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न्यायिक सेवा के बाद अब प्रशासनिक अधिकारियों को भी महंगाई भत्ता, सीएम की घोषणा संभावना

भोपाल  मध्य प्रदेश की राज्य सरकार ने न्यायिक सेवा के अधिकारियों और कर्मचारियों के बाद अब अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों को भी महंगाई भत्ते में वृद्धि करने का निर्णय लिया है। यह वृद्धि एक जुलाई 2025 से प्रभावी होगी, जिसमें अधिकारियों को तीन प्रतिशत अधिक महंगाई भत्ता दिया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं, जो इस सेवा के अधिकारियों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। केंद्र सरकार द्वारा 6 अक्टूबर को जारी आदेश में एक जुलाई 2025 से पुनरीक्षित दर पर महंगाई भत्ता मंजूर किया है। इसके बाद यह आदेश प्रदेश में काम करने वाले अखिल भारतीय सेवा के अफसरों आईएएस, आईपीएस और आईएफएस समेत अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भी प्रभावी है। इसे देखते हुए राज्य शासन ने अब तक सातवें वेतनमान पर मिल रहे 55 प्रतिशत महंगाई भत्ते की दरों में तीन प्रतिशत की वृद्धि करते हुए इस सेवा के अफसरों, कर्मचारियों को 58 प्रतिशत की दर से भत्ता देने का आदेश जारी किया है। वेतन भत्ते की यह राशि पे मैट्रिक्स के आधार पर दी जाएगी। गौरतलब है कि प्रदेश के न्यायिक सेवा के अधिकारियों कर्मचारियों को केंद्र के समान महंगाई भत्ता देने का आदेश इसके पहले ही जारी हो गया था। अब जीएडी ने अखिल भारतीय सेवा के अफसरों के लिए यह आदेश जारी किया है। नवंबर महीने के वेतन में होगा भुगतान     जानकारी के अनुसार, नई महंगाई भत्ते की यह बढ़ोतरी 1 जुलाई 2025 से लागू मानी जाएगी, जबकि इसका भुगतान नवंबर के महीने के वेतन में किया जाएगा।     इस फैसले के तहत कर्मचारियों को नवंबर और दिसंबर के वेतन में बढ़े हुए महंगाई भत्ते का भुगतान किया जाएगा। चार महीने का एरियर भी मिल सकता है सिर्फ महंगाई भत्ता ही नहीं, सरकार जुलाई से अक्टूबर तक के चार महीने का एरियर (Arrears) भी कर्मचारियों को देने की तैयारी कर रही है। इससे सरकार पर हर महीने करीब 125 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार आएगा। बताया जा रहा है कि सरकार ने एरियर की राशि एकमुश्त देने की बजाय इसे चार किश्तों में देने का फैसला किया है। इस निर्णय से सरकार का खजाना अचानक से दबाव में नहीं आएगा। साथ ही, कर्मचारियों को भी समय-समय पर राहत मिलती रहेगी। डीए में बढ़ोतरी से कर्मचारियों को मिलेगी खुशियां प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को फिलहाल 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है, जो पहले 52 प्रतिशत था। इस साल मई में सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाने की घोषणा की थी, जो 1 जनवरी 2025 से लागू हुआ था। उस समय बढ़े हुए डीए का भुगतान जून से शुरू किया गया था और बकाया राशि पांच किश्तों में दी गई थी। अब एक बार फिर महंगाई भत्ता बढ़ने से सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को राहत मिलने की उम्मीद है। स्थापना दिवस पर सीएम कर सकते हैं ऐलान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पिछले दिनों राज्य कर्मचारी संघ के दिवाली मिलन कार्यक्रम में संकेत दिए थे कि प्रदेश के कर्मचारियों को केंद्र के समान भत्ता देने में उनकी सरकार पीछे नहीं रहेगी लेकिन मुख्यमंत्री ने इसकी घोषणा नहीं की थी। अब प्रदेश के स्थापना दिवस एक नवंबर को कर्मचारी जगत यह उम्मीद लगाए है कि मुख्यमंत्री तीन प्रतिशत महंगाई भत्ता देने की घोषणा कर सकते हैं। पिछले दिनों सरकार द्वारा लिए गए 5200 करोड़ रुपए के कर्ज के बाद भी यह संभावना जताई जा रही है कि कर्मचारियों के महंगाई भत्ते और लाड़ली बहना योजना समेत प्रदेश सरकार की अन्य योजनाओं के लिए ही यह कर्ज लिया गया है।

सिंधु पर भारत का झटका, तालिबान ने कुनार नदी में मार की योजना बनाई, पाकिस्तान प्रभावित

