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जबलपुर-रायपुर कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा, 150 किमी फोरलेन सड़क का निर्माण जल्द

जबलपुर जबलपुर से रायपुर की सड़क की दशा जल्द बदलेगी। इस सड़क के कुछ हिस्से पर वाहन चालक चलने से घबराते हैं। इस सड़क को अब राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण फोरलेन बनाने जा रहा है। सड़क की न सिर्फ चौड़ाई बढ़ेगी बल्कि नए तरह से निर्माण किया जाएगा। जबलपुर से चिल्पी तक करीब 150 किलोमीटर के हिस्से का निर्माण एनएचएआइ करेगा। इस मार्ग के निर्माण में 4500 करोड़ का व्यय होगा। फिलहाल सडक निर्माण के लिए कंसल्टेंसी नियुक्त करने का प्रयास हो रहा है ताकि इसकी डिटेल प्रोजेक्ट बनाकर केंद्र सरकार को मंजूरी के लिए भेजा जा सके। सब कुछ ठीक रहा तो यह सड़क जो अभी एमपी रोड डेवलपमेंट कार्पोरेशन (एमपीएसईडीसी) के पास है, इसे वापस एनएचएआइ सड़क का हस्तातंरण करेगा। वन्य जीवों के लिए सुरक्षित मार्ग जबलपुर से चिल्पी के बीच मंडला क्षेत्र में आने वाला कान्हा नेशनल पार्क का कोर एरिया आता है। जहां वन्यजीवों की घनी आबादी विचरण करती है। ऐसे में एनएचएआई मार्ग में जगह-जगह अंडरपास और ओवर ब्रिज का निर्माण करेंगा ताकि वाहन निकलने से वन्य जीवों को किसी तरह की कोई परेशानी न हो। कई जगह साउंड प्रूफ उपकरण भी लगाए जाएंगे जिससे बंदरों और अन्य जीवों को वाहनों की आवाजाही खलल न पैदा करें। बता दें करीब 25 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर की लागत आ रही है। फोरलेन बनने से बढ़ेगी रफ्तार फिलहाल राष्ट्रीय राजमार्ग 30 जबलपुर से रायपुर के बीच दो लेन है। इस वजह से वाहनों की आवाजाही में थोड़ी परेशानी होती है। मौसम खराब होने पर वाहनों की लंबी कतार सड़क पर लग जाती है। आवागमन भी बाधित होता है। यहां कुछ जगह लैंड स्लाइडिंग की भी समस्या बनी हुई है इसके लिए लगातार एमपीआरडीसी को शिकायत होती है लेकिन वहां से कोई भी राहत नहीं मिल पा रही है। एमपीआरडीसी द्वारा इस सड़क का निर्माण गुणवत्ताहीन तरीके से कराया जा रहा था। वर्षों से यह सड़क बेहद खराब स्थिति में है जिससे आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। अब इस सड़क को सरकार फोरलेन में तब्दील होगी तो बड़े स्तर पर राहत मिलने की संभावना है। इस सड़क के लिए गडकरी ने मांगी थी माफी जबलपुर मंडला की यह वही सड़क है जिसके लिए केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को सड़क की खराब गुणवत्ता के लिए सार्वजनिक माफी मांगनी पड़ी थी। गडकरी 2022 में मध्य प्रदेश दौरे पर आए थे। तब उन्होंने मध्य प्रदेश को छत्तीसगढ़ से जोड़ने वाले नेशनल हाईवे की इस बदहाल सड़क को देखा। उन्होंने शर्मिंदगी महसूस की। सड़क की स्थिति को देखते हुए मंच से ही माफी मांगी थी। इस दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते, लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव भी मौजूद थे। केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने ये बयान सात नवंबर 2022 को मध्य प्रदेश के मंडला में दिया था। गडकरी ने जबलपुर से मंडला के बीच नेशनल हाईवे के टेंडर रद्द कर सड़क के इस हिस्से को फिर से बनवाने के निर्देश दिए थे। बाद में इस मार्ग को सुधारने के लिए 53 करोड़ रुपये की लागत से सुधार का काम हुआ था। 2015 में शुरू हुआ था निर्माण राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने 251 करोड़ की लागत से जबलपुर से मंडला के बीच इस राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के लिए मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कार्पोरेशन को निर्माण एजेंसी बनाया था। तीन फेस में बनने वाली इस सड़क का काम साल 2015 में शुरू हुआ था, जिसे दिसंबर 2016 तक पूरा हो जाना था। लेकिन, अब तक हाईवे का निर्माण अधूरा है और जहां हाईवे बना वो घटिया निर्माण से टूट-फूट का शिकार है।  

रेलवे लाया स्पेशल टूर पैकेज: 9 दिन में सात ज्योतिर्लिंग, बजट में पूरी यात्रा!

