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दिल्ली टेस्ट का क्लाइमैक्स बाकी, भारत को जीत के लिए चाहिए 58 रन

नई दिल्ली भारत और वेस्टइंडीज के बीच दो मैचों टेस्ट सीरीज का दूसरा एवं आखिरी मुकाबला दिल्ली के अरुण जेटली स्टेड‍ियम में हो रहा है. इस मुकाबले में चौथे दिन (13 अक्टूबर) का खेल समाप्त हो चुका है. स्टम्प के समय भारतीय टीम ने अपनी दूसरी पारी में एक विकेट पर 63 रन बना लिए हैं. भारत अब जीत से केवल 58 रन दूर है. साई सुदर्शन 30 और केएल राहुल 25 रन बनाकर नाबाद हैं. वेस्टइंडीज की टीम ने भारत को जीत के लिए 121 रनों का टारगेट दिया है. वेस्टइंडीज ने अपनी दूसरी पारी 390 रन बनाए. भारतीय टीम ने इस मुकाबले में अपनी पहली पारी 518/5 के स्कोर पर घोषित कर दी थी. इसके बाद वेस्टइंडीज ने अपनी पहली पारी में 248 रन बनाए. भारत को पहली पारी के आधार पर 270 रनों की लीड मिली और उसने वेस्टइंडीज को फॉलोऑन दिया. टीम इंडिया ने अहमदाबाद में खेले गए सीरीज के पहले टेस्ट मैच में पारी और 140 रनों से जीत हासिल की थी. यानी शुभमन गिल की अगुवाई वाली भारतीय टीम टेस्ट सीरीज में 1-0 से आगे है. रनचेज में भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही. बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसावल 8 रनों के निजी स्कोर पर जोमेल वॉरिकन का शिकार बने. इसके बाद केएल राहुल और साई सुदर्शन ने नाबाद अर्धशतकीय साझेदारी करके भारत को जीत के करीब पहुंचा दिया है. भारत की दूसरी पारी का स्कोरकार्ड: (63/1, 18 ओवर) बल्लेबाज                          विकेट                                               रन यशस्वी जायसवाल     कैच एंडरसन फिलिप, बोल्ड जोमेल वॉरिकन     8 केएल राहुल                     नाबाद                                                      25* साई सुदर्शन                     नाबाद                                                      30* विकेट पतन: 9-1 (यशस्वी जायसवाल, 1.3 ओवर) ऐसी रही वेस्टइंडीज की दूसरी पारी फॉलोऑन खेलते हुए वेस्टइंडीज ने अपनी दूसरी इनिंग्स में तेजनारायण चंद्रपॉल (10 रन) और एलिक अथानाज (7 रन) के विकेट सस्ते में गंवा दिए. 35 रनों पर दो विकेट गिरने के बाद जॉन कैम्पबेल और शाई होप ने तीसरे विकेट के लिए शतकीय पार्टनरशिप करके विंडीज की वापसी कराई. कैम्पबेल अपने टेस्ट करियर का बेस्ट स्कोर बनाने में कामयाब रहे. वहीं शाई होप भी अरसे बाद टेस्ट क्रिकेट में अच्छी लय में दिखे. मैच के चौथे दिन के पहले सेशन में भी जॉन कैम्पबेल और शाई होप का जलवा देखने को मिला. कैम्पबेल ने रवींद्र जडेजा की गेंद पर छक्का लगाकर अपने टेस्ट करियर का पहला शतक पूरा किया. कैम्पबेल ने 199 गेंदों का सामना करते हुए 115 रन बनाए, जिसमें 12 चौके और तीन छक्के शामिल रहे. रवींद्र जडेजा ने कैम्पबेल को एलबीडब्ल्यू आउट करके इस साझेदारी को तोड़ा. कैम्पबेल और होप के बीच तीसरे विकेट के लिए 177 रनों की साझेदारी हुई. जॉन कैम्पबेल के आउट होने के बाद शाई होप संग कप्तान रोस्टन चेज ने मोर्चा संभाला और चौथे विकेट के लिए 59 रनों की पार्टनरशिप की. इस पार्टनरशिप के दौरान होप अपना शतक पूरा करने में सफल रहे. होप के करियर का ये तीसरा शतक रहा. होप 8 साल बाद टेस्ट क्रिकेट में शतक बनाने में कामयाब रहे. होप को मोहम्मद सिराज ने बोल्ड किया. होप ने 214 गेंदों का सामना करते हुए 103 रन बनाए, जिसमें 12 चौके और दो छक्के शामिल रहे. शाई होप के आउट होने के बाद भारतीय गेंदबाजों ने वापसी. कुलदीप यादव ने टेविन इमलाच (12 रन), रोस्टन चेज (40 रन) और खैरी पियरे (0 रन) को चलता किया. वहीं जसप्रीत बुमराह ने जोमेल वॉरिकन (3 रन) और एंडरसन फिलिप (2 रन) को पवेलियन भेजा. 311 रनों पर 9वां विकेट गिरने के बाद जस्टिन ग्रीव्स और जेडन सील्स ने भारतीय टीम को खासा परेशान किया. दोनों ने आखिरी विकेट के लिए 79 रनों की साझेदारी की. ग्रीव्स ने नाबाद 50 और सील्स ने 32 रन बनाए.

मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और नई दिल्ली में सैटेलाइट इन्वेस्टमेंट प्रमोशन ऑफिस स्थापित किए जाएंगे:CM योगी

मुख्यमंत्री ने इन्वेस्ट यूपी के पुनर्गठन को दी मंजूरी, विशेषज्ञ सेल और सैटेलाइट ऑफिस स्थापित होंगे मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और नई दिल्ली में सैटेलाइट इन्वेस्टमेंट प्रमोशन ऑफिस स्थापित किए जाएंगे टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल एवं इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, केमिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स और सर्विस सेक्टर जैसे क्षेत्रों में गठित होंगे विशेषज्ञ सेल इन्वेस्ट यूपी को अधिक कार्यकुशल, विशेषज्ञता-आधारित और निवेशक-केंद्रित संस्था के रूप में विकसित करना है पुनर्गठन का उद्देश्य: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री का निर्देश: प्रत्येक प्रकोष्ठ का कार्यक्षेत्र स्पष्ट, निवेशक केंद्रित और परिणामोन्मुख बनाया जाए 11 महाप्रबंधक/सहायक महाप्रबंधक पदों पर कार्योत्तर स्वीकृति, दो संयुक्त मुख्य कार्यपालक अधिकारी (पीसीएस संवर्ग) की प्रतिनियुक्ति पर होगी तैनाती ‘एकल निवेश सुविधा एजेंसी’ के रूप में और व्यवस्थित होगी इन्वेस्ट यूपी 2024-25 में लगभग 4,000 नई फैक्ट्रियाँ स्थापित, कुल संख्या 27,000 तक पहुंची मुख्यमंत्री ने निवेश मित्र पोर्टल 3.0 के माध्यम से प्रक्रिया सरल और डिजिटल बनाने के निर्देश दिए ‘सेफ सिटी’ की तर्ज पर ‘सेफ इंडस्ट्री’ की परिकल्पना: सीसीटीवी, सुरक्षा और निवेशक विश्वास बढ़ाने पर जोर फोकस कंट्री डेस्क के माध्यम से होगा जापान, कोरिया, जर्मनी और खाड़ी देशों के निवेशकों से सक्रिय संवाद ‘चाइना+1’ रणनीति के तहत बहुराष्ट्रीय कंपनियों का उत्तर प्रदेश में निवेश, 219 कंपनियाँ सक्रिय चरण में मुख्यमंत्री का निर्देश, भूमि अधिग्रहण पर मिले उचित मुआवजा, सर्किल रेट असमानताओं का समापन करायें फॉर्च्यून 1000 सूची की 814 कंपनियों को अकाउंट मैनेजर आवंटित, अब तक 50 नए एमओयू हस्ताक्षरित,280 से अधिक कंपनियों से संवाद प्रगति पर लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को सम्पन्न इन्वेस्ट यूपी शासी निकाय की पहली बैठक में प्रदेश के औद्योगिक निवेश ढांचे को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में इन्वेस्ट यूपी के पुनर्गठन प्रस्ताव को मुख्यमंत्री ने स्वीकृति दी। नए ढांचे के तहत टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल एवं इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, केमिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स और सर्विस सेक्टर जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञ सेल गठित किए जाएंगे। साथ ही मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और नई दिल्ली में सैटेलाइट इन्वेस्टमेंट प्रमोशन ऑफिस स्थापित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से घरेलू और वैश्विक निवेशकों से सीधा संवाद स्थापित कर उत्तर प्रदेश में निवेश को प्रोत्साहित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इन कार्यालयों के संचालन में पारदर्शिता, दक्षता और परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुनर्गठन का उद्देश्य इन्वेस्ट यूपी को अधिक कार्यकुशल, विशेषज्ञता-आधारित और निवेशक-केंद्रित संस्था के रूप में विकसित करना है। बैठक में 11 महाप्रबंधक/सहायक महाप्रबंधक पदों पर कार्योत्तर स्वीकृति दी गई। साथ ही, दो संयुक्त मुख्य कार्यपालक अधिकारी (पीसीएस संवर्ग) को प्रतिनियुक्ति पर तैनात करने तथा भूमि बैंक प्रकोष्ठ गठित करने का निर्णय लिया गया, जिसमें दो पीसीएस अधिकारी (उपजिलाधिकारी/अपर जिलाधिकारी स्तर) तैनात होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि नया ढांचा इन्वेस्ट यूपी को एक ‘एकल निवेश सुविधा एजेंसी’ के रूप में सशक्त बनाएगा, जो न केवल निवेश आकर्षित करेगी बल्कि परियोजनाओं के क्रियान्वयन तक उनकी सक्रिय निगरानी भी सुनिश्चित करेगी। उन्होंने निर्देश दिया कि इस ढांचे को त्वरित प्रभाव से लागू किया जाए और प्रत्येक प्रकोष्ठ का कार्यक्षेत्र स्पष्ट रूप से परिभाषित हो, ताकि निवेश संवर्धन की दिशा में समन्वित और परिणामोन्मुख व्यवस्था विकसित हो सके। बैठक में बताया गया कि बीते कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने औद्योगिक क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्ष 2024-25 में लगभग 4,000 नई फैक्ट्रियाँ स्थापित हुईं, जिससे कुल संख्या लगभग 27,000 तक पहुँच गई है। वर्ष 2022-23 तक प्रतिवर्ष औसतन 500 नई इकाइयाँ स्थापित हो रही थीं, जिनमें अब कई गुना वृद्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के ‘रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म’ मंत्र के सफल क्रियान्वयन से राज्य के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र में आए सकारात्मक परिवर्तन का प्रमाण है। बैठक में निवेश प्रोत्साहन और सुविधा व्यवस्था की समीक्षा की गई। बताया गया कि फॉर्च्यून 1000 सूची की 814 कंपनियों को अकाउंट मैनेजर आवंटित किए गए हैं। अब तक 50 नए एमओयू हस्ताक्षरित हो चुके हैं तथा 280 से अधिक कंपनियों से संवाद प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेशक इकाइयों को भूमि, सब्सिडी आदि के साथ-साथ प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए भी संवाद बढ़ाया जाए। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश अब नीतिगत प्रतिबद्धता नहीं, बल्कि ‘ग्राउंड लेवल डिलीवरी’ का उदाहरण बन चुका है। उन्होंने कहा कि निवेश मित्र पोर्टल 3.0 के माध्यम से आवेदन, स्वीकृति और प्रोत्साहन की प्रक्रिया को और सरल किया जा रहा है, जिससे 30% तक प्रक्रिया समय और 50% तक दस्तावेजी औपचारिकताओं में कमी आएगी। पोर्टल में सिंगल साइन-ऑन, डायनेमिक एप्लीकेशन सिस्टम, एआई आधारित चैटबॉट, थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन और डिजिटल मॉनिटरिंग जैसी सुविधाएँ शामिल की जा रही हैं, जो निवेशकों के अनुभव को और अधिक सुगम बनाएंगी। मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों को निर्देश दिया कि वे मासिक लक्ष्य निर्धारित करें और स्वीकृत परियोजनाओं की ‘लेटर्स ऑफ कम्फर्ट’ जारी करने की प्रक्रिया समयबद्ध रूप से पूरी करें। उन्होंने कहा कि नीति के अनुरूप देय इंसेंटिव बिना किसी बाधा के समय पर वितरित किए जाएँ तथा इंडस्ट्रियल बिल्डिंग बायलॉज को और अधिक व्यावहारिक एवं निवेशक हितैषी बनाया जाए। बैठक में यह भी बताया गया कि फोकस कंट्री डेस्क के माध्यम से जापान, दक्षिण कोरिया, जर्मनी, फ्रांस, रूस, ताइवान, सिंगापुर और खाड़ी देशों के निवेशकों से सक्रिय संवाद स्थापित किया गया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि वैश्विक मंचों पर उत्तर प्रदेश की औद्योगिक छवि को और सुदृढ़ किया जाए तथा प्रत्येक कंट्री डेस्क ठोस निवेश परिणामों पर कार्य करे। मुख्यमंत्री ने यूपीडा, यूपीसीडा, बीडा और अन्य औद्योगिक प्राधिकरणों को ऑटोमोबाइल, फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स और लेदर जैसे क्षेत्रों में क्लस्टर आधारित औद्योगिक विकास पर विशेष ध्यान देने को कहा। बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि ‘चाइना+1’ रणनीति के तहत उत्तर प्रदेश अब बहुराष्ट्रीय कंपनियों का पसंदीदा निवेश केंद्र बन रहा है। वर्तमान में 219 कंपनियाँ निवेश प्रक्रिया के सक्रिय चरण में हैं, जिनमें कई जापान, कोरिया और ताइवान की अग्रणी कंपनियाँ शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इन प्रस्तावों की सतत मॉनिटरिंग की जाए और सभी विभाग इन अवसरों को मूर्त रूप देने के लिए समन्वित ढंग से कार्य करें। बैठक में यह जानकारी भी दी गई कि औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के पास 25,000 एकड़ से अधिक ग्रीनफील्ड भूमि तथा 6,300 एकड़ से अधिक रेडी-टू-मूव भूमि निवेश हेतु उपलब्ध है। … Read more

