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इजरायल में बंधक संकट खत्म, पीएम मोदी बोले – ट्रंप के प्रयासों से मिली बड़ी राहत

नई दिल्ली इजरायल और हमास के बीच सीजफायर की घोषणा के बाद सोमवार को हमास ने सभी 20 बंधकों को रिहा कर दिया। इसके एलान करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को धन्यवाद कहा और इसे मिडिल ईस्ट के लिए एक नया सवेरा बताया। इजरायल और हमास के बीच शांति समझौता और फिर बंधकों की रिहाई को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र इसका स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि करीब दो साल बाद बंधकों को रिहा करने का कदम स्वागत योग्य है। पीएम मोदी ने ट्रंप का इस मामले पर समर्थन भी जताया है।  

NDA की उम्मीदवार सूची का ऐलान टला, मांझी-कुशवाहा विवाद बना बाधा

पटना बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सीट बंटवारे को लेकर जीतनराम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा की नाराजगी ने सीट और कैंडिडेट लिस्ट की घोषणा टलवा दी है। शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस की सूचना थी, लेकिन वह स्थगित हो गई। इस बात की जानकारी देने वाला जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) का ट्वीट भी डिलीट हो गया है। एनडीए नेताओं ने रविवार की शाम सीट बंटवारे को आपसी सहमति से करने का दावा किया था। मांझी को छोड़कर बाकी सारे नेताओं ने एक ही तरह का ट्वीट भी किया था। बाद में मांझी ने कहा कि जो मिला वो संतुष्ट हैं, लेकिन कम सीट मिलने का खामियाजा एनडीए को भुगतना पडे़गा। बाद में कुशवाहा भी शेरो-शायरी करने लगे। धर्मेंद्र प्रधान संकट को सुलझा रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा है कि कल ऐलान होगा और 15 से 18 अक्टूबर तक एनडीए के सारे कैंडिडेट नामांकन कर देंगे। एनडीए के सीट बंटवारे में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और जेडीयू को 101-101 सीट मिली है। चिराग पासवान की लोजपा-आर को 29, उपेंद्र कुशवाहा की रालोमो और जीतनराम मांझी की हम को 6-6 सीट मिली है। इसको लेकर कुशवाहा और मांझी की पार्टी में भारी बवाल मचा है। मांझी 15 सीट मांग रहे थे जबकि कुशवाहा भी कम से कम 10 सीट की उम्मीद में थे। चिराग ने इन दोनों नेताओं से लगभग 5 गुना सीट झटका है जो उनकी परेशानी का कारण है। दोनों की पार्टी में भी टिकट के दावेदारों के इस्तीफे का दबाव है। नीतीश फिनिश, संजय झा ने मिशन पूरा कर लिया; एनडीए के सीट बंटवारे पर बोले पप्पू यादव एनडीए के सीट बंटवारे को लेकर विपक्षी दल भी जेडीयू और नीतीश कुमार की स्थिति पर तंज कस रहे हैं। राजद प्रवक्ता मनोज झा और निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने कहा कि असल में इस सीट बंटवारा में बीजेपी प्लस 142 है और नीतीश की जेडीयू 101। राजद और कांग्रेस के नेताओं ने जेडीयू और बीजेपी के बराबर सीटें लड़ने को लेकर कहा है कि चुनाव के बाद नीतीश कुमार को कुर्सी से उतार दिया जाएगा।  

