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सुपरमार्केट्स को मिली GST छूट, छोटे दुकानदारों को छोड़ दिया बाहर

 ग्वालियर  जीएसटी कम होने के बाद मंगलवार को कांच मिल क्षेत्र के निवासी बीपी श्रीवास्तव ने दुकान से घी का पैकेट खरीदा। घी का पैकेट 595 रुपए में दुकानदार ने दिया। पहले भी उन्हें घी का पैकेट इतनी ही कीमत में मिलता था। जब उन्होंने दुकानदार से जीएसटी कम करके घी देने के लिए कहा तो उसने कहा कि अभी तो पुरानी रेट में ही मिलेगा। जब हमें कम कीमत पर मिलेगा तब हम भी आपको कम कीमत पर देंगे। ऐसा केवल एक व्यक्ति के साथ नहीं हो रहा है, बल्कि शहर में बड़े सुपर मार्केट या डिपार्टमेंटल स्टोर को छोड़ दें, गली मोहल्लों सहित अन्य जगहों की दुकानों पर जीएसटी कम होने के बाद भी सामान पुरानी कीमत या एमआरपी पर ही मिल रहा है। बिस्किट हो, चिप्स का पैकेट हो या अन्य ऐसी ही कोई पैक्ड सामग्री हो, उपभोक्ताओं को जीएसटी की छूट लागू होने के दो दिन बाद भी एमपीआरपी पर ही मिल रहे है। ऐसे में अभी लोगों को जीएसटी कम होने से कम ही राहत मिल पा रही है। सुपर मार्केट या डिपार्टमेंटल स्टोर पर क्यों मिल रही है छूट     सुपर मार्केट या डिपार्टमेंटल स्टोर न केवल जीएसटी में रजिस्टर्ड हैं, बल्कि वे बिलिंग भी सॉफ्टवेयर से करते हैं। ऐसे में उनके साफ्टवेयर में जीएसटी कम कर दिया गया है। इसलिए इन स्टोर पर लोगों को कम कीमत में सामान मिल रहा है। जबकि छोटी व गली मोहल्लों की दुकानों में से अधिकतर जीएसटी में रजिस्टर्ड ही नहीं है, साथ ही इन दुकानों पर बिलिंग के लिए किसी तरह का साफ्टवेयर भी उपयोग नहीं करते। ऐसे में ये दुकानदार अभी भी जीटएसटी कम होने के बाद भी पुरानी एमआरपी पर ही चीजें बेच रहे हैं। शहर में अधिकतर दुकानदारों को सामान डिस्ट्रीब्यूटर या उनके एजेंट ही सप्लाई करते हैं। ये लोग सीधे सीधे कच्चे बिल पर ही माल सप्लाई करते हैं। ऐसे में दुकानदारों का कहना है कि एजेंट या डिस्ट्रीब्यूटर को तो हम माल के पैसे दे चुके हैं, अब वो वापस नहीं करेगा। इसलिए जब तक पुराना माल है तब तक पुरानी ही कीमत में बेचेंगे। जिन मेडिकल स्टोरों पर कंप्यूटर से बिलिंग हो रही है वहां पर लोगों को दवाओं पर जीएसटी से राहत मिल रही है। हालांकि मेडिकल स्टोर वाले अब पहले जो 10 से 15 प्रतिशत डिस्काउंट दवा पर देते थे, वह नहीं दे रहे हैंं। ऑनलाइन ग्रोसरी का सामान बेचने वाली कंपनियों ने भी कीमत घटाई ऑनलाइन ग्रोसरी सहित अन्य आयटम बेचने वाली कंपनियों ने अपने यहां सभी सामग्रियों की कीमतों को जीएसटी कटौती के मुताबिक घटा दिया है। आर्डर मिलने के बाद वे तुरंत डिलेवरी भी दे रही हैं। ऐसे में लोग अब दुकानों से पुरानी दरों की जगह ऑनलाइन चीजें मंगा रहे हैं। दुकानदारों की यह भी समस्या गोले का मंदिर चौराहे पर एक दुकानदार से जब 5 रुपए का बिस्किट पैकेट और एक 10 रुपये का चिप्स का पैकेट लिया गया और उससे जीएसटी कम करने की बात की तो उसने कहा कि माल नहीं बेच पाएंगे, क्योंकि आप तो 5 और 10 का सिक्का या नोट दोगे। बिस्किट पर 20 पैसे कम होंगे और चिप्स पर 40 पैसे। ऐसे में अब 60 पैसे मैं कहां से लाउंगा। ये सिक्के तो अब चलन में भी नहीं है। इस वजह से 5 से लेकर 50 रुपये की चीजें पुरानी कीमतों पर ही बिक रही हैं। क्या कहते हैं दुकानदार     पांच से दस रुपये या सौ रुपये तक के पैकेट पर जीएसटी कम करके बेचें भी, लेकिन छोटे सिक्के चलन में नहीं है। ऐसे में इन चीजों को एमआरपी पर ही बेचना पड़ रहा है। जिन चीजों पर 20 से 30 या अधिक राशि छूट की होती है उसमें जरूर कम करते हैं। – प्रमोद जैन, किराना दुकानदार जब नया स्टॉक आएगा तभी कम करेंगे     अभी तक घर के उपयोग की जो भी चीजें खरीदी हैं, उन वे सभी एमपीआरपी या पुरानी दर पर मिल रही थी, उसी पर मिल रही हैं। दुकानदार कह देते हैं, जब नया स्टॉक आएगा तभी ही कम पर मिलेंगी। – सुधीर झा, निवासी मुरार क्या कहते हैं व्यापारी संघ के पदाधिकारी     जब भी नई व्यवस्था होती है तो उसमें स्थिरता आने में समय लगता है। वर्तमान में जीएसटी का फायदा 5 हजार रुपये से अधिक की खरीदारी पर ही दिखेगा। दुकानदारों के पास 10 से 15 दिन या एक महीने का ही स्टाक होगा। तब तक छोटे आयटमों पर ही जीएसटी का फायदा आम आदमी को नहीं मिलेगा। लेकिन एक महीने में यह व्यवस्था पूरी तरह से सेटल हो जाएगी। इसके बाद सभी को राहत मिलेगी और बचत होगी। – प्रवीण अग्रवाल, अध्यक्ष चैंबर ऑफ कॉमर्स  

