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यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 के दूसरे दिन भारत-रूस बिजनेस डायलॉग का आयोजन

यूपी में निवेश की अपार संभावनाएं, हरसंभव मदद करेगी सरकार–राकेश सचान यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 के दूसरे दिन भारत-रूस बिजनेस डायलॉग का आयोजन दोनों देशों के कारोबारी रिश्तों को नई ऊंचाई देगा यह आयोजन: मंत्री पीएम मोदी के दूरदर्शी विजन से भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश निरंतर विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा ग्रेटर नोएडा “उत्तर प्रदेश में निवेश की अपार संभावनाएं हैं और राज्य सरकार निवेशकों को हरसंभव मदद करेगी।” यह कहना है उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME), खादी, हथकरघा और वस्त्र मंत्री राकेश सचान का। उक्त बातें उन्होंने शुक्रवार को यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के दूसरे दिन आयोजित भारत-रूस बिजनेस डायलॉग को संबोधित करते हुए कहीं। मंत्री राकेश सचान ने रूस के अधिकारियों और कारोबारियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह आयोजन दोनों देशों के कारोबारी रिश्तों को नई ऊंचाई देगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी विजन से भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश निरंतर विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। सहयोग से आज की साझेदारी तक राकेश सचान ने कहा कि भारत के औद्योगिकीकरण के समर्थन करने के दिनों से आज रणनीतिक साझेदारी तक हमारा सहयोग रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष और अब विभिन्न सेक्टरों तक विकसित हुआ है। हाल के वर्षों में यह साझेदारी और प्रगाढ़ हुई है तथा दोनों देशों के बीच व्यापार नई ऊंचाई पर पहुंच चुका है। भारत ने वर्ष 2025 तक रूस से अपने व्यापार को 30 अरब अमेरिकी डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य तय किया है। सचान ने विश्वास जताया कि यह लक्ष्य अवश्य हासिल होगा।  MSME यूपी की ताकत मंत्री ने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने MSME क्षेत्र की शक्ति पर विशेष बल दिया था। उत्तर प्रदेश में देश की सबसे अधिक 9 मिलियन MSME इकाइयां कार्यरत हैं, जो राज्य की लगभग 15 प्रतिशत आबादी को रोजगार देती हैं। ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ योजना ने स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच दिलाई है। निवेशकों के लिए सुनहरा अवसर राकेश सचान ने कहा कि उत्तर प्रदेश 25 करोड़ से अधिक की आबादी वाला विशाल बाजार है, जो निवेशकों को स्थायी अवसर प्रदान करता है। यहां उद्योगों को उत्पादन और उपभोग दोनों स्तर पर मजबूती मिलती है। उन्होंने रूस से आग्रह किया कि अपनी उन्नत प्रौद्योगिकी के माध्यम से प्रदेश की औद्योगिक प्रगति में सहयोग करे। ट्रेड शो केवल मेला नहीं मंत्री राकेश सचान ने कहा कि “यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो केवल एक मेला भर नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र और राज्य के विकास को नए क्षितिज से जोड़ने का उपक्रम है।” उन्होंने विश्वास जताया कि इस आयोजन से भारत-रूस कारोबारी रिश्ते और प्रगाढ़ होंगे तथा निवेश और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। भारत-रूस रिश्तों के लिए मील का पत्थर साबित होगा बिजनेस डायलॉग यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में भारत-रूस बिजनेस डायलॉग दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊंचाई देने वाला साबित होगा। डायलॉग का शुभारंभ उत्तर प्रदेश सरकार के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने किया। इस अवसर पर Invest UP पर आधारित शॉर्ट मूवी भी प्रदर्शित की गई। कार्यक्रम का संचालन रूस की डेप्युटी हेड ऑफ द इकोनॉमिक डिपार्टमेंट ज्लाटा अंटुशेवा ने किया और स्वागत भाषण डेप्युटी ट्रेड कमिश्नर डॉ. इवगेनी जेंचेंको ने दिया। डायलॉग में बोलते हुए पैरामाउंट कम्युनिकेशन के एमडी संदीप अग्रवाल ने कहा कि भारत और रूस एक-दूसरे के भरोसेमंद साथी हैं। भारत तेजी से आर्थिक महाशक्ति बन रहा है और पावर, टेलीकॉम, ऊर्जा से लेकर डिफेंस तक दोनों देशों के मजबूत कारोबारी संबंध हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय उद्योग ‘कास्ट इफेक्टिव और रिलायबल’ है और फार्मास्युटिकल सेक्टर में सहयोग के जरिए नई उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। कारोबारी रिश्ते और अधिक प्रगाढ़ होंगे रूस की प्रतिनिधि ज्लाटा अंटुशेवा ने कहा कि भविष्य में हमारे कारोबारी रिश्ते और अधिक प्रगाढ़ होंगे। वहीं, डॉ. अजय सहाय ने कहा कि भारत-रूस संबंध केवल ट्रेड तक सीमित नहीं हैं बल्कि मार्केट एक्सेस, शिपिंग रूट और इंश्योरेंस जैसे क्षेत्रों में भी चुनौतियां और अवसर मौजूद हैं। पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स के विशाल ढींगरा ने एमएसएमई सेक्टर में सहयोग की उम्मीद जताई। वहीं संगठन के पदाधिकारी विवेक अग्रवाल ने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो भारत-रूस रिश्तों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण आयोजन है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश अब उत्तम प्रदेश बन चुका है और यहां निवेश की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।

महिला एवं बाल विकास विभाग ने सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत शुरु किया POSH अधिनियम पर जागरूकता अभियान

