samacharsecretary.com

मंडी में प्याज के दाम गिरे जमीन पर, किसानों ने कहा- अब तो नुकसान ही नुकसान

शाजापुर कृषि उपज मंडी शाजापुर में बुधवार को प्याज की बंपर आवक के साथ ही भाव ऐसा गिरा कि किसान मायूस होकर लौटे। स्थिति यह रही कि कुछ किसानों की प्याज दो रुपए प्रति किलो तक बिकी। कमिश्नर आशीष सिंह के निरीक्षण के दौरान एक किसान ने खुद अपनी व्यथा बताई कि साहब, जो भाव मिला है, उससे ट्रक का किराया भी नहीं निकलेगा। बामनगांव निवासी किसान पूनमचंद पुत्र गुलाब सिंह ने कमिश्नर से मुलाकात कर अपनी नीलामी पर्ची दिखाई और बताया कि उनकी 40 कट्टी प्याज मात्र दो रुपए प्रति किलो के हिसाब से कुल 3200 रुपए की बिक्री हुई। “साहब, इतना खर्च तो खेत से मंडी तक ट्रक में प्याज लाने में लग गया। अब तो घाटा ही घाटा है।' किसानों की यह शिकायत सुनकर खुद संभाग कमिश्नर आशीष सिंह ने मंडी अधिकारियों को जांच के निर्देश देने पड़े। कमिश्नर ने मौके पर ही मंडी सचिव और संबंधित अधिकारियों को तलब किया। उन्होंने कहा कि किसानों को उचित मूल्य दिलाने में किसी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने खरीदी प्रक्रिया की पारदर्शिता बढ़ाने और नीलामी में निष्पक्षता बनाए रखने के निर्देश दिए। मंडी में बुधवार को प्याज की रिकॉर्ड 27,497 क्विंटल आवक हुई। इतनी भारी मात्रा में प्याज आने से भाव औंधे मुंह गिर गए। कई किसानों को दो से चार रुपए प्रति किलो के बीच का भाव मिला।   भावांतर योजना इसी दिशा में एक बड़ा कदम बुधवार दोपहर को उज्जैन संभाग कमिश्नर आशीष सिंह शाजापुर कृषि उपज मंडी पहुंचे। उन्होंने भावांतर योजना के तहत सोयाबीन खरीदी की समीक्षा की। व्यापारियों और किसानों के बीच नीलामी प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अवलोकन किया और किसानों से बातचीत कर मंडी की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कमिश्नर सिंह ने कहा कि “राज्य सरकार किसानों की उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। भावांतर योजना इसी दिशा में एक बड़ा कदम है। मंडी में मौजूद व्यापारियों और अधिकारियों ने बताया कि प्याज की दर गुणवत्ता के आधार पर तय होती है। जो प्याज आकार में छोटी या नमीदार होती है, उसका भाव स्वाभाविक रूप से कम रहता है। किसान सवाल कर रहे हैं जब मेहनत का दाम नहीं मिलेगा, तो खेती कौन करेगा? वहीं जब तक बाजार व्यवस्था में स्थायित्व नहीं आता, तब तक प्याज के आंसू किसानों की आंखों से बहते रहेंगे। मंडी परिसर में किसानों की भीड़, मायूस चेहरे सुबह से मंडी परिसर में ट्रैक्टर-ट्रालियों की कतारें लगी रहीं। किसानों की भीड़ ऐसी थी कि प्याज की बोरियां मंडी के गेट के बाहर तक ढेर लग गईं। परंतु जब नीलामी शुरू हुई, तो भाव सुनकर कई किसानों के चेहरे उतर गए। किसी को दो, किसी को तीन, तो कुछ को चार किलो का भाव मिला वहीं अधिकतम भाव 1075 प्रति क्विंटल रहा। कई किसानों ने अपनी उपज वापस ले जाने का विचार भी किया, लेकिन ट्रांसपोर्ट खर्च के डर से उन्हें औने-पौने भाव पर बेचना पड़ा। किसानों ने बताया कि इस सीजन में प्याज की पैदावार अच्छी रही, लेकिन लागत लगातार बढ़ती जा रही है। खाद, बीज, सिंचाई और मजदूरी पर हजारों रुपए खर्च करने के बाद जब दो किलो का भाव मिलता है, तो हिम्मत टूट जाती है। किसानों ने प्रशासन से प्याज की खरीदी के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने और परिवहन सहायता देने की मांग की।  

