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ग्रामीण क्षेत्रों से करीब 58 लाख और नगरीय क्षेत्रों से 15 लाख से ज्यादा सुझाव मिले

समर्थ उत्तर प्रदेश – विकसित उत्तर प्रदेश @2047’ महाभियान: अब तक 73 लाख ने दिए सुझाव ग्रामीण क्षेत्रों से करीब 58 लाख और नगरीय क्षेत्रों से 15 लाख से ज्यादा सुझाव मिले कृषि, ग्राम विकास और शिक्षा से संबंधित विषयों में मिले सर्वाधिक फीडबैक सुझाव देने में जौनपुर, संभल और गाजीपुर जनपद रहे टॉप तीन में अब तक 65 जिला पंचायतों, 821 क्षेत्र पंचायतों और 51,828 ग्राम पंचायतों में संवाद कार्यक्रम सम्पन्न लखनऊ ‘समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047-समृद्धि का शताब्दी पर्व महाभियान’ के अंतर्गत 75 जनपदों में नोडल अधिकारियों एवं प्रबुद्ध जनों ने छात्रों, शिक्षकों, उद्यमियों, किसानों, स्वयंसेवी संगठनों, मीडिया प्रतिनिधियों और आम नागरिकों से संवाद स्थापित किया। इस दौरान प्रदेश की विकास यात्रा की जानकारी साझा कर भविष्य के रोडमैप पर फीडबैक प्राप्त किया गया। महाभियान के लिए बनाए गए पोर्टल samarthuttarpradesh.up.gov.in पर अब तक करीब 73 लाख फीडबैक प्राप्त हुए हैं। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों से करीब 58 लाख और नगरीय क्षेत्रों से 15 लाख से ज्यादा सुझाव मिले हैं। शिक्षा, कृषि और ग्रामीण विकास पर सर्वाधिक फीडबैक आयु वर्ग के अनुसार देखें तो 31 वर्ष से कम आयु वर्ग से 36 लाख से ज्यादा, 31–60 वर्ष से 33.54 लाख से ज्यादा और 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग से 3.42 लाख से ज्यादा सुझाव प्राप्त हुए हैं। प्राप्त सुझावों में सबसे अधिक कृषि (19.30 लाख से ज्यादा), ग्रामीण विकास (14.16 लाख से ज्यादा) और शिक्षा (16.42 लाख से ज्यादा) से संबंधित रहे। इसके अलावा उद्योग, आईटी, पर्यटन, समाज कल्याण और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मुद्दों पर भी व्यापक राय दी गई। फीडबैक देने वाले जिलों में जौनपुर (7.42 लाख से ज्यादा) पहले, संभल (6.89 लाख से ज्यादा) दूसरे और गाजीपुर (3.37 लाख से ज्यादा) तीसरे स्थान पर रहे।  रोजगार, शिक्षा, न्यायिक सुधार और औद्योगिक निवेश पर ज़ोर महोबा के योगेश नायक जी ने सुझाव दिया है कि कृषि और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक कृषि तकनीक, बेहतर सिंचाई प्रणाली और सोलर पंपों का उपयोग बढ़ाया जाए। छोटे किसानों के लिए कोल्ड स्टोरेज और डिजिटल मंडी की सुविधाएँ स्थापित की जाएँ तथा पशुपालन, मत्स्य पालन और मधुमक्खी पालन करने वाले किसानों के लिए बीमा योजनाएँ शुरू की जाएँ।  फतेहपुर के प्रशांत कुमार जी का मानना है कि 2047 तक विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश का सपना तभी साकार होगा जब शिक्षा और कौशल विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। नई शिक्षा नीति के अनुरूप तकनीकी शिक्षा, डिजिटल लर्निंग और शोध आधारित अध्ययन से छात्रों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाया जा सकता है।  कुशीनगर के आदित्य मिश्र जी ने न्यायिक, पुलिस, शिक्षा, स्वास्थ्य, भूमि, कृषि, कर, बिजली, शहरी, जल प्रबंधन, औद्योगिक, श्रम और पर्यावरण क्षेत्रों में व्यापक सुधारों की रूपरेखा प्रस्तुत की है, जिनमें फास्ट ट्रैक कोर्ट, एआई-आधारित केस प्रबंधन, पारदर्शी भूमि रिकॉर्ड, स्मार्ट ग्रिड और हरित बुनियादी ढांचे जैसे सुझाव शामिल हैं।  वहीं फर्रुखाबाद के रजत गुप्ता जी ने युवाओं को रोजगार प्रदान करने पर जोर देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में हरियाणा, तमिलनाडु और गुजरात की तरह बड़ी कंपनियों को आमंत्रित किया जाए ताकि लखनऊ और कानपुर जैसे औद्योगिक केंद्रों के माध्यम से प्रदेश को नई ऊर्जा, युवाओं को रोजगार और विकास को नई दिशा मिल सके। 51,000 से अधिक ग्राम सभाओं में बैठकें सम्पन्न प्रदेश के नगर निगम, नगर पालिका, जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष बैठकें और गोष्ठियां आयोजित की गईं। अब तक 65 जिला पंचायतों, 821 क्षेत्र पंचायतों और 51,828 ग्राम पंचायतों में संवाद कार्यक्रम सम्पन्न हो चुके हैं।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप यह महाभियान जनता की सहभागिता और सुझावों के आधार पर “विजन उत्तर प्रदेश 2047” डॉक्यूमेंट तैयार करने की दिशा में अग्रसर है।

अमेरिकी चुनाव में भारतीय प्रतिभाओं का प्रभाव, ममदानी के साथ अन्य विजेताओं ने किया कमाल

