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केंद्र का तोहफा: दिवाली से पहले कर्मचारियों के खाते में 60 दिन का बोनस

नई दिल्ली  दिवाली से पहले केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए बड़ा तोहफा दिया है। संचार मंत्रालय के डाक विभाग ने एक आधिकारिक आदेश जारी करते हुए वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए उत्पादकता-लिंक्ड बोनस का ऐलान किया है। आदेश के अनुसार, डाक विभाग के कर्मचारियों को 60 दिनों के वेतन के बराबर बोनस दिया जाएगा। बता दें कि सरकार का यह कदम कर्मचारियों की मेहनत को मान्यता देने के साथ-साथ त्योहारी सीजन में उन्हें वित्तीय राहत भी प्रदान करता है। किन कर्मचारियों को मिलेगा यह बोनस? डाक विभाग के आदेश के अनुसार, यह बोनस निम्नलिखित श्रेणी के कर्मचारियों को दिया जाएगा- 1. नियमित कर्मचारी — ग्रुप C, मल्टी-टास्किंग स्टाफ (MTS) और गैर-राजपत्रित ग्रुप B के कर्मचारी। 2. ग्रामीण डाक सेवक — जो नियमित रूप से कार्यरत हैं। 3. अस्थायी और पूर्णकालिक अनौपचारिक (कैजुअल) कर्मचारी इसके अलावा, जो कर्मचारी 31 मार्च 2025 के बाद सेवानिवृत्त, इस्तीफा दे चुके हैं या प्रतिनियुक्ति पर चले गए हैं, वे भी इस बोनस के पात्र होंगे। आदेश में कहा गया है कि ऐसे सभी कर्मचारियों के लिए उत्पादकता-लिंक्ड बोनस, संबंधित प्रावधानों के अनुसार देय होगा। बोनस की गणना कैसे होगी? डाक विभाग ने बोनस की गणना का स्पष्ट फार्मूला भी बताया है। नियमित कर्मचारियों के लिए – बोनस = (औसत वेतन × 60 दिन ÷ 30.4) हालांकि, बोनस की गणना के लिए वेतन की अधिकतम सीमा ₹7,000 प्रति माह निर्धारित की गई है। ग्रामीण डाक सेवकों (GDS) के लिए- बोनस उनकी टाइम रिलेटेड कंटिन्युटी अलाउंस (TRCA) और महंगाई भत्ता के आधार पर तय किया जाएगा। अस्थायी या पूर्णकालिक कैजुअल श्रमिकों के लिए- उन्हें ₹1,200 के अनुमानित वेतन के आधार पर एड-हॉक बोनस दिया जाएगा। सेवा छोड़ने वाले कर्मचारी भी होंगे लाभान्वित आदेश में यह भी कहा गया है कि जो कर्मचारी 31 मार्च 2025 के बाद विभाग से सेवानिवृत्त, इस्तीफा देने वाले या स्थानांतरित हो गए हैं, उन्हें भी प्रो-राटा आधार पर बोनस दिया जाएगा।  

