samacharsecretary.com

राजभवन लोक कल्याण का केंद्र बने: राज्यपाल पटेल ने प्रतिनिधि मंडल से मुलाकात में कही बात

राजभवन को लोक कल्याण का केन्द्र बनाया : राज्यपाल पटेल राज्यपाल से गोवा के सूचना एवं प्रचार विभाग का प्रतिनिधि मंडल मिला भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल से गोवा के सूचना एवं प्रचार विभाग का प्रतिनिधि मंडल बुधवार को राजभवन में मिला। निदेशक सूचना एवं प्रचार दीपक बांडेकर के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल मध्यप्रदेश के पांच दिवसीय प्रवास के दौरान राजभवन आया था।राज्यपाल पटेल का निदेशक सूचना एवं प्रचार ने गोवा का पारंपरिक परिधान पहनाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया और दल के सदस्यों का परिचय कराया।इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद थे। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने दल के साथ चर्चा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मंशा-अनुसार उन्होंने राजभवन को लोक कल्याण का केन्द्र बनाया है। प्रदेश के दूरस्थ पिछड़े और वंचित क्षेत्रों के साथ जीवंत संवाद कायम किया है। कार्यकाल के पहले दो वर्षों में ही प्रदेश के सभी जिलों का भ्रमण किया है। वंचितों के साथ आत्मीयता के सूत्र कायम किए है। वे प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के घर पर परिजनों के साथ सह भोज करते है। प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सजग करने की मंशा से पूर्व में पांच गांवों के भ्रमण का कार्यक्रम देते हैं। अंतिम क्षण में किसी एक गांव का भ्रमण कर सम्पर्क और संवाद के द्वारा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हैं। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने मध्यप्रदेश के वनों, दर्शनीय स्थलों के संबंध में भी दल को जानकारी दी। प्रदेश के विकास कार्यों और गतिविधियों के बारे में बताया। उन्होंने दल को प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में कार्य के अनुभवों को साझा किया।बताया कि प्रधानमंत्री में जनजातीय समुदाय के प्रति विशेष संवेदनशीलता है। धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान एवं प्रधानमंत्री जनमन योजना की पहल अभूतपूर्व है। योजनाओं के माध्यम से देश के हर जनजातीय परिवार को लाभान्वित करने का प्रयास है। उन्होंने आदि कर्मयोगी योजना के माध्यम से जनजातीय जन जागरण के प्रयासों का भी ब्यौरा दिया। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने दल के सदस्यों को जनजातीय समुदाय के स्वास्थ्य की प्रमुख बाधा सिकल सेल एनीमिया रोग के संबंध में बताया। उन्होंने रोग के प्रत्यक्ष लक्षणों व्यवहारिक समस्याओं और रोग के चिकित्सकीय कारणों के बारे बताया। मध्यप्रदेश में रोग नियंत्रण, उपचार प्रबंधन प्रयासों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2047 तक सिकल सेल रोग उन्मूलन के लिए राष्ट्रीय मिशन गठित कर प्रयास किए जा रहे हैं। मिशन के क्रियान्वयन में प्रदेश का देश में अग्रणी स्थान है। उन्होंने बताया कि सिकल सेल रोग नियंत्रण में दो पहलू बहुत महत्वपूर्ण है। पहला जेनेटिक काउंसलिंग, रोगी और वाहक युवक-युवती आपस में विवाह नहीं करें। दूसरा स्क्रीनिंग, सामान्य रोग वाहक और रोगी की पहचान करना है। राज्य ने इस दिशा में अग्रणी रहकर कार्य किया है। अनुमानतः 01 करोड़ 90 लाख की जनजातीय आबादी में से 01 करोड़ 23 लाख से अधिक की स्क्रीनिंग कर ली गई है। जेनेटिक काउंसलिंग के लिए 01 करोड़ से अधिक डिजिटल जेनेटिक काउंसिल कार्ड वितरित किए जा चुके है। प्रधानमंत्री मोदी ने स्वयं 01 करोड़ वॉ कार्ड वितरित कर प्रदेश के प्रयासों का अनुसमर्थन किया है। राज्यपाल पटेल ने दल के प्रतिनिधियों से अपेक्षा की है कि वह जनजातीय समुदाय में स्वास्थ्य, शिक्षा के प्रति जन जागरण के प्रयासों को प्राथमिकता प्रदान करेंगे। विकास का वातावरण निर्मित करने में सक्रिय योगदान देंगे। प्रतिनिधि दल पांच दिवसीय प्रवास पर मध्यप्रदेश आया है। दल इंदौर, उज्जैन और भोपाल में जनसंपर्क, मीडिया हाऊसेस के साथ चर्चा करेगा। उनकी कार्यप्रणाली का अध्ययन करेगा। इन स्थानों के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों का भ्रमण भी करेगा।राजभवन के वैंक्वेट हॉल में आयोजित बैठक में सूचना अधिकारी, डीआईपी, ऑल्विन एक्स. परेरा, संपादक, द नवहिंद टाइम्स, विजय डी.सूजा, संपादक, तरूण भारत, सागर जावड़ेकर, संपादक, लोकमत, सदगुरु पाटिल, गोयनकारपोन्न, सूरज नांद्रेकर, संपादक, नवप्रभा, परेश प्रभु, संपादक, आरडीएक्स मीडिया राजन केरकर, इन गोवा संपादक, अनिल लाड, सूचना सहायक, डीआईपी, सिद्धेश सामंत,फोटोग्राफर, डीआईपी, चंदू कोरगांवकर और राज्यपाल के प्रेस अधिकारी मौजूद थे।    

