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सरकार ने PF नियम बदल दिए, दिवाली से पहले 7 करोड़ कर्मचारियों को मिलेगा बड़ा फायदा

नई दिल्ली  कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) ने सोमवार को अपनी बैठक में कई ऐतिहासिक और सदस्य हितैषी निर्णय लिए। श्रम मंत्री मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में EPF आंशिक निकासी के नियमों में ढील, ‘विश्वास स्कीम’ की शुरुआत और डिजिटल रूपांतरण (EPFO 3.0) जैसे कई अहम फैसले लिए गए। बता दें कि इन निर्णयों से EPFO के 7 करोड़ से अधिक खाताधारकों को लाभ मिलने की उम्मीद है। अब 100% तक की आंशिक निकासी संभव EPFO बोर्ड ने भविष्य निधि (EPF) से आंशिक निकासी के प्रावधानों को सरल और उदार बना दिया है। अब सदस्य अपने खाते में जमा राशि (कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का अंशदान) में से 100% तक की निकासी कर सकेंगे। पहले आंशिक निकासी के लिए 13 अलग-अलग जटिल प्रावधान थे, जिन्हें अब इंटीग्रेट कर तीन मुख्य कैटेगरीज में बांट दिया गया है- 1. आवश्यक जरूरतें: बीमारी, शिक्षा, विवाह आदि, 2. आवास संबंधी जरूरतें और 3. विशेष परिस्थितियां। इसका मतलब है कि अब ईपीएफओ मेंबर को किसी विशेष परिस्थिति (जैसे प्राकृतिक आपदा, लॉकआउट, महामारी आदि) के तहत निकासी के लिए कोई कारण बताने की आवश्यकता नहीं होगी। निकासी सीमा और सेवा अवधि में भी राहत शिक्षा और विवाह के लिए निकासी सीमा को बढ़ाकर क्रमशः 10 गुना और 5 गुना कर दिया गया है। (पहले कुल मिलाकर केवल 3 बार आंशिक निकासी की अनुमति थी।) सभी प्रकार की आंशिक निकासी के लिए न्यूनतम सेवा अवधि अब सिर्फ 12 महीने कर दी गई है। 25% न्यूनतम बैलेंस नियम लागू EPFO ने एक नया प्रावधान जोड़ा है, जिसके तहत सदस्यों को अपने खाते में कुल योगदान का कम से कम 25% बैलेंस बनाए रखना होगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सदस्य उच्च ब्याज दर (वर्तमान में 8.25%) और कंपाउंडिंग के लाभ का आनंद लेते हुए सेवानिवृत्ति के लिए पर्याप्त राशि संचित कर सकें। निकासी प्रक्रिया और दस्तावेजीकरण में सुधार नए नियमों के तहत आंशिक निकासी की प्रक्रिया को पूरी तरह स्वचालित बनाया जाएगा। अब सदस्यों को कोई दस्तावेज़ जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी और दावे तेजी से ऑनलाइन निपटाए जा सकेंगे। साथ ही, अंतिम निपटान के लिए अवधि को भी बदला गया है: – EPF की अंतिम निकासी: 2 महीने से बढ़ाकर 12 महीने – पेंशन की अंतिम निकासी: 2 महीने से बढ़ाकर 36 महीने  