मिशन शक्ति- 5.0 योगी सरकार का बड़ा अभियान, हर कार्यस्थल बनेगा महिलाओं के लिए सुरक्षित महिला एवं बाल विकास विभाग ने सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत शुरु किया POSH अधिनियम पर जागरूकता अभियान अभियान के पहले दिन योगी सरकार ने 75 जनपदों में 50,000 महिलाओं को किया जागरूक – नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की नई नींव रख रही है योगी सरकार की यह मुहिम – प्रत्येक जिले में नियमित अंतराल पर आयोजित किए जाएंगे POSH से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम  – POSH अधिनियम के अलावा कामकाजी महिलाओं के वित्तीय और कानूनी अधिकारों पर भी हुई चर्चा  – POSH अधिनियम पर जागरूकता खोलेगी महिलाओं के अधिकारों की नई राह – मिशन शक्ति 5.0 के तहत विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए चार दिन में 3.85 लाख से अधिक लोगों तक पहुंची योगी सरकार लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को लेकर चलाया जा रहा मिशन शक्ति 5.0 अब प्रदेशव्यापी जनआंदोलन का रूप लेता जा रहा है। इसी कड़ी में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा शुक्रवार को प्रदेश के सभी 75 जनपदों में एक साथ “सुरक्षित कार्यस्थल-सशक्त नारी” अभियान और सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा और यौन उत्पीड़न से संरक्षण संबंधी कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम, 2013 (POSH Act) के प्रावधानों के प्रति प्रतिभागियों और आमजन को जागरूक करना था। अभियान के  पहले दिन विभिन्न आयोजनों में प्रदेश की लगभग 50,000 महिलाओं ने हिस्सा लिया। जागरूकता अभियान में सरकारी-निजी कार्यालयों के अधिकारी, कर्मचारी, महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्यें, कॉलेज छात्राएं, अधिवक्ता, श्रमिक संगठन और स्थानीय समुदाय के प्रतिनिधि शामिल रहे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महिला सशक्तिकरण मुहिम का हिस्सा यह अभियान कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतिकार) अधिनियम, 2013 (POSH) और कामकाजी महिलाओं के वित्तीय-कानूनी अधिकारों पर केंद्रित है, जो नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की दिशा में नया आयाम जोड़ रहा है। महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करना मिशन शक्ति 5.0 का उद्देश्य मिशन शक्ति-5.0 का प्रमुख उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करना है। इन आयोजनों में POSH अधिनियम के प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिनियम कार्यस्थल पर शारीरिक, मौखिक या गैर-मौखिक आचरण को, जो महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाता है, यौन उत्पीड़न की श्रेणी में परिभाषित करता है। दस से अधिक कर्मचारियों वाले संगठनों में आंतरिक शिकायत समिति का गठन अनिवार्य है, जबकि जिला स्तर पर स्थानीय समिति शिकायतों की सुनवाई करती है। शिकायत दर्ज करने की समय-सीमा तीन महीने है, जिसे आवश्यकतानुसार बढ़ाया जा सकता है। 90 दिनों के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करना जरूरी है। यह अधिनियम महिला की गोपनीयता की रक्षा करता है और दोष सिद्ध होने पर नियोक्ता को अनुशासनात्मक कार्रवाई या जुर्माना का प्रावधान है। नियोक्ता का दायित्व है कि कार्यस्थल सुरक्षित बने, जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हों और समिति की सिफारिशों का पालन हो। महिलाओं के वित्तीय और कानूनी अधिकारों पर दिया गया जोर कार्यक्रमों में POSH अधिनियम के अलावा कामकाजी महिलाओं के वित्तीय और कानूनी अधिकारों पर भी चर्चा की गई। मातृत्व अवकाश के लाभ, समान कार्य के लिए समान वेतन का अधिकार, कार्यस्थल पर स्वास्थ्य-सुरक्षा प्रावधान, श्रमिक कानूनों के तहत विशेष सुरक्षा, वित्तीय साक्षरता, बैंकिंग और बीमा योजनाओं तक पहुंच जैसे विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। विशेषज्ञों ने अपने संबोधन में कहा कि आर्थिक सशक्तीकरण ही वास्तविक महिला सुरक्षा का आधार है। यह अभियान मिशन शक्ति-5.0 के तहत महिलाओं के प्रति सकारात्मक व्यवहारिक परिवर्तन लाने का प्रयास है, ताकि वे कानूनों, योजनाओं और अवसरों से जुड़कर सशक्त समाज की आधारशिला बन सकें। नारी सुरक्षा का नया अध्याय है मिशन शक्ति-5.0 यह अभियान मिशन शक्ति-5.0 के तहत नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को मजबूत करने का प्रयास है। सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत यह आयोजन कार्यस्थलों को महिलाओं के लिए वीमेन फ्रेंडली बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। इसके अलावा विभाग ने 22 से 25 सितंबर तक के विभिन्न कार्यक्रमों में 3,85,681 व्यक्तियों को जागरूक किया, जिसमें 1,65,822 पुरुष-बालक और 2,19,857 महिलाएं-बालिकाएं शामिल रहीं। यह पहल योगी सरकार की ‘सशक्त नारी, सुरक्षित कार्यस्थल’ की थीम को साकार कर रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव लीना जौहरी ने कहा कि मिशन शक्ति 5.0 केवल योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं है, बल्कि यह एक सतत सामाजिक परिवर्तन का अभियान है। POSH अधिनियम के प्रति जागरूकता इस परिवर्तन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हमारा लक्ष्य है कि हर कार्यस्थल महिलाओं के लिए न केवल सुरक्षित हो, बल्कि ऐसा वातावरण बने जहां वे सम्मान और आत्मविश्वास के साथ कार्य कर सकें। हर महिला और बच्चा तभी सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनेगा, जब समाज स्वयं जिम्मेदारी लेकर आगे आए। प्रत्येक जिले में नियमित अंतराल पर POSH से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम होंगे आयोजित प्रमुख सचिव ने बताया कि विभाग ने यह भी सुनिश्चित करने का संकल्प लिया है कि आगामी महीनों में प्रत्येक जिले में नियमित अंतराल पर POSH से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। नियोक्ताओं और संगठनों को उनकी जिम्मेदारियों के प्रति उत्तरदायी बनाया जाएगा। महिलाओं की कानूनी साक्षरता और वित्तीय जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे। समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी से "सशक्त नारी, सुरक्षित कार्यस्थल" का सपना साकार किया जाएगा।

