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पीएम मोदी का ऐलान: महिला रोजगार योजना के तहत 75 लाख महिलाओं को मिलेगा ₹10 हजार

पटना  बिहार में महिला सशक्तिकरण के लिए एनडीए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की शुरुआत आज से हो गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 सितंबर को सुबह 11 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस योजना का शुभारंभ किया.  इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा समेत कई मंत्री भी शामिल हुए.  योजना का मकसद महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और स्वरोजगार के जरिए सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है. महिलाओं को मिलेगा 10 हजार रुपए इस योजना के तहत, बिहार के हर परिवार की एक महिला को अपनी पसंद के रोजगार के लिए ₹10,000 की पहली किस्त दी जाएगी. काम शुरू करने के 6 महीने बाद, मूल्यांकन के आधार पर, उन्हें अधिकतम ₹2 लाख तक की अतिरिक्त सहायता भी मिल सकती है. यह एक समुदाय-आधारित योजना है, जिसमें स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को वित्तीय मदद के साथ-साथ कार्य प्रशिक्षण भी दिया जाएगा. ग्रामीण हाट-बाजारों का विकास इस योजना में उत्पादन के बाद उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए राज्य में ग्रामीण हाट-बाजारों को और विकसित करने की योजना भी शामिल है. यह कदम महिलाओं को उनके उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में मदद करेगा और उनकी आजीविका को बढ़ावा देगा. कौन उठा सकेगा योजना का लाभ? योजना का फायदा उठाने के लिए महिला को बिहार का स्थायी निवासी होना जरूरी है. आवेदक की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10+2, इंटरमीडिएट, आईटीआई, पॉलिटेक्निक डिप्लोमा या समकक्ष होनी चाहिए. आवेदक की उम्र 18 से 60 साल के बीच होनी चाहिए. यह योजना सभी धर्मों और जातियों के लिए है और इसमें ट्रांसजेंडर व्यक्ति भी शामिल हैं. आवेदक के परिवार में कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में नहीं होना चाहिए और न ही आयकर दाता हो.  

सोयाबीन उत्पादक किसानों को दी जायेगी भावान्तर राशि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

किसानों को मिलेगा उनकी उपज का वाजिब दाम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोयाबीन उत्पादक किसानों को दी जायेगी भावान्तर राशि किसानों को फसलों की क्षति का दिया जाएगा मुआवजा मध्यप्रदेश को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में देश में प्रथम बनाया जाएगा मुख्यमंत्री ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन योजना में सिंगल विंडो पोर्टल का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री अन्न सेवा जागरूकता कार्यक्रम की हुई शुरुआत 215 करोड़ लागत के विकास कार्यों की दी सौगात मुख्यमंत्री सागर के जैसीनगर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में जहां भी सोयाबीन की फसल अतिवृष्टि अथवा रोग के कारण खराब हुई है, ऐसे सभी क्षेत्रों में सोयाबीन की फसल क्षति का सर्वे कराया जा रहा है। उन्होंने कहा है कि सर्वे के बाद किसानों को सोयाबीन की फसल की क्षति का समुचित मुआवजा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा सोयाबीन की फसल का एमएसपी 5328 रूपये निर्धारित किया गया है। मध्यप्रदेश के सोयाबीन उत्पादक किसानों को भी यही रेट दिया जाएगा। किसी भी किसान को घाटा नहीं होने दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में धान पर भी बोनस बढ़ाया गया है। किसानों को भावांतर भुगतान योजना से उनके खाते में बोनस का पैसा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि एमएसपी से कम दर पर फसल बिकती है तो भावान्तर की राशि सरकार द्वारा दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के किसानों की जिदंगी बेहतर और खुशहाल बनाने के लिए सरकार और प्रदेश सरकार द्वारा किसान सम्मान निधि दी जा रही है। मध्यप्रदेश में लाड़ली बहनों के जीवन में खुशियां लाने के लिए लाड़ली बहनों को दीपावली की भाईदूज से हर माह 1500 रूपये की राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकास योजनाएं चलाने के लिए मध्यप्रदेश सरकार के पास धन की कमी नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को सागर जिले के सुरखी विधानसभा क्षेत्र की नगर पंचायत जैसीनगर में पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर आयोजित मुख्यमंत्री अन्न सेवा जागरूकता कार्यक्रम समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा लगभग 215 करोड़ के निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में कृषि के साथ ही पशुपालन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। आज मध्यप्रदेश दुग्ध उत्पादन में तीसरे स्थान पर है। मध्यप्रदेश को हम दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में पहले नंबर पर लाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए मध्यप्रदेश में किसानों को गाय पालने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गौशाला खोलने पर किसानों को लभगग 40 लाख रूपये की राशि मुहैया कराई जा रही है। इसमें 10 लाख रूपये तक का अनुदान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिनके घर गाय है, वह गोपाल है, मध्यप्रदेश का हर बच्चा कृष्ण है। भगवान कृष्ण हो या भगवान राम इनके जीवन का एक-एक प्रसंग हम सभी को प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण का एक नाम दीनदयाल भी है, दीनदयाल यानि गरीब से गरीब आदमी की चिंता करने वाला। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार सभी गरीबों की चिंता कर रही है। पं. दीन दयाल उपाध्याय के विचारों को आत्मसात करते हुए मध्यप्रदेश सरकार गरीब से गरीब व्यक्ति के जीवन में खुशहाली लाने का प्रयास कर रही है। भगवान कृष्ण ने गाय और मोर पंख का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने गौवंश हत्या को प्रतिबंधित करने का सख्त कानून बनाया है। इस कानून का उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध सख्त सजा का प्रावधान भी किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार गौवंश के संरक्षण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सरकार ने गाय के संरक्षण के लिए प्रति गाय 40 रूपये प्रतिदिन तक का खर्च बढ़ाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज मैं बुंदेलखंड की धरती पर आया हूं तो मुझे अत्यंत गौरव महसूस हो रहा है। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड की यह धरती हीरों, वीरों और महावीरों की धरती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बुंदेलखंड की धरती ने अपने स्वाभिमान की रक्षा के लिए देश भक्ति की मिसाल पेश की है।समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री अन्न सेवा जागरूकता संकल्प कार्यक्रम एवं सिंगल विंडो पोर्टल का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि इस पोर्टल के माध्यम से गैस कनेक्शन घर-घर तक मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसकी शुरुआत आज जैसीनगर से हो रही है। जैसीनगर का नाम जयशिवनगर और नगर परिषद बनाने की घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जैसीनगर को नगर परिषद बनाने और जैसीनगर का नाम जयशिवनगर रखने की घोषणा की। साथ ही सागर जिले में बेवस नदी परियोजना की स्वीकृति की घोषणा की। वहीं जैसीनगर में महाविद्यालय के अधूरे निर्माण कार्य को पूर्ण कर उसका नाम पं. दीनदयाल उपाध्याय के रखने, जैसीनगर में कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय स्कूल बनाने और सुरखी विधानसभा क्षेत्र में मसुरयाही-तोडा मार्ग लगभग 25 कि.मी. के निर्माण की भी घोषणा की। सागर की श्रद्धांजलि योजना प्रदेश के लिए बनेगी मॉडल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सागर जिले में अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने के लिए शुरू की गई श्रद्धांजलि योजना संपूर्ण प्रदेश के लिए मॉडल बनेगी। उन्होंने नियुक्ति-पत्र प्राप्त करने वाले युवाओं से कहा कि आप सभी और आगे बढ़े इसके लिए राज्य सरकार आपके साथ हमेशा खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रद्धांजलि योजना के अंतर्गत 100 से अधिक लाभान्वित ग्रामीणों के साथ संवाद भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह योजना न केवल सागर के लिए बल्कि संपूर्ण प्रदेश के लिए मॉडल बनेगी। इस योजना को प्रदेश में लागू कर अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने का कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने खेला शतरंज मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छात्र भौतिक सिंह जाट के साथ शतरंज खेला। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सर्वप्रथम सफेद मोहरे को चुना और खेलना शुरू किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास के लिए अच्छी पहल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गोवर्धन मंदिर में की पूजा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जैसीनगर के गोवर्धन टोरी पर स्थित गोवर्धन मंदिर पहुंचकर भगवान गोवर्धन की पूजा कर आरती उतारी। सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले कलाकारों की सराहना मुख्यमंत्री … Read more