ग्वालियर त्योहार के सीजन के साथ ही सर्दी के मौसम में इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC Tour Package) द्वारा अगले तीन माह विभिन्न तीर्थ स्थलों की यात्रा के लिए विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। इसमें सितंबर से लेकर दिसंबर माह तक विभिन्न स्थानों से ट्रेनें संचालित की जाएंगी, जिनमें आगरा, ग्वालियर व झांसी से भी टिकट बुकिंग का विकल्प रहेगा। फिलहाल आइआरसीटीसी ने आगरा, ग्वालियर, झांसी स्टेशन से बैठने की सुविधा वाली दो ट्रेनों की घोषणा कर दी है, लेकिन अधिकारियों के अनुसार अभी और भी ट्रेनें तीर्थ स्थलों के लिए संचालित की जाएंगी जिसमें लोग बुकिंग करा सकते हैं। अगली धार्मिक ट्रेन का संचालन पांच नवंबर को आइआरसीटीसी द्वारा अगली धार्मिक ट्रेन का संचालन पांच नवंबर को किया जाएगा। ये गंगासागर-पुरी यात्रा स्पेशल ट्रेन होगी, जो दिल्ली सफदरजंग से शुरू होकर संचालित की जाएगी। इस ट्रेन में दिल्ली के अलावा मथुरा, आगरा, ग्वालियर, झांसी, कानपुर, लखनऊ और अयोध्या स्टेशन से चढ़ने के विकल्प रहेंगे। इस ट्रेन पैकेज में गया में महाबोधि मंदिर एवं विष्णुपद मंदिर, पुरी में जगन्नाथ मंदिर और कोणार्क सूर्य मंदिर, कोलकाता में गंगासागर और कालीघाट काली मंदिर, जसीडीह में बैद्यनाथ धाम, वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर और अयोध्या में राम मंदिर के दर्शन शामिल रहेंगे। ये नौ रात और 10 दिन की यात्रा रहेगी, जिसमें स्लीपर श्रेणी की 640, थर्ड एसी की 70 और सेकंड एसी की 50 बर्थ मौजूद रहेंगी।   ये टूर भी नौ रात और 10 दिन का इसी प्रकार आगामी 18 नवंबर को सात ज्योतिर्लिंग की यात्रा शुरू होगी। ये ट्रेन योग नगरी ऋषिकेश से चलेगी और इसमें ऋषिकेश, हरिद्वार, मुरादाबाद, बरेली, हरदोई, लखनऊ, कानपुर, उरई, झांसी और ललितपुर स्टेशन से चढ़ने की व्यवस्था रहेगी। ग्वालियर के श्रद्धालु झांसी स्टेशन से ट्रेन में सवार हो सकेंगे। ये ट्रेन ओंकारेश्वर, महाकाल, सोमनाथ, नागेश्वर के साथ ही द्वारिका व भेंट द्वारिका, त्र्यंबकेश्वर, भीमाशंकर, गिरनेश्वर के दर्शन कराएगी। 13 सितंबर को भी रवाना हुई थी ट्रेन, दिसंबर में और संभावनाएं- इसी माह गंगासागर-पुरी यात्रा के लिए भी 13 तारीख को ट्रेन रवाना हुई थी, जिसमें आगरा, ग्वालियर, झांसी, कानपुर, लखनऊ और अयोध्या से बैठने की सुविधा थी। ये टूर भी नौ रात और 10 दिन का था। सर्दी के मौसम में बढ़ता है धार्मिक पर्यटन आइआरसीटीसी के अधिकारियों का कहना है कि सर्दी के मौसम में धार्मिक पर्यटन बढ़ता है। इसके अलावा लोग भी घूमने-फिरने में रुचि लेते हैं, क्योंकि इस मौसम में घूमने में लोगों को ज्यादा समस्या नहीं होती है। इसको देखते हुए दिसंबर माह में भी दो ट्रेनों के संचालन की संभावना है। आइआरसीटीसी की ओर से सितंबर माह में एक ट्रेन संचालित की गई थी। अक्टूबर माह में त्योहार होने के कारण फिलहाल ट्रेन नहीं है। नवंबर माह में दो ट्रेनें रवाना होंगी। दिसंबर में भी धार्मिक स्थलों के लिए ट्रेन संचालित होने की संभावना है। – अजीत सिन्हा, मुख्य क्षेत्रीय अधिकारी, आइआरसीटीसी

