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IAF की बड़ी ताकत बनने जा रहे हैं 1100 जेट इंजन, ₹65,400 करोड़ की डील से बदलेगा गेम

नई दिल्ली  भारतीय वायु सेना (IAF) ने अगले दशक में अपनी ताकत को कई गुना बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है. देश लगभग ₹65,400 करोड़ ($7.44 बिलियन) खर्च करने जा रहा है, ताकि 2035 तक 1,100 नए फाइटर जेट इंजन खरीदे जा सकें. ये इंजन कई विकसित हो रहे फाइटर जेट प्रोग्रामों के लिए इस्तेमाल होंगे और भारतीय रक्षा क्षमता को नई ऊंचाई पर ले जाएंगे. देश में लंबे समय से चल रहे घरेलू जेट इंजन कार्यक्रम को गति देने के लिए नई योजनाओं पर काम शुरू हो गया है. वर्तमान में लाइट कॉम्बैट जेट ‘तेजस’ को Kaveri इंजन से लैस करने की योजना तकनीकी चुनौतियों के चलते पूरी तरह सफल नहीं हो पाई है. लेकिन अब नए इंजन की खरीद और विकास से यह सपनों को साकार करने वाला कदम माना जा रहा है. भारत की जेट इंजन की प्लानिंग S.V. रामाना मूर्ति, Gas Turbine Research Establishment (GTRE) के निदेशक और देश के होम-ग्रोन इंजन विकास के प्रभारी, ने बताया कि अगले दशक में भारत को लगभग 1,100 जेट इंजन की जरूरत होगी. ये इंजन विभिन्न फाइटर जेट प्रोग्रामों में इस्तेमाल किए जाएंगे, जिनकी निर्माण प्रक्रिया अलग-अलग चरणों में है. मूर्ति ने कहा कि देश को मिशन मोड में काम करके घरेलू फाइटर इंजन का इकोसिस्टम तैयार करना होगा. घरेलू इंजन कावेरी का भविष्य तेजस जेट को कावेरी इंजन से लैस करने का प्रयास पिछले कई सालों से चल रहा है. लेकिन तकनीकी समस्याओं के कारण इसका विकास अधूरा रहा.मूर्ति ने कहा कि कावेरी इंजन का अपग्रेडेड संस्करण घरेलू ड्रोन लड़ाकू विमानों (UCAV) में भी इस्तेमाल किया जा सकता है. इससे भारतीय रक्षा उद्योग को नए प्रकार की क्षमताएं हासिल होंगी. अंतरराष्ट्रीय साझेदारी और 5वीं पीढ़ी का जेट GTRE के निदेशक ने यह भी बताया कि भारत अपने पहले 5वीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर के लिए अंतरराष्ट्रीय साझेदारी में इंजन विकसित करने की योजना बना रहा है. इस परियोजना में फ्रांस की Safran, ब्रिटेन की Rolls-Royce और अमेरिका की General Electric जैसी कंपनियों ने रुचि दिखाई है. Advanced Medium Combat Aircraft (AMCA) का प्रोटोटाइप 2028 में रोलआउट होने की संभावना है. निजी क्षेत्र की भागीदारी सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस नए फाइटर जेट प्रोग्राम के लिए निजी कंपनियों को भी बोलियां लगाने का अवसर मिलेगा. इसका उद्देश्य भारतीय स्टेट-ओन्ड वॉरप्लेन निर्माता HAL पर दबाव कम करना और देश में रक्षा निर्माण क्षमता बढ़ाना है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने रक्षा उपकरण निर्माण को बढ़ावा देने और विदेशी निर्माताओं को भारतीय कंपनियों के साथ साझेदारी में निवेश करने का आग्रह किया है. इंजन खरीद से भविष्य की ताकत ₹65,400 करोड़ के निवेश से भारत न केवल घरेलू इंजन विकास में आत्मनिर्भर होगा, बल्कि अपनी वायु सेना की शक्ति को वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाई तक ले जाएगा. यह कदम IAF के अगले दशक की रणनीति और आधुनिक हवाई शक्ति सुनिश्चित करने की योजना का हिस्सा है.  

23 अक्टूबर से पीएम मोदी का मेगा प्रचार अभियान, बिहार के 12 जिलों में भरेंगे चुनावी हुंकार

