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मिलावटखोरी कर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जनता के स्वास्थ्य और जीवन रक्षा के लिए हम प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मिलावटखोरी कर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं इंदौर स्वच्छता में सिरमौर, अब बन रहा है शुद्धता का भी पर्याय जबलपुर और ग्वालियर में भी लैब जल्द ही प्रारंभ होंगी फूड एंड ड्रग टेस्टिंग के लिए चलाई जायेंगी मोबाईल लैब्स मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया इंदौर में फूड एण्ड ड्रग टेस्ट की नई लैब का लोकार्पण इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिये हम लगातार प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंदौर केवल स्वच्छता और स्वाद की धरती नहीं, बल्कि सुशासन और सेवा की धरती भी है। यहां पर लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने सिखाया कि शासन का सच्चा अर्थ जन-कल्याण, न्याय और संवेदना है। आज जब हम इस खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला जैसी माडर्न लैब का लोकार्पण कर रहे हैं तो यह उसी सुशासन की परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रयास है जिसके मूल में “जनता का स्वाद, जनता का स्वास्थ्य और जनता की सुरक्षा” सम्मिलित है। शुद्धता और स्वच्छता अच्छे स्वास्थ्य की कुंजी कही जाती है। खाना बहुत अच्छा बना हो लेकिन शुद्धता और स्वच्छता की कसौटी पर खरा न हो तो बीमार कर देता है। इंदौर में संभागीय खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला का शुभारंभ प्रदेश की जनता के स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह केवल एक भवन नहीं, बल्कि खाद्य गुणवत्ता और स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक मजबूत कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मां अन्नपूर्णा की कृपा से यह प्रयोगशाला स्वाद, सुरक्षा और पोषण का केंद्र बने। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ड्रग रेगुलेटरी सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए हमने इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में नई खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशालाएं बनाने का निर्णय लिया था, आज हम इंदौर में इसका साकार रूप देख रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को इंदौर जिले की सांवेर विधानसभा क्षेत्र के लसुड़िया मोरी में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां नवनिर्मित खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला (फूड एण्ड ड्रग टेस्टिंग लैब) का फीता काटकर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह नई लैब एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस लैब से इंदौर संभाग के सभी नागरिकों को फूड एण्ड ड्रग टेस्ट की शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं समय पर और संभागीय स्तर पर ही मिल जायेंगी। जांच का दायरा बढ़ाएगी इंदौर लैब- 20 हजार सैम्पल प्रतिवर्ष का लक्ष्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश में नागरिकों के स्वास्थ्य की चिंता करने वाली हमारी संवेदनशील सरकार है। खाद्य सामग्री में मिलावटखोरी पर अंकुश लगाने के लिए प्रदेश में खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं की संख्या बढ़ाई जा रही है। भोपाल और इंदौर के बाद जबलपुर और ग्वालियर में भी ऐसी प्रयोगशालाएं शुरू की जायेंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अभी सिर्फ एक खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला राजधानी भोपाल में स्थित है। यहां जांच की क्षमता सालाना 6000 सैंपल की थी। इंदौर में अत्याधुनिक प्रयोगशाला के लोकार्पण के साथ अब खाद्य सामग्रियों के परीक्षण की क्षमता बढ़कर प्रतिवर्ष 20 हजार सैंपल तक हो जाएगी। इंदौर में लैब खुलने से पूरे मालवांचल को सीधा लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खाद्य सामग्री एवं दवाओं में मिलावटखोरों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर प्रदेश में कोई गलत काम करेगा तो सरकार उसे छोड़ने वाली नहीं है। अच्छा काम करने वालों को प्रोत्साहन भी मिलेगा। नागरिकों के जान-माल की रक्षा करना राज्य सरकार का कर्तव्य है। राज्य सरकार ने 18 नई नीतियां लागू करते हुए खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को कई प्रकार की छूट दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अगले 3 माह में जबलपुर में खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला की शुरुआत होगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार चलित प्रयोगशालाएं (मोबाइल लैब्स) शुरू करने पर भी काम कर रही है। इसमें माइक्रोबायोलॉजिकल जांच की सुविधा भी मिलेगी। संभागीय मुख्यालयों के बाद सभी जिलों में भी खाद्य एवं औषधि परीक्षण की ऐसी ही प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। यह प्रयोगशालाएं जन-जागरूकता एवं सर्टिफिकेशन जैसे कई प्रकार के कार्य भी करेंगी। अत्याधुनिक पांच मंजिला प्रयोगशाला मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह अद्भुत और अत्याधुनिक पांच मंजिला प्रयोगशाला 3700 वर्ग फीट में बनी है। इसकी लागत 8 करोड़ रुपए से अधिक है। यह प्रयोगशाला ऐसे प्रहरी है जो हमारे भोजन और औषधियों दोनों की गुणवत्ता और शुद्धता की रक्षा करेगा। पूरी तरह से आधुनिक और सर्व सुविधायुक्त यह लैब संभाग की सेहत की निगरानी करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर में नई लैब के खुलने से आसपास के सभी जिलों को बड़ी आसानी होगी। इससे जांच का दायरा बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि यहां खाने-पीने की चीजों और दवाओं के सैंपल की जांच नई और भरोसेमंद मशीनों से होगी ताकि लोगों को सटीक और सुरक्षित रिपोर्ट मिल सके। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश के विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। जल संसाधन एवं मछुआ कल्याण मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि नागरिकों को हर वस्तु शुद्ध मिले, यह राज्य सरकार का संकल्प है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में सिंहस्थ 2028 के भव्य और दिव्य आयोजन के लिए तैयारियां चल रही हैं। सरकार अन्नदाता और मातृ शक्ति के कल्याण के लिए नई-नई योजनाओं की सौगात दे रही है। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दी गई सौगातों को पूरा करने की गारंटी मुख्यमंत्री डॉ. यादव हैं। आज प्रदेश की दूसरी खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला का लोकार्पण हुआ है। अगले तीन माह में जबलपुर में तीसरी, ग्वालियर में चौथी और पांचवीं खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला उज्जैन में स्थापित कर दी जाएगी। सिंहस्थ-2028 के आयोजन के मद्देनजर यह प्रयोगशाला राष्ट्रीय स्तर की होगी। कार्यक्रम में विधायक मधु वर्मा, महापौर इंदौर पुष्यमित्र भार्गव, सुमित मिश्रा, चावड़ा सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।    

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले – सबका साथ, सबका विकास ही हमारी सरकार की पहचान