बिहार में राजद और कांग्रेस का कार्यकाल कलंक से कम नहींः सीएम योगी

बिहार विधानसभा चुनाव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने शाहपुर विधानसभा में की जनसभा, भाजपा प्रत्याशी राकेश रंजन ओझा के पक्ष में कमल खिलाने की अपील  2005 से पहले बिहार अराजकता, गुंडागर्दी व माफियाराज का शिकार हो गया था, 20 वर्ष में अथक परिश्रम कर नीतीश सरकार ने उससे उभाराः मुख्यमंत्री  सीएम योगी का कटाक्ष- यूपी में माफिया की छाती पर जब बुलडोजर दौड़ता है तो सपा वाले फातिहा पढ़ने चले जाते हैं भोजपुर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को दूसरी रैली शाहपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी राकेश रंजन ओझा के पक्ष में की। सीएम ने स्थानीय भाषा में संवाद की शुरुआत की और मतदाताओं से कमल खिलाने की अपील की। यहां उन्होंने विपक्षी दलों (राजद, कांग्रेस) को खूब धोया। सीएम ने कहा कि इंद्रदेव के आशीर्वाद से यह तय हो गया है कि फिर से एनडीए सरकार बिहार में बनेगी।  योगी के निशाने पर रही कांग्रेस व राजद   सीएम योगी ने कांग्रेस व राजद को निशाने पर रखा। बोले कि इन लोगों ने विकास कार्यों को पूरा नहीं किया, क्योंकि जो पशुओं का चारा खा जाए, वह मनुष्य का हक भी डकार जाता है। आज मोदी जी के नेतृत्व में सबका साथ, सबका विकास के भाव के साथ हर नौजवान, गरीब, किसान, माता-बहन को योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। मोदी जी के कार्यकाल में 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से उबरकर स्वावलंबन के पथ पर आगे बढ़े हैं। अब बिहार से पलायन नहीं होता, बल्कि यहां से निकले इंजीनियर बिहार को प्रगति पथ पर आगे बढ़ा रहे हैं। सीएम ने बिहार की प्रतिभा की सराहना की।बोले कि यहां के नौजवानों में ईश्वर प्रदत्त बुद्धि है। थोड़ा सा प्लेटफॉर्म मिले तो बिहार का नौजवान दुनिया को अपनी बुद्धि से आकर्षित रखने का सामर्थ्य रखता है। देश में जहां भी बिहार के युवाओं ने कार्य किया, अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।  राजद व कांग्रेस के समय भगवान भरोसे हो गई थी बेटी-बहन की सुरक्षा  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बिहार पर भारत का हर नागरिक गौरव की अनुभूति करता है। सीएम ने बिहार की धरती के महापुरुषों, लोकतंत्र सेनानियों का जिक्र किया और कहा कि यहां का अतीत गौरवशाली रहा, लेकिन राजद का 15 वर्ष और उससे पहले कांग्रेस का कार्यकाल कलंक से कम नहीं है। इस दौरान बिहार के नागरिकों को पहचान के संकट से गुजरना पड़ता था। नौजवान पलायन,  किसान आत्महत्या,  व्यापारी डरा-सहमा रहता था और बेटी-बहन की सुरक्षा भगवान भरोसे हो गई थी। बिहार ने जब 2005 में अंगड़ाई ली और नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार बनी तो माफिया की उल्टी गिनती शुरू हो गई। बिहार नई दिशा की ओर आगे बढ़ा। बिहार में आज वह सब कुछ है, जो 50 वर्ष पहले हो जाना चाहिए। यहां कनेक्टिविटी, बाढ़ प्रबंधन, स्कूली शिक्षा, मेडिकल, इंजीनियरिंग कॉलेज समेत गरीबों के लिए अनेक योजनाएं हैं।  2005 से पहले अराजकता व गुंडागर्दी की चपेट में आकर माफियाराज का शिकार हो गया था बिहार  मुख्यमंत्री ने कहा कि 2005 के पहले परिवारवाद का दंश झेल रहा बिहार अराजकता व गुंडागर्दी की चपेट में आकर माफियाराज का शिकार हो गया था, लेकिन 20 वर्ष में अथक परिश्रम कर नीतीश सरकार ने उसे उभारने में बड़ी मदद की। आज बिहार पर कोई प्रश्न नहीं खड़ा करता। जो बिहार के नागरिकों की आकांक्षा है, आज यहां वह सब कुछ है। उन्होंने अपील की कि बिहार के विकास में चल रही रफ्तार थमनी नहीं चाहिए। डबल इंजन सरकार बुलेट ट्रेन की स्पीड से बिहार की प्रगति को बढ़ा सके, इसके लिए आपका आह्वान करता हूं।  राम मंदिर का विरोध करती थी कांग्रेस, राजद व सपा  सीएम योगी ने कहा कि बिहार में आज विकास व विरासत भी है। राम-कृष्ण-शिव, बाबा महेंद्र नाथ, महर्षि विश्वामित्र,  महात्मा बुद्ध, बाबू जगजीवन राम, डॉ. राजेंद्र प्रसाद की परंपरा ही हमारी विरासत है। सीएम ने बिहारवासियों से पूछा कि राम मंदिर बनने से आप खुश हैं, जवाब आया हां। सीएम ने कहा कि कांग्रेस, राजद व यूपी में इनका पार्टनर समाजवादी पार्टी राम मंदिर का विरोध कर रहे थे। यह लोग अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण नहीं करा पाते। कांग्रेस कहती थी कि राम हुए ही नहीं, राजद ने कहा कि हम मंदिर नहीं बनने देंगे। सपा रामभक्तों पर गोली चलाती थी। हम तब भी कहते थे कि गोली चले या डंडा, रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे। आज मंदिर बन गया।  जनसभा स्थल पर बुलडोजर देख बोले योगी- यूपी में यह माफिया की छाती पर दौड़ता है जनसभा स्थल पर बुलडोजर देख सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एनडीए की भाजपा सरकार जो कहती है, करके दिखाती है। हमने कहा था कि माफिया राज का अंत करेंगे और किया भी। यूपी में माफिया की छाती पर बुलडोजर दौड़ता है तो सपा व उसके पार्टनर्स को सिर्फ फातिहा पढ़ने का अवसर मिलता है। बिहार भी जंगलराज से उभरकर प्रगति के नए प्रतिमान को स्थापित कर रहा है। योगी ने अपील की कि बिहार जिस दिशा में बढ़ा है, वह गति रूकनी, थमनी, झुकनी नहीं चाहिए।

वुमन जिहादी ब्रिगेड पर मसूद अजहर का भड़काऊ बयान, हिंदू महिलाओं को सेना में डालना बताया योजना

