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दशहरा गिफ्ट: यूपी के लाखों छात्रों के खाते में पहुंचे ₹89.96 करोड़, सीएम योगी ने किया ट्रांसफर

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में राज्य सरकार ने 26 सितंबर, शुक्रवार को 3. 96 लाख से अधिक छात्रों को छात्रवृत्ति का तोहफा दिया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्टूडेंट्स से अपील की है कि वह इस छात्रवृत्ति का उपयोग अपनी पढ़ाई लिखाई के लिए करें. सीएम ने कहा कि हम लोगों ने 2025-26 में वंचित वर्गों को ₹2,825 करोड़ की छात्रवृत्ति अब तक वितरित की है. राजधानी लखनऊ में आयोजित वितरण कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि पिछड़े वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए कम्प्यूटर प्रशिक्षण की व्यवस्था को भी ₹11 करोड़ से बढ़ाकर ₹35 करोड़ किया है सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा कि सतत विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने में शिक्षा की एक बड़ी भूमिका है. आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी नेतृत्व में बीते 11 वर्षों में वंचितों को स्कॉलरशिप और शुल्क प्रतिपूर्ति की व्यवस्था के साथ जोड़कर उत्तम और बेहतरीन शिक्षा के माध्यम से उनके विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ है. शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर आज लखनऊ में छात्रवृत्ति वितरण समारोह के अंतर्गत 3 लाख 96 हजार से अधिक विद्यार्थियों को ₹89. 96 करोड़ की धनराशि का हस्तांतरण किया. सभी छात्र-छात्राओं को हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की मंगलमय शुभकामनाएं! सीएम ने छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम में एक संबोधन के दौरान कहा कि हमें बंटना नहीं है, हम एकजुट रहकर बेहतर शिक्षा के लिए हर छात्र को स्कूल तक पहुँचाना है. याद रखना इन विभाजनकारी ताकतों ने देश को गुलाम बनाया था. अब नए भारत के लिए प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जो काम चल रहा है. उस आत्मनिर्भर विकसित भारत के लिए जो अभियान चल रहा है उसके लिए ये फिर से बाधक बन रही हैं. सीएम ने कहा कि कुछ ताकतें समाज को बांटने का काम कर रही हैं. हमारा प्रयास होना चाहिए. हमको बंटना नही है. हमे एकजुट होकर बेहतर शिक्षा के लिए हर छात्र को स्कूल पहुंचाना है. हर वंचित को स्कूली शिक्षा के साथ जोड़ना है. आज सरकार हर कार्य कर रही है. समाज कल्याण विभाग द्वारा अनेक कार्य हो रहे हैं. पहले हजारों बच्चे इससे वंचित रह जाते थे – सीएम योगी सीएम ने दावा किया कि पहले स्कॉलरशिप में भेद भाव होता था. मार्च अप्रैल तक आती थी. अब यह सितंबर महीने में ही मिलने जा रही है. आज सीधे छात्रों के खाते में छात्रवृत्ति जाती है. पहले हजारों बच्चे इससे वंचित रह जाते थे. उन्होंने कहा कि यह वर्ष शताब्दी संकल्प वर्ष चल रहा है. शताब्दी वर्ष में हम 2047 के संकल्प अभियान को लेकर चल रहे हैं. विकसित भारत का विकसित उत्तरप्रदेश की नींव अभी से रखनी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार लगातार छात्रवृत्ति योजना में वृद्धि कर रही है. तकनीकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से वेरिफिकेशन, डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरण हो रहा है. सरकार पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है. अल्पसंख्यक छात्रों को भी उच्च सुविधा दी जा रही है. सीएम ने कहा कि बाबा साहेब कहते थे कि जब तक हम अच्छी शिक्षा नही लेंगे. कोई सरकार कल्याण नही कर सकती. सरकार पर आश्रित नही रहकर सरकार की बेहतर सुविधाओ को उपयोग करते हुए आगे बढ़ना होगा. वो सभी महापुरुष जिन्होने अपनी प्रतिभा से समाज को दिशा दी वो किसी के मोहताज थे. उन्होंने अपने प्रतिभा से समाज का मार्गदर्शन किया.  

मध्यप्रदेश को रेलवे में बड़ी सौगात: 2500 करोड़ की लागत से तैयार हो रही तीसरी लाइन

भोपाल  मध्य प्रदेश में रेलवे ढांचे को मजबूती देने के लिए एक और बड़ा कदम उठाया गया है। इटारसी–आमला सेक्शन (Itarsi–Amla Third Line) पर तीसरी रेल लाइन का काम तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। करीब 130 किलोमीटर लंबे इस रूट पर मिट्टी का बेस तैयार होने के बाद अब अन्य निर्माण कार्य शुरू हो गए हैं। हालांकि जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में देरी की वजह से नर्मदापुरम और बैतूल जिले में यह प्रोजेक्ट लेट से शुरू हो पाया। किसानों की जमीन अधिग्रहित तीसरी रेल लाइन बिछाने के लिए बैतूल जिले के 3 तहसीलों के लगभग 40 गांव प्रभावित हुए हैं। यहां करीब 290 किसानों की 16 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन अधिग्रहित की गई है। अधिकारियों का कहना है कि लाइन पूरी तरह तैयार होने के बाद इस रूट पर ट्रेन संचालन और सुगम हो जाएगा। घाट सेक्शन बना चुनौती यह पूरा रेल मार्ग घाट सेक्शन से होकर गुजरता है। ऐसे में अभी ट्रेनों के संचालन में कई दिक्कतें आती हैं। इसी कारण परियोजना में चार स्थानों पर सुरंग भी बनाई जाएगी, जिनकी कुल लंबाई 1.40 किलोमीटर होगी। प्रोजेक्ट का दायरा इटारसी से नागपुर तक 267 किलोमीटर लंबे सेक्शन पर तीसरी लाइन बिछाई जाएगी। इस पूरे ट्रैक पर 27 रेलवे स्टेशन और 361 पुल-पुलिया शामिल होंगे। पीपलढ़ाना और मरामझिरी इलाके में अंडरपास का निर्माण पहले ही किया जा चुका है। क्यों जरूरी है तीसरी लाइन? अभी नागपुर–इटारसी सेक्शन में केवल दो लाइनें हैं। इन पर एक साथ यात्री और मालगाड़ियां चलाई जाती हैं। कई बार यात्री ट्रेनों को प्राथमिकता देने के लिए मालगाड़ियों को घंटों तक रोकना पड़ता है। तीसरी लाइन के बाद दोनों तरह की ट्रेनों का संचालन बिना बाधा के हो सकेगा और यात्रियों को समय पर ट्रेनें मिलेंगी। लागत और प्रगति पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 2525 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। भोपाल–इटारसी सेक्शन पर तीसरी लाइन का काम लगभग पूरा हो चुका है। अब इटारसी–नागपुर सेक्शन पर समानांतर लाइन बिछाने का कार्य तेजी से चल रहा है। यह प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद न सिर्फ यात्रियों को समय की बचत होगी, बल्कि मालगाड़ियों की आवाजाही भी ज्यादा प्रभावी ढंग से हो पाएगी।