सीएम योगी द्वारा मिली छात्रवृत्ति से प्रसन्न छात्राओं ने कहाः धन्यवाद योगी जी

छात्राओं के खिले चेहरेः छात्रवृत्ति का मिला लाभ, सुरक्षा का सीखा जरूरी पाठ सीएम योगी द्वारा मिली छात्रवृत्ति से प्रसन्न छात्राओं ने कहाः धन्यवाद योगी जी कार्यक्रम में छात्रवृत्ति प्राप्त करने के साथ ही छात्राओं को मिशन शक्ति के अंतर्गत नारी सुरक्षा के विभिन्न आयामों से कराया गया अवगत छात्राओं को दी गई 1090, 112 जैसे विभिन्न हेल्पलाइन व अन्य सुरक्षात्मक उपायों के सही इस्तेमाल की जानकारी -कार्यक्रम में सुरक्षा, स्वावलंबन तथा सतत विकास लक्ष्यों समेत विभिन्न पहलुओं के बारे में छात्राओं को किया गया जागरूक लखनऊ शारदीय नवरात्रि के अवसर पर शुक्रवार को प्रदेश की ‘भावी नारी शक्ति’ के स्वावलंबन और सुरक्षा के लिए सीएम योगी द्वारा की गई अनुकरणीय पहल से छात्राओं के चेहरे खिल उठे। एक ओर योगी सरकार ने उन्हें छात्रवृत्ति देकर शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने का कार्य किया, वहीं दूसरी ओर मिशन शक्ति के अंतर्गत छात्राओं को सुरक्षा के विभिन्न आयामों से अवगत कराकर उन्हें जागरूक व सशक्त बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रयास किया गया। छात्राओं को जहां समय से पूर्व छात्रवृत्ति मिलने की खुशी थी, वहीं उन्हें यह भी बताया गया कि सुरक्षा की दृष्टि से कौन-कौन से कदम अपनाने चाहिए, किस हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर किस प्रकार की समस्या में सहायता प्राप्त की जा सकती है तथा पुलिस की मदद कैसे ली जानी है।          इससे छात्राओं में सुरक्षा की भावना प्रबल हुई और ‘सशक्त भारत–सशक्त उत्तर प्रदेश’ के निर्माण में उनके संकल्प को और सुदृढ़ करने में मदद मिली। इसके साथ ही शिक्षा क्षेत्र में हुए सकारात्मक बदलाव, स्वावलंबन तथा प्रदेश के विकास हेतु सतत विकास लक्ष्यों समेत विभिन्न पहलुओं पर भी छात्राओं को जानकारी दी गई, जिससे उनमें जागरूकता का विस्तार हुआ। छात्रवृत्ति है एक बीज, जो भविष्य में उत्पन्न करेगा सकारात्मक परिणाम राजीव गांधी मेमोरियल इंटर कॉलेज की छात्रा साक्षी मिश्रा ने छात्रवृत्ति योजना का लाभ मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि कार्यक्रम में मुझे महिला सशक्तिकरण के विभिन्न आयामों के बारे में जानकारी मिली। हेल्पलाइन नंबर और आपात स्थितियों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जागरूकता का संचार हुआ। उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति एक बीज है, जो आगे चलकर हमारे देश और राज्य के लिए सकारात्मक परिणाम उत्पन्न करेगा। वहीं, बख्शी का तालाब स्थित बेहटा के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की कक्षा 12 की छात्रा सफिया बानो ने कहा कि सीएम योगी के प्रयास से 6 महीने पूर्व ही छात्रवृत्ति का लाभ मिला, जिससे आगे की पढ़ाई में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में पुलिस विभाग की सहभागिता से नारी सशक्तिकरण के बारे में जागरूकता का प्रसार हुआ। उन्होंने कहा कि स्वयं की सुरक्षा के लिए 1090 समेत किन हेल्पलाइन नंबरों और उपायों का उपयोग किया जा सकता है, इसके बारे में हमें जानकारी दी गई। इसी प्रकार, कक्षा 9 की छात्रा प्रिया शर्मा ने कहा कि सीएम योगी द्वारा छात्रवृत्ति प्राप्त कर मैं बेहद खुश हूं और समय से पहले छात्रवृत्ति मिलने पर उन्हें धन्यवाद देना चाहती हूं। किसी से डरने की जरूरत नहीं बख्शी का तालाब स्थित बेहटा के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की छात्रा अफशा बानो के अनुसार नारी सशक्तिकरण को लेकर सीएम योगी की पहल अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि आज कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी बेहद उपयोगी रही। अब किसी से डरने की जरूरत नहीं है। अगर कोई लड़की को कोई लड़का परेशान करे तो 1090 या 112 पर तुरंत कॉल करके पुलिस की सहायता ली जा सकती है। पुलिस और सीएम योगी के प्रयास न केवल अनुकरणीय हैं बल्कि सुरक्षा, आत्मरक्षा और उन्नयन के लिहाज से छात्राओं के लिए बेहद सहायक सिद्ध हो रहे हैं। वहीं, भाखामऊ की रहने वाली कक्षा 12 की छात्रा कुसुम भारती ने सीएम योगी से मुलाकात पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि आज हम सब खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं क्योंकि राज्य की नीतियां इस विषय पर केंद्रित हैं। मिशन शक्ति के जरिए हमें यह सीखने को मिला कि अगर कोई हमें छेड़े तो 112 पर कॉल करके शिकायत दर्ज करानी चाहिए। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की छात्रा काशी चौरसिया ने भी छात्रवृत्ति का लाभ मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा, धन्यवाद योगी जी, आपके प्रयास प्रदेश के सभी छात्र-छात्राओं का उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित कर रहे हैं और छात्राओं में आत्मबोध, नारी सशक्तिकरण तथा सुरक्षा जैसे विषयों के प्रति जागरूकता प्रसार के साथ उन्हें सुरक्षित महसूस कराने की दिशा में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।

योगी सरकार की मेजबानी में लखनऊ में जुटेंगे 32 हजार युवा

सिर्फ आयोजन नहीं, 'जम्बूरी' बनेगा युवाओं के जीवन में बदलाव की प्रक्रिया योगी सरकार की मेजबानी में लखनऊ में जुटेंगे 32 हजार युवा  देशभर के 30 हजार और 2 हजार विदेशी युवा करेंगे संयुक्त अभ्यास – आत्मनिर्भरता, अनुशासन और टीमवर्क का होगा अभ्यास – राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक विविधता को मिलेगा बढ़ावा – वैश्विक भाईचारे और समाजसेवा की भावना को जगाएगा जम्बूरी  – जीवनभर की यादें, मित्रता और प्रेरणा देगा लखनऊ में होने वाला ये आयोजन लखनऊ  प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नवंबर 2025 में आयोजित होने जा रही 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी केवल एक शिविर नहीं, बल्कि युवाओं के जीवन को नई दिशा देने वाली प्रक्रिया साबित होगी। देशभर के 30 हजार और 2 हजार विदेशी युवाओं के साथ भारत स्काउट एंड गाइड्स द्वारा आयोजित यह आयोजन न केवल स्काउटिंग आंदोलन को मजबूती देगा, बल्कि समाज के लिए जिम्मेदार और आत्मनिर्भर नागरिक तैयार करने का भी मंच बनेगा। योगी सरकार इस महा आयोजन की मेजबान है, लिहाजा आयोजन के जरिए राष्ट्रीय एकता का संदेश भी प्रसारित होगा।  नेतृत्व और आत्मनिर्भरता की मिलेगी सीख जम्बूरी की सबसे बड़ी देन युवाओं में नेतृत्व क्षमता का विकास है। अस्थायी टेंट सिटी में सीमित संसाधनों के बीच रहकर प्रतिभागी आत्मनिर्भरता, अनुशासन और समय प्रबंधन सीखेंगे। यही अनुभव आगे चलकर उन्हें समाज और राष्ट्र के लिए प्रभावी नेतृत्वकर्ता बनाते हैं। राष्ट्रीय एकता और वैश्विक भाईचारा का पैदा होगा भाव यह आयोजन युवाओं को देश के अलग-अलग राज्यों और दुनिया के कई देशों से आए साथियों से मिलने का अवसर देगा। संवाद और सहभागिता से उनमें सांस्कृतिक विविधता की समझ गहरी होगी और वैश्विक भाईचारे की भावना मजबूत होगी। यही अनुभव भारत की 'वसुधैव कुटुंबकम' की परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाएगा। सामाजिक जिम्मेदारी का बोध कराएगा आयोजन करीब 5 दिन चलने वाले इस आयोजन में पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सेवा के प्रोजेक्ट्स इसका अहम हिस्सा होंगे। इन गतिविधियों से युवाओं में दायित्वबोध और संवेदनशीलता का विकास होगा। यही सीख उन्हें भविष्य में समाज की बेहतरी और देश की प्रगति के लिए कार्य करने की प्रेरणा देगी। जीवनभर की यादें और रिश्ते जम्बूरी के दौरान बने अनुभव और रिश्ते जीवनभर युवाओं के साथ रहते हैं। यही कारण है कि स्काउटिंग से जुड़े लोग इसे अपने जीवन का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव मानते हैं। एडवेंचर, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, विज्ञान की खोज और टीमवर्क युवाओं को जीवन के हर क्षेत्र के लिए तैयार करते हैं। योगी सरकार के प्रयासों से मिली मेजबानी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से उत्तर प्रदेश को 61 साल बाद राष्ट्रीय जम्बूरी की मेजबानी मिली है। लखनऊ के डिफेंस एक्सपो ग्राउंड पर बनने वाली भव्य टेंट सिटी में 32 हजार प्रतिभागियों और 3 हजार स्टाफ के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं तैयार की जा रही हैं। 29 सितंबर को भूमि पूजन कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें योगी सरकार के वरिष्ठ मंत्रीगण मौजूद रहेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 24 नवंबर को इसका उद्घाटन करेंगे, जबकि राष्ट्रपति महोदया 28 नवंबर को इसका समापन करेंगी। भविष्य की राह तय करेगा आयोजन लखनऊ में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय जम्बूरी 2025 युवाओं को यह संदेश देगी कि राष्ट्र का विकास तभी संभव है जब युवा अनुशासित, आत्मनिर्भर और जिम्मेदार नागरिक बनें। यह आयोजन प्रधानमंत्री मोदी की प्राथमिकताओं, आत्मनिर्भर भारत, स्वच्छ भारत और ग्रीन एवं सस्टेनेबल भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी न केवल स्काउटिंग आंदोलन का नया अध्याय होगी, बल्कि यह भारत और विश्व के हजारों युवाओं को जीवनभर की प्रेरणा और दिशा देने वाला आयोजन भी साबित होगा।  