बड़ी खबर: छत्तीसगढ़ में 32 लाख राशन कार्ड निरस्त, ये काम करने पर ही राशन मिलेगा

रायपुर छत्तीसगढ़ में अब 32 लाख राशन कार्ड धारकों को राशन नहीं मिलेगा. राज्य सरकार ने इन हितग्राहियों का राशन कार्ड निरस्त कर दिया है. खाद्य विभाग के सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले ने कहा, पिछले एक सालों से ये लोग राशन लेने नहीं आ रहे हैं न ही इन लोगों ने केवाईसी हुई है. KYC होने पर फिर से राशन दिया जाएगा. उन्होंने कहा, प्रदेश में लगभग 95 लाख राशन कार्डधारी परिवार हैं. 2 करोड़ 73 लाख राशन हितग्राही हैं, जिसमें से 32 लाख लोगों का राशन कार्ड सस्पेंड किया गया है. नवंबर से नहीं मिलेगा राशन छत्तीसगढ़ में लंबे समय से राशन कार्ड धारकों को E-KYC कराने के लिए कहा जा रहा है. खाद्य विभाग ने फर्जी हितग्राहियों को हटाने के लिए E-KYC कराना अनिवार्य कर दिया है. इसके बावजूद अब तक प्रदेश के 32 लाख हितग्राहियों ने E-KYC नहीं कराया है. ऐसे में माना जा रहा है कि इनमें से ज्यादातर राशन कार्ड फर्जी हो सकते हैं. ऐसे फर्जी हितग्राहियों पर नकेल कसने के लिए 31 अक्टूबर से पहले जो लोग E-KYC नहीं कराएंगे उन्हें नवंबर से मुफ्त राशन का लाभ नहीं मिलेगा. बेहद आसान है E-KYC की प्रक्रिया बता दें कि E-KYC कराना कोई मुश्किल प्रक्रिया नहीं है. अगर एक राशन कार्ड में चार सदस्य हैं और उन्हें अपने कार्ड का E-KYC कराना है तो सभी सदस्यों को अपना आधार कार्ड लेकर अपने क्षेत्र की राशन दुकान में जाना होगा. वहां आधार कार्ड की प्रारंभिक जांच के साथ उनके बायोमेट्रिक की जांच की जाएगी. जैसे ही बायोमेट्रिक के दौरान मिलान हो जाएगा, वैसे ही E-KYC की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी. जनता से राशन छीना जा रहा, ये पूरी तरह षड्यंत्र : कांग्रेस छत्तीसगढ़ में 32 लाख राशन कार्ड निरस्त किए जाने के मामले में कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा, नवंबर से करीब 32 लाख परिवारों को राशन नहीं मिलेगा. सरकार का कहना है कि इन परिवारों ने केवाईसी नहीं करवाई है. यह जिम्मेदारी सरकार, खाद्य विभाग या राशन दुकान संचालक किसकी है? सरकार बदलने के बाद खाद्य मंत्री और मुख्यमंत्री ने अपने फोटो राशन कार्ड में लगवाए थे. उस वक्त सभी से आधार कार्ड मांगा गया था, यानी केवाईसी पहले ही हो चुकी थी. अब दोबारा केवाईसी के नाम पर जनता से राशन छीना जा रहा है, जो पूरी तरह षड्यंत्र है.

कानून की नजर में अधिकारी-कर्मचारी और आमजन सभी समान हैं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

कानून का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव कानून की नजर में अधिकारी-कर्मचारी और आमजन सभी समान हैं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश को अपराध मुक्त बनाने और नागरिकों की सुरक्षा के लिए हम प्रतिबद्ध हैं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिवनी प्रकरण में हुई कार्रवाई पर की मीडिया से चर्चा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। कानून की नजर में अधिकारी-कर्मचारी और आम जन सभी समान हैं और जो भी गलती करेगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सिवनी प्रकरण में लिप्त पुलिस के सभी अधिकारियों-कर्मचारियों पर कायमी होने के साथ-साथ उनके विरुद्ध कार्रवाई भी की गई है। राज्य सरकार कानून व्यवस्था के प्रति विशेष संवेदनशील है। प्रदेश को अपराध मुक्त बनाने और नागरिकों की सुरक्षा के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिवनी हवाला मनी लूट मामले में दोषी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के विरूध एफआईआर दर्ज करने के संबंध में मंत्रालय में मीडिया से चर्चा में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों पर नागरिकों के हित और अधिकारों की सुरक्षा का दायित्व है, उनके द्वारा अमानत में खयानत निंदनीय और अक्षम्य है। जिन पर आम जन को लूट और अपराध से बचाने का दायित्व है यदि वे ही यह करने लगे तो अराजकता फैलेगी। सिवनी प्रकरण में दोषी पाए गए अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जा रही है। प्रदेश में कानून सबके लिए बराबर है, यह भावना स्थापित करने के लिए यह कार्यवाही मिसाल बनेगी। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में हम आमजन की बेहतरी और कल्याण के लिए समर्पित हैं। बेहतर कार्य के लिए हम अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रोत्साहन देंगे लेकिन कोई गलती करेगा तो उसे दण्डित किया जाएगा।  

मध्य प्रदेश की राजस्व वृद्धि पर GST का असर, वसूली में कमी से बजट अनुमान पर उठे सवाल