पटना   बिहार में चुनावी सरगर्मी तेज हो चुकी है और इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यभर में 12 जनसभाओं को संबोधित करेंगे. प्रधानमंत्री की ये रैलियां अलग-अलग चरणों में आयोजित की जाएंगी. पीएम मोदी इस रैली से भाजपा और एनडीए उम्मीदवारों के पक्ष में माहौल बनाएंगे. किस दिन कहां-कहां करेंगे रैली सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी अपनी पहली तीन रैलियां 23 अक्टूबर को करेंगे. इस दिन वे सासाराम, भागलपुर और गया में जनसभाओं को संबोधित करेंगे. इन रैलियों में प्रधानमंत्री केंद्र सरकार की उपलब्धियों, बिहार में विकास योजनाओं और राज्य के लिए केंद्र सरकार क्या-क्या कर रही है उसको जनता के सामने रखेंगे. इसके बाद 28 अक्टूबर को प्रधानमंत्री की तीन और रैलियां निर्धारित हैं. वे इस दिन पटना, मुजफ्फरपुर और दरभंगा में जनता को संबोधित करेंगे. माना जा रहा है कि इन सभाओं में मोदी रोजगार, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़ी योजनाओं पर बात करेंगे. अगले चरण में 1 नवंबर को प्रधानमंत्री पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर और छपरा में रैलियां करेंगे. इन इलाकों में एनडीए उम्मीदवारों के समर्थन में बड़ी संख्या में जनता के जुटने की संभावना है. अंतिम चरण में 3 नवंबर को प्रधानमंत्री मोदी पश्चिमी चंपारण, सहरसा और अररिया में चुनावी सभाएं करेंगे. बिहर के नेताओं को पीएम मोदी की रैली से बड़ी उम्मीद भाजपा संगठन इन रैलियों की तैयारी में जुट गई है. बिहार बीजेपी के नेताओं का कहना है कि पीएम मोदी पर बिहार की जनता सबसे ज्यादा भरोसा करती है. केंद्र सरकार की योजनाओं का सबसे ज्यादा लाभ गरीब वर्ग के लोगों को मिलता है. ऐसे समय में पीएम मोदी की रैलियां बिहार में NDA उम्मीदवारों के पक्ष में माहौल बनायेंगे.

साफ-सुथरे मोहल्ले की ओर बढ़ाएं कदम, जीतें 1 लाख रुपए का पुरस्कार!

इंदौर  डॉ. आंबेडकर नगर (महू) में खुशियों वाली जगमग दिवाली पर शहर में एक बार फिर रंगारंग सजावट होगी। गली-नुक्कड़ से लेकर महू छावनी परिषद क्षेत्र के मोहल्लों-कॉलोनियों में रंग-बिरंगी रांगोली और जगमगाती रोशनी का अनूठा नजारा देखने को मिलेगा। दरअसल, शहर में इस साल 21 अक्टूबर को धोक पड़वा पर्व पर रंगोत्सव मनाया जाएगा। कोविड के दौर के बाद दीपावली के जगमग उजास को नई रंगत देने के लिए शहर में रंगोत्सव समिति द्वारा रंगोली प्रतियोगिता (Rangoli Competition) की शुरुआत की गई। इसमें शहर की गलियों में न्यूनतम 16 वर्गफीट से लेकर करीब 500 वर्गफीट तक की आकर्षक रांगोली सजाई जाती थी।  समिति के संयोजक ने दी जानकारी समिति के संयोजक सुचित बंसल ने बताया कि इस साल यह महोत्सव एक नया स्वरुप लेने जा रहा है। इसमें रंगोली के साथ ही गली-मोहल्लो और कॉलोनियों की सजावट (Diwali Decoration) भी शामिल की गई। प्रतिभागियों को न्यूनतम 70 से 80 फीट का दायरा चुनना होगा। इसमें रंगोली के साथ ही निर्धारित एरिया को अलग-अलग तरीके से सजाना होगा। इसमें रंग-बिरंगी लाइटिंग सहित आकर्षक सजावट आइटमों का उपयोग किया जा सकेगा।     अनेकता में एकता की दिखेगी झलक इस अनूठे महोत्सव में अलग-अलग राज्यों की संस्कृति के साथ ही पारंपरिक, धार्मिक और पौराणिक महत्वों की झलक दिखेगी। बंसल ने बताया कि प्रतिभागी पंजाबी, साउथ इंडियन, गुजराती सहित धार्मिक, सांस्कृतिक थीम पर सजावट कर सकते हैं।   पारदर्शिता : अन्य शहरों के निर्णायक करेंगे फैसला स्पर्धा के विजेता का फैसला निर्णायक दल करेगा। इसके लिए करीब 5 से 6 निर्णायकों की पैनल बनाई जाएगी। प्रतियोगिता में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए निर्णायक अन्य शहरों से बुलाएंजाएंगे। जो धोक पड़वा पर सुबह 11 बजे से निरीक्षण शुरु करेगी।   2023 में बनाया हार्वर्ड वर्ल्ड रिकॉर्ड रंगोत्सव की अनूठी परंपरा ने वर्ष 2023 में शहर का नाम हार्वर्ड वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज करवाया। बंसल ने बताया कि साल 2023 में करीब 325 प्रतिभागियों ‌द्वारा सबसे लंबी रंगोली बनाई गई। जिन्हें हार्वर्ड वर्ल्ड रिकॉर्ड के प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए गए। स्पर्ध में पहला स्थान राधिका तायल ने पाया था। जिन्हें 51 हजार रुपए का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया था।  तिथियों में असमंजस से बीते साल रही अड़चन बीते साल दीपावली पर अमावस्या की दो तिथियां होने के कारण धोक पड़वा को लेकर असमंजस बना था। बंसल ने बताया कि इसके कारण बीते साल रंगोत्सव का आयोजन नहीं हुआ था। इसके पहले गोपाल मंदिर से अग्रसेन चौराहा और ड्रीमलैंड से हरिफाटक तक रंगोली स्पर्धा होती थी। अब इसका दायरा संपूर्ण छावनी परिषद किया गया है।  सर्वश्रेष्ठ सजावट को मिलेगा एक लाख का इनाम स्पर्धा में एक व्यक्ति के साथ ही समूह बनाकर भी भाग लिया जा सकता है। बंसल ने बताया कि सर्वश्रेष्ठ सजावट करने वाले प्रतिभागी को एक लाख रुपए का इनाम प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा दूसरे विजेता को 51 हजार, तीसरे को 21 हजार और 11-11 हजार के पांच सांत्वना पुरस्कार भी देंगे।   25-75 के फार्मूले पर होगी सजावट स्पर्धा में इस साल 25-75 का फार्मूला अपनाया जा रहा है। बंसल के अनुसार इस साल प्रतिभागियों को 25 प्रतिशत अंक रांगोली बनाने 75 प्रतिशत अंक क्षेत्र को सजावट पर मिलेंगे। इसमें स्वागत द्वार, वंदन द्वार, कॉरपेट सहित विद्युत साज-सज्जा भी की जा सकती है।  