हर समाज को साथ लेकर चलना ही हमारी सरकार का उद्देश्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 30 करोड़ रूपये की सीवर लाइन परियोजना का भूमिपूजन इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा दिवाली का यह समय शुभ अवसर है, जब जनकल्याण के कार्यों की शुरुआत करना मंगलकारी माना जाता है। सरकार का संकल्प है कि विकास की हर योजना जनता के द्वार तक पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार सभी वर्गों और समाजों को साथ लेकर समान अवसर और विकास के पथ पर आगे बढ़ना चाहती है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक सुख और सुविधा पहुंचाना है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के ‘अंत्योदय’ के विचार को मूर्त रूप देने का प्रयास हमारी हर योजना में झलकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को ब्लू लोटस गार्डन इंदौर में आयोजित भूमिपूजन समारोह और सामाजिक समरसता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 4 के अंतर्गत अमृत 2.0 योजना के तहत सुदामा नगर सेक्टर-डी और ई में ₹30 करोड़ की लागत से 34.235 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन बिछाने के कार्य का भूमिपूजन किया। इस परियोजना से नागरिकों को ड्रेनेज चोकिंग की समस्या से स्थायी राहत मिलेगी और जल-मल निकासी व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने जनजातीय समाज और वंचित वर्गों के सशक्तिकरण के लिए अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि पहली बार रानी दुर्गावती के नाम पर जबलपुर में कैबिनेट आयोजित की गई और खरगोन में टंट्या मामा के नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। यह हमारी प्रतिबद्धता है कि हम हर समाज के महापुरुषों के योगदान को सम्मान दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले जहाँ प्रदेश का वार्षिक बजट 20 हज़ार करोड़ रुपये तक सीमित था, वहीं आज यह 4 लाख करोड़ रुपये तक पहुँच गया है। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए हमारी सरकार ने 2 हजार 600 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं खरीदा, जो हमारे किसान सम्मान के संकल्प का प्रमाण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के ‘2047 अमृत काल’ के विजन के अनुरूप मध्यप्रदेश में विकास के नए मानक स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंदौर और भोपाल एरिया में एक आधुनिक मेट्रोपॉलिटन सर्किट का निर्माण किया जा रहा है, जिससे मालवा क्षेत्र देश के प्रमुख विकास केंद्रों में शामिल होगा। विधायक मती मालिनी गौड़, महापौर  पुष्यमित्र भार्गव और  सुमित मिश्रा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री की जनसेवा भावना और समरसता की नीति ने प्रदेश में एक नई राजनीतिक संस्कृति स्थापित की है। इस अवसर पर मंत्री  तुलसीराम सिलावट, विधायक  मनोज पटेल, पूर्व महापौर  कृष्ण मुरारी मोघे, सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष  प्रताप करोसिया,  निशांत खरे,  सावन सोनकर,  सुमित मिश्रा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

युवा शक्ति का महापर्व है जंबूरी, यह युवाओं के अनुशासन, सेवा भावना और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त करेगा: मुख्यमंत्री

61 वर्ष बाद उत्तर प्रदेश की मेजबानी में आयोजित होगी भारत स्काउट्स एंड गाइड्स जंबूरी, मुख्यमंत्री ने कहा, राज्य के लिए गौरवपूर्ण अवसर युवा शक्ति का महापर्व है जंबूरी, यह युवाओं के अनुशासन, सेवा भावना और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त करेगा: मुख्यमंत्री 23 से 29 नवम्बर तक लखनऊ के डिफेंस एक्सपो ग्राउंड में होगा 19वां राष्ट्रीय जंबूरी, 30,000 से अधिक प्रतिभागी होंगे शामिल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के 19वें राष्ट्रीय जंबूरी की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की मुख्यमंत्री ने महाकुंभ की तर्ज पर सुरक्षा, आवास, स्वच्छता, स्वास्थ्य और खानपान की व्यवस्थाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए 300 एकड़ क्षेत्र में फैले जंबूरी स्थल पर 3,500 टेंट, 2,200 शौचालय, 1,700 बाथरूम और 100 रसोईघरों की होगी व्यवस्था मुख्यमंत्री का निर्देश, सुरक्षा, सुविधा और समन्वय का मानक होगी राष्ट्रीय जंबूरी, कहा, डिजिटल इंडिया की झलक भी दिखे पहली बार होगा दो दिवसीय भव्य ड्रोन शो, आरएफआईडी स्मार्ट आईडी कार्ड और व्हाट्सएप कम्युनिकेशन नेटवर्क राज्यवार प्रदर्शनियों के साथ ग्लोबल विलेज, 75 वर्ष की स्काउटिंग प्रदर्शनी, एयर अग्निवीर, एक जिला-एक उत्पाद, सोलर, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और आर्मी प्रदर्शनियां भी देखने को मिलेंगी आयोजन पूर्णतः ग्रीन और सस्टेनेबल हो, कचरा पृथक्करण, ई-कार्ट और ग्रीन वॉल जैसी व्यवस्था भी हो: मुख्यमंत्री विकसित भारत के युवा नेतृत्व, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना का प्रतीक बनेगी 19वां राष्ट्रीय जंबूरी : मुख्यमंत्री जंबूरी में रैपलिंग, वॉल क्लाइम्बिंग, स्काई साइकिलिंग, ज़िप लाइन, आर्चरी, शूटिंग, ज़ोर्बिंग बॉल्स, कमांडो ब्रिज, प्लैंक ब्रिज जैसी स्किल वर्कशॉप, एडवेंचर और अम्यूजमेंट एक्टिविटीज का भी होगा आयोजन लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को आगामी भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के 