जनता को मिल सकती है और राहत, PM मोदी ने दिए GST में और कटौती के संकेत

 नोएडा नवरात्रि के पहले दिन (22 सितंबर) गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) में भारी कटौती का तोहफा देने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक और खुशखबरी दी है। पीएम मोदी ने भविष्य में टैक्स में और ज्यादा कमी का संकेत दिया है। पीएम मोदी ने कहा कि अर्थव्यवस्था की मजबूती के साथ टैक्स कम होता जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि 2014 में एक लाख की खरीदारी पर करीब 25 हजार का टैक्स लगता था, जो अब घटकर 5-6 हजार रह गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपी इंटरनेशल ट्रेड शो का आगाज करते हुए गुरुवार को जीएसटी में हुई कटौती और इससे हो रही बचत का विस्तार से जिक्र किया। उन्होंने भविष्य में भी इसमें कमी का संकेत देते हुए कहा, 'आज देश जीएसटी बचत उत्सव मना रहा है। मैं आपको बताना चाहता हूं हम यहीं नहीं रुकने वाले। 2017 में हम जीएसटी लाए, आर्थिक मजबूती का काम किया। 2025 में फिर से लाए, फिर आर्थिक मजबूती करेंगे और जैसे-जैसे आर्थिक मजबूती होगी टैक्स का बोझ कम होता जाएगा। देशवासियों के आशीर्वाद से जीएसटी रिफॉर्म का सिलसिला निरंतर चलता रहेगा।' पीएम मोदी ने कहा कि 2014 से पहले इतने सारे टैक्स थे। एक प्रकार से टैक्स का जंजाल था। उसके कारण बिजनेस की कॉस्ट और परिवार का बजट दोनों ही कभी भी संतुलित नहीं हो पाते थे। एक हजार रुपये की शर्ट पर 117 रुपये टैक्स लगता था। 2017 में जब हम जीएसटी लाए तो पहले जीएसटी में 170 रुपये से कम होकर 50 हो गया और अब 22 सितंबर के बाद उसी शर्ट पर सिर्फ 35 रुपये देने होंगे। 2014 में टूथपेस्ट, तेल शैंपू आदि पर कोई 100 रुपये खर्च करता था तो 31 रुपये टैक्स लगता था। 2017 में टैक्स 18 रुपये रह गया। अब यही सामान 105 रुपये में मिलेगा। 131 रुपये का सामान एक 105 पर आ गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर कोई परिवार 2014 से पहले साल में एक लाख रुपये का सामान खरीदता था तो उसे उस समय में करीब 25 हजार रुपये टैक्स देना पड़ता था। लेकिन अब नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी के बाद करीब 5-6 हजार रुपये टैक्स ही देना पड़ेगा। क्योंकि जरूरत के ज्यादातर सामान पर अब सिर्फ पांच फीसदी जीएसटी हो गया है। ट्रैक्टर से स्कूटर तक सस्ता पीएम मोदी ने कहा कि 2014 से पहले एक ट्रैक्टर खरीदने पर 70 हजार रुपये से अधिक टैक्स देना पड़ता था। अब उसी ट्रैक्टर पर सिर्फ 30 हजार का टैक्स देना पड़ता है। किसान को एक ट्रैक्टर पर 40 हजार की बचत हो रही है। थ्री व्हीलर पर तब 55 हजार का टैक्स लगता था, अब उसी पर जीएसटी करीब 35 हजार रह गया है। सीधे 20 हजार की बचत। जीएसटी कम होने की वजह से स्कूटर 2014 की तुलना में 8 हजार और मोटरसाइकिल 9 हजार सस्ती हो गई है। गरीब और मिडिल क्लास सबकी बचत हुई है। कांग्रेस पर जोरदार हमला पीएम मोदी ने टैक्स छूट का विस्तार से जिक्र करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'कुछ राजनीतिक दल देश के लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। 2014 से पहले जो सरकार चला रहे थे उसकी नाकामियां छिपाने के लिए कांग्रेस और उसके साथी दल जनता से झूठ बोल रहे हैं। सच यह है कि कांग्रेस सरकार में टैक्स की लूट थी और लूटे धन में से भी लूट होती थी। आम नागरिक को टैक्स की मार से निचोड़ा जा रहा था। हमारी सरकार ने टैक्स और महंगाई को कम किया है। देश के लोगों की आमदनी और बचत बढ़ाई है। कांग्रेस सरकार में 2 लाख रुपये की आमदनी तक इनकम टैक्स माफ था, आज 12 लाख रुपये की आमदनी टैक्स फ्री है। इनकम टैक्स और जीएसटी में छूट से लोगों को ढाई लाख करोड़ की बचत हुई है।'

जीएसटी सुधारों से बढ़ेगा निवेशकों का विश्वास: रायपुर में बोले वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी

जीएसटी पर कटौती का लाभ आम जनता तक पहुँचाने हेतु राज्य जीएसटी का विशेष अभियान रायपुर छत्तीसगढ़ में जीएसटी दरों में कटौती का लाभ सीधे जनता तक पहुँचे, इसके लिए राज्य सरकार ने विशेष अभियान शुरू किया है। वित्त मंत्री  ओ. पी. चौधरी ने आज राजधानी के विभिन्न बाजारों का दौरा कर दुकानदारों और उपभोक्ताओं से संवाद किया तथा सुधारों का असर ज़मीनी स्तर पर सुनिश्चित करने की बात कही। इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा भी उपस्थित थे। वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि जीएसटी सुधारों का असर सीधे जनता तक पहुँचना ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि राज्य जीएसटी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिये गये हैं कि वे प्रत्येक बाजार का नियमित भ्रमण करें और यह सुनिश्चित करें कि कटौती का लाभ केवल कागज़ों तक सीमित न रहे, बल्कि उपभोक्ताओं की जेब तक पहुँचे। उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ शासन का दृढ़ संकल्प है कि जीएसटी दरों के सरलीकरण और कटौती से आम जनता को सीधा लाभ मिले। सरकार की प्रतिबद्धता है कि लोगों को आवश्यक वस्तुएँ और भी किफायती दामों पर उपलब्ध हों तथा सुधारों का असर हर घर-परिवार में स्पष्ट रूप से महसूस किया जा सके। वित्त मंत्री ने कहा कि 22 सितंबर 2025 से नवरात्रि के पावन अवसर पर ‘जीएसटी बचत उत्सव’ की शुरुआत की गई है। इस उत्सव के अंतर्गत आमजन के उपयोग की वस्तुओं पर उल्लेखनीय कमी की गई है। इसमें हेयर ऑयल, साबुन, शैम्पू, इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक सामान, साइकिल, छोटी कारें, एयर कंडीशनर, टीवी, ट्रैक्टर जैसी कई घरेलू वस्तुएँ शामिल हैं। इन सभी पर आम जनता को सीधी राहत दी जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि वे बाजारों में भ्रमण के दौरान व्यापारी बंधुओं को दरों में कमी की पूरी जानकारी दें और उपभोक्ताओं से सीधा संवाद स्थापित करें। उन्हें यह समझाना आवश्यक है कि जीएसटी दरों में कटौती से वस्तुओं के दाम घटे हैं और यह राहत उपभोक्ताओं तक पहुँचना ही इस सुधार का उद्देश्य है। वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि “जीएसटी बचत उत्सव केवल एक औपचारिक पहल नहीं है, बल्कि यह जनसामान्य के जीवन स्तर को सुधारने का एक ठोस प्रयास है। यह पहल राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देगी, उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ाएगी और व्यापार को भी प्रोत्साहित करेगी।” उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करते हुए जीएसटी दरों में कटौती और सरलीकरण की घोषणा की थी। इसके पश्चात् जीएसटी कौंसिल की 56वीं बैठक में लिये गये निर्णय के अनुसार 22 सितंबर 2025 से ये प्रावधान पूरे देश में लागू हो चुके हैं।

जीएसटी दरों के कम होने से वस्तुएं सस्ती होंगी, आम उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति बढ़ेगी

 सुरेश कुमार खन्ना ने प्रदेश में जीएसटी की दरों में कमी का लाभ सीधे उपभोक्ताओं को मिले, यह जानने मार्केट पहुंचकर दुकानदारों एवं व्यापारियों से मुलाकात की जीएसटी दरों के कम होने से वस्तुएं सस्ती होंगी, आम उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति बढ़ेगी वित्त मंत्री ने आम उपभोक्ताओं को घटायी गयी जी0एस0टी0 दरों का लाभ देने के लिए कारोबारी व व्यापारियों से अपील की  लखनऊ उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री  सुरेश कुमार खन्ना ने प्रदेश में जीएसटी की दरों में कमी का लाभ 22 सितम्बर से सीधे आम जनता को मिले, यह जानने के लिए उन्होंने सोमवार को लखनऊ के अमीनाबाद मार्केट पहुंचकर वहां के दुकानदारों एवं व्यापारियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कारोबारियों और ग्राहकों से संवाद कर जी0एस0टी0 की नई दरों पर उनकी प्रतिक्रिया जानी। व्यापारियों एवं ग्राहकों में जीएसटी की नई दरों में कमी को लेकर काफी उत्साह है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी को अपनाये, स्वदेशी में संतुष्टि ज्यादा है। सभी व्यापारी स्वदेशी वस्तुओं को बेचने और उपभोग पर अधिक जोर दें। वित्त मंत्री ने कहा कि शारदीय नवरात्रि के पहले दिन प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में जी0एस0टी0 की कम दरों को पूरे देश में लागू कर दी गई हैं। जी0एस0टी0 में यह अब तक का सबसे बड़ा रिफॉर्म है। कई वस्तुओं और सेवाओं में कर की दरों को पांच प्रतिशत या शून्य कर दिया गया है। उन्होंने अपील की कि इसका लाभ आम उपभोक्ताओं को मिले, इसके लिए कारोबारी व व्यापारी डबल इंजन सरकार द्वारा घटायी गयी जी0एस0टी0 दरों का लाभ ग्राहकों को उपलब्ध कराएं। कीमतों में कमी आने से वस्तुओं की बिक्री में वृद्धि होगी, जिसके परिणामस्वरूप कारोबार और बाजार में मजबूती आयेगी। इण्डस्ट्री का पहिया तेजी से घूमेगा और रोजगार बढ़ेगे। इस प्रकार देश एवं प्रदेश की आर्थिक स्थिति में मजबूती आयेगी। वित्त मंत्री  सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि जी0एस0टी0 सुधार प्रधानमंत्री जी की ओर से देशवासियों को दीपावली का उपहार है। जी0एस0टी0 की घटी दरें रोजगार बढ़ाने में सहायक सिद्ध होंगी। इन दरों के कम होने से वस्तुएं सस्ती होंगी, इससे आम उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति बढ़ेगी। क्रय शक्ति बढ़ने से मांग बढ़ेगी। मांग बढ़ने से खपत में वृद्धि होगी, जिसके परिणामस्वरूप उत्पादन बढ़ेगा और उत्पादन बढ़ने से नए रोजगार सृजित होंगे।  