 भोपाल  प्रदेश को वर्ष 2025-26 में 2,90,879 करोड़ रुपये सभी माध्यमों से मिलने की उम्मीद थी लेकिन जीएसटी की दरों में किए गए सुधार से अनुमान गड़बड़ा सकता है। दरअसल, केंद्रीय करों में प्रदेश का हिस्सा 1,11,662 करोड़ रुपये का है लेकिन जीएसटी की नई दरों के कारण इसमें कमी संभावित है। जीएसटी में अभी प्रदेश को 17 हजार करोड़ रुपये मिले हैं। जबकि, राज्य के करों से 1.31 लाख करोड़ रुपये राजस्व मिलने के अनुमान के विरुद्ध अभी तक 54 हजार करोड़ रुपये ही खजाने में आए हैं। जल जीवन मिशन में भी भारत सरकार से राशि नहीं मिल रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को मंत्रालय में राजस्व से जुड़े विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की और अधिकारियों को लक्ष्य पूर्ति के लिए प्रयास करने के निर्देश दिए। प्रदेश सरकार ने 2025-26 के बजट में केंद्रीय करों में 17 और राज्य के करों में 11 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया है। जीएसटी से 32,705 करोड़ और राज्य के जीएसटी से 42,140 करोड़ रुपये मिलना अनुमानित है लेकिन अब यह आंकड़ा गड़बड़ा सकता है। सूत्रों का कहना है कि जीएसटी की नई दरों से प्रदेश को लगभग साढ़े आठ हजार करोड़ रुपये के राजस्व का घाटा हो सकता है। बैठक में प्रदेश को विभिन्न करों के माध्यम से प्राप्त हुए राजस्व, वित्तीय वर्ष की शेष अवधि की संभावना और लक्ष्य को लेकर चर्चा की गई। इस दौरान बताया गया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत एकल नल जल योजना की लागत में हुई वृद्धि भारत सरकार ने देने से इन्कार कर दिया है। चूंकि, कार्य प्रारंभ हो चुका है इसलिए राज्य के बजट से लगभग तीन हजार करोड़ रुपये अतिरिक्त दिए गए हैं। अभी भी भारत सरकार से राशि नहीं मिल रही है, जिसके कारण वित्तीय प्रबंधन गड़बड़ा रहा है। अधिकारियों से कहा गया कि वे राजस्व प्राप्ति के लक्ष्य पर काम करें। साथ ही यह भी देखें कि कहां से अतिरिक्त राशि प्राप्त हो सकती है। भारत सरकार के स्तर पर जो मामले लंबित हैं, उन पर ध्यान दें।

WTC पॉइंट्स टेबल में भारत की स्थिति में बड़ा बदलाव, जानिए नया रैंक

नई दिल्ली भारत और वेस्टइंडीज के बीच समाप्त हुई टेस्ट सीरीज के बाद वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) 2025-27 के पॉइंट्स टेबल में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. भारत ने घरेलू सीरीज में वेस्टइंडीज को एकतरफा तरीके से हराते हुए तीसरे स्थान पर मजबूती बनाई है, जबकि ऑस्ट्रेलिया अभी भी अपराजित रहते हुए 100 प्रतिशत अंकों के साथ शीर्ष पर बना हुआ है. वहीं, इंग्लैंड और श्रीलंका टॉप-4 में बने हुए हैं, जबकि वेस्टइंडीज अब तक एक भी अंक हासिल नहीं कर पाई है. भारत की दमदार वापसी इंग्लैंड के खिलाफ 2-2 की ड्रॉ सीरीज के बाद भारत ने घरेलू मैदान पर वेस्टइंडीज के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया. शुभमन गिल की कप्तानी में भारतीय टीम ने पहले टेस्ट में एक पारी और 140 रनों से जीत दर्ज की, जबकि दिल्ली में खेले गए दूसरे टेस्ट में भी क्लीन स्वीप पूरा किया. इस जीत से भारत ने न केवल अपनी स्थिति मज़बूत की बल्कि 61.90 प्रतिशत अंकों के साथ पॉइंट्स टेबल में तीसरे स्थान पर पहुंच गया. ऑस्ट्रेलिया शीर्ष पर, श्रीलंका दूसरे स्थान पर ऑस्ट्रेलिया ने वेस्टइंडीज को तीनों टेस्ट मैचों में मात देकर अब तक 3 में से 3 मुकाबले जीते हैं. उन्होंने कुल 36 अंक हासिल किए हैं और 100% अंक प्रतिशत के साथ पहले स्थान पर हैं. दूसरी ओर, श्रीलंका ने दो मुकाबलों में एक जीत और एक ड्रॉ हासिल कर 16 अंक जुटाए हैं और 66.67 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर बनी हुई है. इंग्लैंड ने पांच टेस्ट मुकाबलों में से दो जीते और दो हारे हैं जबकि एक मुकाबला ड्रॉ रहा. इंग्लैंड के खाते में अब तक 26 अंक हैं और उनका प्रतिशत 43.33 है. वहीं, बांग्लादेश ने दो मुकाबलों में एक हार और एक ड्रॉ खेला है और मात्र 4 अंकों के साथ 16.67 प्रतिशत पर है. वेस्टइंडीज की स्थिति फिलहाल सबसे खराब है. उन्होंने अब तक पांच टेस्ट खेले हैं और सभी में हार का सामना किया है. इस कारण उनके अंक 0 हैं और प्रतिशत भी 0.00 है. लगातार हार से टीम पर काफी दबाव बढ़ गया है. वर्तमान WTC 2025-27 पॉइंट्स टेबल: ऑस्ट्रेलिया ने 3 मैच में 3 जीत हासिल की है और तालिका में पहले पायदान पर है. जबकि श्रीलंका 2 में एक मैच जीता है और एक ड्रॉ रहा है. वह दूसरे पायदान पर है. वहीं, भारत ने 7 में से 4 मैच जीते हैं और 2 में उसे हार मिली है. वह तीसरे पायदान पर है. इंग्लैंड 5 में 2 जीत के साथ ही चौथे पायगान पर है.   