 न्यूयॉर्क अमेरिका के न्यूयॉर्क मेयर चुनाव में भारतीय मूल के मुस्लिम डेमोक्रेट ज़ोहरान ममदानी (34) ने ऐतिहासिक फतह हासिल की है. उन्होंने पूर्व गवर्नर एंड्रयू कुओमो और रिपब्लिकन कर्टिस स्लीवा को पटखनी देते हुए अमेरिका के सबसे अमीर शहर में इतिहास रच दिया है. इसके साथ ही वे अमेरिका के सबसे बड़े शहर के मेयर पद पर बैठने वाले पहले दक्षिण एशियाई और मुस्लिम शख्स बन गए हैं. जोहरान ममदानी को इस चुनाव में 948,202 वोट (50.6 प्रतिशत) मिले, जिसमें से 83 प्रतिशत वोट पड़े थे. वह कई महीनों से NYC मेयर चुनाव में सबसे आगे चल रहे थे. एंड्रयू कुओमो एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़े थे और चुनाव के एक दिन पहले ट्रंप का सपोर्ट मिला था. इसके बाद भी बेहद आसानी से ममदानी की जीत हो गई.  कुओमो को 776,547 वोट (41.3 प्रतिशत) मिले, जबकि स्लीवा को 137,030 वोट मिले. न्यूयॉर्क सिटी चुनाव बोर्ड ने बताया कि 1969 के बाद पहली बार दो मिलियन वोट डाले गए, जिनमें मैनहट्टन में 444,439 वोट पड़े, उसके बाद ब्रोंक्स (187,399), ब्रुकलिन (571,857), क्वींस (421,176) और स्टेटन आइलैंड (123,827) का स्थान रहा. ममदानी ने न्यूयॉर्क सिटी मेयर पद के लिए डेमोक्रेटिक प्राइमरी चुनाव में कुओमो को हराया था और इस साल जून में उन्हें विजेता घोषित किया गया था. ज़ोहरान ममदानी कौन हैं? युगांडा के कंपाला में जन्मे ज़ोहरान ममदानी सात साल की उम्र में न्यूयॉर्क शहर चले गए और बाद में अमेरिकी नागरिक बन गए. उनकी मां मीरा नायर एक मशहूर भारतीय-अमेरिकी फिल्म निर्माता हैं और उनके पिता महमूद ममदानी कोलंबिया यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं. ममदानी की शादी सीरियाई-अमेरिकी कलाकार रमा दुवाजी से हुई है. इस जोड़े की सगाई अक्टूबर 2024 में हुई और इसी साल फरवरी में लोअर मैनहट्टन स्थित सिटी क्लर्क के कार्यालय में दोनों कोर्टहाउस में शादी के बंधन में बंध गए. बता दें कि ज़ोहरान ममदानी के अलावा और भी भारतीय मूल के उम्मीदवारों ने अलग-अलग चुनावों में जीत हासिल की है. भारतीय मूल की ग़ज़ाला हाशमी की जीत भारतीय मूल की डेमोक्रेट ग़ज़ाला हाशमी ने रिपब्लिकन जॉन रीड को हराकर वर्जीनिया के लेफ्टिनेंट गवर्नर का चुनाव जीत लिया है. हाशमी वर्जीनिया सीनेट में सेवा देने वाली पहली मुस्लिम और पहली दक्षिण एशियाई अमेरिकी हैं, जो 15वें सीनेटरियल डिस्ट्रिक्ट का प्रतिनिधित्व करती हैं. हाशमी की इस जीत का मतलब है कि उनकी सीनेट सीट के लिए एक विशेष चुनाव होगा. ग़ज़ाला हाशमी ने 2019 में सियासत में एंट्री ली और एक चौंकाने वाली जीत के साथ, रिपब्लिकन के कब्जे वाली स्टेट सीनेट सीट को जीत लिया और वर्जीनिया जनरल असेंबली के लिए चुनी गईं. पांच साल बाद, साल 2024 में उन्हें सीनेट शिक्षा और स्वास्थ्य समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया, जो दो महत्वपूर्ण डेमोक्रेटिक प्राथमिकताओं, प्रजनन स्वतंत्रता और सार्वजनिक शिक्षा, के लिए एक महत्वपूर्ण नेतृत्व पद है. जेजे सिंह ने लहराया परचम भारतीय मूल के जेजे सिंह ने वर्जीनिया के Virginia House of Delegates District 26 से चुनाव लड़ा था और यहां पर जीत हासिल की है. यह जिला मुख्य रूप से उत्तरी वर्जीनिया में स्थित है.  जेजे सिंह का जन्म उत्तरी वर्जीनिया में एक पंजाबी सिख परिवार में हुआ था और वे फेयरफैक्स स्टेशन में पले-बढ़े. उनके माता-पिता 1970 में भारत से इस इलाके में आकर बस गए थे. उनके पिता अमर जीत सिंह का जन्म ब्रिटिश भारत (मौजूदा पाकिस्तान) के पंजाब प्रांत के फैसलाबाद में हुआ था और भारत के बंटवारे के बाद वे भारत के हरियाणा आ गए. 