वन विभाग की कार्यप्रगति पर CM साय की समीक्षा, कलेक्टर-डीएफओ बैठक

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय में कलेक्टर्स और डीएफओ कॉन्फ्रेंस चल रही है. मुख्यमंत्री उच्चस्तरीय बैठक में वन विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं. बैठक में वन मंत्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव विकासशील, अपर अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही श्रीनिवास राव, कलेक्टर, वनमण्डलाधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित हैं. 7 से 15 दिनों के भीतर हो तेंदूपत्ता का भुगतान : सीएम साय सीएम साय ने वनों से आजीविका के तहत तेंदूपत्ता संग्राहकों को लाभान्वित करने पर चर्चा की. उन्होंन कहा कि तेंदूपत्ता का भुगतान सात से 15 दिनों में किया जाना सुनिश्चित किया जाए. सभी भुगतान बैंक खातों के माध्यम से किया जाना सुनिश्चित करें. भुगतान की जानकारी sms के माध्यम से संग्राहक के मोबाइल पर भेजने की व्यवस्था की जाए. लगभग 15 लाख 60 हजार संग्राहक को जानकारी ऑनलाइन मिली. सीएम ने कहा, तेंदूपत्ता संग्रहण की पूरी प्रक्रिया को कंप्यूटरीकृत करने की पहल हो. सीएम साय ने बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर, जिलों में पिछले सीजन में हुए तेंदूपत्ता संग्रहण की जानकारी ली और आने वाले सीजन के लिए कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए. इससे पहले आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस में नशीली दवाओं और मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए. सीएम ने कहा कि नशे के कारण अन्य अपराधों को बढ़ावा मिलता है. इसके लिए अभियान चलाकर कार्रवाई करें. साथ ही अंतरराज्यीय सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने, समय सीमा में PIT NDPS Act के मामलों में कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. वहीं नशाखोरी के खिलाफ व्यापक मुहिम चलाकर युवाओं को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं. महिलाओं से जुड़े मामलों में तत्परता के साथ कार्रवाई के दिए निर्देश मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्टर-एसपी की बैठक जारी है. आज बैठक का दूसरा दिन है. बैठक में प्रदेश की कानून व्यवस्था की समीक्षा की गई. नवीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन को लेकर चर्चा की गई. वहीं जिलों के परफॉर्मेंस पर भी व्यापक समीक्षा हुई. कलेक्टर-एसपी की बैठक में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महिला और बालिका से जुड़े आपराधिक मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्रवाई हो. साथ ही इन अपराधों से जुड़े मामलों में निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत चालान हो. साइबर क्राइम से जुड़े अपराधिक गतिविधियों की समीक्षा बैठक में साइबर क्राइम और इससे जुड़े आपराधिक गतिविधियों की गहन समीक्षा की गई. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि साइबर अपराध के रोज तरीके बदलते है, इसलिए लोगों को जानकारी दी जाए. अंतर्विभागीय समन्वय के साथ लगातार साइबर जागरूकता अभियान चलाने के लिए विशेष पहल हो. साथ ही उन्होंने कहा कि साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर का व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार होना चाहिए. वहीं सीएम ने बताया कि रेंज लेवल में वर्तमान में 5 साइबर थाने संचालित हो रहे हैं, शीघ्र ही 9 थानों का संचालन होगा. बैठक में गृह मंत्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव विकास शील, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सहित रेंज आईजी, कलेक्टर, एसपी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे.