जीएसटी कटौती का मिडिल क्लास पर असर: जानें महीने के बचत के आंकड़े

नई दिल्‍ली  22 सितंबर यानी आज से जीएसटी का नया रेट लागू हो गया है. जीएसटी परिषद ने 3 सितंबर को हुई बैठक में कार से लेकर किचन तक की चीजों पर जीएसटी की दरें घटा दी हैं. ज्‍यादातर चीजों पर जीएसटी दरें घटने से कीमतों में भी कटौती हो गई है. इसका सबसे ज्‍यादा लाभ मिडिल क्‍लास को बताया जा रहा है. नई दरें लागू होने के साथ ही यह सवाल भी लोगों के मन में घूम रहा है कि कीमतों में कटौती होने के बाद मिडिल क्‍लास का हर महीने आखिर कितना पैसा बचेगा. सबसे पहले बात करते हैं वाहन की. त्‍योहारी सीजन शुरू हो गया है और मिडिल क्‍लास इसी समय बाइक और कार की खरीदारी करता है. कार, दोपहिया और थ्री-व्‍हीलर्स पर जीएसटी की दरें 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दी गई हैं, जबक‍ि साइकिल पर जीएसटी की दर 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 1 लाख रुपये की बाइक पर सीधे 10 हजार रुपये की बचत होगी. 6 से 8 लाख रुपये की कार खरीदने पर भी 60 से 80 हजार रुपये की सीधी बचत हो जाएगी. अगर कोई ऑटो रिक्‍शा खरीदता है तो 3 लाख रुपये के वाहन पर सीधे 30 हजार रुपये की बचत हो जाएगी. वाहनों के कलपुर्जों पर भी जीएसटी की दर 28 से घटकर 18 फीसदी हो गई है, तो इनके मेंटेनेंस पर भी बचत होती रहेगी. रोजमर्रा के सामान पर कितना पैसा बचेगा रोजमर्रा की जरूरी चीजों में शामिल साबुन, टूथपेस्‍ट, शैम्‍पू, हेयर ऑयल, टूथ पाउडर आदि पर जीएसटी की दर घटकर 5 फीसदी हो गई है. इसके अलावा डायपर, बेबी बॉटल, किचन के बर्तन, सिलाई मशीन, माचिस और मोमबत्‍ती भी सस्‍ती हो गई है. अगर एक मिडिल क्‍लास परिवार इन चीजों पर महीने में 5 हजार रुपये खर्च करता था, तो अब उसे सीधे 500 रुपये की बचत होगी. खाने-पीने के सामान पर कितनी बचत दूध, पनीर, मक्‍खन, घी, चॉकलेट, बिस्‍कुट, नमकीन, पास्‍ता, नूडल्‍स और जूस आदि पर भी जीएसटी घटकर 5 फीसदी हो गया है. इसका मतलब है कि अगर कोई मिडिल क्‍लास पारिवार इन चीजों पर 8 से 10 हजार रुपये हर महीने खर्च करता है तो उसे निश्चित रूप से 800 से 1,000 रुपये की बचत होगी. बिस्‍कुट चॉकलेट 15 फीसदी सस्‍ता हो गया है, जबकि नारियल पानी 5 से 6 रुपये प्रति लीटर सस्‍ता हुआ है. पढ़ाई-लिखाई और इलाज पर कितनी बचत स्‍टेशनरी के सामान जैसे नोटबुक, मैप, पेंसिल, क्रेयॉन्‍स और कटर आदि को भी 12 फीसदी से घटाकर शून्‍य या 5 फीसदी कर दिया गया है. इस लिहाज से देखा जाए तो जो स्‍कूल किट पहले 1,000 रुपये की आती थी, अब 850 रुपये में मिल जाएगी. इसका फायदा सिर्फ यूपी के ही 4.3 करोड़ स्‍कूली बच्‍चों को होगा. जीएसटी परिषद ने जरूरी दवाओं को भी 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी में कर दिया है. रेयर डिजीज और कैंसर जैसी दवाओं पर जीएसटी को पूरी तरह खत्‍म कर दिया गया है. जांच किट और मेडिकल सप्‍लाइज को भी 5 फीसदी स्‍लैब में डाल दिया गया है. चश्‍मे को भी 18 से घटाकर 5 फीसदी में डाल दिया गया है. इसका मतलब है कि अब 1,000 रुपये की दवाओं पर 70 से 100 रुपये कम हो जाएंगे. मकान बनवाने पर कितना पैसा बचेगा सीमेंट पर जीएसटी 28 से घटाकर 18 फीसदी कर दिया गया है, जिसका फायदा गांव और शहर दोनों जगहों पर मकान बनवाने वालों को होगा. पहले जिस मकान को बनाने में 50 हजार की सीमेंट लगती थी, अब उस पर 5 हजार की सीधी बचत होगी. मार्बल, ग्रेनाइट, बांस और अन्‍य लकड़ी के सामान पर भी जीएसटी रेट कम हो गया है और ये सामान सस्‍ते हो जाएंगे. सीधे तौर पर देखा जाए तो 50 लाख रुपये के मकान पर 3 से 4 लाख रुपये की बचत होगी. इलेक्‍ट्रॉनिक सामान और घरेलू उपकरण 32 इंच के टीवी, एसी, डिशवॉशर और मॉनिटर पर जीएसटी 28 से घटकर 18 फीसदी हो गया है. इसका मतलब है कि 40 हजार का टीवी अब 4 हजार रुपये सस्‍ता मिलेगा. इसी तरह, 35 हजार के एसी पर 3,500 रुपये की बचत होगी. 60 हजार रुपये सोलर वॉटर हीटर पर जीएसटी 5 फीसदी होने से अब 7 हजार की सीधी बचत हो जाएगी. इससे दिवाली में इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स सामानों की खरीदारी सस्‍ती पड़ेगी.