ग्वालियर में अदनान सामी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई, धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज

 ग्वालियर प्रसिद्ध गायक अदनान सामी पर ग्वालियर की एक इवेंट आर्गेनाइजर ने गंभीर आरोप लगाए हैं। इवेंट आर्गेनाइजर लावण्या सक्सेना ने जिला न्यायालय में परिवाद दायर किया है जिसमें कहा है कि अदनान सामी की टीम ने रद्द हुए म्यूजिक कान्सर्ट की 17 लाख 62 हजार रुपये की एडवांस राशि अब तक वापस नहीं की है। लावण्या सक्सेना ने 27 सितंबर 2022 को ग्वालियर में अदनान सामी का एक म्यूजिक कान्सर्ट आयोजित करने की योजना बनाई थी। इस कार्यक्रम के लिए कुल 33 लाख रुपये की फीस तय हुई, जिसमें से लावण्या ने 17.62 लाख रुपये का एडवांस भुगतान अदनान सामी की टीम को कर दिया था। हालांकि, एडवांस राशि प्राप्त होने के कुछ समय बाद ही अदनान सामी की टीम ने कार्यक्रम रद्द कर दिया। उस समय टीम की ओर से यह कहा गया था कि बाद में नई तारीख तय की जाएगी। लेकिन कार्यक्रम दोबारा आयोजित नहीं हो सका। पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की इसके बाद जब लावण्या ने अपनी एडवांस राशि वापस मांगी, तो टीम ने पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया। पैसे न लौटाए जाने से परेशान होकर लावण्या सक्सेना ने चार सितंबर को थाना इंदरगंज में लिखित शिकायत दर्ज कराई। उनका आरोप है कि पुलिस ने इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उन्होंने 11 सितंबर को एसएसपी धर्मवीर सिंह यादव को शिकायत सौंपी और छह अक्टूबर को आइजी अरविंद सक्सेना के कार्यालय में भी आवेदन दिया, लेकिन वहां से भी कोई राहत नहीं मिली। आखिरकार लावण्या ने 27 अक्टूबर 2025 को जिला न्यायालय ग्वालियर का दरवाजा खटखटाया। अब इस मामले की सुनवाई 24 नवंबर को होगी।