19वें राष्ट्रीय जंबूरी की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। यह प्रतिष्ठित आयोजन 23 से 29 नवम्बर 2025 तक लखनऊ स्थित डिफेंस एक्सपो ग्राउंड, सेक्टर-15, वृंदावन योजना में आयोजित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 61 वर्षों बाद उत्तर प्रदेश को इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी मिलना राज्य के लिए गौरव का विषय है। यह अवसर युवा शक्ति के अनुशासन, राष्ट्रसेवा और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त रूप में प्रस्तुत करेगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह आयोजन उत्तर प्रदेश की दक्षता, व्यवस्था, सुरक्षा और आतिथ्य क्षमता का परिचायक बने। उन्होंने निर्देश दिए कि महाकुंभ की तर्ज पर सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता, स्वास्थ्य, आवास, खानपान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सभी व्यवस्थाएं पूरे समन्वय के साथ की जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 19वें राष्ट्रीय जंबूरी की थीम 'आत्मनिर्भर-स्वदेशी भारत, स्वच्छ एवं विकसित भारत, ग्रीन एवं सस्टेनेबल भारत' हर स्तर पर प्रतिबिंबित होना चाहिए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि यह आयोजन भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की डायमंड जुबिली का ग्रैंड फिनाले होगा, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से 28,000 से 29,000 स्काउट्स एवं गाइड्स, विदेशों से लगभग 1,000 से 2,000 प्रतिभागी तथा करीब 5,000 स्वयंसेवक एवं स्टाफ सदस्य सम्मिलित होंगे। आयोजन स्थल लगभग 300 एकड़ क्षेत्रफल में फैला होगा, जिसकी परिधि 7 किलोमीटर से अधिक होगी। योजना के अनुसार, 3,500 टेंट, 2,200 शौचालय, 1,700 बाथरूम, 100 रसोई और 4 सेंट्रल किचन की व्यवस्था की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि लगभग 10 लाख वर्गफुट क्षेत्रफल वाले मुख्य एरीना स्टेडियम में 30,000 दर्शकों के बैठने की सुविधा होगी, जिसमें 12 प्रवेश द्वार, 11 एलईडी स्क्रीन और 5 जर्मन हैंगरयुक्त वीवीआईपी गैलरी बनाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अवसर पर उत्तर प्रदेश को अपनी परंपराओं, संस्कृति और नवाचारों को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने निर्देश दिया कि एक्सपो ग्राउंड में प्रदर्शनी स्टॉल स्थापित किए जाएं, जिनमें राज्यवार प्रदर्शनियों के साथ ग्लोबल विलेज, 75 वर्ष की स्काउटिंग प्रदर्शनी, एयर अग्निवीर, एक जिला-एक उत्पाद, सोलर, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और आर्मी प्रदर्शनियां भी लगाई जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन युवाओं में तकनीकी, सामाजिक और नेतृत्व कौशल को विकसित करने का अवसर बनेगा। इस उद्देश्य से आईटी एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हब की स्थापना की जा रही है, जहां डिजिटल लर्निंग, लीडरशिप और इनोवेशन से जुड़े कार्यक्रम आयोजित होंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल डिजिटल इंडिया और स्मार्ट स्काउटिंग की दिशा में नया अध्याय सिद्ध होगी। बैठक में बताया गया कि आयोजन स्थल पर 100 बेड का अस्पताल, 16 डिस्पेंसरी, पुलिस स्टेशन, पुलिस पोस्ट, नियंत्रण कक्ष, 11 फायर टेंडर सहित फायर स्टेशन, प्रशासनिक कार्यालय, ओवरसीज कैफेटेरिया और मीडिया सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि संपूर्ण आयोजन परिसर को 24×7 सीसीटीवी निगरानी में रखा जाए, जिसमें नाइट विजन, फेस डिटेक्शन और पीटीजेड कैमरे लगाए जाएं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली हर समय सक्रिय रहे। प्रकाश व्यवस्था अच्छी हो। उन्होंने यह भी कहा कि देश-विदेश से आ रहे प्रतिभागी युवाओं का लखनऊ प्रवास सुखद हो, इसके लिए आवश्यक है कि विभिन्न विभागों द्वारा तैनात कार्मिकों को अच्छे व्यवहार के लिए आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया जाए। मुख्यमंत्री ने स्वच्छता और सतत विकास की अवधारणा पर विशेष बल देते हुए कहा कि जंबूरी पूरी तरह ग्रीन और सस्टेनेबल हो। अधिकारियों ने बताया कि गीले और सूखे कचरे के पृथक्करण, कम्पोस्टिंग, प्लास्टिक अपशिष्ट के पुनर्चक्रण तथा 'ग्रीन वॉरियर्स' कार्यक्रम के माध्यम से यह लक्ष्य प्राप्त किया जाएगा। ई-कार्ट परिवहन, ग्रीन प्लेज वॉल और थीमैटिक सेल्फी पॉइंट्स जैसी व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जंबूरी में आने वाले देश-दुनिया के अतिथियों के उत्तर प्रदेश भ्रमण के लिए भी आवश्यक प्रबंध किए जाएं। बैठक में यह भी बताया गया कि पहली बार जंबूरी में दो दिवसीय भव्य ड्रोन शो आयोजित होगा, जिसमें सैकड़ों ड्रोन समन्वित रूप में आकाश में स्काउटिंग और युवा सशक्तीकरण की कहानी प्रस्तुत करेंगे। साथ ही, आरएफआईडी आधारित स्मार्ट आईडी कार्ड से प्रतिभागियों की एंट्री और उपस्थिति प्रबंधन किया जाएगा। व्हाट्सएप आधारित संचार प्रणाली के माध्यम से सभी प्रतिभागियों को रियल-टाइम अपडेट और सूचनाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। अधिकारियों ने बताया कि जंबूरी में स्किल वर्कशॉप, एडवेंचर और अम्यूजमेंट गतिविधियाँ जैसे रैपलिंग, वॉल क्लाइम्बिंग, स्काई साइकिलिंग, ज़िप लाइन, आर्चरी, शूटिंग, ज़ोर्बिंग बॉल्स, कमांडो ब्रिज और प्लैंक ब्रिज आयोजित की जाएंगी।

लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

छठ हमारी सामाजिक एकता, आध्यात्मिक उन्नयन और प्राचीन विरासत का प्रतीक है- सीएम योगी  लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  लखनऊ का कोई ड्रेनेज या सीवर गोमती में नहीं गिरेगा, पीलीभीत से गाजीपुर तक निर्मल होगी नदी- सीएम योगी  छठ पर्व हमें एक-दूसरे के साथ जोड़ता है और सामाजिक बंधन मजबूत करता है- सीएम योगी – नागरिकों के राष्ट्रीय कर्तव्य से जुड़े बिना राष्ट्र विकसित नहीं हो सकता- सीएम – मुख्यमंत्री ने भोजपुरी में दी शुभकामनाएं, कहा- छठ मईया सबके जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली लेके आवें – स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और कर्तव्यनिष्ठ नागरिक ही आत्मनिर्भर भारत का आधार हैं- सीएम योगी – मुख्यमंत्री ने की अपील- सिंगल यूज़ प्लास्टिक का बहिष्कार करें, स्वच्छता ही ईश्वर की सेवा है – तपस्या, आस्था और नारी शक्ति का अद्भुत संगम है छठ, बहनों की साधना लोककल्याण की भावना को सशक्त करती है- मुख्यमंत्री  लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा न केवल आध्यात्मिक उन्नयन का माध्यम है, बल्कि सामाजिक एकता, प्राचीन भारतीय विरासत और प्रकृति से संवाद का प्रतीक भी है। गोमती तट के किनारे लक्ष्मण मेला मैदान में छठ घाट पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने छठ गीतों का आनंद लिया और भोजपुरिया सनेश स्मारिका का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने भोजपुरी में संबोधन देकर श्रद्धालुओं में उत्साह भर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ का कोई ड्रेनेज या सीवर गोमती में नहीं गिरेगा, पीलीभीत से गाजीपुर तक गोमती निर्मल व अविरल होगी। सीएम योगी ने कहा कि छठ महापर्व विश्वभर में बसे भोजपुरी समाज को आत्मशुद्धि और लोक कल्याण के मार्ग से जोड़ता है। उन्होंने भोजपुरी में शुभकामनाएं देते हुए कहा, "छठ मईया के कृपा सबके ऊपर बनल रहे सभन लोगन के परिवार मे शुख समृद्धि और खुशहाली रहे एकरे खातिन हम छठी माई से आशीर्वाद माँगत आनी जितना लोग व्रत बाटें उहें खातिर हम छठी माई से आशीर्वाद माँगत बानी की सबके भगवती उनके सपने के पूरा करें।"  छठ पर्व परिवार की सुख-समृद्धि के साथ लोकमंगल की कामना से जुड़ा है- सीएम योगी सीएम योगी ने कहा कि यह पर्व भारत की प्राचीन विरासत को दर्शाता है और प्रकृति से संवाद सिखाता है। चार दिनों की कठिन साधना में बहनों की तपस्या को विशेष रूप से सराहते हुए उन्होंने कहा कि यह परिवार की सुख-समृद्धि के साथ लोकमंगल की कामना से जुड़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पौराणिक काल से चली आ रही यह परंपरा अब पूरे भारत में फैल चुकी है। पूर्वी उत्तर प्रदेश से लेकर पश्चिमी इलाकों तक लाखों श्रद्धालु जुड़ रहे हैं। उन्होंने गाजियाबाद और नोएडा का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां 50 हजार से एक लाख तक भक्त छठ मना रहे हैं। सीएम योगी ने कहा कि कोई मंदिर, सरोवर या तालाब ऐसा नहीं जहां श्रद्धालु न जुड़े हों। यह एकता न केवल सांस्कृतिक है, बल्कि राष्ट्रीय एकजुटता का भी संदेश देती है। उन्होंने कहा कि यह पर्व हमें एक-दूसरे के साथ जोड़ता है और सामाजिक बंधन मजबूत करता है। स्वच्छता सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का दायित्व- मुख्यमंत्री सीएम योगी ने कहा कि कोई देश तब तक विकसित नहीं हो सकता, जब तक उसके नागरिक राष्ट्रीय कर्तव्य से नहीं जुड़ते। उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान को छठ से जोड़ते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2014 से चल रहा यह अभियान पर्यावरण संरक्षण का आधार है। सीएम योगी ने सिंगल-यूज प्लास्टिक, पॉलीथिन और कूड़े के अंधाधुंध उपयोग पर रोक लगाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गंदगी के कारकों को हटाएं, उसे नदी-नालों में न फेंकें। अगर हर व्यक्ति इसका पालन करे, तो आधे से अधिक समस्या का समाधान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यह केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का दायित्व है। नागरिकों के राष्ट्रीय कर्तव्य से जुड़े बिना राष्ट्र विकसित नहीं हो सकता। विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के विजन को साकार करने में यह प्रयास मदद करेगा। पीलीभीत से गाजीपुर तक गोमती अविरल और निर्मल बनेगी- सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले दो वर्षों में गोमती में जल स्तर कम होने और बदबू की शिकायतें आईं, लेकिन इस बार प्रशासन, सिंचाई विभाग, नगर निगम और स्वयंसेवी संगठनों की मेहनत से सुधार हुआ। उन्होंने बताया कि एक महीने पहले बैठकें हुईं और अखिल भारतीय भोजपुरी समाज ने स्वच्छता अभियान चलाया। परिणामस्वरूप, गोमती का जल शुद्ध और पर्याप्त है। उन्होंने कहा कि जल का अर्घ्य अगर शुद्ध न हो, तो भगवान कैसे स्वीकार करेंगे? पूजा स्थल की तरह नदी भी साफ-सुथरी होनी चाहिए। सीएम योगी ने कहा कि एक से डेढ़ वर्ष में लखनऊ का कोई ड्रेनेज या सीवर गोमती में नहीं गिरेगा। पीलीभीत से गाजीपुर तक गोमती अविरल और निर्मल बनेगी। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि कल प्रातः आयोजन समाप्त होने के बाद स्वच्छता अभियान चलाएं। यह राष्ट्रीय कर्तव्य है, हर लखनऊवासी और प्रदेशवासी की जिम्मेदारी। सीएम योगी ने की अखिल भारतीय भोजपुरी समाज के पदाधिकारियों की सराहना कार्यक्रम में सीएम ने अखिल भारतीय भोजपुरी समाज के पदाधिकारियों की सराहना की और कहा कि सम-विषम परिस्थितियों में उन्होंने आयोजन को नई ऊंचाई दी। मुख्यमंत्री ने छठ को घरों से लेकर नदी तट तक मनाने की परंपरा का जिक्र किया और सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छठी मैया से प्रार्थना है कि सभी की मनोकामनाएं पूर्ण हों, परिवार और समाज में सुख-समृद्धि आए। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, महापौर सुषमा खर्कवाल, अखिल भारतीय भोजपुरी समाज के अध्यक्ष प्रभुनाथ राय, मॉरिशस प्रधानमंत्री के पूर्व सचिव सुरेश रामबरन समेत कई स्थानीय जनप्रतिनिधि व अधिकारीगण मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर में पूर्वोत्तर सांस्कृतिक संस्थान द्वारा आयोजित छठ महोत्सव में हुए शामिल