झांसी से वापसी का मन बना चुकीं उमा भारती, 2029 में चुनाव लड़ने की तैयारी

ललितपुर  भारतीय जनता पार्टी (BJP) की फायरब्रांड नेता और मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने 2029 के लोकसभा चुनाव को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उमा भारती (UMA BHARTI) ने कहा है कि यदि पार्टी अनुमति देती है तो वे 'अगला लोकसभा चुनाव झांसी लोकसभा सीट' से लड़ेंगी। उमा ने इस संबंध में सोशल मीडिया पर भी अपनी इच्छा जाहिर कर दी है। उत्तर प्रदेश के 'ललितपुर दौरे' के समय मीडिया से बातचीत में भी उमा भारती ने कहा, “अगर पार्टी कहेगी तो मैं चुनाव जरूर लड़ूंगी, लेकिन मैं सिर्फ झांसी से ही चुनाव लड़ूंगी।” उमा ने कहा कि उनका बुंदेलखंड क्षेत्र से उनका गहरा जुड़ाव है, और वे चाहेंगी कि आने वाले लोकसभा चुनाव में बुंदेलखंड की जनता एक बार फिर उन्हें लोकसभा तक पहुंचाएं। उमा भारती का यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। राजनीतिक विश्लेषक इसे '2029 लोकसभा चुनाव की शुरुआती गहमागहमी' के रूप में देख रहे हैं। पहले भी रही सुर्खियों इससे पहले, भाजपा नेता (BJP) उमा भारती पहले भी कई बार चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर कर चुकी हैं। अगस्त 2025 में उन्होंने कहा था कि वे अभी 65 वर्ष की नहीं हुई हैं और सही समय आने पर चुनाव लड़ेंगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा था कि “फिलहाल चुनाव लड़ना मेरे लिए एक बाधा हो सकता है।” सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उमा भारती ने लिखा है कि यदि पार्टी का आदेश मिलेगा तो वे झांसी से चुनाव लड़ेंगी। उन्होंने अपने बयान को भाजपा को भी टैग किया है। झांसी से सांसद बनी थीं उमा इस बयान से एक बार फिर बुंदेलखंड की राजनीति में हलचल मच गई है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि पार्टी नेतृत्व उनके बयान को किस रूप में देखता है। 2014 के लोकसभा चुनाव में उमा भारती झांसी से ही सांसद चुनी गई थी। झांसी के लोकसभा चुनाव में कुल 17 बार में से 9 बार कांग्रेस का कब्जा रहा। 6 बार भाजपा जीत सकी। एक बार लोकदल को जीत मिली थी।

महाकाल मंदिर में दिवाली की विशेष तैयारी, रूप चौदस पर होगा श्रृंगार, शाम को दीपों से रोशन दरबार

उज्जैन  धर्म नगरी उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग बाबा महाकाल का मंदिर अपनी अनोखी परंपराओं के लिए पूरे देश में जाना जाता है। यहां हर त्योहार सबसे पहले और विशेष उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस वर्ष भी तिथियों के घटने-बढ़ने के कारण 20 अक्टूबर, सोमवार को सुबह के समय रूप चौदस मनाई जाएगी। 20 अक्टूबर की शाम को दीपावली का महापर्व मनाया जाएगा। इस खास अवसर पर बाबा महाकाल की पूरी दिनचर्या बदल जाएगी, जो लगभग चार महीने तक जारी रहेगी। रूप चौदस के साथ ही महाकाल को ठंड से बचाने के लिए गर्म जल से स्नान कराने की परंपरा शुरू हो जाएगी, जो महाशिवरात्रि तक चलेगी। पुजारी परिवार की महिलाएं करेंगी विशेष श्रृंगार रूप चौदस के दिन बाबा महाकाल का विशेष श्रृंगार होता है। इसमें केवल पुजारी परिवार की महिलाएं ही शामिल होती हैं। यह साल में एकमात्र ऐसा अवसर होता है जब महिलाएं बाबा महाकाल का रूप निखारती हैं।     उबटन सामग्री:      पुजारी महेश शर्मा के मुताबिक, पुजारी परिवार की महिलाओं द्वारा भगवान महाकाल को केसर, चंदन, इत्र, खस और सफेद तिल से तैयार किया गया विशेष सुगंधित उबटन लगाया जाएगा।     पूजन विधि:      उबटन लगाने के बाद भगवान को पंचामृत पूजन अर्पित किया जाएगा। इसके बाद विशेष कर्पूर आरती संपन्न की जाएगी, जिसे सिर्फ महिलाएं ही करती हैं।     दीपावली की शुरुआत:      रूप निखारने के बाद गर्भगृह में पंडित-पुजारी द्वारा परंपरा के मुताबिक एक फुलझड़ी जलाई जाएगी। उसके साथ ही दीपावली उत्सव की विधिवत शुरुआत हो जाएगी। महाशिवरात्रि तक गर्म जल की परंपरा महाकाल मंदिर के पुजारी महेश गुरु ने बताया कि कार्तिक मास की चौदस यानी रूप चौदस से ही ठंड का आगमन माना जाता है। इसलिए, प्रकृति के अनुरूप बाबा महाकाल की सेवा की जाती है। अब ठंड के इन दिनों में बाबा को हर रोज भस्म आरती के समय गर्म जल से ही स्नान कराया जाएगा। यह प्रक्रिया निरंतर महाशिवरात्रि तक जारी रहेगी। यह परंपरा भक्तों को यह संदेश देती है कि जिस तरह हम बदलते मौसम में अपनी देखभाल करते हैं, उसी तरह हमारे देव भी प्राकृतिक नियमों से बंधे हैं। अन्नकूट भोग और मंदिर की भव्य सज्जा दीपावली पर्व पर बाबा महाकाल को अन्नकूट का विशेष भोग भी लगाया जाएगा।     अन्नकूट व्यंजन:     भगवान महाकाल, जिन्हें मृत्युलोक का राजा माना जाता है उनकी भोग की थाली में धान, खाजा, शक्करपारे, गूंजे, पपड़ी, मिठाई और विशेष रूप से मूली और बैंगन की सब्जी भी अर्पित की जाती है।     फूलों से सज्जा:      दिवाली 2025 के अवसर पर महाकाल मंदिर को रंग-बिरंगी विद्युत रोशनी, फूलों और भव्य रंगोली से सजाया जाता है। गर्भ गृह और पूरा मंदिर परिसर देश-विदेश के फूलों से महकेगा। थाईलैंड, बैंकॉक और मलेशिया के साथ-साथ भारत के बेंगलुरु, कोलकाता, दिल्ली और मुंबई से लाए गए एंथोरियम, लिली, कॉर्निशन, सेवंती और डेजी जैसे फूलों से बाबा महाकाल का आंगन सजाया जाता है।     पटाखों पर प्रतिबंध:      बता दें कि उज्जैन के बाबा महाकाल मंदिर की परंपरा के मुताबिक, आरती और पूजन के समय केवल एक फुलझड़ी जलाई जाती है। इसके अलावा, गर्भगृह, कोटितीर्थ कुण्ड और महाकाल महालोक क्षेत्र में किसी भी प्रकार की आतिशबाजी या पटाखों का प्रयोग पूरी तरह से प्रतिबंधित किया गया है। ये सुरक्षा और पवित्रता की दृष्टि से जरूरी है।

