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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश में अजीम प्रेमजी स्कॉलरशिप योजना का किया शुभारंभ

रायपुर : बेटियों की शिक्षा से पीढ़ियाँ होती हैं शिक्षित : मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश में अजीम प्रेमजी स्कॉलरशिप योजना का किया शुभारंभ प्रदेश के शासकीय विद्यालयों से 10वीं और 12वीं उत्तीर्ण करने वाली बालिकाओं को उच्च शिक्षा हेतु मिलेगी वित्तीय सहायता देश के किसी भी संस्थान में पढ़ाई के लिए बालिकाओं को मिलेंगे वार्षिक 30 हजार रुपए बेटियों की उच्च शिक्षा को मिलेगी नई उड़ान, आर्थिक दिक्कतें नहीं बनेंगी बाधा रायपुर बेटियों को शिक्षा मिलने से हमारी पीढ़ियाँ शिक्षित होती हैं। प्रदेश सरकार बेटियों की उच्च शिक्षा के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से अजीम प्रेमजी स्कॉलरशिप योजना के शुभारंभ अवसर पर यह बात कही। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अजीम प्रेमजी फाउंडेशन को बधाई देते हुए कहा कि इस छात्रवृत्ति योजना से हजारों बेटियों को अपने सपनों को साकार करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ का चहुंमुखी विकास हुआ है और इसमें बेटियों ने भी अपनी भूमिका निभाकर प्रदेश का मान बढ़ाया है। बेटियाँ आर्थिक दिक्कतों के कारण अपनी पढ़ाई अधूरी न छोड़ें—इसी उद्देश्य से यह पहल की गई है। यह योजना प्रदेश में बालिकाओं की उच्च शिक्षा में नामांकन दर को और अधिक बढ़ाने में सहायक होगी। साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ संकल्प को यह स्कॉलरशिप आगे बढ़ाएगी। इसके माध्यम से शासकीय विद्यालयों में पढ़ने वाली निम्न आय वर्ग की छात्राओं को विशेष रूप से मदद मिलेगी और वे अपनी उच्च शिक्षा जारी रख पाएँगी।  बेटियों की शिक्षा से पीढ़ियाँ होती हैं शिक्षित : मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री ने कहा कि जब बेटियाँ पढ़ती हैं तो वे केवल दो परिवारों को ही नहीं बल्कि पूरी पीढ़ियों को शिक्षित करती हैं। उन्होंने सभी महाविद्यालयों में इस योजना की जानकारी व्यापक रूप से पहुँचाने के निर्देश दिए। उल्लेखीय है कि इस योजना के तहत प्रदेश के शासकीय विद्यालयों से 10वीं एवं 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाली नियमित छात्राएँ पात्र होंगी। जो छात्राएँ शैक्षणिक सत्र 2025-26 में स्नातक के प्रथम वर्ष अथवा डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के प्रथम वर्ष में देश के किसी मान्यता प्राप्त संस्थान में प्रवेश लेंगी, उन्हें छात्रवृत्ति का लाभ मिलेगा।योजना का लाभ पाने के लिए वेबसाइट https://azimpremjifoundation.org/what-we-do/education/azim-premji-scholarship पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए कोई शुल्क नहीं लगेगा। साथ ही, क्यूआर कोड स्कैन कर भी आवेदन किया जा सकता है। आवेदन दो चरणों में स्वीकार किए जाएँगे—पहला चरण 10 सितम्बर से 30 सितम्बर 2025 तथा दूसरा चरण 10 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक। फाउंडेशन द्वारा छात्रवृत्ति योजना की पूरी प्रक्रिया नि:शुल्क संचालित की जाएगी। यदि योजना से संबंधित किसी प्रकार की धोखाधड़ी या शिकायत की जानकारी हो, तो उसे scholarship@azimpremjifoundation.org पर प्रेषित किया जा सकता है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, आयुक्त उच्च शिक्षा संतोष देवांगन, संचालक तकनीकी शिक्षा विजय दयाराम के., तथा अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के स्टेट हेड सुनील शाह उपस्थित थे।

