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मध्य प्रदेश से जल्द विदा लेगा मानसून, 25-26 को झमाझम बारिश का अनुमान, आज कुछ जिलों में फुहारें

भोपाल   मध्यप्रदेश में इन दिनों मौसम का मिजाज बार-बार रंगत बदल रहा है। कहीं गरज चमक के साथ झमाझम बारिश का दौर जारी है तो कहीं लोग उमस से बेहाल नजर आए। कई राज्यों से मानसून की विदाई हो चुकी है लेकिन एमपी में अभी भी मानसून बरस रहा है, जो अक्टूबर के पहले सप्ताह तक जारी रह सकता है। विदाई से पहले प्रदेश में मानसून का तांडव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के रिपोर्ट के मुताबिक, एमपी में अगले 96 घंटे यानि 26-27 सितंबर तक भारी बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग की माने तो 25 सितंबर के आसपास मौसम में बदलाव हो सकता है। वहीं आज भी प्रदेश के कई हिस्सों में लोकल सिस्टम के कारण बारिश(Heavy Rain) का अलर्ट जारी किया गया है। दशहरे के आसपास अच्छी बारिश की संभावना मौसम विशेषज्ञ एके शुक्ला ने बताया कि अभी मौसम का मिजाज इसी तरह रहने की संभावना, अभी एक दो दिन धूप, उमस रहेगी. इसके बाद गरज चमक के साथ बारिश(Heavy Rain), बौछारों की स्थिति बनती रहेगी। धूप, छांव, बादलों की स्थिति रहेगी। दशहरे के आसपास अच्छी बारिश हो सकती है। शहर से मानसून की विदाई अक्टूबर के पहले सप्ताह में होने के आसार है। भोपाल का मौसम अभी राजधानी भोपाल के मौसम का मिजाज भी इसी तरह रहने की संभावना है, वहीं 25 के आसपास मौसम में फिर बदलाव हो सकता है। ऐसे में विदाई के पहले एक बार फिर मौसम रंगत बदल सकता है। इस बार सितंबर में शहर के अलग-अलग हिस्सों में बारिश(Heavy Rain) का नजारा अलग दिखाई दिया है। ऐसे में शहर में खंडवृष्टि जैसी स्थिति दिखाई दी है। एक सितंबर से ही अगर बात की जाए तो सबसे ज्यादा बारिश अरेरा हिल्स में हुई है, जबकि बैरागढ़ में सबसे कम बारिश हुई है। 1 जून से अब तक की बारिश की स्थिति देखी जाए तो बैरागढ़ के मुकाबले अरेरा हिल्स में 10 इस इंच ज्यादा बारिश हुई है। प्रदेश में मानसूनी बारिश की स्थिति इस मानसूनी सीजन में अब तक मध्य प्रदेश में औसत से 20% अधिक बारिश हुई है। 16 जून से अब तक प्रदेश में कुल 43.9 इंच बारिश दर्ज की गई है, जबकि सीजन का सामान्य औसत 37 इंच है। इससे प्रदेश का मानसूनी कोटा 118% पूरा हो चुका है। पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 16% और पश्चिमी मध्यप्रदेश में 24% अधिक बारिश हुई है। पूर्वी हिस्सों में जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में तेज बारिश हुई, जिससे कई जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई। वहीं, पश्चिमी हिस्सों में ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में भी सभी 8 जिलों में कोटे से ज्यादा बारिश हुई है। जिलेवार बारिश का हाल सबसे अधिक बारिश वाले जिले: गुना (65.4 इंच), रायसेन (61.1 इंच), मंडला (60 इंच), श्योपुर (56.6 इंच), अशोकनगर (56 इंच) सबसे कम बारिश वाले जिले: खरगोन (26.8 इंच), शाजापुर (28.6 इंच), खंडवा (28.8 इंच), बड़वानी (29.8 इंच), धार (31.9 इंच) भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर, नर्मदापुरम समेत कई जिलों में बारिश का कोटा पूरा हो चुका है। इंदौर और उज्जैन संभाग में शुरुआत में कम बारिश हुई थी, लेकिन सितंबर में हुई तेज बारिश से अधिकांश जिलों में सामान्य कोटा पूरा हो गया। आने वाले दिनों में कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, 24 सितंबर को प्रदेश के सभी जिलों में हल्की बारिश और गरज-चमक का अलर्ट है। 25-26 सितंबर को नया वेदर सिस्टम एक्टिव होगा, जिससे प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश हो सकती है। विशेष रूप से बैतूल, बुरहानपुर, खरगोन और बड़वानी में भारी बारिश का अनुमान है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि, बंगाल की खाड़ी में एक नया निम्न दबाव क्षेत्र बन सकता है, जो 25-26 सितंबर के आसपास सक्रिय होगा। इससे प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी संभव है और कई जिलों में दो से तीन दिन तक तेज बारिश हो सकती है। मानसून की विदाई और तापमान मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई अक्टूबर के पहले सप्ताह तक होने की संभावना है। हालांकि, बारिश की कमी के कारण प्रदेश में तापमान में वृद्धि दर्ज की गई है। सितंबर माह में पहली बार अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस पार कर गया। भारी बारिश और मानसून की विदाई के बीच प्रदेश के किसानों को खेतों में काम करने का मौका मिलेगा, लेकिन गर्मी और उमस बढ़ने से लोगों को असुविधा भी हो सकती है। सितंबर में शहर में कहां कितनी बारिश अरेरा हिल्स में 266 मिमी नवीबाग में 208.6 मिमी कोलार में 205.2 मिमी बैरागढ़ में 169.2 मिमी

26 सितंबर से विधानसभा सत्र शुरू, पंजाब कैबिनेट जल्द करेगी बाढ़ राहत पैकेज की घोषणा