नई दिल्ली  अफगानिस्तान के साथ तनाव का ठीकरा पाकिस्तान अब भारत पर फोड़ता नजर आ रहा है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के आरोप हैं कि अफगानिस्तान भारत के लिए काम कर रहा है। हालांकि, इसे लेकर भारत या अफगानिस्तान सरकार की तरफ से प्रतिक्रिया नहीं आई है। उनका बयान ऐसे समय पर आया है, जब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तुर्की में हुई शांति वार्ता बगैर किसी समाधान के खत्म हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आसिफ के आरोप हैं कि काबुल का नेतृत्व भारत की धुन पर नाच रहा है। उन्होंने कहा, 'काबुल में बैठे लोग जो कठपुतली का तमाशा कर रहे हैं, उनका नियंत्रण दिल्ली से किया जा रहा है।' उन्होंने कहा कि भारत पश्चिमी सीमा पर अपनी हार की भरपाई के लिए अफगानिस्तान का इस्तेमाल कर रहा है। आसिफ ने कहा कि अफगानिस्तान के चार या पांच बार पलटने के बाद तुर्की में हुई शांति वार्ता असफल हो गई। उन्होंने कहा, 'जब भी हम समझौते के करीब होते हैं और वार्ताकार काबुल को खबर करते हैं, तो बीच में कोई दखल होती है और समझौता वापस ले लिया जाता है।' उन्होंने कहा, 'भारत पाकिस्तान के साथ धीमा युद्ध लड़ना चाहता है। इसे पूरा करने के लिए वह अफगानिस्तान का इस्तेमाल कर रहे हैं।' अफगानिस्तान की तरफ से दी जा रही जवाबी कार्रवाई की धमकी पर आसिफ ने कहा, 'अगर अफगानिस्तान ने इस्लामाबाद की तरफ देखा, तो हम उनकी आंखें निकाल लेंगे।' उन्होंने कहा, 'इस बात में कोई शक नहीं है कि पाकिस्तान में आतंकवाद के लिए काबुल जिम्मेदार है।' साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर बातचीत से बात नहीं बनती है, तो अफगानिस्तान के साथ युद्ध छिड़ सकता है। वार्ता बेनतीजा, बढ़ सकता है तनाव अफगानिस्तान और पाकिस्तान के प्रतिनिधिमंडलों के बीच तुर्की की राजधानी इस्तांबुल में चल रही वार्ता मंगलवार को किसी नतीजे के खत्म हो गयी। दोनों पक्षों के बीच अविश्वास की गहरी खाई और परस्पर शत्रुता के कारण यह वार्ता बेनतीजा रही। एजेंसी वार्ता ने पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्टों के हवाले से बताया, क्षेत्रीय मध्यस्थता प्रयासों के बावजूद कोई प्रगति नहीं हुई है। इससे दोनों देशों के बीच तनाव गहराने और क्षेत्रीय अस्थिरता की चिंताएं और बढ़ी हैं। तुर्की और कतर ने दोनों पक्षों के नेताओं से संवाद बनाए रखने और तनाव को कम करने का आग्रह किया है ताकि पहले से अस्थिर क्षेत्र में हिंसा और न बढ़े। रिपोर्ट में कहा गया है कि मध्यस्थों ने स्वीकार किया है कि किसी भी पक्ष के बीच किसी भी मुद्दे पर सहमति नहीं बन सकी। दोनों देशों की प्राथमिकताएं और अपेक्षाएं एक-दूसरे के बिल्कुल विपरीत रहीं, जिससे वार्ता आगे नहीं बढ़ पाई। अफगान तालिबान ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि वह किसी गंभीर वार्ता के लिए प्रतिबद्ध नहीं है। एजेंसी के अनुसार, इस सहयोग की कमी ने आगे संभावित तनाव बढ़ने की आशंका को जन्म दिया है। पाकिस्तान ने स्पष्ट किया है कि 'तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान' (टीटीपी) की गतिविधियों को रोकना और इस समूह के लड़ाकों को अफगानिस्तान में पनाह लेने से रोकना किसी भी समझौते की मुख्य शर्त है। पाकिस्तान टीटीपी विद्रोह को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सीधा खतरा मानता है। हाल में सीमा पर हुई झड़पों के बाद पाकिस्तान ने चेतावनी दी है कि यदि टीटीपी के हमले जारी रहे तो वह अफगान क्षेत्र में लक्षित सैन्य अभियान चलाना जारी रखेगा। पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि सीमावर्ती नागरिकों और सैन्य चौकियों की सुरक्षा के लिए निर्णायक कार्रवाई आवश्यक है। इसके जवाब में अफगानिस्तान ने भी चेतावनी दी है कि यदि पाकिस्तान ने काबुल क्षेत्र में कोई हमला किया तो वह इस्लामाबाद के प्रमुख ठिकानों पर 'गंभीर जवाबी कार्रवाई' करेगा। अफगानिस्तान पक्ष ने यहां तक कहा कि उसकी सेना 'पाकिस्तान के महत्वपूर्ण इलाकों तक वार करने की क्षमता रखती है।'