बहावलपुर  पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) ने अपनी जंग में नया मोड़ ला दिया है. अब महिलाओं को भी जिहाद के लिए तैयार किया जा रहा है. संगठन के सरगना मौलाना मसूद अजहर का 21 मिनट का एक ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आया है. यह बहावलपुर के मर्कज उस्मान ओ अली में हाल ही में दिया गया भाषण है. इसमें अजहर ने महिलाओं के नए विंग 'जमात-उल-मोमिनात' की पूरी योजना बताई है. यह महिलाओं को ट्रेनिंग, ब्रेनवॉश और जंग में इस्तेमाल करने का ब्लूप्रिंट है. महिलाओं की ट्रेनिंग: पुरुषों जैसी ही अजहर ने कहा कि पुरुष भर्तियों को 15 दिनों का 'दौरा-ए-तरबियत' कोर्स मिलता है. इसमें उन्हें भारत के खिलाफ जिहाद का ब्रेनवॉश किया जाता है. अब महिलाओं के लिए 'दौरा-ए-तस्किया' कोर्स शुरू होगा. यह भी बहावलपुर के मर्कज में चलेगा. अजहर ने वादा किया कि जो महिला इस जमात में शामिल होगी, वह मौत के बाद सीधे जन्नत पहुंचेगी. पहला कोर्स पूरा करने के बाद दूसरा स्टेज 'दौरा-आयत-उल-निसाह' होगा. इसमें महिलाओं को इस्लामी किताबों से सिखाया जाएगा कि महिलाएं जिहाद कैसे करें. अजहर ने कहा, पिछले 20 सालों से पुरुषों को जन्नत का लालच दिया जाता रहा. अब महिलाओं को भी वही सिखाया जाएगा. क्यों बनाई महिलाओं की ब्रिगेड? अजहर ने तर्क दिया कि जैश के दुश्मनों ने हिंदू महिलाओं को सेना में डाला है. महिला पत्रकारों को हमारे खिलाफ खड़ा किया है. इसलिए मैं भी अपनी महिलाओं को तैयार कर रहा हूं. वे इनके खिलाफ लड़ेंगी. उन्होंने कहा, जेईएम के पुरुष मुजाहिदीन इन महिलाओं के साथ खड़े होंगे. यह ब्रिगेड दुनिया भर में इस्लाम फैलाएगी. भर्ती और नियम: हर जिले में ब्रांच अजहर ने ऐलान किया कि पाकिस्तान के हर जिले में जमात-उल-मोमिनात की ब्रांच बनेगी. हर ब्रांच का 'डिस्ट्रिक्ट मुंतेज़िमा' होगी. वह महिलाओं को भर्ती करेगी. सख्त नियम: ब्रिगेड में शामिल महिलाएं किसी भी अनजान मर्द से फोन या मैसेंजर पर बात नहीं करेंगी. सिर्फ पति या करीबी परिवार से ही. लीडरशिप: अजहर के परिवार की महिलाएं पहले की जांचों से पता चला कि अजहर ने अपनी बहन सादिया अजहर को ब्रिगेड का सरदार बनाया है. दूसरी बहन समैरा अजहर और पुलवामा हमलावर उमर फारूक की विधवा आफेरा फारूक भी लीडर हैं. ये रोज ऑनलाइन सेशन चलाकर महिलाओं को जोड़ेंगी और भर्ती करेंगी. जेईएम ने एक नया पोस्टर जारी किया. इसमें 'उम्मे मसूद' (असली नाम समैरा अजहर) को ऑनलाइन क्लास का टीचर बताया. ये क्लासें हफ्ते में 5 दिन, 25 अक्टूबर से शुरू हुईं. अजहर ने कहा, जमात में 4-5 ऐसी महिलाएं हैं जिनके पुरुष रिश्तेदार भारतीय सेना से मुठभेड़ में मारे गए.  इन्हें 'शोबा-ए-दावत' कैंपेन के तहत नई भर्तियों को प्रेरित करने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा. अजहर ने महिलाओं से अपनी किताब "ऐ मुसलमान बहना" पढ़ने को कहा. यह ब्रेनवॉश का हिस्सा है. ऑपरेशन सिंदूर का बदला? अजहर के 14 परिवार के सदस्य भारत के 'ऑपरेशन सिंदूर' में मारे गए. इनमें यूसुफ अजहर, जमीला अहमद, हंबजा जमीला और हूज़ैफा अजहर शामिल थे. अब अजहर का दावा है कि उनकी बड़ी बहन हवा बीबी भी उसी हमले में मरी. ऑडियो में भावुक अजहर ने कहा कि मैंने अपनी बहन के साथ महिलाओं की ब्रिगेड का प्लान बनाया था. उसकी मौत के बाद इसे अमल में ला रहा हूं. पाकिस्तान की भूमिका पाकिस्तान इन आतंकी संगठनों को बढ़ावा देता है. आधिकारिक तौर पर ये बैन हैं, लेकिन हाल के भू-राजनीतिक बदलावों से पाकिस्तान को हौसला मिला है. इन संगठनों को ज्यादा आजादी मिल रही है. भारत के खिलाफ ये नई साजिशें चिंता की बात हैं. 