आज से महंगाई पर ब्रेक! ब्रेड, दूध और पनीर समेत 20 चीजों पर GST छूट

मुंबई  देश में GST 2.0 लागू हो गया है और आज नवरात्रि के पहले दिन 22 सितंबर से ऐसे तमाम सामानों के दाम घट गए हैं, जिन्हें देश का आम आदमी लगभग हर रोज खरीदता है. इनमें दूध, ब्रेड से लेकर मक्खन-पनीर तक शामिल हैं. जीएसटी सुधार लागू होने से पहले रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे बचत उत्सव की शुरुआत करार दिया था और कहा था कि इससे गरीब-मिडिल क्लास सभी के पैसे बचेंगे. त्योहारों से ऐन पहले सरकार का ये तोहफा राहत भरा है, क्योंकि अब डेली इस्‍तेमाल होने वाली चीजें सस्ती हो जाएंगी. आइए ऐसी ही 20 रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली चीजों की कीमतों में बचत का कैलकुलेशन समझते हैं… देश में हर दिन सुबह से शाम तक लोग दूध, ब्रेड से लेकर आटा-दाल, सब्जियां तक की खरीदारी करते हैं. लेकिन आज से इनकी खरीद पर जेब में काफी पैसे बचेंगे, क्योंकि सरकार ने नए जीएसटी रिफॉर्म लागू कर दिए हैं और करीब 99% रोजमर्रा के सामानों के दाम घट गए हैं.  यूएचटी दूध  दूध, सब्‍जियों पर पहले भी जीएसटी रेट लागू नहीं था और अब भी नहीं लगाया गया है. लेकिन अल्ट्रा हाई टेंप्रेचर दूध यानी UHT Milk को जीरो जीएसटी में शामिल किया गया है, जिसपर अब तक 5% की दर से टैक्स लगता था. इसके बाद अमूल से लेकर मदर डेयरी तक ने इसकी कीमतें कम कर दी हैं, जो 22 सितंबर से लागू हो गई हैं. अब   1 लीटर UHT मिल्क (टोंड-ट्रेटा पैक) 77 रुपये के बजाय 75 रुपये में और 450 एमएल मिल्क पैक 33 रुपये की जगह 32 रुपये का मिलेगा.  पनीर दूध के साथ ही पनीर पर लगने वाला 12 फीसदी का जीएसटी भी अब खत्म हो गया है और ये जीरो जीएसटी स्लैब में शामिल हो गया है. इसपर बचत की बात करें, तो अगर आप 90 रुपये में 200 ग्राम पनीर का पैकेट खरीदते थे, तो अब आपको 10 रुपये कम देने होंगे.  मक्खन  रोजमर्रा में रसोई में इस्तेमाल होने वाले डेयरी प्रोडक्ट्स में मक्खन भी अहम है, जो सोमवार से सस्ता हो गया है. जीएसटी रेट कट लागू होने के बाद पहले जो मक्खन (500 ग्राम) 305 रुपये में मिलता था, वो अब 285 रुपये में मिलेगा और 100 ग्राम की मक्खन की टिकया 62 रुपये की जगह 58 रुपये में मिलेगी. घी घी को लिक्विड गोल्ड कहकर भी पुकारा जाता है और जीएसटी रेट कट का असर इसकी कीमतों पर भी दिखा है, क्योंकि सरकार ने इस पर जीएसटी 12% से कम करते हुए 5% कर दिया है. इसके बाद तमाम कंपनियों के घी के दाम घट गए हैं. अमूल का घी (1 लीटर कार्टन पैक) अब 650 रुपये के बजाय 610 रुपये में मिलेगा, तो मदर डेयरी का घी (1 लीटर कार्टन पैक) 675 रुपये की जगह 645 रुपये का हो गया है. पतंजलि गाय का घी 900 एमएल पैक 780 रुपये से कम होकर अब 731 रुपये का रह गया है.  आइसक्रीम  तमाम सामानों के साथ ही GST Rate Cut का फायदा आइसक्रीम पर भी मिलेगा. नए रेट्स लागू होने से पहले ही तमाम कंपनियों ने अपने आइसक्रीम प्रोडक्ट्स के दाम में कटौती का ऐलान कर दिया था. अमूल की नई रेट लिस्ट देखें, तो 22 सितंबर से 1 लीटर वनीला मैजिक कप 195 रुपये की जगह अब 180 रुपये का मिलेगा, तो वहीं शुगर फ्री शाही अंजीर आइसक्रीम का 125 एमएल कम 50 रुपये की जगह 45 रुपये का मिलेगी. इसके अलावा बटर स्कॉच.(125 एमएल), कुल्फी पंजाबी (60एमएल) में पांच रुपये की कटौती की गई है. मदर डेयरी की आइसक्री के प्राइस पर नजर डालें, तो जीएसटी कट का लाभ देते हुए कंपनी ने आइसकैंडी (45 ग्राम ), 50 एमएल वनीला कप, 30 एमएल चोकोबार की कीमत 10 रुपये से घटकर 9 रुपये रह गई.  ब्रेड ब्रेड का इस्तेमाल भी हर रोज घरों में होता है, फिर बात चाहे चाय के साथ ब्रेड की हो या सैंडविच के लिए, इसपर भी सरकार ने बड़ी राहत दी है. ब्रेड भी 5% जीएसटी स्लैब से सीधे शून्य जीएसटी वाले उत्पादों में शामिल हो गया है. यानी इस पर अब कोई जीएसटी नहीं लगेगा. मतलब जो ब्रेड का पैकेट आप 20 रुपये में खरीदते थे, वो 1 रुपये कम यानी 19 रुपये में मिलेगा.  पिज्जा  आपके घर में बच्चे हैं, तो फिर वो पिज्जा खाने की जिद तो करते ही होंगे, रोज नहीं तो एक दो दिन छोड़कर आप दिलाते भी होंगे, तो बता दें सरकार ने इसपर भी टैक्स घटा दिया है. पिज्‍जा, ब्रेड पर जीएसटी को 5% से शून्‍य कैटेगरी में शामिल कर दिया गया है. ठीक ब्रेड की तरह, ऐसे में अगर आप दुकान से 100 रुपये का पिज्जा खरीदते समय 5 रुपये का जीएसटी देते थे, तो अब ये नहीं लगेगा. मतलब ये 95 रुपये का मिलेगा.  पास्ता, कॉर्न फ्लेक्स, नूडल्स बच्चों के लिए सुबह की शुरुआत आज के समय में घरों में पास्ता, कॉर्न फ्लेक्स के साथ होती है और नूडल्स भी खूब बनाए जाते हैं, अब इन फूड प्रोडक्ट्स पर भी राहत मिली है. 22 सितंबर से ये सभी चीजें भी सस्ती हो गई हैं. इन पर लगने वाले 12-18% की स्लैब को कम करते हुए इन्हें 5% में शामिल किया गया है. 100 रुपये के नूडल्स के पैकेट पर अब 18 या 12 रुपये की जगह 5 रुपये का टैक्स ही लगेगा.  बिस्कुट-नमकीन सरकार रोजमर्रा में यूज होने वाले सामानों पर जीएसटी घटाने पर विशेष तौर पर फोकस किया है. इनकी लिस्ट में रोज इस्तेमाल होने वाले नमकीन-बिस्कुट भी शामिल हैं, जिनपर अब तक 12 से 18 फीसदी तक का टैक्स लगता था, लेकिन अब इसे कम करते हुए 5 फीसदी कर दिया गया है. कैलकुलेशन समझें, तो 5 रुपये की नमकीन पर पहले 12% टैक्‍स के हिसाब से 60 पैसे GST लगता था, लेकिन अब सिर्फ 25 पैसे लगेगा. वहीं बिस्‍कुट 18% स्लैब में आता था और 5 रुपये के पैकेट पर 90 पैसे टैक्स लगता था, जो अब महज 25 पैसे लगेगा.  तेल-शैंपू और साबुन रोजमर्रा के सामानों की लिस्ट में तेल, शैंपू और साबुन जैसे सामान भी शामिल हैं. इन पर टैक्‍स को 18 फीसदी से कम करके 5% किया गया है. ऐसे … Read more

