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जानिए पेट्रोल पंप मालिक कितना कमा सकते हैं, एक लीटर पर 4.30 रुपये का कमीशन जोड़कर

मुंबई  एक बार लागत और फिर जिंदगी भर कमाई. एक ऐसा बिजनेस जो गांव से लेकर अब बड़े शहर तक में धड़ल्ले से चलता है.आगे भी कमाई गुलजार रहने वाला ये बिजनेस. उस बिजनेस का नाम है- फ्यूल पंप (Fuel Pump), जिसे आम बोलचाल में पेट्रोल पंप (Petrol Pump) कहते हैं. वैसे तो पेट्रोल पंप खोलना आसान बात नहीं है और हर कोई खोल भी नहीं सकता. लेकिन जो खोल लेता है, वो फिर कमाई में कभी पीछे नहीं रहता. आज हम आपको पूरा गणित बताएंगे कि कैसे एक-एक लीटर पेट्रोल-डीजल पर पंप मालिक को मोटी कमाई होती है.  दरअसल, देशों में वाहनों की संख्या हर दिन बढ़ती जा रही है. ये वो दौर है जब हर घर कार की कल्पना की जा रही है. अभी भी देश में 90 फीसदी से ज्यादा पेट्रोल-डीजल वाली गाड़ियां बिकती हैं. फिर पेट्रोल पंप मालिकों की कमाई में उसी हिसाब से बढ़ रही है. फिलहाल पेट्रोल पंप बिजनेस एक आकर्षक और स्थिर व्यवसाय के रूप में उभरा है.  आप कैसे खोल हो सकते हैं पेट्रोल पंप ये सच है कि पेट्रोल पंप खोलने के लिए मोटा पैसा लगाना होता है. साथ ही जटिल लाइसेंसिंग प्रक्रिया, मोटा निवेश और फिर कंपीटिशन इस फील्ड में आम बात है. अगर आप इन चुनौतियों का सामना कर लेते हैं तो फिर बेहतरीन दैनिक आय एक जरिया है ये बिजनेस.    – ग्रामीण इलाकों में पेट्रोल पंप खोलने के लिए कम से कम 20 लाख रुपये की जरूरत होती है, जबकि शहरी इलाकों में 40 से 50 लाख रुपये तक निवेश आम बात है. इसमें टैंक, डिस्पेंसर और बुनियादी ढांचों की लागत शामिल है. – जमीन की कीमत शहर के हिसाब ज्यादा-कम हो सकती है, इससे लागत बढ़ भी सकती है. बड़े शहरों में एक करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश भी संभव है. पेट्रोल पंप ओपन के लिए आप बैंकों से 2 करोड़ रुपये तक लोन ले सकते हैं.  अब आइए कमाई की बात करते हैं, सबसे पहले आपको बताते हैं कि पेट्रोल-डीजल पर पंप ऑनर को कैसे कमाई होती है. दरअसल, सरकार ने हर लीटर पेट्रोल-डीजल पर पंप ऑनर के लिए कमीशन तय किया हुआ है. पेट्रोल पंप उतना ही वसूलता है, पेट्रोल पंप ऑनर अपने मन से एक पैसा भी ज्यादा नहीं वसूल सकता.   दिल्ली में 1 लीटर पेट्रोल पर कितना कमीशन?  फिलहाल दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये है, पेट्रोल पंप ऑनर को इसमें से 4.39 रुपये मिलता है, यानी दिल्ली में 1 लीटर पेट्रोल पर पंप ऑनर को 4.39 रुपये की कमाई होती है. बता दें, दिल्ली में पेट्रोल का बेस प्राइस एवरेज 52.84 रुपये प्रति लीटर है, जिसपर एक्‍साइज ड्यूटी 21.90 रुपये है, जो कि केंद्र सरकार वसूलती है. एक लीटर पेट्रोल पर 15.40 रुपये का VAT वसूला जाता है, जो राज्‍य सरकार लेती है. इसके अलावा कुछ और छोटे-मोटे एवरेज चार्ज 0.26 रुपये लगाकर 1 लीटर पेट्रोल के दाम तय किए जाते हैं.  यानी दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल पर पंप मालिक को 4.39 रुपये मिलता है. हालांकि इसमें पेट्रोल पंप मालिक को सारा खर्च निकालना होता है. एक पेट्रोल पंप पर दर्जनभर से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं, उनकी सैलरी से लेकर पेट्रोल पंप के रख-रखाव पर मोटा खर्च होता है. फिर भी ये फायदे का सौदा है.  मान लीजिए, एक पेट्रोल पंप पर दिनभर में 5000 लीटर पेट्रोल बिकता है, नियम के मुताबिक उसे कमीशन के तौर पर 21,950 रुपये मिलेंगे. इसमें 50 फीसदी रकम खर्च निकाल देने पर भी कम से कम 10 हजार रुपये हर दिन कमाई संभव है.  एक लीटर डीजल पर पंप मालिक को कितनी कमाई अगर डीजल की बात करें तो दिल्‍ली में 1 लीटर पर 12.83 रुपये प्रति लीटर वैट (VAT) वसूला जाता है. जबकि केंद्र सरकार एक्‍साइज ड्यूटी (Excise Duty) 17.80 रुपये प्रति लीटर चार्ज कर रही है. एवरेज डीलर कमीशन 3.02 रुपये प्रति लीटर है, यानी हर एक लीटर डीजल बेचने पर पंप ऑनर के खाते में 3.02 रुपये जाता है, जो कम नहीं है. दिल्ली में डीजल का बेस प्राइस 53.76 रुपये प्रति लीटर है. इसके अलावा कुछ अन्‍य छोटे-मोटे चार्ज 0.26 रुपये वसूले जाते हैं. इसके बाद 1 लीटर डीजल के दाम तय होते हैं. 18 जुलाई 2025 को दिल्‍ली में 1 लीटर डीजल की कीमत (Diesel Price in Delhi) 87.67 रुपये प्रति लीटर थी.  बता दें, बड़े वाहनों में खासकर कमर्शियल वाहनों में डीजल की खपत ज्यादा है, और हर लीटर पर पंप ऑनर को 3.02 रुपये मिलता है. एक अनुमान के मुताबिक अगर पंप 24 घंटे में 5000 लीटर डीजल बेचता है तो कमीशन के तौर पर उसे करीब 15,100 रुपये मिलेंगे, इसमें से आधा खर्च काट दें तो 7500 रुपये बचत संभव है, यानी पेट्रोल और डीजल दोनों के बिक्री के आंकड़ों को मिला दें तो एक घनी आबादी वाले इलाके में पेट्रोल पंप ऑनर आसानी से 15000 रुपये प्रति दिन कमाई कर सकता है. कमीशन एक निश्चित राशि है, इसलिए पूरी कमाई बिक्री की मात्रा और लोकेशन पर निर्भर करती है. कैसे शुरू करें पेट्रोल पंप    पेट्रोल पंप शुरू करने के लिए आवेदक की आयु 21-60 साल होनी चाहिए. भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है. पेट्रोल पंप खुद की या किराये की जमीन पर खोल सकते हैं, शहरी इलाके में पेट्रोल पंप खोलने के लिए 800-1200 वर्ग मीटर और ग्रामीण इलाकों में 1200-1600 वर्ग मीटर जमीन होनी चाहिए. देश की तमाम बड़ी तेल कंपनियां (जैसे IOCL, BPCL, HPCL, रिलायंस) समय-समय पर डीलरशिप के लिए विज्ञापन जारी करती हैं. आवेदन ऑनलाइन जमा करना होता है. जिसमें आधार, पैन, जमीन के दस्तावेज और एनओसी जैसे दस्तावेज जरूरी हैं. अधिक जानकारी: www.iocl.com, www.reliancepetroleum.com पर जाकर जुटा सकते हैं.