मुख्य सचिव को चुनाव आयोग का अलर्ट: बिना अनुमति अफसरों के तबादले नहीं होंगे

भोपाल  मध्य प्रदेश में प्रशासनिक स्थिरता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निर्वाचन आयोग ने राज्य के कलेक्टरों, एसडीएमों और तहसीलदारों के तबादलों पर तत्काल रोक लगाने का निर्देश दिया है. यह फैसला मुख्य रूप से विशेष गहन पुनरक्षिण कार्य (Special Intensive Revision – SIR) के महत्व को देखते हुए लिया गया है, जो मतदाता सूची पुनरीक्षण से संबंधित है.आयोग के निर्देशानुसार ये तबादले अब 7 फरवरी 2026 तक नहीं किए जाएंगे. MP में अफसरों के ट्रांसफर पर रोक! दरअसल, राज्य में कलेक्टर, SDM (जॉइंट कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर) और तहसीलदारों के ट्रांसफर 7 फरवरी तक नहीं हो पाएंगे. चुनाव आयोग ने चीफ सेक्रेटरी को निर्देश जारी कर कहा है कि SIR प्रोसेस पूरा होने तक इन अधिकारियों का ट्रांसफर न किया जाए. बहुत ज़रूरी होने पर ही चुनाव आयोग से परमिशन लेकर ट्रांसफर किए जा सकेंगे. सरकार इस दौरान सीनियर IAS अधिकारियों का ट्रांसफर कर सकेगी और इस पर कोई रोक नहीं होगी. भारत निर्वाचन आयोग ने इसको लेकर जारी निर्देश में मुख्य सचिव से साफ तौर पर कहा है कि मतदाता सूची के काम में जिला निर्वाचन अधिकारी और कलेक्टर, उप जिला निर्वाचन अधिकारी, रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (जॉइंट कलेक्टर या डिप्टी कलेक्टर), सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (तहसीलदार या नायब तहसीलदार) के तबादले एसआईआर की प्रक्रिया शुरू होने के बाद नहीं होंगे। आयोग ने कहा है कि मुख्य सचिव की यह भी जिम्मेदारी होगी कि किसी भी विधानसभा क्षेत्र में रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी का पद रिक्त नहीं होना चाहिए ताकि आयोग द्वारा तय टाइमलाइन में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण की कार्यवाही की जा सके। इस काम में आवश्यक बीएलओ और सुपरवाइजर्स की कमी भी नहीं हो, इसका ध्यान कलेक्टर और राज्य शासन रखेगा। 7 फरवरी 2026 के बाद होंगे तबादले बता दें कि तबादलों पर रोक SIR यानी विशेष गहन पुनरक्षिण कार्य के कारण  लगाई गई है. मूल्यांकन/प्रशिक्षण 28 अक्टूबर से 3 नवंबर, 2025 तक होगी.  घर-घर जाकर गिनती 4 नवंबर से 4 दिसंबर, 2025 तक होगी.   प्रारंभिक मतदाता सूची का प्रकाशन 9 दिसंबर, 2025 को किया जाएगा. दावे/आपत्तियों की का समय 9 दिसंबर, 2025 से 8 जनवरी, 2026 तक होगा. फाइनल वोटर लिस्ट 7 फरवरी 2026 को पब्लिश की जाएगी. निर्देशों के मुताबिक ये ट्रांसफर अब 7 फरवरी, 2026 तक नहीं किए जाएंगे. अपर कलेक्टर प्रभावित नहीं, संभागायुक्त मॉनिटरिंग करेंगे चुनाव आयोग ने वैसे तो तबादले से संभागायुक्तों को सीधे तौर पर प्रतिबंधित नहीं किया है लेकिन मतदाता सूची के परीक्षण की पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी संभागायुक्तों को सौंपी गई है। इसलिए संभागायुक्त भी तबादले से बचे रह सकते हैं। जिलों में पदस्थ अपर कलेक्टर स्तर के अधिकारी जो अपर कलेक्टर और सीईओ जिला पंचायत की जिम्मेदारी निभाते हैं वे जरूर चुनाव आयोग के तबादला प्रतिबंध के दायरे में नहीं आएंगे। सरकार उनके तबादले कर सकती है। आईपीएस, एसपीएस और सीनियर आईएएस पर भी रोक नहीं चुनाव आयोग ने यह भी साफ किया है कि पुलिस अधीक्षक, आईजी और अन्य सीनियर आईपीएस के अलावा एसडीओपी, सीएसपी, डीएसपी स्तर के अधिकारी या टीआई भी किसी तरह के तबादले के प्रतिबंध में नहीं रहेंगे। सरकार चाहे तो मंत्रालय और विभिन्न विभागों में पदस्थ सीनियर आईएएस अफसरों के भी तबादले कर सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि ये अधिकारी मतदाता सूची के रजिस्ट्रीकरण की कार्यवाही से किसी तरह से सीधे तौर पर नहीं जुड़े हैं। कलेक्टरों, संभागायुक्तों को आज मिलेगी ट्रेनिंग उधर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव झा ने बुधवार को प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी तथा संभागायुक्तों को SIR की ट्रेनिंग देगा। इसको लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने मंगलवार को सामान्य प्रशासन विभाग को पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं कि कलेक्टरों, संभागायुक्तों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये दी जाने वाली ट्रेनिंग में उपस्थित रहने के निर्देश शासन स्तर पर जारी किए जाएं। चुनाव से जुड़ी मुख्य तारीखें     मूल्यांकन/प्रशिक्षण: 28 अक्टूबर से 3 नवम्बर 2025     घर-घर गणना: 4 नवम्बर से 4 दिसम्बर 2025     प्रारंभिक मतदाता सूची प्रकाशन: 9 दिसम्बर 2025     दावे/आपत्तियों की अवधी: 9 दिसम्बर 2025 से 8 जनवरी 2026     अंतिम मतदाता सूची प्रकाशन: 7 फरवरी 2026  

मध्य प्रदेश में100 दिन तक चलेगी SIR प्रक्रिया, हर मतदाता तक बीएलओ तीन बार पहुंचेंगे