सीएम डॉ. यादव ने पीएम मोदी के 17 सितंबर दौरे की तैयारियों का लिया जायज़ा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास में बुधवार की रात्रि को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आगामी 17 सितम्बर को धार जिले में आगमन के संबंध में की जा रही तैयारियों की विभागवार जानकारी प्राप्त की। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम की रूपरेखा की जानकारी प्राप्त कर पीएम मित्रा पार्क के शिलान्यास सहित "स्वस्थ नारी सशक्त परिवार और पोषण" अभियान के संबंध में निर्देश दिए। प्रदेश में 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक यह अभियान और स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा मनाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी की जन्मदिन के अवसर पर मध्यप्रदेश को पीएम मित्रा पार्क की सौगात मिल रही है। यह देश के सात पीएम मित्रा पार्क में से प्रथम पार्क होगा, जहां शीघ्र कार्य प्रारंभ हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस पार्क में विभिन्न औद्योगिक इकाइयों को आमंत्रित किया है। धार जिले सहित मालवा-निमाड़ अंचल के कपास उत्पादक किसानों के जीवन में पीएम मित्र पार्क निर्णायक परिवर्तन लाने का माध्यम बनेगा। बैठक में जानकारी दी गई कि पीएम मित्रा पार्क के माध्यम से एक लाख लोगों को प्रत्यक्ष और दो लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। पीएम मित्र पार्क युवाओं, महिलाओं, किसानों और निर्धन वर्ग के कल्याण की दिशा में केंद्र और राज्य सरकार की ठोस पहल है। धार जिले में आयोजित कार्यक्रम में स्वास्थ्य कियोस्क के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों का संयोजन किया गया है।  

सिर्फ चार नहीं, भारत में मिलते हैं 5 पासपोर्ट: किसके लिए कौन सा पासपोर्ट ज़रूरी?

नई दिल्ली भारत में पासपोर्ट सिर्फ विदेश यात्रा का दस्तावेज नहीं बल्कि आपके पद और उद्देश्य का भी प्रतीक है। ज्यादातर लोग सिर्फ नीले रंग के पासपोर्ट के बारे में जानते हैं लेकिन भारत में चार नहीं, बल्कि 5 तरह के पासपोर्ट जारी किए जाते हैं। हर पासपोर्ट का रंग अलग होता है और वह धारक को मिलने वाली सुविधाओं और उसकी पहचान को दर्शाता है। पासपोर्ट के प्रकार और उनका महत्व भारत में पांच तरह के पासपोर्ट जारी किए जाते हैं जिन्हें उनके रंग से आसानी से पहचाना जा सकता है: नीला पासपोर्ट: यह सबसे आम पासपोर्ट है जो सामान्य नागरिकों को जारी किया जाता है। इसका इस्तेमाल नौकरी, पढ़ाई, पर्यटन या व्यापार के लिए विदेश यात्रा करने वाले लोग करते हैं। यह पासपोर्ट धारक की पहचान एक आम नागरिक के रूप में करता है। सफेद पासपोर्ट: यह उन सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए है जो आधिकारिक काम के लिए विदेश जाते हैं। सफेद पासपोर्ट मिलने से अधिकारी को विदेश यात्रा के दौरान कुछ खास सुविधाएं मिलती हैं। इस पासपोर्ट में एक RFID चिप भी लगी होती है जो सुरक्षा के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण है। लाल या मरून पासपोर्ट: यह पासपोर्ट राजनयिकों और भारत के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों को जारी किया जाता है। राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और अन्य उच्च-पदस्थ सरकारी अधिकारियों के पास यही पासपोर्ट होता है। इस पासपोर्ट के धारकों को विदेश में काफी सम्मान और विशेष सुरक्षा मिलती है। नारंगी पासपोर्ट: यह पासपोर्ट ECR (इमीग्रेशन चेक रिक्वायर्ड) कैटेगरी के लोगों के लिए होता है। ऐसे लोगों को कुछ खास देशों में यात्रा करने से पहले आव्रजन अधिकारियों द्वारा अतिरिक्त जांच से गुजरना पड़ता है। हरा पासपोर्ट: यह पासपोर्ट विदेशी कर्मचारियों को जारी किया जाता है जो भारत में काम करते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य भारत में उनकी पहचान स्थापित करना और उनके काम को आसान बनाना है। कैसे करें आवेदन? भारत में पासपोर्ट के लिए आवेदन करना अब बहुत आसान है। आप गृह मंत्रालय के पासपोर्ट सेवा पोर्टल (www.passportindia.gov.in) पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया में आपको अपना अकाउंट बनाना होगा जरूरी दस्तावेज जैसे एड्रेस प्रूफ और पहचान पत्र अपलोड करने होंगे। इसके बाद आप अपनी सुविधा के अनुसार पासपोर्ट सेवा केंद्र (PSK) में जाकर सत्यापन के लिए अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं। आप ऑनलाइन अपने आवेदन की स्थिति को ट्रैक भी कर सकते हैं जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहती है।  