स्थापना दिवस पर फोकस रहेगा रोजगार और उद्योग पर, सीएम डॉ. यादव ने दी थीम की घोषणा

उद्योग और रोजगार वर्ष की थीम पर मनाया जाए प्रदेश का स्थापना दिवस : मुख्यमंत्री डॉ.यादव आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के लिए हुए प्रयासों को प्रमुखता से करें प्रदर्शित एक नवम्बर को राज्य उत्सव के रूप में मनेगा स्थापना दिवस राजधानी के साथ संभाग और जिला स्तर पर भी हों भव्य कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 1 नवंबर मध्यप्रदेश स्थापना दिवस समारोह के संबंध में दिए निर्देश भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 1 नवंबर मध्यप्रदेश स्थापना दिवस उद्योग एवं रोजगार वर्ष की थीम पर मनाया जाए। आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश को लेकर हुए नवाचारों और विशेष गतिविधियों का प्रभावी रूप से प्रस्तुतीकरण किया जाए। 'रोजगार के मंदिर हैं उद्योग' की थीम के साथ कौशल उन्नयन, तकनीकी शिक्षा, उद्यमशीलता के विकास सहित युवाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने वाली सभी गतिविधियों का स्थापना दिवस संबंधी कार्यक्रमों में प्रभावी और आकर्षक प्रस्तुतीकरण किया जाए। साथ ही प्रदेश में धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन गतिविधियों से अर्थव्यवस्था में आई गतिशीलता पर भी प्रस्तुतीकरण हों। स्थापना दिवस पर बीते दो वर्षों में हुए नवाचारों को भी प्रदर्शित किया जाए। स्थापना दिवस को राज्य उत्सव के रूप में मनाया जाए। भोपाल में होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम के साथ सभी जिला और संभागीय मुख्यालयों पर भी भव्य कार्यक्रम आयोजित हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 1 नवंबर मध्यप्रदेश स्थापना दिवस समारोह के संबंध में मंत्रालय में सोमवार को हुई बैठक में यह निर्देश दिए। प्रसिद्ध पार्श्व गायक  जुबिन नौटियाल एक नवम्बर को देंगे प्रस्तुति बैठक में बताया गया कि मध्यप्रदेश स्थापना दिवस 1 नवंबर को भोपाल में होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रसिद्ध पार्श्व गायक  जुबिन नौटियाल प्रस्तुति देंगे। लाल परेड ग्राउंड में होने वाले इस कार्यक्रम में कृष्ण के भक्ति पदों की प्रस्तुति के साथ ही विरासत से विकास की थीम पर ड्रोन-शो होगा। साथ ही आतिशबाजी भी होगी। मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर दो और तीन नवंबर को राज्य स्तरीय कार्यक्रम में लाल परेड ग्राउंड पर महानाट्य -सम्राट विक्रमादित्य की प्रस्तुति होगी। साथ ही दो एवं तीन नवम्बर को सुगम संगीत की प्रस्तुतियां भी होंगी। औद्योगिक विकास और अर्थव्यवस्था की उपलब्धियां भी होंगी प्रदर्शित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्थापना दिवस समारोह की गतिविधियों में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों के हितग्राहियों को भी शामिल किया जाए। उनके सम्मेलन और रैलियां आयोजित हों। साथ ही जिलों में प्रमुख उद्योगपतियों और प्रदेश की अर्थव्यवस्था में योगदान देने वाले व्यक्तियों और समूहों की उपलब्धियों को भी शामिल किया जाए। प्रदेश के सभी अंचलों में समान रूप से गतिविधियां हों, हर जिला अपनी प्रगति और उपलब्धियों जिला स्तर पर प्रस्तुत करे। साथ ही स्व-सहायता समूह और आईटीआई, पॉलिटेक्निक सहित अन्य संस्थाओं द्वारा युवाओं, महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए किए गए प्रयासों, कृषक संगठनों द्वारा किसान कल्याण के लिए संचालित गतिविधियों के प्रदर्शन को भी समारोह का हिस्सा बनाया जाए। विभिन्न विषयों पर प्रदर्शनियों के साथ लगेगा देशज व्यंजनों का मेला बैठक में बताया गया कि स्थापना दिवस पर जननायकों के जीवन और अवदान पर भोपाल और जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। इसके साथ 'एक जिला-एक उत्पाद', सम्राट विक्रमादित्य और अयोध्या, सम्राट विक्रमादित्य के सील और सिक्के, मंदिर स्थापत्य तथा भारतीय ऋषि परम्परा पर प्रदर्शनियों को आयोजन किया जाएगा। इसी क्रम में एक से 3 नवम्बर तक वन मेला, ड्रोन टैक वर्कशॉप और एक्सपो, मध्यप्रदेश की पारंपरिक कला प्रदर्शनी, प्रदेश में विरासत से विकास, प्रदेश की बावड़ियों, भोज और भोपाल आदि विषय पर प्रदर्शनी और देशज व्यंजनों का मेला भी आयोजित किया जाएगा। बैठक में मुख्य सचिव  अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव  संजय दुबे,  नीरज मंडलोई,  संजय शुक्ला,  शिवशेखर शुक्ला, प्रमुख सचिव  राघवेंद्र सिंह और मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार  राम तिवारी उपस्थित थे।  

