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छिंदवाड़ा भेजे गए कफ सिरप के बाद कार्रवाई, जबलपुर की कटारिया फार्मास्यूटिकल्स का लाइसेंस रद्द

जबलपुर  एमपी के छिंदवाड़ा-बैतूल में कोल्ड्रिफ कफ सिरप से 25 बच्चों की मौत के बाद प्रदेश के अलग-अलग जिलों में कार्रवाई की जा रही है। जिसके चलते  जबलपुर की कटारिया फार्मास्यूटिकल्स का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। यहां से ही कोल्ड्रिफ सिरप छिंदवाड़ा भेजा गया था।    जबलपुर के कटारिया फार्मास्यूटिकल ऑफिस से ही छिंदवाड़ा का बड़ा लॉट कोल्ड्रिफ सिरप का भेजा गया था। जांच रिपोर्ट आने के बाद गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जिसपर खाद्य एवं औषधि विभाग ने लाइसेंस निरस्त कर दिया है। इसके बाद पुलिस-प्रशासन ने कंपनी और उसके डीलर के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। दो दिन पहले ही खाद्य एवं औषधि विभाग ने जांच के दौरान पाया था कि नोदरा ब्रिज स्थित कटारिया फार्मास्यूटिकल के ऑफिस-गोदाम में जहां पर दवाओं का स्टॉक रखा जाता था, उसकी अनुमति नहीं थी। इतना ही नहीं कटारिया फार्मास्यूटिकल के संचालक ने दुकान का लाइसेंस और अन्य दस्तावेज प्रस्तुत किए लेकिन गोदाम से जुड़े उनके पास कोई दस्तावेज नहीं थे।  जबकि यहीं पर दवाओं का स्टॉक रखा जाता था। जिला प्रशासन के साथ मिलकर खाद्य एवं औषधि विभाग ने कटारिया फार्मास्यूटिकल के ऑफिस और गोदाम को फिलहाल सील कर दिया है। कटारिया फार्मास्यूटिकल से मिले कफ सिरप के सैंपल जब्त कर जांच के लिए भेजे गए थे। जांच में औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 के तहत और भी कमियां टीम को मिली हैं।  जिनके आधार पर फर्म को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। पत्र प्राप्त होते ही एक दिन में जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। जबलपुर से छिंदवाड़ा भेजे गए सिरप में डाइएथिलीन ग्लायकॉलन पाया गया है। खाद्य एवं औषधि विभाग की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि जहां दवाओं का स्टॉक रखा जाता था, वहां रेफ्रिजरेटर नहीं है। जबकि नियम के अनुसार रेफ्रिजरेटर होना आवश्यक है। फर्म संचालक द्वारा सेल-परचेज का पूरा रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किया गया जो गंभीर अनियमितता में आता है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने दवाओं का कस्टडी ऑर्डर ले लिया है। इसके बाद अब जांच की अनुमति भी मिल गई है। कटारिया फार्मास्यूटिकल से मिले कफ सिरप के सैंपल जब्त कर जांच के लिए भेजे गए थे। जांच में और भी कमियां टीम को मिली हैं। औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 के तहत फर्म को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। पत्र प्राप्त होते ही एक दिन में जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। जबलपुर से छिंदवाड़ा भेजे गए सिरप में डाइएथिलीन ग्लायकॉल (DEG) पाया गया है। खाद्य एवं औषधि विभाग की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि जहां दवाओं का स्टॉक रखा जाता था, वहां रेफ्रिजरेटर नहीं है, जबकि नियम के मुताबिक रेफ्रिजरेटर होना आवश्यक है। फर्म संचालक द्वारा सेल-परचेज का पूरा रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किया गया, जो गंभीर अनियमितता में आता है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने दवाओं का कस्टडी ऑर्डर ले लिया है। इसके बाद अब जांच की अनुमति भी मिल गई है। तमिलनाडु की श्री सन फार्मा के द्वारा निर्मित कोल्ड्रिफ कफ सिरप से अभी तक 25 बच्चों की मौत हो चुकी है। खाद एवं औषधि प्रशासन ने स्टॉकिस्ट से यह भी पूछा है कि उन्होंने ऐसी दवा क्यों बेची, जो की स्टैंडर्ड क्वालिटी की नहीं थी और जिससे कई मासूम बच्चों की मौत हो चुकी है। कोल्ड्रिफ सिरप महाकौशल में सिर्फ जबलपुर से होते हुए छिंदवाड़ा जाती थी, जो कि संदेहास्पद है। खाद एवं औषधि विभाग के साथ प्रशासन इसका कारण भी स्पष्ट करने में जुटी हुई है। कटारिया फार्मास्यूटिकल द्वारा ही छिंदवाड़ा में तमिलनाडु की श्रीसन फार्मास्यूटिकल द्वारा निर्मित कोल्ड्रिफ कफ सिरप की सप्लाई की गई थी, जिसके पीने से मासूम बच्चों की मौत हो गई। जांच के दौरान कटारिया फार्मास्युटिकल्स द्वारा दुकान का लाइसेंस समेत अन्य दस्तावेज प्रस्तुत किए गए, लेकिन उस गोदाम से जुड़ा कोई दस्तावेज या अनुमति प्रस्तुत नहीं किया, जहां दवाओं का स्टॉक किया गया। जांच के दौरान मौके पर रेफ्रिजरेटर नहीं मिला। इसके अलावा फर्म संचालक द्वारा सेल-पर्चेज का पूरा रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किया गया। औषधि निरीक्षक देवेंद्र जैन ने बताया कि फर्म को नोटिस का जवाब देने के लिए एक दिन का वक्त दिया गया था लेकिन उन्होंने तय समय अवधि में नोटिस का जवाब नहीं दिया जिसके तहत लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की गई है। जबलपुर रेंज के आईजी प्रमोद वर्मा का कहना है कि छिंदवाड़ा में हुई बच्चों की मौत को लेकर हमारी टीम लगातार जांच कर रही है। श्रीसन फार्मा कंपनी के मालिक को चेन्नई से गिरफ्तार करने के बाद अब पुलिस उन लोगों तक भी पहुंच रही है, जो इस कफ सिरप की मिलावट में शामिल थे। अब तक कई अधिकारियों को निलंबित और गिरफ्तार किया जा चुका है। आईजी ने बताया कि अब तक हुई जांच की रिपोर्ट की समीक्षा की गई है, जिसमें जिनकी संलिप्तता पाई जाएगी, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई जरूर की जाएगी।

24 महीने बाद घर लौटे इजरायली बंधक, हमास ने छोड़े 7 लोग; रिहाई के बाद क्या बदलेगा हालात का रुख?