हादसों पर भड़के मंत्री सिलावट, NHAI को दी सख्त चेतावनी — ‘अब बख्शा नहीं जाएगा’

इंदौर इंदौर देवास बायपास पर लगातार हो रहे हादसों के बीच अब प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की नींदें भी उड़ने लगी हैं। अमर उजाला द्वारा बायपास पर अंधेरे की वजह से लगातार हो रहे हादसे की खबरों को प्रमुखता से उठाया गया। इसके बाद जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने इंदौर देवास रोड पर अर्जुन बड़ौद बायपास पर निर्माणाधीन फ्लाय ओवर ब्रिज और सर्विस रोड का निरीक्षण किया।  तुरंत लाइटें चालू करें मंत्री सिलावट ने यहां पर निर्माण कार्य कर रही कंपनी एनएचएआई के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वे ओवरब्रिज और सर्विस रोड निर्माण कार्य में गति लाएं। उन्होंने सड़क पर रात में होने वाले अंधेरे और लगातार हो रहे हादसों पर भी चिंता जताई। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सड़क की लाइटें तुरंत चालू करवाएं।  दुर्घटना होने पर एनएचएआई के अधिकारी जिम्मेदार होंगे मंत्री सिलावट ने एचएचएआई पर नाराजगी दिखाते हुए कहा कि सर्विस रोड के निर्माण के दौरान दुर्घटनाएं ज्यादा हो रही हैं, जिससे कई लोगों की जान जा रही है। यहां ऐसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें, जिससे दुर्घटनाएं न हो। किसी भी प्रकार की दुर्घटना होने पर एनएचएआई के अधिकारी जिम्मेदार होंगे। मंत्री सिलावट ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि एनएचएआई कंपनी अर्जुन बड़ौद बायपास में निर्माणाधीन फ्लाय ओवर ब्रिज और सर्विस रोड के कार्य में गति लाकर कार्य जल्दी समाप्त करे। निरीक्षण के दौरान मंत्री सिलावट के साथ सहायक प्रोजेक्ट ऑफिसर राहुल सिंह, मंडल अध्यक्ष रवि वाजपेई, हुकुम पटेल, माखन पटेल, थाना प्रभारी कैलाश सिंह सहित क्षेत्रीय प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।  कलेक्टर ने ली थी बैठक बायपास पर हो रहे हादसों को लेकर हाल ही में कलेक्टर शिवम वर्मा भी बैठक ले चुके हैं। उन्होंने निर्माण कार्य कर रही कंपनी एनएचएआई के अधिकारियों को कहा है कि बारिश खत्म हो गई है और तुरंत सर्विस लेन का काम पूरा करना है। इसके साथ उन्होंने गड्ढे भरने, लाइटें लगाने और ट्रैफिक जाम को खत्म करने के भी निर्देश दिए हैं।  32 ब्लैक स्पॉट में भी बायपास शामिल कलेक्टर के द्वारा बनाई गई टीम ने पिछले सप्ताह शहर के 32 ब्लैक स्पॉट को चिन्हित किया है। इनमें इंदौर देवास का बायपास भी शामिल है जहां पर लगातार हादसों में लोगों की जान जा रही है। टीम की रिपोर्ट के बाद कलेक्टर ने सुझाव मांगें हैं और जल्द से जल्द इन सभी जगह पर हादसे रोकने के लिए योजना बनाने का कहा है।  

CDS चौहान का बड़ा बयान: ‘आधुनिक युद्ध बदला रूप ले चुका है, भारत आतंकवाद को कभी स्वीकार नहीं करेगा’