कुत्ता-बिल्ली के झगड़े ने पति-पत्नी के रिश्ते में पैदा की दरार, जानें पूरा मामला

भोपाल मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से एक हैरान कर देने वाला तलाक का मामला सामने आया है। यहां एक दंपति तलाक लेने की वजह सिर्फ यह बताई है कि दोनों को एक-दूसरे के पालतू जानवर पसंद नहीं हैं। आपको बता दें कि दंपति की शादी सिर्फ 8 महीने पहले 2024 में हुई थी। पति यूपी का रहने वाला है और पत्नी भोपाल की। दोनों की मुलाकात पालतू जानवरों के हित में आयोजित आंदोलन के दौरान हुई थी। शादी के समय दोनों ने यह तय किया था कि वे एक-दूसरे के पालतू की देखभाल में मदद करेंगे। पालतू जानवरों के कारण तलाक की अर्जी शादी के बाद विवाद तब शुरू हुआ जब पत्नी अपनी बिल्ली को साथ लाईं, जबकि पति के पास पहले से ही दो कुत्ते, मछली और खरगोश थे। महिला ने आरोप लगाते हुए कहा है कि पति के कुत्ते उसकी बिल्ली को डराते हैं और बार-बार भौंकते हैं, तो वहीं इन आरोपों पर पति का कहना है कि महिला की बिल्ली लगातार म्याऊं करती है और उसकी मछलियों को नुकसान पहुंचाती है। इन्हीं विवादों के कारण दोनों ने अलग रहने का निर्णय लिया और तलाक के लिए फैमिली कोर्ट का रुख किया। दोनों को समझाने का प्रयास जारी बता दें कि कोर्ट में काउंसलर शैल अवस्थी दोनों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि वे मतभेद भुलाकर रिश्ते को बचाएं. पहली काउंसलिंग में पति ने जिद की कि बिल्ली की वजह से वह अपने जानवरों के साथ अलग रहना चाहता है। पत्नी ने कहा कि वह अपनी बिल्ली को उदास नहीं देख सकती। अगली काउंसलिंग दशहरा के बाद होगी, जिसमें फिर से दोनों को समझाने की कोशिश होगी।  

लाइन में लगने से छुटकारा! 2 मिनट में बनेगा तत्काल टिकट

रायबरेली उत्तर प्रदेश के रायबरेली रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा को देखते हुए इंटरनेट की स्पीड बढ़ाई जाएगी। यह फैसला तत्काल टिकट बुकिंग के दौरान नेटवर्क की धीमी गति की समस्या को दूर करने के लिए लिया गया है, जहां ज्यादा स्पीड वाला एमपीएस सिस्टम स्थापित किया जाएगा। वर्तमान में स्टेशन पर 100 एमबीपीएस की इंटरनेट स्पीड उपलब्ध है, लेकिन तत्काल टिकट बुकिंग के लिए यह पर्याप्त नहीं होती है। स्पीड बढ़ने की वजह से रिजर्वेशन प्रक्रिया आसान होगी और काउंटरों पर लगने वाली भीड़ भी कम होगी। रेलटेल कंपनी इस सुविधा को अन्य स्टेशनों पर भी उपलब्ध कराएगी।   आम थीं नेटवर्क स्लो होने की शिकायतें बता दें कि तत्काल टिकट बुकिंग के समय नेटवर्क स्लो होने की शिकायतें आम थीं। एसी कोच के लिए सुबह 10 से 10:30 बजे और स्लीपर क्लास के लिए 11 से 11:30 बजे तक टिकट बुकिंग होती है। लेकिन धीमे नेटवर्क की वजह से कई बार एक टिकट बनाने में 15 से 20 मिनट तक का समय लग जाता था। ऐसे में काउंटरों पर खड़े यात्रियों को टिकट समय पर नहीं मिल पाते थे। दो रिजर्वेशन काउंटरों पर तो कमजोर नेटवर्क के चलते एक समय में केवल दो से पांच टिकट ही बन पाते थे। एक-दो मिनट में बन जाएगा टिकट अब रेलवे अधिकारियों ने उच्च क्षमता वाला नेटवर्क सिस्टम लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके बाद टिकट बनाने का समय घटकर केवल एक से दो मिनट रह जाएगा। इससे अधिक यात्री समय पर टिकट ले सकेंगे और काउंटरों पर भीड़ भी घटेगी। यात्री कमलकिशोर ने कहा कि नवरात्र और त्योहारी सीजन को देखते हुए विभाग का यह कदम बेहद सराहनीय है। चूंकि स्टेशन से 35 से अधिक जोड़ी ट्रेनों का संचालन होता है, इसलिए बड़ी संख्या में यात्रियों का आवागमन होता है। सीनियर सेक्शन इंजीनियर (टेलीकॉम) संदीप सोनकर के अनुसार, रेलटेल कंपनी द्वारा रायबरेली, बछरावां, ऊंचाहार, डलमऊ और लालगंज स्टेशनों पर यह नया सिस्टम लगाया जाएगा। इसके बाद इसे अन्य स्टेशनों पर भी लागू किया जाएगा।