तेल अवीव अपने घर, धरती और लोगों के दूर, दुश्मनों के साये में रहना क्या होता है, ये हम और आप सिर्फ सोच ही सकते हैं. इस खौफ को महसूस करके 24 महीनों बाद इजरायल के उन बंधकों की वापसी का सिलसिला शुरू हो गया है, जिनका इंतजार हर पल उनके परिवार ने किया. उनका ये इंतजार आखिरकार रंग लाया और अब तक उन बंधकों की घर वापसी का सिलसिला शुरू हो गया है, जो दो साल के इस घातक युद्ध के बाद भी हमास की कैद में जिंदा बच गए. गाज़ा में इजरायली बंधकों की रिहाई आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई है, जिसमें करीब 20 लोगों को आजाद किया जाना है. हमास ने पहले 7 बंधकों को छोड़ दिया है, जिनमें – एतान मोर, गली और जिव बर्मन, मतान अंगरेस्ट, ओमरी मिरान, गाइ गिलबोआ-दलाल, और अलोन ओहेल शामिल हैं. बंधकों को बंदूकों के साये में लेकर हमास के लड़ाके आए और उत्तर गाजा से अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस के हवाले किया है. दूसरा समूह जिसमें 13 बंधक हैं, उनके भी जल्द ही रिहा होने की उम्मीद है. संघर्ष विराम का पहला चरण इजरायल ने पुष्टि की है कि यह रिहाई हमास और इजरायल के बीच अमेरिकी समर्थन वाले युद्धविराम समझौते में एक महत्वपूर्ण कदम है. समझौते के पहले चरण के तहत बंधकों की रिहाई की जानी थी, जिस पर काम शुरू हो चुका है. हमास जहां इजरायल के बचे हुए बंधकों को जिंदा या मृत हालत में वापस करेगा. माना जा रहा है कि हमास की कैद में मौजूद सिर्फ 20 इजरायली बंधक ही जीवित हैं, जिनमें से 7 को उसने अभी वापस भेजा है. इसके बदले इजरायल फिलिस्तीन के 1966 फिलिस्तीनी कैदियों को छोड़ने वाला है. इसके लिए तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. इजरायल और हमास ने बंधकों को छोड़ने की प्रक्रिया को शुरू कर दिया है. इसका मकसद इजरायल और हमास के बीच चल रहे युद्ध को खत्म करना और शांति को मजबूत बनाना है. इजरायली सरकार की प्रवक्ता शोश बेड्रोसियन ने बताया कि सोमवार सुबह तीन अलग-अलग समूहों में 20 जिंदा बंधकों को आजाद किया जाएगा. साथ ही 28 मरे हुए बंधकों के शव भी वापस मिलेंगे. बदले में इजरायल 250 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा. हमास की कैद से छूटने वाले लोगों में जिव बर्मन, मातन अंगरेस्ट, एलन हेल, ओमरी मिरान, एटान मोर शामिल हैं। फिलहाल यह जानकारी नहीं मिली है कि रिहा हुए लोगों की क्या स्थिति है। उनकी तबीयत कैसी है या फिर अस्पताल में एडमिट कराने की जरूरत है या नहीं। इन लोगों की हमास की कैद से रिहाई को तेल अवीव पर लोगों ने बड़ी स्क्रीन्स पर देखा और जश्न मनाते नजर आए। इन लोगों को हमास ने रेड क्रॉस सोसायटी को सौंपा। इनके बदले में इजरायल भी सैकड़ों फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करने वाला है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि उनके दखल से यह सीजफायर डील हुई है। बता दें कि अब तक वह 8 जंगों को रुकवाने का क्रेडिट ले चुके हैं। अहम बात यह है कि डोनाल्ड ट्रंप खुद इजरायल पहुंच चुके हैं। इस दौरान वह कई नेताओं के साथ गाजा शांति प्रस्ताव पर बात करेंगे। इसके अलावा भुखमरी के शिकार गाजा के लिए मानवीय मदद बढ़ाने का भी प्रस्ताव है, जहां लाखों लोग फिलहाल बेघर हैं और खाने-पीने की चीजों की भी किल्लत है। फिलहाल सवाल यह भी है कि बंधकों की रिहाई और सीजफायर लागू होने के बाद हमास का भविष्य क्या होगा। क्यों बेंजामिन नेतन्याहू के लिए भी जरूरी यह सीजफायर दरअसल इजरायल की यह मांग रही है कि हमास को गाजा से बाहर किया जाए, तभी सीजफायर रह पाएगा। दरअसल यह सीजफायर बेंजामिन नेतन्याहू के लिए भी जरूरी है क्योंकि बंधकों की रिहाई को लेकर वे भी घिरे रहे हैं। बंधकों के परिजन सवाल उठाते रहे हैं कि अपने राजनीतिक फायदे की वजह से हमास के साथ किसी समझौते से नेतन्याहू बच रहे हैं। अब सीजफायर पर तो सहमति बन गई है, लेकिन नेतन्याहू चाहेंगे कि यह इजरायल की शर्तों पर ही लागू रहे। यह युद्ध 7 अक्टूबर 2023 में शुरू हुआ था जब हमास ने इजरायल पर बड़ा हमला किया था. तब से दोनों तरफ बहुत नुकसान हुआ है. यह शांति समझौता अमेरिका, मिस्र, कतर और तुर्की की मदद से हुआ है.  – डोनाल्ड ट्रंप इजरायल की संसद में गए और वहां उन्होंने गेस्टबुक में अपना संदेश लिखा. उन्होंने इस दिन को 'महान और खूबसूरत' बताया क्योंकि उनकी शांति योजना सफल हो रही है और बंधक रिहा हो रहे हैं. – ओफर जेल वेस्ट बैंक में एक बड़ी इजरायली जेल है जहां फिलिस्तीनी कैदी रखे जाते हैं. आज गाजा शांति समझौते के तहत इजरायल लगभग 2000 फिलिस्तीनी कैदियों को छोड़ रहा है, बदले में हमास ने 20 इजरायली बंधकों को रिहा किया है. इन कैदियों को लेकर बसें अब जेल से बाहर निकल रही हैं. इनमें से 250 कैदियों को वेस्ट बैंक, जेरूसलम और दूसरे देशों में भेजा जाएगा, जबकि 1,716 कैदियों को गाजा के नासिर अस्पताल में छोड़ा जाएगा. – हमास के पास जो 13 बंधक और बचे थे, उन्हें अब रेड क्रॉस को दे दिया गया है. ये रेड क्रॉस एक अंतर्राष्ट्रीय संस्था है जो युद्ध में फंसे लोगों की मदद करती है. अब रेड क्रॉस इन 13 लोगों को सुरक्षित तरीके से इजरायली सेना को सौंप देगी. पहले 7 बंधकों को सुबह छोड़ा गया था, और अब बाकी के 13 भी छोड़ दिए गए हैं. इस तरह कुल 20 जिंदा बंधक आज रिहा हो गए. 24 महीने का इंतजार … आपको बता दें कि इजरायल के नोवा म्यूजिक फेस्टिवल पर 7 अक्तूबर, 2023 की सुबह हमास के लड़ाकों ने एक भीषण हमला किया था, जो इजरायल के इतिहास पर एक काला धब्बा बन गया. इस दौरान हजारों यहूदियों के नरसंहार के अलावा हमास अपने साथ 251 लोगों को किडनैप करके भी ले गया था. इसके बदले इजरायल ने गाजा पट्टी पर बम बरसाने शुरू कर दिए थे. शुरू में शांति के जो प्रयास हुए, उसमें इजरायली बंधकों को हमास ने छोड़ा भी था लेकिन उसकी कैद में करीब 50-60 बंधक बाकी रह गए थे. इनमें से बहुत से बंधकों को हमास ने मौत के घाट उतार … Read more