कांग्रेस का पचमढ़ी प्रशिक्षण शिविर: 9-10 नवंबर को राहुल और खरगे तय करेंगे रणनीति

पचमढ़ी  नर्मदापुरम स्थित हिल स्टेशन पचमढ़ी मे 2 नवंबर से कांग्रेस का जिला अध्यक्षों (Congress district presidents) का प्रशिक्षण शिवर शुरू हो रहा है। 11 नवम्बर तक चलने वाले इस शिविर में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) एवं पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी भी शामिल होंगे। बिहार चुनाव (Bihar Election 2025) के प्रथम चरण के बाद इनके आने की संभावना है। बिहार चुनाव का प्रथम चरण का मतदान 6 नवंबर को होगा। राहुल और खरगे के 9 या 10 नवंबर को शिविर में आने की संभावना है। वे यहां जिलाध्यक्षों से संवाद करने के साथ टिप्स भी देंगे। होटल हाईलैंड में होगी ट्रेनिंग पचमढ़ी के होटल हाईलैंड में कांग्रेस जिला अध्यक्षों की ट्रेनिंग होगी। 2 नवंबर से 11 नवंबर तक होटल हाईलैंड में जिला अध्यक्षों से लेकर अंदर एंट्री करने वालों को बिना पास प्रवेश नहीं मिलेगा। जिला अध्यक्षों के ड्राइवर, पीए, पीएसओ को भी होटल में एंट्री नहीं मिलेगी। 70 रूम बुक कराए एमपी कांग्रेस की ओर से प्रशिक्षण के लिए तीन होटलों में करीब 70 रूम बुक कराए गए हैं। होटल हाईलैंड में 40 रुम रिजर्व कराए गए हैं। एक कमरे में दो जिलों के अध्यक्ष रुकेंगे। तीन अलग-अलग होटलों में 30 और रूम बुक कराए गए हैं। पीडब्ल्यूडी के रेस्ट हाउस में राहुल के लिए रूम कराएंगे रिजर्व राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे जिला अध्यक्षों के अलावा दूसरे नेताओं से मुलाकात के लिए पचमढ़ी के पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में कुछ देर विश्राम कर सकते हैं। बीते सोमवार को पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने स्थानीय कांग्रेस नेताओं के साथ पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस पहुंचकर कमरे देखे थे। तीन हैलीपेड तैयार पचमढ़ी में प्रशासन ने तीन हैलीपैड तैयार कर रखे हैं। मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी सहित दिग्गज नेता भोपाल एयरपोर्ट पर उतरकर हेलीकॉप्टर के जरिए पचमढ़ी हैलीपैड पर पहुंचेंगे। बता दें कि बीजेपी विधायकों के प्रशिक्षण शिविर के दौरान प्रशासन ने एयरपोर्ट तैयार कराए थे। योगा, व्यायाम से होगी दिन की शुरुआत जिला अध्यक्षों को दस दिनों की ट्रेनिंग के दौरान रोज सुबह योगा और व्यायाम कराया जाएगा। होटल हाईलैंड में अलग से योगा हॉल, ओपन जिम में जिला अध्यक्षों के लिए व्यवस्था की गई है।   प्रदेशाध्यक्ष ने लिया तैयारियों का जायजा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी (Jitu Patwari) ने सोमवार को पचमढ़ी पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। यहां उन्होंने आयोजन स्थल होटल हाईलैंड और हेलीपेड का निरीक्षण किया। 10 दिनों तक जिलाध्यक्षों को बूथ, कैडर मैनेजमेंट, आईटी, सोशल मीडिया, जनता से जुड़े मुद्दे उठाने आदि का प्रशिक्षण दिया जाएगा। पार्टी प्रशिक्षण विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिव राव, संगठन सूजन के राष्ट्रीय प्रभारी रहे शशिकांत सेंथिल, एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल, सुप्रिया श्रीनेत, जयराम रमेश, पवन खेड़ा आदि प्रशिक्षण देंगे। जिला अध्यक्षों से संवाद करेंगे राहुल गांधी पचमढ़ी कैंप में आने वाले जिला, ब्लॉक अध्यक्षों को दिन में प्रशिक्षण देने के दौरान राहुल गांधी मौजूद रहेंगे। रात में भी सभी से संवाद करेंगे। शिविर में कांग्रेसियों से चुनाव लडने के लिए फिट कर दिया जाएगा। कॉफ्रेंस हॉल, आवास व्यवस्था का निरीक्षण किया प्रदेश अध्यक्ष पटवारी ने एमपीटी के होटल हाईलैंड का निरीक्षण किया। इस दौरान कार्यक्रम स्थल का कॉफ्रेंस हॉल, जिला, ब्लॉक अध्यक्ष सहित नेताओं के ठहरने की व्यवस्था का जायजा लिया। इसके बाद राजभवन, हेलीपैड देखने भी पहुंचे। खाद गोदाम पहुंचे पटवारी, किसानों से भी मिले पचमढ़ी से लौटते समय कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पिपरिया में खाद के लिए चल रहे किसानों के आंदोलन में शामिल हुए। इस दौरान वे डबल लॉक गोदाम पर किसानों से मिले। पटवारी ने कहा यह किसानों की वास्तविक स्थिति है। किसानों को सुविधा देने के सरकारी दावे झूठे हैं। भाजपा का डबल इंजन बेपटरी हो चुका है। किसानों का कहना है कि सरकार उनकी सबसे बड़ी दुश्मन बन चुकी है। एक एक बोरी खाद के लिए परेशान हो रहा है। अलग-अलग सत्रों में दिया जाएगा प्रशिक्षण मीडिया से चर्चा के दौरान प्रदेश अध्यक्ष पटवारी ने बताया कि सभी जिला अध्यक्षों के पास प्रदेश अध्यक्ष की तरह पावर होता है। इसलिए शिविर में सभी को जनता के बीच किन मुददे को लेकर जाना है। नई नीति बनाना, जनता से बात करने के तरीके बताए जाएंगे। इसके अलावा प्रदेश की आर्थिक स्थिति बेरोजगारी, महिला उत्पीड़न, किसानों की समस्या पर बात करने के गुर सिखाएं जाएंगे। पटवारी ने कहा कि जब भी कांग्रेस ने पचमढ़ी से शुरूआत की है। प्रदेश में बदलाव की लहर आई है। 1998 के बाद भी बदलाव हुआ। इस बार फिर नए बदलाव की तैयारी हो गई है। पचमढ़ी में हुई भाजपा की पाठशाला को लेकर उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता मंत्री, जनता, किसानों पर अत्याचार, गुडागर्दी करते दिख रहे है। उन्हें शायद यही प्रशिक्षण दिया गया होगा। उन्होंने कहा कि शिविर में अलग अलग सत्र में जिला अध्यक्ष ब्लॉक अध्यक्षों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण में नेताओं को धरना, प्रदर्शन, आंदोलन में संयम बरतना, राहुल गांधी के डरो मत कॉन्सेप्ट के बारे मैं समझाया जाएगा। बिहार में पहले चरण की वोटिंग के बाद आएंगे राहुल गांधी बिहार में 6 नवंबर को पहले चरण का मतदान होना है। पहले चरण की वोटिंग के बाद राहुल गांधी पचमढ़ी के प्रशिक्षण शिविर में शामिल होंगे। पीसीसी की मानें तो 8 से 11 नवंबर के बीच राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम बन सकते हैं। जिला अध्यक्षों के काम का हो सकता है रिव्यू पचमढ़ी ट्रेनिंग कैम्प में एमपी के 71 जिला अध्यक्षों की तीन बिन्दुओं पर समीक्षा की जा सकती है। सोशल ऑर्गेनाइजेशन डेवलपमेंट परफॉरमेंस रैंकिंग बीते 23 सितंबर को गुजरात के कांग्रेस जिला अध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष खरगे ने कहा था…