‘SIR’ में लापरवाही, भोपाल कलेक्टर ने बीएलओ को सेवा से हटाया

भोपाल मध्य प्रदेश में भी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानि SIR का सर्वे शुरू हो गया है. इस दौरान प्रशासन की टीमें अब घर-घर जाकर वोटर्स को फॉर्म दे रही हैं और उनकी जानकारी भी बता रही है. राजधानी भोपाल समेत पूरे प्रदेश में इसका काम शुरू हो गया है. खास बात यह है कि प्रशासन ने इस काम में किसी तरह की लापरवाही नहीं करने के निर्देश दिए हैं. जबकि भोपाल कलेक्टर ने पहले ही दिन बड़ा एक्शन लिया है, जहां एक बीएलओ को अभियान में लापरवाही करने पर बर्खास्त किया गया है. क्योंकि वह ड्यूटी पर नहीं पहुंचे थे.  भोपाल कलेक्टर ने की कार्रवाई  भोपाल के कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने यह कार्रवाई की है, उन्होंने बताया कि राजधानी के बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदस्थ प्रशांत दुबे को गोविंदपुरा विधानसभा के बूथ नंबर-150 पर ड्यूटी लगाई गई थी. लेकिन वे मंगलवार को अपने काम पर नहीं मौके पहुंचे थे, इस पर कलेक्टर ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया. उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे सभी कर्मचारियों की सूची तैयार की जा रही है, जो इस जिम्मेदारी में लापरवाही करेंगे, उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होगी. सभी के लिए Alert! आपको बता दें कि, राजधानी भोपाल में एसआईआर के तहत कुल 2029 हीएलओ और 250 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं, जो डोर-टू-डोर जाकर वोटर्स से गणना प्रपत्र भरवा रहे हैं। कलेक्टर खुद भी मंगलवार को हुजूर विधानसभा के कई बूथों पर पहुंचे और मतदाताओं से फॉर्म भरवाए। उन्होंने एसडीएम, तहसीलदारों को भी काम में किसी तरह की लापरवाही ना बरतने के सख्त निर्देश दिए हैं। कार्रवाई ने सेट किया एग्जामपल SIR प्रक्रिया 4 दिसंबर तक चलेगी, जिसमें हर मतदाता से दो प्रतियों में प्रपत्र भरवाया जाएगा। एक प्रति रसीद के रूप में मतदाता को दी जाएगी। ये पहली बड़ी कार्रवाई प्रदेशभर के लिए एसआईआर को गंभीरता से लेने का उदाहरण बन गई है। जिला निर्वाचन कार्यालय ने सभी BLO को चेतावनी जारी की गई है कि, ड्यूटी में चूक पर सीधी कड़ी कारर्वाई ही होगी। भोपाल जिले में SIR सर्वे के लिए 2029 BLO और 250 सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं, जो घर-घर जाकर मतदाताओं से प्रपत्र भरवा रहे हैं। कलेक्टर सिंह ने मंगलवार को स्वयं हुजूर विधानसभा क्षेत्र के कई मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया और मतदाताओं से बातचीत करते हुए प्रक्रिया की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित एसडीएम और तहसीलदारों को सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी भी कर्मचारी की अनुपस्थिति या लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई की जाए। यह विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया 4 दिसंबर तक चलेगी। प्रत्येक मतदाता से दो प्रतियों में फॉर्म भरवाया जाएगा, जिनमें से एक प्रति मतदाता को रसीद के रूप में दी जाएगी। कलेक्टर द्वारा की गई यह त्वरित कार्रवाई पूरे मध्य प्रदेश के लिए एक उदाहरण बन गई है। जिला निर्वाचन कार्यालय ने सभी BLO को चेतावनी दी है कि ड्यूटी में किसी भी प्रकार की चूक पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। 2029 बीएलओ और 250 सुपरवाइजर तैनात बता दें कि एसआईआर के कार्य में कुल 2029 बीएलओ और 250 सुपरवाइजर को सर्वे का जिम्मा सौंपा गया है। ये डोर-टू-डोर जाकर वोटर्स को फॉर्म देंगे, जिन्हें भरकर वोटर वापस इन्हें लौटाएंगे। 1 महीने तक यह काम चलेगा। प्रत्येक बीएलओ को 3 बार तक घर जाना होगा और मतदाता को ‘गणना पत्रक’ देना होगा, जो दो प्रति में होगा। एक मतदाता के पास रहेगी और दूसरी बीएलओ के पास। वर्तमान में भोपाल जिले में कुल 21 लाख वोटर्स हैं। मंगलवार से इसकी शुरुआत कर दी गई। भोपाल में कलेक्टर सिंह खुद हुजूर विधानसभा के कई बूथ पर पहुंचे और वोटर्स को फॉर्म देकर भरवाया। बुधवार को भी यह काम चलेगा। कलेक्टर ने सभी एसडीएम और तहसीलदारों की ड्यूटी भी लगाई गई है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता ने बताया, अगले पांच-छह दिन तक डोर-टू-डोर फॉर्म दिए जाएंगे। इसके बाद इन्हें कलेक्ट किया जाएगा। इस काम में एक अलग से टीम भी लगाई गई है। साल 2023 के बाद इस तरह से सर्वे बता दें कि साल 2003 के बाद पहली बार वोटर लिस्ट का डोर-टू-डोर सर्वे किया जा रहा है। जिन लोगों के नाम 2003 की लिस्ट में नहीं हैं और वर्तमान लिस्ट में हैं, उन्हें बताना होगा कि परिवार में किसका नाम 2003 की लिस्ट में था। बीएलओ फॉर्म में दी गई जानकारी के आधार पर इसे वेरिफाई करेंगे। जानकारी सही होने पर ही नाम जुड़ेगा।  

महिला क्रिकेट टीम का सम्मान: आज पीएम से मुलाकात, कल राष्ट्रपति से सम्मान समारोह

नई दिल्ली  वर्ल्ड कप जीतने के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम आज (बुधवार) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेगी. टीम का रवाना होने का समय शाम 4:10 बजे तय किया गया है, जबकि प्रधानमंत्री का आगमन और बैठक का आरंभ शाम 6 बजे होगा.  सूत्रों के अनुसार, महिला टीम कल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात कर सकती है. हालांकि इस मुलाकात का समय अभी पुष्टि किया जाना बाकी है.  /ध्यान रहे भारतीय टीम ने रविवार (2 नवंबर) को नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्पोर्ट्स एकेडमी में हुए आईसीसी महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 के फाइनल में साउथ अफ्रीका को 52 रनों से हराकर खिताब अपने नाम किया था; भारतीय महिला टीम ने पहली बार वर्ल्ड कप खिताब जीता था.  माना जा रहा है कि पीएम मोदी इस दौरान महिला टीम की खिलाड़ियों से बातचीत करेंगे और उनके अनुभव सुनेंगे. प्रधानमंत्री के साथ यह मुलाकात महिला खिलाड़ियों के लिए एक यादगार पल होगा. वहीं पीएम मोदी ने महिला टीम की जीत पर एक पोस्ट भी क‍िया था.  पीएम मोदी ने महिला टीम की ऐतिहासिक जीत के बाद अपने X अकाउंट पर  पोस्ट क‍िया था. पीएम मोदी ने लिखा था, 'आईसीसी महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 के फाइनल में भारतीय टीम की शानदार जीत हुई. खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन स्किल, आत्मविश्वास और टीमवर्क दिखाया. यह ऐतिहासिक जीत भविष्य की चैम्पियंस को इस खेल को अपनाने और देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित करेगी. टीम इंडिया को ढेरों बधाइयां.' भारतीय महिला टीम को खिताब जीतने के बाद आईसीसी (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद) से प्राइज मनी के तौर पर 4.48 मिलियन डॉलर (लगभग 40 करोड़ रुपये) मिले. यह राशि साल 2022 के वर्ल्ड कप में चैम्पियन बनने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम को मिली राशि (1.32 मिलियन डॉलर) से 239 प्रतिशत ज्यादा थी.