एशिया कप में भारतीय तूफान: 27 गेंद में UAE ढेर, इंग्लैंड का बड़ा रिकॉर्ड बाल-बाल बचा

दुबई  एशिया कप 2025 के दूसरे मैच में टीम इंडिया ने यूएई को 9 विकेट से रौंदकर विजयी आगाज किया है. ये मुकाबला दुबई के दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला गया. मुकाबले में टॉस जीतकर भारत ने पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था. यूएई की टीम पहले बैटिंग करते हुए महज 57 के स्कोर पर ढेर हो गई थी. कुलदीप यादव को 4 तो शिवम दुबे को 3 सफलता मिली. इसके जवाब में उतरी भारतीय टीम ने इस टोटल को 5वें ओवर में ही चेज कर लिया. यूएई की टीम जब पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी तो उसका पहला विकेट 26 के स्कोर पर गिरा. लेकिन अगले 31 रन बनाने में यूएई ने 9 विकेट गंवाए. कुलदीप ने इस मैच में 4 तो शिवम दुबे ने एक विकेट झटका. 58 रनों के जवाब में उतरी भारतीय टीम ने अभिषेक शर्मा के 16 गेंद में 30 और गिल के नाबाद 9 गेंद में 20 रनों और कप्तान सूर्या के नाबाद 7 रनों के दम पर ये मैच 4.3 ओवर में ही चेज कर लिया. भारत का अगला मैच 14 सितंबर को पाकिस्तान से होना है. T20 में इंग्लैंड का ये रिकॉर्ड टूटने से बचा टीम इंडिया के नाम जुड़ा ये खास रिकॉर्ड इस जीत के साथ भारत ने एक शानदार रिकॉर्ड अपने नाम किया है. किसी फुल मेंबर टीम द्वारा सबसे अधिक गेंदें शेष रहते टी20 जीत दर्ज करने के मामले में भारत अब दूसरे स्थान पर पहुंच गया है. यहां देखें सबसे ज्यादा गेंद रहते जीत वाले मैच… 101 गेंद शेष: इंग्लैंड बनाम ओमान, नॉर्थ साउंड, 2024 93 गेंद शेष: भारत बनाम यूएई, दुबई, 2025 90 गेंद शेष: श्रीलंका बनाम नीदरलैंड, चटगांव, 2014 90 गेंद शेष: ज़िम्बाब्वे बनाम मोज़ाम्बिक, नैरोबी, 2024 भारत का पिछला रिकॉर्ड 2021 में स्कॉटलैंड के खिलाफ दुबई में था, जब टीम ने 81 गेंद शेष रहते जीत दर्ज की थी. इस मुकाबले में अभिषेक शर्मा ने भी एक शानदार उपलब्धि हासिल की. इस मैच में अभिषेक शर्मा ने पारी की पहली ही गेंद पर छक्का जड़ा. ऐसा करने वाले वो कुछ चुनिंदा भारतीय खिलाड़ियों की लिस्ट में शामिल हो गए. भारतीय बल्लेबाज़ जिन्होंने T20I की पहली गेंद पर छक्का जड़ा रोहित शर्मा– आदिल राशिद (इंग्लैंड) के खिलाफ, अहमदाबाद, 2021 यशस्वी जायसवाल– सिकंदर रज़ा (ज़िम्बाब्वे) के खिलाफ, हरारे, 2024 संजू सैमसन– जोफ्रा आर्चर (इंग्लैंड) के खिलाफ, मुंबई WS, 2025 अभिषेक शर्मा- हैदर अली (यूएई) के खिलाफ, दुबई, 2025 ऐसा रहा ये मुकाबला मुकाबले में टॉस जीतकर भारत ने पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था. यूएई की टीम पहले बैटिंग करते हुए महज 57 के स्कोर पर ढेर हो गई थी. कुलदीप यादव को 4 तो शिवम दुबे को 3 सफलता मिली. इसके जवाब में उतरी भारतीय टीम ने इस टोटल को 5वें ओवर में ही चेज कर लिया. यूएई की टीम जब पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी तो उसका पहला विकेट 26 के स्कोर पर गिरा. लेकिन अगले 31 रन बनाने में यूएई ने 9 विकेट गंवाए. कुलदीप ने इस मैच में 4 तो शिवम दुबे ने एक विकेट झटका. 58 रनों के जवाब में उतरी भारतीय टीम ने अभिषेक शर्मा के 16 गेंद में 30 और गिल के नाबाद 9 गेंद में 20 रनों और कप्तान सूर्या के नाबाद 7 रनों के दम पर ये मैच 4.3 ओवर में ही चेज कर लिया. भारत का अगला मैच 14 सितंबर को पाकिस्तान से होना है. सूर्या ने प्लेइंग इलेवन में संजू सैमस को मौका दिया था. तिलक वर्मा भी टीम में थे. लेकिन जितेश और रिंकू को मौका नहीं मिला था.   ऐसी रही यूएई की बल्लेबाजीः पहले बल्लेबाजी करने उतरी यूएई के लिए पारी का आगाज कप्तान मुहम्मद वसीम और शराफू ने किया. पहले दो ओवर में यूएई ने धारदार बल्लेबाजी की. लेकिन चौथे ओवर में यूएई को पहला झटका लगा जब बुमराह ने शराफू को बोल्ड किया. शराफू के बल्ले से 22 रन आए. इसके बाद 5वें ओवर में वरुण चक्रवर्ती ने जोहैब को बाहर का रास्ता दिखाया. 5 ओवर के बाद यूएई का स्कोर 32-2 था. इसके बाद मुहम्मद वसीम से बड़ी उम्मीदें थीं. लेकिन कुलदीप यादव कहर बनकर बरपे. उन्होंने एक के बाद एक यूएई को झटके दिए, जिससे यूएई की पारी लड़खड़ा गई. कुलदीप के बाद शिवम दुबे ने भी गेंदबाजी से कहर बरपाया और यूएई की टीम महज 57 के स्कोर पर ढेर हो गई. यूएई का विकेट पतनः 26-1 (अलीशान शराफू, 3.4), 29-2 (मुहम्मद जोहैब, 4.4), 47-3 (राहुल चोपड़ा, 8.1), 48-4 (मुहम्मद वसीम, 8.4), 50-5 (हर्षित कौशिक, 8.6), 51-6 (आसिफ खान, 10.3), 52-7 (सिमरनजीत सिंह, 11.2), 54-8 (ध्रुव पाराशर, 12.1), 55-9 (जुनैद सिद्दीकी, 12.4), 57-10 (हैदर अली, 13.1)