दोपहिया से चार पहिया की ओर रुझान, Maruti ने बेची 80,000 कारें सिर्फ ₹1,999 EMI ऑफर पर

नई दिल्ली त्योहारों का मौसम है और बाजार में खूब रौनक है. ऐसे में 22 सितंबर से लागू हुए नए जीएसटी स्ट्रक्चर ने और भी तड़का लगा दिया है. गाड़ियों की कीमत में भारी कटौती आई है. जिसका सीधा असर कार खरीदारी पर देखने को मिल रहा है. और कार बेचने में सबसे आगे है मारुति सुज़ुकी. जीएसटी कटौती हुई तो गाड़ियों के दाम नीचे आए. ऊपर से कंपनी ने ऐसा ऑफर फेंका कि लोगों की भारी भीड़ शोरूमों पर टूट पड़ी है. नवरात्रि के शुरू होने के बाद अब तक 80 हज़ार से ज्यादा मारुति की कारें बिक चुकीं हैं. इतना ही नहीं रोजाना तकरीबन 80 हज़ार लोग अपनी नई कार के बारे में एंक्वॉयरी (पूछताछ) कर रहे हैं. शोरूम में भीड़ ऐसी कि डीलर रात में 11–12 बजे तक गाड़ियां डिलीवर कर रहे हैं. GST लागू होने के पहले दिन ही मारुति सुजुकी ने 35 सालों का रिकॉर्ड तोड़ा था और एक दिन में ही 25,000 कारों की डिलीवरी की थी. अब ये सिलसिला और आगे बढ़ रहा है. मारुति सुजुकी के सीनियर एक्जीक्यूटिव ऑफिसर (सेल्स और मार्केटिंग) पार्थो बनर्जी ने बिज़नेस टुडे को बताया कि कंपनी ने नवरात्रि की शुरुआत से अब तक 80,000 वाहनों की बिक्री की है. जबकि रोजाना एंक्वॉयरी बढ़कर लगभग 80,000 हो गई है. बनर्जी ने कहा, "हमारे शोरूम में भारी भीड़ है. चैनल पार्टनर हमारे ग्राहकों तक वाहन पहुँचाने के लिए देर रात तक काम कर रहे हैं." EMI का खेल… दोपहिया छोड़ कार खरीद रहे लोग अब पढ़िए कंपनी का मास्टरस्ट्रोक. EMI सिर्फ़ 1,999 रुपये से शुरू. यानी जितने में लोग बाइक या स्कूटर खरीदते हैं, उतने में अब कार घर आ सकती है. कंपनी को पता है कि भारत में करोड़ों दो-पहिया उपभोक्ता हैं, जिन्हें बस थोड़ा धक्का चाहिए. EMI का ये जादू वही धक्का है.  कारों को किफायती बनाने के लिए मारुति सुजुकी ने एक शानदार EMI स्कीम लॉन्च की है. जिसके तहत ग्राहक केवल 1,999 प्रति माह की ईएमआई देकर कार खरीद सकते हैं. बनर्जी ने आगे कहा, "इससे दोपहिया वाहन मालिकों के लिए चार पहिया वाहन में अपग्रेड करना आसान हो गया है." सुधर रही है छोटी कारों की बिक्री दरअसल, कंपनी ने छोटे कार सेगमेंट की बिक्री के गिरने की वजह भी बताई है. इसका सीधा कारण कंपनी ने जेब पर पड़ने वाले बोझ को माना है. पार्थो बनर्जी ने बताया कि, छोटी कारों की बिक्री में गिरावट मुख्य रूप से अफोर्डेबिलिटी संबंधी चुनौतियों के कारण हुई है. उन्होंने कहा, "हाल ही में रेपो रेट में कटौती से ईएमआई को और अधिक किफायती बनाने में मदद मिली है." उन्होंने आगे कहा कि मारुति ने चुनिंदा एंट्री-लेवल मॉडलों की कीमतों में 24% तक की कमी की है, जो 31 दिसंबर, 2025 तक लागू रहेगी.  अब जब रेपो रेट घटा, EMI सस्ती हुई, और मारुति ने एंट्री-लेवल कारों के दाम 24% तक घटा दिए (31 दिसंबर 2025 तक), तो ग्राहकों के लिए ये कार खरीदारी का सुनहरा मौका बन गया. छोटी कारों की लोकप्रियता फिर से बढ़ रही है, लेकिन एसयूवी अभी भी भारी डिमांड में है. बनर्जी ने कहा, "हम एसयूवी सेगमेंट में भी अच्छी ग्रोथ देख रहे हैं." एक दिक्कत भी है…! कारों की बिक्री बढ़ रही है, लेकिन दिक्कत ये है कि सप्लाई लाइन दबाव झेल रही है. कारों की सप्लाई के बारे में, बनर्जी ने कहा कि बढ़ती माँग को पूरा करना एक चुनौती बना हुआ है. उन्होंने बताया, "सितंबर के पहले 20 दिनों में डिस्पैच रोक दिया गया था और 22 सितंबर को ही फिर से शुरू हुआ. कई वाहन अभी ट्रांजिट में हैं और हम उन्हें जल्द से जल्द पहुँचाने की कोशिश कर रहे हैं." सप्लाई चेन में तेज़ी आने के साथ, मारुति के अधिकारी ने ग्राहकों को लंबे वेटिंग पीरियड से बचने के लिए अपनी गाड़ियाँ जल्दी बुक करने की सलाह दी है. कुल मिलाकर कहानी ये है कि मारुति सुज़ुकी इस बार के त्योहारी सीज़न में सेल्स के नए रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में है. जीएसटी कटौती, दमदार EMI ऑफर और प्राइस कट  तीनों का कॉम्बो ग्राहकों को शोरूम तक खींच लाया है.