भोपाल   मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण यानी एसआइआर की प्रक्रिया शुरू हो गई। बताया गया है कि अब एक मतदान केंद्र पर अधिकतम 1200 मतदाता ही रहेंगे। इसके अलावा एक परिवार के सभी सदस्यों का नाम एक ही पोलिंग बूथ में होगा। जिला प्रशासन ने स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को पूरी प्रक्रिया से अवगत कराया। छह चरणों में प्रक्रिया पूरी की जाएगी। अंतिम चरण सात फरवरी 2026 को मतदाता सूची का फाइनल प्रकाशन का रहेगा। करीब 100 दिन तक चलने वाली प्रक्रिया में हर मतदाता तक बीएलओ कम से कम तीन बार पहुंचेगा। आप अपना नाम मतदाता सूची में बनाए रखना चाहते हैं तो अपनी पहचान, जन्म के साथ माता-पिता की पहचान जन्म और इसी तरह के दस्तावेज संभालकर रख लें। एसआइआर के तहत आपसे जो गणना फार्म जमा कराया जाएगा, उसमें इनकी जरूरत होगी। हर मतदाता का अलग गणना फार्म होगा प्रकाशित हर मतदाता का एक गणना फार्म होगा। फार्म पर मतदाता का पुराना फोटो व डिटेल रहेगी। फार्म में मतदाता को पुराने फोटो के पास बने बॉक्स में नया फोटो जोडऩा होगा। गणना फार्म में जन्म दिनांक दर्ज करना होगा। आधार नंबर वैकल्पिक होगा। पिता का नाम व उनका मतदाता नंबर, माता का नाम व उनका मतदाता नंबर भी दर्ज करना होगा। इसमें मतदाता व बीएलओ को हस्ताक्षर होंगे। कहीं वोटर लिस्ट से कट न जाए आपका नाम, मतदाता सूची अभियान में इन बातों का रखें ध्यान देश के 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में वोटर लिस्ट की समीक्षा का ऐलान चुनाव आयोग ने कर दिया है. इसके दायरे में 51 करोड़ वोटर आएंगे. 28 अक्टूबर से ये प्रक्रिया शुरू भी हो गई है, जो 103 दिनों तक  यानी 7 फरवरी तक चलेगी. 103 दिन की प्रक्रिया में वोटर लिस्ट का अपडेशन होगा. इसमें बंगाल, तमिलनाडु जैसे चुनावी राज्यों को भी शामिल किया गया है. अगर आप भी वोटर्स हैं और आपकी वोटर आईडी में किसी तरह के बदलाव की जरूरत है तो एसआईआर प्रक्रिया में जरूर हिस्सा लें. मसलन, अगर आप बिहार से यूपी या दिल्ली स्थायी तौर पर प्रवास कर चुके हैं तो आपको नया अपडेशन कराना चाहिए.ऐसा न हो कि बिहार में पुराने पते पर न होने से आपका नाम कट जाए और नई जगह रजिस्टर न कराने से दिल्ली में भी आपका नाम न जुड़ पाए. बीएलओ तीन बार घर जाएंगे बीएलओ वोटर लिस्ट समीक्षा के दौरान घर-घर जाकर फॉर्म भरवाएंगे. हर वोटर के यह फॉर्म रहेगा. अगर परिवार बाहर है तो दूसरे या तीसरे प्रयास में इसमें शामिल हो सकता है. बीएलओ 3 बार फॉर्म भरवाने की कोशिश करेगा. फिर भी कोई आवास पर नहीं मिलता है तो बूथ लेवल ऑफिसर नोटिस दे सकता है. इसके बाद भी एसआईआर में शामिल न होने पर आपका नाम हटाया जा सकता है. BLO या BLA से संपर्क साधें मौजूदा जो वोटर हैं, उन्हें एसआईआर से घबराने की जरूरत नहीं है. SIR में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) या बूथ लेवल एजेंट (BLA) वोटर को संबंधित फॉर्म देंगे. मतदाता उनका मिलान कराएगा. अगर आपका नाम दो जगह वोटर लिस्ट में है तो एक जगह से हटवाना होगा. अगर मतदाता सूची में नाम नहीं है तो ऐड कराने के लिए फॉर्म भरें. इसके लिए स्थायी पते समेत संबंधित दस्तावेज देने होंगे. किसी विदेशी या अवांछनीय व्यक्ति का नाम है तो उसे भी हटाया जाएगा. एक महीने में अपील संभव अगर आपका नाम किसी वजह से मतदाता सूची से कट गया है तो जब दिसंबर में ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होगी तो उसमें चेक करें. एक महीने में अपील कर सकते हैं.‎ डीएम और जिलाधिकारी के फैसले के खिलाफ राज्य निर्वाचन आयोग ‎सीईओ तक अपील कर सकते हैं.‎हेल्पलाइन 1950 पर कॉल कर सकते हैं. बीएलओ या जिला चुनाव कार्यालय से संपर्क साध सकते हैं. Voter List में कैसे Check करें नाम वोटर लिस्ट में अपना नाम चेक करना है तो electoralsearch.eci.gov.in और voters.eci.gov.in पर EPIC नंबर डालकर लिस्ट में नाम चेक कर सकते हैं. फोन पर NVSP ऐप डाउनलोड कर वोटर लिस्ट देख सकते हैं. डिजिटल वोटर आईडी कार्ड भी निकाल सकते हैं.  SIR की 3 बड़ी बातें 18 साल से अधिक उम्र के नए वोटरों के नाम जोड़े जाएंगे  वोटर लिस्ट में सामने आने वाली गलतियां सुधारी जाएंगी मृत लोगों या दूसरी जगहों पर स्थायी प्रवास पर नाम हटाए जाएंगे इन राज्यों में होगा एसआईआर अंडमान निकोबार छत्तीसगढ़ गोवा गुजरात केरल लक्षद्वीप मध्य प्रदेश पुडुचेरी राजस्थान तमिलनाडु उत्तर प्रदेश पश्चिम बंगाल काम की बातें——     51 करोड़ वोटर्स इन 12 राज्यों के दायरे में      फॉर्म 7 और फॉर्म 8 वोटर आईडी कार्ड में सुधार के लिए      फॉर्म 6 नाम जुड़वाने से जुड़े एनरोलमेंट फॉर्म के लिए     फॉर्म 8 सुधार के साथ नाम कहीं और वोटर लिस्ट में दर्ज कराने के लिए चुनाव आयोग ने जिन 12 राज्यों में एसआईआर का ऐलान किया है. उनमें  बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं. गोवा, गुजरात और उत्तर प्रदेश में 2027 में चुनाव होना है. मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में वर्ष 2028 में चुनाव कराया जाना है. SIR के अभियान में कब क्या     28 अक्टूबर से 3 नवंबर- प्रिटिंग एंड ट्रेनिंग     4 नवंबर से 4 दिसंबर- घर-घर जाकर सत्यापन     ड्रॉफ्ट वोटर लिस्ट- 9 दिसंबर तक     आपत्ति, दावे-9 दिसंबर से 8 जनवरी 2026 तक     सुनवाई, सत्यापन-9 दिसंबर से 31 जनवरी 2026     फाइनल वोटर लिस्ट- 7 फरवरी 2026 SIR में आधार कार्ड समेत ये डॉक्यूमेंट मान्य आधार कार्ड पेंशनर आई कार्ड कोई सरकारी पहचान पत्र जन्म प्रमाणपत्र पासपोर्ट हाईस्कूल मार्कशीट वन अधिकार प्रमाणपत्र स्थायी निवास प्रमाणपत्र जाति प्रमाणपत्र राष्ट्रीय रजिस्टर (NRC) में नाम फैमिली रजिस्टर में नाम रजिस्ट्री जैसे भू रिकॉर्ड