मध्य प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, IAS और कलेक्टरों की लिस्ट तैयार

भोपाल पांच कलेक्टर और दो संभाग कमिश्नर बदलने के बाद सरकार कुछ प्रमुख सचिवों और कलेक्टरों को भी जल्द बदलेगी। इसकी तैयारी हो चुकी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव इसे अंतिम रूप देंगे। संभावना जताई जा रही है कि दशहरा के बाद होने वाली कलेक्टर-कमिश्नर कांफ्रेंस से पहले तबादले किए जाएंगे, क्योंकि अक्टूबर से मतदाता सूची का संक्षिप्त पुनरीक्षण का काम प्रारंभ हो जाएगा और फिर जनवरी तक तबादले नहीं किए जा सकेंगे। सरकार ने सोमवार को 14 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। इसमें इंदौर और उज्जैन में कमिश्नर पदस्थ करने के साथ इंदौर, जबलपुर, कटनी, बड़वानी और आगर मालवा के कलेक्टर बदले गए। इसके बाद भी कुछ और जिलों के कलेक्टर बदले जाने हैं। सामान्य प्रशासन विभाग (कार्मिक) प्रस्ताव तैयार कर चुका है लेकिन मुख्यमंत्री के स्तर पर अंतिम निर्णय होना बाकी है। इसी तरह अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव स्तर के कुछ अधिकारियों के दायित्व में भी परिवर्तन संभावित है। इसमें जिन अधिकारियों के पास कार्य की अधिकता है, उनसे प्रभार लेकर दूसरे अधिकारियों को दिया जा सकता है। जनसंपर्क विभाग के प्रमुख सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी देने पर विचार चल रहा है।

मध्यप्रदेश में रोजगार का सुनहरा मौका, PM मोदी 17 सितंबर को पीएम मित्रा पार्क का करेंगे उद्घाटन