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा यदुनंदन जिधर होते हैं, जीत भी उधर ही होती है

पराक्रमी सेना पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सम्मान भाव, बोले – हमें हमारी सेना पर गर्व है मुख्यमंत्री ने रेजांग-ला पवित्र रज कलश का किया पूजन रेजांग-ला युद्ध के वीर योद्धाओं को दी गई श्रद्धांजलि भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यदुनंदन जिधर होते हैं, जीत भी उधर ही होती है। धर्म की रक्षा के लिए भगवान कृष्ण ने पांडवों का सारथी बनना स्वीकार किया। उन्होंने धर्म स्थापना के लिए अपना सर्वस्व दे दिया। हमारे सैनिकों ने रेजांग-ला युद्ध में जीत हासिल कर दुश्मनों से देश की रक्षा की। हमारे सैनिकों का शौर्य भारी पड़ा हमें हमारी पराक्रमी सेना पर बेहद गर्व है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रेजांग-ला युद्ध में अपने प्राणों को बलिदान कर चीनी सैनिकों को मुंहतोड़ जवाब देने वाले अमर शहीदों को नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को अटल पथ पर रेजांग-ला युद्ध में अमर बलिदानियों के श्रद्धांजलि कार्यक्रम को संबोधित कर रह थे। उन्होंने रेजांग-ला पवित्र रज कलश का पूजन किया और यात्रा के आयोजकों को सरकार की ओर से शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सरकार हर ऐसे पुनीत कार्य में सहयोगी है, जिससे आमजनों में देश प्रेम की भावना का संचार हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा 5 हजार साल पुराना गौरवशाली अतीत रहा है। उन्होंने कहा कि परमवीर चक्र से सम्मानित  योगेंद्र सिंह यादव ने मात्र 19 साल की उम्र में दर्जनों गोलियां लगने के बाद भी टाइगर हिल्स की लड़ाई में पाकिस्तानी घुसपैठियों के छक्के छुड़ाए थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यादव समाज के पराक्रम और शौर्य पर अगर कोई फिल्म बनाई जा रही है, तो राज्य सरकार फिल्म निर्माता को सब्सिडी देकर उसे प्रोत्साहित करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि एवरेस्ट फतह करने वाले पर्वतारोही  संतोष यादव और महिला लोको पायलट सु सुलेखा यादव जैसी अनेक हस्तियों ने भी यादव समाज का मान बढ़ाया है। कार्यक्रम में कारगिल युद्ध के नायक परमवीर चक्र विजेता  योगेंद्र सिंह यादव ने कहा कि हमारे लिए यह यात्रा गौरव का विषय है। इस कलश यात्रा का उद्देश्य भारतीय समाज को एकजुट करना और युवाओं में शहीदों के शौर्य के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना है। यह समाज को ऊपर उठाने की यात्रा है। मुझे गर्व है कि भारत माता की सेवा का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि यादव समाज ने अनेक वीर सैनिक दिए, जिन्होंने मां भारती की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। हम उनकी संतानें हैं, जिन्होंने कभी झुकना नहीं सीखा। यादव कुल राष्ट्र पर मर मिटने के लिए सदैव तत्पर रहता है। उल्लेखनीय है कि रेजांग-ला के युद्ध में भारतीय सेना के 120 सैनिकों ने लगभग 3 हजार चीनी सैनिकों को मार गिराया था। ये सभी 120 सैनिक अहीर (यादव) समाज से थे। कार्यक्रम में विधायक  भगवानदास सबनानी, विधायक  महेंद्र सिंह यादव, पूर्व मंत्री  अखंड प्रताप सिंह यादव, पूर्व मंत्री मती ललिता यादव, ओबीसी महासभा के  जगदीश यादव, अधिवक्ता  राजेंद्र यादव, भोपाल यात्रा प्रभारी  शेर सिंह यादव सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक और शहीदों के परिजन उपस्थित थे। कलश यात्रा 14 राज्यों से होती हुई मध्यप्रदेश पहुंची है। यात्रा का 18 नवम्बर 2025 को दिल्ली में समापन होगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कलश यात्रा में प्रमुख भूमिका निभाने वाले  किरण यादव,  राम सेन,  मनोज,  बलवीर यादव और  पुष्पेन्द्र यादव को सम्मानित किया। 

30 सितंबर को उज्जैन में नगर पूजा: सम्राट विक्रमादित्य के समय से चली आ रही अनोखी परंपरा