दीपोत्सव 2025:राम की पैड़ी पर लेजर, लाइट एंड साउंड और ड्रोन शो से सजेगी दीपोत्सव की शाम

दीपोत्सव 2025: अयोध्या में सरयू तट पर 2100 श्रद्धालुओं की भव्य महा आरती का हुआ अभ्यास  दीपोत्सव 2025:राम की पैड़ी पर लेजर, लाइट एंड साउंड और ड्रोन शो से सजेगी दीपोत्सव की शाम दीपोत्सव 2025: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम के बाद 19 अक्टूबर को होगा मुख्य आयोजन – तीन दिनों तक तकनीक और भक्ति का संगम बनेगी अयोध्या की राम की पैड़ी – मुख्यमंत्री योगी ने दिए निर्देश दीपोत्सव में दिखे आधुनिकता और अध्यात्म का समन्वय अयोध्या भव्य दीपोत्सव 2025 से पहले अयोध्या नगरी तैयारियों के अंतिम चरण में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में इस बार राम की पैड़ी और सरयू तट पर तकनीक और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे ने बताया कि आज 18 अक्टूबर की शाम 6 बजे से सरयू आरती स्थल पर 2100 लोगों द्वारा महा आरती का अभ्यास किया गया। यह आयोजन दीपोत्सव की मुख्य संध्या के लिए एक झलक प्रस्तुत करेंगे। सरयू तट पर 2100 लोगों की भव्य महा आरती शाम 6 बजे से सरयू तट पर होने वाली यह महा आरती अयोध्या के सांस्कृतिक वैभव की झलक दिखाएगी। इसमें विभिन्न समाजों के लोग एक साथ दीप प्रज्ज्वलित कर “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” का संदेश देंगे। इस दौरान आरती की गूंज पूरे तट को आध्यात्मिक वातावरण से भर देगी। राम की पैड़ी पर तकनीक और श्रद्धा का संगम इसके साथ ही राम की पैड़ी पर लेजर शो, प्रोजेक्शन लाइट एंड साउंड शो एवं ड्रोन शो का अभ्यास भी किया गया। यह शो इस बार दीपोत्सव का मुख्य आकर्षण रहेगा, जिसमें भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों को तकनीकी रोशनी और ध्वनि के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ होंगे मुख्य आकर्षण जिलाधिकारी ने बताया कि 19 अक्टूबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम के पश्चात, रात्रि लगभग 8:30 बजे से राम की पैड़ी पर इन तीनों कार्यक्रमों लेजर शो, लाइट एंड साउंड शो और ड्रोन शो का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर अयोध्या नगरी असंख्य दीयों की रौशनी में जगमगाएगी और सरयू तट से उठती भक्ति ध्वनि पूरे वातावरण को आलोकित करेगी। 20 अक्टूबर को भी होगा दिव्य आयोजन दीपोत्सव के उत्सव की निरंतरता बनाए रखने के लिए 20 अक्टूबर को शाम 7 बजे से भी राम की पैड़ी पर लेजर, लाइट एंड साउंड एवं ड्रोन शो का आयोजन किया जाएगा। इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को तीनों दिन अयोध्या के दिव्य स्वरूप का अनुभव प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि दीपोत्सव के आयोजन में तकनीकी गुणवत्ता, सुरक्षा और सौंदर्य का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि अयोध्या को इस दीपोत्सव के माध्यम से विश्व स्तर पर भक्ति, संस्कृति और आधुनिकता के अद्भुत मेल का प्रतीक बनाया जाए।