बिहार चुनाव से पहले लालू को बड़ा झटका, IRCTC घोटाले में कोर्ट ने चलाने का आदेश दिया मुकदमा

पटना /नई दिल्ली दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने आईआरसीटीसी घोटाला मामले में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने की अनुमति दे दी है. बिहार विधानसभा चुनाव के ठीक बीच आया यह फैसला लालू यादव के लिए एक बड़ा झटका है. कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि सीबीआई ने इस मामले में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं और उनके द्वारा पेश किए गए सबूतों से पता चलता है कि यह साजिश लालू यादव की जानकारी में रची गई थी. हालांकि, सुनवाई के दौरान आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताया है. राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के प्रमुख, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री लालू यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आईआरसीटीसी स्कैम और लैंड फॉर जॉब केस में लालू, राबड़ी और तेजस्वी के खिलाफ आरोप तय करने पर फैसला सुना दिया है. राउज एवेन्यू कोर्ट की विशेष सीबीआई अदालत ने कहा कि लालू यादव ने टेंडर प्रक्रिया में दखल दिया था. टेंडर प्रक्रिया में बड़ा बदलाव कराया था. विशेष सीबीआई कोर्ट ने लालू यादव के खिलाफ तय कर दिए हैं. लालू के साथ ही राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के खिलाफ धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार समेत अन्य धाराओं के तहत आरोप तय कर दिए हैं.  कोर्ट ने साजिश, पद के दुरुपयोग और टेंडर प्रक्रिया में छेड़छाड़ की बात कही और यह भी जोड़ा कि सब कुछ लालू यादव की जानकारी में हुआ. कोर्ट ने कहा कि जमीन का हक राबड़ी और तेजस्वी को देने की साजिश थी. लालू यादव ने सरकारी पद का दुरुपयोग किया. कोर्ट ने लालू यादव से पूछा कि आरोप सही मानते हैं या गलत? कोर्ट के सवाल पर लालू यादव ने कहा कि मैं दोषी नहीं हूं. राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव से भी यही सवाल किए गए. राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव का जवाब भी यही रहा- हम दोषी नहीं हैं. इससे पहले, लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी याद दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश होने पहुंचे. लालू यादव व्हीलचेयर पर कोर्ट पहुंचे. राउज एवेन्यू कोर्ट में लैंड फॉर जॉब केस में आरोप तय करने पर भी फैसला आना है. राउज एवेन्यू कोर्ट की सीबीआई अदालत के जज विशाल गोगने ने आईआरसीटीसी केस में फैसला सुनाया. लालू फैमिली पर फैसले में कोर्ट ने क्या कहा, क्या-क्या धाराएं लगाईं? विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने लालू यादव को कहा कि आपने षड्यंत्र रचा, आपने लोक सेवक के रूप में अपने पद का दुरुपयोग किया, टेंडर प्रोसेसिंग में दखल दिया, और टेंडर हासिल करने की शर्तों में हेराफेरी की गई. कोर्ट ने लालू यादव को कहा कि आपने कोचर से ज़मीन के टुकड़ों की कम कीमत पर खरीद की साजिश रची, और बाद में इन जमीनों पर प्रभावी नियंत्रण राबड़ी और तेजस्वी को हस्तांतरित करने के लिए अन्य आरोपियों के साथ मिलकर साजिश रची गई.  विजय कोचर और विनय कोचर इस मामले में अन्य आरोपी हैं.  अदालत ने लालू यादव को पूछा कि क्या आप अपने ऊपर लगाए गए आरोप को स्वीकार करते हैं. इस पर लालू यादव ने खुद को बेगुनाह बताया. यही सवाल अदालत ने राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव से पूछा. दोनों ने ही अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को गलत बताया. अदालत ने लालू यादव पर लोकसेवक के रूप में साजिश, धोखाधड़ी और आपराधिक कदाचार का आरोप लगाया है. लाल यादव पर षड्यंत्र रचने और लोक सेवक के रूप में अपने पद का दुरुपयोग करने का आरोप है.  अदालत ने कहा कि लालू यादव ने कोचर से जमीन के टुकड़ों की कम कीमत पर खरीद की साजिश रची फिर अन्य आरोपियों के साथ मिलकर इन जमीनों पर राबड़ी और तेजस्वी को प्रभावी नियंत्रण हस्तांतरित करने की साजिश रची.  अदालत ने कहा कि निविदा प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए. लालू यादव ने IRCTC के होटलों के हस्तांतरण को प्रभावित करने में हस्तक्षेप किया. अदालत में रेल मंत्री के रूप में लालू यादव पर षड्यंत्र रचने और पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाने के लिए सीबीआई द्वारा साक्ष्यों की श्रृंखला प्रस्तुत की गई.  अदालत ने कहा कि इससे सरकारी खजाने को नुकसान होता है. अदालत को गंभीर संदेह है कि कई लोग लालू यादव परिवार को जमीन का नियंत्रण हस्तांतरित करने की साजिश में शामिल थे.  लालू-राबड़ी और तेजस्वी के खिलाफ किन धाराओं के तहत चलेगा मुकदमा विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने सुनवाई के दौरान कहा कि सीबीआई (Central Bureau of Investigation) द्वारा पेश किए गए साक्ष्य पर्याप्त हैं, इसलिए अब इस मामले में मुकदमा चलेगा. सभी आरोपी आज कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से मौजूद थे. इस मामले में अदालत ने कहा कि लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और अन्य के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 आईपीसी के तहत आरोप तय किए जाएं. कोर्ट ने आदेश दिया है कि लालू यादव और आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 13(2) के तहत आरोप तय किए जाएं.  भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 13(2) के अनुसार, जो कोई भी आपराधिक कदाचार करता है, उसे कम से कम एक वर्ष के कारावास से दंडित किया जाएगा, यह सजा सात वर्षों तक हो सकती है. दोषी पाए जाने पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है. आपराधिक कदाचार का अर्थ है लोक सेवक का ऐसे तरीकों से व्यवहार करना जो रिश्वतखोरी या अन्य भ्रष्ट आचरण को बढ़ावा देता है.  अदालत ने सभी आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 120B (साजिश) के तहत और धारा 32 के तहत सामान्य आरोप तय किए जाने का आदेश भी दिया. मामला क्या है? यह मामला 2004-2009 के दौरान लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री रहने के समय का है. आरोप है कि उन्होंने रेल मंत्रालय के अधीन आईआरसीटीसी के दो होटलों – बीएनआर होटल (रांची, झारखंड) और पुरी होटल (ओडिशा) के रखरखाव और सुधार के ठेकों के आवंटन में भ्रष्टाचार किया. लालू ने इन ठेकों को अपनी पत्नी राबड़ी देवी के स्वामित्व वाली कंपनी सुजाता होटल्स प्राइवेट लिमिटेड को अनुचित रूप से दिलवाया. इसके बदले, कंपनी ने लालू के परिवार को फायदा पहुंचाया. इन ठेकों में  पारदर्शिता की कमी और पक्षपातपूर्ण आवंटन का आरोप है.  ठेकों में आईआरसीटीसी के पूर्व ग्रुप जनरल … Read more

MSME सम्मेलन में सीएम मोहन यादव का बड़ा ऐलान, ₹200 करोड़ अनुदान और भूमि आवंटन पत्र वितरित होंगे