आज एक नवंबर से नगर निगम में चेहरा दिखाकर उपस्थिति ही मान्य होगी

भोपाल  एक नवंबर से मध्यप्रदेश के सभी नगर निगम दफ्तरों में फेस अटेंडेंस (चेहरा दिखाकर उपस्थिति) ही मान्य होगी। इस प्रक्रिया से आउटसोर्स कर्मचारियों को मुक्त रखा था। गुरुवार को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने आउटसोर्स कर्मचारियों को भी चेहरा दिखाकर उपस्थिति दर्ज कराने की अनिवार्यता कर दी है। नई व्यवस्था में इंदौर नगर निगम सबसे पीछे है। उपस्थिति दर्ज कराने के लिए निगम के सभी ऑफिसों में एक-एक मशीन होने से कम अटेंडेंस लगी हैं। ऐसे में वे एक ऐप के जरिए मोबाइल से भी उपस्थिति दर्ज कराई जा सकेगी। नगरीय प्रशासन और नगर निगम इंदौर ने चेतावनी दी है कि फेस अटेंडेंस के बिना उपस्थिति दर्ज नहीं होगी तो वेतन जारी नहीं होगा। अब तक इससे आउटसोर्स कर्मचारियों को दूर रखा गया था। मोबाइल से भी लगा सकेंगे हाजिरी निगम के सभी दफ्तरों में एक-एक मशीन लगाई गई है। ट्रायल के दौरान देखा कि कर्मचारियों के आने-जाने का समय एक ही है। इस कारण अब उन्हें राहत दी गई है कि वे मोबाइल से भी चेहरा दिखाकर उपस्थिति दर्ज करा सकेंगे, लेकिन यह ऐप उसी स्थान पर चलेगा जिस लोकेशन पर रजिस्टर्ड है यानी दतर या तय स्थान से दूर होने पर उपस्थिति दर्ज नहीं होगी। मस्टर कर्मचारी संघ के संयोजक संवाद प्रमुख प्रवीण तिवारी ने कहा, शासन का आदेश सभी के लिए एक होना चाहिए। इससे कर्मचारी में हो रहे मतभेद खत्म होंगे। पंजीयन का दिया आखिरी अवसर  इंदौर निगम की स्थापना शाखा के अपर आयुक्त कार्यालय से जारी आदेश में कहा है कि सभी विभाग प्रमुख, जोनल अधिकारी और कार्यालय अधीक्षक तय करें कि अब नई पद्धति से ही स्टाफ की उपस्थिति दर्ज होगी। सभी अधिकारियों व कर्मचारियों की आधार आधारित केन्द्रीकृत उपस्थिति ही दर्ज की जाएगी। कार्यालय आने-जाने के समय रोज उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य है, नहीं तो वेतन नहीं दिया जाएगा। कर्मचारी को खुद का पंजीयन करना होगा, जिसके लिए 30 अक्टूबर आखिरी तारीख थी। इंदौर सबसे पीछे, भोपाल रहा अव्वल नई व्यवस्था की प्रादेशिक स्तर पर प्रतिदिन मॉनिटरिंग हो रही है। इंदौर सबसे पीछे और अव्वल भोपाल है। इंदौर में 22582 कर्मचारी-अधिकारी में से सिर्फ 3828 करीब १७त्न ने ही उपस्थिति दर्ज कराई। भोपाल में 19739 रजिस्टर्ड में से 12577 ने फेस अटेंडेंस के जरिए उपस्थिति दी। चेहरा दिखाकर उपस्थिति दर्ज कराने में मशीन के जरिए मुसीबत हो रही थी। साथ ही आउटसोर्स कर्मचारियों को इससे दूर रखने पर भी कुछ खास संगठनों में नाराजगी थी। आउटसोर्स कर्मचारियों, जो कि नेताओं के खास समर्थक आदि हैं, उन्हें राहत दी जा रही है। तकनीकी खामी से विभिन्न संगठनों ने मांग की थी कि मोबाइल ऐप के जरिए भी उपस्थिति दर्ज कराने की सुविधा हो और एक समान व्यवस्था हो।