इस दिवाली करें इन शेयरों में निवेश, आपकी किस्मत हो सकती है चमकदार

मुंबई   इस साल की तीसरी तिमाही की शुरुआत में ही शेयर बाजार को लेकर निवेशकों की उम्मीदें बढ़ने लगी हैं. एक तरफ सरकार की ओर से जीएसटी में सुधार के कदम उठाए गए हैं, तो दूसरी ओर भारतीय रिज़र्व बैंक ने भी कई बार ब्याज दरों में कटौती कर अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने की कोशिश की है. वहीं, नवंबर में भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौता होने की भी उम्मीद है. लगभग एक साल के कमजोर प्रदर्शन के बाद अब ऐसा लग रहा है कि इक्विटी मार्केट के लिए हालात धीरे-धीरे अनुकूल दिशा में बढ़ रहे हैं. इसी माहौल को देखते हुए JM Financial Services Ltd ने दिवाली के मौके पर कुछ खास स्टॉक्स की सिफारिश की है, जिनमें आने वाले एक साल में मजबूत रिटर्न मिलने की संभावना जताई गई है. इन स्टॉक्स को अगले एक साल के निवेश दृष्टिकोण से चुना गया है. कंपनी का मानना है कि मौजूदा स्तर पर या आने वाले दिनों में गिरावट पर इन स्टॉक्स में निवेश करने का अच्छा मौका हो सकता है. इन स्टॉक्स का औसतन 62% तक अपसाइड संभावित है, जो निवेशकों के लिए एक आकर्षक मौका माना जा रहा है. कुल 5 स्टॉक्स को इस बास्केट में शामिल किया गया है, जिन पर ₹10 लाख का समान निवेश मॉडल तैयार किया गया है. एक स्टॉक में 87 प्रतिशत की संभावना सबसे पहले बात करें SAMMAANCAP की तो यह स्टॉक ₹162.7 के कॉस्ट प्राइस पर शामिल किया गया है, जिसका टारगेट ₹300 रखा गया है. इसका मतलब है कि इसमें करीब 84% तक की बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है. दूसरा बड़ा दांव HINDCOPPER पर लगाया गया है. इसका टारगेट ₹600 तय किया गया है, जो मौजूदा स्तर से 74% की संभावित तेजी को दर्शाता है. तांबा सेक्टर में बढ़ती मांग और वैश्विक कीमतों में मजबूती इसके लिए सहायक हो सकती है. तीसरा स्टॉक BANKINDIA है, जिसे ₹127.1 के कॉस्ट प्राइस पर चुना गया है और इसका टारगेट ₹200 रखा गया है. इसमें 57% तक की संभावित अपसाइड बताई गई है. बैंकिंग सेक्टर में हाल के समय में सुधार के संकेत मिले हैं और NPA की स्थिति में सुधार भी निवेशकों का भरोसा बढ़ा सकता है. चौथा स्टॉक BORORENEW है, जिसका टारगेट ₹1000 रखा गया है. इस स्टॉक में 67% तक की संभावित तेजी की संभावना जताई गई है. कंपनी अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में काम करती है और इस सेक्टर में सरकार की नीतिगत मदद से अच्छे रिटर्न की उम्मीद की जा रही है. स्विगी भी दे सकता है अच्छा रिटर्न पांचवां और आखिरी स्टॉक SWIGGY है, जिसका टारगेट ₹550 रखा गया है. इसमें 28% की संभावित बढ़ोतरी बताई गई है. ऑनलाइन फूड डिलीवरी का बाजार तेजी से बढ़ रहा है और आने वाले साल में इस कंपनी के बिजनेस के विस्तार की संभावना को देखते हुए इसमें निवेश की सिफारिश की गई है. कुल मिलाकर, इन पांचों स्टॉक्स में समान राशि यानी 2-2 लाख रुपये का निवेश दिखाया गया है, जिससे कुल निवेश 10 लाख रुपये का होता है. अगर यह बास्केट अपने औसतन टारगेट तक पहुंचती है, तो निवेशकों को लगभग 62% का रिटर्न मिलने की संभावना है. यह किसी भी पारंपरिक निवेश साधन के मुकाबले काफी बेहतर माना जा सकता है. कंपनी का कहना है कि इस निवेश के लिए एक साल का टाइम फ्रेम रखा गया है और 20% बास्केट स्टॉप लॉस सुझाया गया है, ताकि निवेशक जोखिम को सीमित रख सकें. मौजूदा आर्थिक माहौल और बाजार की दिशा को देखते हुए यह रणनीति संतुलित और अवसरों से भरी मानी जा सकती है. इस तरह देखा जाए तो दिवाली से अगले दिवाली तक ये पांच स्टॉक्स निवेशकों के लिए एक मजबूत पोर्टफोलियो बनाने का मौका दे सकते हैं.

ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ ट्रेलर था! अब भारत की असली ताकत का संकेत, राजनाथ सिंह बोले

नई दिल्ली  केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर को लेकर शनिवार को बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारत की सैन्य ताकत अब उस मुकाम पर पहुंच चुकी है जहां विजय एक आदत बन गई है। राजनाथ ने लखनऊ में सभा को संबोधित करते हुए कहा, 'ऑपरेशन सिंदूर ने साबित कर दिया कि विजय अब हमारे लिए छोटी घटना नहीं है। विजय हमारी आदत बन चुकी है।' भारतीय सशस्त्र बलों की सटीकता और तत्परता की प्रशंसा करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत के विरोधी अब देश की मिसाइल क्षमताओं से बच नहीं सकते। राजनाथ सिंह ने कहा, 'देश को भरोसा है कि हमारे विरोधी अब ब्रह्मोस से बच नहीं पाएंगे। पाकिस्तान का हर इंच अब हमारी ब्रह्मोस मिसाइल की पहुंच में है।' उन्होंने पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की घटनाएं भारत की क्षमताओं का केवल एक छोटा सा नमूना हैं। रक्षा मंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में जो हुआ, वह सिर्फ एक ट्रेलर था। उन्होंने कहा, 'ट्रेलर ने ही पाकिस्तान को अहसास करा दिया कि अगर भारत ने पाकिस्तान को जन्म दिया तो मुझे यह बताने की जरूरत नहीं कि वह और क्या कर सकता है।' ब्रह्मोस मिसाइलों की खेप को दिखाई हरी झंडी रक्षा मंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के ब्रह्मोस एयरोस्पेस केंद्र में निर्मित ब्रह्मोस मिसाइलों की पहली खेप को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ब्रह्मोस एयरोस्पेस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सिस्टम का निर्माता है। राजनाथ सिंह ने बताया कि ब्रह्मोस टीम ने केवल एक महीने में दो देशों के साथ लगभग 4,000 करोड़ रुपये के करार किए हैं। उन्होंने कहा, 'आने वाले वर्षों में हम अन्य देशों के विशेषज्ञों को लखनऊ में आते देखेंगे, जिससे यह शहर ज्ञान का केंद्र और रक्षा प्रौद्योगिकी में अग्रणी बनेगा। अगले वित्तीय वर्ष से ब्रह्मोस की लखनऊ यूनिट का टर्नओवर लगभग 3,000 करोड़ रुपये होगा और जीएसटी संग्रह 5,000 करोड़ रुपये प्रति वर्ष होगा।'  

NDA की मुश्किलें बढ़ीं! LJP उम्मीदवार सीमा सिंह का नामांकन रद्द, चिराग पासवान नाराज़