 धार  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को मध्य प्रदेश के धार जिले के प्रवास पर आने वाले हैं, और वे यहां पीएम मित्रा पार्क का भूमिपूजन करेंगे। यह देश का पहला पीएम मित्रा पार्क होगा। देश में कुल सात पीएम मित्रा पार्क बनने हैं। 17 सितंबर को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है। इसी दिन वह मध्य प्रदेश को बड़ी सौगात देने वाले हैं। पीएम मित्रा पार्क का करेंगे शिलान्यास मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को मध्यप्रदेश आएंगे। प्रधानमंत्री मोदी धार जिले की बदनावर तहसील के ग्राम भैसोला में स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान का शुभारंभ, सेवा पखवाड़ा तथा यहां देश के पहले पीएम मित्रा पार्क का शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा से प्रदेश के जनजातीय बहुल मालवा अंचल में किसानों को एक बहुत बड़ी सौगात मिलने जा रही है। टेक्सटाइल इंडस्ट्री को मिलेगी पहचान मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि प्रदेश का धार, झाबुआ, उज्जैन और निमांड का खरगोन, बड़वानी सबसे बडा कपास उत्पादक क्षेत्र है। ऐसे में केंद्र सरकार की ओर से मध्यप्रदेश में कॉटन आधारित बडे इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना होने जा रही है, यह देशभर में मंजूर 7 पीएम मित्रा पार्क में से पहला पार्क है जिसका भूमि-पूजन होने जा रहा है। तीन लाख नए रोजगार के अवसर होंगे सृजित पीएम मित्रा पार्क से 1 लाख प्रत्यक्ष और 2 लाख से अधिक अप्रत्यक्ष, कुल मिलाकर 3 लाख रोजगार के अवसर सृजित होंगे। अधिकारियों के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि धार में पीएम मित्र पार्क का शिलान्यास प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करने वाला गौरवशाली क्षण होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा प्रदेश के विकास के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगा। CM ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी 17 सितंबर को 'स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार' अभियान का शुभारंभ 'सुमन सखी' चैटबॉट को भी लांच करेंगे. इसके अलावा जनजातीय स्व-सहायता समूहों से स्वदेशी उत्पादों की खरीद और यूपीआई से भुगतान, सेवा पर्व समेत आदि कर्मयोगी अभियान का शुभारंभ करेंगे.  PM मोदी 'एक बगिया मां के नाम' अभियान के तहत महिला लाभार्थियों को पौधों का वितरण, एक करोड़ सिकल सेल कार्ड के वितरण सहित स्वदेशी पखवाड़े का शुभारंभ भी करेंगे.  कार्यक्रम में लाड़ली बहनें, स्व-सहायता समूह के सदस्य, स्वास्थ्य और स्वावलंबन योजना के हितग्राही सहित टेक्सटाइल औरगारमेंट क्षेत्र के प्रमुख उद्यमी, युवा उद्यमी, महिला उद्यमी और हितग्राही मौजूद रहेंगे.  अन्य कार्यक्रम भी होंगे वहां बैठक में मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी 17 सितंबर को स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान का शुभारंभ सुमन सखी चैटबॉट को लॉन्च करेंगे। पीएम मित्रा पार्क का शिलान्यास करेंगे। जनजातीय स्व-सहायता समूहों से स्वदेशी उत्पादों की खरीद और यूपीआई से भुगतान, सेवा पर्व एवं आदि कर्मयोगी अभियान का शुभारंभ करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी एक बगिया मां के नाम अभियान के तहत महिला लाभार्थियों को पौधों का वितरण और एक करोड़ सिकल सेल कार्ड के वितरण सहित स्वदेशी पखवाड़े का शुभारंभ भी करेंगे। प्रदेश के विकास के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगा पीएम का दौरा पीएम मोदी धार जिले के दौरे पर जनजातीय स्व-सहायता समूहों से स्वदेशी उत्पादों की खरीद और यूपीआई से भुगतान, सेवा पर्व एवं आदि कर्मयोगी अभियान का शुभारंभ करेंगे. इस दौरान एक बगिया मां के नाम अभियान के तहत महिला लाभार्थियों को पौधों का वितरण और एक करोड़ सिकल सेल कार्ड के वितरण सहित स्वदेशी पखवाड़े का शुभारंभ भी करेंगे.