राजस्थान को विकास की रफ्तार देंगे 9,300 करोड़, अमित शाह ने की योजनाओं की घोषणा

जयपुर  केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सोमवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की उपस्थिति में सीतापुरा स्थित जयपुर एग्जीबिशन एवं कन्वेंशन सेंटर (जेईसीसी) में 9 हजार 300 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का शिलान्यास व लोकार्पण किया। शाह नवीन आपराधिक कानूनों पर आयोजित राज्य स्तरीय 6 दिवसीय प्रदर्शनी 'नव विधान-न्याय की नई पहचान' के उद्घाटन के लिए जयपुर आए थे। केन्द्रीय गृहमंत्री ने राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 के तहत प्राप्त निवेश प्रस्तावों में से 4 लाख करोड़ रुपये के एमओयू की ग्राउण्ड ब्रेकिंग की। उन्होंने विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म के लिए 260 करोड़ रुपये एवं दुग्ध उत्पादकों को दूध सब्सिडी के 364 करोड़ रुपये की राशि का हस्तान्तरण किया। उन्होंने 150 यूनिट मुफ्त बिजली योजना के तहत रजिस्ट्रेशन का शुभारम्भ भी किया। उन्होंने प्रदेश के दूरदर्शी विकास की संकल्पना को समर्पित ‘विकसित राजस्थान-2047 कार्ययोजना’ का विमोचन भी किया।  4 करोड़ रुपये के MPU की ग्राउंड ब्रेकिंग, मुफ्त बिजली योजना का आगाज अमित शाह ने राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 के तहत 4 लाख करोड़ रुपये के निवेश एमओयू की ग्राउंड ब्रेकिंग की। उन्होंने छात्रों को यूनिफॉर्म के लिए 260 करोड़ रुपये और दुग्ध उत्पादकों को दूध सब्सिडी के 364 करोड़ रुपये वितरित किए। इसके अलावा 150 यूनिट मुफ्त बिजली योजना का भी शुभारंभ किया गया। विकास कार्यों का लोकार्पण शासन ने भुसावर बाईपास, सड़क निर्माण, पशु चिकित्सा उपकेंद्र, स्वास्थ्य केंद्रों, शैक्षणिक संस्थानों, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों, महिला पॉलिटेक्निक और आईटीआई भवनों सहित अनेक परियोजनाओं का लोकार्पण किया। जल जीवन मिशन, अमृत 2.0, पीएम-कुसुम योजना और ग्रामीण जल परियोजनाओं के तहत भी कई निर्माण कार्य शुरू किए गए। लोकार्पण की सूची   योजना/कार्य रुपये लागत भुसावर बाईपास एवं सड़क निर्माण 436.54 करोड़ रुपये के 20 कार्य पशु चिकित्सा उपकेंद्र एवं पशु चिकित्सालय 1108.57 करोड़ रुपये के 57 कार्य खारा पानी एक्वाकल्चर प्रयोगशाला, चूरू 1.40 करोड़ रुपये के कार्य बीमा भवन, उप-पंजीयक एवं उप-महानिरीक्षक कार्यालय, जयपुर 179.69 करोड़ रुपये के 3 कार्य अभीम योजना के तहत ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट 615.81 करोड़ रुपये के 12 कार्य 15वां वित्त आयोग के तहत उप-स्वास्थ्य केंद्र 723.10 करोड़ रुपये के 21 कार्य एनआरएचएम के तहत ड्रग वेयर हाउस एवं लैक्टेशन मैनेजमेंट यूनिट, चित्तौड़गढ़ 158.60 करोड़ रुपये के 2 कार्य वन स्टॉप सेंटर भवन 73.62 करोड़ रुपये के 2 कार्य राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, भोपालगढ़ (जोधपुर) 667.65 करोड़ रुपये के कार्य डाइट, राजकीय माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालय भवन 25.40 करोड़ रुपये के 9 कार्य राजकीय आयुर्वेद औषधालय भवन 350.00 करोड़ रुपये के 12 कार्य राजकीय होम्योपैथिक औषधालय भवन 32.44 करोड़ रुपये के 2 कार्य जल जीवन मिशन के पेयजल परियोजनाएँ 236.75 करोड़ रुपये के 3 कार्य स्मार्ट सिटी मिशन (कोटा शहर) जल वितरण प्रणाली 12.55 करोड़ रुपये के कार्य लव-कुश वाटिका, जोरमा, उदयपुर 136.96 करोड़ रुपये के कार्य सिंथेटिक एथलेटिक ट्रेक 38.83 करोड़ रुपये के 4 कार्य अकादमी भवन, इंडोर हॉल एवं जिम हॉल 23.00 करोड़ रुपये के 6 कार्य मिनी एवं इंडोर स्टेडियम 9.00 करोड़ रुपये के 2 कार्य सेक्टर-22, प्रताप नगर आवासीय योजना 25.21 करोड़ रुपये के 3 कार्य लघुवन उपज प्रशिक्षण केंद्र, उदयपुर एवं राजकीय जनजाति बालिका आश्रम, बिलिया बडगामा 4.55 करोड़ रुपये के 2 कार्य देवनारायण योजना के तहत आवासीय विद्यालय एवं छात्रावास 22.49 करोड़ रुपये के 3 कार्य नर्सिंग कॉलेज, बूंदी 18.63 करोड़ रुपये के कार्य अल्पसंख्यक बालक/बालिका छात्रावास 14.35 करोड़ रुपये के 6 कार्य अल्पसंख्यक बालक/बालिका आवासीय विद्यालय 71.62 करोड़ रुपये के 5 कार्य कॉमन सर्विस सेंटर भवन 3.68 करोड़ रुपये के 2 कार्य राजकीय महिला पॉलिटेक्निक महाविद्यालय, टपूकड़ा 28.50 करोड़ रुपये के कार्य पंचायत समिति, ग्राम पंचायत कार्यालय, अंबेडकर भवन, सामुदायिक केंद्र एवं नाली निर्माण 2.86 करोड़ रुपये के 5 कार्य बायोगैस प्लांट, गौशाला उदयपुर एवं पाली 0.81 करोड़ रुपये के 2 कार्य विद्यालय भवन, कक्षा कक्ष, पुस्तकालय एवं प्रयोगशालाएँ 8.54 करोड़ रुपये के 19 कार्य डूंगरपुर में नवीन जिला कारागृह 13.47 करोड़ रुपये के कार्य अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय, पुलिस थाना एवं चौकी 7.82 करोड़ रुपये के 7 कार्य एनिकट निर्माण एवं मरम्मत 26.96 करोड़ रुपये के 4 कार्य कमांड क्षेत्र में पक्के जलमार्ग निर्माण एवं पुनर्वास 73.99 करोड़ रुपये के 3 कार्य राजकीय महाविद्यालय, कन्या महाविद्यालय एवं कृषि महाविद्यालय 160.82 करोड़ रुपये के 30 कार्य जगतपुरा जोन में सड़क निर्माण 4.87 करोड़ रुपये के 8 कार्य 33/11 केवी जीएसएस निर्माण 128.98 करोड़ रुपये के 58 कार्य पीएम-कुसुम योजना 1029.44 करोड़ रुपये के 161 कार्य 220 केवी जीएसएस कारोली एवं रायला 117.52 करोड़ रुपये के 2 कार्य 132 केवी जीएसएस एवं संबंधित लाइन 258.02 करोड़ रुपये के 7 कार्य राजस्थान के दूरदर्शी विकास की दिशा, करोड़ों रुपये की लागत के विकास कार्याें का शिलान्यास अमित शाह ने 'विकसित राजस्थान-2047 कार्ययोजना' का विमोचन कर राज्य के दीर्घकालिक विकास और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान देने की महत्वाकांक्षा जताई। इस दौरान विभिन्न जिलों में सामुदायिक भवन, छात्रावास, नर्सिंग और स्वास्थ्य केंद्रों के भी शिलान्यास हुए। शिलान्यास की सूची   योजना/कार्य रुपये लागत जवाई पुलिया, सिरोही 1405.00 करोड़ रुपये के 67 कार्य राजस्थान ग्रामीण जल प्रदाय एवं फ्लोरोसिस मिटिगेशन परियोजना फेज-2 1039.98 करोड़ रुपये के कार्य पीएम-कुसुम योजना 805.38 करोड़ रुपये के 172 कार्य 220 केवी के 5 जीएसएस, 132 केवी के 10 जीएसएस और संबंधित लाइन 961.18 करोड़ रुपये के कार्य जल जीवन मिशन, नागौर लिफ्ट परियोजना प्रथम चरण 404.41 करोड़ रुपये के 3 कार्य अमृत 2.0 योजनांतर्गत शहरी पेयजल योजना 196.00 करोड़ रुपये के 12 कार्य जिला अस्पताल, चूरू एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के भवन 172.57 करोड़ रुपये के 15 कार्य सालासर में सहायक अभियंता कार्यालय एवं 33 केवी जीएसएस 127.86 करोड़ रुपये के 46 कार्य सोलर आधारित फव्वारा पद्धति से सिंचाई सुविधा 165.81 करोड़ रुपये के 3 कार्य 15वें वित्त आयोग के तहत चिकित्सा स्वास्थ्य केंद्र 108.99 करोड़ रुपये के 74 कार्य राज्य मद से चिकित्सा स्वास्थ्य केंद्र 54.40 करोड़ रुपये के 18 कार्य राजकीय आईटीआई भवन निर्माण 37.16 करोड़ रुपये के 4 कार्य राज्य के विभिन्न शिक्षण संस्थान 80.15 करोड़ रुपये के 54 कार्य जल जीवन मिशन आपणी योजना फेज-प्रथम (चूरु-बिसाऊ फीडर) 99.77 करोड़ रुपये के कार्य पेयजल सप्लाई पाइपलाइन एवं उच्च जलाशय निर्माण 39.20 करोड़ रुपये के 8 कार्य जल जीवन मिशन के तहत जल योजना 77.20 करोड़ रुपये के 44 कार्य ग्रामीण जल योजना, भरतपुर, धौलपुर, जैसलमेर 58.63 करोड़ … Read more