अपनों के सुख समृद्धि के लिए कष्ट सहते हुए आनंद के साथ व्रत रखने वाली माता-बहनों को मेरा नमन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर में पूर्वोत्तर सांस्कृतिक संस्थान द्वारा आयोजित छठ महोत्सव में हुए शामिल मुख्यमंत्री ने जलाभिषेक कर किया छठ पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को दी छठ पर्व की शुभकामनाएं इंदौर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि छठ पूजा में सूर्य उपासना, परिवार के स्वास्थ्य और जीवन के दीर्घायु के संकल्प का प्रतीक है। त्रेता युग से भगवान राम  की लम्बी आयु की कामना से यह छठ पूजा आरम्भ हुई। माताएं-बहनें अपनी आस्था एवं संस्कारों के साथ इस पर्व को मनाती हैं। हमारी मातृशक्ति अपने परिवार के कष्टों को दूर करने और सुख समृद्धि के लिए आनंद के साथ जीवन के कष्टों को सहन करते हुए यह व्रत रखती हैं। मैं इन माता-बहनों को नमन करता हूं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर के मन कामनेश्वर महादेव उद्यान में पूर्वोत्तर सांस्कृतिक संस्थान द्वारा आयोजित छठ महोत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने जलाभिषेक कर छठ पूजन किया। छठ महोत्सव में एक साथ बड़ी संख्या में माताओं-बहनों ने जलकुंड में उतरकर छठ पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित सभी माता-बहनों, नागरिकों के साथ ही प्रदेशवासियों को छठ पूजन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। छठ महापर्व सूर्य उपासना के साथ समाज में मातृशक्ति की भक्ति और शक्ति का प्रतीक  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छठ पर्व सामाजिक एकता, आस्था और लोक परंपरा का अद्वितीय संगम है। छठ पूजा विशेष रूप से बिहार एवं पूर्वांचल क्षेत्र के लिए यह प्रमुख पर्व है। बिहार से मालवांचल का संबंध लगभग एक हजार साल पुराना है और हमारे रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। अब यह पर्व पूरे देश में श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया जाने लगा है। इंदौर में ही आज लगभग 200 से ज्यादा स्थानों पर छठ पूजन के कार्यक्रम हो रहे हैं। छठ पर्व हमारी सांस्कृतिक विविधता और एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना को और मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि छठ पर्व आस्था, संयम और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है। यह पर्व समाज में सामूहिकता, अनुशासन और सांस्कृतिक एकता का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार सभी धार्मिक और  सांस्कृतिक आयोजनों के सम्मान और संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। छठ महापर्व सूर्य उपासना के साथ समाज में मातृशक्ति की भक्ति और शक्ति का भी प्रतीक है। माता-बहनों की आस्था और सुविधा के लिये प्रदेश में एक नहीं हजार कुण्ड बनाएंगे नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि हमारे देश में सनातन परम्परा आदिकाल से चली आ रही है। यहां पर हमारी माताएं-बहनें संस्कार और संस्कृति का पालन करते हुए व्रत रखती है और देवी-देवताओं की पूजा करती हैं। उन्होंने कहा कि भारत ही ऐसा देश है जहां इस तरह की पूजा कर माताएं-बहनें अपने पति की लम्बी आयु और परिवार की सुख समृद्धि के लिये व्रत रखती हैं। यही हमारी भारतीय परम्परा और संस्कार है। उन्होंने कहा कि माता-बहनों की आस्था और सुविधा के लिये प्रदेश में एक नहीं हजार कुण्ड बनाएंगे। मुख्यमंत्री की घोषणा पर इंदौर में बनाये जा रहे हैं तीन जल कुण्ड जल संसाधन मंत्री  सिलावट ने कहा कि प्रदेश सरकार मातृशक्ति के प्रति समर्पित है। उन्होंने बताया कि पिछली बार जब मुख्यमंत्री इंदौर आये थे तब उन्होंने छठ पूजा के लिये तीन बड़े जल कुण्ड बनाये जाने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार इंदौर के अन्नपूर्णा, पिपल्याहाना और छोटा बांगड़दा में कुण्ड बनाने का कार्य चल रहा है और शीघ्र ही बनकर तैयार हो जाएंगे।  इस अवसर पर महापौर  पुष्यमित्र भार्गव, विधायक  रमेश मेंदोला, डॉ. निशांत खरे,  सुमित मिश्रा, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस आयुक्त  संतोष सिंह, कलेक्टर  शिवम वर्मा, पूर्वोत्तर सांस्कृतिक संस्थान के प्रदेश अध्यक्ष ठा. जगदीश सिंह, छठ महोत्सव अध्यक्ष ठा. दीनानाथ सिंह, संस्थान के युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष कुं. अरविंद सिंह सहित संस्थान के अन्य  पदाधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में माताएं-बहनें एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

अमृत 2.0, कायाकल्प और नगरीय अधोसंरचना योजनाओं के तहत इंदौर में विकास कार्यों का शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में किया अमृत 2.0 योजना,कायाकल्प योजना एवं मुख्यमंत्री नगरीय क्षेत्र अधोसंरचना निर्माण योजना अंतर्गत करोड़ों के विकास कार्यों का भूमिपूजन इन विकास कार्यों से नगरीय अधोसंरचना का होगा सुदृढ़ीकरण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर के विधानसभा क्षेत्र क्र.3 के आईडीए ग्राउंड में आयोजित भूमिपूजन समारोह एवं सामाजिक समरसता सम्मेलन में अमृत 2.0 योजना,कायाकल्प योजना एवं मुख्यमंत्री नगरीय क्षेत्र अधोसंरचना निर्माण योजना अंतर्गत कुल 50 करोड़ की लागत से सीवर,सड़क एवं रिवर फ्रंट डेवलपमेंट के विकास कार्यों का वर्चुअल भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि नागरिकों को मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराने और शहरों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने की दिशा में यह विकास कार्य एक महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे जिससे नगरीय अधोसंरचना को मजबूती मिलेगी। विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत हुआ इन विकास कार्यों का भूमिपूजन अमृत- 2.0 (अटल मिशन फॉर रिजुवनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन) योजना अंतर्गत शहर के मध्य क्षेत्र में छावनी चौराहे से चन्द्रभागा ब्रिज तक रू 6.00 करोड़ की लागत से 300 एमएम व्यास से 900 एमएम व्यास की कुल लम्बाई 3.0 किमी. की सीवर लाईन बिछाई जाने का कार्य किया जाएगा। उक्त कार्य से छावनी एवं आस-पास के अन्य क्षेत्रों में मास्टर प्लान की सड़क निर्माण के पूर्व ड्रेनेज लाईन बिछाई जाने से क्षेत्र के रहवासियों को जल निकासी और सीवरेज व्यवस्था को सुदृढ़ करने एवं कान्ह नदी शुद्धीकरण में लाभ मिलेगा। इस परियोजना के तहत शहर के मध्य क्षेत्र में सीवरेज के पुराने नेटवर्क को आधुनिक और अधिक क्षमता वाले नए नेटवर्क से बदला जाएगा। 3.0 कि.मी. लंबी इस सीवर लाइन से घनी आबादी वाले क्षेत्र के निवासियों को बेहतर स्वच्छता सुविधाएँ सुनिश्चित होगी। मुख्यमंत्री नगरीय क्षेत्र अद्योसंरचना निर्माण योजना के तहत रामबाग चौराहे से अहिल्या आश्रम तक रिव्हरफ्रंट विकास कार्य का भूमिपूजन किया। इस विकास कार्य की कुल लंबाई 1.13 किलोमीटर एवं लागत ₹19.25 करोड़ है। उक्त कार्य के अंतर्गत नदी के दोनों किनारों पर सौंदर्यीकरण संबंधित कार्य के तहत वाक-वे निर्माण, गेबियन वॉल, पिचिंग, स्ट्रीट लाईट व आकर्षक म्यूरल वाल आर्ट आदि कार्य किये जाना प्रस्तावित है। उक्त विकास कार्य के क्रियान्वयन से न केवल क्षेत्र के अद्योसंरचनात्मक सुधार होंगे,बल्कि यह स्थान एक प्रमुख पर्यटन और नागरिक आकर्षण का केंद्र भी बन सकेगा। सरवटे बस स्टेण्ड जूनी इन्दौर ब्रिज से चन्द्रभागा होते हुए पंढरीनाथ चौराहे तक शेष सड़क कार्य का भूमिपूजन किया। 12 करोड़ रुपये की लागत से वार्ड क्र.56 में पानी की टंकी निर्माण कार्य एवं 5 करोड़ की लागत से खेल स्टेडियम निर्माण करने की सौगात दी। इस अवसर पर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, इंदौर सांसद शंकर लालवानी, इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक गोलू शुक्ला, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव एवं अन्य जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।    

पुतिन के निर्देश पर रूस ने किया ‘बुरेवेस्तनिक’ का परीक्षण, लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइल से वैश्विक चिंता