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज होटल ताज फ्रंट में आयोजित एमएसएमई सम्मेलन में शामिल होंगे। वे यहां एमएसएमई विकास नीति के तहत प्रदेश के 48 जिलों की 700 से अधिक एमएसएमई इकाइयों को सिंगल क्लिक के माध्यम से 200 करोड़ से अधिक की अनुदान राशि अंतरित करेंगे। यह सम्मेलन प्रदेश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम क्षेत्र के विकास और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप और उद्योग नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह भी मौजूद रहेंगे। 200 करोड़ की अनुदान राशि और 1 करोड़ का स्टार्टअप सहयोग सीएम डॉ. मोहन यादव एमएसएमई सम्मेलन के दौरान एमएसएमई विकास नीति के अंतर्गत प्रदेश के 48 जिलों की 700 से अधिक इकाइयों को सिंगल क्लिक के माध्यम से 200 करोड़ से अधिक की अनुदान राशि अंतरित करेंगे। साथ ही, स्टार्टअप नीति 2025 के अंतर्गत 80 से अधिक स्टार्टअप्स को 1 करोड़ से अधिक की सहायता राशि भी प्रदान की जाएगी। सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री 200 से अधिक औद्योगिक भूखंडों के आवंटन के लिए आशय पत्र वितरित करेंगे। इसके साथ मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत सेवा पखवाड़ा अभियान के अंतर्गत 350 से अधिक हितग्राहियों को ऋण उपलब्ध कराया गया है, जिसमें से 100 से अधिक हितग्राहियों को इस कार्यक्रम में हितलाभ वितरण भी किया जाएगा। नवीन औद्योगिक क्षेत्रों का शिलान्यास सम्मेलन में मुख्यमंत्री मोहन यादव 113.78 करोड़ की लागत से बनने वाले तीन नवीन औद्योगिक क्षेत्रों का वर्चुअल शिलान्यास करेंगे। यहां स्टार्टअप और निर्यात प्रोत्साहन पर दो विशेष सत्र रखे गए हैं। मुख्यमंत्री बालाघाट और टीकमगढ़ के उद्यमियों व उद्योग संघों से वर्चुअल माध्यम से संवाद भी करेंगे। एमओयू साइन होगा सम्मेलन में एमएसएमई विभाग और ओएनडीसी (Open Network for Digital Commerce) के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होंगे। इसके अलावा 7.57 करोड़ की लागत से बनने वाले तीन नवीन कार्यालय भवनों का शिलान्यास भी किया जाएगा। विभाग की एमएसएमई और स्टार्टअप गतिविधियों के अंतर्गत उद्यमियों और स्टार्टअप प्रतिनिधियों द्वारा अपने अनुभव और सफलताएं भी साझा की जाएंगी

शांति के बीच टूटे सन्नाटा, गाजा में भारी झड़प, 27 नागरिक और 8 आतंकी मरे

गाजा  इजरायल और हमास के बीच शांति हो गई है. इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू को उम्मीद है कि सोमवार को उनके कैदियों की वापसी होने लगेगी. लेकिन इस सबके बीच गाजा से एक चिंता वाली खबर आई है. गाजा में एक बार फिर भीषण हिंसा भड़क उठी है लेकिन इस बार दुश्मन इजराइल नहीं, बल्कि हमास के अपने ही लोग हैं. शनिवार देर रात से रविवार सुबह तक चली हमास सुरक्षा बलों और दुघमुश (Dughmush) कबीले के लड़ाकों के बीच हुई मुठभेड़ में कम से कम 27 लोग मारे गए, जिनमें 19 कबीले के सदस्य और 8 हमास फाइटर शामिल हैं. यह गाजा में इज़राइल के बड़े हमलों के खत्म होने के बाद से अब तक का सबसे भीषण आंतरिक संघर्ष है. BBC की रिपोर्ट के मुताबिक प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि, गाजा सिटी के तेल अल-हावा इलाके में जॉर्डनियन अस्पताल के पास भारी गोलीबारी हुई. मास्क पहने हमास गनमैनों ने दुघमुश कबीले के लड़ाकों पर हमला किया. कहा जा रहा है कि यह झड़प तब शुरू हुई जब हमास के 300 से ज्यादा फाइटर एक बिल्डिंग में घुसे जहां दुघमुश कबीले के लोग छिपे थे. स्थानीय लोगों ने बताया कि ‘इस बार लोग इजरायली हमले से नहीं, बल्कि अपने ही लोगों से भाग रहे थे.’ कई परिवारों को फिर से विस्थापन झेलना पड़ा, जो पहले से युद्ध की मार झेल चुके हैं. क्यों हुई लड़ाई? रिपोर्ट के अनुसार, झगड़े की शुरुआत तब हुई जब दुघमुश कबीले के लड़ाकों ने हमास के दो एलीट फाइटर्स को गोली मार दी, जिनमें से एक हमास के वरिष्ठ सैन्य खुफिया प्रमुख इमाद आकेल का बेटा था. गुस्से में हमास ने ‘सुरक्षा ऑपरेशन’ चलाते हुए इलाके को घेर लिया. हमास के आंतरिक मंत्रालय ने कहा कि यह ‘गैरकानूनी मिलिशिया की कार्रवाई’ थी, जिसे ‘कठोरता से दबाया जाएगा.’ दूसरी ओर, दुघमुश कबीले ने आरोप लगाया कि हमास उनकी बिल्डिंग पर कब्जा करना चाहता था, जो पहले जॉर्डन अस्पताल रही थी और जहां कबीले के लोग शरण लिए हुए थे. रिपोर्ट के मुताबिक दुघमुश कबीले के 19 और हमास के 8 लड़ाके मारे गए. गाजा के सबसे प्रमुख कबीलों में से एक, दुघमुश परिवार का हमास के साथ लंबे समय से तनावपूर्ण संबंध रहा है. पहले भी हमास के साथ इसके टकराव हुए हैं. दोनों पक्ष झड़प के लिए एक दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं. दुघमुश का कहना है कि उनके लोगों ने जहां शरण ले रखी थी हमास उस जगह को कब्जा करने के लिए पहुंचा और अपना बेस बना लिया, जिससे बवाल बढ़ा. हमास ने 7,000 लड़ाकों को बुलाया गाजा से मिली रिपोर्टों के अनुसार, हमास ने हाल ही में 7,000 सुरक्षा कर्मियों को दोबारा बुलाया है ताकि इज़राइल की वापसी के बाद छोड़े गए इलाकों पर फिर से नियंत्रण पाया जा सके. इनमें कई पूर्व सैन्य कमांडर शामिल हैं जिन्हें गवर्नर नियुक्त किया गया है. स्थानीय सूत्रों का कहना है कि हमास ‘गाज़ा को अपराधियों और इज़राइल समर्थक तत्वों से मुक्त’ करने की तैयारी में है.  