पंजाब  पंजाब सरकार ने विधानसभा सत्र से पहले मंत्रिमंडल की बैठक बुला ली है। यह बैठक बुधवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान के निवास पर दोपहर 12 बजे होगी। इसमें बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई और राहत पैकेज से जुड़े नियमों को मंजूरी दिए जाने की संभावना है। इसके बाद ये प्रस्ताव विधानसभा में पेश किए जाएंगे। बाढ़ राहत पैकेज पर फैसला न केवल प्रभावित परिवारों के लिए बड़ी राहत होगा, बल्कि इसका सीधा असर सियासत पर भी पड़ेगा। सरकार चाहती है कि विधानसभा सत्र से पहले कैबिनेट बैठक में सभी प्रस्तावों को पुख्ता कर लिया जाए, ताकि सदन में कोई रुकावट न आए। पंजाब के कई जिलों में आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। हजारों एकड़ फसल बर्बाद हुई, लोगों के घर-बार उजड़ गए। अब सरकार राहत व पुनर्वास पैकेज को अंतिम रूप देने जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, कैबिनेट की इस बैठक में किसानों, व्यापारियों और प्रभावित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता से जुड़ी योजनाओं पर चर्चा होगी। सीएम भगवंत मान पहले ही संकेत दे चुके हैं कि बाढ़ पीड़ितों को किसी भी हाल में राहत मिलनी चाहिए। अब मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद इन प्रस्तावों को विधानसभा में रखा जाएगा। 26 सितंबर से शुरू होगा विधानसभा सत्र पंजाब विधानसभा सत्र की अधिसूचना जारी कर दी गई है। सत्र 26 सितंबर को सुबह 11 बजे से शुरू होगा। हालांकि यह सत्र छोटा रहेगा और सिर्फ दो दिन तक चलेगा। 27 और 28 सितंबर को शनिवार और रविवार का अवकाश होने के कारण कार्यवाही नहीं होगी। ऐसे में सरकार 26 सितंबर के सत्र में बाढ़ राहत पर चर्चा और आवश्यक विधेयकों को पारित करने की कोशिश करेगी। कैबिनेट में सभी मंत्री मौजूद रहेंगे सूत्रों का कहना है कि कैबिनेट बैठक में सभी मंत्री और वरिष्ठ विधायक मौजूद रहेंगे। बैठक में विपक्ष की संभावित रणनीति पर भी चर्चा हो सकती है, क्योंकि विधानसभा सत्र के दौरान विपक्ष बाढ़ राहत के अलावा अन्य मुद्दों पर भी सरकार को घेरने की तैयारी कर रहा है।

माँ बम्लेश्वरी के दरबार तक पहुँच श्रद्धालुओं के लिए अब और सुगम : मुख्यमंत्री साय

रायपुर : जन-जन की आस्था को मिला सहारा : नवरात्र में श्रद्धालुओं के लिए नि:शुल्क बस सेवा माँ बम्लेश्वरी के दरबार तक पहुँच श्रद्धालुओं के लिए अब और सुगम : मुख्यमंत्री  साय मुख्यमंत्री ने चार बसों को दिखाई हरी झंडी : दो सौ श्रद्धालु मां बम्लेश्वरी दर्शन के लिए हुए रवाना कालीमाता सेवा समिति द्वारा निःशुल्क बस सेवा पूरे नवरात्रि में नौ दिन तक चलेगी रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज रायपुर शहर के आकाशवाणी चौक स्थित माँ काली मंदिर से डोंगरगढ़ तक निःशुल्क बस सेवा का शुभारंभ किया। रायपुर से माँ बम्लेश्वरी के दर्शन के लिए डोंगरगढ़ जाने वाले श्रद्धालुओं को इस बस सेवा का नि:शुल्क लाभ मिलेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने कालीमाता सेवा समिति की इस पहल की सराहना करते हुए समिति के पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने माँ काली और माँ बम्लेश्वरी से छत्तीसगढ़ में खुशहाली, समृद्धि और शांति की कामना की। साथ ही सभी प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्र की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ भी प्रेषित कीं। माँ बम्लेश्वरी के दरबार तक पहुँच श्रद्धालुओं के लिए अब और सुगम : मुख्यमंत्री  साय माँ काली सेवा समिति द्वारा संचालित यह नि:शुल्क बस सेवा पूरे नवरात्र पर्व के दौरान नौ दिनों तक लगातार चलेगी। इस सेवा के तहत प्रतिदिन चार बसें रायपुर से श्रद्धालुओं को डोंगरगढ़ तक ले जाएँगी और उन्हें दर्शन के उपरांत वापस रायपुर लाएँगी। मुख्यमंत्री ने आज चार बसों में लगभग दो सौ महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं के प्रथम जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने चार बसों को दिखाई हरी झंडी : दो सौ श्रद्धालु मां बम्लेश्वरी दर्शन के लिए हुए रवाना बसों को हरी झंडी दिखाते हुए मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि कालीमाता सेवा समिति पिछले दस वर्षों से निस्वार्थ सेवा भाव से प्रत्येक नवरात्र में प्रतिदिन चार बसों से श्रद्धालुओं को माँ बम्लेश्वरी के दर्शन हेतु ले जाती है। यह न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकता का जीवंत उदाहरण भी है। उन्होंने कहा कि नवरात्र के अवसर पर देवी मंदिरों में दर्शन की लालसा हर सनातनी के मन में होती है। माँ के दर्शन की कल्पना मात्र से ही मन में दिव्य ऊर्जा का संचार होता है। लेकिन कई बार परिस्थितिवश हर कोई दूर स्थित देवी स्थलों तक नहीं पहुँच पाता। ऐसे में यह बस सेवा श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है। माँ बम्लेश्वरी के दरबार तक पहुँच श्रद्धालुओं के लिए अब और सुगम हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बस सेवा से समिति ने माँ बम्लेश्वरी के दर्शन का मार्ग प्रशस्त करने के साथ ही सेवा, समर्पण और समावेशिता का प्रेरक संदेश भी दिया है। मुख्यमंत्री ने चार बसों को दिखाई हरी झंडी : दो सौ श्रद्धालु मां बम्लेश्वरी दर्शन के लिए हुए रवाना मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि हाल ही में राजिम से रायपुर तक मेमू ट्रेन का भी शुभारंभ किया गया है। इससे छत्तीसगढ़ की कुंभनगरी राजिम के श्रद्धालुओं को माँ बम्लेश्वरी के दर्शन के लिए और अधिक सुविधा होगी। उन्होंने इस पहल के लिए कालीमाता सेवा समिति से जुड़े  चंद सुंदरानी,  दीपक भारद्वाज और सभी पदाधिकारियों को साधुवाद दिया। इस अवसर पर गृहमंत्री  विजय शर्मा ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समिति से एक बस कवर्धा से डोंगरगढ़ तक चलाने का आग्रह किया। कार्यक्रम में राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा, रायपुर नगर निगम की महापौर मती मीनल चौबे, विधायक  सुनील सोनी एवं  पुरंदर मिश्रा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

