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खामेनेई की मौत के बाद भारत में बढ़ा हाईअलर्ट, कानून-व्यवस्था के उल्लंघन पर सख्त कदम उठाने की चेतावनी

नई दिल्ली  मध्य पूर्व के हालात को देखते हुए भारत में हाईअलर्ट जारी किया गया है। गृह मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियों ने सभी राज्यों को संदिग्ध लोगों पर नजर रखने और प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस फोर्स तैनात करने का निर्देश दिया है, जिससे देश में शांति व्यवस्था बनी रहे। अमेरिका-इजरायल के हमले में मारे गए ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के समर्थन में देश के विभिन्न राज्यों में प्रदर्शन हो रहे हैं। कुछ लोग सोशल मीडिया के माध्यम से देश में भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, राज्यों में पुलिस-प्रशासन ने सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर भी सख्त चेतावनी दी है।  नागरिकों से कहा गया है कि वे किसी भी तरह का आपत्तिजनक, भड़काऊ या अनचाहा कंटेंट पोस्ट, शेयर या फॉरवर्ड करने से बचें। अफवाहें और भ्रामक संदेश माहौल को बिगाड़ सकते हैं और कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन सकते हैं। पुलिस-प्रशासन ने कहा कि शांतिपूर्ण और कानूनी तरीके से अपनी बात रखने के अधिकार का सम्मान किया जाता है लेकिन हिंसा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और सुरक्षा बलों के साथ टकराव किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। ऐसी घटनाओं से जान-माल का नुकसान होता है और पूरे समाज को परेशानी होती है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि किसी भी तरह के उल्लंघन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल तत्वों, भड़काने वालों और असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसी क्रम में कर्नाटक के बांदीपुरा जिले में मौजूदा हालात को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने आम नागरिकों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की है। पुलिस-प्रशासन ने कहा है कि क्षेत्र में शांति व सुरक्षा बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है, इसलिए लोग किसी भी ऐसी गतिविधि से दूर रहें जिससे सार्वजनिक शांति भंग होने की आशंका हो। पुलिस की ओर से जारी अपील में कहा गया है कि लोग तोड़फोड़, दंगा-फसाद, पत्थरबाजी या किसी भी प्रकार की गड़बड़ी में शामिल न हों। ऐसा करना न केवल कानून के खिलाफ है, बल्कि इससे आम जनता, व्यापारियों, विद्यार्थियों और दिहाड़ी मजदूरों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। हिंसा और अशांति की वजह से शैक्षणिक संस्थानों के बंद होने, आवाजाही में रुकावट और आर्थिक गतिविधियों पर असर पड़ने की संभावना रहती है।

तेल की कीमतों में उबाल, बाजार में हलचल: क्या भारतीय निवेशकों को चिंता करनी चाहिए? इतिहास से क्या सिखें?

नई दिल्ली  क्या पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव भारत की अर्थव्यवस्था की रफ्तार थाम सकता है? मिसाइल हमलों और जवाबी कार्रवाई की खबरों के बीच वैश्विक बाजारों में घबराहट साफ दिख रही है. 2 मार्च 2026 को निफ्टी 50 और सेंसेक्स करीब 1.8% तक फिसल गए, सरकारी बॉन्ड यील्ड में हल्की तेजी आई, ब्रेंट क्रूड लगभग 6% उछला और सोने की कीमतें 3% बढ़ीं. सवाल यह है कि क्या यह उथल-पुथल भारत की लंबी अवधि की विकास यात्रा को प्रभावित करेगी, या यह केवल एक अस्थायी झटका है? हालिया विश्लेषण में एक्सिस एसेट मैनेजमेंट (Axis Asset Management) ने साफ किया है कि भले ही अमेरिका-इजराइल बनाम ईरान टकराव ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई हो, लेकिन इतिहास बताता है कि ऐसे संघर्ष भारतीय शेयर बाजारों को लंबे समय तक पटरी से नहीं उतार पाए हैं. कच्चा तेल: भारत के लिए सबसे बड़ा जोखिम इस एनालिसिस के मुताबिक, भारत अपनी जरूरत का 80% से अधिक कच्चा तेल आयात करता है. इसलिए पश्चिम एशिया में अस्थिरता का सीधा असर तेल की कीमतों पर पड़ता है. यदि ईरान होरमुज जलडमरूमध्य को बाधित करता है, तो यह वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बड़ा खतरा होगा. दुनिया के लगभग 20% कच्चे तेल और 30% एलएनजी का व्यापार इसी रास्ते से गुजरता है, और भारत की करीब आधी ऊर्जा आपूर्ति भी इसी मार्ग पर निर्भर है. तेल की कीमतों में तेज उछाल से भारत का चालू खाता घाटा बढ़ सकता है, महंगाई दबाव में आ सकती है और विमानन, पेंट, सीमेंट तथा केमिकल जैसे सेक्टरों की लागत बढ़ सकती है. हालांकि, पिछले अनुभव बताते हैं कि जब तक तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची नहीं टिकतीं, तब तक शेयर बाजार स्थायी गिरावट का शिकार नहीं होते. रूस–यूक्रेन युद्ध के दौरान भी ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर गया था, लेकिन शुरुआती गिरावट के बाद बाजार संभल गए और साल अंत में सकारात्मक रिटर्न दिया. रुपये और विदेशी निवेश का असर भू-राजनीतिक तनाव के समय अमेरिकी डॉलर मजबूत होता है, जिससे उभरते बाजारों की मुद्राओं पर दबाव आता है. भारतीय रुपया भी इससे अछूता नहीं रहता. विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की बिकवाली से रुपये में अस्थायी कमजोरी देखी जा सकती है. फिर भी भारत की मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार स्थिति, नियंत्रित चालू खाता घाटा और संतुलित राजकोषीय स्थिति सुरक्षा कवच का काम करती है. 2013 के टेपर टैंट्रम, 2020 की महामारी और 2022 के युद्ध जैसे दौर में भी रुपया दबाव में आया, लेकिन शेयर बाजारों में लंबी अवधि की गिरावट नहीं आई. आरबीआई की भूमिका और बाजार की मानसिकता रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (Reserve Bank of India) ऐसे समय में स्थिरता का अहम स्तंभ बनता है. केंद्रीय बैंक ने अतीत में अस्थायी महंगाई झटकों को नजरअंदाज करते हुए मूल महंगाई और विकास की स्थिरता पर ध्यान केंद्रित किया है. तरलता प्रबंधन के जरिए बाजार में भरोसा बनाए रखा गया है, ताकि घबराहट स्थायी संकट में न बदले. पिछले 15 वर्षों का इतिहास देखें तो हर बड़े संघर्ष के दौरान शुरुआती गिरावट आई, लेकिन बाजारों ने जल्द ही संतुलन पा लिया.     2014 के क्रीमिया संकट     2016 की सर्जिकल स्ट्राइक     2019 के बालाकोट एयरस्ट्राइक     2022 के रूस–यूक्रेन युद्ध     2023 के इजराइल–हमास संघर्ष इन सबके दौरान यही पैटर्न दिखा कि बाजार जल्द ही पटरी पर लौट आया. यहां तक कि 2025 के ऑपरेशन सिंदूर के समय भी शुरुआती घबराहट के बाद स्थिरता लौट आई. असल में बाजार भावनाओं से ज्यादा इस बात का आकलन करते हैं कि आर्थिक असर कितना लंबा और गहरा होगा. जब यह स्पष्ट हो जाता है कि सप्लाई चेन पर असर सीमित है और घरेलू मांग मजबूत बनी हुई है, तो जोखिम प्रीमियम घटने लगता है और निवेशक दोबारा सक्रिय हो जाते हैं. लंबी अवधि के निवेशकों के लिए संदेश इतिहास बताता है कि संघर्षों के समय घबराकर बाजार से बाहर निकलना अक्सर नुकसानदेह साबित हुआ है. जिन्होंने गिरावट के दौरान निवेश छोड़ा, वे बाद की तेजी से चूक गए. इसलिए अनुशासन, विविधीकरण और लंबी अवधि की सोच ही ऐसे दौर में सबसे कारगर रणनीति मानी गई है. ईरान वाला तनाव गंभीर जरूर है, लेकिन भारतीय बाजारों के लिए यह कोई अनजाना अनुभव नहीं. शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव के बावजूद देश की विकास की कहानी घरेलू खपत, पूंजीगत व्यय, डिजिटलीकरण और मैन्युफैक्चरिंग विस्तार पर टिकी है. ऐसे में हर भू-राजनीतिक झटका स्थायी मोड़ नहीं, बल्कि अस्थायी विराम साबित हुआ है.  