स्वास्थ्य में बड़ा कदम: MP में शुरू होगी ‘सीएम केयर’ योजना, सुपर स्पेशियलिटी ट्रीटमेंट अब आसान

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार सीएम केयर नामक नई स्वास्थ्य बीमा योजना( Health Insurance Scheme) शुरू करने जा रही है, जिससे 10 लाख से अधिक कर्मचारियों, अधिकारियों और पेंशनर्स को कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। कर्मचारियों के लिए 20 लाख तक और पेंशनर्स के लिए 5 लाख तक इलाज कैशलेस होगा।  मध्य प्रदेश सरकार सीएम केयर योजना प्रारंभ करेगी। इसमें पूरा जोर सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं उपलब्ध कराने को लेकर रहेगा। कैंसर, हृदय संबंधी बीमारियों के उपचार के लिए बड़े अस्पताल बनाए जाएंगे। इसमें अगले पांच वर्ष में दो हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह अभी प्रारंभिक आकलन है। परियोजना आगे बढ़ने के बाद लागत और बढ़ जाएगी। वित्त विभाग ने भी इस पर सहमति दे दी है। अब शीघ्र ही इसका प्रस्ताव कैबिनेट में लाया जाएगा। योजना के अंतर्गत जबलपुर मेडिकल कॉलेज में बने स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट को 200 बिस्तर से बढ़ाकर 600 बिस्तर का किया जाएगा। प्रदेश स्तर का एक स्टेट कार्डियोलॉजी सेंटर बनेगा, हालांकि इसके लिए अभी स्थान का चयन नहीं किया गया है। इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा और सागर मेडिकल कॉलेजों में आंकोलॉजी (कैंसर), आंको सर्जरी, कॉर्डियोलॉजी और कॉर्डियक सर्जरी विभाग प्रारंभ किए जाएंगे। मध्य प्रदेश में बढ़ रहे अंगदान सभी जगह 100-100 बिस्तर होंगे। बाद में नेफ्रोलॉजी यानी किडनी रोग और यूरोलॉजी विभाग भी प्रारंभ होंगे। अंग प्रत्यारोपण के लिए भी प्रदेश स्तरीय संस्थान बनाया जाएगा, जिसमें लिवर, किडनी, हार्ट, फेफड़ा और कार्निया ट्रांसप्लांट की सुविधा रहेगी। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में लाइव और ब्रेन डेड दोनों तरह के अंगदान बढ़ रहे हैं। सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में अंग निकालने की सुविधा चरणबद्ध तरीके से प्रारंभ की जा रही है। एक अस्पताल में अंग प्रत्यारोपण प्रारंभ होने से विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय हो सकेगा। प्रदेश में पर्याप्त सुविधाएं नहीं होने के कारण कई बार हार्ट, फेफड़ा आदि को दूसरे राज्यों में भेजना पड़ता है। वर्तमान रिम्बर्समेंट प्रक्रिया  वर्तमान में, कर्मचारियों को इलाज कराने के बाद खर्च की गई राशि के लिए अपने संबंधित विभागों में आवेदन करना पड़ता है। इसके लिए डॉक्टर या मेडिकल बोर्ड की मंजूरी आवश्यक होती है। अस्पताल में भर्ती होने पर 5 लाख तक के क्लेम की मंजूरी संभागीय अस्पताल के डीन की अध्यक्षता वाली कमेटी देती है। 5 लाख से 20 लाख तक के क्लेम के लिए उच्च स्तर की कमेटी निर्णय लेती है। बाह्य रोगी इलाज में एक साल में अधिकतम 20 हजार रुपये तक का रिम्बर्समेंट मिलता है। रिम्बर्समेंट प्रक्रिया की मुख्य समस्याएं लंबा इंतजार: रिम्बर्समेंट मिलने में महीनों लग जाते हैं, जिससे कर्मचारियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बजट की कमी: अधिकांश बजट शहरों के कर्मचारियों पर खर्च हो जाता है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों या फील्ड कर्मचारियों तक बजट नहीं पहुंच पाता। आर्थिक दबाव: इलाज के लिए कर्मचारियों को पहले खुद भुगतान करना पड़ता है, जो कई बार मुश्किल हो जाता है। जल्द ही मिलेगी मजूरी  वित्त एवं स्वास्थ्य विभाग ने योजना को लगभग अंतिम रूप दे दिया है । मुख्यमंत्री के साथ अंतिम बातचीत के बाद इसे जल्द ही कैबिनेट से मंजूरी मिल जाएगी । इस योजना के लागू होने से कर्मचारियों की पुरानी मांग पूरी होगी और इलाज की प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं सुविधा बढ़ेगी । कैबिनेट में आएगा प्रस्ताव     सीएम केयर योजना के तहत मुख्य रूप से मध्य प्रदेश में सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं को सुदृढ़ किया जाएगा। इसमें कई तरह की सेवाओं को शामिल किया जाएगा। अभी इसका प्रस्ताव कैबिनेट में जाना है। इससे सुपर स्पेशियलिटी की सीटें भी बढ़ेंगी। – संदीप यादव, प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा।  