किसानों को मिलेगा भावांतर योजना का लाभ: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों का कल्याण मध्यप्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए भावान्तर योजना लागू की जा रही है। किसानों को किसी भी हालत में घाटा नहीं होने देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार किसानों को सोयाबीन का उचित मूल्य दिलवाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने सोयाबीन के लिए एमएसपी प्रति क्विंटल 5328 रुपए घोषित की है। किसान संघों के सुझाव पर राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि इस वर्ष सोयाबीन के किसानों को भावान्तर का लाभ दिया जाएगा। भावांतर योजना में पंजीयन होगा आवश्यक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान पहले की भांति मंडियों में सोयाबीन का विक्रय करेगा। अगर एमएसपी से कम कीमत पर सोयाबीन बिकता है तो किसानों के घाटे की भरपाई भावान्तर योजना के तहत सरकार द्वारा की जाएगी। फसल के विक्रय मूल्य और न्यूनतम समर्थन मूल्य MSP के अन्तर की राशि सीधे सरकार देगी। उन्होंने कहा कि भावांतर योजना में किसानों के पंजीयन की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जा रही है। ऐसे होगा क्षतिपूर्ति का आकलन यदि मंडी में औसत गुणवत्ता की कृषि उपज का विक्रय मूल्य न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम हो लेकिन राज्य सरकार द्वारा घोषित औसत मॉडल भाव से अधिक हो तो किसान को केवल न्यूनतम समर्थन मूल्य और वास्तविक बिक्री मूल्य के अंतर की क्षतिपूर्ति दी जाएगी। यदि मंडी में कृषि उपज का विक्रय मूल्य राज्य सरकार द्वारा घोषित औसत मॉडल भाव से भी कम हो तो किसान को न्यूनतम समर्थन मूल्य और घोषित औसत मॉडल भाव के अंतर की क्षतिपूर्ति दी जाएगी। किसानों के साथ सदैव खड़ी है राज्य सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूर्व में भी फसलों की क्षति पर किसानों को राहत राशि प्रदान की गई है। किसान हितैषी निर्णय पहले भी लिए गए हैं। बाढ़ से प्रभावित किसानों को भी सहायता दी गई। सकंट की घड़ी में किसानों के साथ सरकार सदैव खड़ी है। पीले मोजेक से हुए नुकसान के लिए भी सर्वे करवाया जा रहा है। किसानों को प्रभावित फसलों के लिये आवश्यक राहत प्रदान की जाएगी।  