ग्वालियर  ग्वालियर पहुंचे देश के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने कहा कि अब युद्ध की परिभाषा बदल चुकी है। अब भारत आतंक को कभी स्वीकार नहीं करेगा। पहले जीत का आधार यह होता था कि कितने सैनिकों ने आत्मसमर्पण किया या कितने विमान गिराए गए, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर ने इन परंपरागत मानकों को गलत साबित किया है। आधुनिक युद्ध में जीत का नया आधार है स्थिरता और गति, एक साथ कई मोर्चों पर कार्रवाई की क्षमता, सभी ऑपरेशनों के संयोजन का प्रदर्शन, शुद्धता, सही टाइमिंग और नुकसान का सटीक मूल्यांकन। जनरल अनिल चौहान ग्वालियर के द सिंधिया स्कूल के 128वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। इस दौरान सीडीएस चौहान ने छात्रों को समझाते हुए कहा कि युद्ध किसी देश की नीति की निरंतरता है। सरकार नीति बनाती है और सेना उसका अमल करती है। यही सच्चे नेतृत्व का प्रतीक है। उन्होंने युवाओं से कहा कि यह अमृतकाल देश की किस्मत बदलने का समय है, और हर छात्र को अपने क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त कर देश निर्माण में योगदान देना चाहिए। इसके साथ ही, अपने संबोधन में जनरल चौहान ने लेफ्टिनेंट जनरल सिन्हा का एक उद्धरण साझा करते हुए राजनेता, नौकरशाह और सैनिकों के सोचने के तरीके को बेहद रोचक ढंग से समझाया। जब एक सैनिक ‘न’ कहता है तो उसका मतलब ‘न’ होता है- सीडीएस उन्होंने कहा, जब कोई राजनीतिज्ञ ‘हां’ कहता है तो उसका मतलब ‘शायद’ होता है, ‘शायद’ कहे तो ‘न’ होता है, और यदि ‘न’ कहे तो वह अच्छा राजनीतिज्ञ नहीं है। जब कोई नौकरशाह ‘न’ कहता है तो उसका मतलब ‘शायद’ होता है, ‘शायद’ कहे तो ‘हां’ होता है, और यदि वह शुरुआत में ही ‘हां’ कह दे तो वह नौकरशाह ही नहीं। लेकिन जब एक सैनिक ‘न’ कहता है तो उसका मतलब ‘न’ होता है, और जब वह ‘हां’ कहता है तो वह हर हाल में ‘हां’ पर कायम रहता है। अगर सैनिक ‘शायद’ कहे, तो वह सैनिक नहीं। उन्होंने कहा कि सेना की यही स्पष्टता और प्रतिबद्धता राष्ट्र की असली ताकत है। 'मेरे पूर्वज, महाराजा महादजी सिंधिया ने सेना का आधुनिकीकरण किया' वहीं, इस साल के माधव पुरस्कार विजेता भारत के विदेश सचिव विक्रम मिश्री को दिया गया। इस बीच केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि हमारे बीच सेना प्रमुख हैं, तो बताना चाहूंगा कि मेरे पूर्वज, महाराजा महादजी सिंधिया ने भारत की सेना का आधुनिकीकरण किया। हजारों सैनिकों को नवीनतम स्तर का प्रशिक्षण दिया और उस सेना को सबसे आधुनिक तोपखाने और हथियारों से सुसज्जित किया। हमारी सेना ने अफगान अहमद शाह अब्दाली को अफगानिस्तान में उसके घर में वापस धकेल दिया। 1771 में दिल्ली के लाल किले की प्राचीर पर झंडा फहराकर छत्रपति शिवाजी महाराज के हिंदू स्वराज के सपने को साकार किया और 1779 में महाराष्ट्र के वारगांव के युद्ध में निर्णायक जीत के साथ पहले आंग्ल-मराठा युद्ध में अंग्रेजों को धूल चटा द      

सांसद कुशवाह ने की उपमुख्यमंत्री शुक्ल से मुलाकात, ग्वालियर की स्वास्थ्य सेवाओं पर हुई गंभीर चर्चा

भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल से ग्वालियर के सांसद  भारत सिंह कुशवाह ने मंत्रालय भोपाल में सौजन्य भेंट की। इस दौरान ग्वालियर क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, चिकित्सा संस्थानों में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता तथा जन-स्वास्थ्य से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं पहुँचाने का लक्ष्य सरकार का सर्वोच्च प्राथमिकता क्षेत्र है। उन्होंने ग्वालियर क्षेत्र की आवश्यकताओं को शीघ्र प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का आश्वासन दिया। बैठक में ग्वालियर क्षेत्र के अस्पतालों में चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ एवं सहायक चिकित्सकीय सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। सांसद  कुशवाह ने ग्वालियर जिले के प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में आवश्यक पदों की शीघ्र पूर्ति एवं चिकित्सकीय उपकरणों की उपलब्धता बढ़ाने का आग्रह किया।  

कांग्रेस की सरकारों ने नहीं की इंफ्रास्ट्रक्चर, अर्थव्यवस्था और एक्सपोर्ट की चिंता :CM