121 सीटों के लिए आज वोटिंग, 45,000+ बूथों पर EVM में बंद होगी 1314 उम्मीदवारों की किस्मत

पटना बिहार में पहले चरण मतदान आज यानी छह नवंबर को हुआ शुरू।  115 विधानसभा क्षेत्र के 45341  मतदान केंद्रों पर सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक वोटिंग होगी। छह विधानसभा क्षेत्रों के 2135 मतदान केंद्रों पर सुबह सात बजे से पांच बजे तक ही वोटिंग होगी।  बुधवार सुबह से ही डिस्पैच सेंटरों से मतदान कर्मी ईवीएम-वीवीपैट और अन्य सामग्री लेने में जुट गए थे ।  शाम तक सभी मतदान केंद्र पर सुरक्षा बल पहुंचें  । आज गुरुवार सुबह पांच बजे ही बूथ लेवल एजेंटों की मौजूदगी में मॉक पोल किया । इसके दो घंटे बाद यानी सात बजे मतदान शुरू हुआ । पहले चरण में इन जिलों में मतदान पहले चरण में 18 जिलों की 121 सीटों पर मतदान जारी । यह जिले हैं- मधेपुरा, सहरसा, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, सिवान, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, खगड़िया, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा, नालंदा, पटना, भोजपुर और बक्सर। इन 121 सीटों पर कुल 2496 नामांकन दाखिल हुए थे। जांच के क्रम में 1939 को वैध पाया गया। उनमें से 70 प्रत्याशियों ने नामांकन बाद में वापस ले लिया। इसके बाद, कई सेट में नामांकन की छंटनी करते हरेक प्रत्याशी के एक नामांकन को लिया गया तो प्रत्याशियों की कुल वास्तविक संख्या 1314 रह गई। इनमें 1192 पुरुष और 122 महिलाएं शामिल हैं। इस चरण में 102 सामान्य और 19 अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीटों पर मतदान होगा। 10 वीआईपी सीटों का हाल तारापुर: इस सीट पर बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मैदान में हैं. उनकी आरजेडी के अरुण कुमार साह से सीधी टक्कर मानी जा रही है. जन सुराज के संतोष कुमार सिंह और तेज प्रताप यादव की पार्टी जनशक्ति जनता दल के सुखदेव यादव भी चुनौती देने की कोशिश कर रहे हैं. राघोपुर: यह आरजेडी की पारिवारिक सीट मानी जाती है. इस बार यहां से राजद नेता तेजस्वी यादव तीसरी बार मैदान में हैं. तेजस्वी ने यहां 2015 और 2020 में भाजपा के सतीश कुमार को हराया था. एनडीए की तरफ से सतीश यादव उन्हें चुनौती दे रहे हैं तो जनसुराज के चंचल कुमार भी सामने हैं. मोकामा: यह सीट इस वक्त जन सुराज समर्थक दुलारचंद यादव की हत्या और जदयू उम्मीदवार अनंत सिंह की गिरफ्तारी को लेकर काफी चर्चा में है. यहां दो बाहुबलियों की टक्कर है. एक तरफ अनंत सिंह तो दूसरी तरफ  आरजेडी के टिकट पर सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी हैं.  अलीनगर: इस सीट पर बीजेपी ने लोकगायिका मैथिली ठाकुर को मैदान में उतारा है. ठाकुर का यह पहला चुनाव है. उनका मुकाबला आरजेडी के विनोद मिश्रा से माना जा रहा है. बीजेपी उनकी लोकप्रियता को वोट में बदलने की कोशिश में है. छपराः छपरा सीट से मशहूर भोजपुरी गायक खेसारी लाल यादव आरजेडी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं. यहां उनका मुकाबला बीजेपी की छोटी कुमारी के साथ माना जा रहा है. लेकिन निर्दलीय राखी गुप्ता भी मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की पूरी कोशिश कर रही हैं.  लखीसराय: बिहार के दूसरे उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा लखीसराय से 2010 से लगातार विधायक हैं. 2020 में उन्होंने कांग्रेस के अमरेश कुमार को हराया था. इस बार भी विजय सिन्हा के सामने अमरेश कुमार मैदान में हैं.  