राजधानी भोपाल में गरबा पर सख्ती! एंट्री के लिए अनिवार्य होगी पहचान, ये हैं नए दिशा-निर्देश

भोपाल  भोपाल में इस नवरात्रि के मौके पर गरबा और डांडिया को लेकर प्रशासन ने सख्त गाइडलाइन जारी कर दी है. कलेक्टर ने साफ कर दिया है कि अब किसी भी पंडाल में बिना पहचान पत्र के एंट्री बिलकुल नहीं होगी. मतलब, अगर आप भूलकर भी अपने आईडी कार्ड के बिना पहुँचते हैं, तो पंडाल की दहलीज पार करना मुश्किल होगा. गरबा पंडाल के लिए नियम सख्त आयोजकों को भी अब हर पंडाल में CCTV कैमरे लगाना अनिवार्य कर दिया गया है. ताकि किसी भी तरह की अनहोनी या संदिग्ध गतिविधि तुरंत पकड़ी जा सके. इसके अलावा, अग्नि सुरक्षा का भी पूरा इंतजाम करना होगा. प्रत्येक पंडाल में अग्निशमन यंत्र रखने और Fire Safety Norms का पालन करना अब नियम बन गया है. प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था भी जरूरी है. यानी, किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद मिल सके. इसके अलावा, आयोजन स्थल पर किसी को भी संदिग्ध या आपत्तिजनक वस्तु, धारदार हथियार लेकर आने की अनुमति नहीं होगी. किसी भी शख्स द्वारा ऐसे हथियार का इस्तेमाल किया जाना अपराध माना जाएगा. विद्युत सुरक्षा पर भी प्रशासन ने खास जोर दिया है. आयोजन स्थल पर बिजली से संबंधित सभी सुरक्षा इंतजाम करना और विद्युत विभाग से प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य होगा. यह सभी निर्देश आयोजकों के लिए ‘मस्ट फॉलो’ हैं, और नियमों का उल्लंघन करने पर तुरंत कार्रवाई होगी. बता दें कि भोपाल प्रशासन की तरफ से आदेश ऐसे समय में जारी हुआ है जब मध्य प्रदेश में हिंदू संगठनों ने गरबा और डांडिया के पंडालों में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर बैन लगाने की मांग की थी. हिंदू संगठनों ने कहा था कि 'जिहादियों' की नजर गरबा के पंडालों पर होती है. इतना ही नहीं, मध्य प्रदेश के मशहूर कंप्यूटर बाबा ने भी हाल में कहा था कि जब सनातन का कार्यक्रम है तो इसमें सनातन के बाहर के लोगों को आना ही नहीं चाहिए. उन्होंने हिंदू संगठनों की मांग का समर्थन किया था. इस आदेश के मुताबिक-     गरबा, डांडिया एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कराने वाली आयोजन समिति द्वारा किसी भी व्यक्ति को उनके बगैर पहचान पत्र के सत्यापन किये बिना आयोजन स्थल पर प्रवेश नही दिया जावेगा।     आयोजन समिति द्वारा कार्यक्रम स्थल पर सी सी टी वी कैमरा लगाया जाना अनिवार्य होगा।     आयोजन समिति द्वारा कार्यक्रम स्थल पर स्थापित पंडालों में अग्नि से बचाव हेतु अग्निशमन यंत्रो की पर्याप्त व्यवस्था तथा Fire Safety Norms का पालन किया जाना अनिवार्य होगा ।     आयोजन समिति द्वारा कार्यक्रम स्थल पर आवश्यक प्राथमिक चिकित्सा व्यवस्था रखना अनिवार्य होगा।     आयोजन समिति द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जावे कि किसी भी व्यक्ति द्वारा कार्यकम स्थल पर आयोजन के दौरान किसी भी संदिग्ध/आपत्तिजनक वस्तु धारदार हथियार नहीं ले जा सकेगा और न ही उसका प्रयोग / प्रदर्शन कर सकेगा।     आयोजन समिति द्वारा कार्यक्रम स्थल पर विद्युत सुरक्षा से संबंधित समस्त कार्य कराया जाना सुनिश्चित करेगें एवं इस आशय का प्रमाण पत्र विद्युत विभाग से लिया जाना अनिवार्य होगा। भोपाल में गरबा जिहाद की खबरों के बीच जिला प्रशासन ने गाइडलाइन की जारी। 'जिहादियों का आना सख्त मना, पकड़े गए तो घर वापसी कराई जाएगी' वहीं, आपको बता दें कि भोपाल में गरबा पंडालों में होर्डिंग लगने शुरू हो गए हैं। होर्डिंग पर लिखा है- "गरबे के पंडाल में जिहादियों का आना सख्त मना है। पकड़े जाने पर घर वापसी कराई जाएगी या उचित व्यवस्था की जाएगी।" जानकारी के मुताबिक, ये होर्डिंग अवधपुरी श्री कृष्ण सेवा समिति गरबा पंडाल की टीम की ओर से लगाया गया है। होर्डिंग पर लट्ठ और जूते-चप्पल की तस्वीर भी लगी है। एंट्री के लिए बने 5 नियम भोपाल में गरबा जिहाद से बचने और गरबा पंडालों में गैर हिंदुओं की एंट्री रोकने के लिए गाइडलाइन भी बनाई गई है। हिंदू संगठनों की ओर से गरबा पंडालों में प्रवेश के लिए ये पांच नियम तय किए गए हैं-:     माथे पर तिलक     हाथों में कलावा     आधार कार्ड      गंगाजल गोमूत्र का आचमन     वराह देवता-मां दुर्गा की तस्वीर का नमन  