किसानों के चेहरों पर लौटी मुस्कान, भावांतर योजना से मिला लाभ: सीएम मोहन यादव का बयान

भोपाल  भावांतर योजना को लेकर मध्यप्रदेश के किसान बेहद उत्साहित हैं। इस योजना की राशि का लाभ मिलने पर किसानों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को अनोखे अंदाज में धन्यवाद दिया। किसानों ने 12 अक्टूबर को इंदौर के देपालपुर और उज्जैन में जबरदस्त ट्रैक्टर रैली निकाली। सैकड़ों किसान सड़कों पर निकले और प्रदेश के मुखिया का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर प्रदेश के अन्नदाता ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संकट की घड़ी में किसानों को आर्थिक मदद दी है। यह मदद किसानों के जीवन में बदलाव लाएगी। किसानों ने कहा कि सीएम डॉ. यादव ने यह मदद तब दी है, जब त्योहार सिर पर खड़ा है। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्योपुर जिले से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये देपालपुर के किसानों से बात की। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का मानना है कि किसानों की समृद्धि ही प्रदेश की प्रगति का आधार है। इसी भावना के साथ मध्यप्रदेश सरकार ने सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए भावांतर योजना लागू की है। बता दें, आज देपालपुर में किसानों का उत्साह देखते ही बनता था। किसानों ने 11 अक्टूबर की रात ही ट्रैक्टर रैली की सारी तैयारियां कर ली थीं। ट्रैक्टरों पर अलग-अलग तरह के स्लोगन और पोस्टर लगाए गए। उसके बाद किसान एक जगह इकट्ठे हुए और सैकड़ों ट्रैक्टरों को लेकर देपालपुर की सड़कों पर निकल पड़े। किसानों ने रैली से शुरू होने से अंत तक सीएम डॉ. यादव के समर्थन में नारे लगाए। दूसरी ओर, उज्जैन में किसानों की ट्रैक्टर रैली कृषि उपज मंडी परिसर से शुरू होकर आगर रोड, चामुंडा माता चौराहा, फ्रीगंज ओवर ब्रिज, तीन बत्ती चौराहा होते हुए दशहरा मैदान पहुंची। इस रैली में शामिल ट्रैक्टरों पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति आभार व्यक्त करने वाले कई पोस्टर और बैनर लगे थे। किसान कल्याण के लिए संकल्पित सरकार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कुछ दिनों पहले ही कहा था कि प्रदेश सरकार किसानों को सोयाबीन का उचित मूल्य दिलवाने के लिए संकल्पित है। भावांतर योजना के तहत किसानों को राहत देने का फैसला सरकार ने किसान संघों के सुझाव पर किया है। बता दें, किसान पहले की ही तरह सोयाबीन को मंडियों में बेचेगा। मंडी में अगर उन्हें एमएसपी से कम कीमत मिलेगी तो सरकार इस घाटे की भरपाई करेगी। यानी फसल के विक्रय मूल्य और एमएसपी के अन्तर की राशि सरकार देगी। कब से प्रभावशील होगी योजना मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए भावांतर योजना लागू ही है। प्रदेश में ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन की प्रक्रिया 3 अक्टूबर से प्रारंभ हो चुकी है, जो 17 अक्टूबर तक जारी रहेगी। योजना 24 अक्टूबर से प्रभावशील होगी। इस योजना के मुताबिक, अगर किसानों का सोयाबीन न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम कीमत पर बिकता है तो सरकार किसानों के घाटे की भरपाई करेगी।   

PM मोदी का किसानों को तोहफा, ₹35,000 करोड़ की योजनाओं का शुभारंभ, खेती में आत्मनिर्भरता पर ज़ोर

