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यूपी के मुख्यमंत्री ने वजीरगंज विधायक व भाजपा प्रत्याशी बीरेंद्र सिंह के पक्ष में जनसभा को किया संबोधित

लालू यादव के शासन में 60 से अधिक जातीय नरसंहार और 30 हजार से अधिक अपहरण हुएः योगी बिहार विधानसभा चुनाव यूपी के मुख्यमंत्री ने वजीरगंज विधायक व भाजपा प्रत्याशी बीरेंद्र सिंह के पक्ष में जनसभा को किया संबोधित राजद व कांग्रेस वाले हिंदुओं को नकार देंगे, इसलिए हमें भी इन्हें नकार देना चाहिएः योगी योगी ने ज्ञान, मुक्ति व अध्यात्म की धरा गया से राजद व कांग्रेस नेताओं को खूब धोया सीएम योगी का तंज- पहले पशुओं का चारा खाया, अब आए तो गरीबों का राशन खा जाएंगे कांग्रेस व राजद के समय सत्ता के समानांतर माफिया की सरकार चलने लग गई थीः सीएम बोले- रामद्रोही रामराज्य नहीं ला सकता, वह जंगलराज ही लाएगा यूपी में सपा सरकार में माफिया ने बनाए थे चार किलेनुमा मकान, हमने आज सुबह उस जमीन पर गरीबों को आवास दे दियाः मुख्यमंत्री गया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2005 के पहले बिहार में अपराध, जातीय संघर्ष, माओवाद, नक्सलवाद था। यूपी-बिहार के नाम पर देश-दुनिया में सम्मान नहीं मिलता था। बिहार में लालू प्रसाद यादव के शासन में 60 से अधिक जातीय नरसंहार, 30 हजार से अधिक अपहरण हुए। व्यापारी, डॉक्टर, इंजीनियर, संभ्रांत व्यक्ति सुरक्षित नहीं थे। बिहार के 30-40 फीसदी लोगों की आबादी गोरखपुर व वाराणसी में है, क्योंकि उस समय जंगलराज था, लेकिन नीतीश बाबू के नेतृत्व में 20 वर्ष में सुशासन की सुदृढ़ नींव रखी गई। बिहार में रोड, रेल, एयर कनेक्टिविटी के साथ अब वाटरवे की कनेक्टिविटी बिहार से होते हुए यूपी को जोड़ रही है। किसानों के उत्पाद हों या बिहार का मखाना, जल मार्ग से दुनिया के बाजारों में पहुंचाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में तमाम व्यस्तताओं के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को भी बिहार विधानसभा चुनाव में प्रचार करने पहुंचे। उन्होंने पहली रैली वजीरगंज विधानसभा क्षेत्र से विधायक व भाजपा प्रत्याशी बीरेंद्र सिंह के पक्ष में की। सीएम ने यहां भाजपा के विकास कार्यों को गिनाया तो राजद-कांग्रेस गठबंधन पर करारा प्रहार भी किया। सीएम ने गया को ज्ञान, मुक्ति व अध्यात्म की धरा बताते हुए यहां की ऐतिहासिकता पर प्रकाश डाला। बोले कि गया की धरती बहुत पवित्र है, सनातन धर्म की परंपरा है कि स्वर्ग लोक के पितर भी इसी धरती पर आकर तृप्त होते हैं। राजद व कांग्रेस वाले हिंदुओं को नकार देंगे, इसलिए हमें भी इन्हें नकार देना चाहिए सीएम योगी ने कहा कि हर सच्चा भारतीय राम को पूर्वज मानता है। कांग्रेस, सपा व राजद जब राम मंदिर का विरोध कर रही थी तब भी रामभक्त नारा लगाते थे कि रामलला हम आएंगे, लाठी-गोली खाएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे। सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस ने कहा था कि राम हुए ही नहीं, जैसे लगता है कि कांग्रेस का ही खानदान पैदा हुआ है, बाकी हुए ही नहीं। यह लोग राम-कृष्ण, विष्णु को नकारने लगते हैं। यह हिंदुओं को नकार देंगे, इसलिए हमें भी इन्हें नकार देना चाहिए। राजद ने राम मंदिर के रथ रोक दिया था। सपा ने रामभक्तों पर गोली चलाकर अयोध्या को लहुलूहान कर दिया। यूपी में भाजपा सरकार बनने के बाद हमने संकल्प पूरा किया। अयोध्या में भव्य राम मंदिर और काशी में काशी विश्वनाथ धाम का निर्माण का निर्माण हो गया। मथुरा-वृंदावन में कार्य कर रहे हैं। हर तीर्थ को सजा रहे हैं, जबकि सपा के लोग हमारे पैसे को कब्रिस्तान की बाउंड्री के लिए देते थे। हमने कहा कि यह पैसा मंदिरों-तीर्थों के सुंदरीकरण, हिंदू श्रद्धालुओं की सुविधा और गरीब हित में खर्च होगा। पहले पशुओं का चारा खाया, अब आए तो गरीबों का राशन खा जाएंगे सीएम योगी ने कहा कि बिहार में आज एनआईटी, आईआईएम, एम्स, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज आदि की लंबी श्रृंखला है। बिहार का नौजवान दुनिया में फिर से अपनी मेधा की छाप छोड़ रहा है और बिहार के विकास में भी योगदान दे रहा है। 11 वर्ष में मोदी जी ने विकास व विरासत का सम्मान किया है। सीएम ने केंद्र सरकार की विकास योजनाओं को भी गिनाया। बोले कि कांग्रेस व राजद झूठे वायदे कर रहे हैं। पहले यह पशुओं का चारा खाए, अब अवसर दिया तो गरीबों का राशन खा जाएंगे। सीएम ने अपील की कि कांग्रेस-राजद की घोषणा पर विश्वास न करना, क्योंकि जो राम का नहीं, वह हमारे किसी काम का नहीं। जो रामद्रोही है, वह हमारा भी विरोधी है। रामद्रोही रामराज्य नहीं ला सकता, वह जंगलराज ही लाएगा। कांग्रेस व राजद के समय सत्ता के समानांतर माफिया की सरकार चलने लग गई सीएम योगी ने कहा कि जिस बिहार ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद, लोकनायक जयप्रकाश नारायण, जननायक कर्पूरी ठाकुर को दिया, वह बिहार पहचान के लिए क्यों मोहताज हुआ। पहले कांग्रेस, फिर राजद ने बिहार को लूटा, नौजवानों के रोजगार को छीना, किसानों को आत्महत्या के लिए मजबूर किया। गरीबों को योजनाओं का लाभ नहीं दिया। पैसा परिवार के विकास में लगा दिया, जिससे सब कुछ चौपट हो गया और नक्सलवाद, माओवाद, माफियावाद फैलता गया। बेटी-बहन पर सुरक्षा का संकट खड़ा हो गया। सत्ता के समानांतर माफिया की सरकार चलने लग गई। कांग्रेस व राजद ने बिहार के नागरिकों के सामने पहचान का संकट खड़ा किया। जब भी कानून व्यवस्था खराब होती है तो युवा रोजगार, बेटी सुरक्षा के लिए परेशान होती है। कोई निवेशक नहीं आता है, जिससे विकास बाधित हो जाता है। सपा सरकार में माफिया ने बनाए थे चार किलेनुमा मकान, हमने आज सुबह उस जमीन पर गरीबों को आवास दे दिया सीएम योगी ने कहा कि राजद व कांग्रेस की पार्टनर यूपी में समाजवादी पार्टी है। लखनऊ में सपा सरकार के समय एक माफिया ने गरीबों और सरकारी जमीन पर चार किलेनुमे मकान बना डाले थे। हमारी सरकार बनते ही मैंने पूछा कि यह किसने बनवाए हैं। लोगों ने जब नाम बताया तो मैंने कहा कि यह तो कुख्यात माफिया है। फिर हमारी सरकार ने बुलडोजर की कार्रवाई की। हमने उस जमीन को प्लेन किया, फिर हाईराइज बिल्डिंग बनाकर गरीबों के आवास बनाए। कार्तिक पूर्णिमा पर आज सुबह मैं लखनऊ में गरीबों को आवास उपलब्ध करा रहा था। यूपी में जो काम सपा करती थी, वही काम बिहार में राजद व कांग्रेस करती थी। इनका उपचार केवल एनडीए है। यह लोग जाति सेना खड़ी करके लड़ाते थे। सीएम ने फिर … Read more