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में कृषि विश्वविद्यालय, बीज विकास निगम, अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान वाराणसी भी लेगा हिस्सा

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में यूपी के एग्री कल्चर के होंगे दर्शन, 1000 वर्ग मीटर में प्रदर्शनी लगाएगा कृषि विभाग  यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में कृषि विश्वविद्यालय, बीज विकास निगम, अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान वाराणसी भी लेगा हिस्सा यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में एफपीओ के कृषि उत्पादों, उपकरणों, बीज, उर्वरक व कृषि रक्षा रसायन निर्माताओं को मिलेगा मंच  उत्तर प्रदेश की उन्नत कृषि संस्कृति से रूबरू होंगे आगंतुक, प्रदेश के प्रगतिशील किसान व कंपनियां भी होंगी शामिल  कृषि विभाग ने प्रदर्शनी की सफलता व देखरेख के लिए नोडल अधिकारियों को भी किया नामित सीएम योगी के मार्गदर्शन में 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में होगा यूपीआईटीएस 2025  5 दिवसीय यूपीआईटीएस का गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे शुभारंभ लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में इंटरनेशनल ट्रेड शो का तृतीय संस्करण होगा। इसकी तैयारी पूरी की जा चुकी है। गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आईटीएस का शुभारंभ करेंगे। इसमें एक तरफ देश- विदेश से आए प्रतिनिधि जहां यूपी की समृद्ध विरासत का दीदार करेंगे तो वहीं यूपी के एग्री 'कल्चर' के भी दर्शन करेंगे। ट्रेड शो के दौरान पांच कृषि विश्वविद्यालय, उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम, अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान वाराणसी भी हिस्सा लेंगे। एफपीओ के कृषि संबधी उत्पादों, उपकरणों, बीज, उर्वरक व कृषि रक्षा रसायन निर्माताओं को मंच मिलेगा तो आगंतुकों को उत्तर प्रदेश की उन्नत कृषि संस्कृति और तकनीक से भी रूबरू कराया जाएगा। यहां प्रदेश के प्रगतिशील किसानों व कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म मिलेगा। इसमें पूरे उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व एक ही स्थान पर होगा। इंटरनेशनल ट्रेड शो-2025 में कृषि विभाग को एक हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल आवंटित किया गया है। इसमें कृषि, कृषि शिक्षा, कृषि संबंधी संस्थाएं, मंडी परिषद-कृषि विपणन निदेशालय, कृषि उपकरण, उर्वरक, बीज व पौध संरक्षण रसायन निर्माता कंपनियां भी हिस्सा लेंगी।  पांच कृषि विश्वविद्यालय की भी रहेगी सहभागिता ट्रेड शो में उत्तर प्रदेश के पांच कृषि विश्वविद्यालयों की भी सहभागिता रहेगी। इसमें चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर, आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या, सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मोदीपुरम मेरठ, बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय बांदा, सैम हिंगिंग बॉटम कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (शियाट्स) नैनी प्रयागराज की भी सहभागिता रहेगी। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम, अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान वाराणसी भी हिस्सा लेगा।  कृषि विभाग के संवाद-समन्वय से 15 से अधिक एफपीओ करेंगे प्रतिभाग  इंटरनेशनल ट्रेड शो के आयोजन में कृषि विभाग की भी बड़ी हिस्सेदारी है। कृषि विभाग के संवाद व समन्वय से इसमें लगभग 15 से अधिक किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) हिस्सा लेंगे। इसमें बुलंदशहर के तीन एफपीओ समेत की प्रयागराज, एटा, झांसी, मेरठ, महोबा, सहारनपुर, बाराबंकी, गौतमबुद्धनगर, लखनऊ, सिद्धार्थनगर समेत विभिन्न जनपदों की सहभागिता रहेगी। कृषि विभाग की तरफ से लगने वाली प्रदर्शनी में सीड्स, फर्टिलाइजर, कृषि यंत्रों से जुड़ी कंपनियां भी प्रतिभाग करेंगी। इसमें 17 कृषि यंत्रीकरण कंपनी, 9 बीज कंपनियां, 8 उर्वरक कंपनी, 8 कृषि रक्षा कंपनी भी प्रतिभाग करेंगी।  कृषि विभाग ने नियुक्त किए नोडल अधिकारी  सीएम योगी के नेतृत्व में इंटरनेशनल ट्रेड शो में कृषि विभाग महत्वपूर्ण हिस्सेदारी रखेगा। कृषि विभाग की ओर से संवाद, समन्वय व देखरेख के लिए नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं। कृषि- कृषि शिक्षा व बीज विकास निगम से संवाद-समन्वय के लिए अपर कृषि निदेशक प्रसार को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। मंडी परिषद व कृषि विपणन के लिए राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के निदेशक द्वारा नामित अपर निदेशक स्तर के अधिकारी या उप निदेशक कृषि विपणन नोडल अधिकारी की भूमिका में होंगे। बीज उत्पादन करने वाली कंपनियों के लिए डॉ. अमरनाथ मिश्र अपर कृषि निदेशक (बीज व प्रक्षेत्र) तथा ट्रेड शो में आमंत्रित उर्वरक बनाने वाली कंपनियों के लिए संयुक्त कृषि निदेशक (उर्वरक) डॉ. आशुतोष कुमार मिश्र को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। कृषि उपकरण व ड्रोन बनाने वाली कंपनियों के लिए संयुक्त कृषि निदेशक (अभियंत्रण) नरेंद्र कुमार तथा कीटनाशक कृषि रक्षा रसायनों के लिए अपर कृषि निदेशक (कृषि रक्षा) टीएम त्रिपाठी को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। कृषि क्षेत्र में नई तकनीक का उपयोग व उससे संबंधित स्टार्टअप के लिए आईआईटी कानपुर में अलग विंग संचालित है। आईआईटी कानपुर से समन्वय बनाने के लिए अपर कृषि निदेशक (प्रसार) नोडल अधिकारी होंगे।  उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो के तृतीय संस्करण (25 से 29  सितंबर) के आयोजन में कृषि विभाग की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। विभाग ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है। यहां आने वाले अतिथि व आगंतुक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की उन्नत कृषि संस्कृति और कृषि क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की प्रगति से रूबरू होंगे। आयोजन में कृषि विश्वविद्यालय, एफपीओ, बीज कंपनी, उर्वरक कंपनी, कृषि यंत्रीकरण कंपनी आदि की भी सहभागिता रहेगी।   