नाराज़ RJD नेता का ड्रामा! टिकट ना मिलने पर फूट-फूटकर रोए, लालू-राबड़ी के घर मचा बवाल

पटना बिहार चुनाव को लेकर सियासी हलचल के बीच पटना में जमकर ड्रामा हुआ. आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के 10, सर्कुलर रोड स्थित आवास के बाहर उस समय हंगामा मच गया, जब मधुबन विधानसभा सीट से टिकट के दावेदार रहे मदन शाह अचानक वहां पहुंच गए और जोरदार प्रदर्शन करने लगे. मदन शाह ने आवास के बाहर गेट के ठीक सामने अपना कुर्ता फाड़ लिया और जमीन पर लेटकर जोर-जोर से रोने लगे. मौके पर मौजूद लोगों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो रिकॉर्ड किया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में मदन शाह कहते नजर आ रहे हैं कि उनसे आरजेडी टिकट के बदले पैसे मांगे गए थे. उनका आरोप है कि जब उन्होंने पैसे देने से इनकार किया, तो पार्टी ने उनका टिकट काटकर डॉ. संतोष कुशवाहा को पैसे लेकर दे दिया. मदन शाह ने कहा, "मैं सालों से पार्टी के लिए मेहनत कर रहा हूं, लेकिन टिकट पैसों के दम पर बांटा गया है. पार्टी ने समर्पित कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज कर धनबल वालों को प्राथमिकता दी है." उन्होंने आरजेडी के राज्यसभा सांसद संजय यादव पर भी गंभीर आरोप लगाए. उनका कहना है कि संजय यादव ने टिकट की दलाली की है और पैसे लेकर टिकट बेचा गया है. लालू-राबड़ी के घर के बाहर अफरा-तफरी घटना के दौरान लालू-राबड़ी आवास के बाहर अफरा-तफरी का माहौल बन गया. सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत मदन शाह को वहां से हटाया और स्थिति को नियंत्रित किया. इस बीच, आरजेडी की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. महागठबंधन में सीटों को लेकर खटपट जारी बता दें कि राज्य विधानसभा चुनाव में महागठबंधन में खटपट जारी है. गठबंधन दलों के बीच आपसी सहमती नहीं बन सकी है. राजद और कांग्रेस के बीच आपसी मतभेद है और कई सीटों पर आमने-सामने की लड़ाई की स्थिति बन गई है. राजद और मुकेश सहनी की पार्टी वीआईपी के बीच भी कुछ मतभेद है, जहां मधेपुरा में एक सीट पर एक ही उम्मीदवार ने दोनों पार्टियों से पर्चा भरा है. मसलन, हालात पेचीदा हो गया है.