महुआ: लालू यादव द्वारा पार्टी और परिवार से निकाले जाने के बाद तेज प्रताप यादव महुआ से चुनाव लड़ रहे हैं. उनकी टक्कर आरजेडी विधायक मुकेश रोशन से मानी जा रही है. एनडीए की तरफ से एलजेपी के संजय कुमार सिंह ने मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है.  बेगूसराय: कभी वामपंथ का गढ़ माने जाने वाली इस सीट पर 2020 में बीजेपी ने जीत दर्ज की थी. इस बार बीजेपी के कुंदन कुमार का मुकाबला कांग्रेस की अमिता भूषण से है. मंडल युग के बाद यहां की राजनीतिक गणित बदल चुकी है. बांकीपुर: यह पटना की शहरी सीट है, जहां बीजेपी के नितिन नवीन लगातार जीतते आ रहे है. इस बार भी पार्टी ने उन पर भरोसा जताया है. उन्हें चुनौती देने के लिए आरजेडी ने रेखा गुप्ता को उतारा है.  दरभंगा शहरी: मिथिलांचल की इस प्रमुख सीट से बीजेपी के राजस्व मंत्री संजय सरावगी मैदान में हैं. उन्हें चुनौती देने के लिए जन सुराज ने पूर्व आईपीएस आरके मिश्रा और मुकेश सहनी की पार्टी ने उमेश सहनी को उम्मीदवार बनाया है.  पहले चरण में किस दल से कितने उम्मीदवार पहले चरण में एनडीए की ओर से जदयू के 57 उम्मीदवार, बीजेपी के 48, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के 13 और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के 2 उम्मीदवार मैदान में हैं. वहीं महागठबंधन की तरफ से आरजेडी के 71, कांग्रेस के 24 और वाम दलों के 14 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं. इनके अलावा विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) छह-छह सीट पर, सीपीएम तीन सीटों पर और इंडियन इंक्लूसिव पार्टी (आईआईपी) दो सीटों पर चुनाव लड़ रही है. इस चरण में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के 118 उम्मीदवार भी किस्मत आजमा रहे हैं. पहले चरण में 18 जिलों की 121 सीटों पर वोटिंग पटना- मोकामा, बाढ़, बख्तियारपुर, दीघा, बांकीपुर, कुम्हरार, पटना सिटी, फतुहा, दानापुर, मनेर, फुलवारी शरीफ (SC), मसौढ़ी (SC), पालीगंज, बिक्रम भोजपुर– आरा, अगिआंव, शाहपुर, बड़हरा, जगदीशपुर, तरारी, संदेश बक्सर– बक्सर, डुमरांव, राजपुर, ब्रह्मपुर गोपालगंज- बैकुंठपुर, बरौली, गोपालगंज, कुचायकोट, भोरे (SC), हथुआ सीवान- जिरादेई, दरौली (SC), रघुनाथपुर, दरौंधा, बड़हरिया, गोरेयाकोठी, महारागंज, सीवान सारण- एकमा, मांझी, बनियापुर, तरैंया, मढौरा, छपरा, गड़खा (SC), अमनौर, परसा, सोनपुर मुजफ्फरपुर- गायघाट, औराई, मीनापुर, बोचहां (SC), सकरा (SC), कुढ़नी, मुजफ्फरपुर, कांटी, बरूराज, पारू, साहेबगंज वैशाली– राजापाकर, महुआ, महनार, राघोपुर, वैशाली, लालगंज, हाजीपुर, पातेपुर (SC) दरभंगा– कुशेश्वर स्थान (SC), गौरा बौराम, बेनीपुर, अलीनगर, दरभंगा ग्रामीण, दरभंगा, हायाघाट, बहादुरपुर, केवटी, जाले समस्तीपुर– कल्याणपुर(SC), वारिसनगर, समस्तीपुर, उजियारपुर, मोरवा, सरायरंजन, मोहिउद्दीननगर, विभूतिपुर, रोसड़ा (SC), हसनपुर मधेपुरा-आलमनगर (SC), बिहारीगंज, मधेपुरा, सिंहेश्वर (SC) सहरसा- सिमरी बख्तियारपुर, सोनबरसा (SC), महिषी, सहरसा खगड़िया- परबत्ता, बेलदौर, अलौली (SC), खगड़िया बेगूसराय– चेरिया बरियारपुर, बछवाड़ा, तेघरा, मटिहानी, साहबपुर कमाल, बेगूसराय, बखरी (SC) मुंगेर– जमालपुर, मुंगेर, तारापुर लखीसराय– सूर्यगढ़ा, लखीसराय शेखपुरा- बरबीघा, शेखपुरा नालंदा- हरनौत, अस्थावां, इस्लामपुर, हिलसा, नालंदा, राजगीर, बिहारशरीफ चुनाव आयोग की जानकारी के मुताबिक पांच विधानसभा क्षेत्रों में सहरसा के सिमरी बख्तियारपुर एवं महिषी और मुंगेर के तारापुर, मुंगेर और जमालपुर विधानसभा क्षेत्रों में सभी बूथों तथा सूर्यगढ़ा विधानसभा क्षेत्र के 56 बूथों पर सुबह सात से … Read more

सुरक्षा का नया अलार्म — ऑपरेशन सिंदूर के छह माह बाद लश्कर-जैश फिर सक्रिय?