कमलनाथ सरकार क्यों गिराई? सिंधिया का बड़ा बयान, जनता के सामने खोले पुराने राज

शिवपुरी  केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने  लाड़ली बहना योजना महिला सम्मेलन में कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। कमलनाथ की सरकार गिराने को लेकर उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में महिलाओं को बोझ समझा जाता था, उनके हित में कभी नहीं सोचा गया। अगर मैंने सरकार नहीं गिराई होती, तो आज मातृशक्ति को ये लाभ नहीं मिल पाता। सिंधिया ने यह बयान शिवपुरी जिले के पिछोर में आयोजित राज्य स्तरीय सम्मेलन के दौरान दिया। उन्होंने कहा कि आज मातृशक्ति देश का भविष्य बन गई है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव तक महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए कार्य कर रहे हैं। कार्यक्रम में मंच पर जब पुरुष जनप्रतिनिधि बैठे नजर आए, तो सिंधिया ने सभी को मंच से उतरने को कहा और महिलाओं को मंच पर बैठाया। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां भी महिला जनप्रतिनिधि हों, वहीं कार्य करें — उनके पति या परिवार के अन्य सदस्य नहीं।  सिंधिया ने इस दौरान अपनी दादी राजमाता विजयाराजे सिंधिया की 106वीं जयंती पर उन्हें नमन किया और कहा कि उन्होंने नारी सशक्तिकरण का देशव्यापी आंदोलन चलाया था। इसके अलावा उन्होंने क्रांति देवी नाम की महिला का उदाहरण देते हुए कहा कि “उन्होंने मात्र ₹1000 के निवेश से लाखों की कमाई शुरू कर दी है, यही है सच्चा सशक्तिकरण।” इस कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, पिछोर विधायक प्रीतम लोधी, जिला पंचायत अध्यक्ष नेहा यादव और शिवपुरी विधायक देवेंद्र जैन सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। 

मोहन सरकार का दिवाली गिफ्ट संभव! मप्र में बढ़ सकता है डीए-डीआर, केंद्र से 3% पीछे