सीएम योगी आईजीपी में छात्रवृत्ति वितरण समारोह में चार लाख छात्रों को वितरित की छात्रवृत्ति

छात्रवृत्ति से वंचित पांच लाख से अधिक छात्रों को दीपावली से पहले दी जाएगी छात्रवृत्ति: सीएम योगी  – सीएम योगी आईजीपी में छात्रवृत्ति वितरण समारोह में चार लाख छात्रों को वितरित की छात्रवृत्ति – बोले, वर्ष  2017-18 में 1,648 करोड़ छात्रवृत्ति दी जाती थी और आज 3,124 करोड़ 45 लाख रुपये छात्रवृत्ति दी जा रही – वर्ष 2017 से पहले छात्रवृत्ति वितरित की जाती थी, लेकिन छात्र के खाते में पहुंचती नहीं थी – वर्ष 2017 से पहले सितंबर-अक्टूबर की छात्रवृत्ति मार्च-अप्रैल में दी जाती थी, इसमें भी होता था भेदभाव – सीएम बोले, हमारी सरकार ने पिछली सरकारों में छात्रवृत्ति से वंचित छात्रों को दी स्कॉलरशिप  – विभाजनकारी ताकतों ने देश को गुलाम बनाया, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में नए भारत के लिए अभियान चलाया जा रहा – हमारा प्रयास होना चाहिए हमें बंटना नहीं है, हमें एकजुट होकर के बेहतर शिक्षा के लिए हर छात्र को स्कूल तक पहुंचाना है  लखनऊ, अनुसूचित जाति-जनजाति के करीब पांच लाख छात्रों को संस्थान की ओर से डाटा अपलोड न करने की वजह से छात्रवृत्ति नहीं मिल पायी क्योंकि डाटा लॉक हो गया था। ऐसे छात्रों को दीपावली से पहले छात्रवृत्ति देने के लिए पैसा तैयार कर लिया गया है। छात्रवृत्ति से वंचित सभी छात्रों को दीपावली से पहले उनके खाते में छात्रवृत्ति भेज दी जाएगी। वहीं जिनकी वजह से छात्रों को स्कॉलरशिप नहीं मिल पायी है, उनकी भी जवाबदेही तय की जाएगी ताकि आने वाले समय में ऐसी त्रुटि न हो। किसी भी देश और प्रदेश की आर्थिक प्रगति का पैमाना शिक्षा से शुरू होता है। ऐसे में छात्रों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना हमारी जिम्मेदारी है। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को आईजीपी में आयोजित छात्रवृत्ति वितरण समारोह में कही। इस दौरान सीएम योगी ने कई छात्रों को छात्रवृत्ति वितरित की।  हमने वर्ष 2016-17 और 2017-18 की छात्रवृत्ति एक-एक बच्चे को दी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले छात्रवृत्ति वितरित की जाती थी, लेकिन छात्र के खाते में पहुंचती नहीं थी। इसमें मनमानी होती थी। वहीं जो छात्रवृत्ति छात्रों को सितंबर-अक्टूबर में प्राप्त होनी चाहिए थी, वह छात्रवृत्ति मार्च-अप्रैल तक पहुंचती थी। इसमें भी भेदभाव होता था। वर्ष 2016 में अनुसूचित-जनजाति के छात्रों की छात्रवृत्ति ही नहीं दी गई। जब वर्ष 2017 में हमारी सरकार आई, तो हमने वर्ष 2016-17 और 2017-18 की छात्रवृत्ति प्रदेश के एक-एक बच्चे को दी गयी। उन्हाेंने कहा कि समाज कल्याण विभाग द्वारा 9 से 12 वीं के अनुसूचित जाति-जनजाति और सामान्य जाति के 4 लाख छात्रों को छात्रवृत्ति उपलब्ध करायी जा रही है। इसमें पहले चरण में 1 लाख 12 हजार छात्र  छात्रवृत्ति प्राप्त कर रहे हैं। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के ढाई लाख से अधिक छात्र-छात्राएं और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के 25,000 छात्र-छात्राएं सुविधा का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। सीएम ने कहा कि वर्ष 2017-18 से वित्तीय वर्ष 2024-25 तक अनुसूचित जाति-जनजाति के 1 करोड़ 23 लाख छात्रों को 9,150 करोड़ रुपए की धनराशि वितरित की गई है। यह पैसा डीबीटी के माध्यम से उनके अकाउंट में भेजा गया। वर्ष 2017-18 से  2024-25 में सामान्य वर्ग के 58 लाख 90 हजार छात्र-छात्राओं को 5,945 करोड़ रुपए उनके अकाउंट में भेजे गये।  कुछ लोग आत्मनिर्भर भारत के लिए फिर से बाधक बन करके समाज को बांटने का काम कर रहे सीएम योगी ने छात्रों से कहा कि आपके हाथों में आने वाली पीढ़ी का नेतृत्व आने वाला है, उसके लिए अभी से मानसिक रूप से तैयार रहिये। हम कैसा भारत चाहते हैं, इस पर अभी से सोचना होगा। याद रखिएगा विभाजनकारी ताकतों ने देश को गुलाम बनाया था। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नए भारत के लिए अभियान चलाया जा रहा है। वहीं कुछ लोग आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लिए फिर से बाधक बन करके समाज को बांटने का काम कर रहे हैं। हमारा प्रयास होना चाहिए कि हमें बंटना नहीं है, हमें एकजुट होकर के बेहतर शिक्षा के लिए हर छात्र को स्कूल तक पहुंचाना है। हर छात्र और वंचित को स्कूली शिक्षा के साथ जोड़ना है। उसकी शिक्षा के उन्नयन के लिए प्रयास करना है। आज 2025-26 में स्कॉलरशिप दोगुनी हो चुकी है, डीबीटी के जरिये सीधे खाते में भेजी जा रही धनराशि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017-18 में 1,648 करोड़ 91 लाख, 2018-19 में 1,883 करोड़ 96 लाख, 2019-20 में 1,887.29 करोड़, 2020-21 में 1,505 करोड़ 53 लाख, 2021-22 में 1,581 करोड़ 42 लाख, 2022-23 में 1,813 करोड़ 97 लाख, 2023-24 में 2,608 करोड़ 13 लाख, 2024-25 में 2,861 करोड़ 38 लाख और 2025-26 में 3,124 करोड़ 45 लाख रुपये छात्रवृत्ति दी गयी। सीएम ने कहा कि वर्ष  2017-18 में 1,648 करोड़ छात्रवृत्ति दी जाती थी और आज 2025-26 में स्कॉलरशिप दोगुनी हो चुकी है। आज 3,124 करोड़ 45 लाख रुपये छात्रवृत्ति पिछड़े वर्ग के छात्रों को उपलब्ध करायी जा रही है। सरकार द्वारा लगातार राशि में वृद्धि करते हुए छात्रों को योजना से जोड़ा जा रहा है। सरकार द्वारा छात्रवृत्ति को तकनीक से बेहतर करने, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से वेरिफिकेशन की कार्रवाई को आगे बढ़ाना, डीबीटी के माध्यम से छात्रों के अकाउंट में पैसा भेजने की कार्रवाई की जा रही है ताकि बीच में किसी का भी हस्तक्षेप न हो। सीएम ने कहा कि सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स, सतत विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने में शिक्षा की बड़ी भूमिका है। दुनिया में जहां भी वंचित और उपेक्षित तबका है, अगर उन्हें विकास के लक्ष्य को प्राप्त करना है तो सबसे पहले उनकी प्रायोरिटी शिक्षा होती है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में  वंचित छात्रों को स्कॉलरशिप और शुल्क प्रतिपूर्ति की व्यवस्था के साथ जोड़ा जा रहा है। हर छात्र को स्कॉलरशिप देने के लिए वन नेशन वन स्कॉलरशिप की व्यवस्था लागू की गई सीएम ने कहा कि हमारे देश ने ही शिक्षा के अधिकार को मौलिक अधिकार बनाया। आरटीई के तहत हर छात्र स्कूली शिक्षा प्राप्त कर सके, इसे अनिवार्य किया गया है। वहीं हर छात्र स्नातक तक शिक्षा फ्री में प्राप्त हो सके, इसके लिए अनेक स्कीम तैयार की गई और राष्ट्रीय शिक्षा नीति बनायी गयी है। इसके अलावा हर छात्र को छात्रवृत्ति प्राप्त हो सके, इसके लिए प्रधानमंत्री … Read more