साइबर अपराध से बचाव के लिए सबसे बड़ा हथियार जागरूकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

साइबर अपराध से लड़ाई पुलिस के साथ पूरे समाज की है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव साइबर अपराध से बचाव के लिए सबसे बड़ा हथियार जागरूकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव रन फॉर साइबर अवेयरनेस ने डिजिटल युग की सबसे जरूरी पहल को दिया जनआंदोलन का रूप : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रन फॉर साइबर अवेयरनेस को झंडी दिखाकर किया रवाना अटल पथ स्थित प्लेटिनम प्लाजा पर हुआ कार्यक्रम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'रन फॉर साइबर अवेयरनेस' जागरूकता अभियान के आयोजन के लिए मध्यप्रदेश पुलिस सहित सभी प्रतिभागियों और सहयोगियों को बधाई देते हुए कहा कि साइबर अपराध से लड़ाई केवल पुलिस की नहीं, पूरे समाज की है। तकनीक और कानून अपने स्थान पर हैं, पर सबसे बड़ा हथियार जागरूकता है। जब नागरिक जागरूक होगा, तभी राष्ट्र सुरक्षित होगा। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम ने डिजिटल युग की सबसे जरूरी पहल को जन-आंदोलन का रूप दिया है। हम जिस रफ्तार से डिजिटल रूप से मजबूत हुए हैं उसी रफ्तार से नई परेशानियां और खतरे सिर उठाने लगे हैं। जिस तकनीक ने हमें जोड़ा है उसी तकनीक ने अपराधियों को नए हथियार भी दिए हैं और आज ठगी के नए-नए तरीके आ गए हैं। डिजिटल अरेस्ट, फेक प्रोफाइल, हैकिंग, डेटा ब्रीचिंग, ऑनलाइन फ्रॉड, ओटीपी फॉड, ऑनलाइन शॉपिंग धोखाधड़ी और फेक इन्वेस्टमेंट लिंक जैसे अपराध बढ़ते जा रहे हैं। ये हमारे समाज के हर वर्ग को प्रभावित कर रहे हैं। 'रन फॉर साइबर अवेयरनेस' डिजिटल युग में नागरिक सुरक्षा का कर्तव्य निभा रही है। साइबर सिपाही, जिम्मेदारी, सुरक्षा और जागरूकता की दौड़ के लिए एकजुट हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा साइबर सुरक्षा और जागरूकता के लिए आयोजित रन फॉर साइबर अवेयरनेस के प्रतिभागियों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रन के लिए एकत्र प्रतिभागियों को अटल पथ स्थित प्लेटिनम प्लाजा से झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रन अटल पथ से एपेक्स बैंक तिराहा होते हुए टी.टी. नगर स्टेडियम पर पूर्ण हुई। इस अवसर पर विधायक भगवानदास सबनानी, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कार्यक्रम स्थल पहुंचने पर पुलिस बैंड की धुन के साथ सलामी दी गई। पुलिस महानिदेशक तथा अन्य पुलिस अधिकारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पुष्प गुच्छ भेंटकर स्वागत किया और स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर करें कॉल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जब डिजिटल इंडिया का सपना देखा था तब उन्होंने भारत को तकनीकी रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने की परिकल्पना की थी। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत डिजिटल क्रांति का अग्रदूत बना है। डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन सेवाएं, ई-गवर्नेंस ये सब आज सबके जीवन का हिस्सा बन चुके हैं। मध्यप्रदेश ने भी पंचायत से लेकर सचिवालय तक हर स्तर पर डिजिटल सेवाएं पहुंचाने का काम किया है। बैंकिंग से लेकर शिक्षा तक और रोजगार से लेकर शासन तक हर प्रक्रिया अब ऑनलाइन है। आज के समय में साइबर अपराधी कभी स्वयं को पुलिस अधिकारी बताकर, कभी बैंक मैनेजर बनकर, तो कभी किसी सरकारी एजेंसी का नाम लेकर लोगों को ठग रहे हैं। जब किसी परिवार की मेहनत की कमाई पलभर में लुट जाती है, जब किसी विद्यार्थी का भविष्य ठगी में फंस जाता है, तो यह पूरे समाज के लिए पीड़ा का विषय बन जाता है। यदि किसी के साथ साइबर ठगी हो जाए तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट दर्ज करें। देरी करने से पीड़ित के पैसे वापस मिलने की संभावना कम हो जाती है इसलिए त्वरित कार्रवाई ही बचाव है। जैसे हमने स्वच्छता को अपनी संस्कृति बनाया है, वैसे ही हमें साइबर स्वच्छता को भी अपनी संस्कृति बनाना होगा। डिजिटल युग का संविधान और सुरक्षित नागरिक का संस्कार है, स्टॉप थिंक एंड देन टेक एक्शन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि साइबर अपराध की सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने हमें एक बहुत सार्थक मंत्र दिया है, स्टॉप थिंक, एंड देन टेक एक्शन। यानी रूको, सोचो और फिर कोई कदम उठाओ। जब कोई अनजान कॉल आए तो रूकिए। कोई आकर्षक लिंक दिखे तो सोचिए और जब निश्चित हो जाए कि यह सही है तभी क्लिक कीजिए। यही डिजिटल युग का संविधान है, यही सुरक्षित नागरिक का संस्कार है। साइबर अपराध पैसों के साथ विश्वास, चरित्र और पहचान की भी क्षति पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कहा कि आज साइबर अपराध हमारे देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ता अपराध बन चुका है। आने वाले वर्षों में साइबर क्राइम अन्य सभी अपराधों को पीछे छोड़कर सबसे अधिक संख्या में उभर कर आने वाला अपराध है। यह केवल पैसों की हानि नहीं, बल्कि विश्वास, चरित्र और पहचान की भी क्षति है। कई बार मेहनत और ज्ञान की चोरी भी डिजिटल माध्यमों से हो रही है। किसी की रिसर्च, डिजाइन, विचार या फोटो को बिना अनुमति के इस्तेमाल किया जाना भी साइबर अपराध है। सुरक्षित रहना अब दरवाजा बंद करने के साथ स्क्रीन लॉक करना भी पुलिस महानिदेशक मकवाना ने कहा कि आज की इस दौड़ का उद्देश्य केवल दौड़ना नहीं बल्कि सोचना और जागरूक होना भी है कि कैसे हम अपनी डिजिटल पहचान सुरक्षित रखें, कैसे हम अपने पासवर्ड-ओटीपी और निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें और कैसे हम डिजिटल सुरक्षा को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। मध्यप्रदेश पुलिस लगातार साइबर जागरूकता के लिए अभियान चला रही है। विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं पंचायत व शहरों तक हर नागरिक यह समझ सके कि हमें यह याद रखना होगा कि एक जागरूक नागरिक ही सबसे बड़ी सुरक्षा दीवार है। पुलिस महानिदेशक मकवाना ने उपस्थित प्रतिभागियों से साइबर अपराध के प्रति जागरूक रहने, लोगों को जागरूक करने और समाज को साइबर अपराध से बचाने में योगदान देने का संकल्प लेने का आहवान किया। उल्लेखनीय है कि अक्टूबर माह को साइबर जागरूकता माह के रूप में मनाया जा रहा है। संपूर्ण प्रदेश में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए कार्यशालाएं, व्याख्यान, स्कूल-कॉलेजों में सत्र और सोशल मीडिया अभियान कैंपेन चलाए गए। अभियान के अंतर्गत ही साइबर जागरूकता रन 2025 का आयोजन किया गया। रन में पुलिस अधिकारी- कर्मचारी, विद्यार्थी, स्वयंसेवी संस्थाओं के सदस्य शामिल हुए। … Read more