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में 75 जिलों से आए प्रदर्शकों ने दिखाई अपनी ताक़त

देशी व्यापारी और विदेशी खरीदारों का संगम बना यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में 75 जिलों से आए प्रदर्शकों ने दिखाई अपनी ताक़त ओडीओपी पवेलियन बना सबसे बड़ा आकर्षण भदोही के कालीन, मुरादाबाद का पीतल और फिरोजाबाद के ग्लासवर्क की रही धूम विदेशी प्रतिनिधियों ने परिधानों और हैंडीक्राफ्ट्स में दिखाई गहरी दिलचस्पी इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर में निवेशकों ने जताई रुचि 77 जीआई टैग उत्पादों से यूपी बना देश का जीआई कैपिटल   लखनऊ/ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) 2025 गुरुवार को वैश्विक व्यापार का मंच बन गया। आयोजन स्थल पर देशी व्यापारियों और विदेशी खरीदारों की चहल-पहल ने इसे अंतरराष्ट्रीय बाजार की जीवंत तस्वीर में बदल दिया। हर स्टाल पर उत्पादों की प्रदर्शनी के साथ व्यावसायिक चर्चा और सहयोग की संभावनाओं पर संवाद चलता रहा। कहीं विदेशी प्रतिनिधि परिधानों और कालीनों को परखते दिखे तो कहीं आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स के स्टॉल पर साझेदारी की संभावनाएं तलाशते रहे। माहौल ऐसा था मानो उत्तर प्रदेश ने अपनी परंपरा और आधुनिकता को एक ही छत के नीचे सजा दिया हो। देशी उत्पादों के प्रति आकर्षित हुए विदेशी खरीदार प्रदेश के सभी 75 जिलों से आए 2250 से अधिक प्रदर्शकों ने अपनी कला और उत्पाद पेश किए। भदोही के कालीन, मुरादाबाद के पीतल उद्योग, फर्रुखाबाद के जरी-जरदोज़ी और फिरोजाबाद के ग्लासवर्क ने विदेशी खरीदारों को आकर्षित किया। वहीं आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर के स्टॉलों पर विदेशी प्रतिनिधियों की भीड़ रही। ओडीओपी पवेलियन सबसे बड़ा आकर्षण बना, जहां जिलों की पारंपरिक पहचान को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की कोशिशें नजर आईं।   उत्तर प्रदेश अद्भुत संभावनाओं वाला प्रदेश: पीएम उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योगी सरकार की सराहना करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश अब अद्भुत संभावनाओं वाला प्रदेश है। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट की क्रांति ने यूपी को निवेशकों का केंद्र बना दिया है। प्रधानमंत्री ने ओडीओपी की चर्चा करते हुए कहा कि अब जिलों के उत्पादों की एक कैटलॉग ही अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के लिए पर्याप्त हो जाती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे अंत्योदय को राष्ट्रोदय में बदलने का अवसर बताया और कहा कि चार दिनों के भीतर ही बाजार में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। उन्होंने कहा कि सीएम युवा उद्यमी योजना से अब तक 90 हजार से अधिक युवाओं ने जॉब क्रिएटर बनने का मार्ग चुना है, जबकि विश्वकर्मा श्रम सम्मान और ओडीओपी के जरिए लाखों कारीगरों को प्रशिक्षण और बाजार मिला है।   देशी व्यापारी और विदेशी खरीदारों के बीच हुआ संवाद ट्रेड शो का सबसे बड़ा आकर्षण देशी व्यापारी और विदेशी खरीदारों के बीच हुआ संवाद रहा। कालीन निर्यातकों और विदेशी प्रतिनिधियों के बीच नए करार की संभावनाएं टटोली गईं। विदेशी प्रतिनिधियों का एक समूह इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर सेक्टर में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा करता दिखा। परिधानों और हैंडीक्राफ्ट्स के स्टॉल पर विदेशी व्यापारी गहरी दिलचस्पी दिखाते रहे। विदेशी खरीदार भारतीय परिधान पहनकर देखते नजर आए, वहीं हस्तशिल्प और परंपरागत मिठाइयों का स्वाद भी उन्होंने लिया। पूरा माहौल जीवंत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले की तरह गूंजता रहा।   यूपी विकसित भारत का ग्रोथ इंजन बनेगा: सीएम योगी मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी 77 जीआई टैग उत्पादों के साथ देश का शीर्ष जीआई कैपिटल बन चुका है और 75 नए उत्पादों को जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और रक्षा उद्योग में तेजी से हो रहे निवेश के कारण यूपी विकसित भारत का ग्रोथ इंजन बनेगा। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री दोनों ने निवेशकों से कहा कि यूपी में निवेश करना एक विन-विन स्थिति है। बेहतर कानून व्यवस्था, सड़क, रेल, हवाई और जलमार्ग कनेक्टिविटी ने इसे वैश्विक व्यापार और निवेश का आकर्षक गंतव्य बना दिया है।   उत्तर प्रदेश कर रहा लोकल टू ग्लोबल की यात्रा का नेतृत्व यूपीआईटीएस 2025 ने यह संदेश साफ कर दिया कि उत्तर प्रदेश अब केवल परंपरागत शिल्प का ही नहीं, बल्कि आधुनिक उद्योग और स्टार्टअप्स का भी वैश्विक केंद्र है। यहां देशी व्यापारियों और विदेशी खरीदारों के बीच हुए संवादों ने यह साबित कर दिया कि लोकल टू ग्लोबल की यात्रा का नेतृत्व अब उत्तर प्रदेश कर रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा – जनसमस्याओं के हल में अफसरों की भूमिका अहम