स्वच्छता और जल संरक्षण ही सच्ची सेवा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संदेश

स्वच्छता, वृक्षारोपण और जल संरक्षण को जीवन का संकल्प बनाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भगवान धनवंतरी ने अमृत के रूप में स्वास्थ्य, आयु और ऊर्जा का संदेश दिया मुख्यमंत्री डॉ. यादव मानसरोवर मेडिकल कॉलेज में धनवंतरी पूजन में हुए शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्वस्थ समाज का निर्माण चिकित्सा विज्ञान के साथ ही पर्यावरण की शुद्धता से संभव है। उन्होंने कहा कि जब तक हमारा जल, वायु और भूमि प्रदूषणमुक्त नहीं होंगे, तब तक किसी भी चिकित्सा पद्धति के परिणाम स्थायी नहीं हो सकते। उन्होंने छात्रों और चिकित्सकों का आह्वान किया कि वे चिकित्सा के साथ-साथ स्वच्छता, वृक्षारोपण और जल संरक्षण को जीवन का संकल्प बनाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सीहोर जिले के ग्राम गादिया-बिलकिसगंज स्थित मानसरोवर मेडिकल कॉलेज में धनतेरस के अवसर पर शनिवार को आयोजित धनवंतरी पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार जल से हम सभी के जीवन की उत्पत्ति हुई है, वैसे ही जीवन की रक्षा और स्वास्थ्य का आधार भी जल से ही जुड़ा है। भगवान धनवंतरी समुद्र मंथन से प्रकट हुए थे और उन्होंने अमृत के रूप में स्वास्थ्य, आयु और ऊर्जा का संदेश दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान धनवंतरी आयुर्वेद के प्रथम आचार्य माने जाते हैं, जिन्होंने मानवता को स्वस्थ और दीर्घायु रहने का मार्ग दिखाया। उन्होंने कहा कि धनतेरस केवल धन-संपदा की पूजा का पर्व नहीं है, बल्कि यह हमें शरीर, मन और आत्मा की पवित्रता बनाए रखने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एलोपैथी, आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा विज्ञान एक-दूसरे के पूरक हैं न कि प्रतिस्पर्धी। एलोपैथी जहां त्वरित राहत देती है, वहीं आयुर्वेद शरीर की जड़ों से रोगों को खत्म करता है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि भगवान धनवंतरी का संदेश केवल औषधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि उनका संदेश है कि “स्वास्थ्य ही जीवन का सच्चा धन है।” उन्होंने कहा कि आयुर्वेद ने हमें यह सिखाया है कि भोजन, दिनचर्या और प्रकृति के अनुरूप जीवन जीने से रोग अपने आप दूर रहते हैं। भगवान धनवंतरी के उपदेश आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने हजारों वर्ष पूर्व थे। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा के बीच अनुसंधान को प्रोत्साहन दिया जा रहा है ताकि दोनों की श्रेष्ठता समाज के हित में उपयोगी बन सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि धनतेरस का यह पर्व हमें यह स्मरण कराता है कि – शरीर, मन और प्रकृति तीनों का संतुलन ही सच्चा धन है। इस अवसर पर कार्यक्रम में राजस्व मंत्री श्री करणसिंह वर्मा, विधायक श्री सुदेश राय, जिला अध्यक्ष श्री नरेश मेवाड़ा, पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य श्री सीताराम यादव, श्री सन्नी महाजन, मानसरोवर कॉलेज की चांसलर श्रीमती मंजुला तिवारी एवं श्री गौरव तिवारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, चिकित्सक एवं छात्र उपस्थित थे।  

धनतेरस बनी ऑटोमोबाइल कंपनियों के लिए लकी! Maruti ने बेचीं 50 हज़ार कारें, Hyundai ने रचा नया इतिहास