यात्रियों के लिए खुशखबरी: नेपाल एयरलाइंस ने काठमांडू-चीन रूट पर कम किराए वाली सीधी फ्लाइट शुरू की

काठमांडू  नेपाल की राष्ट्रीय विमानन कंपनी ने राजधानी काठमांडू से चीन के ग्वांगझू के लिए बृहस्पतिवार से सीधी उड़ानें शुरू करने की रविवार को घोषणा की। नेपाल एयरलाइंस कॉर्पोरेशन (एनएसी) के प्रवक्ता मनोज कुमार शाह ने बताया कि पहली बार काठमांडू से गुआंगझू के बीच उड़ान सेवा शुरू करने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अधिकारी ने बताया कि एनएसी इस मार्ग पर सप्ताह में तीन उड़ानें संचालित करेगा। पहली उड़ान बृहस्पतिवार और दूसरी 28 सितंबर को निर्धारित है। एनएसी ने बताया कि इसके बाद हर रविवार, मंगलवार और शनिवार को ग्वांगझू के लिए सीधी उड़ानें होंगी। एनएसी ने काठमांडू से ग्वांगझू का एकतरफ़ा किराया 30,000 नेपाली रुपये और वापसी का किराया 50,000 नेपाली रुपये तय किया है। हिमालय एयरलाइंस भी नेपाल से इस मार्ग पर नियमित उड़ानें संचालित कर रही है, जबकि चीनी एयरलाइन कंपनी चाइना सदर्न भी ग्वांगझू-काठमांडू मार्ग पर नियमित उड़ानों का संचालन कर रही है।   

भाईजान’ नहीं आएंगे MP के गरबा में, MLA ने रखी हिंदू रीति से ही प्रवेश की शर्त

भोपाल भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने गैर हिंदुओं को गरबा आयोजन से दूर रहने की चेतावनी दी है। राजधानी में पत्रकारों से चर्चा में उन्होंने कहा कि गैर हिंदू गरबा में आ सकते हैं, शर्त यह है कि उन्हें सनातन धर्म अपनाना होगा। तुलसी पत्र खिलाकर और एक चम्मच गंगाजल पिलाकर उनका हिंदू धर्म में स्वागत करने को तैयार हैं। गैर हिंदूओं को गरबा से दूर रहने की चेतावनी सोमवार से नवरात्रि शुरू हो रही है। शहर में कई जगह गरबा का आयोजन हो रहा है। इस आयोजन में गैर हिंदुओं के प्रवेश को लेकर पिछले कुछ वर्षों से माहौल एकदम बदला हुआ है। विश्व हिंदू परिषद और उससे जुड़े कई हिंदूवादी संगठन मतांतरण और लव जिहाद की कोशिशों का आरोप लगाकर गैर हिंदुओं का इस आयोजन में उग्र विरोध करते रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से इन संगठनों ने अलग-अलग चेतावनियां दी हैं। प्रशासन को भी पत्र सौंपे हैं। इस संदर्भ में हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा एक कदम और आगे बढ़े हैं।   'हिंदू बनना चाहते हैं, तो उन्हें गरबा में आएं' पत्रकारों से औपचारिक चर्चा में विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि अगर कुछ लोगों को लगता है कि उनके माता-पिता ने धर्म छोड़कर गलती की है और वे गलत धर्म में पैदा हुए हैं। वे हिंदू बनना चाहते हैं, तो उन्हें गरबा में आना चाहिए। माथे पर तिलक लगाना चाहिए। देवी का प्रसाद खाना चाहिए। आरती करनी चाहिए और धोती-कुर्ता पहनना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर तुम राम बनकर आ रहे हो, तो गरबा खेलने के लिए तुम्हारा स्वागत है। अगर तुम हमारी बहन-बेटियों को परेशान करने आए, तो तुम्हारे साथ ऐसा सलूक किया जाएगा जिसे तुम कभी नहीं भूल पाओगे।