10वां राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस: सीएम आज दोपहर 3 बजे करेंगे राज्य स्तरीय कार्यक्रम का उद्घाटन

भोपाल  मुख्यमंत्री आयुष जनस्वास्थ्य कार्यक्रम का 55 जिले की 55 इकाई में प्रसार एवं कैंसर रोगियों के लिए "कारुण्य" कार्यक्रम और औषधि पौधों के लिए हेल्पलाइन का शुभारंभ करेंगे। साथ ही एस.एम.पी.बी. की 'मध्य हर्बल दर्पण' पत्रिका का विमोचन और जन आरोग्य समिति की नियमावली का विमोचन भी करेंगे। कार्यक्रम स्थल पर आयुष विभाग द्वारा प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। अध्यक्षता उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। इस अवसर पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री एवं भोपाल जिले के प्रभारी मंत्री चैतन्य काश्यप, खेल एवं युवा कल्याण और सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार कृष्णा गौर और संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी सहित गणमान्य जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी भी शामिल होंगे। MoU और हेल्पलाइन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार को राज्य स्तरीय "10वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस" का शुभारंभ कुशाभाऊ ठाकरे सभागृह में दोपहर 3 बजे करेंगे. कार्यक्रम में साथ ही आयुष वैलनेस टूरिज्म अंतर्गत आयुष विभाग एवं पर्यटन विभाग के मध्य एमओयू होगा. मुख्यमंत्री डॉ. यादव आयुष जनस्वास्थ्य कार्यक्रम का 55 जिले की 55 इकाई में प्रसार एवं कैंसर रोगियों के लिए "कारुण्य" कार्यक्रम और औषधि पौधों के लिए हेल्पलाइन का शुभारंभ करेंगे. साथ ही एस.एम.पी.बी. की 'मध्य हर्बल दर्पण' पत्रिका का विमोचन और जन आरोग्य समिति की नियमावली का विमोचन भी करेंगे. कार्यक्रम स्थल पर आयुष विभाग द्वारा प्रदर्शनी भी लगाई जायेगी. एमपी सरकार के यह मंत्री रहेंगे कार्यक्रम में मौजूद अध्यक्षता उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। इस अवसर पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री एवं भोपाल जिले के प्रभारी मंत्री चेतन्य काश्यप, खेल एवं युवा कल्याण और सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार कृष्णा गौर और संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी सहित गणमान्य जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी भी शामिल होंगे। क्यों खास है 23 सितंबर की तारीख? आयुर्वेद निवारक स्वास्थ्य देखभाल और कल्याण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. अब तक आयुर्वेद दिवस धनतेरस के दिन मनाया जाता था. हिंदू कैलेंडर पर आधारित होने के कारण आयुर्वेद अंग्रेजी कैलेंडर पर इसकी तारीख हर साल बदलती रहती थी. आयुष मंत्रालय ने यह भी उल्लेख किया कि अगले दशक में धनतेरस की तारीख 15 अक्टूबर से 12 नवंबर के बीच व्यापक रूप से बदलती रहेगी, जिससे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आयोजनों को करने में तार्किक चुनौतियां उत्पन्न होंगी. इस असंगति को दूर करने और राष्ट्रीय तथा वैश्विक उत्सवों के लिए एक स्थिर संदर्भ बिंदु स्थापित करने के लिए आयुष मंत्रालय ने उपयुक्त विकल्पों की जांच के लिए एक समिति का गठन किया. विशेषज्ञ पैनल ने चार संभावित तारीखों का प्रस्ताव रखा, जिसमें 23 सितंबर की तारीख सर्वश्रेष्ठ विकल्प के रूप में सामने आई. यह निर्णय व्यावहारिक और प्रतीकात्मक दोनों विचारों पर आधारित था. नई तारीख 23 सितंबर, शरद विषुव के साथ मेल खाती है, जब दिन और रात लगभग बराबर होते हैं. यह खगोलीय घटना प्रकृति में संतुलन का प्रतीक है, जो आयुर्वेद दर्शन के साथ पूर्ण रूप से मेल खाती है, जो मन, शरीर और आत्मा के बीच संतुलन पर जोर देती है.