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में राज्य प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में 2024 बैच के 13 एवं 2021 बैच के एक अधिकारी शामिल थे। मुख्यमंत्री साय ने प्रशिक्षु अधिकारियों से चर्चा के दौरान कहा कि राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी प्रशासन की धुरी हैं। जनता की समस्याओं को हल करने में उनकी अहम भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि प्रशासन के साथ-साथ आपको प्रबुद्ध नागरिक के रूप में समाज की भी चिंता करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एक बेहतर समाज के निर्माण में आप सभी अपना योगदान दें। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी अधिकारियों को पदेन दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन करने के लिए शुभकामनाएँ दीं। छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के संचालक टी.सी. महावर ने मुख्यमंत्री  साय को अवगत कराया कि इन अधिकारियों का 7 अप्रैल 2025 से प्रारंभ हुआ इंडक्शन कोर्स अब समाप्त हो रहा है। इसके बाद ये सभी अधिकारी राज्य के विभिन्न जिलों में डिप्टी कलेक्टर के रूप में सेवा देंगे, जहाँ वे शासन के विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली को समझेंगे। मुख्यमंत्री साय ने प्रशिक्षु अधिकारियों से उनके प्रशिक्षण के अनुभव भी जाने। उन्होंने कहा कि यह आपका सौभाग्य है कि आपको राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी के रूप में जनता की सेवा का अवसर मिला है। यह अवसर सभी को नहीं मिलता। पूरे मनोयोग से इस अवसर का लाभ उठाते हुए निष्ठा और समर्पण के साथ अपने प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन करें। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शासन का काम जनहित की नीतियाँ बनाना है, लेकिन उनके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों पर ही रहती है। छत्तीसगढ़ एक अत्यंत समृद्ध राज्य है। यहाँ प्रचुर मात्रा में खनिज और वन संपदा है, मिट्टी उर्वरा है और पावर सेक्टर बहुत मजबूत है। राज्य के विकास में नक्सलवाद एक बड़ी रुकावट था, जो अब अपनी अंतिम साँसें गिन रहा है। हमारे जवान पूरी मुस्तैदी से नक्सलियों का मुकाबला कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का संकल्प है कि 31 मार्च 2026 तक नक्सल समस्या का उन्मूलन कर दिया जाएगा। हमारे बहादुर जवान डटकर मुकाबला कर रहे हैं। इस लक्ष्य की प्राप्ति के बाद छत्तीसगढ़ और तेजी से विकसित होगा। राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के रूप में आपकी जिम्मेदारी भी और अधिक बढ़ जाएगी। विशेष रूप से छत्तीसगढ़ में जनजातीय समाज को आगे लाने में आपकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रशासन में पारदर्शिता लाना हमारी प्राथमिकता है। छत्तीसगढ़ पहला राज्य है जहाँ सुशासन एवं अभिसरण विभाग बनाया गया है। छत्तीसगढ़ में  ई-ऑफिस प्रणाली भी लागू की गई है। छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति निवेशकों को आकर्षित कर रही है। अब तक हमें साढ़े 7 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। छत्तीसगढ़ को अग्रणी राज्य बनाने में आप सभी की भूमिका होगी। मुख्यमंत्री साय ने प्रशिक्षु अधिकारियों से चर्चा के दौरान कहा कि राजस्व मामले सीधे जनता से जुड़े होते हैं। कई बार प्रशासनिक अधिकारियों की एक छोटी-सी पहल से भी लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार राजस्व मामलों के समयबद्ध निराकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है। राजस्व प्रक्रियाओं को ऑनलाइन कर सरल बनाया जा रहा है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के संयुक्त संचालक प्रणव सिंह तथा राज्य प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी उपस्थित थे।  

‘एज ऑफ कंसेंट’ कम करना कितना सुरक्षित? जानिए दिमागी परिपक्वता, सामाजिक खतरे और वैश्विक अनुभव