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव से पहले ही एनडीए गठबंधन को बड़ा झटका लगा है. कारण, छपरा जिले की मढ़ौरा विधानसभा सीट से लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की प्रत्याशी सीमा सिंह का नामांकन रद्द कर दिया गया है. सीमा सिंह भोजपुरी फिल्म जगत की जानी-मानी अभिनेत्री हैं और हाल ही में चिराग पासवान की पार्टी से जुड़कर राजनीति में कदम रखा था. सूत्रों के मुताबिक, सीमा सिंह के नामांकन पत्र की जांच के दौरान कुछ तकनीकी खामियां पाई गईं, जिसके चलते निर्वाचन अधिकारी ने उनका नामांकन अमान्य घोषित कर दिया. सीमा सिंह का नामांकन रद्द होने के बाद मढ़ौरा सीट पर एनडीए की स्थिति कमजोर मानी जा रही है. यह सीट पहले चरण में मतदान के लिए निर्धारित है, जिसके लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है.   बता दें कि मढ़ौरा विधानसभा क्षेत्र में एनडीए और महागठबंधन के बीच सीधा मुकाबला होने की संभावना थी, लेकिन अब इस सीट पर सीमा सिंह का पर्चा खारिज होने के चलते एनडीए को झटका लगा है. यहां अब सीधा मुकाबला आरजेडी और जनसुराज पार्टी के बीच देखने को मिलेगा. मढ़ौरा के आरजेडी प्रत्याशी जितेंद्र कुमार राय हैं, जो निवर्तमान विधायक हैं और बिहार सरकार में मंत्री भी रह चुके है. लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की प्रत्याशी और प्रसिद्ध भोजपुरी फिल्म अभिनेत्री सीमा सिंह राजनीति में अपनी किस्मत आजमाने के लिए चुनावी मैदान में उतरी थीं. चिराग पासवान ने उन्हें टिकट देकर इस सीट पर मुकाबला रोचक बना दिया था लेकिन अब वह चुनाव की रेस से ही बाहर हो गई हैं. नामांकन के दौरान सीमा सिंह ने अपने शैक्षणिक योग्यता और संपत्ति का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया था, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है. चुनावी शपथपत्र के मुताबिक, सीमा सिंह नौवीं कक्षा पास हैं. उन्होंने वर्ष 1999 में ठाणे (महाराष्ट्र) स्थित द रेम हेगर हिंडे हाई स्कूल, डोंबिवली (पूर्व) से 9वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की थी. 6 नवंबर को होना है पहले चरण का मतदान गौरतलब है कि बिहार में 243 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव दो चरणों में 6 और 11 नवंबर को होंगे, जबकि मतगणना 14 नवंबर को होगी. एनडीए गठबंधन ने सभी सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है. जेडीयू और बीजेपी ने 101-101 सीटों पर, एलजेपी (रामविलास) ने 29, जीतनराम मांझी की हम पार्टी और उपेंद्र कुशवाहा की आरएलकेजे ने 6-6 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं.

वंदे भारत स्लीपर की पहली झलक वायरल: अंदर का लुक देगा एअरलाइन का एहसास!

नई दिल्ली  भारतीय रेलवे यात्रियों को एक और बड़ा तोहफा देने की तैयारी में है। अब तक दिन की यात्राओं के लिए तेज़ और लग्ज़री विकल्प के तौर पर पहचानी जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस जल्द ही स्लीपर कोच वर्जन के रूप में लॉन्च होने जा रही है। यह वर्जन खासतौर पर लंबी दूरी की रात की यात्राओं को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है – जहां यात्रियों को सिर्फ गंतव्य ही नहीं, बल्कि सफर में भी सुकून मिलेगा। वंदे भारत स्लीपर: नयी यात्रा संस्कृति की शुरुआत साल 2019 में वंदे भारत ट्रेन की शुरुआत ने भारतीय रेलवे को स्पीड और कंफर्ट के नए स्तर पर पहुंचा दिया था। अब वही अनुभव रात की ट्रेनों में भी मिलने वाला है। स्लीपर वर्जन की पहली झलक हाल ही में IREE 2025 (इंटरनेशनल रेलवे इक्विपमेंट एग्जिबिशन) में देखने को मिली, जहां इसका फर्स्ट एसी कोच का प्रोटोटाइप पहली बार सार्वजनिक किया गया। इस अत्याधुनिक ट्रेन को Kinet Railway Solutions नामक इंडो-रशियन संयुक्त उपक्रम ने डिज़ाइन किया है, जबकि निर्माण का ज़िम्मा BEML (भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड) ने संभाला है।    प्रो-प्रेमियम अनुभव: क्या मिलेगा यात्रियों को? वंदे भारत स्लीपर वर्जन को आधुनिक विमान जैसी आंतरिक बनावट दी गई है। इसमें यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा दोनों का पूरा ध्यान रखा गया है। प्रमुख फीचर्स: प्राइवेट फर्स्ट क्लास केबिन्स सॉफ्ट टच स्लीपर बर्थ रीडिंग लाइट, चार्जिंग पॉइंट, और बॉटल होल्डर स्वचालित स्लाइडिंग दरवाज़े हवाई जहाज जैसे इंटीरियर वाई-फाई और डिजिटल डिस्प्ले सिस्टम फायर-रेसिस्टेंट वॉल्स और एडवांस क्रैश बफर सिस्टम   स्पीड और क्षमता: तेज़ रफ्तार, अधिक सुविधा ऑपरेशनल स्पीड: 160 किमी/घंटा धिकतम स्पीड: 180 किमी/घंटा यात्रियों की क्षमता: लगभग 1,128 कुल कोच: 16 (फर्स्ट एसी, सेकेंड एसी, थर्ड एसी) टेस्टिंग और सुरक्षा: लॉन्च से पहले कठोर जांच कोचों के सार्वजनिक संचालन से पहले RDSO (Research Designs and Standards Organisation) द्वारा ट्रेन का विस्तृत परीक्षण किया जाएगा। सुरक्षा, स्थायित्व और प्रदर्शन जैसे सभी मापदंडों पर ट्रेन को परखा जाएगा। हरी झंडी मिलने के बाद ही यह सेवा में उतरेगी। पहला रूट: दिल्ली से पटना? हालांकि रेलवे की ओर से अभी तक आधिकारिक रूट घोषित नहीं किया गया है, लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार दिल्ली–पटना रूट पर इसकी पहली सेवा शुरू होने की संभावना है। अनुमानित टाइमिंग के मुताबिक, ट्रेन पटना से रात 8 बजे चलेगी और सुबह 7:30 बजे दिल्ली पहुंचेगी। इस सफर के दौरान छोटे स्टेशनों पर 2–3 मिनट और बड़े स्टेशनों पर थोड़ी देर अधिक रुकने की योजना है, जैसे दिल्ली कैंट, जयपुर आदि। मेक इन इंडिया: कहां बन रही है ट्रेन? निर्माण स्थल: लातूर, महाराष्ट्र उत्पादन कंपनी: BEML टेक्निकल सपोर्ट: ICF, चेन्नई कुल ऑर्डर: 120 ट्रेनों का कॉन्ट्रैक्ट, लागत लगभग $6.5 बिलियन (₹54,000 करोड़)   किराया कितना होगा? वंदे भारत स्लीपर का किराया राजधानी एक्सप्रेस से 10–15% ज्यादा हो सकता है। किराया क्लास और रूट के अनुसार अलग-अलग तय किया जाएगा। हालांकि, रेलवे इसे प्रीमियम लग्ज़री सेवा बनाना चाहता है—जिसमें आधुनिक सुविधा और कम समय दोनों का फायदा यात्री को मिलेगा। क्या कहता है रेलवे का विज़न? रेलवे के अनुसार, वंदे भारत स्लीपर भारत में रात की ट्रेनों की परिभाषा बदलने वाली है। यह उन यात्रियों के लिए डिजाइन की गई है जो समय, सुविधा और टेक्नोलॉजी—तीनों से समझौता नहीं करना चाहते।