हम सब मिलकर बनायेंगे आत्मनिर्भर और विकसित भारत: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

घटी जीएसटी, मिला बचत का मीठा उपहार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव हम सब मिलकर बनायेंगे आत्मनिर्भर और विकसित भारत जीएसटी सुधार विकसित भारत के निर्माण में साबित होंगे मील का पत्थर व्यापारियों से संवाद कर जीएसटी दरों में कटौती से होने वाले लाभों की दी जानकारी स्वदेशी वस्तुएं ही अपनाने की अपील की जीएसटी दरों में कटौती से बाजार में आई रौनक मुख्यमंत्री ने नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म्स प्रचार कार्यक्रम में खरीदी स्वदेशी वस्तुएँ चौक बाजार में बचत उत्सव में व्यापारियों और आमजन से की भेंट भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत का स्वप्न केवल संकल्प नहीं, बल्कि जल्द ही साकार होने वाला यथार्थ है। इसके लिए देश के हर नागरिक को बराबर का सहयोगी और साथी बनना होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा जीएसटी दरों में कटौती कर देशवासियों को बचत का मीठा उपहार दिया है। केंद्र सरकार की बचत संबंधी यह पहल देशवासियों को दीपावली की सौगात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को भोपाल के ऐतिहासिक चौक बाजार में नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी के प्रचार कार्यक्रम "बचत उत्सव" के तहत व्यापारियों और आमजन से संवाद कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवारा क्षेत्र की पुलिस चौकी से दीपाली साड़ी हाउस तक बाजार में पैदल भ्रमण कर दुकानों में जीएसटी बचत उत्सव के स्टीकर्स चिपकाए। दुकानदारों एवं ग्राहकों से आत्मीयतापूर्ण चर्चा की। जीएसटी दरों में कटौती होने से महिलाएं सबसे अधिक खुश नजर आईं। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मिष्ठान खिलाकर अपनी खुशी जाहिर भी की। मुख्यमंत्री ने विभिन्न प्रतिष्ठानों से स्वदेशी वस्त्रों और परिधानों की खरीददारी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाजार में खरीददारी करने आए ग्राहकों और आमजनों से भी आत्मीय भेंट की। बाजार में पैदल भ्रमण एवं भेंट के दौरान दुकानदार और आमजन ने मुख्यमंत्री का पुष्पवर्षा कर स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुकानों में व्यापारियों से संवाद करते हुए कहा कि आज से देशभर में लागू हुई नई जीएसटी कटौती दरें जनता के जीवन में बचत और समृद्धि लेकर आई हैं। उन्होंने कहा कि शारदीय नवरात्र के पहले दिन से शुरू हुआ यह कदम देशवासियों के लिए ‘जीएसटी बचत उत्सव’ की तरह मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी से स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि आत्मनिर्भर भारत का मार्ग तभी प्रशस्त होगा, जब हम अपने स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार का यह कदम आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में ऐतिहासिक और दूरगामी पहल है, जो भविष्य में मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने व्यापारियों के साथ जीएसटी कटौती पर चर्चा की और उन्हें मिठाई खिलाकर जीएसटी बचत उत्सव की बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव चौक बाजार में विजयवर्गीय ज्वेलर्स पहुंचे। यहां प्रतिष्ठान स्वामी ने मिष्ठान खिलाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भ्रमण के दौरान मान्यवर, रिवाज, जानकी साड़ी, धरा ज्वेलर्स, सत्यम फैब्रिक्स ओर दीपाली साड़ी हाउस पहुंचे और सभी दुकानों में जीएसटी बचत उत्सव के स्टीकर्स चिपकाए। उन्होंने दुकान स्वामियों को जीएसटी की नई दरों के बारे में भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुकानदारों और ग्राहकों को नवरात्रि और दशहरा की शुभकामनाएं दीं और त्यौहारी सीजन में अपने लिए कुछ कपड़े भी खरीदे, पक्का बिल बनवाया और यूपीआई के जरिए ऑनलाइन पेमेंट कर सभी को डिजिटल पेमेंट से जुड़ने का संदेश भी दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी से नई जीएसटी दरों का प्रचार-प्रसार करने और जन-जन तक जीएसटी में कटौती का संदेश पहुंचाने के अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया। व्यापारिक, वाणिज्यिक एवं सामाजिक संगठनों से संवाद चौक बाजार में पैदल भ्रमण के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  मोतीलाल मन्नूलाल धर्मशाला में विभिन्न व्यापारिक, वाणिज्यिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों से रूबरू होकर आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री ने व्यापारियों को आने वाले सभी त्यौहरों सहित दीपावली की अग्रिम बधाई दी। उन्होंने कहा कि जीएसटी दरों में कमी से देशवासियों की बचत बढ़ेगी, जिससे उनकी क्रय शक्ति में वृद्धि होगी। बढ़ी हुई क्रय शक्ति से बाजार गुलजार होंगे और अंततः सरकारों को जनकल्याण एवं विकास कार्यक्रमों के लिए अधिक आर्थिक संसाधन उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि इस सुधार से व्यापारी और उद्योगपति बंधु भी राहत महसूस करेंगे, क्योंकि अब उन्हें अलग-अलग कर दरों की दुविधाओं से भी मुक्ति मिलेगी। उन्होंने कहा कि पूरे देश में आज से जीएसटी की नई दरें लागू हो चुकी हैं। अब 5 और 18 प्रतिशत के सिर्फ 2 स्लैब हैं। दैनिक जरुरतों की लगभग सभी वस्तुएं 5 प्रतिशत स्लैब में रखी गई हैं। केवल विलासितापूर्ण वस्तुओं (लग्जरी आईटम्स) को ही 18 प्रतिशत जीएसटी स्लैब में रखा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीएसटी के माध्यम से प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों को बड़ी सौगात दी है। नवरात्रि के पहले ही दिन से देश में जीएसटी बचत उत्सव शुरू हो चुका है। हम सभी को स्वदेशी को बढ़ावा देना चाहिए। स्वदेशी अपनाकर ही हम अपने देश को दुनिया में अग्रणी राष्ट्र बनाएंगे। उन्होंने कहा कि जीएसटी घटने से बाजारों की रौनक कई गुना बढ़ गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी आम जनता के साथ सभी वर्गों के कल्याण के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने जीएसटी घटाकर व्यापारियों के साथ ही आम जनता को दीपावली का उपहार दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वदेशी ही देश और प्रदेश के विकास का मूल आधार है। स्वदेशी हमारी आजादी के दौर का कारगर हथियार था। अब इसी स्वदेशी को अपनाकर भारत दुनिया की चौथी से तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा। राज्य सरकार की मंशा है कि स्थानीय स्तर पर बने उत्पादों की खपत स्थानीय स्तर पर ही हो, यही हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। प्रधानमंत्री  मोदी ने जीएसटी कटौती से पहले आयकर सुधारों से आम जनता को राहत दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी व्यापारी बंधुओं से 'गर्व से कहो-यह स्वदेशी है' का उद्घोष कराया। मुख्यमंत्री ने अग्रवाल समाज सहित सभी को सोमवार को ही महाराजा अग्रसेन जयंती की शुभकामनाएं भी दीं। भोपाल चेंबर ऑफ कामर्स द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव को स्मृति चिन्ह भी भेंट किया। कर्फ़्यू वाली माता मंदिर में दर्शन पूजन भी किये मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चौक … Read more