कनाडा से भारत को मिलेगा यूरेनियम, पीएम मोदी और कार्नी की मुलाकात में कई महत्वपूर्ण समझौते हुए तय

 नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके कनाडाई समकक्ष मार्क कार्नी ने सोमवार को दिल्ली में मुलाकात की. इस दौरान दोनों देशों के बीच कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर हुए. बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच नागरिक परमाणु ऊर्जा में लंबी अवधि के लिए यूरेनियम सप्लाई का एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है. दोनों देश छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर और उन्नत रिएक्टरों पर साथ काम करेंगे. -कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा, 'पिछले दशक में पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बन गया है. यहां प्रति व्यक्ति आय का विकास ऐसा रहा है जो इतिहास में बहुत कम देखा गया है. कनाडा आपके इसी उत्साह और उद्देश्य की भावना को साझा करता है. मुझे लगता है कि इस नए युग में सफलता का मार्ग 2023 में आपके G20 अध्यक्षता के विषय ‘One Earth, One Family, One Future’ में अच्छे से दिखाया गया है, क्योंकि हमारे समय की चुनौतियों को अकेला कोई देश हल नहीं कर सकता.' -कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा, 'पिछले वर्ष में कनाडा और भारत की सरकारों के बीच जो संवाद हुआ है, वह पिछले दो दशकों में हुए सभी संवादों से अधिक है. यह केवल संबंधों का नवीनीकरण नहीं है, बल्कि नए उत्साह, ध्यान और दूरदर्शिता के साथ एक मूल्यवान साझेदारी का विस्तार है. यह दो आत्मविश्वासी देशों के बीच एक साझेदारी है, जो अपने भविष्य की दिशा स्वयं तय कर रहे हैं.' -पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया में चल रहे कई तनावों पर भारत की स्थिति स्पष्ट है. हम हमेशा शांति और स्थिरता बनाए रखने की बात करते रहे हैं, और जब दो लोकतंत्र एक साथ खड़े होते हैं, तो शांति की आवाज और मजबूत हो जाती है. पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति हमारे लिए गहरी चिंता का विषय है. भारत सभी विवादों को संवाद और कूटनीति के माध्यम से सुलझाने का समर्थन करता है और क्षेत्र में सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी देशों के साथ करीबी सहयोग जारी रखेगा. -प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कनाडा भारत के लिए इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण साझेदार है. हम उनका भारतीय महासागर रिम एसोसिएशन में डायलॉग पार्टनर बनने में रुचि दिखाने का स्वागत करते हैं, जिससे हमारी समुद्री सहयोग में नई गहराई आएगी. उन्होंने कहा कि आतंकवाद, उग्रवाद और कट्टरवाद सिर्फ दोनों देशों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए गंभीर और साझा चुनौती हैं. इनके खिलाफ हमारी करीबी सहयोग वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए अहम है. -प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारे संबंधों की सबसे बड़ी ताकत लोगों के बीच जुड़ाव है. आज हमने इन्हें और मजबूत करने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्वास्थ्य, कृषि और इनोवेशन के क्षेत्रों में कई विश्वविद्यालयों के बीच नए साझेदारी की घोषणा की गई है. इसके अलावा, कनाडाई विश्वविद्यालयों द्वारा भारत में कैंपस खोलने पर भी सहमति बनी है. आदिवासी और जनजातीय समुदाय हमारे साझा सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. दोनों पक्षों के बीच आज सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ाने के लिए एक एमओयू भी हस्ताक्षरित किया गया. -प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में इंडिया-कनाडा पल्स प्रोटीन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में बढ़ता सहयोग हमारे गहरे आपसी भरोसे और संबंधों की परिपक्वता का प्रतीक है. दोनों देश रक्षा उद्योग, समुद्री क्षेत्र की निगरानी और सैन्य आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए काम करेंगे. इसी उद्देश्य से आज इंडिया-कनाडा डिफेंस डायलॉग स्थापित करने का निर्णय लिया गया. -CAMECO के अध्यक्ष टिम गिट्ज़ेल और कनाडा में भारत के उच्चायुक्त दिनेश पट्टनाइक ने परमाणु ऊर्जा विभाग और CAMECO के बीच यूरेनियम अयस्क आपूर्ति समझौते के दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया. -प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'आज साइन किए गए क्रिटिकल मिनरल्स पर MoU से सप्लाई चेन की मजबूती बढ़ेगी. अंतरिक्ष क्षेत्र में हम दोनों देशों की स्टार्टअप्स और उद्योगों को जोड़ेंगे. ऊर्जा क्षेत्र में हम अगले स्तर की साझेदारी बना रहे हैं, जिसमें हाइड्रोकार्बन्स, रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन और ऊर्जा भंडारण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.' -पीएम मोदी ने कहा, 'हम टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में स्वाभाविक साझीदार हैं. भारत-कनाडा इनोवेशन पार्टनरशिप के तहत हम नए विचारों को वैश्विक समाधान में बदलेंगे. मैं प्रधानमंत्री कार्नी का धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने पिछले महीने भारत में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट की सफलता में कनाडा का महत्वपूर्ण योगदान दिया. हम AI के साथ-साथ क्वांटम, सुपरकंप्यूटिंग और सेमीकंडक्टर्स में सहयोग बढ़ाएंगे.' -प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'हमें खुशी है कि कनाडा ने अंतरराष्ट्रीय सोलर अलायंस और ग्लोबल बायोफ्यूल अलायंस में शामिल होने का निर्णय लिया है. अपने साझा प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए हम इस साल भारत-कनाडा रिन्यूएबल एनर्जी और स्टोरेज समिट आयोजित करेंगे. नागरिक परमाणु ऊर्जा में हमने लंबी अवधि के लिए यूरेनियम सप्लाई का एक महत्वपूर्ण समझौता किया है. हम छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर और उन्नत रिएक्टरों पर भी साथ काम करेंगे.' -कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू और केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने CEPA के लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस और संयुक्त पल्स प्रोटीन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर डिक्लेरेशन ऑफ इंटेंट के दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया. -प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'मैं अपने मित्र प्रधानमंत्री कार्नी को हमारे सहयोग में बढ़ती गति के लिए श्रेय देता हूं. भारत और कनाडा लोकतांत्रिक मूल्यों में अडिग विश्वास रखते हैं. हम विविधता का जश्न मनाते हैं. मानवता की भलाई हमारी साझा दृष्टि है. यही दृष्टि हमें हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है. आज हमने इस दृष्टि को अगले स्तर की साझेदारी में बदलने पर चर्चा की. हमारा लक्ष्य 2030 तक व्यापार को 50 बिलियन डॉलर तक ले जाना है. आर्थिक सहयोग की पूरी संभावनाओं को अनलॉक करना हमारी प्राथमिकता है. इसलिए हमने जल्द ही व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (Comprehensive Economic Partnership Agreement) को अंतिम रूप देने का निर्णय लिया है. इससे दोनों देशों में नए निवेश और रोजगार के अवसर पैदा होंगे. कनाडाई पेंशन फंड्स ने भारत में 100 बिलियन डॉलर का निवेश किया है. यह उनके भारत की विकास कहानी में गहरे विश्वास का प्रतीक है. आज हम दोनों देशों के बिजनेस लीडर्स से भी मिलेंगे. उनके सुझाव हमारी आर्थिक साझेदारी को … Read more