शेयर बाजार में रौनक लौटाई GST ने, ट्रंप की वीज़ा धमकी बेअसर

मुंबई  शेयर बाजार पर देश में लागू हुए जीएसटी रिफॉर्म्स को जोरदार असर देखने को मिला है और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के H1B वीजा बम पर टैक्स छूट भारी पड़ती नजर आई है. दरअसल, एच1वीजा फीस हाइक के ट्रंप के ऐलान के बाद सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को सेंसेक्स-निफ्टी बड़ी गिरावट लेकर खुले. लेकिन कुछ ही मिनटों के बाद दोनों इंडेक्स जोरदार रिकवरी मोड में आ गए और शुरुआती गिरावट धीमी पड़ गई. जहां आईटी शेयर टूटे दिखाई दिए, तो वहीं अडानी पोर्ट्स-अडानी पावर से लेकर कोचीन शिपयार्ड तक के शेयरों में तेजी दर्ज की गई.  पहले तेज गिरावट, फिर संभले इंडेक्स  शेयर मार्केट में सोमवार को कारोबार की शुरुआत तेज गिरावट के साथ हुई. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स अपने पिछले कारोबारी बंद 82,626.23 की तुलना में बुरी तरह फिसलकर 82,151.07 के लेवल पर ओपन हुआ. इस बीच ट्रंप के H1B वीजा फीस में बढ़ोतरी के ऐलान के चलते खासतौर पर आईटी कंपनियों के शेयर बिखरे हुए नजर आए. लेकिन ये तेज गिरावट कुछ ही मिनटों के कारोबार में धीमी पड़ गई और बीएसई का इंडेक्स तगड़ी रिकवरी के मूड में नजर आया. खबर लिखे जाने तक आधे घंटे के कारोबार में ये मामूली गिरावट के साथ 82,557.88 पर कारोबार कर रहा था.  बात नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी इंडेक्स की करें, तो इसमें भी सेंसेक्स की तरह ही पहले गिरावट और रिकवरी देखने को मिली. अपने पिछले बंद 25,327.05 की तुलना में ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स 25,238.10 पर ओपन हुआ और फिर रिकवरी करते हुए 25,331.70 पर ट्रेड करता हुआ नजर आया.  बाजार खुलते ही फिसले थे 2355 स्टॉक बाजार की खराब शुरुआत के दौरान शेयर मार्केट में लिस्टेड करीब 2,355 कंपनियों के शेयरों ने अपने पिछले कारोबारी बंद के मुकाबले तेज या मामूली गिरावट लेकर ओपनिंग की थी, जबकि 948 कंपनियों के शेयर ऐसे थे, जो बढ़त के साथ ग्रीन जोन में ओपन हुए थे. वहीं 155 शेयरों की स्थिति में कोई बदलाव नहीं दिखा और इनकी फ्लैट ओपनिंग हुई.  निफ्टी पर एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, श्रीराम फाइनेंस, एशियन पेंट्स, अडानी पोर्ट्स जहां सबसे ज्यादा भागते हुए नजर आए, तो वहीं टेक महिंद्रा, टीसीएस, टाटा मोटर्स, अपोलो हॉस्पिटल्स, डॉ रेड्डीज लैब्स जैसे बड़े स्टॉक्स ने गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत की.  ट्रंप के ऐलान का IT शेयर पर असर  अब बताते हैं डोनाल्ड ट्रंप द्वारा H1B Visa Fee Hike से प्रभावित हुए शेयरों के बारे में, तो इसका सबसे ज्यादा असर आईटी शेयरों पर पड़ा. सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयरों में लार्जकैप में शामिल टेक महिंद्रा शेयर (3.74%), टीसीएस शेयर (2.20%), इंफोसिस (2.10%), एचसीएल शेयर (1.70%) की गिरावट लेकर ट्रेड कर रहा था, तो वहीं मिडकैप कैटेगरी में शामिल हेक्सवेयर टेक शेयर (5.60%), एम्फेसिस शेयर (4%), टाटा टेक शेयर (2.10%) फिसलकर कारोबार कर रहे थे.  अडानी पावर समेत ये 10 शेयर उछले बात करें, सबसे ज्यादा उछलने वाले शेयरों के बारे में, तो सबसे तूफानी रफ्तार से गौतम अडानी के नेतृत्व वाली अडानी पावर का शेयर भागा और 18 फीसदी से ज्यादा की तेजी लेकर 167.55 रुपये पर पहुंच गया. इसके अलावा अन्य बढ़त वाले स्टॉक्स में स्मॉलकैप कैटेगरी के स्टेट ट्रेडिंग कॉरपोरेशन (15%), आईआईएल (9%), बीसीएल इंडिया शेयर (7.56%), एमएमटीसी शेयर (7.50%) और नेट वेब शेयर (6%) की तेजी लेकर ट्रेड कर रहे थे. मिडकैप में पीईएल शेयर (5%), मुथूट फाइनेंस शेयर (3%), कोचीन शिपयार्ड शेयर (2.70%) और यस बैंक शेयर (2.10%) चढ़कर कारोबार कर रहा था. 