राजनीति के खेल में दिग्गज नेता पीछे, निगम-मंडलों की नियुक्तियों से BJP के नेता कर रहे वापसी

भोपाल  मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कई दिग्गज नेता, जो कभी प्रदेश की राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ के लिए जाने जाते थे, आज हाशिए पर हैं. इन नेताओं को अब निगम-मंडलों और अन्य नियुक्तियों के जरिए फिर से राजनीति की मुख्य धारा में लौटने की उम्मीद है. पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा, अरविंद भदौरिया, उमा शंकर गुप्ता, कमल पटेल, गौरी शंकर विशेन, जयभान सिंह पवैया सहित कई अन्य नेता इस कतार में शामिल हैं. ये नेता पार्टी में अपनी पुरानी प्रतिष्ठा को पुनर्जनन देने की कोशिश में हैं. कांग्रेस प्रवक्ता ने इस स्थिति पर तंज कसते हुए कहा है कि भाजपा ने अन्य दलों से इतने नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल किया है कि अब पार्टी “ओवरलोडेड” हो गई है. इसके चलते भाजपा के कई पुराने और प्रमुख नेता हाशिए पर चले गए हैं. उन्होंने दावा किया कि यह भाजपा में कोई नया चलन नहीं है. पहले भी कई दिग्गज नेताओं को पार्टी ने साइडलाइन किया है. कांग्रेस का कहना है कि भाजपा की यह रणनीति उसके अपने नेताओं के लिए ही चुनौती बन रही है. वहीं, भाजपा प्रवक्ता ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी में हर कार्यकर्ता के लिए उचित दायित्व होता है. कुछ जिम्मेदारियां ऐसी होती हैं, जो सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आतीं, लेकिन नेता पार्टी के लिए लगातार काम करते रहते हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा में किसी को हाशिए पर रखने की बात नहीं होती. समय, परिस्थिति और योग्यता के आधार पर नेताओं को जिम्मेदारियां सौंपी जाती हैं. प्रवक्ता का कहना है कि पार्टी अपने सभी नेताओं का सम्मान करती है और उनकी सेवाओं का उपयोग उचित समय पर किया जाता है. भाजपा के इन दिग्गज नेताओं की नजर अब निगम-मंडलों और अन्य महत्वपूर्ण नियुक्तियों पर है. ये नियुक्तियां न केवल उनकी राजनीतिक सक्रियता को पुनर्जनन दे सकती हैं, बल्कि उन्हें फिर से सुर्खियों में ला सकती हैं. पार्टी संगठन जल्द ही इन नियुक्तियों पर फैसला ले सकता है, जिससे इन नेताओं की राजनीतिक वापसी की राह आसान हो सकती है.

मध्यप्रदेश ने आंगनवाड़ी भवन निर्माण में बनाया रेकॉर्ड, पीएम-जनमन कार्यक्रम में मिली सराहना

 विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा, भारिया और सहरिया समुदाय को मिलेगा लाभ भोपाल प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय अभियान (PM-JANMAN) के अंतर्गत मध्यप्रदेश ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा, भारिया और सहरिया समुदाय के लिये स्वीकृत 217 आंगनवाड़ी भवनों में से 100 भवनों का तय समय-सीमा से पहले निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इस उपलब्धि के साथ मध्यप्रदेश योजना के क्रियान्वयन में देश का अग्रणी राज्य बन गया है। निर्धारित लक्ष्य की दिशा में ठोस कदम उठाते हुए प्रथम चरण में बड़ी प्रगति दर्ज करते हुए शेष 117 आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण 31 मार्च 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। पीएम जन-मन का लक्ष्य और महत्व भारत सरकार द्वारा वर्ष 2024 से 2026 के बीच संचालित बहुउद्देशीय पीएम-जनमन अभियान का मुख्य उद्देश्य विशेष पिछड़ी जनजातीय समूहों बैगा, भारिया और सहरिया समुदायों को शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं से जोड़ना है। इस अभियान में नये आंगनवाड़ी केंद्रों का निर्माण, पक्के भवनों की व्यवस्था और पूरक पोषण आहार का नियमित प्रदाय सुनिश्चित किया जा रहा है। इन आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा, बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा एवं पोषण मिलेगा, साथ ही जनजातीय समुदायों के समग्र विकास को प्रोत्साहन मिलेगा। जिलेवार निर्माण और निवेश शिवपुरी जिले में 39, श्योपुर में 37, शहडोल में 29, उमरिया में 23, गुना में 14, डिंडौरी में 12, अशोकनगर में 11, अनूपपुर में 7, मंडला एवं दतिया में 6-6, विदिशा, बालाघाट, ग्वालियर एवं सीधी में 5-5, जबलपुर एवं छिंदवाड़ा में 4-4, मुरैना में 2 तथा कटनी, भिंड और रायसेन में 1-1 आंगनवाड़ी भवन स्वीकृत किए गए हैं। प्रत्येक भवन पर लगभग 12 लाख रुपये का व्यय किया जा रहा है। सामाजिक-आर्थिक विकास का मजबूत आधार यह पहल जनजातीय बहुल इलाकों में नई उम्मीद और बदलाव की शुरुआत है। आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण केवल भौतिक संरचना नहीं बल्कि सामाजिक-आर्थिक विकास का मजबूत आधार भी है। इनके माध्यम से जहां बच्चों को बेहतर पोषण और शिक्षा उपलब्ध होगी, वहीं महिलाओं के स्वास्थ्य एवं सशक्तिकरण में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा। प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय अभियान का यह चरण देश में जनजातीय कल्याण के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में देखा जा रहा है और मध्यप्रदेश ने इसे लागू करने में अग्रणी भूमिका निभाई है।  