नई दिल्ली तीन साल पहले तक फिलीपींस में यौन रिश्तों के लिए सहमति की उम्र महज 12 साल थी. ईसाई देश में यौन शोषण का ग्राफ इतना ऊपर पहुंच गया कि हर पांच में से एक बच्चा एक्सट्रीम हालात का शिकार होने लगा. भारी हंगामों के बाद आखिरकार साल 2022 में इसे बढ़ाते हुए 16 कर दिया गया. जापान में भी यौन संबंधों पर सहमति की उम्र 13 साल थी, जिसे कुछ वक्त पहले ही बढ़ाया गया. क्या वजह है कि बाकी देश एज ऑफ कंसेंट को बढ़ा रहे हैं और क्यों हमारे यहां इसे घटाने की चर्चा हो रही है? फिलीपींस, दुनिया के उन गिने-चुने देशों में रहा है जहां यौन सहमति की उम्र बेहद कम, केवल 12 साल थी. साल 1930 से वहां यही नियम रहा. असल में इससे पहले ये देश अमेरिकी कॉलोनी था. उसके बाद पीनल कोड रिवाइज हुआ. उस दौर के लोग मानते थे कि 12 साल की उम्र बचपन से युवावस्था की तरफ बढ़ने वाली उम्र है और लड़की शादी के लिए तैयार हो सकती है.  धर्म का भी रहा एंगल ये कैथोलिक-बहुल देश है  चर्च का मानना रहा कि शादी के बाद ही यौन संबंध बनना चाहिए. यही वजह है कि लड़कियों की जल्दी शादियां होने लगीं और उम्र बढ़ाने को लेकर गंभीर बहस नहीं हो सकी. अस्सी के दशक में पहली बार महिला अधिकारों की बात शुरू हुई लेकिन तब भी सरकार इस मुद्दे पर चुप रही. चूंकि चर्च गर्भनिरोधक और यौन शिक्षा के विरोध में रही तो एज ऑफ कंसेंट बढ़ाने की मांग दबी ही रही.  क्या नुकसान दिखने लगा टीन-एज प्रेग्नेंसी लगातार बढ़ने लगी. कोई वयस्क 13 या 14 साल की लड़की के साथ संबंध बनाकर भी साफ बच निकलता था. अब शादियां तो नहीं हो रही थीं, लेकिन रेप बढ़ रहे थे. नतीजा ये हुआ कि लाखों लड़कियां नाबालिग लड़कियां मां बन गईं. संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट कहती है कि फिलीपींस दक्षिण-पूर्व एशिया में टीन-एज प्रेग्नेंसी कैपिटल बन चुका था. खुद स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट बताती है कि साल 2020 में हर दिन लगभग 500 बच्चियां गर्भवती हो रही थीं. उनके स्कूल छूट गए और जिंदगी ठहर गई.  यूएन एजेंसियां लगातार दबाव बनाने लगीं कि फिलीपींस अपना नियम बदले. साल 2021 में यूएन की कमेटी ऑन द राइट्स ऑफ द चाइल्ड ने साफ कहा कि 12 साल में कंसेंट इंटरनेशनल मानकों के खिलाफ है. अब देश पर प्रेशर था कि उसने बात न सुनी तो मुश्किल पड़ सकती है. मातृत्व और शिशु मृत्यु दर भी बढ़ चुकी थी. तब तक 9 दशक बीत चुके थे. अब जाकर फिलीपींस को लगा कि यह कानून न सिर्फ पुराना है, बल्कि खतरनाक भी है. 12 साल की उम्र को कानूनी सहमति मानना असल में अपराधियों को बचने का रास्ता देना था. साल 2022 में इसे बढ़ाते हुए 16 साल किया गया.  विकसित देश जापान के हाल भी अलग नहीं रहे वहां का क्रिमिनल कोड 1907 से चला आ रहा था, जिसमें सहमति की उम्र 13 साल तय थी. इसका मतलब यह था कि कानूनन 13 साल की बच्ची भी यौन संबंध के लिए सहमति दे सकती थी. अगर कोई मामला अदालत में जाता, तो यौन अपराधी झूठ बोलकर बच निकलता था. यहां तक कि वहां रेप की परिभाषा तक बहुत सीमित थी. कानून कहता था कि बलात्कार तभी माना जाएगा जब जबरन यौन संबंध बनाया गया हो. पीड़िता को साबित करना पड़ता था कि उसने पूरी ताकत से विरोध किया, लेकिन फिर भी खुद को बचा नहीं पाई. अगर लड़की डर गई, चुप रही, या विरोध करने की स्थिति में न हो तो कोर्ट मान लेती थी कि ये रेप नहीं, सहमति है.  वैसे जापान में टीन-एज प्रेग्नेंसी उतनी ज्यादा नहीं थी जितनी फिलीपींस में, लेकिन छोटी बच्चियों का ऑनलाइन शोषण तेज हो चुका था. अपराधी जानते थे कि वे बच निकलेंगे. साल 2020 के समय वहां यौन अपराधों के खिलाफ भारी प्रोटेस्ट हुए. यूएन ने भी दबाव डाला कि वो सहमति की उम्र को ग्लोबल मानकों के आसपास लाए. आखिरकार दो साल पहले जापान की संसद ने नया कानून पास किया, जिसमें सहमति की उम्र 13 से बढ़ाकर 16 साल कर दी गई. साथ ही, नशे में या दबाव में बनाए गए संबंधों को रेप की कैटेगरी में डाला गया.  16 साल में कितना विकसित हो पाता है मस्तिष्क अब कई देश कंसेंट की आयु 16 से बढ़ाते हुए 18 तक जाने की सोच रहे हैं, वहीं भारत में इसे कम करने की बात हो रही है. इस पक्ष की दलील है कि कई बार टीन-एजर्स रोमांटिक रिश्ते में होते हैं लेकिन उम्र की वजह से इसे भी रेप की श्रेणी में डाल दिया जाता है और लड़कों को कड़ी सजा मिलती है.  हालांकि इसका दूसरा पहलू ज्यादा गंभीर है. 16 साल की उम्र में बच्चे शारीरिक तौर पर तो बड़े हो चुके होते हैं लेकिन ब्रेन अभी पूरी तरह डेवलप नहीं हुआ होता. खासकर, प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स,जो फैसला लेने, जोखिम समझने और भावनाओं को कंट्रोल करने का काम करता है, वो पूरी तरह बना ही नहीं होता. यानी इस उम्र के लोग इमोशनली तैयार नहीं हो सकते कि वे पूरी समझदारी से यौन संबंध बनाएं. हो सकता है कि इसके बाद वो गिल्ट ट्रिप पर चला जाए, डिप्रेशन का शिकार हो जाए या लगातार गलत रिश्तों में फंसता चला जाए. अगर एक पार्टनर बड़ी उम्र का हो तो दूसरा कम उम्र के चलते प्रेशर का शिकार भी हो सकता है. पढ़ाई छूटती है, सो अलग. यही वजह है कि सेंटर खुद मौजूदा आयु सीमा को बनाए रखने पर जोर दे रहा है.