नई दिल्ली पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और सेना ने अमेरिका के साथ बेहतर संबंधों का लाभ उठाते हुए अपने आतंकियों को छिपे ठिकानों से बाहर लाने और एक बार फिर आतंकी गतिविधियों को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया है। कई आतंकी संगठन विशेष रूप से जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा आपरेशन सिंदूर के बाद से चुप थे। आपरेशन सिंदूर के दौरान जैश, लश्कर और हिज्बुल मुजाहिदीन को उनके मुख्यालय और प्रशिक्षण स्थलों के नष्ट होने के बाद काफी नुकसान उठाना पड़ा था। भारतीय इंटेलिजेंस ब्यूरो (आइबी) के अधिकारियों का कहना है कि आतंकी सरगना मसूद अजहर और हाफिज सईद ज्यादातर घर के अंदर ही छिपे रहे। वे भारतीय हमले के डर से बाहर नहीं निकल रहे थे।   ISI पुनर्जीवित कर रहा आतंकी संगठन आतंकी नेता ISI और सेना से भी निराश रहे क्योंकि ये अपने लोगों की सुरक्षा करने में असमर्थ हैं। वर्तमान में ISI क्षति नियंत्रण मोड में है। आइएसआइ जानती है कि इन आतंकी संगठनों का कोई भी कैडर तब तक काम नहीं करेगा जब तक उनके नेता खुलकर सामने नहीं आते। वे उनसे भारत के खिलाफ गरजते हुए भाषण देने की उम्मीद करते हैं। हालांकि, कैडर धीरे-धीरे संदेह करने लगे और सवाल पूछने लगे। इसके बाद सेना और आइएसआइ ने आतंकी सरगनाओं से संपर्क कर उन्हें आश्वासन दिया कि वे खुलकर अपने आपरेशन शुरू कर सकते हैं। उन्हें बताया गया कि अमेरिका और पाकिस्तान के बीच मजबूत संबंध हैं, जिसका मतलब है कि पाकिस्तान सुरक्षित है। अजहर और सईद ने लाहौर में अपने सुरक्षित घरों में आइएसआइ अफसरों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। जैश और लश्कर की हमले की योजना ISI ने अमेरिकी कार्ड का इस्तेमाल कर दोनों को आश्वासन दिया कि भारत पाकिस्तान के खिलाफ कोई आपरेशन नहीं करेगा और यदि ऐसा हुआ, तो अमेरिका दखल देगा। दोनों आतंकी सरगनाओं ने फिलहाल सहमति जताई है, केवल अजहर मसूद ने एक संक्षिप्त सार्वजनिक उपस्थिति की। जैश के चैनल अब अजहर के संदेशों के साथ सक्रिय हैं। भारत की पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी ये संदेश भारत के खिलाफ हैं और कैडरों से जम्मू-कश्मीर में युद्ध को फिर भड़काने का आह्वान किया है। जबकि भारतीय अफसरों का कहना है कि यदि पाकिस्तान ने कोई गलत कदम उठाया, तो भारत समान कार्रवाई करेगा। वह इस बात से स्वतंत्र होगा कि पाकिस्तान किस देश की ओर देखता है। भारत ने स्पष्ट किया कि किसी भी आतंकी गतिविधि को युद्ध के रूप में लिया जाएगा। भारतीय एजेंसियां सीमा क्षेत्रों और देश के भीतर इन आतंकी संगठनों के माड्यूल पर करीबी नजर रख रही हैं। भारतीय सेना सीमावर्ती क्षेत्रों की निगरानी कर रही है। पाकिस्तान के कब्जेवाले गुलाम जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में 80 से अधिक आतंकी लांच पैड हैं। घुसपैठ के प्रयासों को भारतीय बलों ने विफल कर दिया।  