शेयर बाजार में भूचाल: सेंसेक्स 800 अंक लुढ़का, अमेरिका के फैसले समेत ये हैं गिरावट के 3 कारण

मुंबई  भारतीय शेयर बाजार में कोहराम मचा है, पिछले 5 दिन से लगातार गिरावट जारी है. अचानक शुक्रवार को दोपहर 2 बजे के बाद सेंसेक्स में भूचाल आ गया. सेंसेक्स करीब 800 अंक लुढ़क गया, सेंसेक्स गिरकर 80,359.93 पर पहुंच गया. जबकि निफ्टी 24700 से नीचे फिसल गया है. निफ्टी में जोरदार 250 से ज्यादा अंकों की गिरावट दर्ज की गई.  दरअसल, फॉर्मा और आईटी कंपनियों के शेयरों की जोरदार पिटाई हो रही है. H-1B वीजा फीस में बढ़ोतरी के असर से मौजूदा हफ्ता आईटी स्टॉक्स के लिए बेहद खराब रहा है. लगातार स्टॉक्स गिर रहे हैं, गुरुवार को देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी TCS के शेयर फिसलकर 2900 से नीचे पहुंच गया है. जबकि इंफोसिस के शेयर 1450 से नीचे पहुंच गया है.  वहीं गुरुवार देर रात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फार्मा समेत कई सेक्‍टर पर टैरिफ का ऐलान कर दिया. फार्मा पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने का ऐलान किया गया है, जिससे आज भारतीय फॉर्मा कंपनियों में जोरदार बिकवाली हावी है. सन फॉर्मा के शेयर 3 फीसदी टूट चुका है. डॉ रेड्डी के शेयर में भी करीब 2 फीसदी की गिरावट देखी जा रही है. मुख्य तौर पर भारतीय बाजार में गिरावट के कारण अमेरिकी फैसले हैं, पहले अमेरिका ने H-1B वीजा को लेकर नियम बदला, और अब कई सेक्टर पर टैरिफ थोप दिया है. साथ ही अमेरिकी निवेशक भी लगातार भारतीय बाजार में बिकवाली कर रहे हैं.  इस गिरावट के पीछे तीन मुख्य कारण माने जा रहे हैं:  1. फॉर्मा सेक्टर पर टैरिफ की चोट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रांडेड दवाओं के आयात पर 100% शुल्क लगाने की घोषणा की है. इसके अलावा, किचन कैबिनेट्स और बाथरूम वैनिटीज पर 50%, गद्देदार फर्नीचर पर 30%, भारी ट्रकों पर 25% शुल्क लागू करने की योजना है. ये नए शुल्क 1 अक्टूबर से लागू होंगे. इस ऐलान के बाद भारतीय फार्मा कंपनियों में बिकवाली का दबाव बढ़ गया. निफ्टी फार्मा इंडेक्स 2 फीसदी से ज्यादा टूट गया.  2. आईटी शेयरों में लगातार कमजोरी H-1B वीजा फीस में बढ़ोतरी होने से भारतीय आईटी सेक्टर पहले से ही दबाव में था, अब एक्सेंचर (Accenture) के कमजोर तिमाही नतीजों से मूड और बिगाड़ दिया. निफ्टी आईटी इंडेक्स में 1.3% तक की गिरावट आई. दूसरी वजह H-1B वीजा शुल्क में बढ़ोतरी का डर है, जिससे भारतीय कंपनियों की लागत बढ़ सकती है.  3. विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी 25 सितंबर को विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से 4,995 करोड़ रुपये की निकासी की. इस महीने अब तक कुल 24,454 करोड़ रुपये की बिकवाली हो चुकी है. निवेशकों को लाभ वृद्धि (Earnings Growth) को लेकर भी चिंता है. इसके अलावा टैरिफ फैसलों के बाद एशिया के शेयर बाजारों में भी गिरावट हावी है. जापान का निक्केई, चीन का CSI 300, हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स नीचे बंद हुए. अमेरिका के बाजार भी गिरावट में बंद हुए. इन वैश्विक नकारात्मक लहरों ने भारत के बाजार पर दबाव डाला. 

रामलीला का वैश्विक जलवा: 51 करोड़ ऑनलाइन दर्शक, 40 देशों में 26 भाषाओं में प्रसारण

अयोध्या रामकथा पार्क में फिल्मी कलाकारों से सजी रामलीला ने ऑनलाइन प्लेटफार्म पर इस बार दर्शकों का अद्भुत रिकॉर्ड रच दिया है। परंपरा और तकनीक का ऐसा संगम हुआ कि महज तीन दिनों के भीतर 51 करोड़ लोगों ने ऑनलाइन रामलीला देखी। रामलीला का दूरदर्शन के साथ ऑनलाइन प्लेटफार्म पर लाइव प्रसारण किया जा रहा है। फिल्मी कलाकारों की जीवंत अदाकारी ने लोगों को इतना मोह लिया कि रामकथा के इस प्रसारण को देश-दुनिया में खूब देखा जा रहा है। रामलीला का ऑनलाइन प्रसारण 40 देशों में 26 भाषाओं में किया जा रहा है। फिल्मी रामलीला समिति के अध्यक्ष सुभाष मलिक ने बताया कि अयोध्या में फिल्मी कलाकारों की रामलीला 2020 में शुरू हुई थी। ऑनलाइन प्लेटफार्म पर हर साल दर्शकों की संख्या बढ़ती गई। पिछले साल 41 करोड़ ने ऑनलाइन रामलीला देखकर रिकॉर्ड बनाया था। इस वर्ष तीन दिनों में ही पिछले साल का रिकॉर्ड टूट गया।

भोपाल मेट्रो ट्रायल सफल, CMRS टीम ने की जांच; दिवाली से पहले शुरू हो सकती है सेवा