अध्ययन: अमीर लोग जलवायु परिवर्तन के लिए गरीबों की तुलना में 680 गुना जिम्मेदार

नई दिल्ली वैश्विक जलवायु संकट के पीछे सिर्फ अमीरों की उपभोग की आदतें ही नहीं, बल्कि उनकी संपत्ति और निवेश भी प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। जारी ‘क्लाइमेट इनइक्वैलिटी रिपोर्ट 2025’ (Climate Inequality Report 2025) के अनुसार, दुनिया के शीर्ष 1% अमीर लोग वैश्विक उपभोग-आधारित उत्सर्जन (consumption-based emissions) का 15% हिस्सा रखते हैं, लेकिन निजी पूंजी स्वामित्व से जुड़े 41% उत्सर्जन के लिए जिम्मेदार हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अमीरों की संपत्ति और निवेश जलवायु परिवर्तन को गहराने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं, क्योंकि उनके पास ऐसे निवेश हैं जो उच्च-कार्बन उद्योगों से जुड़े हुए हैं। रिपोर्ट ने चेतावनी दी है कि यदि अगले दशकों में जलवायु से संबंधित निवेशों पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो 2050 तक वैश्विक शीर्ष 1% के हाथों में संपत्ति की हिस्सेदारी बढ़कर 46% तक पहुंच सकती है, जो फिलहाल 38.5% है। इस रिपोर्ट का शीर्षक ‘Climate Change: A Capital Challenge – Why Climate Policy Must Tackle Ownership’ है। जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जलवायु नीति को केवल उत्सर्जन घटाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि संपत्ति के स्वामित्व और निवेश की दिशा पर भी ध्यान देना आवश्यक है। क्या कहती है रिपोर्ट? रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक उत्सर्जन के 41% के लिए निजी पूंजी ज़िम्मेदार है, जबकि दुनिया के शीर्ष 1% अमीर लोग वैश्विक उपभोग आधारित उत्सर्जन के 15% के लिए ज़िम्मेदार हैं। रिपोर्ट में आगाह किया गया है कि जलवायु परिवर्तन आर्थिक असमानता को आने वाले में समय और गहरा कर सकता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगर दुनिया के सबसे अमीर 1% लोग अगले दशकों में सभी ज़रूरी जलवायु निवेश करते हैं और उसके मालिक बनते हैं, तो इनकी मौजूदा संपत्ति का हिस्सा वर्तमान 38.5% से बढ़कर 2050 में 46% हो सकता है। रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि अमीर लोग अक्सर उच्च उत्सर्जन वाले उद्योगों में शेयरधारक के रूप में नज़र आते है। अमीरों का कार्बन उत्सर्जन 14% बढ़ा, गरीबों का 27% घटा बुधवार को ही जारी जलवायु परिवर्तन पर ऑक्सफैम की एक रिपोर्ट के अनुसार यूरोप के सबसे अमीर 0.1% समूह से एक व्यक्ति सबसे निचले 50% समूह के एक व्यक्ति की तुलना में 53 गुना ज़्यादा कार्बन उत्सर्जन करता है। रिपोर्ट के अनुसार 1990 के बाद से यूरोप के सबसे अमीर 0.1% लोगों ने कुल उत्सर्जन में अपने हिस्से में 14% की वृद्धि की है, जबकि निचले वर्ग के आधे लोगों ने अपने हिस्से में 27% की कटौती की है। गरीबों की तुलना में अमीर लोग 680 गुना ज़िम्मेदार दोनों रिपोर्ट्स से एक बात तो साफ हो गई है कि जलवायु परिवर्तन के लिए गरीबों की तुलना में अमीर लोग ज़्यादा ज़िम्मेदार होते हैं। डेटा पर गौर किया जाए, तो गरीबों की तुलना में अमीर लोग जलवायु परिवर्तन के लिए 680 गुना ज़िम्मेदार होते हैं।

PM मोदी का सम्मान भाषण: आर्य समाज ने भारत को एकता और स्वाभिमान का मार्ग दिखाया

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को दिल्ली में आयोजित 'अंतरराष्ट्रीय आर्य महासम्मेलन- 2025' में भाग लिया। उन्होंने स्वामी दयानंद सरस्वती की 150वीं जयंती पर आर्य समाज के योगदान और उनके विचारों को नमन करते हुए कहा कि आर्य समाज ने पिछले डेढ़ सौ वर्षों से राष्ट्रभक्ति, भारतीय संस्कृति और सामाजिक सुधार के क्षेत्र में अद्भुत कार्य किए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज जब आर्य समाज की स्थापना के 150 वर्ष हो रहे हैं, तो समाज और देश स्वामी दयानंद सरस्वती जी के महान विचारों को इस विराट स्वरूप में नमन कर रहा है। उन्होंने कहा कि आर्य समाज अपनी स्थापना से लेकर आज तक एक प्रबल राष्ट्रभक्त संस्था रही है, जिसने सदैव भारतीयता की भावना को जीवित रखा है। आर्य समाज ने विदेशी विचारधाराओं, विभाजनकारी मानसिकता और सांस्कृतिक प्रदूषण के हर दुष्प्रयास को खुलकर चुनौती दी है। उन्होंने स्वामी दयानंद सरस्वती को एक 'युगद्रष्टा महापुरुष' बताते हुए कहा कि स्वामी दयानंद ने समाज में महिलाओं की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण माना। उन्होंने उस सोच को चुनौती दी, जिसने नारी को घर की चौखट तक सीमित कर रखा था। स्वामी दयानंद ने महिलाओं की शिक्षा को प्रोत्साहन देने के लिए आर्य समाज के विद्यालयों में बेटियों के लिए शिक्षा की शुरुआत की। जालंधर में आरंभ हुआ कन्या विद्यालय आगे चलकर कन्या महाविद्यालय बन गया और ऐसे ही संस्थानों में पढ़ी लाखों बेटियां आज राष्ट्र की नींव को मजबूत कर रही हैं। उन्होंने कहा कि आर्य समाज के जिन कार्यों का ऋण देश पर है, उनमें एक महान कार्य देश की गुरुकुल परंपरा को जीवित रखना भी है। एक समय गुरुकुलों की ताकत से ही भारत ज्ञान-विज्ञान के शिखर पर था। गुलामी के दौर में इस व्यवस्था पर जान-बूझकर प्रहार किए गए। इससे हमारे संस्कार नष्ट हुए, नई पीढ़ी कमजोर हुई। आर्य समाज ने आगे आकर ध्वस्त होती गुरुकुल परंपरा को बचाया। प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं की प्रगति के उदाहरण देते हुए कहा कि आज भारत की बेटियां हर क्षेत्र में देश का नाम रोशन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि अभी दो दिन पहले ही हमारी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी ने राफेल फाइटर प्लेन में उड़ान भरी। इसमें उनकी साथी बनीं, स्क्वाड्रन लीडर शिवांगी सिंह। आज हमारी बेटियां फाइटर जेट उड़ा रही हैं और ड्रोन दीदी बनकर आधुनिक कृषि को भी बढ़ावा दे रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि आज भारत सस्टेनेबल डेवलपमेंट के लिए एक अहम ग्लोबल एडवोकेट के तौर पर उभरा है। स्वामी विवेकानंद की वेदों की समझ को अपनाने की अपील की तरह ही, भारत अब इंटरनेशनल लेवल पर वैदिक सिद्धांतों और जीवनशैली को अपनाने की वकालत कर रहा है। इस विजन को आगे बढ़ाने के लिए, देश ने मिशन लाइफ लॉन्च किया है।