मुंबई  Car Sales on Dhanteras: इस बार की दिवाली देश के ऑटो सेक्टर के लिए बेहद ही शानदार साबित हो रही है. धनतेरस पर इस बार ऑटोमोबाइल बाजार सचमुच जगमगा उठा है. देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया (Maruti Suzuki) ने इस धनतेरस के मौके पर रिकॉर्ड तोड़ बिक्री का आंकड़ा छू लिया है. वहीं, दूसरी ओर हुंडई मोटर इंडिया ने भी पिछले साल की तुलना में करीब 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है. यह त्योहारी सीजन भारतीय ऑटो इंडस्ट्री के लिए अब तक का सबसे सुनहरा साबित हो रहा है. मारुति सुजुकी ने बताया कि कंपनी को उम्मीद है कि इस धनतेरस पर कंपनी की बिक्री का आंकड़ा 50,000 यूनिट्स के पार पहुंच जाएगा. कंपनी के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (मार्केटिंग एंड सेल्स) पार्थो बनर्जी ने कहा कि, सिर्फ शनिवार को शाम तक ही कंपनी ने 38,500 यूनिट्स की डिलीवरी कर ली है जो दिन खत्म होने तक करीब 41,000 डिलीवरीज़ होने की संभावना है. जबकि शेष 10,000 ग्राहकों को रविवार को गाड़ी सौंपी जाएगी. चूंकि इस बार धनतेरस का शुभ मुहूर्त शनिवार दोपहर 12:18 बजे से शुरू होकर रविवार दोपहर 1:51 बजे तक रहेगा. ऐसे में उम्मीद है कि मारुति बिक्री के नए और तगड़े रिकॉर्ड बनाएगी. उन्होंने कहा, “यह अब तक का सबसे बड़ा डिलीवरी डे साबित होने जा रहा है. हमारी प्रोडक्शन टीम छुट्टी के दिन भी काम कर रही है ताकि हर ग्राहक तक कार समय पर पहुंच सके.” बनर्जी ने बताया कि, “पिछले साल धनतेरस पर कंपनी ने 41,500 यूनिट्स की बिक्री की थी, जबकि इस बार आंकड़ा उससे कहीं ऊपर निकल जाएगा.” उन्होंने कहा कि “GST 2.0 के प्रभाव से ग्राहकों में उत्साह है और बुकिंग इतनी तेज़ी से हो रही है कि कई जगह हमें समय पर डिलीवरी देने में चुनौती आ सकती है.” नवरात्र से शुरू हुए इस पूरे फेस्टिव सीजन को लेकर मारुति सुजुकी बेहद उत्साहित है. बनर्जी के अनुसार, कंपनी को औसतन हर दिन 14,000 बुकिंग्स मिल रही हैं. 18 सितंबर से कीमतें घटाने के बाद से अब तक 4.5 लाख बुकिंग्स दर्ज हुई हैं. इनमें 94,000 से ज़्यादा छोटी कारों की बुकिंग शामिल है, जो उपभोक्ताओं की बढ़ती हुई कार खरीदारी को दर्शाता है. Hyundai ने भी दर्ज की जबरदस्त ग्रोथ हुंडई मोटर इंडिया (Hyundai Motor India) के मौजूदा सीओओ, तरुण गर्ग (जो आगामी 1 जनवरी 2026 से कंपनी की कमान बतौर MD एवं CEO) ने भी शानदार बिक्री की पुष्टि की है. उन्होंने कहा, “हम इस धनतेरस पर लगभग 14,000 यूनिट्स की डिलीवरी की उम्मीद कर रहे हैं, जो पिछले साल से करीब 20 प्रतिशत ज़्यादा है. यह उत्सव का माहौल, स्ट्रांग मार्केट सेंटिमेंट और GST सुधारों के चलते संभव हुआ है.” गर्ग ने बताया कि इस बार धनतेरस दो दिनों में बंटा होने से डिलीवरीज़ लगातार जारी रहेंगी. सस्ती हुईं Maruti-Hyundai की कारें नए जीएसटी रिफॉर्म के ऐलान के बाद 22 सितंबर से मारुति सुजुकी की कारें 1.29 लाख रुपये तक सस्ती हो गई हैं. जिसमें ब्रेजा, ऑल्टो, वैगनआर और स्विफ्ट इत्यादि सभी कारें शामिल हैं. अब कंपनी के पोर्टफोलियो की सबसे सस्ती कार S-Presso हो गई है. जो अब केवल 3,49,900 रुपये की शुरुआती कीमत में आती है.  वहीं Hyundai ने अपनी कारों की कीमत में अधिकतम 2.4 लाख रुपये तक की कटौती की है. कंपनी ने अपने प्रीमियम एसयूवी टक्सन पर सबसे ज्यादा 2,40,303 रुपये की कटौती की है. वहीं Creta के दाम में 38,311 रुपये की कटौती की गई है. अब इसकी शुरुआती कीमत 10.73 लाख रुपये हो गई है जो पहले 11.11 लाख रुपये हुआ करती थी.