योगी सरकार ने बढ़ाई कन्या विवाह सहायता राशि, श्रमिक परिवारों को मिलेगा सीधा लाभ

योगी सरकार की बड़ी सौगात, निर्माण श्रमिकों की बेटियों के विवाह पर अब ₹85,000 तक की सहायता योगी सरकार ने बढ़ाई कन्या विवाह सहायता राशि, श्रमिक परिवारों को मिलेगा सीधा लाभ सामान्य विवाह पर ₹65,000, अंतर्जातीय विवाह पर ₹75,000, सामूहिक विवाह पर ₹85,000 तक की सहायता आयोजन के लिए मिलेगी अलग से ₹15,000 की राशि, आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और निशुल्क बीओसी बोर्ड द्वारा अब तक संचालित विभिन्न योजनाओं के तहत ₹6336.61 करोड़ वितरित, 1.88 करोड़ पंजीकृत श्रमिक लाभान्वित हर गरीब और श्रमिक परिवार तक विकास का लाभ पहुंचाना ही योगी सरकार का संकल्प लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने निर्माण श्रमिकों के हित में बड़ा निर्णय लिया है।राज्य के भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित कन्या विवाह सहायता योजना में आर्थिक सहायता राशि में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है। अब सामान्य विवाह के लिए ₹65,000, अन्तर्जातीय विवाह के लिए ₹75,000 और सामूहिक विवाह के लिए ₹85,000 प्रति जोड़े की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अतिरिक्त ₹15,000 आयोजन के लिए पृथक से उपलब्ध कराया जाएगा। कन्यादान का फर्ज निभा रहे सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मानना है कि श्रमिक परिवार समाज की रीढ़ हैं। उनकी बेटियों के विवाह में आर्थिक सहयोग देना सरकार का मानवीय कर्तव्य है। सरकार का प्रयास है कि कोई भी श्रमिक बेटी बिना चिंता के अपने जीवन का नया अध्याय शुरू कर सके। इसी क्रम में सामूहिक विवाह कार्यक्रमों की संपूर्ण व्यवस्था श्रम विभाग एवं बोर्ड द्वारा की जाएगी ताकि श्रमिक परिवारों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। विवाह आयोजन में सुरक्षा, आवास, परिवहन और भोजन की सभी व्यवस्थाएं विभाग द्वारा सुनिश्चित की जाएंगी। 1.88 करोड़ से अधिक पंजीकृत श्रमिक होंगे लाभान्वित बोर्ड की सचिव पूजा यादव ने बताया कि भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड का उद्देश्य हर पंजीकृत श्रमिक तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। कन्या विवाह सहायता राशि में वृद्धि से श्रमिक परिवारों को सीधा और ठोस लाभ मिलेगा। वर्तमान में 1.88 करोड़ से अधिक श्रमिक बोर्ड में पंजीकृत हैं।  सुविधाजनक और निःशुल्क आवेदन प्रक्रिया पंजीकृत श्रमिक मात्र ₹20 एकमुश्त पंजीकरण शुल्क और ₹20 वार्षिक अंशदान देकर योजनाओं के पात्र बन सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया पूर्णतः ऑनलाइन एवं निःशुल्क है — श्रमिक www.upbocwboard.in वेबसाइट या जन सेवा केंद्रों के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। श्रमिकों के लिए बोर्ड द्वारा संचालित अन्य कल्याणकारी योजनाएं बोर्ड द्वारा पंजीकृत श्रमिकों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं— ▪️जन्म सहायता: पुत्र जन्म पर ₹20,000, पुत्री जन्म पर ₹25,000 और ₹2.50 लाख की सावधि जमा राशि। ▪️शिक्षा सहायता: कक्षा 1 से उच्च शिक्षा तक ₹2,000 से ₹1,00,000 तक की धनराशि एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की पूर्ण शुल्क प्रतिपूर्ति। ▪️गंभीर बीमारी सहायता: चिकित्सा पर आने वाले व्यय की प्रतिपूर्ति। ▪️पेंशन सहायता: पात्रता अनुसार प्रति माह ₹1,000 की आर्थिक सहायता। ▪️दिव्यांगता/मृत्यु सहायता: ₹2,00,000 से ₹5,00,000 तक की आर्थिक मदद श्रमिक के आश्रितों को प्रदान की जाती है। अब तक बोर्ड द्वारा 18,94,797 आवेदनों पर ₹6336.61 करोड़ की धनराशि विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत प्रदान की जा चुकी है।

उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी बृजलाल ने माफियाराज की भयावह कहानियां साझा कर सभी को किया स्तब्ध

जहां कभी माफिया मुख्तार अंसारी का था कब्ज़ा, वहीं आज गरीबों को मिला अपना घर — बृजलाल उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी बृजलाल ने माफियाराज की भयावह कहानियां साझा कर सभी को किया स्तब्ध   लखनऊ में ‘सरदार पटेल आवासीय योजना’ के लोकार्पण पर बोले पूर्व डीजीपी- सपा राज में थी अपराधियों की खुली बादशाहत – सीएम योगी के राज में खत्म हुआ माफियाराज, आज यूपी में कानून का राज कायम – पूर्व की सरकारों में डीजीपी कार्यालय के सामने तक माफियाओं का राज चलता था, प्रशासन अपराधियों के सामने बेबस था- पूर्व डीजीपी – 2005 में बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय की हत्या की साजिश के पीछे भी मुख्तार अंसारी का था हाथ – कहा- तत्कालीन डीएसपी शैलेंद्र प्रताप सिंह ने कारतूस समेत जब्त किया था मुख्तार अंसारी की लाइट मशीन गन – बोले- समाजवादी पार्टी की सत्ता के दबाव में डीएसपी शैलेंद्र प्रताप सिंह को देना पड़ा था इस्तीफा – कृष्णानंद राय की हत्या में 600 गोलियां चलाई गईं, 67 गोलियां उन्हें लगीं, पर सरकार ने कुछ नहीं किया – सपा सरकार के संरक्षण में अपराधियों ने समानांतर सरकार चला रखी थी, अधिकारी भी करते थे सलाम – मऊ दंगे के दौरान मुख्तार खुलेआम राइफल लेकर खुलीगाड़ी में सड़कों पर घूम रहा था और सरकार आंखें मूंदे बैठी थी – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दृढ़ इच्छाशक्ति और ईमानदार शासन का परिणाम है कि आज यूपी से माफियाराज खत्म हो गया है – जहां कभी रंगदारी और अपहरण उद्योग चलता था, वहीं आज 40 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आ रहा है- बृजलाल लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को राजधानी लखनऊ में माफिया से मुक्त कराई गई भूमि पर ‘सरदार वल्लभभाई पटेल आवासीय योजना’ का लोकार्पण किया। इस अवसर पर लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा निर्मित दुर्बल आय वर्ग के 72 परिवारों को फ्लैट आवंटन पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद और उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी बृजलाल ने  माफियाराज की भयावह कहानियां साझा कर सभी को स्तब्ध कर दिया। उन्होंने कहा कि कैसे पूर्व समाजवादी पार्टी सरकार में माफिया खुलेआम गुंडागर्दी करते थे, पुलिस-प्रशासन सलाम ठोकता था और गरीब-व्यापारी असहाय थे। उन्होंने कहा कि आज जो भूमि गरीबों को आवास दे रही है, कभी यहां मुख्तार अंसारी जैसे माफियाओं का कब्ज़ा था। प्रदेश के पूर्व डीजीपी बृजलाल ने कहा कि एक समय था जब डीजीपी कार्यालय के सामने तक माफियाओं का राज चलता था। उन्होंने खुलासा किया कि पूर्व की सरकारों में पुलिस और प्रशासन अपराधियों के सामने बेबस था। मुख्तार अंसारी जैसे माफिया की दहशत ऐसी थी कि बड़े-बड़े पुलिस अधिकारी और आईएएस अधिकारी उसके घर जाकर सलाम करते थे। बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय की हत्या की साजिश के पीछे था मुख्तार अंसारी पूर्व डीजीपी ने बताया कि वर्ष 2005 में बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय की हत्या की साजिश के पीछे भी मुख्तार अंसारी का हाथ था। उन्होंने कहा कि जब मैं आईजी कानून-व्यवस्था था, तब जानकारी मिली कि मुख्तार ने कश्मीर से लाइट मशीन गन मंगाई है। हमारे डीएसपी शैलेंद्र प्रताप सिंह ने वह हथियार कारतूस समेत बरामद किया था, लेकिन सत्ता के दबाव में उन्हें इतना प्रताड़ित किया गया कि उन्होंने इस्तीफा देना पड़ा।  सपा सरकार के संरक्षण में अपराधियों ने समानांतर सरकार चला रखी थी बृजलाल ने कहा कि सपा सरकार के संरक्षण में अपराधियों ने समानांतर सरकार चला रखी थी। कृष्णानंद राय की हत्या में 600 गोलियां चलाई गईं, 67 गोलियां उन्हें लगीं, पर किसी ने कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि मऊ दंगे के दौरान मुख्तार खुलेआम राइफल लेकर खुलीगाड़ी में सड़कों पर घूम रहा था और सरकार आंखें मूंदे बैठी थी। उन्होंने कहा कि आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वह माफियागिरी समाप्त हो चुकी है। कुछ अपराधी मारे जा चुके हैं, कुछ जेल में हैं, कुछ प्रदेश छोड़ भाग गए हैं और कुछ अब माला जप रहे हैं। योगी सरकार में कानून का राज स्थापित हुआ है, इसलिए आज निवेशक भी उत्तर प्रदेश पर भरोसा कर रहे हैं। कभी जहां रंगदारी और अपहरण उद्योग चलता था, वहीं आज 40 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आ रहा है। बृजलाल ने सीएम योगी को दिया धन्यवाद, कहा- जब कानून व्यवस्था दुरुस्त होती है, तभी विकास होता है बृजलाल ने गरीब लाभार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि जहां कभी माफियाओं के गैंग का अड्डा था, आज वहां 72 गरीब परिवारों के सपनों का घर बस रहा है। यह बदलाव योगी आदित्यनाथ की दृढ़ इच्छाशक्ति और ईमानदार शासन का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जब कानून व्यवस्था दुरुस्त होती है, तभी विकास होता है। योगी सरकार ने यूपी को अपराध और अराजकता से मुक्त कर निवेश, विकास और सुशासन का प्रतीक बना दिया है।