मॉस्को  दुनिया इस वक्त बारूद के ढेर पर बैठी है. यह बात किसी से छिपी नहीं है. यह ऐसा वक्त है कि अगर दुनिया के कुछ चुनिंदा देश चाह लें तो कुछ पलों में ही पूरी मानवता संकट में पड़ सकती है. कुछ ऐसा ही किया है रूस ने. यूक्रेन के साथ जंग में उलझे रूस ने रविवार को एक ऐसे हथियार का परीक्षण किया जिसको दिल्ली-मुंबई जैसे किसी आबादी वाले इलाके पर दाग दिया जाए तो वह पल भर में आग का गोला बन जाएगा. हजारों लाखों लोग पल भर में काल के गाल में समा जाएंगे. दरअसल, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रविवार को घोषणा की कि रूस ने अपनी परमाणु-संचालित क्रूज मिसाइल ‘बुरेवेस्तनिक’ का सफल परीक्षण किया है. यह परीक्षण ऐसे समय में हुआ है जब रूस और अमेरिका के बीच कूटनीतिक रिश्ते और खराब हुए हैं. पुतिन ने कहा कि इस हथियार को जल्द ही तैनात करने की तैयारी की जाएगी. उन्होंने दावा किया कि यह मिसाइल दुनिया में किसी अन्य देश के पास नहीं है और यह दुश्मन की मिसाइल रक्षा प्रणालियों को आसानी से चकमा दे सकती है. रूस के सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ के प्रमुख वैलेरी गेरासिमोव ने बताया कि इस परीक्षण के दौरान मिसाइल करीब 15 घंटे तक हवा में रही और लगभग 14,000 किलोमीटर की दूरी तय की. हर सुरक्षा कवच को भेदने में सक्षम सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक यह मिसाइल हवाई और मिसाइल रक्षा प्रणालियों को भेदने में सक्षम है. पुतिन ने यह भी कहा कि अब इस हथियार के उपयोग के तरीकों पर विचार किया जाएगा और इसे तैनात करने के लिए बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा. इस बीच, रूस के विशेष दूत किरिल दिमित्रिएव ने बताया कि इस सफल परीक्षण की जानकारी और हाल के युद्धक्षेत्र के अपडेट अमेरिकी प्रशासन को उनके अमेरिका दौरे के दौरान दिए गए. यह परीक्षण उस समय हुआ जब अमेरिका ने रूस की दो बड़ी तेल कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए, जो ट्रम्प प्रशासन द्वारा रूस के खिलाफ अब तक की सबसे ठोस कार्रवाइयों में से एक है. साथ ही, पिछले सप्ताह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ प्रस्तावित शिखर सम्मेलन भी रद्द हो गया, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया. रूस ने पिछले सप्ताह पुतिन की निगरानी में एक रणनीतिक परमाणु बल अभ्यास भी किया. क्रेमलिन ने कहा कि इस अभ्यास में सैन्य कमांड-एंड-कंट्रोल सिस्टम की तैयारियों और कर्मचारियों के कौशल का परीक्षण किया गया, जिसमें सभी लक्ष्य हासिल किए गए. इधर, रूस की राजधानी मॉस्को में रविवार रात से सोमवार सुबह तक ड्रोन हमलों का सामना करना पड़ा. मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने बताया कि शहर की हवाई रक्षा प्रणालियों ने दर्जनों ड्रोनों को मार गिराया. इन हमलों के कारण मॉस्को के दो हवाई अड्डों, ज़ुकोव्स्की और डोमोडेडोवो, पर कुछ समय के लिए उड़ानें रोक दी गईं. आपातकालीन सेवाएं मलबे को हटाने में जुटी हैं. दूसरी ओर, रूस के बेलगोरोद क्षेत्र में यूक्रेन के हमलों में छह नागरिक घायल हो गए. स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि इनमें से तीन बेलगोरोद शहर में और तीन दोरोलोश गांव में घायल हुए. यूक्रेन पर रूस के हमले तेज रूस ने शनिवार से रविवार की रात यूक्रेन पर 100 से अधिक ड्रोन हमले किए. इन हमलों में कीव में ऊंची इमारतों को निशाना बनाया गया, जिसमें कई लोग सो रहे थे. यूक्रेन के आंतरिक मंत्री इहोर क्लिमेंको ने बताया कि कीव में हुए हवाई हमलों में एक 19 साल की लड़की और उसकी 46 साल की मां समेत तीन लोगों की मौत हो गई. इसके अलावा 33 लोग घायल हुए, जिनमें सात बच्चे शामिल हैं. कीव के मेयर विटाली क्लिट्स्को ने कहा कि घायलों में एक चार साल का बच्चा भी है. आठ लोगों को अस्पताल में भर्ती किया गया. शनिवार रात को कीव के डेसनियान्स्की क्षेत्र में एक नौ मंजिला इमारत में आग लग गई, जहां से 13 लोगों को सुरक्षित निकाला गया.  

खंडवा-खरगोन-बुरहानपुर इंदौर संभाग से अलग हो सकते हैं, भोपाल में हर विधानसभा में तहसील, मैहर-रीवा के गांवों पर टकराव