गुरु नानक देव जी उच्च कोटि के आध्यात्मिक महापुरुष, 500 वर्ष पहले ही समाज के संगठन, समानता और सेवा का दिया संदेश: योगी

गुरु नानक देव जी के उपदेश आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत: मुख्यमंत्री योगी 556वें प्रकाश पर्व पर बोले योगी आदित्यनाथ- जब देश विदेशी आक्रांताओं से कांप रहा था, तब गुरु नानक देव जी ने समाज को आध्यात्मिक शक्ति और एकता का संदेश दिया गुरु नानक देव जी उच्च कोटि के आध्यात्मिक महापुरुष, 500 वर्ष पहले ही समाज के संगठन, समानता और सेवा का दिया संदेश: योगी मुश्किल समय में भी उन्होंने मिल-बांटकर खाने, गरीबों की मदद करने और एकजुट समाज बनाने का संदेश दिया: मुख्यमंत्री भारत संतों और महापुरुषों की उस परंपरा का देश है, जिसने संकट के समय भी राष्ट्र की आत्मा को जीवित रखा: सीएम जब विदेशी आक्रांताओं के आगे कई राजा-रजवाड़े झुक गए, तब गुरु नानक देव जी ने बाबर को ‘जाबर’ यानी जल्लाद कहने का साहस दिखाया: मुख्यमंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को सिख पंथ के संस्थापक एवं प्रथम गुरु श्री गुरु नानक देव जी महाराज के 556वें प्रकाश पर्व पर राजधानी लखनऊ के डीएवी कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस दौरान उन्होंने सिख गुरुओं के सम्मान में अपना शीश नवाया और दर्शन किए। समारोह में कमेटी की ओर से मुख्यमंत्री का स्मृति चिन्ह और अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु नानक देव जी भारत के एक उच्च कोटि के आध्यात्मिक महापुरुष थे, जिन्होंने 500 वर्ष पहले समाज के संगठन, समानता और सेवा का जो संदेश दिया, वही आज भारत की सामाजिक व्यवस्था की नींव है। सीएम योगी ने कहा कि उस काल में जब देश बाबर जैसे विदेशी आक्रांताओं की बर्बरता झेल रहा था, जब मंदिर तोड़े जा रहे थे, आस्था पर प्रहार हो रहे थे, तब भी गुरु नानक देव जी बिना भय, बिना दबाव समाज को मार्गदर्शन दे रहे थे। उन्होंने मिल-बांटकर खाने, गरीबों की मदद करने और एकजुट समाज बनाने का संदेश दिया। भारत के संतों ने संकट के समय भी राष्ट्र की आत्मा को जीवित रखा मुख्यमंत्री ने गुरु नानक देव जी की आध्यात्मिकता का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि भारत संतों और महापुरुषों की उस परंपरा का देश है, जिसने संकट के समय भी राष्ट्र की आत्मा को जीवित रखा। योगी ने कहा कि जब विदेशी आक्रांताओं के आगे कई राजा-रजवाड़े झुक गए, तब गुरु नानक देव जी ने बाबर को ‘जाबर’ यानी जल्लाद कहने का साहस दिखाया। यही भारत की संत परंपरा की शक्ति थी। समाज में एकता और धर्म की मजबूती का आह्वान मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर समाज में एकता और धर्म की मजबूती का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज जब कुछ क्षेत्रों में धर्मांतरण जैसी गतिविधियां दिखाई देती हैं, तो हमें सिख पंथ की मूल भावना — एकता, संगठन और सेवा — को और सशक्त करना होगा। योगी ने कहा कि अगर कहीं कोई कमी है, तो हमें उसे दूर करना होगा। गुरु गोविंद सिंह जी महाराज ने जब खालसा पंथ की स्थापना की, तब उन्होंने समाज के हर वर्ग को जोड़ा। उसी भावना को हमें फिर से जीवंत करना होगा। मजबूत रहेंगे तो हर कोई आस्था का सम्मान करेगा मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हम मजबूत रहेंगे, तो हर कोई हमारी आस्था का सम्मान करेगा। सिख गुरुओं और महापुरुषों का बलिदान हमारे लिए प्रेरणा है। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को प्रकाश पर्व की हार्दिक बधाई दी और कहा कि गुरु नानक देव जी की शिक्षाएं हमारे जीवन और समाज को दिशा देती रहें।

माफियाओं को सीएम योगी ने दी चेतावनी, कहा- अवैध कब्जा कर समाज को डराने-धमकाने का काम करोगे तो लेने के देने पड़ जाएंगे

  सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों को देना होगा हिसाब- सीएम योगी – माफियाओं को सीएम योगी ने दी चेतावनी, कहा- अवैध कब्जा कर समाज को डराने-धमकाने का काम करोगे तो लेने के देने पड़ जाएंगे – सीएम योगी ने लखनऊ में माफिया से मुक्त कराई गई जमीन पर दुर्बल आय वर्ग के 72 परिवारों को दिए फ्लैट – मुख्यमंत्री ने लाभार्थी परिवारों से की मुलाकात, उन्हें गृह प्रवेश का सामान किया भेंट – सीएम योगी ने नन्हीं बच्चियों को गोद में लेकर दुलारा और बांटे चॉकलेट, आवास परिसर में किया वृक्षारोपण – वर्षों इंतजार के बाद लखनऊ में अपना आवास पाकर भावुक हुए लाभार्थी, जताया सीएम योगी का आभार – ग्राउंड प्लस थ्री स्ट्रक्चर के 3 ब्लॉक में 36.65 वर्गमीटर क्षेत्रफल में बनाए गए 72 फ्लैट – माफिया को गले लगाने वाले विपक्षी गरीबों के हक पर डकैती डालती हैं- सीएम योगी – प्रदेश में जातीय नरसंहार कराने वाले व अपहरण उद्योग चलाने वाले अब माफिया की कब्र पर पढ़ते हैं फातिहा – सीएम योगी ने कहा- यह नए भारत का नया उत्तर प्रदेश है, यहां विकास भी है और विरासत का सम्मान भी है – सभी 75 जिलों में खुलेगा ‘सरदार वल्लभभाई पटेल इंप्लॉयमेंट सेंटर’, युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार से जोड़ेगी सरकार- सीएम योगी लखनऊ कार्तिक पूर्णिमा के पावन पर्व पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में माफिया से मुक्त कराई गई भूमि पर सरदार वल्लभभाई पटेल आवासीय योजना का लोकार्पण किया। जियामऊ, डालीबाग स्थित एकता वन में आयोजित भव्य समारोह में सीएम ने दुर्बल आय वर्ग के 72 परिवारों को फ्लैट के आवंटन पत्र वितरित किए। इस दौरान सीएम योगी ने कहा कि यह केवल आवास वितरण नहीं, बल्कि संदेश है कि माफिया से छीनी गई भूमि पर गरीबों का आशियाना बनेगा। उन्होंने कहा कि यह उन लोगों के लिए चेतावनी है जो माफिया को शागिर्द बनाते हैं, उनकी कब्र पर फातिहा पढ़ते हैं, वे गरीबों का शोषण करवाते हैं। अब यूपी में ऐसा नहीं चलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अगर कोई गरीबों की जमीन पर कब्जा करेगा, अगर कोई सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा करके समाज को डराने-धमकाने का काम करेगा, तो लेने के देने पड़ जाएंगे। यह सरकार जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी दृढ़ता के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि यही नए भारत और नए उत्तर प्रदेश की पहचान है, जहां विकास के साथ धर्म, संस्कृति और परंपरा का संगम है। मुख्यमंत्री ने लाभार्थी परिवारों से मुलाकात की, उन्हें गृह प्रवेश का सामान भेंट किया, नन्हीं बच्चियों को गोद में लेकर दुलार किया और चॉकलेट बांटी। इस दौरान आवास परिसर में सीएम योगी ने वृक्षारोपण भी किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने लोगों को कार्तिक पूर्णिमा की बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज लाखों श्रद्धालु गढ़मुक्तेश्वर, टिकरी, सुखतीर्थ, बदायूं, प्रयागराज, काशी, अयोध्या में स्नान कर पुण्य लाभ ले रहे हैं। काशी में सायं देव दीपावली पर देवता दीप जलाएंगे। इस पावन अवसर पर लखनऊ में माफिया से मुक्त भूमि पर लाभार्थियों को आवास देना सौभाग्य है। उन्होंने कहा कि इस प्राइम लोकेशन पर लखनऊ विकास प्राधिकरण ने 10.70 लाख में फ्लैट दिए, इसकी कीमत बाजार में करीब 1 करोड़ रुपये है। जिन पात्र लोगों को अभी आवास नहीं मिला है, उनके लिए नई आवासीय स्कीम लाएगी सरकार उन्होंने कहा कि 8000 आवेदनों में 5700 आवदेन योग्य लोगों का था, इसमें से 72 को पहले आवंटन मिला है। मुख्यमंत्री ने सभी 72 लाभार्थियों को आवास की सुविधा मिलने पर उन्हें और उनके परिवारों को बधाई देते हुए कहा कि इन लोगों को अब अपना सिर उठाकर सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर मिला है। यह प्रधानमंत्री आवास योजना से कवर होगा तो यह और सस्ता व लाभकारी होगा। उन्होंने कहा कि आज लखनऊ में कितना सुंदर वातावरण बना है, कितने अच्छे पार्क विकसित हो चुके हैं। सरकार चाहती है कि हर नागरिक खुशहाली से अपना जीवन व्यतीत करे और प्रदेश के विकास में भागीदार बने। सीएम योगी ने कहा कि यह तो सिर्फ शुरुआत है अब यह अभियान पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर चलाया जाएगा ताकि हर गरीब, हर जरूरतमंद को उसका सम्मानजनक आवास मिल सके। 2017 से तय किया था कि यूपी की नकारात्मक छवि बदलेंगे- सीएम योगी माफियाओं पर जीरो टॉलरेंस नीति पर जोर देते हुए सीएम योगी ने कहा कि 2017 से तय किया था कि यूपी की नकारात्मक छवि बदलेंगे। अपराध-अपराधियों पर जीरो टॉलरेंस नीति लागू करेंगे। 8.5 वर्षों में बिना रुके, बिना झुके माफियाओं पर कार्रवाई की। माफिया संविधान का अपमान करते, कानून का मजाक उड़ाते, अधिकारी भी उनके सामने झुक जाते थे। यही नहीं पूर्व सरकारें भी ऐसे माफियाओं के सामने घुटने टेकती थीं। उन्होंने कहा कि पूरब से पश्चिम, उत्तर से दक्षिण, बुंदेलखंड क्षेत्र और हर जगह माफिया हावी थे, लेकिन आज ऐसा नहीं है। माफियाओं को संरक्षण देने वालों को सीएम योगी ने चेताया सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जीरो टॉलरेंस की नीति ने इन माफियाओं की कमर तोड़ दी। सीएम योगी ने चेतावनी देते हुए कहा कि जो माफिया को सहानुभूति देते हैं, वे प्रदेश की क्षति कर रहे हैं। जालिम माफिया किसी के नहीं हैं इनसे गरीब, शोषित, व्यापारी, बहन-बेटियां सब असुरक्षित हैं। सरकार ऐसे माफियाओं और उन्हें प्रक्षय देने वालों के खिलाफ कार्रवाई करती रहेगी। विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए सीएम योगी ने कहा कि जो लोग माफियाओं को शागिर्द बनाते थे और गरीबों का शोषण करवाते। आज उनकी कब्र पर फातिहा पढ़ते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज माफियाओं की कब्जे वाली संपत्ति जब्त कर गरीबों को घर बनवाया जा रहा है। साथ ही उन्होंने सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि प्रदेश में अबतक 60 लाख गरीबों को आवास दिए हैं। इसके आलवा निवेश 15 लाख करोड़ जमीनी, 5 लाख पाइपलाइन, 45 लाख कुल। यूपी अनलिमिटेड पोटेंशियल वाला प्रदेश है। दंगे खत्म हुए और आज हर पर्व शांतिपूर्ण ढंग से मनाया जा रहा है। दुनिया भर से उद्यमी निवेश को तैयार हैं। उन्होंने का कहा कि एकता वन सरदार पटेल को सबसे बड़ी श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि कुकरेल-गोमती तट से माफिया मॉल हटाए, सौमित्र वन बनाया गया। घुसपैठिए-रोहिंग्या को हटाए गया। सभी 75 … Read more

छत्तीसगढ़ का मॉडल — वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण की मिसाल