प्रदेश के कई जनपदों से आये आमजन की समस्या से सोमवार सुबह रूबरू हुए मुख्यमंत्री

जन-जन की सेवा, सुरक्षा और सम्मान ही सरकार का ध्येय: मुख्यमंत्री प्रदेश के कई जनपदों से आये आमजन की समस्या से सोमवार सुबह रूबरू हुए मुख्यमंत्री  पुलिस, आर्थिक सहायता, जमीनी विवाद समेत अन्य प्रकरण लेकर पहुंचे पीड़ित हर पीड़ित से मिले सीएम योगी, समस्या सुन निश्चित समयावधि में निस्तारण का दिया निर्देश  बुलंदशहर से आये सीआरपीएफ जवान ने बताई पीड़ा, सीएम योगी ने समाधान का दिया निर्देश   लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हर सोमवार की भांति इस बार भी 'जनता दर्शन' किया। प्रदेश के कई जनपदों से आये पीड़ितों की समस्या मुख्यमंत्री ने स्वयं सुनी, फिर अफसरों को निर्देश दिया कि निश्चित समयावधि में समाधान कराएं और पीड़ित से फीडबैक भी लें। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन-जन की सेवा, सुरक्षा और सम्मान ही सरकार का ध्येय है। सरकार पहले दिन से ही निरंतर इसी धारणा के साथ कार्य कर रही है।  आप निश्चिंत होकर ड्यूटी कीजिये, समाधान सरकार पर छोड़ दीजिए  सोमवार सुबह 'जनता दर्शन' में प्रदेश के 50 से अधिक पीड़ित पहुंचे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सभी के पास गए, उनका प्रार्थना पत्र लिया और अफसरों को तत्काल उचित निराकरण का निर्देश दिया। 'जनता दर्शन' में लोग पुलिस, बिजली, आर्थिक सहायता, जमीनी विवाद आदि की समस्या को लेकर पहुंचे। वहीं बुलंदशहर निवासी सीआरपीएफ जवान  जमीन विवाद से जुड़ी समस्या लेकर पहुंचे। इस पर मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि आप निश्चिंत होकर ड्यूटी कीजिये, समाधान सरकार पर छोड़ दीजिए। जांच कराएंगे और प्रकरण में न्यायोचित कार्रवाई भी करेंगे।    मुख्यमंत्री ने नन्हे-मुन्नों को दी चॉकलेट  मुख्यमंत्री ने 'जनता दर्शन' में फरियादियों के साथ आए बच्चों का हालचाल जाना। नन्हे-मुन्नों के सिर पर हाथ फेर दुलार किया और अपनत्व का अहसास कराया। सीएम योगी ने सभी बच्चों को चॉकलेट-टॉफी दी। उन्होंने बच्चों से कहा कि खूब पढ़ो-जमकर खेलो और माता-पिता का नाम रोशन करो।    

मध्यप्रदेश: सांस्कृतिक गौरव और ऐतिहासिक धरोहरों की अद्वितीय भूमि — अपर मुख्य सचिव शुक्ला

मध्यप्रदेश सांस्कृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक धरोहरों एवं समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अद्भुत संगम : अपर मुख्य सचिव  शुक्ला एम.आई.सी.ई. एवं वेडिंग टूरिज्म पर विभिन्न स्टेकहोल्डर्स ने राउंडटेबल चर्चा में साझा किए विचार भोपाल मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा एफआईसीसीआई वेडिंग टूरिज्म कमेटी के सहयोग से कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर, भोपाल में “एम.आई.सी.ई. एवं वेडिंग टूरिज्म” विषय पर राउंडटेबल चर्चा हुई। कार्यक्रम का संचालन एफआईसीसीआई वेडिंग टूरिज्म कमेटी के चेयरमैन  चेतन वोहरा ने किया। अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति, गृह और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व एवं प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड  शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के हृदय में स्थित है और देश के सभी प्रमुख महानगरों से सड़क, रेल एवं हवाई मार्ग से सुगमता से जुड़ा हुआ है। यहाँ अत्याधुनिक सम्मेलन केंद्रों, लक्ज़री होटलों, प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक धरोहरों