मध्य प्रदेश: सागर के दो मोहल्लों में हिंदू परिवार मजबूरी में अन्य जगहों पर पलायन

सागर  मध्य प्रदेश के सागर में शनिचरी और शुक्रवारी इलाकों से पिछले 10 सालों में हिंदू परिवारों का पलायन चिंता का विषय बन गया है। पिछले दशक में यहां हिंदू आबादी में 4.88 प्रतिशत की गिरावट आई है। एक खास वर्ग की बढ़ती आबादी कैसे अपने पड़ोस के दूसरे वर्ग को परेशान कर देती है, सागर में इसकी चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। यहां के दो पुराने मोहल्लों शुक्रवारी और शनीचरी में हिंदू परिवार अपनी संपत्ति बेचकर दूसरे मोहल्लों और कॉलोनियों में रहने को मजबूर हो गए। दोनों मोहल्लों में कभी मिश्रित आबादी थी। पिछले कुछ समय में यहां मुस्लिम आबादी इतनी तेजी से बढ़ी कि दोनों क्षेत्र अब मुस्लिम बहुल हो चुके हैं। यहां हिंदुओं का पलायन इतनी तेजी से हो रहा है कि जिला प्रशासन ने दोनों मोहल्लों में संपत्ति की खरीद-बिक्री यानी पंजीयन पर फिलहाल रोक लगा दी है। 41 परिवारों ने संपत्ति मुस्लिम परिवारों को बेची विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष अजय दुबे का कहना है कि इन क्षेत्रों में धार्मिक भावनाओं को आहत करने के लिए हिंदू घरों के बाहर मांस फेंका जाना, महिलाओं का उत्पीड़न और लव जिहाद के प्रयासों के कारण हिंदू समुदाय के लिए यहां घुटन वाली स्थिति पैदा की गई। जिन लोगों से बन पड़ा वे औने-पौने दाम में संपत्ति बेचकर अन्य क्षेत्रों में जाकर बस गए। बताया जा रहा है कि वर्ष 2020-21 से अब तक 68 हिंदू परिवारों के 288 लोग दोनों मोहल्ले छोड़ चुके हैं। उनमें से 41 परिवारों ने अपनी संपत्तियां मुसलमानों को बेची, क्योंकि वहां दूसरा कोई खरीदने को तैयार भी नहीं है। इसकी शिकायत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग तक भी पहुंची थी। बता दें, दोनों मोहल्लों में करीब सात हजार मतदाता हैं। पंजीयन से पहले एसडीएम करेंगे सौदे की जांच कलेक्टर संदीप जीआर ने जिला पंजीयक को पत्र जारी कर शनिचरी और शुक्रवारी क्षेत्र के हिंदू समाज के लोगों की संपत्तियों की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी है। आदेश है कि यहां के लोग मकानों के क्रय-विक्रय के लिए पंजीयन कार्यालय में स्लाट बुक कराएं तो उसकी जानकारी एसडीएम को दी जाए। एसडीएम दोनों पक्षों का बयान लेकर यह जांच करेंगे कि इस सौदे में उनकी सहमति है या मजबूरन ऐसा करना पड़ रहा है। एसडीएम के संतुष्ट हो जाने के बाद ही संबंधित संपत्ति का पंजीयन होगा। पिछले पांच सालों में 41 हिंदू परिवारों ने अपने घर बेचकर ये इलाके छोड़ दिए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि ये सभी मकान मुस्लिम समुदाय के लोगों ने खरीदे हैं। पिछले एक दशक में 63 हिंदू परिवारों के 228 लोग यहां से जा चुके हैं, और अभी भी कई घरों पर बिकाऊ के बैनर लगे हुए हैं। रहवासी ने बताया कि उनके 150 साल पुराने पुश्तैनी मकान को मुस्लिम समुदाय के लोगों ने घेर लिया और परेशान करने लगे। घर पर केवल महिलाएँ थीं। मजबूरी में उन्हें अपना 18 लाख रुपये का मकान मात्र 5.30 लाख रुपये में बेचना पड़ा। रहवासी ने बताया कि उनके घर के बाहर मीट के टुकड़े और अंडे के छिलके फेंके जाते थे। जिससे वहां रहना मुश्किल हो गया था। उनका 625 वर्गफीट का मकान दो साल तक नहीं बिका, आखिर में उन्हें कम कीमत में बेचना पड़ा। एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि उनकी बेटी को एक मुस्लिम युवक ने प्रेम-प्रसंग में फँसाया, जिससे मजबूरन उसे अपनी बेटी की शादी उस युवक से करानी पड़ी। बाद में बेटी को प्रताड़ित किया गया और मकान बेचने पर मजबूर किया गया। संतोष कुमार साहू ने बताया कि उनके आसपास सिर्फ 1-2 हिंदू परिवार बचे थे। मुस्लिम लोगों के मकान अधिक होने से उनके बच्चों की शादियाँ नहीं हो रही थीं। वहां के माहौल के चलते रिश्ते नहीं आ रहे थे। उन्हें अपने 30 लाख रुपये के मकान को 22 लाख रुपये में बेचना पड़ा। शनिचरी चौगना इलाके की एक हिंदू महिला ने बताया कि पति के न होने पर उन्हें अपनी दो बेटियों की सुरक्षा का डर रहता था। मुस्लिम समुदाय के लोगों से विवाद के बाद उन्होंने अपने 22 लाख रुपये के मकान को 14 लाख रुपये में बेचा। विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष अजय दुबे ने कहा कि क्षेत्र में माहौल खराब होने के कारण हिंदू परिवार अपने मकान बेचकर जा रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से पलायन रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की है और यह भी कहा कि उनका संगठन परेशान परिवारों की मदद के लिए तैयार है। यह मुद्दा प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है, जिस पर तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता है। हिंदू संगठनों ने बढ़ाई सक्रियता पलायन की बात सामने आने के बाद हिंदू संगठनों ने इन मोहल्लों में सक्रियता बढ़ा दी है। शिव सेना के उप राज्य प्रमुख पप्पू तिवारी ने बताया कि हम उनसे बाहरी दबाव और परेशान करने वाली हरकतों की जानकारी साझा करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं ताकि समय रहते उनकी सहायता की जा सके। पता लगाया जाएगा कोई दबाव तो नहीं     कलेक्टर का आदेश आया है, जिसमें शुक्रवारी और शनिचरी मोहल्लों में संपत्ति के क्रय-विक्रय के पंजीयन को लेकर कहा गया है कि ऐसे मामलों की पहले एसडीएम जांच करेंगे। ऐसा इसलिए ताकि पता लगाया जा सके कि कोई किसी के दबाव में तो अपनी संपत्ति नहीं बेच रहा है। – निधि जैन, जिला पंजीयक, सागर  