उज्जैन  शारदीय नवरात्र की महाअष्टमी पर 30 सितंबर को नगर की सुख समृद्धि के लिए मदिरा की धार से पूजा होगी। चौबीस खंभा माता मंदिर में सुबह 8 बजे कलेक्टर रौशन कुमार सिंह माता महामाया व महालया को मदिरा का भोग लगाकर पूजा की शुरुआत करेंगे। इसके बाद अधिकारी व कोटवारों का दल ढोल ढमाकों के साथ 40 से अधिक देवी व भैरव मंदिरों में पूजा अर्चना के लिए रवाना होगा। महाअष्टमी पर नगर पूजा की परंपरा सम्राट विक्रमादित्य के काल से चली आ रही है। कालांतर में भी रियासत के समय पूजन का क्रम जारी रहा। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद शासन की ओर से नगर पूजा कराई जा रही है। इस बार तिथि वृद्धि के कारण 30 सितंबर को महाअष्टमी मनाई जाएगी। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह माता महामाया व महालया को मदिरा का भोग लगाकर नगर पूजा की शुरुआत करेंगे। इसके बाद शासकीय दल अन्य मंदिरों में पूजा अर्चना के लिए रवाना होगा। 27 किमी लंबे मार्ग पर मदिरा की धार लगेगी पूजा के दौरान शहर में 27 किलो मीटर लंबे मार्ग पर मदिरा की धार लगाई जाएगी। इसके साथ पुरी, भजिए, भीगे हुए गेहूं व चने की घुघरी सहित नैवेद्य की अन्य वस्तुएं अर्पण की जाएगी। मान्यता है इससे नगर में मौजूद अतृप्त आत्माओं को तृप्ति मिलती है और वें प्रसन्न होकर नगरवासियों को सुख समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। शक्तिपीठ हरसिद्धि में दोपहर 12 बजे होगी पूजामहाअष्टमी पर शक्तिपीठ हरसिद्धि माता मंदिर में दोपहर 12 बजे शासकीय पूजा होगी। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह व एसपी प्रदीप शर्मा सपत्नीक माता हरसिद्धि का पूजन करेंगे। हरसिद्धि मंदिर में सात्विक पूजा होती है, यहां माता को मदिरा का भोग नहीं लगाया जाता है। इसलिए कलेक्टर यहां अलग से पूजा अर्चना करने आते हैं। गढ़कालिका में रात 12 बजे होगी महाआरती नगर के प्राचीन देवी मंदिरों में शुमार श्री गढ़कालिका माता मंदिर में महाअष्टमी पर रात 12 बजे महाआरती होगी। माता का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। शारदीय नवरात्र की पूर्णाहुति पर भंडारे का आयोजन होगा। नगर पूजा में यह खास     27 किलो मीटर लंबा नगर पूजा मार्ग     40 से अधिक देवी व भैरव मंदिर में होगी पूजा     12 घंटे का समय लगेगा नगर पूजा में     25 से अधिक बोतल मदिरा का उपयोग होगा  