खुशखबरी! दिवाली से पहले डाक कर्मियों के खाते में आएगा दोगुना बोनस

नई दिल्ली  त्योहारों का मौसम आते ही कर्मचारियों के चेहरे पर खुशियों की लहर दौड़ जाती है। इस बार केंद्र सरकार ने डाक विभाग के कर्मचारियों के लिए दिवाली गिफ्ट का ऐलान किया है। वित्त वर्ष 2024-25 के लिए पोस्ट ऑफिस ने उत्पादकता आधारित बोनस (PLB) को मंजूरी दे दी है, जो राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद जारी किया गया। इसके तहत कर्मचारियों को दो महीने की सैलरी के बराबर बोनस मिलेगा। किन कर्मचारियों को मिलेगा फायदा इस बोनस का लाभ ग्रुप C, मल्टी-टास्किंग स्टाफ (MTS), अराजपत्रित ग्रुप B, ग्रामीण डाक सेवक (GDS) और पूर्णकालिक आकस्मिक श्रमिकों को मिलेगा। इस कदम से लाखों कर्मचारियों को आर्थिक मदद मिलेगी और त्योहार की खुशियां दोगुनी हो जाएंगी। बोनस कर्मचारियों के उत्साह और उमंग को भी बढ़ाएगा। बोनस की गणना का तरीका बोनस की राशि कर्मचारियों के औसत वेतन के आधार पर तय होगी। नियमित कर्मचारियों के लिए फॉर्मूला इस प्रकार रहेगा: औसत वेतन × 60 दिन ÷ 30.4 इस गणना में बेसिक पे, महंगाई भत्ता (DA), विशेष भत्ता, ड्यूटी भत्ता और ट्रेनिंग भत्ता शामिल होंगे। बोनस की अधिकतम वेतन सीमा ₹7,000 प्रति माह तय की गई है। ग्रामीण डाक सेवकों के लिए बोनस की राशि उनके टाइम-रिलेटेड कंटीन्यूटी अलाउंस (TRCA) और महंगाई भत्ते के आधार पर तय की जाएगी।