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को नई दिल्ली स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में आयोजित एक भव्य कृषि कार्यक्रम में देश भर के किसानों के साथ सीधा संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने किसान कल्याण और कृषि आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 35,440 करोड़ रुपए की दो महत्वाकांक्षी योजनाओं का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में कृषि, पशुपालन और मत्स्य पालन जैसे क्षेत्रों में अभूतपूर्व सफलता हासिल करने वाले किसानों ने अपने अनुभव साझा किए। प्रधानमंत्री मोदी ने कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए दो प्रमुख योजनाओं, प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना और दलहन में आत्मनिर्भर मिशन की घोषणा की। प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना में 24,000 करोड़ रुपए का परिव्यय रखा गया है, जिसका उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और कृषि पद्धतियों में सुधार करना है। वहीं, दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन में 11,440 करोड़ रुपए के बजट के साथ यह मिशन देश को दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने पर केंद्रित है। इन योजनाओं के अलावा, प्रधानमंत्री ने कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ी 5,450 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। हरियाणा के हिसार जिले के एक चार्टर्ड अकाउंटेंट किसान ने बताया कि वे काबुली चने की खेती के साथ-साथ मूल्य संवर्धन पर भी काम कर रहे हैं। उन्होंने 'दुगारी वाले' ब्रांड के नाम से चना, लहसुन और पापड़ जैसे उत्पाद बनाने के लिए 20 महिला स्वयं सहायता समूहों का गठन किया है। उनके उत्पाद जीएएम पोर्टल के माध्यम से सेना को भी बेचे जा रहे हैं।प्रधानमंत्री मोदी ने छोटे किसानों को समूह बनाकर खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया। इसका एक सफल उदाहरण साझा करते हुए एक किसान ने बताया कि लगभग 1200 एकड़ भूमि पर अवशेष-मुक्त काबुली चने की खेती की जा रही है, जिससे बेहतर बाजार पहुंच और आय सुनिश्चित हुई है। गुजरात के अमरेली जिले के एक एफपीओ ने बताया कि कैसे 2 करोड़ रुपए के जमानत-मुक्त सरकारी ऋण ने उनके 1,700 किसानों के संगठन को सशक्त बनाया।एक किसान ने होटल में रूम बॉय के रूप में काम करने से लेकर 250 से अधिक गिर गायों की गौशाला के मालिक बनने तक की अपनी यात्रा साझा की, जिसमें पशुपालन मंत्रालय की 50 प्रतिशत सब्सिडी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) के लाभार्थियों ने बताया कि कैसे इस योजना ने उन्हें नौकरी खोजने वाले से नौकरी देने वाला बना दिया है। कश्मीर के एक युवक ने मात्र दो वर्षों में 15 लाख रुपए का वार्षिक मुनाफा कमाया और 14 लोगों को रोजगार दिया। मध्य प्रदेश के जबलपुर के एक युवा उद्यमी ने एरोपोनिक तकनीक से बिना मिट्टी के आलू के बीज उगाने की अपनी विधि का प्रदर्शन किया, जिसे प्रधानमंत्री ने मजाकिया अंदाज में "जैन आलू" कहा। कश्मीरी सेब उत्पादकों ने बताया कि कैसे रेल कनेक्टिविटी ने उनके उत्पादों को दिल्ली तक पहुंचाना आसान और सस्ता बना दिया है। किसानों ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना जैसी योजनाओं से उन्हें बीज खरीदने और समय पर बुवाई करने में बहुत मदद मिली है। 6000 रुपए की वार्षिक सहायता हमारे लिए एक वरदान साबित हुई है। बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने बाजरा जैसे मोटे अनाजों (श्री अन्न) को पानी की कमी वाले क्षेत्रों के लिए जीवन रेखा बताया और प्राकृतिक खेती को धीरे-धीरे अपनाने का सुझाव दिया। सत्र का समापन करते हुए, प्रधानमंत्री ने देश भर के किसानों के प्रयासों की सराहना की और कहा कि उनकी सफलता की कहानियां दूसरों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। किसानों ने भी प्रधानमंत्री से सीधे बात करने का अवसर मिलने पर भावुक कृतज्ञता व्यक्त की।

गोल्ड रेट अपडेट: सोना 10 ग्राम के ₹1.23 हजार के पार, अगले साल टच करेगा ₹1.50 लाख का निशान

मुंबई  साल 2025 सोने की कीमतों में ताबड़तोड़ तेजी आई है. फेस्टिव सीजन में तो इसकी कीमतें हर रोज रिकॉर्ड तोड़ते हुए नजर आ रही हैं. सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भी Gold Rate ने नया शिखर छुआ. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का वायदा भाव तगड़ी उछाल के साथ 1,23,977 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए लाइफ टाइम हाई लेवल पर पहुंच गया. वहीं दिवाली जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, घरेलू मार्केट में सोने का भाव बढ़ता जा रहा है. एक्सपर्ट्स की मानें, तो इसकी कीमतें अभी थमन वाली नहीं हैं और अगले साल दिवाली तक तो सोना 1.50 लाख के पार पहुंच सकता है.  सोमवार को सोने में तगड़ा उछाल एमसीएक्स गोल्ड रेट में तेजी का सिलसिला जारी है. सोमवार को कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही इसमें तगड़ा उछाल आया. 1,23,000 रुपये पर खुलने के बाद 5 दिसंबर की एक्सपायरी पर 24 कैरेट गोल्ड तेज रफ्तार पकड़ते हुए 2400 रुपये से ज्यादा चढ़ गया और 1,23,977 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. दिवाली वाले अक्टूबर महीने में गोल्ड प्राइस में इजाफे पर नजर डालें, तो अब तक Gold Price 6,389 रुपये महंगा हो चुका है. बता दें कि 1 अक्टूबर 2025 को इस क्वालिटी के 10 ग्राम सोने का वायदा भाव 1,17,588 रुपये था.  घरेलू मार्केट में भी सोना लगातार अपनी चमक बढ़ा रहा है. इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट पर अपडेट किए गए रेट्स को देखें, तो सोमवार को यहां भी इसकी कीमत में तेज उछाल दर्ज किया गया. 24 कैरेट 10 ग्राम सोने की कीमत बीते शुक्रवार की शाम को 1,21,525 रुपये थी, जो अब बढ़कर 1,23,770 रुपये पर पहुंच चुकी है. इस हिसाब से कैलकुलेट करें, तो गोल्ड रेट 2245 रुपये प्रति 10 ग्राम चढ़ा है. इसके अलावा 22 कैरेट का भाव 1,20,800 रुपये, 20 कैरेट का 1,10,150 रुपये और 18 कैरेट का रेट 1,00,250 रुपये पर पहुंच चुका है. बता दें कि    2025 अब तक 50% उछला सोना जैसा कि बताया साल 2025 सोने में निवेश करने वालों के लिए बंपर ईयर बना है. इस साल अब तक सोने की कीमत लगभग 50% बढ़ चुकी है. वहीं अगर 2022 से तुलना करें, तो गोल्ड रेट में 140 फीसदी के आसपास का उछाल देखने को मिल चुका है. सोने को बढ़ाने में 3 अहम फैक्टर जिम्मेदार माने जा सकते हैं.  पहला कारण: दुनिया भर के देश अमेरिकी डॉलर पर अपनी निर्भरता कम करते हुए अपने रिजर्व में और सोना जोड़ने पर फोकस कर रहे हैं. केंद्रीय बैंकों ने सोने की खरीद में जोरदार इजाफा किया है. यही कारण है कि ये आधिकारिक खरीद दशकों में हाई लेवल पर पहुंच गई है, जिससे गोल्ड प्राइस को सपोर्ट मिल रहा है.  दूसरा कारण: गिरते शेयर बाजारों और अनिश्चित बॉन्ड यील्ड के बीच निवेशक सुरक्षित ठिकाने के तौर पर पहचाने जाने वाले सोने की ओर लगातार रुख कर रहे हैं. इसकी वजह से सोना रखने वाले एक्सचेंज-ट्रेडेड फंडों में नए निवेश लगातार बढ़ रहे हैं और यह डिमांड भी गोल्ड प्राइस को स्थिर रखने में मदद कर रही है. तीसरा कारण: सोने की कीमतों अमेरिका समेत दुनियाभर में मची हलचल का भी असर देखने को मिला है. US Fed द्वारा ब्याज दरों में कटौती और उसकी स्वतंत्रता को लेकर चिंताओं ने सोने में इजाफे को बल दिया है. अमेरिका में शटडाउन के डर ने भी निवेशकों का पैसा सुरक्षित निवेश वाली संपत्तियों की ओर ट्रांसफर किया है.  घनतेरस पर 1.30 लाख पर पहुंचेगा गोल्ड! दिवाली से पहले सोने में उछाल के बीच कई एक्सपर्ट्स घनतेरस तक दाम स्थिर रहने की उम्मीद जता रहे हैं, तो कई का मानना है कि इसमें वर्तमान भाव की तुलना में थोड़ी और तेजी देखने को मिल सकती है. एक्सपर्ट अनुज गुप्ता की मानें तो फिजिकल मार्केट में गोल्ड रेट घनतेरस पर 1,25,000 से 1,30,000 रुपये तक पहुंच सकता है. वहीं तमाम रिपोर्ट्स में अगले वित्तीय वर्ष में सोने की कीमत 1.50 लाख के आस-पास पहुंचने का अनुमान भी जाहिर किया जा रहा है.  आपके पोर्टफोलियो में कितना Gold जरूरी?  सोने की कीमतों में आ रही तेजी के बीच और निवेशकों के लगातार पीली धातु की ओर रुझान के बीच ये जान लेना भी जरूरी है कि आखिर निवेशकों के पोर्टफोलियो में किस हद तक गोल्ड फायदे का सौदा साबित हो सकता है. एक्सपर्ट्स की मानें, तो 10-20% तक सोना सही माना जाता है. अगर ये 20 फीसदी से ज्यादा है, तो रिकॉर्ड कीमत पर अनावश्यक जोखिम बढ़ने का खतरा भी बनता है. वहीं पोर्टफोलियो में 5% कम गोल्ड आपके इसकी कीमतों में होने वाले बदलाव के फायदों से दूर रख सकता है. 