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद  अरुण सिंह ने मंगलवार को आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान को लेकर भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकार-वार्ता को संबोधित किया – -आत्मनिर्भर भारत से साकार होगा विकसित भारत का संकल्प  -कांग्रेस की सरकारों ने नहीं की इंफ्रास्ट्रक्चर, अर्थव्यवस्था और एक्सपोर्ट की चिंता  -मध्यप्रदेश को तेजी से विकास के रास्ते पर ले जा रही भाजपा की डबल इंजन सरकार  -आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश, आत्मनिर्भर भारत का मजबूत स्तंभ -डबल इंजन सरकारों से साकार होगा आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का संकल्प – अरुण सिंह  भोपाल  भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव, सांसद व आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान के राष्ट्रीय संयोजक  अरुण सिंह ने मंगलवार को प्रदेश कार्यालय में पत्रकार-वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान को लेकर कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी हमेशा इस बात पर चिंतन करते हैं कि देश कैसे आत्मनिर्भर बने। उनका कहना है कि हम आत्मनिर्भर भारत के माध्यम से ही विकसित भारत के संकल्प को साकार करेंगे। प्रधानमंत्री जी के आह्वान पर ही स्वदेशी का यह अभियान देश भर में चलाया जा रहा है और पार्टी के कार्यकर्ता समाज के साथ मिलकर इस अभियान को एक जनआंदोलन बनाने के लिए काम कर रहे हैं। आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश ही आत्मनिर्भर भारत का मजबूत स्तंभ है। डबल इंजन सरकारों से आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का संकल्प साकार होगा। घर-घर स्वदेशी का मंत्र हमारी शक्ति के रूप में समूचे विश्व के सामने प्रदर्शित हो, इसी लक्ष्य को लेकर देश-प्रदेश में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। पत्रकार-वार्ता में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक  हेमंत खण्डेलवाल की गरिमामयी उपस्थिति रही।  कांग्रेस की सरकारों ने नहीं की देश को आत्मनिर्भर बनाने की चिंता  भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद  अरुण सिंह ने कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक कांग्रेस की सरकारों ने शासन किया। उन सरकारों ने सीमेंट, लोहा, औद्योगिक उपकरण जैसे अनेक बड़े क्षेत्रों को सरकार के लिए रिजर्व कर दिया। 1991 में लिबराइजेशन और ग्लोबलाइजेशन का दौर आया और इन क्षेत्रों का निजीकरण किया गया। उसके बाद भी लंबे समय तक कांग्रेस की सरकारें रहीं, लेकिन उन्होंने कभी देश के इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के बारे में नहीं सोचा। यूपीए की सरकार के समय देश में इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर महज 2.5 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाते थे।  नरेंद्र मोदी जी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद यह निश्चय किया कि देश का इन्फ्रास्ट्रक्चर वर्ल्ड क्लास होना चाहिए। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी की सरकार आज इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हर साल 12 लाख करोड़ रुपये खर्च कर रही है।  प्रधानमंत्री  मोदी जी के प्रयासों का दिखने लगा असर  भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद  अरुण सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी ने देश को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने के लिए जो कदम उठाए हैं, उनके परिणाम दिखाई देने लगे हैं। भारत जापान को पीछे छोड़ कर दुनिया की चौथी अर्थव्यवस्था बन चुका है और बहुत जल्द जर्मनी को पीछे छोड़कर हम दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था बन जाएंगे। प्रधानमंत्री जी ने मेक फॉर द वर्ल्ड का आह्वान किया, उसी का परिणाम है कि आज हम दुनिया के दूसरे सबसे बड़े मोबाइल निर्माता हैं। रक्षा क्षेत्र की अगर बात करें तो गोला-बारूद से लेकर बुलेटप्रूफ जैकेट तक हर चीज विदेशों से आती थी, लेकिन प्रधानमंत्री  मोदी जी ने तय किया कि हम रक्षा उत्पादन देश में ही करेंगे। इसका परिणाम है कि आज हम राइफल बना रहे हैं, गोला-बारूद बना रहे हैं, बुलेटप्रूफ जैकेट बना रहे हैं और आकाश तथा ब्रह्मोस जैसी मिसाइलें भी बना रहे हैं। ये वही मिसाइलें हैं, जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में स्थित आतंक के अड्डों को ध्वस्त किया था। आज दुनिया के अनेक देश भारत से रक्षा उपकरणों और हथियारों की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि डिफेंस कॉरिडोर के निर्माण के बाद देश के रक्षा उत्पादन में और वृद्धि होगी। कांग्रेस की सरकारों ने दशकों तक शासन करने के बाद भी देश में सेमीकंडक्टर के उत्पादन के बारे में नहीं सोचा। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के प्रयासों से देश में छह सेमीकंडक्टर उत्पादन यूनिट लग रही हैं और जल्द ही गुजरात में स्थापित यूनिट से उत्पादन भी शुरू हो जाएगा। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी ने डिजिटल इंडिया का आह्वान किया था और मुझे यह बताते हुए गर्व हो रहा है कि हमारा यूपीआई आज दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल प्लेटफॉर्म बन चुका है। विज्ञान और प्रोद्योगिकी के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी की सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। विकास के रास्ते पर दौड़ रहा मध्यप्रदेश  राष्ट्रीय महासचिव व सांसद  अरुण सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की डबल इंजन वाली सरकार मध्यप्रदेश को तेजी से विकास के रास्ते पर आगे ले जा रही हैं। प्रदेश में नर्मदा विकास पथ, मालवा विकास, विंध्य विकास पथ, बुदेलखंड विकास पथ, चंबल एक्सप्रेस वे, विंध्य एक्सप्रेस वे, नर्मदा एक्सप्रेस जैसी परियोजनाएं लागू की गई हैं। ओंकारेश्वर में दुनिया का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्लांट लग रहा है। इंदौर-भोपाल में मेट्रो परियोजना, इंदौर में 35 मंजिला स्टार्टअप पार्क बनाया जा रहा है। धार में मेगा टेक्सटाइल पार्क बन रहा है, जहां से कपास और रेशम का एक्सपोर्ट होगा। 44600 करोड़ रुपये लागत वाली केन-बेतवा लिंक परियोजना पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनेक कदम उठाए हैं। किसानों के हित में भावांतर योजना लागू की गई है, जिसके लिए मैं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का अभिनंदन करता हूं। इसके अलावा प्रदेश में निवेश बढ़ाने के लिए अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। करीब 30 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनसे करीब 23 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। प्रदेश के सांची दूध को पूरे देश में पहचान दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। महाकाल लोक की तर्ज पर प्रदेश में 11 नए सांस्कृतिक केंद्रों के विकास का काम चल रहा है।  भविष्य में भी नं.-1 रहेगा मध्यप्रदेश का पार्टी संगठन  राष्ट्रीय महासचिव व सांसद  अरुण सिंह ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत ‘हर घर स्वदेशी,  घर-घर स्वदेशी’ के मंत्र को जन-जन तक पहुंचाने के लिए अनेक कार्यक्रमों की रचना की गई है। युवा … Read more