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मेट्रो को जल्द से जल्द दौड़ाए जाने की कवायद तेज हो गई हैं। आम यात्रियों के लिए कमर्शियल ट्रेवलिंग शुरू करने के लिए कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (सीएमआरएस) की टीम ने खुद यात्रा करके सुरक्षा मानकों की जांच की।  सीएमआरएस कमिश्नर जनक कुमार गर्ग सुभाषनगर स्थित मेट्रो डिपो पहुंचें। सीएमआरएस कमिश्नर ने टीम के साथ यहां पर करीब 3 घंटे तक निरीक्षण किया और मेट्रो में सवार हुए। उनके साथ मेट्रो एमडी एस कृष्ण चैतन्य भी मौजूद रहे। इस दौरान गर्ग ने प्राथमिकता में शामिल कॉरिडोर के 6.22 किलोमीटर रूट तक सफर किया। यह रूट सुभाष नगर से एम्स तक का है। इस निरीक्षण के दौरान वे और उनकी टीम सुभाषनगर स्टेशन पर करीब 30 मिनट और एम्स स्टेशन पर सवा घंटे रुकी। क्या हैं सीएमआरएस दरअसल, किसी भी रेल लाइन या मेट्रो रेल को आम लोगों के लिए प्रारंभ करने से पूर्व सीएमआरएस की जांच आवश्यक होती है। इस टीम की जांच में 'हरी झंडी' मिलने के बाद आम लोगों के लिए मेट्रो दौड़ना यानी कमर्शियल सफर की शुरुआत होती है। इस जांच टीम के अफसर ट्रैक के नट-बोल्ट, सिग्नल, इंट्री-एग्जिट गेट, डिपो सहित सुरक्षा के लिहाज से हर पक्ष की बारीकी से जांच की जाती है। टीम के लौटने के बाद मिलने वाली रिपोर्ट के आधार पर ही भोपाल में मेट्रो रन प्रारंभ होगा। पीएम मोदी दिखा सकते हैं हरी झंडी बताया जा रहा है कि इस महीने के अंत तक सीएमआरएस की 'ओके' रिपोर्ट मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेट्रो को हरी झंडी दिखाएंगे। पूरी संभावना है कि वे भोपाल मेट्रो में सफर भी करें। आपको बता दें कि 31 मई को मोदी ने इंदौर मेट्रो को भोपाल से हरी झंडी दिखाई थी।     सीएमआरएस की टीम ने 90 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से ट्रेन दौड़ाई     अचानक ब्रेक लगाकर की सुरक्षा जांच, कंट्रोल रूम का रिस्पांस जांचा     मेट्रो मेन लाइन, स्टेशन का निरीक्षण बाकी, सप्ताहभर बाद फिर जांच 2010 का सपना होगा साकार मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त जनक कुमार गर्ग के नेतृत्व में टीम ने सुभाष नगर से एम्स तक मेट्रो को 90 किमी प्रतिघंटे की फुल स्पीड में दौड़ाया। सीएमआरएस सर्टिफिकेट मिलते ही मेट्रो यात्रियों को लेकर दौडने को तैयार हो जाएगी। 2010 से ही शहरवासियों को मेट्रो में सवारी का दिखाया जा रहा सपना अब पूरा होने को है। निरीक्षण के बाद टीम शाम को रवाना हो गई। अभी मेन लाइन, स्टेशन की जांच बोटगी। टीम ने अत्याधुनिक ट्रेन सेट। सिस्टम के अलावा नट बोल्ट, स्टेशन, सिग्नल आदि की जांच की। मेट्रो के दूसरे फेस में भी काम तेज भोपाल मेट्रो का उद्देश्य यात्रियों के सफर को आसान बनाना है। साथ ही शहर को एक आधुनिक, कुशल शहरी केंद्र के रूप में आकार देना है। भोपाल मेट्रो के पहले चरण का काम पूरा होने के बाद दूसरे चरण को लेकर काम तेजी से चल रहा है। इसका दूसरा चरण भदभदा चौराहे से रत्नागिरी चौराहे तक लगभग 15 किमी लंबा होगा। इसमें 14 एलिवेटेड स्टेशन बनाए जाएंगे। इस पर भी तेजी से काम चल रहा है। सितंबर में सीएमआरएस का निरीक्षण गुरुवार को सीएमआरएस की टीम ने तीन कोच वाली मेट्रो ट्रेन यानी रोलिंग स्टॉक में यात्री सुरक्षा, सुविधा और ऊर्जा दक्षता की जांच की। इसमें सीसीटीवी की निगरानी, आरामदायक बैठने की व्यवस्था, वातानुकूलित कोच, चार्जिग पॉइंट और वास्तविक समय यात्री सूचना प्रणाली की सुविधा को जांचा गया। इनकी टेस्टिंग की गयी। तीन माह में दो बड़ी जांच जुलाई में आयी थी आरडीएसओ की टीम 9 जुलाई से 21 जुलाई तक 13 दिन मेट्रो ट्रेन के ऑसिलेशन और इमरजेंसी ब्रेकिंग डिस्टेंस का लखनऊ की रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गेनाइजेशन यानी आरडीएसओ ने परीक्षण किया था। टीम ने 90 किमी प्रतिघंटा पर ट्रेन दौड़ाई थी। इमरजेंसी ब्रेक लगाया हर स्टेशन, ट्रैक के बीच मेट्रों के ऑसिलेशन यानि कंपन को मापा गया था। उस समय परीक्षण में मेट्रो की राइड क्वालिटी, स्थिरता, इमरजेंसी ब्रेकिंग डिस्टेंस, और सम्पूर्ण रोलिंग स्टॉक का मूल्यांकन रिकॉर्ड किया गया था। परीक्षण से रोलिंग स्टॉक यानी ट्रेन की सुरक्षा. विश्वसनीयता और दक्षता के उच्चतम मानकों की स्थिति पता चलती है। तकनीकी सवाल-जवाब भी हुए सीएमआरएस टीम ने मेट्रो के वरिष्ठ अधिकारियों और इंजीनियर्स से मेट्रो ऑपरेशन के तकनीकी पक्षों से जुड़े सवाल जवाब किए। सुरक्षा प्रोटोकॉल क्या होता है? स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर्स, रोलिंग स्टॉक की तैयारियों के साथ ही ऑपरेशन के लिए डिपो के सिस्टम से जुड़े सवाल जवाब किए गए। इसका बकायदा प्रजेंटेशन भी लिया गया। इस अवसर पर एमडी मेट्रो एस कृष्ण चैतन्य, निदेशक सिस्टम अरुण कुमार श्रीवास्तव, निदेशक प्रोजेक्ट अजय गुप्ता व अन्य टीम सदस्य उपस्थित रहे। ऑपरेशन कंट्रोल को परखा सुभाष नगर डिपो इंफ्रास्ट्रक्चर की जांच में ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर को देखा गया। ट्रेन संचालन, विद्युत आपूर्ति और सुरक्षा प्रणालियों की केंद्रीकृत निगरानी. डिपो में मेंटेनेंस बे, स्टेबलिंग लाइन, रिपेयर बे के साथ आग लगने की स्थितियों की पहचान कर अग्निशमन सहित अन्य सुरक्षा प्रणालियों को परखा गया। तेज रफ्तार में ट्रेन के ब्रेकिंग सिस्टम की जांच सीएमआरएस ने डिपो में मेट्रो के रैक की जांच करने के दौरान ड्राइवर से इसे एम्स तक ले चलने का कहा। मेट्रो ट्रेन डिपो से सुभाष नगर स्टेशन पहुंची और 90 किमी प्रति घंटे की गति से दौड़ाने का आदेश दिया। तेज रफ्तार ट्रेन देखकर आंबेडकर ब्रिज से गुजरने वाले रूककर देखने लगे। ट्रेन तेज गति से दौड़ी और फिर अचानक रूक गयी। कभी मध्यम गति में चली। दोपहर करीब साढ़े बारह बजे से एक घंटे तक पांच रैक को इसी तरह दौड़ाया गया। ऐसा रैक की गति और इसके ब्रेकिंग सिस्टम की जांच के लिए किया की टीम ने भी इसी तरह ब्रेकिंग सिस्टम की जांच की थी। मेट्रो के अंदर से ही सीएमआरएस जनक कुमार ने वहां दर्ज आपातकालीन नंबर पर कॉल किया। कंट्रोल रूम में इसे किसी तरह अटेंड किया जाता है। कॉल लगता भी है या नहीं इसे देखा।