प्रदेश में पाये जाने वाले थलीय एवं जलीय जीवों की विशिष्टताओं को करें एक्सप्लोर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश की जैविक विविधताओं का हो वैश्विक प्रचार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में पाये जाने वाले थलीय एवं जलीय जीवों की विशिष्टताओं को करें एक्सप्लोर अन्य राज्यों के वन्य जीव लाकर प्रदेश की जैव विविधता को करें और भी समृद्ध मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने म.प्र. राज्य वन्यप्राणी बोर्ड की 30वीं बैठक की अध्यक्षता कर दिए निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में पाई जाने वाली फ्लोरल एंड फौनल डायवर्सिटी (वानस्पतिक एवं जैविक विविधताओं) के बारे में प्रापर ब्रांडिंग की जाए। प्रदेश के समृद्ध वन क्षेत्रों एवं यहां के वनों में वन्य जीवों की सहज दृश्यता का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाये। इसके लिए भारतीय फिल्म डिवीजन, डिस्कवरी और अन्य चैनल्स के साथ मिलकर शॉट फिल्म्स, डाक्यूमेंटरी फिल्म, प्रमोशनल्स कैपसूल्स तैयार कर मध्यप्रदेश की वन विशिष्टताओं के बारे में पूरे विश्व को बतायें। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी अच्छाईयां दुनिया के सामने आनी ही चाहिए। दूसरे राज्यों को प्रदेश में उपलब्ध वन्य प्राणी अवश्य दें, परन्तु उनसे भी उनके यहां उपलब्ध वन्य प्राणी प्राप्त कर प्रदेश की वन विविधताओं को और अधिक समृद्ध करें। उन्होंने कहा कि आसाम से गेंडा या एक सींग वाला गेंडा प्राप्त करने के प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की नदियों में मगरमच्छ, कछुआ और घड़ियाल सहित डॉल्फिन जैसे जलीय जीव मुक्त करने के लिए तैयारी करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मंत्रालय में मध्यप्रदेश राज्य वन्यप्राणी बोर्ड की 30वीं बैठक की अध्यक्षता कर संबोधित कर रहे थे। बैठक में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री  दिलीप अहिरवार एवं बोर्ड के सदस्य डॉ. नारायण व्यास वर्चुअली शामिल हुए। मुख्य सचिव  अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव वन  अशोक बर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक  वी.एन. अम्बाडे, वन्य प्राणी बोर्ड के सदस्य  मोहन नागर,  रूपनारायण मांडवे,  महेन्द्र सिंह चौहान, डॉ. सुदेश बाघमारे, डॉ. रविचंद्रन सहित अन्य सदस्यगण भी उपस्थित थे। बैठक में तीन राज्यों उड़ीसा, राजस्थान और छत्तीसगढ़ को तीन जोड़े टाइगर देने पर गहन विचार विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन राज्यों को टाइगर दिए जा रहे हैं, उनसे उस राज्य में पाए जाने वाले वन्य जीव भी प्राप्त किए जाएं। बैठक में बोर्ड के सदस्य डॉ. आलोक कुमार ने कहा कि प्रदेश में पन्ना एवं बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के परिक्षेत्र में एक और कन्जर्वेशन रिजर्व बनाया जा सकता है। इसी प्रकार कान्हा और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के परिक्षेत्र में बालाघाट जिले के सोनेवानी फॉरेस्ट रेंज को समाहित करते हुए एक पृथक कन्जर्वेशन रिजर्व बनाने की प्रबल संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि यदि इस विषय पर गंभीरतापूर्वक निर्णय लिया जाता है, तो यह प्रदेश में वाइल्ड लाइफ कन्जर्वेशन की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम होगा। गजरक्षक ऐप तैयार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि राज्य में जंगली हाथियों के कारण हो रही दुर्घटनाओं एवं उनसे मानव दंद को रोकने के लिए समुचित उपाय किए जाएं। एडिशनल पीसीसीएफ  कृष्णमूर्ति ने बताया कि एआई बेस्ड गजरक्षक ऐप तैयार किया गया है, जो जंगली हथियों की गतिविधियों की सूचना देता है और हाथी से मानव बसाहट वाले क्षेत्र में नजदीक होने पर ग्रामीणों को मैसेज के जरिए सूचना का प्रसार किया जाता है। कॉलरिंग के जरिए भी यह कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हाथी विचरण जिलों और वनमंडलों में हाथी मित्र दलों का गठन भी किया गया है। बोर्ड की विशेष उपलब्धियां बैठक में  कृष्णमूर्ति ने म.प्र. राज्य वन्य प्राणी बोर्ड की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि खरमोर अभयारण्य सरदारपुर का पुनर्गठन किया गया है। इससे क्षेत्र के 14 राजस्व गांवों के लोगों को उनकी भूमि क्रय-विक्रय की समस्या का स्थायी समाधान हो गया है। उन्होंने बताया कि भोपाल में 29 जुलाई को अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस मनाया गया। प्रदेश में 14 रेस्क्यू स्कवॉड एवं 16 डॉग स्कवॉड और गौर बारहसिंगा आदि के परिवहन के लिए 6 विशेष वन्यजीव परिवहन एवं 3 रेस्क्यू वाहन सहित डॉग स्कवॉड वाहन लोकार्पित किए गए हैं। जहांनगढ़ अभयारण्य का गठन किया गया। यह प्रदेश का 26वां अभयारण्य है। इस वर्ष भोपाल में हुए बाघ दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बाघ राखी बांधकर बाघ रक्षाबंधन की शुरुआत की गई। प्रधानमंत्री  मोदी की भावना के अनुरूप 23 टाईगर रिजर्व में लोहे के स्क्रैप मटेरियल से एक विशालकाय बाघ प्रतिमा का निर्माण किया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय चम्बल अभयारण्य में इस वर्ष अब तक नदिगांव में 86 घोंसले, बरौली में 32, बाबू सिंह घेर में 20, डांग वसई में 16, रैड़ी में 7 और भरा में 5 घौंसलों से बच्चे निकल चुके हैं। उन्होंने बताया कि स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स मध्यप्रदेश, टाइगर स्ट्राइक फोर्स, शिवपुरी एवं सामान्य वनमंडल, श्योपुर की संयुक्त कार्यवाही में श्योपुर जिले में वन्य प्राणी बाघ और तेन्दुए के अवैध शिकार एवं उसके अवयवों यानि हड्डियां/कंकाल का अवैध परिवहन एवं व्यापार करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह पर कार्यवाही करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। कई प्रस्तावों को मिली मंजूरी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी दी। इसमें खण्डवा एवं बैतूल जिले में सतपुड़ा-मेलघाट कॉरीडोर में 17.148 हेक्टेयर वन भूमि एनएचएआई खण्डवा को उपयोग के लिए मंजूरी दी गई। सिंघोरी अभयारण्य के अंतर्गत ग्राम देहगांव-बम्होरी मार्ग के बेलगांव तक सी.सी. रोड निर्माण के लिए 0.85 हेक्टेयर अभयारण्य वन भूमि ईई आरईएस रायसेन को उपयोग के लिए दी गई। पदम डॉ. विष्णु धर वाकणकर टाइगर रिजर्व (रातापानी अभयारण्य) के बफर जोन की 1.575 हेक्टेयर भूमि ईई पीडब्ल्यूडी रायसेन को उपयोग के लिए दी गई। इसी प्रकार अन्य प्रस्तावों में भी वन भूमि क्षेत्र में निर्माण कार्यों एवं अन्य प्रकार के उपयोग की अनुमतियां दी गई।  

फर्जी शिकायत कर ब्लैकमेल करने वालों की खैर नहीं, सीएम हेल्पलाइन में बनेगी निगरानी फाइल