रायपुर : विशेष लेख : वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध – छत्तीसगढ़ का आदर्श मॉडल रायपुर भारतीय संस्कृति के केंद्र में हमारे बुजुर्ग हैं – जिनके अनुभव समाज को दिशा देते हैं और जिनकी स्मृतियाँ हमारी सभ्यता की नींव हैं, लेकिन बदलते सामाजिक परिदृश्य में पारिवारिक संरचना और सामाजिक दायरे सिमटने लगे हैं। ऐसे में वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सहभागिता और गरिमामय जीवन सुनिश्चित करना शासन की प्राथमिकता बन जाता है। इसी भावना को साकार करती है – छत्तीसगढ़ सरकार की संवेदनशील नीतियाँ और सशक्त क्रियान्वयन। बुजुर्ग – संस्कृति, अनुभव और मूल्यों के स्तंभ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने वरिष्ठजनों के सम्मान को शासन प्रणाली में प्रमुख स्थान दिया है। उनका मानना है “माता-पिता की पूजा ही ईश्वर की पूजा है।” इसी सोच के साथ राज्य में ऐसे प्रकल्पों का विस्तार हो रहा है जो बुजुर्गों के जीवन की गुणवत्ता बढ़ाते हैं। एक अक्टूबर अंतर्राष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने रायपुर, बिलासपुर, कोरबा और दुर्ग में पीपीपी मॉडल के तहत आधुनिक वृद्धाश्रम स्थापित करने तथा असहाय बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए रायपुर में उपकरण सर्विस सेंटर खोलने की घोषणा की। इसी के साथ राज्य में “सियान गुड़ी” जैसे सामाजिक-आध्यात्मिक केंद्रों का विस्तार बुजुर्गों को मानसिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक सहारा प्रदान कर रहा है। छत्तीसगढ़ की समाज कल्याण मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े ने वृद्धजन केंद्रित कार्यक्रमों को जमीनी स्तर तक पहुँचाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उनका कहना है “संवेदनशील शासन का अर्थ है, हर बुजुर्ग तक सेवा और सुरक्षा पहुँचाना।” राज्य में 35 वृद्धाश्रम सक्रिय रूप से संचालित हैं, जहाँ लगभग 1049 वरिष्ठ नागरिक भोजन, आवास, स्वास्थ्य, परामर्श और मनोरंजन की सुविधाएँ प्राप्त कर रहे हैं। गंभीर रोगों या असहाय स्थिति में रह रहे बुजुर्गों के लिए रायपुर, दुर्ग, कबीरधाम, रायगढ़, बालोद और बेमेतरा इन 6 जिलों में प्रशामक देखभाल गृह संचालित किए जा रहे हैं, जहाँ 128 वरिष्ठजनों को निःशुल्क उपचार, दवाइयाँ और नियमित स्वास्थ्य देखभाल मिल रहा है। वरिष्ठजनों की समस्याओं के निवारण हेतु स्थापित हेल्पलाइन सेवा द्वारा अब तक 2 लाख 70 हजार से अधिक प्रकरणों का समाधान किया जा चुका है। यह सेवा न केवल उनकी पहुँच बढ़ाती है, बल्कि आत्मविश्वास और सुरक्षा बोध भी जगाती है। वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम – 2007 का राज्य में सख्ती से पालन किया जा रहा है। अनुविभाग स्तर पर – भरण-पोषण अधिकरण, जिला स्तर पर – अपीलीय अधिकरण इन व्यवस्थाओं ने बुजुर्गों को संपत्ति, सुरक्षा और भरण-पोषण से जुड़े मामलों में त्वरित न्याय दिलाने का मार्ग प्रशस्त किया है। गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वाले वरिष्ठ नागरिकों को नियमित पेंशन सहायता प्रदान की जा रही है 60 से 79 वर्ष तक की आयु के बुजुर्गों को 500 रुपए प्रति माह और 80 वर्ष से अधिक आयु वाले वरिष्ठजनों को 650 रुपए प्रति माह सहायता राशि दी जा रही है। वर्तमान में 14 लाख से अधिक बुजुर्ग इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। यह सहायता उनके जीवन में आर्थिक सुरक्षा का आधार बनती है। राज्य सरकार की योजनाएँ गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा के अधिकार को सुदृढ़ कर रही हैं। आयुष्मान भारत और शहीद वीर नारायण सिंह स्वास्थ्य सहायता योजनाओं के तहत 8 लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क उपचार मिला है। साथ ही वरिष्ठ नागरिक सहायक उपकरण प्रदाय योजना के अंतर्गत 50 हजार से अधिक बुजुर्गों को व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, छड़ी, चश्मा जैसे उपकरण प्रदान किए गए हैं। आध्यात्मिक संतोष बुजुर्गों के मानसिक स्वास्थ्य का आधार है। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना और  रामलला दर्शन योजना के माध्यम से 2.5 लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिक, 278 व्यक्ति तीर्थयात्राओं का लाभ ले चुके हैं। यात्रा के दौरान भोजन, आवास और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। प्रत्येक वर्ष एक अक्टूबर वृद्धजन दिवस राज्य और जिला स्तर पर मनाया जाता है। इन कार्यक्रमों से समाज में बुजुर्गों के प्रति सम्मान, संवेदना और सहयोग की भावना को प्रोत्साहन मिलता है। वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान केवल एक सामाजिक मूल्य नहीं, बल्कि एक कर्तव्य है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय और समाज कल्याण मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने यह सिद्ध किया है कि संवेदनशील शासन, सुचारु क्रियान्वयन और मानवीय दृष्टिकोण मिलकर बुजुर्गों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन ला सकते हैं। बुजुर्ग – संस्कृति, अनुभव और मूल्यों के स्तंभ     डॉ. दानेश्वरी संभाकर, उप संचालक जनसंपर्क विभाग  