भोपाल  केंद्र सरकार द्वारा अपने कर्मचारियों को 3% महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) बढ़ाने के फैसले के बाद मध्य प्रदेश के कर्मचारी भी सक्रिय हो गए हैं। प्रदेश के कर्मचारी संगठनों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से दीपावली से पहले समान लाभ देने की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि त्योहार के पहले बोनस और फेस्टिवल एडवांस में बढ़ोतरी की घोषणा की जाए, ताकि वे अपने परिवार के साथ खुशियां मना सकें। 3% डीए-डीआर और बोनस की मांग मध्यप्रदेश के कर्मचारियों ने दीपावली से पहले 3% महंगाई भत्ता और महंगाई राहत (डीए-डीआर) देने की मांग की है। साथ ही उन्होंने बोनस और फेस्टिवल एडवांस की राशि बढ़ाने की भी मांग की है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि त्योहारी सीजन में खर्च बढ़ जाता है, इसलिए सरकार को समय रहते राहत प्रदान करनी चाहिए।तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने कहा- दीपावली पर हर घर में खर्च बढ़ जाता है। ऐसे में सरकार को बोनस के साथ 3% डीए और डीआर देना चाहिए। इससे प्रदेश के 10 लाख से अधिक कर्मचारी और पेंशनर्स लाभान्वित होंगे। प्रदेश में मिल रहा 55% डीए, केंद्र में बढ़कर हुआ 58% वर्तमान में मध्यप्रदेश के कर्मचारियों को 55% की दर से महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। वहीं, केंद्र सरकार के कर्मचारियों का डीए अब 3% बढ़कर 58% हो गया है। राज्य के कर्मचारियों का डीए जुलाई 2025 से ड्यू है, जिसे अभी तक नहीं बढ़ाया गया है। इससे प्रदेश के कर्मचारियों में नाराजगी है, क्योंकि उन्हें हमेशा केंद्र के बाद देरी से डीए वृद्धि मिलती है। 29 साल से बंद है बोनस कर्मचारी संगठनों ने याद दिलाया कि वर्ष 1996 से प्रदेश में बोनस बंद है। उस समय कर्मचारियों को 1079 रुपए तक बोनस के रूप में दिया जाता था। केंद्र सरकार और रेलवे आज भी अपने कर्मचारियों को दीपावली बोनस देती हैं, लेकिन मध्यप्रदेश में यह सुविधा वर्षों से बंद है।कर्मचारी संगठनों ने कहा- सरकार कहती है कि राज्य कर्मचारियों को केंद्र के समान सुविधाएं दी जा रही हैं, लेकिन बोनस न देना उनकी ‘कथनी और करनी’ में फर्क दिखाता है। 10 लाख कर्मचारी-पेंशनर्स होंगे प्रभावित तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने कहा कि दीपावली के अवसर पर हर घर में खर्च बढ़ जाता है। ऐसे में सरकार को कर्मचारियों को आर्थिक राहत देने के लिए बोनस के साथ 3% महंगाई भत्ता और महंगाई राहत देना चाहिए। इससे प्रदेश के 10 लाख से अधिक कर्मचारियों और पेंशनर्स को लाभ मिलेगा। राज्य कर्मचारी संघ के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने भी सरकार से दीपावली से पहले महंगाई भत्ते की किस्त जारी करने की मांग की है। प्रदेश के कर्मचारियों को मिल रहा 55% डीए वर्तमान में मध्य प्रदेश के कर्मचारियों को 55% की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है। वहीं, केंद्र सरकार के कर्मचारी अब 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद 58% डीए प्राप्त कर रहे हैं। प्रदेश के कर्मचारियों का जुलाई 2025 से डीए ड्यू है। 29 साल से बंद बोनस देने की मांग कर्मचारी संगठनों का कहना है कि वर्ष 1996 से प्रदेश में बोनस बंद है, जबकि उस समय कर्मचारियों को 1079 रुपए तक बोनस के रूप में मिलता था। केंद्र और रेलवे आज भी अपने कर्मचारियों को दीपावली बोनस दे रहे हैं, लेकिन मध्य प्रदेश में कर्मचारियों को इससे वंचित रखा गया है। यह फिर से शुरू किया जाना चाहिए। संगठनों ने कहा कि सरकार एक ओर दावा करती है कि कर्मचारियों को केंद्र के समान सुविधाएं दी जा रही हैं, लेकिन बोनस न देना “कथनी और करनी में अंतर” दर्शाता है। कर्मचारी संगठनों ने उम्मीद जताई है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव दीपावली से पहले कर्मचारियों को राहत देने का फैसला लेकर त्योहार की खुशियां दो गुनी करेंगे। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा कर्मचारियों को दीपावली के पहले 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिए जाने के बाद अब राज्य के कर्मचारी भी मोहन सरकार से महंगाई भत्ता बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। कर्मचारी संगठनों का कहा है कि एमपी में काम कर रहे कर्मचारियों को केंद्र सरकार के बराबर महंगाई भत्ता और महंगाई राहत देकर बोनस दिया जाए ताकि कर्मचारी त्यौहार खुशियों के साथ मना सकें। इसके साथ ही फेस्टिवल एडवांस भी बढ़ी हुई राशि के साथ देने की मांग की जा रही है। उधर माना जा रहा है कि जल्दी ही राज्य सरकार भी कर्मचारियों के लिए डीए देने का ऐलान कर सकती है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि जिस प्रकार से केंद्र एवं रेलवे द्वारा दीपावली के अवसर पर बोनस एवं 3% महंगाई भत्ता, महंगाई राहत एक करोड़ से अधिक कर्मचारियों को प्रदान कर दी गई है उसी प्रकार मध्य प्रदेश सरकार भी दीपावली के त्योहार पर कर्मचारियों को आर्थिक रूप से खुशियां दे। प्रदेश में वर्ष 1996 से बोनस बंद है। वर्ष 1996 तक 1079 रुपए बोनस के रूप में कर्मचारियों को प्राप्त होते थे। वर्तमान में प्रदेश के कर्मचारियों को 55% की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है। केंद्र सरकार द्वारा आज भी अपने कर्मचारियों को बोनस दिया जा रहा है वहीं मध्य प्रदेश में कर्मचारियों को बोनस से वंचित कर दिया गया है। संगठनों के अनुसार एक तरफ प्रदेश सरकार द्वारा कहा जाता है कि केंद्र के समान कर्मचारियों को सभी सुविधाएं दी जाएंगी वहीं बोनस न देना कथनी और करनी में अंतर बताता है। तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने कहा कि दीपावली के अवसर पर हर घर में खर्चा बढ़ जाता है। इसकी भरपाई के लिए सरकार को बोनस के साथ 3% महंगाई भत्ता और महंगाई राहत देना चाहिए जिसका फायदा प्रदेश के 10 लाख से अधिक कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलेगा। इसी तरह कर्मचारी नेता जितेंद्र सिंह ने भी सरकार से दिवाली के पहले महंगाई भत्ते की किस्त देने की मांग की है। जुलाई 2025 से 3% महंगाई भत्ता बढ़ाने पर इतना मिलेगा लाभ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी -1395 से 1620 तृतीय श्रेणी कर्मचारी -1755 से 4419 द्वितीय श्रेणी अधिकारी – 5049 से 6048 प्रथम श्रेणी अधिकारी -7191 से 12690 तीन प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ने पर महीने का इतना हो जाएगा वेतन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी वेतन मान – 55 %भत्ता – 58% भत्ता 15500-– 24025 24490 16100— 16985—25438 … Read more

महिला वकीलों की आवाज़ बुलंद: कोर्ट में चेंबर और बैठने की जगह की मांग पर दिया ज्ञापन