2 से 12 अक्टूबर तक पचमढ़ी में कांग्रेस प्रशिक्षण शिविर, राहुल और खरगे बताएंगे जीत की रणनीति

भोपाल  मध्य प्रदेश कांग्रेस के 71 जिलाध्यक्षों को पचमढ़ी में आवासीय प्रशिक्षण (residential training) दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण शिविर का आयोजन आगामी 2 से 12 अक्टूबर तक किया जाएगा। इस खास ट्रेनिंग शिविर में लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) भी उपस्थित होंगे। इस दस दिन के कार्यक्रम में राहुल गांधी दो दिन तक जिला अध्यक्षों को मार्गदर्शन देंगे। इससे पार्टी के कार्यकर्ताओं को आने वाली चुनावी चुनौतियों के लिए बेहतर तरीके से तैयार किया जा सके। वहीं, इस प्रशिक्षण शिविर में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी शमिल होंगे। राहुल गांधी जिला अध्यक्षों से करेंगे संवाद     सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस सांसदराहुल गांधी इस कार्यक्रम के दौरान जिला अध्यक्षों के साथ न केवल सार्वजनिक रूप से संवाद करेंगे, बल्कि वे उनसे व्यक्तिगत (one-to-one) बातचीत भी करेंगे। इस बातचीत में वे जिला अध्यक्षों से उनके जिलों की सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों, चुनौतियों और भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा करेंगे। यह संवाद कांग्रेस को आगामी चुनावों के लिए एक मजबूत रणनीति तैयार करने में मदद करेगा। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष खरगे भी आएंगे इस प्रशिक्षण शिविर में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी शामिल होंगे। संभावित कार्यक्रम के मुताबिक, खरगे इस शिविर के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस प्रशिक्षण शिविर में जयराम रमेश, पवन खेड़ा, सुप्रिया श्रीनेत, कांग्रेस ट्रेनिंग डिपार्टमेंट के नेशनल हेड सचिन राव, मप्र के प्रभारी हरीश चौधरी, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी शामिल होंगे। अध्यक्षों से खुद चर्चा करेंगे राहुल गांधी सूत्रों की मानें तो राहुल गांधी ट्रेनिंग के दौरान जिला अध्यक्षों को न केवल संबोधित करेंगे, बल्कि, जिला अध्यक्षों से वन टू वन बातचीत भी करेंगे। जिला अध्यक्षों से उनके जिले की सामाजिक, राजनीतिक परिस्थितियों, चुनौतियों और भविष्य की रणनीति पर चर्चा कर सकते हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, राहुल गांधी ट्रेनिंग के दौरान जिलाध्यक्षों को न केवल संबोधित करेंगे, बल्कि उनसे वन-टू-वन चर्चा भी करेंगे. इस दौरान जिलाध्यक्षों से उनके जिले की सामाजिक, राजनीतिक हालातों, चुनौतियों और भविष्य की रणनीति पर विचार विमर्श करेंगे. इस प्रशिक्षण शिविर के दौरान कांग्रेस के कई बड़े-बड़े नेता जयराम रमेश, पवन खेड़ा, सुप्रिया श्रीनेत, कांग्रेस ट्रेनिंग डिपार्टमेंट के नेशनल हेड सचिन राव, एमपी के प्रभारी हरीश चौधरी, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी मौजूद रहेंगे.  ट्रेनिंग में क्या क्या होगा? मिली जानकारी के मुताबिक, इस दस दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के दौरान जिलाध्यक्षों के सुबह उठने से लेकर रात तक सोने तक का मिनट-टू-मिनट का प्रोग्राम निश्चित किया गया है. बता दें कि रोजाना सुबह 7 बजे से लेकर शाम 7 से 8 बजे तक चलेगा. इसके अलावा, सुबह के समय में सैर, योग, ध्यान जैसी गतिविधियां भी कराई जाएंगी. इस प्रशिक्षण का मकसद आगामी समय में होने वाले नगरीय निकाय, पंचायत चुनाव और 2028 के विधानसभा चुनाव और 2029 के लोकसभा चुनाव को लेकर पूरा रोडमैप तैयार किया जाएगा.      मध्यप्रदेश कांग्रेस के 71 जिलाध्यक्षों को पचमढ़ी में 2-12 अक्टूबर तक आवासीय प्रशिक्षण मिलेगा, जिसमें राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे भी शामिल होंगे।     राहुल गांधी जिला अध्यक्षों से एक व्यक्तिगत संवाद करेंगे और आगामी चुनावों के लिए रणनीति तैयार करने पर चर्चा करेंगे।     कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जैसे जयराम रमेश, पवन खेड़ा, सुप्रिया श्रीनेत, और सचिन राव भी इस प्रशिक्षण शिविर का हिस्सा होंगे।     इस ट्रेनिंग में पार्टी कार्यकर्ताओं को ब्लॉक, मंडल, वार्ड, ग्राम पंचायत और बूथ स्तर तक संगठन बनाने के तरीकों की जानकारी दी जाएगी।     पचमढ़ी को शांति और आरामदायक माहौल के कारण इस प्रशिक्षण के लिए चुना गया है, जो शहर की हलचल से दूर है। जिले में कैडर मैनेजमेंट से लेकर 4 चुनावों तक के लिए तैयार होंगे पचमढ़ी में होने वाली ट्रेनिंग में कांग्रेस के जिला अध्यक्षों को अपने जिले में ब्लॉक, मंडलम, सेक्टर, वार्ड, ग्राम पंचायत और बूथ लेवल तक संगठन बनाने के बारे में बताया जाएगा। आगामी समय में होने वाले नगरीय निकाय, पंचायत चुनाव और 2028 के विधानसभा और 2029 के लोकसभा चुनाव को लेकर कैसे रणनीति बनाना है, इसका पूरा रोडमैप बताया जाएगा। अब जानिए दस दिन की ट्रेनिंग में क्या होगा प्रशिक्षण शिविर में दस दिन की ट्रेनिंग में जिला अध्यक्षों के सुबह उठने से लेकर रात तक सोने का मिनट टू मिनट का प्रोग्राम तय किया गया है। प्रतिदिन सुबह 7 बजे शुरू होकर शाम 7-8 बजे तक चलेगा। इसमें सुबह की सैर, योग और ध्यान जैसी गतिविधियां कराई जाएंगी। जिले में कार्यकारिणी से लेकर, ब्लॉक, मंडलम, सेक्टर, वार्ड, ग्राम पंचायत और बूथ स्तर पर पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का चयन कैसे करना है। पार्टी के दिग्गज नेता बताएंगे। पचमढ़ी को क्यों चुना? शहरों की भागदौड़ से दूर एकांत में सतपुड़ा की वादियों के शांत माहौल में दस दिनों तक जिला अध्यक्षों और बाहर से आने वाले विषय विशेषज्ञों और दिग्गजों के रुकने के लिए फाइव स्टार रेटिंग वाले होटल मौजूद हैं। बडे़ नेताओं के आने के लिए भोपाल नजदीकी एयरपोर्ट है। राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे जैसे नेता हेलिकॉप्टर के जरिए सीधे पहुंच सकेंगे। वहीं जिला अध्यक्षों और प्रदेश के नेताओं को पचमढ़ी तक पहुंचने के लिए ट्रेन और आसान सड़क रूट है। ऐसे में नेताओं को पहुंचने और रुकने में आसानी होगी। भविष्य की चुनावी तैयारी पर ध्यान केंद्रित इस विशेष ट्रेनिंग में कांग्रेस के जिला अध्यक्षों को संगठनात्मक स्तर पर कार्य करने की पूरी जानकारी दी जाएगी। पचमढ़ी में होने वाली इस ट्रेनिंग में कार्यकर्ताओं को ब्लॉक, मंडल, सेक्टर, वार्ड, ग्राम पंचायत और बूथ स्तर तक संगठन बनाने की प्रक्रिया के बारे में बताया जाएगा। इसके साथ ही आगामी नगरीय निकाय चुनाव, पंचायत चुनाव, और 2028 विधानसभा चुनाव और 2029 लोकसभा चुनाव के लिए रणनीतियाँ तैयार की जाएंगी। जानें इस दस दिन के प्रशिक्षण में क्या होगा? प्रशिक्षण शिविर में प्रत्येक दिन का कार्यक्रम सुबह 7 बजे से लेकर रात 7-8 बजे तक निर्धारित किया गया है। इसमें जिला अध्यक्षों को पूरे दिन के लिए एक विस्तृत शेड्यूल मिलेगा। इसमें सुबह की सैर, योग, और ध्यान जैसी गतिविधियाँ शामिल होंगी। इसके अलावा, इस प्रशिक्षण में कार्यकारिणी से लेकर ब्लॉक, मंडल, सेक्टर, वार्ड, ग्राम पंचायत और बूथ स्तर तक पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का चयन कैसे करना है, इस पर भी … Read more