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2025: नवा रायपुर के 12 सेक्टरों में बनेगा आधुनिक आईटी और स्पोर्ट्स हब

रायपुर नवा रायपुर आने वाले समय में छत्तीसगढ़ की नई पहचान बनने जा रही है. यहां अलग-अलग सेक्टर में लगभग सात लाख करोड़ रुपए के निवेश का प्रस्ताव मिला है. यहां शुरू होने वाले कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के संस्थान लोगों के लिए जहां आकर्षण का केंद्र बनेंगे, वहीं बड़े पैमाने पर युवाओं को रोजगार भी मिलेगा. इसके अलावा आईटी हब, मेडिसिटी, अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट और तीरंदाजी अकादमी के साथ ही अमर जवान ज्योति स्मारक भी तैयार किया जाएगा. नवा रायपुर में बसाहट बढ़ाने के लिए मंत्रालय, विधानसभा और मंत्रियों के बंगले बनकर तैयार है. विधानसभा भवन का लोकार्पण राज्य स्थापना दिवस 1 नवंबर को होने जा रहा है. राजभवन का काम भी पूरा कर लिया जाएगा. नवा रायपुर का रेलवे स्टेशन लगभग बनकर तैयार है और जल्द ही इसका उद्घाटन होगा. यह अहम परिवहन केंद्र होगा. नवा रायपुर व्यापार और निवेश का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है. आईटी पार्क, बिजनेस हब और औद्योगिक क्षेत्र का विकास तेजी से जारी है. निवेशकों के लिए इंजी ऑफ डुइंग बिजनेस की सुविधा भी मुहैया कराई जा रही है. यह एमपोर्ट, रेलवे और एक्सप्रेस वे से सीधा जुड गया है. इन क्षेत्रों में होगा विकास     आईटी, फामां और एजुकेशन हब बनाने की दिशा में तेजी से कार्य.     आईटी पार्क, डाटा सेंटर, फार्मा हब और मेडिवसिटी का विकास प्रगति पर.     स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने इन्क्यूबेशन सेंटर.     लगभग 200 एकड़ में मेडिसिटी का विकास     142 एकड़ में फार्मास्यूटिकल हब.     30 एकड़ में 30 करोड़ रुपए की लागत से. रेडीमेड गारमेंट पार्क का निर्माण.     30 एकड़ में फर्नीचर क्लस्टर का विकास.     लाइवलीहुड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना.     कार्गो सुविधा नवा रायपुर से उपलब्ध     सेक्टर 32 में कक्षा 6 से 12वीं तक अंतरराष्ट्रीय बोर्डिंग स्कूल का निर्माण क्रिकेट एकेडमी, आर्चरी सेंटर, कला ग्राम. ये है खास बातें (छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2025) सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्टः नवा रायपुर के सेक्टर-21 में 2.65 लाख वर्गफीट में निर्मित सीबीडी कॉम्प्लेक्स नई पहचान बनेगा. जल्द ही इमर्सिव होलोग्राफिक एंटरटेनमेंट सेंटर और गोकुल सुपर मार्केट भी शुरू होगा. स्मार्ट स्कूलः स्मार्ट स्कूल बनाए जा रहे हैं, जहां बच्चों को विश्वस्तरीय शिक्षा की सुविधा मिलेगी. इन स्कूलों में आधुनिक तकनीकी और सुविधाएं होंगी, जो बेहतर शिक्षा देंगी. एरोसिटीः नवा रायपुर में एयर पोर्ट के पास 216.63 एकड़ क्षेत्र में एरोसिटी विकसित की जा रही है. इसमें वाणिज्यिक संस्थान, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और होटल होंगे. कमर्शियल हबः नवा रायपुर के सेक्टर- 23, 24, 34, 35 और 40 में 1083 एकड़ क्षेत्र में कमर्शियल हब विकसित किया जा रहा है. इसमें 1000 थोक व्यावसायिक दुकानें होंगी, जो न केवल छग बल्कि आसपास के राज्यों के लिए लाभदायक होगी. शहीद स्मारक और अमर जवान ज्योति स्मारकः नवा रायपुर के ग्राम परसदा में शहीद स्मारक और अमर जवान ज्योति स्मारक की स्थापना की जा रही है. 2700 शहीदों के नाम उत्कीर्ण किए जाएंगे.