ट्रंप की घोषणा का असर: 5 बड़ी फार्मा कंपनियों के शेयर धड़ाम

मुंबई   डोनाल्‍ड ट्रंप ने गुरुवार देर रात फार्मा समेत कई सेक्‍टर पर टैरिफ का ऐलान कर दिया.फार्मा पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने का ऐलान किया गया है, जिसका असर आज भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिल रहा है. भारतीय शेयर बाजार आज दबाव में कारोबार कर रहा है. सेंसेक्‍स 412.67 अंक गिरकर 80,747.01 पर है और निफ्टी 115 अंक गिरकर 24,776 पर कारोबार कर रहा है. वहीं फार्मा शेयर, जिनका अमेरिका में बड़ा एक्‍सपोजर है, आज बिखर गए. ट्रंप टैरिफ के ऐलान के बाद भारत के 5 फार्मा शेयर तेजी से बिखरे हैं, जिसमें अरबिंदो, ल्यूपिन, डीआरएल, सन और बायोकॉन शामिल हैं. Arvindo Pharma आज 1.91 फीसदी गिरकर 1,076 रुपये पर कारोबार कर रहा है. Lupin शेयर में करीब 3 प्रतिशत की गिरावट आई है, जो 1918.60 रुपये पर कारोबार कर रहा है. सन फार्मा के शेयर करीब 3.8 फीसदी टूटकर 1580 पर कारोबार कर रहा है. Cipla के शेयर में 2 फीसदी की गिरावट आई है. Strides Pharma Science 6 फीसदी, नैट्को फॉर्मा 5 फीसदी, बॉयोकॉन 4 फीसदी, ग्‍लैनफार्मा 3.7%, डिविलैब 3%, IPCA लैब 2.5% और Zydus life 2 % टूटे हैं. मैनकाइंड फार्मा में भी 3.30 फीसदी की गिरावट रही.  बीएसई टॉप 30 शेयरों की बात करें तो सबसे ज्‍यादा ग‍िरावट सनफार्मा के शेयर में 3.8 फीसदी की रही. इसके बाद इंफोसिस, टेक महिंद्रा और एशियन पेंट्स जैसे 25 शेयर 2 फीसदी तक टूटे हैं. बाकी 5 शेयरों में तेजी है. भारी दबाव में ये सेक्‍टर्स टैरिफ ऐलान के बाद आज फार्मा सेक्‍टर में सबसे बड़ा दबाव दिखाई दे रहा है. यह सेक्‍टर 1.80  फीसदी टूट चुका है. इसके अलावा, H-1B वीजा के कारण आईटी 1.30 फीसदी और हेल्‍थकेयर सेक्‍टर 1.50 फीसदी टूटकर कारोबार कर रहे हैं. 88 शेयर 52वीक के लो पर  बीएसई के 3,073 शेयरों में से 864 शेयरों में तेजी देखी जा रही है, जबकि 2,062 शेयर गिर हुए हैं. 147 शेयरों में कोई एक्‍शन नहीं दिखाई दे रहा है. 76 शेयरों में अपर सर्किट और 65 शेयरों में लोअर सर्किट लगा है. 88 शेयर 52 सप्‍ताह के निचले स्‍तर पर कारोबार कर रहे हैं.  निवेशकों को तगड़ा नुकसान  शेयर बाजार में गिरावट से निवेशकों को आज भी तगड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है. बीएसई मार्केट कैपिटलाइजेशन आज 454 लाख करोड़ हो चुका है, जबकि कल 457 लाख करोड़ रुपये था. इसका मतलब है कि निवेशकों को करीब 3 लाख करोड़ का नुकसान हुआ है.     