रेल दुर्घटना का दर्दनाक मंज़र: 11 की मौत, 20 गंभीर — पहचाने गए 5 मृतकों के नाम व फोटो जारी

बिलासपुर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में मंगलवार को हुए भीषण रेल हादसे ने पूरे प्रदेश को शोक में डुबो दिया है। लाल खदान स्टेशन के पास गाड़ी संख्या 68733 गेवरारोड-बिलासपुर मेमू लोकल ट्रेन और मालगाड़ी की टक्कर में अब तक 11 यात्रियों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 20 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। हादसे में मृतकों की पहचान का सिलसिला जारी है और अब तक पांच यात्रियों के नाम और तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें लोको पायलट, छात्रा और अन्य यात्री शामिल हैं। मृतकों के नाम और पहचान मृतकों में लोको पायलट विद्या सागर, प्रमिला वस्त्रकार, अंकित अग्रवाल, प्रिया चंद्रा और शीला यादव के नाम की पुष्टि हुई है। मृतका शीला यादव देवरी खुर्द के बहनिया मंदिर के पास रहने वाली थीं, जबकि प्रिया चंद्रा गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (GGU) की बीएससी फाइनल ईयर की छात्रा थीं। वह सक्ती जिले के बहेराडीह की निवासी थीं। इनकी मौत की खबर सुनते ही परिजनों में मातम छा गया है। हादसे में लोको पायलट विद्या सागर की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं सहायक लोको पायलट रश्मि राज गंभीर रूप से घायल हैं। उन्हें अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के दौरान मालगाड़ी के ट्रेन मैनेजर शैलेश चंद्रा ने तेज गति से आती मेमू ट्रेन को देखकर गाड़ी से कूदकर अपनी जान बचाई। लगभग 10 घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन रेलवे और स्थानीय प्रशासन की टीम ने रेल हादसे के बाद लगभग 10 घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाया, जो बुधवार तड़के तक चला। मंगलवार देर रात तक हैवी क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त बोगी को हटा लिया गया। रात 3 बजे तक शवों को बाहर निकालने का काम चला। जिसके बाद मुंबई-हावड़ा रेल लाइन पर यातायात बहाल कर दिया गया है। साथ ही अप, डाउन और मिडल लाइन को क्लियर कर दिया गया है। अब रेल यातायात पूरी तरह से बहाल कर दिया गया है। घायल यात्रियों के नाम इस रेल हादसे में घायल हुए यात्रियों के नाम सामने आये हैं। इस सूची में 20 लोगों के नाम शामिल हैं।     मथुरा भास्कर, स्त्री, आयु 55 वर्ष     चौरा भास्कर, पुरुष, आयु 50 वर्ष     शत्रुघ्न, पुरुष, आयु 50 वर्ष     गीता देबनाथ, स्त्री, आयु 30 वर्ष     मेहनिश खान, स्त्री, आयु 19 वर्ष     संजू विश्वकर्मा, पुरुष, आयु 35 वर्ष     सोनी यादव, स्त्री, आयु 25 वर्ष     संतोष हंसराज, पुरुष, आयु 60 वर्ष     रश्मि राज, स्त्री, आयु 34     ऋषि यादव, आयु 2 वर्ष     तुलाराम अग्रवाल, पुरुष, आयु 60 वर्ष     अराधना निषाद, स्त्री, आयु 16 वर्ष     मोहन शर्मा, पुरुष, आयु 29 वर्ष     अंजूला सिंह, स्त्री, आयु 49 वर्ष     शांता देवी गौतम, स्त्री, आयु 64 वर्ष     प्रीतम कुमार, पुरुष, आयु 18 वर्ष     शैलेश चंद्र, पुरुष, आयु 49 वर्ष     अशोक कुमार दीक्षित, पुरुष, आयु 54 वर्ष     नीरज देवांगन, पुरुष, आयु 53 वर्ष     राजेंद्र मारुति बिसारे, पुरुष, आयु 60 वर्ष मुआवजे का ऐलान बिलासपुर रेल हादसा में प्रभावित लोगों को मुआवजे का ऐलान किया गया है। रेलवे ने मृतक के परिवार को 10 लाख और गंभीर घायलों को 5 लाख, सामान्य घायलों को एक लाख रुपये देने की घोषणा की है। सीएम साय ने किया मुआवजे का ऐलान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घोषणा की है कि इस हादसे में मृतक के परिजनों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। वहीं घायलों को 50 हजार रुपए की सहायता राशि दी जाएगी। CRS स्तर पर होगी जांच बिलासपुर रेल हादसे की जांच रेलवे सुरक्षा आयुक्त (Commissioner of Railway Safety – CRS) स्तर पर कराई जाएगी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दुर्घटना गटौरा और बिलासपुर के बीच सिग्नल या लाइन-स्विचिंग से जुड़ी तकनीकी त्रुटि के चलते हुई बताई जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।