2400 घरों के सर्वे में 550 मरीज, इंदौर में वायरल फीवर की बढ़ती चिंता

इंदौर मौसम में हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण बीमारियां काफी बढ़ रही हैं। अभी शहर में वायरल का प्रकोप काफी तेजी से बढ़ रहा है। लगभग सभी घरों में कोई न कोई व्यक्ति बीमार मिल रहा है। इसके अलावा वर्षा के मौसम में डेंगू, मलेरिया के मरीजों की भी संख्या बढ़ जाती है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मच्छरजनित बीमारियों से लोगों को बचाने के लिए लार्वा सर्वे किया जा रहा है। इसके अंतर्गत सितंबर में अब तक कुल 2431 घरों का सर्वे किया गया, जिनमें से 75 घरों में लार्वा पाया गया। इसी प्रकार कुल 14551 कंटेनर की जांच की गई, जिसमें से 79 में लार्वा पाया गया। सर्वे के दौरान यह पाया गया कि करीब 550 लोग बीमार हैं। इनमें डेंगू, मलेरिया के लक्षण पाए जाने पर जांच करवाई गई, लेकिन रिपोर्ट सामान्य आई। यह सभी लोग वायरल फीवर से पीड़ित थे, जिन्हें विशेषज्ञों ने इलाज करवाने की सलाह दी।   अधिकारियों के अनुसार प्रजापत नगर में तेज बारिशके चलते जलजमाव की स्थिति बनी थी। इसके चलते प्रजापत नगर सहित आसपास के क्षेत्र में इसके लिए विशेष सर्वे किया गया। क्योंकि इन क्षेत्रों में कई दिनों तक पानी भरा हुआ था। इसके कारण मच्छरजनित सहित अन्य बीमारियां होने की आशंका बढ़ जाती है। दूषित पानी के कारण बढ़ रही बीमारियां शहर में दूषित पानी के कारण भी बीमारियां बढ़ रही हैं। एमवाय अस्पताल की ओपीडी में पेट संबंधित समस्या लेकर मरीज आ रहे हैं। विभिन्न क्षेत्रों में दूषित की आशंका के चलते अब तक पानी के 75 सैंपल लिए गए थे, जिनमें से 14 में पानी दूषित मिला है। विशेषज्ञों के मुताबिक दूषित पानी के कारण टायफाइड, हेपेटाइटिस ए, डायरिया आदि बीमारियां बढ़ रही हैं। हमेशा पानी को उबालकर ही पीना चाहिए। डेंगू के 46 मरीज मिले मलेरिया विभाग के अनुसार इस वर्ष अब तक डेंगू के 46 और मलेरिया के नौ मरीज मिल चुके हैं। हालांकि पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार मरीजों की संख्या काफी कम है। मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए हमें घर और घरों के आसपास पानी एकत्रित होने से रोकना होगा।

‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश विजन-2047’ पर आयोजित कार्यशाला में बोले सीएम योगी