गोला-बारूद से नहीं, फुलझड़ियों से खतरा! कुमार विश्वास ने किया पटाखा नीति पर व्यंग्य

मुंबई  हिंदी के जाने-माने कवि डॉ. कुमार विश्वास ने दिवाली से पहले आतिशबाजी को लेकर बड़ा बयान दिया है. मुंबई में आयोजित एक कवि सम्मेलन में डॉ. कुमार विश्वास ने तीन साल से चल रहे यूक्रेन-रूस युद्ध के बहाने दिवाली पर आतिशबाजी का विरोध करने वालों को करारा जवाब दिया है. मुंबई के षणमुखानंद हॉल में आयोजित कार्यक्रम में डॉ. कुमार विश्वास ने कहा, ‘तीन साल से यूक्रेन और रूस आपस में भिड़े हुए हैं. इतना गोला-बारूद बर्बाद कर दिया. गाजा में भी गोला-बारूद चल रहा है.’ उन्होंने भारत के ऑपरेशन सिंदूर और उसके बाद पाकिस्तान के साथ हुए तनाव को भारत का वॉर्मअप बताते हुए कहा कि इतने गोले-बारूद से ओजोन परत बिलकुल सुरक्षित रही, लेकिन दिवाली पर चार फुलझड़ी से ओजोन में बड़ा छेद हो जाएगा. डॉ. कुमार विश्वास ने तंज कसते हुए कहा, ‘ओजोन में चार फुलझड़ियों से इतना बड़ा छेद हो जाएगा कि उसमें से बहुत सारे बुद्धिजीवी ऊपर जाएंगे और नीचे आएंगे.’ हर दिवाली छिड़ती है आतिशबाजी को लेकर बहस दरअसल, हर दिवाली पर इस बात को लेकर बहस छिड़ती है कि इसदिन होने वाली आतिशबाजी से पर्यावरण को कितना नुकसान होता है. इसे लेकर एक पक्ष का कहना होता है कि एक सुनियोजित साजिश के तहत हिंदू त्योहारों को निशाना बनाने की कोशिश के चलते पर्यावरण का बहाना बनाया जाता है. इस पक्ष का तर्क यह भी होता है कि न्यू ईयर से लेकर दुनियाभर में होने वाले विभिन्न आयोजनों में जमकर आतिशबाजी की जाती है, लेकिन उनपर कोई सवाल नहीं उठाया जाता. वहीं दूसरे पक्ष का कहना होता है कि दिवाली पर होने वाली आतिशबाजी से प्रदूषण फैलता है और पर्यावरण को नुकसान होता है.  

इंदौर में रोमांचक जंग! भारतीय महिला टीम के सामने इंग्लैंड की चुनौती, बनेगा सेमीफाइनल का रास्ता

इंदौर आईसीसी महिला विश्व कप 2025 अपने रोमांचक चरण में पहुंच चुका है और अब भारतीय महिला टीम के सामने करो या मरो की स्थिति है। कप्तान हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में टीम इंडिया 19 अक्टूबर को इंग्लैंड से भिड़ेगी। लगातार दो हार के बाद भारत की सेमीफाइनल उम्मीदें अधर में लटकी हैं, लेकिन घरेलू दर्शकों का जोश और इंदौर की स्पिन-अनुकूल पिच टीम को वापसी का मौका दे सकती है। पिछले मैच में भारत को ऑस्ट्रेलिया से 3 विकेट से करीबी हार झेलनी पड़ी थी। ओपनर स्मृति मंधाना और युवा प्रतीका रावल ने 155 रनों की शानदार साझेदारी की थी, लेकिन मध्यक्रम बिखर गया। इस बार टीम को कप्तान हरमनप्रीत, जेमिमा रोड्रिग्स और ऋचा घोष से बड़े प्रदर्शन की उम्मीद है। भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी स्पिन जोड़ी — दीप्ति शर्मा और स्नेह राणा — होंगी। होलकर स्टेडियम की पिच गेंद को टर्न देती है, और जैसे-जैसे दिन बढ़ेगा, बल्लेबाजी और मुश्किल होगी। ऐसे में पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम को बड़ा स्कोर बनाना होगा। इंग्लैंड की टीम अब तक टूर्नामेंट में अजेय रही है, लेकिन उसका मध्यक्रम थोड़ा अस्थिर दिखा है। अगर भारत के स्पिनर लय में आए और मंधाना-रावल की जोड़ी फिर चमकी, तो भारत की वापसी तय है। होलकर में रिकॉर्ड भी भारत के पक्ष में हैं — यहां पहले बल्लेबाजी करने वाली टीमों को फायदा हुआ है। ऐसे में टॉस का महत्व बढ़ जाएगा। भारत के पास दर्शकों का साथ है, और यही ऊर्जा इस मुकाबले को यादगार बना सकती है। भारतीय टीम की संभावित प्लेइंग इलेवन: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना, प्रतीका रावल, जेमिमा रोड्रिग्स, हरलीन देओल, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), अमनजोत कौर, स्नेह राणा, क्रांति गौड़, श्री चरणी। इंग्लैंड टीम की संभावित प्लेइंग इलेवन: नैट शिवर-ब्रंट (कप्तान), टैमी ब्यूमोंट, एमी जोन्स (विकेटकीपर), हीथर नाइट, सोफिया डंकले, एलिस कैप्सी, चार्लोट डीन, सोफी एक्लेस्टोन, सारा ग्लेन, एम्मा लैम्ब, लिंसे स्मिथ।  