मोहन भागवत का इंदौर आगमन, 13 सितंबर को करेंगे पुस्तक विमोचन; 8 महीने में चौथा दौरा

इंदौर  RSS (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) के प्रमुख डॉ. मोहन भागवत 13 सितंबर को इंदौर में रहेंगे। सरसंघचालक भागवत का यह इंदौर में साल का चौथा दौरा है। इस बार मोहन भागवत इंदौर में पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में शामिल होने आ रहे हैं। भागवत 14 सितंबर रविवार शाम तक इंदौर में रहेंगे। रविवार दोपहर 3.15 बजे स्थानीय ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे। सूत्रों की माने तो मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, राज्य मंत्रिमंडल के कई सदस्य और कुछ गणमान्य लोग भी समारोह में उपस्थित रहेंगे। बता दें की पटेल ने यह पुस्तक अपनी नर्मदा परिक्रमा के दौरान लिखी थी। उन्होंने दो बार 1994 और 2007 में पैदल नर्मदा परिक्रमा की थी। संघ प्रमुख का यह चौथा दौरा संघ प्रमुख का पिछले 8 महीने में यह चौथा इंदौर का दौरा है। इससे पहले वह 3 जनवरी 2025, 13 जनवरी 2025 और 10 अगस्त 2025 में इंदौर आ चुके हैं। इस साल इन कार्यक्रम में आ चुके हैं संघ प्रमुख     डॉ. मोहन भागवत इस साल सबसे पहले 3 जनवरी को इंदौर आए थे। वह इंदौर में आरएसएस के शताब्दी कार्यक्रम स्वर शतकम में हुए शामिल थे। इस दौरान उन्होंने कहा था कि हर अग्रपंक्ति में हमारा देश होना चाहिए। ऐसा भारत संघ के कार्य से खड़ा होगा और इसलिए संघ कार्य में जो करना आवश्यक होगा, वह मैं करूंगा।     दूसरी बार डॉ. भागवत इंदौर में 13 जनवरी को आए थे। इस दौरान उन्होंने इंदौर में श्री रामजन्म भूमि तीर्थ ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय को देवी अहिल्या राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया था। तब उन्होंने कहा था कि लोग पूछते थे कि राम मंदिर क्यों जरूरी? रोजगार, गरीबी, स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाओं की बात क्यों नहीं करते। मैं कहता था कि रोजगार, खुशहाली का रास्ता भी राम मंदिर से होकर जाता है। हमने हमेशा समाजवाद, रोजगार, गरीबी की बात की, लेकिन क्या हुआ। हमारे साथ चले जापान-इजराइल आज कहां से कहां पहुंच गए।     तीसरी बार संघ प्रमुख 10 अगस्त यानी रक्षाबंधन के दूसरे इंदौर में आए थे। इस दौरान मोहन भागवत ने 96 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हुए कैंसर केयर हॉस्पिटल का उद्घाटन किया था। तब भागवत ने सभी जाति-बिरादरी के प्रमुखों से कमजोर वर्गों को ऊपर उठाने के लिए मिलकर प्रयास करने की अपील की। उन्होंने कहा देश में आज शिक्षा और स्वास्थ्य आम लोगों की पहुंच से बाहर हो गए हैं। इन दोनों ही सेवाओं को कमर्शियल बना दिया गया है।