आज प्रदेश के हर सेक्टर में दिख रहा विकास : मुख्यमंत्री विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के लिए पीएम मोदी के पंच प्रण से जुड़ना होगा : मुख्यमंत्री गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2047 तक विकसित भारत बनाने की संकल्पना के अनुरूप प्रदेश ‘विकसित उतर प्रदेश विजन 2047’ पर काम कर रही है। इसमें सरकार द्वारा निर्धारित 12 सेक्टर्स में से किसी भी क्षेत्र में अपने सुझाव देकर राज्य का हर व्यक्ति यूपी को विकसित बनाने में योजक की भूमिका निभा सकता है। उन्होंने आह्वान किया कि हर व्यक्ति सरकार द्वारा जारी ‘विकसित उतर प्रदेश विजन 2047’ के क्यूआर कोड को मोबाइल में स्कैन कर अपने सुझाव अवश्य दे। सीएम योगी रविवार को महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर एमजीयूजी के ऑडिटोरियम में ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश विजन-2047’ पर आयोजित कार्यशाला को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की ओर से आयोजित इस कार्यशाला में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की पूर्व और वर्तमान दशा का विस्तार से उल्लेख किया और भावी दशा के लिए एक रोडमैप सबके सामने रखा। सीएम ने कहा कि आजादी मिलने के बाद 1947 के देश की अर्थव्यवस्था में उत्तर प्रदेश का योगदान 14 प्रतिशत था। इसके बाद इसमें लगातार गिरावट आती गई। 2017 में उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद इसमें सुधार आना शुरू हुआ। मुख्यमंत्री ने बताया कि 2017 तक उत्तर प्रदेश की जीडीपी 12 लाख 36 हजार करोड़ रुपये थी। इस वर्ष के अंत तक सरकार इसे 36 लाख करोड़ रुपये पर पहुंचाने जा रही है। यानी नौ सालों में तीन गुने की वृद्धि। इसी तरह राज्य में प्रति व्यक्ति आय भी नौ सालों में 45000 रुपये से बढ़कर 1 लाख 20000 रुपये पर पहुंच रही है। आज प्रदेश में हरेक सेक्टर में विकास देखने को मिल रहा है। सीएम योगी ने कहा कि आजादी की 75वीं वर्षगांठ ‘अमृत महोत्सव’ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक देश को विकसित बनाने के लिए जो पंच प्रण दिए हैं, हम सभी को उसके साथ आगे बढ़ना होगा। हमें उन पंच प्रणों, गुलामी की मानसिकता को सर्वथा समाप्त करना, विरासत का सम्मान करना, सेना, अर्धसेना और यूनिफॉर्मधारी जवानों का सम्मान व उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करना, जाति, क्षेत्र या किसी भी तरह के वाद से मुक्त होकर समतामूलक समाज के लिए एकता के सूत्र में बंधना और नागरिक कर्तव्यों का पालन करना अपने दिनचर्या का हिस्सा बनाना होगा। विकसित भारत के लिए यूपी ने उठाई आवाज मुख्यमंत्री ने पितृ विसर्जन के पावन पर्व पर आजादी दिलाने वाले देश के पूर्वजों को याद करते हुए कहा कि देश के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वालों का सपना था कि भारत दुनिया की एक ताकत बने। पितृ विसर्जन पर विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प के लिए आयोजित यह कार्यशाला पूर्वजों के प्रति सबसे बड़ी श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि पीएम के आह्वान के तीन साल बाद जब किसी और जगह से आवाज नहीं आई तो विकसित भारत के लिए आवाज उठाने की शुरुआत यूपी ने की। बताया कि अगस्त माह में विकसित उत्तर प्रदेश के लिए एक विजन बनाने को विधानसभा और विधान परिषद में लगातार 24 घण्टे चर्चा हुई। इस चर्चा ने उस धारणा को बदल दिया है जिसमें कहा जाता था कि विधायिका में काम नहीं होता है। और, उस चर्चा के बाद अब आमजन से सुझाव लेकर कार्ययोजना बनाने की तैयारी की जा रही है। प्रदेशभर में इस तरह की चर्चा के कार्यक्रम को आगे बढ़ाने हेतु यूपी में तीन सौ से अधिक बुद्धिजीवियों जिसमें सेवानिवृत्त आईएएस, कुलपति, शिक्षक, चिकित्सकों, उद्यमियों की सहभागिता है, को प्रदेश के सभी जिलो में भेजा जा रहा है। ये बुद्धिजीवी प्रदेश के विभिन्न अकादमिक संस्थाओं में जाकर विकसित उत्तर प्रदेश के विजन पर छात्रों व अन्य लोगों से चर्चा कर रहे है। अब तक प्रदेश के 110 से अधिक अकादमिक संस्थाओं में भ्रमण कर ये बुद्धजीवी छात्रों से, जनता से संवाद कर चुके हैं। ये अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों के बहुमूल्य विचारों को भी आमंत्रित कर रहे है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विचार कभी मरता नहीं है। यदि विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश का विचार सामने आया है तो मूर्त रूप अवश्य लेगा। इसी विश्वास के साथ आज हम सब आगे बढ़ रहे हैं।  पीएम मोदी द्वारा दिए संकल्पों को दिनचर्या का हिस्सा बनाना होगा मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी ने विकसित भारत के लिए पंच प्रण के साथ 9 संकल्प की भी बात की थी। ये संकल्प बहुत छोटे हैं और हमारी दिनचर्या के हिस्से के रूप में भी हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जल संरक्षण के लिए संकल्प की बात की है। एक संकल्प पर्यावरण संरक्षण है जिसमें एक पेड़ मां के नाम पर लगाना शामिल है। प्रधानमंत्री ने तीसरा संकल्प स्वच्छता का दिया। स्वच्छता न होने के कारण ही पूर्वी यूपी में इंसेफेलाइटिस बीमारी फैलती थी। आज यह क्षेत्र गंदगी मुक्त हुआ तो यहां इंसेफेलाइटिस भी समाप्त हुआ। बताया कि 1977 से 2017 तक 50 हजार बच्चों की मौत इंसेफेलाइटिस से हुई थी। 2017 के बाद सरकार के प्रयासों के बाद इसे समाप्त करने में सफलता पाई गयी। आज इंसेफेलाइटिस से कोई मौत नही होती। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भरता का संकल्प हमें दिया है। इसके लिए हमें स्वदेशी मॉडल को अपनाना होगा। समय व मांग के अनुरूप हमें उसके मॉडल में परिवर्तन करना होगा। हमें वोकल फार लोकल की दिशा में आगे बढ़ना होगा।  भारत में आध्यात्मिक पर्यटन के सभी केंद्र मुख्यमंत्री ने कहा कि पांचवें संकल्प के रूप में प्रधानमंत्री ने देश दर्शन का दिया है। हमारे यहां 4 धाम, 51 शक्ति पीठ, 12 ज्योर्तिलिंग आदि आध्यात्मिक पर्यटन के सभी केंद्र हैं। हेरिटेज टूरिज्म की दृष्टि से भी भारत सम्पन्न है। भारत ने आक्रान्ताओं के खिलाफ एक लम्बी लड़ाई लड़ी है। टूरिज्म के लिए हम विदेश क्यों जाएं, जब हमारे पास इतना वैभवपूर्ण टूरिज्म क्षेत्र है। इससे हमारा पैसा भी अपने देश में खर्च होगा। पीएम के संकल्पों को याद दिलाते हुए सीएम योगी ने कहा कि हमें प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना चाहिए। रासायनिक उर्वरको से कैंसर जैसे अनेक रोग होते है। मधुमेह के रोगियों की संख्या भारत में लगातार बढ़ रही है। प्राकृतिक खेती … Read more