धनतेरस, दिवाली, दशहरा समेत अक्टूबर के सभी व्रत-त्योहारों की तारीखें एक क्लिक में

नईदिल्ली  साल 2025 का अक्टूबर  भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं में बेहद खास रहने वाला है. इसी महीने 1 अक्टूबर को शारदीय नवरात्र का समापन होगा. इसके बाद करवा चौथ, दशहरा, धनतेरस, दिवाली और छठ महापर्व भी मनाए जाएंगे. देश के हर हिस्से में ये सभी त्योहार बड़ी ही धूमधाम से मनाए जाते हैं. आइए अक्टूबर में आने वाले व्रत त्योहारों पर एक नजर डालते हैं. अक्टूबर में आने वाले व्रत-त्योहारों की लिस्ट 1 अक्टूबर 2025 – महानवमी शारदीय नवरात्र की महानवमी 1 अक्टूबर को मनाई जाएगी. इस दिन नवमी तिथि का कन्या पूजन किया जएगा. 2 अक्टूबर 2025 – दशहरा/विजयादशमी दशहरा अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है. इस दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध किया और माता दुर्गा ने महिषासुर पर विजय प्राप्त की. देशभर में रावण दहन और विजयादशमी उत्सव बड़े धूमधाम से मनाए जाते हैं. यह दिन बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है. 3 अक्टूबर 2025 – पापांकुशा एकादशी सनातन धर्म में पापांकुशा एकादशी का व्रत अत्यंत पुण्यदायक माना जाता है. इस दिन भगवान विष्णु की उपासना से समस्त पापों से मुक्ति मिलने की मान्यता है. 4 अक्टूबर 2025 – शनि प्रदोष व्रत शनि प्रदोष व्रत का महत्व ग्रह शांति और आयु वृद्धि में होता है. इस दिन शनि देव की पूजा और हनुमानजी की आराधना विशेष फलदायी मानी जाती है. 6 अक्टूबर 2025 – शरद पूर्णिमा शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से पूर्ण होकर अमृत की वर्षा करता है. मान्यता है कि इस दिन चंद्रमा की किरणों में औषधीय गुण होते हैं. कोजागर पूजा के दौरान देवी लक्ष्मी की आराधना से धन, वैभव और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. 7 अक्टूबर 2025 – वाल्मीकि जयंती / मीराबाई जयंती संत वाल्मीकि और भक्ति मार्ग की आदर्श महिला मीराबाई की जयंती इस दिन मनाई जाती है. ये हमें सच्चे भक्ति भाव और जीवन में नैतिकता का महत्व सिखाते हैं. 8 अक्टूबर 2025 – कार्तिक माह प्रारंभ कार्तिक माह धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र माना जाता है. इस महीने में किए जाने वाले व्रत और पूजा विशेष रूप से फलदायी माने जाते हैं. 10 अक्टूबर 2025 – करवा चौथ / संकष्टी चतुर्थी करवा चौथ विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए व्रत करती हैं. संकष्टी चतुर्थी भी इस दिन विशेष महत्व रखती है. 13 अक्टूबर 2025 – अहोई अष्टमी अहोई अष्टमी व्रत माताओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. इस व्रत में माताएं अपने बच्चों की लंबी उम्र और खुशहाल जीवन के लिए कामना करती हैं. 17 अक्टूबर 2025 – रमा एकादशी / तुला संक्रांति रमा एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है. तुला संक्रांति के दिन सूर्य तुला राशि में प्रवेश करता है, जो कृषक और व्यापारियों के लिए शुभ माना जाता है. 18 अक्टूबर 2025 – शनि प्रदोष व्रत / धनतेरस / यम दीपम धनतेरस पर मां लक्ष्मी और धन के देवता कुबेर की पूजा की जाती है. इस दिन धातु और गहनों की खरीदारी शुभ मानी जाती है. यम दीपम का उत्सव यमराज के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए मनाया जाता है. 20 अक्टूबर 2025 – नरक चतुर्दशी / लक्ष्मी पूजा / दिवाली दीवाली का पर्व इस साल 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा. यह पर्व अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है. इस दिन घरों में दीप जलाए जाते हैं और मां लक्ष्मी की पूजा कर धन, समृद्धि और सुख की प्राप्ति की जाती है. इस वर्ष दिवाली का पूजा मुहूर्त शाम 07:08 से 08:18 बजे तक रहेगा. 21 अक्टूबर 2025 – कार्तिक अमावस्या कार्तिक अमावस्या को पितरों की स्मृति में तर्पण और पितृपक्ष संबंधित धार्मिक कर्म किए जाते हैं. 22 अक्टूबर 2025 – गोवर्धन पूजा गोवर्धन पूजा पर गोवर्धन पर्वत की पूजा कर जीवन में संपन्नता और खुशहाली की कामना की जाती है. 23 अक्टूबर 2025 – भाई दूज भाई दूज भाई-बहन के प्रेम और स्नेह का पर्व है. बहनें अपने भाई की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं. 25 अक्टूबर 2025 – विनायक चतुर्थी गणपति भगवान की पूजा इस दिन की जाती है. यह दिन विशेष रूप से व्यापारियों और गृहस्थों के लिए मंगलकारी माना जाता है. 27 अक्टूबर 2025 – छठ पूजा छठ पूजा सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित होती है. यह व्रत स्वास्थ्य, समृद्धि और परिवार में खुशहाली लाने वाला माना जाता है. 31 अक्टूबर 2025 – अक्षय नवमी अक्षय नवमी को अक्षय संपत्ति और अक्षय लाभ की कामना के साथ मनाया जाता है. इस दिन की गई पूजा और दान स्थायी लाभ प्रदान करता है.

छात्राओं के स्वास्थ्य पर जोर: सरोजनी नायडू महाविद्यालय में हुआ बड़ा हेल्थ चेकअप कैंप