हमारे नगर-निगम अब मेट्रोपॉलिटन सिटी बनने की ओर अग्रसर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

स्वच्छता के लिए बने वातावरण से अब शहरों और प्रदेशों में साफ-सफाई के लिए बढ़ी प्रतिस्पर्धा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव हमारे नगर-निगम अब मेट्रोपॉलिटन सिटी बनने की ओर अग्रसर नगरीय निकायों को दी रुपए 7 हजार करोड़ की परियोजनाओं की सौगात मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर दीपावली से पहले हुआ स्वच्छता मित्रों का सम्मान 5वें राज्य स्तरीय स्वच्छता सम्मान एवं कार्यशाला “स्वच्छता समग्र समारोह” में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से स्वच्छता को अपनी महत्वपूर्ण प्राथमिकता बनाया। उनकी इस पहल से स्वच्छता के क्षेत्र में न केवल देश का माहौल बदला अपितु विश्व के कई देशों ने उनकी इस पहल को अनुकरणीय बताया। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में भारत आर्थिक रूप से सशक्त देश के रूप में स्थापित हुआ है। अब हमारी पहचान स्वच्छ देश के रूप में होने लगी है। स्वच्छता को दी गई प्राथमिकता से राज्यों के साथ शहरों में भी स्वच्छता के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ी है। राज्य सरकार और प्रदेशवासियों के लिए यह उपलब्धि और गर्व का विषय है कि मध्यप्रदेश देश के प्रमुख स्वच्छतम राज्यों में शामिल है। यह प्रधानमंत्री  मोदी का ही नेतृत्व और मार्गदर्शन है जिसके परिणामस्वरूप हमारे नगर-निगम अब मेट्रोपॉलिटन सिटी बनने की ओर अग्रसर हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को रवीन्द्र भवन में 5वें राज्य स्तरीय स्वच्छता सम्मान एवं कार्यशाला “स्वच्छता समग्र समारोह” को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया तथा सफाई मित्रों का सम्मान किया। इस अवसर पर स्वच्छता अभियान पर केंद्रित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री मती प्रतिमा बागरी उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगल क्लिक से प्रदेश के नगरीय निकायों को रुपए 7 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं की सौगात दी। उन्होंने कहा कि हम प्रदेश को ग्रीन और क्लीन सिटी वाला प्रदेश बनाने की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहे हैं। स्वच्छता में इंदौर ने नित नए कीर्तिमान गढ़े हैं। स्वच्छता सर्वेक्षण में मध्यप्रदेश के उज्जैन, भोपाल और जबलपुर सहित 8 शहरों को स्वच्छता पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। स्वच्छता में मंडला, टीकमगढ़ जैसे 6 छोटे जिलों ने भी स्थान बनाया है। राज्य सरकार का संकल्प है कि हम आने वाले समय में शहरों से लिगेसी वेस्ट को समाप्त करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 में स्थान प्राप्त करने पर जबलपुर, उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर, देवास, इंदौर नगर निगम, शाहगंज नगर परिषद, बुदनी नगर पालिका के जनप्रतिनिधियों एवं सफाई मित्रों को पुरस्कार प्रदान किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है आज स्वच्छता की विभिन्न कैटेगरी में 64 पुरस्कार प्रदान किए गए हैं। प्रदेश को दीपावली से पहले ही साढ़े 22 हजार करोड़ रुपए की सौगात मिल रही है। आज 10 हजार करोड़ रुपए की नमामि नर्मदे योजना प्रारंभ की जा रही है। अमृत 2 योजना के अंतर्गत 7 हजार करोड़ रुपए की सौगात मिल रही है। मुख्यमंत्री अधोसंरचना योजना की भी शुरुआत हो रही है जो 5 हजार करोड़ रुपए लागत की है। आगामी 3 वर्षों में लगभग 20 हजार करोड़ रुपए