कोलकाता में बारिश से सवाल, सेमीफाइनल कौन खेलेगा? जानें रविवार का मौसम अपडेट

कोलकाता कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स में रविवार 1 मार्च 2026 को टी-20 वर्ल्ड कप का एक ऐसा मुकाबला होने जा रहा है, जिसे ‘वर्चुअल क्वार्टरफाइनल’ कहना गलत नहीं होगा.  डिफेंडिंग चैंपियन भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाली यह जंग तय करेगी कि सेमीफाइनल की अंतिम टिकट किसे मिलेगी.  भारतीय प्रशंसकों की नजरें न केवल बल्लेबाजों के छक्कों पर हैं, बल्कि कोलकाता के आसमान पर भी टिकी हैं, क्योंकि बारिश खेल का पूरा समीकरण बिगाड़ सकती है. सुपर-8 चरण के रोमांचक मोड़ पर भारत और वेस्टइंडीज दोनों के 2-2 अंक हैं.  दक्षिण अफ्रीका इस ग्रुप से पहले ही सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर चुका है. अब दूसरे स्थान के लिए मुकाबला सीधा है. अगर भारत जीता तो  सीधे 4 अंकों के साथ सेमीफाइनल में प्रवेश कर जाएगा और नेट रन रेट (NRR) की कोई भूमिका नहीं रहेगी. अगर वेस्टइंडीज जीता तो  कैरेबियाई टीम 4 अंकों के साथ आगे बढ़ेगी और भारत टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगा. अगर हुई बारिश, तो कौन मारेगा बाजी? क्रिकेट प्रेमियों के लिए सबसे डरावना सवाल यही है कि अगर कोलकाता में बारिश हुई और मैच धुल गया तो क्या होगा? आईसीसी के नियमों के अनुसार, सुपर-8 मैचों के लिए कोई रिजर्व डे  नहीं रखा गया है. अगर मैच रद्द होता है, तो दोनों टीमों को 1-1 अंक मिलेगा, जिससे दोनों के 3-3 अंक हो जाएंगे। ऐसी स्थिति में फैसला नेट रन रेट से होगा. वेस्टइंडीज का NRR: +1.791है और  भारत का NRR: -0.100 स्पष्ट है कि वेस्टइंडीज का रन रेट भारत से कहीं बेहतर है. इसलिए, मैच धुलने की स्थिति में वेस्टइंडीज सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई कर जाएगा और टीम इंडिया का वर्ल्ड कप सफर समाप्त हो जाएगा. ईडन गार्डन्स का मौसम और पिच रिपोर्ट अच्छी खबर यह है कि रविवार को कोलकाता में बारिश की संभावना बहुत कम है. मौसम विभाग और विभिन्न रिपोर्ट्स के अनुसार बारिश की संभावना: 0% है. संडे को दिन में अधिकतम 34°C और मैच के दौरान 25-26°C के आसपास रहने की उम्मीद है. ईडन की पिच बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग मानी जाती है, लेकिन शाम के समय स्पिनर्स को भी मदद मिल सकती है. टीम इंडिया का शानदार फॉर्म भारत ने जिम्बाब्वे के खिलाफ 256/4 का विशाल स्कोर बनाकर अपनी फॉर्म का लोहा मनवाया है. अभिषेक शर्मा (55 रन), हार्दिक पांड्या (नाबाद 50 रन) और तिलक वर्मा (44 रन) ने जिस तरह की बल्लेबाजी की, उसने प्रशंसकों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं.  कप्तान सूर्यकुमार यादव और कोच गंभीर की रणनीति अब वेस्टइंडीज के पावर-हिटर को रोकने पर होगी. एक बात तो साफ है कि टीम इंडिया के लिए रविवार का दिन “करो या मरो” का है उन्हें केवल अपनी काबिलियत पर भरोसा करना होगा, क्योंकि कुदरत का साथ न मिलने की सूरत में बाजी वेस्टइंडीज के हाथ लग सकती है.