इंदौर  मध्य प्रदेश का प्रशासनिक और भौगोलिक नक्शा बदलने वाला है। प्रदेश में तीन नए जिले और एक नया संभाग बनाने की तैयारी है, जिससे कई जिलों की सीमाएं नए सिरे से खींची जाएंगी। इस पुनर्गठन का सबसे बड़ा असर राजधानी भोपाल, रीवा और हाल ही में गठित मैहर जिले पर पड़ेगा असर।  भोपाल में हर विधानसभा क्षेत्र में एक-एक तहसील बनाने का रास्ता साफ हो गया है, जिससे जिले में तहसीलों की संख्या आठ हो जाएगी। वहीं, मैहर के छह गांवों को रीवा जिले में शामिल करने के प्रस्ताव ने एक नए विवाद को जन्म दे दिया है। यह पूरी कवायद पिछले साल सितंबर में गठित प्रशासनिक पुनर्गठन आयोग की देखरेख में हो रही है। आयोग का लक्ष्य दिसंबर 2025 तक मैदानी काम पूरा करने का है, क्योंकि जनगणना महानिदेशालय ने प्रशासनिक इकाइयों की सीमाओं को फ्रीज करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद जनगणना का काम पूरा होने तक कोई नई प्रशासनिक इकाई नहीं बनाई जा सकेगी। आयोग ने सितंबर तक 25 जिलों में अपना मैदानी काम पूरा कर लिया है और अगले तीन महीनों में बाकी जिलों में भी यह प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा है। सीमांकन के लिए ली जाएगी IIPA की मदद संभाग, जिला, तहसील और विकासखंडों की सीमाओं को वैज्ञानिक और सटीक तरीके से तय करने के लिए आयोग, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (IIPA) की तकनीकी मदद लेगा। सरकार से सहमति मिलने के बाद आयोग ने IIPA को पत्र भेज दिया है। IIPA सीमा निर्धारण के लिए ड्रोन की मदद से सैटेलाइट इमेजरी तैयार करेगा। आधुनिक माध्यमों से सर्वे कर एक विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट सौंपेगा। हालांकि, अंतिम निर्णय केवल तकनीकी रिपोर्ट पर आधारित नहीं होगा। आयोग इस रिपोर्ट का मिलान नागरिकों और जनप्रतिनिधियों से मिले सुझावों के साथ करेगा। प्रशासनिक इकाइयों की वास्तविक जरूरतों और जनभावनाओं को परखने के बाद ही सरकार के सामने एक संयुक्त रिपोर्ट पेश की जाएगी। राजस्व विभाग के अधिकारियों का कहना है कि 25 जिलों में बैठकों का दौर पूरा हो चुका है और पोर्टल के माध्यम से भी सुझाव मांगे जा रहे हैं। भोपाल में होंगी अब 8 तहसील पुनर्गठन का सबसे बड़ा असर राजधानी भोपाल में देखने को मिलेगा। वर्तमान में भोपाल जिले में केवल तीन तहसील हैं- हुजूर, कोलार और बैरसिया। हुजूर तहसील का कार्यक्षेत्र बहुत बड़ा है, जिसमें शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्र आते हैं, जिससे प्रशासनिक कामकाज प्रभावित होता है। अब इस व्यवस्था को बदलते हुए शहर के पांच प्रमुख नजूल सर्किल कार्यालयों को तहसील का दर्जा दिया जाएगा। इनमें शहर (पुराना भोपाल), संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़), गोविंदपुरा, टीटी नगर और एमपी नगर शामिल हैं। इन पांच नई तहसीलों और पुरानी तीन तहसीलों को मिलाकर भोपाल जिले में कुल आठ तहसील हो जाएंगी। इन तहसीलों का सीमांकन विधानसभा क्षेत्रों को ध्यान में रखकर किया जाएगा, ताकि प्रशासनिक और राजनीतिक इकाइयों में तालमेल स्थापित हो सके। रीवा-मैहर सीमा पर खिंची तलवारें, मुकुंदपुर बना केंद्र बिंदु पुनर्गठन की इस कवायद के बीच रीवा और मैहर जिले की सीमा पर तनाव की स्थिति बन गई है। आयोग ने मैहर जिले की अमरपाटन तहसील के छह गांवों- मुकुंदपुर, धौबाहट, अमीन, परसिया, आनंदगढ़ और पापरा को रीवा जिले में शामिल करने का प्रस्ताव दिया है। इस प्रस्ताव का मुख्य कारण मुकुंदपुर में स्थित विश्व प्रसिद्ध 'महाराजा मार्तंड सिंह जूदेव व्हाइट टाइगर सफारी' है। भौगोलिक रूप से मुकुंदपुर रीवा से महज 20 किलोमीटर दूर है, जबकि मैहर से इसकी दूरी 65 किलोमीटर और पूर्व जिला मुख्यालय सतना से 50 किलोमीटर है। स्थानीय लोग लंबे समय से प्रशासनिक सुगमता के लिए इन गांवों को रीवा में शामिल करने की मांग कर रहे हैं। आयोग के पत्र के बाद मैहर जिला प्रशासन ने रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा है। सांसद ने सीएम को पत्र लिखा अमरपाटन के राजस्व अधिकारियों को सरपंचों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से राय लेकर रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया है। मैहर के अपर कलेक्टर शैलेन्द्र सिंह ने पुष्टि की है कि मुख्यमंत्री कार्यालय के ओएसडी (विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी) ने भी इस प्रस्ताव पर जनसुनवाई करने को कहा है। हालांकि, इस प्रस्ताव का विरोध भी शुरू हो गया है। सतना सांसद गणेश सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर इन गांवों को रीवा में शामिल करने का कड़ा विरोध किया है। उनका तर्क है कि इससे मैहर जिले का भौगोलिक और सांस्कृतिक संतुलन बिगड़ेगा। उन्होंने पत्र में लिखा कि यह किसी बड़ी साजिश के तहत हो रहा है। मुकुंदपुर की वाइट टाइगर सफारी हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण स्थान है। मैहर जिले की यह एक पहचान है। इसे लेकर सतना-मैहर के नेता डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला के खिलाफ लामबंद हो गए थे। हालांकि, डिप्टी सीएम शुक्ला ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखकर स्थिति साफ करने की कोशिश की। सीहोरा को जिला बनाने की मांग ने फिर पकड़ा जोर जबलपुर जिले की सीहोरा तहसील के लोग पिछले 22 साल से इसे जिला बनाने की मांग कर रहे हैं। पहली बार 2002 में ये मांग उठी थी। उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सहमति दी थी। इसके बाद चुनाव आचार संहिता लागू हो गई और प्रदेश में बीजेपी की सरकार काबिज हो गई। इसके बाद भी लगातार मांग की जा रही है, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। एक बार अपनी इस मांग को लेकर सीहोरा के लोगों ने दिवाली से एक दिन पहले सीहोरा आंदोलन समिति के आह्वान पर अपने खून से दीपक जलाए। सीहोरावासियों का कहना है कि जब तक हमारी मांग मानी नहीं जाती, तब तक इसी तरह से प्रदर्शन चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि इन दीयों में केवल तेल और बाती नहीं, बल्कि सिहोरा की पीड़ा और वर्षों की अनदेखी की आग जल रही है। अब जानिए, कौन से नए जिले बन सकते हैं… नर्मदापुरम से अलग होकर पिपरिया बन सकता है नया जिला पिपरिया नर्मदापुरम जिले में आता है। जिला मुख्यालय से पिपरिया की दूरी करीब 70 किमी है। पहाड़ी इलाका होने से आने-जाने में करीब 2 घंटे का समय लगता है। पिपरिया को जिला बनाने की मांग कई साल से की जा रही है। पिछले साल विधानसभा चुनाव के दौरान पिपरिया को जिला बनाने की मांग को लेकर धरना, प्रदर्शन और हड़ताल भी की गई थी। पिपरिया को … Read more