नई दिल्ली 15 से 25 साल हो गए और देख‍ि‍ए, इसके बाद भी देश भर के न्यायालयों-बार काउंस‍िल्स में मह‍िला वकीलों के लिए आज बैठने तक के लिए जगह नहीं है. बरसों से हम हर तरह से सह रहे हैं. 90 के दशक तक तो कभी ये हालात थे कि ज्यूड‍िशरी में मह‍िलाओं का आना ही बहुत अच्छा नहीं माना जाता था. आज जब मह‍िलाओं की संख्या यहां बढ़ी है तो उन्हें सुव‍िधाएं नहीं मिल रहीं. कई पीपल के पेड़ के नीचे बैठ रही हैं तो कई बस एक सही जगह के इंतजार में रहती हैं…सुप्रीम कोर्ट महिला अधिवक्ता एसोसिएशन की जनरल सेक्रेटरी एडवोकेट प्रेरणा सिंह कहती हैं कि अब हम सुप्रीम कोर्ट से अपने लिए बराबरी से ज्यादा व्यवहार‍िक जरूरत पूरी करने की मांग कर रहे हैं.  मह‍िला अध‍िवक्ताओं की याच‍िका में क्या है?  गौरतलब है कि देश की वरिष्ठ महिला अधिवक्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. याच‍िकाकर्ताओं में 15 से 25 साल अनुभव वाली इन वकीलों ने अदालत से देश भर की अदालतों और बार एसोसिएशनों में महिला वकीलों को प्रोफेशनल चैंबर या केबिन देने के लिए एक समान और लैंगिक रूप से संवेदनशील नीति बनाने की मांग की है. सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर नोटिस जारी कर प्रतिवादियों से जवाब मांगा है.  याचिका में महिला अधिवक्ताओं ने कहा है कि बरसों से सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की चैम्बर वेटिंग लिस्ट में होने के बावजूद उन्हें प्रोफेशनल कामों के लिए उचित जगह नहीं मिली. याचिका में ये भी कहा गया है कि भविष्य में होने वाले चैंबर या केबिन आवंटन में महिला वकीलों को प्राथमिकता दी जाए या उनके लिए सीटें आरक्षित हों.  इसके अलावा याचिका में उन महिला वकीलों के लिए भी चैंबर बनाने और प्राथमिकता देने की बात की गई है जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट में 25 साल से ज्यादा प्रैक्टिस की है और जो अभी सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की प्रतीक्षा सूची में हैं पेड़ के नीचे बैठकर प्रैक्ट‍िस… एडवोकेट प्रेरणा महिला वकीलों की प्रैक्ट‍िकल समस्या का जिक्र करती हैं. वो कहती हैं कि इतने सालों की प्रैक्टिस होने के बाद भी हमें बैठने के लिए कोई जगह नहीं मिलती. कंसल्टेशन रूम हमेशा बुक रहता है. लोग दिन भर वहीं बैठे रहते हैं. तमाम अदालतों में महिला वकीलों को अक्सर पेड़ के नीचे बैठकर क्लाइंट से मिलने या काम करने के लिए मजबूर होना पड़ता है. कल्पना कीजिए आप पेड़ के नीचे बैठकर काम कर रही हैं, चाय वाला आता है और कहता है ‘चाय ले लो मैडम’. आप जवाब देती हैं, ‘नहीं, आगे जाएं’. चायवाला आगे कहेगा कि कोई नहीं क्लाइंट को पिला दो. बताओ आपकी उस समय क्या इज्जत रह जाती है.  कहने का अर्थ ये है कि ऐसी बहुत सारे हालात हम लोगों ने देखा और महसूस किया है. तभी हमें लगा कि ये जरूरी है कि हमें एक सम्मानजनक स्थान दिया जाए. हमारी मांग रिजर्वेशन के लिए नहीं बल्कि हमें बेसिक सुविधाएं चाहिए. हमारा मकसद केवल ये है कि महिलाओं को काम करने के लिए सुविधाजनक चेम्बर मिले. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने आज नोटिस जारी किया और उन्होंने सकारात्मक संकेत दिया कि महिलाओं, दिव्यांगों और अन्य जरूरतमंदों को कार्य और सुविधा के लिए जगह दी जानी चाहिए. हमें उम्मीद है कि जल्द ही कुछ सकारात्मक आदेश और निर्देश मिलेंगे. कार्यक्षमता पर पड़ रहा असर  याच‍िकाकर्ता और सुप्रीम कोर्ट महिला वकील संघ की उपाध्यक्ष एडवोकेट भक्ति पासरिजा का कहना है कि महिला वकीलों को चेंबर की कमी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनकी कार्यक्षमता प्रभावित हो रही है. महिला वकील लंबे समय से चेंबर के लिए आवेदन कर रही हैं, लेकिन उन्हें कोई पॉजिट‍ि रेस्पांस नहीं मिल रहा है. वो कहती हैं कि हम कभी भी रिजर्वेशन की बात नहीं करते. यहां मुद्दा समान अवसर और कार्यक्षमता का है. हमें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट इस याचिका पर सकारात्मक कदम उठाएगा. मेरा मानना है कि महिला वकीलों के लिए कार्यस्थल होंगे तो पेशेवर संरचना में सुधार होगा.  मांगें पूरी हुई तो क्या बदलेगा  सुप्रीम कोर्ट की सीन‍ियर एडवोकेट सोन‍िया माथुर कहती हैं कि आज लड़क‍ियां ज्यूड‍िशरी में करियर बनाने का सपना देखने लगी हैं. कोर्ट पर‍िसरों में मह‍िला अध‍िवक्ताओं की संख्या बढ़ी है. ऐसे में न्यायालय पर‍िसर भी जेंडर सेंसेट‍िव होने चाहिए. मह‍िलाएं न्याय के क्षेत्र में आती हैं तो उन्हें यहां का माहौल भी उनके अनुरूप मिलना चाहिए. ठीक यही बात दिव्यांगों के लिए भी लागू होती है. उन्हें भी अदालतों में चेंबर के अलावा हर सहूल‍ियत मिलनी चाहिए. न्यायालय में समय समय पर महिलाओं के लिए आवाज उठाई जाती है. देश भर के न्यायालयों में न स‍िर्फ चेंबर बल्क‍ि महिलाओं के ल‍िए क्रेच की सुव‍िधा, साफ टॉयलेट और भेदभाव रहित माहौल मिलना चाहिए. इससे उनकी प्रोफेशनल कार्यक्षमता बढ़ेगी. साथ ही ज्यूड‍िशरी में मह‍िलाओं की संख्या और ज्यादा बढ़ेगी. 