मध्यप्रदेश का अन्नदाता अब बन रहा है ऊर्जादाता: मुख्यमंत्री डॉ यादव

किसान हमारी अर्थव्यवस्था की हैं रीढ़: मुख्यमंत्री डॉ यादव मध्यप्रदेश का अन्नदाता अब बन रहा है ऊर्जादाता किसानों का कल्याण सर्वोपरि, किसान हित में करेंगे सभी प्रयास सूखे खेत को पानी मिल जाये तो फसल हो जाती है सोना हम हर खेत तक पहुंचायेंगे पानी किसानों की खुशहाली ही हमारे विकास का है मुख्य आधार मुख्यमंत्री ने सोलर पंप स्थापना के लिये की किसानों को 90 प्रतिशत सब्सिडी देने की घोषणा विद्युत पंप से एक स्टेप अधिक पॉवर केपिसिटी का दिया जायेगा सोलर पंप सोयाबीन पर भावांतर भुगतान के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री निवास में हुआ किसान आभार सम्मेलन भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के 3 हजार से अधिक किसान हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारे किसान भाई ही मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। किसानों का हित हमारे लिए सर्वोपरि है। सरकार का हर निर्णय किसानों के कल्याण को ध्यान में रखकर लिया जा रहा है। किसानो की भलाई के लिए हमारी सरकार हर जरूरी कदम उठायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हर संभव तरीके से किसानों की आय बढ़ाकर उनकी माली हालत मजबूत करने के लिए प्रयासरत है। भावांतर योजना किसानों को खुले बाजार में फसलों की कीमतों के उतार-चढ़ाव से सुरक्षा देती है। यह योजना किसान हित में सरकार की एक बड़ी पहल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को मुख्यमंत्री निवास परिसर में 'सोयाबीन पर भावांतर भुगतान के उपलक्ष्य में' आयोजित किसान आभार सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सूखे खेत को अगर पानी दे दिया जाये, तो फसल सोना हो जाती है, हम प्रदेश के हर खेत तक पानी पहुंचायेंगे। मध्यप्रदेश के अन्नदाता अब ऊर्जादाता बन रहे हैं। किसान भाई अपने खेतों में सोलर पंप जरूर लगाएं। सोलर पंप लगाने से बिजली के अस्थाई कनेक्शन के खर्च से मुक्ति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने किसानों के हित में एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि सोलर पॉवर पंप स्थापना के लिये किसानों को अब 90 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। पहले 40 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को विद्युत पंप से एक स्टेप अधिक पॉवर केपिसिटी का सोलर पॉवर पंप दिया जायेगा अर्थात् 3 HP वाले किसान को 5 HP का सोलर पॉवर पंप और 5 HP वाले किसान को 7.5 HP का सोलर पॉवर पंप दिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने किसान आभार सम्मेलन में पारम्परिक वेशभूषा में सांस्कृतिक प्रस्तुति देने वाले सभी कलाकारों को 5-5 हजार रूपए देने की घोषणा भी की। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलन तथा भगवान हलधर बलराम एवं भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण कर सम्मेलन की विधिवत् शुरूआत की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान भाइयों की मेहनत से ही प्रदेश की जीडीपी में कृषि 39 प्रतिशत से अधिक का योगदान देती है। किसान भाई सच्चे अर्थों में मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उन्होंने कहा कि खाद्यान्न, दलहन, तिलहन, फलों और सब्जियों के उत्पादन की दृष्टि से मध्यप्रदेश देश में अग्रणी है। प्लांट बेस्ड प्रोटीन के उत्पादन के मामले में भी हम कम नहीं हैं। संतरा, मसाले, लहसुन, अदरक और धनिया उत्पादन में मध्यप्रदेश नंबर वन है। मटर, प्याज, मिर्च, अमरूद उत्पादन में दूसरे तथा फूल, औषधीय एवं सुंगधित पौधों के मामले में तीसरे स्थान पर मध्यप्रदेश है। उन्होंने कहा कि आज मध्यप्रदेश सोयाबीन स्टेट, मिलेट्स स्टेट, मसाला स्टेट, लहसुन स्टेट और संतरा स्टेट के रूप में प्रसिद्ध होकर देश का फूड बास्केट कहलाने लगा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खेती-किसानी के लिए जल अमृततुल्य होता है। इसीलिए जल-संरक्षण के हर जरूरी उपाय कर जल अवश्य बचायें। हमारी सरकार ने प्रदेश के सभी अंचलों में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 3 बड़ी नदी जोड़ो परियोजनाओं पर काम प्रारंभ किया है। राजस्थान के साथ पार्वती-काली सिंध-चंबल (पीकेसी) नदी जोड़ो से बुंदेलखंड और चंबल, उत्तरप्रदेश के साथ केन-बेतवा से बुंदेलखंड और महाराष्ट्र के साथ ताप्ती मेगा रिचार्ज परियोजना से हम प्रदेश के सभी अंचलों में सिंचाई की स्थाई सुविधा उपलब्ध कराने की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसान धरती माता के वास्तविक पुत्र हैं। मध्यप्रदेश नदियों का मायका है। प्रदेश में 250 से अधिक नदियां निकलती हैं। मां नर्मदा प्रदेश के किसानों के लिए वरदान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को अनुदान पर सोलर पंप प्रदान कर रही है। किसान को 90 प्रतिशत अनुदान पर सोलर पंप दे रहे हैं। किसानों को 32 लाख सोलर पंप दिए जा रहे हैं। किसान 5 हॉर्स पावर तक के सोलर पंप लगाएं। बिजली का खर्च बढ़ाएं और अतिरिक्त बिजली सरकार को बेचें। हमारी सरकार आने पर प्रदेश में अब 52 लाख हेक्टेयर रकबा सिंचित हुआ है। नदी जोड़ो योजना के माध्यम से किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध करा रहे हैं। किसानों की फसल को पानी मिल जाए, फसल सोने की हो जाती है। राज्य सरकार ने सिंचाई का रकबा 100 लाख हेक्टेयर तक करने का लक्ष्य रखा है। किसानों को उनकी फसल का समुचित दाम मिले, इसके लिए फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स भी स्थापित की जा रही हैं, जिससे अधिक उत्पादन होने पर किसान भाइयों को फसल फेकनी न पड़े। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पहले फसल का सीजन निकल जाने पर मुआवजे की राशि भेजी जाती थी। लेकिन अब राज्य सरकार ने सोयाबीन की फसल काटने से पहले ही राशि बांटना शुरू कर दिया है। किसानों की परेशानी किसान का बेटा ही समझ सकता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश के किसानों के लिए भावांतर योजना का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि किसान भाई पवित्र मन से दूसरों का पेट भरने के लिए अन्न उगाते हैं। पुरानी सरकारों ने मां नर्मदा के जल का उपयोग नहीं किया। आज वही नर्मदा सिंचाई, पेयजल और उद्योगों को पानी उपलब्ध कराती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी गोपालक किसान धूमधाम से गोवर्धन पूजा का त्यौहार मनाएं। राज्य सरकार शासकीय स्तर पर गोवर्धन पूजा का त्यौहार मनाएगी। प्रदेश में प्रभु राम के ओरछा धाम को भव्य रूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राम वन गमन पथ भी विकसित कर रहे हैं। भगवान कृष्ण से जुड़े हर स्थान को तीर्थ के रूप में विकसित कर रहे हैं। किसान भाई … Read more