उप राष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने देखा एयर शो

रायपुर, छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ पर आज नवा रायपुर के सेंध जलाशय के ऊपर भारतीय वायु सेना की प्रतिष्ठित एरोबेटिक "सूर्यकिरण" की टीम ने रोमांचक एयर शो का प्रदर्शन किया। देश के उप राष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन, राज्यपाल श्री रमेन डेका, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के साथ हजारों लोगों ने अद्भूत और रोमांचक एयर शो का आनंद लिया। आज प्रदेशवासियों के लिए वायु सेना का एयर शो कमाल का अनुभव रहा। सेंध जलाशय के ऊपर वायु सेना के फाइटर प्लेन्स ने एक के बाद एक कई हवाई करतब दिखाए। आसमान में पंछियों के झुंड की तरह बिल्कुल क्रम से उड़ने वाले फाइटर प्लेन्स के माध्यम से वायु सेना के जाबांजों ने अपने नियंत्रण और शौर्य का अद्भुत प्रदर्शन किया। विमानों के माध्यम से जब आकाश में तिरंगा लहराया तो सेंध जलाशय भारत माता की जय के नारे से गूंज उठा। एयर शो के दौरान "सूर्यकिरण" टीम के लीडर ग्रुप कैप्टन श्री अजय दशरथी ने आसमान से छत्तीसगढ़वासियों को रजत महोत्सव की बधाई दी। वहीं छत्तीसगढ़ निवासी भारतीय वायु सेना के स्क्वाड्रन लीडर श्री गौरव पटेल ने सेंध जलाशय के ऊपर अपने कॉकपिट से 'जय जोहार' और 'छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया' कहकर दर्शकों का अभिवादन किया। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, कौशल विकास मंत्री गुरू खुशवंत साहेब और सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल सहित विभिन्न निगमों, मंडलों और आयोगों के पदाधिकारी भी एयर शो देखने पहुंचे थे। "सूर्यकिरण" टीम ने अनुशासन, परस्पर विश्वास, सटीकता और उत्साह के साथ एक घंटे तक वायु सेना के विमानों के साथ कलाबाजी दिखाकर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। नवा रायपुर के सेंध जलाशय में मौजूद हजारों दर्शक पायलटों के हैरतअंगेज साहस और करतबों को देखकर मंत्रमुग्ध होते रहे। विंग कमांडर श्री ए.व्ही. सिंह के नेतृत्व में वन-एफ-9 और वन-एफ-8 हेलीकॉप्टर यूनिट ने वी-17 और वी-5 हेलीकॉप्टरों से स्लीपरी और स्काई-ऑपरेशन के करतब दिखाए। 'आदिदेव' नाम के इन हेलीकॉप्टरों से केवल 15 मीटर ऊंचाई पर स्थिर रहकर 14 गरूड़ कमांडोज रस्सी के सहारे नीचे उतरे। वहीं स्काई-ऑपरेशन के दौरान आठ गरूड़ कमांडोज रस्सी पर लटककर हेलीकॉप्टर से दर्शकों के सामने से आकाश में उड़ते हुए गुजरे। इन दोनों ऑपरेशनों को लड़ाई और आपदा के दौरान जनसामान्य को बचाने के लिए किया जाता है। एयर शो में "सूर्यकिरण" की टीम के नौ हॉक-मार्क-123 फाइटर विमानों ने आसमान में हार्ट, डायमंड, लूप, ग्रोवर, डान लाइट, कॉम्बैट तेजस जैसे शानदार फार्मेशन बनाकर लोगों को रोमांचित किया। नीले आसमान में उड़ते लाल-सफेद जेट विमानों द्वारा तिरंगे की आकर्षक ट्रेल छोड़ने पर सेंध जलाशय परिसर तालियों और जय-हिंद के नारों से गूंज उठा। हज़ारों की संख्या में मौजूद नागरिक, युवा और बच्चे लगातार विमानों की कलाबाजियों को अपने कैमरों और मोबाइलों में कैद करते रहे। वायु सेना के जाबांज फाइटर पायलटों ने आसमान में दिल की आकृति बनाकर 25वें राज्योत्सव की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने तिरंगे के तीन रंगों से डीएनए की आकृति बनाकर तिरंगे के प्रति अपना सम्मान प्रस्तुत किया। उन्होंने 360° में फाइटर जेट उड़ाते हुए उल्टा जेट भी उड़ाया। तेजस और युवाओं को समर्पित अंग्रेजी अक्षर 'वाई' की आकृति बनाने के साथ ही कई करतब दिखाए। टीम का प्रदर्शन केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि युवाओं में देशप्रेम, साहस और भारतीय सशस्त्र बलों में सेवा की प्रेरणा जगाने का संदेश भी देता है। एयर शो में छत्तीसगढ़ के स्क्वाड्रन लीडर श्री गौरव पटेल का शामिल होना राज्यवासियों के लिए गर्व और भावनात्मक जुड़ाव का पल था। आसमान में अपने विमान को तेज गति से उड़ाते हुए श्री पटेल ने अपने कॉकपिट से 'जय जोहार' और 'छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया' का जय घोष किया। फ्लाइट लेफ्टिनेंट सुश्री कंवल संधू ने अपनी लाइव कमेंट्री के दौरान एयर शो के रोमांचक वर्णन के साथ ही पायलटों के अनुशासन, समर्पण, प्रशिक्षण और जोखिम प्रबंधन की बारीकियों की जानकारी दी। 'सूर्यकिरण' एशिया की एकमात्र नौ लड़ाकू विमानों वाली एरोबैटिक टीम, 1996 में हुई थी स्थापना भारतीय वायु सेना की सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम (Surya Kiran Aerobatic Team) एशिया की एकमात्र नौ लड़ाकू विमानों वाली एरोबैटिक टीम है। यह विशिष्ट टीम भारत में ही निर्मित एचएएल (HAL) लाइसेंस प्राप्त हॉक एमके-132 (Mk-132) विमान उड़ाती है। इन विमानों के ज़रिए भारतीय वायु सेना की सटीकता, पेशेवर उत्कृष्टता और कौशल का अद्भुत प्रदर्शन करती है, जिसमें रोमांचक हवाई करतब और बेहद सटीक फॉर्मेशन शामिल होते हैं। सूर्यकिरण टीम को उसका मिशन विशेष बनाता है। देश के युवाओं को भारतीय सशस्त्र बलों में शामिल होकर देशसेवा के लिए प्रेरित करना इनका मिशन है। सूर्यकिरण टीम की स्थापना वर्ष 1996 में की गई थी। तब से यह टीम एशिया की एकमात्र नौ-विमानों वाली एरोबैटिक टीम होने का गौरव रखती है और दुनिया की कुछ चुनिंदा शीर्ष एरोबैटिक टीमों में शामिल है। यह असाधारण टीम अब तक भारत भर में 700 से अधिक प्रदर्शन कर चुकी है। साथ ही चीन, श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड, सिंगापुर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे कई देशों में भारत का प्रतिनिधित्व अंतरराष्ट्रीय एयर शोज़ में भी किया है। टीम मंं कुल 13 पायलट, 3 इंजीनियरिंग अधिकारी, 1 उद्घोषक (कमेन्टेटर) और 1 चिकित्सा अधिकारी शामिल हैं। सूर्यकिरण टीम भारतीय वायुसेना की उस भावना को दर्शाती है जो उत्कृष्टता, अनुशासन और टीमवर्क पर आधारित है। टीम के सभी पायलट अत्यंत कठिन प्रशिक्षण से गुजरते हैं, जिसमें जटिल एरोबैटिक मूवमेंट्स का महीनों तक अभ्यास किया जाता है। उनका बेदाग़ तालमेल और नियंत्रण ही क्लोज़ फॉर्मेशन फ्लाइंग की नींव है जहाँ नौ विमान मानो एक ही आत्मा से संचालित प्रतीत होते हैं।

सिख धर्मावलंबियों के लिए खुशखबरी! गुरुपर्व पर पंजाब सरकार की बड़ी घोषणा

पठानकोट  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज शाहपुर कंडी डैम प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट लंबे समय से निर्माणाधीन था और अब इसके पूरा होने से माझा क्षेत्र के लिए यह लाइफलाइन साबित होगा। इस प्रोजेक्ट से लाखों लोगों को बड़ा फायदा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस डैम से जहां बिजली उत्पादन होगा, वहीं सिंचाई की सुविधाएं भी बढ़ेंगी और युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि इस डैम की कुल लागत 3394.49 करोड़ रुपए है, जिसमें 80 फीसदी हिस्सा पंजाब सरकार और 20 फीसदी केंद्र सरकार का है। इस प्रोजेक्ट के लिए करीब 3171 एकड़ जमीन अधिग्रहित की गई है, जिनमें से 1643.77 एकड़ पंजाब की और बाकी जम्मू-कश्मीर की जमीन है। मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि यहां 206 मेगावॉट क्षमता के दो पावर हाउस बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा, इस डैम से बनने वाली तीन नई नहरों का निर्माण अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि एक बड़ी झील भी तैयार की गई है, जिसे पर्यटन केंद्र (टूरिस्ट हब) के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे लोगों को बड़ा लाभ मिलेगा। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरु नानक जयंती पर गुरुद्वारा में टेका मत्था, सबके कल्याण की कामना की