एवं समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अद्भुत संगम है, जो इसे वेडिंग एवं एमआईसीई इवेंट्स के लिए आदर्श गंतव्य बनाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पर्यटन से जुड़े सभी हितधारकों के साथ मिलकर राज्य को ग्लोबल लेवल पर एक सस्टेनेबल डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने के लिए तत्पर है। प्रमुख सचिव  शुक्ला ने कहा कि राज्य सरकार प्राप्त सभी सुझावों पर विचार करेगी और आवश्यकतानुसार सहयोग करेगी जिससे यह क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के साथ बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उत्पन्न कर सके। उपसंचालक (इवेंट्स एवं मार्केटिंग), मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम  विवेक जुड ने प्रदेश की पर्यटन संभावनाओं पर प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में खजुराहो, मांडू, ओरछा, महेश्वर, भोपाल, पचमढ़ी और पेंच जैसे स्थानों को अंतर्राष्ट्रीय मानक के एमआईसीई और डेस्टिनेशन वेडिंग स्थलों के रूप में विकसित किया जा रहा है।कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से आए वेडिंग एवं एमआईसीई विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। वेडिंग कनेक्शन्स एवं एएचए, जयपुर  अमित हूडा ने राजस्थान के सफल अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी भी राज्य में इस सेक्टर के विकास के लिए मजबूत कनेक्टिविटी और इन्फ्रास्ट्रक्चर जरूरी है। सु एकता सैगल लुल्ला (ईएसएल इवेंट्स) ने सुझाव दिया कि राज्य में और अधिक ऐसे स्थलों को विकसित किया जाए जो विशिष्ट पहचान रखते हों, जिससे मध्यप्रदेश डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए वैश्विक आकर्षण का केंद्र बन सके। सु ईशा अग्रवाल (वेडिंग चैप्टर्स) ने कहा कि इस क्षेत्र में आतिथ्य सेवाओं और स्वागत-संवेदना की बड़ी भूमिका होती है, अतः होटल व्यवसायियों के साथ परामर्श कर विवाह सीजन में दरों का समुचित निर्धारण करने की दिशा में पहल की जानी चाहिए।  विक्रमजीत शर्मा (ले फ्लोरेंस वेडिंग) ने कहा कि एक “वन स्टॉप अप्रूवल सिस्टम” विकसित करना आवश्यक है जिससे बड़े आयोजनों के लिए त्वरित अनुमति मिल सके और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आयोजकों का विश्वास बढ़े। सु श्रुति सिंह (वेडिंग एवं ट्रैवल जर्नलिस्ट) ने कहा कि राज्य की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विशेषताओं के साथ इन्हें आधुनिक प्रचार माध्यमों पर प्रभावी रूप से प्रस्तुत करने की भी आवश्यकता है।  राजीव मल्होत्रा (सीईओ, लोटस एग्ज़िबिशन्स) ने राज्य में ट्रेड फेयर और प्रदर्शनियों की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि स्थानीय क्षमताओं के अनुरूप आयोजन सुविधाओं को प्रोत्साहन दिया जाए, जिससे व्यापार और पर्यटन दोनों क्षेत्रों में वृद्धि हो सके।  सूरज धवन (डायरेक्टर, फाल्कन एग्ज़िबिशन्स) ने बताया कि भारत विश्व के सबसे तेजी से विकसित होते एग्ज़िबिशन मार्केट्स में से एक है, जो लगभग 40 प्रतिशत की वार्षिक दर से बढ़ रहा है, अतः यह मध्यप्रदेश के लिए सही समय और सही अवसर है कि वह इस उभरते क्षेत्र का लाभ उठाए। इस अवसर पर ताज, मैरियट सहित प्रदेश के विभिन्न प्रमुख होटलों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। उन्होंने राज्य सरकार के साथ मिलकर वेडिंग एवं एमआईसीई टूरिज्म के क्षेत्र में सहयोग की इच्छा जताई और साझा रणनीति विकसित करने पर सहमति दी।  