राजधानी में shocking मामला: पति ने पत्नी को धमकी देकर तीन तलाक

भोपाल  राजधानी भोपाल से तलाक का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक पति ने अपनी पत्नी को बंदूक की नोक पर तीन तलाक दे दिया. घटना के बाद डरी-सहमी महिला थाने पहुंची और पूरी कहानी पुलिस को बताई. शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर उसकी लाइसेंसी बंदूक भी जब्त कर ली है. मामला भोपाल के अशोक कॉलोनी का है, जहां पीड़िता अपने रिश्तेदार के घर रह रही थी. आरोपी पति दानिश फर्नीचर की दुकान चलाता है. रविवार की रात वह अपनी पत्नी के रिश्तेदार के घर लाइसेंसी रिवॉल्वर लेकर पहुंचा. महिला ने जैसे ही उसने पति को देखा, वह डर के मारे कमरे में जाकर छिप गई. तभी आरोपी ने चैनल गेट के बाहर खड़े होकर तीन बार 'तलाक-तलाक-तलाक' बोल दिया और वहां से चला गया. पीड़िता ने थाने पहुंचकर पुलिस को बताया कि उसके पति ने धमकी देकर रिश्ता खत्म किया. महिला की शिकायत के बाद थाना प्रभारी यूपीएस चौहान ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.  थाना प्रभारी चौहान ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था. पति का व्यवहार आक्रामक था और दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते रहते थे. महिला के माता-पिता नहीं हैं, इसलिए वह पिछले कुछ समय से अपने रिश्तेदार के घर में रह रही थी.  महिला सोमवार को थाने आई और उसने बताया कि उसका पति बंदूक लेकर आया था और उसे धमकाते हुए तीन तलाक दे दिया. आरोपी के पास लाइसेंसी बंदूक थी, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है. 

साइबर सुरक्षा पर जोर: सीएम मोहन यादव ने रैली और मैराथन को किया उद्घाटन

भोपाल  मुख्यमंत्री ने साइबर जागरूकता रैली में भाग लिया. उन्होंने मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. डीजीपी कैलाश मकवाना समेत अन्य पुलिस अधिकारी भी इस कार्यक्रम में मौजूद थे. मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल पेमेंट में भारत ने दुनियाभर में अपनी पहचान बनाई है, लेकिन हमें साइबर अपराधों को भी रोकना है. डिजिटल लेन-देन को छोड़ने का विकल्प नहीं है, इसलिए प्रधानमंत्री के आह्वान पर अक्टूबर माह में साइबर जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया. मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मां नर्मदा नदी में मगरमच्छ छोड़े जाएंगे. कल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस कार्य को अंजाम देंगे. मुख्यमंत्री ने बताया कि मां नर्मदा का वाहन मगरमच्छ है, और इससे पहले उन्होंने चंबल नदी में घड़ियाल छोड़े हैं. नर्मदा नदी में मगरमच्छों की संख्या बढ़ाने के लिए ये कदम उठाया जा रहा है. मध्य प्रदेश में सभी जीवों के संरक्षण का अभियान चल रहा है. बिहार दौरे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि एनडीए को बिहार में प्रचंड बहुमत मिलेगा. भाजपा के पक्ष में सभी मिलकर बिहार में प्रचार कर रहे हैं, जिससे एक बार फिर एनडीए की सरकार बनेगी. बिहार का मध्य प्रदेश से 2200 साल पुराना रिश्ता है. एनडीए की सरकार बनने के बाद बिहार ने चहुमुंखी प्रगति की है. इस दौरान प्रदेशभर में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए कार्यशालाएँ, व्याख्यान, स्कूल-कॉलेजों में सत्र और सोशल मीडिया अभियान चलाए गए। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अक्टूबर माह को “राष्ट्रीय साइबर जागरूकता माह” के रूप में मनाया जा रहा है। इस दौरान प्रदेशभर में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए कार्यशालाएँ, व्याख्यान, स्कूल-कॉलेजों में सत्र और सोशल मीडिया अभियान चलाए गए। इस अभियान के समापन पर भोपाल में “साइबर जागरूकता रन– 2025” का आयोजन किया जा रहा है। यह रन कल सुबह 8:00 बजे प्लेटिनम प्लाज़ा, अटल पथ से शुरू होगी और एपेक्स बैंक तिराहा होते हुए टी.टी. नगर स्टेडियम पर समाप्त होगी। सुरक्षित रहें – सतर्क रहें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस कार्यक्रम का फ्लैग ऑफ करेंगे। रन में पुलिस अधिकारी, कर्मचारी, विद्यार्थी, स्वयंसेवी संस्थाएँ और आम नागरिक शामिल होंगे। प्रतिभागियों के लिए ड्रेस कोड सफेद टी-शर्ट और लोअर निर्धारित है। रन के दौरान “सुरक्षित रहें – सतर्क रहें – साइबर अपराध से बचें” जैसे संदेशों वाले बैनर और पोस्टर प्रदर्शित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य नागरिकों को फिशिंग, ऑनलाइन धोखाधड़ी और डेटा चोरी जैसे साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूक करना है। साइबर-सुरक्षित समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा मध्यप्रदेश पुलिस का मानना है कि साइबर अपराध से निपटने का सबसे प्रभावी तरीका जागरूकता है। यह आयोजन नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करेगा और साइबर-सुरक्षित समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