भारी हादसा: इंदौर में बिल्डिंग गिरने से दो की जान गई, चार परिवार थे मकान में

इंदौर सेंट्रल कोतवाली थाना क्षेत्र के कोष्टी मोहल्ले में सोमवार की रात करीब 10 बजे एक 3 मंजिला इमारत अचानक से धराशाई हो गया. इस घटना में एक युवती सहित 2 लोगों की मौत हो गई, जबकि 12 लोग घायल हो गये हैं. इनमें से 4 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है. घटना के वक्त मकान में कई लोग मौजूद थे. रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी इंदौर नगर निगम और पुलिस की टीम ने घायलों को इलाज के लिए एमवाय अस्पताल पहुंचाया है, जहां उनका इलाज जारी है. देर रात भरभराकर गिरी बिल्डिंग कोष्टी मोहल्ले में शब्बू अंसारी का करीब 15 साल पुराना यह 3 मंजिला मकान था. इस बिल्डिंग में 4 परिवार रहते हैं. घटना के समय इनमें से 9 लोग रिश्तेदार के यहां गए हुए थे, जबकि मलबे में 14 लोग दब गए. बताया जा रहा है बारिश के कारण बिल्डिंग में दरारें पड़ गई थीं. साथ ही बिल्डिंग के तलघर में पानी भरा रहता था, इसी वजह से ये धंस गई. हादसे की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस और प्रशासन को दी गई। इमारत 8 से 10 साल पुरानी बताई जाती है। दमकल विभाग और नगर निगम की टीमें बचाव के काम में जुटी हैं। अधिकारियों का कहना है कि पहली प्राथमिकता फंसे लोगों को निकालने की है। जेसीबी मशीनें मलबा हटाने में लगी हैं। घटनास्थल को सील कर दिया गया है। वरिष्ठ अधिकारी बचाव के काम की निगरानी कर रहे हैं। अधिकारी मौके पर जमा भीड़ को दूर कर रहे हैं। पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के साथ कलेक्टर शिवम वर्मा भी मौके पर डटे हैं। हादसे के वक्त इमारत में कई लोगों के होने की बात कही जा रही है। स्थानीय लोगों की मानें तो इमारत के बेसमेंट में पानी भरा था। मौके पर पहुंचे महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि इमारत का कुछ हिस्सा पड़ोस की बिल्डिंग पर भी गिरा है। बचाव के काम के चलते रानीपुरा क्षेत्र की बिजली काट दी गई है। जर्जर हालत में थी बिल्डिंग जैसे ही मामले की जानकारी पुलिस और इंदौर नगर निगम की टीम को लगी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव और इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू कार्य शुरू कराया. इस दौरान प्रारंभिक तौर पर घटनाक्रम में घायल हुए 10 लोगों को रात 12 बजे तक निकलकर इंदौर के एमवाय हॉस्पिटल में पहुंचा दिया गया, जबकि 3 लोग मलबे में नीचे तक दबे थे. उन्हें बाहर निकालने के लिए देर रात तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला. घायलों का इलाज जारी हादसे पर कलेक्टर शिवम वर्मा का कहना है कि "घटनाक्रम की जैसे ही जानकारी लगी तुरंत मौके पर पहुंचे. मलबे में दबे कई घायलों को रेस्क्यू कर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है. प्रारंभिक तौर पर किसी की भी मौत की सूचना नहीं मिली थी. मलबे में दबे सभी लोगों को मंगलवार की सुबह करीब 4 बजे तक बाहर निकाल लिया गया है. बाद में इनमें से 2 लोगों के मौत की सूचना मिली थी." इस पर इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह का कहना है कि " घायलों को एमवाय अस्पताल में भर्ती कराकर इलाज कराया जा रहा है." अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय भाजपा विधायक गोलू शुक्ला सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे. इस हादसे पर भाजपा विधायक ने चिंता जताई. साथ ही उनका कहना है कि "इस क्षेत्र में मौजूद अवैध अतिक्रमण को हटाने को लेकर कई बार इंदौर नगर निगम को पत्र लिख चुके हैं. अब इतनी दर्दनाक घटना घटित हो चुकी है. इसके चलते क्षेत्र में मौजूद अवैध अतिक्रमणों पर कार्रवाई कल से शुरू कर दी जाएगी."  