सरकारी नौकरी में अनुकंपा पर MP हाई कोर्ट का बड़ा निर्णय, जानें क्यों अब एक से ज्यादा परिवारिक लाभ नहीं

ग्वालियर मध्य प्रदेश में ग्वालियर हाई कोर्ट की न्यायमूर्ति आनंद पाठक और न्यायमूर्ति पुष्पेन्द्र यादव की युगल पीठ ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए दायर एक अपील को खारिज कर दिया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि यदि मृत सरकारी कर्मचारी के परिवार में कोई सदस्य पहले से सरकारी सेवा में है, तो अन्य सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार नहीं मिलेगा। अनुकंपा नियुक्ति पर अपील खारिज बहोड़ापुर निवासी रंजीत सिंह के पिता जेल प्रहरी के पद पर कार्यरत थे। 14 मई 2022 को उनका निधन हो गया था। रंजीत सिंह ने 26 मई 2022 को अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया। रंजीत का आवेदन 21 जुलाई को यह कहकर अस्वीकृत कर दिया गया कि उनके दोनों भाई पहले से नौकरी में थे; एक सरकारी सेवा में और दूसरा आउटसोर्स कर्मचारी के रूप में। बाद में, रंजीत के एक भाई ने अपनी नौकरी से त्यागपत्र दे दिया। इस आधार पर रंजीत ने फिर से अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया, लेकिन इस बार भी आवेदन खारिज कर दिया गया।   नहीं मिलेगा अनुकंपा का लाभ न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि अनुकंपा नियुक्ति केवल नीति के दायरे में आने वाले मामलों में ही दी जा सकती है। यह तत्काल आर्थिक संकट से राहत देने का एक उपाय है, न कि कोई अधिकार। न्यायालय ने जोर दिया कि मृतक के निधन के समय रंजीत के दोनों भाई सेवा में थे, इसलिए नियुक्ति से इनकार करना नीति के अनुरूप था। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि बाद में भाई द्वारा त्यागपत्र देने से अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार दोबारा उत्पन्न नहीं होता।

महिलाएं सशक्त व आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार की जिम्मेदारी संभाल रही हैं