म.प्र. लोक सेवा आयोग का 68वां वार्षिक प्रतिवेदन राज्यपाल पटेल को भेंट किया गया

राज्यपाल  पटेल को म.प्र. लोक सेवा आयोग का 68वां वार्षिक प्रतिवेदन किया भेंट म.प्र. लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों ने राजभवन में की सौजन्य भेंट भोपाल राज्यपाल  मंगुभाई पटेल से मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ. राजेशलाल मेहरा, सदस्य डॉ. नरेन्द्र कोष्ठी, सचिव मती राखी सहाय और परीक्षा नियंत्रक डॉ. वी. के. गुप्ता ने राजभवन में सौजन्य भेंट की। उन्होंने राज्यपाल  पटेल को आयोग का 68वां वार्षिक प्रतिवेदन भेंट किया। राज्यपाल  पटेल को आयोग के अध्यक्ष डॉ. मेहरा ने बताया कि आयोग द्वारा वर्ष 2024-25 में राज्य शासन के विभिन्न विभागों के लिए 5 हजार 581 पदों हेतु 71 विज्ञापन जारी किये गये। आयोग द्वारा राज्य सेवा परीक्षा एवं राज्य वन सेवा परीक्षा 2023, 2024 और 2025 की प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा का आयोजन किया गया। आयोग द्वारा द्विस्तरीय परीक्षाओं और राज्य पात्रता परीक्षा का आयोजन भी किया गया। लोक सेवा आयोग द्वारा वर्ष 2024-25 में विभिन्न विभागों के पदों के लिए 6 हजार 260 अभ्यार्थियों को साक्षात्कार के लिए आमंत्रित किया गया। कुल 1 हजार 479 पदों पर अभ्यर्थियों का चयन कर शासन को अनुशंसा भेजी गई। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ. मेहरा ने बताया कि आयोग द्वारा उत्तरोत्तर गुणवत्ता संवर्धन और अभ्यर्थियों को आयोग की विभिन्न गतिविधियों की उपयोगी जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से नवाचार के क्रम में ई-न्यूज लेटर ‘संवदिया’ का प्रकाशन किया गया। विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के गोपनीय कार्यों के लिए विषय विशेषज्ञ आमंत्रित करने ‘विषय विशेषज्ञ पोर्टल’ प्रारंभ किया गया है। इसी प्रकार राज्य सेवा मुख्य परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैनिंग कर ऑनस्क्रीन मार्किंग के माध्यम से मूल्यांकन कार्य किया जा रहा है।  

उत्तर प्रदेश: मुख्तार अंसारी की जमीन पर फ्लैट्स का वितरण, 72 परिवारों को मिली चाबी

लखनऊ सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में मुख्तार अंसारी के कब्जे से मुक्त कराई गई प्राइम लोकेशन की जमीन पर बने फ्लैटों का उद्घाटन किया और 72 गरीब परिवारों को इसकी चाबी सौंपी. सीएम योगी ने इस कार्यक्रम को केवल आवंटन नहीं, बल्कि माफियाओं के लिए एक कड़ा 'संदेश' बताया. उन्होंने कहा कि जो माफिया किसी गरीब या सरकारी जमीन पर कब्जा करेगा, उसका यही हाल होगा.  1 करोड़ के फ्लैट ₹10.70 लाख में सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस दौरान माफियाओं और उनके समर्थकों पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा, "ये लखनऊ की सबसे प्राइम लोकेशन है. एक आवास एलडीए ने 10 लाख 70 हजार में उपलब्ध कराया है, जबकि मार्केट रेट यहां पर एक करोड़ तक है."  उन्होंने चेतावनी दी, "ये उनके लिए संदेश है जो माफिया को शागिर्द बनाते हैं. उनकी कब्र में जाकर फातिहा पढ़ते हैं. अब उत्तर प्रदेश में ये नहीं कर पाएंगे." सीएम ने स्पष्ट किया कि माफिया किसी के नहीं होते, वे हर गरीब और व्यापारी का शोषण करते हैं. 'माफिया जिस भाषा में समझते हैं, उन्हें उसी भाषा में समझाया' सीएम योगी ने पुरानी सरकारों को घेरते हुए कहा कि पहले माफिया और पेशेवर अपराधी भारत के संविधान का अपमान करते थे और अपराध से छाती ठोंककर सरकारों को झुकाते थे. पूरे प्रदेश में हर जगह ये माफिया हावी थे. उन्होंने आगे कहा- लेकिन अब यूपी में कानून व्यवस्था का मॉडल बदल गया है. सीएम ने जोर देकर कहा कि "अब ये माफिया जिस भाषा में समझते हैं, उन्हें इसी भाषा में समझाया गया." उन्होंने माफियाओं से सहानुभूति रखने वालों को 'अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारने' वाला बताया.  कुकरैल नदी के किनारे, वीआईपी इलाके में हैं फ्लैट आपको बता दें कि एलडीए ने माफिया मुख्तार अंसारी की खाली करवाई जमीन पर 72 फ्लैट बनवाए हैं, जिनकी मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में लॉटरी कराई गई. लॉटरी में चयनित आवंटियों को सीएम योगी ने आज यानी कि बुधवार को स्वयं चाबी सौंपी. इस दौरान उन्होंने माफिया से मुक्त कराई गई जमीन पर बने आवासों के आवंटन को एक कड़ा संदेश बताया. सीएम ने कहा, "यह संदेश है गरीब की जमीन पर अगर किसी माफिया ने कब्जा किया तो उसका यही हाल होगा जो यहां किया और जो प्रयागराज मे हमने किया." योगी का सख्त का संदेश सीएम योगी ने माफिया समर्थकों को चेतावनी देते हुए कहा, "उन लोगों को संदेश है जो कब्र में जाकर फातिहा पढ़ते हैं. माफिया अब यूपी में नहीं कर पाएंगे." उन्होंने कहा, "जिन लोगों ने माफिया की गिरफ्त में यूपी को लाया, वही लोग हैं जो जाति में बांटते हैं, जातीय नरसंहार करते हैं और सत्ता से हटने के बाद माफिया के लिए फातिहा पढ़ते थे." सीएम ने कहा कि कुकरैल नदी के किनारे बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों का कब्जा था, जिसे हटाकर अब उपवन (पार्क) बनाया गया है.  