एथेनॉल उत्पादन व गन्ना क्षेत्रफल में उत्तर प्रदेश देश में प्रथम, किसान हित में सरकार के ठोस कदम

गन्ना किसानों को योगी सरकार का बड़ा उपहार, गन्ना मूल्य ₹30 प्रति कुन्तल बढ़ा पेराई सत्र 2025-26 में अगेती गन्ना ₹400, सामान्य ₹390 प्रति कुन्तल निर्धारित गन्ना मूल्य वृद्धि से किसानों को होगा ₹3,000 करोड़ का अतिरिक्त भुगतान गन्ना किसान केवल उत्पादक नहीं, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था के सशक्त स्तंभ हैं : लक्ष्मी नारायण चौधरी योगी सरकार में अब तक ₹2.90 लाख करोड़ का रिकॉर्ड भुगतान, पिछली सरकारों से ₹1.42 लाख करोड़ अधिक प्रदेश में संचालित 122 चीनी मिलें, पारदर्शी नीतियों से उद्योग में आया ₹12,000 करोड़ निवेश 8 वर्षों में 4 नई चीनी मिलें स्थापित, 6 पुनः शुरू, 42 में क्षमता विस्तार ‘स्मार्ट गन्ना किसान’ प्रणाली ने खत्म किया बिचौलियों का राज, भुगतान सीधे किसानों के खातों में एथेनॉल उत्पादन व गन्ना क्षेत्रफल में उत्तर प्रदेश देश में प्रथम, किसान हित में सरकार के ठोस कदम लखनऊ योगी सरकार ने एक बार फिर गन्ना किसानों के हित में ऐतिहासिक निर्णय लिया है। पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ना मूल्य में ₹30 प्रति कुन्तल की वृद्धि की गई है। उत्तर प्रदेश के गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी के अनुसार अब अगेती गन्ना प्रजाति का मूल्य ₹400 प्रति कुन्तल तथा सामान्य प्रजाति का मूल्य ₹390 प्रति कुन्तल निर्धारित किया गया है। इस वृद्धि से गन्ना किसानों को लगभग ₹3,000 करोड़ का अतिरिक्त भुगतान होगा। योगी सरकार के कार्यकाल में यह चौथी बार है जब गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी की गई है। यह निर्णय न केवल गन्ना किसानों की आमदनी में वृद्धि करेगा, बल्कि प्रदेश के ग्रामीण अर्थतंत्र में नई ऊर्जा भी भरेगा।  मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा कि किसानों के परिश्रम का सम्मान करना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। गन्ना किसान केवल उत्पादक नहीं, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था के सशक्त स्तंभ हैं। गन्ना हमारे ग्रामीण जीवन और अर्थव्यवस्था का आधार है और हर किसान को उसकी उपज का उचित मूल्य सही समय पर उपलब्ध कराना सरकार की प्रतिबद्धता है। उन्होंने बताया कि गन्ना किसानों को अब तक ₹2,90,225 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। तुलनात्मक रूप से देखा जाए तो वर्ष 2007 से 2017 के बीच सपा और बसपा सरकारों में किसानों को कुल मात्र ₹1,47,346 करोड़ का भुगतान हुआ था। इस प्रकार सरकार ने मात्र साढ़े आठ वर्षों में पिछली सरकारों के मुकाबले ₹1,42,879 करोड़ अधिक भुगतान कर नया इतिहास रचा है। मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 122 चीनी मिलें संचालित हैं, जिससे उत्तर प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर है। पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में जहां 21 मिलें औने-पौने दामों पर बेची गई थीं, वहीं सरकार के पारदर्शी प्रबंधन और निवेशोन्मुख नीतियों से इस उद्योग में ₹12,000 करोड़ का निवेश आकर्षित हुआ है। पिछले आठ वर्षों में 4 नई चीनी मिलें स्थापित की गईं, 6 बंद मिलें पुनः शुरू की गईं और 42 मिलों की उत्पादन क्षमता में विस्तार हुआ। इससे प्रदेश में 8 नई बड़ी मिलों के बराबर उत्पादन क्षमता में वृद्धि दर्ज हुई है। साथ ही, 2 मिलों में सीबीजी संयंत्र स्थापित किए गए हैं, जिससे गन्ना क्षेत्र में वैकल्पिक ऊर्जा उत्पादन को भी बल मिला है। प्रदेश सरकार की अभिनव पहल ‘स्मार्ट गन्ना किसान’ प्रणाली के माध्यम से गन्ना क्षेत्रफल, सट्टा, कैलेंडरिंग और पर्ची जारी करने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई है। अब किसानों को उनकी गन्ना पर्ची सीधे मोबाइल पर प्राप्त होती है और भुगतान डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खातों में पहुंचता है। इस प्रणाली को भारत सरकार ने 'मॉडल सिस्टम' घोषित किया है, जिससे बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह समाप्त हो गई है। एथेनॉल उत्पादन में भी उत्तर प्रदेश ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने बताया कि सरकार के प्रयासों से राज्य में एथेनॉल उत्पादन 41 करोड़ लीटर से बढ़कर 182 करोड़ लीटर तक पहुंच गया है और आसवनियों की संख्या 61 से बढ़कर 97 हो गई है। गन्ना क्षेत्रफल में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। प्रदेश में गन्ना क्षेत्रफल 20 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 29.51 लाख हेक्टेयर तक पहुंच चुका है, जिससे उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर आ गया है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राफेल में भरी शानदार उड़ान, अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर गार्ड ऑफ ऑनर