भोपाल  सीएम हेल्पलाइन में शिकायत करने वाले लोगों में फेक शिकायतर्ताओं की बढ़ रही तादाद को देखते हुए भोपाल कलेक्टर ने ऐसे झूठे और भ्रामक शिकायतकर्ताओं पर लगाम कसने के लिए एक्शन लिया है. एक पत्र जारी कर कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन पर आने वाले सभी फेक कॉलर्स के बारे में जानकारी मांगी है. भोपाल कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन पर आदतन झूठी शिकायत करने वाले और ब्लैकमेलिंग करने वाले लोगों पर लगाम कसने के लिए प्रदेश के सभी जिला कलेक्टर से ऐसे फेक कॉलर्स के बारे में जानकारी मांगी है और उनकी पहचान करके उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. अधिकारी अपनी टिप्पणी के साथ भेजेंगे जानकारी इसके लिए शासन ने एक फार्मेट भी जारी किया है, जिसमें शिकायतकर्ता का नाम, मोबाइल नंबर, अब तक की गई कुल शिकायतों की संख्या और उसके बारे में अधिकारियों की टिप्पणी दर्ज की जाएगी। यह जानकारी लेवल अधिकारियों की लॉगिन आईडी के जरिए पोर्टल पर दर्ज की जाएगी। गौरतलब है कि सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा बैठकों में बार-बार यह तथ्य सामने आया है कि कुछ लोग फर्जी शिकायतें कर अफसरों-कर्मचारियों को परेशान करते हैं। मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव पहले ही ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दे चुके हैं। अब पहली बार सरकार ने बाकायदा आदेश जारी कर कलेक्टरों से रिपोर्ट तलब की है। सीएम हेल्पलाइन पर लगातार आ रहे हैं फेक कॉल रिपोर्ट के मुताबिक सीएम हेल्पलाइन पर लगातार फेक कॉल आ रहे हैं, जिससे जरूरतमंद की उचित समय में मदद मिलना मुश्किल हो जाता है, जबकि आदतन झूठी शिकायत दर्ज कराने और ब्लैकमेल करने बेवजह कॉल कर सरकारी साधनों का दुरुपयोग कर रहे हैं, जिससे परेशान होकर कलेक्टर ने यह आदेश जारी किया है. वहीं मुख्यमंत्री हेल्पलाइन कार्यालय से साफ कहा गया है कि अब ऐसे फर्जी और ब्लैकमेलिंग करने वाले शिकायतकर्ताओं पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. सभी जिलों के कलेक्टरों को कहा गया है कि वे अपने इलाके में ऐसे लोगों की पहचान करें, जो झूठी शिकायतें दर्ज करवा रहे हैं. हर जिले से ऐसे शिकायतकर्ताओं की लिस्ट तैयार कर सरकार को भेजनी होगी. ताकि उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके. सरकार का कहना है कि ये कदम शिकायत प्रणाली को पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए जरूरी है.  झूठे व ब्लैकमेलर शिकायकर्ता पर होगी कार्रवाई  सीएम हेल्पलाइन कार्यालय ने सभी जिला कलेक्टर को जारी एक पत्र में कहा कि वो सीएम हेल्पलाइन पर आदतन झूठी शिकायत करने वाले और ब्लैकमेलिंग करने वालों की लिस्ट तैयार करें और जानकारी मुहैया कराएं. माना जा रहा है कि कलेक्टर ने उक्त पत्र फर्जी और ब्लैकमेलिंग वाली शिकायतों से परेशान होकर जारी किया है. फर्जी कॉलर्स के मोबाइल की मांगी गई जानकारी  जिलाधिकारियों से कहा गया है कि वो सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर दर्ज झूठी एवं आदतन शिकायतकर्ताओं की जानकारी नियमित रूप से उपलब्ध कराएं.निर्देश दिया गया है कि पोर्टल पर पंजीकृत झूठी/आदतन शिकायतकर्ताओं की सूची तैयार की जाए, जिसमें  नाम,मोबाइल नंबर,कुल शिकायतों की संख्या व संबंधित टिप्पणियाँ शामिल हों. शिकायतों की संख्या बढ़ी बीते कुछ महीनों से हेल्पलाइन में शिकायतों की संख्या तो बढ़ी है, लेकिन इनमें कई मामले फर्जी भी निकल रहे हैं. कुछ लोग अपनी निजी मांगों को पूरा करवाने के लिए अफसरों को धमकाते हैं. इससे न सिर्फ प्रशासनिक कामकाज में रुकावट आ रही है बल्कि असली शिकायतों पर ध्यान देना भी मुश्किल हो गया है. अब सरकार ने तय किया है कि ऐसी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषियों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा. इससे सिस्टम मजबूत होगा सरकार के नए निर्देशों के मुताबिक, कलेक्टरों को हर शिकायत की गहराई से जांच करनी होगी और यह भी देखना होगा कि शिकायत कितनी सही है. साथ ही हेल्पलाइन पर आने वाली हर शिकायत की गुणवत्ता पर नजर रखनी होगी. उम्मीद है कि इस कदम से जनता को भरोसा मिलेगा कि उनकी बात सही तरीके से सुनी जाएगी और झूठे शिकायतकर्ता अब कानून के शिकंजे में आएंगे. इससे सिस्टम और मजबूत होगा और असली जरूरतमंदों को जल्दी राहत मिल सकेगी.

1984 दंगा पीड़ितों को सरकार का सहारा, CM सैनी ने 121 परिवारों को नौकरी देने की घोषणा की

चंडीगढ़  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों से प्रभावित सिख परिवारों का सम्मान करेंगे। इसे लेकर मुख्यमंत्री आवास के कैंप ऑफिस में एक कार्यक्रम भी रखा गया है। इन परिवारों के सदस्य सिख विरोधी दंगों में मारे गए थे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा के मानसून सत्र में यह घोषणा करते हुए कहा था कि पीड़ित परिवार के सदस्यों को आपसी सहमति से तय करना होगा कि किस सदस्य को नौकरी दी जानी है। दंगों में हरियाणा को बहुत नुकसान हुआ नौकरी के लिए जिला उपायुक्त के माध्यम से हरियाणा सरकार के पास नाम भेजा जाएगा, ताकि राज्य सरकार संबंधित सदस्य को उसकी योग्यता के हिसाब से यथोचित नौकरी प्रदान कर सके।नायब सैनी ने इस प्रस्ताव के पारित होने के बाद कहा कि जब वे भी हरियाणा के दौरे पर निकले तो सिख विरोधी दंगों के पीड़ित परिवार के सदस्यों ने मिलकर अपनी व्यथा सुनाई। 1984 में सिख विरोधी दंगों में प्रदेश में लगभग 20 गुरुद्वारों, 221 मकानों, 154 दुकानों, 67 फैक्ट्रियों, तीन रेल डिब्बों और 85 वाहनों को जला दिया गया था। सरकार ने लिया पुनर्वास का जिम्मा हरियाणा में इन दंगों में 58 व्यक्ति घायल हुए थे और 121 लोगों की मृत्यु हुई थी। पीड़ित परिवारों की व्यथा सुनने के बाद हरियाणा सरकार ने ऐसे परिवारों के पुनर्वास का जिम्मा लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीड़ित परिवारों को आपसी सहमति से परिवार के एक सदस्य का नाम तय करना होगा, जिसे उपायुक्त मुख्य सचिव के पास भिजवाएंगे। पंजाब चुनाव पर पड़ेगा असर नौकरियां देने के प्रारूप, नियम और शर्तों के बारे में जल्दी ही अधिसूचना जारी की जाएगी। बता दें कि, दिल्ली सरकार ने हाल ही में 125 पीड़ित परिवारों के सदस्यों को सरकारी नौकरियों के लिए लेटर जारी किए हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की इस घोषणा को निकटवर्ती राज्य पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।  

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को ओडिशा से लांच करेंगे बीएसएनएल का स्वदेशी 4G नेटवर्क