रजत जयंती वर्ष में छत्तीसगढ़ को मिलेगा नया गौरव – प्रधानमंत्री मोदी करेंगे भव्य विधानसभा भवन का लोकार्पण

छत्तीसगढ़ विधानसभा का नया भवन : परंपरा और आधुनिकता का संगम रायपुर, छत्तीसगढ़ के इतिहास में 1 नवम्बर का दिन एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी राज्य की जनता को विधानसभा का नया भवन समर्पित करेंगे। वर्ष 2000 में राज्य गठन के बाद रायपुर के राजकुमार कॉलेज से शुरू हुई छत्तीसगढ़ विधानसभा को 25 वर्षों के बाद रजत जयंती वर्ष में अपना भव्य, आधुनिक और पूर्ण सुविधायुक्त स्थायी भवन मिलने जा रहा है। यह भवन केवल एक खूबसूरत इमारत ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और आस्था का प्रतीक भी है। ‘धान का कटोरा’ कहलाने वाले छत्तीसगढ़ की पहचान को इस भवन की वास्तुकला में बखूबी पिरोया गया है। विधानसभा के सदन की सीलिंग पर धान की बालियों और पत्तियों को उकेरा गया है, जो प्रदेश की कृषि-प्रधान संस्कृति का प्रतीक है। भवन के ज्यादातर दरवाजे और फर्नीचर बस्तर के पारंपरिक काष्ठ शिल्पियों द्वारा बनाए गए हैं। इस तरह नया विधानसभा भवन आधुनिकता और परंपरा का एक जीवंत संगम बन गया है। भविष्य की जरूरतों के अनुरूप अत्याधुनिक भवन नए विधानसभा भवन को वर्तमान और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। यह पूरी तरह सर्वसुविधायुक्त और सुसज्जित भवन है, जिसके सदन को 200 सदस्यों तक के बैठने के लिए विस्तारित किया जा सकता है। पेपरलेस विधानसभा संचालन के लिए आवश्यक तकनीकी सुविधाओं का समावेश भी किया गया है, जिससे यह भवन ‘स्मार्ट विधानसभा’ के रूप में विकसित होगा। 324 करोड़ की लागत से बना 51 एकड़ में फैला परिसर कुल 51 एकड़ में फैले इस परिसर का निर्माण 324 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है। भवन को तीन मुख्य हिस्सों—विंग-ए, विंग-बी और विंग-सी—में विभाजित किया गया है। विंग-ए में विधानसभा का सचिवालय, विंग-बी में सदन, सेंट्रल हॉल, मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय, तथा विंग-सी में मंत्रियों के कार्यालय स्थित हैं। हरित तकनीक से निर्मित पर्यावरण अनुकूल भवन यह भवन पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल और हरित निर्माण तकनीक से बनाया गया है। परिसर में सोलर प्लांट की स्थापना के साथ वर्षा जल संचयन हेतु दो सरोवर भी बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा, भवन में पर्यावरण-संरक्षण के सभी मानकों का पालन किया गया है। 500 सीटर ऑडिटोरियम और 100 सीटर सेंट्रल हॉल विधानसभा भवन में 500 दर्शक क्षमता वाला अत्याधुनिक ऑडिटोरियम और 100 सीटर सेंट्रल हॉल बनाया गया है। भवन की वास्तुकला आधुनिकता और पारंपरिक शैलियों का उत्कृष्ट मेल है। तीन करोड़ जनता की आकांक्षाओं का प्रतीक छत्तीसगढ़ की संस्कृति और शिल्प से सजे-संवरे इस नए विधानसभा भवन में राज्य के तीन करोड़ नागरिकों की उम्मीदें, आकांक्षाएं और आत्मगौरव साकार होता दिखेगा। यह भवन न केवल लोकतांत्रिक व्यवस्था  का, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान, प्रगति और परंपरा का प्रतीक भी बनेगा।