नानक नाम जहाज है, चढ़े सो उतरे पार… गुरु नानक जी का उपदेश मानवता की सेवा का है सर्वोच्च मार्ग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरु नानक जयंती पर गुरुद्वारा में टेका मत्था, सबके कल्याण की कामना की मुख्यमंत्री ने की घोषणा – गुरु तेगबहादुर जी का 350वां जयंती वर्ष और शहीदी दिवस धूमधाम से मनाया जाएगा भोपाल  नानक नाम जहाज है, चढ़े सो उतरे पार… मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को गुर नानक जयंती के अवसर पर अरेरा कॉलोनी स्थित प्रसिद्ध गुरुद्वारा पहुंचकर मत्था टेका। शबद कीर्तन (गुरुवाणी) का श्रवण किया और सभी देशवासियों को गुरुपरब की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने वाहेगुरु जी से प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं सबके कल्याण की मंगलकामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुरु नानक देव जी सामाजिक एकता, सद्भावना और सेवा भाव की मिसाल थे। उन्होंने मानवता की सेवा और सबके प्रति समानता का भाव रखने का जो संदेश दिया है, वह आज भी सर्व समाज के लिए प्रकाशपुंज है। उन्होंने कहा कि गुरु नानक जी का जीवन सत्य, करुणा और परोपकार का प्रतीक है। उनका जीवन संदेश समय की सीमाओं से भी परे है और मानवता की सेवा के लिए हमेशा प्रेरणा-स्रोत रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाजजनों की मांग पर घोषणा करते हुए कहा कि म.प्र. सरकार गुरु तेग बहादुर जी का 350वां जयंती वर्ष और शहीदी दिवस समाज की मंशा अनुसार धूमधाम से मनायेगी। मध्यप्रदेश सरकार सत्य के मार्ग पर चलने वाले गुरु तेग बहादुर जी के सम्मान लिए हर जरूरी प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री गुरू नानक देव जी के 556वें प्रकाश पर्व के अवसर पर सभी को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरू नानक देव जी साक्षात ईश्वर समान थे, उन्होंने संसार को मानवता, सेवा और कीर्तन की शिक्षा और सिख धर्म की स्थापना की। उन्होंने भारत में पदयात्रा तो की ही, यहां से बाहर निकलकर पाकिस्तान, अफगानिस्तान और अरब तक सिख धर्म का प्रकाश पहुंचाया। उस दौर में अरब में गुरू नानक देव जी का जो भाव था, वो बाबर के सामने भी रहा। हम सभी ओंमकार रूपी ध्वनि से सचेतन रहें। जातिगत भेदभाव को दूर करते हुए एक संगत में रहें। समाज में दूरियों को मिटाने के लिए किसी भी दिखावे की जरूरत नहीं है। मनुष्य, मनुष्य के काम आए और अन्याय के खिलाफ लड़ें। अफगानी, मुगल और अंग्रेजों के सामने गुरूजी के मार्ग पर चलते हुए हमारे वीरों ने अपना बलिदान तक कर दिया। उन्होंने कहा कि कार्तिक मास की पूर्णिमा पर प्रकाश पर्व अद्भुत है। गुरू नानक देव जी द्वारा सेवा और देश भक्ति के लिए दिया संदेश सभी के लिए प्रेरित करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुरु नानक देव जी की अमरवाणी हमें सिखाती है कि सच्चे अर्थों में धर्म वही है जो सबके हित में हो। हमारी सरकार भी गुरुनानक जी की उसी नेक भावना के अनुरूप जनकल्याण और सबके समुत्थान की राह पर अग्रसर है। गुरु नानक देव जी कहते थे – एक नूर से सब जग उपज्या, कौन भले, कौन मंद? एक ही साजे सब सुरतें, एक ही ज्योति अखंड। अर्थात् ईश्वर एक है, उसी का प्रकाश हर जीव में है। जब हम सबमें उसी एक नूर को देखते हैं, तब भेदभाव मिट जाता है और सच्चा प्रेम प्रकट होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुद्वारा परिसर में आयोजित विशेष दीवान सभा में सिक्ख श्रद्धालुओं के साथ शबद कीर्तन में शामिल हुए और श्री सतनाम वाहेगुरु जी का आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु नानक देव जी ने मनुष्य को जीवन का जो मार्ग दिखाया है, वह केवल उपदेश नहीं, एक सम्पूर्ण जीवन दर्शन है। उनका मानना था कि ईश्वर के नाम जप से आध्यात्मिक और मानसिक शक्ति मिलती है, तेज बढ़ता है। उन्होंने हमें ईमानदारी से जीवन यापन करना, मेहनत से काम करना और मिल-बांटकर खाना सिखाया। गुरु नानक देव जी ने लंगर की परंपरा शुरू की, जो सामाजिक समरता और भाईचारे का संदेश देता है। लंगर में कोई छोटा-बड़ा नहीं होता। गुरु नानक देव का जीवन सिख समुदाय के साथ हर भारतीय के लिए प्रेरणा पुंज हैं। उनके संदेशों में हमेशा विश्व को समता, सद्भावना, सदाचार और बंधुत्व पर जोर दिया है। आज के समय में गुरु नानक देव जी की शिक्षाएं मानवता के लिए मार्गदर्शक हैं। "गुरुग्रंथ साहिब" के रूप के हमारे पास जो गुरुजी की अमृतवाणी है, उसकी महिमा ही अपार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वाहे गुरु जी की कृपा से हम सभी हमेशा सद्मार्ग पर चलें, सद्भावना, करुणा, प्रेम हमारे आचार-विचारों में रहे। उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं से प्रेरणा लेते हुए हमारी सरकार सेवा को समर्पित है। हमारा उद्देश्य है कि प्रदेश का हर नागरिक सम्मान, सुविधा और अवसर से जुड़ सके। हम सबको एक समान मानते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, भोजन और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाएं हर घर तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। समाज के आखिरी पंक्ति के आखिरी व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचे, इस संकल्प की सिद्धि के लिए हम दिन रात एक कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव जी के दिखाए मार्ग पर चलते हुए हम सेवा, समानता और संवेदनशीलता के साथ प्रदेश को प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ा रहे हैं। इस अवसर पर विधायक श्री भगवान दास सबनानी, श्री रविन्द्र यति, श्री राहुल कोठारी, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष श्री बलजिन्दर सिंह, श्री पी.एस. बिन्द्रा, ग्रंथी, जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में सिक्ख समाज के सेवादार एवं श्रद्धालु उपस्थित थे। शबद कीर्तन में संगतकारों ने प्रदेश की उन्नति और समाज में भाईचारे की भावना के विस्तार की प्रार्थना की। इससे पहले सिक्ख श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का गुरुद्वारे में आत्मीय स्वागत-अभिनंदन किया और उन्हें सरोपा भेंटकर सम्मानित किया।  