अब स्वदेशी 4जी नेटवर्क से जुड़ेंगे यूपी के दूरदराज और सीमावर्ती क्षेत्र  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को ओडिशा से लांच करेंगे बीएसएनएल का स्वदेशी 4G नेटवर्क लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में भी होगा आयोजन का लाइव टेलीकास्ट, सीएम योगी रहेंगे मौजूद  4जी नेटवर्क लॉन्चिंग का यूपी को होगा बड़ा लाभ, 240 गांवों के 24 हजार से ज्यादा लोग होंगे लाभान्वित  उत्तर प्रदेश में बीएसएनएल ने अब तक 6659 साइट्स पर स्थापित की हैं 4जी सेवाएं  डिजिटल भारत निधि से 141 साइट्स का काम पूरा, योगी सरकार ने निशुल्क उपलब्ध कराई ग्राम सभा की भूमि  बीएसएनएल की 4जी टेक्नोलॉजी पूर्णतः स्वदेशी है, 4जी से 5जी में आसानी से किया जा सकेगा अपग्रेड  सी-डॉट, तेजस और टीसीएस ने मिलकर रिकॉर्ड 22 महीने में विकसित की स्वदेशी 4जी टेक्नोलॉजी  यूपी सहित पूरे देश के 26700 असम्पर्कित गांव जुड़ेंगे 4जी से, 20 लाख से अधिक नए सब्सक्राइबर लाभान्वित होंगे  पूरी तरह स्वदेशी 4जी टेलीकॉम स्टैक विकसित और लागू करने वाला दुनिया का पांचवां देश बना भारत  92,600 4जी टावरों में से 18,900 टावर डिजिटल भारत निधि (डीबीएन) परियोजना के तहत लगाए गए  लखनऊ  स्वदेशी आत्मनिर्भरता के संकल्प को नई ऊंचाईयों पर ले जाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को ओडिशा के झारसुगुड़ा से देश का पहला पूर्णतः स्वदेशी 4जी नेटवर्क राष्ट्र को समर्पित करेंगे। यह सिर्फ एक तकनीकी लॉन्च नहीं, बल्कि डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया के सपनों को साकार करने वाला ऐतिहासिक क्षण होगा। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जहां भारत दुनिया का पांचवां ऐसा देश बना जाएगा, जो अपना पूर्ण स्वदेशी 4जी टेलीकॉम स्टैक विकसित और लागू करेगा, वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सक्रिय पहल से उत्तर प्रदेश को इस क्रांतिकारी उपलब्धि का विशेष लाभ मिलेगा। इस महाआयोजन का लाइव टेलीकास्ट लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान (आईजीपी) में भी होगा, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी भी इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बनेंगे।  उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदैव स्वदेशी को आत्मनिर्भर भारत की रीढ़ बताया है, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार स्वदेशी केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि नए भारत की मजबूती का आधार है। इसी दृष्टि को मूर्त रूप देते हुए बीएसएनएल की इस पहल से उत्तर प्रदेश को विशेष सौगात मिलेगी। प्रधानमंत्री मोदी इस अवसर पर पूरे देश में 97,500 मोबाइल टावर और 443 स्वदेशी टॉवरों का उद्घाटन करेंगे, जिस पर लगभग 37 हजार करोड़ रुपये की लागत आई है। इस क्रांतिकारी कदम से उत्तर प्रदेश के अब तक नेटवर्क से कटे 240 गांवों के 24 हजार से अधिक लोग पहली बार हाई-स्पीड डिजिटल कनेक्टिविटी का लाभ उठा पाएंगे। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह महत्वाकांक्षी पहल न सिर्फ देशभर के दूरस्थ इलाकों तक, बल्कि उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती और पिछड़े क्षेत्रों तक भी डिजिटल सेवाएं पहुंचाएगी, जहां अब तक या तो मोबाइल कनेक्टिविटी बिल्कुल नहीं थी या फिर लोग केवल 2जी नेटवर्क तक ही सीमित थे। यूपी में 6659 साइट्स पर 4जी सेवाएं बीएसएनएल के मुख्य महाप्रबंधक यूपी ईस्ट अरुण कुमार गर्ग ने बताया कि उत्तर प्रदेश में बीएसएनएल ने अब तक 6659 साइट्स पर 4जी सेवाएं स्थापित कर दी हैं। इनमें 142 साइट्स डिजिटल भारत निधि (डीबीएन) से मंजूर हुई हैं, जिनमें से 141 पर काम पूरा हो चुका है। यूपी सरकार ने इन स्थलों पर ग्राम सभा की भूमि निशुल्क उपलब्ध कराई है। बॉर्डर आउट पोस्ट्स (बीओपी) और बॉर्डर इंटेलिजेंस पोस्ट्स (बीआईपी) पर भी अब 4जी नेटवर्क पहुंच सकेगा। यूपी में भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी की 68 साइट्स मंजूर की गई हैं, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूती मिलेगी। यही नहीं, वामपंथी उग्रवाद प्रभावित जिलों (चंदौली, मिर्जापुर और सोनभद्र) में मौजूद 2जी सेवाओं को 4जी में अपग्रेड किया जा रहा है। कुल 78 साइटों में से 25 पर काम पूरा हो चुका है। आत्मनिर्भर भारत की बड़ी उपलब्धि उन्होंने बताया कि बीएसएनएल के लिए सी-डॉट, तेजस और टीसीएस ने मिलकर रिकॉर्ड 22 महीने में पूरी तरह स्वदेशी 4जी टेक्नोलॉजी विकसित की, जिसे सॉफ्टवेयर के जरिए आसानी से 5जी में अपग्रेड किया जा सकेगा। इस कदम से यूपी सहित पूरे देश के लगभग 26700 असम्पर्कित गांवों को जोड़ा गया है, जिससे 20 लाख से अधिक नए सब्सक्राइबर लाभान्वित होंगे। इसमें उत्तर प्रदेश का बड़ा योगदान होगा, जहां सीमावर्ती और पिछड़े इलाकों को प्राथमिकता दी गई है। इस पहल से भारत अब दुनिया का पांचवां ऐसा देश बन गया है जिसने पूरी तरह स्वदेशी 4जी टेलीकॉम स्टैक विकसित और लागू किया है। बीएसएनएल के कुल 92,600 4जी टावरों में से 18,900 टावर डिजिटल भारत निधि (डीबीएन) परियोजना के तहत लगाए गए हैं। यह विस्तार डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम है। बीएसएनएल की शानदार वापसी उन्होंने बताया कि लगभग 18 वर्षों में पहली बार बीएसएनएल ने लगातार दो तिमाहियों में लाभ दर्ज किया है। वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही में ₹2262 करोड़ और चौथी तिमाही में ₹280 करोड़ का लाभ हुआ। कंपनी का कुल वार्षिक घाटा 58% घटकर ₹2247 करोड़ पर (FY24 में ₹5370 करोड़ था) आ गया। परिचालन राजस्व 7.8% बढ़कर ₹20,841 करोड़ हो गया। EBITDA दोगुना से अधिक होकर ₹5,396 करोड़ पहुंच गया और मार्जिन 23.01% पर सुधर गया। ये उपलब्धियां दर्शाती हैं कि सरकारी पुनरुत्थान पैकेज और रणनीतिक निवेशों ने बीएसएनएल को वित्तीय मजबूती दी है। लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता में सीजीएम, यूपी ईस्ट अरुण कुमार गर्ग के साथ ही , सीजीएम यूपी वेस्ट अरुण कुमार सिंह, पीजीएम एसएंडएम नई दिल्ली दीपक गर्ग, डीडीजी डीओटी नई दिल्ली राजेश कुमार सोनी और एडिशनल डीजी यूपी ईस्ट वीरेंदर कुमार शामिल रहे।