मध्य प्रदेश में मोंथा साइक्लोन का कहर, कई जिलों में बारिश और ठंड का अलर्ट जारी

भोपाल दक्षिण पूर्व बंगाल की खाड़ी में बना डीप डिप्रेशन धीरे-धीरे और मजबूत हो रहा है.  मंगलवार के बीच यह डीप डिप्रेशन घातक समुद्री तूफान में बदलने की संभावना है. इससे मौसम में हवा की रफ्तार बढ़ जाएगी और तटीय इलाकों में रेड अलर्ट की चेतावनी दी गई है. वहीं इससे मध्य प्रदेश में भी अगले 4 दिनों में भारी बारिश होने का अनुमान है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि तूफान मोंथा मंगलवार को आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों से टकराएगा, जिससे बारिश की रफ्तार और बढ़ेगी. दिन के तापमान में 5 से 8 डिग्री की गिरावट अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बने वेदर सिस्टम की वजह से प्रदेश के ज्यादातर शहरों में पिछले 36 घंटे से बारिश का दौर जारी है. इस सिस्टम का असर 30 अक्टूबर तक रहेगा. पिछले 24 घंटे में प्रदेश के 70 से अधिक स्थानों पर बारिश दर्ज की गई है. जिससे मध्य प्रदेश के शहरों में दिन के तापमान में 5 से 8 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है. तापमान में गिरावट होने से दिन भी अब रात की तरह ठंडे हो गए. मध्य प्रदेश में नौगांव रहा सबसे ठंडा मध्य प्रदेश में अधिकतर शहरों का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया. दिन में सबसे अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस खजुराहो में दर्ज किया गया. जबकि दिन का सबसे न्यूनतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस धार में दर्ज हुआ. सोमवार की दरमियानी रात न्यूनतम तापमान नौगांव में 16.6 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस खजुराहो में दर्ज किया गया. मौसम में नमी से जारी रहेगा बारिश का दौर मौसम वैज्ञानिक दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया कि "बंगाल की दक्षिणपूर्व खाड़ी के ऊपर बना डीप डिप्रेशन मजबूत होकर पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है. 12 से 24 घंटे में दक्षिण-पश्चिम व उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक चक्रवाती तूफान मोंथा में बदलने की संभावना है. यह 28 अक्टूबर की शाम या रात के दौरान आंध्र प्रदेश तट के मछलीपट्टनम और कालींगपट्टनम के बीच, काकीनाडा के आसपास, लगभग 90-100 किमी प्रति घंटे की अधिकतम स्थायी हवा की गति और 110 किमी प्रति घंटे तक की झोंकों के साथ एक भीषण चक्रवाती तूफान के रूप में परिवर्तित होने की संभावना है. वहीं एक ट्रफ अरब सागर के पूर्व-मध्य भाग के ऊपर बने डिप्रेशन से जुड़े ऊपरी वायु चक्रवातीय परिसंचरण से लेकर पश्चिम मध्य प्रदेश तक बनी हुई है. इस प्रणाली से प्रदेश में नमी और अस्थिरता बढ़ रही है. इससे बारिश का दौर जारी है. आज 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, ग्वालियर और भिंड में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है. यहां 4.5 से 8 इंच तक बारिश होने की संभावना है. इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और बिजली चमकने की संभावना भी है. इनके साथ ही प्रदेश के अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी जारी की गई है. 28 को हल्की बारिश, 29 को 6 जिलों में अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार 28 अक्टूबर को कहीं भी भारी बारिश की चेतावनी नहीं दी गई है. हालांकि इस दौरान प्रदेश में कहीं-कहीं हल्की बारिश के साथ गरज चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है. वहीं 29 अक्टूबर को सिंगरौली, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है. जबकि प्रदेश के अन्य जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है. 30 को 17 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी 30 अक्टूबर को बारिश का सिस्टम एक बार फिर स्ट्रांग होगा और प्रदेश के आधे हिस्से में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. मौसम विभाग ने 30 अक्टूबर को भिंड, मुरैना, दतिया, ग्वालियर, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, सीधी, सिंगरौली और मउगंज जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलेंगी.

सिंहस्थ 2028 को लेकर बड़ा फैसला, उपयोग न हुई जमीन दो साल बाद किसानों को लौटाई जाएगी

उज्जैन   उज्जैन सिंहस्थ वाले प्लान से सरकार ने लैंड पुलिंग को बाहर कर दिया है। सिंहस्थ 2028 के लिए इसी आधार पर प्लानिंग की थी, इस पर आगे बढ़ने से पहले कई बाधाएं आई, जिसका नए सिरे से परीक्षण कराया गया और लोगों से फीडबैक लिए। केंद्रीय नेतृत्व से भी राय ली, उसके बाद तय किया कि पहले की तरह ही मेला क्षेत्र में काम होंगे। इसके लिए दो साल के लिए ही जमीन ली जाएगी, उस पर अस्थाई काम होंगे। सिंहस्थ खत्म होने के बाद जमीन लौटा दी जाएगी। 2016 के सिंहस्थ के लिए करीब 3200 हेक्टेयर जमीन ली थी, इसमें से कुछ हेक्टेयर का उपयोग नहीं हुआ था। इस बार भी इतनी ही जमीन ली जाएगी और उसका 100 फीसद क्षेत्रफल उपयोग किया जाएगा। बन गई सहमति सरकार पूर्व की तरह अखाड़ों, धार्मिक संस्थाओं व साधु-संतों को पूरी तरह विकसित करके अस्थाई प्लाट देगी, लेकिन किसी को स्थाई तौर पर जमीन नहीं दी जाएगी। हालांकि इनके पास पूर्व से मौजूद निजी जमीन में से कुछ हिस्से पर स्थाई निर्माण की अनुमति विशेष शर्तों के तहत दी जाएगी। सरकार बीच का रास्ता निकाल रही है। किसानों व जमीन मालिकों को निराश नहीं किया जाएगा, जो जमीन प्लानिंग के लिए बहुत उपयोगी होगी, उसे ही आम अधिग्रहण की तरह लिया जाएगा। सरकार से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि सरकार ने उसी तर्ज पर काम किया और लगभग सहमति बन गई है। सरकार के सामने ये चुनौतियां बरकरार अस्थाई निर्माण में बांस: बल्लियों का उपयोग होता है। बड़ी मात्रा में टीन की चादरें लगती हैं। चूंकि सिंहस्थ का आयोजन गर्मियों में होता है, तब कई बार चक्त्रस्वात की स्थिति बनती है और अस्थायी निर्माण में शेड के लिए उपयोग किए टीन के चादर हवा के साथ उड़ जाते हैं, आम श्रद्धालुओं को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी रहती है। खानपान व स्वास्थ्य सुविधा: इसके लिए पक्के भवनों की जरुरत है। अस्थाई शेड व निर्माण स्थलों पर कई तरह का खतरा रहता है। आग लगने जैसी संभावित अप्रिय स्थिति पैदा होने का प्रबल खतरा रहता है। प्रयागराज कुंभ में आग लगने जैसी घटना हो चुकी है। ऐसे अस्थाई निर्माणों को तेजी से नुकसान पहुंचता है। सुझाव: कम से कम जमीन पर स्थाई निर्माण हो। जब इस फार्मूले पर अमल होगा तो स्वाभाविक है कि जमीन की जरुरत कम से कम होगी। सरकार ने ये किया: सरकार इसी दिशा में बढ़ी। किसानों की जमीन पर जबरन की प्लानिंग को हटा दिया है। सुझाव: अभी जो प्लानिंग खाली खेतों पर निर्माण को लेकर की थी, उसका स्थान बदला जाए। ताकि सिंहस्थ के लिए किसानों की जमीन की जरुरत कम से कम पड़े। सरकार ने ये किया: स्थाई निर्माण शिप्रा नदी के किनारों और श्रद्धालुओं के आवागमन क्षेत्र तक। सुझाव: सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए आसपास के जिलों में भी प्रबंध हों, वहां से सिंहस्थ क्षेत्र तक आवागमन के ज्यादा विकल्प दिए जाएं। ताकि भीड़ प्रबंधन में आसानी हो। सरकार ने ये किया: उज्जैन से सटे जिलों में श्रद्धालुओं के लिए बड़े स्तर पर सुविधाएं विकसित करने का निर्णय लिया।