बचत का बड़ा मौका: कल से शुरू हो रहा ‘बचत उत्सव’, पीएम मोदी का बड़ा बयान

नई दिल्ली  कल यानी सूर्योदय के साथ ही नेक्सट जनरेशन जीएसटी दरें लागू हो जाएंगी। पीएम नरेंद्र मोदी ने रविवार को देश के नाम संबोधन में यह बात कही। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि कल, नवरात्री के पहले दिन से ‘बचत उत्सव’ शुरू हो रहा है। इस बचत उत्सव से त्योहारों के सीजन में सबका मुंह मीठा होगा। पीएम ने अपने संबोधन में कहा है कि आज की जरूरतों और भविष्य को ध्यान में रखते नेक्सट जनरेशन रिफॅार्म लागू किया जा रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि इनकम टैक्स और जीएसटी में मिली छूट की वजह से अब लोग 2.5 लाख रुपये की सालाना बचत कर पाएंगे। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में स्वदेशी सामानों के प्रयोग पर भी जोर दिया। 99% सामान अब 5% टैक्स के दायरे में पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में कहा कि जो सामान पहले 12 प्रतिशत टैक्स के दायरे में आते थे। उसमें से 99 प्रतिशत सामान अब 5 प्रतिशत के दायरे में आ गए हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि कल से हो रहे बदलावों से अब महिलाओं, युवाओं, मिडिल क्लास, नियो मिडिल क्लास को बड़ी बचत होगी। उनके लिए अपने सपनों को पूरा करना अब और आसान हो जाएगा। क्या-क्या हो रहा 22 सितंबर से सस्ता रसोई में इस्तेमाल के सामान से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स, दवाइयां और उपकरणों से लेकर वाहन तक लगभग 375 वस्तुएं सोमवार यानी 22 सितंबर से सस्ती हो जाएंगी। घी, पनीर, मक्खन, नमकीन, केचप, जैम, सूखे मेवे, कॉफी और आइसक्रीम जैसी आम इस्तेमाल की चीजें और टीवी, एयर कंडीशनर (एसी), वॉशिंग मशीन जैसे महंगे उत्पाद भी सस्ते हो जाएंगे। सीमेंट होगा सस्ता अधिकांश दवाओं और फॉर्मूलेशन और ग्लूकोमीटर और डायग्नॉस्टिक किट जैसे मेडिकल उपकरणों पर जीएसटी दर को घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे आम आदमी को दवाएं सस्ती मिलेंगी। सीमेंट पर जीएसटी 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे घर बनाने वालों को भी फायदा होगा। जीएसटी दर में कटौती से सबसे बड़ा फायदा वाहन खरीदारों को होगा, क्योंकि छोटी और बड़ी कारों पर कर दरें क्रमशः 18 प्रतिशत और 28 प्रतिशत कर दी गई हैं। अब रह जाएंगे सिर्फ 2 जीएसटी स्लैब कल 22 सितंबर से 4 की जगह अब सिर्फ दो जीएसटी स्लैब ही प्रभावी रहेंगे। बीते दिनों हुई जीएसटी काउंसिल की मीटिंग में 12 प्रतिशत और 18 प्रतिशत के जीएसटी स्लैब को समाप्त करने का फैसला किया गया था। कल से अब 5 प्रतिशत और 12 प्रतिशत के जीएसटी स्लैब ही रह जाएंगे। कुछ लक्जरी सामान और तम्बाकू प्रोडक्ट्स पर सरकार ने 40 प्रतिशत टैक्स लगाया है। देश के नाम अपने संबोधन में पीएम मोदी ने देश के लोगों से स्वदेशी चीजें अपनाने का आह्वान किया। पीएम मोदी ने कहा कि रोजमर्रा की चीजों में बहुत सी चीजें विदेशी जुड़ गई हैं, हमें इनसे भी मुक्ति पानी होगी। मेड इन इंडिया सामान खरीदना होगा। जिसमें हमारे देश के नौजवानों की मेहनत लगी है। हमें हर घर को स्वदेशी का प्रतीक बनाना है। हर दुकान को स्वदेशी से सजाना है। गर्व से कहो मैं स्वदेशी खरीदता हूं। गौरतलब है कि पीएम मोदी का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिका में ट्रंप सरकार के आने के बाद व्यापारिक डील में परेशानी सामने आ रही है।

