग्राम घासीपुरा में 14 से 17 नवंबर तक चार दिनी आलमी तब्लीगी इज्तिमा का आयोजन होगा। इसमें देश के विभिन्न भागों से बडी संख्या में धर्मावलंबी सम्मलित होंगे, जो रेलवे स्टेशन, पुराने शहर के विभिन्न क्षेत्रों से कार्यक्रम स्थल तक पहुचेंगे। अंतिम दिन सामूहिक दुआ में शहर से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे। सुबह छह बजे से पुराना शहर से इज्तिमा स्थल की ओर आवागमन करने वाले मार्गों जैसे-मुबारकपुर से पटेल नगर नया बायपास, गांधी नगर से अयोध्यानगर बायपास, रत्नागिरी, लाम्बाखेड़ा से करोंद भोपाल टाकीज, पीरगेट, मोती मस्जिद, रायल मार्केट, लालघाटी चौराहा, नादरा बस स्टैंड, भोपाल मुख्य रेलवे स्टेशन, अल्पना तिराहा, भारत टाकीज, बोगदापुल आदि क्षेत्रों में भारी संख्या में जनसमुदाय एवं वाहनों के सड़कों पर होने से अत्यधिक यातायात दबाव रहेगा। आमजन से अनुरोध है कि पुराने शहर और इज्तिमा स्थल की ओर आने-जाने हेतु अन्य वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन से आवागमन करने का मार्ग भोपाल से एयरपोर्ट जाने वाले वाहन वीआइपी रोड, लालघाटी होकर एयरपोर्ट की ओर आवागमन कर सकेंगे। भोपाल शहर से मुख्य रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाले वाहन रोशनपुरा, लिंक रोड -दो, बोर्ड आफिस, चेतक ब्रिज से प्रभात चौराहा, 80 फीट रोड होकर प्लेटफार्म क्रमांक-एक की ओर आवागमन कर सकेंगे। शहर में यात्री बसों का डायवर्सन     सागर, छतरपुर, दमोह, रायसेन, होशंगाबाद, जबलपुर, छिंदवाड़ा, बैतूल की ओर से आने वाली बसें 11 मील, मिसरोद, आरआरएल तिराहा, हबीबगंज नाका, सांची दुग्ध संघ होते हुए आईएसबीटी बस स्टैंड की ओर आवागमन कर सकेंगे।     विदिशा से आने वाली बसें सूखी सेवानिया, चौपड़ा बायपास, से भानपुर चौराहा भानपुर रोटरी पर समाप्त होंगी।     बैरसिया से आने वाली बसें गोलखेडी से तारासेवनिया, परवलिया, मुबारकपुर बायपास, खजूरी बायपास से बैरागढ़ हलालपुर बस स्टैंड पर समाप्त होंगी।  

पेंच में बना दुनिया का सबसे बड़ा बाघ स्टैच्यू, मोगली लैंड को पीछे छोड़ा मध्य प्रदेश में अनावरण: पेंच टाइगर रिजर्व में दुनिया की हाईएस्ट टाइगर प्रतिमा

सिवनी  मध्य प्रदेश के सिवनी पेंच टाइगर रिजर्व के बफर जोन में कबाड़ के जुगाड़ से दुनिया का सबसे बड़ा बाघ का स्टेच्यू बनाया है. जिसका अनावरण बुधवार को मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने किया है. पेंच टाइगर रिजर्व का दावा है कि अब तक सबसे बड़ी बाघ की मूर्ति अमेरिका के जॉर्जिया प्रांत में थी लेकिन अब उससे बड़ी प्रतिमा कबाड़ के जुगाड़ से पेंच टाइगर रिजर्व प्रबंधन के द्वारा तैयार करवाई गई है. अमेरिका को पछाड़कर बनाया सबसे बड़ा बाघ का स्टेच्यू मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिवनी में आयोजित कार्यक्रम में सिंगल क्लिक से पेंच टाइगर रिजर्व के खवासा पर्यटन गेट पर लोहे के कबाड़ से बनाई गई 40 फीट लंबी, 8 फीट चौड़ी और 17.5 फीट ऊंची बाघ की मूर्ति का अनावरण किया. पेंच टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर रजनीश कुमार ने बताया कि ''इंटरनेट में उपलब्ध वर्ल्ड रिकार्ड एकेडमी के अनुसार दुनिया में सबसे बड़ी बाघ की मूर्ति अब तक अमेरिका के जॉर्जिया राज्य में है, जो 8 फिट ऊंची और 14 फिट लंबी है. जबकि इस लिहाज से अब सबसे बड़ी आकृति का तमगा हमारे पास है.'' मिशन लाइफ के तीन सूत्रों पर बनाई गई आकृति पेंच टाइगर रिजर्व के उपसंचालक रजनीश कुमार ने बताया कि, ''मिशन लाइफ के अंतर्गत पीएम द्वारा तीन आर (3R) सूत्रों, रिड्यूस (Reduce), रियूस (Ruse) एवं रिसाईकल (Recycle) के भावना के अंतर्गत पेंच टाइगर रिजर्व में लोहे के स्क्रैप मटेरियल से दुनिया की सबसे बड़ी बाघ प्रतिमा का निर्माण किया गया है. जनवरी में लोहे के अनुपयोगी सामग्रियों जैसे पुरानी साइकिल, पाइप, जंग लगी लोहे की चादरें जैसी कई सामग्रियों से प्रतिमा का निर्माण प्रारम्भ किया गया था. मेक इन इंडिया के लोगों से मिली थी प्रेरणा पेंच टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर ने बताया कि, ''प्रधानमंत्री ने मेक इन इंडिया का प्रतीक चिन्ह एक शेर को बनाया था और वह सिंह भी लोहे के कबाड़ से बना डिजाइन था. उसी से प्रेरणा लेकर लोहे के स्‍क्रैप मटेरियल के इस बाघ की कलाकृति बनाने का प्लान किया गया था.'' सामूहिक प्रयासों की मिसाल है मूर्ति पेंच टाइगर रिजर्व प्रबंधन का कहना है कि, जो कभी कबाड़ था, आज वही 40 फीट का बल, 17.5 फीट की गरिमा और 8 फीट के गर्व के रूप में खड़ा है. खवासा गेट पर स्थानीय कलाकारों के साथ ऋषभ कश्यप के नेतृत्व में और वनकर्मियों के सहयोग से तैयार, कबाड़ से निर्मित विशाल बाघ मात्र एक मूर्ति नहीं, यह सामूहिक प्रयास की शक्ति का प्रतीक है. जिस प्रकार लोहे के छोटे-छोटे टुकड़ों ने मिलकर इस विशाल बाघ को आकार दिया, उसी प्रकार स्थानीय समुदायों, वन विभाग के कर्मचारियों, अधिकारियों और नागरिकों के छोटे-छोटे प्रयास मिलकर ही संरक्षण की महान कहानी रचते हैं. 12 नवम्बर को मध्य प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा अनावरित यह अद्भुत सृजन हमें याद दिलाता है कि प्रकृति के लिए सच्चे मन से उठाया गया एक छोटा कदम भी आने वाली पीढ़ियों के लिए स्थायी विरासत बन सकता है.