सरदार पटेल की दृढ़ इच्छाशक्ति ने भारत को एकसूत्र में बांधा : मंत्री परमार

एक भारत-श्रेष्ठ भारत के संकल्प को साकार करने में सभी की सहभागिता आवश्यक : मंत्री  परमार सरदार पटेल की दृढ़ इच्छाशक्ति ने भारत को एकसूत्र में बांधा : मंत्री  परमार मंत्री  परमार ने राष्ट्रीय एकता दिवस पर रन फॉर यूनिटी को झंडी दिखाकर किया रवाना राष्ट्रीय एकता, अखंडता एवं सुरक्षा के संकल्प की शपथ दिलाई भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने कहा है कि भारत में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज हर निर्णय ऐसे हो रहे हैं जैसे सरदार वल्लभ भाई पटेल ही फिर से भारत का नेतृत्व करने के लिए खड़े हों। प्रधानमंत्री  मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत ने स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 तक विश्व का सबसे समृद्ध एवं विकसित देश बनने का संकल्प लिया है। भारत 'वसुधैव कुटुंबकम्' के अपने दृष्टिकोण के साथ विश्वमंच पर पुनः आगे बढ़ रहा है। मंत्री  परमार ने कहा कि भारत पुनः विश्वगुरु बनेगा और हर विधा-हर क्षेत्र में विश्वभर में सिरमौर देश बनेगा। स्वाभिमान के साथ देश को वैश्विक मंच पर सिरमौर बनाने की संकल्पना में सहभागिता करने की आवश्यकता है। मंत्री  परमार ने शुक्रवार को 'लौह पुरुष' सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती 'राष्ट्रीय एकता दिवस' पर शाजापुर जिले के शुजालपुर स्थित माँ शारदा सांदीपनी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 'रन फॉर यूनिटी' (एकता दौड़) को झंडी दिखाकर रवाना किया और प्रेरक संबोधन दिया। मंत्री  परमार ने राष्ट्रीय एकता-अखंडता एवं सुरक्षा के संकल्प की शपथ दिलाई। इस अवसर पर उन्होंने विद्यालय परिसर में पौध-रोपण भी किया। उच्च शिक्षा मंत्री  परमार ने कार्यक्रम में सहभागी बनने को गौरवपूर्ण बताते हुए प्रदेशवासियों को 'राष्ट्रीय एकता दिवस' की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य सरदार पटेल के राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान का स्मरण करना और 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना है। मंत्री  परमार ने सभी को सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती की शुभकामनाएं देते हुए उनके पुरुषार्थ पर प्रकाश डाला। मंत्री  परमार ने बताया कि स्वतंत्रता के उपरांत सभी रियासतों के एकीकरण में सरदार वल्लभ भाई पटेल ने दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया और सभी रियासतों का भारत में विलीनीकरण कर देश को एक सूत्र में पिरोया। कार्यक्रम में  अशोक नायक,  विजय बैस, शुजालपुर महाविद्यालय जनभागीदारी समिति अध्यक्ष  आलोक खन्ना सहित नागरिक और अधिकारी उपस्थित थे।  

पंजाब सरकार का बड़ा कदम: जनता के लिए आसान होंगी 56 सरकारी सेवाएं, CM भगवंत मान ने दी सौगात

जालंधर  पंजाब की भगवंत मान सरकार ने राज्य में ट्रांसपोर्ट विभाग से जुड़ी सेवाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार और दलालों के नैक्सस को खत्म करने की दिशा में ऐतिहासिक पहल की है। सरकार के नए आदेशों के तहत अब आरटीओ कार्यालयों की 56 सेवाएं राज्य भर के सेवा केंद्रों के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस फैसले का उद्देश्य आम लोगों को पारदर्शी, सुगम और दलाल-मुक्त सेवाएं मुहैया कराना है। वहीं सोमवार से सेवाएं पूरी तरह से चालू होंगी। उल्लेखनीय है कि पहले ट्रांसपोर्ट विभाग की जो 28 सेवाओं की सुविधा सेवा केंद्रों पर दी जा रही थी, उनकी संख्या को अब बढ़ाकर 56 किया गया है। इसके लिए सभी सेवा केंद्र कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है ताकि वे नागरिकों को निर्बाध और प्रभावी सेवाएं दे सकें। जिला प्रशासनिक काम्पलैक्स में स्थित टाइप-ए सेवा केंद्र में आज इन नई सेवाओं की शुरुआत के साथ ही लोगों ने उत्साहपूर्वक इसका लाभ उठाना शुरू कर दिया। सेवा केंद्र के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर बहादुर सिंह ने बताया कि वर्तमान में कुछ सेवाएं तकनीकी कारणों से अस्थायी रूप से रुकी हुई है, क्योंकि सिस्टम और सॉफ्टवेयर अपडेट किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगले सोमवार से सभी 56 सेवाएं पूरी तरह से चालू कर दी जाएंगी। जनता का अनुभव, पारदर्शी सेवाओं से दलालों से मुक्ति मिलने की उम्मीद सेवा केंद्र पर ट्रांसपोर्ट विभाग से संबंधित काम करवाने पहुंचे गौतम कपूर ने बताया कि यह नई व्यवस्था नागरिकों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। उन्होंने कहा कि पहले जहां लोगों को दलालों के चक्कर में पड़ना पड़ता था, वहीं अब निर्धारित शुल्क देकर सभी सेवाएं सीधे सेवा केंद्र से मिल रही हैं। कपूर ने कहा कि सभी दस्तावेज़ अब ऑनलाइन सिस्टम में अपलोड किए जाते हैं, जिससे फाइल प्रक्रिया तेज़ और पारदर्शी हो गई है। अब दलालों से निजात मिलने की उम्मीद बनी है।   सेवा केंद्र के आर.टी.ओ. काऊंटरों पर उमड़ी भीड़ जिला प्रशासनिक काम्पलैक्स स्थित टाइप-ए सेवा केंद्र में आज आर.टी.ओ. से संबंधित कामों को लेकर 2 विशेष काऊंटर स्थापित किए गए, जिन पर पूरे दिन लोगों की भारी भीड़ देखी गई। लोगों ने लाइसैंस, वाहन पंजीकरण, स्वामित्व परिवर्तन, और चालान निपटान जैसी सेवाएं काऊंटरों पर ली। वहीं, आर.टी.ओ. कार्यालय में आज सार्वजनिक खिड़कियां बंद रहीं, सिर्फ ए.आर.टी.ओ. की पब्लिक सर्विस विंडो खुली रखी गई, जहां नागरिकों ने अपने ऑनलाइन ट्रैफिक चालानों का भुगतान किया। कई लोग जो पुराने ढर्रे के अनुसार सीधे आर.टी.ओ. पहुंचे थे, उन्हें सरकार के नए फैसले की जानकारी देकर सेवा केंद्र भेजा गया।