सोना हुआ सस्ता! भारत में 10 दिन में ₹10,000 की गिरावट, लेकिन पाकिस्तान में अब भी आसमान छू रहे दाम

इंदौर  सोना-चांदी की कीमत भारत में बीते कुछ दिनों से तेजी से क्रैश (Gold-Silver Price Crash) हुई है. इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि घरेलू मार्केट में 10 ग्राम 24 कैरेट गोल्ड रेट महज 10 कारोबारी दिनों में ही 10,000 रुपये से ज्यादा कम हो चुका है. न सिर्फ भारत, बल्कि दुनिया भर में सोने का दाम फिसला है. पाकिस्तान में तगड़ी गिरावट के बाद भी सिर्फ एक तोला गोल्ड की कीमत (Pakistan Gold Rate) इतनी है, जिसमें भारत में एक ऑल्टो कार खरीदी जा सकती है.  भारत में ऐसे फिसल रहा सोना सबसे पहले बताते हैं भारत में Gold-Silver Rate के बारे में, तो बुधवार को कमोडिटी मार्केट से लेकर शेयर बाजार तक बंद हैं, लेकिन बीते कारोबारी दिन मंगलवार को सोना-चांदी तेजी से फिसले थे. MCX पर 5 दिसंबर की एक्सपायरी वाला सोना कारोबार के दौरान 1600 रुपये फिसलने के बाद सुधार के बावजूद 500 रुपये टूटकर 1,19,749 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था. वहीं चांदी 3000 रुपये से ज्यादा फिसलकर 1.44 लाख रुपये तक पहुंच गई थी.  घरेलू मार्केट में 11 दिन में ₹10000 सस्ता बात घरेलू मार्केट की करें, तो साप्ताहिक अवकाश और दीवाली की छुट्टी को हटा दें, तो इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट पर अपडेट रेट्स के मुताबिक सिर्फ 10 दिन में ही सोना 10,455 रुपये सस्ता हुआ है. दरअसल, बीते 17 अक्टूबर की सुबह कारोबार शुरू होने पर 24 कैरेट सोना 1,30,874 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो बीते कारोबारी दिन मंगलवार की शाम को 1,20,419 रुपये पर बंद हुआ था.  चांदी की कीमतों में आए बदलाव पर गौर करें, तो इस अवधि में Silver Price में 25,125 रुपये की तगड़ी गिरावट दर्ज की गई है. इसका भाव इन कारोबारी दिनों में 1,71,275 से कम होकर 1,46,150 रुपये पर आ गया है.     पाकिस्तान में 1 तोला Gold कितने का?  अब बताते हैं पाकिस्तान में सोने की कीमत के बारे में, तो 5 नवंबर को देश में 10 ग्राम 24 कैरेट गोल्ड का रेट बीते कुछ दिनों में आई गिरावट के बावजूद 3,60,645 पाकिस्तानी रुपये है. जबकि चंद दिन पहले पाकिस्तान 1 तोला सोने का भाव 4,20,650 रुपये था. वहीं चांदी का लेटेस्ट रेट देखें, तो ये 4,41,000 रुपये प्रति किलो चल रही है.  मतलब जितनी पाकिस्तान में एक तोला Gold और एक किलो Silver का रेट है, उतने रुपये में तो भारत में एक ऑल्टो कार खरीद सकते हैं और पैसे भी बचेंगे. बता दें कि भारत में इस पॉपुलर हैचबैक कार Alto K10 की शुरुआती कीमत 3.70 लाख रुपये है. हालांकि, दोनों देशों की मुद्राओं में बड़ा अंतर है. Pakistan Currency (PKR) में चांदी का भाव 4.41 लाख रुपये, भारतीय करेंसी में 1.40 लाख रुपये होता है, जबकि एक तोला सोने का भाव Indian Currency में 1.32 लाख रुपये के आस-पास होता है. 