वनडे सीरीज में वापसी के लिए भारत को दिखानी होगी दमदार बल्लेबाजी

होबार्ट मौजूदा विश्व चैंपियन भारत को पहले मैच में बुरी तरह हारने के बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैच की वनडे श्रृंखला को अगर जीवंत रखना है तो उसे शुक्रवार को यहां होने वाले दूसरे महिला एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में बल्लेबाजी में बेहतर प्रदर्शन करना होगा। टी20 श्रृंखला 2-1 से जीतने के बाद भारतीय टीम वनडे श्रृंखला की अच्छी शुरुआत नहीं कर पाई और ब्रिस्बेन में खेले गए पहले मैच में छह विकेट से हार गई। भारतीय महिला टीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कभी भी द्विपक्षीय वनडे श्रृंखला नहीं जीती है। इस प्रारूप में इन दोनों देशों के बीच खेली गई श्रृंखलाओं में ऑस्ट्रेलिया का दबदबा रहा है। दोनों टीमों के बीच अभी तक 11 द्विपक्षीय वनडे श्रृंखला खेली गई हैं जिनमें सभी में ऑस्ट्रेलिया ने जीत हासिल की। इनमें 2024 में 3-0 से और सितंबर 2025 में 2-1 से जीत भी शामिल है। लेकिन भारत 2025 में महिला वनडे विश्व कप के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया पर मिली पांच विकेट की जीत से प्रेरणा लेने की कोशिश करेगा। वर्तमान श्रृंखला के पहले मैच में भारतीय बल्लेबाज ऑस्ट्रेलिया की चुनौती का सामना करने में नाकाम रहे और पूरी टीम केवल 214 रन पर आउट हो गई। उप-कप्तान स्मृति मंधाना (58), कप्तान हरमनप्रीत कौर (53) और कासवी गौतम (43) को छोड़कर कोई भी अन्य भारतीय बल्लेबाज बड़ी पारियां नहीं खेल सका। वे ऑस्ट्रेलिया की अनुशासित गेंदबाजी के सामने संघर्ष करते हुए नजर आए। प्रतिका रावल पारी की शुरुआत करते हुए खाता भी नहीं खोल पाई। शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स और दीप्ति शर्मा भी उम्मीदों पर खरी नहीं उतरीं। भारत को शुक्रवार को इन चारों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। बड़े शॉट लगाने में माहिर विकेटकीपर ऋचा घोष को भी संघर्ष करना पड़ा और वह केवल 23 रन ही बना सकी। टीम को उनसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी। गेंदबाजों में बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी ने अपने नौ ओवर में 41 रन देकर दो विकेट लिए लेकिन उन्हें बीच के ओवरों में दीप्ति शर्मा और कासवी जैसी गेंदबाजों से मदद की जरूरत है। लेकिन शुरुआती ओवरों में विरोधी टीम को नुकसान पहुंचाने की जिम्मेदारी तेज गेंदबाज रेणुका सिंह और क्रांति गौड़ पर होगी, जो पहले मैच में असफल रहीं। भारतीय टीम प्रबंधन ऑलराउंडर अमनजोत कौर और स्नेह राणा को टीम में शामिल करने पर भी विचार कर सकता है। भारत की सीनियर ऑलराउंडर दीप्ति को उम्मीद है कि टीम दूसरे वनडे में वापसी करके श्रृंखला बराबर करने में सफल रहेगी। उन्होंने कहा, ‘‘हमने एक टीम के रूप में अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन परिणाम हमारे अनुकूल नहीं रहा। हम अगले मैच में मजबूत वापसी करेंगे। हम इसके बारे में ज्यादा नहीं सोच रहे हैं और अपने मजबूत पक्षों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।’’ दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलिया की निगाह दूसरे मैच में ही श्रृंखला अपना नाम करके कप्तान एलिसा हीली को शानदार विदाई देने पर होगी। हीली अपनी आखिरी अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला में खेल रही हैं। उन्होंने पिछले मैच में अर्धशतक लगाया था। हीली और फोबे लिचफील्ड ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए पहले विकेट के लिए अर्धशतकीय साझेदारी की और वे इसी लय को जारी रखना चाहेंगी। ऑस्ट्रेलिया के लिए लक्ष्य का पीछा करना बेहद आसान रहा। बेथ मूनी (76) और एनाबेल सदरलैंड (48 नाबाद) ने चौथे विकेट के लिए 85 रन की साझेदारी करके टीम को लक्ष्य तक पहुंचाया था। ऑस्ट्रेलिया की गेंदबाजी भी शानदार रही है, जिसमें मेगन शट, एशले गार्डनर, अलाना किंग, ताहिला मैकग्रा और सोफी मोलिनक्स सभी ने किफायती गेंदबाजी करते हुए विकेट भी हासिल किए। इन दोनों टीम के बीच वनडे श्रृंखला के बाद पर्थ में एक दिन रात्रि टेस्ट मैच खेला जाएगा। इन तीनों प्रारूप के प्रदर्शन को मिलाकर श्रृंखला की ट्रॉफी का फैसला अंकों के आधार पर किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक टी20 और 50 ओवर की जीत के लिए दो अंक और टेस्ट में जीत के लिए चार अंक होंगे। टीम इस प्रकार हैं: भारत: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उप-कप्तान), शेफाली वर्मा, रेणुका ठाकुर, श्री चरणी, वैष्णवी शर्मा, क्रांति गौड़, स्नेह राणा, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), उमा छेत्री (विकेटकीपर), अमनजोत कौर, जेमिमा रोड्रिग्स, काशवी गौतम, हरलीन देयोल, प्रतिका रावल। ऑस्ट्रेलिया: एलिसा हीली (कप्तान), सोफी मोलिनी (उप-कप्तान), डार्सी ब्राउन, निकोला कैरी, एशले गार्डनर, किम गार्थ, अलाना किंग, फोबे लिट्चफील्ड, बेथ मूनी, ताहलिया मैकग्रा, एलिस पेरी, एनाबेल सदरलैंड, जॉर्जिया वोल, जॉर्जिया वेयरहैम। मैच सुबह 9.20 बजे शुरू होगा।  

आर-पार की जंग में टीम इंडिया दांव पर, हार हुई तो खतरे में पड़ेंगे चार सितारों के करियर