बचत का बड़ा मौका: कल से शुरू हो रहा ‘बचत उत्सव’, पीएम मोदी का बड़ा बयान

नई दिल्ली  कल यानी सूर्योदय के साथ ही नेक्सट जनरेशन जीएसटी दरें लागू हो जाएंगी। पीएम नरेंद्र मोदी ने रविवार को देश के नाम संबोधन में यह बात कही। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि कल, नवरात्री के पहले दिन से ‘बचत उत्सव’ शुरू हो रहा है। इस बचत उत्सव से त्योहारों के सीजन में सबका मुंह मीठा होगा। पीएम ने अपने संबोधन में कहा है कि आज की जरूरतों और भविष्य को ध्यान में रखते नेक्सट जनरेशन रिफॅार्म लागू किया जा रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि इनकम टैक्स और जीएसटी में मिली छूट की वजह से अब लोग 2.5 लाख रुपये की सालाना बचत कर पाएंगे। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में स्वदेशी सामानों के प्रयोग पर भी जोर दिया। 99% सामान अब 5% टैक्स के दायरे में पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में कहा कि जो सामान पहले 12 प्रतिशत टैक्स के दायरे में आते थे। उसमें से 99 प्रतिशत सामान अब 5 प्रतिशत के दायरे में आ गए हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि कल से हो रहे बदलावों से अब महिलाओं, युवाओं, मिडिल क्लास, नियो मिडिल क्लास को बड़ी बचत होगी। उनके लिए अपने सपनों को पूरा करना अब और आसान हो जाएगा। क्या-क्या हो रहा 22 सितंबर से सस्ता रसोई में इस्तेमाल के सामान से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स, दवाइयां और उपकरणों से लेकर वाहन तक लगभग 375 वस्तुएं सोमवार यानी 22 सितंबर से सस्ती हो जाएंगी। घी, पनीर, मक्खन, नमकीन, केचप, जैम, सूखे मेवे, कॉफी और आइसक्रीम जैसी आम इस्तेमाल की चीजें और टीवी, एयर कंडीशनर (एसी), वॉशिंग मशीन जैसे महंगे उत्पाद भी सस्ते हो जाएंगे। सीमेंट होगा सस्ता अधिकांश दवाओं और फॉर्मूलेशन और ग्लूकोमीटर और डायग्नॉस्टिक किट जैसे मेडिकल उपकरणों पर जीएसटी दर को घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे आम आदमी को दवाएं सस्ती मिलेंगी। सीमेंट पर जीएसटी 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे घर बनाने वालों को भी फायदा होगा। जीएसटी दर में कटौती से सबसे बड़ा फायदा वाहन खरीदारों को होगा, क्योंकि छोटी और बड़ी कारों पर कर दरें क्रमशः 18 प्रतिशत और 28 प्रतिशत कर दी गई हैं। अब रह जाएंगे सिर्फ 2 जीएसटी स्लैब कल 22 सितंबर से 4 की जगह अब सिर्फ दो जीएसटी स्लैब ही प्रभावी रहेंगे। बीते दिनों हुई जीएसटी काउंसिल की मीटिंग में 12 प्रतिशत और 18 प्रतिशत के जीएसटी स्लैब को समाप्त करने का फैसला किया गया था। कल से अब 5 प्रतिशत और 12 प्रतिशत के जीएसटी स्लैब ही रह जाएंगे। कुछ लक्जरी सामान और तम्बाकू प्रोडक्ट्स पर सरकार ने 40 प्रतिशत टैक्स लगाया है। देश के नाम अपने संबोधन में पीएम मोदी ने देश के लोगों से स्वदेशी चीजें अपनाने का आह्वान किया। पीएम मोदी ने कहा कि रोजमर्रा की चीजों में बहुत सी चीजें विदेशी जुड़ गई हैं, हमें इनसे भी मुक्ति पानी होगी। मेड इन इंडिया सामान खरीदना होगा। जिसमें हमारे देश के नौजवानों की मेहनत लगी है। हमें हर घर को स्वदेशी का प्रतीक बनाना है। हर दुकान को स्वदेशी से सजाना है। गर्व से कहो मैं स्वदेशी खरीदता हूं। गौरतलब है कि पीएम मोदी का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिका में ट्रंप सरकार के आने के बाद व्यापारिक डील में परेशानी सामने आ रही है।