यूपी चुनार में बड़ा रेल हादसा, ट्रैक पार कर रहे श्रद्धालुओं पर चली ट्रेन

मिर्जापुर देव दीपावली के मौके पर वाराणसी में गंगा स्नान करने जा रहे श्रद्धालु चुनार रेलवे स्टेशन पर ट्रैक पार करते वक्त ट्रैन की चपेट में आ गए. इस हादसे में 8 महिला यात्रियों की मौत हो गई. जानकारी के मुताबिक सभी चोपन से वाराणसी जा रही थीं. सभी पैसेंजर ट्रेन से चुनार पहुंचे थे. वहां से वाराणसी के लिए ट्रेन पकड़ने के लिए रेलवे ट्रैक क्रॉस कर रहे थे. फ़िलहाल RPF के जवानों ने घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया है. जानकारी के मुताबिक चोपन से चुनार पहुंची पैसेंजर ट्रेन प्लेटफार्म नंबर चार पर खड़ी थी. जिससे उतरकर यात्री वाराणसी जाने के लिए प्लेटफार्म नंबर एक पर जाने के लिए फुट ओवर ब्रिज की जगह ट्रैक क्रॉस करने लगे.  तभी ट्रैक से गुजर रही कालका एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आ गईं. बताया जा रहा है कि इस हादसे में आठ लोगों की मौत हुई है. जबकि कई अन्य घायल हैं. सभी महिला श्रद्धालु देव दीपावली के मौके पर वाराणसी में गंगा स्नान के लिए जा रहे थे. शवों के चीथड़े उड़े कालका एक्सप्रेस के चपेट में आए श्रद्धालुओं के चीथड़े उड़ गए. जिसे देख मौके पर भगदड़ की स्थिति हो गई, मृत लोगों के परिजनों में कोहराम मच गया. चारों तरफ चीफ पुकार मच गई. जानकारी मिलते ही एसडीएम, अपर पुलिस अधीक्षक समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे घटना का जायजा लिया. पैसेंजर ट्रेन से पहुंचे थे चुनार स्टेशन पर मिर्जापुर जिले के राजगढ़ थाना क्षेत्र के कमरिया गांव निवासी सविता (उम्र 28 वर्ष) पत्नी राजकुमार, साधना पुत्री विजय शंकर (उम्र 16 वर्ष), शिवकुमारी पुत्री विजय शंकर (उम्र 12 वर्ष), अंजू पुत्री श्याम प्रसाद (उम्र 20 वर्ष), पडरी निवासी सुशीला देवी (उम्र 60 वर्ष) पत्नी स्वर्गीय मेवालाल और सोनभद्र के करमा थाना क्षेत्र के बसवा गांव निवासी कलावती देवी (उम्र 21 वर्ष) पत्नी जनार्दन चोपन प्रयागराज पैसेंजर से चुनार स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर चार पर उतरे थे। फुट ओवरब्रिज की बजाए ऐसे की ट्रैक पार करने की कोशिश पुलिस के मुताबिक फुटओवर ब्रिज की बजाय सभी श्रद्धालु रेलवे ट्रैक पार कर तीन नंबर प्लेटफार्म पर जा रहे थे। इसी बीच पीडीडीयू जंक्शन की तरफ से मिर्जापुर जा रही तेज रफ्तार कालका मेल आ गई। ट्रेन की चपेट में आने से सभी श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गई। परिवारीजनों के मुताबिक सभी गंगा स्नान करने चुनार घाट जा रहे थे। मौके पर पहुंचे परिवारीजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। पुलिस ने मृतकों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। CM योगी ने जताया दुख चुनार रेलवे स्टेशन पर हुए इस हादसे का संज्ञा लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की. साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिया है कि घायलों को बेहतर इलाज मुहैया करवाई जाए.

छत्तीसगढ़ बन रहा है टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का नया पावर सेंटर – मुख्यमंत्री साय

रायपुर : विजन 2047 की ओर सशक्त कदम: छत्तीसगढ़ टेक स्टार्ट 2025 ने खोले नवाचार के नए द्वार छत्तीसगढ़ बन रहा है टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का नया पावर सेंटर – मुख्यमंत्री साय छत्तीसगढ़ के युवा नवाचार से रच रहे तकनीकी भविष्य – मुख्यमंत्री ने किया आइडियाथॉन विजेताओं का सम्मान रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  नया रायपुर स्थित मेफेयर होटल में आयोजित ‘छत्तीसगढ़ टेक स्टार्ट’ कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘टेक स्टार्ट’ का यह आयोजन राज्य में नवाचार और तकनीकी उद्यमिता को नई दिशा देने वाला एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इस अवसर पर उन्होंने ‘आइडियाथॉन 2025’ के विजेताओं को सम्मानित किया और छत्तीसगढ़ शासन के साथ पार्टनरशिप एक्सचेंज करने वाली इकाइयों को एग्रीमेंट पत्र सौंपे। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित तकनीकी क्षेत्र के विशेषज्ञों, उद्यमियों एवं प्रबुद्धजनों को रजत जयंती वर्ष की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे विजनरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदैव बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया है। उनके ‘विकसित भारत’ के संकल्प से प्रेरणा लेते हुए राज्य सरकार ने वर्ष 2047 तक ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का लक्ष्य तय किया है, जिसके लिए विजन डॉक्यूमेंट भी तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में आज भारत में लाखों स्टार्टअप कार्यरत हैं, जिनमें से अनेक यूनिकॉर्न बन चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी युवाओं की उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए पूर्ण समर्पण के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की अद्भुत क्षमता रखते हैं। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की बेटी आकांक्षा सत्यवंशी भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथैरेपिस्ट हैं, वहीं स्क्वाड्रन लीडर गौरव पटेल नया रायपुर एयरो शो में फाइटर प्लेन उड़ाकर राज्य का गौरव बढ़ा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस और सिंगल विंडो सिस्टम को सशक्त करते हुए 350 से अधिक सुधार किए हैं, जिससे छत्तीसगढ़ निवेश के लिए देश के सबसे आकर्षक राज्यों में शामिल हो गया है। औद्योगिक विकास के साथ-साथ आईटी और आईटीईएस सेक्टर में भी राज्य तीव्र गति से प्रगति कर रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में आयोजित ‘आइडियाथॉन 2025’ में प्रदेशभर से 1800 से अधिक स्टार्टअप आइडिया प्राप्त हुए, जिनमें दूरस्थ अंचलों के युवाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इन नवाचारों को मंच, मार्गदर्शन और वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि रायपुर को आईटी और तकनीकी सेवाओं का केंद्र बनाने की दिशा में कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। एआई डेटा सेंटर पार्क और सेमीकंडक्टर प्लांट जैसी परियोजनाएं भी साकार हो रही हैं। साय ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अब तक राज्य सरकार को साढ़े सात लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने राज्य में तीव्र आर्थिक गतिविधियों और युवाओं के लिए रोजगार सृजन के बढ़ते अवसरों पर भी विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने उद्यमियों से कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार आपके साथ चट्टान की तरह खड़ी है। अपनी मेहनत और प्रतिभा को वैश्विक स्तर पर ले जाने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि आप सभी की सफलता ही छत्तीसगढ़ का गौरव बनेगी। मुख्य सचिव विकास शील ने कहा कि नई औद्योगिक नीति 2024 का उद्देश्य उद्यमिता को बढ़ावा देना और विजन 2047 के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करना है। उन्होंने बताया कि इस नीति में नवाचार, निवेश, रोजगार और स्टार्टअप के अवसरों को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने ई-वेस्ट मैनेजमेंट, राइजिंग सेक्टर और स्किल डेवलपमेंट जैसे उभरते क्षेत्रों में कार्य करने की आवश्यकता बताई तथा उद्यमियों से अपने सुझाव साझा करने का आग्रह किया। मुख्य सचिव ने कहा कि सरकार युवाओं और उद्यमियों के साथ मिलकर छत्तीसगढ़ को तकनीकी और औद्योगिक विकास का हब बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि उद्यमियों और शासन के मध्य संवाद केवल विशेष अवसरों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि निरंतर होना चाहिए ताकि विचारों का आदान-प्रदान सतत रूप से होता रहे। मुख्यमंत्री ने ‘आइडियाथॉन 2025’ के विजेताओं को किया सम्मानित मुख्यमंत्री साय ने टेक स्टार्ट कार्यक्रम के दौरान हाल ही में आयोजित ‘आइडियाथॉन 2025’ के विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया। उन्होंने युवाओं द्वारा प्रस्तुत नवाचारी सृजन की प्रशंसा करते हुए कहा कि जब युवा नवाचार से जुड़ते हैं, तो यह अत्यंत सुखद होता है और तकनीकी भविष्य को मजबूती प्रदान करता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एनआईटी रायपुर, रुंगटा बिजनेस इनक्यूबेटर और आईजीकेवीआर को इनक्यूबेटर के रूप में उत्कृष्ट कार्य हेतु सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने आइडियाथॉन 2025 में दिव्यांगजनों के लिए स्मार्ट बैंड के आइडिया के लिए आदर्श वर्मा को प्रथम पुरस्कार, सड़क किनारे पौधों की सुरक्षा हेतु ‘अटल कवच ट्री गार्ड’ के लिए जागृति और नरेंद्र शर्मा को द्वितीय पुरस्कार तथा स्मार्ट सुरक्षा हेलमेट के आइडिया के लिए अथर्व दुबे को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया। उन्होंने निपुण वर्मा और अनुष्का सोनकर को भी उनके नवाचारी विचारों के लिए सम्मानित किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एग्रोफेब सस्टेनेबल स्टार्टअप के लिए करण चंद्राकर, वर्टेक्स सुइट के लिए सजल मल्होत्रा और लैरक एआई के लिए अमित पटेल को सम्मानित किया। राज्य सरकार के साथ ‘पार्टनरशिप एक्सचेंज’ हेतु समझौता पत्र सौंपे मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में माइटी स्टार्टअप हब, नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन, वाधवानी फाउंडेशन, नैस्कॉम फाउंडेशन, स्टार्टअप मिडिल ईस्ट, कार्व स्टार्टअप लैब और छत्तीसगढ़ शासन के मध्य पार्टनरशिप एक्सचेंज के लिए समझौता पत्र भी वितरित किए। एआई आधारित नवाचारों का अवलोकन – युवाओं का उत्साहवर्धन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एआई (Artificial Intelligence) आधारित नवाचार स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने स्टार्टअप टीमों द्वारा विकसित मॉडलों, तकनीकों और अनुप्रयोगों की बारीकी से जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने युवा नवाचारकर्ताओं द्वारा तैयार किए गए समाधान, सॉफ्टवेयर, ऐप्लिकेशन और तकनीकी मॉडलों को देखकर उनकी उद्यमशीलता एवं शोध-क्षमता की सराहना की। निरीक्षण के दौरान उपस्थित युवा उद्यमियों ने अपने प्रोजेक्ट्स की उपयोगिता, बाज़ार संभावनाओं और भविष्य की योजनाओं की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। मुख्यमंत्री ने सभी युवाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे निरंतर नई तकनीक के साथ वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अपनी पहचान बनाएँ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, … Read more