 चेन्नई  साउथ अफ्रीका और वेस्टइंडीज से हारने के बाद भारत और जिम्बाब्वे दोनों के लिए गुरुवार (26 फरवरी) को होने वाला ग्रुप 1 का सुपर 8 गेम अहम हो गया है. चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में दोनों ही टीमें यह मुकाबला सेमीफाइनल की रेस में बने रहने के लिए जीतना चाहेंगी. भारत पर तो खैर इस मुकाबले को लेकर एक अलग ही दबाव है.  वहीं भारतीय टीम को यह दुआ भी करनी है द‍िन के पहले मैच (26 फरवरी को वेस्टइंडीज vs साउथ अफ्रीका ) में वेस्टइंडीज की टीम को साउथ अफ्रीका हरा दे, बाद में भारतीय टीम वेस्टइंडीज को हरा दे. क्योंकि वेस्टइंडीज का नेट रनरेट 5 पार है. वहीं साउथ अफ्रीका का नेट रन रेट +3.800 है. चूंकि भारतीय टीम ड‍िफेंड‍िंग चैम्प‍ियन है और अपने घर पर खेल रही है, ऐसे में उस पर दोहरा दबाव है. साउथ अफ्रीका से हार के बाद भारतीय टीम का नेट रन रेट -3.800 में है. ऐसे में सूर्या ब्रिगेड चाहेगी कि उनके पक्ष में ही समीकरण रहें. वेस्टइंडीज की अफ्रीका पर जीत से भारत का सेमीफाइनल समीकरण बिगड़ सकता है.  सुपर 8 में आज (गुरुवार) द‍िन के मुकाबले दोपहर 3 बजे वेस्टइंडीज और साउथ अफ्रीका के बीच अहमदाबाद में है. वहां दो पॉइंट्स के लिए मुकाबला होगा. पर अहमदाबाद से लगभग 2,000 किलोमीटर दूर चेन्नई में भारत और ज‍िम्बाब्वे की टीमें इस मुकाबले को ध्यान से देखेंगे.  वैसे आज भारतीय टीम के साथ उनकी उम्मीद के मुताब‍िक नहीं हुआ तो कई ऐसे प्लेयर्स हैं, ज‍िनके टी20 कर‍ियर पर खतरा हो जाएगा. क्योंकि ऑप्शन तो बेंच पर कई तैयार हैं.    1: अभ‍िषेक शर्मा: इस समय भारत में सबसे ज्यादा किसी ख‍िलाड़ी की आलोचना हो रही है तो वो अभ‍िषेक शर्मा हैं. ज‍िन्होंने टी20 वर्ल्ड 2026 के 4 मैचों में 15 रन बनाए हैं. ये 15 रन भी उनके साउथ अफ्रीका संग प‍िछले टी20 में आए थे. उन्होंने शुरुआती टी20 में तो 3 डक (शून्य) बनाए थे. अभ‍िषेक शर्मा इस समय टी20 रैंकिंग में नंबर 1 बल्लेबाज हैं, पर उनके हाल‍िया फॉर्म ने टीम इंड‍िया की टेंशन बढ़ा दी है.  1 जनवरी 2025 से अब तक के टी20 आंकड़े देखे जाएं तो अभ‍िषेक शर्मा भारतीय टीम के सबसे सफल बल्लेबाज हैं.उन्होंने अब तक 30 मैचों की    30 पार‍ियों में  1056 रन  37.71 के एवरेज और  196.64 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं.  पर इस बात में कोई गुरेज नहीं होना चाहिए कि भारतीय टीम की यही इस वर्ल्ड कप में सबसे कमजोर कड़ी बनकर उभरा है. एक आंकड़ा देखा जाए तो पहले विकेट के लिए भारत का औसत 6.80 है, जो 20 टीमों में सबसे कम है. अभ‍िषेक अगर आगे भी फ्लॉप होते हैं, उनके ऑप्शन के रूप में यशस्वी जायसवाल, वैभव सूर्यवंशी भी हैं. वैभव आने वाली 27 मार्च को सीन‍ियर टीम इंड‍िया में चुनने के पात्र हो जाएंगे. वैभव अभी 14 वर्ष के हैं और ICC के नियमों के अनुसार, इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने के लिए खिलाड़ी की न्यूनतम आयु 15 वर्ष होनी चाहिए 2: त‍िलक वर्मा: मौजूदा टी20 वर्ल्ड कप में त‍िलक वर्मा भी भारतीय टीम की कमजोर कड़ी बनकर सामने आए हैं. वो टीम की सबसे मजबूत 3 नंबर पोजीशन पर खेल हैं. उन्होंने 5 पारियों में 107 रन बनाए हैं. इसमें उनका एवरेज 21.40 और स्ट्राइक रेट 118.88 है. जो 3 नंबर के बल्लेबाज के लिए कहीं से भी सटीक नहीं माना जाएगा. उनकी जगह लेने के लिए भी श्रेयस अय्यर जैसे बल्लेबाज हैं. त‍िलक जिस तरह वो साउथ अफ्रीका के ख‍िलाफ निकलकर शॉट खेलने के चक्कर में आउट हुए, उसके बाद तो सुनील गावस्कर ने भी उनको लताड़ा था.  3: र‍िंकू सिंह: टी20 वर्ल्ड कप 2026 में रिंकू सिंह ने अब तक खेले 5 मैचों में सिर्फ 29 गेंदें खेलीं और सिर्फ 24 रन बनाए हैं. रिंकू ने अमेर‍िका के खिलाफ मैच में 14 गेंदों पर 6 रन, नामीबिया के खिलाफ 6 गेंद में 1 रन, पाकिस्तान के खिलाफ 4 गेंद में नाबाद 11 रन और नीदरलैंड्स के खिलाफ 3 गेंद में नाबाद 6 रन बनाए. वहीं साउथ अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने 2 गेंदें खेलीं लेकिन बिना खाता खोले आउट हो गए. वैसे क्रिकेट के जानकार एक हिस्से का कहना है कि रिंकू को ज्यादा मौका नहीं मिले हैं, ऐसे में उन पर सवाल उठाना ठीक नहीं हैं. रिंकू की जगह लेने के लिए भी टीम में कई प्लेयर्स हैं.  4: सूर्यकुमार यादव: इस टी20 वर्ल्ड कप के लिए भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव हैं. लेकिन उनका फॉर्म भी वैसा नहीं है, जिसके लिए वो जाने जाते हैं. भारतीय टीम का सफर वर्ल्ड कप में खत्म हुआ तो 35 साल के सूर्या के कर‍ियर पर ब्रेक लग सकता है. सूर्या इस वर्ल्ड कप में भले ही भारतीय टीम की ओर इस वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज है . सूर्या ने 5 मैचों की 5 पार‍ियों में  1 बार नाबाद रहते हुए 180 रन 45.00 के एवरेज और 127.65 के स्ट्राइक रेट से बनाए हैं. सूर्या का हाइएस्ट स्कोर 84* का था, जो उन्होंने ओपन‍िंग मैच में अमेर‍िका के ख‍िलाफ बनाया था. पर सूर्या का कर‍ियर टी20इंटरनेशल मैचों का स्ट्राइक रेट 162.77 और एवरेज 37.32 है, जो वर्ल्ड कप में गिर चुका है. 

इस्राइल के साथ खड़ा भारत: संसद में पीएम मोदी ने कहा—हमास हमले के बाद आपका दर्द हमारा भी है