सीएम योगी के निर्देश पर स्कूली बच्चों को दिलाई जा रही जल संरक्षण की शपथ

व्यापार बढ़ाने के साथ जल संरक्षण के प्रति जागरूक कर रहा यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो  जल जीवन मिशन की स्वच्छ सुजल गांव प्रदर्शनी में जल संरक्षण के बारे में बता रहे कर्मचारी सीएम योगी के निर्देश पर स्कूली बच्चों को दिलाई जा रही जल संरक्षण की शपथ  सेल्फी प्वाइंट और गेमिंग जोन बना युवाओं के आकर्षण का केन्द्र ग्रेटर नोएडा इंटरनेशनल ट्रेड शो व्यापार को बढ़ावा देने और यूपी की संस्कृति से रूबरू कराने के साथ-साथ दुनियाभर से आने वाले दर्शकों और कारोबारियों को जल संरक्षण के प्रति भी जागरूक कर रहा है। ट्रेड शो एरिया के हॉल नंबर-7 में बनाई गई जल जीवन मिशन की स्वच्छ सुजल गांव प्रदर्शनी में दर्शक एक तरफ जहां नए बुंदेलखंड और पुराने बुंदेलखंड की कहानी देखकर अभिभूत हो रहे हैं। वहीं दूसरी ओर जल संरक्षण का पाठ भी पढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप प्रदर्शनी में आने वाले दर्शकों को बताया जा रहा है कि कैसे जल की एक-एक बूंद जीवन के लिए कीमती है और कौन से छोटे-छोटे उपाय करके जल संरक्षण किया जा सकता है। प्रदर्शनी में आने वाले स्कूली बच्चों को जल संरक्षण की शपथ भी दिलाई जा रही है।  करीब 496 वर्ग मीटर एरिया में लगाई गई इस प्रदर्शनी में नए और पुराने बुंदेलखंड के साथ-साथ फोटो गैलरी भी दर्शकों को खूब लुभा रही है। इस फोटो गैलरी से लोग जल जीवन मिशन की सफलता को समझ रहे हैं। कैसे जल जीवन मिशन के जरिए हर ग्रामीण घर तक नल कनेक्शन पहुंच रहा है। साथ ही रोजगार के अवसर कैसे युवाओं को मुहैया हो रहे हैं। इसके बारे में भी फोटो गैलरी के माध्यम से समझया जा रहा है।  सेल्फी प्वाइंट और गेमिंग जोन बना युवाओं के आकर्षण का केन्द्र स्वच्छ सुजल गांव प्रदर्शनी में बने सेल्फी प्वाइंट और गेमिंग जोन युवाओं को आकर्षित कर रहे हैं। गेम के माध्यम से भी युवाओं को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसके अलावा नोएडा जैसे शहर में रहने वाले बच्चे और युवा सेल्फी प्वाइंट पर सेल्फी खींचकर ग्रामीण परिवेश से रूबरू हो रहे हैं।  सफलता की जो कहानी फोन पर सुनते थे आज उसे देख भी रहे हैं प्रदर्शनी में आई रीना ने बताया कि वो महोबा की रहने वाली हैं। मगर लंबे समय से नोएडा में हैं। जल जीवन मिशन से उनके गांव में आए बदलाव की कहानी जो वो फोन पर सुनती थीं। उसे प्रदर्शनी के माध्यम से देखकर अच्छा लग रहा है। वहीं दिल्ली निवासी शालू ने बताया कि उन्होंने बुंदेलखंड में ट्रेन से पानी ले जाने की कहानी सुनी थी। मगर नए बुंदेलखंड और पुराने बुंदेलखंड का प्रोटोटाइप देखकर ये समझ में आ रहा है कि कैसे जल जीवन मिशन ने ग्रामीण लोगों के परिवेश को बदला है।  बुंदेलखंडी नृत्य से जीते दिल शुक्रवार को स्वच्छ सुजल गांव प्रदर्शनी में बुंदेलखंडी गानों पर कलाकारों ने प्रस्तुति दी। जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में प्रदर्शनी में आए दर्शकों ने हिस्सा लिया। इस दौरान कई बुंदेलखंडी गानों पर प्रस्तुति दी गई।