अब भारत का खुद का नेविगेशन ऐप! Mappls लॉन्च, क्या Google Maps की होगी छुट्टी?

नई दिल्ली WhatsApp का स्वदेशी राइवल Arattai को माना जा रहा है. पिछले हफ्ते से लगातार ये ऐप सुर्खियों में बना हुआ है. अब बारी है स्वदेशी Google Maps राइवल Mappls की जो अमेरिकी Maps को टक्कर दे सकता है.  रेलवे और टेलीकॉम मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव ने अमेरिकी माइक्रो ब्लॉगिंग वेबसाइट X पर एक पोस्ट किया. इस पोस्ट के बाद से भारत की प्राइवेट कंपनी CE Info System के शेयर्स 10.7 फीसदी चढ़े. दरअसल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने X पर एक वीडियो पोस्ट किया है. इस पोस्ट में उन्होंने लिखा है 'स्वदेशी Mappls बाय MapmyIndia, Good features.. must try!'. वीडियो में कह रहे हैं कि वो Mappls की टीम से मिले हैं और इस मैप में कई खासियते हैं. Mappls की तारीफ करते हुए अश्विनी वैष्णव ने कहा कि ओवरब्रीज और अडरपास आता है तो वहां पे एक थ्री डायमेंशनल जंक्शन व्यू आता है. किसी बिल्डिंग में मल्टिपल फ्लोर्स हैं तो भी ये मैप बताता है कि किस शॉप में जाना है. लोगों को भी इसे ट्राई करना चाहिए.  रेलवे में यूज होगा स्वदेशी Mappls अश्विनी वैष्णव ने ये भी कहा है कि जल्दी ही रेलवे और Mappls के बीच MoU साइन किया जाएगा ताकि जितने भी अच्छे फीचर्स इस सर्विस में दिए गए हैं उसे यूज किया जा सके.  गौरतलब है कि Mapmyindia भारत की कंपनी है और इसकी पेरेंट कंपनी का नाम CE Info System है. अश्विनी वैष्णव वीडियो में Mapmyindia यूज करते हुए दिख रहे हैं. अश्विनी वैष्णव इस वीडियो में वो ऐपल कार प्ले में Mapmyindia यूद कर रहे हैं. इस दौरान वो इसकी खासियत भी बताते हुए दिख रहे हैं. यहां गूगल मैप्स की तरह ही रियल टाइन मेविगेशन देखा जा सकता है. स्वदेशी Arattai में इंटीग्रेट होगा MapmyIndia? X पर कई लोग पोस्ट करके लिख रहे हैं कि स्वदेशी WhatsApp राइवल Arattai में MapmyIndia को इंटीग्रेट करना चाहिए. एक X पोस्ट में MapmyIndia के डायरेक्टर रोहन वर्मा ने लिखा है कि वो भी चाहते हैं कि Aratti में इसे इंटीग्रेट किया जाए. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा है कि कोई भी ऐप डेवेलपर Mappls API और SDK यूज करके इसे इंटीग्रेट कर सकता है. उन्होंनो पोस्ट में लिक भी शेयर किया है जहां इंटीग्रेशन के तरीकों के बारे में बताया गया है. कैसे काम करता है MapMyIndia का Mappls? CE Info सिस्टम की बात करें तो ये Mappls और Mapmyindia की पेरेंट कंपनी है. ये कंपनी लोकेशन बेस्ड iOT प्रोडक्ट्स और प्लेटफॉर्म्स बनाती है. कंपनी के मुताबिक Mappls भारत के लिए खासतौर पर बना है. इसमें आप बहुत ही लोकल लेवल पर लोकेशन और एड्रेस ढूंढ सकते हैं, जैसे किसी गली, मोहल्ले या गांव तक भी. इसमें Mappls Pin नाम की सुविधा है जिससे आप बहुत आसानी से किसी का सही पता शेयर कर सकते हैं. ये गूगल मैप्स पिन से इंस्पायर्ड है. Mappls के खास फीचर्स:     भारतीय सड़कों के लिए: इसमें स्पीड ब्रेकर, गड्ढे, टोल, रोडब्लॉक, लोकल लेन का नाम जैसे फीचर्स मिलते हैं.     RealView: 360° फोटो में भारत के खास जगहों की झलक देख सकते हैं.     भाषा: हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं में भी इस्तेमाल कर सकते हैं.     सेफ्टी: रोड सेफ्टी अलर्ट, मौसम, एयर क्वालिटी जैसी जानकारी.     ऑफलाइन मैप्स: बिना इंटरनेट के भी नेविगेशन. पहले ऑफलाइन मैप्स डाउनलोड करना होता है.      प्राइवेसी: आपकी सारी जानकारी भारत में ही स्टोर होती है.        