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने सरोजनी नायडू शासकीय कन्या महाविद्यालय भोपाल में छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि “स्वस्थ नारी – सशक्त परिवार” अभियान का मूल किशोरियों और युवतियों का संपूर्ण स्वास्थ्य है। स्वस्थ परिवार की आधारशिला महिलाओं का स्वास्थ्य है। उन्होंने कहा कि हीमोग्लोबिन जांच, पौष्टिक आहार, नियमित व्यायाम और तनावमुक्त जीवनशैली अपनाकर जीवन के लक्ष्यों को सहजता से प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे निकटतम शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में जाकर नियमित स्वास्थ्य जांच अवश्य कराएँ, जहाँ जांच, परामर्श और उपचार निःशुल्क उपलब्ध है। स्वस्थ नारी – सशक्त परिवार अभियान के अंतर्गत सरोजनी नायडू शासकीय कन्या महाविद्यालय भोपाल में विशेष स्वास्थ्य परीक्षण एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में कुल 4,518 छात्राओं की स्वास्थ्य जांच की गई। साथ ही, विषय विशेषज्ञों ने छात्राओं को स्वस्थ जीवनशैली से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान की गयीं। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने छात्राओं से कहा कि अपनी स्वास्थ्य समस्याओं को छुपाने से वे और गंभीर हो सकती हैं। इसलिए बेझिझक होकर स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं या संस्थाओं से परामर्श लेना चाहिए। विधायक भगवानदास सबनानी, माननीय महापौर श्रीमती मालती राय, मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. सलोनी सिडाना सहित स्वास्थ्य विभाग, उच्च शिक्षा विभाग और महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। शिविर में हीमोग्लोबिन, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, सिकल सेल स्क्रीनिंग, क्षय रोग तथा नेत्र रोग की जांच कर विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा परामर्श दिया गया। छात्राओं ने ‘खुल के पूछो’ कार्यक्रम में पोषण, मासिक धर्म स्वच्छता, त्वचा व सौंदर्य संबंधी प्रश्न पूछे जिनका विशेषज्ञों ने समाधान किया। स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियों के अंतर्गत स्वास्थ्य खेल, जुम्बा सत्र (थोड़ी सेहत, थोड़ी मस्ती) का आयोजन किया गया। कई छात्राओं ने स्वैच्छिक रक्तदान भी किया। शिविर में आयुष्मान भारत डिजिटल हेल्थ आईडी एवं आयुष्मान कार्ड भी बनाए गए। कुल 439 आभा और आयुष्मान कार्ड बनाए गए, 459 छात्राओं का दंत परीक्षण, 152 को मानसिक स्वास्थ्य परामर्श, 381 को आयुष एवं पोषण सेवाएँ तथा 120 की सिकल सेल टेस्टिंग की गई। साथ ही, 20 यूनिट रक्तदान भी हुआ।  

आयुर्वेद से नई उम्मीद: मध्य प्रदेश में ओजोन थेरेपी से होगा कैंसर पीड़ितों का इलाज आसान

भोपाल  कैंसर रोगियों को आधुनिक चिकित्सा पद्धति में रेडिएशन से होने वाली पीड़ा कम करने के लिए आयुर्वेद चिकित्सकों ने ओजोन थेरेपी की शुरुआत की है। इंदौर के आयुर्वेद शासकीय अस्तपताल में प्रयोग के तौर पर यह थेरेपी शुरू कर दी गई है। इसके सकारात्मक परिणाम देख प्रदेश भर के शासकीय आयुर्वेद अस्पतालों में शुरू करने की तैयारी है। दरअसल आयुष मंत्रालय ने ही इस तरह की थेरेपी का सुझाव दिया था, जिसके बाद इसे शुरू किया गया है। आयुर्वेद में ओजोन थेरेपी नई प्रक्रिया है, जिसे पारंपरिक और आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों के संतुलित मेल से विकसित किया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक, यह प्रक्रिया शरीर में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ाकर कैंसर कोशिकाओं को कमजोर करती है। वहीं शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर शरीर को बीमारी से लड़ने के लिए तैयार करती है। इसमें आयुर्वेदिक औषधियों का ही इस्तेमाल होता है। एक महीने पहले इंदौर के शासकीय अष्टांग आयुर्वेद महाविद्यालय अस्पताल में प्रायोगिक तौर पर इसे शुरू किया गया था। 50 रोगियों पर हुआ इसका प्रयोग 50 रोगियों पर इसका प्रयोग हुआ। उनमें दर्द, सूजन में कमी और जीवन स्तर में सुधार दिखा है। उसके बाद इसे कारुण्य कार्यक्रम में शामिल किया गया है, जो कैंसर, अल्जाइमर और पार्किंसन जैसे रोगों में सहायक उपचार के लिए वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों के इस्तेमाल के लिए है। अधिकारियों का कहना है कि इसी महीने से भोपाल के पंडित खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद महाविद्यालय अस्पताल में इसकी सुविधा मिलने लगेगी। उसके बाद प्रदेश के सभी सात शासकीय आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज-अस्पतालों में इसकी सुविधा मिलेगी। ऐसे काम करती है ओजोन थेरेपी विशेषज्ञों के मुताबिक ओजोन ऑक्सीजन का सक्रिय रूप है। इसे शरीर में अलग-अलग तरीकों से पहुंचाया जाता है। इसे अंतःशिरा (आईवी), इंजेक्शन, ऑटोहेमोथेरेपी, ओजोन साना और ओजोनेटेड तेल या पानी का उपयोग कर शरीर में पहुंचाया जाता है। इसका असर प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने, संक्रामक तत्वों को रोकने, दर्द और सूजन कम करने तथा कोशिकाओं के पुनर्जन्म को बढ़ावा देने में दिखता है। दूसरी बीमारियों में भी उपयोगी कैंसर के अलावा ओजोन थेरेपी का प्रयोग गठिया, घुटनों और कमर दर्द, त्वचा रोग, मधुमेह, हृदय रोग और घाव भरने की प्रक्रिया में भी कारगर पाया गया है। इंदौर में शुरू किया गया है उपचार     ओजोन थेरेपी से कैंसर के मरीजों का उपचार इंदौर में शुरू किया गया है। प्रयास है कि आने वाले समय में प्रदेश के सभी प्रमुख आयुर्वेद अस्पतालों में यह सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें। हम भी इसकी तैयारी कर रहे हैं। – डॉ. उमेश शुक्ला, प्राचार्य, पंडित खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद महाविद्यालय भोपाल।