महंगाई में बड़ी गिरावट, GST और बाजार ने मिलकर दी राहत — जानें किन चीज़ों के दाम घटे

नई दिल्ली आम आदमी को महंगाई (Inflation) के मोर्चे पर बड़ी राहत मिली है, सितंबर महीने में खुदरा महंगाई दर गिरकर 1.54 फीसदी पर पहुंच गई है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जून-2017 के बाद खुदरा महंगाई दर सितंबर में सबसे कम रही. यानी करीब 99 महीने में सबसे कम महंगाई दर सितंबर महीने में दर्ज की गई है.  दरअसल, सितंबर 2025 में खाने-पीने की चीजें सस्ती होने से खुदरा महंगाई दर (Retail Inflation) लुढ़क कर 1.54 फीसदी पर पहुंच गई. इससे पहले अगस्त महीने में मामूली बढ़ोतरी के साथ खुदरा महंगाई दर 2.07% पर पहुंच गई थी, जबकि जुलाई- 2025 में खुदरा महंगाई दर 1.55 फीसदी दर्ज की गई थी. आंकड़ों को देखें तो खाद्य मुद्रास्फीति लगातार चौथे महीने निगेटिव रही है. खुदरा महंगाई के बास्केट में करीब 50% योगदान खाने-पीने की चीजों का होता है, जो कि महीने-दर-महीने के आधार पर सितंबर में माइनस 0.64% से घटकर माइनस 2.28% रह गई. वहीं सितंबर महीने में ग्रामीण महंगाई दर 1.69% से घटकर 1.07% हो गई है. जबकि शहरी महंगाई 2.47% से घटकर 2.04% पर आ गई.  महंगाई में गिरावट के पीछे GST का भी योगदान खुदरा महंगाई दर में गिरावट के पीछे GST रिफॉर्म का भी बड़ा योगदान रहा है, जीएसटी रेट में बदलाव और खाने-पीने की चीजों पर जीएसटी रेट में कटौती से भी सामान सस्ते हुए हैं. बता दें, 22 सितंबर से देश में जीएसटी रिफॉर्म को लागू हो गया है. इन सबके बीच खुदरा महंगाई अब भी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की 2-6% की आरामदायक सीमा के भीतर बनी हुई है. खुदरा महंगाई दर में बढ़ोतरी या गिरावट तब आती है, जब‍ फूड प्रोडक्‍ट्स खासकर आलू, प्‍याज, हरी सब्जियां, चावल, आटा और दाल वगैरह की कीमतें बढ़ती या घटती हैं. गौरतलब है कि RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने बीते महीने कहा था कि वित्त वर्ष-26 की अंतिम तिमाही में मुद्रास्फीति में तेजी आने की संभावना है, खासकर सब्जियों और अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण. वित्त वर्ष 26 के लिए RBI अब मुद्रास्फीति 3.1% रहने का अनुमान लगा रहा है, जो कि पहले 3.7% रहने का अनुमान लगाया गया था.  कैसे मापते हैं खुदरा महंगाई दर खुदरा महंगाई दर (Retail Inflation Rate) एक आर्थिक संकेतक है, जो उपभोक्ता स्तर पर वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में औसत बढ़ोतरी को मापता है. भारत में यह आमतौर पर उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (Consumer Price Index – CPI) के आधार पर गणना की जाती है. CPI मुख्य तौर पर वस्तुओं और सेवाओं, जैसे खाद्य पदार्थ, ईंधन, कपड़े, आवास, स्वास्थ्य और परिवहन की कीमतों में बदलाव को ट्रैक करता है, जो सामान्य उपभोक्ता के दैनिक जीवन के लिए आवश्यक हैं. भारत में सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) CPI डेटा जारी करता है. खुदरा महंगाई का आम आदमी पर असर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) महंगाई को काबू में करने के लिए रेपो रेट जैसे उपायों का उपयोग करता है. RBI का लक्ष्य खुदरा महंगाई को 4% (+/- 2%) के दायरे में रखना है. महंगाई बढ़ने से आम लोगों की क्रय शक्ति प्रभावित होती है. महंगाई दर निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह रिटर्न की वास्तविक वैल्यू को प्रभावित करती है.