की योजनाएं मूर्तरूप लेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ: 2028 उज्जैन का ही नहीं, विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक मेला है। इसके लिए विशाल स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। पृथ्वी पर जल से ही जीवन की उत्पत्ति हुई है इसीलिए सिंहस्थ जैसे आयोजनों में पवित्र नदियों में जल को नमन करते हुए स्नान का महत्व है। सिंहस्थ-2028 का आयोजन विश्व के लिए उदाहरण बनेगा। हमें स्वच्छता को संस्कार में लाना होगा : राज्यमंत्री मती प्रतिमा बागरी नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री मती प्रतिमा बागरी ने कहा कि हमें आसपास स्वच्छता के साथ मानसिक स्वच्छता को भी सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। हमें स्वच्छता को संस्कार में लाना होगा और अपने विचार और संस्कार से ही व्यक्ति अपने आसपास की स्वच्छता के लिए सक्रिय होता है। हमें वार्डवार कचरा प्रबंधन सुनिश्चित करते हुए कचरा संग्रहण के लिए सक्रिय होना होगा, तभी शहरों को सुंदर बनाया जा सकेगा। सड़कों और गलियों के साथ-साथ जल संरचनाओं की स्वच्छता को भी प्राथमिकता देनी होगी। अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास  संजय दुबे ने कहा कि स्वच्छता के क्षेत्र में मध्यप्रदेश निरंतर 8 वर्षों से नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छता के लिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की शुरुआत की है। प्रधानमंत्री  मोदी की मंशा के अनुरूप राज्य सरकार ने स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर ही सफाई मित्रों के स्वागत और सम्मान का यह कार्यक्रम रखा गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विचार था कि दीपावली पर्व पर सफाई का बहुत महत्व है और हमारे घर-द्वार तथा इलाके की सफाई में सफाई मित्रों का विशेष महत्व रहता है। स्वच्छता मित्रों का सम्मान दीपावली से पहले किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस प्रतिबद्धता के परिणाम स्वरूप ही यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प है कि इस वर्ष बारिश से पहले प्रदेश के लगभग 40 नगरीय निकायों में वर्षों से जमा कचरे को हटा दिया जाएगा। प्रदेश में डोर टू डोर कचरा संकलन गतिविधि का विस्तार किया जाएगा। कार्यक्रम में विधायक  रामेश्वर शर्मा, महापौर भोपाल मती मालती राय, राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष  प्रताप सरोठिया, आयुक्त नगरीय विकास  संकेत भोंडवे सहित प्रदेश से आए महापौर, पार्षदगण एवं सफाई मित्र उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया सफाई मित्रों का सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वच्छता सम्मान समारोह में उल्लेखनीय कार्य करने वाले नगरीय निकायों को पुरस्कृत किया। साथ ही उल्लेखनीय कार्य करने वाले सफाई मित्र लक्ष्मी, गुड्डी बाई, पुष्पा, कालीचरण और जीवन को सम्मानित कर पुरस्कार किया। पुरस्कृत स्थानीय निकाय सफाई मित्र सुरक्षित श्रेणी में जबलपुर नगर निगम, सुपर स्वच्छ लीग में उज्जैन नगर निगम, स्वच्छ शहर श्रेणी में जनसंख्या के अनुसार भोपाल, ग्वालियर, देवास नगर निगम को सम्मानित किया गया है। वायु सर्वेक्षण में देवास, स्वच्छ शहर में सीहोर जिले के शाहगंज और बुदनी नगरीय निकायों को पुरस्कृत किया गया। इन नगरीय निकायों ने राष्ट्रीय स्तर पर भी पुरस्कार प्राप्त किये हैं। समारोह में पीएम आवास योजना में इंदौर, बैरसिया और निवाली बुजुर्ग को, पीएम स्वनिधि योजना में रतलाम, सारणी, … Read more