तेल अवीव पीएम मोदी ने इजरायल को फादर लैंड और  इंडिया को मदरलैंड बताया और कहा कि हमें इस पर गर्व है. उन्होंने कहा कि विश्व युद्ध के दौरान हजारों भारतीयों ने इस इलाके में अपनी जान कुर्बान की थी. उन्होंने मेजर ठाकुर दलपत सिंह को हीरो ऑफ हाइफा बताया. भारत इजरायल के साथ मजबूती से खड़ा हैः पीएम मोदी पीएम मोदी ने कहा कि भारत इजरायल के साथ मजबूती से खड़ा है.  उन्होंने कहा कि कोई भी चीज आतंकवाद को जस्टिफाई नहीं कर सकती. भारत भी आतंकवाद का लंबे समय से पीड़ित रहा है. मुंबई हमलों को याद करते हुए कहा कि इस हमले में इजरायली नागरिक समेत बहुत से लोग मारे गए थे.  इसी के बाद हमने आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है. इजरायल की मान्यता और मेरे जन्मदिन का अनोखा नाताः पीएम मोदी पीएम मोदी ने कहा कि इजरायली संसद नेसेट को भारतीय रंगों में रंगा गया है, ये हमारे बीच गहरे संबंधों का प्रतीक है. पिछली बार जब मैं आया था, तब ऐसा करने वाला भारत का पहला प्रधानमंत्री बना था. अब मैं दूसरी बार आया हूं. उन्होंने बताया कि मेरा जन्म उसी दिन हुआ, जिस दिन भारत ने इजरायल को मान्यता दी थी.   इजरायली संसद में आना मेरे लिए सम्मान की बातः पीएम मोदी पीएम मोदी ने नमस्ते से शुरूआत करते हुए कहा कि यह मेरे लिए सम्मान की बात है कि मैं इस प्रतिष्ठित सदन में खड़ा हूं. भारत के प्रधानमंत्री के रूप में, दुनिया की सबसे प्राचीन सभ्यता के प्रतिनिधि के रूप में, मैं 1.4 अरब लोगों की शुभकामनाएं और संदेश लेकर यहां आया हूं. मोदी-मोदी के नारों के बीच पीएम मोदी का संबोधन शुरू इजरायली संसद को मोदी-मोदी के नारों के बीच पीएम मोदी ने अपना संबोधन शुरू किया. पीएम मोदी और मैंने कई चमत्कार किए हैं, बोले नेतन्याहू इजरायली पीएम नेतन्याहू ने भूमध्यसागर के तट पर पीएम मोदी के साथ पिछली यात्रा को याद करते हुए कहा कि भारत और इजरायल ने मिलकर कई चमत्कार जरूर किए हैं. 'भारतीय सैनिकों ने इजरायल के लिए अपनी जान दी, नहीं भूलेंगे ' इजरायली पीएम नेतन्याहू ने कहा कि भारतीय सैनिकों ने इजरायल के लिए अपनी जान दी है. इसे हम कभी नहीं भूलेंगे.   नेतन्याहू ने कहा, मोदी का गले लगाना दुनिया में मशहूर नेतन्याहू ने कहा कि पीएम मोदी के गले लगाने की परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि 'मोदी हग' की वजह ने भारत और इजरायल के बीच संबंधों को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई है. नेतन्याहू ने कहा कि हम दोनों के बीच व्यक्तिगत दोस्ती है. दोनों देशों और हमारे लोगों के बीच भी शानदार दोस्ती रही है. आज सुबह मेरी पत्नी सारा और मैंने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया. जैसे ही आप सीढ़ियों से नीचे आए, हमने एक-दूसरे को गले लगा लिया. प्रधानमंत्री मोदी का गले लगना कुछ खास है. इसे मोदी हग कहा जाता है. यह दुनिया भर में मशहूर है, और जब आप किसी को करीब से सच में गले लगाते हैं, तो आप जानते हैं कि यह कोई दिखावा नहीं है, यह असल है. नेतन्याहू ने पीएम मोदी को बताया अपना भाई नेतन्याहू ने पीएम मोदी के लिए कहा कि वह मेरे लिए मित्र से बढ़कर हैं, मेरे भाई की तरह हैं. नेतन्याहू ने पीएम मोदी को कहा- माई डियर फ्रेंड इजरायली पीएम नेतन्याहू ने अपने संबोधन में पीएम मोदी को माई डियर फ्रेंड कहकर संबोधित किया.  उन्होंने पीएम को ग्रेट लीडर कहकर संबोधित किया. पीएम मोदी को इजरायली संसद में मिला स्टैंडिंग ओवेशन इजरायली संसद में पीएम मोदी का सभी ने खड़े होकर स्वागत किया. मोदी-मोदी के नारों के बीच जय हिंद भी गूंजा. मोदी-मोदी के नारों के बीच इजरायली संसद में गूंजा- जय हिंद इजरायल की संसद में मोदी-मोदी के नारों के बीच प्रधानमंत्री का स्वागत किया गया. इजरायली स्पीकर ने कहा कि पीएम मोदी लोगों के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं. उन्होंने कहा कि उन्होंने डिजिटल इनोवेशन की नींव रखी और लाखों लोगों की जिंदगी की नई दिशा. जय हिंद और भारत जिंदाबाद के नारों के बीच कहा कि पीएम मोदी भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं, जो इजरायली संसद नेसेट को संबोधन करने वाले हैं. तेल अवीव के होटल में प्रधानमंत्री का भव्य स्वागत पीएम मोदी का तेल अवीव के होटल पहुंचने पर रंगारंग स्वागत किया गया. इजरायली और भारतवंशी कलाकारों ने देसी अंदाज में नृत्य-संगीत से समां बांध दिया. भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्यों ने उनका जोरदार स्वागत किया.

टैरिफ विवाद के बीच भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर नए सिरे से होगी चर्चा, सरकार ने बदला रुख

नई दिल्ली.  केंद्र सरकार अमेरिका के साथ ट्रेड डील पर दोबारा विचार करने की योजना बना रही है. यूएस सुप्रीम कोर्ट द्वारा डोनाल्ड ट्रंप के मनमाने टैरिफ को अवैध बताकर खत्म किए जाने के बाद अब भारत डील रीनेगोशिएट करने के लिए मजबूत स्थिति में पहुंच गया है. मनीकंट्रोल ने एक सरकारी अधिकारी के हवाले से लिखा है कि सरकार अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के हर पहलू को परख रही है इसलिए दोनों देशों के बीच अंतरिम ट्रेड फ्रेमवर्क पर बात भी टाल दी गई थी. वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, अमेरिका के टैरिफ सिस्टम में आए बदलावों के कारण मौजूदा डील के फायदे खत्म हो गए हैं, इसलिए अब भारत नई रणनीति के साथ बातचीत करने की तैयारी में है ताकि दूसरे देशों के मुकाबले बढ़त हासिल की जा सके. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भारत का यू टर्न सरकारी अधिकारी ने बताया कि फिलहाल यह साफ नहीं है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का बातचीत पर क्या असर पड़ेगा, लेकिन सरकार सभी पहलुओं का मूल्यांकन कर रही है. एक अन्य सूत्र के अनुसार, भारत कुछ प्रावधानों पर नए सिरे से बातचीत करना चाहता है ताकि उसे दूसरे देशों पर प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिल सके. पहले 18 प्रतिशत टैरिफ रेट भारत को मामूली बढ़त देता था, लेकिन अब जब अमेरिका ने ग्लोबल टैरिफ 15 प्रतिशत कर दिया है, तो यह फायदा खत्म हो गया है. इसी वजह से सरकार उन सेक्टरों की पहचान कर रही है जहां ट्रेड डील के जरिए ज्यादा रियायत या छूट हासिल की जा सकती है. टली भारत अमेरिका ट्रेड मीटिंग, डील पर फिर से मंथन भारत और यूएस के अधिकारियों के बीच तीन दिन की ट्रेड मीटिंग 23 फरवरी से शुरू होने वाली थी, जिसमें अंतरिम ट्रेड डील की शर्तों को अंतिम रूप दिया जाना था. इस समझौते के तहत अमेरिका ने भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमति जताई थी और दोनों देशों ने आगे व्यापक समझौते की दिशा में रोडमैप जारी किया था. लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद, जिसने ट्रंप प्रशासन के रेसिप्रोकल टैरिफ को अवैध करार दिया, भारत सरकार अब पूरी बातचीत की समीक्षा कर रही है. 18 प्रतिशत से शून्य तक का खेल सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने रेसिप्रोकल टैरिफ को खत्म कर दिया, जिससे 18 प्रतिशत वाला प्रस्तावित रेट भी प्रभावी रूप से शून्य हो गया. इसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 24 फरवरी से सभी देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लागू किया, जिसे एक दिन बाद 15 प्रतिशत तक बढ़ाने की घोषणा की गई. फिलहाल भारत के लगभग 55 प्रतिशत निर्यात पर 15 प्रतिशत टैरिफ लागू है, जिसकी कुल वैल्यू करीब 48.4 अरब डॉलर है. हालांकि, स्टील और ऑटोमोबाइल जैसे सेक्टरों पर सेक्शन 232 के तहत अलग से टैरिफ लागू है, जिसकी वैल्यू 8 से 9 अरब डॉलर के बीच है. 34 अरब डॉलर के निर्यात पर छूट का प्लान अंतरिम ट्रेड फ्रेमवर्क के तहत करीब 34 अरब डॉलर के भारतीय निर्यात को टैरिफ से छूट मिलने की संभावना है. ट्रेड एक्ट 1974 के सेक्शन 122 के तहत प्रस्तावित टैरिफ में फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स और टेलीकॉम उपकरणों को छूट दी गई है और सिविल एविएशन प्रोडक्ट्स को नए कैटेगरी के रूप में जोड़ा गया है. इन छूटों पर बातचीत मार्च तक पूरी होनी थी, लेकिन अब इसे दोबारा समीक्षा के लिए खोल दिया गया है. छूट वाले सेक्टरों में फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स और टेलीकॉम उपकरण, पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स, इंजीनियरिंग गुड्स और सिविल एविएशन कंपोनेंट्स शामिल हैं. भारत की बड़ी कमिटमेंट, अमेरिका से खरीद बढ़ाने का वादा यूएस इंडिया अंतरिम ट्रेड फ्रेमवर्क के फैक्टशीट के अनुसार, भारत अमेरिकी इंडस्ट्रियल गुड्स और कई कृषि उत्पादों पर टैरिफ घटाने या खत्म करने की योजना बना रहा है. इनमें ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन्स, रेड सोरघम, ट्री नट्स, फ्रेश और प्रोसेस्ड फ्रूट, सोयाबीन ऑयल, वाइन और अन्य कृषि उत्पाद शामिल हैं. भारत ने अमेरिका से 500 अरब डॉलर से ज्यादा एनर्जी, आईसीटी, कोयला और अन्य उत्पाद खरीदने की भी मंशा जताई है.  