इंदौर में मेट्रो का नया 12 किमी अंडरग्राउंड रूट, लागत में जुड़ा एक हजार करोड़ का अतिरिक्त खर्च

इंदौर  इंदौर में मेट्रो प्रोजेक्ट की सारी डिजाइन तय होने और काम शुरू होने के बाद मध्य हिस्से के अंडग्राउंड रुट में बदलाव की तैयारी के कारण मेट्रो प्रोजेक्ट का काम और पिछड़ सकता है, साथ ही लागत भी बढ़ेगी।   शहर विकास को लेकर सोमवार को हुई बैठक में मेट्रो ट्रेन का रूट खजराना क्षेत्र से ही अंडरग्राउंड करने का निर्णय गया। पहले इंदौर में मेट्रो का रुट का अंडरग्राउंड हिस्सा 8.7 किलोमीटर था, लेकिन यदि बदलाव होता है तो अब अंडग्राउंड हिस्सा 12 किलोमीटर हो जाएगा। मंत्री विजयवर्गीय ने भले ही यह कहा कि रूट के बदलाव में जो लागत बढ़ेगी, उसकी भी व्यवस्था की जाएगी, लेकिन इससे डिजाइन में बड़ा बदलाव करना होगा और स्टेशनों में भी बदलाव होगा, जबकि केंद्र सरकार की तरफ से स्टेशनों का नोटिफिकेशन हो चुका है और प्रशासन ने जरुरत के हिसाब से जमीन भी आवंटित की है। बदलाव के बाद नए सिरे से सर्वे होगा, फिर डिजाइन में बदलाव के बाद कैबिनेट बैठक में इस बारे में अनुमति लेना होगी। इसके बाद केंद्र सरकार से भी मंजूरी मिलेगी। फिर काम नए सिरे से शुरू होगा।   एक हजार करोड़ ज्यादा खर्च मेट्रो ट्रेक की प्लानिंग में बदलाव के कारण अब एक हजार करोड़ रुपये ज्यादा खर्च होंगे। अभी मेट्रो प्रोेजेक्ट की लागत पंद्रह हजार करोड़ है। बदलाव के बाद  लागत और बढ़ेगी। मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट पूरा होने में भी देरी होगी। इसके अलावा अंडग्राउंड हिस्से में अलग से मिट्टी परीक्षण व अन्य परीक्षण होंगे। बंगाली चौराहे वाले हिस्से से अब मेट्रो ट्रेन अंडरग्राउंड होगी। शहर का यह हिस्सा पथरीला है। यहां निर्माण में भी ज्यादा समय लग सकता है। मेट्रो ट्रेन-फैक्ट फाइल -इंदौर में मेट्रो का रुट 31 किलोमीटर का है। सुपर काॅरिडोर से रिंग रोड, एमजी रोड, एरोड्रम रोड होते हुए ट्रेन एयरपोर्ट तक जाएगी। -इंदौर मेट्रो एयरपोर्ट, दो बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन को कवर करेगी। शहर के मध्य हिस्से के ट्रैफिक को कम करने में मददगार साबित होगी। -हर 30 मिनट के अंतर से मेट्रो ट्रेन चलेगी।शहर में कुल 28 स्टेशनों से ट्रेन गुजरेगी। फिलहाल 15 जगह स्टेशनों का काम चल रहा है। 20 से लेकर 80 रुपये तक मेट्रो ट्रेन का किराया होगा। मेट्रो ट्रेन कार्पोेरेशन ने किराए के लिहाज से मेट्रो रुट को पांच जोन में बांटा है। -मेट्रो ट्रेन का संचालन सुबह आठ बजे से शुरू होगा और रात आठ बजे तक चलेगी। । फिलहाल मेट्रो का संचालन सात किलोमीटर हिस्से में होगा। यहां मेट्रो का किराया अधिकतम 30 रुपये होगा। – 20 से ज्यादा मेट्रो ट्रेन का संचालन होगा। एक ट्रेन में साढ़े चार सौ यात्री संवार हो सकेंगे। बैठने के अलाए खड़े रहकर सफर करने में भी आसानी होगी।  

गुरुनानक देव की जयंती पर मोहन यादव ने गुरुद्वारा में मत्था टेका, देशभक्ति और बलिदान की बात कही