अंबाला  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अंबाला एयरफोर्स स्टेशन से लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरी. राष्ट्रपति सुबह 9.15 बजे स्पेशल विमान से अंबाला पहुंची थीं. यहां एयरफोर्स स्टेशन पर एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने उनका स्वागत किया. कैप्टन अमित गेहानी राफेल के पायलट: कैप्टन अमित गेहानी राष्ट्रपति को ले जाने वाले विमान के पायलट हैं. वो भारतीय वायु सेना की नंबर 17 स्क्वाड्रन, "गोल्डन एरो" के कमांडिंग ऑफिसर (सीओ) भी हैं. भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ने भी भरी उड़ान: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के विमान के साथ भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने भी एक अन्य राफेल विमान से उड़ान भरी. राष्ट्रपति को दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर: अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर सबसे पहले उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. इसके बाद उन्होंने अधिकारियों से मुलाकात की और एयरफोर्स स्टेशन की विभिन्न यूनिट्स का निरीक्षण किया. इसके अलावा राष्ट्रपति अधिकारियों से राफेल विमान की तकनीक, परिचालन प्रणाली और सुरक्षा रणनीति से जुड़ी जानकारी ली. अंबाला एयरपोर्ट स्टेशन के आसपास की सुरक्षा कड़ी: कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भारतीय वायुसेना के अधिकारियों और जवानों को संबोधित करेंगी. राष्ट्रपति के कार्यक्रम को देखते हुए अंबाला प्रशासन और एयरफोर्स ने सुरक्षा कड़ी कर दी है. वायुसेना और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं. एयरफोर्स स्टेशन के आसपास के इलाके को नो ड्रोन जोन घोषित किया गया है. नो ड्रोन जोन घोषित: अंबाला SP अजीत सिंह शेखावत ने बताया "सुरक्षा के लिए हर एरिया में पुलिस, एसपीजी और एयरफोर्स की टीमें तैनात की गई है. अंबाला एयरपोर्ट स्टेशन और आसपास के इलाकों को नो ड्रोन जोन घोषित कर दिया गया है." बता दें कि राफेल लड़ाकू विमान भारत ने फ्रांस से खरीदे हैं. 5 राफेल की पहली खेप 27 जुलाई 2020 को मिली थी. ये विमान सबसे पहले अंबाला एयरबेस पहुंचे थे.

जशपुर के फरसाबहार को मिली विकास की सौगात: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 40.89 करोड़ के 13 कार्यों का किया शुभारंभ

रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के फरसाबहार में 40.89 करोड़ के 13 कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन 4.16 करोड़ लागत के 4 कार्यों का लोकार्पण और 36.72 करोड़ लागत के 9 विकासकार्यों का हुआ भूमिपूजन रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले के फरसाबहार क्षेत्र के व्यापक विकास को नए आयाम देते हुए  40 करोड़ 89 लाख 26 हजार रुपए की लागत के 13 विकासकार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें 4 करोड़ 16 लाख 41 हजार रुपए लागत के 4 विकासकार्यों का लोकार्पण और 36 करोड़ 72 लाख 85 हजार रुपए लागत के 9 विकासकार्यों का भूमिपूजन शामिल हैं।   मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने जिन विकासकार्यों का लोकार्पण किया उनमें 01 करोड़ 81 लाख 32 हजार रुपए लागत के मस्कामारा से होते हुए लवाकेरा मेन रोड तक मार्ग लं. 1.70 कि.मी., 01 करोड़ 29 लाख 56 हजार रुपए लागत के जिला जशपुर के अम्बाकछार पहुंच मार्ग लं. 1.00 कि.मी., 10 लाख रुपए लागत के आर सी.सी. पुलिया निर्माण, सिंहटोला दीपक घर से मेन रोड़ पहुंच मार्ग पर, ग्राम लावाकेरा और 95 लाख 53 हजार रूपए लागत के  जशपुर के मुण्डाडीह पहुच मार्ग लं. 0.90 कि.मी. का  निर्माण कार्य शामिल है।  इसी तरह उन्होंने 36 करोड़ 72 लाख 85 हजार रुपए लागत के जिन 9 विकासकार्यों का भूमिपूजन किया उनमें 31 लाख 38 हजार रूपए लागत के फिकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट, 23 करोड़ 96 लाख 94 हजार रूपए लागत के पमशाला में सरईटोला पहुंच मार्ग लं. 11.50 कि.मी. का निर्माण कार्य, 01 करोड़ 72 लाख 55 हजार रुपए लागत के फरसाबहार में विश्रामगृह भवन का निर्माण कार्य, 01 करोड़ 91 लाख 51 हजार रुपए लागत के प्रो.मै. आदिवासी बालक छात्रावास कोल्हेनझरिया का भवन निर्माण, 01 करोड़ 91 लाख 51 हजार रुपए लागत के प्रो.मै. आदिवासी बालक छात्रावास फरसाबहार का भवन निर्माण, 01 करोड़ 52  लाख 97 हजार रुपए लागत के प्री.मै. आदिवासी बालक छात्रावास लवाकेरा का भवन निर्माण, 01 करोड़ 52 लाख 97  हजार रुपए लागत के प्री.मै. आदिवासी बालक छात्रावास पण्डरीपानी का भवन निर्माण, 01 करोड़ 91 लाख 51 हजार रुपए लागत के प्रो.मै. आदिवासी बालक छात्रावास पंडरीपानी का भवन निर्माण कार्य और 01 करोड़ 91 लाख 51 हजार रुपए लागत के प्री.मै. आदिवासी बालक छात्रावास तपकरा का भवन निर्माण कार्य शामिल है। इस अवसर पर सांसद  राधेश्याम राठिया, विधायक मती गोमती साय, जिला पंचायत अध्यक्ष  सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका जशपुर के उपाध्यक्ष  यश प्रताप सिंह जूदेव,पूर्व संसदीय सचिव  भरत साय, कलेक्टर  रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक  शशिमोहन सिंह,  विजय आदित्य सिंह जूदेव सहित जनप्रतिनिधिगण और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती: गौरव, श्रद्धा और भव्य आयोजन का प्रतीक उत्सव

गरिमा और भव्यता के साथ मनाई जाएगी भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में 15 नवम्बर को भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती गरिमा के साथ धूमधाम से मनाई जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने जनजातीय गौरव दिवस के आयोजन को भव्य और गरिमापूर्ण बनाने के लिए जनजातीय परम्पराओं के अनुरूप संसदीय क्षेत्रों में सामुदायिक रैलियां आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आयोजन की रूपरेखा पर चर्चा करते हुए कहा कि जनजातीय संस्कृति एवं जनजाति कल्याण के लिए सरकार द्वारा किये जा रहे कार्यों को रेखांकित करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास (समत्व भवन) में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के 150वें जयंती वर्ष के आयोजनों पर जनजातीय प्रतिनिधित्व करने वाले मंत्रीगण एवं जनप्रतिनिधियों से चर्चा कर रहे थे। बैठक में जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री मती सम्पतिया उईके, महिला एवं बाल विकास मंत्री मती निर्मला भूरिया, अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री  नागर सिंह चौहान, पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री मती राधा सिंह, विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष  हेमंत खण्डेलवाल सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री मती सावित्री ठाकुर और  जनजातीय कार्य राज्यमंत्री  दुर्गादास उईके बैठक में वर्चुअली शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विकासखण्डवार यात्राएं निकालने, महानायकों के जीवन और योगदान पर जिला स्तरीय संगोष्ठियां और सम्मेलन आयोजित करने, खेल प्रतियोगिताएं, ढोल- मादल एवं बांसुरी प्रतियोगिताएं आयोजित करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाले जनजातीय युवाओं को सम्मानित भी किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व-सहायता समूहों के सम्मेलन, हस्तशिल्प की प्रदर्शनी तथा लोक कलाओं पर केन्द्रित गतिविधियों का आयोजन किया जाये। उन्होंने कहा कि जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में लगने वाले मेलों में भी स्वतंत्रता सेनानियों से संबंधित विषय-वस्तु का प्रदर्शन करने की योजना बनाई जाए। इस अवसर पर होने वाले कार्यक्रमों में सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और विकास गतिविधियों की जानकारी जन-जन तक पहुंचायें। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने भी अपने सुझाव रखे। बैठक में अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य  गुलशन बामरा, मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार  राम तिवारी, आयुक्त आदिम जाति विकास  मन शुक्ला और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।