सैलरी में बंपर बढ़ोतरी — अब ₹1 लाख वालों की इनकम होगी इतनी ज्यादा!

नई दिल्ली आठवें वेतन आयोग  को लेकर अब नई जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए प्रस्तावित फिटमेंट फैक्टर 2.86 रखा जा सकता है। इसी आधार पर सैलरी स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव संभव है। ₹19,000 महीना तक बढ़ेगा वेतन रिपोर्ट के अनुसार, इस फिटमेंट फैक्टर के हिसाब से कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में लगभग ₹19,000 प्रति माह का इजाफा हो सकता है। यानी जो कर्मचारी अभी ₹1 लाख मासिक वेतन प्राप्त कर रहा है, उसकी तनख्वाह बढ़कर करीब ₹1.14 लाख प्रति माह तक पहुंच सकती है। क्या है फिटमेंट फैक्टर का फॉर्मूला? वेतन निर्धारण के लिए आयोग “फिटमेंट फैक्टर” का उपयोग करता है। फॉर्मूला है — नई बेसिक सैलरी = वर्तमान बेसिक सैलरी × फिटमेंट फैक्टर (2.86) यानी यदि किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक पे ₹25,500 है, तो बढ़ोतरी के बाद यह ₹72,930 तक जा सकती है। कब लागू होगी नई सैलरी? आठवें वेतन आयोग को अपनी सिफारिशें 18 महीने के भीतर सरकार को सौंपनी हैं। उसके बाद केंद्र द्वारा मंजूरी मिलने पर नया वेतन ढांचा लागू किया जाएगा। अनुमान है कि 2026 की शुरुआत तक यह लागू हो सकता है। कर्मचारियों और पेंशनर्स को राहत इस फैसले से करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 69 लाख पेंशनर्स को सीधा लाभ मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बढ़ोतरी से न केवल कर्मचारियों की आय में सुधार होगा, बल्कि बाजार में उपभोग और मांग भी बढ़ेगी।  

मुख्यधारा की ओर वापसी: माओवादी संगठन से 21 नक्सलियों का मोहभंग

कांकेर उत्तर बस्तर में सक्रिय रहे 21 माओवादियों ने 18 हथियारों के साथ पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। जंगलवार कॉलेज में सभी नक्सलियों का रेड कारपेट बिछाकर स्वागत किया गया। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को बस्तर आईजी ने संविधान की प्रति सौंपी। नक्सलवाद के खात्मे को लेकर जारी अभियान के बीच इस माह पुलिस ने अपनी रणनीति बदली है और एनकाउंटर की जगह समर्पण को प्राथमिकता देते हुए नक्सलियों को साफ संदेश दिया गया था कि वो यदि आत्मसमर्पण कर मुख्य धारा में लौटने को तैयार हैं तो उनका स्वागत किया जाएगा। ऐसा नहीं करने पर सुरक्षाबलों की गोली का निशाना बनना पड़ेगा।   जिसका असर भी देखने को मिला और इसी माह 208 नक्सलियों ने 109 हथियारों के साथ जगदलपुर में सरेंडर किया, जिसके बाद कांकेर जिले के दो एरिया कमेटी ने आज एक साथ हथियार डाले हैं, जिसमें 21 नक्सलियों ने 18 हथियार पुलिस को सौंपे है। बस्तर आईजी पी सुंदरराज ने कहा कि एक समय था जब नक्सलियों के पोलित ब्यूरो और सेंट्रल कमेटी में 45 सदस्य हुआ करते थे लेकिन 2025 की शुरुआत में इनकी संख्या घटकर 18 रह गई थी। 2025 का अंत आते आते महज 6 से 7 सेंट्रल कमेटी और पोलित ब्यूरो मेंबर शेष बचे है जो दक्षिण बस्तर के जंगलों में छिपे हुए है। आईजी ने कहा कि दक्षिण बस्तर में छिपे नक्सलियों से अपील भी कर रहे है और उन्हें चेतावनी भी दे रहे हैं कि अब भी समय है वो सरेंडर कर दे अन्यथा बस्तर के तैनात डीआरजी समेत तमाम सुरक्षाबलों के जवान उनसे निपटने के लिए तैयार बैठे हैं।