GST में बड़े बदलाव की तैयारी? पीएम मोदी आज करेंगे देश को संबोधित

दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम 5 बजे देश को संबोधित करेंगे. माना जा रहा है कि पीएम मोदी जीएसटी सुधारों पर जानकारी दे सकते हैं. इसके साथ ही कल यानी 22 सितंबर से नवरात्रि का शुभारंभ हो रहा है, इसे लेकर भी पीएम मोदी चर्चा कर सकते हैं. हालांकि, उनके संबोधन को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. बता दें कि सरकार ने GST 2.0 के तहत कई उत्पादों पर जीएसटी की दरों में कमी की है. अब सिर्फ 2 जीएसटी स्‍लैब 5% और 18% ही रखे गए हैं, जबकि 12 फीसदी और 28 फीसदी टैक्‍स स्लैब को खत्‍म कर दिया गया है. 12 फीसदी स्‍लैब में शामिल ज्‍यादातर प्रोडक्‍ट्स को 5 फीसदी स्लैब की कैटेगरी में रखा गया है, जबकि 28 फीसदी वाले ज्‍यादातर प्रोडक्‍ट्स को 18% वाले स्‍लैब में रखा गया है. वहीं कुछ चीजों पर जीएसटी रेट को शून्‍य कर दिया गया है. इसका मतलब है कि 22 सितंबर के बाद इन प्रोडक्‍ट्स पर '0' जीएसटी लागू होगा, जिससे ये सभी चीजें बेहद सस्ती हो जाएंगी. पीएम मोदी का ये संबोधन ऐसे समय में हो रहा है, जब पिछले कुछ महीनों में अमेरिका के साथ भारत के संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं. इसका कारण अमेरिका द्वारा रूस से तेल खरीद पर भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाना है, जिसमें 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क भी शामिल है.  साथ ही ट्रंप प्रशासन ने नए एच-1बी वीज़ा आवेदनों पर सालाना शुल्क बढ़ाकर 1,00,000 अमेरिकी डॉलर (लगभग 88 लाख रुपये) कर दिया है, जिससे भारतीयों खासकर एच-1बी धारकों में चिंता और अस्थिरता फैल गई है.  हालांकि ट्रंप प्रशासन ने कहा कि एच-1बी वीज़ा पर नया 1,00,000 अमेरिकी डॉलर का शुल्क केवल नए आवेदनों पर लागू होगा. मौजूदा वीज़ा धारकों को यह भुगतान नहीं करना पड़ेगा. साथ ही जो वीज़ा धारक वर्तमान में अमेरिका से बाहर हैं, उन्हें अमेरिका में लौटने के लिए भी यह शुल्क नहीं देना होगा. टैरिफ और एच-1बी वीज़ा पर 1,00,000 अमेरिकी डॉलर की भारी फीस के अमेरिकी फैसले का अप्रत्यक्ष रूप से जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को कहा था कि भारत का सबसे बड़ा विरोधी अन्य देशों पर उसकी निर्भरता है. उन्होंने सेमीकंडक्टर से लेकर जहाज निर्माण तक के क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनने की बात कही.

रायपुर में जीएसटी चोरी का बड़ा खुलासा, 170 फर्जी फर्मों के जरिए करोड़ों की हेराफेरी

जाँच में 1.64 करोड़ रूपये नकद और 400 ग्राम सोना जब्त रायपुर मो. फरहान सोरठियाराज्य जीएसटी विभाग ने जीएसटी एनालिटिक्स और इंटेलिजेंस नेटवर्क तथा जीएसटी प्राईम पोर्टल का उपयोग करके बोगस फर्म और बोगस बिल तैयार करने वाले सिंडिकेट का पता लगाया है। इसका मास्टर माइंड मो. फरहान सोरठिया है, जो जीएसटी के कर सलाहकार के रूप में कार्य करता था। इस सिंडिकेट के कारण राज्य को प्रतिमाह करोड़ों रूपये के कर राजस्व का नुकसान होता था। राज्य जीएसटी की बी.आई.यू. टीम इस प्रकरण पर एक माह से कार्य कर रही थी। मास्टर माइंड मो. फरहान सोरठिया के ऑफिस में 12 सितंबर को जांच की गयी। जांच के दौरान यहां से 172 फर्मों के बारे में जानकारियां मिली। फरहान ने अपने 5 ऑफिस स्टॉफ को फर्मों का पंजीयन कराने, रिटर्न फाईल करने और ई-वे बिल तैयार करने के लिये रखा था। इसके अलावा मास्टर माइंड के आफिस से बोगस पंजीयन के लिये किरायानामा, सहमति पत्र, एफिडेविट तैयार करने के भी साक्ष्य मिले हैं। 26 बोगस फर्मों से ही 822 करोड़ का ई-वे बिल जनरेट किया गया, जबकि रिटर्न में 106 करोड रूपये का ही टर्नओव्हर दिखाया गया है। केवल इन फर्मों से ही राज्य को 100 करोड़ रूपये के जीएसटी का नुकसान होने का प्रारंभिक आंकलन है। यहां से प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार राज्य के भीतर और पंजाब, असम, मणिपुर, ओडिसा में भी पंजीयन लिया गया है। पंजीयन के लिए बोगस दस्तावेज जैसे किरायानामा एवं सहमति पत्र भी तैयार किये जाते थे। इन फर्मों के माध्यम से बोगस सप्लाई बिल और ई-वे बिल जारी किए जा रहे थे। मो. फरहान के बोगस फर्मों से संबंधित दस्तावेज छुपाये जाने की सूचना पर विभाग ने 17 सितंबर को फरहान के चाचा मो. अब्दुल लतीफ सोरठिया के आवास में सर्च (जांच) किया गया। वहां अधिकारियों को 1 करोड़ 64 लाख रूपये के नोट और 400 ग्राम सोने के 4 बिस्किट मिले। विभाग के अधिकारियों ने इसे जब्त कर के आयकर विभाग को सूचना दे दी है। जीएसटी अधिकारियों द्वारा इन फर्मों से करोड़ों रूपए के जीएसटी फ्रॉड की राशि की गणना की जा रही है। इस प्रकरण में कई ब्रोकर, स्क्रैप डीलर और इनपुट टैक्स क्रेडिट के लाभ लेने वाली कम्पनियाँ भी विभाग के जांच के दायरे में है। राज्य कर विभाग द्वारा मामले की गहन जांच की जा रही है और आगे की विधिक कार्यवाही प्रगति पर है।