अयोध्या में दिखेगी योगी सरकार के विकास की झांकियां

दीपोत्सव 2025: दीपोत्सव पर दिखेगा विकास और संस्कृति का अनूठा संगम अयोध्या में दिखेगी योगी सरकार के विकास की झांकियां दीपोत्सव पर योगी सरकार की उपलब्धियों पर साकेत से निकाली जाएंगी 22 झांकियां पर्यटन व संस्कृति विभाग रामायण के सातों कांड पर निकालेगा झांकियां  झांकियों के साथ दिखेगी राज्यों की लोक कलाएं – हरियाणा का फाग और केरल का कथककली लोक नृत्य होंगे आकर्षण का केंद्र  पांच सौ से अधिक कलाकार देंगे प्रस्तुति अयोध्या भगवान राम की नगरी अयोध्या में इस बार नौवां दीपोत्सव न केवल दीपों की जगमगाहट से, बल्कि प्रदेश के विकास और भारतीय संस्कृति की जीवंत झांकियों से भी सजेगा। योगी सरकार की उपलब्धियों को प्रदर्शित करने के लिए सूचना विभाग द्वारा 15 आकर्षक झांकियां निकाली जाएंगी, जबकि पर्यटन संस्कृति विभाग रामायण के सातों कांडों पर आधारित थीम पर झांकियां प्रस्तुत करेगा। जिसमें 22 झांकियां साकेत महाविद्यालय में तैयार हो रही हैं। इसके साथ ही देश के विभिन्न राज्यों की लोक कलाएं और नृत्य दीपोत्सव की शोभा बढ़ाएंगे।  जिला सूचना अधिकारी संतोष कुमार द्विवेदी ने बताया कि सूचना विभाग की झांकियां योगी सरकार के विकास कार्यों को दर्शाएंगी। इनमें उत्तर प्रदेश में हुए बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और सांस्कृतिक विकास जैसे क्षेत्रों में सरकार की उपलब्धियों को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा। ये झांकियां प्रदेश की प्रगति और समृद्धि का प्रतीक होंगी। दूसरी ओर, संस्कृति विभाग द्वारा रामायण के सात कांडों बालकांड, अयोध्याकांड, अरण्यकांड, किष्किन्धाकांड, सुंदरकांड, लंकाकांड और उत्तरकांड पर आधारित झांकियां तैयार की जा रही हैं। ये झांकियां भगवान राम के जीवन और रामायण की शिक्षाओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत करेंगी। झांकियों को आकर्षक व तकनीकी बनाने के लिए दिया जा रह विशेष ध्यान संतोष कुमार द्विवेदी ने बताया कि सूचना विभाग द्वारा नामित की गई कम्पनी ने झांकियों को आकर्षक और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने के लिए विशेष ध्यान दिया है। ये झांकियां न केवल दृश्यात्मक रूप से प्रभावशाली होंगी, बल्कि इनमें आधुनिक तकनीक का उपयोग भी किया जाएगा ताकि दर्शकों को एक अनूठा अनुभव प्राप्त हो। इसके अतिरिक्त, दीपोत्सव के अवसर पर अयोध्या को दीपों से सजाया जाएगा। रामपथ, भक्ति पथ और अन्य प्रमुख स्थानों पर लाखों दीप जलाए जाएंगे, जो विश्व रिकॉर्ड बनाने की दिशा में एक और कदम होगा। इस आयोजन में स्थानीय लोगों के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक भी शामिल होंगे। जानिए, कौन कौन से राज्य की दिखेंगी लोककलाएं  इस बार दीपोत्सव में सांस्कृतिक विविधता का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। देश के विभिन्न राज्यों की लोक कलाएं और नृत्य इस आयोजन का मुख्य आकर्षण होंगे। हरियाणा का फाग, केरल का कथककली, राजस्थान का झूमर, पंजाब का भांगड़ा, ओडिशा का संबलपुरी, गाजीपुर का डिबिया और पश्चिम बंगाल व मध्य प्रदेश की लोक कलाएं अयोध्या के रामपथ पर अपनी छटा बिखेरेंगी। ये प्रस्तुतियां न केवल सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित करेंगी, बल्कि देश की एकता और विविधता को भी रेखांकित करेंगी। इस भव्य आयोजन में लगभग 500 से अधिक कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लेंगे। सरकार की उपलब्धियों को ये झांकियां करेंगी प्रस्तुत इवेंट के लिए जिम्मेदार कंपनी विविद इंडिया के एक प्रतिनिधि के अनुसार दीपोत्सव में प्रयागराज महाकुंभ, काशी कॉरिडोर, कृषि पशु पालन, आयुष्मान कैशलेस, डिफेंस कॉरिडोर, उत्तर प्रदेश को बेहतर बनाना हमारी प्रतिबद्धता, स्वच्छ एवं हरित उत्तर प्रदेश, विकसितअ भारत, उत्तर प्रदेश पुलिस सुरक्षा,  प्रधानमंत्री आवास योजना एवं मुख्यमंत्री आवास योजना, पीएम सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना, आत्मनिर्भर नारी, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, अयोध्या डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा कराए गए कार्यों की झलक दिखाई पड़ेगी।

दिवाली से पहले पंजाब में बेटियों को मिली राहत, मान सरकार ने किया ऐलान

पंजाब  सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा अशीर्वाद योजना के अंतर्गत चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में अनुसूचित जाति वर्ग की 5751 लाभार्थी बेटियों को कुल 29.33 करोड़ रूपए की राशि जारी की गई है। इस संबंध में जानकारी देते हुए डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि अशीर्वाद योजना के तहत जिला बठिंडा, बरनाला, फरीदकोट, फाज़िल्का, फिरोज़पुर, श्री फतेहगढ़ साहिब, गुरदासपुर, होशियारपुर, जालंधर, लुधियाना, मोगा, श्री मुक्तसर साहिब, पटियाला, रूपनगर, एस.ए.एस. नगर (मोहाली), एस.बी.एस. नगर (नवांशहर), संगरूर और मालेरकोटला जिलों की 5751 लाभार्थी बेटियों के आवेदन अशीर्वाद पोर्टल पर प्राप्त हुए थे। इन सभी लाभार्थियों को सहायता प्रदान करने के लिए कुल 29.33 करोड़ रुपए की राशि जारी की गई है। उन्होंने बताया कि इस राशि से जिला बरनाला की 58, बठिंडा की 633, फरीदकोट की 67, फिरोज़पुर की 349, श्री फतेहगढ़ साहिब की 106, गुरदासपुर की 265 और होशियारपुर की 70 लाभार्थी बेटियों को वित्तीय सहायता दी गई है। इसी प्रकार जालंधर की 1087, लुधियाना की 839, मोगा की 885, श्री मुक्तसर साहिब की 192, पटियाला की 357, रूपनगर की 147, एस.ए.एस. नगर की 65, एस.बी.एस. नगर की 359, संगरूर की 210 और मालेरकोटला की 62 लाभार्थी बेटियों को भी इस योजना का लाभ प्राप्त हुआ है। डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि अशीर्वाद योजना के तहत राज्य सरकार गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह हेतु 51,000 रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि यह योजना मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की लोक-कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक पंजाब राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए, उसका परिवार गरीबी रेखा से नीचे हो, और वह अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग या आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से संबंधित हो। परिवार की वार्षिक आय सभी स्रोतों से 32,790 रुपए से कम होनी चाहिए। इस योजना के तहत प्रत्येक परिवार की अधिकतम दो बेटियों को ही लाभ दिया जा सकता है। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि सहायता राशि का भुगतान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डी बी टी ) के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में किया जाता है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार समाज के हर वर्ग के लोगों के जीवन स्तर को ऊँचा उठाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार जहाँ सभी वर्गों की भलाई के लिए कार्य कर रही है, वहीं अनुसूचित जातियों, पिछड़े वर्गों और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के कल्याण के लिए भी लगातार प्रयासशील है।