हाईकोर्ट ने आदेश दिया: प्रत्यारोपित पेड़ों की GPS लोकेशन पेश करने को कहा, भोजपुर-बैरसिया रोड पेड़ कटाई मामले में सख्त रवैया

जबलपुर  भोपाल के समीप भोजपुर-बैरसिया रोड निर्माण के लिए 488 पेड़ों की कटाई से संबंधित जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की युगलपीठ के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सर्राफ ने राज्य सरकार के पक्ष से प्रस्तुत जवाब पर असंतोष व्यक्त किया। युगलपीठ ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि जिन पेड़ों के प्रत्यारोपण का दावा किया गया है, वास्तव में उन्हें काटा गया है। अदालत ने प्रत्यारोपित किए गए 253 पेड़ों की तस्वीरें जीपीएस लोकेशन सहित प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही हस्तक्षेपकर्ता बनाए जाने के आवेदन को स्वीकार करते हुए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। मामले की अगली सुनवाई 20 नवंबर को होगी। गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने भोजपुर-बैरसिया रोड चौड़ीकरण के दौरान बिना अनुमति 488 पेड़ काटे जाने संबंधी अखबार में प्रकाशित खबर पर संज्ञान लेते हुए इसे जनहित याचिका के रूप में दर्ज किया था। प्रकाशित खबर में यह तथ्य उजागर हुआ था कि लोक निर्माण विभाग, रायसेन ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते हुए पेड़ों की कटाई की अनुमति लिए बिना ही कार्य कराया। नियमों के अनुसार राज्य सरकार को पेड़ों की कटाई से संबंधित मामलों में एक समिति का गठन करना आवश्यक है, जिसकी अनुमति के बाद ही कटाई की जा सकती है। इस मामले में सरकार ने 9 सदस्यीय समिति या वृक्ष अधिकारी से अनुमति नहीं ली थी। सुनवाई के दौरान मंगलवार को राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि कलेक्टर ने 448 पेड़ों के स्थानांतरण की अनुमति दी थी और जो पेड़ स्थानांतरित नहीं किए जा सके, उनकी भरपाई के लिए 10 गुना अधिक पेड़ लगाए जाएंगे। इसके अलावा 253 पेड़ों का प्रत्यारोपण किया गया है। सरकार की इस दलील पर हाईकोर्ट ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि प्रस्तुत तस्वीरों से स्पष्ट है कि पेड़ों का प्रत्यारोपण नहीं हुआ, बल्कि उन्हें पूरी तरह काटकर उनके तनों को जमीन में गाड़ दिया गया है। कुछ तनों में नए अंकुर भी दिखाई दे रहे हैं। सुनवाई के अंत में युगलपीठ ने हस्तक्षेपकर्ता नितिन सक्सेना के आवेदन को स्वीकार करते हुए आदेश जारी किया और राज्य सरकार से इस संबंध में विस्तृत जवाब मांगा है।  

किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

किसानों का हित सर्वोपरि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों को हर हाल में मिलेगी 10 घंटे निर्बाध बिजली  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निरस्त किया विवादित सर्क्यूलर हटाए गए संबंधित चीफ इंजीनियर भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अन्नदाता (किसानों) का हित हमारे लिए सर्वोपरि है। किसानों के कल्याण के लिए हमारी सरकार पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। किसानों को हर हाल में 10 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति की जाएगी।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को जारी संदेश में यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिस सर्क्यूलर को लेकर जनसामान्य में गलतफहमी पैदा हुई है, उस विवादित सर्क्यूलर को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। साथ ही विवादित सर्क्यूलर मामले से जुड़े संबंधित चीफ इंजीनियर को भी तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश में संवेदनशील और किसान हितैषी सरकार काबिज है। किसानों के समग्र उत्थान के लिए हमारी सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बिजली आपूर्ति से संबंधित विवादित सर्क्यूलर को रद्द कर दिया गया है और इसे जारी करने वाले संबंधित अधिकारी पर भी विधि अनुरूप कार्रवाई की जा रही है।  