भोपाल  गुरुनानक देव का 556वां प्रकाशपर्व राजधानी भोपाल में धूमधाम से मनाया गया. इस अवसर पर हमीदिया रोड स्थित गुरुद्वारे में मत्था टेकने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी पहुंचे. इस दौरान उन्होंने देश और प्रदेश वासियों को प्रकाश पर्व की शुभाकामनांए दी. साथ ही गुरु तेग बहादुर की 350वीं जन्मजयंती को भी धूमधाम से मनाने का आश्वासन दिया. सीएम ने कहा कि गुरु तेग बहादुर की जन्म जयंती पिछली बार भी प्रदेश में धूमधाम से मनाई गई थी, इस बार भी सरकार इसके लिए कटिबद्ध है. गुरुनानक ने अपने जीवन से किया लोगों को प्रेरित हमीदिया रोड स्थित गुरुद्वारे पहुंचकर सबसे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मत्था टेका. इसके बाद कुछ देर गुरुद्वारे में बैठकर कीर्तन सुना. इसके बाद वहां उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि "हम लोग कार्तिक पूर्णिमा को ऐसे गुरुद्वारे में मना रहे हैं, जो साक्षात ईश्वर के समान थे. उन्होंने कहा कि गुरुनानक एक ऐसा विराट व्यक्तित्व थे, जिसने मानवता को सेवा, कीर्तन और शिक्षा के माध्यम से ने केवल साहस दिया बल्कि अपने जीवन के जरिए उन्होंने सीख भी दी." अरब देशों में जाकर भी किया एक ओंकार का प्रसार सीएम मोहन यादव ने कहा कि "संत गुरुनानक पूरे देश में पदयात्रा करते थे. वर्तमान देश ही नहीं, उस समय के अफगानिस्तान और अरब देशों में भी जाकर उन्होंने निडरता के साथ एक ओंकार सतनाम वाहे गुरु का मंत्र दिया. उस दौर में अरब देशों में ऐसा करना कोई सोच भी नहीं सकता था, लेकिन गुरुनानक ने वहां जाकर भी प्रचार किए कि ईश्वर एक है. गुरुनानक का अरब और अफगानिस्तान में जो भाव था, वह बाबर के सामने भी रहा. देश को बचाने के लिए सिक्ख समाज ने किया बलिदान उन्होंने कहा कि संत गुरुनानक ने लोगों को बताया कि नाम जप से अयात्मिक और मानसिक उर्जा मिलती है. इसीलिए उन्होंने नाम जप और संकीर्तन के लिए लोगों को प्रेरित किया. उन्होंने सामाजिक समरसता के लिए सब लोगों को एक पंगत में लेकर आए. उनका मानना था कि जातिगत विभिन्नताओं से समाज कमजोर होता है. इन समाज में दूरियां बढ़ती हैं. अन्याय करने वालों के साथ दृड़ता से खड़े रहने का जो पाठ गुरुनानक ने सिखाया, उसे गुरु तेग बहादुर से लेक गुरु गोविंद सिंह तक ने मजबूती से निभाया. चाहे अफगानी रहे हो या मुगल या अंग्रेज, सिक्ख समाज ने देश को बचाने के लिए हमेशा बलिदान किया." हमीदिया रोड में 15 हजार लोगों का लंगर गुरुनानक के 556वें प्रकाश पर्व के अवसर पर अरेरा कॉलोनी, हमीदिया रोड और पिपलानी स्थित गुरुद्वारों को रंगबिरंगी रोशनी और फूलों से सजाया गया है. वहीं हमीदिया रोड गुरुद्वारे पर 15 हजार लोगों के लिए लंगर की व्यवस्था की गई है. यहां 35 से 40 क्विंटल खाद्य सामग्री का उपयोग इस विशाल लंगर में किया जाएगा. शहर के 5 से 6 गुरुद्वारों से रोटियां व अन्य सामग्री भी बनाकर हमीदिया रोड गुरुद्वारे में लंगर के लिए भेजी जाएगी.

मध्य प्रदेश बिजली विवाद: 10 घंटे वाले सर्कुलर के बाद चीफ इंजीनियर को हटाया, CM ने लिया सख्त निर्णय

भोपाल  एमपी में किसानों को बिजली आपूर्ति के लिए तय की गई समय सीमा को लेकर शुरू हुए विवाद के बाद सीएम मोहन यादव एक्शन में दिखे। उन्होंने नए फरमान कि 10 घंटे से ज्यादा आपूर्ति पर अफसरों का वेतन काटे जाने के मामले को तूल पकड़ता देख चीफ इंजीनियर को हटाने के निर्देश दिए हैं। यहां पढ़ें पूरा मामला दरअसल एमपी की विद्युत वितरण कंपनी, मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड और कुछ क्षेत्रीय वितरण कंपनी ने कृषि फीडरों को लेकर एक फरमान जारी किया था, जिसमें कृषि उपभोक्ताओं को प्रतिदिन 10 घंटे बिजली दिया जाना निश्चित किया गया। इस नये फरमान के मुताबिक यदि किसी क्षेत्र में तय समय सीमा के 10 घंटे से ज्यादा बिजली आपूर्ति की जाती है, उस क्षेत्र के अधिकारियों और कर्मचारियों की सैलरी काटी जाएगी और अतिरिक्त बिजली का भुगतान लिया जाएगा। ये अधिकारी और कर्मचारी उसी क्षेत्र के फीडर और नेटवर्क के होंगे। वहीं दूसरी ओर कंपनी ने कहा है कि किसानों को रोजाना 10 घंटे की बिजली लगातार दी जा रही है। विपक्ष ने बोला हमला इस फरमान के बाद विपक्ष ने बीजेपी को जमकर घेरा। विपक्ष ने सवाल उठाया है कि क्या प्रदेश में बिजली की इतनी कमी है कि बिजली कंपनी को ये सर्कुलर जारी करना पड़ा कि 10 घंटे से 1 मिनट भी बिजली आपूर्ति ज्यादा दिखी, तो संबंधित अफसरों और कर्मचारियों पर तुरंत कार्रवाई करते हुए उनका वेतन काटा जाएगा। संक्षिप्त में जानें विवाद     कृषि विद्युत आपूर्ति को 10 घंटे में सीमित करना     अधिक बिजली देने पर अधिकारियों का वेतन काटा जाना     कंपनी का ये कहना कि 10 घंटे से ज्यादा आपूर्ति कर्मचारियों और अधिकारियों के तनाव का कारण बन सकती है।     विपक्ष इसे अस्पष्ट, अनुचित दबाव वाला कदम बता रहा है।     यह मामला राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील है, क्योंकि किसानों की बिजली आपूर्ति और सब्सिडी से जुड़ा है। ऐसे निर्णय सीधे ग्रामीण इलाकों की दैनिक कृषि-क्रियाओं को प्रभावित करते हैं। सीएम ने लिया एक्शन इस मामले के तूल पकड़ने के बाद सीएम मोहन यादव ने जहां किसानों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए पर्याप्त आपूर्ति देने का आश्वासन दिया है। वहीं कृषि फीडरों को 10 घंटे बिजली आपूर्ति के निश्चित किए गए समय और अफसरों के वेतन काटे जाने के फरमान का जारी किए गए सर्कुलेशन को लेकर भी सख्त एक्शन में नजर आए। उन्होंने मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के चीफ इंजीनियर को हटाने के निर्देश दे दिए हैं। सीएम मोहन यादव का ये कदम दायित्व परक रवैये का संकेत माना जा रहा है। वहीं सीएम का एक्शन एक संदेश है कि सरकार किसानों की बिजली आपूर्ति को हल करने के लिए सक्रिय है।