सरकार ने बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ और बेटी बढ़ाओ अभियान से उन्हें सशक्त और सबल बनाया है महिलाएं सशक्त व आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार की जिम्मेदारी संभाल रही हैं नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले, इस दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने देवरीकलां में हितग्राही जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित किया भोपाल  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि सरकार महिला सशक्तिकरण की दिशा में लगातार काम कर रही है। सरकार ने बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ और बेटी बढ़ाओ अभियान चलाकर बालिका और महिलाओं को सशक्त व सबल बनाया है। आज महिलाएं स्वसहायता समूह से जुड़कर रोजगार स्थापित कर महिने में 15 हजार रुपये से 17 हजार रुपये तक की आमदनी कमा रही है। राज्यपाल  पटेल रविवार को नरसिंहपुर जिले की ग्राम पंचायत देवरीकलां में आयोजित हितग्राही जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल  पटेल मंगुभाई ने कहा कि आज महिलाएं पुरूषों से भी अधिक परिश्रम कर रही हैं। स्वसहायता समूह के माध्यम से अपना रोजगार स्थापित कर परिवार की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। सरकार के द्वारा बालिकाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर , सशक्त बनाने के लिए लाड़ली लक्ष्मी योजना और लाड़ली बहना योजना प्रारंभ की गई है। प्रदेश की महिलाओं को लाड़ली बहना योजना का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बच्चों का शिक्षा स्तर बढ़ा है। स्कूलों में वार्षिक परीक्षाफल के बेहतर परिणाम आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ  देश में करोड़ों नागरिक गरीबी रेखा की सूची से बाहर आए हैं, जिसका श्रेय केन्द्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जाता है। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी का संकल्प है कि वर्ष 2047 तक भारत विकसित देश बनेगा। सरकार विकसित भारत के साथ स्वस्थ भारत के संकल्प को भी पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले, इस दिशा में सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में लगातार काम कर रही है। नागरिकों को 5 लाख रुपये तक नि:शुल्क इलाज कराने के लिए आयुष्मान कार्ड वितरित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि टीबी के मरीजों का भी लगातार उपचार किया जा रहा है। उन्हें पोषण आहार किट और दवाईयां दी जा रही हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य में सुधार हो सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सिकल सेल की बीमारी को जड़ से समाप्त करना होगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जांच परीक्षण कर सिकल सेल बीमारी से पीड़ित व्यक्तियों को चिन्हित किया जा रहा है। जिससे उनका सफल उपचार किया जा सके। उन्होंने बताया कि सिकल सेल बीमारी के लिए आयुर्वेदिक दवाईयां भी दी जा रही है ।उनका डिजिटल स्वास्थ्य कार्ड भी बनाया जा रहा है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत 0 से 5 वर्ष की आयु तक के बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जा रही है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी नागरिक अपने बच्चों या आसपास के सभी बच्चों को निकटतम पोलियो बूथ में ले जाकर पोलियो की दो बूंद दवा जरूर पिलाएं। उन्होंने कहा कि सिकल सेल बीमारी को प्रदेश से समाप्त करने का अभियान प्रारंभ किया गया है। इस अभियान के तहत सिकल सेल बीमारी से पीड़ित मरीजों की पहचान करना और उनका उपचार तथा पीड़ित परिवार की मदद करना शामिल है। उन्होंने बालिकाओं के संरक्षण में मनाए जाने वाले बालिका दिवस के बारे में भी बताया कि बालिका दिवस हमारे लिए एक महत्वपूर्ण दिन है। स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री  उदय प्रताप सिंह ने कहा कि राज्यपाल  मंगुभाई पटेल को प्रदेश के नागरिकों की अत्यधिक चिंता है। यही वजह है कि वह प्रदेश के विभिन्न जिलों का भ्रमण कर नागरिकों से सीधा संवाद कर रहे हैं। आप प्रदेश के दूरस्थ ग्रामों का भ्रमण करते हैं।धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कृष्ट अभियान सहित विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं से लाभांवित हितग्राहियों से संवाद भी करते हैं। हम सभी को सतत  मार्गदर्शन भी देते हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री आवास योजना से लाभांवित हितग्राहियों से संवाद भी किया। उन्होंने 2120 स्वसहायता समूहों को 32 करोड़ 30 लाख रुपये का चैक प्रदानकिया। आयोजित हितग्राही जनसंवाद कार्यक्रम में टीबी फूड बास्केट, जाति प्रमाण पत्र, आयुष्मान कार्ड, स्वाइल्थ हेल्थ कार्ड का वितरण किया गया। कार्यक्रम में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। राज्यपाल ने कार्यक्रम का बड़ादेव का पूजन कर  शुभारंभ किया।कार्यक्रम मेंआयोजित सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों पर आधारित विकास प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत नवजात से 5 वर्ष की आयु तक के बच्चों को पोलियो की दो बूंद दवा पिलाई।   

PM मोदी बिहार दौरे पर, BJP कार्यकर्ताओं को देंगे चुनाव सफलता के टिप्स

नई दिल्ली/पटना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अक्टूबर को 'मेरा बूथ सबसे मजबूत' अभियान के तहत बिहार के बूथ स्तर के पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बात करेंगे और आगामी विधानसभा चुनावों से पहले उनके सुझाव सुनेंगे। 'मेरा बूथ सबसे मजबूत' अभियान एक लंबे समय से चलने वाला, इंटरैक्टिव आउटरीच अभियान है जिसका उद्देश्य स्थानीय या बूथ स्तर पर अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ पार्टी के संबंधों को मजबूत करना है। एक्स पर एक पोस्ट में पीएम मोदी ने लिखा कि हमारे समर्पित कार्यकर्ता बिहार में भाजपा-एनडीए की जीत के लिए पूरी ऊर्जा के साथ जुट गए हैं। ऐसे समर्पित कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत करने से हमेशा नई प्रेरणा मिलती है। 15 अक्टूबर को मुझे ऐसे कार्यकर्ताओं से सीधे बातचीत करने का अवसर मिलेगा। पीएम ने बीजेपी कार्यकर्ताओं को आमंत्रित करते हुए कहा कि आप सभी 'मेरा बूथ सबसे मजबूत' अभियान से जुड़ें और आज ही अपने सुझाव साझा करें। मैं कुछ चुनिंदा कार्यकर्ताओं से उनके सुझावों पर सीधे चर्चा भी करूंगा। बिहार की 243 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 6 और 11 नवंबर को चुनाव होंगे। मतगणना 14 नवंबर को होगी। भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए, जिसमें जनता दल (यूनाइटेड), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा शामिल हैं, का सीधा मुकाबला राजद के नेतृत्व वाले महागठबंधन से है, जिसमें कांग्रेस, वामपंथी दल और छोटे संगठन शामिल हैं। रविवार तक भाजपा प्रत्याशियों की पहली लिस्ट भी घोषित कर सकती है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए सीट बंटवारे को अंतिम रूप देने और उम्मीदवारों के चयन के लिए नई दिल्ली में व्यापक बैठकें की हैं। राष्ट्रीय जनता दल (राजद), कांग्रेस, वामपंथी दल और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) सहित महागठबंधन में भी अभी तक सीट बंटवारे पर आम सहमति नहीं बना पाया है। महागठबंधन के सहयोगी दल सीट बंटवारे को अंतिम रूप देने और अपने उम्मीदवारों के चयन के लिए काम कर रहे हैं।