मध्य प्रदेश में बच्चों की मौत के बाद कड़े कदम, 24 जिलों में गुणवत्ता सलाहकार नियुक्ति की घोषणा

भोपाल  मध्य प्रदेश में हाल ही में कफ सीरप से हुई बच्चों की मौत के बाद सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर गंभीरता दिखाई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) मध्य प्रदेश अब राज्य के 24 जिलों में जिला गुणवत्ता सलाहकार नियुक्त करने जा रहा है। इन पदों पर ऐसे विशेषज्ञ रखे जाएंगे जो सरकारी अस्पतालों की सेवाओं, दवाओं और उपकरणों के गुणवत्ता की निगरानी करेंगे। एनएचएम के अनुसार, इन सलाहकारों का चयन ऐसे उम्मीदवारों में से होगा, जिनके पास हास्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन, हेल्थ मैनेजमेंट या पब्लिक हेल्थ से संबंधित डिग्री या अनुभव होगा। ये लोग जिला स्तर पर अस्पतालों का निरीक्षण करेंगे, उपचार सेवाओं की गुणवत्ता का आकलन करेंगे और लापरवाही या कमियों की रिपोर्ट तैयार करेंगे। साथ ही वे सुधारात्मक कार्ययोजना बनाकर उसे लागू कराने में भी भूमिका निभाएंगे। जिम्मेदारी और निगरानी का बढ़ेगा दायरा जिला गुणवत्ता सलाहकार अस्पतालों में स्वच्छता, दवा वितरण, मरीजों के प्रति व्यवहार, रिकार्ड प्रबंधन और आपात सेवाओं जैसे बिंदुओं पर नजर रखेंगे। इसके अलावा वे यह भी देखेंगे कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मानकों के अनुसार सेवाएं दी जा रही हैं या नहीं। एनएचएम इनकी रिपोर्ट के आधार पर समय-समय पर अस्पतालों की रैंकिंग और सुधार योजनाएं तय करेगा। उम्र सीमा और आरक्षण प्रविधान इसमें आवेदक की आयु 21 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और महिलाओं को शासन के नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट दी जाएगी। कुल 24 पदों में से 13 अनारक्षित, पांच ओबीसी, तीन एससी और दो एसटी वर्ग के लिए आरक्षित हैं। एक पद दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए आरक्षित रहेगा। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाने की पहल     मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए यह पहल की गई है। जिला गुणवत्ता सलाहकार अस्पतालों के निरीक्षण और सुधार कार्यों की निगरानी करेंगे। इससे मरीजों को सुरक्षित और मानक के अनुरूप इलाज सुनिश्चित किया जा सकेगा। – अपर मिशन संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्य प्रदेश।