दूसरे चरण की तैयारी पूरी: 121 सीटों पर कल पड़ेगा वोट, 1314 उम्मीदवार मैदान में

पटना बिहार में पहले चरण मतदान कल यानी छह नवंबर को है। 115 विधानसभा क्षेत्र के 45341  मतदान केंद्रों पर सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक वोटिंग होगी। छह विधानसभा क्षेत्रों के 2135 मतदान केंद्रों पर सुबह सात बजे से पांच बजे तक ही वोटिंग होगी।  बुधवार सुबह से ही डिस्पैच सेंटरों से मतदान कर्मी ईवीएम-वीवीपैट और अन्य सामग्री लेने में जुट गए। आज शाम तक सभी मतदान केंद्र पर सुरक्षा बल पहुंच जाएंगे। गुरुवार सुबह पांच बजे ही बूथ लेवल एजेंटों की मौजूदगी में मॉक पोल किया जाएगा। इसके दो घंटे बाद यानी सात बजे मतदान शुरू होग। पहले चरण में इन जिलों में मतदान पहले चरण में 18 जिलों की 121 सीटों पर मतदान होगा। यह जिले हैं- मधेपुरा, सहरसा, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, सिवान, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, खगड़िया, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा, नालंदा, पटना, भोजपुर और बक्सर। इन 121 सीटों पर कुल 2496 नामांकन दाखिल हुए थे। जांच के क्रम में 1939 को वैध पाया गया। उनमें से 70 प्रत्याशियों ने नामांकन बाद में वापस ले लिया। इसके बाद, कई सेट में नामांकन की छंटनी करते हरेक प्रत्याशी के एक नामांकन को लिया गया तो प्रत्याशियों की कुल वास्तविक संख्या 1314 रह गई। इनमें 1192 पुरुष और 122 महिलाएं शामिल हैं। इस चरण में 102 सामान्य और 19 अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीटों पर मतदान होगा। 100 वर्ष से अधिक आयु वाले 6,736 मतदाता पहले चरण में कुल 3 करोड़ 75 लाख 13 हजार 302 मतदाता मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। एक करोड़ 98 लाख 35 हजार 325 पुरुष, एक करोड़ 76 लाख 77 हजार 219 महिलाएं और 758 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।। इसके अलावा, 1, 00, 904 सर्विस वोटर भी इस चरण में वोट डालेंगे। मतदान केंद्रों पर दिव्यांग और बुजुर्ग मतदाताओं के लिए विशेष सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। 3, 22, 077 दिव्यांग मतदाता और 5, 31, 423 वरिष्ठ नागरिक मतदाता (जिनमें 80 वर्ष से अधिक आयु वाले 5, 24, 687 और 100 वर्ष से अधिक आयु वाले 6,736 मतदाता शामिल हैं) भी लोकतंत्र के इस महापर्व में हिस्सा लेंगे। पहले चरण के मतदान में सात लाख 37 हजार 765 मतदाता ऐसे हैं जो पहली बार मतदान करेंगे। इनमें से अधिक 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के युवा वोटर है। वहीं 18 से 40 वर्ष के बीच के 1, 96, 27, 330 युवा मतदाता इस चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले हैं।  

उच्च सुरक्षा वाले इलाके में बुलडोजर चला, महाकाल मंदिर मार्ग पर अवैध निर्माणों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

उज्जैन   उज्जैन शहर के बेगमबाग इलाके में बुधवार को उज्जैन विकास प्राधिकरण (UDA) की कार्रवाई में मुस्लिम बाहुल्‍य इलाके के 12 मकानों और दुकानों पर बुलडोजर चला है। सुबह 7 बजे निगम अमला मौके पर पहुंचा और सभी तैयारियां पूरी होने के बाद करीब 8 बजे तोड़फोड़ कार्रवाई शुरू की गई। इस दौरान हरिफाटक से महाकाल घाटी मार्ग को बंद किया गया। यूडीए के सीओ संदीप सोनी ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि, ये कार्रवाई लीज डीड के उल्लंघन के मामलों में 5वीं है। इनमें 3 प्लॉट टुकड़े करके बनाए गए 12 अवैध निर्माण (इनमें मकान और दुकानें शामिल थीं)। जबकि, कारर्वाई के लिए 4 पोकलेन मशीनें, 3 जेसीबी मशीनें और नगर-निगम के 50 से अधिक कर्मचारी के साथ भारी पहले भी यहां हो चुकी कार्रवाई बेगमबाग इलाके में 24 अक्टूबर को सभी 12 परिवारों को अंतिम नोटिस थमाया गया था। इससे पहले भी इसी इलाके में 27 निर्माण गिराए जा चुके हैं। कुल मिलाकर 60 से अधिक अवैध स्ट्रक्चर हटाकर जमीन विकास प्राधिकरण के कब्जे में ली जाएगी। 24 मीटर रोड निर्माण के लिए हटाया गया अतिक्रमण मकानों को हटाकर खाली कराई गई जमीन पर जल्द ही सड़क चौड़ीकरण का काम किया जाएगा। सिंहस्थ कुंभ के लिए ये सड़क 24 मीटर चौड़ी होगी, जिससे देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुगम मार्ग तैयार हो सकेगा। इन लोगों के मकान तोड़े गए -खंड क्रमांक 26 : सैयद लियाकत अली, रोशनी बी के दो निर्माण जमीदोज किए। -भूखंड क्रमांक 48 : साजिद अहमद खान, रईस मोहम्मद, अब्दुल खालिक, मोहम्मद अयूब, मोहम्मद नासिर, अकेला बी, एजाज अहमद के 7 निर्माण तोड़े गए। -भूखंड क्रमांक 63 : अनीशा बी, अब्दुल नासिर, उवैस शेख, आयशा बी, फेमिदा के 3 निर्माणों पर बुलडोजर चलाकर तोड़ा गया। कार्रवाई की यह वजह बेगमबाग इलाके में साल 1985 में 34 प्लॉट 30 साल की लीज पर आवासीय उपयोग के लिए दिए गए थे। नियम के तहत प्लॉट्स को न बेचा जा सकता था और न ही व्यावसायिक उपयोग किया जा सकता था। बावजूद इसके कई लोगों ने मकानों पर दुकानें और होटल खोलकर प्लॉट काटकर बेचना शुरू कर दिया। इसके अलावा लीज का भुगतान भी नहीं किया गया। हाईकोर्ट से स्टे लीज अनुबंध का उल्लंघन और नियम के विपरीत जमीन के उपयोग के कारण यूडीए ने ये कार्रवाई की। हालांकि, कुछ लोगों ने इस मामले में हाईकोर्ट से स्टे (रोक) भी ले रखा है।