व्हाइट हाउस का बयान: ‘भारत टेक्नोलॉजी का पावरहाउस’, लेकिन AI पर दी चेतावनी

वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रमुख विज्ञान सलाहकार ने कहा है कि भारत एक ‘तकनीकी महाशक्ति’ है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को आगे बढ़ाने की व्हाइट हाउस की योजना में उसकी अहम भूमिका है. उन्होंने भारत की इंजीनियरिंग क्षमता और तेजी से बढ़ते इकोसिस्टम की सराहना की. राष्ट्रपति के सहायक और व्हाइट हाउस के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी नीति कार्यालय के निदेशक माइकल क्रैटसिओस ने फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में कहा, ‘भारत एक तकनीकी महाशक्ति है.’ विकासशील देशों को क्या चेतावनी दे रहे? हाल ही में इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में शामिल होकर लौटे टॉप अमेरिकन साइंटिफिक एडवाइजर ने कहा, ‘भारत हर साल बड़ी संख्या में इंजीनियर तैयार करता है, उसके पास मजबूत घरेलू प्रतिभा है और वह अच्छे उत्पाद और एप्लिकेशन विकसित कर रहा है.’ उन्होंने कहा कि विकसित और विकासशील देशों के बीच AI अपनाने की रफ्तार में अंतर हर दिन बढ़ रहा है. उनके मुताबिक दुनिया को मोटे तौर पर दो श्रेणियों में देखा जा सकता है और दोनों के लिए अलग तरह के उपायों की जरूरत है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर विकासशील देश स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा ढांचा, कृषि और आम नागरिकों से जुड़ी सरकारी सेवाओं जैसे क्षेत्रों में AI को प्राथमिकता नहीं देंगे, तो वे एक अहम मोड़ पर पीछे छूट सकते हैं. व्हाइट हाउस इस दिशा में ‘अमेरिकन AI एक्सपोर्ट्स प्रोग्राम’ को आगे बढ़ा रहा है. क्रैटसिओस ने कहा कि अब तक विकासशील देशों के सामने एक कठिन विकल्प होता था, लेकिन यह कार्यक्रम उन्हें बेहतर तकनीक, वित्तीय सहायता और लागू करने में सहयोग का नया रास्ता देता है. उन्होंने ‘वास्तविक AI स्वायत्तता’ का मतलब समझाते हुए कहा कि इसका अर्थ है सर्वोत्तम तकनीक का अपने लोगों के हित में उपयोग करना और वैश्विक बदलावों के बीच अपने देश की दिशा खुद तय करना. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह रणनीति किसी एक प्रतिस्पर्धी देश के खिलाफ नहीं है. उन्होंने कहा, ‘यह इस बात के बारे में है कि यूनाइटेड स्टेट्स के पास दुनिया की सबसे अच्छी एआई टेक्नोलॉजी है और कई देश इसे अपने इकोसिस्टम में चाहते हैं.’ भारत को बताया मजबूत पार्टनर मानकों के बारे में उन्होंने कहा कि एआई के अगले चरण में ‘एजेंट’ महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. ये एजेंट किस तरह आपस में संवाद करें और मिलकर काम करें, इसके लिए एक समान मानकों की जरूरत होगी. इसके लिए अमेरिकी संस्थान NIST ने पहल शुरू की है, ताकि ये सिस्टम्स सुरक्षित और प्रभावी तरीके से साथ काम कर सकें. वित्तीय संसाधन भी एक बड़ी चुनौती हैं, खासकर उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए. क्रैटसिओस ने कहा कि एआई का पूरा ढांचा महंगा होता है. इसमें ‘डेटा सेंटर्स, सेमीकंडक्टर्स, पावर जेनरेशन’ जैसी बुनियादी सुविधाएं जरूरी होती हैं. उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन यूएस इंटरनेशनल डेवलपमेंट फाइनेंस कॉर्पोरेशन, एक्सपोर्ट इंपोर्ट बैंक और दूसरी एजेंसियों के ज़रिए सपोर्ट जुटा रहा है. उन्होंने एक यूएस टेक कॉर्प्स की भी घोषणा की. उन्होंने कहा, ‘ये पीस कॉर्प्स वॉलंटियर्स की तरह होंगे, बस फोकस टेक्नोलॉजी पर होगा. हम टेक्निकल बैकग्राउंड वाले ऐसे लोगों की तलाश कर रहे हैं जो एआई सॉल्यूशन्स को इम्प्लीमेंट करने में मदद करना चाहते हैं.’ क्रैट्सियोस ने कहा कि भारत ‘लंबे समय से इस मामले में एक मजबूत पार्टनर रहा है कि यूनाइटेड स्टेट्स विदेशों में टेक्नोलॉजी कैसे शेयर करता है.’ उन्होंने बताया कि अमेरिकी बड़ी तकनीकी कंपनियों के भारत में डाटा सेंटर और शोध केंद्र मौजूद हैं, जिससे दोनों देशों के बीच एआई क्षेत्र में सहयोग और गहरा हो रहा है.