कैनबरा T20 धुला बारिश में, अगली टक्कर अब मेलबर्न में होगी

कैनबरा  कैनबरा में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पहला टी20 मुकाबले बार‍िश की वजह से रद्द हो गया है. बुधवार (29 अक्टूबर) को हुए इस मुकाबले में टॉस ऑस्ट्रेलियाई टीम कप्तान म‍िचेल मार्श ने जीता और पहले गेंदबाजी करने का फैसला क‍िय था. मुकाबला बार‍िश की वजह से दो बार प्रभाव‍ित हुआ. इस वजह से ओवर्स की संख्या 18 ओवर्स कर दी गई. पहला व्यवधान 5 ओवर के बाद आया. वहीं मैच में एक बार फ‍िर 10वें ओवर के दौरान बार‍िश ने खलल डाला. इसके बाद मैच को रद्द करने का फैसला किया गया. जिस समय खेल रद्द हुआ उस समय भारतीय टीम बल्लेबाजी कर रही थी. सूर्यकुमार यादव और शुभमन ग‍िल क्रीज पर डटे थे. उस समय भारत का स्कोर (9.4/18 ओवर) 97/1 था. भारत को एकमात्र झटका अभ‍िषेक शर्मा के रूप में लगा. कैनबरा में लगातार बारिश के चलते आगे का खेल संभव नहीं हो सका.अब अगला मैच मेलबर्न में 31 अक्टूबर को खेला जाएगा. भारत की पारी की हाइलाइट्स  इस मुकाबले में  भारत की ओर से ओपन‍िंंग करने नंबर 1 टी20 बल्लेबाज अभ‍िषेक शर्मा और उनके साथ टीम के उपकप्तान शुभमन ग‍िल आए. दोनों ने ही ताबड़तोड़ शुरुआत की. शुरुआती 3 ओवर में भारतीय टीम ने 26 रन जोड़ लिए. इसके बाद अपना पहला ओवर लेकर आए नाथन एल‍िस ने पांचवीं गेंद पर अभ‍िषेक (19) को ट‍िम डेव‍िड के हाथों कैच आउट करवाया. भारत का स्कोरकार्ड (97-1(9.4 ओवर्स)) बल्लेबाज               विकेट                                         रन अभ‍िषेक शर्मा      कैच ट‍िम डेव‍िड, बोल्ड नाथन एल‍िस     19 शुभमन गिल         नाबाद                                            37 सूर्यकुमार यादव     नाबाद                                           39 विकेट पतन: 1-35 (अभिषेक शर्मा, 3.5 ओवर) बार‍िश की वजह से मैच पर क्या असर हुआ?      ओवर घटाकर 18-18 प्रति टीम कर दिए गए हैं, पावरप्ले 5.2 ओवर का रहा     3 गेंदबाज अधिकतम 4 ओवर फेंक सकते थे.     2 गेंदबाज अध‍िकतम तीन ओवर कर सकते थे. सूर्या के हुए 150 प्लस छक्के  सूर्यकुमार यादव से पहले केवल मुहम्मद वसीम (UAE) ही 150वें छक्के का आंकड़ा कम पार‍ियों में छू पाए हैं. सूर्या ने 86 पारियों और 1649 गेंदों में यह मुकाम हास‍िल क‍िया. वहीं वसीम ने 66 पारियां और 1543 गेंदों में यह मुकाम हास‍िल क‍िया.  205 रोहित शर्मा 187 मुहम्मद वसीम 173 मार्टिन गप्टिल 172 जोस बटलर 150 सूर्यकुमार यादव* नीतीश रेड्डी हुए शरुआती 3 टी20 से बाहर  नीतीश कुमार रेड्डी ऑस्ट्रेल‍िया के ख‍िलाफ पहले तीन टी20 मैचों से बाहर हो गए हैं. एडिलेड में दूसरे वनडे के दौरान लगी बायीं कोहनी की चोट से उबर रहे इस ऑलराउंडर ने गर्दन में ऐंठन की शिकायत की है, जिससे उनकी रिकवरी प्रभावित हुई है. बीसीसीआई की मेडिकल टीम उनकी प्रगति पर नजर रख रही है.  भारत vs ऑस्ट्रेल‍िया टी20 हेड टू हेड  हेड टु हेड की बात करें तो टीम इंडिया को ऑस्ट्रेलिया पर बढ़त हासिल है. अब तक हुए 33 मुकाबलों में भारत ने 20 मुकाबलो में ऑस्ट्रेलिया को मात दी है. दूसरी तरफ कंगारू टीम 11 में ही जीत पाई है, दो मैच बेनतीजा रहा. साल 2012 के बाद से ऑस्ट्रेलिया ने भारत को अपने ही  देश में टी20 सीरीज में नहीं हराया है. ऐसे में महेंद्र सिंह धोनी, विराट कोहली के बाद अब टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव के कंधों पर एक बड़ी जिम्मेदारी है. प‍िछली 5 टी20 सीरीज में भारतीय टीम केवल एक बार ऑस्ट्रेल‍िया सरजमीं पर ऑस्ट्रेल‍िया से साल 2008 में हारी थी. 