अमित शाह का बड़ा बयान: बिहार में उद्योग क्यों नहीं फल-फूल रहे, बाढ़ मुक्ति के लिए पेश किया रोडमैप

 पटना बिहार विधानसभा चुनाव के लिए मतदान का समय नजदीक आता जा रहा है। सभी पार्टियां चुनाव प्रचार में जुटी हैं। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को 'हिन्दुस्तान बिहार समागम' कार्यक्रम के दौरान बिहार के विकास पर चर्चा की। शाह ने बिहार में औद्योगिक विकास की बाधाओं पर खुलकर बातचीत की। उन्होंने कहा कि राज्य में फैक्ट्रियां न लगने की सबसे बड़ी वजह भूमि की कमी है, जो निवेशकों को आकर्षित करने में प्रमुख बाधा बनी हुई है। साथ ही, उन्होंने बाढ़ मुक्ति का एक व्यापक प्लान भी साझा किया, जिसमें केंद्र सरकार की भूमिका और दीर्घकालिक उपाय शामिल हैं। हिन्दुस्तान के प्रधान संपादक शशि शेखर के साथ एबीपी न्यूज पर विशेष बातचीत में शाह ने कहा, "बिहार के अंदर हम सभी जानते हैं कि भूमि की कमी है। कोई भी बड़ी इंडस्ट्री लाना है तो बिहार में भूमि मिलने में बड़ी दिक्कत आती है। इसलिए बिहार में इस प्रकार की इंडस्ट्री लानी चाहिए जिसमें भूमि की कम जरूरत हो। इसीलिए हम बिहार को देश के AI का हब बनाना चाहते हैं।" दरअसल शाह से पूछा गया कि क्या वे ये घोषणा कर सकते हैं कि आने वाले 10 वर्षों में बिहार की यह स्थिति हो जाएगी कि ये मजदूरों का निर्यातक प्रदेश नहीं होगा? इस पर गृह मंत्री ने कहा कि इसे अलग तरीके से देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम बिहार को सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री का हब बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा, "हमें इस इंडस्ट्री के अनुकूल युवाओं के लिए मौके बनाने होंगे.. उन्हें तराशना होगा। इन विधाओं में शिक्षित मैन पावर बनाने का काम हम करेंगे।" बाढ़ मुक्ति का प्लान समझाया बिहार में हर साल बाढ़ से तबाही मचती है। इसको रोकने के लिए अमित शाह ने अपनी सरकार के प्रयासों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बिहार में चंद्रगुप्त मौर्य के काल से नेपाल का पानी आता है.. गंगा बिहार में आती हैं और यहां तबाही मचती है। शाह ने कहा, "नरेंद्र मोदी जी ने 2024 के बजट के अंदर बिहार की कोसी परियोजनाओं के लिए हजारों करोड़ रुपये घोषित किए। ये परियोजनाएं तेज गति से चल भी रही हैं। 50 हजार हेक्टेयर से ज्यादा भूमि सींचित भी होगी और आने वाले 10 सालों में बिहार पूरी तरह बाढ़ से प्रभाव से मुक्त हो जाएगा। अब समय आ गया है कि बिहार को बाढ़ मुक्त करना चाहिए और हम जरूर करेंगे।"