मध्य प्रदेश सरकार OBC आरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध: सीएम डॉ. मोहन यादव

पिछड़ा वर्ग आरक्षण के संबंध में प्रतिबद्ध मध्य प्रदेश सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव नई दिल्ली में सॉलिसिटर जनरल और केंद्रीय मंत्री से मुलाकात भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को नई दिल्ली में सॉलिसिटर जनरल श्री तुषार मेहता और केंद्रीय जल शक्ति राज्यमंत्री श्री राजभूषण चौधरी से भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के संबंध में राज्य सरकार द्वारा प्रतिबद्धता के साथ कार्यवाही की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोलिसिटर जनरल तुषार मेहता से इस संबंध में विस्तार से विमर्श किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश भवन में सांसदगण से भी मुलाक़ात की।  हर घर जल पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध मध्यप्रदेश सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिल्ली प्रवास के दौरान केन्द्रीय जल शक्ति राज्यमंत्री श्री राजभूषण चौधरी से भेंट कर मध्यप्रदेश के लिये पेयजल संबंधी योजनाओं के संबंध में चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय राज्यमंत्री श्री चौधरी को बताया की जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश में सभी जिलों में कार्य हो रहा है। प्रदेश सरकार नागरिकों के लिए घर-घर तक जल पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस दिशा में क्रियान्वित कार्यों की नियमित समीक्षा भी की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्र सरकार के अधिकारीगण से भी चर्चा की।   

बारिश ने रोकी रफ्तार: हावड़ा स्टेशन पानी में डूबा, मेट्रो पर भी असर

कोलकाता पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में मंगलवार को पूरी रात हुई मूसलाधार बारिश ने सामान्य जनजीवन को अस्त-व्यस्त हो गया है. बारिश के बाद कई इलाकों में पानी भर गया है, जिसमें करंट भी उतरने की बात सामने आई है. बिजली का करंट लगने की वजह से अब तक कुल 5 लोगों की मौत हुई है. पिछले 6 घंटों में शहर में 250 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश हुई, जिससे शहर के कई हिस्सों में घुटनों तक पानी भर गया है. इलाकों से पंप के जरिए निकाला जा रहा पानी रात भर हुई भारी बारिश के कारण, महानायक उत्तम कुमार और रवींद्र सरोबर स्टेशनों के बीच जलभराव हो गया है. यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, शहीद खुदीराम से मैदान स्टेशन के बीच मेट्रो सेवाएं रोक दी गई हैं. दक्षिणेश्वर और मैदान स्टेशनों के बीच मेट्रो सेवाएं कम संख्या में चलाई जा रही हैं. पानी को पंप से बाहर निकाला जा रहा है. मेट्रो रेलवे के अधिकारी और कर्मचारी जल्द से जल्द समस्या का समाधान करने के लिए मौके पर पहुंच गए हैं. अचानक मौसम में बदलाव की वजह से ट्रैफिक पर बुरा असर पड़ा है और कई जगहों पर वाहनों की आवाजाही थम गई है. मेट्रो और रेल सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं. मौसम विभाग ने बताया कि उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण यह बारिश हुई है. रात भर हुई बारिश की वजह से शहर की कई सड़कों में पानी भर गया. कई घरों और आवासीय परिसरों में भी पानी घुस गया है.  कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के मुताबिक, गरिया कामदाहरी में 332 मिमी, जोधपुर पार्क में 285 मिमी, कालीघाट में 280 मिमी, टॉप्शिया में 275 मिमी, और बालीगंज में 264 मिमी बारिश दर्ज की गई. कोलकाता में पांच घंटे के अंदर रिकॉर्ड बारिश     कामदहारी-332 मिमी     जोधपुर पार्क- 285 मिमी     कालीघाट- 280.2 मिमी     टैप्सिया- 275 मिमी     बालीगंज- 264 मिमी     चेतला- 262 मिमी     मोमिनपुर- 234 मिमी     चिंगरीहाटा- 237 मिमी     पामर बाज़ार- 217 मिमी     धापा- 212 मिमी     सीपीटी नहर- 209.4 मिमी     उल्टाडांगा- 207 मिमी     कुदघाट- 203.4 मिमी     पागलडांगा (टंगरा)- 201 मिमी     कुलिया (टंगरा)-  196 मिमी     थन्थानिया- 195 मिमी हावड़ा और सियालदह यार्ड और कार-शेड में जलभराव  रात में हुई मूसलाधार बारिश के बाद, हावड़ा स्टेशन यार्ड, सियालदह दक्षिण स्टेशन यार्ड, चितपुर उत्तर केबिन, विभिन्न कार-शेड और सियालदह यार्ड के विभिन्न स्थानों पर जलभराव देखा गया. हावड़ा और सियालदह मंडलों की रेलवे लाइनों पर पानी भर गया है. जमा हुए पानी को निकालने के लिए कई जगहों पर पानी के पंप लगाए गए हैं, लेकिन आस-पास के सिविल क्षेत्र से भी पानी भर जाने के कारण, पानी वापस रेलवे यार्ड में बह रहा है, जिससे और भी मुश्किलें पैदा हो रही हैं. आज यानी मंगलवार सुबह कुछ उपनगरीय ट्रेनों को बीच में ही रोक दिया गया और बीच में ही शुरू कर दिया गया.  रेलवे सेवाएं प्रभावित…     सियालदह उत्तर और मुख्य: उपनगरीय खंड में प्लेटफार्म नंबर-7 से आंशिक सेवाएं शुरू हुईं.     13113 यूपी हज़ारद्वारी एक्सप्रेस को कोलकाता से रद्द कर दिया गया है.     13177 सियालदह जंगीपुर एक्सप्रेस को सियालदह से रद्द कर दिया गया है.     सियालदह दक्षिण खंड में जलभराव के कारण ट्रेनों का परिचालन स्थगित कर दिया गया है.     ट्रैक और चितपुर यार्ड में जलभराव के कारण सर्कुलर रेलवे लाइन पर ट्रेनों का ऑपरेशन स्थगित कर दिया गया है. मौसम विभाग की चेतावनी… भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बना है, जिसके उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है. इससे दक्षिण बंगाल के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. बुधवार तक पूर्ब मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर, दक्षिण 24 परगना, झाड़ग्राम और बांकुरा जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग ने यह भी बताया कि 25 सितंबर के आसपास पूर्व-मध्य और उत्तर बंगाल की खाड़ी के आस-पास एक और नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है, जिससे आने वाले दिनों में और बारिश हो सकती है.