धान की उन्नत किस्म का जायजा, शिवराज सिंह बोले–बदलिए खेती का तरीका, मिलेगा बेहतर मुनाफा

विदिशा  केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज चौहान विदिशा के ग्राम बामनखेडा पहुंचे. यहां आयोजित 'धान कृषकों से आयोजित संवाद कार्यक्रम' को सम्बोधित करते हुए कहा कि, ''खेती का पैटर्न बदलकर कैसे लाभ में परिवर्तित करें इसके लिए अच्छे खाद, बीज के साथ-साथ उन्नत तकनीकी जरूरी है.'' उन्होंने किसानों से आव्हान किया कि, ''मिट्टी परीक्षण जरूर कराएं ताकि अनावश्यक खाद से खेती जमीन को बचाया जा सके.'' बासमती धान की नई किस्म पीबी 1885 व 1886 लगाई केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि, ''आईआईआर (भारतीय कृषि अनुसंधान) दिल्ली से पहली बार बासमती धान की किस्म पीबी 1885 व 1886 प्रायोगिक तौर पर खेतों में लगाई है. पहले मैं स्वंय प्रयोग करूंगा इसके बाद किसानों को अभिप्रेरित करूंगा. इस किस्म में दवा डालने की जरूरत नहीं पड़ती है. भारतीय कृषि अनुसंधान के द्वारा प्रमाणित बासमती के इस बीज का उत्पादन अन्य बीजों की तुलना में अधिक उत्पादन देता है और पानी भी कम लगता है. एकीकृत कृषि यूनिट का मकसद है कि हम खेती के साथ-साथ अन्य उत्पाद जैसे फल सब्जी और गौपालन से खेती को मुनाफे में परिवर्तित करें." 'अपना घर आश्रम' कार्यक्रम में शामिल हुए शिवराज सिंह  शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, ''किसानों के छोटे-छोटे ग्रुपों में इस प्रकार के आयोजन कर उन्हें सुगमता से जानकारी देना और प्रश्नोत्तरी संवाद के माध्यम से उनकी कृषि संबंधी जिज्ञासाओं का समाधान करना है.'' कार्यक्रम में हरियाणा पानीपत के कृषक प्रीतम सिंह ने विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत किए गए नवाचारों को रेखांकित किया. उन्होंने कृषि की भाषा सीखने के लिए उदाहरण प्रस्तुत किए.'' शिवराज सिंह ने लिया खेतों का जायजा बामनखेडा के प्रगतिशील कृषक बृजेश दुबे ने बासमती धान की नई किस्म पीबी 1885 एवं 1886 अपने खेतो में लगाई है. शिवराज सिंह ने उन खेतों में पहुंचकर धान का जायजा लिया. कृषक प्रीतम सिंह ने धान वैरायटी के अंतरों पर भी गहन प्रकाश डाला. निरीक्षण भ्रमण के दौरान विदिशा विधायक मुकेश टण्डन, नटेरन जनपद पंचायत के सदस्य अंशुल शर्मा समेत अन्य जनप्रतिनिधि तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे. ग्राम वामनखेडा में धान फसल पर आयोजित संगोष्ठि कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिकों ने कृषि क्षेत्र में नवाचारों के माध्यम से कम लागत पर अधिक उत्पादन कैसे लें इसको लेकर संबोधित किया. वहीं किसानों की जिज्ञासाओं का भी समाधान मौके पर किया गया. अपना घर आश्रम' कार्यक्रम में शामिल हुए शिवराज सिंह रविवार को केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान विदिशा के प्रवास पर रहे. इस दौरान विविध कार्यक्रमों में सम्मिलित हुए. विट्ठल नगर में स्थित अपना घर आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में तथा नवीन व्यापार आध्या इंटरप्राइजेस के उद्घाटन कार्यक्रम में सम्मिलित हुए है. विदिशा जिला मुख्यालय पर आयोजित लोकतंत्र सेनानी सम्मेलन में शामिल होकर लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान किया. अपना घर आश्रम कार्यक्रम में पहुंचे शिवराज सिंह चौहान  विट्ठल नगर में स्थित अपना घर आश्रम को स्थापित हुए 2 वर्ष पूरे हो गए हैं. इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान सम्मिलित हुए. उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि, ''विदिशा शहर और जिला समाज सेवियों से भरा पड़ा है. विभिन्न सामाजिक संगठन लोगों की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहता है. अपना घर आश्रम भी उसी में से एक है. मैंने आज के कार्यक्रम के दौरान प्रबुद्ध जन समाज सेवियों के साथ भी चर्चा करने का विचार किया था जो समय अभाव के कारण अभी रद्द किया गया है, आगामी दिनों में इसे किया जाएगा.'' लोगों को बर्बाद कर रहा नशा नशे को लेकर शिवराज सिंह चौहान ने मंच से कहा कि, ''नशे से पीढ़ियां बर्बाद हो रही हैं. गंजबासौदा जैसे शहर में सफेद पाउडर का चलन मन को बेचैन कर देता है. यह काम सरकारी नहीं है और यह काम सरकार कर भी नहीं सकती. इसलिए समाज को ही करना पड़ेगा. इसलिए विदिशा में प्रबुद्ध जनों समाजसेवियों की कमी नहीं है, हम विदिशा को आदर्श बना सकते हैं.''

मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे का लेटर: क्या कर्नाटक में RSS पर लगेगा बैन?

 बेंगलुरु राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपने 100 साल पूरे कर लिए हैं और उसका देश भर में जश्न मना रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी ने शताब्दी वर्ष से जुड़े एक आयोजन में हिस्सा लिया था और आरएसएस के सम्मान में डाक टिकट और सिक्का जारी किया था। लेकिन कर्नाटक में उसकी गतिविधियों पर बैन भी लगाया जा सकता है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे प्रियांक ने एक पत्र सिद्धारमैया सरकार को लिखा है, जिसमें संघ पर आरोप लगाया है कि वे संविधान से इतर गतिविधियां करते हैं। उनकी ओर से युवाओं और बच्चों को उकसाया जाता है ताकि देश की एकता और अखंडता पर खतरा पैदा हो। अब इस लेटर के आधार पर सिद्धारमैया ने राज्य की मुख्य सचिव शालिनी रजनीश से कहा है कि वे पूरे मामले को समझें और उसकी जानकारी लेने के बाद जरूरी ऐक्शन लें। प्रियांक खरगे सिद्धारमैया की सरकार में आईटी मिनिस्टर की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। प्रियांक खरगे के प्रस्ताव पर भाजपा ने तीखा विरोध जाहिर किया है। भाजपा का कहना है कि अपनी असफलताओं से जनता का ध्यान खींचने के लिए सरकार चाहती है कि एक नया मुद्दा खड़ा हो जाए। इसके अलावा कांग्रेस में सीएम पद के लिए मची आंतरिक कलह को भी इसकी एक वजह बताया है। बता दें कि पिछले दिनों डीके शिवकुमार ने विधानसभा में आरएसएस की प्रार्थना की दो पंक्तियां सुनाई थीं और उसकी तारीफ की थी। प्रियांक खरगे ने पत्र में मांग की है कि आरएसएस की गतिविधियों पर बैन लगे। जैसे शाखा और बैठकों पर पाबंदी लगे। इसके अलावा सार्वजनिक कार्यक्रमों पर भी रोक लगे। सरकारी स्कूल, सहायता प्राप्त स्कूल, खेल के मैदान आदि पर शाखाएं ना लगने दी जाएं। इसके अलावा सरकार के अंतर्गत आने वाले मंदिरों के इस्तेमाल पर भी रोक लगे। प्रियांक ने कहा कि आरएसएस अपनी गतिविधियों से नफरत के बीज बो रहा है। पुलिस से परमिशन के बिना ही आरएसएस के कार्यकर्ता लाठी लेकर चलते हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने कहा कि संघ की बढ़ती लोकप्रियता कांग्रेस को पच नहीं रही है। अब वह असहिष्णु हो चुकी है। उन्होंने कहा कि ऐसी पूरे देश में कोई घटना नहीं है, जब आरएसएस के लोगों ने कोई अनुशासनहीनता दिखाई हो। उन्होंने कहा कि कांग्रेस तो लंबे समय से खिलाफ ही रही है, लेकिन आरएसएस की अपनी भूमिका है और देश रक्षा के लिए वह हमेशा तत्पर रहा है।

मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में दूसरे दिन की बैठक शुरू, महिला और बालिका से जुड़े अपराधों में तत्परता पर जोर

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्टर-एसपी की बैठक शुरू हो गई है. आज बैठक का दूसरा दिन है. बैठक में प्रदेश की कानून व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है. नवीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन को लेकर चर्चा जारी है. वहीं जिलों के परफॉर्मेंस पर भी व्यापक समीक्षा हो रही है. कलेक्टर-एसपी की बैठक में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महिला और बालिका से जुड़े आपराधिक मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्रवाई हो. साथ ही इन अपराधों से जुड़े मामलों में निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत चालान हो. साइबर क्राइमों की समीक्षा बैठक में साइबर क्राइम और इससे जुड़े आपराधिक गतिविधियों की गहन समीक्षा की जा रही है. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि साइबर अपराध के रोज तरीके बदलते है, इसलिए लोगों को जानकारी दी जाए. अंतर्विभागीय समन्वय के साथ लगातार साइबर जागरूकता अभियान चलाने के लिए विशेष पहल हो. साथ ही उन्होंने कहा कि साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर का व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार होना चाहिए. वहीं सीएम ने बताया कि रेंज लेवल में वर्तमान में 5 साइबर थाने संचालित हो रहे हैं, शीघ्र ही 9 थानों का संचालन होगा. इस बैठक में गृह मंत्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव विकास शील, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सहित रेंज आईजी, कलेक्टर, एसपी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित है.