साउथ अफ्रीका से हार के बाद टीम इंडिया में दो अहम बदलाव, सेमीफाइनल का गणित उलझा

 नई दिल्ली आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया को रविवार को साउथ अफ्रीका ने 76 रनों से करारी शिकस्त दी. सुपर-8 में इस करारी हार के बाद टीम की जमकर आलोचना हो रही है. आलोचना का कारण हार से ज्यादा टीम के इंटेंट को लेकर है. क्योंकि 8 नंबर तक की बल्लेबाजी वाली टीम 111 के स्कोर पर ढेर हो गई.  किसी भी बल्लेबाज ने संघर्ष नहीं दिखाया. खासकर बाएं हाथ के बल्लेबाज ऑफ स्पिन के सामने पूरी तरह असहज नजर आए. इस हार के बाद अब टीम में बड़े बदलाव की मांग भी उठ रही है. भारत का अगला मैच 26 फरवरी को जिम्बाब्वे के खिलाफ है. कहा जा रहा है कि इस मैच में दो बदलाव हो सकते हैं. अक्षर पटेल को वापस लाने की मांग पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज पार्थिव पटेल समेत कई पूर्व क्रिकेटरों ने टीम में बदलाव की मांग की है. सबसे ज्यादा चर्चा अक्षर पटेल को लेकर हो रही है, जिन्हें पिछले दो मैचों में मौका नहीं मिला. पार्थिव पटेल का मानना है कि अक्षर पटेल को टीम में वापस लाना चाहिए. उन्होंने कहा कि अक्षर दबाव में अहम पारियां खेलने की क्षमता रखते हैं और गेंदबाजी में भी किफायती साबित होते हैं. उनका कहना है कि मैच-अप की रणनीति अपनी जगह है, लेकिन अक्षर जैसा ऑलराउंडर टीम संतुलन के लिए जरूरी है. अभिषेक शर्मा पर खतरा पार्थिव पटेल ने सलामी बल्लेबाजी पर भी सवाल उठाए. अभिषेक शर्मा लगातार चौथे मैच में नाकाम रहे हैं. ऐसे में उन्हें बाहर किया जा सकता है. उन्होंने संकेत दिए कि चेन्नई में होने वाले मुकाबले में संजू सैमसन को मौका मिल सकता है. उनके अनुसार बाएं हाथ के बल्लेबाजों को ऑफ स्पिन के खिलाफ परेशानी हो रही है, इसलिए टीम प्रबंधन बदलाव पर विचार कर सकता है. भारत की ओर से ईशान किशन सबसे सफल बल्लेबाज रहे हैं. उन्होंने अब तक 177 रन बनाए हैं, हालांकि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वह खाता नहीं खोल सके. बिगाड़ा टीम इंडिया का खेल, उलझ गया सेमीफाइनल का गणित  आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप में सुपर-8 का रोमांच जारी है. मैच दर मैच सेमीफाइनल की जंग और पेचीदा होती जा रही है. रविवार को साउथ अफ्रीका ने टीम इंडिया को करारी शिकस्त दी. इसके बाद वेस्टइंडीज ने सोमवार को जिम्बाब्वे के खिलाफ बड़ी जीत हासिल की. वेस्टइंडीज की इस महाजीत ने सेमीफाइनल के गणित को और उलझा दिया है. अब भारत की सेमीफाइनल में पहुंचने की राह और मुश्किल हो गई है. आइए इसका पूरा इक्वेशन समझते हैं… पहले अंक तालिका का हाल जान लीजिए इस जीत के साथ ही सुपर-8 के ग्रुप 1 में वेस्टइंडीज की टीम टॉप पर आ गई है. दो अंक के साथ ही वेस्टइंडीज का रन रेट +5.350 का हो गया है. वहीं, दूसरे नंबर पर साउथ अफ्रीका है जिसका नेट रन रेट दो अंकों के साथ +3.800 का है. अब तीसरे पायदान पर भारत है जिसके पास अंक नहीं है लेकिन उसका नेट रन रेट (-3.800) जिम्बाब्वे (-5.350) से बेहतर है.  अब आगे क्या… वेस्टइंडीज की इस जीत और जिम्बाब्वे की हार से अब वेस्टइंडीज का पलड़ा भारी हो गया है. वहीं, जिम्बाब्वे की हालत खराब हो गई है. वेस्टइंडीज के अब दो मैच भारत और साउथ अफ्रीका से हैं. वहीं, जिम्बाब्वे को साउथ अफ्रीका और भारत से खेलना है. अगर वेस्टइंडीज अपने आगे के दो मैच में से एक मैच जीतता है और एक हारता है तो भी उसके सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीद जिंदा रहेगी. कारण है उसका सबसे बेहतर नेट रन रेट. वहीं, भारत और साउथ अफ्रीका भी अगर दोनों मैच जीतते हैं तो फिर 3 टीमें होंगी जिनके पास 6 अंक होंगे. यानी फैसला नेट रन रेट से ही होगा.  भारत कैसे करेगा क्वालिफाई अगर भारत को सेमीफाइनल में जगह बनानी है तो गणित बिलकुल साफ है. भारत अपने दोनों मैच बेहतर अंतर से जीते. साथ ही वो दुआ करे की साउथ अफ्रीका भी अपने सारे मैच जीते. अगर साउथ अफ्रीका और भारत दोनों अपने बाकी के दो-दो मैच जीतते हैं तो मतलब वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे के पास केवल 2-2 अंक ही बचेंगे. ऐसे में भारत और साउथ अफ्रीका इस ग्रुप से सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई कर जाएगा. लेकिन अगर साउथ अफ्रीका अपना एक मैच हारती है तो फिर फैसला नेट रन रेट से ही होगा और वहां भारत के लिए मुश्किल बढ़ सकती है. क्योंकि मौजूदा समय में भारत का नेट रन रेट वेस्टइंडीज और साउथ अफ्रीका दोनों से ही बेहद खराब स्थिति में है. अब वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे मैच के बारे में जानें… आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप का 44वां मैच सोमवार को जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज के बीच खेला गया. मुकाबले में टॉस जीतकर जिम्बाब्वे ने पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था. वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने तूफानी बैटिंग की और 254 रन ठोक डाले. इसके जवाब में उतरी जिम्बाब्वे की टीम महज 147 रन ही बना सकी और 18वें ओवर में ऑलआउट हो गई.    अब भारत का अगला मुकाबला 26 फरवरी को जिम्बाब्वे के खिलाफ है. यह मैच टीम इंडिया के लिए करो या मरो जैसा हो सकता है, क्योंकि सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए जीत बेहद जरूरी है.