एशिया कप का ऐतिहासिक फाइनल: IND vs PAK, बांग्लादेश का सपना टूटा

दुबई  साल 1984 में पहली बार एश‍िया कप खेला गया. उसके बाद एश‍िया कप के अब तक 17 सीजन हुए. 1984 से लेकर 2025 के बीच 41 सालों का फासला है. लेकिन ऐसा पहली बार होगा कि भारत-पाक‍िस्तान इस प्रत‍िष्ठ‍ित टूर्नामेंट के फाइनल में पहली बार एक-दूसरे के आमने-सामने होंगे. यानी कुल म‍िलाकर यह इस टूर्नामेंट के ल‍िहाज से ऐत‍िहास‍िक लम्हा है.   एशिया कप 2025 के मैच नंबर-17 में 25 सितंबर (गुरुवार) को बांग्लादेश और पाकिस्तान की टक्कर हुई. दुबई के दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में हुए सुपर-चार के इस मुकाबले में पाकिस्तानी टीम ने बांग्लादेश पर 11 रनों से जीत हासिल की. इस जीत के साथ ही पाकिस्तानी टीम ने फाइनल में प्रवेश कर लिया है. अब 28 सितंबर (रविवार) को होने वाले फाइनल में पाकिस्तान का सामना भारत से होगा. एशिया कप के 41 सालों के इतिहास में पहली बार भारत और पाकिस्तान के बीच फाइनल खेला जाएगा. मुकाबले में बांग्लादेश को जीत के लिए 136 रनों का टारगेट मिला था, लेकिन उसकी टीम 20 ओवर्स में 9 विकेट पर 124 रन ही बना सकी. वहीं यह यह इस टूर्नामेंट का सबसे बड़ा ट्व‍िस्ट (मोड़) माना जा रहा है. पाक‍िस्तान ने 25 स‍ितंबर को बांग्लादेश को सुपर-4 मुकाबले में हराकर भारत के ख‍िलाफ फाइनल खेलने के ल‍िए अपनी सीट बुक कर ली. वैसे टूर्नामेंट की शुरुआत से ही इस बात का अंदाजा लगाया जा रहा था क‍ि दोनों देशों के बीच फाइनल होगा.  भारत और पाकिस्तान एश‍िया कप के 17वें संस्करण में पहली बार एशिया कप के फाइनल में भिड़ेंगे. भारत इस टूर्नामेंट का 8 बार फाइनल जीता है. इनमें साल 1984, 1988, 1990–91, 1995, 2010, 2016, 2018, 2023 शाम‍िल है. 2016 में एश‍िया कप टी20 फॉर्मेट था.  वहीं पाक‍िस्तान केवल दो बार साल 2000, 2012 और में यह कप जीता है. लेकिन यहां सबसे बड़ा ट्व‍िस्ट यही है कि दोनों ही देश कभी भी एक दूसरे के सामने फाइनल में नहीं आए हैं. श्रीलंका ने इस टूर्नामेंट को 6 बार 1986, 1997, 2004, 2008, 2014, 2022 में जीता है. 2022 का एश‍िया कप अभी की तरह टी20 फॉर्मेट रहा है.  पाकिस्तान और भारत कितनी बार एश‍िया कप के रनर-अप  भारतीय टीम एश‍िया कप जीतने के मामले में सबसे अग्रणी हैं. वहीं वो 3 बार रनर-अप भी रहा है. भारतीय टीम को 1997, 2004, 2008 फाइनल में हार भी मिली. तीनों ही बार उसे फाइनल में श्रीलंका ने च‍ित किया. अब पाकिस्तान के ख‍िलाफ भारत जब एश‍िया कप के फाइनल में खेलेगा, तो यह उसका 12वां एश‍िया कप फाइनल होगा. वहीं पाक‍िस्तान 1986, 2014, 2022 (टी20 फॉर्मेट) का रनर-अप रहा है.  1986 में एश‍िया कप भारत नहीं खेला था  टीम इंड‍िया ने 1986 का एशिया कप नहीं खेला था क्योंकि उस समय श्रीलंका के साथ क्रिकेट संबंध अच्छे नहीं थे. पाकिस्तान ने भी 1990–91 का टूर्नामेंट भारत के साथ राजनीतिक रिश्ते खराब होने की वजह से बॉयकॉट क‍िया था. इसी कारण 1993 का एशिया कप भी रद्द हो गया था. एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) ने बाद में तय किया कि 2009 से टूर्नामेंट हर दो साल में एक बार खेला जाएगा. ICC ने यह भी तय किया कि एशिया कप में खेले गए सभी मैचों को आधिकारिक वनडे मैच माना जाएगा. 2015 में ACC के आकार को छोटा करने के बाद ICC (इंटरनेशनल क्रिकेट काउंस‍िल ) ने घोषणा की कि 2016 से एशिया कप बारी-बारी से वनडे और टी20 फॉर्मेट में खेला जाएगा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि अगला बड़ा टूर्नामेंट किस फॉर्मेट में है. इसी वजह से 2016 का एशिया कप पहली बार टी20 फॉर्मेट में खेला गया था. बाद में 2022 और अब‍ 2025 में यह टी20 फॉर्मेट में हुआ.