मुख्यमंत्री ने नक्सल मोर्चे पर अदम्य साहस दिखाने वाले दो शहीदों के परिजनों और 12 पुलिस जवानों को प्रदान किए वीरता पदक

रायपुर : छत्तीसगढ़ ने 25 वर्षों में लिखी है विकास की नई गाथा – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री ने नक्सल मोर्चे पर अदम्य साहस दिखाने वाले दो शहीदों के परिजनों और 12 पुलिस जवानों को प्रदान किए वीरता पदक रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय शाम राज्योत्सव के चौथे दिन नवा रायपुर में आयोजित राज्योत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने राज्योत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ ने अपनी स्थापना के 25 वर्षों में विकास की नई गाथा लिखी है। राज्य ने हर क्षेत्र में विकास के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 1 नवम्बर को दिनभर नवा रायपुर में रहकर राज्योत्सव का शुभारंभ किया और विधानसभा के नए भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने अपने प्रवास के दौरान राज्य को 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी है। इसके लिए मैं राज्य के तीन करोड़ लोगों की ओर से उनके प्रति आभार व्यक्त करता हूं। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि अलग राज्य के निर्माण के बाद छत्तीसगढ़ उपेक्षा के दंश से मुक्त हुआ। अटलजी की दूरदृष्टि से छत्तीसगढ़ के विकास को नई गति मिली। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से गांव-गांव तक पक्की सड़क पहुँची, जिससे ग्रामीण विकास के द्वार खुले। शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना सहित सभी क्षेत्रों में तीव्र गति से कार्य हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने पिछले 22 महीनों में ‘मोदी की गारंटी’ के अधिकांश बड़े कार्यों को पूरा किया है। हम राज्य में स्वच्छ, संवेदनशील और पारदर्शी शासन के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसी उद्देश्य से हमने सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य निर्माण से पूर्व बस्तर और सरगुजा के सुदूर वनांचल उपेक्षा का शिकार हुआ करते थे। स्वास्थ्य, शिक्षा और निर्माण सुविधाओं के अभाव में ये क्षेत्र नक्सल हिंसा की पीड़ा सहते हुए दयनीय अवस्था में थे। पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इस पीड़ा को समझते हुए अलग राज्य का निर्माण किया, जिसके बाद से छत्तीसगढ़ लगातार विकास की राह पर अग्रसर है।  संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूर्ण होने पर सभी नागरिकों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।  मुख्यमंत्री ने 14 पुलिस जवानों को प्रदान किए वीरता पदक मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नक्सल ऑपरेशन में अदम्य साहस और वीरता का प्रदर्शन करने वाले पुलिस के 14 जवानों को वीरता पदक प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने शहीद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री आकाश राव गिरिपुंजे और शहीद वीरेंद्र कुमार शोरी के परिजनों सहित नक्सल मोर्चे पर जांबाजी के साथ लड़ने वाले पुलिस जवानों श्री धरम सिंह तुलावी, श्री विजय पुनेंग, श्री गोपाल बरदू, श्री रामेश्वर ओयामी, श्री राजूलाल मरकाम, श्री समलूराम सेठिया, श्री तुलाराम ओवासी, श्री मोहन लाल कट्टम, श्री संतोष मोरामी, श्री मनोज यादव, श्री जामुराव तथा सुश्री निशा कचलाम को वीरता पदक प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर विधायक श्री इंद्र कुमार साहू, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, साहित्य अकादमी संस्कृति परिषद के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम तथा संस्कृति विभाग के संचालक श्री विवेक आचार्य उपस्थित थे।