फिलीपींस में भारी विरोध प्रदर्शन: जनता ने सरकार के फैसलों के खिलाफ किया जोरदार विरोध

मनिला नेपाल के बाद अब फिलीपींस में भी सरकार के खिलाफ लोगों में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त हो गया है। हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए हैं। रविवार को फिलीपींस की राजधानी मनिला में हज़ारों प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतरकर अपना गुस्सा जताया। प्रदर्शनकारियों की भीड़ इतनी अधिक थी कि पुलिस के लिए उनको संभाल पाना मुश्किल हो गया। फिलीपींस में क्यों सड़क पर उतरे लोग फिलीपींस में यह विरोध एक बड़े भ्रष्टाचार घोटाले के खिलाफ था, जिसमें सांसदों, सरकारी अधिकारियों और व्यापारियों पर आरोप है कि उन्होंने बाढ़-नियंत्रण परियोजनाओं में भारी घूसखोरी की और गरीब व आपदा-प्रवण देश में सरकारी धन को लूटा। किसी भी तरह की हिंसा को रोकने के लिए पुलिस और सेना को अलर्ट पर रखा गया है। मनिला के एक ऐतिहासिक पार्क और राजधानी क्षेत्र के मुख्य EDSA हाईवे के पास लोकतंत्र स्मारक के निकट हुए अलग-अलग प्रदर्शनों की सुरक्षा के लिए हज़ारों पुलिसकर्मी तैनात किए गए। अंतरराष्ट्रीय चेतावनी जारी फिलीपींस में भारी विरोध प्रदर्शन और हिंसा को देखते हुए अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के दूतावासों ने अपने नागरिकों को प्रदर्शन से दूर रहने की सलाह दी है। प्रदर्शनकारियों ने फिलीपींस के झंडे लहराए और एक बड़ा बैनर दिखाया जिस पर लिखा था, "अब और नहीं, बहुत हो गया, इन्हें जेल भेजो"। छात्र नेता अल्थिया ट्रिनिडाड ने कहा, "मुझे दुख होता है कि हम गरीबी में जीते हैं, हमारे घर और भविष्य बर्बाद हो जाते हैं, जबकि ये लोग हमारे टैक्स के पैसे से आलीशान कारें, विदेश यात्राएं और बड़ी व्यापारिक डील्स करते हैं।" बाढ़ परियोजनाओं में बड़ा घोटाला लोगों को आरोप है कि फिलीपींस की बाढ़ परियोजनाओं में बड़ा घोटाला किया गया। वह बुलाकान प्रांत की निवासी हैं, जो बाढ़ से प्रभावित इलाका है और जहा, बाढ़-नियंत्रण परियोजनाओं को या तो घटिया बताया गया है या कहा गया है कि वे वास्तव में कभी हुई ही नहीं। कैथोलिक बिशप सम्मेलन के प्रमुख कार्डिनल पाब्लो वर्जिलियो डेविड ने कहा, "हमारा उद्देश्य अस्थिरता नहीं, बल्कि लोकतंत्र को मज़बूत करना है।" हिंसा न फैलाने की अपील कैथोलिक बिशप सम्मेलन के प्रमुख कार्डिनल पाब्लो वर्जिलियो डेविड ने लोगों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने और जवाबदेही की मांग करने की अपील की। आयोजकों ने कहा कि उनका ध्यान भ्रष्ट लोक निर्माण अधिकारियों, सांसदों और निर्माण कंपनियों के मालिकों को बेनकाब करने पर है। वे राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर से इस्तीफे की मांग नहीं कर रहे हैं। कैसे हुआ घोटाला? राष्ट्रपति मार्कोस जूनियर ने जुलाई में अपने राष्ट्र संबोधन में इस बाढ़ नियंत्रण परियोजनाओं में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया था।इसके बाद उन्होंने एक स्वतंत्र जांच आयोग गठित किया, जिसने उन 9,855 परियोजनाओं की जांच शुरू की, जिनकी कीमत 545 अरब पेसो (लगभग 9.5 अरब डॉलर) बताई गई थी। उन्होंने इस भ्रष्टाचार को “भयानक” करार दिया और लोक निर्माण सचिव का इस्तीफा स्वीकार कर लिया।