कृषि उपज मंडियों में सोयाबीन की जोरदार खरीदी, भावांतर योजना ने किसानों को दिलाई राहत

भावांतर योजनांतर्गत कृषि उपज मंडियों में हो रही है सोयाबीन की खरीदी 27 हजार 63 किसानों से 47 हजार 493 टन सोयाबीन की खरीदी भोपाल  प्रदेश में सोयाबीन फसल के लिए लागू की गई भावांतर योजना में 9 लाख 36 हजार 352 किसानों ने पंजीयन कराया है। सोयाबीन का विक्रय 24 अक्टूबर से प्रारंभ हुआ है जो 15 जनवरी 2026 तक जारी रहेगा। अभी तक 27 हजार 63 किसानों से 47 हजार 493 टन सोयाबीन खरीदी गई है। मंगलवार 28 अक्टूबर को 10 हजार 851 किसानों से 19 हजार 191 टन सोयाबीन की खरीदी हुई। कृषि उपज मंडी देवास में सर्वाधिक 1699, इंदौर में 1579, उज्जैन में 1538, गंजबासौदा में 1283, बैरसिया में 1154, आगर में 1085, आष्टा में 1061, शाजापुर में 1053, तराना में 1040 एवं सागर मंडी में 962 टन सोयाबीन की खरीदी हुई। इसी प्रकार सर्वाधिक किसानों के पहुँचने की टॉप मंडियों में गंजबासौदा मंडी में 1254, देवास में 1182, उज्जैन में 1106, आष्टा में 1075, बैरसिया में 900, आगर में 891, इंदौर में 795, शाजापुर में 787, सीहोर में 741 एवं नरसिंहगढ़ मंडी में 701 किसान सोयाबीन की विक्री के लिए पहुँचे। मंडी बड़नगर जिला उज्जैन में अधिकतम भाव 5725 रूपये प्रति क्विंटल रहा। प्रदेश में सोयाबीन की बुवाई का रकवा गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में 58.72 लाख हेक्टेयर था जो वर्तमान में 53.20 लाख हेक्टेयर है। इस वर्ष 2025-26 में 55.54 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन का उत्पादन हुआ है। भावांतर योजनांतर्गत 3 अक्टूबर से 17 अक्टूबर तक पंजीयन हुए थे। सोयाबीन खरीदी के प्रथम मॉडल भाव की घोषणा 7 नवंबर 2025 को की जाएगी।  

किसानों के लिए राहत, खाद पर 38 हजार करोड़ की सब्सिडी को मिली हरी झंडी

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने देशभर के किसानों को बड़ी राहत दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में उर्वरक विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है, जिसके तहत रबी सीजन 2025-26 के लिए फॉस्फोरस और पोटाश उर्वरकों पर सब्सिडी की मांग की गई थी। कैबिनेट बैठक में करीब 38 हजार करोड़ रुपये की खाद सब्सिडी का ऐलान किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर किसानों को उर्वरकों पर दी गई राहत के बारे में जानकारी साझा की है। पीएम ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, 'हम देशभर के अपने किसान भाई-बहनों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसी दिशा में हमारी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए 2025-26 के रबी सीजन के लिए फॉस्फोरस और पोटाश उर्वरकों पर सब्सिडी को मंजूरी दी है। इससे जहां अन्नदाताओं को किफायती दर पर उर्वरक उपलब्ध हो सकेंगे, वहीं उनकी कमाई भी बढ़ेगी।' किसानों को सस्ते दरों पर मिलेगी खाद इस निर्णय के तहत रबी सीजन 2025-26 के लिए लगभग 37,952 करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी, जो कि खरीफ सीजन 2025 की तुलना में करीब 736 करोड़ रुपये अधिक है। सरकार द्वारा डीएपी और एनपीकेएस जैसे उर्वरकों पर स्वीकृत दरों के अनुसार सब्सिडी दी जाएगी ताकि किसानों को ये उर्वरक सस्ती और सुगम दरों पर उपलब्ध हो सकें। सरकार देशभर में किसानों को 28 प्रकार के फॉस्फेटिक और पोटाशिक उर्वरक, जिनमें डीएपी भी शामिल है, सब्सिडी दरों पर उपलब्ध कराती है। यह सब्सिडी अप्रैल 2010 से लागू एनबीएस योजना के तहत दी जा रही है। किसानों के हित को ध्यान रखते हुए सरकार ने लिया फैसला किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार किसानों किसानों को उर्वरक उचित कीमतों पर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। हाल ही में यूरिया, डीएपी, एमओपी और सल्फर जैसे कच्चे माल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बदलाव को देखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है। स्वीकृत और अधिसूचित दरों के अनुसार उर्वरक कंपनियों को सब्सिडी दी जाएगी ताकि देशभर में किसानों को आवश्यक उर्वरक सस्ती दरों पर उपलब्ध हो सकें। शिवराज सिंह चौहान ने पीएम मोदी का व्यक्त किया आभार वहीं केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज केंद्रीय कैबिनेट द्वारा खाद सब्सिडी के लिए 38 हजार करोड़ रुपये की जारी करने के फैसले पर किसानों की ओर से उनका आभार व्यक्त किया।